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उज्जैन : शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ, ध्वज पूजन से हुई यात्रा की शुरुआत, कल सीएम होंगे शामिल

उज्जैन उज्जैन में हर साल निकलने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ बुधवार को रामघाट से ध्वज पूजन के साथ हुआ। सुबह रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारी अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज, श्रीराम तिवारी, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ जी महाराज। यात्रा से पहले रामघाट पर पंडित पुरोहितों द्वारा ध्वज पूजन किया गया। उसके बाद अतिथियों का स्वागत-सत्कार के बाद यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा में पुरातत्ववेत्ता, पुराविद्, साहित्यकार, इतिहासकार, विषय विशेषज्ञ, जीव विज्ञान, भू-वैज्ञानिक, साधु-संत आदि यात्रा में सहभागी रहेंगे। रामघाट से प्रारंभ हुई यात्रा यात्रा बुधवार को रामघाट से प्रारंभ हुई, जो नरसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, जगदीश मंदिर, जंतर-मंतर वेधशाला, नानाखेड़ा, महामृत्युंजय द्वार, प्रशांति धाम, सांई मंदिर, त्रिवेणी शनि मंदिर से होते हुए गुरुकुल स्कूल पहुंचेगी, जहां विश्राम और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद यात्रा पुनः सिकंदरी, गोठड़ा, दाऊद खेड़ी, चिंतामण से होते हुए भूखी माता, गुरुनानक घाट, दत्त अखाड़ा घाट पर शाम को पहुंचेगी। रामघाट पर भजन गायक पवन तिवारी भजनों की प्रस्तुत देंगे। सीएम शिप्रा को अर्पित करेंगे 351 फीट की चुनरी यात्रा के दूसरे दिन सुबह 9 बजे यात्रा का शुभारंभ दत्त अखाड़ा घाट से ध्वज पूजन के साथ होगा। इसके बाद रणजीत हनुमान, भैरवगढ़, मंगलनाथ, अंगारेश्वर मंदिर, सांदीपनि आश्रम, काल भैरव, ऋण मुक्तेश्वर मंदिर, वाल्मीकि धाम, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार ढाबा रोड होते हुए शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रामघाट पर मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे, जो दत्त अखाड़ा घाट तक पहुंचेगी। यहां आर्मी के सिंफनी बैंड की भी प्रस्तुति होगी। शाम 7 बजे मुंबई की प्रख्यात गायिका स्वस्ति मेहुल भजनों की प्रस्तुति देंगी।

खरीफ 2025: सोयाबीन की उम्मीदों के साथ किसानों की तैयारी तेज, पर बीज संकट बना चुनौती

Kharif 2025: Farmers’ preparations intensify with expectations of soybean, but seed crisis remains a challenge भोपाल ! खरीफ 2025 की तैयारियों ने ज़ोर पकड़ लिया है और इस बार किसानों के लिए ये सीजन निर्णायक साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने मानसून समय पर आने और सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की है, जिससे फसल उत्पादन को लेकर उम्मीदें बंधी हैं। खासकर सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। सोयाबीन की खेती को मिल सकती है रफ्तार, पर बीज बना बाधा मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक सोयाबीन उत्पादन करने वाला राज्य है, लेकिन इस बार किसानों को उपचारित व प्रमाणित बीज नहीं मिल रहा। किसान मंडियों से बीज खरीदकर या अपने ही पुराने बीज का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। किसानों की बात: सीहोर जिले के किसानों अमित सिंह, राजेंद्र सिंह और विक्रम सिंह मालवीय का कहना है कि मंडियों से बीज मिल रहे हैं, लेकिन प्रमाणित बीज की उपलब्धता सीमित है। उड़द, मक्का और धान बन रहे विकल्प कई किसान इस बार सोयाबीन के बदले उड़द और मक्का जैसी फसलें बोने की योजना बना रहे हैं। वहीं जहां पानी की अधिकता है वहां धान की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे फसल विविधता तो बढ़ेगी लेकिन सोयाबीन उत्पादन में गिरावट की आशंका भी जताई जा रही है। प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उन्नत किस्में और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। खरीफ 2025 के लिए प्रमुख सोयाबीन किस्में: विशेषज्ञ सलाह: 2021, 2022 और 2023 में जारी की गई नई किस्मों को अपनाने से उत्पादन में 20% तक की बढ़ोतरी संभव है। बीज प्रमाणीकरण के आंकड़े राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि: किसानों के लिए सुझाव: सही किस्म, सही समय उपसंचालक कृषि के.के. पांडे ने बताया कि बीज तीन वर्गों में आते हैं — जल्दी पकने वाली, मध्यम अवधि वाली और देर से पकने वाली किस्में। किसानों को अपने क्षेत्र और बुवाई के समय के अनुसार सही किस्म चुननी चाहिए। बीज की खरीद प्रमाणित स्रोतों से ही करें, और बुवाई से पहले उसका परीक्षण अवश्य करें। खरीफ 2025 में मानसून की अनुकूलता के साथ उत्पादन में सुधार की पूरी संभावना है, लेकिन प्रमाणित बीजों की कमी एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा है। अगर किसानों को समय पर सही बीज मिल जाएं और वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, तो यह सीजन कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अखिल विश्व गायत्री परिवार आमला द्वारा रैली के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया

On World No Tobacco Day, Akhil Vishwa Gayatri Pariwar Amla organized an awareness campaign through a rally हरिप्रसाद गोहेआमला ! अखिल विश्व गायत्री परिवार आमला के परिजनो, अन्य सामाजिक संगठनो ने मिलकर विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के लिए रैली के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया ! गायत्री परिवार जिला समन्वयक डॉ कैलाश वर्मा ने कहा की अखिल विश्व गायत्री परिवार के सप्तसूत्रीय कार्यक्रमो के अंतर्गत नशा निवारण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है ! नशा मुक्ति अभियान प्रभारी टी के चौधरी ने कहा कि इस दिवस को पूरे जिले की तहसील समन्वय समितियों द्वारा नुक्कड़ नाटक, रैली एवं प्रदर्शनी के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाता है ! तहसील समन्वयक नर्मदा प्रसाद सोलंकी ने बताया की 31 मई शनिवार को बाजार चौक बोडखी से रैली प्रारम्भ कि गई ! गायत्री परिवार ट्रस्ट आमला के प्रमुख ट्रस्टी बी पी धामोड़े ने पूज्य सभी को संबोधित कर रैली के संबंध मे जानकारी दी ! पूर्व ट्रस्टी ठाकुरदास पवार ने गायत्री परिवार के सत संकल्पों को पढ़कर सुनाया तत्पश्चात जागरूकता वाहन रैली बोडखी के मुख्य मार्ग से होकर रेल्वे स्टेशन के रास्ते मुख्य बाजार आमला होकर तहसील कार्यालय पहुची| रैली के समापन पर समन्वय समिति के भरत धोटे ने सभी उपस्थित परिजनो को धन्यवाद ज्ञापित किया ! रैली मे समाज सेवी राजेंद्र उपाध्याय, गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ नीलेश मालवीय, बोडखी से अमित मालवीय, भरत रावत, मनोज विश्वकर्मा, गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य किशन सराटकर, केशोराव दवन्डे, अनिल कुमार, राजेश मालवीय, ऋषभ पवार, कैलाश धाकड़, पवन टिकारे, ग्राम तोरणवाड़ा से भीम नागपुरे, ससुन्द्र से संतोष कनाठे, फकीरिया धींडोडे, केन्द्रीय विद्यालय आमला के अरुण खातरकर, रोशन पटवारी, जेएनएम कॉलेज आमला के अरविंद पाटनकर, सुरेश विजयकर, नगरपालिका आमला के उल्लास जोशी, शिव गुजरे, रमेश देशमुख, सूर्यवंशी ढोलेवार समाज के भोलाराम कोकाटे, अजय आसोले कृष्ण लीला फ़ाउंडेशन, जन अभियान परिषद तथा अन्य संस्थाओं के परिजन शामिल हुए !

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस: जबलपुर जेल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

World No Smoking Day: Awareness program organized in Jabalpur Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने दिए नशा मुक्ति के संदेशकार्यक्रम में डॉ. नवीन कोठारी (सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, जबलपुर) ने बंदियों को नशे से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने आध्यात्मिक प्रवचन के माध्यम से आत्मिक शक्ति और संयम से नशा मुक्त जीवन की प्रेरणा दी। डिप्टी कमिश्नर श्रीमती आभा जैन ने कहा कि नशा छोड़ने की पहली शर्त है – “मजबूत इच्छा शक्ति।” उन्होंने सभी बंदियों से अपने जीवन में बदलाव लाने की अपील की। संकल्प और सहयोगडॉ. वीरेंद्र साहू ने नशे से होने वाले मानसिक व शारीरिक नुकसान को विस्तार से समझाया।रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारिणी सदस्य सुनील गर्ग ने बंदियों को नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरिता धारू (कल्याण अधिकारी) ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि हिमांशु तिवारी (डिप्टी जेलर) ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता तेज सिंह ठाकुर एवं नितेश लखेरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिजली कटौती से नाराज बराती बस लेकर देर रात पहुंचे ऊर्जा मंत्री के बंगले, जानें फिर क्या हुआ

Angry with the power cut, the baraatis reached the energy minister’s bungalow late at night by bus, know what happened next ग्वालियर में बिजली कटौती की समस्या से आमजन बुरी तरह परेशान है। स्थिति यह हो गई है कि लोग राहत के लिए अब सीधे जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाने लगे हैं। ताजा मामला शहर के सिंधिया नगर क्षेत्र का है, जहां लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों का सब्र जवाब दे गया। बीती रात जब इलाके में कई घंटों से बिजली नहीं थी और गर्मी से हाल बेहाल हो गया, तो लोग बस में भरकर सीधे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के सरकारी आवास जा पहुंचे। यह घटना गुरुवार रात की है। सिंधिया नगर स्थित विवेकानंद नीडम के पास की बस्ती में शाम से ही बिजली गुल थी। लोगों ने कई बार बिजली विभाग में शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब रात एक बजे तक भी बिजली नहीं आई तो लोग बेहद नाराज़ हो गए। स्थानीय निवासियों ने सामूहिक रूप से एक बस की व्यवस्था की और लगभग पूरी बस्ती के लोग उसमें बैठकर ऊर्जा मंत्री के बंगले की ओर रवाना हो गए। मंत्री निवास पर पहुंचते ही लोगों ने जमकर हंगामा किया और बिजली समस्या को लेकर नाराजगी जताई। शोर-शराबा सुनकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर खुद बाहर आए और लोगों की बात सुनी। उन्होंने मौके पर ही बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से सिंधिया नगर की बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। थोड़ी ही देर में बिजली बहाल हुई और लोग वापस अपने घर लौटे।

जल ही जीवन है” अभियान: फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन की समाजसेवी पहल

“Water is life” campaign: Social service initiative of Pharma Healing Hands Welfare Association जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के बीच जबलपुर की सड़कों पर प्यास बुझाने वाली एक सराहनीय पहल देखने को मिली। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सिविक सेंटर दवा बाजार में राहगीरों और आम नागरिकों के लिए शीतल जल व ORS वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस सामाजिक सेवा कार्यक्रम में दवा प्रतिनिधियों, फार्मा कंपनियों के मैनेजर्स, और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।अभियान का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, सुमित तिवारी और समस्त सदस्यगण भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और सेवा में योगदान दिया। जल सेवा शिविर का उद्देश्य गर्मी से राहत देना ही नहीं, बल्कि समाज में जल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। ORS के साथ जल वितरण करने का मकसद लोगों को हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रखना है। एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि यह अभियान आगामी तीन दिन — 29, 30 और 31 मई तक लगातार जारी रहेगा। सभी फार्मा से जुड़े लोगों और नागरिकों से इस जनहित कार्य में सहभागी बनने की अपील की गई है। “जल ही जीवन है” केवल एक नारा नहीं, यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन इस जिम्मेदारी को निभाते हुए जबलपुर शहर के लिए एक प्रेरणास्रोत बन रही है।

कृषि वैज्ञानिकों ने दिया किसानों को मार्गदर्शन, किया किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान

कृषि उद्योग समागम में हो रहा आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का भव्य प्रदर्शन किसानों को उन्नत कृषि, जैविक खेती, बागवानी और यंत्रीकरण से जोड़ने की हो रही सराहना कृषि वैज्ञानिकों ने दिया किसानों को मार्गदर्शन, किया किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान प्रदर्शनी के स्टॉलों पर उमड़ा किसान सैलाब भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में किये जा रहे अभिनव प्रयासों की श्रृखला में तीन दिवसीय ‘कृषि उद्योग समागम’ किसानों के लिए जानकारियों का महकुंभ सिद्ध हो रहा है। समागम के दूसरे दिन मंगलवार को कृषि से संबंधित नवीनतम यंत्रों, तकनीकों, बीजों और योजनाओं का व्यापक प्रदर्शन किया गया। साथ ही कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, कीट प्रबंधन, उन्नत बीज और मशीनों के उपयोग पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पशुपालन, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक जैसे विषयों पर भी किसानों का मार्गदर्शन किया। नरसिंहपुर की कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने बताया कि मेले में 90 से अधिक विभागीय स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें ड्रोन तकनीक, एआई युक्त कृषि उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, नैनो फर्टिलाइजर, जैविक उत्पाद और आधुनिक यंत्र किसानों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रगतिशील तकनीक और यंत्रों का व्यापक प्रदर्शन ‘कृषि उद्योग समागम’ में एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने मवेशियों के लिए केटर डिंकिंग वाटर टेंकर, मोबाइल जीआई वाटर प्यूरिफायर, और मैकेनाइज्ड ग्रेन सेग्रेगेशन सिस्टम जैसे उन्नत यंत्र प्रदर्शनी में रखे गए हैं। तीर्थ एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात की राउंड बेलर, स्मार्ट प्लांटर, सुपर सीडर, थ्रेशर आदि मशीनें किसानों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। कृषि गति, पुणे के स्टॉल पर प्रदर्शित इलेक्ट्रिक बैल भी किसानों का कौतूहल बढ़ा रहा है। इससे बुआई, निदाई और कीटनाशक छिड़काव किया जा सकता है। बीजों की प्रदर्शनी और जानकारी किसानों को प्रमाणित, उन्नत बीजों की जानकारी देने के लिये कुशवाहा बीज भंडार, नरसिंहपुर सहित कई स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स पर हजारों किसानों ने जानकारी ली और बीजों की खरीद भी की। गाडरवारा के किसान श्री विजय पाल ने प्रदर्शनी में आम की विभिन्न प्रजातियों (राजापुरी, लंगड़ा, दशहरी, गोल्डन केसर आदि) रखे हैं। श्री विजय पाल ने किसानों को बताया कि एक एकड़ आम की खेती से दो वर्षों में 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी होती है। राज्य भर के किसानों की भागीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ कार्यक्रम में नरसिंहपुर, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर जिलों से आए हजारों किसानों ने भाग लिया। भजन मंडली ने लोकगीत प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में आयोजित क्विज में सही उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।  

ग्रीन बिल्डिंग्स व पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचनाओं की दिशा में राज्य सरकार के साथ सहभागिता करे

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल से बूटेक्स इम्पेक्स टेक के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट नेट जीरो एमिशन बिल्डिंग्स के क्षेत्र में संभावनाओं पर हुई चर्चा  ग्रीन बिल्डिंग्स व पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचनाओं की दिशा में राज्य सरकार के साथ सहभागिता करे भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का पर्यावरण अनुकूल, सतत एवं संवहनीय विकास का विजन भारत को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में समर्थ बना रहा है। इस दिशा में पूरे भारत में प्रयास किये जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल से निवास कार्यालय भोपाल में बूटेक्स इम्पेक्स टेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों को सभी आवश्यक सुविधाएं एवं नीति-गत सहयोग देने के लिए सतत कार्य कर रही है। राज्य में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए ठोस रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की गति अब सतत विकास के सिद्धांतों से जुड़कर तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों का अध्ययन करे और ग्रीन बिल्डिंग्स व पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचनाओं की दिशा में राज्य सरकार के साथ सहभागिता करे। कंपनी प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को भारत में नेट जीरो एमिशन बिल्डिंग्स के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं पूर्ण किए गए प्रोजेक्ट्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बूटेक्स इम्पेक्स टेक द्वारा निर्मित भवन पूरी तरह से सेल्फ-सस्टेनेबल होते हैं और उन्हें ग्रिड कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे भवन नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित होते हैं, जो पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिनिधि मंडल में कंपनी के महाप्रबंधक श्री सुखवंत सोना सिंह सैनी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पीएम मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं, महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वे इस दौरान भोपाल में महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और राज्य के कई हिस्सों को बड़ी सौगात देंगे। भोपाल का कार्यक्रम सफल हो, इसकी जिम्मेदारी सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित महिला समागम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में प्रदेश भर की दो लाख महिलाएं हिस्सा लेने वाली हैं। इस आयोजन की सरकार और संगठन दोनों तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आयोजन की तैयारियों पर चर्चा हुई। साथ ही, प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिले में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बैठक की जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मध्य प्रदेश में निवेश लाने के लिए अनुकूल चार्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही एक ऐसा पर्यटन स्थल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे दुनिया के पर्यटक आएं। इसके अलावा राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए नदी ग्रिड योजना बनाई जाएगी। शहरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए टू-टियर और थ्री-टियर शहरों की योजना बनेगी। आगामी कैबिनेट बैठक पचमढ़ी में होगी। इसके साथ ही सरकारी कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए टाइपराइटर जैसे पुराने पदों को हटाकर कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों का सृजन किया जाएगा। विजयवर्गीय ने बताया है कि खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के साथ निवेश बढ़ाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान भोपाल से उज्जैन के सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत नमामि क्षिप्रे परियोजना के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थ स्थलों दतिया और सतना को हवाई उड़ान की ऐतिहासिक सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल से वर्चुअली दतिया और सतना में नव निर्मित एयरपोर्ट्स का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार भोपाल से वर्चुअली इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का शुभारंभ करेंगे। यह लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा येलो लाइन का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है।

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत वझर हनुमान मंदिर प्रांगड़ में की गई साफ सफाई

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकीय विभाग म.प्र. शासन) निवाली सेक्टर में जल गंगा सवर्धन अभियान अंतर्गत ग्राम वझर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगड़ में  साफ – सफाई का कार्य किया गया, साफ सफाई के पश्चात मंदिर परिसर में स्थित क्षतिग्रस्त सोखता गड्ढे को ठीक कर नाली का निर्माण किया  गया साथ ही वट सावित्री पूजन के अवसर पर मंदिर परिसर में संगोष्ठी एवं पौधारोपण किया गया। तत्पश्चात जन अभियान परिषद निवाली के ब्लॉक समन्वयक श्री आपसिंह चौहान द्वारा विद्यार्थियों, ग्रामीण जनों एवं भक्तों को जल संरक्षण की शपथ दिलाकर वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया । इस अभियान के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गैती, पावड़ा, तग़ारी एवं अन्य संसाधन की व्यवस्था सेक्टर प्रभारी श्री रामलाल सोलंकी द्वारा की गई। कार्यक्रम में नवांकुर शरवद ब्राह्मने मेंटर राकेश चौहान, विशाल सूर्यवंशी आनंद खोटे, दीपक झरिया, जन अभियान परिषद के विद्यार्थी, ग्रामीण जन तथा भक्तों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

अब बिजली चोरी पकड़वाने पर कंपनी घर बैठे देगी 50 हजार रुपये तक का इनाम, गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान

जबलपुर मध्य प्रदेश में बिजली चोरी करने वालों के बुरे दिन आने वाले है। जी हां, मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विद्युत मित्र एप लांच करने जा रही है। इस एप के जरिये आम लोग बिजली चोरी की सूचना दे सकते है और पुरस्कार स्वरूप उन्हें पचास हजार रुपये तक की धनराशि मिलेगी।   गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान कंपनी ने यह भी दावा किया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कंपनी ने बताया कि इनाम की राशि को लेकर शिकायतकर्ता को इधर-उधर भटकना नहीं होगा। कंपनी सीधे बैंक खाते में शिकायतकर्ता के इनाम की राशि भेजेगी। शिकायत झूठी निकली तो नंबर होगा ब्लाॅक कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायत झूठी निकली तो शिकायतकर्ता को एप के जरिए दोबारा कभी शिकायत करने का अवसर नहीं मिलेगा। साथ ही कंपनी के एप में संबंधित फर्जी शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर ब्लाॅक हो जाएगा। जानकारी हो कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के 22 जिलों में यह सेवा फिलहाल शुरू होगी।   शिकायत का अवलोकन भी अब होगा ऑनलाइन बताया गया कि शिकायत करने के बाद मामले की स्थिति का अवलोकन भी शिकायतकर्ता ऑनलाइन कर सकता है। शिकायत किस स्तर पर पहुंची है यह पता कर सकता है। अधीक्षण यंत्री संजय आरोरा ने बताया कि पहले बिजली चोरी की शिकायत के लिए दफ्तर में आकर जानकारी देनी होती थी। इनाम की राशि जुर्माना वसूली की प्रक्रिया के बाद मिलती थी। यह लंबी प्रक्रिया थी जिस वजह से इसमें प्रभावी रिस्पांस नहीं मिल पा रहा था। नई व्यवस्था में मोबाइल एप के जरिए आनलाइन शिकायत करनी है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दी पद्मसम्मानितों को बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की तीन विभूतियो को आज राष्ट्रपति भवन में हुए गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा पद्मसे सम्मानित किए जाने पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश के हरचन्दन सिंह भट्टी,भोपाल को जनजातीय व लोककला,जगदीश जोशीला जी निमाड़ अंचल को निमाड़ी साहित्य और शिक्षा और डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन,चित्रकूट को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मसे सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने वाली इन विभूतियों ने अपने परिश्रम, समर्पण और लगन से कला, साहित्य शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित किए हैं। इनका योगदान युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य करेगा।  

सोशल मीडिया पर झूठ की फैक्ट्री चलाने वाली जमात, टीवी चैनलों पर निरर्थक हल्ला-गुल्ला

सोशल मीडिया पर झूठ की फैक्ट्री चलाने वाली जमात टीवी चैनलों पर निरर्थक हल्ला-गुल्ला पाकिस्तान का झूठा प्रोपेगैंडा 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर “झूठ और अफवाहों की फैक्ट्री चलाने वाले, प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस से घृणा करने वाले अंध-विरोधी-इकोसिस्टम” ने जैसे पोस्ट-प्रोडक्ट सोशल मीडिया पर परोसे, उसे देखकर कोई हैरानी अथवा अचरज नहीं हुआ। सिर्फ़ अफ़सोस हुआ कि इस इकोसिस्टम के महानुभाव अपनी ऊर्जा का अपव्यय करते हुए नकारात्मकता की ओर जा रहे हैं और गिरावट के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। अफ़सोस इस बात का भी है कि इस जमात के लोग हमारे समाज के प्रबुद्धजन हैं और ख़ुद को “उदारवादी व सेक्युलर” मानते हैं। पिछले ग्यारह वर्षों से यह “छद्म उदारवादी-स्यूडो सेक्युलर” जमात असत्य और अफवाहों की फैक्ट्री चला रही है। अतः इनका असत्य भाष्य कोई नई बात नहीं है और न ही आख़िरी बात। वैसे इनके असत्य भाष्य का फ़ायदा अंततः भाजपा के खाते में ही जाता है। हमारे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मेनस्ट्रीम चैनल भारत पाकिस्तान के बीच की तनातनी को जिस हल्ले-गुल्ले और अत्यधिक आक्रामक अंदाज़ से दर्शकों को परोस रहे हैं, उससे भी कोई अच्छा दृश्य उत्पन्न नहीं हो रहा है। 7 से 10 मई के बीच युद्ध के चार दिनों में इन चैनलों के एंकरों ने टीआरपी हासिल करने के चक्कर में हल्ला मचाने की सारी हदें लाँघ दी थी। कोई कह रहा था कि भारतीय सेनाएँ पीओके में घुस चुकी हैं। कोई कह रहा था कि भारतीय नौसेना का युद्धक पोत कराची के पास पहुँच गया है। कोई कह रहा था कि लाहौर पर हमारा कब्ज़ा बिल्कुल नज़दीक है। कोई कह रहा था कि पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में हमला करने के लिए हमारे फाइटर जेट उड़ान भर चुके हैं। सही ख़बर किसी चैनल के पास नहीं थी। आख़िर दूसरे दिन रक्षा मंत्रालय को सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्तियों को सख्त एडवाइज़री करना पड़ी। इस एडवाइजरी में कहा गया कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही की लाइव कवरेज या रियल टाइम रिपोर्टिंग से परहेज करें। इसके बाद ही टीवी चैनलों के एंकरों पर थोड़ी-सी लगाम लगी। हमारा अनुभव तो यही है कि इस हल्ले गुल्ले का दर्शकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, उल्टे उन्हें कोफ्त ही होती है। पहलगाम के हमले के बाद हमारे विपक्ष ने बहुत ही जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया था और परंपरागत नेगेटिव बयानों से परहेज करते हुए हर क़दम पर सधे हुए बयान दिए थे। सारे विपक्षी नेताओं ने वक़्त की नज़ाकत को समझते हुए केन्द्र सरकार और सेना के हर कदम का समर्थन किया था। शशि थरूर ने तो दिल जीतने वाले बयान दिए हैं। वैसे भी शशि थरूर बहुत ही सुलझे हुए, सलीकेदार, शालीन, प्रबुद्ध राजनेता हैं। उनके बेहतरीन लेख और बयान शालीनता, बुद्धिमत्ता और ज्ञान से भरे होते हैं। उनकी पहली और संभवतः सबसे बड़ी ग़लती यही थी कि वे कांग्रेस के सबसे ताक़तवर परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में खड़े हो गए थे। उसके बाद से बड़ी ही ख़ामोशी से पार्टी में उनका क़द कम किया जाने लगा और आज वे कांग्रेस को अलविदा कहने की कगार पर खड़े हैं। पिछले 20 वर्षों से हम देख रहे हैं कि कांग्रेस ने बड़ी तादाद में अच्छे लोगों को खोया है। निःसंदेह पार्टी किसी भी बड़े-से-बड़े व्यक्ति से बड़ी होती है, मगर साल-दर-साल प्रतिभाशाली बुद्धिमान लोगों को खोते चले जाना क्या अच्छी बात है ? संवेदनहीन रवैया ख़ैर, विपक्ष के जिम्मेदाराना रवैये के ठीक विपरीत सोशल मीडिया के वीर-बहादुरों ने इन माध्यमों पर बेहद संवेदनहीन असत्य पोस्ट्स की झड़ी लगा दी है। दुनिया का कोई भी मसला हो, कोई भी विषय हो ये महानुभाव हर मामले के “विशेषज्ञ” हैं। 22 अप्रैल के बाद इन्हें हर दिन रंग बदलते देखकर रंग बदलने वाले प्राणी भी शर्मिंदा हो रहे हैं। इस दिन के बाद 7 मई तक कोई दिन ऐसा नहीं था, जब इन्होंने मोदी को न कोसा हो, कि वे जवाबी हमला क्यों नहीं कर रहे हैं। जब भारतीय सेनाओं ने प्रचंड हमला किया और पाकिस्तान मार खाने लगा, तो इन महानुभावों को युद्धविरोधी कविताएं, गीत, तराने याद आने लगे और इन ‘तथाकथित-उदारवादियों’ ने जंग के ख़िलाफ़ पोस्ट्स से सोशल मीडिया को भर दिया। Say no to war के स्लोगन हवा में लहराने लगे। इस मक़ाम पर एक सवाल जरूर पैदा होता है कि–ख़ुदा न ख़्वास्ता अगर हालात इसके उलट होते और भारत को नुक़सान उठाना पड़ रहा होता, तो इन महानुभावों की प्रतिक्रिया क्या होती? आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि तब ये तराने और गीत सुनाई न पड़ते और न ही Say no to war का कोई स्लोगन दिखाई पड़ता। इसलिए कि इनकी सारी प्रतिक्रियाएं घोर सिलेक्टिव होती हैं। यह तो नहीं माना जा सकता कि ये सारे महानुभाव पाकिस्तान के हिमायती हैं, मगर मोदी और भाजपा का इनका अंध-विरोध जाने-अनजाने इन्हें पाक परस्ती के वृत्त में ले जाता है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल, एक बार फिर, तब दिखाई पड़ी, जब जंग रोकने का ऐलान हुआ। तब इनका रंग पूरी तरह से बदल गया। पुनः ये ‘तथाकथित उदारवादी’ युद्ध पिपासु की मुद्रा में आ गए और मोदी को कोसने लगे कि पाकिस्तान को और ठोंका क्यों नहीं, पीओके क्यों नहीं लिया ? स्पष्ट है कि मोदी के क़दमों से ही इनका रंग तय होता है। न तो इस जमात के युद्ध विरोध में कोई सच्चाई है और न ही इनका सीज़फायर के फ़ैसले का विरोध सच्चा है। इस इकोसिस्टम, इस जमात के बारे में ज़्यादा कुछ लिखने की जरूरत नहीं है। पूरी दुनिया इन्हें अच्छी तरह जान चुकी है, पहचान चुकी है। इन महानुभावों को अगर इसमें ख़ुशी मिलती है, तो इन्हें इनकी ख़ुशी मुबारक। युद्ध के लिए आतुर लोग इस पर भी गौर करें रूस और यूक्रेन के बीच तीन वर्षों से युद्ध चल रहा है। कोई भी देश यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उसने युद्ध जीत लिया है। एक नज़र नुक़सान पर डालें। एक मोटे अनुमान के मुताबिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रूस को 109 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और तक़रीबन एक लाख से ज़्यादा रूसी सैनिक मारे गए हैं। युद्ध में हो रहे खर्च की भरपाई … Read more

नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार, समाज में महिलाओं की भूमिका को मिला नया आयाम

भोपाल नारी सशक्तिकरण देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार है। महिलाएँ आत्म-निर्भर बनती हैं, तो सम्पूर्ण समाज और देश-प्रदेश सशक्त और समृद्ध बनता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार निरंतर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नवाचार कर रही है। इससे महिलाएँ आत्म-निर्भरता की राह पर अग्रसर हैं। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक ये नायिकाएँ अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं और साथ ही समाज के लिये प्रेरणा-स्रोत भी बन रही हैं। समाज में महिलाओं की भूमिका को नया आयाम मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है आगर-मालवा जिले के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों की, जिन्होंने टोल प्लॉजा संचालन जैसा कार्य जो पारम्परिक रूप से पुरुष प्रधान कार्य है, इसकी जिम्मेदारी सरकार ने महिला समूह को सौंपी हैं। महिला समूह ने अपनी कार्य-कुशलता से डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में एक करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह कर कीर्तिमान स्थापित किया है और उन्होंने अपने समन्वय प्रबंधन क्षमता की मिसाल पेश की है। स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने इस ऐतिहासिक अवसर एवं विश्वास के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना है। महिला समूह को मिली ऐतिहासिक जिम्मेदारी मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लेते हुए पहली बार महिला स्व-सहायता समूह को टोल प्लॉजा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। शाजापुर-दुपाड़ा-नलखेड़ा मार्ग पर चाचाखेड़ी गाँव में स्थित इस टोल प्लॉजा का पूरा प्रबंधन ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा गया। समूह की महिला सदस्य इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने अपने समन्वय एवं प्रबंधन क्षमता, दृढ़ इच्छा-शक्ति और अनुशासित कार्यशैली से सरकार और आमजन का विश्वास जीता है। ज्योति महिला स्व-सहायता समूह को यह जिम्मेदारी 2 सितम्बर, 2023 को एक वर्ष के लिये सौंपी गयी थी। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने समूह के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए टोल संचालन के अनुबंध को एक सितम्बर, 2025 तक के लिये बढ़ाया है। डेढ़ साल में 1.13 करोड़ रुपये का शुल्क संग्रह ज्योति महिला स्व-सहायता समूह द्वारा पहले कार्यकाल में टोल प्लॉजा के माध्यम से एक करोड़ 13 लाख 54 हजार रुपये से अधिक का शुल्क संग्रह किया गया है। इसमें से समूह को 30 प्रतिशत कमीशन के साथ समूह की 15 सदस्यों को प्रतिमाह 9 हजार रुपये की नियमित आमदनी भी हो रही है। नेतृत्व में प्रेरणा और कृतज्ञता ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती राजूबाई ने कहा कि इस पहल से वह और उनकी साथी सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। समूह की सफलता प्रदेश के स्व-सहायता महिला समूह के लिये एक प्रेरणा-स्रोत बन गयी है।  

उज्जैन में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी देने पर 50 हजार रु का इनाम, पुलिस लेगी आम जनता की मदद

उज्जैन शहर में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की खैर नहीं है. उज्जैन पुलिस व इंटेलिजेंस ब्यूरी की बैठक में तय किया गया है कि ऐसे संदिग्ध लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी. इसके लिए आम जनता से भी मदद ली जाएगी. अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी देने पर 50 हजार रु तक इनाम भी दिया जाएगा. इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ उज्जैन पुलिस की विशेष बैठक दरअसल,  एसपी प्रदीप शर्मा की मौजूदगी में उज्जैन पुलिस की आई.बी. अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित हुई. बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आई.बी.) के अधिकारियों के साथ उज्जैन पुलिस के सभी एएसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी मौजूद रहे. बैठक को लेकर एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने जानकारी देते हुए कहा, ” जिले की संवेदनशीलता और धर्म नगरी के महत्व को ध्यान में रखते हुए ये बैठक आयोजित की गई थी.” उज्जैन में बाहरी लोगों पर पुलिस की पैनी नजर एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने कहा, सिमी, पी.एफ.आई व अन्य संदिग्ध संगठनों से जुड़े लोगों, बाहरी रहवासी, बांग्लादेशी आदि संदिग्धों के दस्तावेज चेक किए जाएंगे. ई-रक्षक एप व अन्य माध्यम से फर्जी दस्तावेज़ मिलने पर कार्रवाई के निर्देश हैं. अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी देने पर नाम गोपनीय रखते हुए 50 हजार रु का इनाम उज्जैन के नागरिकों को दिया जाएगा. उज्जैन में गुंडे-बदमाशों की खैर नहीं एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने आगे बताया, ” तय हुआ है कि गुंडा/बदमाशों पर दिन में एवं रात में सतत निगरानी रखी जाए. चेकिंग व गश्त के माध्यम से रैंडम चेकिंग भी हो. होटल, लॉज, ढाबा आदि की जांच हो. संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी व निरीक्षण हो. सिम कार्ड बेचने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी. मीटिंग में एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रभावी व प्रशंसनीय कार्य के लिए उज्जैन के थाना खाराकुआं प्रभारी को 10 हजार रु व थाना जीवाजीगंज प्रभारी को 11 हजार रु प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया है.

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