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जल गंगा संवर्धन के माध्यम से हम अपनी प्राकृतिक स्त्रोत सहेज के रख सकते चाहे वो जल स्त्रोत के माध्यम ही क्यो न हो – मंत्री पटेल

भोपाल हम सभी प्रकृति को किसी न किसी न रूप में अपनी जरूरतों के हिसाब से उपयोग करते है , लेकिन बदले में प्रकृति को देना भूल जाते है यह बात आलीराजपुर जिले में आयोजित पंच सरपंच सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कही। उन्होने सम्मेलन कहा कि जल गंगा संवर्धन के माध्यम से हम अपनी प्राकृतिक स्त्रोत सहेज के रख सकते चाहे वो जल स्त्रोत के माध्यम ही क्यो न हो , जल गंगा संवर्धन का मुख्य उद्देश्य ही अपने आस पास के जल स्त्रोतो का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार करना है इससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन सके और उन्हें भी प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण करना के लिए प्रेरणा मिल सके। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करें – मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि प्रत्येक पंचायत को आत्मनिर्भर बनना चाहिए जिससे आप अपने क्षेत्र का ओर अधिक विकास कर सके। धरती आबा योजना के तहत गांवों में सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए और ऐसी कार्ययोजना तैयार करना चाहिए जिससे पंचायत का राजस्व प्राप्त हो और वहां के निवासियों को रोजगार उपलब्ध हो सके। राज्य शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रदेश के सरपंचों को प्रशासनिक स्वीकृति अब 15 लाख के स्थान पर 25 लाख की गई है। जिससे वह अपनी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य और अधिक कर अपनी ग्राम पंचायत का आत्मनिर्भर बना सके। ग्रामीण महिलाओं के समूह बनाकर ऋण देकर लखपति दीदी बनाकर महिला सशक्तिकरण को गति दी जा रही है। अलीराजपुर जिले में ही 7 हजार 5 सौ अधिक समूह बनाकर महिला को आत्मनिर्भर बनाया गया है, इस दौरान उन्होंने महू की लखपति दीदी का परिचय करवाते हुए कहा कि आप लोगो को भी अपने खुद का व्यवसाय का विस्तार कर अपने क्षेत्र और अपने परिवार का उत्थान करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल स्रोतों का बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है, सॉफ्टवेयर के माध्यम से तालाब निर्माण के दौरान भूमि का चयन करना आसान होगा, इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से तालाब निर्माण के पूर्व ही हमें यह पता रहेगा कि पानी का संरक्षण हो पाएगा या नहीं। मंत्री पटेल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दुर्घटना के दौरान उसकी मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार की राशि शासन द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 सौ से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत भवन की नवीन डिजाइन अनुसार यह 3 मंजिला होगी जिसके लिए 47 लाख भी स्वीकृत किए जाएंगे। उन्होंने उपस्थित सरपंचों से कहा कि पंचायत भवन विहीन पंचायत अपने अपने क्षेत्र में पंचायत भवन का निर्माण करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। फलिया सड़क से विकास को मिलेगी गति – मंत्री चौहान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि जिले के कृषकों को सिंचाई के लिए नर्मदा सिंचाई योजना लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है, शेष गांवों को भी जल्द ही मॉ नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा जिससे आप लोग अतिरिक्त फसल के साथ साथ शुद्ध पेयजल प्राप्त कर सकेंगे। आने वाले समय में जिले की प्रत्येक ग्राम के प्रत्येक घरों में नल जल योजना का लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिले में फलिया सड़क से संबंधित सभी समस्याओं से पंचायत मंत्री पटेल को अवगत कराया गया है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल एवं मंत्री नागर सिंह चौहान ने मनरेगा योजना के तहत अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य की राशि 2.93 करोड़, खेत तालाब निर्माण कार्य की राशि 20.39 करोड़ एवं बोरवेल रिचार्ज कार्य की राशि 8.09 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया।  

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए रेलवे से आवश्यक समन्वय जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल्द पूर्ण किये जाएं सिंहस्थ 2028 से संबंधित अधोसंरचना के सभी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ से संबंधित विभागों में तकनीकी अधिकारी-कर्मचारियों की कमी को दूर किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए रेलवे से आवश्यक समन्वय जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 की मंत्रि मण्डलीय समिति की तीसरी बैठक को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अधोसंरचना के कार्यों को जल्द पूर्ण करना आवश्यक है। प्रत्येक कार्य की समय सीमा निर्धारित कर, गतिविधियां संचालित की जाएं। कार्यालीन प्रक्रियाओं को वर्षाकाल तक पूर्ण करना सुनिश्चित करें, जिसमें वर्षाकाल के तुरंत बाद निर्माण प्रक्रिया तत्काल आरंभ की जा सकें। नगर निगम उज्जैन, विकास प्राधिकरण सहित अन्य निर्माण ऐजेंसियों में यदि तकनीकी अधिकारी-कर्मचारियों की कमी है तो अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर लेकर यह कमी दूर की जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का रेल से बड़ी संख्या में आवागमन होगा और महाकालेश्वर सहित ओंकारेश्वर तथा मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भी श्रद्धालुओं के आवागमन के मुख्य केंद्र रहेंगे। अत: सड़क मार्गों के साथ-साथ रेलवे से बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे क्षेत्र में रेल यातायात को सुगम तथा श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 की मंत्रि- मण्डलीय समिति की तीसरी बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई इस बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिका आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 में स्नान व पेयजल, सीवरेज, आवागमन, श्रद्धालुओं के आवास, कानून व्यवस्था, आवश्यक चिकित्सा सुविधा आदि के लिए की जारी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण, पर्यटन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनकी प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में कान्ह नदी डायवर्जन, 30 किमी घाट निर्माण, क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए सिलार खेड़ी सेवर खेड़ी बांध, क्षिप्रा व कान्ह नदी पर बैराजों के निर्माण की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इंदौर- उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन में चौड़ीकरण, इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग, इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर और महेश्वर में यात्री सुविधाओं के विस्तार सहित अन्य पर्यटन सुविधाओं के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।  

मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा, पंच सरपंच सम्मेलन सम्पन्न

नदियों का मायका कहे जाने वाले प्रदेश में नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण जरूरी: मंत्री पटेल संपर्कता अभियान के तहत पहले चरण में 806 द्वितीय चरण में 755 तक सड़क बनाए जाने का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा, पंच सरपंच सम्मेलन सम्पन्न भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा हैं। अभियान में खेत तालाब, अमृत सरोवरों एवं अन्य जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी संरचनाओं के जीर्णोद्धार, साफ सफाई का कार्य किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान दूरगामी और तत्वरित रूप से परिणाम देने के साथ ही मानसून के पूर्व जल संरचनाओं को तैयार किए जाने के लिये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है। यह आवश्यक है कि नदियों के उद्गम का भ्रमण किया जाए और नदियों को में पानी को उपलब्धता बनी रहे इसके लिए परिणामदायी प्रयास किए जायें। इसी उद्देश्य से पिछले वर्ष से अब तक उन्होंने 63 और जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत विगत एक माह में 32 नदियों के उद्गम का भ्रमण किया हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी नदियों के संरक्षण के साथ छोटी नदियों का भी संरक्षण आवश्यक है। जिससे नदियों के स्त्रोत सूखने ना पाए, जल स्तर में हो रही कमी को दूर किया जा सके और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आज से प्रयास किए जाए। मंत्री पटेल इंजीनियरिंग कॉलेज झाबुआ में पंच सरपंच सम्मेलन में शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने मंत्री पटेल का स्वागत जिले की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती झुलडी, साफा, तीर कमान और गुड़िया भेंट कर किया। मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा। पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारे बूढ़े बुजुर्गों द्वारा विभिन्न पद्धतियों का उपयोग करते हुए प्रकृति का संरक्षण किया गया लेकिन आज बदलती जीवन शैली में हम उन परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। भविष्य की पीढ़ी के साथ न्याय हो इसलिए जरूरी है कि प्रकृति का संरक्षण धारणीय विकास की अवधारणा के आधार पर किया जाए। उन्होंने सरपंचों से आग्रह करते हुए कहा कि गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा अनुसारपंचायत की आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की कार्ययोजना बनाए, जल संरक्षण के लिए प्रयास करे और क्षेत्र के विकास में अपना योगदान दें। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों की नई डिजाइन के आधार पर 37.5 लाख लागत से 3 मंजिल तक निर्माण किए जाने, सरपंचों को 25 लाख रुपए तक वित्तीय अधिकार दिए जाने, 5वें वित्त और स्टांप मद में इस वित्तीय वर्ष में बजट बढ़ाए जाने के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत एक वर्ष में 589 कार्य और संपर्कता अभियान के तहत पहले चरण में 806 फलियों और द्वितीय चरण में 755 फलियों तक सड़क बनाए जाने का लक्ष्य पूर्ण किया जायेगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से पधारे सरपंचों से प्रधानमंत्री आवास योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, जिले में पेसा एक्ट के तहत की गई गतिविधियों और ग्रामीण विकास की अवधारणा के बारे में चर्चा की। सीड बॉल संबंधी डॉक्यूमेंट्री कार्यक्रम में विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीड बॉल्स बिखेरने सम्बंधी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया जिसकी सफलता के प्रतिशत की जानकारी प्राप्त कर मंत्री पटेल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति पत्र कार्यक्रम में सरपंच ग्राम पंचायत तलावली, ढेकल छोटी, पतरा, मांण्डली, रामगढ़, रायपुरिया, बलोला, काकड़कुआ, सुरडिया, भौण्डली, उदयपुरिया और हरीनगर को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।  

250 आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के लिए फलिये वार सड़क का निर्माण किया जाएगा : मंत्री पटेल

अलीराजपुर में 427 नवीन फलिया सड़कों का निर्माण होगा : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने अलीराजपुर जिले के छापरी ग्राम में भामची नदी के उदगम स्थल का विधिवत पूजन किया 250 आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के लिए फलिये वार सड़क का निर्माण किया जाएगा : मंत्री पटेल भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक बुधवार को अलीराजपुर में हुई। प्रधानमंत्री सड़क योजना से 1000 से अधिक आबादी वाले क्षेत्र को जोड़ने का प्रावधान था। अलीराजपुर, झाबुआ और धार जैसे जनजाति जिलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराने पर इसमें परिवर्तन कर 500 या 250 आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को भी मुख्यधारा से जोड़ने के लिए फलिये वार सड़क का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कुल 580 फलिया सड़कों का सर्वे किया गया जिसमें से 427 सडकों का कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण के पूर्व यह तय करे की शासकीय भवन जैसे  स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, विद्यालय, पंचायत भवन या आगनवाडी जैसी शासकीय इमारते भी इन सड़कों से जुड सके ताकि ग्रामीण एवं बच्‍चों को आने जाने में कोई परेशानी न हो। सड़क निर्माण के दौरान ग्राम के अंत से प्रारंभ तक पक्की सड़क का लाभ फलिया वासियों को अधिक से अधिक प्राप्त हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। संपर्कता सर्वे अभियान के तहत शेष संपर्कता विहीन पात्र फलियों का भी सर्वे जल्द पूर्ण कर कार्ययोजना एवं लागत के लिए विभाग पत्र भेज कर स्‍वीकृति प्राप्‍त करें। इस दौरान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, कलेक्‍टर डॉ अभय अरविंद बेडेकर सहित संबंधित विभाग प्रमुख उपस्थित थे। भामची नदी के उदगम स्थल का किया पूजन पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री पटेल ने अलीराजपुर जिले के छापरी ग्राम में भामची नदी के उदगम स्थल का विधिवत पूजन किया। इस दौरान मंत्री नागरसिंह चौहान भी उपस्थित रहे। नदी के उद्गम स्थल पर बारहमासी पानी रहता है तथा नदी ग्वालदरा फलिया से ग्राम पंचायत रूपा खेड़ा, मंडली नाथू, गलती, कुंदनपुर, नागन खेड़ी, से होते हुए लगभग 35 से 40 किलोमीटर बाद झाबुआ विकासखंड के ग्राम मंडली बड़ी में मौद नदी में जाकर समाहित हो जाती है उक्त नदी पर ग्राम पंचायत कुंदनपुर में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एक बड़े बैराज का निर्माण किया गया है जिसमें लगभग 100 हेक्टेयर की भूमि की सिंचाई होती है।

आज के छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम जल के संसाधनों और प्राकृतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और बचाव कर सकते : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल अलीराजपुर जिले के तेली पहाडी के के ग्राम फुटतालाब बडा में जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हुए। उन्होंने अनास नदी के उद्गम स्थल पर पूजा अर्चना कर दंडवत प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि छोटी नदियों के उत्थान से बड़ी नदियों में पानी रहेगा और पानी रहेगा तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अनास नदी के उद्गम स्थल को मिलाकर उन्होंने अभी तक 62 नदियों के उद्गम स्थल के दर्शन किए है। प्रदेश के समस्त उद्गम स्थल पर जीर्णोद्धार कर जल संरक्षण का कार्य किया जाएगा। आज के छोटे-छोटे प्रयासों से ही हम जल के संसाधनों और प्राकृतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और बचाव कर सकते है। जल गंगा संवर्धन का मुख्‍य उद्देश्‍य नदियों में बारहमासी जल का प्रवाह, छोटे-छोटे जल स्‍त्रोत में जल की उपलब्‍धता सुनिश्चित करना है, जिससे भविष्य में शुद्ध पेयजल और सिंचाई जल की कमी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि अनास नदी के उद्गम स्थल के आस पास पहाड़ी पर तार फेंसिंग कर पौधरोपण करे। साथ ही भक्तजनों एवं यात्रियों के बैठने एवं पानी की स्थाई व्यवस्था करें। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंत्री पटेल को अवगत कराया कि ग्राम पंचायत में सामुदायिक भवन की आवश्यकता है, जिस पर पंचायत मंत्री पटेल ने तत्काल ग्राम पंचायत फुटतालाब बडा में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख की राशि स्वीकृत की।  

संजय एवं बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व की टीमों ने किया उत्पात मचाने वाले हाथी का सफल रेस्क्यू

संजय एवं बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व की टीमों ने किया उत्पात मचाने वाले हाथी का सफल रेस्क्यू रेस्क्यू ऑपरेशन में टाइगर रिजर्व्स की टीमों ने किया उत्कृष्ट कार्य भोपाल गत् दिवस जंगली हाथी (टस्कर) उत्तर शहडोल डिवीजन से संजय टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में ब्योहारी रेंज होते हुए प्रवेश कर गया। उक्त हाथी के उत्पात से शहडोल डिवीजन में तीन जनहानियां हुईं थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाथी निगरानी टीम को तुरंत सतर्क कर निरंतर निगरानी व रेस्क्यू प्रबंधन के निर्देश दिए गए। टीम के उत्कृष्ट प्रयासों के चलते हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित रूप से पाँडी हाथी शिविर तक सफलतापूर्वक पहुँचा दिया गया। संजय एवं बांधवगढ़ दोनों टाइगर रिज़र्व की संयुक्त टीमों ने हाथी का आकलन कर रेस्क्यू प्रक्रिया पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। संजय एवं बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर्स के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। दोपहर लगभग 2 बजे यह हाथी सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। हाथी को परीक्षण एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के लिये बांधवगढ़ हाथी शिविर में भेज दिया गया है।  

महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन से पीएम मोदी दतिया में 31 मई को आठवें एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे

दतिया देश भर से मां पीतांबरा की नगरी दतिया आने वालों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। 31 मई को दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोपाल में ओयोजित महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन से करेंगे। लोकार्पण के साथ ही यहां से खुजराहो और भोपाल के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। यह प्रदेश का आठवां हवाई अड्डा होगा। जो सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगा। दो माह पहले ही नागर विमानन महानिदेशालय ने 118 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित दतिया हवाई अड्डे को पब्लिक एयरोड्रम के रूप में लाइसेंस प्रदान किया था। दतिया में उनाव रोड पर खैरी के पास बनी हवाई पट्टी का विस्तार कर वहां इस नए हवाई अड्डे को आकार दिया गया है। यहां रनवे को 19 सीटर एयर क्राफ्ट की क्षमता के लिहाज से विकसित किया गया है। साथ ही टू-वे के लिए प्रपिन निर्माण किया गया है ताकि एक रनवे पर विमान उड़ने के दौरान दूसरा विमान भी उतारा जा सके। यहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी बनाया गया है। अगस्त 2023 में यहां 21 करोड़ 18 लाख की लागत से दतिया हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की आधारशिला केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह ने रखी थी।

मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जलीय जीवों का भी हो विशेष प्रबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल जिले में ताप्ती और बालाघाट जिले का सोनेवानी बनेगा कंजर्वेशन रिजर्व मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली वन्य प्राणियों के पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29वीं बैठक में दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि थलीय जीवों की तरह जलीय जीवों के संरक्षण और उनके प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं और आवश्यकता हो, तो इस कार्य के लिए पृथक अधिकारी नियुक्त किया जाए। यह अधिकारी जलीय जीवों की गिनती करें और उनका प्रबंधन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य एवं बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य सर्वमोहन नागर, डॉ. नारायण व्यास, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को मिली मंजूरी बैठक में मुख्यमंत्री एवं राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यादव ने बोर्ड के दो बड़े प्रस्तावों को सर्व सहमति से पारित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी। इसके तहत बैतूल जिले के अंतर्गत दक्षिण बैतूल सामान्य वन मंडल के ताप्ती परिक्षेत्र का 84.006 वर्ग किमी, पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल के चिचौली परिक्षेत्र का 65.205 वर्ग किमी, एवं तावड़ी परिक्षेत्र का 100.789 वर्ग किमी क्षेत्र, यानि कुल 250.00 वर्ग किमी वन क्षेत्र में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व का गठन किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सोनेवानी वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बालाघाट जिले में 163.195 वर्ग किमी सोनेवानी आरक्षित वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर नए कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी गई। दोनों की अधिसूचना भी जल्द ही जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में सीधी जिले के मुर्दाडीह-तरिहा से सोनतीर पटेहरा पहुंचमार्ग में सोननदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा को वन्य जीव अनुमति दी। इसी प्रकार बफर जोन वन मंडल, कान्हा टाइगर रिजर्व, मण्डला के अंतर्गत ग्राम धमनगांव तहसील-बिछिया में वन कक्ष क्रमांक 324 में कुल 0.95 हेक्टेयर वनभूमि पर एक अस्थायी पुलिस केंप की स्थापना के लिए एसपी मण्डला को वन्य जीव अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री ने बोर्ड द्वारा प्रस्तावित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश को सभी वन्य प्राणियों के लिए एक आदर्श स्थली के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जैव विविधिता के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की समृद्ध वन्य संपदा की रक्षा और संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेकर वन्य जीवों की आगामी पुनर्वास/पुनर्स्थापन योजनाओं को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। हाथियों का करें स्थायी प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि प्रदेश के रिहायशी इलाकों में जंगली हाथियों की आमद और इनके उन्मुक्त आवागमन/आचरण पर अंकुश लगाएं। नई तकनीकों का इस्तेमाल करें जिनसे हाथियों की रिहायशी इलाकों तक पहुंच को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं कर जंगली हाथियों का स्थायी प्रबंधन करें ताकि इन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखा जा सके। इंदौर का प्रयोग भोपाल में भी करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के चिड़िया घर में नभचर और थलचर प्राणियों का जिस तरह से प्रबंधन किया गया है वैसा ही सद्प्रयास भोपाल में भी किया जाएं। यहां वन विहार में जलीय प्राणियों सहित नए वन्य प्राणियों को बसाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलीय जीवों में मगरमच्छ को नर्मदा में बसाया जाए। घड़ियालों की संख्या भी बढ़ाई जाए। बताया गया कि पन्ना नेशनल पार्क में घड़ियाल छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिद्धों और चीलों के संवर्धन के भी निर्देश दिए। बताया गया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य) में अब कुल 20 बाघ हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती विविध वन्य प्राणियों का अपना घर है और उनका पुनर्वास और संरक्षण केवल राज्य की ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा की रक्षा का कार्य है। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वन नीति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। बोत्सवाना से लाए जाएंगे पांच-पांच जिराफ और जेब्रा मुख्य जीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) शुभरंजन सेन ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में किए जा रहे कार्यों के संबंध में लघु फिल्में तैयार की जा रही हैं। मंगलूर जू कर्नाटक से दो किंग कोबरा लाकर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार बोत्सवाना से पांच जिराफ और पांच जेब्रा लेकर आने के लिए भी बोत्सवाना सरकार से चर्चा एवं समन्वय की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा असम राज्य से वन भैंसा और गेंडा भी मध्यप्रदेश में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में नर्मदा नदी एवं अन्य वेट लेण्डस के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पचमढ़ी में जुलाई 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में जलीय जीवों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि माधव टाइगर रिजर्व में विगत 3 अप्रैल 25 को एक नर बाघ सफलतापूर्वक छोड़ा गया। राज्य शासन द्वारा 11 अप्रैल 2025 से 258.64 वर्ग किमी वन क्षेत्र को डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण सागर के रूप में नोटिफाईड किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में विगत 20 अप्रैल को दो चीतों की पुनर्स्थापना की … Read more

सेना के सम्मान में सिंदूर यात्रा गुरूवार को

भोपाल पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिकों द्वारा आयोजित विशाल सिंदूर यात्रा में हजारों महिलाओं के साथ सम्मिलित होगी। गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं द्वारा गुरूवार 22 मई, को सिंदूर यात्रा निकाली जायेगी। यात्रा इन्द्रपुरी, यादव टी स्टाल से शाम 4 बजे प्रारंभ होकर पिपलानी पेट्रोल पम्प पर सम्पन्न होगी। यात्रा में ब्रम्होस मिसाइल की प्रतिकृति की झांकी, भारत माता की सजीव झांकी और एनसीसी बैंड आदि प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सल-मुक्त भारत के संकल्प की सिद्धि में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में नक्सल-मुक्त भारत के संकल्प की सिद्धि में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुरक्षा बलों ने खूंखार 27 नक्सलियों को मार गिराया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश में मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को समूल नष्ट करने के अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षा बलों द्वारा खूंखार 27 नक्सलियों को मार गिराने की सफलता ‘नक्सल-मुक्त भारत’ के संकल्प की सिद्धि में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि नक्सलवाद, मानवता के कलंक और राष्ट्र की प्रगति में सबसे बड़ा अवरोधक है। देश के विकास और नागरिकों की समृद्धि के लिए इस हिंसक विचारधारा का समूल नाश अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी प्रदेश में नक्सलियों को जड़ से खत्म करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान पीड़ित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और तीव्र विकास का नया युग आरंभ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 27 खूखार नक्सलियों को मार गिराने में योगदान देने वाले अदम्य साहसी जवानों और सुरक्षा एजेंसियों को इस अभूतपूर्व सफलता के लिए बधाई देते हुए सुरक्षाकर्मियों का अभिनंदन किया है।  

प्रधानमंत्री मोदी आज 22 मई को करेंगे 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी आज 22 मई को करेंगे 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताया आभार भोपाल भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 मई को देशभर में पुनर्विकसित 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का ह्रदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजनरी नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने बीते एक दशक में अभूतपूर्व प्रगति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के 6 अमृत स्टेशनों सहित कुल 103 स्टेशनों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से इन स्टेशनों का उद्घाटन होना अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये अमृत स्टेशन देश के ‘विकास का प्रवेश द्वार’ सिद्ध होंगे। यात्री अब अधिक सुगम, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त आनंददायक यात्रा का अनुभव करेंगे। इन स्टेशनों के माध्यम से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी निर्मित होंगे। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत इन स्टेशनों का विकास किया गया है, जिसमें आधुनिक वास्तुशिल्प, स्मार्ट यात्री सुविधाएं, हरित ऊर्जा स्रोत और डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश किया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और विकसित भारत की परिकल्पना का एक और जीवंत प्रमाण है।  

प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले , इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के प्रदेश में सर्वाधिक निर्माण पूरा करने पर राजगढ़ जिले को अब तक 25 में से 8.51 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला अब तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले में अमृत सरोवर लक्ष्य से अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक कार्य प्रारंभ कराए गए हैं। इसी तरह जिला खेत तालाब भी लक्ष्य से अधिक प्रारंभ कराने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इस तरह जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए My Bharat पोर्टल पर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी राजगढ़ ने लक्ष्य 5,400 से अधिक 10,186 से अधिक कार्य कराए हैं। प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले हैं। इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल है। । राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे जल संवर्धन के कार्यो में मनरेगा योजना में कुल 18 अमृत सरोवर तालाब निर्माण का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। लक्ष्य अनुसार सभी 19 तालाबों के लिए स्थल चयन SIPRI ऐप से किया जाकर भारत सरकार के अमृत सरोवर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कराई जा चुकी है। इन सभी अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 1866 खेत तालाब के लक्ष्य से अधिक 1989 खेत तालाबों के स्थल चयन एसआईपीआरआई मोबाइल ऐप से फायनल कर निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 3,500 कूप रिचार्ज निर्माण के लक्ष्य से अधिक 3600 कूपों का चयन कर 3165 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। अभियान अंतर्गत कूप रिचार्ज लक्ष्य 3500 के विरुद्ध 3165 कूप रिचार्ज के कार्य प्रारंभ करने पर प्रदेश स्तर पर हो रही रैंकिंग में 20 में से अब तक 18 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला खेत तालाब कार्य प्रारंभ करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। बोरी बंधान से 12 घंटे में मुड़ना नदी हुई लबालब शहडोल में सोहागपुर के जोधपुर गांव से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्मशान घाट के पास पहले से निर्मित स्टॉप-डैम में जन-अभियान परिषद की जोधपुर समिति और ग्राम पंचायत ने इसी स्टॉप-डैम में बोरी बंधान का निर्माण किया। श्रमदानसे हुए बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा। श्रमदान दिवस के बाद की सुबह नदी को लबालब देख गांव के पशु-पक्षियों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नदी में पेयजल के साथ ही सबके लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है। देवास का मीठा तालाब हुआ साफ देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक ये अभियान जारी रहेगा। जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में नगर निगम देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया गया। भंडारी नदी में बोरी बंधान से ग्रीष्म ऋतु में भी पर्याप्त जल भराव जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर में भंडारी नदी में बोरी बंधान किया गया। बोरी बंधान से नदी में जल संग्रह की क्षमता बढ़ गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी रुकने लगा है। बोरी बंधान से नदीं में सहरेजे गए पानी का उपयोग पशु पक्षियों के साथ आम जन भी कर सकेंगे।  

मृत व्यक्तियों को ही बार-बार काट रहा सांप! फिर हो रहा मुआवजे का खेल, अधिकारियों की जेब में 11 करोड़

सिवनी मध्य प्रदेश को यूं ही सबसे अजब-गजब नहीं कहा जाता है. यहां के घोटाले भी अजीबोगरीब होते हैं. हाल ही में चम्मच घोटाला, डामर घोटाला और नगर निगम कचरा घोटाले के साथ-साथ बिहार की तर्ज पर धान घोटाला चर्चा में आया था और अब सिवनी जिले में सर्पदंश घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. इस घोटाले में 47 मृत व्यक्तियों के नाम पर बार-बार फर्जी मृत्यु का दावा कर शासन की राशि का गबन किया गया. जब सांप के काटने से लोग एक बार नहीं, 20 से 30 बार मर रहे हों और सरकार हर बार उन्हीं को मुआवजा भी दे रही हो. इस गफलत में सरकारी अफसर समेत 46 लोगों ने सरकार के 11 करोड़ 26 लाख रुपये हड़प लिए. जब घोटाले का खुलासा हुआ तो शासन की नींद उड़ गई. हालांकि, 11 करोड़ सरकार के लिए बड़ी रकम नहीं, लेकिन घोटाले के तरीके से लोग हैरान हैं. 2019 से 2022 तक चला घोटाला मध्य प्रदेश का सांप घोटाला सिवनी जिले प्रकाश में आया. यहां सर्पदंश की दवा में ठगी का खुलासा हुआ. इसके अलावा, फर्जी सर्पदंश मृत्यु दावों के जरिए 11.26 करोड़ रुपये की सरकारी राशि लूटी गई. सिवनी की केवलारी तहसील में 2019 से 2022 के बीच फर्जी सर्पदंश मृत्यु दावों के जरिए 11.26 करोड़ रुपये की ठगी की गई. चौंकाने वाली बात ये कि यहां एक शख्स रामकुमार को 19 बार और रमेश नाम के व्यक्ति को 30 बार मृत दिखाकर मुआवजा निकाला गया. ऐसे हुआ पूरा घोटाला मध्य प्रदेश सरकार सर्पदंश से मौत पर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देती है. यह राशि 4 लाख रुपये होती है. इसी स्कीम का फायदा उठाकर भ्रष्ट लोग सक्रिय हो गए. केवलारी के रमेश को फर्जी दस्तावेजों के जरिए सांप काटने से 30 बार मरा दिखाकर मुआवजा लिया गया. इसी तरह राजकुमार व अन्य लोगों के साथ किया गया. इसके अलावा, सर्पदंश की दवाओं की खरीद में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है, जहां जरूरत से ज्यादा कीमत पर दवाएं खरीदी गईं या फर्जी बिल बनाए गए. जांच में सहायक सचिव समेत 46 लोग शामिल मिले Integrated Financial Management System (IFMS) और तहसील-कोषालय की लचर व्यवस्था ने इस ठगी को आसान बनाया. जबलपुर के वित्त और कोष विभाग की जांच के बाद ये खुलासा हुआ. मामले में एक सहायक सचिव की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. लेकिन, बाकी आरोपियों पर कार्रवाई अभी बाकी है. निजी खातों में भेजी गई राशि जबलपुर संभाग के वित्त विभाग की विशेष टीम द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ने अपने परिवार, दोस्तों और जान-पहचान वालों के खातों में राशि ट्रांसफर की. जांच अधिकारी ने कहा, शासन की राशि सीधे लाभार्थी खातों में न जाकर, निजी खातों में पहुंचाई गई. इससे साफ कि यह गबन सुनियोजित और संगठित तरीके से किया गया. यह रिपोर्ट अब सिवनी कलेक्टर को भेज दी गई है. क्यों बार-बार घोटाले? मध्य प्रदेश में बार-बार घोटाले सामने आने की वजह है कमजोर सिस्टम और जवाबदेही की कमी. IFMS जैसे डिजिटल सिस्टम में खामियां, तहसील और कोषालय की लापरवाही, और जांच में देरी ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया. सांप घोटाले में उदाहरण के तौर पर एक ही व्यक्ति को बार-बार मृत दिखाना सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे कदम उठाने होंगे. ये काम भी करे सरकार – फर्जी दावों की जांच तेज करें और सभी दोषियों को सजा दें. – डिजिटल सत्यापन और सख्त ऑडिट सिस्टम लागू करें. – घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक सुधार करें.

भारतीय चीन के बनाए चार्जर पर विश्वास नहीं करते, पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन पर विश्वास कर लिया: धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर  बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यूं तो हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अब एक बार फिर वह अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। फिलहाल वह बिहार के मुजफ्फरपुर में कथा कह रहे हैं। मंगलवार रात उन्होंने दिव्य दरबार लगाया। जातिवाद की चर्चा पर क्या बोले उन्होंने कहा कि देश में जातिवाद के नाम पर चर्चा हो रही है, हमें जातिगत जनगणना से दिक्कत नहीं है। हम चाहते हैं कि भारत की जातियों की गिनती के बजाए ये गिनती की जाए, अमीर कितने हैं, गरीब कितने हैं, ताकि गरीबों के लिए कुछ किया जाए। कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से जुड़ी जाति नहीं होती। आगे उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो गरीब का भला होगा, क्षेत्र का विकास होगा, प्रदेश का विकास होगा, देश का विकास होगा, तब भारत विश्वगुरु होगा। पहलगाम हमले पर भी खूब बोले बाबा ने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया। धर्म विरोधियों के, बिगड़ैल औलाद के रूप में पाकिस्तान ने अपना बुरा चेहरा दिखाया। ये 1965, 1971 का भारत नहीं है। ये 2025 का भारत है, जिसने घर में घुसकर मारा। हमारी माताओं के सुहाग को उजाड़ा। हमें गर्व है, भारत की आर्मी पर, सेना पर, जिसने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर घर में घुसकर मारा। हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते बाबा बागेश्वर ने कहा कि एक दिन मैं घर पर टीवी देख रहा था, जब भारत की सेना पाकिस्तान पर मिसाइल छोड़ रही थी, तब मैं हंस रहा था और बोल रहा था कि सिंदूर तो झांकी है, हल्दी, मेहंदी बाकी है। पाकिस्तान कितना पागल है, हम लोग चाइना के चार्जर पर भरोसा नहीं करते, वे चाइना के मिसाइल पर भरोसा कर रहे हैं। देश की बहनों ने घर में घुसकर मारा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश की बहनें काफी ताकतवर हैं। पाकिस्तान में घुसकर मारा। जिस देश की बेटियां इतनी खतरनाक हैं, उस देश के बेटों से फंस जाएगा तो क्या होगा। मुझे सबसे अच्छा बिहार लगता है, मेरा बस नहीं चलता नहीं तो यहीं मठ बना लेता। बिहार वालों चिंता मत करो, जब तक रहेंगे तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेंगे। दिव्य दरबार में बाबा ने कई भक्तों की अर्जियां सुनीं और उनकी समस्याओं का समाधान किया. उन्होंने भीड़ से सीतामढ़ी के राजकुमार, शिवम नाम के एक भक्त, दो महिलाओं और एक संत के छोटे बेटे को मंच पर बुलाया. खास बात यह रही कि बाबा ने भक्तों की समस्याएं बिना पूछे पहले ही पर्चे पर लिख दीं और फिर उन्हें मंच पर बुलाकर समाधान बताया. सीतामढ़ी के एक संत ने बताया कि वह और उनका बेटा पूजा-पाठ के साथ श्रद्धा से दरबार में आए थे. बेटे की जिद पर उसे साथ लाए, और आश्चर्यजनक रूप से बेटे की अर्जी स्वीकार हुई, जिसके कारण उन्हें भी बाबा से मिलने का मौका मिला. संत ने अपनी पारिवारिक परेशानियों का जिक्र किया, जिसे बाबा ने पहले ही पर्चे पर लिख लिया था. इसी तरह, छपरा से अपनी मां के साथ आई एक युवती की पर्ची भी निकाली गई. बाबा ने उसकी समस्या को बिना पूछे लिख लिया और फिर उसे मंच पर बुलाकर समाधान का आशीर्वाद दिया. दरबार में भक्तों ने सामूहिक अर्जी लगाने या दिव्य दरबार आयोजित करने का विकल्प चुना, जिसके बाद बाबा ने दिव्य दरबार लगाया. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में पहलगाम हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “धर्म पूछकर मारा गया, धर्म विरोधियों ने. पाकिस्तान ने अपना चेहरा दिखाया. ये पुराना भारत नहीं, 2025 का भारत है, जो घर में घुसकर मारता है.” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ा, हमने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. ये तो झांकी है, हल्दी-मेहंदी अभी बाकी है.” जातीय जनगणना पर भी बाबा ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, “हमें जातीय जनगणना चाहिए, लेकिन अमीर और गरीब की गणना होनी चाहिए, ताकि पता चले कि गरीब कितने हैं. कंधों से ऊंची छाती नहीं होती और धर्म से बड़ी जाति नहीं होती.” उन्होंने भक्तों से अपील की, “आप लोग साथ दो, भारत को हिंदू राष्ट्र बना देंगे.”

सांसद आलोक शर्मा बोले लव जिहाद के लिए चल रहे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, भोली-भाली लड़कियों को बहलाकर …..

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए लव जिहाद के मामले में जहां एक तरफ लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में राजनेताओं द्वारा लगातार बयानबाजी भी की जा रही है। ऐसा ही चौंकाने वाला दावा करते हुए एक बयान भोपाल से भाजपा सांसद अलोक शर्मा का सामने आया है। उन्होंने देश में लव जिहाद के इंस्टीट्यूट चलने का दावा किया है। लव जिहाद के लिए चल रहे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भोपाल सांसद अलोक शर्मा ने कहा, देश में लव जिहाद के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट चल रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर इस पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे। लव जिहाद के लिए कौन फंडिंग कर रहे हैं, इनके बैंक अकाउंट की जांच होना चाहिए। इंस्टीट्यूट में धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की दी जा रही ट्रेनिंग आलोक शर्मा ने यह भी कहा कि इस प्रकार के इंस्टिट्यूटमें ट्रेनिंग दी जा रही है कि हिन्दू समाज की भोली भाली लड़कियों को बहला फुसलाकर कर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने लव जिहाद में शंका नहीं बताई यह बिल्कुल ठीक बात है। यह तो मैं कई बार कह चुका हूं कि जांच होनी चाहिए कि पैसे कहां से आ रहे हैं। ऐसे लोगों की मध्य प्रदेश की धरती में कोई जगह नहीं है। लव जिहाद वालों को पहले भी दे चुके हैं चेतावनी बता दें कि सांसद अलोक शर्मा लव जिहाद मामले पर खुलकर बयान दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था “किसी मियां में ताकत हो तो अब लव जिहाद करके दिखाए। मेरा जन्म दाढ़ी, टोपी से निपटने के लिए ही हुआ है। लव जिहाद करने वालों के लिए कड़ी से कड़ी सजा ब्राह्मण समाज देगा। ब्राह्मण समाज की छात्राओं को टारगेट करके लव जिहाद के जाल फंसाया जा रहा है। पुराने भोपाल में हिंदू आबादी घटती जा रही है। सनातनी महिलाओं का गरबा अलग से हो। जिससे लव जिहाद करने वालों की एंट्री न हो। अभी भी वक्त है संभल जाओ।” 

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