LATEST NEWS

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष आने का अवसर मिलता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कायस्थ समाज बुद्धिजीवी समाज के तौर पर अपनी पहचान रखता है। इस समाज के लोग पढ़े-लिखे और संस्कारित होते हैं, जो समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित भगवान चित्रगुप्त प्रकटोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रांश परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष आने का अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन समाज को दिशा देने और सशक्त करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा का विकास सभी के सहयोग से ही संभव हो रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कायस्थ समाज द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया तथा वरिष्ठ नागरिक का सम्मान किया।  

DME की नियुक्ति के विरोध में आज मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक और जूनियर डॉक्टर प्रदर्शन करेंगे

भोपाल डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के पद पर डॉ. अरुणा कुमार की नियुक्ति के विरोध में सोमवार को सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा शिक्षक और जूनियर डॉक्टर दोपहर 1 बजे प्रदर्शन करेंगे। सीएम के नाम पत्र संबंधित कॉलेज के डीन को सौंपेंगे। सभी 18 मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा डीन ऑफिस के बाहर 15 मिनट तक धरना देंगे। डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाने के लिए प्रदर्शन प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने बताया कि रविवार को सभी 18 शासकीय और स्वशासी मेडिकल कॉलेजों के एमटीए के पदाधिकारियों और एग्जीक्यूटिव की बैठक हुई है। सभी ने डॉ. अरुणा को डीएमई पद से हटाने का पुरजोर समर्थन किया। आदेश निरस्त नहीं होने पर सोमवार से सभी चिकित्सक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि विवादित डॉ. अरुणा जिन्हें शासन ने विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता पद हेतु उचित नहीं समझा उन्हें डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन जैसे संवेदनशील पद पर पदस्थ नहीं किया जाना चाहिए। पदस्थापना तुरंत निरस्त की जानी चाहिए। किसी अन्य योग्य वरिष्ठ अनुभवी चिकित्सक को पदस्थ करना चाहिए। आदेश निरस्त होने तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। चिकित्सा महासंघ भी हो सकता है शामिल आंदोलन में मध्यप्रदेश चिकित्सा महासंघ भी शामिल हो सकता है। इसमें प्रदेश के डॉक्टरों से जुड़े सभी आठ संगठन शामिल हैं। इससे आंदोलन का प्रभाव और व्यापक हो सकता है। इसमें मेडिकल टीचर्स के साथ स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, बीमा अस्पताल, आइएमए आदि के डॉक्टर भी शामिल हैं।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ श्री धनखड़ का हुआ परस्पर संवाद

किसान के खेत से निकलता है विकसित भारत का रास्ता : उप राष्ट्रपति धनखड़ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ हुआ परस्पर संवाद कार्यक्रम राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री सिंधिया भी कार्यक्रम में हुए शामिल ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत से निकलता है। इसलिए कृषि के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं और कृषि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के जीवन में बदलाव एवं खुशहाली लाने में अपना योगदान दें। प्रयास ऐसे हों कि किसान केवल फसल उत्पादक बनकर ही न रहें, अपितु वे एग्री-प्रीनियर (कृषि उद्यमी) बनें। उप राष्ट्रपति धनखड़ रविवार को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के परस्पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे तकनीक और अनुसंधान का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बदलाव के प्रबंधक बनें। संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला मंचासीन थे। इस अवसर पर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति किसानों के कल्याण का संदेश देती है। वर्तमान दौर में किसानों के महत्व को प्रतिपादित करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान–जय किसान” का नारा दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने “जय जवान–जय किसान के साथ जय विज्ञान” जोड़ा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “जय जवान–जय किसान–जय विज्ञान में जय अनुसंधान” को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थी विज्ञान और अनुसंधान के केन्द्र बिंदु होते हैं। इसलिए विद्यार्थी इस कसौटी पर खरे उतरकर किसानों के कल्याण के लिए काम करें। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि किसानों को अपनी उपज तत्काल न बेचनी पड़े, इसके लिये पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दें और वेयर हाउस एवं कोल्ड स्टोर स्थापित कर किसानों को भण्डारण के लिए प्रेरित करें। धनखड़ ने कहा कि किसान अपनी परेशानी व्यक्त करें, उससे पहले ही हमें अंदाजा लगा लेना चाहिए कि किसान क्या चाहते हैं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और उनके लिये सकारात्मक नीतियां बनाई हैं। सरकार ने सहकारिता को भी कृषि में अध्याय के रूप में जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में सीधे धनराशि पहुँच रही है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं समाजसेवी दत्तोपंत ठेंगड़ी के सुकृत्यों को याद करते हुए कहा कि सुखद संयोग है कि ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय का नाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं सभागार का नाम दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के नाम पर है। इसलिये यह विश्वविद्यालय दो ऐसी महान आत्माओं का संगम है जो राष्ट्रवाद और समाज के कल्याण के लिये समर्पित रहीं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी यह संकल्प लें कि इन विभूतियों के आदर्शों पर चलकर हम सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपर्य रखेंगे। मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को सराहा उप राष्ट्रपति धनखड़ ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से गौशालाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन की प्रशंसा की। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गौशाला के विस्तार में सहयोग के लिये कहा। कृषि विश्वविद्यालय अनुसंधान की परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाएँ : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव सभ्यता के उद्भव और विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी के लिये कृषि आज भी आजीविका की जीवन रेखा बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि दृष्टिकोंण के साथ किसानों को समृद्ध व सशक्त बनाकर विकसित भारत बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विकास और परिवर्तन के केन्द्र बिंदु विश्वविद्यालयों को अध्ययन व अनुसंधान की मौजूदा परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाना होगा। साथ ही तेजी से बदलती जलवायु को ध्यान में रखकर नई तकनीकों के द्वारा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना होगा। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालयों से सामूहिक रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और पशुपालन के कार्य प्रदेश की अर्थ व्यवस्था बदलने का कार्य करेंगे। लगभग दो वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश का कृषि क्षेत्र 45 लाख हेक्टेयर था जो आज की स्थिति में 55 लाख हो गया है। प्रदेश में एक करोड़ हेक्टेयर कृषि क्षेत्र निर्मित करने का राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान है, इस नाते निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में नर्मदा और अन्य नदियों के जल से सिंचाई का कार्य हो ही रहा है। विश्व की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा मंजूरी के बाद पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना को भी स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्षों से यह परियोजनाएं लंबित थीं। आने वाले समय में प्रदेश में बुंदेलखण्ड, चंबल और मालवा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का उल्लेखनीय विकास होगा। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश का नक्शा बदलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक राष्ट्रों में कम क्षेत्र में अधिक अनाज उत्पादन का कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में जहां उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को कृषि संकाय के महत्व से अवगत करवाकर आवश्यक अध्ययन और अनुसंधान की व्यवस्थाएं की जा रही हैं वहीं लाभकारी फसलों के उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के सहयोगी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। जो भी व्यक्ति गोपालन करता है वह गोपाल है और हमारा घर-घर गोकुल है। राज्य सरकार ने 25 से अधिक गाय पालने पर 25 प्रतिशत की अनुदान राशि प्रदान करने और गोपालकों से दूध खरीदने का संकल्प लिया है। गौशालाओं को भूमि प्रदान करने की पहल … Read more

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जारी किये निर्देश, 31 दिसम्बर के पूर्व फायर प्लॉन प्रस्तुत करें

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में निश्चित ऊँचाई से बड़े भवनों में अग्नि दुर्घटना से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण करने और नियमों की अनदेखी करने वाले भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस कार्य को प्राथमिकता दिये जाने के लिये कहा है। प्रदेश में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र प्राप्त किये जाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश के अनुसार भवन स्वामी अब 31 दिसम्बर, 2025 तक फायर प्लॉन प्रस्तुत कर संबंधित अग्निशमन प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर सकेंगे। नियत तिथि के बाद फायर प्लॉन प्रस्तुत नहीं करने वाले भवन स्वामियों के विरुद्ध दण्ड के अधिरोपण की कार्रवाई नियत नियम के अनुसार की जायेगी। निर्देशों में कहा गया है कि फायर सेफ्टी प्लॉन के कण्डिका क्रमांक-2 में उल्लेखित भवन, जो कि पूर्व से निर्मित हैं, उन्हें 2 माह के भीतर एनबीसी से निर्धारित मानक अनुसार फायर प्लॉन तैयार कर अनुमोदन के लिये अग्निशमन प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। निर्देश में यह भी बताया गया है कि अग्निशमन अधिकारी द्वारा आवेदन प्राप्ति के एक माह के भीतर फायर प्लॉन का अनुमोदन किया जायेगा। कण्डिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2 माह की समयावधि के भीतर यदि भवन स्वामी फायर प्लॉन तैयार कर अग्निशमन प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है, तो विलंब शुल्क के साथ 500 रुपये प्रतिदिन की दर से और एक वर्ष के बाद एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर पर दण्ड शुल्क देय होगा। राज्य शासन ने नगर निगमों के लिये आयुक्त नगरपालिक निगम, नगरपालिका परिषद और नगर परिषद के लिये संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रकरणों के लिये जिला कलेक्टर और छावनी परिषद क्षेत्र जबलपुर, महू, मुरार, पचमढ़ी और सागर के लिये अधिशासी अधिकारी को अग्निशमन प्राधिकारी घोषित किया है। भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिन भवनों के लिये फायर सेफ्टी प्लॉन के प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है, उनमें 15 मीटर से ऊँचे समस्त भवन, एक तल पर 500 M2 से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले समस्त भवन (आवासीय एवं धार्मिक और सामुदायिक भवनों को छोड़कर) शामिल किये गये हैं। कोई भी होटल और अस्पताल, जिसमें 50 से अधिक पलंग और बिस्तर हों, उन्हें भी शामिल किया गया है। नियमों में 50 से कम पलंग वाले होटल, 50 बिस्तरीय अस्पताल पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करेंगे। फायर सेफ्टी प्लॉन के संबंध में दिशा-निर्देश संबंधित क्षेत्र के नगरीय निकायों के कार्यालयों से प्राप्त किये जा सकते हैं।  

किसान 5 मई को गेहूं उपार्जन के लिए कर सकते हैं स्लॉट बुक

भोपाल ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान जो 30 अप्रैल तक स्लॉट बुक नहीं कर सके, वह 5 मई को स्लॉट बुक कर उसी दिन गेहूं का विक्रय उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर कर सकते हैं। स्लॉट बुक करने के लिए जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन में कृषक का नाम, किसान कोड, विक्रय की जाने वाली उपज की मात्रा आदि का उल्लेख करना होगा। 5 मई को उपार्जन केंद्र पर किसान की उपज की तौल एवं देयक जारी नहीं होने पर किसानों को नोडल अधिकारी के द्वारा टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिन किसानों की स्लॉट की वैधता समाप्त हो गई है, उनकी अवधि डीएसओ लॉगिन से बढ़ाने तथा इन किसानों से गेहूं की खरीदी 9 मई तक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश खाद्य विभाग द्वारा जारी कर दिए गए हैं।  

हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया, लव जिहाद रोकने का कानून पर पुलिसिंग फेल

भोपाल लव जिहाद रोकने के लिए सरकार ने कानून तो बनाया पर कमजोर पुलिसिंग के कारण उसका प्रभाव नहीं दिख रहा। भोपाल में ही निजी कॉलेज की हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया। दैहिक शोषण किया। यह कोई एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध था। इसमें कई लोग शामिल थे। इसके बाद भी पुलिस को कोई भनक नहीं लगी। दरअसल, ऐसे मामलों में कमजोर कड़ी पुलिस व्यवस्था ही है।   पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की न तो उनका खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रहा है और न ही सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर के तौर-तरीकों से ही पुलिसकर्मी वाकिफ हैं। पुलिस का खौफ इस कदर कम हो चुका है कि मात्र मार्च-अप्रैल में ही आठ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की गई। दरअसल राजधानी भोपाल में युवतियों के दैहिक शोषण और ब्लैकमेल करने जैसी घटनाओं को कुछ लोग संगठित रूप से अंजाम देते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में भी आरोपितों के विरुद्ध धार्मिक स्वातंत्र्य कानून 2021 के अंतर्गत धारा तीन और धारा पांच के अंतर्गत भी प्रकरण कायम किया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं। पांच आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। बुरका पहनने का दबाव बनाया घटनाक्रम से साफ लग रहा है कि आरोपितों ने पीड़िताओं को योजनाबद्ध तरीके से फंसाया और दुष्कर्म किया, पर ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं कि वे उनका धर्म परिवर्तन भी कराना चाहते थे। उन्होंने लड़कियों को मांस खिलाया। बुरका पहनने के लिए दबाव बनाया। इसी कारण यह मामला लव जिहाद से जोड़ा जा रहा है। आरोपित अलग-अलग राज्यों के हैं। इस कारण यह भी आशंका है कि इनके पीछे दूसरे राज्यों के कुछ और लोग हो सकते हैं जो आरोपितों की मदद कर रहे हों। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं इसी वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रविधान करने की बात कही थी। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। धार्मिक स्वातंत्र्य काननू के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 200 से अधिक प्रकरण कायम किए जा चुके हैं, पर अपराधियों में काननू का डर नहीं दिख रहा।

एमबी पावर ने स्थानीय रोजगार को दी मजबूती, अनूपपुर प्लांट में लगभग 275 स्थानीय युवाओं की नियुक्ति

एमबी पावर ने स्थानीय रोजगार को दी मजबूती, अनूपपुर प्लांट में लगभग 275 स्थानीय युवाओं की नियुक्ति निकट भविष्य में रोजगार के और अवसर देने का संकल्प स्थानीय ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ साझेदारी कर क्षेत्र में बढ़ाए रोजगार के अवसर अनूपपुर  एमबी पावर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड ने आज अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित लहरपुर गांव में स्थित अपने पावर प्लांट के आसपास के गांवों से लगभग 275 युवाओं को रोजगार देकर स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की गई हैं, जिनमें अकुशल श्रमिकों से लेकर आईटीआई पास तकनीशियन, स्नातक और परास्नातक डिग्री धारकों तक को शामिल किया गया है। इस विविधता से कंपनी की मजबूत स्थानीय मानव संसाधन संरचना तैयार करने की प्रतिबद्धता झलकती है। प्रत्यक्ष नियुक्तियों के साथ ही कंपनी ने कई स्थानीय विक्रेताओं और ठेकेदारों के साथ भी साझेदारी की है, जिससे क्षेत्र में कई परिवारों के लिए आय के नए स्रोत उत्पन्न हुए हैं। अपनी विस्तार रणनीति के तहत एमबी पावर आने वाले वर्षों में अपनी वर्तमान क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इस विस्तार को समर्थन देने के लिए कंपनी ने आसपास के गांवों से और अधिक लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया है, ताकि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था में सतत योगदान दिया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कंपनी के विकास चरण को समर्थन दिया है और इसे क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला कदम बताया है। हिंदुस्तान पावर में एवीपी – मानव संसाधन, श्री सुबोध सिंह ने कहा, “एमबी पावर में हम हमेशा उन क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य करते हैं, जहां हम कार्यरत हैं। हमने हमेशा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी है, जिन्होंने हर कदम पर हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि क्षेत्र में समग्र प्रगति हो रही है और जैसे-जैसे आवश्यकता होगी, हम और लोगों को रोजगार देते रहेंगे।” समुदाय-आधारित विकास और समावेशी प्रगति पर केंद्रित एमबी पावर एक जिम्मेदार संस्था और क्षेत्रीय विकास की सहायक शक्ति बनी हुई है।

जन-जागरण से जल-संरक्षण का ऐतिहासिक जन-अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “जल स्रोतों का संरक्षण केवल प्रशासन का कार्य नहीं, यह प्रत्येक नागरिक की सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी है।” जल संकट आज वैश्विक चिंता का विषय है और भारत जैसे कृषि प्रधान देश में यह विषय और भी अधिक गंभीर हो जाता है। मध्यप्रदेश सरकार ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से इस चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणास्पद पहल की है। जल-संरक्षण केवल अभियान नहीं, अपितु पर्यावरणीय पुनरुत्थान और सांस्कृतिक चेतना का समवेत संगम है। जन-भागीदारी से जल संरचनाओं को नवजीवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 30 अप्रैल से प्रारंभ किया गया “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान एक बहु-स्तरीय आयोजन है। इसका उद्देश्य राज्य के जल स्रोतों जैसे नदियों, तालाबों, झीलों, पुराने कुओं, बावड़ियों और जल-धाराओं को पुनर्जीवित करना और उन्हें सतत रूप से संरक्षित करना है। यह अभियान सरकारी योजना से आगे बढ़कर अब जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नदियों, तालाबों, झीलों, पुराने कुओं, बावड़ियों और जल-धाराओं को सहेज कर उन्हें पुनर्जीवन देना है। इन जल स्रोतों की गाद निकासी, सफाई, सीमांकन और पुनर्जीवन की कार्य-योजना बनाई गई है, जिसमें जन-भागीदारी से श्रमदान भी किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक लोग स्वयं आगे आकर जल स्रोतों की सफाई कर रहे हैं। नदियों के किनारे विशेष रूप से देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर जल-स्तर बढ़ाने और मृदा क्षरण को रोकने का कार्य किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य किया जा रहा है। स्कूल और कॉलेजों में जल-संरक्षण पर जन-जागरण अभियान, रैलियाँ, निबंध प्रतियोगिताएँ, जल संवाद और ‘जल प्रहरी’ जैसी अवधारणाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। ड्रोन से सर्वेक्षण, वैज्ञानिक तरीके से जलग्रहण क्षेत्र की मैपिंग, भू-जल पुनर्भरण तकनीकों का उपयोग आदि भी अभियान का हिस्सा हैं। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले में हज़ारों जल स्रोतों की सफाई की जा रही है। अभियान में राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व के साथ ही जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयं-सेवकों, एनजीओ और आम नागरिकों की सामूहिक सहभागिता और सक्रियता ने अभियान को जन-अभियान बना दिया है। ‘जल दीप यात्रा’, ‘जल संकल्प’ कार्यक्रमों और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जल-संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। इस कार्य में म.प्र. जन-अभियान परिषद भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान में हजारों जल स्रोत पुनर्जीवित होने लगे हैं। वर्षाकाल में इसके प्रभावी परिणाम देखने को मिलेंगे। अनेक स्थानों पर भूजल स्तर में सुधार के संकेतों के साथ ही जलग्रहण क्षेत्रों में बढ़ती हरियाली और मिट्टी में नमी का स्तर सकारात्मक परिवर्तन लायेगा। अभियान से समाज में सकारात्मक मनोवृत्ति का विकास भी हुआ है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों से जन-मानस में जल-संरक्षण के लिए नई चेतना और व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्थायी जल प्रबंधन संरचनाओं जैसे चेक डैम, परकोलेशन टैंक, जल पुनर्भरण, कुएं-बावड़ी आदि के पुनरुद्धार की योजना बनाई जा रही हैं। अभियान के सफल संचालन और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रणाली विकसित की गई है। सभी गतिविधियों की जीआईएस आधारित ट्रैकिंग और इंपैक्ट वैल्युएशन से परिणामों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। अभियान को स्थायी जन-आंदोलन बनाने के लिए राज्य सरकार इसे एक समयबद्ध आयोजन मात्र न मानते हुए जन-सहयोग से सतत अभियान के रूप में विकसित कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश के जल संसाधनों का संरक्षण करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। साथ ही यह सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्य और नागरिक कर्त्तव्यों को जोड़ने वाला एक व्यापक अभियान भी है। जन-भागीदारी से जन्मा यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध और जल-सम्पन्न मध्यप्रदेश देने की ओर एक सशक्त कदम है।

MP कांग्रेस ने पहली बार अलग से बनाया चुनाव प्रबंधन विभाग, संगठन को मजबूत करने में जुटी

भोपाल एमपी कांग्रेस ने पहली बार चुनाव के इतने पहले चुनाव प्रबंधन विभाग का अलग से गठन है। विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह को दिया गया है। वहीं संगठन का प्रभार पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को दिया गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। इसे लेकर तरह-तरह के प्रयोग किया जा रहे हैं और अलग-अलग व्यक्तियों को दायित्व दिए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के करीब साढ़े तीन साल पहले कांग्रेस ने पहली बार चुनाव प्रबंधन विभाग का अलग से गठन किया है। काग्रेस के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. संजय कावले ने बताया कि इससे पहले चुनाव के समय चुनाव प्रबंधन कमेटी बनाई जाती थी। पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया है। इस विभाग का प्रभार पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को दिया गया है। पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को मिली जिम्मेदारी वही संगठन प्रभारी मे भी बदलाव किया गया गया है। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह की जगह पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को प्रभार सौंप गया है। दरसअल चार महीने पहले एमपी कांग्रेस के संगठन में दो-दो प्रभारी नियुक्त किए गए थे। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और प्रदेश महामंत्री संजय कामले को संगठन का प्रभारी बनाया गया था। चार महीने में ही प्रियव्रत सिंह की जगह संगठन का प्रभार पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को दिया गया है। कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति 1-  प्रियव्रत सिंह- प्रभारी 2-  गौरव रघुवंशी- अध्यक्ष 3-  गोरकी बैरागी- सदस्य 4- मृणाल पंत- सदस्य 5- शैलेन्द्र पटेल- सदस्य 6- मयंक तेनगुरिया- सदस्य पंचायत और वार्ड समितियों का होगा गठन एमपी कांग्रेस द्वारा गठित चुनाव प्रबंधन विभाग अब निचले स्तर के संगठन पर काम करेगा। यानि हर विधानसभा में चुनाव प्रबंधन का प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद पंचायत और वार्ड समितियों का गठन होगा। इन समितियों के गठन में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि चुनावी लिहाज से पंचायत और वार्ड समिति के सदस्य कितने कैपेबल हैं।

शहर की अलग-अलग अवैध काॅलोनी में 565 प्लाॅट भूमाफिया ने बेचे है, होगी एफआईआर

इंदौर इंदौर में प्रशासन ने अवैध काॅलोनी काटने वालों के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी की है। शहर की अलग-अलग अवैध काॅलोनी में 565 प्लाॅट भूमाफिया ने बेचे है। इस तरह के 19 लोगों पर प्रशासन प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। इंदौर में 16 हेक्टेयर जमीन पर विकसित हो रही थी काॅलोनी। इससे पहले भी प्रशासन 38 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चुका है। शहर के मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट की जगह पर अवैध काॅलोनियां काटकर प्लाॅट बेचने का काम लंबे समय से जारी है। लोग भी सस्ते प्लाॅटों के चक्कर में नोटरियों पर प्लाॅट खरीद लेेते है, लेकिन वहां नक्शे मंजूर नहीं होते और न ही मूलभूत सुविधाएं मिलती है। अफसरों ने शहर में 19 भूमाफिया को चिन्हित किया जो काॅलोनियों में प्लाॅट बेच रहे है। उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में शिकायत होगी। इससे पहले प्रशासन अवैध काॅलोनाइजरों के खिलाफ रासुका के तहत भी एक्शन ले चुका है। पार्षद ने रुकवाया निर्माण सांईकृपा काॅलोनी में एक होस्टल का निर्माण हो रहा था। इसकी शिकायत रहवासियों ने पार्षद संगीता जोशी को की थी। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र मेें आवासीय प्लाॅटों पर होस्टल व होटल खोले जा रहे है। इसके बाद पार्षद ने मौके पर जाकर अवैध निर्माण रुकवाया और नगर निगम के अफसरों से कहा कि वे काॅलोनी में देखे कि कहां पर व्यावसायिक निर्माण हो रहा है। रहवासी केके झा ने बताया कि  वार्ड 36 और 37 में इस तरह के अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे है। 

पिछले 58 दिनों से बेटे की हत्या के आरोप में जेल में बंद अभ्युदय की मां अलका जैन को एसआईटी ने निर्दोष पाया

गुना गुना में 15 साल के अभ्युदय जैन की मौत ने कर किसी को स्तब्ध कर दिया था. शुरू में हत्या का मामला माना गया यह केस अब विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बाद आत्महत्या के रूप में सामने आया है. SIT की नई जांच और भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की मेडिको-लीगल रिपोर्ट ने इस मामले में नाटकीय यू-टर्न लाया है. पिछले 58 दिनों से बेटे की हत्या के आरोप में जेल में बंद अभ्युदय की मां अलका जैन को एसआईटी ने निर्दोष पाया है. नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पार्शियल हैंगिंग (आंशिक फांसी) बताया गया, जो आत्महत्या की पुष्टि करता है. लेकिन इस खुलासे ने कई अनुत्तरित सवाल भी खड़े किए हैं, जो पुलिस की प्रारंभिक जांच और मेडिकल प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं. दरअसल, 14 फरवरी 2025 को गुना की चौधरन कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले अभ्युदय जैन (15) का शव घर के बाथरूम में मिला. गले में दुपट्टा और पैरों पर रस्सी के निशान होने से शुरू में आत्महत्या का संदेह हुआ. पेशे से बैंक ऑडिटर अभ्युदय के पिता अनुपम जैन उस समय भोपाल में थे. उनकी पत्नी अलका जैन ने पुलिस को बताया कि वह सुबह बैडमिंटन खेलने गई थीं और लौटने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला. बार-बार खटखटाने और फोन करने के बाद भी जवाब न मिलने पर मकान मालिक की मदद से दरवाजा खोला गया, जहां अभ्युदय का शव मिला. पुलिस की शुरुआती जांच जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के किए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्ट्रैंगुलेशन (गला घोंटना) बताया गया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स, और गवाहों के बयान खंगाले, जिसमें कोई बाहरी व्यक्ति घर में प्रवेश करता नहीं दिखा. पुलिस ने यह भी पाया कि अभ्युदय अपनी मां अलका को उनकी लाइफस्टाइल को लेकर टोकता था, जिससे दोनों के बीच तनाव रहता था. इन सबूतों के आधार पर 22 फरवरी को हत्या का मामला दर्ज किया गया और 8 मार्च को अलका जैन को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का दावा था कि अलका ने गुस्से में बेटे का गला घोंटा और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. अनुपम जैन की लड़ाई और SIT का गठन अभ्युदय के पिता अनुपम जैन ने पुलिस की जांच को गलत ठहराया और अपनी पत्नी की बेगुनाही का दावा किया. उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली से लेकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल तक गुहार लगाई. अनुपम ने 11 बिंदुओं पर दोबारा जांच की मांग की, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स, और घटनास्थल के सबूतों की समीक्षा शामिल थी. उनके दबाव के बाद ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी के नेतृत्व में SIT का गठन हुआ. नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट SIT ने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की दोबारा जांच कराई. डॉक्टरों की टीम ने नई मेडिको-लीगल रिपोर्ट में मौत का कारण पार्शियल हैंगिंग बताया, जो आत्महत्या की पुष्टि करता है. यह पहली रिपोर्ट से पूरी तरह उलट था, जिसमें स्ट्रैंगुलेशन का दावा किया गया था. कॉल डिटेल्स अलका के फोन रिकॉर्ड से पता चला कि वह घटना के समय लगातार फोन पर उपलब्ध थी. केवल 20 मिनट का अंतराल था, जिसमें कोई कॉल नहीं थी. SIT ने माना कि इतने कम समय में हत्या और उसे आत्महत्या का रूप देना संभव नहीं था. वहीं, घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था और चाबी टेबल पर रखी थी. सीसीटीवी में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश करता नहीं दिखा. मानसिक तनाव अभ्युदय पढ़ाई को लेकर तनाव में था. वह कक्षा 8 का छात्र था और दो विषयों में फेल हो गया था. घटना वाले दिन हिंदी के पेपर में उसे 80 में से 28 अंक मिले थे. माता-पिता उसकी पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते थे, जिससे वह दबाव में था. SIT की जांच के बाद अलका जैन को निर्दोष पाया गया. गुना पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने बताया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम में स्ट्रैंगुलेशन मार्क के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया गया था, लेकिन गांधी मेडिकल कॉलेज की नई जांच ने फांसी की पुष्टि की. पुलिस अब इस मामले में खात्मा रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी में है.  SIT की जांच ने अलका जैन को राहत दी, लेकिन कई सवाल अब भी हवा में हैं:- – यदि SIT की जांच सही है तो POLICE की पहली जांच रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई थी ? – पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इतना बड़ा बदलाव कैसे आया ? – 14 साल के अभ्युदय जैन ने फांसी क्यों लगाई ? – 58 दिनों से जेल में मां अलका जैन और पति अनुपम जैन को क्या वाकई में न्याय मिल पाया ? – पुलिस ने जांच में इतनी जल्दबाजी क्यों की थी ?  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से किया संवाद, नगर निगम की सेवाओं का घर बैठे मिलेगा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नगर पालिक निगम रीवा द्वारा निर्मित माय रीवा सिटीजन ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप नागरिकों की सेवा में एक स्मार्ट पहल है, जिसके माध्यम से रीवा के नागरिक नगर निगम की सेवाओं से जुड़कर घर बैठे आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा माय रीवा सिटीजन ऐप से संबंधित निर्मित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर जिले के विकास में सहभागी बनने का आहवान किया। माय रीवा सिटीजन ऐप में शिकायत पंजीकरण, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, नाली, सड़क, सीवरेज, पेयजल सहित सेवा ट्रैकिंग और समाधान स्थिति को देखा जा सकेगा। इसके माध्यम से आमजन सुझाव, फीडबैक प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, सम्पत्तिकर, जलकर भुगतान, अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं ई-चालान सहित अन्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप में शिकायत के साथ फोटो अपलोड करने, गूगल मैप आधारित स्थान चिन्हांकन, वन-स्टाप प्लेटफार्म में शिकायतों, सेवाएँ, सरल एवं पारदर्शी इंटरफेस, डैशबोर्ड तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण आदि की सुविधा भी रहेगी। नवीन विश्राम गृह का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा प्रवास के दौरान राजनिवास सर्किट हाउस परिसर में नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। इंडो-यूरोपियन शैली में पुर्नघनत्वीकरण योजना से 656.45 लाख रूपये की लागत से निर्मित विश्राम गृह सभी आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नवनिर्मित विश्राम गृह का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन सर्किट हाउस रीवा के लिए बड़ी सौगात है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन विश्राम करने वालों को सुखद अनुभूति देगा। उन्होंने नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण के उपरांत सर्किट हाउस का अवलोकन किया और बेहतर निर्माण की प्रशंसा की। पुर्नघनत्वीकरण योजना में म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा 2200 वर्ग मीटर में नवनिर्मित विश्राम गृह में 6 स्विट रूम के साथ एक वेंटिंग एरिया, 24 सीटर मीटिंग हॉल, ड्राइंग रूम, 14 सीटर डायनिंग एरिया आदि शामिल हैं। भवन में लिफ्ट एवं अग्निशमक यंत्र का भी प्रावधान किया गया है। इस अवसर सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कमिश्नर श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे।

पद्मश्री डॉ. वाकणकर की जयंती पर व्याख्यान-माला का आयोजन, डॉ. वाकणकर के योगदान पर हुई चर्चा, चित्रकला प्रदर्शनी भी लगी

भोपाल पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने न सिर्फ पुरातत्व और चित्रकला के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली शासन काल की विशेषताओं को सामने लाने का कार्य भी किया। यह बात विक्रमादित्य शोध पीठ, उज्जैन के पूर्व निदेशक, पद्मश्री भगवतीलाल राजपुरोहित ने प्रो. वाकणकर की जयंती पर आयेाजित व्याख्यान-माला के अवसर पर कही। यह आयोजन रविवार को डॉ. वाकणकर शोध संस्थान, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा स्टेट म्यूजियम में हुआ। कार्यक्रम में चित्रकला स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। पद्मश्री प्रो. राजपुरोहित ने कहा कि डॉ. वाकणकर ने पं. सूर्यनारायण व्यास, प्रो. सुमन और अन्य विद्वानों द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से जन-सामान्य को अवगत करवाने की परम्परा का निर्वहन किया। इस क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, जिन्होंने वर्ष 2007  से उज्जैन में विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के नाते विक्रमोत्सव का आयोजन प्रारंभ करवाया। उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन की शुरूआत और बाद में अनेक प्रदर्शनों की उपलब्धि का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. यादव के प्रयासों से नई दिल्ली में भी महानाट्य के तीन सफल मंचन संपन्न हुए।  कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के आठवें टाइगर रिजर्व का नामकरण डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर कर उन्हें यथोचित सम्मान दिया है। व्याख्यान-माला में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व अध्ययन शाला के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम दुबे ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अतीत के अध्ययन से वर्तमान की समस्याओं का समाधान प्राप्त करती है। डॉ. वाकणकर ने विक्रम संवत् प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की सील (मुद्रांक) को सामने लाकर महत्वपूर्ण शोध का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने भीमबैठका के शैलचित्रों की खोज एवं लुप्त सरस्वती नदी के प्रवाह की गुजरात में खोज कर सैंधव सरस्वती सभ्यता के तथ्य को प्रकाश में लाने का भी कार्य किया। प्रो. दुबे ने अपने उद्बोधन में ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इतिहास लेखन की प्रवृत्तियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुरातत्व संचालनालय की ओर से अतिथियों का सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री जस्टिस सूर्य कांत, श्री जस्टिस जे. के. माहेश्वरी एवं श्री जस्टिस एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस सुरेश कुमार कैत, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश श्री जस्टिस संजीव सचदेवा एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह मौजूद थे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर के समीप बनने वाले लॉयर्स चेम्बर एवं मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। समारोह में एमपी स्टेट बार कॉउंसिल के चेयरमेन श्री राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, हाईकोट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री डी. के. जैन, मध्यप्रदेश स्टेट बार कॉउंसिल के उपाध्यक्ष श्री आर. के. सिंह सेनी एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धरमिन्दर सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे। इसके पहले समारोह स्थल पहुंचने पर महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जनप्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जबलपुर सर्किट हाउस में विधायक श्री अशोक रोहाणी एवं श्री नीरज सिंह और श्री रत्नेश सोनकर ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती प्रीति यादव एवं अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।  

दीक्षांत समारोह: स्वर्ण पदक से 122 एवं शोध उपाधियों से 33 विद्यार्थी सम्मानित

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संगीत हमेशा ही मन को भाता है। मनुष्य की हर उम्र में संगीत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्यपाल श्री पटेल ने रविवार को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूरामबामनिया ने की। इस मौके पर वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. किरण देशपाण्डे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय भारतीय संगीत को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। महाविद्यालय के अनेकों छात्रों ने संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं को अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना चाहिए। संगीत विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के बाद जिन छात्रों को पुरस्कृत किया गया है वे अपने जीवन में संगीत के माध्यम से देश विकास में अपना सहयोग करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वरिष्ठ तबला वादक प्रो. किरण देशपाण्डे के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए। वे जिस प्रकार से 87 वर्ष की उम्र में भी तबला वादन कर रहे हैं, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार क्रिकेट में खिलाड़ी शतक लगाते हैं, उसी प्रकार प्रो. देशपाण्डे भी अपनी उम्र का शतक लगाएँ, यह हम सबकी कामना है। पद्मश्री कालूराम बामनिया के गायन और प्रो. पं. किरण देशपाण्डे के वादन की हुई प्रस्तुतियां दीक्षांत समारोह में वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षाविद् प्रो. पं. किरण देशपाण्डे ने कहा कि उनका तबला वादन विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट उपाधि से सम्मानित किए जाने के प्रति धन्यवाद ज्ञापन हैं। समारोह में कबीर लोक भजन गायक पद्मश्री कालूराम बामनिया ने जीवन में गुरू की महत्ता पर भजन की प्रस्तुतियां दी। जनजाति नृत्य की हुई प्रस्तुति दीक्षांत समारोह में संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सहरिया जनजाति नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को कार्यक्रम के प्रारंभ में शोभा यात्रा निकालकर मंच तक लाया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे ने अतिथियों का स्वागत कर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. राकेश कुशवाह सहित साधारण परिषद, कार्य परिषद एवं विद्यार्थी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet