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नाबालिग बच्चों से मार पीट करने वाले सागर सांसद के प्रतिनिधि व अन्य पर कड़ी कार्रवाई हुई

सागर बीना में नाबालिग बच्चों को बेरहमी से पीटने वाले सागर सांसद के प्रतिनिधि व अन्य पर कड़ी कार्रवाई हुई है. सागर सांसद लता वानखेडे़ ने सख्ती बरतते हुए अपने सभी प्रतिनिधियों को एक झटके में हटा दिया है. उन्होंने सागर और विदिशा कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर तत्काल प्रभाव से सभी प्रतिनिधियों को कार्य मुक्त करने को कहा है. हालांकि, इसमें उन्होंने वजह प्रदेश संगठन से चर्चा और संगठनात्मक सुधार को वजह बताया है. वहीं, माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के पीछे की प्रमुख वजह बीना सांसद प्रतिनिधि संतोष ठाकुर पर लगे आरोप हैं कि उन्होंने नाबालिग बच्चों से मारपीट की है. क्या है सांसद प्रतिनिध का मामला? दरअसल, शनिवार रात को बीना थाना अंतर्गत नौगांव में एक 17 साल के नाबालिग को तीन आरोपियों ने लाठी डंडे से बुरी तरह पीटा. बीच बचाव करने आई नाबालिग की चचेरी बहन के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और दोनों को बेसुध होने तक पीटते रहे. इस मारपीट में सांसद प्रतिनिधि भी शामिल था.जब नाबालिगों के परिजन वहीं पहुंचे, तो सांसद प्रतिनिधि वहां से भाग गया. बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया, ” इस मामले में नाबालिगों की रिपोर्ट पर संतोष ठाकुर,गोलू ठाकुर, हरीसिंह ठाकुर, किट्टू ठाकुर और भोला ठाकुर पर मामला दर्ज किया गया है.” सागर सांसद ने की पीड़ितों से मुलाकात, फिर लिया एक्शन सांसद प्रतिनिधि द्वारा नाबालिगों से मारपीट के बाद जमकर किरकिरी होने पर सांसद लता वानखेड़े खुद बुंदेलखंड मेडिकल काॅलेज पहुंचीं. यहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती नाबालिगों से मिलकर उनका हालचाल जाना और घटनाक्रम की भी जानकारी ली. इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने सभी प्रतिनिधियों को हटाने का फैसला किया और तत्काल सागर और विदिशा जिला कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर सभी सांसद प्रतिनिधियों को सौंपे गए दायित्व से मुक्त करने को कहा.

मुख्यमंत्री ने विश्व पृथ्वी दिवस पर नागरिकों से की अपील, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए संकल्पित हो

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए संकल्पित होने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि “यस्यां समुद्र उत सिन्धुरापो यस्यामन्नं कृष्टयः संबभूवुः। यस्यामिदं जिन्वति प्राणदेजत्सा नो भूमिः पूर्वपेये दधातु॥” यह वैदिक मंत्र पृथ्वी की महानता और सबके लिए उसके पोषक स्वरूप का भान कराता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक पौध-रोपण करें और पृथ्वी को हरा-भरा व सुंदर बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमारी जननी है, इसका संरक्षण हमारा धर्म है। आइए, हम सब मिलकर हमारी अपनी धरती को फिर से हरियाली से भर दें।  

सीवेज लाइन बिछाने के काम में कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए: मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने  नरेला विधानसभा क्षेत्र के समस्त 17 वार्डों के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नरेला क्षेत्र में लगभग 268 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक घरों को सीवेज सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व वार्डवार सर्वे कर, प्रत्येक घर, गली और नाली की सटीक मैपिंग की जाए ताकि कार्ययोजना वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रत्येक कॉलोनी में एक बार में अधिकतम 200 मीटर क्षेत्र में ही खुदाई की जाए। आईटी तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करें मंत्री विश्वास सारंग ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान GI टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए ताकि क्षेत्र का सटीक डिजिटल डेटा तैयार हो सके। साथ ही, उन्होंने एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे नागरिकों को कार्य की प्रगति की जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो कार्य बैठक में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर घर में चैंबर बनाया जाये साथ ही दो वार्डों के मध्य एक पंप स्टेशन बनाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नरेला विधानसभा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगी।

बड़ा हादसा : महादेव घाट पुल पर तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सूखी नदी में गिरी, 6 लोगों की मौत

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित महादेव घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां सड़क पर दौड़ती तेज रफ्तार बोलेरो जीप महादेव घाट के पुल पर अनियंत्रित होकर पलटी और सीधे करीब 50 फीट नीचे आ गिरी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में वाहन में सवार 6 से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को दमोह जिला अस्पताल एवं जबेरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया जा रहा है। इनमें से कुछ को जबलपुर भी रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।  दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार चौकी के समीप महादेव पुल घाट के पास ये हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि, तेज रफ्तार दौड़ती बेलोरो जीप अनियंत्रित होकर पलटी, फिर पुल से नीचे आ गिरी, जिससे जीप सवार करीब 6 से 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि, इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, वाहन तेज गति से आ रहा था, जिसे बोलेरो वाहन चालक पुल पर नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन पुल से नीचे सूखी नदी में आ गिरा। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पुल से नीचे गिरी बोलेरो जीप पूरी तरह से चकनातूर हो गई है। जीप में दबने से यात्रियों की मौत जीप के उसके चारों पहिए ऊपर हो गए तथा सवारियां उसी के नीचे दब गईं। घटना में 6 से 7 लोगों की मृत्यु होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने वाहन को पलटते देखा तो तुरंत ही घटना की सूचना पुलिस को दी तथा स्वयं घायलों को बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार, थाना प्रभारी नोहटा और वनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। घायलों का रेस्क्यू कर उपचार के लिए रवाना कर दिया गया है। जबकि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार यात्री जबलपुर जिले के बेलखेड़ा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

बाइक वाले को बचाने के प्रयास में पिकअप ड्राइवर ने खोया नियंत्रण, 5 बारातियों की दर्दनाक मौत

शहडोल  शहडोल जिले के बाणसागर थाने के अंतर्गत एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. जहां एक पिकअप पलट गई. जिससे 5 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस घटना की जानकारी लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया. दरअसल, सीधी जिले के मड़वास से बैगा परिवार की बारात शहडोल जिले के करौंदिया गांव में आई थी. विवाह कार्यक्रम संपन्न हो जाने के बाद पिकअप में सवार हो बाराती वापस जा रहे थे. जब पिकअप गड़ा करौंदिया मार्ग पर पहुंची, तभी पिकअप के सामने एक बाइक सवार आ गया. जिसे बचाने के चक्कर में पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई. पिकअप पलटते ही 5 बारातियों की दबकर मौत हो गई. जबकि कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. संबंधित थाने की पुलिस ने बताया कि शहडोल में बारातियों से भरी पिकअप पलट गई. जिसमें 5 लोगों की दबकर मौत हो गई. बारात सीधी जिले से शहडोल आई थी.  

फिल्म से सीखा नकली नोट छापना, मास्टरमाइंड निकला 8वीं पास, 5 गिरफ्तार, मास्टर चाबी ने खोला राज

इंदौर इंदौर के एक होटल के कमरे में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे। खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था। छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू (25) आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारका (गुजरात) के मयूर चम्पा (25) से हुई, जिसने फिल्म ‘फर्जी’ देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया सोचा था। मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था। सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान (32), प्रफुल्ल कोरी (19) जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु (30) और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया (42) भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए। जल्दी अमीर बनना चाहते थे डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 13 अप्रैल को सूचना मिली कि इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जल्दी अमीर बनने की नीयत से उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल में छिपकर नकली नोट छापने का ठिकाना बनाया था। इन्हें अपने अन्य साथियों के माध्यम से बाजार में खपाने की योजना बना रखी थी। केस दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। ‘मास्टर की’ ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने  बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि यदि क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह गैंग नकली नोटों को बड़े पैमाने पर बाजार में चला देता।

पति पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका, कोर्ट-भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं

इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध (Unnatural sexual relations) बनाने के आरोप से एक पति को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले में दो महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी में कहा हैं भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं है। ये एक विशेष मामलों का फैसला रिपोर्ट में कोर्ट (MP High Court) ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं मिलने की बात कही है। कोर्ट का कहना हैं कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिस पर भारत में लगातार बहस हो रही है। यह फैसला भारतीय कानून (Indian law) में सहमति और अप्राकृतिक यौन संबंधों की परिभाषा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक विशेष मामले का फैसला है। सह​मति से सेक्स IPC में नहीं कोर्ट ने कहा कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी सेक्स बलात्कार नहीं होगा। यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के दायरे में नहीं आता। यह धारा, जो पहले समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता था। दहेज प्रताड़ना का भी था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी का आरोप है कि उसके साथ पति ने क्रूरता की। दहेज की मांग की। अप्राकृतिक सेक्स किया। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। जिला कोर्ट ने भी कर दिया बरी 3 फरवरी 2024 को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र की अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक सेक्स के आरोप से बरी किया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से कहा गया कि पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद पति को आरोप से मुक्त कर दिया, जो कानून की दृष्टि से गलत है। जिला कोर्ट ने भी कर दिया था बरी, फिर पत्नी हाईकोर्ट पहुंची उच्च न्यायालय का रुख करने वाली महिला के पति को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य के आरोप से तीन फरवरी 2024 को बरी कर दिया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से उच्च न्यायालय में कहा गया कि पर्याप्त सबूत के बावजूद निचली अदालत ने पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत लगाए गए आरोप से मुक्त कर दिया जो कानून की दृष्टि से गलत है। महिला ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि निचली अदालत के इस आदेश को रद्द किया जाए। पति के वकील ने कहा पत्नी से संबंध बनाना धारा 377 के तहत अपराध नहीं महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील पेश की कि शीर्ष अदालत भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को ‘असंवैधानिक’ घोषित कर चुकी है। महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में बहस के दौरान यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत ‘‘बलात्कार’’ की संशोधित परिभाषा के अनुसार वैवाहिक संबंध बरकरार रहने के दौरान पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जाता है। कोर्ट ने कहा- आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं पक्षकारों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति और पत्नी के बीच अप्राकृतिक यौन संबंध के पहलू पर विचार-विमर्श करने वाले कुछ निर्णयों का उल्लेख किया और IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा का उल्लेख किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि आज तक आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं दी गई। न्यायालय ने मनीष साहू पुत्र ओंकार प्रसाद साहू बनाम मध्य प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें यह देखा गया। हालांकि, यह न्यायालय IPC की धारा 375 के तहत परिभाषित बलात्कार की संशोधित परिभाषा पर विचार करने के बाद पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुंच चुका है कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं होगी। इसलिए IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर, जिसके द्वारा एक महिला के गुदा में लिंग का प्रवेश भी बलात्कार की परिभाषा में शामिल किया गया। पति द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है तो इन परिस्थितियों में अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति का अभाव अपना महत्व खो देता है। वैवाहिक बलात्कार को अब तक मान्यता नहीं दी गई। IPC की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का भी लगाया था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके साथ क्रूरता की गई दहेज की मांग की गई और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए गए। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य और गीत) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई।

ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. की देश में केन्द्रीय स्थिति का लाभ उठाएं निवेशक, हितों का ध्यान रखेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरसंचार असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र, प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में करेंगे पूरा सहयोग ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां करेंगी निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर निवेशकों से की चर्चा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है। टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केन्द्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है। निवेशक राज्य की देश में केन्द्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं। टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं। हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रही है। इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी। निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी। निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है। यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे। टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी। इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला, केन्द्रीय दूरसंचार विभाग के डीडीजी अनिल भारद्वाज, डॉयरेक्टर गणेश चंद्रा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ सुदाम खाड़े सहित टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक कम्पनी डिक्सन के अध्यक्ष अतुल बी. लाल, टीईएमए के चेयरमेन प्रो. एन.के. गोयल, तेजस के सीईओ एण्ड एमडी आनंद अथरेया, वीवीडीएन के जितेंद्र सिंह, वीवीडीएन के राजीव जैन, एनआईसीडीसी के विनय मिश्रा, आईसीईए के डॉ. आशीष शुखिया, इरिक्सन के अश्विनी पत्कुर, एमपीआईडीसी के ग्वालियर रीजन के ईडी प्रतुल सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के उत्तरोत्तर विकास के लिए विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया। उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था। गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया। प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई। निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे। साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है। साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस वे भी बनाया जाना संभावित है। इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी। इससे कम्पनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा। साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है। इससे आगरा-मुम्बई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है। इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित … Read more

सीधी में बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री के पार, इंदौर-ग्वालियर और रीवा संभाग में लू का अलर्ट; जानें अपने शहर का मौसम

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी रीवा और सागर संभाग में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। खासकर, सीधी, सतना, सिंगरौली, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले सर्वाधिक गर्म रहे। सोमवार को सीधी जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। जबकि, एमपी के 27 शहरों में यह 40 डिग्री या इससे अधिक है। मंगलवार को भी इंदौर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में तेज धूप है। यहां हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने इंदौर, ग्वालियर, रीवा और चंबल संभाग के 9 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। जबकि, भोपाल, उज्जैन, सागर और जबलपुर संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में हीटवेव चल सकती हैं। 9 जिलों में 42 डिग्री के पार पारा भोपाल में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री से 0.5 डिग्री लुढ़ककर 40.1 डिग्री पर रहा। दिन में 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलीं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तेज हवा के चलते तपिश कम थी। जबकि, रात के तापमान में अपेक्षाकृत 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।   अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया कि मंगलवार का राजस्थान-गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में अगले पांच दिन तापमान में बढ़ोतरी संभव है। प्रदेश के 9 सबसे गर्म शहर     सीधी 44.6     सतना 43.6     टीकमगढ़ 3.5     नौगांव 43.2     रीवा 43.0     दमोह 42.5     मंडला 42.5     शिवपुरी 42.2     उमरिया 42.1 अगले 3 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?     23 अप्रैल: मंदसौर नीमच अलीराजपुर बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी।     24 अप्रैल: मंदसौर नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव चलेंगी। अन्य जिलों में भी गर्मी पड़ेगी।     25 अप्रैल: मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी पड़ सकती है। गर्म हवाएं चलने की वजह से सीधी में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले रविवार को यहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया था। सीधी के बाद सतना और टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सतना में 43.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 43.5 डिग्री, नौगांव में 43.2 डिग्री, रीवा में 43 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, शिवपुरी, उमरिया, मलाजखंड, सागर, खरगोन, खजुराहो, सिवनी, नरसिंहपुर, गुना, रतलाम, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा, बैतूल, धार और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी रही। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में पारा सबसे ज्यादा 41.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 40.7 डिग्री, भोपाल में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और इंदौर में पारा 39.6 डिग्री रहा। पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा। मंगलवार को लू का अलर्ट भी है।  

रेलवे के भोपाल मंडल ने जारी किया विशेष नंबर, संदेश सुरक्षित रहेगा और सही समय पर पहुंचेगा

भोपाल लोको पायलट  ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस वजह से कई बार उनके स्वजन आपातकाल में भी उनसे संपर्क नहीं कर पाते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने एक नई पहल की है। अब रनिंग स्टाफ के परिजन इमरजेंसी स्थिति में विशेष फोन सुविधा के जरिए अपना संदेश कंट्रोल रूम को बताएंगे। कंट्रोल रूम वॉकी टॉकी के माध्यम से यह सूचना संबंधित कर्मचारी तक पहुंचाएगा। (बड़ी संख्या में महिला लोको पायलट भी सेवाएं दे रही हैं।) पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल में सुविधा     रेलवे अब प्रत्येक जोन और मंडल स्तर पर एक विशेष इमरजेंसी नंबर शुरू कर रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल ने इस सुविधा को लागू किया है। भोपाल मंडल में इसका हेल्पलाइन नंबर 07552470031 है, जो सभी रनिंग स्टाफ और उनके परिवारों को उपलब्ध कराया गया है।     बताया गया है कि कोई जरूरी बात बताने के लिए इस नंबर पर बात कर संदेश छोड़ा जा सकता है। रेलवे ने इस प्रक्रिया को इस प्रकार डिजाइन किया है कि संदेश सुरक्षित और समय पर संबंधित लोको पायलट तक पहुंचे।     इसके लिए रनिंग स्टाफ की ड्यूटी और वर्तमान लोकेशन से जुड़े डेटा का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सही व्यक्ति तक संपर्क साधना आसान हो सके। इस तरह पहुंचेगा संदेश यह कॉल संबंधित कंट्रोल ऑफिस तक में दर्ज की जाएगी। संबंधित स्टेशन मास्टर या कंट्रोल अधिकारी उस संदेश को लोको पायलट तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। संदेश अगले पड़ाव स्टेशन पर या ट्रेन के ब्रेक प्वाइंट पर मौजूद अधिकारी द्वारा लोको पायलट को व्यक्तिगत रूप से दिया जाएगा।     हमारे लोको पायलट और गार्ड रनिंग ड्यूटी में होते हैं, जहां उनका नेटवर्क बंद रहता है। ऐसे में उनके परिवार को कोई संदेश देने में परेशानी होती है। इस आपातकालीन नंबर के जरिये ऐसे जरूरी संदेश उन तक आसानी से पहुंच जाएंगे। इससे उनकी मानसिक शांति भी बनी रहेगी। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल  

मुख्यमंत्री ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय परिसम्पत्तियों का विक्रय ही एकमात्र विकल्प नहीं है। परिसम्पत्तियों का शासन के हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों का अभिलेखीकरण कर लें जिससे आवश्यकता अनुसार इनका उन्नयन कर विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों को बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ भी जोड़ें ताकि शासन को ऐसे सम्पत्तियों का भी लाभ हो। बेहतर होगा कि ऐसे परिसम्पत्तियों को युक्तियुक्तकरण के जरिए समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक परिसंम्पत्ति प्रबंधन विभाग अकेले ही परिसम्पत्तियों के निर्वतन या नीलामी पर निर्णय न ले। राजस्व, धर्मस्व, विधि-विधायी विभाग के साथ समन्वय कर परिसम्पत्तियों के मामलों का समुचित समाधान किया जाये। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा से वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक परिसम्पत्ति विभाग अनिरूद्ध मुखर्जी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन में नवाचार किए जाएं। राज्य के बाहर शासन के स्वामित्व वाली परिसम्पत्तियों का प्राथमिकता से प्रबंधन/निर्वतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोकेशन में मौजूद शासकीय परिसम्पत्तियों का यथासंभव शासन के हित में ही नियोजन किया जाए। इसके लिए सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर उस पर विधिवत अमल किया जाये। किसी मसले पर कानूनी राय की आवश्यकता है तो विधि एवं विधायी विभाग से अभिमत लेकर ही आगे की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी लोकेशन में मौजूद सम्पत्ति पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को देने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के गठन से लेकर अब तक 655 लोक परिसम्पित्तयां विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें जिलों द्वारा 471 एवं विभिन्न विभागों द्वारा 184 परिसम्पत्तियों को दर्ज किया गया है। कुल दर्ज की गई परिसम्पत्तियों में जिला/विभाग को 505 परिसम्पत्तियां वापस सौंपी गई है और 101 परिसम्पत्तियों का मुद्रीकरण, 48 परिसम्पत्तियों का प्रबंधन किया गया। एक परिसम्पत्ति के प्रबंधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  

मंत्री पटेल ने ग्राम कावेश्वर में 50 लाख के सामुदायिक भवन की दी सौगात

मंत्री पटेल जल गंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में हुए शामिल मंत्री पटेल ने नर्मदा की सहायक कावेरी नदी के उद्गम स्थल में की पूजा-अर्चना मंत्री पटेल ने ग्राम कावेश्वर में 50 लाख के सामुदायिक भवन की दी सौगात भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने खंडवा विकासखंड के ग्राम कावेश्वर में शिवजी के मंदिर में दर्शन कर जलाभिषेक किया। महाराज दयालगिरी का आशीर्वाद लेकर उन्हें शॉल-श्रीफल भेंट किया। मंत्री पटेल ने नर्मदा की सहायक नदी कावेरी के उद्गम स्थल में पूजा-अर्चना कर श्रीफल अर्पित कर माता को चुनरी चढ़ाई। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत श्रमदान भी किया। मंत्री पटेल ने कहा कि संगम चाहे नदियों का हो, चाहे वृक्षों का हो, वो जीवन देता है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाकर प्रकृति की रक्षा करें। वन को बचाना है तो वनवासियों की तरह सोचना होगा। कावेरी के उद्गम स्थल पर आते ही अलग ही उर्जा की अनुभूति होती है। वृक्ष ही जल का स्त्रोत है, वृक्ष अधिक से अधिक लगाएं। मंत्री पटेल ने कावेश्वर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री पटेल ने कहा कि मैंने पौध-रोपण के परिणामों को देखा, हम पौधा लगाते हैं लेकिन उन्हें वृक्ष नहीं बना पाते। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं, वैसे ही वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है, इसके लिए भी योगदान दें। मंत्री पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में 30 मार्च से उद्गम स्थल पर जाना शुरू किया है। मैं आठवीं नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर स्वयं को सौभाग्यशाली अनुभूत कर रहा हूँ। मैंने संकल्प लिया है कि तीन महीने में मध्यप्रदेश से निकलने वाली नदियों के उदगम स्थल पर एक बार स्वयं जाकर देखूँगा और जल संवर्धन का कार्य करूँगा। कार्यक्रम में खंडवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिव्यादित्य शाह सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।  

हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो: मंत्री पटेल

गाँव स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बने इसके लिए पंच-सरपंच बेहतर कार्य करें: मंत्री पटेल पंचायतीराज की जो सामुदायिक परिकल्पना है, वह हमारी परंपराओं और हमारे पंच परमेश्वर के दर्शन में है: मंत्री पटेल हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो: मंत्री पटेल पंच-सरपंच सम्मेलन उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को पंच-सरपंच उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मौजूद थे। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतीराज की कल्पना भारत में ही की गई थी। इसे महात्मा गाँधी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, राम मनोहर लोहिया इन 3 भारतीय विचारकों ने भारतीय राजनीति में दिशा देने का कार्य किया। पंचायतीराज की जो सामुदायिक परिकल्पना है, वह हमारी परंपराओं और हमारे पंच परमेश्वर के दर्शन में है। हमारी पंचायत व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो आत्मनिर्भर व स्वावलंबी हो। उन्होंने कहा कि लोहिया ने कहा जाति की श्रृंखला तोड़ देनी चाहिए। समाज के हर व्यक्ति को बराबर का दर्जा होना चाहिए। उन्होंने पंच-सरपंचों से कहा कि आप अपनी ग्राम पंचायतों के सर्वे-सर्वा हो, यह गांव आपका है। आपको अपने तरीके से सोचना होगा, आपके पास पैसे की कमी नहीं है। पैसे का उपयोग कैसे करेंगे यह आपको सोचना होगा। इससे आपका और आपकी ग्राम पंचायतों का भविष्य बेहतर होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को अपने संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। सभी पंचायतों में सामुदायिकता का भाव होना चाहिए और पंचायतों के लिए पाँच वर्ष के लिए कौन-से कार्य करना है यह सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब, सड़क, बांध तकनीक को ध्यान में रखकर बनाए जाए। पंचायतों में बेहतर रिकॉर्ड रखने का कार्य दूसरी संस्था नहीं कर सकती है। मंत्री पटेल ने कहा कि नये पंचायत भवन 3 मंजिला बनाये जा रहे हैं, जिसे ग्राम पंचायत द्वारा ही बनाया जाएगा। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायती राज के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान सफल होगा, जहाँ नदियों का संगम होगा। हम अपने बच्चों को बचपन से लेकर बड़े होने तक संरक्षण देते हैं। वृक्ष भी हमारे बच्चों को जीवन देने वाला है, इसलिए उसकी सुरक्षा के लिए भी अपना योगदान दें। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मंत्री पटेल के मार्गदर्शन में पंचायतों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की 07 ग्राम पंचायत बिल्लौद माल, ग्राम पंचायत उण्डेल माल, ग्राम पंचायत कालमुखी, ग्राम पंचायत सेमल्या, ग्राम पंचायत चिचगोहन, ग्राम पंचायत नर्मदानगर, ग्राम पंचायत गोगईपुर को उत्कृष्ट कार्य करने पर माननीय मंत्री पटेल द्वारा सरपंचों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री विजय शाह द्वारा बाँस के द्वारा बनी कलाकृति मंत्री पटेल को भेंट की। कार्यक्रम में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक श्रीमति कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमति छाया मोरे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, महापौर श्रीमति अमृता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पिंकी वानखेड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिव्यदित्य शाह सहित जनप्रतिनिधि अधिकारी मौजूद थे।  

‘अमृत 2.0 योजना’: नरेला विधानसभा में सीवेज नेटवर्क का होगा विस्तार

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र के सभी 17 वार्डों के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत 2.0 योजना में नरेला क्षेत्र में लगभग 268 किलोमीटर लंबी सीवेज लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक घरों को सीवेज सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ करने से पहले वार्डवार सर्वे कर, प्रत्येक घर, गली और नाली की सटीक मैपिंग की जाए, जिससे कार्ययोजना वैज्ञानिक ढंग से तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खुदाई कार्यों के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, प्रत्येक कॉलोनी में एक बार में अधिकतम 200 मीटर क्षेत्र में ही खुदाई की जाए। आईटी तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करें मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण के दौरान जीआई टैगिंग तकनीक का उपयोग किया जाए जिससे क्षेत्र का सटीक डिजिटल डेटा तैयार हो सके। उन्होंने एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे नागरिकों को कार्य की प्रगति की जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित समयावधि में पूरा हो कार्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हर घर में चैंबर बनाया जाये. साथ ही दो वार्डों के मध्य एक पंप स्टेशन बनाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह योजना नरेला विधानसभा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगी।

मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान को बनायें सफल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है। इस अभियान में नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ चलाई जा रही है। इनमें नदी तटों की सफाई, वृक्षारोपण, जल संचयन और औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण की पहल की जा रही है। साथ ही नागरिकों को जल की महत्ता और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि से लेकर आम नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया है कि जल संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है, एकजुट होकर अभियान को सफल बनायें। नगरीय प्रशासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिण्डोरी जिले की शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में शामिल हुई। मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने सिलगी नदी के तट पर जल संवर्धन का सन्देश देते हुए, जनप्रतिनिधियों और अधिकारीगण के साथ सिलगी नदी की स्वच्छता के लिए सफाई कार्य में सहभागिता की। जल संरक्षण केवल अभियान तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, यह एक सतत प्रक्रिया है। इसमें शासन प्रशासन की भूमिका के साथ ही हम सभी का सहयोग आवश्यक है। जलदूत बनने के लिए माय भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं उमरिया जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत माय भारत पोर्टल पर वॉलंटियर जलदूत के लिए पंजीयन करायें। उन्होंने कहा कि माय भारत पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन कर जलदूत बने। उन्होंने बताया कि पंजीयन के लिए माय भारत पोर्टल की लिंक पर क्लिक कर नाम, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक जानकारी भरें। सबमिट बटन पर क्लिक करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जल गंगा संवर्धन अभियान में योगदान दें। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जनमानस ने किया श्रमदान शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पड़मनियां के बड़का तालाब में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल के एक-एक बूंद को सहेजने के लिए सफाई कार्य तथा तालाब के किनारे से गाद भी निकाली गई। इसमें कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेंद्र धुर्वे सहित अन्य लोगों बढ़ चढ़कर सहभागिता निभाते हुए श्रमदान किया। “अपनी मिट्टी अपना जल’’ संरक्षित करने के लिये युवा टीम ने किया बोरी बंधान उमरिया जिले में नवाचार करते हुए “अपनी मिट्टी अपना जल’’ के अंतर्गत बोरी बंधान का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम के द्वारा ग्राम पंचायत उचेहरा की नदी में बोरी बंधान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने कहा कि बोरी बंधान हो जाने पर वाटर लेबल बढ़ेगा। साथ ही पेयजल संकट से भी मुक्ति मिलेगी, पानी को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है। देवास जिले में जल गंगा अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके साथ ही वृक्षारोपण एवं नदियों को साफ-स्वच्छ करने का भी अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान में गर्मी को देखते हुए देवास जिले की नगरीय निकाय पीपलरावां एवं करनावद में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई। इन सार्वजनिक प्याऊ की पहल से आमजनों, पथिकों, यात्रियों आदि को गर्मी के दौरान शीतल पेयजल मिल रहा है। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई है। इन प्याऊ के माध्यम से राहगीरों के सूखे कंठ की प्यास बुझेगी।  

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