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अपराधियों और माफिया का बोलबाला, सीएम सैनी और उनकी सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई: रणदीप सिंह सुरजेवाला

नई दिल्ली  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कानून-व्यवस्था को लेकर हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार पर बुधवार को हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है और आम जनता भय के साए में जीने को मजबूर है। सुरजेवाला ने हरियाणा की छवि को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज राज्य एक ऐसे क्षेत्र के रूप में जाना जा रहा है, जहां अपराध, माफिया राज, गुंडागर्दी, गैंगस्टरों का बोलबाला, लचर पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता ने आम लोगों के जीवन को खौफ से भर दिया है। ऐसे में सरकार को तत्काल प्रभाव से कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में संगठित अपराध और अराजकता का केंद्र बन गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हरियाणा की जनता को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता नहीं है? उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बीजेपी का काम, अपराधी सरेआम! हरियाणा में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। शायद ही कोई दिन गुजरता हो, जब कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं घटती। आज हरियाणा की छवि एक ऐसे राज्य की बन गई है, जहां अपराध, माफिया राज, गुंडे, बदमाश, गैंगस्टर्स, लचर पुलिस व्यवस्था, प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण आम लोगों का जीवन अब खौफ के साए में है।” उन्होंने लिखा कि हरियाणा की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। दिनदहाड़े हत्या, सरेआम रंगदारी, धमकी के साथ भाजपा के शासन में माफिया राज कर रहे हैं। गैंगस्टरों के हाथों में हरियाणा की सुरक्षा आज खतरे में है, यहां तक की जेल आज गैंगस्टर के ऑफिस बन गए हैं। हरियाणा में अपराध हाईटेक हो गया है। विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर गुर्गे अपराध को अंजाम दे रहे हैं, सोशल मीडिया के जरिए खौफ फैलाने की साजिश, फिरौती और वसूली सैनी सरकार में सबसे बड़ा धंधा बन गया है।

भोपाल कांग्रेस ने बुलाई बड़ी अहम बैठक, चले लात-घूंसे, जिला अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर टकराव

 भोपाल   कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत मंगलवार को कांग्रेसियों में अचानक मारपीट शुरू हो गई। असल में एआईसीसी के पर्यवेक्षक भोपाल आए हुए हैं। वे यहां विधानसभा स्तर पर बैठकें कर जिलाध्यक्ष के दावेदारों से चर्चा कर रहे हैं। मंगलवार की शाम को भी यही कम चल रहा था, इसी बीच कांग्रेसी भिड़ गए। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ।  बताया जा रहा कि यह घमासान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई बड़े और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे। एक दूसरे पर किया केस घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह हंगामा कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के समर्थकों के बीच हुआ. दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई. मारपीट और गाली-गलौज की इस घटना ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बैठक में AICC पर्यवेक्षक यशोमति ठाकुर सहित कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता मौजूद थे, जो भोपाल जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में व्यस्त थे. इस दौरान बाहर हुए इस हंगामे ने पार्टी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी.  घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दिए. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना पर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर तंज कसा. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा, “कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता? भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है. जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई. आरोप लगा कि साजिद अली ने चुनाव में BJP का समर्थन किया- जवाब मिला, “बैठक में देशभक्तों की जरूरत नहीं.” फिर क्या था — बहस, धक्का-मुक्की और कुर्सियां चलने लगीं! अब समझ आया कि कांग्रेस में मन की बात नहीं, मुक्कों की बात होती है. अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए….”  बता दें कि ‘संगठन सृजन अभियान’ का शुभारंभ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते 3 जून को भोपाल दौरे के दौरान किया था. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 61 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी की स्थिति का आकलन कर रहे हैं. लेकिन इस तरह की घटनाएं पार्टी की आंतरिक कलह को उजागर कर रही हैं. भाजपा ने कसा तंज सोशल मीडिया पर इस घमासान का वीडियो खूब वायरल हुआ। प्रदेश भाजपा प्रभारी आशीष अग्रवाल ने वीडियो सांझा करते हुए लिखा कि कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता। भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन अब संघर्ष सृजन बन गया है। जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई। अगली बैठक में डॉक्टर आएंगे या पुलिस? इंतज़ार कीजिए।

केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया, सियासत तेज, विपक्षी दल भाजपा पर हुए हमलावर

नई दिल्‍ली केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके बाद से सियासत तेज हो गई है, विपक्षी दल भाजपा पर हमलावर हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि नोटिफिकेशन में जाति जनगणना का कोई जिक्र नहीं किया गया है। उन्‍होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “जनगणना तो होगी, लेकिन इसमें जाति जनगणना का कोई जिक्र नहीं है। अगर इसकी तुलना तेलंगाना सरकार के आदेश से करें तो उस आधिकारिक आदेश में तीन बार ‘जाति जनगणना’ शब्द का स्पष्ट उल्लेख है, यहां तक ​​कि इसे ‘जाति सर्वेक्षण’ भी कहा गया है। इसलिए इस सरकार की मंशा पर संदेह या आशंका होना स्वाभाविक है। क्योंकि सत्ताधारी पार्टी ने हमेशा इसका विरोध किया है। वहीं पीएम मोदी के जी-7 की बैठक में हिस्सा लेने पर उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के दौरान कई बैठकों में हिस्‍सा ले चुके हैं, देश को कोई लाभ होता तो दिखता नहीं है। अपनी वाहवाही के लिए विदेश नीति नहीं होती है, यह देश को लाभ पहुंचाने के लिए होती है।

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा-कांग्रेस लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहती है

नई दिल्ली  भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि आज की तारीख में भारत कांग्रेस पर निर्भर नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग कब तक एक्सपायर हो चुकी चीजों को देश के सामने नए ब्रांड के रूप में पेश करते रहेंगे। आखिर कब तक यह लोग कहते रहेंगे कि इस रोड और पोर्ट का शिलान्यास नेहरू जी ने किया था। अब यह कांग्रेस को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब से सत्ता से बेदखल हुई है, तब से वो लगातार पुराने गाने ही गा रही है, जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस को अब यह स्वीकार करना होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत हर तरफ उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। आज की तारीख में चौतरफा विकास की बयार बह रही है। लेकिन, अफसोस कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस की तरफ से सवाल उठाए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले यही लोग कह रहे थे कि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना नहीं करा रही है और जब सरकार जातिगत जनगणना कराने की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा चुकी है, तो इन लोगों को मिर्ची लग रही है। ये लोग अब इस पर भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसा करके कांग्रेस देश के लोगों के बीच में भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहती है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। बता दें कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में तेलंगाना सरकार की तरफ से जातिगत जनगणना के संबंध में जारी अधिसूचना भी साझा की। कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में कहा कि जब तेलंगाना सरकार की तरफ से जातिगत जनगणना के संबंध में अधिसूचना जारी की गई थी, तो उसमें ‘जाति’ शब्द का जिक्र तीन बार किया गया था। लेकिन, केंद्र सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना में एक बार भी जाति शब्द का उल्लेख नहीं किया गया है। वहीं, उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच बनी युद्ध की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर भारत किसी भी सूरत में युद्ध का पक्षधर नहीं रहा है। भारत हमेशा से विस्तारवादी नीतियों का विरोधी रहा है और आगे भी रहेगा।

पार्टी की अंदरूनी खींचतान या स्वास्थ्य का बहाना? पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने पार्टी से दिया इस्तीफा!

शिवपुरी  कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर से हलचल मचाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। कोलारस विधानसभा से पूर्व विधायक और कद्दावर नेता वीरेंद्र रघुवंशी ने सोमवार को अचानक कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए इसका कारण “स्वास्थ्य ठीक न होना” बताया है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज एक दिन पहले ही रघुवंशी ने एक महत्वपूर्ण पार्टी बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की थी, जो 16 जून को कोलारस के होटल फुलराज में आयोजित की जानी है। यह बैठक कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत शिवपुरी जिले के नए जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय और प्रदेश पर्यवेक्षक समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता आमंत्रित हैं। ऐसे में रघुवंशी का ठीक इसी बीच पार्टी से इस्तीफा देना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह वाकई सिर्फ स्वास्थ्य का मामला है या फिर कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष और गुटबाज़ी से उपजी नाराज़गी की एक कड़ी? स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि रघुवंशी लंबे समय से संगठन में उपेक्षा का सामना कर रहे थे। सूत्रों का दावा है कि पार्टी में उनके सुझावों की अनदेखी और नए नेतृत्व के साथ टकराव ने उन्हें हाशिए पर ला दिया था। राजनीतिक गलियारों में कई अटकलें स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि रघुवंशी लंबे समय से संगठन में उपेक्षा का सामना कर रहे थे। सूत्रों का यहां तक दावा है कि, पार्टी में उनके सुझावों की अनदेखी और नए नेतृत्व के साथ टकराव ने उन्हें हाशिए पर ला दिया था। ऐसे में अटकलें ये भी लगाई जा रही हैं कि, अब रघुवंशी किसी अन्य राजनीतिक दल की ओर रुख कर सकते हैं, हालांकि इस पर अभी तक उन्होंने कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। कोलारस के प्रभावशाली नेताओं में वीरेंद्र का शुमार गौरतलब है कि, वीरेंद्र रघुवंशी कोलारस क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और उनका कांग्रेस से यूं अचानक अलग होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है और रघुवंशी का अगला कदम क्या होता है? वहीं, यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि रघुवंशी किसी अन्य राजनीतिक दल की ओर रुख कर सकते हैं, हालांकि इस पर अभी तक उन्होंने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। गौरतलब है कि वीरेंद्र रघुवंशी कोलारस क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं और उनका कांग्रेस से यूं अचानक अलग होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है और रघुवंशी का अगला कदम क्या होता है।

दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वे युवक कांग्रेस के चुनावों में किसी भी प्रकार से भाग नहीं लेंगे न ही किसी को अपना समर्थन दे रहे

भोपाल  दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वे युवक कांग्रेस के चुनावों में किसी भी प्रकार से भाग नहीं लेंगे न ही किसी को अपना समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि लोग ऐसे युवाओं को समर्थन दें जो भाजपा से समझौता न करें और निष्पक्षता से बिना गुटबाजी के काम करें। वहीं, कांग्रेस के सृजन अभियान को लेकर भी उन्होंने कहा कि मैं अपनी तरफ से कोई नाम नहीं दे रहा हूं। उन्होंने सुझाव दिया कि पदाधिकारी चयन करने के लिए जो मापदंड कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने तय किये हैं, उसका पूरी तरह से पालन होना चाहिए। इसी के साथ कहा कि ऐसे किसी व्यक्ति का चयन नहीं होना चाहिए जो किसी और पार्टी से कांग्रेस में आया हो और जिनके पाँच साल पूरे हो गए हैं उन्हें परिवर्तन के लायक मानना चाहिए। यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान मध्यप्रदेश में युवा कांग्रेस संगठन चुनाव बीस जून को होंगे। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि वो किसी को भी अपना समर्थन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे युवक कांग्रेस के मसलों में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं लेकिन ये ज़रूर कहना चाहते हैं कि ऐसे युवाओं को समर्थन दिया जाए जो बीजेपी के साथ समझौता न करें, बिना गुटबाजी के काम करें और बीजेपी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ सकें।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सामने बहुत चुनौतियां हैं। हमारा संघर्ष का समय है और निडरता से लड़ाई लड़नी है। सृजन अभियान को लेकर कही ये बात इसी के साथ कांग्रेस के ‘सृजन अभियान’ को लेकर उन्होंने कहा है कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए पर्यवेक्षक भेज रही है और मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी पर्यवेक्षक भेजे हैं। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के लिए कुछ अर्हताएं तय की है और उसका पूरी तरह से पालन होना चाहिए। पूर्व सीएम ने सुझाव दिया कि उनमें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होना चाहिए जो दलबदल कर हाल ही में कांग्रेस में आया हो।साथ ही ऐसे लोग जिनके पाँच साल पूरे हो गए हों, उन्हें परिवर्तन के लायक माना जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा है कि वे न तो किसी का नाम दे रहे हैं, न ही किसी के नाम की पैरवी करेंगे।

कांग्रेस विधायक भैरो सिंह परिहार का वीडियो वायरल, RSS के साथ अच्छे रिश्तों का किया खुलासा

सुनसेर  कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ दोनों की विचारधारा एकदम अलग है, लेकिन संघ का प्रभाव इतना व्यापक है कि कांग्रेसी भी इससे अछूते नहीं हैं। वैसे तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार आरएसएस को निशाने पर लेते रहते हैं, लेकिन अब उनके ही एक सिपाही का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि मैं कांग्रेस का विधायक हूं, लेकिन आरएसएस से भी जुड़ा हुआ हूं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में क्या है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो आगर-मालवा क्षेत्र का है। भैरो सिंह परिहार यहां की सुनसेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। किसी संगठन के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए भैरो सिंह पहुंचे थे। इस दौरान जब माइक उनके हाथ में आया तो वो आरएसएस के साथ अपनी नजदीकियां गिनवाने लगे। भैरो सिंह ने कहा कि वैसे तो वो कांग्रेस विधाय हैं, लेकिन आरएसएस से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कई पदाधिकारी उनके करीबी हैं और उन्होंने भी संघ के लिए कई काम किए हैं। इस दौरान भैरो सिंह ने हाल ही में हुए एक समझौते की भी याद दिलाई। 2 साल पहले भी करवाया था समझौता सुनसेर विधानसभा सीट से कांग्रेसी विधायक भैरों सिंह ने कहा कि उन्होंने आरएसएस के लिए काम किया है। इस दौरान परिहार ने एक वाक्या याद दिलाया जब गरोठ सीट से विधायक को पुलिस उठा ले गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब मुख्यमंत्री आए थे तो उन्होंने मिलकर एक समझौता करवाया था। संघ पदाधिकारियों से शिकायत भी कांग्रेस विधायक भैरो सिंह वायरल वीडियो में संघ पदाधिकारियों से शिकायत करते भी सुनाई दे रहे हैं। भैरों सिंह का कहना है कि अगर वो अभी संघ कार्यालय चले जाएं तो मंडल अध्यक्ष कहेगा कि ना जाने ये कौन आ गया है। शिकायत करते हुए भैरों ने संघ के साथ अपनी नजदीकी और संगठन के लिए काम करने के इतिहास को सबके सामने खुलकर रखा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग इस विषय में चर्चा कर रहे हैं।

विधानसभा क्षेत्र बेलसंड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आता है, RJD और JDU में होगी कड़ी टक्कर

पटना  बिहार के दो सौ 43 विधानसभा सीटों में से एक बेलसंड विधानसभा सीट भी है…सीतामढ़ी जिले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र बेलसंड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आता है। इस सीट पर 1957 और 1962 में हुए चुनाव में पीएसपी के रामानंद सिंह को जीत मिली थी। 1967 में कांग्रेस कैंडिडेट सी.पी सिंह विधायक चुने गए थे। 1969 में यह सीट फिर पीएसपी के खाते में गई और रामानंद सिंह एक बार फिर से विधायक बने। 1972 में कांग्रेस कैंडिडेट राम सूरत सिंह को जीत हासिल हुई थी। 1977 और 1980 में जनता पार्टी के टिकट पर रघुवंश प्रसाद सिंह विधायक चुने गए थे। 1985 के चुनाव में भी एलकेडी कैंडिडेट रघुवंश प्रसाद सिंह को ही जीत मिली थी। इसके बाद 1990 में कांग्रेस की टिकट पर दिग्विजय प्रताप सिंह बेलसंड के विधायक बने थे। 1995 में जनता दल के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को फिर से जीत हासिल हुई थी। 1996 में इस सीट पर समता पार्टी के वृषण पटेल विधायक चुने गए थे। वहीं 2000 में हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार राम स्वार्थ राय विधायक बने थे। 2005 के फरवरी महीने में हुए चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी की टिकट पर सुनीता सिंह को जीत हासिल हुई थी। 2005 के अक्टूबर महीने में राष्ट्रीय जनता दल के संजय कुमार गुप्ता ने बाजी पलट दी थी। 2010 और 2015 में दोनों बार इस सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुनीता सिंह चौहान विधायक चुनी गईं थीं, लेकिन 2020 के चुनाव में आरजेडी लीडर संजय कुमार गुप्ता ने जेडीयू को शिकस्त दे दिया था। इस बार भी यहां आरजेडी और जेडीयू उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर होगी। वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी कैंडिडेट संजय कुमार गुप्ता ने जीत हासिल की थी। संजय कुमार गुप्ता 50 हजार एक वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे। वहीं जेडीयू उम्मीदवार सुनीता सिंह चौहान 36 हजार 70 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहीं थीं तो आरएलएसपी कैंडिडेट ठाकुर धर्मेंद्र सिंह 19 हजार 34 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में बेलसंड सीट पर जेडीयू उम्मीदवार सुनीता सिंह चौहान ने जीत हासिल की थी। सुनीता सिंह चौहान ने लोजपा कैंडिडेट मोहम्मद नासिर अहमद को 5 हजार पांच सौ 75 वोटों से हराया था। सुनीता सिंह चौहान को कुल 33 हजार सात सौ 85 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे मोहम्मद नासिर अहमद को कुल 28 हजार दो सौ दस वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय कैंडिडेट बैद्यनाथ प्रसाद को कुल 11 हजार तीन सौ 66 वोट मिले थे। वहीं 2010 में बेलसंड सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुनीता सिंह ने आरजेडी को शिकस्त दे दिया था। सुनीता सिंह ने आरजेडी कैंडिडेट संजय कुमार गुप्ता को 19 हजार पांच सौ 80 वोटों से हराया था। सुनीता सिंह को कुल 38 हजार एक सौ 39 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे संजय कुमार गुप्ता को कुल 18 हजार पांच सौ 59 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस कैंडिडेट ताहिर अनीस खान को कुल 13 हजार नौ सौ 96 वोट मिले थे। बेलसंड विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को तय करने में यादव,राजपूत,वैश्य और मुस्लिमों की अहम भूमिका है। 2020 में जेडीयू कैंडिडेट को हराने में आरएलएसपी कैंडिडेट की बड़ी भूमिका थी, लेकिन इस बार उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए में शामिल होने से बेलसंड सीट पर जेडीयू उम्मीदवार को थोड़ा फायदा जरूर मिलेगा।

संजीव अरोड़ा की जगह खुद RS जाना चाहते हैं केजरीवाल, कांग्रेस ने हमला बोलते हुए निकाली कुर्सी यात्रा

लुधियाना लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव में सियासी तापमान तेज हो गया है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए शुक्रवार को एक “कुर्सी यात्रा” निकाली। इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने केजरीवाल पर राज्यसभा की सीट पाने की लालसा का आरोप लगाया। यात्रा के दौरान बैंड-बाजे के साथ एक रथ पर एक डमी केजरीवाल को एक विशाल कुर्सी पर बैठा दिखाया गया। कांग्रेस समर्थकों ने उस कुर्सी के चारों ओर पार्टी के झंडे लहराते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि लुधियाना वेस्ट सीट पर हो रही यह लड़ाई AAP प्रत्याशी संजीव अरोड़ा को विधायक बनाने की नहीं, बल्कि केजरीवाल को राज्यसभा पहुंचाने की साजिश है। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लाम्बा और पंजाब कांग्रेस के सह प्रभारी राणा गुरजीत सिंह ने भाग लिया। अलका लाम्बा ने कहा, “दिल्ली में मुख्यमंत्री की कुर्सी छिनने के बाद केजरीवाल सत्ता के लिए बेताब हैं। अब वे पंजाब के माध्यम से राज्यसभा में घुसपैठ करना चाहते हैं। केजरीवाल अब शाही जीवन जीने के आदी हो चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपने भ्रष्टाचार में फंसे करीबी लोगों मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और विभव कुमार को पंजाब में सरकारी पदों पर बैठाया। उन्होंने कहा, “अब केजरीवाल संजीव अरोड़ा की राज्यसभा सीट छीनकर खुद को वहां पहुंचाना चाहते हैं ताकि फिर से वैभवशाली जीवन जी सकें। वह दो राज्यों की Z+ सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं।” कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु ने भी केजरीवाल पर कटाक्ष किया और कहा, “लुधियाना वेस्ट में केजरीवाल विकास की बातें नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह उपचुनाव उनकी बेरोजगारी खत्म करने का प्रयास है।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने 13 वर्षों में पहली बार दिल्ली की नई दिल्ली विधानसभा सीट से हारकर बेरोजगार होने का अनुभव किया है और अब वे राज्यसभा सदस्य की नौकरी ढूंढ रहे हैं। आशु ने कहा कि यह चुनाव केवल एक विधायक के चुनाव की नहीं, बल्कि एक पंजाबी राज्यसभा सदस्य की बलि देकर AAP के बेरोजगार नेता को फिर से सत्ता में पहुंचाने का षड्यंत्र है। कुर्सी यात्रा के जरिए कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान को एक प्रतीकात्मक और आक्रामक रूप दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा न केवल कांग्रेस के वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास है, बल्कि AAP की मंशा पर जनता का ध्यान केंद्रित करने की रणनीति भी है।  

प्रियंका गांधी बोलीं- यह शर्मनाक और निराशाजनक, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने नहीं किया विचार

नई दिल्ली  कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र के गाजा से जुड़े प्रस्ताव पर विचार न करने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार के निर्णय को शर्मनाक और निराशाजनक बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह शर्मनाक और निराशाजनक है कि हमारी सरकार ने गाजा में नागरिकों की सुरक्षा, कानूनी और मानवीय दायित्वों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार न करने का फैसला किया है। 60,000 लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं, वे पहले ही मारे जा चुके हैं और एक पूरी आबादी को बंधक बनाकर भूख से मारा जा रहा है। मगर, हम कोई कदम उठाने से इनकार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह हमारी औपनिवेशिक-विरोधी विरासत का दुखद उलटफेर है। वास्तव में, न केवल हम नेतन्याहू द्वारा पूरे देश को नष्ट किए जाने पर चुप खड़े हैं, बल्कि हम उनकी सरकार द्वारा ईरान पर हमला किए जाने और उसके नेतृत्व की हत्या के प्रयासों पर खुशी मना रहे हैं, जो उसकी संप्रभुता का घोर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय नियमों की पूर्ण अवमानना है।” प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, “हम, एक राष्ट्र के रूप में अपने संविधान के मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम के सिद्धांतों को कैसे त्याग सकते हैं, जिन्होंने शांति और मानवता पर आधारित अंतरराष्ट्रीय मंच का मार्ग प्रशस्त किया था? इसका कोई औचित्य नहीं है। सच्चा वैश्विक नेतृत्व न्याय की रक्षा करने के साहस की मांग करता है, भारत ने अतीत में यह साहस निरंतर दिखाया है।” उन्होंने कहा, “एक तेजी से विभाजनकारी दुनिया में हमें मानवता के लिए अपनी आवाज को फिर से उठाना होगा और सत्य व अहिंसा के लिए निडर होकर खड़ा होना होगा।” बता दें कि इजरायल-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को इजरायल में आवासीय इमारतों पर मिसाइल हमले किए गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा 34 लोग घायल हो गए। इस बीच, सुरक्षा परिषद ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के शीर्ष अधिकारी को चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमलों के ‘गंभीर परिणाम’ हो सकते हैं।

पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग का अमित शाह करेंगे उद्घाटन, समापन समारोह में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नर्मदापुरम  भारतीय जनता पार्टी अपने सांसदों और विधायकों के साथ ही मंत्रियों को भी सैद्धांतिक, व्यावहारिक एवं अन्य विषयों का पाठ पढ़ाएगी। इसके लिए 14 से 16 जून तक पचमढ़ी में प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। भाजपा के इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह दोपहर तीन बजे करेंगे। समापन 16 जून को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस नियमित प्रशिक्षण वर्ग में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों, विधायकों सहित 201 जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष तीनों दिन वर्ग में प्रशिक्षण देंगे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सीआर पाटिल, शिवराज सिंह चौहान, सावित्री ठाकुर, एल. मुरुगन, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह अलग-अलग सत्रों में सांसदों-विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रशिक्षण वर्ग में BJP विधायकों-सांसदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू आज से बीजेपी विधायकों और सांसदों के प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत हो रही है। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। यहां बीजेपी विधायकों-सांसदों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हुआ।  सत्र के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल नहीं  सभी विधायक-सांसद 13 जून की रात को ही पचमढ़ी पहुंच गए हैं। प्रशिक्षण शिविर में विधायकों-सांसदों को मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। ट्रेनिंग कैम्प में प्रतिभागियों के मोबाइल उनके नाम के स्टिकर लगाकर साइलेंट मोड पर एक जगह रख दिए जाएंगे। ब्रेक के दौरान प्रशिक्षणार्थी विधायक, सांसद अपने मोबाइल पर बात कर सकेंगे। प्रशिक्षण वर्ग में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को अलग-अलग सत्रों में पब्लिक डीलिंग, मोबाइल मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट से लेकर पार्टी की रीति-नीति और सफरनामे की जानकारी दी जाएगी। विधायकों-सांसदों को सुबह 6 बजे जागना होगा। प्रशिक्षण स्थल पर सुबह 7 से 8 के बीच योग और प्रार्थना कराई जाएगी। जनसंघ से लेकर आज तक की यात्रा पर प्रदर्शनी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्ष की उपलब्धियों और भाजपा की जनसंघ से लेकर वर्तमान तक की यात्रा पर केंद्रित प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। बीएल संतोष के साथ केंद्रीय मंत्री लेंगे सत्र  प्रशिक्षण वर्ग में मप्र के बीजेपी विधायकों, लोकसभा-राज्यसभा सांसदों को मिलाकर 201 प्रतिभागी शामिल होंगे। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सीआर पाटिल, शिवराज सिंह चौहान, सावित्री ठाकुर, डीडी उइके और एल मुरुगन राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, महेन्द्र सिंह और शिवप्रकाश भी अलग-अलग सत्रों को संबोधित करेंगे। एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रशिक्षण वर्ग के दौरान सभी सांसद और विधायक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी करेंगे। शर्मा ने कहा कि इसमें संगठन के साथ कैबिनेट के मंत्री उपस्थित रहेंगे। अलग-अलग विषयों पर अतिथि चर्चा करेंगे। भाजपा किस तरह संगठन मजबूती के साथ काम कर रही है, इन सारे मुद्दों पर चर्चा होगी।

कांग्रेस पुरानी गलतियों से सबक लेकर आगे देख रही, विधायक दल की एक बैठक 15 जून को बुलाई

पटना बिहार में बीते तीन दशकों में अपनी राजनीतिक जमीन गंवाने वाली कांग्रेस पुरानी गलतियों से सबक लेकर आगे देख रही है। मतदाता और आमजन से अपनी दूरी पाटने के लिए बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व संवाद और संपर्क के जरिये कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है। वह ऐसे मुद्दों पर मुखर हो रही है जिनका सीधा वास्ता आमजन से है। मसला बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षार्थियों का हो, युवाओं के बिहार से पलायन, नौकरी या फिर रोजगार का हो या फिर अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज देने का, इन मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी में पार्टी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही। अपने अभियान की इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए पार्टी ने अब चुनावी तैयारियों और चुनाव के मुद्दों पर चर्चा के लिए पार्टी विधायक दल की एक बैठक 15 जून को बुलाई है। बैठक में पार्टी के सभी विधायक, विधान पार्षद समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और प्रभारी कृष्णा अल्लावारू की उपस्थिति में होने वाली बैठक में जहां विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर नेता आपसी संवाद करेंगे वहीं जनहित के वैसे मुद्दे जो आज ज्वलंत हैं उन पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा चरणवार राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा बनेगी। चर्चा है कि पार्टी ने महागठबंधन की एक दिन पूर्व हुई बैठक के आलोक में यह बैठक बुलाई है। जिसमें नेता वैसी सीटों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करेंगे जहां पार्टी मजबूत स्थिति में हैं। यह सूची महागठबंधन के प्रमुख दल के मुखिया और महागठबंधन की समन्वय समिति के अध्यक्ष को दी जाएगी। पार्टी ने अपने सभी विधायकों और पार्षदों के साथ वरिष्ठ नेताओं को 15 जून की बैठक की सूचना भेज दी है।

विधानसभा पश्चिमी की जनता इस बार मजबूर नहीं बल्कि चुनेगी आशु के रुप में मजबूत विधायक

लुधियाना  विधानसभा पश्चिमी के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में जवाहर नगर कैंप में आयोजित चुनावी सभा में जनसैलाब उमड़ने से विरोधी दलों के हौंसले पस्त हो गए। स्थानीय लोगो ने कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशू का स्वागत भावी विधायक के तौर पर पुष्प वर्षा कर किया। जवाहर नगर कैंप के अलावा आशू ने पुष्प विहार, बी.आर.एस नगर, सीता नगर, व भारत नगर चौंक सहित अन्य स्थलों पर भी चुनावी सभाओ को संबोधित किया।  पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक राणा गुरजीत सिंह, विधायक प्रगट सिंह, विधायक सुखविन्द्र कोटली, पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत, कांग्रेस नेत्री यामिनी गोमर, शाम सुन्दर मल्हौत्रा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अश्वनी शर्मा व पूनम मल्हौत्रा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल व मौजूदा सरकार के तीन वर्ष में हुए फर्जी बदलाव की पोल खोली। पूर्व पार्षद बलजिन्द्र सिंह बंटी ने जवाहर नगर कैंप निवासियो की तरफ से भरोसा दिलाया कि इस बार विधानसभा पश्चिमी की जनता मजबूर नहीं अपने हितों की रक्षा करने वाला मजबूत इरादों वाला विधायक चुनकर विधानसभा में भेजेगी।    पब्लिक को दिल्ली वालों के समक्ष घुटने टेकने वाला नहीं बल्कि विधानसभा पश्चिमी के हितो की रक्षा के लिए दृढ़ इरादों वाले विधायक की जरुरत है। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ से उत्साहित आशू ने पिछले दो बार के अपने विधायक कार्यकाल में हुए विकास का हवाला देते हुए कहा कांग्रेस ने हमेशा विकास को तरजीह दी है। विकास की निति भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होने स्थानीय लोगो से आग्रह किया कि वह केजरीवाल व भगवंत मान के झूठे वायदो से भ्रमित होने की बजाए पिछले तीन वर्ष में विधानसभा पश्चिमी की विकास के रुप में अनदेखी को ध्यान में रख कर वोट करें।

युवा कांग्रेस के चुनावों की आई सूची, अध्यक्ष के लिए 18 तो महासचिव के 178 दावेदार

भोपाल  मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस के चुनावों के लिए नामांकन की स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए 20 नामांकन फार्म भरे गए थे, जिनमें से एक नामांकन को रिजेक्ट किया गया और एक को होल्ड पर रखा गया। राजीव सिंह का नामांकन होल्ड किया गया है, जबकि डॉ दौलत पटेल का नामांकन रिजेक्ट हुआ है। महासचिव के 178 उम्मीदवार कांग्रेस के चुनाव में प्रदेश महासचिव के लिए टक्कर ज्यादा है। कुल 182 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से 4 के नामांकन होल्ड किए गए हैं और 178 नामांकन स्वीकार किए गए हैं। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष के लिए 18 उम्मीदवारों में नाम हैं। इनमें योगिता सिंह, जावेद पटेल, अभिषेक परमार, नीरज पटेल, गीता कड़वे, प्रमोद सिंह, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडेय, राजवीर कुडिया, प्रियेश चौकडे़, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभांगना राजे जामनिया, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, देवेन्द्र सिंह दादू, स्वीटी पाटिल, शिवराज यादव, और मोनिका मांडरे शामिल हैं। रेस में यश आगे पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया का नाम रेस में आगे है और फिलहाल कांग्रेस के सभी दिग्गजों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कई दावेदारों ने परिवारवाद को लेकर यश पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश महासचिव के उम्मीदवार किशोर सोलंकी, ऋतिक नाथ चौहान, राहुल हितेश ठाकुर राज नेमा, शुभम दुबे, अक्षय जायसवाल, सत्यम सिंह गुर्जर, अली शान मोहम्मद, इरफान खान, जयंत जोशी, आदित्य मिश्रा, गौरव विनोद दीक्षित, सुमन मौर्य, धीरज सिंह परिहार, अभिषेक पांडे, दिगंबर पारधी, अखंड प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक जाट, आशुतोष सिंह, विनोद नाथ, प्रीतेश पटेल, सुनील कुमार जायसवाल, पंकज सिंह, शिवदीप रघुवंशी, आसिफ मोहम्मद, मानवेंद्र सिंह गुर्जर, यशवीर सिंह गोयल, धनजी गिरी, आशुतोष आर्य, राहुल राजपूत, अमन सिद्दीकी, जितेंद्र लोधी, मोहम्मद अली हुसैन, हेमंत कुमार मेहता, दीपक ठाकुर, रितेश रोहित, देवांशु सिंह परिहार, रोहित राजोरिया, शिव शंकर पोगरा, सांवरिया पटेल, अर्जुन गुर्जर, भागीरथ ख़तवासे, सुरेखा शाह, शहरयार, शेखर शर्मा, सद्दाम पटेल, अमित कुमार सोहेल पटेल, अनुज पटेल, योगेश एरोलू, मोहम्मद इरफान मनोज पाटीदार, लोकेश दीक्षित, सोपान कोहली, मोहम्मद यावर चौधरी, प्रांजल तिवारी, सागर मोतियानी, मोहम्मद जैद, अनिकेत द्विवेदी, शिवम सिंह परिहार, विजय सिंह बिष्ट, गौरी पारुलेकर प्राची पारधी, यश संजय दवे, धनंजय मिश्रा, राहुल डी, गीता मेहता, नमन दुबे, भूमन्यु सिंह, शुभम चौहान, जितेंद्र सिंह, अपूर्व जैन, सुष्मिता सिंह, सिद्धांत तिवारी, कुणाल सोलंकी, प्रतीक जैन, ऋषभ मिश्रा, मुस्तकीम कुरैशी, नरेंद्र यादव, कृष्णा पंडित, प्रमोद पटेल, ज्योति सनेरिया, दिव्यांशु मिश्रा, मेहताब मावई गुर्जर, शुभम बागरी, विकास चौधरी, कुणाल गजभिए, शिवम पांडे, नितेश आर्य, रवि मुकाती, जितेंद्र इवने, हर्षल आंजना, लोकेंद्र शर्मा, सौम्या राज परते, श्रद्धा सिंह, सोहेब कुरैशी, पवन भिलाला, राहुल वामनिया, अर्जुन नरवाले, रवि दुधानिया, विक्की भदोरिया, दीपेंद्र सोलंकी, प्रिंस नवांगे, मोहम्मद शाहबाज खान, बलवान कुशवाहा, जगदीश सूर्यवंशी, रोहित राजोरिया, विपिन सिंह चौहान, सलमान गौरी, श्रेया यादव, अब्दुल आमिर, सागर शुक्ला, जुनैद अली, पायल जैन, आशुतोष चौधरी, शालू पुरोहित, हाजी मुजाहिद अली, अंकित दुबे, स्मिता तोमर, गंगा पट्टा, राजमल, पंकज कुमार सिंह, मोहित सक्सेना, अंकित यादव, सिद्धार्थ रैकवार, खुशी गुर्जर, निखिल चौकसे, राधा मालवीय, उदित देव परमार, अभिषेक पटेल, आदित्य शर्मा, अतुल मिश्रा, अक्षय दुबे, सक्षम गुलाटी, दीपक तिवारी, प्रवीण चौधरी, संजय पटेल, रेणुका गांधी, मोहम्मद आतीक खान, अर्पित तिवारी, चेतन चौधरी, दर्शन कोरी, लुकमान कुरेशी, रोहित वंशकार, अतीक मंसूरी, विक्रम सिंह, शेख सलमान, विनोद पाटीदार, संदीप अग्रहरि, अदनान अंसारी, अभिषेक शुक्ला, अभिजीत तोमर, गौरव परमार, रजा कादरी, विजय यादव, युवराज सिंह सूरमा, मंजू गुर्जर, शांभवी शुक्ला, अभय सोलंकी, बृजपाल राजावत, गौरीशंकर गुर्जर, वीरेश जादौन, प्रियंका केसरवानी, तारिक खान, अमनदीप सिंह, किशन गुर्जर, जितेंद्र पाटीदार, उबेद अल्लाह, विपुल दीक्षित, निर्देश सोनगरा, प्रशांत सांवले, मौज कामिल, हेमंत कुमार शर्मा, रवि सोनी, हरि कृष्ण शर्मा, नरेंद्र सिंह दांगी, अनुराग रघु, इम्तियाज़ खान। प्रदेश महासचिव के चार नामांकन होल्ड रिया पटेल यासमीन बी अभिषेक यादव हिमांशु बडवे किस जिले में जिला अध्यक्ष के कितने उम्मीदवार जिला कुल नामांकन उम्मीदवार नामांकन होल्ड रिजेक्ट आगर मालवा 5 लक्ष्मण सिंह पृथ्वीराज सिंह चौहान अनमोल वर्मा ज्ञान सिंह गजेंद्र चौहान सोंधिया – – अलीराजपुर 2 पुष्पराज रावत दीपक भूरिया – – अशोक नगर 2 रजनीश सिंघई सचिन त्यागी – – बड़वानी 5 मोतीराम सोलंकी अंकुर सोनी लखन चौहान सागर डाबर आदित्य गोयल – – बालाघाट 5 आशुतोष डहरवाल अमरकांत बिसेन विवेक दुफारे राजा कोरी शिवम विश्वकर्मा दिलेन्द्र नागोतरा – बैतूल 6 विपुल पवार प्रदीप कोकटे संजय यादव तुलसी उईके कमलेश यादव राहुल परते – – भिंड 3 राजू सिंह लोधी स्वदेश गुर्जर मिनेश कुमार शर्मा – – भोपाल ग्रामीण 3 अंकुर राणा राहुल सिंह मंडलोई प्रिंस सिंह – – भोपाल शहर 9 याचना बघेल अंकित दुबे आदित्य दुबे अभिषेक आठिया नीरज यादव हेमंत रजक मालवीय अमित खत्री आशीष शर्मा मयंक सिंह अंशुल सिंह – बुरहानपुर 7 दीपक भिलावेकर राजेंद्र मसाने अर्जुन जांगले संदीप मोरे कन्हैया डाबर आकिब बागवान मोहम्मद अर्सलान – – छतरपुर 6 गजेंद्र परमार आदर्श रावत रामकरण अहिरवार राजवर्धन मिश्रा मानवेंद्र सिंह परमार अभिलाषा अहिरवार मानवेन्द्र सिंह परमार – छिंदवाड़ा 1 हरिओम रघुवंशी – – दमोह 2 अरुण दुबे अफजल अजीज दृगपाल लोधी – दतिया 6 आकाश कुशवाहा अमन सिंह यादव नोमी सिंह कमरिया शिवाजी गुर्जर प्रवेंद्र सिंह गुर्जर – – देवास 6 किशोर चौहान प्रथम भोजक रोहित अंधेरिया नवीन बाली समरोज पठान शुभम धोते – – धार 15 रोहित कामदार जोगेंद्र सिसोदिया अक्षय दुबे सोनू सेमलिया चेतन सिंह राठौड़ अनिल अचाले लोकेन्द्र सिंह ठाकुर चिराग मालवीय हनीफ वारसी हितेष कनसया सुनील चौहान राजेन्द्र पटेल राहुल डाबर प्रवीण कटारे अनूप चौधरी – – डिंडोरी 4 सोमपाल सिंह मसराम राजेश मरावी रोशन पंद्राम अमन पाठक – – गुना 10 सुमित पांडे संदेश अहिरवार संतोष अहिरवार पंचम सिंह भील सहदेव वाल्मीकि विष्णु बरेला सोनू मेहर दीपक बिलारवां नवल दामले प्रिया कुशवाहा – – ग्वालियर ग्रामीण 5 कुश राज कंडील पुष्पेंद्र सिंह प्रदीप सिंह कंसाना योगेंद्र सिंह परमार कपिल गुर्जर – राजा गुर्जर ग्वालियर शहर 6 सुमित सिंह विजय यादव तौहीद अहमद कुणाल सिंह भदौरिया अक्षय पांडे ऋषभ सिंह चौहान – – हरदा 1 योगेश चौहान – – इंदौर ग्रामीण 7 गजेंद्र सिंह राठौर राकेश मौर्य विजय पटेल नरेंद्र चौधरी शारदा पटेल गौरव सिंह सोलंकी आरिश शेख – – इंदौर शहर 7 मारूफ खान पठान अमित पटेल हिबा खान सैयद आकिब अली नितिन कुशवाहा रचना नागवंशी संदीप … Read more

मप्र भाजपा के अगले अध्यक्ष की घोषणा 16 जून के बाद, वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सबकी नजरें भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष पर टिक गई हैं. पिछले पाँच महीनों से चली आ रही रहस्यमयी चुप्पी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहाँ 16 जून के बाद प्रदेश संगठन में एक बड़े ऐलान की संभावना है. इस महत्वपूर्ण घोषणा से पहले, पार्टी की उम्मीदें और रणनीतिक मंथन अब “पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग” से जुड़ गए हैं, जिसे प्रदेश भाजपा के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. हेमंत खंडेलवाल, फग्गन सिंह और नरोत्तम मिश्रा के नाम सुर्खियों में हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह प्रशिक्षण वर्ग केवल कार्यकर्ताओं के लिए एक सामान्य शिविर नहीं है, बल्कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता, मंत्री और संगठन के बड़े चेहरे यहाँ एक साथ जुटेंगे. पचमढ़ी की शांत और गोपनीय वादियों में होने वाला यह मंथन, भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा है. बीते वर्षों का अनुभव बताता है कि भाजपा ऐसे आयोजनों का उपयोग न केवल कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए करती है, बल्कि अपने बड़े सांगठनिक और राजनीतिक निर्णयों की ज़मीन भी यहीं तैयार करती है. इस बार, यह शिविर सिर्फ प्रशिक्षण का मंच नहीं होगा, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बनी लंबी चुप्पी को तोड़ने का भी एक संकेत दे सकता है. अध्यक्ष पद पर वीडी शर्मा और ‘वन मैन, वन पोस्ट’ का पेच वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के पास लोकसभा सांसद का पद भी है, और यही वह बिंदु है जहाँ पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण सवाल उठ रहा है: क्या भाजपा “वन मैन, वन पोस्ट” (एक व्यक्ति, एक पद) के उस स्थापित फॉर्मूले पर चलेगी, जिस पर वह अतीत में जोर देती आई है? यह सिद्धांत भाजपा की आंतरिक अनुशासन और सांगठनिक शुचिता का प्रतीक रहा है. वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है अगर संगठन इस सिद्धांत पर कायम रहता है, तो मध्य प्रदेश को जल्द ही एक नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है, जो केवल सांगठनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करेगा. इस स्थिति में, वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे संगठन में एक नए चेहरे को कमान संभालने का मौका मिलेगा. लेकिन, अगर किसी कारणवश पार्टी इस बार इस नियम में अपवाद करती है और वीडी शर्मा को ही डबल रोल में बनाए रखने का निर्णय होता है, तो इससे पार्टी का आंतरिक संतुलन किस तरह प्रभावित होगा—यह देखना दिलचस्प होगा. यह निर्णय न केवल पार्टी की भविष्य की नीतियों पर, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर भी गहरा असर डालेगा. पचमढ़ी मंथन के बाद साफ होगी तस्वीर यह प्रशिक्षण वर्ग ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व अब विभिन्न राज्यों में सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटें जीतने के बावजूद, पार्टी भविष्य की चुनौतियों, खासकर 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए एक मजबूत और प्रभावी अध्यक्ष चाहती है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी एक बड़ी प्राथमिकता है. भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग 16 जून के बाद संगठनात्मक चुनाव की अधिसूचना आने की संभावना है, जिससे अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दावेदारों की किस्मत का फैसला हो सकता है. ऐसे में, पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है. यही वह मंच हो सकता है जहाँ पार्टी अपने भीतर के विभिन्न मतभेदों को सुलझा कर एक राय बना ले—कि प्रदेश में पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए. यह निर्णय केवल एक नियुक्ति नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा की स्थिति और भविष्य की दिशा को परिभाषित करेगा.  

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