LATEST NEWS

Pachmarhi में BJP विधायकों-सांसदों की लगेगी क्लास, मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं, बीजेपी के चाणक्य देंगे ‘गुरुमंत्र’

पचमढ़ी  मध्यप्रदेश बीजेपी, एक खास तरह का प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है, जो पचमढ़ी की वादियों में 14 जून से 16 जून तक चलेगा. इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे, जिन्हें पार्टी में रणनीति के चाणक्य के तौर पर जाना जाता है. अमित शाह उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे और बीजेपी की विचारधारा से लेकर संगठन पर चर्चा करेंगे. सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को 13 जून की रात तक पचमढ़ी पहुंचना होगा, ताकि 14 जून दोपहर 12 बजे से होने वाले कार्यक्रम में पूरी उपस्थिति हो सके. मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी का प्रशिक्षण शिविर में कुल तीन सत्र आयोजित किए जाएंगे. पहले सत्र में पार्टी की विचारधारा ‘हमारा विचार और पंच निष्ठा’ पर चर्चा होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह और वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव मार्गदर्शन देंगे. दूसरे सत्र में बीजेपी की कार्यपद्धति पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सांसद बंशीलाल गुर्जर जानकारी साझा करेंगे. तीसरे और अंतिम सत्र में स्वप्निल कुलकर्णी तथा प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी द्वारा पार्टी की शताब्दी वर्ष योजना और पंच परिवर्तन विषय पर प्रस्तुति दी जाएगी.  तीन ग्रुपों में बांटा जाएगा दूसरे दिन के प्रशिक्षण में नेताओं को विधानसभा क्षेत्रों में प्रबंधन, चुनावी इनोवेशन और सदन में बेहतर भूमिका निभाने को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा. विधायकों और सांसदों को अनुभव के आधार पर तीन ग्रुपों में बांटा जाएगा. पहले ग्रुप में पहली और दूसरी बार के विधायक होंगे, जिन्हें सुधीर गुप्ता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा संबोधित करेंगे. दूसरे ग्रुप में वरिष्ठ विधायक होंगे, जिनसे उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ला, विधायक प्रदीप लारिया और हरिशंकर खटीक संवाद करेंगे. तीसरे ग्रुप में राज्यसभा और लोकसभा सांसद होंगे, जिनसे केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक और राज्य मंत्री दुर्गादास उईके मार्गदर्शन करेंगे. योग से होगी शुरूआत हर दिन की शुरुआत योग और ध्यान से होगी, जो सुबह 6 बजे सभी नेताओं के साथ सामूहिक रूप से कराया जाएगा. इस कैंप में नेताओं को सिर्फ भाषण नहीं बल्कि नेतृत्व कौशल, समय प्रबंधन और जनसंपर्क जैसी चीजों पर भी व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. पचमढ़ी की हरियाली और शांत वातावरण में नेताओं को आत्मचिंतन और राजनीतिक दिशा पर सोचने का अवसर मिलेगा. यह प्रशिक्षण वर्ग आने वाले चुनावों और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां पार्टी की सोच और संगठनात्मक अनुशासन को और धार दी जाएगी.  उद्घाटन सत्र में अमित शाह बताएंगे जनसंघ से बीजेपी तक की विकास यात्रा 13 जून की रात तक सभी प्रशिक्षणार्थी विधायक, सांसद और मंत्री पचमढ़ी पहुंच जाएंगे। 14 जून को दोपहर 12 बजे से आयोजित उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसंघ से लेकर भाजपा की विकास यात्रा के बारे में व्याख्यान देंगे। अमित शाह के साथ मंच पर सीएम डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहेंगे। पहले दिन होंगे चार सत्र डेढ़ घंटे के लंच ब्रेक के बाद करीब साढ़े तीन बजे से पहला सत्र होगा। इस सत्र में “हमारा विचार और पंच निष्ठा” विषय पर प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव संबोधन देंगे। इसके बाद दूसरे सत्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सांसद बंशीलाल गुर्जर भाजपा की कार्यपद्धति पर जानकारी देंगे। चुनाव क्षेत्र में मैनेजमेंट, इनोवेशन और सदन में भूमिका पर एक ही सत्र में 3 ग्रुप बनेंगे दूसरे दिन के शुरुआती सत्र में विधायकों-सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र में मैनेजमेंट इनोवेशन और चुनौतियों के साथ सदन में भूमिका पर जानकारी दी जाएगी इस सत्र में विधायकों-सांसदों के तीन ग्रुप बनाए जाएंगे। पहले ग्रुप में पहली और दूसरी बार के विधायकों को सांसद सुधीर गुप्ता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीता शरण शर्मा संबोधित करेंगे। दूसरे समूह में बाकी बचे वरिष्ठ विधायकों को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रदीप लारिया और हरिशंकर खटीक संबोधित करेंगे। तीसरे समूह में राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास ऊईके संबोधित करेंगे। सीएम बताएंगे- उमा भारती से मोहन तक बीजेपी का सफर लंच ब्रेक के बाद विकसित मप्र 2047-अवसर एवं चुनौती( 2003 से 2023) तक की पृष्ठभूमि पर – सीएम डॉ मोहन यादव अपना वक्तव्य देंगे। पूर्व मंत्री और दमोह विधायक जयंत मलैया इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे। सोशल मीडिया और मीडिया पर स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विमर्श बनाने में हमारी भूमिका के विषय पर विनोद तावडे व्याख्यान देंगे। धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम सत्र की अध्यक्षता करेंगे। शिवप्रकाश समझाएंगे समन्वय और समाधान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को समन्वय, प्रक्रिया, समस्या और समाधान के विषय में समझाएंगे। शिवप्रकाश यह भी बताएंगे कि संगठन, अन्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, विचार परिवार और स्वयं के परिवार के लिए समय प्रबंधन करें और पर्सनल, प्रोफेशनल लाइफ में तालमेल बनाएं। कैलाश, प्रहलाद और देवड़ा बताएंगे एमपी बीजेपी का उद्भव दूसरे दिन डिनर के बाद कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और डिप्टी सीएम मप्र में बीजेपी का उद्भव और विकास संस्मरण के स्वरूप को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सुनाएंगे। अंतिम दिन सीखेंगे स्पीच स्किल और मोबाइल शिष्टाचार प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम दिन सुबह 7 बजे से 45 मिनट का योग प्रार्थना और खेल का आयोजन होगा। नाश्ते के बाद सांसदों, विधायकों को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल वक्तव्य कौशल, सामाजिक और मोबाइल शिष्टाचार सिखाएंगे। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार इस सत्र की अध्यक्षता करेंगी। अंतिम सत्र में जिज्ञासाओं यानि विधायकों, सांसदों के सवाल-जवाब होंगे। इसमें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे।

तरैया विधानसभा सीट महाराजगंज लोकसभा के तहत आता है, क्या कायम रहेगा बीजेपी का कब्जा?

महाराजगंज तरैया विधानसभा सीट महाराजगंज लोकसभा के तहत आता है। 1967 में तरैया सीट अस्तित्व में आई थी। 1967 में हुए चुनाव में तरैया सीट से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के कैंडिडेट धर्मनाथ सिंह ने जीत हासिल की थी। 1969 में तरैया सीट पर जनता पार्टी के कैंडिडेट प्रभु नारायण सिंह ने विरोधियों को मात दे दिया था। वहीं 1972 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर प्रभुनाथ सिंह ने तरैया सीट से जीत हासिल कर ली थी। 1977 में जनता पार्टी की टिकट पर धर्मनाथ सिंह जीत का परचम लहरा दिया था। 1980 में कांग्रेस की टिकट पर फिर एक बार प्रभुनाथ सिंह ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।  वहीं 1985 में बीजेपी के कैंडिडेट रामदास राय ने चुनाव में तरैया सीट पर जीत हासिल किया था। 1990 में जनता दल के टिकट पर राजीव प्रताप रूडी ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।1995 में रामदास राय ने तरैया सीट पर विधानसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर विरोधियों को शिकस्त दे दिया था। वहीं 2000 और 2005 के चुनाव में तरैया सीट पर रामदास राय ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2010 में बीजेपी के कैंडिडेट जनक सिंह ने सभी विरोधियों को हरा कर जीत का परचम लहरा दिया था। 2015 के चुनाव में तरैया से आरजेडी के कैंडिडेट मुद्रिका प्रसाद राय ने विरोधियों को हरा कर जीत हासिल की थी लेकिन 2020 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार जनक सिंह ने यहां आरजेडी को मात दे दिया था।  वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में तरैया सीट पर बीजेपी उम्मीदवार जनक सिंह ने जीत का परचम लहराया था। जनक सिंह को 53 हजार चार सौ तीस वोट मिला था तो आरजेडी कैंडिडेट सिपाही लाल महतो 42 हजार एक सौ 23 वोट लाने में सफल रहे थे। इस तरह से जनक सिंह ने सिपाही लाल महतो को 11 हजार तीन सौ सात वोटों के अंतर से हरा दिया था। वहीं निर्दलीय कैंडिडेट सुधीर कुमार सिंह 15 हजार चार सौ 25 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।  वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में तरैया सीट से आरजेडी कैंडिडेट मुद्रिका प्रसाद राय ने जीत हासिल की थी। मुद्रिका प्रसाद राय को 69 हजार 12 वोट मिला था तो बीजेपी कैंडिडेट जनक सिंह को 48 हजार पांच सौ 72  वोट ही मिल पाया था। इस तरह से मुद्रिका प्रसाद राय ने जनक सिंह को 20 हजार चार सौ 40 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं निर्दलीय कैंडिडेट ब्रज बिहारी सिंह, 3 हजार नौ सौ 80 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।  वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में तरैया सीट से बीजेपी कैंडिडेट जनक सिंह ने जीत हासिल की थी। जनक सिंह को 26 हजार छह सौ वोट मिला था तो कांग्रेसी कैंडिडेट तारकेश्वर सिंह ने 19 हजार छह सौ 30 वोट हासिल किया था। इस तरह से जनक सिंह ने तारकेश्वर सिंह को 6 हजार नौ सौ 70 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं निर्दलीय कैंडिडेट मुद्रिका प्रसाद राय, 16 हजार तीन सौ 38 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।  वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में तरैया सीट से आरजेडी कैंडिडेट रामदास राय ने जीत हासिल की थी। रामदास राय को 29 हजार छह सौ 15 वोट मिला था तो बीजेपी कैंडिडेट जनक सिंह 22 हजार आठ सौ दो  वोट ही हासिल कर पाए थे। इस तरह से रामदास राय ने जनक सिंह को 6 हजार आठ सौ 13 वोट के कम अंतर से हरा दिया था। वहीं बीएसपी कैंडिडेट कमला प्रसाद सिंह, 12 हजार तीन सौ 14 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे थे।  तरैया सीट पर यादव और राजपूत वोटरों का दबदबा है। दोनों सामाजिक समूहों की आबादी लगभग 42 फीसदी है। वैसे इस सीट को आरजेडी को गढ़ माना जाता था लेकिन 2020 के चुनाव में यहां बीजेपी ने आरजेडी को शिकस्त दे दिया था। इस बार तेजस्वी यादव अपने पुराने गढ़ को फिर से हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं लेकिन अपने मकसद में तेजस्वी यादव कितना सफल होंगे ये तो आने वाले वक्त ही बताएगा। 

फडणवीस और राज ठाकरेके बीच मुंबई के एक पांच सितारा होटल में बंद कमरे में हुई बैठक, उद्धव को लगा झटका?

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुंबई के एक पांच सितारा होटल में बंद कमरे में बैठक हुई। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली और इसे लेकर किसी भी पक्ष ने पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) लगातार एमएनएस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को हवा दे रही थी और ‘मराठी मानूस’ की एकजुटता की अपील कर रही थी। वहीं, एमएनएस की चुप्पी और अब भाजपा नेताओं से मुलाकात इस बात का संकेत देती है कि राज ठाकरे उद्धव ठाकरे की बजाय भाजपा और शिंदे गुट के साथ जुड़ने का मन बना रहे हैं। आपको बता दें कि 14 जून को राज ठाकरे और 13 जून को आदित्य ठाकरे का जन्मदिन है। शिवसेना (UBT) कार्यकर्ता इन तारीखों को प्रतीकात्मक एकता दिवस के रूप में पेश कर रहे थे, लेकिन यह अचानक बैठक उनके मंसूबों पर पानी फेर सकती है। उद्धव गुट के तमाम प्रयास बेअसर पिछले कुछ महीनों से उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और संजय राऊत समेत शिवसेना (UBT) के नेता लगातार राज ठाकरे से सार्वजनिक अपील कर रहे थे। पुराने पारिवारिक फोटो, सोशल मीडिया पोस्ट और ‘सामना’ में प्रकाशित भावनात्मक लेखों के माध्यम से ‘मराठी अस्मिता’ की एकता का संदेश दिया जा रहा था। लेकिन एमएनएस की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। हाल ही में राज के बेटे अमित ठाकरे ने भी स्पष्ट किया था कि गठबंधन मीडिया बाइट्स से नहीं बनते। शिंदे गुट ने भी खोला दरवाजा राज ठाकरे को भाजपा के अलावा शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से भी गठबंधन का प्रस्ताव मिला है। संजय शिरसाट, मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता ने गुरुवार को कहा, “हमने पहले भी विधानसभा चुनाव के समय गठबंधन की पेशकश की थी। आज भी हम राज साहेब को साथ आने का निमंत्रण देते हैं।” आपको बता दें कि निकट भविष्य में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव होने हैं। भाजपा और एमएनएस के साथ आने से मराठी और हिंदुत्व वोटों को साझा किया जा सकता है। पूर्व महापौर और शिवसेना (UBT) नेता किशोरी पेडनेकर ने कहा, “अभी इसपर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी। दोनों भाइयों ने पहले मतभेदों को गौण बताया है। देखते हैं आगे क्या होता है।”  

मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुटे

भोपाल  मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के करीब ढाई सौ ऑब्जर्वर प्रक्रिया में जुट गए हैं. कांग्रेस प्रदेश के 55 जिलों में नए जिला और ब्लॉक अध्यक्ष का चयन करेगी. उधर जिले और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए कांग्रेस ने उम्र का बंधन खत्म कर दिया है. जिले और ब्लॉक में पार्टी संगठन के लिए योग्य कार्यकर्ता को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. हालांकि पार्टी ने साफ कर दिया है कि 2023 के चुनाव के दौरान बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में आए नेताओं को संगठन के इस चुनाव में तवज्जो नहीं दी जाएगी. कांग्रेस ने ऐसे बाहरी नेताओं के लिए लॉयटी टेस्ट की समय सीमा 5 साल निर्धारित कर दी है. कांग्रेस में 5 साल पूरे करने वाले आयातित नेता के नाम पर ही विचार किया जाएगा. 5 साल में पूरा होगा लॉयटी टेस्ट विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 3 जून को भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरूआत की है. इस अभियान के तहत कांग्रेस ने 55 जिलों में 165 ऑब्जर्वर्स तैनात किए हैं. यह ऑब्जर्वर्स सभी जिलों में पहुंच गए हैं. पार्टी में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए जमीनी स्तर पर नए नेतृत्व की तलाश शुरू कर दी है. कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए उम्र का क्राइटेरिया निर्धारित नहीं किया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि “उम्र को लेकर कोई क्राइटेरिया नहीं है. इसमें योग्यता ही पैमाना होगा, जो सबसे योग्य व्यक्ति समन्वय का निकलेगा, जो पार्टी की विचारधारा के प्रति ईमानदार होगा, उसे ही मौका दिया जाएगा. जीतू पटवारी ने कहा कि पिछले 5 साल के दौरान बीजेप से कांग्रेस में आए नेताओं को अभी इसमें जगह नहीं दी जाएगी.    एआईसीसी को जाएगी रिपोर्ट संगठन सृजन के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस ने 60 और प्रदेश कांग्रेस ने 180 पर्यवेक्षकों को नियुक्ति दी है. यह सब अब करीबन एक हफ्ते जिलों में रहेंगे और इसके बाद वहां के दौरे करते रहेंगे. इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों से चर्चा कर एक पैनल तैयार करेगी. इसमें जिले का जातिगत समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा. पहला चरण 30 जून तक चलेगा. एसआईसीसी से बनाए गए पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट सीधे एआईसीसी को ही देगी.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- पीएम बेवजह लोकतंत्र की बातें करते हैं, उन्हें लोकतंत्र पर किसी भी प्रकार का वक्तव्य देने का हक नहीं

बेंगलुरु  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के रिक्त पद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री बेवजह लोकतंत्र की बातें करते हैं। उन्हें लोकतंत्र पर किसी भी प्रकार का वक्तव्य देने का हक नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने दोनों ही कार्यकाल में लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के पद को खाली रखा। अब यह तीसरा कार्यकाल आ चुका है। लेकिन, प्रधानमंत्री की ओर से अभी तक इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान में इस बात का भलीभांति वर्णन किया गया है कि लोकसभा के डिप्टी स्पीकर के क्या काम होंगे, उनके क्या कर्तव्य होंगे। इसके इतर, उनकी नियुक्ति कैसे होगी, इन सबके बारे में सब कुछ संविधान में बताया गया है। संविधान में यह भी कहा गया है कि जो सबसे बड़ा दल हो, उसके किसी नेता को डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी दी जाए। लेकिन, अफसोस अभी तक प्रधानमंत्री मोदी इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम उठाते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। इस तरह से पूरी संवैधानिक व्यवस्था पर आंच आ रही है, जिसे हम लोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में थे, तब हमने खुद डिप्टी स्पीकर के पद की जिम्मेदारी विपक्ष के नेता को दी थी। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से अभी तक इस दिशा में कोई भी संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वह अलोकतांत्रिक तरीके से अपने कामों को करते हैं, जिसे एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही, प्रधानमंत्री के इस व्यवहार से उनकी हठधर्मिता भी जाहिर होती है कि वह एक छोटा सा पद भी विपक्ष के किसी नेता को नहीं देना चाहते हैं। इस तरह से पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मैंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा, जिसमें मैंने डिप्टी स्पीकर के रिक्त पद का मुद्दा उठाया है। मैंने मांग की है कि इस पद को जल्द से जल्द भरा जाए। साथ ही, मैंने पत्र में यह भी जिक्र किया है कि पिछले 10 सालों में आपने आज तक इस पद को भरने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। प्रधानमंत्री को यह पता होना चाहिए कि इस देश में संविधान के अनुरूप सरकार चलती है और आप संविधान से परे नहीं जा सकते हैं। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा था। खड़गे ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर के खाली पद को लेकर अपनी बात पहुंचाई थी। उन्होंने कहा था कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार पिछले दो लोकसभा सत्रों में डिप्टी स्पीकर का पद खाली रहा है और यह चिंता की बात है।

आप विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली हाई कोर्ट से लगा झटका, बटला हाउस में ध्वस्तीकरण से राहत देने से इनकार

नई दिल्ली बटला हाउस क्षेत्र में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरुद्ध दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने से बुधवार को इनकार कर दिया।  न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज करने की बात की। अदालत के रुख को देखते हुए आप विधायक अमानतुल्ला खान की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने याचिका वापस लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया। अनुरोध को स्वीकार करते हुए अदालत ने याचिका खारिज कर दी। वकील ने कहा- सीमांकन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं किया पीठ ने कहा कि कुछ पीड़ित व्यक्तियों ने कानूनी उपायों का लाभ उठाया है और कुछ को राहत भी मिली है। याचिकाकर्ता एक सामाजिक व्यक्ति हैं। ऐसे में वह बटला हाउस क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को तीन कार्य दिवसों के भीतर उचित मंच के समक्ष उचित कार्यवाही दायर करने के उनके अधिकार के बारे में सूचित करें।सुनवाई के दौरान अमानतुल्लाह खान की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि विचाराधीन भूमि का सीमांकन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप नहीं किया गया। सात मई को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश मिला था सर्वोच्च न्यायालय ने सात मई को डीडीए को खसरा संख्या 279 में अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त करने का आदेश दिया। यह भूमि ओखला गांव में मुरादी रोड के किनारे लगभग 2.8 बीघा या 0.702 हेक्टेयर होने का अनुमान है। खुर्शीद ने कहा कि अधिकारी निर्दोष व्यक्तियों की संपत्ति भी ध्वस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीडीए ने कारण बताओ नोटिस जारी कर कई परिसरों के बाहर एक सामान्य नोटिस चिपका दिया, जो खसरा संख्या 279 में आते ही नहीं हैं। डीडीए ने कहा- जनहित याचिका विचार करने योग्य नहीं वहीं, डीडीए की तरफ से पेश हुईं वकील शोभना टाकियार ने तर्क दिया कि सर्वोच्च न्यायालय के विशिष्ट निर्देश को देखते हुए जनहित याचिका विचारणीय नहीं है। नोटिस में केवल पीड़ित लोगों को ही उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि डीडीए ने उक्त नोटिस सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में थे और इसमें जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। खान के वकील ने कहा- सीमांकन करने ही है मांग वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बाहर कुछ भी मांग नहीं कर रहे हैं। कहा कि मेरे मुवक्किल की मांग है कि इलाके का सीमांकन किया जाए क्योंकि अगर एक बार ध्वस्तीकरण शुरू हो गया तो फिर कुछ नहीं हो सकेगा। इस संबंध में प्रविवेदन दिया गया था, लेकिन इस पर डीडीए ने सुनवाई नहीं की। लोगों के घरों की बिजली काटी जा रही है और ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।

कांग्रेस को रेस के घोड़े नहीं बल्कि सर्कस के घोड़े चाहिए : नेहा बग्गा

भोपाल  कांग्रेस के वरिष्ठ, अनुभवी एवं संगठन के लिए समर्पित नेता श्री लक्ष्मण सिंह जी को कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा 6 वर्ष के लिए निष्कासित करना स्पष्ट बताता है की जो भी पार्टी की गतिविधियों या वरिष्ठ नेतृत्व को सही दिशा में चलने का आईना दिखाएगा उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। कांग्रेस में आज के समय में पार्टी के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं का कोई स्थान नहीं है। जो गांधी परिवार की शरण वंदना और चाटुकारिता करेगा बस उसे स्थान मिलेगा। आज मूल प्रश्न तो यह उठता है की पीसीसी अध्यक्ष जिन्होंने पार्टी को तेल लेने भेजा हो या फिर दिग्विजय सिंह जिन्होंने 370 बहाल कर देश विरोधी बयान दिया ऐसे लोगों को सहेज कर रखना और सत्य बोलने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना, क्या यही कांग्रेस की मूल नीति बन गई है? विगत दिवस भोपाल में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने पार्टी में विभिन्न प्रजातियों के “घोड़े” का विश्लेषण किया था पर आज के निर्णय से यह स्पष्ट दिखाई देता है कि कांग्रेस को रेस के घोड़े नहीं बल्कि सर्कस के घोड़े चाहिए।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह पर पार्टी ने बड़ा एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. कांग्रेस अनुशासन समिति ने ये कदम लक्ष्मण सिंह की ओर से पार्टी विरोधी गतिविधियों और वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ की गई टिप्पणियों के चलते उठाया है.  दरअसल, लक्ष्मण सिंह ने बीते दिनों एक विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा था. ‘मुझे निकालना है तो निकाल दे’ उन्होंने उमर अब्दुल्ला पर आतंकवादियों से मिले होने का गंभीर आरोप लगाया था. इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा था कि पार्टी के नेताओं को सोच-समझकर बोलना चाहिए, नहीं तो उन्हें चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा. लक्ष्मण सिंह ने ये भी कहा था, ‘अगर पार्टी को मुझे निकालना है तो आज ही निकाल दे.’ ‘पार्टी ने नहीं नुकसान पहुंचाने वालों की जगह’ लक्ष्मण सिंह के इस बयान को पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले बताया गया और हाल ही में जब राहुल गांधी भोपाल में संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे तो उन्होंने कहा था कि पार्टी के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई होगी. राहुल गांधी ने दो टूक कहा था कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों को पार्टी में रखने की कोई जरूरत नहीं है. राहुल गांधी को लेकर की थी टिप्पणी लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को लेकर भी टिप्पणी करने की भी गुस्ताखी की थी. उन्होंने कहा था, रॉबर्ट वाड्रा जीजा जी, राहुल जी का, उन्होंने क्या कहा, मुसलमानों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देते इसलिए आतंकवादियों ने हमला किया. ये बचपना हम लोग कब तक झेलेंगे. राहुल गांधी सोच समझकर बात करें, वो नेता प्रतिपक्ष हैं. मध्य प्रदेश के राघोगढ़ सीट से कांग्रेस विधायक रह चुके लक्ष्मण सिंह के इस बयान ने कांग्रेस पार्टी के लिए असहज माहौल पैदा कर दिया था. पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के सदस्य सचिव तारिक अनवर की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। विज्ञप्ति में कहा गया है, “कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह साल की अवधि के लिए निष्कासित कर दिया है।” लक्ष्मण सिंह ने हाल के दिनों में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। कुछ सप्ताह पहले ही सिंह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को ‘नासमझ’ करार दिया था। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि देश उनकी अपरिपक्वता के परिणाम भुगत रहा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद कांग्रेस नेता ने रॉबर्ट वाड्रा की टिप्पणी पर कड़ी आलोचना की थी। वॉड्रा ने कहा था कि आतंकवादियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश दिया है कि भारत में ‘मुसलमान कमजोर महसूस कर रहे हैं।’ इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि व्यवसायी का बयान “देश की सुरक्षा के लिए खतरा है”। उन्होंने यह भी दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों के साथ “मिलीभगत” कर सकते हैं। उन्होंने कहा था, “रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान कि आतंकवादियों ने इसलिए हमला किया क्योंकि उन्होंने मुसलमानों को सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी, न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। मैं यह सब कैमरे के सामने कह रहा हूं, ताकि कोई भ्रमित न हो। कांग्रेस को बोलने से पहले 10 बार सोचना चाहिए, अन्यथा जनता चुनावों में इसका जवाब देगी।” कौन हैं लक्ष्मण सिंह आपको बता दें कि लक्ष्मण सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं. वह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा हैं. वो पांच बार सांसद रह चुके हैं. हालांकि, बीते दिनों की पार्टी में सक्रियता भी कम देखी गई है.  

जुलाई में मिल सकता है बीजेपी को नया अध्यक्ष, पीएम मोदी की हरी झंडी का इंतज़ार, इन नामों की चर्चा तेज

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर बड़ी अहम जानकारी सामने आई है. पार्टी के करीबी सूत्रों के मुताबिक अगले महीने यानी जुलाई में हर हाल में पार्टी के नए ड्राइवर यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा. इस तरह लगभग साफ हो गया है कि जुलाई में मिलेगा भाजपा को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा, जिस पद को लेकर साल भर से अटकलों का दौर लगातार जारी है. संसद सत्र से पहले होगा फैसला: सूत्र संसद सत्र  21 जुलाई को शुरू होने से पहले दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जा सकती है. भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर राष्ट्रीय परिषद से लगेगी मुहर. वहीं इसी सिलसिले से पहले और 21 जून के बाद भाजपा के 10 राज्यो के प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा होगी. राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले भाजपा को कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है। उत्तराखंड में एक ब्राह्मण चेहरा सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले ब्राह्मण उम्मीदवार पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब पिछड़े वर्ग से अध्यक्ष बनाने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में अब तक का फार्मूला था – मुख्यमंत्री OBC और प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण, लेकिन अब पार्टी जनजातीय नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है क्योंकि वर्तमान में कोई आदिवासी प्रतिनिधित्व नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय मंत्री), शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री), मनोहर लाल खट्टर (कैबिनेट मंत्री) जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनमें से कुछ नाम संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मजबूत माने जा रहे हैं, तो कुछ नाम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सामने आए हैं। संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद अब जोर पकड़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल पहले ही लोकसभा चुनाव तक बढ़ाया जा चुका है। नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे और 2023 में उनका कार्यकाल 2024 के आम चुनाव तक बढ़ाया गया था। अब जबकि लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं, पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जून के दूसरे सप्ताह में अधिसूचना सूत्रों के अनुसार, बीजेपी जून के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकती है। इसके तहत सबसे पहले राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के संविधान के अनुसार होगी, जिसमें नामांकन, छंटनी और मतदान जैसे चरण शामिल होंगे। चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति गठित की जाएगी, जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जे. पी. नड्डा दोबारा चुनाव लड़ेंगे या कोई नया चेहरा सामने आएगा, लेकिन पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तर पर उत्सुकता चरम पर है। बीजेपी का नया अध्यक्ष 2026 के विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ संगठनात्मक परिवर्तन नहीं बल्कि पार्टी की भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं को भी तय करेगा। विपक्ष की भी नजर इस चुनाव पर बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे पार्टी की नीतियों, संगठनात्मक प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ेगा। यह चुनाव पार्टी के राजनीतिक भविष्य का रोडमैप तैयार करेगा। पैनल तैयार नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के लिए कई नामों का पैनल तैयार है. अंतिम फैसला जल्द होने की उम्मीद लगाई जा रही है. आपको बताते चलें कि बीजेपी अध्यक्ष के पद को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने भी बीजेपी को घेरने की कोशिश की लेकिन वो अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए. देरी क्यों हुई इसे लेकर पार्टी का कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है

स्मृति ईरानी ने कहा- सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं, विपक्ष को इससे दुर्भाव है तो यह खेदजनक

रांची  रांची पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष के कार्यकाल के पूरे होने पर कई उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने मंगलवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। उन्होंने विपक्ष के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर राजनीति करने वाले बयान पर भी जवाब दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत के हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह न सिर्फ अपनी सेना पर गर्व करे, बल्कि उनके शौर्य और पराक्रम को नमन करे। अगर भारतीय सेना के पराक्रम को हम वंदनीय बनाते हैं और विपक्ष को उससे कोई दुर्भाव है, तो यह खेदजनक है। मेरा मानना है कि हिंदुस्तान का नागरिक या राजनीतिक दल हो, जिसे हमारी भारतीय सेना पर नाज हो। विपक्ष के पीओके गंवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ विषयों का जवाब सरकार संसद में देगी। पीएम मोदी न सिर्फ एक प्रभावी प्रशासक हैं, बल्कि प्रभावी वक्ता भी हैं। विपक्ष के जितने भी सवाल हैं, सरकार निश्चित रूप से पूर्ण क्षमता के साथ जवाब देगी। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र की कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। 50 करोड़ लोगों को जनधन योजना के माध्यम से देश की तिजोरी तक जोड़ना, यह मोदी सरकार की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसके साथ ही लगभग 45 लाख करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से देश की तिजोरी से लोगों के सीधे बैंक के खाते में गए हैं। हमारे देश में शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि 11 करोड़ किसानों को सीधे देश की तिजोरी से जोड़कर किसान सम्मान निधि की कोई योजना संभव हो पाएगी। लेकिन, पीएम मोदी ने इसे न सिर्फ संभव किया, बल्कि सफल करके भी दिखाया। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान योजना के चलते 10 करोड़ परिवार और 40 करोड़ लोगों तक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हो, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित करना हो, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात हो या फिर महिलाओं को परमानेंट कमीशन मुहैया करना हो, बेटियों को सैनिक स्कूलों में भर्ती करवाने की व्यवस्था हो, देश के आदिवासी समाज को समर्पित करने की बात, अनुच्छेद-370 समाप्त करने की बात हो, मोदी सरकार ने हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए सेवाभाव से काम किया है। मैं इन उपलब्धियों के लिए केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देती हूं।

सिब्बल ने जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति और उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सिब्बल ने सवाल पूछा कि जगदीप धनखड़ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर कुमार यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जज को बचाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उन्होंने पिछले साल सांप्रदायिक बयान दिया था. न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश इसके साथ ही सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव का विरोध करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्यसभा सभापति ने शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच को सुप्रीम कोर्ट में चिट्ठी लिखकर रुकवा दिया, उस तरह की चिट्ठी यशवंत वर्मा के मामले में क्यों नहीं लिखी गई. सिब्बल ने कहा कि इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर मंत्री किरेन रिजिजू जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाकर उन्हें पद से हटाना चाहते हैं और इसके लिए वह वकीलों से सलाह भी ले रहे हैं. कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर सरकार जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आती है तो हम इसका विरोध करेंगे क्योंकि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इससे न्यायपालिका की आजादी को बहुत बड़ा खतरा है. सिर्फ इन-हाउस रिपोर्ट के आधार पर किसी जज को पद से नहीं हटाया जा सकता. सरकार न्यायाधीश जांच अधिनियम की अनदेखी करना चाहती है और यह न्यायपालिका को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. जस्टिस वर्मा के लिए क्यों नहीं लिखी चिट्ठी सिब्बल ने जस्टिस शेखर यादव के मामले को लेकर कहा कि पूरी घटना में भेदभाव की बू आती है, क्योंकि एक ओर तो राज्यसभा के महासचिव ने भारत के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे शेखर यादव के खिलाफ इन-हाउस जांच न करें, क्योंकि उनके खिलाफ राज्यसभा में एक याचिका लंबित है, जबकि जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में ऐसा नहीं किया गया. कपिल सिब्बल ने जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, छह महीने में संवैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं करता है तो सवाल उठना स्वाभाविक है. सिब्बल ने कहा कि 13 दिसंबर 2024 को हमने शेखर यादव के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था, इस पर 55 सांसदों के साइन थे, छह महीने बीत गए हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है. साइन वैरिफाई करने में 6 महीने लगते हैं? उन्होंने ने कहा, ‘मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ यह वैरिफाई करना है कि साइन हैं या नहीं, क्या इसमें छह महीने लगने चाहिए? एक और सवाल यह उठता है कि क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाने की कोशिश कर रही है.’ उन्होंने कहा कि VHP के निर्देश पर शेखर यादव ने हाई कोर्ट परिसर में भड़काऊ भाषण दिया था और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट में आया जिसने कार्रवाई की. सिब्बल ने कहा, ‘शेखर यादव से दिल्ली में पूछताछ की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से भी रिपोर्ट मांगी गई. मैंने सुना कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नेगेटिव रिपोर्ट दी है और इस बीच 13 फरवरी 2025 को राज्यसभा सभापति ने कहा कि इस मामले को संवैधानिक तरीके से देखा जाना चाहिए और संसद इसे आगे बढ़ा सकती है.’ क्या धनखड़ को लेटर लिखना चाहिए? कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्यसभा सचिवालय ने चीफ जस्टिस को लेटर भेजकर कोई कार्रवाई न करने को कहा है क्योंकि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस है और सुप्रीम कोर्ट को शेखर यादव के खिलाफ अपनी आंतरिक प्रक्रिया रोकनी चाहिए. सिब्बल ने कहा, ‘मुझे समझ में नहीं आ रहा कि ऐसा किस आधार पर हुआ? क्या चेयरमैन को सीजेआई को ऐसा पत्र लिखना चाहिए? इन-हाउस प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की अपनी है, इसका महाभियोग प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं है. अभी तक महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार भी नहीं किया गया है, छह महीने हो गए हैं और सिर्फ साइन वैरिफाई किए जा रहे हैं.’ सिब्बल ने कहा, ‘जस्टिस यादव ने जो कहा, वह सबके सामने है, इसमें कोई शक नहीं है. उन्होंने इस पर कोई विवाद नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि क्या उन्हें ऐसा कहना चाहिए था, क्योंकि हमारे मुताबिक यह पूरी तरह सांप्रदायिक बयान है और यह भी तय करना था कि क्या उन्हें यह बयान देने के बाद जज की कुर्सी पर बैठना चाहिए.’ शेखर यादव को बचा रही है सरकार उन्होंने कहा, ‘आपने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच पर लेटर क्यों नहीं लिखा? तो क्या यह सरकार शेखर यादव को बचाना चाहती है, हमें लगता है कि वे उसे बचाना चाहते हैं. सिब्बल ने कहा कि या तो शेखर यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी या फिर वे महाभियोग नोटिस में कुछ हस्ताक्षरों को खारिज कर देंगे और प्रस्ताव को खारिज कर देंगे ताकि हम सुप्रीम कोर्ट जाएं और इसमें समय लगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि शेखर यादव 2026 में रिटायर हो जाएं.’ 13 दिसंबर को कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर यादव के विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए राज्यसभा में नोटिस पेश किया था. महाभियोग प्रस्ताव लाने के नोटिस पर सिब्बल, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, जॉन ब्रिटास, मनोज कुमार झा और साकेत गोखले सहित 55 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए. नोटिस में कहा गया है कि VHP की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस यादव ने भारत के संविधान का उल्लंघन करते हुए नफरत फैलाना वाला भाषण दिया, जो पूरी तरह से भड़काऊ था. नोटिस में यह भी जिक्र किया गया है कि जज ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया और उनके लिए पक्षपात और पूर्वाग्रह का नजरिया दिखाया.  

मोदी का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है, लेकिन, पहले साल में कुछ खास नहीं हुआ

मुंबई  शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले साल को नाकाम बताया और विदेश नीति, सुरक्षा, और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। राउत ने कहा कि मोदी का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है। लेकिन, पहले साल में कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि मोदी की ‘नंबर्स की राजनीति’ 240 सीटों पर अटक गई और उनकी दूसरी योजनाएं भी अधूरी रह गईं। राउत ने पूछा, “यह साल बेमिसाल नहीं है, आखिर क्या हुआ?” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में देश की दिशा और दशा खराब हो गई। इस साल 26 महिलाओं का सिंदूर उजड़ा, लेकिन मोदी चुप हैं। राउत ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की घोषणाएं की गईं, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मोदी सरकार पर देश को कमजोर करने का आरोप लगाया। राउत ने कहा, “70 साल में देश ने ऐसी लाचारी नहीं देखी, जो मोदी के कार्यकाल में देखने को मिली। देश छोटे-छोटे देशों और कनाडा के सामने घुटने टेक रहा है।” उन्होंने विदेश नीति को पूरी तरह बर्बाद बताया और दावा किया कि पाकिस्तान को चीन, रूस, तुर्की, अजरबैजान, अमेरिका, आईएमएफ, और एशियाई विकास बैंक ने समर्थन दिया, जबकि भारत जवाब देने में नाकाम रहा। राउत ने संसद के विशेष सत्र की मांग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने पाकिस्तान को चार टुकड़ों में बांटने और उसकी हरकतों का जवाब देने की मांग की थी। लेकिन, सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने विदेश भेजे गए प्रतिनिधिमंडलों को राजनीतिक आयोजन करार दिया और कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात कर उनका फीडबैक लेंगे। संजय राउत ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन पर पूरा ध्यान और बजट दिया जा रहा है। लेकिन, लोकल ट्रेनों की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गरीब लोग लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। लेकिन, सरकार की प्राथमिकता बुलेट ट्रेन है। यह सुरक्षा और जरूरतों की हत्या जैसा है। उन्होंने मोदी सरकार पर देश को कमजोर और लाचार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विदेश नीति से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक, हर मोर्चे पर सरकार नाकाम रही है।

मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया: रामेश्वर शर्मा

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान चल रहा है, कांग्रेस ने नेता जिला स्तर पर जाकर जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी द्वारा बनाये गए नए फार्मूले की जानकारी दे रहे हैं, इस अभियान में पार्टी अंदरूनी स्तर पर भी आमूलचूल परिवर्तन करने वाली है लेकिन भाजपा ने इसे लेकर तंज कसा है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस का सृजन हो रहा है या नेताओं का विसर्जन हो रहा है यह तो वही जानें हमको उससे क्या लेना देना ? उन्होंने कहा जैसी कांग्रेस चल रही है हम तो शुभकामनाएँ देंगे। एक ही पेड़ है उसके नीचे बैठकर जो चाहे निर्णय ले लो विधायक शर्मा ने कहा कि  बेचारे अच्छे खासे आराम कर रहे हैं, कितनी तेज धूप हो रही है ऐसी धूप में जाकर करेंगे क्या ? ढूंढेंगे किसको? आदमी बचा हो तो ढूढेंगे न, जब लोग ही नहीं बचे तो ढूंढेंगे क्या? एक ही पेड़ है उसके नीचे बैठकर जो चाहे निर्णय ले लो, आदमी हो तो आदमी ढूंढोगे, जब आदमी बचे ही नहीं तो ढूंढोगे क्या? जो फूल छाप बन गए उनके बारे में कैसे निर्णय लेंगे? पिछले दिनों राहुल गांधी द्वारा भोपाल में पार्टी के नेताओं को फूल छाप कांग्रेसी बताने के बयान का जिक्र करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो बचे हैं उनको आपने शंका के दायरे में डाल दिया, उनको सबको फूल छाप बना दिया और जो फूल छाप बन गए उनके बारे में कैसे निर्णय लेंगे? हर कांग्रेसी एक दूसरे पर शंका कर रहा है भाजपा विधायक ने कहा कि अब तो ऐसी स्थिति है कि जो कांग्रेस का टिकट लेता है वह भी फूल छाप निकल जाता है, जो कांग्रेस का अध्यक्ष बनता है वह भी फूल छाप निकल जाता है। अब कुल मिलाकर भाजपा का ऐसा फोबिया सवार हो गया है कि हर कांग्रेसी एक दूसरे पर शंका कर रहा है कि ऐसा तो नहीं कि यह भाजपा का आदमी हो, यह मोदी का आदमी हो? मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आज जिसके भी मुंह से जय श्री राम निकला वह बस कांग्रेस की शंका के दायरे में आया, इसलिए उनका सृजन और विसर्जन दोनों एक साथ चल रहा है। गौरतलब है कि संगठन सृजन अभियान के जरिये कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है, जिला अध्यक्षों को अधिकार सम्पन्न बना रही है जिससे वो स्थानीय स्तर पर पार्टी को ताकतवर बनायें और ये सब केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में हो रहा है।

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही

भोपाल कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही है। अमृतसर सांसद गुरमीत सिंह औजला ने तीन दिन शहर में रहकर इसके लिए मंथन किया। इस दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन प्रदेश प्रभारी के एक बयान से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीर है। नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी एक दिन पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी(Harish Chaudhary) और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया विभाग की वर्चुअली मीटिंग ली थी। इसमें चौधरी ने कहा था कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी, लेकिन 45 वर्ष से अधिक के नेताओं को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। कई नेताओं की उम्र 45 वर्ष से अधिक इंदौर में दावेदारी करने वाले कई नेता 45 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। ऐसे में अरविंद बागड़ी, अश्विन जोशी जैसे नेताओं की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। हालांकि चौधरी ने विशेष परिस्थितियों में रियायत देने की बात भी कही है।

राहुल गांधी ने BJP को जमकर घेरा- 11 साल का जश्न मना रही मोदी सरकार, उधर महाराष्ट्र में ट्रेन से गिरकर लोगों की हुई मौत

मुंबई  महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास एक चलती लोकल ट्रेन से कई यात्री गिर गए। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है। कई यात्री घायल भी हुए हैं। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और भारतीय रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाए है। राहुल गांधी का आरोप राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘जब मोदी सरकार 11 साल की सेवा का जश्न मना रही है, तब देश की सच्चाई मुंबई से आई इस दुखद खबर में दिख रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे करोड़ों लोगों की जिंदगी की रीढ़ है, लेकिन अब यह असुरक्षा, भीड़ और अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है। मोदी सरकार के 11 साल न जवाबदेही, न बदलाव, सिर्फ प्रचार।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘सरकार 2025 पर बात करना छोड़, अब 2047 के सपने बेच रही है, लेकिन आज के समय में देश क्या झेल रहा है, इस पर कौन ध्यान देगा? मैं मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ रेलवे का बयान सेंट्रल रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल धनराज नीला ने बताया कि इस हादसे में घायल 13 लोगों में से 4 की मौत हो चुकी है और 4 अन्य का इलाज अस्पताल में चल रहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी मौजूदा कोचों को बदलने का फैसला किया है। नए कोच एसी होंगे और उनमें स्वचालित दरवाजे होंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की है कि वे फुटबोर्ड पर खड़े होकर यात्रा न करें।   देवेंद्र फडणवीस ने जताया दुख महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। फडणवीस ने कहा कि घायलों का इलाज शिवाजी अस्पताल और ठाणे के सामान्य अस्पताल में जारी है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को कार्य में तत्पर रहने का निर्देश दिया और हादसे की वजह जानने के लिए रेलवे विभाग द्वारा जांच शुरू की है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet