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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल प्री बजट बैठकों से पहले मिले प्रधानमंत्री मोदी से

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अचानक दिल्ली बुला लिया गया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए सीएम दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में प्रस्तावित प्री बजट मीटिंग्स निरस्त कर दी गई हैं। इधर सीएम को अचानक दिल्ली बुलाए जाने के इस घटनाक्रम को लेकर राजस्थान में सियासी अटकलें भी तेज होने लगी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात भर है लेकिन बीजेपी के सूत्र इस मुलाकात को सामान्य नहीं मान रहे। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर दिल्ली चिट्ठी भी लिख रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राजस्थान में भाजपा की हार को लेकर बीते दो दिनों में हुई बैठक की रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री को सौंप सकते हैं। रिपोर्ट में राजस्थान की 11 लोकसभा सीट पर हार के कारणों का जिक्र किया गया है।

ई-नीलामी प्रक्रिया एवं विस्तृत विवरण विभागीय वेबसाइट व भारत सरकार के ई पोर्टल पर देखा जा सकता है

जयपुर राजस्थान में 190.13 हैक्टेयर क्षेत्रफल के 95 माइनर मिनरल प्लॉटों की नीलामी ई-पोर्टल एमएसटीसी पर 25 जून से आरंभ होगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग के निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि माइनर मिनरल के इन प्लॉटों की ई-नीलामी भारत सरकार के पोर्टल एमएसटीसी पर 25 जून से 10 जुलाई के दौरान होगी। विभाग द्वारा ई-नीलामी की सूचना जारी कर दी गई है।  ई-नीलामी प्रक्रिया एवं विस्तृत विवरण विभागीय वेबसाइट व भारत सरकार के ई पोर्टल पर देखा जा सकता है।  माइनर मिनरल के इन प्लॉटों की ई नीलामी पारदर्शी तरीके से एमएसटीसी पोर्टल पर होगी। कलाल ने बताया कि जैसलमेर, जालौर, बालोतरा, राजसमंद, भीलवाड़ा, सलूंबर, नीम का थाना, जोधपुर ग्रामीण, डीग, नागौर एवं ब्यावर में माइनर मिनरल क्वार्टज, फेल्सपार, सेंडस्टोन, मेसेनरी स्टोन आदि के 95 खनिज प्लॉटों के 50 वर्ष की अवधि के लिए माइनिंग लाइसेंस ई नीलामी से जारी होंगे। उन्होंने बताया कि इनमें 72 प्लॉट मेसेनरी स्टोन, 13 प्लॉट क्वार्टज फेल्सपार और 10 प्लॉट सेंड स्टोन के नीलाम होंगे।  

चंबल नदी में नन्हें घड़ियालों ने जन्म दिया, 200 अंडों मे से 181 बच्चे निकले, बाकी 19 अंडों से भी बच्चों के निकलने का इंतजार

 धौलपुर  धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सीमा में बहने वाली चंबल नदी में नन्हें घड़ियालों ने जन्म दिया. देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में 200 अंडों मे से 181 बच्चे निकले हैं. बाकी 19 अंडों से भी बच्चों के निकलने का इंतजार है. इन बच्चों को अभी  देवरी घड़ियाल पालन केंद्र में ही रखा जाएगा. जब इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक हो जाएगी तब इन्हें सर्दी के मौसम में चंबल नदी में छोड़ दिया जाएगा. गणना के दौरान चंबल नदी में 2 हजार 4 सौ 56 घड़ियाल पाए गए हैं. साल 1975 से 1977 तक दुनियाभर की नदियों का सर्वे किया गया था. इस दौरान पूरी दुनिया में महज 200 घड़ियाल पाए गये थे, जिनमें 46 घडियाल राजस्थान और मध्य प्रदेश में बहने वाली चंबल नदी में मिले थे. देश में सबसे अधिक घड़ियाल चंबल नदी में ही पाए जाते हैं. इसके बाद बिहार की गंडक नदी और तीसरे नंबर पर यूपी की गिरवा नदी चौथे नंबर पर उत्तराखंड में राम गंगा नदी और पांचवे नंबर पर नेपाल में नारायणी और राप्ती नदी में घड़ियाल हैं. 200 अंडों मे से 181 बच्चे घड़ियाल के बच्चे घड़ियाल तेजी से दुनियाभर में विलुप्त हो रहे थे. ऐसे में भारत सरकार ने वर्ष 1978 में चंबल नदी के 960 किलोमीटर एरिया को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य घोषित करने के साथ ही देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की स्थापना की गई. यहां हर साल अंडों को रखकर एक निश्चित तापमान 30-35 डिग्री में रखा जाता है. इनसे बच्चे होने के बाद इन्हें पालकर 1.2 मीटर लंबा होने तक इंतजार किया जाता है. फिर इन्हें चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है. जब ये देखा गया कि इनकी संख्या काफी कम है. इसके साथ ही मादा घड़ियाल के अंडों को शिकारी पक्षी, पशु और जीवों से बचा पाना भी मुश्किल था. इनके नन्हे बच्चे चंबल नदी की तेज धारा में भी जान गवां बैठते हैं. इनका भी शिकार तेजी से हो जाता है. ऐसे में घड़ियाल पालन केंद्र में हर साल 200 अंडों को रखकर इनसे बच्चों का जन्म कराया जाने लगा. देखा गया कि नेचुरल बर्थ के बाद नेचर में इनके अंडों का सर्वावाइल महज 20 फीसदी ही है. यानी 100 अंडों से केवल 20 बच्चे ही बचकर बड़े घड़ियाल बन पा रहे थे. वहीं रिसर्च सेंटर में इनका सर्वाइवल 90 फीसदी तक हो गया है. चूंकि ये विलुत्पप्राय जीवों की कटेगरी में आते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना बेहद जरूरी हो गया था. हर साल अंडों को कलेक्ट कर कैप्टिविटी हैचरी में रखा जाता है देवरी घड़ियाल पालन केंद्र की प्रभारी ज्योति डंडोतिया के मुताबिक हर साल 15-19 मई के बीच चंबल अभयारण्य की नेस्टिंग साइट से करीब 200 अंडे देवरी के कैप्टिविटी हैचरी में रखे जाते हैं. बच्चों के अंडे से निकलने के बाद करीब 3 साल लग जाते हैं इनकी लंबाई 1.2 मीटर तक होने में. इसके बाद इनको चंबल नदी में सर्दी के मौसम में छोड़ा जाता है. मादा घड़ियाल नर घड़ियाल के साथ फरवरी माह में मेटिंग करती है. मादा अप्रैल में अंडे देती है. एक मादा घड़ियाल पहली बार में 18-50 और दूसरी बार में इससे भी ज्यादा अंडे देती है. अंडों को बचाने के लिए ये रेत में 30-40 सेमी का गड्‌ढा खोदकर गाड़ देती है. मई-जून में जब बच्चे मदर कॉल करते हैं तो मादा रेत हटाकर बच्चों को बाहर निकालती है. बाहर निकलने के बाद भी इन्हें बचाना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है. नदी में मगरमच्छ और दूसरे जीव, शिकारी पक्षी से बच्चे बच गए तो बारिश में चंबल के भरने पर तेज धारा के शिकार हो जाते हैं. ऐसे में 98 फीसदी बच्चों की मौत हो जाती है. वहीं पालन केंद्र से आने वाले बच्चों में सर्वाइवल 70 फीसदी होता है. सर्दियों में घड़ियाल के बच्चों को नदी  में छोड़ा जाता है चूंकि घड़ियाल ठंडे खून का प्राणी है. इसे सर्दियों में भूख कम लगती है. ऐसे में सर्दियों में इन्हें चंबल में छोड़ने पर भोजन के लिए काफी परेशान नहीं होना पड़ता है. इन्हें यहां नया वातावरण मिलता है और ये धीरे-धीरे एडजस्ट कर जाते हैं.  

राजस्थान में RSS नेता इंद्रेश कुमार अब बोले-मोदी 3.0 दिन दुगनी-रात चौगुनी तरक्की करे

Zelensky 'infuriated' on PM Modi's visit to Russia, said - peace process suffered a setback

जयपुर. आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि देश नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करे। इससे पहले गुरुवार को इंद्रेश कुमार ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि लोकसभा चुनावों में अहंकार के कारण बीजेपी 241 तक ही पहुंच पाई थी। गुरुवार को उन्होंने बीजेपी नेताओं को अहंकारी बताते हुए कहा था कि बीजेपी के अहंकार के चलते भगवान राम ने उन्हें 241 पर ही रोक दिया है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें इसमें खुश रहने दें। राम ने हमें काम करने के लिए बहुमत दिया है। इंद्रेश कुमार ने अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह की हार पर भी तंज कसते हुए उन्हें अत्याचारी बताया था। उन्होंने कहा था कि  लल्लू सिंह ने जनता पर जुल्म किए थे तो रामजी ने कहा कि 5 साल आराम करो, अगली बार देख लेंगे। राम भेदभाव नहीं करते हैं, राम सजा नहीं देते हैं। राम किसी का बिगाड़ नहीं करवाते हैं। राम सबको न्याय देते हैं। देते रहे थे और देते रहेंगे। राम सदा न्याय प्रिय थे और रहेंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट में आठ अतिरिक्त महाधिवक्ता व गर्वेमेंट काउंसिल नियुक्त

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जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से इसके लिए शुक्रवार देर रात आदेश जारी किए गए हैं। इनमें राजस्थान हाई कोर्ट में अधिवक्ता मनोज शर्मा, अधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर और अधिवक्ता माही यादव को जयपुर पीठ में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। वहीं मुख्यपीठ जोधपुर में अधिवक्ता सज्जन सिंह राठौड़, अधिवक्ता नरेन्द्र राजपुरोहित, अधिवक्ता श्याम सुंदर लदरेचा, अधिवक्ता इंद्र राज चौधरी और अधिवक्ता नाथू सिंह राठौड़ की अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर नियुक्ति हुई है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की दोनों पीठ में दो-दो गवर्नमेंट काउंसिल के साथ ही एडिश्नल गवर्नमेंट काउंसिल, डिप्टी गवर्नमेंट काउंसिल और असिस्टेंट गवर्नमेंट काउंसिल के पदों पर 81 अधिवक्ताओं की नियुक्ति की हैं। जयपुर पीठ में अधिवक्ता नीरज बत्रा और अधिवक्ता मीनाक्षी जैन को गवर्नमेंट काउंसिल बनाया गया हैं। इसके साथ ही 12 एडिश्नल गवर्नमेंट काउंसिल, 13 डिप्टी गवर्नमेंट काउंसिल और 17 असिस्टेंट गवर्नमेंट काउंसिल के पदों पर नियुक्ति की हैं। हाईकोर्ट में 31 में से 10 पद अभी भी खाली प्रदेश में नई सरकार के गठन के करीब डेढ़ माह बाद सरकार ने 3 फरवरी को महाधिवक्ता की नियुक्ति की थी। वहीं इसके 10 दिन के अंतराल में सरकार ने 7 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं की नियुक्ति हाईकोर्ट में की थी। इसके बाद 12 मार्च को सरकार ने हाईकोर्ट में 6 अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाए थे। वहीं अब सरकार ने 8 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं की नियुक्ति राजस्थान हाई कोर्ट में की हैं। लेकिन अभी भी हाई कोर्ट में 10 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के पद खाली हैं। जयपुर पीठ में 19 और जोधपुर पीठ में 12 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के पद स्वीकृत हैं।

राजस्थान-झुंझुनू में जलदाय विभाग के पानी सप्लाई टैंकरों में बड़ी धांधली

झुंझुनू. किसी जमाने में प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का कार्य समझा जाता था और भामाशाह खासकर गर्मियों में जगह जगह आमजन के हल्क की प्यास बुझाने के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था करते थे। अब बदले जमाने मे उसी पुण्य के कार्य मे भी जलदाय विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर टैंकर ठेकेदार चांदी कूटने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। पिलानी कस्बे में पेयजल के भीषण संकट के बाद जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने आमजन को पानी उपलब्ध करवाने के लिए टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे। साथ ही वार्डों में टंकियों को भरवाने के लिए कहा था। टैंकरों से सप्लाई शुरू होने के बाद लोगों ने आरोप लगाया कि टैंकरों से सप्लाई नहीं हो रही। केवल भुगतान उठाया जा रहा हैं, जिसके बाद जीपीएस ट्रेकिंग शुरू की गई। टैंकर ठेकेदारों ने उसका भी तोड़ निकाल जीपीएस से हाजरी लगवानी शुरू कर दी। अब बीते 3 दिनों से वार्ड 12 के ओवर हैड टैंक में 60 टैंकर पानी यानी करीब ढाई लाख लीटर पानी डालने के बाद भी लोगों के घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। वार्ड के लोगों का कहना हैं कि तीन दिन से टंकी को भरा जा रहा है, लेकिन वार्ड में किसी के घर भी जलापूर्ति नहीं हुई है। लोगों ने इस मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इस मौके पर पार्षद राजकुमार नायक की अगुवाई में वार्डवासियों ने पंपहाउस पर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है पानी के टैंकर टंकी तक आ कर जीपीएस से अपनी हाजिरी तो करवा लेते हैं, लेकिन टंकी में पानी पूरा नहीं डाल रहे हैं।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए तस्करी कर लाई जा रही 12 किलोग्राम हेरोइन सुरक्षा बलों ने की जब्त

राजस्थान सुरक्षा बलों ने शनिवार को राजस्थान के अनूपगढ़ जिले में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए तस्करी कर लाई जा रही 12 किलोग्राम हेरोइन जब्त की। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार हेरोइन की अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपये है। उसने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस ने जिले के अनूपगढ़ और समेजा कोठी थाना क्षेत्रों से छह-छह किलोग्राम वजन की हेरोइन की दो खेप बरामद की, इन्हें ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से तस्करी कर लाया जा रहा था। आवाज सुनने के बाद जवानों ने गोलियां चलाईं पुलिस ने बताया कि अनूपगढ़ थाना क्षेत्र में आज सुबह कैलाश चौकी के पास ‘13 के गांव’ में ड्रोन की आवाज सुनने के बाद बीएसएफ के जवानों ने गोलियां चलाईं। संयुक्त तलाशी के दौरान बीएसएफ के जवानों और पुलिस कर्मियों को 6 किलोग्राम वजन के हेरोइन के दो पैकेट मिले। इस खेप की कीमत 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि समेजा कोठी थाना क्षेत्र में दूसरी घटना में स्थानीय लोगों ने ड्रोन की आवाज सुनी और पुलिस को सूचना दी और उस स्थान पर पहुंचे जहां तस्कर खेप लेने आए थे। ड्रोन से लगातार मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों और पुलिस दल को देखकर तस्करों ने गोलियां चला दीं और भागने में सफल रहे। पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान 30 करोड़ रुपये मूल्य की छह किलोग्राम हेरोइन से भरे दो पैकेट बरामद किए गए। अनूपगढ़ के पुलिस अधीक्षक रमेश मोरया ने बताया कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए लगातार मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है और जल्द ही ड्रोन का पता लगाने और निष्क्रिय करने के लिए सीमा क्षेत्र में ड्रोन रोधी प्रणाली लगाई जाएगी।

राजस्थान-झुंझुनू में आग बरसाते सूरज के बीच चारों तरफ अग्निकुंड में साधु ने रमाई धूनी

VIP's Mahakal: Do only BJP leaders have the right to enter the sanctum sanctorum of the temple

झुंझुनू. राजस्थान समेत पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी की मार जारी है। इस गर्मी की चपेट से लोग परेशान हैं, लेकिन देश में कुछ योगी ऐसे भी हैं जो प्राकृतिक नियमों को भी मात देकर अपनी तपस्या का चमत्कार पेश कर रहे हैं। ऐसे ही एक संत राजस्थान के झुंनझुंनु जिले में देखने को मिल रहे हैं। इस भीषण गर्मी में इन संत ने अपने चारों तरफ अग्निकुंड जलाए हैं और तपस्या कर रहे हैं। प्रचंड गर्मी के बीच साधु को तपस्या में लीन देख लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जिले के निकटवर्ती गांव बुड़ाना के रुपनाथजी धाम पर महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने भरी दोपहर में खड़ी तपस्या कर जन कल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं। सात दिनों तक चली इस तपस्या में महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने अपने चारों ओर अग्नि के पांच धूणे जलाए। जिससे तापमान और अधिक बढ़ता रहा है। इन अग्नि के धूणों के बीच महंत पूनमनाथ महाराज ने दोपहर में सात दिन तक शरीर को भस्म से लेपकर खड़े होकर तपस्या की है। महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने बताया कि इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य है कि सृष्टि की रक्षा हो जीव जंतुओं तथा मानव का कल्याण हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य को प्रकृति से जुड़ाव रखना चाहिए। प्रकृति को नुकसान पहुंचाने पर हम खुद को ही खतरे में खड़े कर रहे हैं। इसलिए हम सबका धर्म है कि मानवीय सरोकार को निभाते हुए प्रकृति से जुड़ाव रखें. तपस्या समापन के दौरान मंदिर परिसर में 21 कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने सुख समृद्धि की कामना करते हुए आहूतियां दी गईं। इसके बाद रुपनाथजी महाराज की विधि विधान से प्राण-प्रतिष्ठा की गई, इससे पहले सजी धजी पालकी में बैठाकर मूर्ति को चारों ओर परिक्रमा लगाई गई। तपस्या के दौरान श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं तपस्या संपन्न होने के साथ भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सोती, बुड़ाना, देसूसर, बास बुडाना, भरगड़ो की ढ़ाणी, प्रतापपुरा गांव समेत अन्य दूर दराज से श्रद्धालु उमड़े।

मंत्री बनने के बाद राजस्थान-अलवर के बाबा धाम में पहुंचे भूपेंद्र यादव ने लगाई धोक

Monsoon Update: Heavy rain in many states… Read complete weather report

अलवर. केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव आज सुबह अलवर पहुंचे। सर्वप्रथम उन्होंने भर्तृहरि बाबा धाम में जाकर धोक लगाई, वहीं शहर में आकर उन्होंने जगन्नाथ मंदिर में चुनाव जीतने का मन्नत का नारियल बांधा था। केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा मैं अलवर का ही हूं। मुझे अलवर के विकास के लिए कार्य करना है। आज पूरे दिन व्यस्त कार्यक्रम में से पूर्व देव दर्शन कर अलवर की खुशहाली की कामना की। मंदिर महंत द्वारा केंद्रीय मंत्री यादव को चांदी का श्रीफल भेंट करके सम्मान किया। यहां से निकलने के बाद अलवर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। उसके बाद अलवर सांसद क्षेत्र के विभिन्न विधानसभाओं के लोगों से मुलाकात का कार्यक्रम है। जिले से जुड़ी समस्याओं पर होगी। वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा पानी की समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक का कार्य योजना पर चर्चा का कार्यक्रम है।

राजस्थान-भरतपुर में बस-ट्रक की टक्कर में दो की मौत और छह यात्री घायल

Legal literacy and tree plantation program was organized in Life Career School.

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। लोक परिवहन की बस की टक्कर सामने से आ रही ट्रक से हो गई। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए। हादसे के दौरान बस पूरी तरह सवारियों से भरी हुई थी। बताया जा रहा है कि ट्रक भरतपुर की ओर जा रहा था, जबकि बस भरतपुर से जयपुर की ओर आ रही थी। रास्ते में सरसों अनुसंधान केंद्र के सामने बस और ट्रक आमने-सामने टकरा गए। एक्सीडेंट की सूचना पर कलेक्टर और एएसपी अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली। भीषण सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। लोक परिवहन की बस की टक्कर सामने से आ रही ट्रक से हो गई। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए। हादसे के दौरान बस पूरी तरह सवारियों से भरी हुई थी। बताया जा रहा है कि ट्रक भरतपुर की ओर जा रहा था, जबकि बस भरतपुर से जयपुर की ओर आ रही थी।

राजस्थान-अलवर में जमीन विवाद में एक पक्ष ने दूसरे को पीटा

अलवर. पीड़ित के पिता ताहिर हुसैन ने बताया कि हमारे दूसरे परिवार के लोगों से सात बिस्वा जमीन को लेकर हमारा काफी बार झगड़ा हो चुका है। आज सुबह हम हमारे परिवार के लोग खेत पर खड़े थे और वहीं पर मोहम्मद आजाद, तसवार, आजम, अशफाक, निषाद और इंसाफ ने मेरे दोनों बेटे तौसीफ और शकील पर रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में मेरे दोनों बेटे घायल हो गए, जिनको पहाड़ी के अस्पताल में लेकर गए, जहां से शकील को प्राथमिक उपचार देकर वहीं से छुट्टी दे दी गई। वहीं तौसीफ को गंभीर अवस्था के चलते अलवर के जिला अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन लोगों ने काफी बार इसी जमीन को लेकर हमसे झगड़ा किया है, लेकिन परिवार का माहौल ना बिगड़े, इसलिए हमने आज तक कोई मुकदमा नहीं किया। अब उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

राजस्थान-धौलपुर में चंबल नदी में नेस्टिंग के बाद अंडों से निकले घड़ियाल के 181 बच्चे

Mumbai became a river; Situation worsened due to heavy rains in many parts of Maharashtra

धौलपुर. इन दिनों चंबल नदी घड़ियाल के नन्हे शावकों से गुलजार हो रही है। नेस्टिंग की समय अवधि पूरी होने पर रेत में दबे घड़ियाल के अंडों से शावक निकलना शुरू हो गए हैं। चंबल में नन्हें शावकों ने क्रीड़ा करना और तैरना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम वन्य जीव प्रेमी भी लुत्फ उठा रहे हैं। वाइल्ड लाइफ डीएफओ नाहर सिंह ने बताया कि एक मादा घड़ियाल 20 से 35 अंडे देती है, जो कि चंबल किनारे ही रेत में अंडों को दबा देती है। बच्चों के अंडे से बाहर निकलने का दौर करीब तीन माह तक चलेगा। अंडों से घड़ियाल के शावक निकालने के बाद करीब 2 महीने तक घड़ियाल मादा अपने बच्चों की देखभाल और परवरिश करती है। चंबल नदी में मौजूदा वक्त में लगभग ढाई हजार घड़ियाल प्रजाति का कुनबा है। इसके अलावा करीब 1000 मगरमच्छ और एक दर्जन डॉल्फिन मौजूद हैं।

राजस्थान-सरकार की प्री- बजट मीटिंग में वित्त मंत्री और अब राजयमंत्री केके को ही भूले सलाहकार

जयपुर. प्रदेश की अफसरशाही के आगे सरकार के मंत्री भी बौने नजर आने लगे हैं। अफसर चाहें तो मंत्री को मीटिंग में बुलाएं और न चाहें तो न बुलाएं। जी हां बजट पूर्व संवाद को लेकर 19 जून को दोपहर साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक के आदेश को देखकर तो यही लगता है । यह बैठक सीएमओ स्थित कन्वेशन हॉल में होने जा रही है। बैठक में डिप्टी सीएम दिया कुमारी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बुलाया गया है । लेकिन उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई को आमंत्रित नहीं किया गया है । यह बैठक व्यापार, कर सलाहकार और उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों क साथ होने जा रही है। बैठक में अधिकारियों के अलावा 29 संगठनों को बजट पूर्व चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इससे पहले भी वित्त विभाग ने कुछ दिनों पहले कर्मचारी संगठनों की प्री बजट बैठक वित्तमंत्री दीया कुमारी को नजरंदाज किया था। कांग्रेस ने भी इस इसे मुद्दा बनाया।  जब मामला मीडिया में उछला तो आनन-फानन में संशोधित आदेश जारी कर दिए। लेकिन इनती बड़ी चूक बार-बार करने वाले अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होना सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राजस्थान-झुंझुनू में सरकारी स्कूलों के भवन-शिक्षक हैं लेकिन पढ़ने के लिए बच्चे ही नहीं

झुंझुनू. सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए भले ही अभियान चलाया जा रहा हो, लेकिन बच्चों की संख्या बढ़ना तो दूर जो बच्चे पहले से पढ़ रहे थे, उन्हें भी रोक पाना मुश्किल हो रहा है। कई सरकारी स्कूल तो ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की संख्या विद्यार्थियों से ज्यादा है। ऐसे में जाहिर है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाए जाने के लिए कोई खास प्रयास स्थानीय स्तर पर नहीं किए गए। हकीकत यह है कि प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं, जिनमें नामांकन शून्य, पांच, दस व 50 से भी कम हैं। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ढाई सौ के करीब ऐसे स्कूल हैं जहां पर नामांकन शून्य, पांच, दस व पचास से कम है। इसका खुलासा हाल ही में हुई जिला निष्पादन समिति की बैठक में हुआ। 21 विद्यालयों में नामांकन शून्य प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत ऐसे विद्यालय भी हैं जहां पर एक भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं है। 21 ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए हैं जहां पर स्कूलों में बच्चे नहीं हैं, जबकि शिक्षक मोटी सैलरी उठा रहे हैं। ब्लॉक वाइज स्थिति जहां नामांकन पांच व दस या इससे कम –     अलसीसर में 18     बुहाना में 17     चिड़ावा में 18     झुंझुनूं में 17     खेतड़ी में 28     मंडावा में 14     नवलगढ़ में 27     पिलानी में 18     सिंघाना में 17     सूरजगढ़ में 21     उदयपुरवाटी में 34 (आंकड़े निष्पादन कमेटी में उठे मुद्दे के अनुसार ) शून्य नामांकन वाले विद्यालय – राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनावता, अमरपुरा खुर्द, बहरियावाली ढढाणी, अंबेडकर मोहल्ला सोटवारा, भालेखान की ढाणी, ढाका की ढाणी, ढाणी खेरली, ढेंवा की जोहड़ी पोषाणा, गोरधनपुरा, करावाली छावश्री, खीमाना जोहड़, कौशलपुरा, महरपुर, मीणा की ढाणी बजावा, सांवलवाला जोहड़, टीकपुरा, वार्ड नंबर 13 पिलानी, वार्ड नंबर चार सूरजगढ़, महलों की ढाणी, उदयपुरवाटी गणेशपुरा, खेतडी व राजकीय बालिका प्राथमिक स्कूल पन्ना की ढाण, उदयपुरवाटी स्कूलों में एक भी बच्चे का नामांकन नहीं है। अब संस्था प्रधानों को टिकाए नोटिस नामांकन कम वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को नामांकन कम होने पर नोटिस दिए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से 117 विद्यालयों को कम नामांकन होने पर नोटिस दिए गए हैं। माध्यमिक: सैकड़ों स्कूल जहां नामांकन पचास ही नहीं प्रारंभिक शिक्षा के अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूलों का भी यही हाल है। विभाग के अंतर्गत संचालित सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जिनमें नामांकन 50 या इससे कम है। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां पर महज सात से दस विद्यार्थी हैं जबकि इनमें शिक्षकों की संया विद्यार्थियों से ज्यादा है। प्रारंभिक के 117 स्कूल जहां पर पांच से कम नामांकन – सामने आया है जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाले 117 स्कूल हैं जहां पर नामांकन पांच या इससे कम है। इन संस्थाओं के प्रधान नामांकन बढ़ाने पर बिल्कुल भी प्रयासरत नहीं लग रहे हैं। इनका कहना है – पांच, दस या इससे कम नामांकन वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं। पीईईओ व सीबीईओ से नामांकन कम होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। – मनोज कुमार ढाका, डीईओ (प्रांरभिक), झुंझुनूं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं को मिलेगा 50 प्रतिशत आरक्षण

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने संकल्प-पत्र में किए गए एक और महत्वपूर्ण वादे को पूरा किया है। शर्मा ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण की सीमा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लिए राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से राज्य में महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर होकर और सशक्त बन सकेंगी।

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