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मारवाड़ से पुष्कर तक 1.50 करोड़ से बनेगी सड़क, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दिया बड़ा तोहफा

रामगढ़/बाबरा. बाबरा-रामगढ़-बिछियाबाळा-करनोस-पीसांगन से आगे तीर्थनगरी पुष्कर को सीधा जोड़ने वाला मार्ग अब पक्का बनेगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बाबरा-रामगढ़-बिछियाबाळा तक 3 किलोमीटर दूरी पर डामरीकरण के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपए की घोषणा की। बाबरा से आगे देवगढ़ पंचायत के रामगढ़-बिछियाबाळा तक कच्चा मार्ग हर मौसम में राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। मामूली बरसात में भी इस कच्चे मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ फैलने से राह में मुश्किल आती है। खास तौर पर कार्तिक मास में पुष्कर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ती रही है। बजट घोषणा में इस मार्ग को 3 किमी तक पक्का कराने की हुई घोषणा के बाद भविष्य में अब डामरीकरण से जुड़ने पर मारवाड़ क्षेत्र से तीर्थनगरी पुष्कर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इस सीधे मार्ग से होकर आगे पुष्कर पहुंचने में सुविधा होगी। गांवों में राह होगी सुगम तीर्थनगरी पुष्कर को सीधा जोड़ने वाले इस मार्ग के सरहदी अजमेर जिले की सीमा में पीसांगन उपखंड के करनोस-थोरिया तक डामरीकरण मार्ग ढाई साल पहले ही जुड़ चुका है। अब ब्यावर जिले के बाबरा से आगे रामगढ़-बिछियाबाळा सरहद में कुछ दूरी तक शेष पड़ा कच्चा मार्ग डामरीकृत होने के बाद बाबरा, रामगढ़, झालामंड, प्रतापगढ़, देवगढ़, बिछियाबाळा से आगे थोरिया, करनोस, पीसांगन होते हुए तीर्थनगरी पुष्कर व अजमेर से सीधा जुड़ने से राह आसान हो जाएगी। इन्होंने कहा बजट में सड़क बनाए जाने की घोषणा के बाद बाबरा से आगे पीसांगन, पुष्कर से जुड़े कई गांव सीधे जुड़ने से आवागमन में आसानी होगी। कच्चे मार्ग पर डामरीकरण की मांग पर राजस्थान पत्रिका ने भी खूब समाचार प्रकाशित किए। सभी के सम्मिलित प्रयासों की बदौलत अब यह मार्ग पक्का होने के बाद आवागमन और बेहतर होगा। देवेन्द्रसिंह गोपालपुरा, समाजसेवी, बाबरा बजट घोषणा के बाद मार्ग पर डामरीकरण होने से बाबरा, रामगढ़, बिछियाबाला, करनोस, पीसांगन व आसपास के कई गांव सीधे पुष्कर व अजमेर से जुड़ने से सुविधा मिलेगी। यह राहत भरी खबर है। हनुमानराम गुर्जर, रामगढ़, पूर्व सरपंच देवगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी का विशेष प्रयास है कि जिले के आखिरी छोर तक आवागमन की सुगम राह से वंचित रहे गांव-ढाणियां मार्ग से सुगमता के साथ जुड़ें। इसी प्रयास के चलते बाबरा से देवगढ़ पंचायत के रामगढ़-बिछियाबाला के बीच तीन किमी दूरी तक डामरीकरण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की बजट में नई घोषणा की गई है। अविनाश गहलोत, कैबिनेट मंत्री

विक्रम भट्ट–श्वेतांबरी भट्ट को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी नियमित जमानत

जयपुर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की तीन जजों की पीठ ने बुधवार को फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को नियमित जमानत दे दी। यह जमानत राजस्थान के उदयपुर के भूपालपुरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 213/2025 के मामले में दी गई है। मामला एलएलपी कंपनियों के जरिए किए गए फिल्म निर्माण समझौतों से जुड़ा है। आरोप है कि प्रस्तावित फिल्म परियोजनाओं के नाम पर करीब 44.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जालसाजी और धन के दुरुपयोग किया गया। एसएलपी (क्रिमिनल) संख्या 2647/2026 की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया, जिसमें कहा गया कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद सुलझाना चाहते हैं। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि समझौते की कोशिश के लिए आरोपियों को अंतरिम जमानत देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद अदालत ने दोनों को नियमित जमानत दे दी। संविदात्मक काम पूरे करने की इच्छा जताई थी विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने अदालत को बताया कि दोनों पक्ष विवाद खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने ईमेल भेजकर फिल्म निर्माण से जुड़े संविदात्मक काम पूरे करने की इच्छा जताई थी। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने जमानत का विरोध किया। उनका कहना था कि जांच अभी जारी है और कई गवाह मुंबई में हैं। ऐसे में आरोपियों की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दोनों पक्ष समझौते के इच्छुक हैं तो उन्हें इसका अवसर दिया जाना चाहिए। अदालत ने मामले को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेज दिया ताकि आपसी समाधान की कोशिश की जा सके। अदालत ने यह भी साफ किया कि जांच पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। जांच एजेंसी कानून के अनुसार अपनी कार्रवाई जारी रख सकती है। यानी जमानत मिलने के बावजूद आपराधिक जांच पहले की तरह चलती रहेगी।

उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य की शुरुआत, कई ट्रेनों का संचालन छह दिन तक प्रभावित

उदयपुर उदयपुर शहर के रेलवे यात्रियों के लिए अहम खबर है। भारतीय रेलवे ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार का कार्य 19 फरवरी से शुरू कर दिया है। यह काम 24 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया गया है, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर 9 और 10 को उमरड़ा साइड से जोड़ने का काम किया जा रहा है। अभी प्लेटफॉर्म 9 केवल राणा प्रताप नगर साइड से जुड़ा है, जबकि प्लेटफॉर्म 10 सीधे किसी दिशा से कनेक्ट नहीं है। कार्य पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म 9 पर दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ-जा सकेंगी और प्लेटफॉर्म 10 पर उमरड़ा की ओर से ट्रेनें खड़ी हो सकेंगी। इससे स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी। ब्लॉक के दौरान अधिकांश ट्रेनें राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन और मावली जंक्शन रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी। 19 से 24 फरवरी के बीच कई ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी या उनका स्टेशन बदला गया है। इनमें 59610 (चित्तौड़गढ़–उदयपुर), 59606 (बड़ी सादड़ी–उदयपुर), 59607 (उदयपुर–बड़ी सादड़ी), 19606 (उदयपुर–मदार जंक्शन) शामिल हैं। 23 फरवरी को 12963 (निजामुद्दीन–उदयपुर) और 20473 (दिल्ली–उदयपुर) राणा प्रताप नगर तक ही आएंगी। 24 फरवरी को 09721/09722 (जयपुर–उदयपुर), 20474 (उदयपुर–दिल्ली), 12964 (उदयपुर–निजामुद्दीन) सहित कई ट्रेनें उदयपुर सिटी स्टेशन नहीं आएंगी। 59835 (मंदसौर–उदयपुर) और 59836 (उदयपुर–मंदसौर) 24 फरवरी को केवल मावली तक चलेंगी। ब्लॉक के अंतिम दिन 24 फरवरी को सबसे ज्यादा असर रहेगा। 20987 (उदयपुर–असारवा) ट्रेन करीब 4 घंटे 20 मिनट की देरी से रवाना होगी, जबकि 69243 (असारवा–चित्तौड़गढ़) ट्रेन लगभग 3 घंटे 30 मिनट की देरी से चलेगी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम हो जाएगा।

70 जोड़े एक साथ लेंगे सात फेरे, नागौर में 2.5 KM लंबी निकासी में 10,000 बाराती

जयपुर. सैनिक क्षत्रिय माली समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को माली समाज संस्थान परिसर में पारंपरिक घृतपान रस्म के साथ पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सुबह सात बजे से वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे। करीब पांच बीघा में फैला माली समाज भवन परिसर वैवाहिक उल्लास और पारंपरिक सज्जा से सुसज्जित नजर आया। समिति ने प्रत्येक जोड़े को अधिकतम 15-15 परिजन साथ लाने के निर्देश जारी किए थे। जिसका व्यवस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव नजर आया। सुबह सवा आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में पहले 70 वधुओं और बाद में 70 वरों को अलग-अलग घृतपान कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज की परंपरानुसार सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता का संदेश दिया। परिवारजनों ने इस पल को मोबाइल में कैद किया। करीब तीन घंटे चली धार्मिक प्रक्रिया में सभी पारंपरिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा। दोपहर बाद महिलाओं के सानिध्य में विनायक पूजन हुआ। ढोलक की थाप पर गूंजते पारंपरिक मंगल गीतों ने वातावरण में उल्लास भर दिया। सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था में स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन करते रहे। आज माली समाज भवन निकलेगी निकासी फुलरिया दूज पर गुरुवार सुबह आठ बजे माली समाज भवन से 70 दूल्हों की एक साथ घोड़ी पर निकासी निकाली जाएगी। चार बैंडों की अगुवाई में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी बारात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चेनार में बनाए गए विवाह स्थल पर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। समिति के अनुसार निकासी में करीब 10 हजार बाराती शामिल होंगे। यज्ञ वेदी पर होंगे पाणिग्रहण संस्कार विवाह स्थल पर यज्ञ वेदी सजाई गई है। पंडित सुनील दाधीच के मार्गदर्शन में पूर्ण विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार कराएंगे। भामाशाह रामवल्लभ भाटी, बलदेवराम भाटी, समिति के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रामपाल देवड़ा, देवकिशन सोलंकी, मनीष कच्छावा, सूरजमल भाटी, कैलाश गहलोत, अर्जुनराम कच्छावा, रामचंद्र सांखला, पाबूराम सांखला आदि मौजूद रहे। गैर-डांडिया में झूमे समाज बंधु बुधवार को शाम सात बजे शुरू हुए गैर-डांडिया नृत्य ने माहौल में उत्सव का रंग भर दिया। नागौर, ताऊसर, चेनार, रोल, सालवा सहित विभिन्न गांवों से आए समाज बंधुओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन ने सामूहिक विवाह महोत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

ड्रग्स-हथियारों का चला रही थी सिंडिकेट, लॉरेंस गैंग की ‘जहर’ मैडम गिरफ्तार

जयपुर. अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टरों की काली दुनिया में अब सिर्फ पुरुषों का वर्चस्व नहीं रहा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसी ‘लेडी डॉन’ को दबोचा है, जिसका नाम सुनते ही पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं। बता दें कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग की सक्रिय सदस्य खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जिसे अपराध की दुनिया में ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना जाता है, अब पुलिस की गिरफ्त में है। नेहा की गिरफ्तारी महज एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि यह लॉरेंस गैंग के उस खतरनाक ‘महिला विंग’ का पर्दाफाश है, जो दिल्ली-NCR में ड्रग्स और हथियारों का सिंडिकेट चला रहा था। ब्यूटी पार्लर की आड़ में ‘डर्टी गेम’ जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है नेहा का काम करने का तरीका। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में नेहा एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य पार्लर लगता था, लेकिन पुलिस का दावा है कि इसकी आड़ में वह लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के लिए ड्रग्स सिंडिकेट और हथियारों की सप्लाई का जिम्मा संभाल रही थी। वह गैंग के गुर्गों के बीच ‘कम्युनिकेशन लिंक’ का काम करती थी और फरारी के दौरान अपराधियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराती थी। कौन है बॉबी कबूतर? 7 साल की फरारी और ‘मैडम जहर’ का साथ ‘मैडम जहर’ का सबसे गहरा कनेक्शन गैंगस्टर महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से है। बॉबी कबूतर लॉरेंस गैंग का मुख्य गन सप्लायर और गनमैन है। पुलिस के मुताबिक, नेहा और बॉबी पिछले 7 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। बॉबी बीते 7 साल से दिल्ली पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और इस लंबी फरारी में नेहा उसकी सबसे बड़ी ढाल बनी हुई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस) ने टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की। यहां से बॉबी कबूतर, नेहा और उनके दो गुर्गों (मोहम्मद राजी खान और शाहबाज) को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। सिद्धू मूसेवाला और दिशा पाटनी केस में खूंखार भूमिका बॉबी कबूतर और नेहा की गिरफ्तारी से कई बड़े मर्डर केस की गुत्थियां सुलझती दिख रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी कबूतर ने ही पंजाब जाकर रेकी की थी। उसने मूसेवाला के मूवमेंट और रूट की सटीक जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी। एक्ट्रेस दिशा पाटनी केस यूपी के बरेली में फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में भी बॉबी कबूतर वांटेड था। पुलिस का दावा है कि दिशा के घर हमला करने वाले शूटर्स को विदेशी हथियार बॉबी ने ही मुहैया कराए थे। नादिर शाह मर्डर और सीलमपुर डबल मर्डर दिल्ली के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड और सीलमपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियारों की सप्लाई की कड़ी भी बॉबी कबूतर और नेहा से जुड़ी है। ISI एजेंट ‘सलीम पिस्टल’ से सीधा कनेक्शन बॉबी कबूतर का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। वह एशिया के कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल के संपर्क में था, जो नेपाल-भारत बॉर्डर से पकड़ा जा चुका है। सलीम पिस्टल के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे। सलीम से मिले अवैध हथियारों की खेप बॉबी और नेहा के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचती थी। लॉरेंस गैंग में ‘लेडी डॉन्स’ की बढ़ती फौज पुलिस अब इस बात से चिंतित है कि लॉरेंस गैंग में महिलाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ‘मैडम जहर’ से पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। जोया खान- हाशिम बाबा की बेगम, जो फिलहाल जेल में है। लेडी डॉन दीपा- चंडीगढ़ की मशहूर लेडी डॉन जो गैंग के ऑपरेशन्स देखती थी। अनुराधा चौधरी (मैडम मिंज)- जो पहले से ही चर्चित रही है। ये महिलाएं पुलिस की नजरों से बचने के लिए ब्यूटी पार्लर, बुटीक या छोटे बिजनेस का सहारा लेती हैं और पर्दे के पीछे से गैंग की ‘मैनेजर’ के तौर पर काम करती हैं। अब क्या करेंगी पुलिस? स्पेशल सेल अब नेहा उर्फ ‘मैडम जहर’ से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि गैंग में और कितनी महिलाएं शामिल हैं और उनका अगला टारगेट कौन था। पुलिस का मानना है कि बॉबी कबूतर और नेहा के पकड़े जाने से लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा के ड्रग्स और आर्म्स सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है। क्या लॉरेंस गैंग अब अपनी रणनीति बदल रहा है? क्या ‘मैडम जहर’ जैसे किरदारों के जरिए गैंग दिल्ली-NCR में फिर से किसी बड़ी वारदात की फिराक में था? पुलिस की पूछताछ में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

गुलाबी और सफ़ेद कलर का बैलेट पेपर, बड़े बदलाव के साथ होगा राजस्थान के पंचायत चुनाव

जयपुर. आगामी पंचायतीराज चुनाव इस बार एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रहे है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद पंच और सरपंच, दोनों ही पदों के चुनाव मतपत्र के जरिए होंगे। यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की रफ्तार और परिणामों के समय पर असर डाल सकता है। बैलेट पेपर की वापसी से चुनावी अमला और प्रत्याशियों, दोनों की चुनौतियां बढ़ेंगी। ऐसा होगा इस बार का बैलेट पेपर पंच का मतपत्र गुलाबी रंग के कागज पर होगा। सरपंच का मतपत्र सफेद कागज पर छपेगा। मतपत्र की चौड़ाई 4 इंच तय की गई है। ऊपरी हिस्से में काली सीमारेखा, बाई ओर क्रमांक और दाई ओर पंचायत वार्ड से जुड़ी निर्वाचन जानकारी होगी। सभी विवरण हिन्दी में होंगे। अभ्यर्थियों के नाम बाई ओर और चुनाव चिह्न दाई ओर होंगे। नोटा भी अनिवार्य रूप से शामिल रहेगा। ईवीएम से बैलेट, क्या बदलेगा मतदान की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। मतगणना में समय ज्यादा लगेगा, जिससे नतीजे देर रात आ सकते हैं। यदि किसी प्रत्याशी ने मतगणना पर आपत्ति दर्ज कराई, तो पुनः गणना करनी पड़ेगा, जिससे विवाद और देरी की आशंका बढ़ेगी। चुनाव कर्मचारियों का कार्यभार बढ़ेगा, क्योंकि हर मतपत्र की हाथ से गिनती होगी। अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी तो मुड़ेगा मतपत्र नोटा सहित 9 प्रत्याशी तक एक स्तम्भ 10 से 18 प्रत्याशी दो स्तम्भ, जरूरत पड़ने पर अंतिम पैनल छायादार 18 से अधिक प्रत्याशी: तीन या अधिक स्तम्भ, खाली पैनल छायादार रखे जाएंगे। यानी प्रत्याशियों की संख्या जितनी ज्यादा, मतपत्र उतना लंबा और जटिल। 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे – 30 ग्राम पंचायत में 30 सरपंच और 240 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। पंचायत चुनाव के लिए प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता सूची अपडेट की जा रही है। – डॉ. कृति व्यास, उपखंड अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी, रावतभाटा

पोखरण में आसमान में शक्ति प्रदर्शन, राफेल और तेजस ने तैयार किया हैरान कर देने वाला प्लान

जैसलमेर  भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में अपनी युद्धक क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने जा रही है। ‘वायुशक्ति-2026’ नामक इस युद्धाभ्यास में वायुसेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाएगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुश्मन पर त्वरित हमले, रणनीतिक बढ़त और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन करना है। आसमान में दिखेगी ‘बाज’ जैसी पैनी नजर इस बार के अभ्यास में एक नया एयरक्राफ्ट और आधुनिक तकनीक विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे, जो आसमान में बाज की तरह मंडराकर पलक झपकते ही सटीक हमला करने में सक्षम हैं। वायुसेना इस दौरान दिन, शाम और रात के समय कठिन मिशनों को अंजाम देने की अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करेगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन और संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी (HADR) में वायुसेना की भूमिका का भी सजीव चित्रण किया जाएगा। बेड़े में शामिल होंगे ये आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी प्रमुख विमान हिस्सा लेंगे…     लड़ाकू विमान: राफेल, तेजस (स्वदेशी), सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और हॉक।     परिवहन विमान: C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस और स्वदेशी C-295।     हेलिकॉप्टर: अपाचे (अटैक), चिनूक (हैवी लिफ्ट), प्रचंड (LCH), ध्रुव (ALH MK-IV) और एमआई-17।     अटैक ड्रोन्स: रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और लॉइटरिंग मुनिशन्स। स्वदेशी हथियार प्रणालियों का ‘अभेद्य’ प्रदर्शन ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ के मंत्र के साथ वायुसेना अपनी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगी…     मिसाइल सिस्टम: स्वदेशी ‘आकाश’ और ‘स्पाइडर’ मिसाइल प्रणालियों से सटीक मार का प्रदर्शन।     ड्रोन रोधी तकनीक: काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) की टेस्टिंग।     लॉइटरिंग मुनिशन्स: नई तकनीक वाले ‘कामिकेज़’ ड्रोन्स जो लक्ष्य को खोजकर नष्ट करते हैं।  

कर चोरी पर शिकंजा: आईटी विभाग ने कान्हा फूड चेन के 33 ठिकानों पर की छापेमारी, 26 लोकेशन जयपुर में

जयपुर राजस्थान की प्रसिद्ध फूड चेन कान्हा रेस्टोरेंट पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए एक साथ 33 ठिकानों पर छापामारी की। यह कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और देर शाम तक विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच में जुटी रहीं। अधिकारियों ने बैंक खातों, डिजिटल दस्तावेजों, नकदी लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। जयपुर में सर्वाधिक स्थानों पर जांच कार्रवाई के तहत सबसे ज्यादा 26 स्थानों पर सर्च जयपुर में किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर, करौली, कोटा, हिंडौन और मुंबई स्थित कार्यालयों व अन्य परिसरों में भी विभाग की टीमों ने जांच की। छापामारी के दौरान कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया गया तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।   आयकर चोरी की आशंका के चलते कदम प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े बड़े स्तर पर आयकर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि विभिन्न खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उदयपुर में भी टीमें सक्रिय उदयपुर में भी आयकर विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। यहां सिएरा होटल तथा सन एंड मून रेस्टोरेंट सहित अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 29 कमरों वाले सिएरा होटल में टीमों ने दस्तावेजों की जांच की और परिसर के बाहर विभाग के वाहन तैनात रहे। जगदीश मंदिर क्षेत्र और हरिदास जी मगरी स्थित रेस्टोरेंट परिसरों में भी तलाशी ली गई।   जुड़े खातों और लेन-देन की पड़ताल बताया जा रहा है कि इन प्रतिष्ठानों का मालिक एक ही है और उससे जुड़े खातों व वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी और अनियमितताओं के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।

उदयपुर हादसा: ओवरटेक की लापरवाही ने छीनी तीन युवा जिंदगियाँ, ऑटो से टकराया वाहन

उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक स्थित मांडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। कोदरमाल गाँव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर ऑटो से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। हादसे का मंजर : दो की मौके पर मौत, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। राहगीरों और पुलिस की मदद से तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। मृतकों की पहचान : हादसे का शिकार हुए तीनों युवक कोटड़ा क्षेत्र के ही निवासी थे, हरीश (24) पुत्र मसरू गमार, शंकरलाल (25) पुत्र सुनील खराड़ी, कालाराम (23) पुत्र किसनाराम। कैसे हुआ हादसा? मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ‘ओवरटेक’ हादसे का मुख्य कारण सामने आया है। बाइक सवार युवक मांडवा से कोटड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आगे चल रहे एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश की। तभी सामने से एक तेज रफ्तार जीप आ गई। जीप से बचने और ऑटो को पार करने की जद्दोजहद में बाइक सीधे ऑटो से जा टकराई। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुलवाया। मांडवा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। सावधान! आपकी एक गलती जानलेवा है यह हादसा उन युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और ओवरटेक को रोमांच समझते हैं। मांडवा-कोटड़ा मार्ग जैसे संकरे और घुमावदार रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का बुलावा साबित हो सकती है।

गरमाये मुद्दे के बीच हाथापाई की नौबत!, राजस्थान विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया जब विपक्ष ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला के पास गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को सत्ता पक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इस बयान ने सदन में ऐसी आग सुलगाई कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज आमने-सामने आ गए। बालमुकुंदाचार्य का सवाल: क्या गाय बनेगी ‘राज्य पशु’? हंगामा तब शुरू हुआ जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सरकार से सवाल किया कि क्या राजस्थान में गाय को ‘राज्य पशु’ (State Animal) का दर्जा देने का कोई विचार है? इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्री के इस जवाब ने हिंदूवादी राजनीति करने वाले धड़े को असहज कर दिया, लेकिन असली विस्फोट अभी बाकी था। टीकाराम जूली का ‘पोस्टर’ वार और गंभीर आरोप सदन में माहौल तब गरमाया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने खड़े होकर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। जूली ने कहा, ‘जयपुर में हिंगोनिया गौशाला के पास से बछड़े का कटा सिर लाकर लटकाया गया। यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है।’ जूली ने दावा किया कि इस मामले में जो आरोपी है, उसे भाजपा का एक विधायक बचा रहा है। जूली ने इशारों-इशारों में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर संकेत किया। गोपाल शर्मा का पलटवार: ‘इस्तीफा दे दूँगा’ अपना नाम घसीटे जाने पर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने सदन में खड़े होकर दहाड़ते हुए कहा, “आप मेरा नाम ले रहे हैं? अगर इस मामले में कोई भी मेरा आदमी शामिल पाया गया, तो मैं इसी वक्त विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूँगा।” शर्मा के इस तेवर ने सत्ता पक्ष के खेमे में जोश भर दिया, वहीं विपक्ष ने शोर-शराबा और तेज कर दिया। सदन में हाथापाई की नौबत !  राजस्थान के विधानसभा में उस वक्त हाथापाई की नौबत बनती दिखाई दी, जब भाजपा विधायक गोपाल शर्मा सदन की कार्यवाही के बीच ना पक्ष की वेल की तरफ़ आक्रोश के साथ बढ़ने लगे। तभी कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना भी गोपाल शर्मा की तरफ़ आक्रोशित होकर बढ़ गए .इससे माहौल और ज़्यादा गरमा गया। स्पीकर की फटकार, “पहले से तय थी प्लानिंग” हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने बछड़े के कटे सिर वाले पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सख्त नजर आए। उन्होंने पोस्टर लहराने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “जिस तरह से पोस्टर लहराए जा रहे हैं, उससे साफ लगता है कि आप लोग सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए पहले से प्लानिंग करके आए थे।” स्पीकर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को निर्देश देकर गोपाल शर्मा को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच तीखी बहस सदन में उस वक्त मर्यादा की सीमाएं लांघती दिखीं जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच सीधी बहस शुरू हो गई। दोनों ओर से तीखी टिप्पणियां की गईं। विपक्ष का आरोप था कि सरकार गौवंश की रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि हकीकत में राजधानी में ही गौवंश सुरक्षित नहीं है।

राजस्थान में ACB की कार्रवाई, JJM घोटाले में शामिल 15 लोगों पर सख्ती

जयपुर  राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह बड़ा एक्शन लिया। एसीबी की टीमों ने राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च अभियान शुरू किया। कार्रवाई की जद में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं। एसीबी सूत्रों के अनुसार, जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के अलावा बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर तड़के दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। टीमों ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन से एक्सईएन हिरासत में कार्रवाई के तहत पीएचईडी जोधपुर में तैनात एक्सईएन विशाल सक्सेना को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। जानकारी के मुताबिक, सक्सेना विरात्रा माता मंदिर में दर्शन के लिए ट्रेन से बाड़मेर पहुंचे थे। एसीबी की टीम पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। जैसे ही वे ट्रेन से उतरे, टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर जयपुर रवाना कर दिया। सूत्रों का कहना है कि विशाल सक्सेना की भूमिका टेंडर प्रक्रिया और फर्जी सर्टिफिकेट मामले में संदिग्ध पाई गई है। उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। SIT चार अहम मामलों की जांच में जुटी जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले में एसीबी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) चार प्रमुख मामलों की जांच कर रहा है। करीब 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर्स में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि टेंडर शर्तों में बदलाव कर बड़ी फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में साइट इंस्पेक्शन की विशेष शर्त जोड़ी गई थी, जिससे यह पहले से पता चल सके कि कौन-कौन सी फर्म भाग ले रही हैं। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। हालांकि बाद में वित्त विभाग ने इन टेंडर्स को निरस्त कर दिया था। अब एसीबी उन इंजीनियर्स की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने यह शर्तें जोड़ी थीं। 55 करोड़ का फर्जी भुगतान जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को बिना कार्य किए 55 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में कुल 139 इंजीनियर जांच के दायरे में हैं। इनमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल बताए जा रहे हैं। एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि भुगतान किस स्तर पर और किन अधिकारियों की अनुमति से किया गया। प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इरकॉन के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट मामले का एक बड़ा पहलू इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर करीब 900 करोड़ रुपए के टेंडर जारी करने से जुड़ा है। ये टेंडर कथित तौर पर श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को दिए गए। जांच में यह भी आरोप है कि जब मामला उजागर हुआ तो एक्सईएन स्तर पर जांच के नाम पर केरल जाकर एक रिपोर्ट पेश की गई, जिसे अब झूठा बताया जा रहा है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि इरकॉन के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में किन-किन इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका रही। कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई एसीबी की इस कार्रवाई को समन्वित ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी टीमों ने एक साथ दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही गुप्त जांच के बाद की गई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। जांच एजेंसी पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है, ताकि घोटाले की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा हो सके। जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों का आधार बन सकती है।

राजस्थान में बारिश के साथ गिरेंगे ओले, पश्चिमी विक्षोभ का 48 घंटे रहेगा असर

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

400 लोगों को दी धमकी, ऑनलाइन FIR से नंबर निकाल कर सैकड़ों को ठगा

भीलवाड़ा. राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी का पर्दाफाश किया है, जो खाकी का खौफ दिखाकर लोगों की जेब खाली कर रहा था। यह ठग कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर सीधे ‘भीलवाड़ा एसपी’ बनकर फोन करता था। पुलिस की साइबर सेल और रायला थाना पुलिस ने एक फिल्मी ऑपरेशन के तहत आरोपी को मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के बीहड़ों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी टीकमगढ़ (मप्र) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका साइबर अपराधियों का नया ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी RajCop Citizen App और अन्य राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नंबरों से लॉगिन करता था। वह पोर्टल से ताजा एफआईआर डाउनलोड करता और उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर कॉल करता था। वह खुद को जिले का एसपी या एसएचओ बताकर फरियादी या आरोपी को डराता था। कभी केस में ‘न्याय’ दिलाने का झांसा देता तो कभी ‘कार्रवाई रोकने’ के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर हजारों रुपए ऐंठ लेता था। जब पीड़ित ने पूछा नाम, तो मिला यह जवाब ठगी का यह खेल तब खुला, जब रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसपी बताते हुए मांडल थाने के एक मामले में सहयोग का झांसा देकर पैसे मांगे। पीड़ित को जब शक हुआ और उसने नाम पूछा, तो आरोपी ने झिड़कते हुए कहा, अपने काम से काम रखिए। जब पीड़ित ने एसपी ऑफिस आने की बात कही, तो ठग ने समय की कमी का बहाना बनाकर कॉल काट दिया। दो दिन जंगल में डेरा, तब चढ़ा हत्थे एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने जब डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, तो लोकेशन मप्र-यूपी बॉर्डर के जंगलों में मिली। आरोपी पुलिस से बचने के लिए खेतों और बीहड़ों में छिपा हुआ था। राजस्थान पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो दिन तक जंगल में कैंपिंग की और घेराबंदी कर आरोपी सत्येंद्र को दबोच लिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने भीलवाड़ा के 40 और राजस्थान के सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया था। पुलिस की अपील पुलिस अधिकारी कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करते। डिजिटल सुविधाओं का उपयोग सावधानी से करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को दें।

दो मंजिला अवैध मकान पर चला बुलडोजर, जयपुर में ड्रग्स माफिया पर बड़ी कार्रवाई

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बगराना में अवैध रूप से बने दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। यह निर्माण जेडीए स्वामित्व की नाले की भूमि पर किया गया था। सोमवार सुबह जेडीए की प्रवर्तन शाखा की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध ढांचे को गिरा दिया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मीरा सांसी, विजेंद्र उर्फ विजय सांसी, लक्की उर्फ राहुल सांसी, महेंद्र सांसी और विक्की सांसू के विरुद्ध मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। इन सभी के खिलाफ कानोता थाना में कुल 23 मामले दर्ज हैं। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और माफिया गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बजट के साथ रोजगार और विकास की देंगे सौगातें, प्रधानमंत्री मोदी का 28 को दौरा होगा खास

अजमेर. राजस्थान की डबल इंजन सरकार अब ‘विकास की सुपरफास्ट’ गति पकड़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर की पवित्र धरा पर पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री यहाँ से 23 हजार 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा न केवल ढांचागत विकास के लिए अहम है, बल्कि राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए भी ‘रोजगार उत्सव’ बनकर आ रहा है। 1. ₹23,500 करोड़ का ‘बजट गिफ्ट’ प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सौगातें देंगे। इस भारी-भरकम राशि का निवेश मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, पेयजल (ERCP के नए आयाम), सौर ऊर्जा और चिकित्सा सुविधाओं पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। 2. 21 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति इस दौरे का सबसे मानवीय और खास पहलू है युवाओं का सम्मान। प्रदेश के 21 हजार नव-नियुक्त युवाओं को प्रधानमंत्री अपने हाथों से नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपेंगे। यह आयोजन प्रदेश भर के युवाओं में नई ऊर्जा और सरकारी नौकरियों के प्रति विश्वास पैदा करेगा। 3. ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को शक्ति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करेगी। राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष मनाए, तब राजस्थान देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। 4. अजमेर ही क्यों? मरुधरा का केंद्र और आस्था का संगम अजमेर न केवल भौगोलिक रूप से राजस्थान का केंद्र है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। यहाँ की कायड़ विश्राम स्थली पहले भी प्रधानमंत्री की बड़ी जनसभाओं की गवाह रही है। राजनीतिक दृष्टि से भी अजमेर संभाग से पूरे प्रदेश को संदेश देना आसान होता है। 5. बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव 23,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 6. ‘सौर ऊर्जा’ हब बनेगा राजस्थान प्रस्तावित योजनाओं में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में बड़े शिलान्यास होने की संभावना है, जो राजस्थान को देश का ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर’ बनाने में मदद करेंगे। 7. मिशन मोड पर प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 8. चिकित्सा और शिक्षा पर विशेष फोकस सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी कई नए मेडिकल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल लोकार्पण भी कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचेंगी। 9. पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार अजमेर और आसपास के क्षेत्रों (पुष्कर, किशनगढ़) के लिए कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नई बिजली लाइनों का शिलान्यास व्यापार को सुगम बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान की संस्कृति और यहाँ के लोगों से विशेष लगाव रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए नई प्रेरणा और प्रगति का द्वार खोलेगी।

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