LATEST NEWS

विभाग ने दी भावभीनी विदाई, राजस्थान-पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ सेवानिवृत्त

जयपुर। पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ अपने 35 वर्ष 10 महीने की राजकीय सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत हो गए। वे डॉ. राठौड़ को विभाग की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। सरल, सहज एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. राठौड़ ने निदेशक के रूप में दो साल विभाग को अपनी सेवाएं दीं। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृति के अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि डॉ. राठौड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान निष्ठा, परिश्रम और दूरदर्शिता का अनुकरणीय परिचय दिया। उन्होंने नेतृत्व के उच्च मानदंड स्थापित किए और हर व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। श्री कुमावत डॉ. राठौड़ को विदाई देने पशुधन भवन पहुंचे। विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि डॉ. भवानी सिंह ने एक कुशल प्रशासक और राज्य सेवा तथा पशु चिकित्सक समुदाय के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व के रूप में काम किया। डॉ. राठौड़ द्वारा विभाग को दी गई सेवाओं के लिए उन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। डॉ. भवानी सिंह राठौड़ का जन्म बीकानेर जिले में हुआ था। उन्होंने सीकर और बीकानेर जिले में अपनी शिक्षा प्राप्त की। डॉ. राठौड़ ने वर्ष 1989 में बांसवाड़ा जिले के पशु चिकित्सालय तलवाड़ा में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रारम्भ की। वर्ष 1996 में सीधी भर्ती से चयनित होकर जिला स्तरीय अधिकारी बने। उन्होंने अतिरिक्त निदेशक उदयपुर, जयपुर, भरतपुर एवं अन्य कई पदों पर रहते हुए विभाग को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। डॉ. राठौड़ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य भी रहे। अपने सेवा काल दौरान विभिन्न समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में पशु चिकित्सा नीति के निर्माण में डॉ. राठौड़ का अमूल्य योगदान रहा। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. आनंद सेजरा को पशुपालन विभाग के निदेशक पद का कार्यभार दिया गया है।

82 दिनों में 162 परीक्षाओं के होंगे 214 प्रश्न-पत्र, राजस्थान-जनवरी से दिसंबर तक होगी भर्ती परीक्षाएं

जयपुर। नव वर्ष 2025 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक 162 परीक्षाओं के 214 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 82 दिनों में करवाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रमानुसार हर 5 वें दिन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही नियमित रूप से साक्षात्कार आयोजन एवं विभिन्न भर्तियों के परिणाम जारी करने का कार्य भी किया जाएगा। आयोग द्वारा घोषित प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर निम्नानुसार है— 1. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024    19/01/2025, 2. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    02/02/2025, 3. लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16.02.2025, 4. आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024—    23.3.2025, 5. एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024— 20.04.2025 6. पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    4 से 6 मई 2025, 7. जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024,    7.5.2025, 8. असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 07.05.2025, 9. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12 से 16 मई 2025 10. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25    12 से 16 मई 2025, 11. पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17 /05/ 2025, 12. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 /06/ 2025, 13. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024,    17 एवं 18 जून 2025, 14. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 23/2024-25    23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 15. लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 16. टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024 , 7.07.2025, 17. बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7.07.2025, 18. जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025, 19. असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025 20. असिस्टेट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 9.07.2025, 21. रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024,    10.07.2025 22. डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13.07.2025, 23. असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 24. ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024,    29.07.2025, 25. वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024, 30 जुलाई सेे 1 अगस्त 2025, 26. एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17/08/2025, 27. सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7 से 12 सितंबर 2025, 28.प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13/09/2025, 29. सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024, 28/09/2025, 30. सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12/10/2025 31. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 12 से 19 अक्टूबर 2025, 32. सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     33. कृषि अनुसंधान अधिकारी एवं सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     34. सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 09/11/2025, 35. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 से 12 दिसंबर, 15 से 19 दिसंबर एवं 22 से 24 दिसंबर 2025।                            भर्ती प्रक्रिया सशक्तिकरण की दिशा में आयोग के नवाचार— दोहरे आवेदन एवं डमी कैंडिडेट पर लगेगी आधार सत्यापन से लगाम— राजस्थान लोकसेवा आयोग को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से भी अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की अनुमति प्राप्त हो गई है। 27 नवंबर 2024 को जारी की गई अधिसूचना अनुसार आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए जाने वाले दोहरे आवेदनों की छंटनी, अभ्यर्थियों के सत्यापन, जालसाजी एवं डमी कैंडिडेट की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पूर्व माह सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति आयोग को प्राप्त हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा- ऑनलाइन आवेदन जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा व नियुक्ति में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत् समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमैट्रिक सत्यापन आयोग की विश्वसनीयता तथा कार्य प्रणाली में मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रवेश-पत्र पर आयोग का वॉटर मार्क, हस्तलेख नमूना, अंगूठा निशानी व क्यूआर कोड भर्ती परीक्षाओं के शुचिता पूर्ण आयोजन एवं डमी अभ्यर्थियों की संभावना को रोकने के लिए आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के हस्तलेख का नमूना भी अटेंडेंस शीट पर लिया जाना शुरू किया गया है। इसी प्रकार अटेंडेंस शीट पर अभ्यर्थी की स्पष्ट व बड़ी फोटो प्रिंट की जा रही है ताकि परीक्षा केन्द्र पर वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थी की पहचान पूर्णतः सुनिश्चित करते हुए डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा एडमिट कार्ड टेम्परिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए क्यूआर कोड का भी प्रावधान किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्केन करते ही अभ्यर्थी की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है। आयोग द्वारा जारी प्रवेश-पत्र के साथ अटेंडेंस शीट भी संलग्न होती है। इस शीट को परीक्षा केंद्र पर वीक्षक अभ्यर्थी की पहचान कर स्वयं के, केंद्राधीक्षक एवं अभ्यर्थी के हस्ताक्षर करवाकर प्रवेश-पत्र से अलग कर केन्द्र पर जमा करते हैं। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत यह अटेंडेंस शीट परीक्षा सामग्री के साथ आयोग को भेजी जाती है।  जालसाजी पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षाओं में जालसाजी व फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान वेब केम के माध्यम से आवेदक की लाइव फोटो कैप्चर की जा रही है। आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा। वीडियोग्राफी:- अभ्यर्थी की उपस्थिति का प्रमाण, की जा रही मूल/डमी अभ्यर्थी की पहचान— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करते हुए परीक्षा के लिए निर्धारित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी की वीडियोग्राफी करवाई जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए समय के पश्चात् 10 मिनट के भीतर ही परीक्षा कक्ष में अपने स्थान को ग्रहण करने का समय दिया जाता है। 10 मिनट के बाद पूरे परीक्षा केंद्र में प्रत्येक कक्ष में आवंटित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के रिक्त स्थानों की रोल नंबर … Read more

धर्मशाला के पास दिखने से फैली दहशत, राजस्थान-अलवर में पैंथर को वन विभाग ने किया ट्रैंकुलाइज

अलवर। अलवर शहर के बीचों-बीच स्थित सुगना बाई धर्मशाला के पास मंगलवार सुबह पैंथर दिखने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। जैसे ही पैंथर होने की जानकारी फैली, बस्ती के लोग डर के मारे इधर-उधर दौड़ने लगे। वहीं, केडलगंज बाजार के दुकानदार सतर्क हो गए। पैंथर की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उसे उसे ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी शुरू की। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी है। करीब तीन घंटे बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को ट्रैंकुलाइज किया। इधर, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पैंथर राजऋषि कॉलेज के परिसर में घूम रहे पैंथर हो सकता है। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकती है। सरिस्का के रेंजर शंकर सिंह ने बताया कि सुगना बाई धर्मशाला के पास पैंथर दिखना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पैंथर देखा गया था। कैमरा ट्रैप और तलाशी अभियान जारी वन विभाग की टीम ने बगीची के आसपास पैंथर की तलाश शुरू कर दी है और कैमरा ट्रैप लगाने की योजना बनाई है। अधिकारी बताते हैं कि सरिस्का के बफर जोन से पैंथर आबादी की ओर आ रहे हैं। बफर जोन में बाघों के बढ़ते दबदबे के कारण पैंथर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। राजऋषि कॉलेज में पैंथर अभी भी पकड़ से बाहर वन विभाग अभी तक राजऋषि कॉलेज परिसर में मौजूद पैंथर को पकड़ने में सफल नहीं हो पाया है। इसी बीच, सुगना बाई धर्मशाला के पास एक और पैंथर की मौजूदगी ने अधिकारियों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीम पूरी कोशिश कर रही है कि पैंथर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और उसे वापस जंगल में छोड़ा जाए। वहीं, स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

कलेक्टर बोलीं- ट्रेस नहीं हो रहा बोरवेल, राजस्थान-जयपुर में गलत दिशा में खोद दी सुरंग

जयपुर। राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में तीन साल की चेतना 9वें दिन भी फंसी हुई है। चेतना को रेस्क्यू करने के लिए खोदे गए 170 फीट गड्ढे में उतरकर एनडीआरएफ के जवान सुरंग खोद रहे थे। लेकिन, अब इसमें बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई। 10 फीट लंबी सुरंग की खोदाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उसकी दिशा ही गलत निकली। सुरंग बोरवेल तक नहीं पहुंची है। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा कि सुरंग के जरिए अब तक बोरवेल को ट्रेस नहीं किया जा सका है। हमारी कोशिश लगातार जारी है, रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों ने हिम्मत नहीं हारी है। बता दें कि आज मंगलवार को रेस्क्यू अभियान को 9वां दिन है, लेकिन चेतना को बाहर नहीं निकाला जा सका है। भूखी-प्यासी मासूम बच्ची की हालत कैसी है, इसका भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। कई दिन से वह मूवमेंट नहीं कर रही है। चेतना 120 फीट की गहराई पर एक हुक से लटकी हुई है। 30 दिसंबर को  प्रशासन और एनडीआरएफ ने दावा किया था कि बच्ची को सोमवार को बाहर निकाल लिया जाएगा। दावे के बाद से बच्ची की मां और परिजन उसके बाहर आने का बेसब्री से इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। वहीं, अब गलत दिशा में हुई सुरंग की खोदाई के कारण यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर चेतना को कब बाहर निकाला जा सकेगा। परिवार का आरोप, परिजनों से मिलीं कलेक्टर उधर, बच्ची को निकालने में हो रही देरी के कारण परिवार और ग्रामीण प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर, समय पर सही कदम उठाए गए होते तो चेतना को पहले ही बाहर निकाल लिया गया होता। हालांकि, प्रशासन किसी तरह की लापरवाही से इनकार कर रहा है। परिजनों की नाराजगी सामने आने के बाद सोमवार देर शाम कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने परिजनों से दोबारा मुलाकात की और उन्हें रेस्क्यू अभियान में आ रही परेशानियों के बारे में बताया। कलेक्टर का कहना है कि हम हर स्तर पर बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन यह रेस्क्यू अभियान काफी मुश्किल है। इसलिए इसे पूरा करने में समय लग रहा है। बता दें कि कलेक्टर कल्पना अग्रवाल इसे राजस्थान का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन बता चुकी हैं।  अंदर सांस लेने में हो रही परेशानी मासूम चेतना तक पहुंचने के लिए एनडीआरएफ के 6 जवानों की तीन टीमें बनाई गई हैं। एक बार में दो जवान को 170 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर बोरवेल तक सीधी सुरंग खोद रहे हैं। दो जवानों की एक टीम करीब 20-25 मिनट अंदर रहकर खोदाई कर रही है, फिर उन्हें बाहर निकालकर दूसरी टीम को नीचे भेजा जा रहा है। इसी तरह सुरंग बनाने का सिलसिला जारी है। जवानों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन अधिक गहराई में होने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। नौ दिन से चेतना को निकालने के प्रयास जारी     तीन साल की चेतना 23 दिसंबर (सोमवार) की दोपहर दो बजे खेलते समय 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। चेतना करीब 150 फीट की गहराई में फंस गई थी, देसी जुगाड़ से उसे तीस फीट ऊपर खींच लिया गया। अब वह 120 फीट पर एक हुक से लटकी हुई है। 23 दिसंबर से चेतना को खाना पानी कुछ भी नहीं मिला है। 24 दिसंबर की शाम से वह कोई मूवमेंट भी नहीं कर रही है। उसकी हालत को लेकर अधिकारी भी कुछ नहीं बोल रहे हैं।

नए साल के जश्न के बीच बिछी बर्फ की चादर, राजस्थान-माउंट आबू में पारा माइनस दो डिग्री

माउंट आबू. राजस्थान के हिल स्टेशन माउंट आबू में ठंड अपने पूरे तेवर दिखा रही है। मंगलवार सुबह लगातार दूसरे दिन शहर का तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शहर में नए साल के जश्न मनाने के लिए पर्यटक भी पहुंचे हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस बार शरद महोत्सव का आयोजन नहीं हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने नववर्ष-2025 के कार्यक्रमों को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नववर्ष के आगमन से पहले माउंट आबू के छोटे-बड़े होटल और रिसॉर्ट्स में एडवांस बुकिंग हो चुकी है। पर्यटकों की सुखद अनुभव देने के लिए होटल संचालक अपने स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर नक्की लेक, हनीमून पॉइंट, अचलगढ़, देलवाड़ा, गुरुशिखर, और पीस पार्क जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की खासी भीड़ रही। पर्यटकों ने सुबह की हल्की बर्फ और सर्द मौसम का भरपूर आनंद लिया। शहर में पुलिसकर्मी तैनात नववर्ष के जश्न के दौरान पर्यटकों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। काननू का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि नववर्ष के उपलक्ष्य में जिले में सार्वजनिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण जश्न सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने, शांतिभंग करने, और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या करें, क्या न करें – 0- शराब पीकर वाहन न चलाएं। 0- ओवर स्पीड से बचें। 0- यातायात नियमों का पालन करें। 0- उत्पात, हुड़दंग और शांतिभंग से बचें। 0- सड़क पर वाहन खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध न करें। 0- वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करें। 0- कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।

खेल सचिव ने बैठक में की तैयारियों की समीक्षा, राजस्थान-चार दिवसीय युवा महोत्सव 8 से 12 जनवरी तक

जयपुर। राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन 8 से 12 जनवरी 2025 तक किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों के संबंध में सोमवार को युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव श्री नीरज के. पवन की अध्यक्षता में एसएमएस स्टेडियम के मीटिंग हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पवन ने बताया कि यह चार दिवसीय महोत्सव ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ थीम पर आधारित होगा। इसका आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम में किया जाएगा। महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 50 हजार, द्वितीय स्थान पर 25 हजार और तृतीय स्थान पर 10 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों एवं योजनाओं की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस संबंध में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए। चार दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रत्येक दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा तथा आमजन भी इस महोत्सव के प्रत्यक्ष साक्षी होंगे। यूथ आइकॉन अवॉर्ड — युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य, विज्ञान और तकनीकी, नवाचार, साहसिक कार्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को ‘राजस्थान यूथ आइकॉन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक लाख रुपए और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। पवन ने यह भी बताया कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव और यूथ आइकॉन अवार्ड में चयनित प्रतिभागियों को 12 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, युवा दिवस पर आयोजित 28वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2025 में भाग लेने के लिए राजस्थान दल को 9 जनवरी को नई दिल्ली रवाना किया जाएगा। राजस्थानी संस्कृति की झलक— युवा मामले एवं खेल विभाग की उप शासन सचिव श्रीमती अनीता मीणा ने बताया कि महोत्सव में राजस्थानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ एनसीसी, पुलिस और विभिन्न संस्थानों द्वारा बैंड प्रदर्शन भी किया जाएगा। बैठक में युवा बोर्ड के सदस्य सचिव श्री कैलाश चंद पहाड़िया और सूचना एवं जनसंपर्क, पर्यटन, शिक्षा, डीओआईटी, स्काउट गाइड, कौशल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

‘महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार’, राजस्थान-“सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला” में पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित “सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2024” में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान वहां देशभर से आए महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेला “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल श्री बागडे ने मेले में लगे विभिन्न राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद स्टॉल का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार मिलता है। उन्होंने वहां प्रदर्शित भारत के विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प, कारीगरी, वस्त्र उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। राज्यपाल को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के श्री भास्कर सांवत ने उनकी अगवानी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न स्टॉल और उत्पादों के बारे में बताया।

किसानों को 3,62,451 क्विंटल बीज का किया वितरण, राजस्थान-स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने ली बैठक

जयपुर। राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने कहा कि प्रदेश में अच्छी पैदावार के लिए उच्च गुणवता एवं उन्नत किस्म का बीज जरूरी है। उन्होनें कहा कि निगम इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिससे फसलों की उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृृद्धि हो सके। राजन विशाल की अध्यक्षता में सोमवार को दुर्गापुरा स्थित श्याम ऑडिटोरियम में राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 46वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होनें बताया कि किसानों को  उच्च गुणवतायुक्त बीज उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2015 से खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का जी.ओ.टी. परीक्षण करवाया जा रहा है। इस प्रक्रिया को निरन्तर रखते हुए, वर्ष 2020-21 से रबी फसलों के प्रमाणित बीजों का भी जी.ओ.टी. करवाया जा रहा है। जी.ओ.टी. परीक्षण करवाने से बीजों की आनुवांशिक गुणवता सुनिश्चित हो रही है। राजसीड्स देश की प्रथम संस्था है जो प्रमाणित बीज की जी.ओ.टी. कराकर ही किसानों को बीज उपलब्ध कराती है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2023-24 में 3 लाख 69 हजार क्विंटल प्रमाणित एवं सत्य चिन्हित बीज उत्पादन किया गया है। 2024-25 में खरीफ व रबी फसलों में प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत 46 हजार 306 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है, जिसमें 7.34 लाख क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन संभावित है। जायद 2024 में संकर बाजरा बीजोत्पादन कार्यक्रम अन्तर्गत बीसलपुर बांध क्षेत्र में 483 क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन हुआ है। राजन विशाल ने कहा कि रबी 2023-24 में उत्पादित गेंहू व जौ प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन पर देय प्रीमियम राशि में रबी 2022-23 की तुलना में वृृद्धि कर दोनों ही फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन 10 वर्ष तक अधिसूचित किस्मों हेतु 225 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल एवं 10 वर्ष से अधिक अधिसूचित किस्मों हेतु 175 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके कारण रबी 2024-25 में गत वर्ष से लगभग गेंहू में 26 प्रतिशत एवं जौ में 36 प्रतिशत बुवाई क्षेत्र में वृृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही छोटी जोत के कृषकों को भी जोडने का कार्य निगम कर रहा है। राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों की ऑर्गेनिक पैदावार को उचित मूल्य दिलवाने व ऑर्गेनिक उत्पादों के विपणन में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि निगम के विधायन केन्द्रों के अधिकाधिक उपयोग के लिए सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से बीज उत्पादक कृषकों से ज्यादा उत्पादन करवाया जायेगा, साथ ही प्रतिबद्ध विक्रेताओं के माध्यम से राजस्थान के सुदूर क्षेत्र के किसानों को भी उन्नत एवं गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाया जायेगा तथा केवीएसएस एवं जीएसएस पर कैम्प ऑफिस स्थापित कर बीज उत्पादक कृषकों से बीज कलेक्शन प्रायोगिक तौर पर करने के निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहा कि राजसीड्स द्वारा खरीफ 2024 में 1 लाख 46 हजार 95 क्विटंल एवं रबी 2024-25 में 2 लाख 16 हजार 356 क्विंटल, इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कुल 3 लाख 62 हजार 451 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। प्रमाणित बीज की उपलब्धता को आम कृषक तक पहुंचाने के लिए बीज वितरण मुख्यतः ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से कराया गया है। उन्होनें बताया कि वर्तमान में निगम की 22 इकाईयां एवं 5 बीज विस्तार केन्द्र है। जिनकी कुल भण्डार क्षमता 10 लाख 21 हजार एवं कुल विधायन क्षमता 12.60 लाख क्विंटल है। वर्ष 2023-24 में निगम का सकल कारोबार 23,405.01 लाख रूपये रहा है तथा कर कटौती के पश्चात निगम का लाभ 1606.49 लाख रूपये है।अध्यक्ष ने कहा कि निगम निष्ठा, समर्पण एवं कठिन परिश्रम से बीजों की गुणवता में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। निगम सभी बीज उत्पादक बंधुओं का आभारी है, जिन्होनें अधिकाधिक उत्तम गुणवता का बीज उत्पादन कर निगम की प्रगति में सहयोग दिया है। बैठक में आयुक्त उद्यानिकी श्री सुरेश कुमार ओला, राजस्थान स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती निमिषा गुप्ता, महाप्रबंधक श्री रामलाल मीणा, निगम के निदेशक श्री फतेह सिंह गुर्जर, कैलाश चंद चौधरी, निगम के अंशधारक कृषक एवं निगम के अधिकारीगण मौजूद रहे।

‘कलेक्टर बोले-कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार जरूरी’, राजस्थान-लाडेसर अभियान का 14 जनवरी को शुभारंभ

जयपुर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में  बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर ने कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार हेतु जिले में लाडेसर अभियान के शुरुआत के लिए निर्देश दिए गए। अभियान के अन्तर्गत कम वजन एवं अति कम वजन वाले बच्चों के पोषण पर निगरानी रखी जाएगी तथा  प्रत्येक कम वजन एवं अति कम वजन वाले बच्चों को प्रतिमाह एक-एक लाडेसर पोषाहार किट का वितरण किया जाएगा एवं साथ ही इसके उपयोग के सुनिश्चितता हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बच्चों के माता-पिता की समझाइए की जाएगी एवं नियमित रूप से बच्चों की प्रति 10 दिवस में  वजन/ऊंचाई/ लंबाई ली जाएगी। कलेक्टर ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी को अभियान के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। बैठक में श्री महेश शर्मा उप निदेशक समेकित बाल विकास विभाग, उप निदेशक श्री सिकरा राम चोयल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

‘एक्सीडेंट फ्री सड़क चिन्हित एवं विकसित करें’, राजस्थान-कलेक्ट्रेट में हुई जिला यातायात प्रबंध समिति की बैठक

जयपुर। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये पुराने साइनेज को हटाकर नये साइनेज लगाए जाएं। डॉ. सोनी ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला यातायात प्रबंध समिति की बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को राजमार्गों पर जारी फ्लाइओवर का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने जिले में एक्सीडेंट फ्री सड़क को चिन्हित एवं विकसित करने के भी निर्देश दिये ताकि उन्हें आदर्श सड़क के रूप में पहचान दिलाकर अन्य सड़कों एवं राजमार्गों पर भी सुगम यातायात एवं दुर्घटना रोका जाना सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जयपुर जिले के शहरी, ग्रामीण क्षेत्र के राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर भारत सरकार के नये नोटिफिकेशन के अनुसार स्पीड लिमिट के साइनेज बोर्ड लगाने, राजमार्गों के प्रोटोकॉल के अनुसार चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के निवारण करने एवं जिले में यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने और राजमार्गों पर अनाधिकृत पार्किंग सहित रिफलेक्टिव टेप इत्यादि के उल्लघनों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही जयपुर विकास प्राधिकरण और राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम के अधिकारियों कोे पिछली बैठक के बिन्दुओं की अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देशित किया गया है। बैठक में ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग करने, रूट उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने, टोल नाके पर शराब या नशा कर के चलाने वाले वाहन चालकों को पकड़ने तथा बेसहारा पशुओं को रेडियम पट्टी लगा कर सर्दी में फोग से सेफ्टी के उपाय करने आदि पर भी चर्चा की गई। बैठक में पुलिस आयुक्त यातायात, पुलिस आयुक्त पश्चिम, अतिरिक्त जिला कलक्टर(पूर्व), श्री देवेन्द्र कुमार जैन सहित जयपुर विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग, सार्वजनिक निमार्ण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और मुस्कान फाउंडेशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जयपुर संभाग के विधायकों की ली बैठक, ‘आमजन से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लें विधायक’

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों को गुड गवर्नेंस देने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विधायकगण जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य करंे। साथ ही, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए बजटीय घोषणाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा ने कहा कि आमजन से जुड़े विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप बजट घोषणाएं की और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। विधायक जिला कलक्टर से संवाद कर इन सभी छोटे-बड़े कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। 8 करोड़ के परिवार के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में विधायकों ने जितना मांगा, उससे ज्यादा दिया। हमारी सरकार आगामी बजट में भी विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की मंशा अनुरूप घोषणाएं करते हुए उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की आठ करोड़ जनता के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित होकर सेवाभाव से निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनसेवा के लिए मंत्री-विधायक रहें तत्पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से जनसेवा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा प्रेषित सभी विषयों पर मंत्रीगण तत्परता से कार्य करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे। वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों का होगा समुचित समाधान श्री शर्मा ने विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर संज्ञान लेते हुए वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा को वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर वन विभाग द्वारा समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवश्यकता है उन्हें मार्गदर्शन के लिए केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। अनुपयोगी सामानों से जरूरतमंद का जीवन सुधारें मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की शुरूआत की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से कोई भी अनुपयोगी सामान जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकता है जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे इस जनसेवा के कार्य में आगे आकर आमजन को प्रोत्साहित करें। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का शीघ्र होगा संचालन श्री शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मुक्त सुगम यातायात के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसों के संचालन की कार्ययोजना को जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप वोकल फोर लोकल को प्रोत्साहित करते हुए हमने पंच गौरव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसकेे तहत एक जिला-एक उपज, एक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल का चिन्हीकरण कर जिले की विशेषताओं को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने विधायकों को पंच गौरव कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हुए निवेश प्रस्ताव का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक अपने जिला कलक्टर से निरंतर संवाद स्थापित करते हुए छोटे-बड़े सभी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक माह इन सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। निवेश की राशि को श्रेणियों में विभक्त कर जिला कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव तक के स्तर तक अनवरत समीक्षा भी जारी है। राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन अनुकरणीय पहल केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक वर्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर एक मिसाल कायम की है। सरकार गठन के एक वर्ष के भीतर ही राइजिंग राजस्थान जैसी अनुकरणीय पहल कर कई राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। बैठक में जयपुर संभाग की बजट घोषणाओं की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विधायकों ने जिलों के पुनर्गठन के निर्णय पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा सहित जयपुर संभाग से आने वाले विधायकगण उपस्थित रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को दी श्रद्धांजलि, राजस्थान-केंद्रीय कृषि मंत्री पहुंचे सिरसा-हरियाणा

जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने सोमवार को हरियाणा के डबवाली, सिरसा स्थित पैतृक गांव चौटाला पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में सम्मिलित होकर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने शोक संतप्त परिवारजनों एवं समर्थकों से मुलाकात कर उन्हें संबल प्रदान किया। चौटाला का जीवन सेवा और संघर्ष का प्रतीक स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को याद करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला का जीवन किसानों, मजदूरों, गांव और गरीबों के हितों के लिए संघर्ष और सेवा का प्रतीक था। उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए अतुलनीय कार्य किए। उनका योगदान देश और समाज में सदैव स्मरणीय रहेगा। परिजनों से मुलाकात केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने स्व. ओमप्रकाश चौटाला के परिजनों से मुलाकात की और दुःख की इस घड़ी में उनको संबल दिया। उन्होंने स्वर्गीय चौटाला के पुत्रों अजय सिंह, अभय सिंह, तथा पोते पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की। विजिटर बुक में व्यक्त किए विचार केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने चौटाला परिवार के निवास पर विजिटर बुक में स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिखा कि स्वर्गीय चौटाला ने अपने जीवनकाल में जो कार्य किए, वे पीढ़ियों तक लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने रहेंगे।

जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही

जयपुर राजस्थान के कुछ हिस्से शीत लहर से जूझ रहे हैं, जयपुर शहर में कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। जयपुर में सोमवार सुबह तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के माउंट आबू ने आज फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली है। यहां के इस एकमात्र हिल स्टेशन में पिछले दो दिनों से तापमान में लगातार गिरावट आई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस  माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को इसमें एक डिग्री का सुधार जरूर हुआ। लेकिन, फिर भी माउंट आबू बर्फ से ढका हुआ है। माउंट आबू के उद्यान, मैदान और सड़कें सभी जगह बर्फीला मौसम है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में राजस्थान के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था बता दें कि इससे पहले 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था। तब रेतीले धोरों और वाहनों पर बर्फ की परत जमने लगी थी। इसके अलावा, खेतों में भी बर्फ की चादर देखने को मिल रही थी, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी, फसलों को नुकसान हो रहा था। जिले का तापमान जमाव बिंदु के निकट पहुंच चुका था। रात का न्यूनतम तापमान काफी नीचे गिर गया था। खेतों में सरसों और अन्य फसलों की पत्तियों पर बर्फ की परत जमने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। जयपुर शहर में सुबह 7:30 बजे तक घना कोहरा रहा, और विजिबिलिटी 100 मीटर से कम रही। गाड़ियों की लाइट जलाकर लोग वाहन चलाते नजर आए। दुपहिया वाहन चालकों को सर्द हवाओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। सवाई माधोपुर में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मावठ के बाद शीतलहर के चलते यहां तापमान गिरा। रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जोधपुर और उसके आसपास हल्की धुंध के साथ ठंड का असर महसूस हुआ। दौसा में मौसम साफ रहा लेकिन ठंड तेज हो गई। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों में तापमान में 9 डिग्री तक की गिरावट आई। टोंक के ग्रामीण इलाकों में लगातार आठवें दिन कोहरा छाया रहा। सोमवार को विजिबिलिटी केवल 20 मीटर रही। अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना आपको बता दें, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में घना कोहरा रहा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और गंगानगर में कोल्ड-वेव के कारण गलन और सर्दी बनी रही। हालांकि कोटा, अजमेर और जोधपुर संभागों में दोपहर बाद धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली। फलोदी में दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे अधिक था। बाड़मेर में 24.8 डिग्री, जालौर में 24, जैसलमेर और जोधपुर में 23, जबकि जयपुर में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है, और अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना जताई गई है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और सरकार और प्रशासन ने गरीब लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की है।

व्यवस्थित और तय समय पर होगी आठवीं आर्थिक गणना, राजस्थान-जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन

जयपुर। राज्य में आठवीं आर्थिक गणना 2025-26 को व्यवस्थित एवं निर्धारित समयावधि में सम्पादित करने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। सहायक निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जिला स्तरीय समन्वय समित के अध्यक्ष जिला कलक्टर होंगे। डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिलापरिषद, समस्त उपखण्ड अधिकारी, मुख्य आयोजना अधिकारी, एसीपी सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक व प्रारम्भिक, उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, समस्त तहसीलदार, आयुक्त नगर निगम सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी सदस्य सचिव होंगे। यह समिति एक अस्थाई समिति होगी जो आठवीं आर्थिक गणना की समाप्ति तक कार्यरत रहेगी।

‘अवैध जल कनेक्शन पर होगी सख्त कार्यवाही’, राजस्थान-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने ली जोधपुर एवं फलोदी के अधिकारियों की समीक्षा बैठक

जयपुर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग मंत्री श्री कन्हैयालाल चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को जोधपुर एवं फलोदी जिले की विभागीय समीक्षा बैठक डिस्कॉम मीटिंग हॉल न्यू पॉवर हाउॅस में आयोजित हुई। बैठक में विभाग की गतिविधि, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 योजना सहित विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। चौधरी ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर कोने में आमजन तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पेयजल समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयासरत है और इसके लिए आमजन के पैसे का सदुपयोग होगा।  अधूरे कार्य समय पर करें पूर्ण— जलदाय मंत्री ने जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी अधिकारी करे फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग— श्री कन्हैयालाल चौधरी ने अवैध कनेक्शनों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी अभियान चलाकर जांच करवाएं और इन कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से हटाये। उन्होंने कहा कि पानी की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा प्रयास हो कि पानी की छीजत और चोरी रोककर अंतिम छोर तक सुचारू रूप से जलापूर्ति हो। सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करें। जलदाय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तत्परता से करें। शहर विधायक ने जोधपुर की समस्याओं को रखा— बैठक में जोधपुर शहर के विधायक श्री अतुल भंसाली ने जोधपुर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं को उठाते हुए सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और नागरिकों को पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें। विभागीय प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा— मुख्य अभियंता श्री देवराज सोलंकी ने बैठक में जोधपुर और फलोदी जिलों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत कार्यों, क्षेत्रीय जल प्रदाय योजनाओं और राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल फेज थ्री परियोजना की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet