ग्वालियर शहर के तानसेन द्वार में लगी संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति।
A statue of the music maestro Tansen has been installed at the Tansen Gate in the city of Gwalior.
रात में रंगीन रोशनी में जगमगाएगी मूर्ति, रोशनी के लिए लगाई गई हैं विशेष तरह की लाइटें।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शहर में रु 12.14 करोड़ की लागत से बन रहे है 4 द्वार।

संतोष सिंह तोमर
ग्वालियर। समृद्ध इतिहास एवं संस्कृति से परिपूर्ण ग्वालियर को एक और उपलब्धि मिली है। हाल ही में UNESCO द्वारा सिटी ऑफ म्यूज़िक का खिताब मिलने से ग्वालियर की पहचान विश्व पटल तक पहुँची और अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में निर्मित हो रहे शहर के चार द्वार में से एक तानसेन द्वार में संगीत सम्राट तानसेन की मूर्ति को भी सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। बता दें की रात के समय में मूर्ति को प्रकाशित करने और विशेष ख़ूबसूरती के लिए लाइट भी लगायी गयी है, जिससे सम्राट तानसेन का प्रतीक अद्भभुत दिखाई दे रहा है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व में ग्वालियर में चल रहे विकास कार्यों में से एक है शहर के लिए 4 प्रवेश द्वारों का निर्माण। ये चार द्वार ग्वालियर की समृद्ध इतिहास को प्रदर्शित करेंगे। चार द्वारों में से पहला द्वार, ग्वालियर किले को प्रदर्शित करेगा; दूसरा द्वार, जय विलास महल के अनुरूप बन रहा है; तीसरा द्वार, प्रसिद्ध 10 वीं सदी के सास-बहु मंदिर के डिज़ाइन पर बन रहा है; और चौथा द्वार, ग्वालियर की संगीत परम्परा के स्तम्भ संगीत सम्राट तानसेन पर आधारित है। रु 2.24 करोड़ की लागत का यह भव्य तानसेन द्वार ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के हाईवे से ग्वालियर शहर की प्रवेश स्थान पर बनाया गया है। यह भव्य द्वार जितना विशाल उतने ही सुंदर कलाकृतियां भी है – सुंदर छतरी के नीचे संगीत में लीन मियाँ तानसेन की मूर्ति बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कुल रु 12 करोड़ की लागत से बने यह द्वार क्षेत्रीय ख़ूबसूरती और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, साथ ही ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान को भी उभारेंगे। बता दें कि हर सप्ताह केन्द्रीय मंत्री सिंधिया कई विकास कार्य सहित इन चारों द्वार के निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे है।