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बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता रंजीत सिंह द्वारा नए साल की शुभकानाएं देने के लिए एक पोस्टर लगाया गया है। यह पोस्टर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास के पास लगाया गया है। इस पोस्टर पर अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ-साथ डॉक्टर बी.आर अंबेडकर की तस्वीर भी है। साथ ही बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में।’ बीजेपी के पोस्टर पर सपा का पलटवार नए साल के अवसर पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गई है। नए साल के मौके पर बीजेपी दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया था। जिसपर लिखा था, ” चरखे से क्रांति आई, बुलडोजर से शांति आई।”  इस पोस्टर के जवाब में अब सपा ने एक पोस्टर जारी कर बुलडोजर पर निशाना साधते  हुए लिखा, “सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में. बुलडोजर में नहीं रह गया कोई दम, साइकिल दिखाएगी 27 में दम।” उपचुनाव से ही जारी है पोस्टर वॉर दोनों पार्टियों के पोस्टर को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ये पहला मौका नहीं है जब दोनों पार्टियों के बीच पोस्टरबाजी देखने को मिल रही है। गौरतलब हो कि उपचुनाव के समय से ही सपा और भाजपा में पोस्टर वॉर छिड़ी हुई है। पोस्टर की ये सियासी जंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे तो कटेंगे वाले बयान से शुरू हुई थी। जिसके बाद दोनों पार्टियों की सियासत तेज हो गई थी। अब एक बार फिर बुलडोजर को लेकर दोनों में सियासत गरमा रही है।

कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है, कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं: अखिलेश यादव

प्रयागराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाकुंभ को लेकर दिए जा रहे निमंत्रण पर बयान दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेस में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है. कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं. मैं किसी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहता. हमने अपने धर्म में सीखा और पढ़ा है कि ऐसे आयोजनों में लोग खुद आते हैं. जो करोड़ो लोग आएंगे क्या उन्हें निमंत्रण दिया जाता है? ये सरकार अलग है.” अखिलेश यादव ने कहा कि कुम्भ सही से हो हम सहायता देने के लिये तैयार हैं. मैंने भी हकीकत चेक कराई है, PDA पत्रकार ने कुंभ की हकीकत चेक की और सब उजागर हुआ है. वहीं VHP के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, मैं तो कहता हूँ कि ये जो रोज खुदाई चल रही है. CM हाउस में भी करें वहाँ शिव मंदिर है, CM के घर में भी खुदाई हो शिवलिंग मिलेगा. अवैध निर्माण राज्यपाल के हाउस में भी हो रहा है. जर्मनी में बैलेट से डाले जाते हैं वोट-अखिलेश यादव वहीं सपा सांसद अखिलेश यादव ने जर्मनी के संसद सदस्य राहुल कंबोज को लेकर उन्होंने कहा कि उनसे लगातार बात हो रही थी. मुझे खुशी है कि हमलोग आज लखनऊ में मिल रहे हैं. आज की पीढी को सबसे ज्यादा पढ़ाई की जरूरत है. वो भी अपने परिवार को खुशहाल बनाना चाहता है. सपा मुखिया ने कहा कि जर्मनी जैसा देश जहां अभी भी बैलट से वोट डाले जाते हैं और हर स्तर पर बैलेट से चुनाव होते हैं. हमें भी अपने वोटिंग प्रक्रिया पर वो भरोसा वापस पैदा करना होगा. हम लोग अपनी संस्थाओं पर भरोसा खो रहे हैं, हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में जनता बदलाव लाने का काम करेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि वहां की सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप ईवीएम की मांग करेंगे वोटिंग के लिए तो वो असंवैधानिक होगा. जब जर्मनी जैसा देश ये मान रहा है तो ये एक लंबी बहस है. हम भले हार जाएं लेकिन हमें भरोसा होना चाहिए कि हम हारे हैं. हम हारने के बाद भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और जीतने वाला जीतने के बाद भरोसा नहीं कर रहा है. अंतिम चरण पर हैं महाकुंभ की तैयारियां बता दें कि प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां लगभग अंतिम चरण पर हैं. महाकुंभ की तैयारियों को लेकर यूपी सरकार ने युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं. खुद सीएम योगी महाकुंभ की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

संभल: मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे, अब अखिलेश ने कहा-सीएम आवास के नीचे भी शिवलिंग, खुदाई कराएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंदिर खोजने और खुदाई का मामला छाया हुआ है। संभल के बाद से शहर-शहर नए मंदिर मिल रहे हैं और जगह-जगह मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक दावा कर दिया है। अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि लखनऊ में सीएम योगी जिस मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं उसके नीचे भी शिवलिंग है। अखिलेश ने उसकी भी खुदाई की मांग कर दी। अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के नीचे शिवलिंग है। यह हमारी जानकारी है। इसकी भी खुदाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव के इस दावे के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अखिलेश इससे पहले भी संभल में हो रही खुदाई को लेकर निशाना साध चुके हैं। अब मुख्यमंत्री आवास की खुदाई कराने की मांग के पीछे की उनकी रणनीति और मंशा को सीधे संभल में चल रही खुदाई से जोड़ा जा रहा है। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रशासन मुस्लिम इलाकों में लगातार बिजली चोरी और मंदिर के जीर्णोद्वार कराने में जुटा है। यहां पर कई पुराने कुओं को दोबारा खुदाई कर नया जीवन दिया जा रहा है। जमीन के अंदर चली गईं बावड़ियों पर भी खुदाई चल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं जब नए घर में जा रहा था तो पीआईएल हुआ थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पीआईएल करने वालों को मैं जानता हूं। अखिलेश यादव ने अवैध अतिक्रमण बुलडोजर एक्शन को लेकर राजभवन के बाहर हुए कंस्ट्रक्शन का मामला उठाया। पूछा कि उसका नक्शा क्या पास है? वहां बुलडोज़र कब जाएगा? अखिलेश यादव पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर चल रही अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एक्स पर इसे लेकर कई वीडियो पोस्ट किए हैं। इसे लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर मुकदमे लगे तो कुम्भ मेले में अव्यवस्था की पूरी पोल खोल देंगे। वहीं सीएम योगी का दिल्ली जाकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित साह समेत तमाम लोगों को कुंभ का न्योता देने पर भी अखिलेश ने सवाल खड़ा किया। अखिलेश ने कहा कि कुंभ मे आने का किसी को आमंत्रण नहीं दिया जाता है। लोग स्वयं कुंभ मे आते है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे कुंभ से पहले शुरू होने की बात कही थी, लेकिन कहां यह चालू हुआ। अखिलेश ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाया और कहा कि यहां ईवीएम के कारण हारने वाले को हार का और जीतने वाले को जीत का विश्वास नहीं होता है। इसलिए हम मांग करते हैं कि बैलेट से ही चुनाव कराया जाए।

भाजपा को हराने वाले दलों से बढ़ाएंगे नजदीकियां, ये लोकतंत्र नहीं, एक तंत्र चाहते हैं: अखिलेश यादव

सहारनपुर अंबाला रोड स्थित पार्टी के गायक शाहनवाज साबरी के शादी समारोह में आज सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों के साथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन दलों से पार्टी नजदीकियां बढ़ाएंगी, जो भाजपा को हराने के लिए आगे आएंगे। अखिलेश यादव ने संभल की घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए घटना कराई गई है। कहा कि कहा कि जब भी जांच होगी। सरकार कटघरे में होगी और दोषी अधिकारियों को सजा मिलेगी। सदन में सीएम की भाषा अच्छी नहीं- अखिलेश इसके अलावा कहा कि सरकार के द्वारा सदन में गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते है। सरकार की तरफ से गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। लोकतंत्र पर हमला करने के लिए, ताकि लोकतंत्र कमजोर हो जाए। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते हैं। ये हालत दिल्ली का है। हमारे मुख्यमंत्री की भाषा सुनने पर गुस्सा आ जाएगा। सदन में उनकी भाषा अच्छी नहीं लगती है। सीएम योगी की भाषा बहुत गलत है- अखिलेश भाषा का ऐसा इस्तेमाल हो, जिसमें सम्मान हो। हमें सम्मान की बात भी करनी चाहिए। डिप्टी सीएम की भाषा भी निंदनीय है। कहा कि बुनियादी सवालों का जवाब उनके पास नहीं है। किसी भी गरीब को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। यह सरकार अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही है। सरकार में हर स्तर पर लूट देखने को मिलेगी। चाहे वह तहसील स्तर हो। वन नेशन, वन इलेक्शन…लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है- अखिलेश अखिलेश ने कहा कि देश और समाज को तरक्की पर लाने के लिए नए रास्ते खोजने वाले हैं। वन नेशन, वन इलेक्शन, वन नेशन वन राशन और एक ही इलाज है वोट। लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है। लोकतंत्र में हमारी पहचान बची रहे, लेकिन सरकार किसी को नहीं सुनना चाहती है। लोकतंत्र नहीं, वह एक तंत्र चाहते हैं। इजराइल में नौकरी पर बोलते हुए कहा कि गरीब बच्चे घर परिवार को छोड़कर इजराइल में मुसीबतों में नौकरी कर रहे हैं। जो सम्मान घर में मिलेगा, वह बाहर नहीं मिल सकता है। सरकार ने अगर नौकरी दी है तो उनकी सूची जारी करे। कोई भी पार्टी मौन नहीं है। ये सरकार बहुत कमजोर है। अखिलेश यादव के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल सरसावा एयरपोर्ट पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 3:5 मिनट पर पहुंचे। वहां पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उसके बाद 3:20 पर वह अंबाला रोड स्थित न्यू सेलिब्रेशन रिसाेर्ट में आयोजित शादी समारोह में पहुंचे। इस दौरान अखिलेश यादव से मिलने के आपाधापी रही। इस दौरान अखिलेश यादव कई बार गिरते बचे। बाद में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला। इस दौरान विधायक आसू मलिक, मौहम्मद उम्र अली खान, राष्ट्रीय महासचिव चौघरी रूद्रसैन, गंगोह विधानसभा प्रभारी चौंधरी इंद्रसैन, परीक्षित चौधरी, रागिब, अंजुम आदि मौजूद रहे।

‘संसद में 11 ‘जुमले’ सुनने को मिले’, पीएम मोदी के 11 संकल्पों पर अखिलेश यादव का तंज

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के बाद 106 मिनट के अपने जवाब में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की भावना के अनुरूप 11 संकल्प पेश किए। इन 11 संकल्पों को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने “11 जुमले” करार दिया। अखिलेश यादव ने सदन के बाद पत्रकारों से कहा, “प्रधानमंत्री का आज का बहुत लंबा भाषण था। आप लोगों से बेहतर कौन जान सकता है कि ‘जुमले’ से किसको जाना जाता था। आज हम लोगों को 11 जुमलों का संकल्प सुनने को मिला है। 15 लाख रुपये जुमला था। किसानों की आय दोगुनी होगी, वह जुमला था। एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी, वह जुमला था। अग्निवीर जैसी नौकरी एक जुमला है। जीएसटी से महंगाई कम होगी यह भी जुमला निकला। उत्तर प्रदेश में आपको याद होगा कि इन्होंने कहा था कि जानवरों से सड़कें खाली हो जाएंगी, सड़कों पर जानवर नहीं दिखेंगे, वह बात भी जुमला निकली।” उन्होंने कहा कि भाजपा की परिवारवाद की बात भी जुमला निकली, क्योंकि इनके दल में ही परिवारवाद भरा पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी कह रही है कि हम आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों का आरक्षण छीना जा रहा है। जाति जनगणना को लेकर हम लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार हम आगे बढ़ रहे हैं। वह दिन आएगा जब जाति जनगणना भी होगी और आबादी के हिसाब से लोगों को हक और सम्मान भी मिलेगा। उनके अभी तीन जुमले और बचे हैं। जब समय आएगा तो आप खुद देख लेना। यह सरकार लोगों को ऐसे ही भटकाएगी।” उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने “भारतीय संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा” पर सदन में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए कहा, “देश के भविष्य के लिए संविधान की भावना से प्रेरित होकर मैं आज इस सदन के समक्ष 11 संकल्प प्रस्तुत करना चाहता हूं। यदि प्रत्येक भारतीय अपने मूल कर्तव्यों का पालन करे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोका जा सकता।”

अखिलेश यादव ने कहा- किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता

नई दिल्ली अखिलेश यादव ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान अतीक अहमद के पुलिस सुरक्षा में मारे जाने का सवाल उठाया तो मस्जिद, मंदिर और जाति जनगणना के मुद्दों पर भी बात की। अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता। यह मौलिक अधिकार है, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो यही छीना जा रहा है। फर्जी मुठभेड़ों में कत्ल हो रहा है और पुलिस की अभिरक्षा में लोग मारे जा रहे हैं। यूपी में ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए। यूपी में हर दिन ऐसा हो रहा है। टीवी पर चलते हुए जान ले ली गई। हमारा प्रदेश हिरासत में मौतों के मामले में सबसे आगे जा रहा है। यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी का ऐसा कानून है कि बिना किसी नोटिस के ही लोग गिरफ्तार हो रहे हैं। इसके अलावा जाति जनगणना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि जाति जनगणना कराना चाहें तो करा लें। मैं तो कहता हूं कि आप चाहें तो करा लें, वरना हमें जब भी मौका मिलेगा तो हम कराएंगे। आउटसोर्सिंग से नौकरियां दी जा रही हैं। आरक्षण खत्म हो रहा है। कुलपति और प्रोफेसर नियुक्त करने में NFS लिख दिया जाता है यानी कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला। यदि सारे वीसी, प्रोफेसर की सूची जारी कर दी जाए तो बात साफ हो जाएगी कि 10 फीसदी लोगों का ही ख्याल रखा जा रहा है। 90 फीसदी लोगों की कोई चिंता नहीं हो रही है। जाति जनगणना से भेदभाव नहीं बढ़ेगा बल्कि जातियों के बीच दूरियां कम होंगी। ऐसे लोगों को न्याय और सम्मान मिलेगा, जो अब तक इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद से असमानता तेजी से बढ़ी है। 140 करोड़ लोगों में से 82 करोड़ तो सरकारी राशन से जिंदा हैं। सरकार कहती है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो मेरा सवाल है कि कैसे 82 करोड़ सरकारी राशन पर जिंदा हैं और कैसे कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी दौलत है। यदि आपकी अर्थव्यवस्था ऊंचाई पर जा रही है तो हमारे जो 60 फीसदी गरीब लोग हैं, उनकी प्रति व्यक्ति क्या है। इसके आंकड़े भी तो सरकार को देने चाहिए। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि 5 फीसदी लोगों के पास कितनी कमाई है। राज्य की निगाह में सभी धर्म समान हैं। हमारा सेकुलरिज्म समानता की बात करता है, लेकिन क्या सरकार इस पर अमल कर रही है। देश के 20 करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यकों और खासतौर पर मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं और हत्याएं की जा रही हैं। प्रशासन की मदद से उनके धर्मस्थलों को कब्जा किया जा रहा है। हमने देखा है कि यूपी में इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं। मुझे याद है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहा था को बहुत से लोगों को वोट के अधिकार से रोका गया। ऐसे इंतजाम किए गए थे कि लोग वोट डालने के लिए बूथ तक न पहुंच जाएं। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे यूपी में एक अधिकारी पिस्तौल दिखाकर महिलाओं को वोट डालने से रोकता है। क्या यही लोकतांत्रिक गणराज्य है। अखिलेश यादव ने कहा कि हिटलर ने भी तो लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद संविधान बदला था और तानाशाही लागू कर दी थी। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने की बात है। लेकिन ऐसा क्या है। आर्थिक न्याय के बिना कुछ भी संभव नहीं है। धन्नासेठों की सरकार बड़े पैमाने पर पैसे खर्च करके सत्ता में आ जाती है। इससे राजनीतिक न्याय भी छिन जा रहा है। आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ देशद्रोह है। आज उपासना में भी दिक्कत है क्योंकि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजा जा रहा है। आज एक ही कानून कुछ लोगों के लिए अलग है। यदि सत्ता पक्ष का आदमी गेरूआ गमछा पहनकर गाली दे तो जी हुजूरी। दूसरा व्यक्ति न्याय मांगने जाए तो लाठी मिलती है।

संभल के भाईचारे को गोली मारी दी, लोकसभा में बोले अखिलेश-अफसरों पर दर्ज हो हत्‍या का मुकदमा

संभल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संभल हिंसा का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अचानक ये जो घटना हुई है। ये सोची समझी साजिश के तहत वहां के भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है। देश के कोने-कोने में भाजपा और उनके शुभचिंतक बार-बार खुदाई की जो बात कर रहे हैं, ये खुदाई, हमारे देश का सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को खो देगा। उन्‍होंने कहा कि यूपी में उपचुनाव की तारीख को 13 से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया गया। अखिलेश जब संभल पर बोल रहे थे तो लोकसभा में भाजपा सदस्‍यों की ओर से लगातार आपत्ति जताई गई। शोर शराबे के बीच अखिलेश ने अपनी बात जारी रखी। उन्‍होंने संभल हिंसा के लिए याचिका दायर करने वालों के साथ पुलिस-प्रशासन को जिम्‍मेदार ठहराते हुए संबंधित अफसरों को सस्‍पेंड करने और उनके खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सपा मुखिया ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्‍य लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्‍त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्‍ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्‍थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्‍यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्‍मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्‍या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्‍ली और लखनऊ की है। वे दिल्‍ली पहुंचे जिस रास्‍ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्‍ते दिल्‍ली पहुंचना चाहते हैं। कमेंट पर भड़के अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्‍त सत्‍ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं।’ इसके बाद वह फिर मुस्‍कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे। गिरिराज सिंह और पीयूष गोयल ने टोका अखिलेश ने संभल हिंसा पर बोलना शुरू किया तो सत्‍ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी होने लगी। बेगूसराय से भाजपा सांसद गिर‍िराज सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उन्‍हें टोकने लगे। अखिलेश ने इस टोका-टाकी पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया और संभल पर अपनी बात रखते रहे।

बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी?: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल की हिंसा के बाद सियासी बयानबाजी और पोस्टरवार भी शुरू है। एक तरफ प्रशासन ने घटना में शामिल उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की है। वहीं दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी कर पूछा है जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को संभल हिंसा को लेकर एक तस्वीर जारी की है जिसमें सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन के साथ अन्य लोग भी दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जिन्होंने बवाल शुरू किया और जो पहले पहल फसाद की वजह बने, उनकी तस्वीरें कब लगेंगी? दरअसल हिंसा के तीन दिन बाद बुधवार को पुलिस की ओर से जारी किए गए पोस्टरों में अधिकतर उपद्रवी अधिकतर नौजवान दिख रहे हैं। सभी मुंह बांधे हुए हैं। उनके हाथ में ईंट पत्थर भी नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें महिलाएं पत्थर चलाती नजर आ रही है। हालांकि उनके पोस्टर जारी नहीं हुए हैं। बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद जियाउर्रहमान बर्क को भी 168 का नोटिस तामील कराया गया था। वीडियो, सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से आरोपियों को चिह्नित किया गया। एसपी ने कहा कि किसी भी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन जो लोग उपद्रव में शामिल रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। एसपी ने लोगों से उपद्रवियों की सूचना देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें इनाम भी दिया जाएगा। ज्ञात हो कि बीते रविवार को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा मामले में चार लोगों की मौत हो गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए। इसको लेकर पुलिस ने पत्थरबाजी करने वाले की पहचान की है और इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है।  

अखिलेश यादव ने हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा व आगजनी के बाद सियासी बयानबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कटिंग के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान के साथ लिखा कि न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से संभल हिंसा के पीड़ित के बयान को पोस्ट किया और लिखा कि किसी को धमकाकर कोरे काग़ज़ पर अंगूठा लगवाना भी गुनाह है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले और दोषी शासन-प्रशासन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करके, इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी को सजा दे। न्याय का मान न्यायालय ही सुनिश्चित करेगा। इसके पहले सपा मुखिया ने पत्रकारों से बातचीत में संभल हिंसा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद में दोबारा सर्वे का काम क्यों किया? उन्होंने कहा कि मैं भी संभल जाऊंगा। संभल जाने से क्यों रोका जा रहा है। संभल का हाल जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संभल में न्याय नहीं मिल रहा है। हम संविधान का सम्मान करते हैं। हम संविधान का उत्सव कैसे मनाएं? उत्सव ढोंग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को नहीं मानती है। उधर,संभल में हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बाजार खुल गए हैं। स्कूल भी खुले। हिंसाग्रस्त इलाके में पुलिस बल तैनात है। कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस अब भी संभल बवाल से जुड़े मामलों में सतर्कता बरत रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।  

महाराष्ट्र के चुनाव के बाद यूपी में छिन जाएगी सीएम योगी की कुर्सी, अखिलेश यादव ने एक बड़ा दावा किया

लखनऊ उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के बीच नेताओं की बयानबाजी अब आए दिन तेज होते जा रही है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को करहल में उपचुनाव को लेकर एक जनसभा को संबोधित किया. अखिलेश यादव ने अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर सीधे जुबानी हमला बोला तो एक बड़ा दावा भी कर दिया. अखिलेश यादव ने करहल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र के चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की कुर्सी भी छिन जाएगी. यह हमारे मुख्यमंत्री जी समाज में अंदर ही अंदर बारूद बिछा रहे हैं लेकिन उनके नीचे सुरंग खुद रही है. यह जो बारूद बिछा रहे हैं वह इसलिए बिछा रहे हैं कि उनकी कुर्सी भी खतरे में है. सभी लोग आप मदद करना.’ सपा प्रमुख ने कहा कि करहल से ऐतिहासिक जीत होगी. बांटने की राजनीति कामयाब नहीं होगी. यहां जनता और किसानों को परेशान किया जा रहा है. नौजवानों को उलझाकर नौकरी नहीं दिया जा रहा है. उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. सभी सीट हार रही BJP- सपा प्रमुख उन्होंने कहा कि बीजेपी सभी 9 सीटों पर हारने जा रही है. बीजेपी के अंदर के लोग, सहयोगी दल भी बटेंगे तो कटेंगे के नारे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. बुलडोजर को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं, अधिकारियों को कार्रवाई का सामान करना पड़ेगा. नौजवानों की बातों को मानना चाहिए, जो दावे करते हैं कि हम रिकार्ड परीक्षा करवा सकते हैं तो उनकी मांगों को मानना चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि डिवाइड एंड रूल यहां की जनता कभी स्वीकार नहीं कर सकती है, यह अंग्रेजों के रास्ते पर चल रहे है इसे देश कभी स्वीकार नहीं कर सकती है. बता दें कि अखिलेश यादव ने बीते 2022 के विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी. उनके इस्तीफा देने के बाद ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है. वह अब लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सांसद बन गए हैं.  

भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस और आरओ, एआरओ 2024 परीक्षा एक ही दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग के मुताबिक पीसीएस 2024 की परीक्षा की एक ही तारीख को कराई जाएगी। यह फैसला आयोग के बाहर चार दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों के युवाओं पर विचार करने के बाद लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा 2024 के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। आयोग जल्द ही दोनों परीक्षाओं में बदलाव के संबंध में अलग से नोटिस जारी करेगा। इस फैसले के बाद विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, “भाजपा सरकार को जब अपनी हार सामने दिखाई दी, तो वो पीछे तो हटी, पर उसका घमंड बीच में आ गया है, इसीलिए वो आधी मांग ही मान रही है। अभ्यर्थियों की जीत होगी। ये आज के समझदार युवा है, सरकार इन्हें झुनझुना नहीं पकड़ा सकती। जब एक परीक्षा हो सकती है, तो दूसरी क्यों नहीं। चुनाव में हार ही भाजपा का असली इलाज है। जब भाजपा जाएगी, तब ‘नौकरी’ आएगी।” वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि, “भाजपा सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानकीकरण की मांग पर योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रतियोगी छात्रों का सम्मान करते हुए एक-दिन, एक-शिफ्ट में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। सपाई गुंडों ने माहौल बिगाड़ने और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, परंतु खोदा पहाड़ निकली चुहिया। भाजपा सरकार राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और छात्र हित को प्राथमिकता देती है। छात्रों का भविष्य सुरक्षित है और भाजपा सरकार का यह कदम उनके सपनों को मजबूत आधार देगा। मेरी शुभकामनाएं समस्त प्रतियोगी छात्रों के साथ वर्तमान में भी है और भविष्य में भी रहेगी।” दरअसल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा एक ही पाली में आयोजित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रयागराज में आयोग कार्यालय के बाहर लगातार चौथे दिन गुरुवार सुबह भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर छात्र नारेबाजी करते देखे गए। इस दौरान मौके पर यूपी पुलिस के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) मौजूद रहे।

भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है, जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी तेज़ी से होता है: अखिलेश यादव

प्रयागराज उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के ‘पीसीएस प्री’ और ‘आरओ एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन का आज चौथा दिन है। आज सुबह प्रतियोगी छात्रों के साथ हुई बर्बरता को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा ”एक दिव्यांग छात्रा की बैसाखी तक पुलिस उठा ले गई। सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक़ नहीं है।”     ‘दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!’ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ”इलाहाबाद में एक आंदोलनकारी दिव्यांग छात्रा की बैसाखी पुलिस ले गयी है… ये ख़बर बताती है कि भाजपाई और उनकी सरकार कितनी निर्दयी और संवेदनहीन है। ऐसी सरकार को बने रहने का कोई हक नहीं है। भाजपा घमंड के हिमालय पर चढ़ी हुई है। जो जितनी ऊंचाई पर होता है, उसका पतन भी उतना ही नीचे और तेज़ी से होता है। दिव्यांग कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! ‘भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी…’ एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, ”भाजपा अगर केवल चुनाव का गणित समझती है तो सुन ले कि PCS/RO/ARO/LOWER SUBORDINATE जैसी अन्य प्रतियोगी छात्रों और उनके परिवार के लोगों को मिला लिया जाए तो ये संख्या लगभग 1 करोड़ होती है। अगर इस ‘महा-संख्या’ को लगभग 400 विधानसभा सीटों से भाग दें तो भाजपा के लगभग 25000 वोट हर विधानसभा सीट पर कम होंगे मतलब भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी।” ‘भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होनेवाली है’ इससे आगे अखिलेश यादव ने कहा, ”उम्मीद है, इस गणित को ही समझ कर आज ही भाजपा की हृदयहीन सरकार अत्याचार बंद करेगी और आंदोलनकारी युवाओं की लोकतांत्रिक जायज मांग को पूरा करेगी। भाजपा की एक आदत पड़ गयी है, जनाक्रोश से डरकर आखिरकार बात तो वो मानने पर मजबूर होती है, लेकिन तभी जब उसके सारे हिंसक तरीके नाकाम हो जाते हैं और जब उसकी नौकरी विरोधी नकारात्मक राजनीति पूरी तरह फेल हो जाती है। भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होने वाली है। अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!”

कानपुर पहुंचे अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की, कुर्सियां खाली

कानपुर उपचुनाव के लिए कानपुर पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज GIC ग्राउंड पर रैली की है। जिसमें भीड़ देखने को नहीं मिली। सभी कुर्सियां मैदान में खाली दिखाई दे रही थी। वहीं, मंच से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि पुलिस और पीएसी लोगों को सभा में आने से रोक रही है। सपा विधायक ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि साइकिल मार्केट और यतीमखाना चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को आने से रोका जा रहा है। पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो बैरिकेडिंग हटा दें, वरना सपा कार्यकर्ता खुद हटा देंगे। बता दें कि सपा प्रमुख ने यहां पर जेल में बंद इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी के समर्थन में वोट की अपील की है। नसीम के पति इरफान सोलंकी को 7 साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता निरस्त कर दी गई। इसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। अखिलेश के पहुंचने से पहले आज समर्थकों ने नारा लगाया- जेल के ताले टूटेंगे, इरफान सोलंकी छूटेंगे। अखिलेश के समर्थक जनसभा में वेलकम बॉस के पोस्टर लेकर पहुंचे हैं।  

अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी से की मुलाकात, कहा, ‘अन्याय हुआ है, न्यायालय पर भरोसा’

रामपुर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को रामपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात की। उनके साथ रामपुर के सांसद मोहिब्बुल्लाह भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने आजम खान की पत्नी तजीन फात्मा से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह आजम खान के साथ हैं और आजम खान की लड़ाई लड़ने के लिए वह हमेशा आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं रामपुर आया हूं और रामपुर में पहले भी आता रहा हूं। मैं सबसे पहले यहां की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। जिन्होंने पीडीए की रणनीति और उसे जीत दिलाई है, जो लड़ाई संविधान को बचाने की थी, वह हमें लगातार जारी रखनी होगी, जब तक भाजपा लखनऊ से नहीं हटती है। अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आजम खान पर जो भी झूठे केस दर्ज किए गए हैं, सपा सरकार आने पर उन मामलों को खत्म किया जाएगा। उन्होंने न्यायालय से उम्मीद जताई कि आजम खान को जल्द ही इंसाफ मिलेगा। जब आजम खान पर दर्ज कई मामलों में सपा के रवैये पर सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा ने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। सपा मुखिया ने कहा कि भगवान जानता है, सपा जानती है, कोर्ट जानता है कि हम लोगों ने कितनी मेहनत की है। हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर के अब्दुल्ला आजम से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि मैं इसका पता करूंगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथी सवाल पूछ रहे हैं कि चुनाव में ही याद क्यों आती है, हमें हर समय याद आती है। उन्होंने कहा कि मैं जनता का धन्यवाद देता हूं। संविधान बचाने की लड़ाई में हमारी पार्टी ने जीतने का काम किया।

अखिलेश यादव ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरा अध्याय सिर्फ काले रंग से ही छापा जाएगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में नोटबंदी के नाम पर एक पूरे-का-पूरा अध्याय सिर्फ़ काले रंग से ही छापा जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को नोटबंदी की 8वीं सालगिरह के ठीक एक दिन पहले ही, कल रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे कमजोर स्थिति में आ गया। जनता पूछ रही है क्या ये नोटबंदी की नाकामयाबी की वजह से हुआ या भाजपा की नकारात्मक नीतियों की वजह से। सपा मुखिया ने कहा, “अब क्या भाजपाई फिर ये कहेंगे कि देश के इतिहास में रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर ‘रिकार्डतोड़’ नहीं गिरा है, बल्कि डॉलर ऊपर उठा है। भाजपा ने अर्थव्यवस्था को अनर्थव्यवस्था बना दिया है। रुपया कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।” ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद कई हफ़्तों तक देशभर में बैंकों और एटीएम के सामने पुराने नोट बदलकर नए नोट हासिल करने वालों की लंबी कतारें देखी गयी थी। इसका मकसद देश में कालाधन रोकने और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा बताया गया था।  

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