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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में कार्यक्रम को किया संबोधित

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक “गर्भ संस्कार” का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक “गर्भ संस्कार” का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

CM मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की हुई सगाई, घर में गूंजेगी शहनाई

भोपाल। सीएम मोहन यादव के घर जल्द ही खुशियों की शहनाई बजने वाली है। मोहन यादव ने खुद जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उनके बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। सगाई के कार्यक्रम में दोनों परिवार के करीबी लोग मौजूद रहे। सीएम द्वारा एक्स पर सगाई की बात साझा करते ही लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर मोहन परिवार में कौन सा नया सदस्य आने वाला है… सीएम मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- बा श्री महाकाल और श्री गोपाल कृष्ण की परम कृपा और पूज्य पिताश्री और माताश्री के आशीर्वाद से पुत्र चिरंजीवी डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की सगाई खरगोन के श्री दिनेश यादव जी की सुपुत्री डॉ. इशिता यादव के साथ संपन्न हुई है। इसके बाद उन्होंने आभार जताते हए लिखा- इस पुनीत, पावन मंगल बेला पर सभी वरिष्ठजनों ने आशीर्वाद प्रदान किया, स्वजनों ने बधाइयां दीं, आप सभी का हृदय से आभार, अभिवादन। सीएम के बेटे अभिमन्यु यादव और होने वाली बहु इशिता यादव ने मेडिकल की पढ़ाई की हुई है। अभिमन्यु ने मास्टर्स इन सर्जरी की पढ़ाई की है और एक योग्य डॉक्टर हैं। उनकी पहचान समाजसेवी के तौर पर भी है। वहीं होने वाली पत्नी इशिता ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। इस तरह दोनों लोग मेडिकल की दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं।

सीएम मोहन यादव के छोटे बेटे की सगाई डॉ. इशिता से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई संपन्न

भोपाल भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) की सगाई खरगौन के सेल्दा निवासी श्री दिनेश यादव (पटेल) की सुपुत्री डॉ. इशिता (एमबीबीएस) से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। सगाई समारोह में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूजन के बाद दोनों ने अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। डॉक्टर अभिमन्यु एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं सक्रिय समाजसेवी हैं, वहीं डॉ. इशिता भी चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले डॉ. यादव के बड़े बेटे वैभव की शादी भी सादे और पारिवारिक माहौल में संपन्न हुई थी। अब उनके छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की सगाई डॉ. इशिता के साथ भोपाल में सादे समारोह में हुई। डॉ. अभिमन्यू एमबीबीएस की डिग्री के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।  बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता के साथ सीएम मोहन यादव – फोटो : सोशल मीडिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, दिल्ली के विधायक सतीश उपाध्याय, मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए और नवयुगल को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। सरकारी जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री का यह पारिवारिक आयोजन एक भावनात्मक क्षण रहा। इसमें निजी संबंधों की गर्माहट साफ झलकी। परिवार की यह सादगी और परंपराओं के प्रति आस्था राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव के दो सुपुत्र एवं एक सुपुत्री हैं। ज्येष्ठ सुपुत्र एवं सुपुत्री का विवाह पहले ही संपन्न हो चुका है। डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं समाजसेवी हैं। वहीं डॉ इशिता (एमबीबीएस) भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। दोनों ने पारंपरिक पूजन के पश्चात एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने उज्जैन को एक बार बड़ी सौगात दी है। उन्होंने दो एलिवेटेड कॉरिडोर(Elevated Corridors) बनाने की सैद्धांतिक सहमति दी है। यह कॉरिडोर मकोड़िया आम चौराहे से चामुंडा चौराहे, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज और निकास चौराहे से दौलतगंज होते हुए इंदौरगेट बनेंगे। सिंहस्थ में यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों के बीच समानांतर फोरलेन योजना बनाने को कहा। मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने के निर्देश सीएम ने  सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य समय सीमा में गुणवत्ता और मापदंड के अनुसार हों। एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करे। उन्होंने सिंहस्थ निर्माण कार्यों में शहर के आसपास सड़कों का जाल बिछाकर यातायात सुगम करने और संपूर्ण मेला क्षेत्र की कनेक्टिविटी 4 और 6 लेन करने की जानकारी दी। सीएम ने कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने को कहा। सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान सीएम बोले- हमने अधिकारियों को ये भी कहा कि इसके ऊपर पिलर और जोड़ दें, ताकि भविष्य में मेट्रो निकल सके। सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती रहने वाली है। इसके लिए उज्जैन की चारों दिशाओं के मार्गों का विस्तार हो रहा है। आंतरिक मार्ग भी चौड़े हो रहे हैं। एलिवेटेड ब्रिज बनाकर भी भीड़ प्रबंधन की प्लानिंग की गई है। नागपुर में ऐसे एलिवेटेड ब्रिज हैं, जिनमें नीचे ट्रक-बस गुजरते हैं और ऊपर मेट्रो ट्रेन चलती है। लोनिवि की सेतु शाखा सर्वे कर सौपेंगी रिपोर्ट सीएम द्वारा एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी के बाद अब लोनिवि की सेतु शाखा का अमला जल्द ही शहर के कुछ मार्ग पर इनके निर्माण की संभावनाओं को तलाशेगा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से बुधवारिया से इंदौर गेट तक और मकोड़ियाआम नाका-इंदिरा नगर से रेलवे स्टेशन-हरिफाटक तक एलिवेटेड ब्रिज के लिए सर्वे किया जाएगा। इधर इसके अलावा इन ब्रिज से नीलगंगा-पेशवाई स्थल, मंछामन गणेश मंदिर क्षेत्र को भी जोड़ने के लिए सर्वे होगा। इसके बाद ही फाइनल हो पाएगा कि वास्तव में किस मार्ग पर ये एलिवेटेड ब्रिज बनेंगे, क्योंकि समय सीमा की भी चुनौती रहने वाली है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि हवाई पट्टी का भी विस्तार किया जाना है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी सर्वे कर चुकी है। बुधवारिया से इंदौर गेट तक के मार्ग को चौड़ा करने के लिए नगर निगम की टीम ने सर्वे कर लिया था। इसमें बड़ी संख्या में मार्ग के दोनों तरफ के व्यापारी प्रभावित हो रहे थे। चूंकि, अब इस मार्ग के ऊपर एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी सीएम ने दे दी है तो चौड़ीकरण नहीं होगा। कोई टूट-फूट नहीं होगी। बोले कि जब हमारे प्रधानमंत्री एक भी सैनिक को पार कराए बगैर रावलपिंडी में अटैक कर सकते हैं तो हमने भी सोचा कि निकास चौराहा (बुधवारिया) से इंदौर गेट तक बगैर किसी मकान को हाथ लगाए ऊपर रोड-ब्रिज बना दिए जाएं, ताकि नीचे कारोबार होता रहे और ऊपर से बस-ट्रक गुजरते रहे। इससे अच्छा क्या प्लान हो सकता हैं। ये हमारे शहर का सर्वाधिक व्यस्ततम मार्ग भी है। नीचे महाकाल की सवारी, जलसे-जुलूस निकलेंगे और ऊपर से वाहन गुजरते रहेंगे। तैयारी के निर्देश     सभी मुख्य देवस्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाएं।     न्यायिक संस्था शुरू की जाएगी। कार्ययोजना पाइपलाइन में रखें।     इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी की कार्ययोजना में उज्जैन में विकास कार्य का ब्लूप्रिंट तैयार करें।

देश में नक्सलियों के लिए दो ही रास्ते, सरेंडर या मौत – मुख्यमंत्री मोहन यादव

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास केवल दो विकल्प हैं – या तो वे आत्मसमर्पण करें, या फिर मरने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह बात उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी की पूजा-अर्चना की और रामघाट पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कई जिलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, जिसमें कई नक्सली मारे गए हैं। ” बता दें कि मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कुछ जिलों में नक्सली लगातार मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं. इसके बाद भी नक्सली जंगलों में सक्रिय हैं. मुख्यमंत्री ने किया शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान मख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर शिप्रा नदी के पवित्र रामघाट पर जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया. मुख्यमंत्री ने रामघाट की सीढ़ियों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया. साफ-सफाई के बाद मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई और विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा “हमारा प्रयास है कि जब श्रद्धालु पंचकोशी यात्रा के अंत में रामघाट पहुंचे तो उन्हें स्वच्छ जल मिले.” उज्जैन में 29 किमी के दायरे में नए घाट बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “उज्जैन में सिद्धनाथ से लेकर त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार किए जाएंगे. पहले से ही 6 किमी के घाट बने हुए हैं. उज्जैन सिहंस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को कुल मिलाकर 35 किमी के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान ये घाट रामघाट जैसे ही होते हैं.” रामघाट पर सफाई मित्रों को सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने कहा “जल गंगा संवर्धन अभियान इस बार 3 माह तक चलेगा, इसे गुड़ी पड़वा पर शुरू किया गया और गंगा दशहरा तक चलेगा. अभियान के तहत अब तक 1.62 लाख जलदूतों का पंजीयन हो चुका है. करीब 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. ये प्रयास प्रदेश के किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा.” रामघाट पर सफाई मित्रों संग “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत स्वच्छता कार्य करने के बाद मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया. शिप्रा नदी के विकास की योजनाएं मुख्यमंत्री ने उज्जैन में शिप्रा नदी के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि सिद्धनाथ से त्रिवेणी तक 29 किलोमीटर के नए घाट बनाए जाएंगे। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किलोमीटर के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत रामघाट पर सफाई मित्रों के साथ श्रमदान किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और इसके तहत 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों के लिए भी राहत लेकर आएगा।

एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं: सीएम मोहन यादव

नई दिल्ली/भोपाल दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को ‘सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। सीएम मोहन यादव ने बदलते दौर में एआई की बढ़ती हैसियत पर बात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आज के समय में यह अत्यंत प्रासंगिक विषय है जिस पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जन कल्याण और सुशासन के लिए विज्ञान आधारित प्रणालियों का उपयोग करने की दिशा में काम कर रहे हैं, साथ ही आवश्यक सावधानियां भी सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाना सराहनीय है। मैं इस पहल के लिए बधाई देता हूं। सीएम यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस कार्यक्रम की झलकियां साझा कीं। जिसमें से एक में वे एआई को लेकर फैले भ्रम पर बात करते दिखे। उन्होंने कहा, “जब कंप्यूटर और इंटरनेट आए, तो लोगों को डर था कि नौकरियां चली जाएंगी और घर बर्बाद हो जाएंगे। हर चीज में अच्छी और बुरी बातें होती हैं। वैसे ही, एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं।” इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “‘सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित संगोष्ठी में सहभागिता कर प्रबुद्धजनों के समक्ष अपने विचार साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं शासन-प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में एआई की संभावनाएं अनंत हैं। जब सम्पूर्ण विश्व एआई में अपना भविष्य तलाश रहा है, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एआई के वैश्विक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। निश्चित रूप से यह तकनीकी क्रांति “विकसित भारत 2047 के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में अहम भूमिका निभाएगी।” इस मौके पर, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई पर बहुत बात हो चुकी है। लेकिन, हमारा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हमारे किसान भाइयों को लेकर भी होना चाहिए। किसान जब एआई का इस्तेमाल करे तो वह खेती की फोटो लें और बता पाए कि धान-गेंहू की खेती में कीड़ा लगा है या नहीं। इसमें खाद की जरूरत कब पड़ेगी। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो छोटी चीजें हैं, उन्हें एआई का इस्तेमाल कर दूर करना होगा। डॉक्टरों को एक-एक आगे चलते हुए शोध करना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा विश्वविद्यालयों व शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित किए जाएं

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब उद्यानिकी तथा प्र-संस्करण विभाग की नर्सरियों को पीपीपी मॉडल(PPP model) पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव(CM Mohan Yadav) ने  समत्व भवन में बुलाई समीक्षा बैठक् में इसके निर्देश दिए। यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों व शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित किए जाएं, रोजगारपरक गतिविधियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण पर विशेषज्ञता आधारित सेल गठित हो, चंबल, मालवा और महाकौशल में क्षेत्र विशेष की आवश्यकतानुसार उद्यानिकी विकास की कार्य योजना बनाएं। बागवानी और नर्सरी लगाने को जन आंदोलन बनाना होगा, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में आदर्श बागवानी विकसित करें। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंदौर के मालवी आलू व गराडू तथा जबलपुर के मटर व सिंघाड़ा सहित जिले के उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया में तेजी लाए। मुख्यमंत्री(CM Mohan Yadav) ने कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिले, उन्हें यह भरोसा दिलाना आवश्यक है। किसानों की उपज के लिए उपयुक्त सुविधाजनक स्थलों पर स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंडियों में उपज के मूल्य की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करें। श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए किसानों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी हो। दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र जैसी संस्थाओं से किसानों के संवाद निरंतर जारी रहे। उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 22 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहुसन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। वहीं खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, बरमान नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआइ टैग दिलाने की प्रकिया जारी है।

रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी।

जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।  

सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सिक्योरटी और बढ़ा दी है।अब सीएम की सुरक्षा में तीन नए डीएसपी तैनात होंगे, जबकि एक डीएसपी को हटाया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद अब सीएम की सुरक्षा का कोटा भी पूरा हो गया है।चुंकी मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते में छह डीएसपी के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से दो पद रिक्त थे।अब उनकी सुरक्षा में 3 नए डीएसपी तैनात अफसरों किए गए है जिससे जितने पद खाली थे वे भर गए है। वही सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया है। इन 3 अफसरों को मिला सीएम की सुरक्षा का जिम्मा मध्य प्रदेश गृह विभाग ने सीएम की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी को हटाकर तीन नए डीएसपी की पोस्टिंग की है। गुरुवार को शासन द्वारा जारी आदेश में एसडीओपी भांडेर-दतिया कर्णिक श्रीवास्तव को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है। एसडीओपी पवई-पन्ना सौरभ रत्नाकर और सहायक सेनानी आर-एपीटीसी इंदौर हेमेंद्र सूर्यवंशी को भी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है।ये तीनों अधिकारी अभी अलग-अलग जिम्मेदारियों में थे, लेकिन अब इन्हें सीएम मोहन की सुरक्षा में तैनात किया गया है। फरवरी में सामने आया था सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला दरअसल, फरवरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर क्षेत्र में बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बल भी तैनात किया गया था, इसी दौरान एक संदिग्ध युवक कोट पेंट पहने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम मोहन यादव के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था, युवक के गले में एक आईडी कार्ड और हाथ में वॉकी-टॉकी भी था। जैसे ही एडिशनल एसपी नितेश भार्गव की नजर उस पर पड़ी पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर महाकाल थाना भेज दिया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला। औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।  

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।  

देवास जिले से सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की

देवास लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,553 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि अब बहनों को धीरे-धीरे 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसानों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के तहत 81 लाख किसानों के खातों में ₹1,624 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों को ₹337 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 144 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 102 करोड़ रुपये की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 42 करोड़ रुपये की लागत से 16 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी ली। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्जवलन कर कन्या पूजन किया। कलश यात्रा का समापन कर पार्वती, कालीसिंध और चम्बल तीनों नदियों के जल से जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में उन्होंने संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लेकर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रियंका गांधी को नकली गांधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भगवान और सनातन के प्रति दुर्भावना है। गांधी परिवार अयोध्या दर्शन के लिए नहीं गया। प्रयागराज भी नहीं गया। उन्होंने कहा कि रंजीत सागर सिंचाई परियोजना में क्षेत्र के 52 गांव डूबने वाले थे, परंतु अब पार्वती-कालीसिंध- चम्बल लिंक परियोजना से 66 गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में धीरे धीरे 3 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल और देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर की घोषणा भी की।

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही ‘द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन’ (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।  

पीएससी अंतर्गत तीन वर्ष के पद एक ही वर्ष में भरे जाएंगे, परीक्षाएं होंगी अलग-अलग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आरंभ की गई है। युवा अपने सपनों को साकार करें, जीवन में आगे बढ़ें, प्रदेश और समाज को आगे बढ़ाएं, इस उद्देश्य से राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है। युवाओं के जीवन में एक नया सूर्य ऊगे, वे अपने जीवन को आलौकिक करें, अपनी ऊर्जा का समाज हित में उपयोग करें, युवा दिवस के संदर्भ में युवाओं से यही अपील है। इसी क्रम में राज्य सरकार 12 जनवरी से प्रदेश में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन का क्रियान्वयन भी आरंभ कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को जनवरी माह की अनुदान राशि का अंतरण कालापीपल जिला शाजापुर से किया जाएगा। युवाओं को उन्नति और प्रगति के सभी अवसर प्राप्त हों इस उद्देश्य से राज्य सरकार बहुआयामी गतिविधियां संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बैकलॉग के पदों को भरने जा रही है। पीएससी के अंतर्गत गत तीन वर्ष के जो पद हैं, उनको ही एक ही वर्ष में तीन अलग-अलग परीक्षा कराकर भरने का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का मुख्य आधार प्रदेश की युवा शक्ति है। युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर प्राप्त हों, इस उद्देश्य से कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में आरंभ हुए रीवा, उज्जैन सहित अन्य आई.टी. पार्कों के माध्यम से युवाओं को अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के परिणामस्वरूप रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि के साथ ही शासकीय विभागों में भर्ती की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज आरंभ किए गए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी के कॉलेज आरंभ किए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल को सम्मिलित करते हुए 2 वर्ष में 25 मेडिकल कॉलेज आरंभ किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने किया निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन, मई माह में होगा पूर्ण

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलेगी। यहाँ कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का गौरव कला संकुल मई माह में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 35 करोड़ रूपये की लागत वाला कला संकुल एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जमीन पर इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। कला संकुल परिसर के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। अवलोकन के दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री दिव्यांक सिंह सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर श्रीमती महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कला संकुल के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में तैयार हो रहे कला क्षेत्र के इस बड़े गौरव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को कलेक्टर श्री आशीष सिंह और श्री दिव्यांक सिंह ने कला संकुल की प्रगति के बारे में बताया। कला संकुल से मिलेगा पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा इन्दौर नगर निगम द्वारा इन्दौर शहर में कला क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को ध्यान में रखते हुए शहर के कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े अनेक कलाकारों के लिये उचित संस्थान देने के लिये यह संकुल तैयार किया जा रहा है। इससे शहर की अपनी पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन देने हेतु इन्दौर नगर निगम द्वारा जन-प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन एवं कला और संस्कृति से जुडे़ कलाकारों के साथ विचार-विमर्श कर शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जीर्ण-शीर्ण मराठी स्कूल भवन की उक्त भूमि पर सर्वसुविधा युक्त इससे कला संकुल की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कला संकुल का निर्माण अंतिम चरण में है, अगले मई माह में इस कला संकुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। इसके तैयार होने से शहर एवं देश-प्रदेश से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक और कला गतिविधियों के आयोजन के लिये बेहतर मंच मिल सकेगा। यह संकुल एक लाख 70 हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा है। तलघर के अलावा इसमें तल मंजिल, प्रथम मंजिल, द्वितीय मंजिल तथा तृतीय मंजिल है। इसमें 11850 स्क्वायर फीट का ओपन एयर एम्फीथियेटर बनाया गया है। इसकी क्षमता 500 की है। इसी तरह 6620 वर्ग फीट में एक मल्टीपरपज हॉल बनाया गया है, इसकी क्षमता 400 है। इसी तरह 550 दर्शकों की क्षमता का 7230 वर्गफीट में ऑडिटोरियम भी निर्मित किया गया है। साथ ही 1313 वर्गफीट में आर्ट गैलरी, 9092 वर्गफीट में डाँस एण्ड ड्रामा हॉल, 1314 वर्ग फीट में लायब्रेरी बनायी गयी है। भवन में रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट की व्यवस्था भी रहेगी। मराठी कला संकुल में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य आयोजनों में आने वाले कलाकारों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था होगी। यहाँ 08 शयनकक्षों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 20-20 व्यक्तियों के ठहरने के लिये 04 डोरमेट्री भी तैयार की गयी है। कला संकुल की साज-सजावट और उसे अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। तलघर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। पार्किंग का एक प्रवेश द्वार एम.जी.रोड़ मुख्य मार्ग पर और एक द्वार शिवाजी मार्केट मार्ग पर होगा। भवन में भव्य  प्रवेश पोडियम एवं स्वागत क्षेत्र का निर्माण किया गया है। संकुल का सुचारू रूप से संचालन एवं संधारण करने के लिये कला संबंधी दुकानों का निर्माण किया गया है, जिसमें 300-400 वर्गफीट की 09 दुकानें एवं 1600 वर्गफीट के डबल हाईट 04 शोरूम का निर्माण किया गया है। संकुल में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। संकुल में वातानुकूल की व्यवस्था की जायेगी। सर्व सुविधायुक्त 20 शौचालयों का निर्माण किया गया है। कलाकारों के लिये ग्रीन रूम, फोटो गैलेरी, संगीत एवं कला संबंधी पुस्तकालय, नृत्य एवं नाट्यों के अभ्यास के लिये 04 अभ्यास कक्ष एवं बहुउद्देशीय हॉल का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जमा रासायनिक कचरे को जलाने के लिए पीथमपुर ले जाने पर जनता की ओर से काफी विरोध हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार की देर रात को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई और साथ ही ऐलान किया कि सरकार जनता का अहित किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर सरकार के रुख की ताजा अपडेट दी। उन्होंने लिखा, “हमारी सरकार ने पीथमपुर घटना के बारे में संज्ञान लिया है। हमारी सरकार जनकल्याणकारी, जनहितैषी तथा जन भावनाओं का आदर करती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यूनियन कार्बाइड के कचरे का परिवहन पीथमपुर में किया गया है। “जनभावनाओं का आदर करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष समस्त परिस्थितियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट के साथी कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों के साथ अति आवश्यक बैठक ली।” उन्होंने आगे कहा, “मैं जनता से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह या भ्रम की खबरों पर विश्वास नहीं करे। मैं और मेरी सरकार आपके साथ है।” उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिक्षेत्र में बीते 40 साल से रासायनिक कचरा जमा था, जिसे न्यायालय के निर्देश पर पीथमपुर ले जाया गया है। इस कचरे को रामकी इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। सरकार की ओर से की गई इस कोशिश का इंदौर सहित पीथमपुर और अन्य स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। पीथमपुर में तो दो युवकों ने आत्मदाह करने तक की कोशिश की। इंदौर तथा आसपास के इलाकों में बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया है। सभी को न्यायालय के आदेश के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह का नुकसान न होने का भी दावा किया गया है। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार की रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यूनियन कार्बाइड के कचरे के परिवहन एवं पीथमपुर के निकट डंप एवं निष्पादन किए जाने के संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधिवेत्ताओं से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर पहुंचाने का परिपालन किया गया है। हमने न्यायालय की याचिकाओं और आदेशों के तारतम्य में सुरक्षा मापदंडों का परिपालन करते हुए केवल परिवहन किया है। न्यायालय को 6 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित थी। सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया तो राज्य सरकार यह प्रयास करेगी कि न्यायालय के समक्ष यह विषय प्रस्तुत हो। इसके बाद न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं। भारत को जानने के लिए भारत में प्राचीनकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति को जानना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीनकाल से चली आ रही भारत की योग परंपरा को संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरे विश्व में मान्यता दिलाई स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाथ संप्रदाय ने दुनिया को योग का वास्तविक अर्थ समझाया है। आदि गुरु गोरखनाथ के मार्गदर्शन में योग के विश्व के सर्वाधिक प्रसार में नाथ संप्रदाय का प्रमुख योगदान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बुधनी तहसील के ग्राम जर्रापुर में आयोजित नाथ संप्रदाय के संत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य की आत्मा में परमात्मा विराजमान हैं। उन परमात्मा को जानने का सबसे सुगम माध्यम योग है। गुरू गोरखनाथ अपनी योग्यता एवं कुशलता से अपने जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों एवं विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना लेते थे। यह सत्य है कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। मृत्यु से पहले अपने आप को जानने की कला गुरू गोरखनाथ ने दुनिया को सिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि भारत की भूमि पर ऐसे संत हुए है, जिन्होंने इस भूमि को अपनी जन-कल्याण की भावना से पावन किया है। गंगा अपना अमृत समान जिस प्रकार जल सभी प्राणियों को निस्वार्थ भाव से उनके कल्याण के लिए प्रदान करती है, उसी प्रकार संत अपने जीवन के सभी सुखों को त्याग कर सभी प्राणियों एवं समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरू गोरखनाथ ने संत श्री भृतहरी के जीवन में आत्म चेतना को जगा कर उनका जीवन बदल दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से ही विश्व में अनेक संस्कृतियां रही हैं, पर समय के साथ अनेक संस्कृतियां विलुप्त हो गई पर भारत की सनातन संस्कृति अपनी मानव कल्याण की भावना के साथ सदैव अक्षुण बनी रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का वर्चस्व पूरी दुनिया में बढ़ रहा है। आज जब हमारे देश में विदेश से अतिथि आते है तो वे भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण, महाभारत, श्रीमदभगवत गीता हमारे भारत की सनातन संस्कृति के पवित्र ग्रंथ है। हमें इनका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। ये ग्रंथ हमारे भारत में प्राचीनकाल से प्रचलित सनातन संस्कृति की पहचान भी है। उन्होंने संतों की मांग पर बुधनी में नर्मदा के किनारे घाट निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार साधु संतों की सेवा के निरंतर तत्पर है और उनकी आवश्यकतानुसार उज्जैन में भी आश्रम के लिये वैधानिक तौर पर भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। गुरू पार्श्वनाथ जी, योगी बालकनाथ जी एवं राज्यसभा सदस्य बाल योगी श्री उमेशनाथ ने भी संबोधित किया। महंत श्री नरहरि नाथ जी, योगी श्री कृष्ण नाथ जी महाराज, महंत श्री पंचम नाथ जी, महंत श्री रूपनाथ जी, महंत सूरज नाथ जी सहित देश भर से आए नाथ संप्रदाय के साधु संत शामिल हुए। संत समारोह में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, नर्मदापुरम सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, सांसद श्रीमती माया नारोलिया, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह, आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा। उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर तक कालिदास संस्‍कृत अकादमी परिसर में महोत्‍सव होगा। राजधानी भोपाल में 11 दिसंबर को मोतीलाल नेहरू स्‍टेडियम में मुख्‍य समारोह होगा। इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में सांस्‍कृतिक संध्‍या होगी। जिला मुख्‍यालयों में श्रीकृष्‍ण परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ जिला कारागार में श्रीमदभागवद् गीता के कर्मयोग अध्‍याय का पाठ किया जायेगा। महाराजा विक्रमादित्‍य शोधपीठ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ख्‍यात गीतकार श्री मनोज मुन्‍तशिर, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा, गायिका स्‍वस्ति मेहुल, साधो बैण्‍ड सहित कई वैष्‍णव परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक नाट्य दलों द्वारा प्रस्‍तुति दी जायेगी।इसके अलावा संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में गौ एवं गोपाल तथा श्रीमदभवद् गीता पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। विरासत और विकास से जोड़ेगी श्रीकृष्ण पाथेय योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण भारत में नवजागरण, उत्कर्ष और राष्ट्रीय अस्मिता के उज्ज्वल प्रतीक हैं। वे योगीराज-युगपुरुष-न्याय प्रिय-जगतगुरु हैं। वे साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, गौवंश, कृषि और जल संवर्धन के प्रेरक तथा भारतीय सांस्कृतिक प्रभामंडल के सर्वमान्य प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा के लिए श्रीकृष्ण पाथेय योजना आरंभ की गयी है। यह योजना भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा से लेकर उज्जैन, अमरावती, कुरुक्षेत्र, द्वारिका क्षेत्रों की यात्राओं तथा इन यात्राओं के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा युगपरिवर्तनकारी कार्यों की फिर से पहचान और उनकी अद्वितीय विरासत से समाज के विकास का पथ खोजना मध्‍यप्रदेश सरकार का संकल्प है। गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवद् गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सद्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍म-बोध देती है, यह सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है। साथ ही विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएँ, मान्‍यताएँ और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे है। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। 8 को मनोज मुंतशिर का गीता संवाद, 11 को विवेक देंगे मोटिवेशनल स्‍पीच शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर 2024 तक कालिदास संस्‍कृ‍त अकादमी परिसर में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव की सांस्‍कृतिक गतिविधियाँ होगी। इस पाँच दिवसीय महोत्‍सव के पहले दिन ख्‍यात गीतकार मनोज मुंतशिर का गीता संवाद होगा। इसके बाद सुमन साहा (कोलकाता) निर्देशित महानाट्य गुरू दक्षिणा का मंचन होगा। यह श्रीकृष्‍ण-गुरू सांदीपनि के आख्‍यान पर आधारित है। महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ ही होंगी गीता आधारित प्रतियोगिताएँ दूसरे दिन श्री संजीव मालवीय निर्देशित महानाट्य कृष्‍णायन की प्रस्‍तुति होगी। 10 दिसंबर को प्रात: 10 बजे गीता आधारित प्रतियोगिताएँ होगी। इसी क्रम में 11 बजे से श्रीमद्भगवद् गीता आधारित संगोष्‍ठी का आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अपना वक्‍तव्‍य देंगे। सांस्‍कृतिक संध्‍या में प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री कलापिनी कोमकली श्रीकृष्‍ण पर केन्द्रित भजन प्रस्‍तुत करेंगी। इसके बाद श्री कुमार शर्मा एवं दल द्वारा “श्रीकृष्‍ण: अनेक नाम-अनेक धाम” नृत्‍य नाटिका को प्रस्तुति की जायेगी। 5108 आचार्य करेंगे गीता पाठ ग्यारह दिसंबर को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्‍सव का शुभारंभ होगा। इसमें प्रवचन, 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा की मोटिवेशनल स्‍पीच, श्रीमद्भगवद् गीता एवं मूल्‍य आधारित शिक्षा प्रतियोगिताओं के पुरस्‍कार वितरण, सुदर्शन चक्र की संगीतमय यात्रा- श्रीकृष्‍ण गाथा नृत्‍य नाट्य की प्रस्‍तुति होगी। 12 दिसंबर को प्रातः 8.00 बजे से सम्पूर्ण गीता पाठ एवं यज्ञ किया जायेगा। भोपाल में बनेगा श्रीमद्भगवद् गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड श्रीमद्भगवद् गीता के कर्मयोग अध्याय का आचार्यों द्वारा विश्व रिकार्ड बनाने के लिये 11 दिसंबर को भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में सस्वर पाठ किया जायेगा। सांस्कृतिक संध्या में साधो बैण्ड एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। इसके अलावा पर्यटकों/शोधार्थियों के लिये प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर श्रीमद्भगवद् गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस की एक-एक प्रतियाँ रखे जाने की पहल की जायेगी। इंदौर में होगी स्वस्ति मेहुल की सांगीतिक प्रस्तुति इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में गायिका स्वस्ति मेहुल एवं दल, मुंबई श्रीकृष्ण आधारित गीतों को प्रस्तुत करेंगी। मध्यप्रदेश द्वारा कुरूक्षेत्र में गौ और गोपाल एवं श्रीमद्भगवत पुराण पर आधारित लगाई जायेगी प्रदर्शनी शोधपीठ के निदेशक ने बताया कि हरियाणा के कुरूक्षेत्र में गीता जयंती के अवसर पर 15 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की ओर से गौ एवं गोपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। साथ ही श्रीकृष्ण आधारित भजन, नृत्य, नाट्य एवं गायन आदि प्रस्तुतियाँ की जायेगी।  

भगवान बिरसा मुंडा हम सबके लिए जल, जंगल, जमीन का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष किया- मुख्यमंत्री मोहन यादव

 शहडोल आदिवासियों के अस्तित्व, जल , जंगल और जमीन के लिए अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले महान आदिवासी योद्धा भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती देश मना रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष दिन 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस नाम दिया है जिसका आयोजन उनकी मंशा के अनुसार पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, आज इसे लेकर मध्य प्रदेश में भी कई कार्यक्रम आयोजित किये गए, पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के दो आदिवासी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण भी किया। भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के शहडोल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए, सीएम ने कहा ये हमारा सौभाग्य है कि भगवान बिरसा मुंडा ने 1857के स्वतंत्रता संग्राम से  से पहले ही अंग्रेजों के षड्यंत्रों को समझ लिया था और हम सबके लिए जल, जंगल, जमीन का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए  संघर्ष किया, उन्होंने संघर्ष के लिए आदिवासियों को खड़ा किया इतना ही नहीं उन्होंने इसाई मिशनरीज के धर्मान्तरण के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी, ऐसे महापुरुष के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जनजातीय गौरव दिवस के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कही ये बड़ी बात   मुख्यमंत्री ने कहा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को देशवासी जानते तो थे लेकिन मानते नहीं थे 15 नवम्बर को  आदिवासियों के गौरव को सच्चे अर्थों में बनाने का काम किसी ने किया है तो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है उनके कारण ही आज देश की जनता बिरसा मुंडा के संघर्ष उनकी तपस्या और देश के लिए दिए योगदान को जान पाया है। राज्यपाल ने सिकल सेल को लेकर दिया सामाजिक सन्देश कार्यक्रम में शामिल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल पर विशेष जोर दिया, उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख लोगों की जाँच सरकार ने कराई है और जो रह गए है उनकी भी जल्दी ही जाँच कराई जाएगी, उन्होंने एक सामाजिक सन्देश देते हुए कहा कि यदि आप शादी कर रहे हैं दो लड़का लड़की दोनों की जाँच करवा लें यदि सिकल सेल है तो बिलकुल शादी नहीं करें वर्ना बच्चा भी पीड़ित पैदा होगा, इसलिए हमें सिकल सेल के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है, उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि सिकल सेल पर बहुत ध्यान देने की जरुरत है। PM Modi ने किया दो संग्रहालयों का उद्घाटन    इस विशेष कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के दो जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली उद्घाटन किया, इनमें से एक है श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा और दूसरा है राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर, इन संग्रहालयों में आदिवासी समाज की जीवन शैली, उनके संघर्ष, उनकी लोक परंपरा से जुडी च्जों को प्रदर्शित किया गया है जिससे नई पीढ़ी इसे जान पाए।

सीएम ने 14 शिक्षकों को किया सम्मानित, 54 लाख विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से गणवेश राशि की वितरीत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 54 लाख स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के लिए 324 करोड़ रुपये की राशि जारी किए. इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने 14 शिक्षकों को भी सम्मानित किया.मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 54 लाख स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए 324 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर किए. यह भोपाल स्थित आरसीपीवी नरोन्हा अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में किया गया. इस दौरान राज्य शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत 14 शिक्षकों और 2 राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया. इस दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल उपस्थित रहे.  राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्हें सम्मानित किया। इन शिक्षकों में 8 प्राथमिक- माध्यमिक और 6 उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के शिक्षक शामिल हैं। साथ ही इस कार्यक्रम में निश्शुल्क गणवेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए अंतरित की गई। बता दें कि पहले यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को आयोजित होने वाला था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया था। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित हैं। सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रुपये, शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये दी गई। तीन विद्यार्थियों को विशेष सम्मान निधि समारोह में राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले में उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रुपये की विशेष सम्मान निधि प्रदान की गई। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर पांचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के लांजी की छात्रा शिरोमणी दहीकर तथा 31वां स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरुष नाग को 15-15 हजार रुपये विशेष सम्मान निधि दी गई। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। प्रथमिक व माध्यमिक श्रेणी में इनका हुआ सम्मान दमोह जिले के शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया की प्राथमिक शिक्षक शीला पटेल, शाजापुर जिले के शासकीय नवीन प्रायमरी स्कूल ताजपुर के प्राथमिक शिक्षक वैभव तिवारी, ग्वालियर जिले के शासकीय माध्यमिक शाला बाडौरी मुरार के शिक्षक बृजेश कुमार शुक्ला, छिंदवाड़ा के शासकीय प्राथमिक शाला कउआखेड़ा के प्राथमिक शिक्षक राकेश कुमार मालवीय, गुना जिले के शासकीय माध्यमिक शाला समरसिंगा के प्राथमिक शिक्षक राजीव कुमार शर्मा, राजगढ़ जिले के बांगुपरा शासकीय प्राथमिक स्कूल के प्राथमिक शिक्षक सुरेश कुमार दांगी, खंडवा जिले की शा. प्राथमिक शाला झूमरखाली की शिक्षिका नीतू ठाकुर, सिवनी के शासकीय प्राथमिक शाला भीरा खंडवा के शिक्षक संजय कुमार रजक के नाम शामिल हैं। उच्चतर माध्यमिक श्रेणी में ये पुरस्कृत इंदौर के गुरुकुलम महू के उच्च माध्यमिक शिक्षक जगदीश सोलंकी, छिंदवाड़ा के शासकीय उत्कृष्ट उमावि की शिक्षिका अमिता शर्मा, मंदसौर के शा. बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नंबर-2 की शिक्षिका कीर्ति सक्सेना, भोपाल के शासकीय उत्कृष्ट उमावि के व्याख्याता राजेंद्र जसूजा, उज्जैन के शासकीय कन्या उमावि सराफा की उच्च माध्यमिक शिक्षक ज्योति तिवारी, शहडोल के शासकीय एमएलवी उमावि की माध्यमिक शिक्षक अंजना द्विवेदी का नाम शामिल हैं।

सीएम ने कहा- MP में सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 28 तक खातों में आ जाएगी सैलरी

भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सरकार दिवाली का तोहफा देने जा रही है। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है। दिवाली के चलते इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन जल्दी मिल जाएगा। इस बार कर्मचारियो के खाते में 28 अक्टूबर को ही वेतन आ जाएगा। बता दें इस बार 31 अक्टूबर को दीपावली मनाई जा रही है। इसी के चलते सीएम ने ये घोषणा की है। दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को देय अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। सीएम मोहन यादव ने दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, “दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के 1 नवम्बर को दिया जानें वाला अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण करने हेतु संबंधित सभी विभागों को आदेशित किया है। समस्त शासकीय सेवकों को त्यौहार पूर्व वेतन भुगतान होने से निश्चित ही दीपोत्सव अधिक आनंददायक होगा, मेरी ओर से दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं।”

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश सरकार राज्य को खनन और खनिज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिये की पहल कर रही है। इससे राज्य में आर्थिक संमृद्धि और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी हितधारकों, उद्योगपतियों और खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। इनकी रहेगी विशेष उपस्थिति खनन कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री एस.सी. दुबे और सचिव केन्द्रीय खान मंत्रालय श्री वी.एल. कांता राव शामिल होंगे, जो राज्य में खनन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार की ओर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराऐंगे इस कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इसमें एन.सी.एल, एच.सी.एल, एन.एम.डी.सी., ओ.एन.जी.सी., और जी.ए.आई.एल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (CBM) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए एक राउंड टेबल मीटिंग भी होंगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जो राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए निवेश प्रस्तावों को औपचारिक रूप देंगे।

सीएम हेल्पलाइन से हो रहा जन शिकायतों का प्रभावी समाधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोक सेवा प्रबंधन में सीएम हेल्पलाइन आम जनता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस सेवा से जुड़े श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही इस सेवा का दुरुपयोग करने वालों को भी चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह एक उपयोगी मंच है। कार्य अच्छा हो रहा है लेकिन इसका दुरुपयोग न हो यह भी ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में लोक सेवा प्रबंधन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की‍। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव लोक सेवा प्रबंधन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों की अनेक समस्याओं का निराकरण प्रभावी रूप से हो रहा है। सीएम हेल्पलाइन के एकीकृत नंबर 181 पर प्रतिदिन लगभग 60 हजार कॉल आते हैं। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में से 97.3 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है। इसी तरह 72% शिकायतें संतुष्टि से बंद की जा चुकी हैं। लंबित शिकायतों का प्रतिशत मात्र 2.7 है। जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में एक दिन में ही एक व्यक्ति द्वारा पांच शिकायत करने और 10 से अधिक शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता को उस दिन के लिए ब्लॉक करने पर विचार किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था के विश्लेषण के पश्चात अधिक शिकायतें और अनावश्यक शिकायतें करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। बैठक में प्रेजेंटेशन में बताया गया कि सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 40 विभाग के 185 विभिन्न डैशबोर्ड कार्य कर रहे हैं। इनसे फ्लैगशिप स्कीम एवं फ्लैगशिप प्रोजेक्ट भी संबद्ध किए गए हैं। जिला डैशबोर्ड के साथ विभाग के जिला रैंकिंग डैशबोर्ड का परिचालन भी हो रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल द्वारा विभिन्न प्रकल्प संचालित की जा रहे हैं। प्रमुख सचिव द्वारा जानकारी दी गई कि गुजरात राज्य में आम जन की समस्याओं के समाधान की कार्यवाही के लिए मध्यप्रदेश के दल ने गुजरात भ्रमण किया है। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में अपनाया जाएगा। महिला हेल्पलाइन और दिव्यांग हेल्पलाइन के संचालन के साथ ही शिकायत की स्थिति पता करने व्हाट्सएप चैट बोर्ड सुविधा भी प्रारंभ की गई।  

दिग्विजय सिंह ने की सोयाबीन के दाम बढ़ाने की मांग, पीएम-सीएम से की यह अपील

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM

Digvijay Singh demanded to increase the price of soybean, made this appeal to PM-CM भोपाल। सोयाबीन खेती की लागत वर्ष 2011 से दो-तीन गुना बढ़ गई है, पर इसका मूल्य 4300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। इसका न्यूनतम मूल्य प्रति क्विंटल छह हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए। यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से की है।13 साल पहले जो भाव था, आज भी वहीदिग्विजय ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। वर्ष 2011 में प्रति क्विंटल भाव लगभग 4300 रुपये था। आज भी भाव इसके आसपास ही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन के उत्पादन पर भाव निर्भर करता है। इस वर्ष भी मूल्य में वृद्धि की संभावना नहीं है, इसलिए सरकार उपार्जन करे और लागत को देखते हुए न्यूनतम मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल से कम न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाने का लगाया आरोपदिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में जैविक कपास उत्पादकों के फर्जी समूह बनाए जाने का आरोप लगाया। इसमें बताया कि इन समूहों में ऐसे गांवों के किसानों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जो जैविक तो दूर साधारण कपास की खेती भी नहीं करते हैं।दिग्विजय ने कहा कि धार जिले के भीलकुंडा और उसके आसपास के गांवों के किसान इसका उदाहरण हैं। इन किसानों को उत्पादक बताकर उनसे खरीदी करना दर्शाया गया है। व्यापारियों के साथ मिलीभगत कर प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाण पत्र जारी कराए गए। इसको लेकर आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर को करोड़ों रुपये के जीएसटी की चोरी की शिकायत भी की गई है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाए।

जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जायेगा ,शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines

The festival of Janmashtami will be celebrated with enthusiasm, government issued guidelines मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में आगामी 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिये आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये है। निर्देश में जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों और उनसे जुड़े स्थलों पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व पर प्रत्येक जिले में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों की साफ-सफाई कार्य एवं सांस्कृतिक कार्यकमों का आयोजन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं मित्रता के प्रसंग तथा जीवन दर्शन के साथ भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं, योग आदि पर आधारित विभिन्न विषयों पर विद्वानों के व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सभी शासकीय/अशासकीय स्कूल/कॉलेज में आयोजित कराये जाएंगे। प्रदेश के ऐसे स्थल जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में जुड़े विशेष प्रसंग स्थलों जैसे कि जानापाव, अमझेरा, नारायणा एवं सांदीपनी आश्रम उज्जैन में जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जन्माष्टमी पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शास्त्र सम्मत मंदिर निर्माण के स्थापत्य एवं उनकी विशेषताओं से अधिक से अधिक लोगो को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही हमारे गौरवशाली इतिहास के प्रसंगो, कथानकों, आख्यानों से सभी वर्गों को अवगत कराने के लिये भी समुचित कार्यवाही की जाएगी।

निवेश के लिए सबसे बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है ग्वालियर-चंबल अंचल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav

Gwalior-Chambal region is the area with the biggest potential for investment: Chief Minister Dr. Yadav ग्वालियर ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर – चंबल क्षेत्र पूरे प्रदेश में निवेश के लिये सबसे अच्छी व बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है। ग्वालियर शहर देश की राजधानी नई दिल्ली के नजदीक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट हवाई, रेलवे व सड़क सेवाओं से पूरे देश से जुड़ा है। हमें भरोसा है कि ग्वालियर में 28 अगस्त को आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” से इस क्षेत्र के लिए बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर व चंबल संभाग के जिलों के उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल बड़ी इकाईयों में ही नहीं, अपितु रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज में हो, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” के सिलसिले में गुरुवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर व शिवपुरी जिले के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। ग्वालियर के उद्योगपति बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल रूप से इस बैठक में शामिल हुए। यहाँ कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला एवं क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों के प्रोत्साहन एवं बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में श्रृंखलाबद्ध रूप से इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर में 28 अगस्त को रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन की गई है। इस कॉन्क्लेव से पहले से कार्यरत औद्योगिक इकाईयों को विस्तार देने में मदद मिलेगी ही, साथ ही क्षेत्र को बड़े पैमाने पर नया औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि बाहर के निवेशक आकर हमारे प्रदेश में औद्योगिक निवेश करें, स्थानीय उद्यमियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिये अनुकूल वातावरण मिले और पूर्व से संचालित इकाईयों का विस्तार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के बीहड़ क्षेत्र की जमीन पर डिफेन्स सेक्टर में निवेश के लिये विशेष प्रयास किए जायेंगे। इसके लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से जल्द ही चर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा अडानी समूह व अन्य बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने डिफेंस सेक्टर में निवेश करने के लिये रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैंगलोर में उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के लिये किए गए रोड़ शो का जिक्र करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक लिमिटेड को प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश करने के लिये आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आईटी, पर्यटन, एथेनॉल उत्पादन, लैदर फुट वियर, खाद्य प्रसंस्करण व दुग्ध आधारित इकाईयों के निवेश को भी पूरा प्रोत्साहन देगी। हर जिले में कलेक्टर डेस्क लगाकर करायेंगे उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद के दौरान उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि ओद्योगिक इकाईयों से संबंधित उनकी हर समस्या का समाधान तत्परता से कराने के लिये सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान विशेष हैल्पडेस्क लगाकर करें। सभी जिला कलेक्टर से निराकरण की हर माह रिपोर्ट ली जायेगी। ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव नया इतिहास रचेगी – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया केन्द्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसमें रीजनल स्तर पर इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही हैं। इससे देशभर के उद्योगपतियों में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति जताया। साथ ही कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर इण्डस्ट्री समिट के आयोजन से हर संभाग की अलग-अलग क्षमताओं के आधार पर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। श्री सिंधिया ने विश्वास जताया कि ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगी। रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा देना सराहनीय पहल – विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि औद्योगिकीकरण के लिये जिन आधारभूत चीजों की जरूरत होती है वह सभी ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। साथ ही यहाँ की कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। खुशी की बात है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से खासतौर पर रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्वालियर की समिट से ग्वालियर – चंबल क्षेत्र को बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने डिफेंस सेक्टर मे निवेश के लिये विशेष प्रयास करने व साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के लिये जमीन मुहैया कराई जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के साडा क्षेत्र (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक निवेश के लिये सरकार जमीन उपलब्ध करायेगी। औद्योगिक गतिविधियों के लिये सरकार जमीन उपलब्ध कराने में रियायत भी देगी। इसके लिये शासन स्तर से तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि साडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से इस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सकेगा। उद्योगपति बोले मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति से पूरे देश में हमारा सम्मान बढ़ा उद्योगपतियों ने संवाद के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये उपलब्ध कराए जा रहे बेहतर वातावरण व उत्कृष्ट अधोसंरचनागत सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन की खुलकर सराहना की। ग्वालियर के बड़े उद्योगपति एवं सीआईआई के प्रतिनिधिगण श्री आशीष वैश्य व श्री पुनीत डावर का कहना था कि मध्यप्रदेश की उद्योग फ्रेंडली नीति की बदौलत अन्य राज्यों के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के लिये लालायित हैं। अन्य राज्यों की इण्डस्ट्रीज समिट में मध्यप्रदेश की उद्योग नीति की सराहना हो रही है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। संवाद के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के उद्योगपतियों ने अपनी बात रखी और सुझाव दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को भरोसा दिलाया कि वे अपने औद्योगिक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में एक पेड़ मां के नाम अभियान का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार किसानों को गेहूं ,चने आदि अलग-अलग फसलों के लिए बोनस दिया जा रहा है, उसी प्रकार अब दूध खरीदने पर भी बोनस दिया जाएगा ताकि लोग घर-घर गौ-माता को पालने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। वहीं दुर्घटनाग्रस्त व दिव्यांग गौ-माताओं को गौ-शाला में रखा जायेगा। दूध का व्यवसाय भी हमारे लोगों का जीवन बदलने में सहायक हो इसका प्रशिक्षण भी शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी देशी गौ-माता सर्वश्रेष्ठ हैं। हमारी देशी गौ-माता के संवर्धन के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौ-शाला के संवर्धन और “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शाला में पौध-रोपण कर संपूर्ण जिले में अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कपिला गौ-शाला का भ्रमण कर अवलोकन किया। उन्होंने गौ-शाला में गौ-माता का पुष्पमाला पहनाकर, तिलक लगाकर पूजन किया और आरती उतारी। उन्होंने नन्हे बछड़ों को पशु चारा खिलाकर दुलार भी किया। उन्होंने गौ-शाला में उपलब्ध आधुनिक पशु चारा मशीन सहित अन्य उपकरणों का अवलोकन किया। कपिला गौ-शाला के श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-शाला में किए गए नवाचार के साथ गौ-शाला संवर्धन के मास्टर प्लान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पौध-रोपण और उसके संरक्षण की संकल्प लेने वाले विभिन्न संस्थाओं को पौधे भेंट किया। कार्यक्रम में कपिला गौ-शाला की विकास कार्ययोजना पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।  कार्यक्रम का संचालन स्वामी मुस्कुराके ने किया। गायक श्री अमित शर्मा द्वारा देशभक्ति और पर्यावरण केंद्रित सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, श्री विवेक जोशी, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा, निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें। गाय चराचर जगत की माता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 10 पुत्रों की बजाय अगर एक गौ-माता हो तो उसका महत्व 10 पुत्रों से बढ़कर होता है। हमारे यहां कहा गया है “गावो विश्वस्य मातरः” यानी गाय चराचर जगत की माता हैं। गौ-माता की सेवा से योगीराज श्रीकृष्ण, गौ-पालक गोपाल कृष्ण के रूप में विख्यात हुए। हमारी गौमाता भारतीय सनातन संस्कृति की प्राण हैं। गंगा, गीता, गायत्री, गोवर्धन और गोविंद की तरह ही परम पूज्य हैं हमारी गौमाता। सर्वदेवमयी हि गौः गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौ-माता की सेवा से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल मिल जाता है। गौ-माता भगवान शंकर और विष्णु की प्रतीक हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्म पुराण में कहा गया है कि गौ-माता के मुख में चारों वेदों का वास है। गाय की सींग में ही भगवान शंकर और विष्णु का वास है। इस विशेष पहचान से गौ माता हमारी प्रकृति में अद्वितीय छटा बिखेरती हैं। सच्चे अर्थों में गौ माता हमारे जीवन को चरितार्थ करते हुए स्पंदन देने का काम करती है। द्वापर युग में जब भगवान कृष्ण धरती पर आए तो उन्हें जन्म देने वाली माता देवकी थीं, पालने-पोसने वाली यशोदा और उन्हें गोपाल बनाने वाली हमारी गौ-माता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण के जन्म और लालन-पालन में माता यशोदा और नंद बाबा के पराक्रम और पुरुषार्थ का भी उल्लेख किया।   कान्हा का जीवन गायों के बिना है अधूरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की महिमा देखिए कि भगवान भोलेनाथ शिव और हमारे गोपाल कृष्ण ने गौ-वंश को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। भोलेनाथ ने नंदी को अपना वाहन बनाया तो हमारे कान्हा का जीवन ही गायों के बिना अधूरा है। सच्चे अर्थों में भगवान कृष्ण के साथ गौ-माता के जोड़ने से ही वे योगीराज श्री कृष्ण गोपाल कहलाएं। जो भगवान कृष्ण को भी आनंद से भर देता है। हमेशा उन्होंने अपनी पहचान गौ-माता से बनाकर रखी। गोपाल से गाय माता का जोड़ने का अर्थ यह है कि प्रकृति से प्रेम, मूक प्राणियों के प्रति प्रेम और 33 करोड़ देवी देवताओं की छत्र छाया है। कपिल गौ-शाला के संवर्धन के कामों को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में हमारी गौ-माता पर भी संकट आया है। सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ गौ-माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी कृत-संकल्पित है। गौ-शालाओं को संवारने का काम किया जा रहा हैं। उन्होंने कपिला गौ-शाला के संवर्धन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले श्री अच्युतानंद जी महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री अच्युतानंद जी महाराज गौ-वंश में संरक्षण के दिशा में महती भूमिका निभा रहे हैं, जो हम सभी के  लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने पहले भी ग्वालियर में 5000 से अधिक गौ-वंश के पालन-पोषण का उल्लेखनीय काम किया हैं। उन्होंने कपिल गौ-शाला में निर्मित भगवान शिव गणेश की सुंदर प्रतिमाओं की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कपिला गौ-शाला में न केवल पशुओं का अच्छे से पालन-पोषण किया जा रहा है, बल्कि यह आधुनिक यंत्रों से भी सुसज्जित है। यहाँ चंद मिनटों में 1000 से अधिक पशुओं का आहार बनाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन, भोपाल, इंदौर देवास आदि के प्रमुख मार्गो पर निराश्रित पाए जाने वाले गौ-वंश को गौ-शाला में रखने का काम किया जा रहा है। 

CM मोहन यादव ने किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय एकता व अखंडता के पर्याय, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक तथा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रतिमा का अनावरण कर नमन किया। उनकी आदमकद प्रतिमा डॉ. मुखर्जी की लालघाटी चौराहे पर स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता-अखंडता को लेकर राष्ट्रवादी विचारधारा का दृष्टिकोण अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रखा। देश में बंग-भंग के षड़यंत्र तथा कश्मीर को लेकर विभाजन की नीति के प्रति लोगों को जागरूक एवं एक करने में डॉ. मुखर्जी का महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. मुखर्जी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण राजधानी के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, सांसद वी.डी. शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी अजय जामवाल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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