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इंदौर में हर घर का होगा डिजिटल पता, एक क्लिक से सारी मुश्किलें होगी हल, वार्ड 82 से इसी महीने होगी शुरुआत

इंदौर प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर के नगर निगम ने एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है। इसके तहत शहर के हर घर को एक डिजिटल पता मिलेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को सिटी बस कार्यालय के सभागार में एक बैठक आयोजित हुई।  डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इंदौर नगर निगम ने अब शहर में हर घर को डिजिटल पता देने की तैयारी कर ली है। अब शहर में हर घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जाएगी। मकान के बाहर एक शीट चिपकाई जाएगी। इस पर एक खास क्यूआर कोड होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर उस मकान से जुड़ी संपत्ति कर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कचरा संग्रहण और अन्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी। यह व्यवस्था वार्ड 82 में इस माह के अंत तक शुरू हो जाएगी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से निगम के अन्य वार्डों में लागू किया जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पिछले वर्ष के निगम बजट में शहर को डिजिटलाइज करने की बात कही थी। इसके बाद से इस बात की कोशिशें चल रही थीं। डिजिटलाइजेशन के अभियान के तहत निगम शहर में हर भवन के बाहर क्यूआर कोड लगाने जा रहा है। पहले चरण में वार्ड 82 में इसकी शुरुआत होगी। मकान के बाहर क्यूआर कोड लगा होने का फायदा निगम और भवन स्वामी दोनों को मिलेगा। कोई भी व्यक्ति क्यूआर कोड को स्कैन कर यह पता लगा सकेगा कि मकान का संपत्तिकर जमा है या नहीं, कचरा संग्रहण कर नियमित जमा हो रहा है या नही। इसी तरह से उक्त पते पर जारी किए गए प्रमाण पत्रों की जानकारी भी क्यूआर कोड से मिल सकेगी। निगम के राजस्व विभाग के अधिकारियों को क्यूआर कोड स्कैन करते ही भवन की जानकारी मिल जाएगी। उन्हें पुराने रिकार्ड साथ नहीं ले जाने पड़ेंगे। पूरे शहर में लागू करने की कोशिश होगी तेज बैठक के दौरान महापौर ने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना को शीघ्र पूर्ण कर पूरे शहर में लागू किया जाए। इस डिजिटल पहल को डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम मानते हुए महापौर ने कहा कि यह शहरवासियों को पारदर्शी, सुलभ और स्मार्ट सेवाएं प्रदान करेगा। हर घर को मिलेगा डिजिटल पता महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, “हमने जो ऐप तैयार किया है, उसके जरिए हर घर का डिजिटल पता सुनिश्चित किया जाएगा। इससे नागरिकों को नगर निगम से संबंधित सभी जानकारी एक ही जगह मिल सके। पहले प्रयास के रूप में, वार्ड 82 में इस योजना को लागू किया जाएगा और हम इसे शीघ्र पूरा करने का प्रयास करेंगे। महापौर ने यह भी बताया कि एप के माध्यम से नागरिक कचरा संग्रहण के लिए गाड़ी को बुला सकेंगे। एक रिक्वेस्ट भेजने पर निगम की टीम घर पर कचरा उठाने के लिए पहुंच जाएगी। हालांकि, कचरा उठाने के लिए शुल्क तय किया जाएगा, जो अभी निर्धारित नहीं किया गया है। मकानों के बाहर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे     हमने मकानों के बाहर क्यूआर कोड लगाने की तैयारी कर ली है। इस माह के अंत तक वार्ड 82 से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे शहर में मकानों के बाहर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। निगम की यह पहल शहरवासियों को पारदर्शी, सुलभ और स्मार्ट सेवा प्रदान करेगी। जल्द ही हम एप के माध्यम से कचरा संग्रहण के लिए गाड़ी बुलाने की शुरुआत भी करेंगे। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर  

ग्वालियर में बनी भगवान राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा, अब रायपुर में करेगी राम पथगमन के दर्शनार्थियों को मंत्रमुग्ध

रायपुर/ग्वालियर  भगवान श्रीराम की 14 वर्षों की वन यात्रा आज भी भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का अहम हिस्सा है। श्रीराम ने अयोध्या से लेकर श्रीलंका तक का मार्ग जंगलों में व्यतीत किया, जिन स्थानों से वे गुज़रे वे आज राम वन गमन पथ के रूप में श्रद्धा का केंद्र हैं। भारत सरकार इस पथ पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को विकसित करने का कार्य कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 10 राज्यों के 248 स्थलों को सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से संवारा जा रहा है। रायपुर में लगेगी ग्वालियर में बनी मूर्ति अब इसी पथ पर ग्वालियर की भी महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज होने जा रही है। ग्वालियर के प्रसिद्ध मिंट स्टोन से बनी भगवान राम की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा जल्द ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निकट चंदखुरी में स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा वनवासी रूप में श्रीराम को दर्शाती है और इसे जाने-माने मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने तैयार किया है। 7 महीने पहले मिला था काम इस विशाल प्रतिमा को आकार देने का जिम्मा छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 7 महीने पहले दीपक विश्वकर्मा को सौंपा था। उनकी टीम के 25 कलाकारों ने दिन-रात मेहनत करके इसे मूर्त रूप दिया है। यह प्रतिमा पूरी तरह ग्वालियर मिंट स्टोन से बनी है। अलग-अलग खंडों को जोड़कर एक अद्भुत और सजीव आकृति तैयार की गई है। वनवासी स्वरूप में है प्रतिमा इस मूर्ति की विशेषता है कि यह भगवान राम को वनवासी स्वरूप में दर्शाती है। उनकी वेशभूषा, पुष्पहार, रुद्राक्ष की 108 माला, खड़ाऊ आदि सभी को अत्यंत सूक्ष्मता और सुंदरता से पत्थर में उकेरा गया है। मूर्तिकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से डिजाइन पहले से तय थी और उसी के अनुसार इसे तैयार किया गया। मूर्ति में शिवरीनारायण की छवि भी दिखेगी राम वनगमन पथ में 9 जगहों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 7 जगहों चंदखुरी, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी हरिचौका, राजिम, चंपारण, नगरी सिहावा, रामगढ़ में मूर्तियां लगाईं। रामाराम (सुकमा) और तुरतुरिया (बलौदा बाजार) में विकास कार्य किया गया है। चंदखुरी को छोड़कर बाकी 6 जगहों पर 25 फीट की मूर्ति स्थापित की गईं हैं। मूर्ति निर्माण में आईं चुनौती दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, इस प्रतिमा का निर्माण अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। सबसे पहले विशाल पत्थर को काटकर ज़मीन पर बिछाया गया, फिर उसके ऊपर डिजाइन उकेरा गया। माप-तौल और ड्राइंग के बाद मूर्ति पर काम शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में लगभग 60-70 टन मिंट स्टोन का उपयोग हुआ, लेकिन कटाई और तराशने के बाद प्रतिमा का कुल वजन लगभग 30-35 टन रह गया। इस भव्य प्रतिमा के निर्माण में लगभग 72 लाख रुपये की लागत आई है। इसे रायपुर ले जाकर स्थापित करने में अतिरिक्त 22-25 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। यानी कुल मिलाकर यह करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी। 25 कलाकारों ने 7 महीने में तैयार की मूर्ति छत्तीसगढ़ सरकार ने 7 महीने पहले दीपक विश्वकर्मा को इस मूर्ति को तैयार करने का जिम्मा सौंपा था. इस प्रतिमा को तैयार करने में दीपक विश्वकर्मा के साथ उनकी टीम के करीब 25 कलाकारों ने 7 महीने तक दिन रात मेहनत की है. इस पूरी प्रतिमा को ग्वालियर मिंट स्टोन से तैयार किया गया है. अलग-अलग पत्थरों को जोड़कर इसे एक स्वरूप दिया गया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रतिमा कैसी होनी चाहिए इसके बिंदु पहले ही बता दिए थे. ऐसे में उनके अनुसार ही इसे तैयार किया गया है. 60-70 टन मिंट स्टोन का इस्तेमाल इस प्रतिमा में राम की सुंदरता और वनवासी रूप को दर्शाने के लिए पुष्प हार को पत्थर में ही उकेरा गया है. साथ ही प्रमुख आकर्षण रुद्राक्ष की माला है, जिसे 108 पत्थरों से रूप दिया गया है. खड़ाऊ भी अत्यंत आकर्षक बनाए गए हैं. इस प्रतिमा को बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दीपक को डिजाइन उपलब्ध कराया गया था. उसी डिजायन को दीपक ने पत्थर में हूबहू उकेरा है. इस प्रतिमा को तैयार करने के लिए 60-70 टन ग्वालियर मिंट स्टोन का इस्तेमाल किया गया. हालांकि, कांट छांट और प्रतिमा को स्वरूप देने में आधा पत्थर निकल गया फिर भी यह करीब 30 से 35 टन वजनी है. इससे पहले भी बनाई हैं प्रतिमाएं यह पहली बार नहीं है जब ग्वालियर में बनी राम प्रतिमा को राम वन गमन पथ पर स्थान मिला हो। इससे पहले भी दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई 25-25 फीट ऊंची दो प्रतिमाएं छत्तीसगढ़ में स्थापित की जा चुकी हैं। इन्हीं की गुणवत्ता और कलात्मकता को देखते हुए उन्हें 51 फीट ऊंची इस नई प्रतिमा का कार्य सौंपा गया। यह प्रतिमा राम वन गमन पथ पर अब तक लगाई गई 7 मूर्तियों में सबसे ऊंची है और जल्द ही इसकी स्थापना चंदखुरी में की जाएगी। यह न सिर्फ ग्वालियर के लिए गर्व की बात है, बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बनने जा रही है। चुनौतीपूर्ण रहा पत्थर से प्रतिमा का सफर भगवान राम की यह प्रतिमा अपने आप में अनोखी है और इसे बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं था. दीपक विश्वकर्मा ने बताया, “इस प्रतिमा का साइज अपने आप में चुनौती था. पहले मूर्ति के लिए पत्थर को काटा गया और उसे जमीन पर बिछाया गया. जिसके बाद इसकी ड्राइंग तैयार की गई. नाप तौल किया गया, क्योंकि डिजाइन के अनुसार 51 फीट की प्रतिमा बनाना आसान नहीं था, लेकिन पूरी टीम ने इसे सफलता पूर्वक पूरा किया.” दीपक ने यह भी बताया, “मूर्ति को पास कर दिया गया है और आने वाले एक हफ्ते में यह मूर्ति रायपुर के लिए रवाना हो जाएगी.” प्रतिमा पर 1 करोड़ होंगे खर्च जितनी भव्य और आकर्षक यह प्रतिमा है, उतना ही इसका खर्च भी है. 51 फीट ऊंची इस प्रतिमा को बनाने में करीब 72 लाख रुपए की लागत आई है. इसके बाद जब इसे रायपुर में लगाया जाएगा, तो वहां भी करीब 22-25 लाख रुपए का खर्च आएगा. यानी करीब एक करोड़ रुपए की लागत से राम वन गमन पथ पर ग्वालियर की यह प्रतिमा शोभा बढ़ाएगी. पहले भी लगाईं ग्वालियर में तैयार दो प्रतिमाएं ऐसा नहीं है कि यह पहली प्रतिमा है, जो राम वन गमन पथ … Read more

Wasteकी ताकत!CBG प्लांट से बदलने वाला है ग्वालियर का भविष्य, रोज़ बनेगा CNG और खाद

ग्वालियर  शहर में कचरे से निजात पाने और स्वच्छ वातावरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम ग्वालियर द्वारा प्रस्तावित मध्यप्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा वेस्ट आधारित सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट अब केदारपुर डंपसाइड पर स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट को बनाने की लागत करीब 75 करोड़ रुपये होगी और इसे लगभग 5.5 हेक्टेयर भूमि पर तैयार किया जाएगा। प्रोजेक्ट को मिली स्वीकृति ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार ने बताया कि सरकार से इस परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। यह प्लांट शहर में हर दिन निकलने वाले 350 टन गीले और सूखे कचरे को प्रोसेस करेगा। इसमें से गीले कचरे से बायो सीएनजी गैस और खाद तैयार की जाएगी। प्लांट से प्रतिदिन करीब 9 टन बायो सीएनजी गैस का उत्पादन होगा, जिसका उपयोग नगर निगम के वाहनों में किया जाएगा और साथ ही इसे कमर्शियल रूप से भी बेचा जाएगा। इससे नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सूखे कचरे के लिए बनेगा अलग प्लांट इसके अतिरिक्त, 277 टन सूखे कचरे के लिए भी अलग प्लांट लगाया जाएगा, जिससे प्लास्टिक और अन्य रीसायक्लिंग योग्य सामग्री का निष्पादन किया जाएगा। इस योजना से न केवल शहर को कचरे के ढेर से छुटकारा मिलेगा, बल्कि स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिलेगी। पहले इस प्लांट को चंदुआखुर्द डंपयार्ड में लगाया जाना था, लेकिन भूमि की कमी और स्थानीय विवादों के चलते स्थान बदलकर केदारपुर किया गया है। यह लैंडफिल्ड साईट अब धीरे-धीरे खाली हो रही है, जिससे यहां प्लांट निर्माण संभव हो सका। 2027 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट यह परियोजना साल 2027 तक पूरी होने की संभावना है। साथ ही डबरा, दतिया और बमौर जैसे आस-पास के क्षेत्रों से भी कचरा लाकर यहां प्रोसेस किया जाएगा। इस सीबीजी प्लांट की स्थापना ग्वालियर को स्वच्छ और हरित शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। शासन से स्वीकृति, जल्द होंगे टेंडर ग्वालियर में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा गोबर आधारित बायो सीएनजी प्लांट लगाया गया था, जिससे ना सिर्फ प्रतिदिन 100 टन गोबर का निष्पादन हो रहा बल्कि इससे बन रही 1 टन बायो सीएनजी निगम का राजस्व भी बढ़ा रही है. अब इंदौर के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा सीबीजी प्लांट भी ग्वालियर में स्थापित होने जा रहा है. ग्वालियर नगर निगम ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था और इस पर स्वीकृति भी मिल चुकी है. इस प्लांट में प्रतिदिन शहर से इकट्ठा किया 350 टीपीटी (टन प्रति दिन) सूखा और गीला कचरा से बायो सीएनजी गैस और खाद तैयार की जाएगी.  सूखे कचरे के लिए अलग से होगा एक प्लांट शहर में लगने वाले कचरे के ढेर से निजात पाने के लिए ये अच्छा विकल्प नगर निगम ने तैयार किया है. ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि, ”ये प्लांट सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है इसके साथ ही एक और प्लांट स्थापित किया जाएगा. जिसके जरिए प्रतिदिन 277 टीपीटी सूखा कचरा भी निष्पादित किया जाएगा. ये एक बहतरीन व्यवस्था होगी जिससे शहर में कचरे के जगह जगह लगने वाले ढेरों से छुटकारा मिलेगा और वातावरण साफ सुथरा होगा.” साढ़े 5 हेक्टेयर में बनेगा प्लांट इस प्लांट को तैयार करने के लिए नगर निगम को अच्छी खासी राशि खर्चनी पड़ेगी. अपर आयुक्त की माने तो इस प्लांट को बनाने में करीब 75 करोड़ रुपये की लागत आएगी. पहले वेस्ट बेस्ड सीबीजी प्लांट को तैयार करने के लिए निगम द्वारा चंदुआखुर्द डंप यार्ड में जमीन प्रस्तावित की गई थी. लेकिन यहां जमीन की कमी और स्थानीय विवादों के चलते बदलने का निर्णय किया गया और अब इसे केदारपुर डंपसाइड पर लगाने का निर्णय लिया गया. ये प्लांट लगभग 5.5 हेक्टेयर जमीन पर स्थापित किया जाएगा. क्योंकि ये लैंडफील्ड साइट अब खाली हो रही है. यहां का कचरा धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है. इसलिए इसी जमीन पर नया सीबीजी प्लांट स्थापित किया जाएगा.  आसपास के क्षेत्रों से भी लाया जाएगा कचरा केदारपुर डंप साइड पर लगने वाले इस प्लांट में हर दिन शहर के कचरे के साथ ही डबरा दतिया और बमौर क्षेत्र से भी कचरा लाया जाएगा. यहां गीला और सूखा कचरा अलग अलग किया जाएगा. गीले कचरे का उपयोग बायो गैस बनाने में होगा. इसके बाद जो वेस्ट मटेरियल बचेगा उससे खाद तैयार की जाएगी. माना जा रहा है की 350 टीपीटी (टन प्रति दिन) कचरे से हर दिन लगभग 9 टन बायो सीएनजी गैस तैयार होगी. जिसे नगर निगम के वाहनों में इस्तेमाल करने के साथ ही कमर्शियल तौर पर बेचा जाएगा. जिससे की नगर निगम को राजस्व भी प्राप्त होगा. साल 2027 तक तैयार होगा प्लांट ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार के मुताबिक, ”यह प्लांट अभी पेपरवर्क स्तर पर है. आने वाले एक या दो हफ़्ते में इसके निर्माण के लिए टेंडर भी जारी होने वाले हैं. आने वाले दो से तीन साल में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. ऐसे में यह प्लांट इस क्षेत्र में नई उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.”

भोपाल ननि स्वच्छता समाधान केंद्र के तौर पर एक अनोखा कचरा कैफे शुरू होगा, कचरा कैफे से होगा स्वच्छता समाधान

भोपाल शहरी स्वच्छता के लिए जैविक-अजैविक कचरे का मिस्रित ढेर बड़ी चुनौती बना हुआ है। यह नगर निगम के संसाधनों पर बोझ जैसा है। घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करके देने की प्रवृत्ति विकसित नहीं हो पाई है। ऐसे में भोपाल नगर निगम स्वच्छता समाधान केंद्र के तौर पर एक अनोखा कचरा कैफे शुरू करने जा रहा है। भोपाल के अलग-अलग तीन हिस्सों दस नंबर मार्केट की फुलवारी, बिट्टन मार्केट और बोट क्लब पर इसे बनाया जा रहा है। यहां प्लास्टिक, कागज, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक कचरे के बदले भोजन या खानपान और दैनिक उपयोग का सामान मिलेगा। अगर कोई इसके बदले नकदी लेना चाहे तो यह कैफे बाजार दर से पांच रुपया अधिक कीमत देकर उसे खरीदेगा। उदाहरण के तौर पर अगर एक किलो प्लास्टिक कचरा बाजार में 15 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है तो कचरा कैफे उसे 20 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से खरीदेगा।   कचरा कैफे से होगा स्वच्छता समाधान कचरा कैफे नाम के इस स्वच्छता समाधान केंद्र का संचालन स्व-सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। इस कैफे में आने वाले निराश्रित जरूरतमंद अगर थोड़ा-बहुत कचरा भी लाते हैं, तो उन्हें वहां से छोले-चावल जैसे व्यंजन खाने को मिल जाएंगे। इसके अलावा वे कचरे के बदले कैफे में उपलब्ध खानपान और दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकेंगे। इस पहल से “कमाओ और खाओ” की भावना को भी बल मिलेगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में हर महीने करीब 500 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। इसमें 200 टन तो प्रतिबंधित पन्नियां हैं। इलेक्ट्रानिक कचरा और लोहा, सीसा, कागज का कचरा भी बड़ी मात्रा में कचरे के ढेर के साथ पहुंचता है। कचरा संग्रहण और सेग्रिग्रेशन केंद्रों पर इसे अलग करना बड़ा खर्चीला हो जाता है। कचरा कैफे के जरिये यह कचरा अलग-अलग इकट्ठा होगा और वेंडरों के जरिए आसानी से रिसाइकिल या विनष्टीकरण संयंत्रों तक पहुंचा दिया जाएगा। कैफे में इस तरह की वस्तुएं मिलेंगी इस अनोखे कैफे में पका हुआ भोजन और नाश्ता उपलब्ध होगा। इसके अलावा वहां दाल, चावल, आटा, मोटा अनाज, नमक, तेल, अचार, पापड़, बड़ी, नमकीन, बोतलबंद पानी, टेराकोटा, कपड़े, सजावटी सामान और पर्यावरण अनुकूल वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी। इनका उत्पादन भी स्व-सहायता समूह ही करेंगे। मोबाइल एप से भी जुड़ पाएंगे लोग इस पहल से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए कचरा कैफे एक मोबाइल एप भी लांच कर रहा है। इससे जुड़े लोग घर बैठे कचरा बेच सकेंगे। कैफे का आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) मोबाइल वैन घर पर जाकर कचरा खरीदेगी। इसके बदले विक्रेता को कूपन दिया जाएगा। यह कूपन कैफे लाकर नकद लिया जा सकेगा, या उतनी कीमत की खरीददारी में प्रयोग हो सकेगा। यह केंद्र केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा। यह पर्यावरण के प्रति जन जागरुकता, महिला सशक्तीकरण और रोजगार सृजन का भी माडल बनेगा- अंजीता सभलोक, स्वच्छता एंबेसडर, नगर निगम कचरा कैफे की शुरूआत नगर निगम इस महत्वपूर्ण परियोजना पर काम कर रहा है। कचरा कैफे की शुरूआत इसी महीने 10 नंबर मार्केट के फुलवारी और बोट क्लब पर शुरू करने जा रहे हैं। बिट्टन मार्केट में उसके बाद शुरू होगा। हमे उम्मीद है कि इसके जरिए शहर के लोग कचरे के प्रति अधिक जागरूक होंगे- मालती राय, महापौर नगर निगम भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 241 होम-स्टे का किया वर्चुअल लोकार्पण, 16 ग्राम पंचायतों के सरपंच सहित संस्थाओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण पर्यटन आत्मनिर्भरता और आत्म गौरव का प्रभावी माध्यम है। ग्राम स्तर पर पर्यटन गतिविधियों से जहां युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक उन्नति के अवसर उपलब्ध होते हैं, वहीं पर्यटन गतिविधियां, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तीज-त्योहार-पर्व और खानपान को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होती हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे होम-स्टे भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के “अतिथि देवो भव:” के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम बन रहे हैं। होम-स्टे संचालनकर्ता और राज्य सरकार का यह प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले सभी अतिथि प्रदेश के बारे में सकारात्मक छवि और अच्छी स्मृतियां साथ लेकर जाएं। पर्यटन के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य विभाग आदि समन्वित रूप से इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति में तीर्थाटन की परंपरा सदियों से रही है। दुनिया के लोग शौक और आनंद के लिए घर से निकलते हैं, वहां भारत के लोग चारधाम की मोक्ष यात्रा पर निकलते हैं, जहां वे सनातन सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए अन्य प्रदेशों की विविध जीवनशैली और परंपराओं से परिचित होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारतीय मूल्यों के अनुरूप परस्पर विश्वास की भावना को बढ़ा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल के बावजूद भी देश प्रगति पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण रंग पर्यटन संग राज्य स्तरीय उत्सव को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन के लिए वेबसाइट लॉन्च, प्रदशर्नी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण पर्यटन पर केंद्रित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रामीण रंग पर्यटन संग उत्सव के अंतर्गत विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों और संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही चाक पर मिट्टी की कलाकृतियां भी बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन के लिए डेडिकेटेड माइक्रो वेबसाइट लॉन्च की और प्रदेश के विभिन्न गांवों में निर्मित 241 होम-स्टे का वर्चुअल लोकार्पण किया। पर्यटन को बढ़ावा देने हुए एमओयू कार्यक्रम में ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए सिग्निफाइंग और टूरिज्म बोर्ड के बीच 61 गांवों में एलईडी एवं सोलर लाइट्स लगाने के लिए एमओयू का आदान प्रदान किया गया। साथ ही स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी और टूरिज्म बोर्ड के बीच फिल्म निर्माण एवं डिजिटल प्रमोशन के लिए एमओयू और एमपी टूरिज्म बोर्ड एवं एमपीएसईडीसी के बीच एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। टूरिज्म को भी मिलेगा वेलनेस समिट का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर स्टेट टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटकों के लिए वेलनेस सुविधाएं बढ़ाने के लिए समिट की है। वे यहां आएंगे तो उन्हें वन्य जीव पर्यटन, धार्मिक पर्यटन के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे प्रदेश का मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। प्रदेश टूरिज्म बोर्ड अपने दम पर विकास के पथ पर अग्रसर है। टूरिज्म बोर्ड के प्रचार-प्रसार के लिए तैयार की गई फिल्में अद्भुत थीं। नए सिरे से इनके उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में भारत ही नहीं दुनिया में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होम-स्टे संचालकों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होम-स्टे निर्माण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने वाले नर्मदापुरम, आगर, छतरपुर, निवाड़ी, मुरैना, सीहोर, सीधी और पन्ना सहित 10 जिला कलेक्टरों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 37 जिलों में होम-स्टे निर्मित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करने के लिए 16 ग्राम पंचायतों के सरपंच और डीएटीसीसी सहित संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों के होम-स्टे संचालकों से संवाद भी किया। पर्यटकों की संख्या में हुई 526 प्रतिशत की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2020 की तुलना में 2024 में 526 प्रतिशत अधिक पर्यटक आए। ओरछा, खजुराहो के अलावा प्रदेश में कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ आने वालों की संख्या बढ़ी है। देश के 5 सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय उद्यानों में यह तीनों स्थान शामिल हैं। देश के राष्ट्रीय उद्यानों में कान्हा को शीर्ष स्थान मिला है। दुनिया में सबसे ज्यादा टाइगर (बाघ) भारत और भारत में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं। यह प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। प्रदेश में गिद्ध, मगरमच्छ, घड़ियाल सहित कई वन्यप्राणी भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर लगभग 241 होम-स्टे शुरू करना एक अभिनव प्रयास है। बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यानों सहित अन्य जिलों के पर्यटन स्थलों पर होम-स्टे शुरू हो गए हैं। 

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश, जी7 शिखर सम्मेलन को बताया सार्थक: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित ‘जी7 शिखर सम्मेलन’ का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने जी7 सम्मेलन को “सार्थक” बताया और आतंकवाद से खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया। पीएम मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक सार्थक जी-7 शिखर सम्मेलन, जिसमें कई मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।” एक मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो की शुरुआत कनानास्किस के खूबसूरत नजारे के साथ होती है। वीडियो में पीएम मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ नजर आ रहे हैं। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी कहते हैं कि जी7 में आपकी (पीएम मोदी की) मेजबानी करना “मेरे लिए बहुत सम्मान की बात” है। उन्होंने कहा कि भारत (2019 में फ्रांस के) बियारिट्ज से जी7 में शामिल हो रहा है और यह “आपके देश और आपके नेतृत्व के महत्व का प्रमाण” है। इसके बाद वीडियो में पीएम मोदी की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। पिछले दिनों जी20 समिट के अध्यक्ष के रूप में भारत ने विश्व के लिए अनेक ऐसे इनिशिएटिव लिए हैं। जी20 में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, उसको नए स्वरूप में जी7 में उसके एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) की दिशा में ले जाने का आज एक बहुत बड़ा अवसर है और भारत इस अवसर का उपयोग करने के लिए वैश्विक स्तर पर हमेशा इच्छुक रहा है।” इससे पहले, बुधवार को कनाडा के कनानास्किस में ‘जी7 शिखर सम्मेलन’ के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आतंकवाद का समर्थन और उसे बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई’ का आह्वान किया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मजबूत समर्थन देने के लिए वैश्विक समुदाय का आभार जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पहलगाम आतंकी हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था।”

ICC ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल किया जारी, भारत और पाकिस्तान को फिर होगा हाई वोल्टेज मुक़ाबला

नई दिल्ली  इंग्लैंड में अगले साल होने वाले महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने जारी कर दिया है। टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत और पाकिस्तान को फिर से एक ही ग्रुप में रखा गया है, और इन दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच महामुक़ाबला 14 जून को खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट महिला टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण होगा, जो 12 जून 2026 से शुरू होगा। पहला मैच मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में आयोजित होगा। अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट इस बार कुल 12 टीमें वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगी, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा महिला टी20 टूर्नामेंट बना देगा। सभी टीमों को दो ग्रुपों में बांटा गया है। ग्रुप 1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, भारत और पाकिस्तान को जगह दी गई है। शेष दो टीमें बाद में क्वालीफायर के ज़रिए तय होंगी। ग्रुप 2 में इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका और वेस्टइंडीज हैं। यहां भी दो टीमें ग्लोबल क्वालीफायर के माध्यम से जुड़ेंगी। सेमीफाइनल और फाइनल की तारीखें टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, हर टीम अपने ग्रुप की अन्य सभी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। ग्रुप स्टेज के बाद टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। पहला सेमीफाइनल 30 जून, दूसरा सेमीफाइनल 2 जुलाई और फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत-पाक मैच पर होगी सभी की नज़र भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आपस में अब सिर्फ ICC या ACC टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं, जिससे इन मुकाबलों का रोमांच और महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस बार जब ये दोनों टीमें 14 जून को टकराएंगी, तो खेलप्रेमियों की नज़रें सिर्फ इसी मैच पर टिकी होंगी। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पूरा शेड्यूल 12 जून: इंग्लैंड बनाम श्रीलंका, एजबेस्टन (D/N) 13 जून: क्वालीफायर बनाम क्वालीफायर, ओल्ड ट्रैफर्ड 13 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, ओल्ड ट्रैफर्ड 13 जून: वेस्टइंडीज बनाम न्यूजीलैंड, रोज बाउल (D/N) 14 जून: क्वालीफायर बनाम क्वालीफायर, एजबेस्टन 14 जून: भारत बनाम पाकिस्तान, एजबेस्टन 16 जून: न्यूजीलैंड बनाम श्रीलंका, रोज बाउल 16 जून: इंग्लैंड बनाम क्वालीफायर, रोज बाउल (D/N) 17 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम क्वालीफायर, हेडिंग्ले 17 जून: भारत बनाम क्वालीफायर, हेडिंग्ले 17 जून: दक्षिण अफ्रीका बनाम पाकिस्तान, एजबेस्टन (D/N) 18 जून: वेस्टइंडीज बनाम क्वालीफायर, हेडिंग्ले (D/N) 19 जून: न्यूजीलैंड बनाम क्वालीफायर, रोज बाउल (D/N) 20 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम क्वालीफायर, रोज बाउल 20 जून: पाकिस्तान बनाम क्वालीफायर, रोज बाउल 20 जून: इंग्लैंड बनाम क्वालीफायर, हेडिंग्ले (D/N) 21 जून: वेस्टइंडीज बनाम श्रीलंका, ब्रिस्टल 21 जून: दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत, ओल्ड ट्रैफर्ड 23 जून: न्यूजीलैंड बनाम क्वालीफायर, ब्रिस्टल 23 जून: श्रीलंका बनाम क्वालीफायर, ब्रिस्टल 23 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान, हेडिंग्ले (D/N) 24 जून: इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज, लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड(D/N) 25 जून: भारत बनाम क्वालीफायर, ओल्ड ट्रैफर्ड 25 जून: दक्षिण अफ्रीका बनाम क्वालीफायर, ब्रिस्टल (D/N) 26 जून: श्रीलंका बनाम क्वालीफायर, ओल्ड ट्रैफर्ड (D/N) 27 जून: पाकिस्तान बनाम क्वालीफायर, ब्रिस्टल 27 जून: वेस्टइंडीज बनाम क्वालीफायर, ब्रिस्टल 27 जून: इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड, द ओवल (D/N) 28 जून: दक्षिण अफ्रीका बनाम क्वालीफायर, लॉर्ड्स 28 जून: ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, लॉर्ड्स 30 जून: सेमीफाइनल 1, द ओवल 2 जुलाई: सेमीफाइनल 2, द ओवल (D/N) 5 जुलाई: फाइनल, लॉर्ड्स

बीजापुर के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का राज्यपाल डेका ने किया अवलोकन

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान वहां के सेन्ट्रल लाईब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने सुदूर क्षेत्रों के कम्प्यूटर प्रशिक्षार्थियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। प्रशिक्षार्थियों ने श्री डेका से अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल  डेका ने कहा कि आज के युग में कम्प्यूटर सभी क्षेत्रों के लिए आवश्यक है। नौकरी हो या स्वयं का व्यवसाय, कम्प्यूटर ट्रेनिंग के पश्चात छोटे-छोटे व्यवसाय से आय अर्जित करने एवं व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन कर आय अर्जित करने के लिए प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। राज्यपाल डेका ने लाइब्रेरी में रखे गए माईंड गेम, वीआर सेट का अवलोकन किया और जिला प्रशासन के इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों के साथ फोटो सेशन भी कराया। इस दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव उपस्थित थे।

चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी:ICRA

नई दिल्ली चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी। यह अनुमान लीडिंग रेटिंग एजेंसी इक्रा का है। एजेंसी ने अपने आउटलुक में कहा कि इसी अवधि के दौरान देश की वास्तविक सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) वृद्धि 6.3 प्रतिशत से अधिक होगी। जहां जीडीपी देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को निर्धारित करता है, वहीं जीवीए उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं की लागत को घटाने पर प्राप्त होता है। महंगाई दर पर क्या है अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति के संबंध में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर के 4.2 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) चालू वित्त वर्ष के लिए 2.7 प्रतिशत से अधिक रहेगा। इक्रा ने राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इक्रा के अनुसार, रबी के नकदी प्रवाह और सामान्य से अधिक जलाशय स्तर की सहायता से ग्रामीण मांग में तेजी बनी रहने की संभावना है। बजट में ऐलान का फायदा रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में आयकर में बड़ी राहत, दरों में कटौती से ईएमआई (मासिक किस्त) में कमी और खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी से घरेलू खर्च योग्य आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के वस्तु निर्यात में सुस्ती निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है। इक्रा के अनुमान के अनुसार, सेवा निर्यात वस्तु निर्यात वृद्धि से आगे निकलने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 2025-26 में 10.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जिससे निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आरबीआई का अनुमान चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आरबीआई ने जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी और इसके 2025-26 में भी इतना ही रहने का अनुमान लगाया गया है।

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने बरामद किया दूसरा हथियार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान खाई में मिला

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब मेघालय पुलिस ने बताया है कि राजा को एक नहीं बल्कि दो हथियारों से मारा गया। यह भी बताया कि विशाल ने जब राजा पर पहली बार हमला किया तो खून बहने लगा था और वह दर्द से चिल्ला रहा था। इस दौरान सोनम वहां से चली गई। वह तभी वापस लौटी जब राजा की मौत हो चुकी थी। उसने लाश को ठिकाने लगाने में हमलावरों की मदद की। राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही मेघायल पुलिस की एसआईटी टीम आज फिर आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी। यहां वेसा डांग इलाके में उन्होंने दूसरा हथियार फेकें जाने की बात बताई। पुलिस ने वहां जांच की तो दूसरा हथियार भी बरामद हो गया। अब हथियार की फॉरेंसिंक जांच की जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी उस समय भाग गई जब हमलावरों में से एक विशाल सिंह चौहान ने राजा रघुवंशी पर पहली बार कुल्हाड़ी से हमला किया। पुलिस ने बताया कि वह तभी वापस लौटी जब कई बार हमला करने के बाद राजा की मौत हो गई। यह बात तब सामने आई जब हत्या की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोनम सहित सभी आरोपियों को राजधानी शिलॉन्ग से लगभग 65 किलोमीटर दूर मेघालय के सोहरा ले गई। वहां घटनास्थल पर पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की पिछले महीने मेघालय में हनीमून के दौरान सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाह और तीन लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। अन्य हत्यारों की पहचान आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि जांच और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट करने से पता चला है कि विशाल ने सबसे पहले राजा पर हमला किया था। नाम न बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब खून बहने लगा और राजा चिल्लाने लगा तो सोनम भाग गई। विशाल और दूसरे हमलावर विशाल ने राजा पर हमला करना जारी रखा। पुलिस एक ट्रैवलर का बयान भी दर्ज करने वाली है. दरअसल, हरियाणा के सोनीपत निवासी एक यूट्यूबर देवेंद्र सिंह ने 23 मई को नोंग्रयाट  के पास डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के ट्रेक के दौरान एक वीडियो शूट किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी, राजा रघुवंशी और तीनों आरोपी आकाश, आनंद और विशाल अनजाने में कैद हो गए. सुपर कॉरिडोर पर बने रेस्टोरेंट में मिलते थे आरोपी राजा हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे है। अब यह जानकारी सामने आई है कि राजा को मारने की प्लानिंग सोनम, राज और विशाल ने एक महीने पहले ही शुरू कर दी थी। ये सभी सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस चौराहे के पास अवंती रेस्टोरेंट में मिलते थे। रेस्टोरेंट के मालिक नरेंन्द्र ने इस बात का खुलासा किया है। देवेंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ वीडियो शूट कर रहे थे, जब सुबह 9:25 बजे तीनों आरोपी और 9:45 बजे राजा व सोनम उनके कैमरे में रिकॉर्ड हुए. शिलांग के SP ने कहा कि यह वीडियो फुटेज केस को जोड़ने की अहम कड़ी साबित होगी. पुलिस देवेंद्र का बयान दर्ज करेगी और वीडियो को सबूत के तौर पर लेगी. हनीमून पर कितना कैश और सोना ले गई थी सोनम रघुवंशी राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम के भाई ने कहा है कि वह नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। सोनम के भाई गोविंद ने कहा कि यदि राजा के परिवार को उन पर शक है तो जांच करवा सकते हैं और वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। गोविंद इससे पहले राजा के घर जाकर दुख बांट चुके हैं। गोविंद ने यह भी खुलासा किया है कि हत्या वाले हनीमून पर जाते समय सोनम अपने साथ कितना सोना और कैश लेकर गई थी। गोविंद ने कहा, ‘जितनी भी सत्यता थी उतनी हमने बताई है मीडिया और उन लोगों को। फिर भी यदि उन्हें हमारे ऊपर शक है तो वो जांच करा सकते हैं। हम इसके लिए आगे आने को तैयार हैं। मैं उनके घर भी जा रहा हूं। मुझे पता है कि उनके घर में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। इसलिए यदि उनकी मांग है नार्को टेस्ट की तो, की जाए।’ गोविंद ने कहा कि वह बिन बुलाए ही राजा की तेरहवीं पर उनके घर गए थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा,’उन्होंने बुलाया नहीं था, मैं राजा की तेरहवीं पर खुद गया था। मैं राजा को दिल से मानता हूं। लेकिन यदि अब मुझे मना करते हैं तो यह उनका फैसला है। मुझे पता चला है कि मेघालय की पुलिस आई है। मुझे बयान के लिए शिलॉन्ग बुलाया है, लेकिन कोई कंफर्मेशन नहीं है। मैंने कहा है कि जब भी जरूरत पड़े मैं पहली फ्लाइट से आ सकता हूं।’ अपने साथ क्या-क्या ले गई थी सोनम यह पूछे जाने पर कि हनीमून पर जाते हुए सोनम अपने साथ क्या-क्या लेकर गई थी, गोविंद ने कहा, ‘कुछ जेवर लेकर गई थी। जैसै मंगलसूत्र जो पुलिस को मिला है। बाकी कुछ कान के नाक के लेकर गई थी,बाकी गहने हमारे पास ही हैं। कैश जरूर 10-20 हजार का ले गई होगी। मोबाइल 2 लेकर गई थी एक ऑफिस वाला और एक अपना पर्सनल। और कोई कीमती चीज नहीं लेकर गई है।’ राजा को चेन पहनकर आने को कहा था इससे पहले राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा था कि उनके बेटे को सोनम ने सोने की चेन पहनकर आने को कहा था। राजा की जब उन्होंने एयरपोर्ट वाली तस्वीर देखी तो गले में सोने की चेन देखकर उन्हें चिंता हुई थी।  पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं और अभी तक उन्हें बरामद नहीं किया जा सका है. हत्या का मकसद लव ट्राएंगल बताया जा रहा है, लेकिन एसपी ने कहा कि इसके अलावा कोई अन्य वजह भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है. अधिकारी ने कहा कि राजा की मौत हो जाने के बाद ही सोनम घटनास्थल पर वापस आई और शव को ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस ने बताया कि राजा की हत्या में इस्तेमाल किया गया दूसरा हथियार भी … Read more

कैबिनेट की बैठक : अनुकम्पा नियुक्ति की कंडिका में किया गया संशोधन, छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का होगा गठन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके  निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1    मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है। 2    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।     CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है। 3    मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।     यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।     यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी। 4    मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया। 5    उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 6    जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।     ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। 7    मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि – नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। 8    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।  

नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान 3000 रुपये में मिलेगा सालभर का FASTag पास

नई दिल्ली केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार 18 जून को बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “हम 3,000 रुपये की कीमत वाला फास्टैग-आधारित वार्षिक पास पेश कर रहे हैं, जो 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा. एक्टिवेशन की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं तक के लिए वैध – जो भी पहले हो – यह पास विशेष रूप से गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए डिज़ाइन किया गया है. लंबे समय से इस बात की चर्चा हो रही थी कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर में एक नई टोल नीति (Toll Policy) लाने की योजना बना रहा है. जिसके तहत देश भर में टोल प्लाजाओं पर यात्रा को सुलभ बनाने के लिए कई नई सुविधाएं दी जाएंगी. इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी अटकलों को खत्म करते हुए आज सोशल नेटवर्किंग साइट ‘X’ के जरिए फास्टैग एनुअल पास को जारी करने का ऐलान किया है. तो आइये जानें कब और कैसे ये पास जारी होगा और इसे प्राप्त करने के लिए यूजर्स को क्या करना होगा.   Annual FASTag Pass:  नितिन गडकरी ने आज सोशल मीडिया के जरिए देश भर में वार्षिक फास्टैग पास (Annual FASTag Pass) को जारी करने की घोषणा की है. इस एनुअल पास के लिए यूजर्स को साल भर में केवल एक बार 3,000 रुपये की रकम खर्च करनी होगी. जिसके बाद ये पास यूजर को जारी कर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि, ये पास एक्टिव होने के बाद 1 साल या 200 यात्राओं (इसमें से जो भी पहले आए) तक के लिए वैलिड रहेगा. यानी यदि समय के पहले 200 ट्रिप्स पूरे हो जाते हैं तो यूजर्स को एक बार फिर से पास रिन्यू करना होगा.  15 अगस्त से मिलेगा एनुअल पास: नितिन गडकरी ने अपने पोस्ट में कहा कि, “एक ऐतिहासिक पहल के तहत, आगामी 15 अगस्त 2025 से 3,000 रुपये की कीमत वाला FASTag बेस्ड वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास एक्टिव होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैलिड रहेगा. ऐसी की महत्वपूर्ण घोषणा एक ऐतिहासिक पहल के तहत, 15 अगस्त 2025 से ₹3,000 की कीमत वाला FASTag आधारित वार्षिक पास शुरू किया जा है. यह पास सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष तक या 200 यात्राओं तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा. यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है और यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा को संभव बनाएगा. वार्षिक पास के सक्रियण/नवीनीकरण के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल और सुगम होगी. यह नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को अधोरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. प्रतीक्षा समय घटाकर, भीड़ कम कर और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त कर, वार्षिक पास नीति लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव के लिए प्रतिबद्ध है. केवल इन वाहनों को जारी होगा पास:  बता दें कि, यह पास केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है. यह देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के लिए लागू होगा. इसमें व्यवसायिक वाहन शामिल नहीं हैं. कैसे मिलेगा एनुअल फास्टैग पास: सरकार इस एनुअल पास को सभी यूजर्स के लिए सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम कर रही है. इस पास को एक्टिव या रिन्यू कराने के लिए जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप और NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स पर एक अलग लिंक उपलब्ध कराया जाएगा. जिसके माध्यम से यूजर्स इस लिंक पर विजिट कर एनुअल पास प्रास्त कर सकेंगे. केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि, यह नई नीति 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाज़ाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रहें कन्सर्न्स को भी संरेखित करेगी और एक ही सुलभ लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सहज बनाएगी. इस वार्षिक फास्टैग पास से कई तरह के लाभ होने की उम्मीद है. इससे यूजर्स को बार-बार फॉस्टैग रिचार्ज करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी. FASTag Annul Pass पर सरसरी नज़र:     15 अगस्त से होगा शुरू     3,000 रुपये होगी पास की कीमत     1 साल या 200 ट्रिप्स के लिए होगा वैलिड     NHAI / MoRTH की वेबसाइट्स से होगा एक्टिव     केवल प्राइवेट वाहनों के लिए होगा लागू     टोल प्लाजाओं पर वेटिंग होगी कम     टोल प्लाजाओं पर होने वाले विवादों से भी बचा जा सकेगा कम होगा वेटिंग टाइम: FASTag एनुअल पास के जारी होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाओं पर वेटिंग टाइम भी घट जाएगा. इससे भीड़ को कम करने और टोल प्लाज़ाओं पर विवाद को समाप्त करने में भी मदद मिलेगी. वार्षिक पास पॉलिसी लाखों निजी वाहन चालकों के लिए तेज़, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा.   पहले ये शिकायतें मिलती थीं पहले कई लोग शिकायत करते थे कि उनके घर के 60 किलोमीटर के दायरे में अगर टोल प्लाजा है, तो उन्हें बार-बार टोल देना पड़ता है. यहां से बार-बार गुजरना उनकी मजबूरी है अब ये वार्षिक पास इस प्रॉब्लम को हल करेगा. अब हर बार टोल देने की जरूरत नहीं.

बिना शर्त सरेंडर! हम जानते हैं कहां छिपा हैं खामेनेई …अमेरिका ने रवाना किए 30 फाइटर जेट

वाशिंगटन ईरान और इजरायल जंग के बीच भीषण जंग चल रही है. इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर ईरान ने हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर कहर बरपा दिया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बुधवार को कहा कि इजरायल पर नवीनतम हमले के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था. दोनों देशों के बीच लड़ाई छठे दिन में प्रवेश कर गई है. इधर इजरायल की वायु सेना ने भी कहा है कि उन्होंने तेहरान में फिर से कई क्षेत्रों को निशाना बनाया है.  इजरायली हमले में अबतक ईरान के 585 लोगों की मौत हो चुकी है और 1326 लोग घायल हो चुके हैं. जबकि ईरान के हमले में अबतक 24 इजरायलियों की मौत हो चुकी है. दोनों कट्टर दुश्मनों के बीच एक दूसरे पर हमले की ताजा फेज तब शुरू हुई जब इस युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बयान आ रहे हैं. ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने को है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर बड़े-बड़े बोल्ड अक्षरों में लिखा- UNCONDITIONAL SURRENDER. ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के लिए तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि हमें ठीक ठीक पता है कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहा छिपा हुआ है. वह एक आसान टारगेट है लेकिन अभी वह सेफ है. हम उसे अभी नहीं मारने जा रहे हैं, कम से कम अभी तो नहीं मार रहे हैं. लेकिन हम नहीं चाहते हैं कि मिसाइलों से नागरिकों पर हमला किया जाए और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जाए. हमारा धैर्य जवाब दे रहा है. इस बीच बीबीसी की ओर से वेरिफाई किए गए उड़ान ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि पिछले तीन दिनों में कम से कम 30 अमेरिकी सैन्य विमानों को अमेरिका के ठिकानों से यूरोप भेजा गया है. ये सभी अमेरिकी सैन्य टैंकर विमान हैं जिनका इस्तेमाल लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों को ईंधन भरने के लिए किया जाता है. लेकिन ट्रंप की धमकियों से बेपरवाह ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने एक्स पर ही अमेरिका और इजरायल को करारा जवाब दिया है और टॉप जनरलों और वैज्ञानिकों की मौत के बावजूद जंग में टिके रहने की मंशा जताई है.  अली खामेनेई ने एक्स पर लिखा है कि ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है, The battle begins. यानी कि युद्ध अब शुरू हुआ है. खामेनेई ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “हमें आतंकवादी ज़ायोनी शासन को कड़ा जवाब देना चाहिए. हम यहूदियों पर कोई रहम नहीं दिखाएंगे. अली खामेनेई एक तरफ ट्वीट कर रहे थे दूसरी ओर ईरानी सेना इजरायल पर हमले के लिए मिसाइलों की लॉन्चिंग कर रही थी.  ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी टेलीविजन पर एक बयान जारी कर दावा किया है कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस -3 की 11वीं लहर में एक विध्वसंक हमले को अंजाम दिया गया है और फतह-1 हाइपरसोनिक मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया गया है. रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि ईरानी सेना ने इजरायल द्वारा कब्जे वाले क्षेत्रों के आसमान पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है. तेल अवीव पर ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करते हुए इजरायली मिसाइल डिफेंस सिस्टम (AP) हाइपरसोनिक मिसाइलें ऐसी मिसाइलें हैं जो ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक (मैक 5 या उससे ज्यादा) की गति से उड़ती हैं. ये अत्यधिक तेज, सटीक और चालाकी से लक्ष्य को भेदने में सक्षम होती हैं, जिससे इन्हें रडार और रक्षा प्रणालियों द्वारा पकड़ना मुश्किल होता है. ईरान ने इजरायल के दूसरे ठिकानों पर भी हमला किया है. इजरायल ने कहा है कि एक घंटे से भी कम समय में ईरान से इजरायल की ओर कम से कम 30 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें तेल अवीव समेत कई इलाके शामिल थे. इजरायल फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के अनुसार मिसाइलों के हमले की वजह से तटीय, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में खुले इलाकों में कई जगह आग लग गई. इससे पहले, मध्य और उत्तरी इजरायल में कई जगहों पर सायरन की आवाजें सुनी गईं.  टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार ईरान ने पहली बमबारी रात 12:40 (स्थानीय समय) बजे शुरू की. इससे पहले ही इजरायल के एक बड़े हिस्से में सायरन बजने शुरू हो गए थे. इस हमले में लगभग 15 प्रोजेक्टाइल शामिल थे. लगभग 10 रॉकेटों की अगली बौछार लगभग 40 मिनट बाद शुरू हुई और इसने मध्य इजरायली समुदायों और वेस्ट बैंक की कई बस्तियों में अलर्ट जारी कर दिया. हमलों से कई मिनट पहले इजरायली रक्षा बलों ने मिसाइल फायर की निवासियों को चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया और उन्हें आश्रय लेने का निर्देश दिया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने मंगलवार देर रात X पर लिखा- जंग शुरू होती है। हम आतंकी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देंगे। उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे। इस ऐलान के बाद ईरान ने इजराइल पर 25 मिसाइलें दागी हैं। ईरान-इजराइल के बीच पिछले 5 दिनों से हिंसक संघर्ष जारी था, अब खामेनेई की पोस्ट को जंग का अधिकारिक ऐलान माना जा रहा है। यानी अब इसे संघर्ष की बजाय जंग कहा जाएगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द अमेरिका भी इसमें शामिल हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने के बाद व्हाइट हाउस में नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। इसके बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में और ज्यादा फाइटर जेट्स भेजने का फैसला किया। ईरान-इजराइल के बीच लड़ाई में अब तक 224 ईरानी मारे जा चुके हैं, जबकि 1,277 घायल हुए हैं। वहीं, इजराइल में अब तक 24 की मौत हुई है, जबकि 600 से ज्यादा घायल हैं। इजरायल का हमला जारी इस बीच इजरायल का भी तेहरान पर जवाबी हमला जारी है. आईडीएफ ने बुधवार को तेहरान के डिस्ट्रिक्ट 18 के निवासियों को क्षेत्र छोड़ने के लिए एक अलर्ट जारी किया, इजरायली सेना ने कहा है कि वह सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर क्षेत्र में कार्रवाई करने जा रहा है. इसके तुरंत बाद सेना ने घोषणा की कि इजरायली वायु सेना ने ईरान की राजधानी में हमलों की एक नई लहर शुरू की है. तेहरान में हमलों के साथ-साथ ईरानी समाचार वेबसाइटों ने राजधानी के पास खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन सेंटर और करज शहर में विस्फोटों की सूचना दी. यहां इजरायल ने … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है

सिकल सेल रोग उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश कर रहा साकार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को 33 जिलों में लगेंगे विशेष शिविर, राज्य स्तरीय समारोह बड़वानी में  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष-2047 तक देश को सिकल सेल मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर सब एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। सिकल सेल रोग के उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश दृढ़ता से साकार कर रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है। इसमें लाल रक्त कणिकाएँ अर्द्धचंद्राकार हो जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन प्रवाह बाधित होता है और व्यक्ति को तीव्र दर्द, संक्रमण व अंग क्षति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह रोग विशेषत: जनजातीय समुदायों में अधिक पाया जाता है और मध्यप्रदेश जैसे जनजातीय बाहुल्य राज्य के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर 19 जून को बड़वानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश के प्रभावित 33 जिलों में परामर्श, स्क्रीनिंग, रोग प्रबंधन और निःशुल्क उपचार के लिये विशेष शिविर लगाये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि सब मिलकर यह संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को सिकल सेल मुक्त बनाएंगे। हर नागरिक की स्क्रीनिंग कराएं, विवाह पूर्व सिकल सेल कार्ड को अनिवार्य रूप से अपनाएं और समाज में संकोच नहीं, समाधान का संदेश फैलाएं। एक करोड़ 6 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल उन्मूलन को स्वास्थ्य न्याय का विषय मानते हुए इसे मिशन मोड में अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश आज सिकल सेल स्क्रीनिंग में देश में प्रथम स्थान पर है। अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 2 लाख से अधिक सिकल सेल वाहक एवं 29,277 रोगी चिन्हित हुए हैं। 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। 26,115 मरीजों को हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा से उपचार उपलब्ध कराया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी चिन्हित रोगियों को निःशुल्क दवा, टीकाकरण, रक्ताधान और जेनेटिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। एम्स भोपाल में नवजातों की 72 घंटे में जांच हेतु विशेष प्रयोगशाला कार्यरत है। इंदौर मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक बोनमेरो ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं। रीवा में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” प्रभावी रूप से कार्यशील है। जनजातीय स्कूलों, छात्रावासों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि रोग की पहचान प्रारंभिक स्तर पर हो सके और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके। कुंडली मिले या न मिले, शादी से पहले सिकल सेल कार्ड जरूर मिलाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि “कुंडली मिले या न मिले, शादी से पहले सिकल सेल कार्ड जरूर मिलाएं।” उन्होंने कहा कि यदि दोनों युवा सिकल सेल वाहक होते हैं तो उनके बच्चों में गंभीर सिकल सेल रोग होने की आशंका बहुत अधिक होती है इसलिये विवाह से पहले सिकल सेल जांच कराना केवल व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की रक्षा का एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है।  

मध्य प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में आंधी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है।  अब तक प्रदेश के इंदौर समेत 19 जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। वहीं, अगले 24 घंटे के अंदर भोपाल, उज्जैन-जबलपुर में भी मानसून पहुंच सकता है।  4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो भोपाल की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, ” वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.” आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के 19 जिलों में पहुंचा मानसून  इंदौर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मंगलवार तक मानसून पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर भी जारी रहा। मंगलवार को सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में ही पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव है। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यानी, 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। एमपी में एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया था। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। सिंगरौली में बिजली गिरने से 2 बच्चियों की मौत इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे मध्यप्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब … Read more

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