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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

अमरनाथ यात्रा रूट ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित, चेहरा पहचान करने वाली प्रणाली तैनात

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया। इसमें पहलगाम और बालटाल दोनों मार्ग शामिल हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक यूएवी, ड्रोन, गुब्बारे सहित किसी भी तरह के विमान की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी के मामलों में प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित आदेश में कहा गया है कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के मद्देनजर यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि सभी हितधारकों ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की है और अतिरिक्त रसद प्रावधानों का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि श्री अमरनाथजी यात्रा के पूरे मार्ग को 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया जा सकता है।  पहलगाम आतंकी हमले ने बढ़ाई चिंता, खुफिया एजेंसियां अलर्ट हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और अधिक बढ़ गई है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों की ओर से यात्रा के दौरान किसी बड़े हमले की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई है. इस इनपुट के बाद, यात्रा मार्ग पर सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है. 29 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी. हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे. यात्रा के दो पारंपरिक रूट- पहलगाम और बालटाल हैं. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना है. यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, राशन और पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, साइन बोर्ड, इंटरनेट कनेक्टिविटी और हेल्पलाइन सेवाएं भी तेजी से तैयार की जा रही हैं. चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली तैनात 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर बालटाल और पहलगाम मार्ग पर चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (एफआरएस) तैनात की है।  एफआरएस निगरानी कैमरे के फीड से चेहरे की विशेषताओं का विश्लेषण करके और उन्हें एक केंद्रीकृत डेटाबेस से मिलान करके सक्रिय आतंकवादियों और संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों सहित ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों की पहचान करता है। जब किसी चिह्नित व्यक्ति का पता चलता है, तो एक हूटर अलर्ट ट्रिगर करता है। यह सुरक्षा कर्मियों को तत्काल कार्रवाई करने और वास्तविक समय में खतरे को बेअसर करने में सक्षम बनाता है। अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी   इसके इलावा अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। ये सभी बड़े बदलाव पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आतंक पर पूरी तारा से नकली कसने के लिए उठाए जा रहे हैं है।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक

सहकारिता में हुए नवाचारों और उपलब्धियों से अवगत होगी केन्द्र सरकार केन्द्रिय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होगी उच्च स्तरीय बैठक  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल, मंत्री सारंग ने ली तैयारियों की बैठक भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 20 जून को केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारियों संबंधी आवश्यक बैठक ली। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा। बैठक में सहकारिता विभाग से जुड़े मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, लघु वनोपज संघ के अधिकारी भी शामिल होंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि बैठक में मध्यप्रदेश में विकास की ओर सहकारिता के कदम में किये गये सीपीपीपी मॉडल और बीज संघ द्वारा जारी चीता ब्रांड आदि की जानकारी दी जाये। मध्यप्रदेश में बहुउद्देशीय व्यवसायिक केन्द्र के रूप में पैक्स का रूपांतरण, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये और प्रस्तावित कार्यक्रमों से अवगत करवाया जाये। साथ ही सहकारिता विभाग में किये जा रहे हर आयामों जैसे विशेष कार्यक्रम, प्रशिक्षण, एडवांस स्टोरेज, माइक्रो एटीएम सहित 1 से 6 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों का भी समावेश किया जाये। मंत्री सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी जाये। मंत्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन एवं भविष्य की कार्य-योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

इंदौर होलकर स्टेडियम में पहली बार वर्ल्ड कप मुकाबला, 5 मैचों की मिली मेजबानी

इंदौर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का शेड्यूल जारी कर दिया है. टूर्नामेंट का आगाज 30 सितंबर 2025 को होगा. जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार मध्यप्रदेश के इंदौर के होलकर स्टेडियम में पांच मुकाबले खेले जाएंगे. इससे पहले साल 1997 में इंदौर को विमेंस वनडे वर्ल्ड कप का एक मैच मिला था, यानी यह दूसरा मौका है जब इंदौर में विमेंस वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे. खास बात ये है कि यह पहला मौका होगा जब होलकर स्टेडियम में वर्ल्ड कप के मैच खेले जाएंगे.  पांच मैचों की मिली मेजबानी इंदौर को महिला वर्ल्ड कप के पांच मुबाकलों की मेजबानी मिली है. पांचों मुकाबले होलकर स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से खेले जाएंगे. भारत 12 साल बाद पहली बार विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा. 2013 में भारत में विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली थी. इस टूर्नामेंट में 28 लीग मैच और तीन नॉकआउट मुकाबले में इंदौर, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु, और कोलंबो में खेले जाएंगे.  भारत करेगा 12 साल बाद वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत को 12 साल बाद फिर से विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है। इससे पहले 2013 में भारत ने यह टूर्नामेंट होस्ट किया था। इस बार वर्ल्ड कप 30 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 2 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इन शहरों में होंगे वर्ल्ड कप के मैच इस बार कुल 28 लीग मुकाबले और 3 नॉकआउट मैच खेले जाएंगे। मैच इन पांच स्थानों पर होंगे-     इंदौर     बेंगलुरु     गुवाहाटी     विशाखापट्टनम     कोलंबो इंदौर में होने वाले 5 मुकाबले     1 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड     6 अक्टूबर – न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका     19 अक्टूबर – भारत बनाम इंग्लैंड     22 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड     25 अक्टूबर – ऑस्ट्रेलिया बनाम श्रीलंका इंदौर में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खेलेगी पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपना पहला मैच 1 अक्टूबर को इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम 8 अक्टूबर को कोलंबो में पाकिस्तान से भिड़ेगी। इंदौर में ऑस्ट्रेलिया को तीन मुकाबले खेलने हैं। IPL में नहीं मिला मुकाबला बता दें कि इस साल हुए आईपीएल के सीजन में इंदौर को फिर एक भी मैच नहीं मिला था. इसके लिए प्रयास भी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी इंदौर में एक भी मुकाबला नहीं खेला गया. क्रिकेट फैंस लंबे समय से इंदौर में आईपीएल के मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं. अगले सीजन में फैंस को उम्मीद है कि इंदौर को मेजबानी करने का मौका मिल जाए.   सेमीफाइनल और फाइनल का शेड्यूल     पहला सेमीफाइनल – 29 अक्टूबर को गुवाहाटी या कोलंबो में (पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर)     दूसरा सेमीफाइनल – 30 अक्टूबर को बेंगलुरु में     फाइनल मुकाबला – 2 नवंबर को बेंगलुरु या कोलंबो में 1997 में भी इंदौर को मिला था वर्ल्ड कप मैच इंदौर को दूसरी बार महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला है। इससे पहले 1997 में नेहरू स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप मैच खेला गया था, जो टाई हुआ था।  

समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे -राज्यपाल

रायपुर समाज के प्रतिभाओ के सम्मानित करना उनके भीतर सकारात्मक प्रेरणा जगाने का उत्कृष्ट प्रयास सेन समाज कर रहा है। जब हम किसी व्यक्ति की मेहनत और उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करते हैं तो हम सिर्फ उसका मनोबल नही बढ़ाते, बल्कि समाज के अन्य लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने आज सेन समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में यह विचार व्यक्त किए।  सेन समाज के महिला विंग द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा समाज के सभी जिलों के महिला अध्यक्षों, प्रतिभावान विद्यार्थियों, खिलाड़ियों एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली और प्रेरणादायक है। यह समाज न केवल पारंपरिक बाल केश कला में निपुण रहा है बल्कि समय के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय के अनेक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह प्रतिभा सम्मान समारोह समाज की उन्नति और समाज के लोगों की मेहनत का प्रतीक है। राज्यपाल ने सेन समाज की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए महिलाओं ने यह सिद्ध किया है कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की नींव है। महिला विंग ने इस आयोजन के माध्यम से संगठन को मजबूत किया है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देेने का कार्य कर रही है। आज की महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों को भी अच्छी तरह निभा रही हैं। यह परिवर्तन समाज को नई ऊर्जा दे रहा है।  डेका ने कहा कि हमे यह भी याद रखना जरूरी है कि सम्मान केवल पद, डिग्री या पैसे से नहीं मिलता बल्कि हमारे आचरण, सेवा एवं समर्पण से प्राप्त होता है। उन्होंने समाज के हर उस व्यक्ति को नमन किया जो निस्वार्थ भाव से अपने आस-पास के लोगांे के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  डेका ने भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का जिक्र किया जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं एक जन नायक थे। डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां जनजातीय, ग्रामीण और शहरी सभी प्रकार की सामाजिक संरचनाएं एक साथ जुड़ी हुई है वहां सामाजिक संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सेन समाज आने वाले वर्षों में प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्हांेेने समाज के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और डिजिटल शिक्षा की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता बताई जिससे वे आत्म निर्भर बन सके, साथ ही अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को भी बनाए रख सके। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन प्रदेशाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज (महिला विंग), एवं छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन ने दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज के पदाधिकारी सहित सेन समाज के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी।  ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील मुख्यमंत्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की।      इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

कोरोना के नए वैरिएंट से राज्य में पहली मौत, इन जिलों में सबसे ज्यादा आ रहे हैं केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ में कोविड अब जानलेवा होता जा रहा है। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, राज्य में कोरोना वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है। राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग की राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग और निगम अमले की मौजूदगी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत कन्हारपुरी स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के 7 लोग रहे मौजूद जब कोविड संक्रमण व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया तो इस दौरान परिवार के सिर्फ सात लोग ही मौजूद रहे। इस मामले के बाद परिवार के सभी सदस्यों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी और उनके सैंपल कोविड-19 जांच के लिए भेजे जाएंगे। 14 जून को हुए थे भर्ती राजनांदगांव की 86 वर्षीय बुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ के चलते 14 जून को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी थी कि वह कोरोना से संक्रमित थीं। परिवार के सदस्यों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। परिवार के सदस्यों ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि वह होम क्वारंटीन हैं। जांच रिपोर्ट में पेशेंट कोविड पॉजिटिव आया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओवरऑल अब तक प्रदेश में कोविड के 118 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 42 पिछले पांच दिनों में मिले हैं। सोमवार को दस नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर के 3, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 और सरगुजा-महासमुंद से एक-एक मरीज शामिल हैं। 24 मई को पहला मरीज मिला, 23 दिन में आंकड़ा 100 पार हालांकि एक्टिव मरीजों की संख्या 51 है, वहीं 66 रिकवर हो चुके हैं। इनमें 41 होम आइसोलेशन में हैं। 9 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, वहीं 1 मरीज ICU में है। प्रदेश में 24 मई को प्रदेश में पहला कोविड पेशेंट रायपुर में मिला था। 23 दिन में आंकड़ा सैकड़ा का अंक पार गया है। इस लिहाज से प्रदेश में रोज 5 मरीज मिल रहे हैं। अगले दस दिन में 50 और नए मरीज मिल सकते हैं अच्छी बात ये है कि 3 मरीज रोज ठीक भी हो रहे हैं। कुछ और डेप्थ कैलकुलेशन करें तो जो डिजिट सामने आते हैं उसके मुताबिक कोविड की डेली ग्रोथ रेट 23.1% है, वहीं रिकवरी रेट 56.41% है। यानी रिकवरी रेट +33% हैं। इस लिहाज से अगले 10 दिनों का प्रोजेक्शन सेट करें तो प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या 167 हो जाएगी। लेकिन इनमें 96 रिकवर भी हो चुके होंगे। कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं छत्तीसगढ़ में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलो के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। इसके साथ ही तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल भी की थी। राज्य में कोविड में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर और बिलासपुर में आ रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि राहत की बात ये है कि मरीज जल्दी से रिकवर हो रहे हैं। 6 मई को सबसे ज्यादा मरीज सामने आए इस महीने कोविड के सबसे ज्यादा मरीज बीते शुक्रवार यानी 6 मई को मिले थे। एक ही दिन में रायपुर में 11, बिलासपुर में 5 और बालोद में 1 मरीज के साथ कुल 17 मरीज मिले थे। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा था। सैंपल कलेक्शन से लेकर कोविड मरीज के इलाज तक की ट्रेनिंग स्टाफ को दी जा रही है। साथ ही इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए मॉकड्रिल भी कराई गई है। ओवर ऑल बात करें तो प्रदेश में अब तक रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बालोद, बस्तर, सरगुजा महासमंद और बेमेतरा समेत कुल 9 जिलों में कोविड के पेशेंट मिल चुके हैं। होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे मरीज मेकाहारा के डॉ. आर के पांडा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटाइन में ही ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उन मरीजों को ज्यादा खतरा है, जिन्हें पहले से दूसरी या एक से ज्यादा बीमारियां हैं। खासकर डायबिटीज पेशेंट और चेन स्मोकर्स नए वैरिएंट के चपेट में जल्दी आ सकते हैं। देशभर में कोविड से 108 मौतें वहीं, अगर देशभर की बात करें तो 9 राज्यों को छोड़कर बाकी स्टेट्स में कोविड का नया वैरिएंट JN.1 फैल चुका है। अभी 7 हजार 264 मरीज रिकवर एक्टिव केस हैं। वहीं 13 हजार 604 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 108 मौतें हो चुकी हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि नया वैरिएंट पहले की तुलना में कम खतरनाक हैं, फैटेलिटी रेट सिर्फ 2% है। ऑक्सीजन प्लांट्स बंद, बिगड़ सकती व्यवस्था रायपुर में कोविड के बढ़ते केस के बीच सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन प्लांट को लेकर दिखती है। लास्ट कोविड वेव के दौरान पीएम केयर फंड से सरकारी अस्पताल DKS, आयुर्वेदिक कॉलेज और अंबेडकर अस्पताल में अपना ऑक्सीजन प्लांट खड़ा किया गया था, जिससे मरीजों को वक्त पर सप्लाई मिल सके। अस्पताल परिसर में लगे ये ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हैं। DKS में बीते 2 सालों में अस्पताल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पर करीब 3.84 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। हर महीने करीब 16 लाख रुपए का बिल सिर्फ सिलेंडर खरीदने में जा रहा है।

एकतापुरी वासियों ने शराब की दुकान को हटाए जाने पर उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया

प्रदेश सरकार समाज के प्रति संवेदनशील : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा शराब दुकाने हटाये जाने पर एकतापुरी के रहवासियों ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का जताया आभार एकतापुरी वासियों ने शराब की दुकान को हटाए जाने पर उप मुख्यमंत्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने अशोका गार्डन स्थित एकतापुरी कॉलोनी के वार्ड 38 में स्थापित की गई शराब की दुकान को हटाए जाने के बाद एकतापुरी कॉलोनी रहवासी संघ ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का आभार व्यक्त किया। एकता पुरी कॉलोनी रहवासी संघ के रहवासी क्षेत्र की शराब दुकान को हटाने जाने पर उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार जताया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक संवेदनशीलता और जनभावनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल बच्चों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगा बल्कि समाज में नैतिकता, शांति और स्वास्थ्य के वातावरण को भी प्रोत्साहित करेगा। एकतापुरी कॉलोनी रहवासी संघ के अध्यक्ष श्री सीयाराम सिंह ने बताया कि कॉलोनी के रहवासी विगत दिनों से महिलाओं और रहवासियों ने शराब की दुकान हटाने की मांग की थी। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निर्देश पर आबकारी विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए शराब दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा को आभार प्रकट करने रहवासियों में श्री धनेन्द्र धुहारे, श्रीमती संगीता लोधी, नीतू सिंह, प्रेमशीला समेत बड़ी संख्या में रहवासीगण शामिल हुए।  

मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री, तेज बारिश का अलर्ट, अब झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने फिर एक बार करवट ली है। सूरज की तपिश से परेशान लोगों के लिए मौसम राहत की फुहारें लेकर आया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने प्रदेश में पूरी तरह से दस्तक दे दी है। आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिलेगा। तो चलिए, जानते हैं आज के मौसम का हाल और मॉनसून की ताजा स्थिति। । सोमवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून प्रदेश में पहुंचा। अगले 2 दिन में मानसून भोपाल-इंदौर में दस्तक दे सकता है। वहीं, सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में पहुंचेगा। बुरहानपुर से भोपाल तक बारिश की बौछार मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून ने 16 जून को बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जैसे दक्षिणी जिलों में कदम रखा और अब तेजी से प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। आज सुबह तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में मॉनसून की पहली फुहारें पहुंच चुकी हैं। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 24-48 घंटों में नरसिंहपुर, डिंडौरी, और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश (2.5-4 इंच) की संभावना है। इससे पहले प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। कहीं-कहीं भारी या अति भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच शामिल हैं। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। छतरपुर, खंडवा-बड़वानी समेत 14 जिलों में बारिश प्रदेश में सोमवार को 4 जिले- बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून पहुंचा। इन जिलों में बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को 9 घंटे में छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। रीवा में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश हुई। मंडला में आधा इंच बरसात हुई। धार, गुना, रतलाम, सागर, सतना, बालाघाट, खंडवा, बड़वानी, टीकमगढ़, अशोकनगर, हरदा में भी बारिश का दौर चला। भोपाल में शाम को मौसम बदल गया। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। देर रात तक कई जिलों में बारिश का दौर रहा। बारिश के चलते दिन के तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। सोमवार को सिर्फ एक शहर नर्मदापुरम में पारा 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.5 डिग्री, इंदौर में 34.6 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी यह सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर जारी है। वहीं, मानसून भी सक्रिय हो गया है। उमस भरी गर्मी से राहत पिछले हफ्ते जहां प्रदेश का पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं आज तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इंदौर में 36 डिग्री, जबलपुर में 37 डिग्री, और ग्वालियर में 40 डिग्री के आसपास तापमान रहेगा। हालांकि, बारिश के साथ उमस का स्तर बढ़ सकता है। कहां कैसा रहेगा मौसम?     दक्षिणी मध्यप्रदेश (बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी): मॉनसून की पहली बारिश ने इन इलाकों को तरबतर कर दिया है। आज दोपहर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना।     मध्य क्षेत्र (भोपाल, इंदौर, उज्जैन): हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहाना रहेगा। शाम को तेज हवाएं (20-30 किमी/घंटा) चल सकती हैं।     उत्तरी मध्यप्रदेश (ग्वालियर, चंबल): अभी भी गर्मी का असर, लेकिन शाम तक हल्की बारिश संभव।     पूर्वी मध्यप्रदेश (जबलपुर, नरसिंहपुर, डिंडौरी): भारी बारिश का अलर्ट। स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मॉनसून का आगे का सफर आईएमडी के अनुसार, मॉनसून अगले 3-4 दिनों में पूरे मध्यप्रदेश को कवर कर लेगा। जून के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद है, जो गर्मी से जूझ रहे लोगों और किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि ला नीना की सक्रियता के कारण इस साल मॉनसून मजबूत रहेगा। इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा। 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था।

Mohan कैबिनेट का अहम निर्णय प्रमोशन नीति को मिली मंजूरी, कई अहम प्रस्तावों पर सहमति, कर्मचारियों-छात्रों को मिलेगा लाभ

भोपाल   मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई है। कैेबिनेट बैठक में प्रमोशन नीति को मंजूरी के साथ मध्य प्रदेश के विकास के हित में कई फैसले लिए गए।इसी के साथ राज्य के 4 लाख से अधिक सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों का प्रमोशन का भी रास्ता साफ हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सीएम डॉ मोहन यादव ने लिखा है कि आज कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों के 9 वर्ष से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया। इसमें SC-ST सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कर्मचारियों के प्रमोशन से पद खाली होंगे, जिसके बाद राज्य सरकार भर्ती निकालेगी। इससे नई भर्ती के दरवाजे भी खुलेंगे। कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मोहन कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। एमपी में 9 सालों के बाद प्रमोशन का रास्ता साफ हुआ है। कैबिनेट ने प्रमोशन नीति को मंजूरी दी है। इससे चार लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। इसमें SC-ST सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी। मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को हरी झंड़ी     सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार प्रमोशन नीति का प्रस्ताव को मंजूरी। इसमें एक साथ दो साल के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक करके पात्रों की सूची तैयार करने, SC-ST वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए 36% पद सुरक्षित रखने, पहले SC-ST के पदों पर पदोन्नति करने और अनारक्षित पदों पर सबको अवसर देने जैसे प्रावधान प्रस्तावित हैं।     प्रमोशन में 20 फीसदी ST वर्ग, 16 फीसदी SC वर्ग के अधिकारियों के लिए व्यवस्था रहेगी।न्यायालय के फैसलों का ध्यान रखकर विधि विशेषज्ञों की सलाह लेने के बाद यह निर्णय लिया गया है।     बिजली कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5168 करोड़ की स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी ।     रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 1250 रुपए के साथ 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।     सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 अभियान अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में नवीन 459 आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना,संचालन और भवन निर्माण के लिए कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दी गई है।     भोपाल में सितंबर अक्टूबर में मेट्रो शुरू होगी।प्रधानमंत्री मेट्रो का शुभारंभ करेंगे ।     अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश सरकार हर जिले में कार्यक्रम करेगी।     सितंबर 2025 तक भोपाल मेट्रो के लोकार्पण करने का लक्ष्य तय किया गया है।     प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए रतलाम में समिट होगी। 27 जून को MSME day पर क्षेत्रीय उद्योगों, रोजगार पर समिट होगी।     लुधियाना में 7 जुलाई को MSME पर इंटरएक्टिव सेशन होगा।     MSP पर ग्रीष्‍मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है।  न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 19 जून से 6 जुलाई तक किया जाएगा तथा उपार्जन 07 जुलाई से 6 अगस्त तक किया जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि आरक्षण का ध्यान रखा गया है। SC के लिए 16 प्रतिशत, ST के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। वरिष्ठता के तहत मेरिट के आधार पर पदोन्नति की जाएगी। अग्रिम DPC का प्रावधान किया गया है। पात्रता का भी प्रावधान है। पदोन्नति समिति को अधिकार दिए गए है। 6 महीने की CR को सालभर मानी जाएगी। प्रतिनियुक्ति के खाली पद पर प्रमोशन होगा। सभी खाली पदों पर प्रमोशन किए जाएंगे। इससे 2 लाख रिक्त पद सृजित होंगे और नई भर्ती के दरवाजे खुलेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र की मंजूरी, सहायिका-कार्यकर्ताओं की होगी भर्ती साथ ही 449 नए आंगनबाड़ी केंद्र को मंजूरी मिली है। आंगनबाड़ी 2.0 के तहत स्थापना होगी। आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं की भर्ती भी की जाएगी। केंद्र सरकार 72 करोड़ और राज्य सरकार 70 करोड़ देगी। बिजली कंपनियों के लिए 5163 करोड़ डॉ मोहन कैबिनेट में बिजली कंपनियों को अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5163 करोड़ राशि की स्वीकृति दी गई है। जिससे प्रदेश में बिजली आपूर्ति और बेहतर हो सके। रतलाम में समिट प्रदेश में मूंग और उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीद जा रहा है। 27 जून MSME दिवस है। रतलाम में समिट आयोजित होगी। 7 जुलाई को राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन लुधियाना में होगा। भोपाल मेट्रो की जल्द मिलेगी सौगात भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए सितंबर 2025 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। राजधानी में सितंबर अक्टूबर में मेट्रो शुरू होगी। प्रधानमंत्री मेट्रो का शुभारंभ करेंगे। काम तेजी से चल रहा है। लाडली बहनों को बड़ा तोहफा प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने लाडली बहनों की भी बड़ी सौगात देने जा रही है। इस साल रक्षाबंधन पर लाडली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी। यानी रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनों के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। तबादलों के लिए आवेदन की लास्ट डेट आज मध्य प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी की लास्ट डेट 17 जून है, ऐसे में अब कर्मचारियों और अधिकारियों के पास ट्रांसफर का आज आखिरी चांस है ।मोहन सरकार अब ट्रांसफर पॉलिसी की तारीख आगे बढ़ाएगी। चुंकी इससे पहले ट्रांसफर पॉलिसी की आखिरी तारीख दो बार आगे बढ़ चुकी है, पहले 30 मई फिर 10 जून और अब आखिरी तारीख 17 जून की गई है।

विष्णु सरकार का एक्शन : रेत माफियाओं पर पूरे राज्य में पुलिस एवं प्रशासन का कड़ा प्रहार, 400 ट्रैक्टर रेत जब्त, बिलासपुर में 85 जगहों पर रेड

रायपुर/ बिलासपुर छत्तीसगढ़ में रेत माफिया की गुंडागर्दी की खबरों के बाद राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। बिलासपुर, धमतरी में जिला प्रशासन की ओर से अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने रेत माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एक ही दिन में प्रशासन की 70 टीम ने अलग-अलग 85 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान जेसीबी, पोकलेन, हाईवा और ट्रैक्टर समेत 52 गाड़ियां जब्त की। साथ ही अवैध रेत भंडारण जब्त कर कई केस भी दर्ज किए गए। रेत माफियों पर अंकुश लगाने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पूरे जिलेभर में आज सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई करते हुए रेत खोदाई के लिए काम में लाने वाले पोकलैंड के अबलावा परिवहन के लिए ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहनों की जब्ती बनाई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 50 से अधिक ट्रैक्टर हाईवा पोकलैंड एवं जेसीबी जब्त किया है। बता दें कि बारिश के मौसम में रेत की ब्लैक मार्केटिंग करने माफियाओं ने अलग-अलग जगह पर 600 ट्रैक्टर से अधिक रेत डंप कर रखा था। इसे भी जब्त बना लिया है। बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्देश और राज्य शासन की कड़ाई का आज जिले में असर दिखाई दिया। बिलासपुर पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने रेत माफियाओं पर अंकुश लगाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस और माइनिंग की टीम की कार्रवाई से जिले में माफियाओं के बीच हड़कंप मचा रहा। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह के द्वारा आज सुबह जिले के एसडीएम , एसडीओपी , सीएसपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदारी, थाना प्रभारी, खनिज विभाग के अधिकारी, एवं उनके साथ पर्याप्त कार्यपालिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की 60 से 70 अलग-अलग टीम में बनाकर , विभिन्न 80-85 स्थानों पर छापेमार कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में लगभग 12 से 13 स्थानों पर अलग-अलग तकरीबन 600 ट्रैक्टर अवैध रेत डंप की हुई पाई गई, जिन्हें जब्त तक किया गया। मशीनों व वाहनों की बनाई जब्ती 3 पोकलैंड , 2 जेसीबी,13 हाईवा, 34 ट्रैक्टर सहित ,कुल 50 से अधिक वाहनों को जप्त किया गया एवं 40 से 50 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। बिलासपुर पुलिस द्वारा इसमें खनिज विभाग के साथ मिलकर कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अवैध रेत उत्खनन एवं रेत माफियाओं के खिलाफ बिलासपुर पुलिस प्रशासन का यह प्रहार लगातार जारी रहेगा। बिलासपुर में खनिज टास्क फोर्स की आपात बैठक बुलाई हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी रेत माफियाओं और प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। इसे लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। जिसके बाद बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने रविवार को जिला खनिज टास्क फोर्स की आपात बैठक बुलाई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर FIR दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्रवाई बेखौफ होकर की जाए। सुबह निकली 70 टीम, दिन भर चली कार्रवाई बिलासपुर में सोमवार सुबह एसडीएम, एसडीओपी, सीएसपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और खनिज विभाग के अधिकारियों की 70 टीमों को रवाना किया गया। इस दौरान टीम में शामिल अफसर और 100 से अधिक पुलिस जवानों ने जिले के 85 जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 13 स्थानों पर डंप हजारों घनमीटर रेत जब्त की गई। इसके अलावा 3 पोकलेन, 2 जेसीबी, 13 हाइवा और 34 ट्रैक्टर सहित कुल 52 वाहन पकड़े गए। 40 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिनके वाहन जब्त किए गए हैं, उनके खिलाफ जुर्माने की सूची तैयार की जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंची टीम सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान टास्क फोर्स की टीम शहर के सिविल लाइन से सरकंडा, कोनी, कोटा, मस्तूरी, हिर्री, बिल्हा, पचपेड़ी और तखतपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों तक पहुंची। जहां, रेत घाटों पर हो रहे अवैध उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण को जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि हजारों घनमीटर रेत जब्त किया गया है, जिसका आकलन किया जा रहा है। धमतरी में 200 ट्रैक्टर रेत जब्त धमतरी जिले में भी रेत खदान और भंडारण स्थलों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसडीएम पीयूष तिवारी की टीम ने देर रात छापेमारी की। टीम में नायब तहसीलदार और पुलिस भी शामिल थी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद 15 जून से रेत खदानें बंद हैं। इसके बावजूद रेत माफिया अवैध खनन कर रहे थे। प्रशासन ने 2 जगहों पर कार्रवाई की। लीलर गांव में करीब 200 ट्रैक्टर और भरारी गांव में भी 200 ट्रैक्टर रेत का अवैध भंडारण मिला। टीम ने लीलर और भरारी में तीन चैन माउंटेन, एक जेसीबी और तीन हाईवा वाहन जब्त किए। छापेमारी के समय खदान में अवैध खनन चल रहा था। रेत निकालकर भंडारण भी किया जा रहा था। एसडीएम तिवारी ने बताया कि सभी वाहनों को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन अन्य जगहों पर भी छापेमारी कर सकता है। जिला कलेक्टर के आदेश के बावजूद रेत माफिया अवैध गतिविधियां कर रहे थे। जांजगीर-चांपा जिले में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद जांजगीर-चांपा जिले में नदियों से रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में यह निर्णय लिया। बैठक में पुलिस, खनिज, वन और परिवहन विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वर्षा ऋतु के दौरान खनिज के अवैध कारोबार को रोकने के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों को भार क्षमता से अधिक खनिज परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कोयला और डस्ट ढोने वाले वाहनों को तिरपाल से ढंकना अनिवार्य होगा। गिट्टी खदानों के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है। जिले में महानदी और हसदेव नदी के 5 रेत घाट वैध रूप से संचालित हैं। कई अन्य घाटों में … Read more

परमाणु हथियारों की दौड़ में भारत पाकिस्तान से आगे, सिपरी का दावा- नई दिल्ली के पास ज्यादा आधुनिक मिसाइलें

नई दिल्ली स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें ज्यादा आधुनिक और ज्यादा संख्या में मौजूद हैं। इससे साफ है कि परमाणु क्षमताओं के मामले में भारत, पाकिस्तान पर भारी है। हालांकि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान परमाणु हथियार बनाने के संसाधन जुटा रहा है और जल्द ही उसके परमाणु हथियारों के जखीरे में भी इजाफा देखने को मिलेगा।  भारत ने परमाणु हथियार ले जाने वाली आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास साल 2025 में करीब 180 परमाणु हथियार हैं। बीते साल भारत के पास 172 परमाणु हथियार थे। सिपरी ने कहा कि भारत ने न सिर्फ अपने परमाणु जखीरे में इजाफा किया है बल्कि परमाणु हथियार ले जाने वाली नई पीढ़ी की आधुनिक मिसाइलें भी विकसित की हैं। भारत की नई कैनिस्टर मिसाइलों द्वारा परमाणु हथियार को ज्यादा सुरक्षा के साथ ले जाना संभव होगा। साथ ही निकट भविष्य में एक मिसाइल से ही कई परमाणु हथियार ले जाना भी संभव हो सकेगा। पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या 170 और बीते साल भी पाकिस्तान के पास इतने ही हथियार थे।  भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध का खतरा गंभीर भारत के पास अग्नि प्राइम मिसाइल है। साथ ही MIRV सक्षम अग्नि-5 मिसाइल भी है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।  अग्नि प्राइम का बीते साल ही परीक्षण किया गया था और इसकी मारक क्षमता 1000 से लेकर 2000 किलोमीटर के बीच है। सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि भारत और पाकिस्तान में संघर्ष छिड़ता है तो पारंपरिक युद्ध के परमाणु युद्ध में बदलने का गंभीर खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर दोनों में से किसी देश के परमाणु हथियार ढांचे पर या किसी तीसरे देश की भ्रामक जानकारी और उकसावे के चलते दोनों देशों में परमाणु युद्ध का खतरा ज्यादा है।  चीन सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा परमाणु हथियारों का जखीरा सिपरी की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि साल 2023 से अब तक चीन सालाना 100 परमाणु हथियार बना रहा है और अब तक करीब 350 नई इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका है। इस दशक के अंत तक चीन, रूस और अमेरिका के बराबर इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें बना चुका होगा। हालांकि चीन अभी भी रूस और अमेरिका के परमाणु हथियारों के मुकाबले अभी बहुत पीछे है। चीन अगले सात से आठ वर्षों में 1000 परमाणु हथियार बना सकता है।  परमाणु हथियारों में कमी का दौर खत्म शीत युद्ध के अंत के बाद, रूस और अमेरिका पुराने हथियारों को नष्ट करते रहे, जिससे वैश्विक परमाणु हथियारों की संख्या में कमी आती थी. लेकिन अब यह रुझान बदल रहा है. पुराने हथियारों को नष्ट करने की गति धीमी हो रही है, जबकि नए हथियारों की तैनाती तेजी से बढ़ रही है.  स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के विशेषज्ञ हंस एम. क्रिस्टेनसेन ने कहा कि परमाणु हथियारों की संख्या में कमी का युग खत्म हो रहा है. अब हम परमाणु हथियारों में वृद्धि, तीखी बयानबाजी और हथियार नियंत्रण समझौतों को छोड़ने की प्रवृत्ति देख रहे हैं. रूस और अमेरिका: सबसे बड़े खिलाड़ी रूस और अमेरिका के पास दुनिया के 90% परमाणु हथियार हैं. 2024 में दोनों देशों के सैन्य भंडार स्थिर रहे, लेकिन दोनों अपने परमाणु हथियारों को आधुनिक बनाने में जुटे हैं. अगर 2010 के न्यू START समझौते, जो 2026 में खत्म हो रहा है, को फिर से रिन्यू नहीं किया गया, तो दोनों देशों की मिसाइलों पर तैनात हथियारों की संख्या बढ़ सकती है.  अमेरिका का परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम 2024 में योजना और फंडिंग की समस्याओं से जूझ रहा था, जिससे लागत बढ़ सकती है. रूस को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे कि नई सरमत मिसाइल का टेस्ट विफल होना. फिर भी, दोनों देश भविष्य में अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा सकते हैं. चीन की तेज प्रगति SIPRI के अनुसार, चीन के पास अब कम से कम 600 परमाणु हथियार हैं. 2023 से हर साल चीन अपने हथियारों में 100 की वृद्धि कर रहा है. जनवरी 2025 तक, चीन ने 350 नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) साइलो बनाए या लगभग पूरे कर लिए. अगर चीन इसी गति से आगे बढ़ा, तो दशक के अंत तक उसके पास रूस या अमेरिका जितनी ICBM हो सकती हैं. हालांकि, 2035 तक भी अगर चीन के पास 1,500 हथियार हो गए, तो यह रूस और अमेरिका के भंडार का केवल एक-तिहाई होगा. भारत और पाकिस्तान की स्थिति भारत ने 2024 में अपने परमाणु हथियारों में थोड़ी वृद्धि की और नए डिलीवरी सिस्टम विकसित किए. भारत की नई “कैनिस्टराइज्ड” मिसाइलें, जो परमाणु हथियारों को ले जा सकती हैं, शांतिकाल में भी तैनात हो सकती हैं. कुछ मिसाइलें एक से अधिक हथियार ले जाने में सक्षम हो सकती हैं. पाकिस्तान भी नए डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है. परमाणु सामग्री का भंडार बढ़ा रहा है. 2025 की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष हुआ, जिसने परमाणु संकट का खतरा पैदा किया. SIPRI के विशेषज्ञ मैट कोर्डा ने कहा कि यह घटना उन देशों के लिए चेतावनी है जो परमाणु हथियारों पर निर्भरता बढ़ा रहे हैं. अन्य देशों की गतिविधियां       ब्रिटेन: 2024 में ब्रिटेन ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या नहीं बढ़ाई, लेकिन भविष्य में वृद्धि की योजना है. नई सरकार ने चार नए परमाणु-पनडुब्बियों के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई.     फ्रांस: फ्रांस ने नई पनडुब्बियां, क्रूज मिसाइलें और मौजूदा सिस्टम को उन्नत करने का काम जारी रखा.     उत्तर कोरिया: उत्तर कोरिया के पास अब 50-58 हथियार हैं. वह 40 और बना सकता है. 2024 में उसने “टैक्टिकल परमाणु हथियार” विकसित करने की बात कही.     इज़राइल: इज़राइल, जो अपने परमाणु हथियारों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता, ने 2024 में मिसाइल टेक्नीकरण और डिमोना में रिएक्टर साइट को उन्नत किया. हथियार नियंत्रण का संकट SIPRI … Read more

G-7 में ट्रंप ने इजरायल को दिया समर्थन, ईरान को दे डाली खुली चेतावनी

ओटावा पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अब डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान सामने आया है। जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने कनाडा पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुलकर इजरायल के पक्ष में अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के खिलाफ लड़ाई में ईरान कभी नहीं जीत पाएगा। इससे पहले की बहुत देर हो जाए तेहरान को बातचीत करने के लिए आगे आ जाना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए दर्दनाक साबित हो रहा है। मैं कहूंगा कि ईरान इस युद्ध को कभी नहीं जीत सकता.. उन्हें इसके लिए समझौता करना होगा.. उन्हें बातचीत करनी होगी.. और उन्हें यह तुरंत करना चाहिए। इससे पहले की बहुत देर हो जाए।” इजराइल-ईरान संघर्ष (Israel-Iran Tensions) मंगलवार को अपने पांचवे दिन में दाखिल हो गया है. सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को दोनों देशों एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी. इसी बीच भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन रेस्क्यू शुरू कर दिया है. 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गया है, जहां से इन सभी लोगों को भारत वापस लाया जाएगा. इसके अलावा भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों को लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ईरान को कभी नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार… G7 समिट से आ गई तेहरान के लिए चेतावनी कनाडा में चल रही G7 समिट में विश्व के शीर्ष नेताओं ने इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर एक साझा बयान जारी किया, जिसमें तेहरान को सख्त चेतावनी दी गई है कि उसे कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित G7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की है, साथ ही इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पांचवें दिन भी जारी है, और दोनों देशों के बीच मिसाइलों और ड्रोनों का आदान-प्रदान बढ़ता जा रहा है. इसे पहले कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई है. जी7 नेताओं ने ईरान को लेकर तनाव कम करने की अपील की है और स्पष्ट किया कि इजरायल को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है. बयान में यह भी कहा गया कि G7 देशों का रुख हमेशा से साफ रहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता. इसके अलावा जी7 नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मिसाइल उनके बेडरूम की खिड़की से टकराई. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना जारी रखने की कसम खाई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्रीय एकता की अपील की. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने इजरायल पर आवासीय इलाकों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए ‘कड़ी सजा’ की धमकी दी है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि तेहरान को जल्द ही इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. इससे पहले जी 7 समूह ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के ऊपर एक मसौदा बयान जारी किया था। इसमें सभी सदस्यों का झुकाव इजरायल की तरफ देखा गया। हालांकि कई रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप इस मसौदा बयान के ऊपर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते और न ही वह ऐसा करेंगे। जब इसके बारे में पत्रकारों ने पूछा तो अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान बातचीत चाहता है लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें इस पर जल्दी आना चाहिए। इससे पहले इजरायल ने पिछले शुक्रवार को ईरान के ऊपर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। ईरान की तरफ से दावा किया गया कि इजरायल ने सैकड़ों फाइटर जेट्स के साथ राजधानी तेहरान और उसके तमाम सैन्य ठिकानों पर हमला बोला। इजरायल का हमला इतना सटीक था कि इस हमले में ईरान के तमाम सैन्य कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। रात में शुरू हुए इस हमले के बाद सुबह तक तेहरान के आसमान में इजरायली फाइटर जेट्स उड़ते रहे। इसका जवाब देते हुए इस्लामिक गणराज्य ने तमाम ड्रोन्स और मिसाइल्स के साथ इजरायल के ऊपर हमला कर दिया। यह हमला इतना भयानक और तेज था कि अपने एयर डिफेंस के लिए पहचाने जाने वाले इजरायल को भी इन्हें रोकना मुश्किल पड़ गया। इजरायल के तमाम शहरों में इमारतों को नुकसान हुआ। बदले में इजरायल ने एक बार फिर से ईरान के ऊपर हमला किया। ईरान मानवाधिकार समूहों के मुताबिक इजरायल की तरफ से की जा रही इन स्ट्राइक्स में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इजरायल का कहना है कि ईरानी हमलों में उसके 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई घायल है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों के बीच में इसी तरह की तनातनी मची हुई है।  ईरान से आर्मीनिया पहुंचा 110 भारतीयों का पहला जत्था भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए मिशन शुरू कर दिया है. इसी बीच जानकारी आ रही है कि 110 भारतीयों का पहला जत्था ईरान से आर्मीनिया पहुंच गए हैं, जहां से इन सभी नागरिकों को भारत वापस लाया जाएगा. इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने युद्धग्रस्त ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया थे. साथ ही MEA ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक गाइडलाइन जारी की थी.  ‘किसी भी कीमत पर ईरान नहीं रख सकता परमाणु हथियार…’, ईरान-इजरालय संघर्ष पर G7 का बड़ा बयान कनाडा में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले जी7 नेताओं ने खुलकर इजरायल का सपोर्ट किया है. जी7 नेताओं का कहना है कि ईरान किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर बम नहीं रख सकता. साथ ही जी7 ने ईरान को नसीहत देते हुए तनाव कम करने की अपील … Read more

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि कैम्पा मद का समुचित उपयोग नियमानुसार किया जाए। उन्होंने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। देश में भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थान दसवां है, जबकि वन क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य तीसरे पायदान पर है। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन में कैम्पा मद की राशि की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः इसका उपयोग आवश्यकतानुरूप प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कैम्पा मद के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वन विकास, वन सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) द्वारा गवर्निंग बॉडी के समक्ष अब तक की प्रगति तथा कैम्पा मद से संपादित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में बताया गया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण, वनग्रामों का पुनर्स्थापन, भू-जल संरक्षण, देवगुड़ियों का संरक्षण, वन मार्गों का उन्नयन, पुलिया एवं रपटा निर्माण, चारागाह विकास, नर्सरियों की स्थापना, हाईटेक बेरियरों का निर्माण, नदी तट वृक्षारोपण, फ्रंटलाइन स्टाफ हेतु आवासीय भवन, अग्नि सुरक्षा तथा वन्यप्राणी प्रबंधन जैसे कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है। छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक राज्य के ब्याज धारित लोक खाता ‘छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि’ में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली से कुल 7297.55 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से विगत छह वर्षों में 4010.43 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है। कैम्पा मद की वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) 2025-26 के लिए राज्य कैम्पा द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय कैम्पा को 694.18 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 433.69 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।  बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग अंकित आनंद, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। 1538

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