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मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लाड़ली बहनों और माताओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रूपए शगुन दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात लाड़ली बहना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को मिली 2081 करोड़ से अधिक की राशि 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को 341 करोड़ रूपये 27 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रिफलिंग के लिए 39.14 करोड़ रूपये की अनुदान राशि हुई अंतरित 6 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रूपये की अनुग्रह राशि अंतरित राज्य सरकार वीरांगनाओं के नाम पर चला रही है योजनाएं शहपुरा में एसडीएम/एसडीओपी कार्यालय की घोषणा मुख्यमंत्री ने 22.44 करोड़ रूपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में हुए शामिल जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों को मान-सम्मान और उनका वाजिब हक दिलाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा हर महीने बहनों के खातों में राशि भेजकर बहनों का रक्षाबंधन मनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में लाड़ली बहनों को 250 रूपए बढ़ाकर दिया जाएगा, जिससे ताकि बहनें उत्साह पूर्वक त्यौहार मना सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर जिले के बेलखेड़ा गांव में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के जरिये 2081 करोड़ रूपसे से अधिक की सम्मान एवं सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास का संकल्प लिया है। जबलपुर क्षेत्र महारानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं की धरती है। हमारी सरकार ने इन वीरांगनाओं के नाम पर योजनाएं चलाई हैं। इनका लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना ही हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरे देश सहित मध्यप्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किश्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित किये। योजनान्तर्गत लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किश्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके बैंक खाता में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों की जिंदगी को बेहतर करने मध्यप्रदेश सरकार प्रति महीने साढ़े पंद्रह सौ करोड़ रुपए अंतरित करती है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 30 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि बहनों को दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि, 27 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की अनुदान राशि और मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 6 हजार 821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही करीब 22 करोड़ 44 लाख रूपये के विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी विधायक नीरज सिंह के अनुरोध पर बेलखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ करने और शहपुरा में अनुविभागीय राजस्व कार्यालय व शासकीय कर्मचारियों के आवास भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शहपुरा में एसडीओपी की पदस्थापना की भी घोषणा की। बहनों के आशीर्वाद से धन्य हुई जिंदगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद मिल जाए तो जिंदगी धन्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाई अकेले अपने घर को गौरवान्वित करता है जबकि बहनें ससुराल और मायके दोनों घरों का गौरव बनती हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहने घर-परिवार के लिए समर्पण करती हैं और परिवार में बच्चों को बड़ा करने में माताओं और बहनों की भूमिका देवतुल्य होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की गौरवशाली संस्कृति रही है। हमारे यहां सात जन्मों की कसमों के साथ विवाह की रस्में होती हैं। सबको पक्का आवास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांव, पहाड़ और नगर में रहने वाले, कच्चे और टूटे छत के मकान में रहने वाले सभी लोगों को पक्का मकान देने का काम किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना से हमारी माताओं और बहनों की आंखों को धुएं से मुक्ति दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गैस रिफिलिंग के तहत प्रदेश की 27 लाख से अधिक बहनों के खाते में भी आज 39.14 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत अब हर घर नल से जल पहुंच रहा है इससे माताओं और बहनों को कुंए और दूर दराज के जल स्त्रोतों से पानी लाने के कष्ट से निजात मिली है। मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना में भी बेटियों को बराबरी का दर्जा मिल रहा है। गरीबों को मिल रहा निःशुल्क खाद्यान्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेडीमेड गारमेंट के माध्यम से व्यवसाय करने वाली बहनों को 5 हजार रूपए अलग से देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी खरीदने पर प्रति क्विंटल 1 हजार रुपए का बोनस देना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1 करोड़ 33 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न देने का काम भी सरकार कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, लिखाई की जवाबदारी सरकार निभा रही है। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यालयों में सभी प्रकार … Read more

कुछ मिनटों में समझ सकेंगे गंभीर बीमारियों की जड़, कम टाइम में होंगे ऑपरेशन, एक बूंद खून से चुटकियों में पता चलेगी जानलेवा बिमारी

भोपाल जब शरीर में संक्रमण का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है, तो मरीज का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर हो जाता है. जब शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं. तो मरीज की मौत भी हो सकती है. रोग की इसी स्थिति को सेप्सिस कहा जाता है. हालांकि इस दुर्लभ बीमारी सेप्सिस के दौरान मरीज के शरीर में स्थित संक्रमण का जल्द से जल्द पता लगाने की जरुरत होती है. जिससे मरीज की जान बचाई जा सके, लेकिन अब तक कोई ऐसी तकनीकी नहीं थी, जिससे 15 से 20 मिनट में संक्रमण का पता लगाया जा सके. जिससे इस बीमारी से पीड़ित अधिकतर मरीजों की मृत्यु हो जाती है. पहले टेस्ट रिपोर्ट आने में 3 दिन का लगता था समय बता दें कि ऑटोप्सी के दौरान पहले कल्चर रिपोर्ट आने में 3 से 4 दिन का समय लगता था, लेकिन अब प्रोकैल्सिटोनिन टेस्ट से 15 से 20 मिनट में डॉक्टर मरीज के शरीर में संक्रमण का पता लगा सकेंगे. इस शोध को अमेरिका के बाल्टीमोर में हाल में ही आयोजित 77वें अमेरिकन एकेडमी ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया. इस शोध के जरिए जो टूल बनाया गया है, उससे मरीज के शरीर में संक्रमण के स्तर का पता बहुत ही कम समय में लगाया जा सकता है. एम्स भोपाल में पारिसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग की हेड डॉ. अरनीत अरोरा ने बताया कि “पॉइंट ऑफ केयर टूल मरीजों के इलाज में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है. इस शोध में ऑटोप्सी के दौरान सेप्सिस का पता लगाने के लिए प्रोकैल्सिटोनिन (पीसीटी) बायोमार्कर का उपयोग किया गया है. यह टूल 15 से 30 मिनट में बता देता है संक्रमण बता दें कि यह टूल एक सरल विधि पर कार्य करता है, इसके लिए पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से केवल एक बूंद खून और अंग का नमूना लिया जाता है. प्रोकैल्सिटोनिन टेस्ट के जरिए 10 से 15 मिनट में परिणाम मिल जाते हैं. इसकी ग्रेडिंग होती है. जो 05 से 50 के पार तक होती है. यदि अंक 10 से ऊपर हैं, तो यह संकेत देता है कि मृतक के शरीर में संक्रमण का स्तर बहुत अधिक था. यह टेस्ट मरीज के जीवित रहते भी किया जा सकता है, जैसे कल्बर टेस्ट. यह 15 से 30 मिनट में बता देता है कि शरीर में संक्रमण किस स्तर तक फैल चुका है, इससे पहले कल्बर टेस्ट (जिसकी रिपोर्ट दिन में आती है) पर ही निर्भर रहना पड़ता था. भारत में अभी केवल एम्स भोपाल में हुआ शोध दरअसल, कल्चर टेस्ट की रिपोर्ट में 3 दिन लगते थे, जिससे इलाज में देरी होती थी. बॉयोकेमिस्ट्री की मशीनों से प्रोकैल्सिटोनिन टेस्ट में 3 घंटे लगते थे, जो ऑटोप्सी के लिए उपयुक्त नहीं था. भारत में अभी यह शोध केवल एम्स भोपाल में हुआ है. विदेशों में जर्मनी और फ्रांस जैसे कुछ देशों में ही सीमित संस्थान इसका उपयोग करते हैं. देश में ऐसी तकनीक अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है. बैक्टीरिया, वायरस के संक्रमण से शुरू होता है सेप्सिस यह टूल मरीजों को तुरंत सही इलाज दिलाने में मदद करेगा. सेप्सिस की जल्द पहचान से जान बचाने की संभावना बढ़ेगी. अस्पताल में भर्ती मरीजों का समय पर यह टेस्ट हो गया तो, संक्रमण के स्तर का पता लगाकर जरूरी दवाएं समय पर देकर उसकी जान बचाई जा सकती है. सेप्सिस एक जानलेवा स्थिति है, जो शरीर में बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होने वाले गंभीर संक्रमण से शुरू होती है. यह तब होता है, जब शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ते हुए खुद के ऊतकों और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है. यह आमतौर पर फेफड़े, मूत्र मार्ग या पेट के रास्ते से शुरू हो सकता है. यदि समय पर इलाज न हो तो यह मल्टी-ऑर्गन फेलियर होने से मौत का कारण बन सकता है. अभी 1000 से 1300 रुपये में होती हैं जांच एम्स भोपाल के डायरेक्टर प्रो. अजय सिंह ने बताया कि “अभी तक डॉक्टरों को यह पता नहीं चल पाता था कि मरीज में संक्रमण कितना गंभीर है. प्रोकैल्सिटोनिन टेस्ट से नंबर के आधार पर तुरंत स्थिति स्पष्ट हो जाती है, जिससे सही समय पर सटीक इलाज शुरू हो सकता है. यह चिकित्सा क्षेत्र में तेज और प्रभावी निदान को दिशा में इनोवेशन ला सकता है. अभी तक 100 केस पर टेस्ट किए गए हैं, 300 और केस के बाद निष्कर्ष निकाले जाएंगे. यह टूल सेप्सिस की त्वरित पहचान कर इलाज को आसान बनाएगा. इसकी लागत करीब 1000 रुपए से 1300 तक प्रति टेस्ट है.”

जनजागरूकता के लिए सिकल सेल मित्र पहल की होगी शुरुआत, सिकल सेल रोगियों के लिए 33 जिलों में लगाये जाएँगे विशेष शिविर

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति में विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बड़वानी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतें होंगी सम्मानित जनजागरूकता के लिए सिकल सेल मित्र पहल की होगी शुरुआत, सिकल सेल रोगियों के लिए 33 जिलों में लगाये जाएँगे विशेष शिविर भोपाल  राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा जिनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एनसीसी निदेशॉलय के सहयोग से “सिकल सेल मित्र” पहल की शुरुआत भी की जायेगी। सिकल सेल मित्र युवा आबादी में जागरूकता के लिए सेवा प्रदाताओं के बीच लिंक के रूप में कार्य करेंगे। इस अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। प्रभावित जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। दिव्यांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविर भी लगाए जाएगे। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है और इनमें से 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 29 हज़ार 277 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। नेशनल सिकल सेल पोर्टल के माध्यम से स्क्रीनिंग व उपचार की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। रोगियों को नि:शुल्क उपचार, जेनेटिक काउंसलिंग, औषधियां, वैक्सीनेशन एवं ब्लड ट्रांस्फ्यूजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 26,115 रोगियों को हाइड्रॉक्सीयूरिया दवा से उपचार मिला है। विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर जनजातीय स्कूलों, कॉलेजों व छात्रावासों में स्क्रीनिंग शिविर भी सतत आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीयूरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है।  

राम वन गमन पथ के लिए सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट, अक्टूबर तक चिह्नित हो जाएंगे राम वन गमन पथ के सभी स्थल

भोपाल  मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ के कम ज्ञात स्थलों को चिह्नित करने के लिए राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में लंबे समय से शोध कर रहे डॉ. राम अवतार शर्मा के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि चार माह में प्रदेश के कम ज्ञात स्थलों को चिह्नित कर शासन को रिपोर्ट सौंप देंगे। उनके साथ चार से पांच लोगों का दल भ्रमण कर प्रदेश में ऐसे स्थलों को चिह्नित और प्रमाणित करने की कोशिश करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ का पूरा मार्ग तय हो जाएगा। उन्होंने मंडला और बालाघाट के कुछ स्थलों को भी नए सिरे से इसमें जोड़ा है। सभी स्थलों का पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से विकास किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के 11 जिलों के 25 स्थलों को राम वन गमन पथ से जोड़ा गया है। ये वे स्थान हैं जहां वनवास के समय भगवान श्रीराम गए थे। इनमें सतना में चित्रकूट सहित कई स्थल पहले से श्रीराम के प्रवास के लिए जाने जाते हैं। कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां माना जाता है भगवान राम गुजरे थे या रुके थे पर वे प्रसिद्ध नहीं हैं यानी कम ज्ञात हैं। उनसे जुड़े प्रमाण भी कम मिलते हैं, इस कारण उन्हें खोजा जा रहा है। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राम वन गमन पथ निर्माण को लेकर सक्रिय हैं। वह इसके लिए बनाए गए न्यास के अध्यक्ष भी हैं। बजट में राम वन गमन पथ के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रविधान इस वर्ष किया गया है। अभी तक इन स्थलों को किया चिह्नित सतना जिले के चित्रकूट में स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, अत्रि आश्रम, शरभंग आश्रम, अश्वमुनि आश्रम, सिलहा गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, रक्सेला गांव में सीता रसोई और रामसेल। पन्ना में पहाड़ी खेरा गांव में बृहस्पति कुंड, सारंगधर गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, बड़े गांव में अग्निजिह्वा आश्रम और सलेहा में अगस्त्य आश्रम, मैहर जिले में राम जानकी मंदिर, कटनी जिले के भरभरा में शिव मंदिर, जबलपुर जिले में पिपरिया के पास रामघाट, नर्मदापुरम में पासी घाट और माच्छा के राम मंदिर, बालाघाट जिले में राम पायली, मंडला में सीता रपटन, उमरिया जिले में राम मंदिर दशरथ घाट और मार्कंडेय आश्रम, शहडोल के गंधिया और अनूपपुर के कनवाई में स्थित सीतामढ़ी। 48 वर्षों से श्रीराम से जुड़े तीर्थों पर शोध कर रहे डॉ. राम अवतार शर्मा आयकर विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके डॉ. राम अवतार शर्मा 48 वर्षों से श्रीराम से जुड़े तीर्थों पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने 290 स्थलों को राम तीर्थ के रूप में खोजा है। इनकी अनुशंसा पर केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग ने अपने मानचित्र पर इन स्थलों को दिखाया और विकास योजनाएं बनाईं। सीएम ने कहा कि मार्गों का विकास तो होगा ही उससे ज्यादा जरूरी है कि पहले मार्ग पर आने वाले श्रीराम से जुड़े स्थलों को विकसित किया जाए। पहले चित्रकूट का समग्र विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाए। कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया। समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कर अगली बैठक में पेश करने को कहा। न्यास की बैठक हर तीन माह में होगी। सीएम ने कहा कि राम से जुड़ी स्मृतियों का सालभर प्रचार किया जाएगा। जिला पर्यटन परिषद और अन्य विभागों को इसके लिए कार्ययोजना बनाने को कहा। ऐसे जुटाएंगे राशि इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत पहले चित्रकूट सहित चार नगरों को नामांकित किया। 500 करोड़ की योजना में पहले फेज में चित्रकूट नहीं था। एशियन डेवलपमेंट बैंक से मिली राशि में अभी 100 करोड़ रुपए बचे हैं। सीएम ने प्रपोजल को रिवाइज करने को कहा। एडीबी से राशि मांगेंगे। पुरानी शेष राशि और नई राशि मिलाकर 400 करोड़ से चित्रकूट का विकास होगा। मप्र में राम वन गमन पथ के चार रूट प्रदेश में राम वन गमन पथ के लिए 1450 किमी लंबो चार रूट प्रस्तुत किए। इनमें 632 किमी नेशनल हाइवे, 493 किमी म.प्र. सड़क विकास निगम, 47 किमी लोनिवि, 184 किमी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और 93 किमी की क्षेत्रीय सड़क शामिल होंगी। इनका उन्नयन होगा। तैयार करें स्थल विकास के प्रस्ताव बैठक में श्रीराम से जुड़े 23 स्थलों की जानकारी रखी गई। सीएम ने कहा कि राम पर शोध करने वाले विद्वानों की समिति बनाकर पहले स्थल का निर्धारण करवा लें, ताकि स्थलों को लेकर विवाद की स्थिति न बने। अगली बैठक में इन स्थलों को विकसित करने के प्रोजेट रखे जाएं, लेकिन सबसे पहले चित्रकूट के समग्र विकास का रोड मैप तैयार किया जाए।

पंजाब,हरियाणा, राजस्थान तक पहुंचेगा सिंधु का पानी, बदलते वर्षा पैटर्न के संकट पर कंट्रोल

नई दिल्ली  सिंधु नदी के पानी का पूरा इस्तेमाल करने के लिए भारत एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। यह योजना नदियों को आपस में जोड़ने की है। TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू और कश्मीर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पानी ले जाने के लिए 113 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह नहर चिनाब नदी को रावी-ब्यास-सतलुज नदी प्रणाली से जोड़ेगी। इस योजना का लक्ष्य सिंधु जल समझौते के तहत भारत के हिस्से का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे पूर्वी (रावी, ब्यास, सतलुज) और पश्चिमी (सिंधु, झेलम, चिनाब) नदियों के पानी का सही उपयोग हो सकेगा और पाकिस्तान में बहने वाले अतिरिक्त पानी को रोका जा सकेगा। पंजाब,हरियाणा, राजस्थान तक पहुंचेगा सिंधु का पानी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पचमढ़ी में बीजेपी के एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान इस बड़ी योजना का संकेत दिया था। उन्होंने कहा, ‘सिंधु का पानी तीन साल के भीतर नहरों के माध्यम से राजस्थान के श्री गंगानगर तक पहुंचाया जाएगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ‘पानी की हर बूंद के लिए तरस जाएगा।’ रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रस्तावित नहर नेटवर्क जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 13 मौजूदा नहरों से जुड़ेगा और आखिरकार यह इंदिरा गांधी नहर प्रणाली में मिल जाएगा। जलवायु परिपर्तन और बदलते वर्षा पैटर्न के संकट पर कंट्रोल मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान के वरिष्ठ फेलो उत्तम सिन्हा ने कहा, ‘जम्मू और कश्मीर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अतिरिक्त पानी भेजने से इलाके में पानी की उपलब्धता को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘आंतरिक स्तर पर पानी के वितरण में इस बदलाव से जलवायु परिवर्तन और बदलते वर्षा पैटर्न का सामना करना भारत के लिए ज्यादा आसान हो सकेगा।’ इस काम को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार रणबीर नहर की लंबाई 60 किलोमीटर से बढ़ाकर 120 किलोमीटर करने पर भी विचार कर रही है। साथ ही, प्रताप नहर का भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने की तैयारी में है। इसके लिए फिजिबिलिटी असेसमेंट किए जा रहे हैं। उझ बहुउद्देशीय परियोजना को भी नई गति देने की तैयारी यही नहीं, कई सालों से रुका हुआ कठुआ जिले का उझ बहुउद्देशीय परियोजना भी फिर से शुरू किया जा रहा है। उझ, रावी नदी की एक सहायक नदी है। पहले रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पाकिस्तान में जाने से रोकने के लिए उझ के नीचे एक अलग रावी-ब्यास लिंक बनाने की योजना थी। अब यह बड़ी नहर योजना का हिस्सा होगी। इसमें ब्यास बेसिन में पानी स्थानांतरित करने के लिए एक बैराज और सुरंग शामिल होगी। पनबिजली परियोजनाओं परियोजनाओं पर तेजी से काम इन योजनाओं के अलावा, चिनाब नदी पर बने बागलीहार और सलाल हाइड्रो परियोजनाओं के जलाशयों से गाद निकालने जैसे छोटे समय के उपायों पर भी काम चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अपनी सिंधु प्रणाली के पानी का बेहतर उपयोग करने के लिए कई पनबिजली परियोजनाओं, जैसे- पाकल दुल (1,000 मेगावाट), रतले (850 मेगावाट), किरू (624 मेगावाट), और क्वार (540 मेगावाट) पर भी तेजी से काम कर रहा है। दरअसल, मोदी सरकार की कोशिश है कि इन सारी परियोजनाओं के काम जल्द से जल्द पूरे हों,ताकि सिंधु नदी घाटी के पानी का इस्तेमाल भारतीय राज्यों के लिए हो सके। यही वजह है कि पर्यावरण मंत्रालय भी इस बात का पुख्ता इंतजाम कर चुका है कि इन परियोजनाओं को ग्रीन क्लियरेंस मिलने में जरा भी दे रही नहीं हो।

इंदौर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण होने जा रहा, प्रोजेक्ट में 750 करोड़ रुपए का मुआवजा घोषित

इंदौर   एमपी के इंदौर शहर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण होने जा रहा है। इस रोड के बनने से 26 गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिसका अवॉर्ड घोषित हो गया है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 750 करोड़ रुपए का मुआवजा घोषित किया गया है। इसकी ग्राम वार फेहरिस्त भी तैयार हो गई है। किसानों के नाम की भी सूची बनी हुई है, जैसे ही एनएचएआइ की तरफ से राशि सरकारी खजाने में जमा होगी, वैसे ही किसानों के खातों में ऑनलाइन पैसे जमा होने लगेंगे। गौरतलब है कि एनएचएआइ 64 किमी लंबे और 80 मीटर चौड़ा यह रोड बनाने जा रहा है, जो एनएच-52 में नेट्रेक्स के पास से शुरू होकर शिप्रा नदी के नजदीक खत्म होगा। इसमें इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के 5, हातोद के 12 और सांवेर के 9 गांवों की करीब 600 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हो रही है। ये जमीन प्रोजेक्ट में शामिल हो रही देपालपुर तहसील के पांच गांव इस प्रोजेक्ट में हैं। इनमें किशनपुरा, बेटमाखुर्द, मोहना, ललेंडीपुरा और रोलाय है। इसमें निजी रकबा 66.68 हेक्टेयर और 14.36 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। सांवेर तहसील के 9 गांवों में 160 हेक्टेयर जमीन आ रही है। इसमें धतूरिया, बालोदा टाकून, सोलसिंदा, कटक्या, ब्राह्मण पीपल्या, मुंडला हुसैन, जैतपुरा, पीर कराड़िया और बरलाई जागीर शामिल है। ये भी जानिए 160 किमी का होगा आउटर रिंग रोड 64 किमी इसमें पश्चिमी हिस्सा 30 किमी हातोद का हिस्सा 23.60 किमी सांवेर का हिस्सा 10.40 किमी देपालपुर का हिस्सा  

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप से से मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को साइप्रस से कनाडा रवाना हुए . भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पीएम मोदी का पहला विदेशी दौरा है, जहां वह वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे. इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कनाडा पहुंच चुके हैं.    एक मंच पर होंगे मोदी-ट्रंप  कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के न्योते पर पीएम मोदी 16-17 जून को G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से उनकी मुलाकात भी हो सकती है. हालांकि फिलहाल विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन फिर भी ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और अमरेका के बीच बदले हुए घटनाक्रम में दोनों नेताओं की मुलाकात काफी अहम हो सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा करते हुए खुद को सीजफायर कराने का श्रेय दिया था. पाकिस्तान ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत भी किया. लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की दखल को खारिज कर दिया था. भारत का कहना है कि पाकिस्तान की गुहार के बाद भारत सीजफायर के लिए सहमत हुआ. खास बात यह है कि ट्रंप ने भारत के किसी भी आधिकारिक बयान से पहले ही सोशल मीडिया पर दोनों देशों के बीच सीजफायर का ऐलान कर दिया था. सीजफायर पर ट्रंप की बयानबाजी भारत-पाकिस्तान सीजफायर का लेकर ट्रंप की बयानबाजी अब भी जारी है. उन्होंने इजरायल और ईरान तनाव के बीच भी इस बयान को दोहराया और कहा कि जिस तरह भारत-पाक के बीच सीजफायर कराया, उसी तरह इजरायल-ईरान के बीच भी सीजफायर कराऊंगा. उनका दावा है कि कारोबार का दबाव डालकर उन्होंने भारत और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए राजी किया था. ऐसे में G-7 जैसे वैश्विक मंच पर पीएम मोदी दुनिया के सामने सीजफायर को लेकर भारत का पक्ष रख सकते हैं. साथ ही उनकी बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर का भी जिक्र हो सकता है. भारत ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला होता है तो उसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार माना जाएगा. साथ ही भारत अब इसे प्रॉक्सी वॉर नहीं बल्कि जंग मानेगा और इसका जवाब भी उसी तरह दिया जाएगा. किसी तीसरे की मध्यस्थता मंजूर नहीं कनाडा में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने भारत का रुख साफ कर सकते हैं. क्योंकि भारत कश्मीर के मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता कभी स्वीकार नहीं करता है. साथ ही इस बार भारत ने साफ कर दिया है कि कश्मीर बातचीत का मुद्दा ही नहीं है और अब पाकिस्तान से सिर्फ पीओके वापस लौटाने के मुद्दे पर बातचीत होगी.  दोनों नेताओं की मुलाकात भारत की संप्रभुता और विदेश नीति को हाईलाइट करने का एक मौका हो सकती है. खासकर तब, जब ट्रंप ने कश्मीर और सीजफायर के मुद्दे पर बिना मांगे मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है. भारत यह बता सकता है कि सीजफायर पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी और भारत की जवाबी कार्रवाई का नतीजा था और इसमें अमेरिकी का कोई रोल नहीं है.  हथियार और टैरिफ का मुद्दा जी-7 समिट का मंच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तकनीकी और सैन्य क्षमता के बारे में दुनिया को बताने का भी मौका होगा, ताकि भीतर से पाकिस्तान को समर्थन देने वाले देशों को आईना दिखाया जा सके. इसके अलावा भविष्य में हथियारों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मुद्दे पर भी वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी की बातचीत संभव है. अमेरिका के साथ खास तौर पर टैरिफ विवाद बातचीत का एक अहम बिंदु हो सकता है, क्योंकि ट्रंप ने भारत के हाई टैरिफ की आलोचना करते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का ऐलान किया है. इसके बाद भारत ने जवाब में कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट पर टैरिफ घटाए हैं. लेकिन फिर भी इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है.  

इजरायली हमले का असर ईरान सरकार ने खोले अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन

 तेहरान  ईरान की राजधानी तेहरान से निकलने वाली सड़कें कारों से भरी हैं. रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम है और जिसे देखो उसे शहर से निकल जाने की जल्दी है. ग्रामीण ईरान की ओर जा रही सड़कों पर कारें फर्राटा भर रही है. दरअसल तेहरान पर इजरायली बमबारी, मिसाइलों से हमला, लगातार हो रही मौतें और जख्मी लोगों की कराह ने शहर का माहौल डरावना बना दिया है. इजरायली हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में बदहवासी का आलम है. लगातार मिसाइलों के हमले और बमबाजी से जनता खौफ में है.  अब आम तेहरानी शहरी इस शहर को जल्द से जल्द छोड़ना चाहता है. इजरायल लगातार तेहरान पर हमला कर रहा है.  CNN ने कुछ लोगों से बात करके कहा कि कुछ लोग ईरान के उत्तर दिशा में देहाती इलाकों में भागने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन लोगों की भारी भीड़ की वजह से सड़कें ठप हो गई हैं. लोग रास्ते में फंसे हैं.  जर्मन प्रेस एजेंसी डीपीए के एक रिपोर्टर ने कहा कि तेहरान में गैस के लिए कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं.  दो बच्चों के पिता ने नाम न बताने की शर्त पर CNN से कहा, “मैं अपना घर नहीं छोड़ना चाहता, लेकिन मैं अपने छोटे बच्चों को इस स्थिति में नहीं डालने जा रहा हूं.” “मुझे उम्मीद है कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएगा.” इस व्यक्ति ने कहा कि उसका परिवार चिंतित है क्योंकि शासन के अधिकारी घनी आबादी के बीच उच्च-मध्यम वर्ग के इलाकों में रहते हैं, जिससे नागरिकों को खतरा है. शुक्रवार की सुबह ईरान पर अचानक हमला करते हुए इजरायली वायु सेना ने शीर्ष ईरानी सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों के घरों पर टारगेटेड हमले किए, कुछ तस्वीरों में आवासीय भवनों पर सटीक हमले दिखाए गए हैं. ईरान की सरकार लोगों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश कर रही है. ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने सरकारी टीवी से कहा कि ईरानी लोग इजरायली हमलों के दौरान मस्जिदों और स्कूलों में शरण ले सकते हैं, साथ ही मेट्रो सिस्टम में भी शरण ले सकते हैं, जो रविवार रात से हमेशा खुला रहेगा. उन्होंने कहा, “खाद्य, दवा, ईंधन की उपलब्धि में कोई समस्या नहीं है.” तेहरान के नगर परिषद के अध्यक्ष मेहदी चमरन ने कहा कि शहर में बम आश्रयों की कमी के कारण विकल्प तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दुर्भाग्य से, तेहरान और हमारे अन्य शहरों में आश्रय नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि इजरायल में मरने वालों की संख्या कम है क्योंकि देश में बम आश्रय हैं और हमलों के लिए नियमित अभ्यास आयोजित किए जाते हैं. चरमन ने कहा कि बेसमेंट एक विकल्प है और “चरम” स्थिति में, भूमिगत मेट्रो का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे बंद करना होगा.  चमरन ने 1980 के दशक में इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के साथ हुए ईरानी युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि हम भूमिगत पार्किंग स्थल भी तैयार कर सकते हैं, जैसा कि सद्दाम ने हम पर बमबारी के समय किया था.” सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ तस्वीरों में कारों से भरी सड़के दिख रही हैं. कुछ लोग ईरान से तुर्किए की ओर भागने की कोशिश कर रहे हैं. यहां भी बॉर्डर लोगों से भरा हुआ है. एक स्थानीय पत्रकार ने आज एक्स पर एक पोस्ट और वीडियो डालकर लिखा कि सुबह से ही तेहरान से बड़ी संख्या में कार जा रहे हैं. हजारों लोग शहर छोड़कर उत्तरी एग्जिट मार्ग पर हैं. इस शख्स ने लिखा, “तेहरान से नाटकीय तरीके से पलायन जारी है, प्रमुख राजमार्गों और शहर की सड़कों पर जाम लगा हुआ है, क्योंकि तेहरानी लोग संभावित इजरायली हवाई हमलों से बचने के लिए भागने की कोशिश कर रहे हैं. तेहरान से बाहर जाने के लिए पैदा हुई भगदड़ की स्थिति के बीच एक और शख्स ने लिखा है, “तेहरान में अराजकता की स्थिति है. ईरान में बढ़ती आशंकाओं के बीच लोग शहर छोड़कर भाग रहे हैं. एक यूजर ने लिखा है कि ईरानियों के देश छोड़कर भागने के कारण ईरान-तुर्किये सीमा पर बज़ारगान सीमा पर भारी भीड़ जमा हो गई है. इधर ईरान-अज़रबैजान सीमा पर जेट उड़ान भर रहे हैं. सीमा पर संभावित शरणार्थियों की आमद की स्थिति में हालात से निपटने के लिए अजरबैजान भी तैयारी कर रहा है. इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को चेतावनी दी है कि यदि वे तेहरान के इजरायल पर हमलों को रोकने में मदद करते हैं, तो क्षेत्र में उनके ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.  ईरान पिछले शुक्रवार से इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोनों की भारी बौछारें कर रहा है, अधिकांश ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को इजरायल की वायु रक्षा द्वारा रोक दिया गया है, हालांकि कुछ बच गए हैं, जिससे कम से कम 16 लोग मारे गए और शहरी क्षेत्रों में सैकड़ों लोग घायल हो गए.  गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सेना पहले से ही ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रही है. हालांकि अभी तक न तो फ्रांस और न ही ब्रिटेन ने इन हमलों को रोकने में मदद की है, हालांकि पेरिस ने कहा है कि वह ऐसा कर सकता है, और लंदन ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया है.   

थोक महंगाई दर में गिरावट, 14-महीने के निचले स्तर पर फिसला, प्याज-फ्यूल-सब्जियों का थोक भाव सबसे ज्यादा घटा

नई दिल्ली खुदरा महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों को राहत मिलने के बाद राहत की एक और बड़ी खबर आई है. आज, 16 जून थोक महंगाई दर के भी आंकड़े जारी हो गए हैं. मई महीने के दौरान थोक महंगाई दर में भी कमी आई है और यह 0.39% रही. मई महीने में थोक महंगाई दर माह-दर-माह आधार पर 0.85% से घटकर 0.39% पर आ चुकी है. एक्सपर्ट्स ने इसे 0.80% रहने का अनुमान जताया था. थोक महंगाई दर में गिरावट के साथ अब यह 14 महीने के निचले स्तर पर फिसल चुका है. भारत में मई महीने के लिए यह थोक महंगाई दर मार्च 2024 के निचले स्तर पर आ गया है. मई 2025 के लिए आंकड़ों पर डिटेल में नजर डालें तो प्राइमरी आर्टिकल्स का WPI -1.44% से घटकर -2.02% पर आ चुकी है. इस दौरान खाद्य महंगाई दर मासिक आधार पर 2.55% से 1.72% पर आ चुकी है. मैन्युफैक्चरिंग WPI 2.62% से घटकर 2.04% पर आ चुका है. फ्यूल एंड पावर WPI -2.18% से घटकर 2.27% पर आ चुका है. प्याज की थोक महंगाई दर 0.20% से घटकर -21.62% फिसल चुका है. वहीं, सब्जियों की महंगाई दर भी -18.26% से घटकर -21.62% पर फिसला है. अंडे, मांस और मछली की WPI -0.29% से घटकर -1.01% पर आ चुकी है. ये चीजें हुईं सस्ती खाने पीने के सामानों में कटौती करने का असर थोक महंगाई के आंकड़ों के तौर पर साफ देखा जा सकता है. खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई 2.55% से घटकर 1.72% हो गई है. फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर -2.18% से घटकर -2.27 रही है. वहीं, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 2.62% से घटकर 2.04 रही है. रिटेल महंगाई में भी कमी थोक महंगाई के आंकड़ों से पहले सरकार की ओर से रिटेल महंगाई के आंकड़ें जारी किए गए थे. 12 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई 2025 में भारत की रिटेल महंगाई घटकर 2.82% पर पहुंच गई, जो छह साल का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले मार्च 2019 में यह 2.86% थी. खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार कमी के कारण रिटेल महंगाई में नरमी आई है. अप्रैल 2025 में रिटेल महंगाई 3.16% थी, जबकि मार्च में यह 3.34% रही, जो 67 महीने का सबसे निचला स्तर था. फरवरी से रिटेल महंगाई RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है. कैसे मापी जाती है महंगाई? रिटेल और थोक महंगाई को मापने के लिए अलग-अलग उत्पादों को आधार बनाया जाता है. महंगाई मापने हेतु विभिन्न आइटम्स को शामिल किया जाता है. उदाहरण के लिए, थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे खाद्य पदार्थों की 22.62%, और फ्यूल व ऊर्जा की 13.15% होती है. दूसरी ओर, रिटेल महंगाई में खाद्य पदार्थों और उत्पादों की हिस्सेदारी 45.86%, आवास की 10.07%, और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी शामिल होती है. खुदरा महंगाई दर के आंकड़े कैसे रहे? मई 2025 में खुदरा महंगाई दर 6 साल के निचले स्तर पर आ चुका है. मई में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) घटकर 2.82% पर रहा, जो अप्रैल में 3.16% पर था. हालांकि मई में रिटेल महगाई के 2.95% पर रहने का अनुमान लगाया गया था. यह लगातार चौथा महीना है जब खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मिड प्वाइंट से नीचे रही है. खाद्य महंगाई, जिसका कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में महत्वपूर्ण योगदान है, लगातार तीन महीनों से 3% से नीचे बनी हुई है. फरवरी 2019 के बाद यह साल-दर-साल सबसे कम महंगाई है. अक्टूबर में CPI 14 महीने के उच्च स्तर 6.21% पर पहुंच गई थी. मई में खाद्य महंगाई महीने दर महीने 1.78% से घटकर 0.99% पर आ गई है. आरबीआई ने 6 जून को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी समीक्षा में वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई के अपने पूर्वानुमान को पहले के 4% से घटाकर 3.7% कर दिया है. बीते महीने खाद्य वस्तुओं में थोक महंगाई दर कम होकर 1.72 प्रतिशत हो गई है, जो कि अप्रैल में 2.55 प्रतिशत थी। यह ट्रेंड दिखाता है कि देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आ रही है.  खाद्य वस्तुओं की श्रेणी में सब्जियों की महंगाई दर मई में घटकर -21.62 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में -18.26 प्रतिशत थी.  मई महीने में दालों में महंगाई दर -10.41 प्रतिशत रही, जबकि गेहूं की महंगाई दर 5.75 प्रतिशत रही. अंडे, मांस और मछली की महंगाई दर अप्रैल में -0.29 प्रतिशत से घटकर मई में -1.01 प्रतिशत रह गई. आलू और प्याज की महंगाई दर क्रमशः -29.42 प्रतिशत और -14.41 प्रतिशत रही.  मई में ईंधन और ऊर्जा पर महंगाई दर (-)2.27 प्रतिशत रही है, जो कि अप्रैल में (-) 2.18 प्रतिशत थी.   प्राथमिक वस्तुओं के लिए महंगाई दर मई में कम होकर (-) 2.02 प्रतिशत रह गई है, जो कि अप्रैल में (-) 1.44 प्रतिशत थी. डब्ल्यूपीआई मुख्य महंगाई दर, जिसमें फूड और फ्यूल नहीं शामिल होता है, घटकर 0.9 प्रतिशत हो गई है, जो कि अप्रैल में 1.5 प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स पर महंगाई दर मई में 2.04 प्रतिशत रही है, जो कि अप्रैल में 2.62 प्रतिशत थी.   

मुख्यमंत्री ने बरेली में किया 138.96 करोड़ के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा मध्यप्रदेश अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास की यह गति हम थमने नहीं देंगे। विकास की हर बात पर सरकार नागरिकों से कदम से कदम मिलाकर काम करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रूपये की राशि अंतरित की जायेगी। जिसमें योजना की तय राशि 1250 रूपये के अलावा 250 रूपये रक्षाबंधन पर उपहार के रूप में दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से अगले पांच साल में हम मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रायसेन जिले की बरेली में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों सहित कुल 138.96 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने चयनित हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्द्धन अभियान के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पौधरोपण भी किया। बरेली विकास के पथ पर है अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। मध्यप्रदेश के साथ बरेली क्षेत्र पर छींद वाले हनुमान जी महाराज की असीम कृपा है। कृषि संपन्न बरेली क्षेत्र भी विकास के पथ पर अग्रसर है। गांव-गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरू की थी। तब विरोधी लोग कहते थे कि गांव में सड़क की क्या जरूरत है, वहां तो बैलगाड़ी चलती है। दूरदर्शी नेतृत्व के धनी स्व. अटलजी ने देश को स्वर्णिम चतुर्भुज योजना की भी सौगात दी, जिसका लाभ आज पूरे देश और नर्मदांचल को भी मिल रहा है। अगले तीन सालों में किसानों को बिजली बिल से कर देंगे मुक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को 5 रुपए में बिजली कनेक्शन देने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार की कोशिश है कि अगले 3 सालों में हम किसानों को बिजली बिल से पूरी तरह मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए सोलर पंप योजना की शुरुआत की है। किसान अपनी बिजली बनाएं, उपयोग करें और उनकी जरूरत से ज्यादा/अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश में केन-बेतवा लिंक, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी मेगा रीचार्ज परियोजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पहले मध्यप्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती थी, अभी 55 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई हो रही है। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। युवाओं के लिए इंटर्नशिप में सहायता देगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने किसान परिवार के बेरोजगार युवाओं को इंटर्नशिप दिलाने की अभिनव योजना की शुरुआत की है। इससे जुड़े युवाओं को कौशल उन्नयन के साथ ही 3000 रुपए प्रति महीना आर्थिक लाभ भी दिया जा रहा है। हम इस की सराहना करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ऐसी योजना में इंटर्नशिप की सहायता राशि अब राज्य सरकार प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। हम युवाओं को काम दिलाएंगे। तीन साल में मेडिकल कॉलेज की संख्या 50 करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार मेडिकल के साथ नर्सिंग कॉलेज की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। अगले 3 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 करने का लक्ष्य है। प्रदेश के गांवों की बेटियों को भी नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ाई और रोजगार का अवसर मिलेगा। प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी रक्षाबंधन पर 1500 रुपए मिलेंगे। तय राशि 1250 के अलावा 250 रुपए रक्षाबंधन का तोहफा अलग से दिया जाएगा। पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़कर मध्य प्रदेश बनेगा नंबर-1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ का बजट पेश किया था। प्रदेश में 8 एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुके हैं। प्रदेश के विकास के लिए औद्योगीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। मेट्रोपोलिटन क्षेत्र विकसित होने से बरेली, औबेदुल्लागंज सहित पूरा क्षेत्र जगमगायेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़कर मध्यप्रदेश देश का नंबर 1 राज्य बनेगा। सरकार कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश को दूध की राजधानी बनाने के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाएं और किसान गाय पालना शुरू करें। उन्हें 25 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। सरकार दूध खरीदेगी। नगर निगमों में 10-10 गौशालाएं खोली जा रही हैं। हमने प्रति गाय दिए जा रहे अनुदान को 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिये हैं। अगर कोई गौशालाएं शुरू करना चाहता है, तो सरकार उसे हर संभव मदद देगी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पूरी करने का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द उपार्जन का जो निर्णय लिया उसके लिये मैं सभी की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष में 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किसानों से किया जा रहा है। किसानों के हित में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। इस दिशा में अनेक बड़ी परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई पीएमएम्बुलेंस योजना के माध्यम से बरेली और उदयपुरा के मरीजों को भी उच्च स्तरीय उपचार के लिये सुविधा मिली है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किये जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यमंत्री पटेल एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि बरेली में स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। उदयपुरा विधानसभा में बारना और जामगढ़ सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन शीघ्र शुरू होगा। बरेली नगर परिषद को … Read more

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस में मिला सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय साइप्रस के दौरे पर हैं, जहां साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने सोमवार को पीएम मोदी को साइप्रस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. पीएम ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी जताई है. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ये अवॉर्ड 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने खुशी जताई है. पीएम ने एक्स पर लिखा, साइप्रस के ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III’ का सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं. मैं इसे हमारे देशों के बीच मित्रता को समर्पित करता हूं. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मान के लिए आपका, साइप्रस सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान मेरा अकेले नहीं है, बल्कि ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.’ PM ने आगे कहा,  ‘मैं ये अवॉर्ड भारत और साइप्रस के मैत्रीपूर्ण संबंधों, हमारे साझा मूल्यों और हमारी पारंपरिक समझ को समर्पित करता हूं. मैं सभी भारतीयों की ओर से इस सम्मान को कृज्ञता से स्वीकार करता हूं. ये अवॉर्ड शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है.’  इससे पहले पीएम मोदी ने भारत-साइप्रस व्यापार गोलमेज बैठक को संबोधित किया और साइप्रस के राष्ट्रपति का आभार जताया. पीआईबी के अनुसार पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ‘सबसे पहले मैं राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आज वो स्वयं एयरपोर्ट पर मुझे रिसीव करने के लिए आए थे. बिजनेस लीडर के साथ इतना बड़ा राउंड टेबल उन्होंने ऑर्गेनाइज किया, मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं. उन्होंने मेरे लिए और हमारी पार्टनरशिप के लिए जो सकारात्मक विचार रखे हैं, मैं इसके लिए भी आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.’ 23 सालों बाद भारत के PM का साइप्रस दौरा PM ने कहा कि 23 वर्षों के बाद भारत के प्रधानमंत्री का साइप्रस में आना हुआ है और सबसे पहला कार्यक्रम बिज़नेस राउंड टेबल का हो रहा है. ये एक संकेत है कि भारत और साइप्रस के संबंधों में आर्थिक जगत से जुड़े लोगों का कितना महत्व है. आपके विचारों को मैंने बहुत गौर से सुना है. भारत साइप्रस आर्थिक संबंधों के लिए आपके प्रतिबद्धता को मैंने महसूस किया है. आपके विचारों में सिर्फ संभावना ही नहीं, संकल्प को भी मैं महसूस कर रहा हूं. यह स्पष्ट है कि हमारे संबंधों में आगे बढ़ने की अपार-अपार संभावनाएं हैं.  

ईरान और इजरायल की जंग तेज,11 बजते ही जान बचाने के लिए बंकर में छिपे खामेनेई!

तेहरान  इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध अभी तक थम नहीं सका है. इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी उस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है. इस बीच एक और अहम खबर सामने आयी है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई इजरायल के खौफ से बंकर में जाकर छिप गए हैं. खामेनेई के साथ उनका पूरा परिवार भी है. इजरायल ने ईरान पर अटैक करके उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके जवाब में ईरान ने भी भयंकर नुकसान पहुंचाया है. ‘ईरान इंटरनेशनल’ की एक खबर के मुताबिक खामेनेई के बेटे मोजतबा सहित उनके परिवार के सभी सदस्य उनके साथ हैं. वे सभी बंकर में छिपे हैं. इजरायल के खिलाफ पिछले ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 1 और ट्रू प्रॉमिस 2 के दौरान खामेनेई के परिवार को भी बंकर में ले जाया गया था. उस समय मोजतबा उनके साथ थे, लेकिन उनके दो बेटे मसूद और मुस्तफा उनके साथ नहीं थे.  खामेनेई को मारने की योजना इससे पहले रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को मारने के संबंध में इजरायल की योजना को वीटो कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इजरायल हाल ही में अमेरिका के पास यह प्रस्ताव लेकर गया था कि उन्होंने खामेनेई को मारने की एक विश्वसनीय योजना बनाई है। हालांकि ट्रंप ने इस योजना की अनुमति नहीं दी। जानकारी के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह कदम संघर्ष को और भड़का सकता है। ईरान के 224 नागरिकों की मौत इससे पहले ईरान ने सोमवार को बताया है कि बीते शुक्रवार इजरायल द्वारा शुरू किए गए ताजा हमलों में अब तक 224 ईरानियों की मौत हो चुकी है। इनमें ईरान के सैन्य प्रमुख और कई परमाणु अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने कहा है कि ईरान की ओर से किए गए हमलों में उसके यहां 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 300 से अधिक लोग घायल हैं। गौरतलब है कि इजरायल ने शुकवार सुबह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया था। इस दौरान इजरायल ने ईरान के कई परमाणु, मिसाइल और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। वहीं ईरान ने भी इजरायल पर कई जवाबी हमले किए हैं। खामनेई को क्यों नहीं निशाना बनाया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ऑपरेशन की पहली रात को खामनेई को निशाना नहीं बनाया, ताकि उन्हें अपनी यूरेनियम संवर्धन योजना को पूरी तरह छोड़ने का आखिरी मौका दिया जा सके। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इजरायल ने अपने सूत्रों के हवाले से दी है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि उसने ईरान में हथियार बनाने की ताकत को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में IRGC, उसकी कुद्स फोर्स और ईरानी फौज के ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। IDF ने कहा, “ईरान में हथियार बनाने वाली कई फैक्ट्रियां निशाना बनीं।” ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से किया इनकार इस बीच यह खबरें भी सामने आई हैं कि ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने मध्यस्थ देश कतर और ओमान के जरिए यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह इजरायल के हमलों का जवाब देने के बाद ही सीजफायर पर विचार करेगा। ईरान ने साफ कह दिया है कि ईरान इजरायली हमले के बीच समझौता नहीं करेगा। क्या खामेनेई पर अटैक का प्लान बना रहा है इजरायल इजरायल ने अभी तक ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह अब खामेनेई को भी निशाने पर ले सकता है. अमेरिका इस मामले में इजरायल का साथ दे सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी ने हाल ही में यह कहा कि इजरायल ने खामेनेई को मारने का प्लान बनाया है और वह इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप के पास भी गया था, लेकिन ट्रंप ने इसकी इजाजत नहीं दी. ईरान-इजरायल के युद्ध को शांत करवाएंगे ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर अपने कार्यकाल की विदेश नीति से जुड़ी उपलब्धियों को गिनाते हुए दावा किया कि उनके प्रयासों से इजरायल और ईरान के बीच भी जल्द शांति स्थापित हो सकती है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिस तरह उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के जरिए तनाव कम किया था, उसी तरह वह इजरायल और ईरान को भी बातचीत की मेज पर ला सकते हैं.

सुरक्षाबलों को बालाघाट में बड़ी कामयाबी ग्रेनेड लॉन्चर चलाने में एक्सपर्ट माओवादी रवि को मुठभेड़ में मार गिराया

बालाघाट   महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ राज्य के दम पर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अपनी पहचान बचाने में जुटे माओवादियों को बालाघाट पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा व हॉक की टीम ने बड़ा झटका दिया हैं। दरअसल, रुपझर थाना क्षेत्र के पचामा दादर व कटेझिरिया के जंगल में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने जिन चार माओवादियों को मार गिराया है। उन माओवादियों में मारा गया पुरुष माओवादी रवि न सिर्फ पुराना कैडर था बल्कि वह एसीएम रैंक तक पहुंच गया और वह ग्रेनेड लॉन्चर चलाने में भी एक्सपर्ट था। मलाजखंड डीवीसीएम को पत्नी की मौत के रुप में मिला झटका पुलिस की कार्रवाई माओवादियों को न सिर्फ रवि के रुप में झटका दे गई है बल्कि मलाजखंड दलम के डीवीसीएम को भी बड़ा झटका दे गई है। मारी गई एसीएम रैंक की महिला माओवादी रीता मलाजखंड दलम के डीवीसीएम चंदू की पत्नी है। जंगल में पुलिस की 20 अलग-अलग टीम में शामिल 600 जवान बचे हुए मलाजखंड दलम के माओवादियों की तलाश में जुटे हैं। क्योंकि पुलिस को उम्मीद है कि मुठभेड़ में चार माओवादियों के मारे जाने के अलावा कुछ माओवादी घायल हुए है, वे उपचार कराने किसी गांव के नजदीक पहुंच सकते हैं। साथ ही बचे 30-35 माओवादियों में बड़े माओवादी चंदू सहित अन्य माओवादी जंगल में मौजूद हो सकते हैं। दो राज्यों से लगा बालाघाट, घना भी हैं जंगल मुठभेड़ को लेकर बालाघाट जोन के पुलिस महानिरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि 2007 से बालाघाट जिला को कोई व्यक्ति दलम में शामिल नहीं हुआ है। महज दीपक सहित दो अन्य माओवादी है, जो स्थानीय है। इन्हीं की मदद से छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र से माओवादी बालाघाट पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया बालाघाट दो राज्यों से लगा हुआ है और घने जंगल से घिरा हुआ है। ऐसे में माओवादी अलग-अलग स्थानों से प्रवेश कर रहे हैं और ऐसी उम्मीद है कि बस्तर व महाराष्ट्र में लगातार हो रही कार्रवाई के चलते माओवादी जंगलों के रास्तों से बालाघाट आ रहे हैं। इस बात को ही ध्यान में रखते हुए और दो स्थानों पर चौकियां खोलने का प्लान पुलिस बना रही है। आत्म समर्पण करें माओवादी- पुलिस महानिरीक्षक पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जिले के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे है और वहां के ग्रामीणों को मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार समेत अन्य संसाधन भी उपलब्ध हो रहे हैं। माओवादी बिना किसी कारण के ही ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें वे अब सफल भी नहीं हो पा रहे है। माओवादियों को चाहिए कि जंगल में अनावश्यक भटकने के बजाय वे लोग जिला प्रशासन, डाक विभाग, जनप्रतिनिधि किसी के सामने भी आत्म समर्पण कर सकते हैं। क्योंकि मध्य प्रदेश की आत्म समर्पण नीति अन्य राज्यों की तुलना बहुत अच्छी है। मार्च 2026 तक कर देंगे माओवाद का पूर्ण खात्मा पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, सीआरपीएफ, हॉक और कोबरा के अधिकारियों ने कहा कि देश के गृहमंत्री ने मार्च 2026 तक माओवाद को पूर्ण रुप से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। हमें पूरा भरोसा है कि इस अवधि में हम अपने काम शत प्रतिशत कर सकेंगे। क्योंकि सभी विंग एक दूसरे से आपसी सामंजस्य बैठाकर काम कर रही है। इस बात का सबसे सटीक उदाहरण पचामा दादर, कटेझिरिया के जंगल में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सफलता मिली। क्योंकि जंगल में नेटवर्क नहीं मिलता है। बावजूद इसके बेहतर आपसी तालमेल के कारण माओवादियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी है। मुठभेड़ को लेकर जानकारी देने के दौरान डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, सीआरपीएफ, हॉक, कोबरा के अधिकारियों के अलावा बैहर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। तीन महिला समेत चार नक्सलियों का एनकाउंटर बालाघाट में पुलिस ने एक मुठभेड़ में तीन महिला समेत चार नक्सलियों को मार गिराया है। मुठभेड़ शनिवार दोपहर में बिठली पुलिस चौकी क्षेत्र के पचामा दादर के जंगल में हुई। हॉक फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि- जीआरबी डिवीजन के नक्सलियों के एक समूह की मौजूदगी के बारे में पता चला था। इसके बाद हॉकफोर्स, जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ, सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने और उनके हथियार लूटने की मंशा से नक्सलियों ने जंगल में सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग की। इसमें 4 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मुठभेड़ में कुछ नक्सली घायल नक्सलियों के पास से एक ग्रेनेड लॉन्चर, एसएलआर राइफल, दो .315 राइफल, गोलाबारूद, वॉकी-टॉकी सेट और नक्सल साहित्य बरामद किया है। मुठभेड़ के दौरान कुछ नक्सली के घायल होने की खबर है, जो घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए हैं। नक्सलियों की तलाशी के लिए हॉकफोर्स, सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के 600 से ज्यादा जवानों को क्षेत्र में बड़े स्तर पर सर्चिंग अभियान में भेजा गया है। सीएम बोले- पुलिसकर्मियों को करेंगे पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट में आज मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जिसमें 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। उनके पास से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। प्रदेश सरकार इस घटना में अच्छे परिणाम लाने वाले पुलिसकर्मियों को जरूर पुरस्कृत करेगी। फरवरी में 4 महिला नक्सली मारी गई थीं इससे पहले 19 फरवरी को भी बालाघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार में रौंदा फारेस्ट कैंप के पास हुई मुठभेड़ में 4 महिला नक्सली मारी गई थीं। इनमें आशा, शीला, रंजीता और लख्खे मरावी शामिल थीं। इन पर कुल 62 लाख रुपए का इनाम था। ये 2015-16 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थीं। बालाघाट में पुलिस मुठभेड़ में ढेर नक्सलियों की हुई पहचान, चारों 14-14 लाख के इनामी  बालाघाट जिले में रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत पचामा दादर-कटे झिरिया के जंगल में शनिवार को मारे गए चार नक्सलियों पहचान हो गई है। इन पर 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हॉकफोर्स, जिला पुलिस बल, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान शनिवार को चारों नक्सलियों को मार गिराया था। बालाघाट के आईजी संजय कुमार ने रविवार क बताया कि शनिवार को जिला बल, हॉकफोर्स और सीआरपीएफ जवानों व माओवादियों के बीच … Read more

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना , अधिसूचना जारी, 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा एप

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि भारत की जनसंख्या की जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी। इसके लिए राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनगणना 1 अक्तूबर 2026 से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह प्रक्रिया 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को जनगणना कराने की तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, महापंजियन एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। सरकारी बयान के अनुसार, यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए मोबाइल एप तैयार किए जाएंगे और उसी में जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की जाएगी। एप 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। गृह मंत्री शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, ’16वीं जनगणना में पहली बार जाति गणना शामिल होगी। 34 लाख गणक और सुपरवाइजर, 1.3 लाख जनगणना पदाधिकारी आधुनिक मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के साथ यह कार्य करेंगे। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में 1 अक्तूबर, 2026 से और देश के बाकी हिस्से में 1 मार्च, 2027 से जातियों की गणना और जनगणना का कार्य शुरू होगा।’ दो चरणों में की जाएगी जनगणना जनगणना दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) में प्रत्येक परिवार की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में प्रत्येक घर के हर व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किए जाएंगे। आजादी के बाद 8वीं जनगणना यह जनगणना भारत की16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये की जाएगी। नागरिकों के लिए स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संग्रह, संचरण और भंडारण के दौरान कड़े सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी और यह जनगणना 16 वर्षों के अंतराल के बाद होगी।

प्रदेश में मॉनसून की एंट्री से पहले 28 जिलों में 11.4° लुढ़का पारा; आज 40 शहरों में बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश इन दिनों मौसम अजीब से दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर जहां कुछ जगहों पर भीषण गर्मी पड़ रही है, लोग उमस से हलाकान हो रहे हैं वहीं कई जगहों पर जोरदार बारिश भी हो रही है। प्री मानसून एक्टिविटी के कारण खासा पानी गिर रहा है। इस बीच मानसून को लेकर ताजा अपडेट आया है। मानसून एक बार फिर से रफ्तार पकड़ चुका है और इसके मध्य प्रदेश में दस्तक देने की बेला पल पल पास आती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 24 से 48 घंटे में  मानसून आ सकता है। यानि सब कुछ ठीकठाक रहा तो महज 48 घंटों में मानसून प्रदेश के दक्षिणी पूर्वी जिलों को भिगो सकता है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट  मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के अंदर नरसिंहपुर और डिंडौरी में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा में तेज बारिश की संभावना है।  नरसिंहपुर में 9 घंटे में गिर गया एक इंच पानी मानसून के प्रवेश से पहले प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी है। रविवार को नरसिंहपुर में 9 घंटे के अंदर 27 मिमी यानी, एक इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल, खंडवा, मंडला, उमरिया और दतिया में भी बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम के पिपरिया और सिवनी मालवा, बड़वानी में आंधी के साथ बारिश हुई। भोपाल में बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। हादसा रातीबढ़ इलाके के केकड़िया गांव में हुआ। 12 साल का विशाल चौहान खेत में मक्का लगाकर लौट रहा था। इधर, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। सीधी में 41.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 40.7 डिग्री, खरगोन में 40.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे ही दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में दिनभर बारिश होने से यहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री पर आ गया। यहां एक ही दिन में पारा 11.4 डिग्री लुढ़क गया। नौगांव में 6.6 डिग्री, खजुराहो में 5.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 4.8 डिग्री, दमोह में 6 डिग्री, भोपाल में 4.6 डिग्री, गुना में 4.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 7.3 डिग्री की गिरावट हुई। बड़े शहरों में दिन के तापमान की बात करें तो भोपाल में 35.6 डिग्री, इंदौर में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 37.1 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में लुढ़का पारा भोपाल, नरसिंहपुर, सतना सहित 28 जिलों में दिन का पारा 11.4 डिग्री तक लुढ़का है। नरसिंहपुर में दिनभर बारिश होने से अधिकतम तापमान में 11.4 डिग्री की गिरावट आई। यहां दिन का पारा 30 डिग्री रहा। छिंदवाड़ा 4.8, दमोह 6, खजुराहो 5.5, मंडला 1.8, नौगांव 6.6, रीवा 3.4, सागर 3.2, सतना 3.2, सिवनी 3.2, सीधी 1.6, टीकमगढ़ 1.3, बैतूल 2.2, भोपाल 4.6, धार 3, गुना 4.5, ग्वालियर 5.4, नर्मदापुरम 7.3, इंदौर 3.4, खंडवा 2.4, खरगोन 1, पचमढ़ी 3.2, रायसेन 0.4, रतलाम 1.2, शिवपुरी 3 और उज्जैन में 3 डिग्री पारा लुढ़का है। आज इन जिलों में आंधी-बारिश अलर्ट मौसम विभाग ने सोमवार(16 जून) को भोपाल, इंदौर, सतना, रीवा, मैहर, सीधी, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, सीहोर, खंडवा, शाजापुर, बुरहानपुर, देवास, खरगोन, बड़वानी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, झाबुआ, आगर-मालवा, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अलीराजपुर, अनूपपुर, नीमच, उज्जैन, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सागर, हरदा और धार आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। नरसिंहपुर, डिंडौरी में भारी बारिश हो सकती है। जानिए कहां, कितना पारा सीधी में 41.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ 40.7, खरगोन 40.2, उमरिया में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल 35.6, इंदौर 35.2, ग्वालियर 37.1, उज्जैन 37 और जबलपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बैतूल 36, धार 33.6, गुना 36.5, नर्मदापुरम 37.9, खंडवा 38.1, खरगोन 40.2, पचमढ़ी 31.2, रायसेन 37.8, रतलाम 37.0 और शिवपुरी में 38.0 डिग्री तापमान रहा। कल इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, एमपी में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक टर्फ और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर जारी है। मानसून भी सक्रिय है। अगले 24 से 28 घंटे तक मॉनसून की एमपी में एंट्री हो सकती है। मंगलवार (17 जून) को सागर, बालाघाट, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा सहित 35 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट है। 

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