LATEST NEWS

IPL 2025: बारिश के कारण मैच रद्द, कोलकाता और पंजाब को मिले 1-1 अंक

IPL 2025: कोलकाता। कोलकाता में तेज बारिश और आंधी के कारण मुकाबला आईपीएल 2025 का 44वां मैच रद्द कर दिया गया। शनिवार को ईडेन गार्डंस में पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 20 ओवर में चार विकेट खोकर 201 रन बनाए थे। जवाब में कोलकाता की टीम ने सिर्फ एक ओवर खेला रहमनुल्लाह गुरबाज एक और सुनील नरेन चार रन बनाकर क्रीज पर नाबाद रहे। कोलकाता की टीम सिर्फ सात रन बना सकी। बारिश के कारण मुकाबला रुका और फिर रद्द कर दिया गया। इसके बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक दे दिए गए। इस आईपीएल में पहली बार बारिश के कारण कोई मैच रद्द हुआ है। चौथे स्थान पर पहुंची पंजाब इसी के साथ पंजाब किंग्स शीर्ष चार में शामिल हो गई। नौ में से पांच मैच जीत चुकी पंजाब 11 अंक और 0.177 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई। वहीं, कोलकाता सात अंक और 0.212 के नेट रन रेट के साथ सातवें स्थान पर है। आईपीएल 2025 की अंक तालिका टीम     मैच     जीते     हारे     बिना परिणाम     अंक     नेट रन रेट गुजरात टाइटंस     8     6     2     0     12     1.104 दिल्ली कैपिटल्स     8     6     2     0     12     0.657 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु     9     6     3     0     12     0.482 पंजाब किंग्स     9     5     3     1     11     0.177 मुंबई इंडियंस     9     5     4     0     10     0.673 लखनऊ सुपर जाएंट्स     9     5     4     0     10     -0.054 कोलकाता नाइट राइडर्स     9     3     5     1     7     0.212 सनराइजर्स हैदराबाद     9     3     6     0     6     -1.103 राजस्थान रॉयल्स     9     2     7     0     4     -0.625 चेन्नई सुपर किंग्स     9     2     7     0     4     -1.302 पंजाब की पारी प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या की शतकीय साझेदारी के दम पर पंजाब किंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने 202 रन का लक्ष्य रखा था। उनके लिए प्रभसिमरन सिंह ने सर्वाधिक 83 रन की पारी खेली। वहीं, प्रियांश ने 69 रन बनाए। कोलकाता के लिए वैभव अरोड़ा ने दो विकेट लिए जबकि वरुण और रसेल ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। प्रियांश और प्रभसिमरन के बीच पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी 120 रन की साझेदारी हुई। रसेल ने 12वें ओवर में प्रियांश को अपना शिकार बनाया। वह इस सत्र का दूसरा 50+ निजी स्कोर बनाकर आउट हुए। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह ने 38 गेंदों में अपना पांचवां अर्धशतक पूरा किया। उनकी 83 रनों की पारी में छह चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। इसके अलावा ग्लेन मैक्सवेल ने सात और मार्को यानसेन ने तीन रन बनाए। वहीं, श्रेयस अय्यर 25 और जोश इंग्लिश 11 रन बनाकर नाबाद रहे।

वानखेड़े में दिखेगी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़, आज मुंबई इंडियंस की टीम लखनऊ सुपर जाइंट्स से भिड़ेगी

मुंबई हमेशा की तरह शुरू में लड़खड़ाने के बाद शानदार वापसी करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम रविवार, 27 अप्रैल को लखनऊ सुपर जाइंट्स से भिड़ेगी। सुपर संडे को मुंबई वर्सेस लखनऊ मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, यह मैच दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा। MI की नजरें इस मैच को जीतकर लय बरकरार रकने पर होगी। वहीं लखनऊ की नजरें वापस टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। इन दोनों टीम के अभी तक समान 10 अंक हैं लेकिन मुंबई बेहतर नेट रन रेट के आधार पर चौथे जबकि लखनऊ की टीम छठे स्थान पर है। अब तक नौ मैचों में से इन दोनों ने पांच मैच जीते हैं और चार हारे हैं। ऋषभ पंत की अगुवाई वाली लखनऊ की टीम की निगाह जीत के अलावा अपने नेट रन रेट में सुधार करने पर भी होगी क्योंकि आगे इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। जहां ये दोनों टीमें वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर वर्चस्व के लिए भिड़ेंगी, वहीं मुंबई की भीषण गर्मी और उमस भी खिलाड़ियों की विपरीत परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की तैयारी को परखने में अपनी भूमिका निभाएगी। लखनऊ के लिए कप्तान ऋषभ पंत की खराब फॉर्म चिंता का विषय है क्योंकि उन्होंने अब तक नौ मैचों में 106 रन बनाए हैं। मुंबई के मजबूत बॉलिंग अटैक के सामने उनकी कड़ी परीक्षा होगी। मुंबई की टीम सही समय पर अपने चरम पर पहुंची है। उसने लगातार चार मैच जीत कर खुद को प्लेऑफ में पहुंचने की दौड़ में आगे कर दिया है और उसकी टीम अपना विजय अभियान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध होगी। उसकी टीम यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है और वह इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। हालांकि सूर्यकुमार को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं थी, लेकिन आईपीएल की शुरुआत में इस शीर्ष टी20 बल्लेबाज की परिचित चमक गायब थी, लेकिन दाएं हाथ का बल्लेबाज भी तिलक वर्मा की तरह अपनी लय हासिल करने में सक्षम है। हार्दिक ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि तेज गेंदबाज दीपक चाहर और ट्रेंट बोल्ट ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई है। जहां तक लखनऊ की बल्लेबाजी का सवाल है तो वह अपने विदेशी खिलाड़ियों निकोलस पूरन (377 रन), मिशेल मार्श (344) और एडेन मार्क्रम (326) पर बहुत अधिक निर्भर है। लखनऊ को फिर से इन तीनों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। लखनऊ के पास गेंदबाजी विभाग में बहुत बड़े नाम नहीं है लेकिन उसके गेंदबाजों ने अभी तक परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करके अपनी टीम के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसकी तरफ से शार्दुल ठाकुर ने सर्वाधिक 12 विकेट लिए हैं और स्थानीय खिलाड़ी होने के कारण वह यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिशेल सेंटनर, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), डेविड मिलर, एडेन मार्क्र्म, आर्यन जुयाल, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, युवराज चौधरी, राजवर्धन हंगरगेकर, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, शार्दुल ठाकुर, अवेश खान, आकाश दीप, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, शमर जोसेफ, प्रिंस यादव, मयंक यादव, रवि बिश्नोई।

मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण अध्यक्ष का मामला अटका हुआ

भोपाल मध्य प्रदेश में BJP के नए अध्यक्ष का नाम अभी तक तय नहीं हो पाया है। कई बड़े नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण यह मामला अटका हुआ है। जनवरी में चुनाव अधिकारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा भी नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम भी घोषित किया जाएगा। बढ़ता जा रहा इंतजार दिग्गजों के बीच खींचतान और रायशुमारी न हो पाने के कारण यह मामला उलझा हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सहमति भी इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिलाध्यक्षों के नाम घोषित होने के बाद उम्मीद थी कि प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। लेकिन, यह इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। जाति, राजनीति और क्षेत्र जैसे कई समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। जो नाम सामने आए थे, उन पर भी अब चर्चा नहीं हो रही है। चुनाव अधिकारी बने पर दौरा नहीं कर पाए केंद्रीय मंत्री जनवरी में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव अधिकारी बनाया गया था लेकिन, उनका प्रदेश दौरा नहीं हो पाया। उन्होंने किसी नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की हो या रायशुमारी की हो, ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर सहमति बनने के बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों के अध्यक्षों के नाम घोषित किए जाएंगे लेकिन, अभी तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी तय नहीं हो पाया है। पहली बार हुआ ऐसा यह पहली बार है जब BJP के संगठन चुनाव में बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के चुनाव के चार महीने बाद भी प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बड़े नेता कम हैं। इसलिए वहां हाईकमान ने फैसला कर लिया। लेकिन, मध्य प्रदेश में स्थिति अलग है। यहां कई बड़े नेता हैं जिनकी राय लेना जरूरी है। एमपी में बड़े नेताओं से सलाह-मशवरा जरूरी मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, जयभान सिंह पवैया, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह जैसे नेताओं की राय को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। देरी की एक वजह इन बड़े नेताओं से रायशुमारी न होना भी है। सत्ता और संगठन में बदलाव के बाद पुराने नेता अपनी जगह बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, नए नेता अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं। सीएम और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बीच बात पक्की मुख्यमंत्री मोहन यादव की सहमति भी प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर बहुत मायने रखती है। पार्टी नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बातचीत हो चुकी है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।  

भारत की जल Strike से Pakistan की हुई हालत पतली, बाढ़ या सूखा… दोनों से पाकिस्तान में हाहाकार मचना फाइनल

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव गहरा गया है. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है और 1960 की ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया है. भारत की मार से पाकिस्तान अंदर तक हिल गया है और नेता गीदड़भभकी देने लगे हैं. सिंधु जल संधि सस्पेंड होने के बाद पाकिस्तान पर संकट के बादल हैं. बाढ़ या सूखा… दोनों से पाकिस्तान में हाहाकार मचना तय है. हालात कुछ ऐसे हैं कि PAK को खुद पता नहीं है कि आगे क्या होने वाला है? दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई है. हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है. भारत भी साफ कर चुका है कि ‘सीमा पार आतंकवाद’ की जड़ें मिट्टी में मिला दी जाएंगी. भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बड़े फैसले लिए हैं. भारत ने पाकिस्तान को कर दिया सूचित भारत ने पाकिस्तान को एक आधिकारिक पत्र के जरिए सूचित किया है कि सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है. पत्र में भारत ने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा निरंतर हो रहे सीमा-पार आतंकवाद के चलते यह निर्णय लिया गया है. क्या है सिंधु जल संधि? साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में जल बंटवारा हुआ था. संधि के तहत भारत को रावी, ब्यास और सतलुज नदियों पर पूर्ण नियंत्रण दिया गया था. जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदी पर अधिकार दिया गया था, जो जम्मू-कश्मीर से होकर बहती हैं. सवाल उठ रहा है कि जल-बंटवारे के समझौते के निलंबन से पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा? अब क्या बदलेगा? 1. इंडस जल आयुक्तों की बैठकें बंद अब दोनों देशों के जल आयुक्तों की सालाना बैठकें नहीं होंगी, जिससे संवाद और विवाद निपटाने के रास्ते बंद हो जाएंगे. दरअसल, संधि के तहत दोनों देशों के दो आयुक्तों को साल में एक बार बारी-बारी से मिलने की व्यवस्था दी गई थी. भारत द्वारा संधि को निलंबित करने के बाद अब ऐसी कोई बैठक नहीं होगी. 2. जल संबंधी आंकड़े नहीं मिलेंगे भारत अब पाकिस्तान को नदियों का प्रवाह, बाढ़ की चेतावनी और ग्लेशियर पिघलने की जानकारी नहीं देगा. इससे पाकिस्तान में बाढ़ या सूखे की संभावना बढ़ सकती है. संधि के तहत भारत, पाकिस्तान को समय पर हाइड्रोलॉजिकल डेटा सर्कुलेट करता आ रहा था. इसमें बाढ़ की चेतावनी जारी की जाती थी. नदी के प्रवाह को साझा करना और ग्लेशियर पिघलने के पैटर्न पर अलर्ट दिया जाता था. अब पाकिस्तान को सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल स्तर के बारे में जानकारी की कमी के कारण संभावित सूखे या बाढ़ का खतरा है. 3. परियोजनाओं के बारे में नहीं मिलेगी जानकारी भारत अब पश्चिमी नदियों पर अपने जलविद्युत परियोजनाओं को बिना पाकिस्तान से सलाह-मशविरा किए आगे बढ़ा सकेगा. यानी दोनों देशों के बीच सूचना का प्रवाह रुक जाएगा. इस संधि ने पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों पर भारतीय जलविद्युत परियोजनाओं के डिजाइन को चिह्नित करने का अधिकार दिया था. 4. पाकिस्तानी आयुक्त को जम्मू-कश्मीर में प्रवेश नहीं पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त अब भारतीय क्षेत्रों का निरीक्षण नहीं कर सकेंगे, जिससे उन्हें भारतीय परियोजनाओं की जानकारी नहीं मिलेगी. इससे पहले पाकिस्तान के आयुक्त पश्चिमी नदियों और भारतीय जलविद्युत परियोजनाओं की स्थिति या रिपोर्ट लेने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा करते आ रहे थे. 5. वार्षिक रिपोर्ट का प्रकाशन नहीं अब स्थायी सिंधु आयोग (Permanent Indus Commission) कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं करेगा, जिससे पाकिस्तान की सिंचाई और कृषि योजनाएं प्रभावित होंगी. सिंधु जल संधि के अनुसार, स्थायी सिंधु आयोग (PIC), सिंधु प्रणाली के बंटवारे का प्रबंधन करने के लिए द्विपक्षीय निकाय है. इसे नदियों के साझा उपयोग पर वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करनी होती है. लेकिन भारत द्वारा समझौते को सस्पेंड किए जाने के कारण वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की जाएगी, जिससे पाकिस्तान की सिंचाई और कृषि प्रणालियों के लिए जोखिम पैदा होगा. पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा? पाकिस्तान पहले से ही वित्तीय और राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहा है. इस फैसले से उस पर दूरगामी असर पड़ने वाला है. पाकिस्तान कृषि के लिए सिंधु नदी पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जो इसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. पाकिस्तान की 90% सिंचाई प्रणाली सिंधु नदी पर आधारित है. जल आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान उसके कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है. पश्चिमी नदियों से पानी की आपूर्ति में कोई भी व्यवधान या भविष्य में व्यवधान पाकिस्तान में पानी की कमी को बढ़ा सकती है. फसल की पैदावार को कम कर सकती हैं और घरेलू अशांति को बढ़ावा दे सकती हैं. खासकर पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे पंजाब और सिंध जैसे प्रांतों में हालात बदतर हो सकते हैं. कृषि उत्पादन के अलावा बिजली आपूर्ति पर भी भारी असर पड़ेगा. पहले से ही पानी की कमी के कारण पाकिस्तान सालाना लगभग 19 मिलियन टन कोयला आयात करता है, लेकिन आगे कोयला आयात का वित्तीय बोझ और बढ़ सकता है. आज पाकिस्तान की जीडीपी का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा कर्ज में डूबा हुआ है. पाकिस्‍तान के बिलबिलाने की वजह समझ‍िए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने का फैसला किया है। इस फैसले से पाकिस्तान की कृषि अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। यही कारण है क‍ि वह ब‍िलब‍िला गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जल डेटा साझाकरण में रुकावट, फसल के मौसम में पानी की कमी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। हालांकि, इसका दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत पश्चिमी नदियों के पानी का पूरा इस्‍तेमाल करने के लिए कितने समय में बुनियादी ढांचा विकसित कर पाता है। इसमें एक दशक या उससे अधिक समय लग सकता है। सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी। भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर यह एक महत्वपूर्ण समझौता है। इस संधि के अनुसार, पूर्वी नदियां – सतलज, ब्यास और रावी – भारत को दी गईं। वहीं, पश्चिमी … Read more

मुख्यमंत्री यादव की स्वीकृति मिलते ही वित्त विभाग ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते बढ़ाने की प्रक्रिया की शुरू

भोपाल राज्य कर्मचारियों को जल्द ही सरकार की ओर से तोहफा मिलने वाला है। इन कर्मचारियों का 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता ( Dearness Allowance ) बढ़ाने की कवायद चल रही है। आपको बता दें कि, इसका लाभ प्रदेश के 7 लाख अधिकारी और कर्मचारियों को मिलेगा।  आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश वित्त विभाग की ओर से महंगाई भत्ता बढ़ाने की प्रक्रिया को शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इसपर स्वीकृति मिलते ही इस एकमुश्त बढ़ोतरी को लागू कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में राज्य के कर्मचारियों को 50 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है और ये नई बढ़ोतरी उनके आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मददगार साबित होगी।  कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश कार्यरत प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत प्रदान करने के आदेश जारी हो गए है। मगर प्रदेश में ही कार्यरत कर्मचारी 50 फीसदी महंगाई भत्ता एवं राहत प्राप्त कर रहे हैं। जबकि महंगाई सबके लिए बराबर है। तृतीय कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत प्रदान की जा रही है। प्रदेश में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा वन सेवा पुलिस सेवा के अधिकारियों को भी 55 प्रतिशत डीए और डीआर दी गई है, लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और महंगाई रात से वंचित रखा गया है। सरकार ने बचा लिए 900 करोड़ रुपए आगे तिवारी ने बताया कि प्रदेश सरकार के द्वारा कई बार घोषणा की गई है कि केंद्र दर और तिथि से ही महंगाई भत्ता प्रदेश के कर्मचारियों प्रदान किया जाएगा, लेकिन जब ज्यादा समय जाता है तो सरकार पिछला बकाया नहीं दे पाती है। सरकार ने महंगाी भत्ता न देकर लगभग 900 करोड़ बचा लिए। वाहन और दिव्यांग भत्ता बढ़ाने के आदेश नहीं हुए जारी     प्रदेश सरकार ने लंबे समय बाद कर्मचारियों के वर्षों से लंबित विभिन्न भत्ते बढ़ाने का निर्णय लिया है। कुछ भत्तों में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए पर सामान्य प्रशासन विभाग ने वाहन और दिव्यांग भत्ते में वृद्धि के अभी तक आदेश जारी नहीं किए हैं।     जबकि, वित्त विभाग ने आदेश का प्रारूप तक उपलब्ध करा दिया है। सूत्रों का कहना है कि अब अगले सप्ताह दोनों भत्तों में वृद्धि के आदेश जारी करने की तैयारी हो गई है।   इस प्रकार की जाएगी नई बढ़ोतरी बढ़ोतरी का प्रतिशत : नई बढ़ोतरी 5 फीसदी की जाएगी। लाभार्थियों की संख्या : लगभग 7 लाख राज्य कर्मचारी और अधिकारियों का इसका फायदा मिलेगा। तारीख : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद एकमुश्त ये वृद्धि लागू कर दी जाएगी।

पहलगाम हमले के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, लोगों में उत्साह, सरकार से हथियार देने की कर रहे मांग

भोपाल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बावजूद, भोपाल के लोग अमरनाथ यात्रा के लिए उत्साहित हैं। वे बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। युवाओं में यात्रा को लेकर खास उत्साह है। कुछ युवा सरकार से हथियार देने की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपनी सुरक्षा कर सकें। वहीं, कुछ का कहना है कि उन्हें सरकार और सेना पर भरोसा है। उन्हें विश्वास है कि बाबा महादेव की कृपा से सब ठीक रहेगा।ई गम और गुस्से का माहौल देश में गम और गुस्से का माहौल है। लेकिन भोपाल के लोगों का हौसला अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए अभी भी बुलंद है। भोपाल से जम्मू तक रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले श्रद्धालु कह रहे हैं कि आतंकियों ने निर्दोष लोगों पर हमला किया लेकिन इससे डरने की कोई बात नहीं है। वे कहते हैं कि जैसे हर साल यात्रा होती है, वैसे ही इस साल भी होगी। उन्हें भारतीय सेना, PM मोदी और सरकार पर पूरा भरोसा है। सरकार से हथियार देने की मांग कुछ श्रद्धालु बहुत उत्साहित दिख रहे हैं। उनका कहना है कि वे निहत्थे यात्रा पर नहीं जाना चाहते। वे चाहते हैं कि उन्हें हथियार दिए जाएं। ताकि जरूरत पड़ने पर वे सेना का साथ दे सकें। उनका मानना है कि अगर वे सशस्त्र रहेंगे तो कोई उन पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा। एक श्रद्धालु ने कहा, ‘हमें सरकार हथियार दे दे ताकि अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकेंगे।’ एक और श्रद्धालु ने कहा, ‘उन्हें सरकार और सेना पर भरोसा है और बाबा महादेव की कृपा से सब कुशल रहेगा।’ इस हमले के बाद इतना परिवर्तन     अब लोग जत्थों में यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके साथ बाबा बर्फानी समिति व अमरनाथ सेवा समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि उनका भंडारा निश्चित समय पर निर्धारित स्थान पर लगेगा।     श्रद्धालु अब और उत्साह के साथ खाद्य सामग्री का दान कर रहे हैं। मोहना निवासी विवेक शर्मा का कहना है कि पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जाने की प्लानिंग की थी। पहले परिवार के एक-दो लोग भी साथ जा रहे थे।     पहलगाम हुए आतंकी हमले के बाद अब उनका विचार अकेले ही जाने का है। कोशिश है कि अब किसी जत्थे के साथ यात्रा के लिए जायें। क्योंकि पूर्व यात्रा कर चुके श्रद्धालु को भौगोलिक स्थिति के साथ सुरक्षा इंतजामों की जानकारी होती है।     प्रोफेसर डॉ. संजय पांडे ने बताया कि हमले के बाद से युवा यात्रा के लिए अधिक जानकारी ले रहे हैं और बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्साह दिखा रहे हैं। पहली बार यात्रा पर जाने वाले उनसे जरूर सवाल कर रहे हैं कि.यात्रा के दौरान किस तरीके की सुरक्षा व्यवस्था होती है।     जो पूर्व में यात्रा कर चुके हैं, उन्हें पता है कि हर यात्री पर सेना के जवान की नजर होती है और सुरक्षा मापदंड अपनाते हुए यात्रा कराई जाती है। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक यात्रियों का जत्था ले जाने की योजना थी। अब तक 150 लोगों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।     उनका जत्था दो जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होना हैं, अगर रजिस्ट्रेशन में कोई परेशानी आई, तो एक-दो दिन कार्यक्रम आगे पीछे हो सकता है। भंडारे की तैयारियां शुरू कर दी है शुक्रवार से दानदाताओं ने खाद्य सामग्री देने का सिलसिला शुरू कर दिया है। लोगों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। नया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किये जा रहे हैं। गुरुवार को 170 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बैंक कर्मचारी पप्पू वर्मा ने बताया कि आतंकी हमले के बाद लोग पहलगाम से यात्रा शुरू करने के लिए अधिक रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, क्योंकि यहां से यात्रा ज्यादा सुगम है। हर दिन हो रहे 200 तक रजिस्ट्रेशन भोपाल में जम्मू-कश्मीर बैंक में अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है। यह केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुला रहता है। यहां हर दिन लगभग 100 से 200 लोग रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इससे पता चलता है कि आतंक के डर के बावजूद लोगों की श्रद्धा और साहस कम नहीं हुआ है।

उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: संविधान की पढ़ाई अनिवार्य, विभाग ने जारी की अधिसूचना

भोपाल मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातकोत्तर (Post Graduation) के सभी विद्यार्थियों के लिए संविधान (Constitution), मानवीय मूल्य (Human Values) और नैतिक शिक्षा (Ethics Education) की पढ़ाई जरूरी कर दी गई है। पहले यह विषय केवल आर्ट डिपार्टमेंट के छात्रों तक सीमित था। लेकिन अब विज्ञान, गणित और वाणिज्य (Science, Mathematics and Commerce) सहित सभी डिपार्टमेंट के विद्यार्थियों को इसे पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी करते हुए इसे सत्र 2025-26 से लागू करने का निर्णय लिया है। बता दें कि नई अधिसूचना के बाद विज्ञान, गणित और वाणिज्य संकाय वालों को भी संविधान का पाठ पढ़ना होगा. संविधान, मानवीय मूल्य और नैतिक शिक्षा को वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम के तौर पर एक अलग प्रश्न पत्र में शामिल किया जा रहा है. अधिकारियों की मानें तो विस्तृत संविधान का कितना हिस्सा और उसका कौन सा प्रविधान पढ़ाया जाएगा यह अध्ययन मंडल बाद में तय करेगा. अध्ययन मंडल इन तीनों विषयों को मिलाकर कर एक पाठ्यक्रम तैयार करेगा. संविधान का सिलेबस कैसे लागू होगा     यह नया वैल्यू एडेड सिलेबस (Value-Added Course) पोस्टग्रेजुएट के दूसरे या चौथे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। अगर कोई छात्र एक वर्ष का पीजी प्रोग्राम कर रहा है , तो उसे दूसरे सेमेस्टर में यह सिलेबस पढ़ाया जाएगा, जबकि दो वर्षीय कार्यक्रम करने वाले छात्रों को इसे चौथे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा।     सिलेबस दो क्रेडिट डिजिट्स का होगा और इसमें पास होना अनिवार्य किया गया है। विषय की ब्रॉड आउटलाइन और पाठ्यविषय अध्ययन मंडल (Curriculum Study Board) के तहत तय किया जाएगा। तीनों विषयों को मिलाकर एक पाठ्यक्रम तैयार होगा अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत संविधान का कितना हिस्सा और उसका कौन सा प्रविधान पढ़ाया जाएगा यह अध्ययन मंडल बाद में तय करेगा। अध्ययन मंडल इन तीनों विषयों को मिलाकर कर एक पाठ्यक्रम तैयार करेगा। इस अधिसूचना के अनुसार स्नातकोत्तर चार सेमेस्टर का होगा। संविधान वाले वैल्यू एडेड विषय को दूसरे अथवा चौथे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। ऐसा इसलिए कि अगर कोई विद्यार्थी एक वर्ष का स्नातकोत्तर करता है तो उसे भी यह पढ़ा दिया जाए। दो वर्ष पढ़ाई का विकल्प चुनने वालों को यह चौथे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। यह पाठ्यक्रम दो क्रेडिट अंक का होगा, जिसमें विद्यार्थियों के लिए उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। पीजी में मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव स्नातकोत्तर कक्षाओं में मूल्यांकन प्रणाली बदली जाएगी। अब 60 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा और 40 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन से मिलेंगे। दोनों में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक पाना जरूरी होगा। प्रोजेक्ट, सेमिनार या लघु शोध प्रबंध में फेल होने पर दो सेमेस्टर में दोबारा मौका मिलेगा। अभी तक 85 प्रतिशत अंक मुख्य परीक्षा और 15 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन पर मिलते थे। अप्रैजल सिस्टम में भी बदलाव नई सिस्टम के मुताबिक, पोस्टग्रेजुएट स्तर पर अब कुल डिजिट्स में से 60% अंक लिखित परीक्षा (Written Examination) और 40% अंक आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के आधार पर दिए जाएंगे। दोनों में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक अर्जित करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, अगर कोई छात्र प्रोजेक्ट, सेमिनार या डिसर्टेशन में असफल होता है, तो उसे दो सेमेस्टरों के भीतर फिर से अवसर मिलेगा। कर्रेंटली रेटेड 85% मुख्य परीक्षा और 15% आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य केया है अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को संविधान की व्यापक जानकारी देना और उनमें ह्यूमन वैल्यूज और नैतिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इससे सभी फैकल्टीज के छात्रों में समान रूप से संवैधानिक समझ और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होगा। क्या है हमारा भारतीय संविधान भारतीय संविधान (Indian Constitution) हमारे देश का सबसे बड़ा कानून है, जो यह बताता है कि देश कैसे चलेगा। इसमें लिखा है कि, सरकार कैसे काम करेगी और हर नागरिक के क्या अधिकार और कर्तव्य हैं। हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। इसमें लोकतंत्र, समानता, आजादी और धर्मनिरपेक्षता जैसे बड़े सिद्धांतों को जगह दी गई है। इसमें सरकार के तीन हिस्से — संसद, सरकार और अदालत — के काम भी बताए गए हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो सबको बराबरी का हक देता है।

ग्वालियर के सभी गेहूं खरीदी केंद्रों पर शीतल पेय पदार्थ भी किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे

भोपाल मध्य प्रदेश में इस समय गेहू खरीदी की जा रही है, उपार्जन केंद्रों पर किसानों से सरकार के प्रतिनिधि गेहूं खरीद रहे हैं, अब तक सरकार ने 6 लाख से अधिक किसानों से 56 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद लिया है और अभी तक लगभग 4000 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है। खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे उन्हें कोई परेशानी ना ही इतना ही नहीं  किसानों का स्वागत भी वेलकम ड्रिंक्स से किया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)  पर मध्य प्रदेश में अभी तक 6 लाख 44 हजार 878 किसानों से 56 लाख 85 हजार 477 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि किसानों को उपार्जित गेहूं का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 4000 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। खाद्य मंत्री ने बताया कि गेहूं  का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये है और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 175 रुपये प्रति क्विंटल इस पर बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसान गेहूं उपार्जन के लिये 30 अप्रैल तक स्लाट बुक करा सकते हैं। प्रदेश के कई जिलों में लू जैसे हालात प्रदेश में गर्मी बहुत तेज पड़ रही है, कई जिलों में लू जैसे हालत हैं मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किये हैं मौसम को देखते हुए गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सरकार के निर्देश पर किसानों के लिए ठंडा पानी, कूलर, छायादार बैठने की जगह की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्था दी जा रही हैं, ग्वालियर जिले में तो किसानों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। किसानों का स्वागत नींबू की शिकंजी, ओआरएस व शरबत से ग्वालियर में बढ़ते हुए तापमान को ध्यान में रखकर जिले के उपार्जन केंद्रों पर किसानों और हम्मालों को शीतल जल के साथ-साथ वैलकम ड्रिंक के रूप में नींबू की शिकंजी, ओआरएस व शरबत जैसे पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शुक्रवार को हरि लीला विपणन संस्था घाटीगाँव द्वारा संचालित उपार्जन केंद्र  एवं मोहना स्थित खरीदी केंद्र पर किसानों व हम्माल भाईयों को शरबत पिलाया गया। उपार्जन केंद्रों पर हुए स्वागत व अच्छी व्यवस्थायें पाए जाने पर किसानों ने सरकार के प्रति धन्यवाद जताया। उपार्जन केंद्रों पर किसानों का विशेष ध्यान कलेक्टर रुचिका चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। सभी केंद्रों पर शीतल पेयजल व छाया सहित अन्य बुनियादी सुविधायें भी पुख्ता रहें। इसी कड़ी में अत्यधिक गर्मी को ध्यान में रखकर सभी खरीदी केंद्रों पर ओआरएस की व्यवस्था की गई है। साथ ही सुविधा के अनुसार अन्य शीतल पेय पदार्थ भी किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक की गई गेहूं खरीदी शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अभी तक सीहोर में 6 लाख 9 हजार 192 मीट्रिक टन , उज्जैन में 5 लाख 98 हजार 610, विदिशा में 4 लाख 63 हजार 658, रायसेन में 4 लाख 63 हजार 338, शाजापुर में 3 लाख 26 हजार 19, भोपाल में 3 लाख 12 हजार 598, राजगढ़ में 3 लाख 01 हजार 900, देवास में 2 लाख 64 हजार 84, नर्मदापुरम में 2 लाख 61 हजार 47, इंदौर में 2 लाख 16 हजार 494, सागर में 1 लाख 97 हजार 658, आगर मालवा में 1 लाख 64 हजार 280, सिवनी में 1 लाख 57 हजार 254, मंदसौर में 1 लाख 44 हजार 379, हरदा में 1 लाख 3 हजार 663, रतलाम में 86 हजार 565, दमोह में 85 हजार 705, नरसिंहपुर में 74 हजार 855 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इन जिलों में भी जारी है गेहूं उपार्जन इसी तरह श्योपुर में 50 हजार 190 मीट्रिक टन, दतिया में 46 हजार 310, शिवपुरी में 42 हजार 812, खण्डवा में 40 हजार 149, छतरपुर में 36 हजार 501, ग्वालियर में 35 हजार 229, कटनी में 34 हजार 48, गुना में 33 हजार 200, रीवा में 31 हजार 689, जबलपुर में 30 हजार 940, अशोकनगर में 30 हजार 876, नीमच में 30 हजार 241, पन्ना में 29 हजार 433, मण्डला में 29 हजार 340, भिण्ड में 26 हजार 204, बैतूल में 21 हजार 442, झाबुआ में 21 हजार 195, मैहर में 19 हजार 643, छिन्दवाड़ा में 17 हजार 896, मुरैना में 15 हजार 60, टीकमगढ़ में 8 हजार 628, शहडोल में 2 हजार 943, खरगौन में 2595, निवाड़ी में 1557, सिंगरौली में 1370, उमरिया में 1360, डिण्डोरी में 1254, मऊगंज में 1227, सीधी 874, बालाघाट में 636, अनूपपुर में 463 अलीराजपुर 214 और पांढुर्णा में 44 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है।

बुरहानपुर में शिवराज सिंह चौहान ने कहा- ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए जल्द महाराष्ट्र सरकार से होगा एमओयू

बुरहानपुर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की जल समृद्धि में नया अध्याय लिखने वाली ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए जल्द ही महाराष्ट्र सरकार से मप्र सरकार का एमओयू साइन होगा। इस परियोजना के पूर्ण होने पर दोनों राज्यों के भूमिगत जल स्तर और सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। यह जानकारी शनिवार शाम अल्प प्रवास पर बुरहानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी है। उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश की जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जलगांव से हेलिकाप्टर द्वारा शाम करीब पांच बजे शहर के रेणुका मार्ग स्थित विवाह घर पहुंचे थे। वे नेपानगर विधायक मंजू दादू की बहन अंजलि और रोहित के विवाह समारोह में शामिल हुए और दोनों को नव दांपत्य जीवन की बधाई व आशीर्वाद दिया। हेलिपैड में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, नेपानगर विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक सुमित्रा कास्डेकर सहित भाजपा पदाधिकारियों ने उनकी अगवानी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे संतोष है कि स्व. राजेंद्र दादू के सपने को साकार करने का कार्य विधायक मंजू दादू और उनके परिवार कर रहा है।

मोहन भागवत ने कहा- भारत की शास्त्रार्थ परंपरा सत्य को सहमति से स्थापित करती है, पड़ोसियों को तंग नहीं करते

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत की शास्त्रार्थ परंपरा सत्य को सहमति से स्थापित करती है। हिंदू मैनिफेस्टो इसी उद्देश्य से प्रस्तावित है, जो व्यापक चर्चा और सहमति के लिए प्रमाणित पुस्तक है। यह विश्व को नया रास्ता देने का भारत का कर्तव्य है, क्योंकि 2000 वर्षों के आस्तिक, नास्तिक और जड़वादी प्रयोग असफल रहे। भौतिक सुख बढ़ा, लेकिन असमानता और पर्यावरण हानि भी बढ़ी। एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन दृष्टि पर आधारित जीवन व्यवस्था स्थापित होनी चाहिए। पुस्तक में आठ सूत्र पूर्ण हैं, लेकिन भाष्य काल और परिस्थिति के अनुसार बदलते हैं। पिछले 1500 वर्षों से नया शास्त्र नहीं आया, जिसके कारण जाति व्यवस्था जैसे दोष समाज में आए। वेदों का सही भाष्य आज आवश्यक है। शास्त्रों में अस्पृश्यता या जाति का कोई स्थान नहीं, जैसा उडुपी के संत समाज ने भी कहा। आततायियों को सबक सिखाना भी हमारा धर्म: भागवत उन्होंने जोर दिया कि अहिंसा हमारा स्वभाव है, लेकिन आततायियों को सबक सिखाना भी धर्म है। पड़ोसियों को तंग नहीं करते, लेकिन उपद्रव करने वालों को दंड देना राजा का कर्तव्य है। भ्रष्टाचारियों को छोड़ना उचित नहीं, क्योंकि धर्म में अर्थ और काम को मर्यादा में रखना जरूरी है। धर्म को केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं करना चाहिए; यह सत्य, करुणा और सुचिता है। हिंदू समाज को अपने धर्म को समझने की जरूरत: भागवत हिंदू समाज को अपने धर्म को समझने की जरूरत है। हिंदू मैनिफेस्टो शास्त्रार्थ के माध्यम से शुद्ध परंपरा को सामने लाएगा और कालानुरूप स्वरूप स्थापित करेगा। यह पुस्तक विश्व कल्याण के लिए है, और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय बोले- सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता से करें निराकरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने फौती–नामांतरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विधिक वारिसान के पक्ष में फौती नामांतरण समय पर सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा में नामांतरण न होने पर संबंधित पटवारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही में विलंब न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का सीधा संबंध आम जनता से है, अतः मैदानी अमले की लापरवाही शासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने और सभी आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य रूप से किया जाए और दो पेशी में ही प्रकरणों का निराकरण हो। अति आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पेशी की तिथि बढ़ाने से बचा जाए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डायवर्सन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने अविवादित नामांतरण और बंटवारे के मामलों में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजस्व, कृषि, खाद्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों की संयुक्त टीम गठित कर भूमि और फसल से संबंधित सटीक जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए। राजस्व सचिव अविनाश चंपावत ने विभागीय कार्यों और गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण, पंजीयन का डिजिटलीकरण तथा मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का कार्य पूर्णता की ओर है। साथ ही उन्होंने  राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के डिजिटलीकरण, किसान पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और जियो-रेफरेंसिंग कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया। श्री चंपावत ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री साय के पूर्व निर्देशों के अनुरूप जिलों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों का स्थानांतरण नियमित रूप से किया जा रहा है। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने समीक्षा बैठक में कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जमीन की खरीदी-बिक्री सुनिश्चित की जाए और राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर भू-धारकों को शीघ्र राहत दी जाए। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, डॉ. बसवराजू, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। “राजस्व विभाग का कार्य सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निष्पादन और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ मिले, इसके लिए सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। फौती–नामांतरण सहित सभी राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक विलंब न हो, पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिले, और राजस्व न्यायालयों का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन नियमित रूप से किया जाए। मैदानी अमले की लापरवाही शासन की छवि को प्रभावित करती है, इसलिए अविवादित नामांतरण,  बंटवारे सहित अन्य राजस्व मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डायवर्सन प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय “शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जमीन की खरीदी-बिक्री सुनिश्चित की जाए। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर भू-धारकों को शीघ्र राहत प्रदान करें। आम नागरिकों को न्याय और सुविधा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य के लिए सुलभ, उच्च गुणवत्ता युक्त और व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव, आधुनिक मेडिकल कॉलेजों का सुदृढ़ आधार और समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ उठाने के उद्देश्य से, उन्हें 70 वर्ष की आयु तक संविदा सेवा देने के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगी साथ ही यह निर्णय चिकित्सकों की कमी की पूर्ति करने में भी सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा और इंदौर के मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉलेजों का अधोसंरचना विकास , अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था अन्य आवश्यक कार्य भी समय से पूर्ण किए जाएँ। शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि एमपीपीएससी के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल प्राथमिकता से पूरा किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल (ई-एचआरएमएस) की तैयारी पूर्ण कर ली जाए। पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय से विभागीय कार्य में गति आएगी और सेवाओं में सुधार होगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना उपस्थित रहे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त तक आयोजित होगी, सरकार ने यात्रा में जोखिम की जिम्मेदारी खुद लेने की सलाह दी

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. इस बीच विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस साल भी कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. जून से अगस्त तक इसका आयोजन किया जाएगा. यह यात्रा बीते पांच सालों से बंद थी. विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी? विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस साल जून से अगस्त 2025 के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन होगा. इच्छुक यात्रा कैलाश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस साल यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथु ला दर्रे से होगी. पांच और दस बैंचों का संचालन किया जाएगा. प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे. यात्रियों का चयन आवेदकों रैंडम सलेक्शन से कंप्यूटर द्वारा संचालित होगा. इसमें जेंडर बैलेंस का भी ध्यान रखा जाएगा. कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन के साथ बनी सहमति गलवान घाटी में भारत-चीन के साथ हुए संघर्ष के बाद अब दोनों देश के बीच रिश्ते सुधर रहे हैं. भारत और चीन के बीच संवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. कोरोना महामारी के दौरान यात्रा पर ब्रेक लग गई थी. जिसके बाद सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हुआ. हालांकि, भारत ने इस मुद्दे को लगातार चीन के साथ कूटनीतिक स्तर पर उठाया. 2019 के बाद यह पहली बार है जब मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होगी. बीते साल, अक्टूबर (2024) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी. जिसके बाद सीमा तनाव घटा और यात्रा की दिशा में प्रगति हुई. यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में इसकी जानकारी दी है। इस साल यात्रा करने वाले लोगों के लिए दो रास्ते हैं। उत्तराखंड राज्य में लिपुलेख पास से 5 जत्थे जाएंगे। हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। सिक्किम राज्य में नाथू ला पास से 10 जत्थे जाएंगे। यहां भी हर जत्थे में 50 यात्री होंगे। कुल मिलाकर, यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए सरकार ने इंतज़ाम कर दिया है। यात्रा के लिए सरकार की एडवाइजरी इस यात्रा में प्रतिकूल हालात, अत्यंत खराब मौसम में ऊबड़-खाबड़ भू-भाग से होते हुए 19,500 फुट तक की चढ़ाई चढ़नी होती है और यह उन लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है जो शारीरिक और मेडिकली तंदुरुस्त नहीं हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण अथवा किसी भी अन्य कारण से किसी यात्री की मृत्यु अथवा उसके जख्मी होने अथवा उसकी संपत्ति के खोने अथवा क्षतिग्रस्त होने के लिए किसी भी तरह से वो जिम्मेदार नहीं होगी। जोखिम की जिम्मेदारी खुद लें-सरकार तीर्थयात्री यह यात्रा पूरी तरह से अपनी इच्छा शक्ति के बल पर तथा खर्च, जोखिम और परिणामों से अवगत होकर करते हैं। किसी तीर्थयात्री की सीमा पार मृत्यु हो जाने पर सरकार की उसके पार्थिव शरीर को दाह-संस्कार के लिए भारत लाने की किसी तरह की बाध्यता नहीं होगी। लिहाजा मृत्यु के मामले में चीन में पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के लिए सभी तीर्थ यात्रियों को एक सहमति प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना होता है। यह सभी जानकारी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई है। कहां से शुरू होगी यात्रा यह यात्रा उत्तराखंड, दिल्ली और सिक्किम राज्य की सरकारों और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित की जाती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) और उनके संबद्ध संगठन भारत में यात्रियों के हर जत्थे के लिए सम्भारगत सहायता और सुविधाएं मुहैया कराते हैं। दिल्ली हार्ट एवं लंग इंस्टीट्यूट (डीएचएलआई) इस यात्रा के लिए आवेदकों के स्वास्थ्य स्तरों के निर्धारण के लिए चिकित्सा जांच करता है।  

मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में जारी करेंगे 4 नई टेक-पॉलिसीज के लिए गाइडलाइन्स

 इंदौर मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी और डिजिटल नवाचार का केन्द्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित  ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 अप्रैल को इंदौर के ‘ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर’  में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि कॉन्क्लेव देश-दुनिया के टेक दिग्गजों के लिए निवेश का स्वर्णिम अवसर सिद्ध होगा। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का ये कॉन्क्लेव आयोजन जीआईएस-भोपाल में आए निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ प्रदेश का पहला पूर्णतः सेक्टर आधारित टेक-कॉन्क्लेव होगा, जो हाल ही में आयोजित जीआईएस-भोपाल में आये निवेश प्रस्तावों को धरातल पर साकार करने का मंच बनेगा। कार्यक्रम में Google, Microsoft, NVIDIA जैसी बिग-टेक कंपनियों सहित 300 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की चार नई तकनीकी नीतियों –GCC नीति, ड्रोन नीति, सेमीकंडक्टर नीति एवं AVGC-XR नीति की गाइडलाइन्स जारी करेंगे।यह नीतियां नवाचार, अनुसंधान और निर्माण को प्रोत्साहित कर प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर तक तकनीकी उद्य्मिता और क्षमताओं को नई ऊँचाइयाँ देंगी। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए IT पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटरों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और इन्क्यूबेशन हब का शुभारंभ करेंगे, प्रमुख निवेशकों के साथ एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे और इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस पोर्टल से निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एकल खिड़की की सुविधा मिलेगी। कॉन्क्लेव में सेक्टर-स्पेसिफिक राउंड टेबल मीटिंग्स, सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार बोर्ड से वीसी संवाद और मुख्यमंत्री की टेक-लीडर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कॉन्क्लेव का हिस्सा होंगी। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ मध्यप्रदेश को भविष्य के डिजिटल भारत में अग्रणी बनाने और जीआईएस-भोपाल की निवेश प्रतिबद्धताओं को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पहल सिद्ध होगी।  

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समुदाय से अपील कि है कि जनसंख्या वृद्धि पर भी जोर दिया जाए

छतरपुर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को गुरुग्राम पहुंचे थे। जहां पहुंचकर उन्होंने सेक्टर 43 के एक निजी ग्रुप में हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सबने पहलगाम देख लिया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- मेरे हिंदुओ…पहलगाम में तो देख लिया धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मेरे हिंदुओं, तुमने पहलगाम में तो देख ही लिया, उन्होंने ना ये पूछा की तुम तमिल बोलते हो, गुजराती बोलते हो, मराठी बोलते या पंजाबी बोलते हो, ये नहीं पूछा। उन्होंने ये भी नहीं पूछा कि तुम गुजरात के हो, मध्य प्रदेश, बिहार के हो या कहां के हो, उन्होंने सिर्फ ये पूछा की मुसलमान हो, कलमा पढ़ते हो, जवाब नहीं दिया तो मार दिया। हम बस यहीं कहेंगे, हिंदू एक रहेगा, कोई बाल बांका नहीं कर पाएगा। आगे शास्त्री ने कहा कि अभी तक हम चिल्लाते रहे पदयात्राओं में तो लोग हमारा मजाक बनाते थे कि बाबा निकला है भेदभाव मिटाने, बाबा निकला है जात-पात मिटाने, देख लो हिंदुओं। उन्होंने जाती नहीं पूछी- उन्होंने सिर्फ धर्म पूछा, तुम किस धर्म के हो। हिंदुओं अभी भी तुम क्षेत्रवाद, भाषावाद में बंटे रहोगे, एक दिन ऐसा आएगा, तुम्हारी दिल्ली में तुम्हें मारा जाएगा। अगर तुम एक रहोगे, तो कोई तुम्हारा बाल बांका नहीं कर पाएगा। बागेश्वर ने बताया हिंदू राष्ट्र का मतलब धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम तो चाहते हैं कि भारत हिंदू राष्ट्र हो और इसलिए हो जब हिंदू राष्ट्र होगा तो गैर वाले आने के पहले भी विचार करेंगे। इतने लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई। जरा विचार करना हंसता खेलता परिवार उजड़ गया। कुछ लोगों के घर बसने से पहले ही परिवार बिखर गया। किस बात पर, सिर्फ इस बात पर कि वह हिंदू थे। ये दुर्भाग्य है हमारा और तुम्हारा। हमने तो अपने आप को बहुत कोस रहे हैं उस दिन से। हिंदुस्तान में रहकर भी जहां 80 प्रतिशत हिंदू हैं, वहां हिंदू होना गुनाह है। ये दुर्भाग्य है। हिंदुओं का हिंदुस्तान में होना दुर्भाग्य हो गया, क्यों? क्योंकि तुम बंटे हो। क्यों? क्योंकि तुम एकजुट नहीं हों, क्यों? क्योंकि तुम बहुत डरपोक हो, क्यों, क्योंकि तुमने शास्त्र भी छोड़ दिए और शस्त्र भी छोड़ दिए। जिस दिन तुम दोनों लेकर चलने लगोगे, तुम्हारा कोई बाल भी बांका नहीं कर पाएग। ‘कुछ लोगों को बड़ा मजा आ रहा है’ बागेश्वर बाबा ने आगे अभी भी भारत के कुछ लोगों को बड़ा मजा आ रहा है, अंदर ही अंदर बहुत खुश है। हिंदुओं पहलगाम की घटना के बाद हमने प्रण ले लिया, कि देश के कोने-कोने में पदयात्रा करके हिंदुओं को एकजुट करेंगे। दिल्ली से वृंदावन, हम अपने लिए थोड़े ही लड़ रहे है… अपने लिए थोड़े ही चिल्ला रहे है। हम अपने लिए ही थोड़े 18-18 घंटे मेहनत कर रहे हैं। हमारा तो क्या ही फायदा होगा। मगर, हिंदुओं ये तो पहलगाम की बात है, अभी भी पश्चिम बंगाल में देख लो, मुर्शिदाबाद में, हिंदू पलायन कर रहा है, और देश का एक भी मुसलमान नहीं बोल रहा है। ये दुर्भाग्य है, इसलिए एक ही उपाय है, हम हिंदुओं को भय त्याग कर एक होना पड़ेगा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाकर क्या करोगे? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अब आप पूछोगे की एक होकर करेंगे क्या? भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाकर क्या करोगे? भारत को हिंदू राष्ट्र बनाकर गाय को राष्ट्र माता बनाएंगे। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे जिस दिन, उस दिन शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा दी जाएगी। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाकर करोगे क्या? रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ का दर्जा दिया जाएगा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाकर होगा क्या? राम के होने का सबूत नहीं मांगा जाएगा। और जो मांगेगा, वो भारत में होने का अधिकारी नहीं होगा। भारत अगर हिंदू राष्ट्र होगा तो कृष्ण जन्म भूमि के लिए कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपने ही ठाकुर जी है। हां, कानून हाथ में नहीं लेंगे, प्रार्थना करेंगे, कि हमारे साक्ष्य है, यहां प्रभु प्रकट भए, तो बार-बार केस लड़ने की जरूरत क्या है, राम मंदिर का जीत ही गए है, इस पर भी जज साहब फैसला सुना दीजिए। भारत अगर हिंदू राष्ट्र बनेगा, एक प्रार्थना हम कर ले, हमें पक्का भरोसा है, जिस दिन भारत हिंदू राष्ट्र होगा, उस हिंदू होना अपराध नहीं, गौरव की बात होगी। भारत अगर हिंदू राष्ट्र होगा तो दंड प्रणाली वेदोप्त पद्धति से होगी, शास्त्रोप्त पद्धति से होगी। वंदे मातरम नहीं बोलने वाले- पंचर पुत्र धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वंदेमातरम नहीं बोलने वालों और देश के खिलाफ हिंसा करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत का खाते हो, भारत की जमीन पर रहते हो, लेकिन भारत के लोगों को गोली मारते हो। ऐसे लोगों को जवाब देना होगा। उन्होंने आतंकवादियों को ‘पंचर पुत्र’ बताया। जनसंख्या वृद्धि पर दें ध्यान बाबा ने हिंदू समुदाय से अपील कि है कि जनसंख्या वृद्धि पर भी जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर हिंदू परिवार को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। दो बच्चे कारोबार और परिवार को बढ़ाएंगे, और दो बच्चे हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित होंगे। उन्होंने मजाकिया लहजे में निशाना साधते हुए कहा कि वे तो क्रिकेट टीम बना रहे हैं, 11 खिलाड़ी और एक अंपायर, यानी 12 बच्चे। हम भी पीछे नहीं रह सकते। मैं हिंदू राष्ट्र बना दूंगा… बागेश्वर बाबा ने कहा कि तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हें हिंदू राष्ट्र दूंगा। उनके इस बयान ने सभा में मौजूद लोगों में जोश भर दिया, और ‘जय श्री राम’ के नारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। उन्होंने हिंदू युवाओं से शास्त्रों के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए शस्त्र प्रशिक्षण लेने की भी अपील की।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet