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CM यादव ने कहा विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उज्जैन में आईटी पार्क के द्वितीय चरण का कार्य समय सीमा निर्धारित कर पीपीपी मोड पर तत्काल आरंभ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक कम्पनियों को दीर्घकालीन, अल्पकालीन ऋण, पूंजीगत सब्सिडी आदि के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए ऋणों की वसूली की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कार्पोरेशन के प्रबंधकीय तथा लेखा संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति

रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण हुआ कर्जमुक्त मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों से मिला वित्तीय स्वावलंबन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर से एक प्रेरणादायक और सुखद खबर सामने आई है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, जिसे पहले एनआरडीए के नाम से जाना जाता था, अब पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गया है। प्राधिकरण ने 1788 करोड़ रुपये का सारा कर्ज़ चुका दिया है, जो कि भारत सरकार और कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया था। साथ ही 100 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी भी अब राज्य सरकार को लौटा दी है। इस उपलब्धि का श्रेय छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की  नीतियों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन को जाता है। यह कदम नवा रायपुर को अधोसंरचना विकास और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मददगार होगा। नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ की आधुनिक और नियोजित राजधानी, के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लिया गया था। यह कर्ज भूमि अधिग्रहण, सड़कों, शासकीय भवनों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे हिदायतुल्लाह विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए था। हालांकि, कर्ज के बोझ और ब्याज भुगतान ने प्राधिकरण के नगदी प्रवाह को प्रभावित किया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में  छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय स्वावलंबन पर जोर देते हुए ऐसी नीतियाँ लागू कीं, जिन्होंने प्राधिकरण की आय बढ़ाई और कर्ज से छुटकारा दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर का ऋणमुक्त होना एक सुखद संकेत है। हमारी सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और रणनीतिक नियोजन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि प्राधिकरण न केवल कर्ज से मुक्त हो, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर विकास की नई ऊँचाइयों को छूए। यह उपलब्धि नवा रायपुर को एक आधुनिक, रोजगारोन्मुखी और सुविधायुक्त शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों ने प्राधिकरण की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया। मेडिसिटी, फार्मास्यूटिकल पार्क, देश की विख्यात पॉलिमैटेक कंपनी के सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की पहल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निजी निवेश को आकर्षित किया।  छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1043 करोड़ रूपए का प्रावधान और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन आवंटन ने आय के स्रोतों को मजबूत किया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के तहत व्यापारियों को राहत ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला है। ऋणमुक्ति के साथ, प्राधिकरण की सभी संपत्तियाँ अब बंधनमुक्त हो गयी है, जिससे उनका उपयोग और क्रय-विक्रय आसान होगा। इससे नगदी प्रवाह बेहतर होगा और अधोसंरचना, सार्वजनिक सेवाओं और नई परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि यह कदम नवा रायपुर को मेडिकल टूरिज्म और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक नियोजन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यह देश के अन्य शहरी विकास प्राधिकरणों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को न केवल छत्तीसगढ़ की गौरवशाली राजधानी बनाना है, बल्कि इसे देश के लिए एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन  बनने जा रहा है। आज नवा रायपुर में आरबीआई, नाबार्ड सहित अन्य बैंकों और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, बालको कैंसर अस्पताल, सत्य साईं अस्पताल जैसे अनेक संस्थाओं का पदार्पण हो चुका है। नवा रायपुर आईटी के क्षेत्र में भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। अब यहां पर सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर क्षेत्र से संबधित उद्योग भी लगने जा रहे हैं । नवा रायपुर में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल सुविधा प्रदान करने हेतु लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी विकसित करने की योजना है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में एडुसिटी विकसित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया है। यहां पर देश का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है। नवा रायपुर के बढ़ते विकास को देखते हुए इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के उन्नयन, संचालन एवं संधारण कार्य हेतु 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण हेतु 20 करोड़,  ई-बसों सेवाओं के लिए 10 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हेतु 20 करोड़, साईंस सिटी की स्थापना हेतु 37 करोड़ तथा पुस्तकालय के निर्माण हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस विकसित किए जाने के लिए 156 करोड़ की लागत से कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण प्रावधानित है। सीबीडी कमर्शियल टॉवर में 2000 आईटी रोजगार हेतु जगह का आबंटन टेली परफार्मेंस, स्क्वायर बिजनेस, सीएसएम कंपनियों को किया है।  नवा रायपुर में एसडीएम एवं नवीन तहसील कार्यालय की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं की पहली ट्रेन को विधायकों ने दिखाई हरी झण्डी

रायपुर : मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना श्रद्धालु पुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क दर्शन करेंगे विधायकों ने दिखाई भारत गौरव टुरिस्ट ट्रेन को हरी झण्डी श्रद्धालुओं में उत्साह, कहा मुख्यमंत्री ने बुजुर्गाे का किया सपना पूरा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर पांच साल के लम्बे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू हुई है। योजना के तहत आज बिलासपुर जिले के 775 यात्रियों का पहला जत्था पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। बिलासपुर, मुंगेली और जीपीएम जिले के तीर्थ यात्री बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचे जहां पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन द्वारा रवाना किया गया। तीर्थ यात्रा की बरसो पुरानी अभिलाषा पूरी होने पर बुजुर्गाे के आंखों की चमक देखते बन रही थी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार मौजूद थे।      विधायक धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला ने तीर्थ यात्रा पर जा रहे बुजुर्गाे से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने तीर्थ यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी कल्याणकारी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लोगों के बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं वे श्रवण कुमार की भूमिका निभाते हुए लोगों को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। यह योजना शुरू कर सरकार ने अपना एक और वादा निभाया है। बुजुर्गाे की आंखों में बरसो से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए जा रहे बुजुर्गाे की आज बरसो पुरानी तीर्थ यात्रा की अभिलाषा पूरी हुई है। तीर्थ यात्रा को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा गया। सभी समय से पहले ही स्टेशन पहुंच चुके थे। स्टेशन पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। 65 वर्षीय श्रीमती अम्बे सिंह बिलासपुर से यात्रा पर निकली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहले रामलला दर्शन योजना शुरू की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर मुख्यमंत्री ने हम सब बुजुर्गाे की सुध ली है। पंडित ईश्वर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित उम्र के बाद हर किसी बुजुर्ग का सपना होता है कि तीर्थ यात्रा दर्शन के लिए जाए लेकिन पैसों की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है। इस योजना से हमारा सपना पूरा हुआ है।      सिरगिट्टी से यात्रा पर जा रहे चन्द्रपाल सिंह राजपूत ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोगों के लिए तीर्थ यात्रा पर जाना सपने जैसे होता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमारा यह सपना पूरा किया है। जोरापारा सरकण्डा निवासी धनी राम अग्रवाल भी सपत्निक यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना बुजुर्गाे के लिए अमूल्य अवसर है। जगन्नाथ पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। यात्रा के दौरान शासन द्वारा तीर्थयात्रियों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते

भोपाल मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए गृहमंत्री अमित शाह को भगवान शंकर का अवतार बताया है। मिश्रा ने कहा कि शाह कलयुग में भगवान शिव का अवतार हैं। वह शांत रहते हैं, मौन रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आंतकवादियों का अंत करेंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि हिंदुओं को अब जागना चाहिए और घर में शास्त्र हो या ना हो लेकिन शस्त्र चालना आना चाहिए। प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण कथा के दौरान पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया और वहां लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि अमित शाह आंतकवादियों का नाश करके बदला लेंगे। उन्होंने शाह को भगवान शंकर का अवतार तक बता डाला। मिश्रा ने कहा, ‘हमारे भारत के गृहमंत्री अमित शाह जी कलयुग में शिव का अवतार हैं। शांत भी रहते हैं, मौन भी रहते हैं और तांडव भी दिखाते हैं। भारत की भूमि के गृहमंत्री शिव का एक रूप हैं, मुझे पूर्ण भरोसा है कि उनकी मौनता और बाद में उनका तांडव जरूर देखने को मिलता है। मुझे भरोसा है कि उन आतंकियों का अंत होगा।’ प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वहां वर्ण पूछकर नहीं बल्कि, धर्म पूछकर गोली मारी गई। उन्होंने कहा, ‘समझने वाला विषय है कि वह आतंकी हिंदू पूछकर, उन्होंने ब्राह्मण नहीं पूछा, क्षत्रिय नहीं पूछा, शूद्र नहीं पूछा, उन्होंने तो पूछा हिंदू है, और गोलियों से भून दिया। एक लड़के की शादी तो आठ दिन पहले हुई थी। कश्मीर घूमने गए थे। उसकी पत्नी रोती बिलखती रही।’ मिश्रा ने कथा में मौजूद महिलाओं से कहा कि घर में शस्त्र रखें और बच्चों को इसे चलाना सिखाएं। उन्होंने कहा,’मेरा निवेदन है तुम्हारे घर में शास्त्र है या नहीं हमें उससे मतलब नहीं है, लेकिन तुम्हारे बेटा-बेटी को शस्त्र चलाना आना चाहिए। बेटी को भी चलाना सिखाओ। हमारे सनातन धर्म का कोई देवता बिना शस्त्र के नहीं है। हमारा घर बिना शस्त्र के नहीं होना चाहिए। जब वक्त पड़े उन शस्त्र को निकालो और सामने खड़े हो जाओ।’ ‘उन सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप दो’ प्रदीप मिश्रा ने वक्फ संशोधन कानून का जिक्र करते हुए सांसदों पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन कानून का विरोध करने वाले सांसदों को कश्मीर घाटी में सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कितनी दुखद घटना कि पूछा जा रहा है कि तू हिंदू है और गोली मारी जाती है। बंगाल में देखा जा रहा है कि हिंदू है और घर से बाहर निकालकर मारा जा रहा है। संसद में बैठे हुए वो 200 सांसद वक्फ बोर्ड पर रातभर बहस करते हैं, हिंदुओं के नाम पर कलंक बैठे हैं, ले जाकर कश्मीर की घाटी में उनको सौंप दो। जो सनातन धर्म को छोड़कर, हिंदू होकर हिंदू धर्म को अपशब्द करते हैं, क्या जरूरत है इसकी, क्या जरूरत है उसकी।’

पहलगाम का बदला शुरू, बंदीपोरा में सेना को बड़ी सफलता लगी हाथ, मार गिराया लश्कर का बड़ा कमांडर

बंदीपोरा पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार के अलावा सेना भी ऐक्शन में है। खबर है कि शुक्रवार को बंदीपोरा में सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेना ने LeT यानी लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अल्ताफ लल्ली को मुठभेड़ में मार गिराया है। खास बात है कि पहलगाम अटैक की जिम्मेदारी भी लश्कर से जुड़े द रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी। बुधवार को आतंकवादियों ने 26 मासूम पर्यटकों को गोलियों से भून दिया था। 22 अप्रैल को हुए नरसंहार के बाद से ही घाटी में भारतीय सेना ने अभियान तेज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना सेना को मिली थी। इसके बाद जम्मू और कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर साझा तलाशी अभियान चलाया गया। लोकेशन का पता लगने के बाद आतंकियों के साथ लंबी मुठभेड़ भी हुई। मुठभेड़ में सुरक्षा बल के दो जवान घायल इससे पहले खबर आई कि जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में आतंकवादियों का एक सहयोगी (ओवरग्राउंड वर्कर) मारा गया. अभियान में सुरक्षा बल के दो जवान घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बांदीपोरा जिले के कुलनार बाजीपोरा इलाके में घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया. वहां छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोली चला दी जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. आतंकियों पर शुरू हुई कार्रवाई इस बीच, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीनगर पहुंचे. यहां उन्हें बांदीपुरा में चल रहे ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी गई. वह स्थिति की व्यापक सुरक्षा समीक्षा करेंगे. पहलगाम आतंकी हमले के पीछे संदिग्ध लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों का पता लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन के बारे में वे जानकारी लेंगे. एक अन्य घटनाक्रम में, शुक्रवार को सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पहलगाम हमले में शामिल माने जा रहे दो आतंकवादियों के घरों को नष्ट कर दिया. बिजबेहरा में लश्कर आतंकवादी आदिल हुसैन थोकर के घर को आईईडी से उड़ा दिया गया, जबकि त्राल में आसिफ शेख के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया.  

राजस्थान किसानों को ब्याज राहत योजना, ऋणी किसानों को ब्याज में 100 प्रतिशत छूट

जयपुर राजस्थान के किसानों के लिये बड़ी खबर है। अप्रैल 2025 में सीएम ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुये कहा है कि बैंक द्वारा नीलाम हुई जमीन को सरकार उन्हें वापस दिलायेगी। इस खबर के बाद राज्य में हर्ष का माहौल है। राजस्थान के किसानों के लिये बड़ी खबर है। अप्रैल 2025 में सीएम ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुये कहा है कि बैंक द्वारा नीलाम हुई जमीन को सरकार उन्हें वापस दिलायेगी। इस खबर के बाद राज्य में हर्ष का माहौल है। बता दें राज्य के जिन किसानों की जमीन बैंकों ने नीलाम कर अपने नाम कर ली थी, वे जमीनें अब राज्य सरकार वापस किसानों को सौंपेगी। मृतक ऋणियों के वारिसों को भी इस योजना का फायदा मिलेगा । इस योजना से न केवल किसानों और बल्कि छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी बल्कि बैंकों की वसूली और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इन किसानों को मिलेगा योजना लाभ राज्स्थान में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना सरकार ने लागू की है। इससे राज्य के कई हजार किसानों के लिए एक बड़ी राहत मिलेगी। अब वे किसान जिनकी जमीनें ऋण न चुका पाने के कारण नीलामी में बैंकों के नाम हो चुकी थीं, अब उन्हें अपनी जमीनें वापस पाने का अवसर मिलेगा। बता दें कि सरकार ने यह योजना राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। ब्याज में 100 प्रतिशत की छूट इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को जमीन मिले और वे उन पर खेती उन किसानों को राहत प्रदान करना है जो सहकारी भूमि विकास बैंकों से लिए गए ऋण को समय पर चुकता नहीं कर पाए और जिनकी जमीनें नीलामी के माध्यम से बैंकों के नाम हो गई थीं। अब ऐसे किसान, यदि वे मूलधन और बीमा प्रीमियम की संपूर्ण राशि जमा कराते हैं, तो उन्हें ब्याज में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी और उनकी जमीनें वापस की जाएंगी। योजना की पात्रता वे सभी ऋणदाता जिनके ऋण 1 जुलाई, 2024 तक अवधिपार हो चुके हैं, इस योजना के तहत पात्र होंगे।मृतक ऋणियों के उत्तराधिकारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते वे आवश्यक राशि का भुगतान करें। जिन किसानों की जमीनें पहले ही नीलामी में बैंकों के नाम हो चुकी हैं, उन्हें भी यह योजना राहत प्रदान करेगी। ब्याज राहत योजना 2025-26 को लागू राजस्थान की सरकार ने मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना 2025-26 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस योजना की जानकारी सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने दी। मंत्री दक ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य डिफॉल्टर ऋणी सदस्यों को आर्थिक रूप से पुनः मुख्यधारा में लाकर उन्हें सशक्त बनाना है। इसके लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा पात्र लाभार्थियों को योजना का सीधा फायदा मिल सके ।  वहीं सहकारी ऋण व्यवस्था को भी मजबूती दी जा सके। यह योजना प्रदेश में सहकारी भूमि विकास बैंकों के तहत काम कर रहे किसानों और अन्य ऋणी सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है। योजना का लाभ उठाने की अपील सीएम ने कहा है कि जो भी किसान इस योजना का पात्र है और वे योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो वे ब्याज के अलावा मूलधन जमा करें और अपनी जमीन वापस लें।  बता दें कि इस योजना को वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है और अब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से किया जाए, ताकि इसकी जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें। रणनीति बनाकर कार्य किया जाएं  योजना के तहत शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋण बकाया की राशि अधिक है, वहां अलग से रणनीति बनाकर कार्य किया जाए, ताकि अपेक्षित परिणाम हासिल किए जा सकें। इसके अलावा, योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तैयार किए जा रहे ऑनलाइन पोर्टल को पारदर्शी और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाए जाने पर भी बल दिया गया। सरकार की पहल सहकारिता मंत्री की मानें तो यह योजना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपनी जमीनें पुनः प्राप्त कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को वित्तीय संकट से उबारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे वे अपनी जमीनें पुनः प्राप्त कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।  

यूपी बोर्ड के परिणाम घोषित, 10वीं में यश प्रताप सिंह ने और 12वीं में महक जायसवाल ने किया टॉप

लखनऊ यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट जारी कर दिया गया है। यूपी बोर्ड रिजल्ट upmsp.edu.in व upresults.nic.in के साथ-साथ हिन्दुस्तान वेबसाइट livehindustan.com पर भी रोल नंबर डालकर ( UP Board 10th Result , UP Board 12th Result ) चेक किया जा सकता है। यूपी बोर्ड 10वीं में 90.11 फीसदी और यूपी बोर्ड इंटर में 81.15 फीसदी बच्चे पास हुए हैं। यूपी बोर्ड 10वीं में यश प्रताप सिंह ने 97.83 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। यश प्रताप सिंह रसकेंद्री देवी इंटर कॉलेज, उमरी (जालौन) के विद्यार्थी हैं। दूसरे स्थान पर अंशी तिवारी इटावा 97.67 प्रतिशत और अभिषेक कुमार यादव बाराबंकी के रहने वाले 97.67 प्रतिशत तीसरे स्थान पर रहे हैं। मुरादाबाद के मृदुल गर्ग 97.50 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। यूपी बोर्ड 12वीं में 97.20% अंकों के साथ महक जायसवाल ने टॉप किया है। महक जायसवाल, बच्चा राम यादव इंटर कॉलेज, भुलाई की छात्रा हैं। यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा 25,98,560 स्टूडेंट्स ने दी थी। इसमें से कुल 21,08,774 छात्र पास हुए हैं। ओवरऑल पास प्रतिशत 81.15 फीसदी रहा। इसमें से लड़कों की संख्या 13,87,263, पास हुए छात्रों की संख्या 10,62,616 और पास प्रतिशत 76.60 फीसदी रहा है। इसके अलावा लड़कियों की कुल संख्या 12,11,297 थी इसमें से 10,46,158 छात्राएं पास हुई हैं और पास प्रतिशत 86.37 फीसदी रहा है। लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से 9.77 फीसदी अधिक रहा है। मार्कशीट डाउनलोड करने की प्रक्रिया यूपी बोर्ड की मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट्स या डिजिलॉकर का उपयोग करना होगा। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें: 1. आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से मार्कशीट डाउनलोड करें यूपी बोर्ड के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट्स upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर उपलब्ध हैं। मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित चरण फॉलो करें: चरण 1: यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाएं। चरण 2: होमपेज पर “परीक्षा फल” (Exam Result) या “UP Board Result 2025” सेक्शन पर क्लिक करें। चरण 3: अपनी कक्षा चुनें, यानी “UP Board 10th Result 2025” या “UP Board 12th Result 2025″। चरण 4: आवश्यक विवरण दर्ज करें, जैसे: कैप्चा कोड (यदि दिखाई दे) चरण 5: “रिजल्ट देखें” या “Get Result” बटन पर क्लिक करें। चरण 6: आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। मार्कशीट में नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक, और पास/फेल स्थिति जैसी जानकारी होगी। चरण 7: “Download” या “Print” विकल्प का उपयोग करके मार्कशीट को PDF के रूप में डाउनलोड करें या प्रिंटआउट लें। नोट: यह ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट प्रोविजनल (अस्थायी) होती है। मूल मार्कशीट और प्रमाणपत्र बाद में संबंधित स्कूलों से प्राप्त किए जा सकते हैं। 2. डिजिलॉकर के माध्यम से मार्कशीट डाउनलोड करें इस साल पहली बार यूपी बोर्ड ने मार्कशीट को डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है, जो सुरक्षित और सुविधाजनक है। डिजिलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने की प्रक्रिया इस प्रकार है: चरण 1: डिजिलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएं या डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें। चरण 2: यदि आपके पास पहले से डिजिलॉकर अकाउंट नहीं है, तो अपने आधार नंबर और मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन करें। चरण 3: लॉगिन करने के बाद, “Education” या “UP Board” सेक्शन पर जाएं। चरण 4: “Class X Marksheet 2025” या “Class XII Marksheet 2025” लिंक पर क्लिक करें। चरण 5: अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें। चरण 6: मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। लाभ: डिजिलॉकर पर उपलब्ध मार्कशीट डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होती है और इसमें बारकोड होता है, जो इसे आधिकारिक और सुरक्षित बनाता है। यह उच्च शिक्षा संस्थानों या नौकरी आवेदनों के लिए मान्य है। 3. अन्य वैकल्पिक वेबसाइट्स यदि आधिकारिक वेबसाइट्स पर ट्रैफिक के कारण परेशानी हो, तो आप निम्नलिखित वैकल्पिक वेबसाइट्स का उपयोग कर सकते हैं: वेबसाइट्स पर भी रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करके परिणाम और मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है। 4. SMS के माध्यम से परिणाम चेक करें (मार्कशीट डाउनलोड नहीं) यदि इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो छात्र SMS के माध्यम से परिणाम चेक कर सकते हैं, हालांकि यह मार्कशीट डाउनलोड करने का विकल्प नहीं है। प्रक्रिया इस प्रकार है: 10वीं के लिए: अपने फोन से UP10रोल नंबर टाइप करें और इसे 56263 पर भेजें। 12वीं के लिए: UP12रोल नंबर टाइप करें और 56263 पर भेजें। जवाब में आपको परिणाम की जानकारी प्राप्त होगी।

मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर

नरवाई जलाई तो नहीं मिलेगा सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ, एमएसपी पर फसल उपार्जन भी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वायु एवं मृदा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार का निर्णय एक मई से होगा लागू मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में समय-समय पर राजस्व महाभियान चलाकर अधिकाधिक मामलों के निराकरण के दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके बाद भी यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। वे समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा। शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाएं अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों, तालाबों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर एवं अन्य जल संरचनाओं को राजस्व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और अभियान में नहर, कुए और बावड़ियों जैसी जल संरचनाओं को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण और बंटवारा जैसे राजस्व से जुड़े कार्यों का तय समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन के प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करें। नामांतरण, बँटवारा आदि मामलों का निराकरण समय सीमा में निरंतर होता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। साइबर तहसील परियोजना से मिल रहा बड़ा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व सहित सभी विभाग डिजिटाइजेशन की दिशा में अग्रसर है। इसका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है, उन्हें अब जरूरी कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। मध्यप्रदेश की साइबर तहसील परियोजना इसी दिशा में किया गया एक नवाचार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” देकर इसकी सराहना की है। उन्होंने बताया कि साइबर तहसील के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और किसानों सहित सभी नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। साइबर तहसील 1.0 में अब तक 1 लाख 56 हजार 700 से अधिक और साइबर तहसील 2.0 में अब तक 1 लाख 19 हजार से अधिक प्रकरण निराकृत किए जा चुके हैं। साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकऱण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्वगत कार्यों की पेंडेंसी जल्द से जल्द खत्म की जाए। राजस्व महा अभियान को मिला बेहतर रिस्पांस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए तीन राजस्व महा अभियानों को बेहतर रिस्पांस मिला है। उन्होंने बताया कि गत 15 नवम्बर से 26 जनवरी 25 तक चले राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण दर्ज किया गया है। इसके बेहतर परिणामों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व महा अभियान वर्ष में दो बार संचालित किए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राजस्व महाअभियान की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों ने भी इसे लागू किया है। यह हमारे लिये गौरव की बात है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 88 प्रतिशत संपत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरण कार्य पूरा बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग के नवाचारी प्रयासों के तहत तैयार की गई स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बताया गया कि स्वामित्व योजना में प्रदेश में ग्रामीण आबादी में निजी लक्षित सम्पत्तियों की संख्या लगभग 45.60 लाख है। इनमें से लगभग 39.63 लाख निजी सम्पत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरित कर दिया गया है, योजना का 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जून 2025 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष कैंप एवं स्थानीय युवाओं का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 80 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं, यह कार्य भी जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 85 लाख किसानों को मिल रहा है सम्मान निधि का लाभ राज्य सरकार ने फरवरी 2019 के बाद नए भू-धारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। इस योजना में केंद्र सरकार हर वर्ष पात्र किसानों को 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करती है। मार्च 2025 तक प्रदेश के 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को 28 हजार 800 करोड़ रुपए राशि वितरित की जा चुकी है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी पात्र मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को 6 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2020 से लागू इस योजना में अब तक प्रदेश … Read more

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर

युवा कुंभ आयोजित कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साल में एक बार वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बुलाएं, विज्ञान के विद्यार्थियों से कराएं उनका संवाद सामान्य ज्ञान की संभागवार कराएं प्रतियोगिता उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमउत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

Pahalgam Attack में शामिल आतंकियों पर कार्रवाई, एक का घर बम से उड़ाया, दूसरे के मकान पर चला बुलडोजर

पहलगाम पहलगाम हमले में शामिल स्थानीय आतंकी आदिल हुसैन थोकर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के गोरी इलाके में स्थित घर को सुरक्षा बलों ने बम से उड़ा दिया. आदिल थोकर उर्फ ​​आदिल गुरी के रूप में पहचाने जाने वाले इस आतंकी पर पहलगाम की ​बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने का आरोप है. वहीं, इस हमले में शामिल दूसरे स्थानीय आतंकी आसिफ शेख के त्राल स्थित घर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया. सैन्य सूत्रों ने बताया कि स्टील टिप वाली गोलियों, एके-47 राइफलों और बॉडी कैमरा पहने हुए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के चार आतंकवादियों के एक समूह ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के बीच हिंदुओं को निशाना बनाया और उन पर गोलियों की बौछार कर दी. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे और भारत के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर घूमने पहुंचे थे. आतंकवादियों में दो स्थानीय भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि दोनों स्थानीय आतंकियों की पहचान बिजबेहरा निवासी आदिल हुसैन थोकर और त्राल निवासी आसिफ शेख के रूप में हुई है. सैन्य सूत्रों के मुताबिक आदिल ने 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी. अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने टेरर कैम्प में ट्रेनिंग पली थी और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटा था. पहलगाम हमले के कुछ चश्मदीदों ने बताया​ कि कुछ आतंकी आपस में पश्तून भाषा में बातचीत कर रहे थे. सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हमले में शामिल सभी आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हैं. हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने भी इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा कि टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसका इस्तेमाल हमले को एक स्वदेशी समूह के काम के रूप में दिखाने के लिए किया गया. आतंकवादी काफी पहले घुसपैठ कर चुके थे यह भी माना जा रहा है कि आतंकवादी काफी पहले ही घुसपैठ करके जम्मू-कश्मीर में आ गए थे और उनकी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 19 अप्रैल की कटरा यात्रा के दौरान हमला करने की थी, जिसे बाद में किसी कारण से उन्होंने रद्द कर दिया था. सूत्रों ने इस बात से भी इनकार किया कि यह हमला किसी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के समूह को निशाना बनाने के लिए किया गया था. उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक कर्मचारी (बिहार निवासी मनीष रंजन, जो हैदराबाद में तैनात थे) परिवार के साथ छुट्टी मनाने आया था और मारे गए लोगों में वह भी शामिल था. आतंकवादियों ने हिंदुओं को निशाना बनाया बताया जा रहा है कि आतंकवादी बैसरन घाटी के घास के मैदान में आए थे, जिसे मैगी पॉइंट या मिनी स्विटजरलैंड के नाम से जाना जाता है. वे बॉडी कैमरा और एके-47 राइफलों से लैस थे. आतंकवादियों ने पर्यटकों से नाम पूछे और हिंदुओं को निशाना बनाया. हमले वाली जगह से बरामद किए गए कारतूसों में बख्तरबंद भेदी गोलियां भी मिली हैं, जिन्हें स्टील बुलेट भी कहा जाता है. सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों ने करीब 15 मिनट तक फायरिंग की और निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया. सैन्य सूत्रों की मानें तो आतंकी समूह ऐसे हमलों को आमतौर पर छह सदस्यों के साथ अंजाम देते हैं, और यह संभव है कि पहलगाम हलमे में एक या दो और आतंकी शामिल हों, जो निगरानी के लिए तैनात हों. सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है. विशेष बलों को भी तैनात किया गया है. पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की नृशंस हत्या जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं। टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले में करीब 14 लोग घायल हुए हैं। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।   

आरसीबी ने राजस्थान को दी 11 रन से मात, कोहली बोले- हमने जीत का तरीका ढूंढ लिया

बेंगलुरु IPL जैसे हाई-वोल्टेज टूर्नामेंट में एक ओवर भी मैच की किस्मत बदल सकता है, यह बात जोश हेजलवुड (Josh Hazlewood) ने एक बार फिर साबित कर दी. राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 24 अप्रैल को हुए मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के इस तेज गेंदबाज ने ऐसा खेला किया कि राजस्थान के सारे मंसूबे धरे के धरे रह गए. जोश ने इस मुकाबले में 33 रन देकर 4 विकेट झटके और वो अपने इस प्रदर्शन के ल‍िए प्लेयर ऑफ द मैच रहे. वहीं उनके द्वारा फेंका गया 19वां ओवर न‍िर्णायक रहा. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) ने पहले खेलते हुए इस मुकाबले में 205/5 का स्कोर बनाया. विराट कोहली ने 70 तो देवदत्त पड‍िक्कल ने 50 रनों की शानदार पारी खेली. जवाब में खेलने उतरी राजस्थान की टीम एक समय बेहद मजबूत लग रही थी, लेकिन वो 194/9 रन ही बना पाई. इस तरह RCB को 11 रनों से जीत मिली. जोश हेजलवुड का वो ओवर जहां पलटा मैच RCB के भुवनेश्वर कुमार ने पारी का 18वां ओवर फेंका. जहां भुवनेश्वर कुमार की RR के शुभम दुबे और ध्रुव जुरेल ने धुनाई कर दी. इस ओवर में 22 रन आए. इसके बाद राजस्थान को जीत के ल‍िए 12 गेंदों पर 18 रन चाहिए थे. इसके बाद RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने 19वें ओवर में गेंद जोश हेजलवुड को थमा दी. पहली गेंद जोश ने दुबे को फेंकी जहां एक रन आया. इसके बाद दूसरी गेंद पर स्ट्राइक पर जुरेल थे, यह गेंद खाली गई. तीसरी गेंद पर जुरेल (34 बॉल 47 रन) जोश की गेंद पर विकेटकीपर ज‍ितेश शर्मा को कैच दे बैठे. जुरेल के आउट होने के बाद राजस्थान को छठा झटका लगा. इसके बाद जोफ्रा आर्चर आए जो पहली ही गेंद पर RCB के कप्तान रजत पाटीदार को कैच दे बैठे. इस तरह जोश ने 4 गेंदों में खेला कर दिया. 19वें ओवर की पांचवीं और छठी गेंद वान‍िदु हसरंगा ने खेली, ये दोनों गेंद खाली गईं. इस तरह जोश के इस ओवर में कुल 6 गेंद हुईं, महज 1 रन आया और 2 श‍िकार हुए. कुल मिलाकर इसी ओवर से RCB की सांस में सांस आई. मुकाबले का आखिरी ओवर यश दयाल ने फेंका, जिसमें राजस्थान रॉयल्स को 17 रनों की आवश्यकता थी. उस ओवर की पहली ही गेंद पर दयाल ने शुभम दुबे (12) को आउट किया. शुभम के आउट होने के साथ ही राजस्थान की जीत की उम्मीदें धूमिल हो गईं. बाकी की पांच गेंदों पर कुल मिलाकर 5 रन बना और राजस्थान का एक बल्लेबाज रन आउट भी हुआ. रजत ने क्या कहा? रजत ने कहा, ‘यह जीत हमारे लिए बहुत जरूरी थी। पिच वैसी नहीं थी जिसकी उम्मीद की थी। पर जीत का पूरा श्रेय गेंदबाजों को जाता है। उन्होंने 10वें ओवर के बाद जिस तरह से गेंदबाजी की वो काबिले तारीफ थी। उन्होंने जो जज्बा दिखाया, वो शानदार था। हम विकेट की तलाश में थे। जब आप विकेट हासिल करते हो तो ही आप रन रोक सकते हो। मैं हमेशा अपनी प्रवृत्ति का पहले समर्थन करता हूं, लेकिन हमारे पास कई लीडर्स हैं और उनके इनपुट बहुत मदद करते हैं।’  कोहली ने कही यह बात वहीं विराट कोहली भी घर पर जीत से खुश दिखे। उन्होंने कहा, ‘बहुत खुश हूं। हमने बल्लेबाजी इकाई के रूप में कुछ चीजों पर चर्चा की थी और बोर्ड पर अच्छा स्कोर हासिल करने के लिए प्लान को अच्छी तरह से लागू किया। दूसरी पारी में ओस ने काफी मदद की और आरआर के बल्लेबाजों ने अच्छे शॉट खेले, लेकिन हमने वापसी की और उन दो अंकों को हासिल करना वास्तव में महत्वपूर्ण था। यहां पहली चुनौती टॉस जीतना है और दूसरे हाफ में चेज थोड़ा आसान हो जाता है। हम पहले कुछ मैचों में अच्छा स्कोर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, लेकिन इस मैच में हमारे पास पूरा लाइसेंस था।’ ‘चिन्नास्वामी से यादें जुड़ीं’ कोहली ने कहा, ‘पहले तीन-चार ओवरों में गति और उछाल रहती है और मुझे लगता है कि हमने पिछले तीन मैचों में शुरुआती ओवरों में ही बहुत सारे शॉट लगाने की कोशिश की। हालांकि, आरआर के खिलाफ हमने गेंद को आने दिया और खुद को उस परिस्थिति में समायोजित किया और हम इसका फायदा उठाने में सक्षम थे। हमने अभी बल्लेबाजी करने का तरीका ढूंढ लिया है और अगले कुछ घरेलू मैचों में हमें 15-20 रन अतिरिक्त बनाने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। यह आईपीएल में क्रिकेट खेलने के लिए सबसे अच्छी जगह है। प्रशंसकों ने अच्छे और बुरे समय के दौरान हमारा समर्थन किया। यह एक खास जगह है और इससे कई खास यादें जुड़ी हैं।’

मध्य प्रदेश में लू की चेतावनी, रतलाम में सर्वाधिक 44.2 डिग्री तापमान

 भोपाल गर्म हवा चलने का सिलसिला बने रहने से प्रदेश में गर्मी के तीखे तेवर बरकरार हैं। इसी क्रम में बुधवार को सभी शहरों में अधिकतम तापमान 40 से 44.2 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। सर्वाधिक 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रतलाम में दर्ज किया गया। रतलाम एवं छिंदवाड़ा में लू का प्रभाव रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी तीन-चार दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। इस दौरान कुछ और शहरों में भी लू चल सकती है। बुरहानपुर, खंडवा, रतलाम, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा जिलों में लू चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि जम्मू के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है। पूर्वी बिहार एवं उसके आसपास भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका उत्तरी छत्तीसगढ़ से विदर्भ, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक से तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक बनी हुई है। गुरुवार से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के हिमालयीन क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। मौसम का इस तरह का मिजाज अभी तीन चार दिनों तक बना रह सकता है। उसके बाद कुछ बादल आने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है। हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी हो रहा है। इस वजह से तापमान में मामूली घट-बढ़ हो सकती है। साथ ही कुछ और शहरों में भी लू चल सकती है।

विधवा पेंशन योजना: 25,000 महिलाओं की कटेगी पेंशन, मिली गड़बड़ी

नई दिल्ली गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वालों पर अब सरकार सख्त है। दिल्ली में पेंशन लेने वालों के दस्तावेज की जांच की गई तो हजारों की संख्या में गड़बड़ी उजागर हुई है। गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वालों पर अब सरकार सख्त है। दिल्ली में पेंशन लेने वालों के दस्तावेज की जांच की गई तो हजारों की संख्या में गड़बड़ी उजागर हुई है। बता दें कि दिल्ली में पेंशन के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े और गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने वालों पर सिकंजा0 कसना शुरू कर दिया है। वहीं दिल्ली में 2.3 लाख महिलाओं के रिकॉर्ड की जांच की गई तो 25,000 महिलाओं के नाम ऐसे मिले जो गलत तरीके से पेंशन ले रही थीं। विधवा पेंशन में मिली गड़बड़ी  पेंशन योजना के अंतर्गत सरकार 3.8 लाख महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये के हिसाब से पेंशन मिल रही थी। हालांकि 2025-26 में बीजेपी सरकार ने इसे बढ़ाकर 3000 रुपये महीने करने का भी ऐलान कर दिया है। जांच  में पाया गया है कि विधवा पेंशन योजना में गड़बड़ियां चल रही हैं। बता दें कि प्रशासन को लंबे समय से काफी शिकायतें मिल रहीं थीं। इसके बाद सरकार ने पिछले साल नवंबर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जांच शुरू कराई तो फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। 2.28 लाख महिलाओं के दस्तावेजों की हुई जांच दिल्ली में ‘अब तक 2.28 लाख लाभार्थियों की जांच कराई जा चुकी है, जिनमें से 25,000 अपात्र महिलाएं पेंशन का लाभ ले रहीं थीं तो वहीं कुछ महिलाओं ने तलाक के बाद दोबारा शादी कर ली। इसके बावजूद पेंशन का पैसा खाते में लगातार आ रहा था। जबकि कुछ महिलाएं  नौकरी कर रहीं हैं और उन्हें अच्छा तनख्वाह मिल रही है। गलत तरीके से ले रहे पेंशन पर लगी रोक सबसे बड़ी बात अब जो समाने आई है कि अब उन महिलाओं के खाते में पैसा भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो जांच में एकदम सही पाई गई हैं। अफसरों की मानें तो बाकी लाभार्थियों का सत्यापन भी जल्द करायेंगे और पात्र महिलाओं के खाते में पैसा आना शुरू हो जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार महिलाओं की पेंशन पर हर साल 1140 करोड़ रुपये खर्च करती है। दिल्ली में विधवा पेंशन 500 रुपए राजधानी दिल्ली में विधवा पेंशन पहले साल 6288 महिलाओं को 600 रुपये महीने के हिसाब से पेंशन दी गई। यह पेंशन 18 से 59 साल की महिलाओं को दी जाती है। विधवा पेंशन योजना को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट में बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने पेंशन में 500 रुपये की गई है वहीं सरकार ने कहा था कि इसे बढ़ाकर 3000 रुपये महीने किया जाएगा। विधवा पेंशन के लिये करें सरकार के गाइड लाइन का पालन विधवा पेंशन योजना की पात्रता के लिए सरकार ने अपनी गाइड लाइन जारी की है। महिला को कम से कम 5 साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए। यही नहीं महिला के परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एक शर्त यह भी है कि यह पेंशन उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिन्होंने दोबारा शादी नहीं की है।  

प्रदेश में 10 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी, शर्तों के तहत दी जाएगी छूट

भोपाल प्रदेश में 10 मई 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को ही प्रकरणों में छूट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। प्री-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। नेशनल लोक अदालत में उपरोक्‍तानुसार दी जा रही छूट आकलित सिविल दायित्‍व राशि दस लाख रुपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 10 मई 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी और 3 मई को मंदसौर में होगा एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं की आत्मनिर्भरता और रोजगार के लिए राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। उद्योगों में निवेश प्रोत्साहन के लिए आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी इंडस्ट्री-कॉन्क्लेव और 3 मई को एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव मंदसौर में आयोजित की जा रही है। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल से बोझ से उन्हें मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान खेती की नई तकनीक की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें, इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

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