LATEST NEWS

अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की धमकी, मिला धमकी भरा ई-मेल, जांच में जुटा प्रशासन

अयोध्या  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया है. इसमें राम मंदिर की सुरक्षा को चुनौती दी गई है. ट्रस्ट की ओर से इसकी जानकारी अफसरों को दी गई है. इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं. मंदिर परिसर में गश्त बढ़ा दी गई है. हालांकि अभी तक मामले में किसी प्रशासनिक अफसर का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.  रात को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया. इसमें मंदिर की सुरक्षा को चुनौती देते हुए इसे खतरे में डालने की बात कही गई थी. इसके बाद इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई. सीटीवी कैमरों के जरिए आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है. यह मेल तमिलनाडु से भेजा गया है. अयोध्या से लेकर तमिलनाडु तक सभी साइबर क्राइम एक्सपर्ट को एक्टिव कर दिया गया है. अयोध्या जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट को एक संदिग्ध ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है. ईमेल में ट्रस्ट को राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर खतरे की चेतावनी दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट पर इस मेल के बाद अयोध्या में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर विस्तृत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. साथ ही बाराबंकी, चंदौली जैसे अन्य जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया, क्योंकि इन जिलों के डीएम को भी मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में पता चला है कि ये धमकी भरे मेल तमिलनाडु से भेजे गए हैं. अब साइबर सेल इन मेल्स की जांच में जुट गई है, ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके. फिलहाल अयोध्या, बाराबंकी, चंदौली और अन्य संबंधित जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चंदौली कलेक्ट्रेट को बम से उड़ने की धमकी से हड़कंप चंदौली जिलाधिकारी के ऑफिशियल मेल आईडी पर चंदौली के कलेक्ट्रेट आफिस को बम से उड़ा देने की धमकी भरा मेल आया. यह मेल तमिलनाडु के रहने वाले गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति के द्वारा भेजा गया था. कलेक्ट्रेट आफिस में विस्फोट करने के धमकी भरे मेल के आने के बाद तत्काल प्रभाव से तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं. आनन फानन में पुलिस फोर्स और बम स्क्वायड टीम को भी बुला लिया गया और पूरी बिल्डिंग की तलाशी कराई गई. लेकिन राहत की बात यह रही की तलाशी के दौरान किसी भी तरह का कोई विस्फोटक या अन्य कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला. तब जाकर कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली. चंदौली के जिलाधिकारी का आया बयान चंदौली के जिलाधिकारी निखिल टी. फूंडे के अनुसार गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति ने यह मेल किया था. जिसमें यह बताया गया था कि तमिलनाडु में वहां की किसी समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसी कारण चंदौली के कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जाएगा. फिलहाल कलेक्ट्रेट में पूरी तरह से तलाशी और जांच पड़ताल के बाद किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं पाया गया है. सुबह ईमेल के जरिए दी गई धमकी निखिल टी. फूंडे ने कहा कि सुबह ईमेल के माध्यम से वार्निंग दी गई कि आज चंदौली के कलेक्ट्रेट में कोई बम विस्फोट हो सकता है. उसके पीछे उन्होंने तमिलनाडु से रिलेटेड कुछ कारण बताया था. उसे व्यक्ति ने जो एड्रेस दिया था वह भी तमिलनाडु का था और जो इशू था वह भी तमिलनाडु का कोई पॉलिटिकल इशू था. लेकिन फिर भी एहतियात बरतते हुए हम लोगों ने कप्तान साहब की मदद से पूरे कलेक्ट्रेट को चेक कराया. बम स्क्वॉड की टीम भी आई और उन्होंने चेक किया. चेकिंग के दौरान कुछ भी नहीं पाया गया. मेल के जो कंटेंट थे उसको पढ़ने से ही बात हल्की लग रही थी. लेकिन फिर भी हम लोगों ने सतर्कता बरतते हुए समय से चेकिंग कर ली और किसी भी तरह की कोई भी चीज नहीं मिली है. अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी मिली है. ईमेल के माध्यम से दी गई धमकी के बाद पुलिस प्रशासन के लोग अलर्ट हो गए हैं. जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही डॉग स्क्वायड और अन्य उपकरणों के साथ जांच कराई जा रही है. फोन पर पुष्टि करते हुए डीएम ने बताया कि इस संबंध में एक मेल आया है जिसकी जांच की जा रही है.

थोक महंगाई में राहत, खाने-पीने की चीजें सस्ती हुईं, मार्च में महंगाई 2.38% से घटकर 2.05% पर आई, यह चार महीने में सबसे कम

नई दिल्ली महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। खाने-पीने के सामान सस्ते होने से थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति मार्च में घटकर 2.05 प्रतिशत रह गई, जो फरवरी में 2.38 प्रतिशत थी। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। हालांकि, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में वार्षिक आधार पर वृद्धि हुई है। मार्च 2024 में यह 0.26 प्रतिशत थी। उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मार्च 2025 में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली व कपड़ा विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ी। सरकार के अनुसार, मार्च 2025 में महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों, अन्य उत्पादों, बिजली और कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी है। थोक खाद्य महंगाई दर पिछले महीने घटकर 4.66% हो गई। फरवरी में यह 5.94% थी। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें अब कम तेजी से बढ़ रही हैं। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी के 3.38 प्रतिशत से घटकर मार्च में 1.57 प्रतिशत रह गई। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट इसकी मुख्य वजह रही। हालांकि, विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति मार्च में बढ़कर 3.07 प्रतिशत हो गई, जबकि फरवरी में यह 2.86 प्रतिशत थी। ईंधन तथा बिजली में भी वृद्धि देखी गई और मार्च में यह 0.20 प्रतिशत रही। WPI फूड इंडेक्स WPI  फूड इंडेक्स, जिसमें खाद्य पदार्थ और विनिर्मित खाद्य उत्पाद शामिल हैं, फरवरी में 189.0 से मार्च में 188.8 पर थोड़ा कम हुआ। WPI आधारित खाद्य मुद्रास्फीति दर मार्च में 5.94 प्रतिशत से घटकर 4.66 प्रतिशत हो गई। WPI ईंधन मार्च में 0.20 प्रतिशत था, जबकि फरवरी में यह -0.71 प्रतिशत था। ईंधन और बिजली समूह सूचकांक में मार्च में 0.91 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण बिजली की कीमतों में 2.31 प्रतिशत की गिरावट और खनिज तेल की कीमतों में 0.70 प्रतिशत की गिरावट थी। कोयले की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। यहां भी आई कमी प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर मार्च में घटकर 0.76% हो गई। फरवरी में यह 2.81% थी। प्राथमिक वस्तुएं वे होती हैं जो सीधे खेतों या खदानों से मिलती हैं, जैसे अनाज, फल, सब्जियां आदि। ईंधन और बिजली की थोक कीमतें मार्च में 0.20% रहीं। फरवरी में यह नेगेटिव 0.71% थी। इसका मतलब है कि ईंधन और बिजली की कीमतें अब बढ़ रही हैं, जबकि फरवरी में यह कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों की कीमतें 3.07% बढ़ीं। फरवरी में यह 2.86% बढ़ी थीं। विनिर्मित उत्पाद वे होते हैं, जो फैक्ट्रियों में बनते हैं। थोक मूल्य सूचकांक में इनका हिस्सा लगभग 64% होता है। लेकिन बढ़ सकती है महंगाई इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश भर में लू चलने की चेतावनी दी है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। BofA ग्लोबल रिसर्च के राहुल बजोरिया का कहना है कि जैसे-जैसे मौसम खराब होगा और गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे सब्जियों और फलों की कीमतें बढ़नी शुरू हो जाएंगी। खुदरा महंगाई दर की क्या स्थिति? भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में घटकर 3.61% हो गई। यह पिछले सात महीनों में सबसे कम है। जनवरी में यह 4.31% थी। खुदरा महंगाई दर का मतलब है, जो सामान हम दुकानों से खरीदते हैं, उसकी कीमतों में बदलाव। सरकार मंगलवार शाम मार्च के खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी करेगी। सब्जियों का उत्पादन बढ़ने से थोक बाजारों में खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम हुई हैं। सब्जियों की कीमतें 15.88% घटी हैं। पिछले महीने यह 5.80% घटी थीं। प्याज की महंगाई दर मार्च में घटकर 26.65% हो गई। फरवरी में यह 48.05% थी। आलू की महंगाई दर -6.77% रही। फरवरी में यह 27.54% थी। इसका मतलब है कि आलू की कीमतें अब कम हो रही हैं। दालों की महंगाई दर पिछले महीने -2.98% रही। फरवरी में यह -1.04% थी। इसका मतलब है कि दालों की कीमतें भी कम हो रही हैं। अनाज की कीमतें बढ़ीं थोक बाजारों में अनाज की कीमतें मार्च में 5.49% बढ़ीं। पिछले महीने यह 6.77% बढ़ी थीं। इसका मतलब है कि अनाज की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम तेजी से। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि महंगाई कम हुई है। खाने-पीने की चीजों के अच्छे उत्पादन की वजह से ऐसा हुआ है। MPC का मानना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई और कम होगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

तुर्किए से आया पैसा, मुर्शिदाबाद में भड़की आग, 3 महीने से चल रही थी साजिश, 500-500 में बिके हमलावर !

मुर्शिदाबाद वक्फ कानून के विरोध पश्चिम बंगाल में भारी हिंसा देखने को मिली, मुर्शिदाबाद में हिंसा में 3 लोगों की मौत, सैकड़ों लोग घायल हुए तो वहीं कई लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह ठिकाना लेना पड़ा है. हिंसा को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. इसके साथ ही हिंसा वाले इलाके में कड़ा पहरा है. इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी. पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. इसके लिए विदेशों से फंडिंग की गई थी. जांच एजेंसियों को क्या पता चला? पूरे मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि यह आतंकवाद फैलाने का नया तरीका है, दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि एक बड़ी दावत होगी. वे ट्रिगर पॉइंट का इंतजार कर रहे थे. शुरू में रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन सुरक्षा के कारण चीजें बदल गईं, लेकिन वक्फ बिल ने ट्रिगर पॉइंट दे दिया. ट्रेनों को बाधित करना, सरकारी संपत्ति को खत्म करना, हिंदुओं की हत्या करना, घरों को लूटना उनका पहला टारगेट था. हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे उन्हें उतना ही ज्यादा पैसा दिया जाएगा. शुरू में एक सूची बनाई गई थी कि यदि वे अपने किए का ब्यौरा देंगे तो उन्हें कितना धन दिया जाएगा. विदेशों से हो रही थी फंडिंग मुर्शिदाबाद हिंसा की प्लानिंग और पूरे खर्च का दारोमदार तुर्की के भरोसे चल रहा था, यहीं से हिंसा को लेकर पूरा फंड दिया जा रहा है. जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे. इनकी पिछले 3 महीनों से लगातार ट्रेनिंग चल रही थी. साजिशकर्ताओं ने बंगाल को भी बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, जैसे दंगे बांग्लादेश हिंसा में देखने को मिले थे. ठीक वैसे ही यहां भी प्लान था. सीएम ममता की जनता से अपील मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है लेकिन कानून अपने हाथ में न लें. चाहे कोई भी हो. कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है. जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है. कब शुरू हुई थी मुर्शिदाबाद में हिंसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में 10 अप्रैल से हिंसा जारी है. मुर्शिदाबाद में पहले से ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के करीब 300 जवान तैनात हैं और केंद्र ने व्यवस्था बहाल करने में मदद के लिए केंद्रीय बलों की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं. बता दें कि केंद्र सरकार के वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग लगा दी, सड़कें जाम कर दीं और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. बंगाल में चुनावों के लिए अभी 1 साल से ज्यादा का समय बाकी है. ऐसे में ये दंगों की खबरों से लोग खासे परेशान हैं. वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में ग्वालियर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण योजना की गहन समीक्षा की उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जय आरोग्य अस्पताल, ग्वालियर में सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी) विभाग के आवश्यक पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार करने और अस्पताल भवन के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में ग्वालियर क्षेत्र के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के अधोसंरचना विकास, मैन पॉवर, उपकरण उपलब्धता की विस्तारपूर्वक समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाओं के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार समस्त अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सकीय स्टॉफ की पर्याप्त नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत सांवेर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, तथा संचालक नीरज कुमार सिंह उपस्थित रहे।  

चीता परियोजना संचालन समिति ने कुनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में कुछ चीतों को स्थानांतरित करने की अनुमति दी

मंदसौर  मध्य प्रदेश में चीतों को बसाने की योजना में एक नया मोड़ आया है। केंद्र सरकार केन्या, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से और चीते लाने की बात कर रही है। वहीं, कुछ चीतों को कूनो नेशनल पार्क से गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में भेजने की मंजूरी मिल गई है। समिति ने यह भी कहा है कि चीतों को सड़क मार्ग से ले जाते समय गर्मी जैसे तनाव देने वाले कारकों का ध्यान रखा जाए। 300 किलोमीटर है दोनों जगह के बीच की दूरी गांधी सागर, कुनो से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। यह फैसला पिछले हफ्ते हुई एक बैठक में लिया गया। अभी भी यह चिंता बनी हुई है कि गांधी सागर में चीतों के लिए पर्याप्त शिकार है या नहीं और वहां तेंदुए जैसे शिकारी जानवर भी हैं। गांधी सागर को चीतों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण जगह माना जा रहा है। इसका लक्ष्य कूनो-गांधी सागर क्षेत्र में 60-70 चीतों की आबादी बनाना है। एक साल से चीतों के लिए तैयार हो रहा गांधी सागर मध्य प्रदेश का वन विभाग एक साल से गांधी सागर को चीतों के लिए तैयार कर रहा है। पहले यह योजना थी कि अफ्रीका से आने वाले चीतों को यहां रखा जाएगा, लेकिन अभी तक भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बात नहीं बन पाई है। पहले चरण में, चार-पांच चीतों को अभयारण्य के पश्चिमी भाग में एक बाड़े में छोड़ा जाएगा। 64 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया गया है और तेंदुओं को वहां से हटा दिया गया है ताकि चीतों और तेंदुओं के बीच लड़ाई न हो। अभी यह तय नहीं हुआ है कि गांधी सागर में कूनो से लाए गए चीतों को छोड़ा जाएगा या उन चीतों को जो अभी भी बड़े बाड़ों में हैं। कूनो के जंगल में घूम रहे 17 चीते कूनो में 26 चीतों में से 17 जंगल में हैं और नौ बाड़ों में हैं। गांधी सागर में शिकार की कमी एक चिंता का विषय है। समिति ने मध्य प्रदेश के अन्य जंगलों से चीतल लाकर शिकार बढ़ाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। गांधी सागर में शाकाहारी जानवरों के बाड़े भी हैं ताकि शिकार वहीं पर पैदा हो सके। मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभारंजन सेन ने कहा कि गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में शिकार बढ़ाने का काम चल रहा है। हमारे पास शिकार के तौर पर फिलहाल चिंकारा, चौसिंघा, नीलगाय और चीतल हैं। चीता परियोजना संचालन समिति देख रही मामला इस पूरे मामले को चीता परियोजना संचालन समिति देख रही है। समिति ने हाल ही में एक वीडियो पर भी बात की। इस वीडियो में वन विभाग द्वारा काम पर रखे गए एक ड्राइवर को चीता फैमिली को पानी पिलाते हुए दिखाया गया था। सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई और वन विभाग को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि चीतों के साथ बातचीत के लिए बने नियमों का पालन किया जाए। क्या है चीता परियोजना संचालन समिति का काम चीता परियोजना संचालन समिति का गठन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने मई 2023 में किया था। इसका काम परियोजना की समीक्षा और निगरानी करना और एक सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करना है। प्रोजेक्ट चीता 2022 में शुरू हुआ था। इसके तहत नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था। इस परियोजना को उस समय झटका लगा जब इनमें से आठ चीतों और कूनो में पैदा हुए पांच शावकों की मौत हो गई।

मध्यप्रदेश में बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट, 7 जिलों में गिरेगा पानी, जानें कब शुरू होगा लू का टॉर्चर?

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों बारिश के साथ आंधी और ओले देखने को मिल रहे हैं. सोमवार को पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, सीधी, सिवनी, रीवा आदि जिलों में बादल छाए रहे. कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई है. हालांकि अब आंधी और बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी. आज शहडोल, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. मध्य प्रदेश के एक हिस्से में आंधी-बारिश के साथ ओले देखने को मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के बाकी के हिस्से में गर्मी का असर है. दरअसल, सोमवार को रतलाम में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. आज इन जिलों में होगी बारिश ! बारिश और लू के बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 15 अप्रैल के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 7 जिले- डिंडौरी, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश होने की संभावना है. हालांकि इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के जिलों में आज लू चलेगी. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में मंगलवार को तेज गर्मी का असर दिखेगा. यहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. 16 अप्रैल से फिर MP में शुरू होगा लू का टॉर्चर? बता दें कि मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से हीट वेव यानी लू का असर शुरू हो जाएगा. हालांकि अगले 2 दिनों तक बारिश की गतिविधियां भी रहेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, 16 अप्रैल को कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 11 जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में मंगलवार को गर्मी का असर तेज रहेगा। यहां पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। बारिश और आंधी की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी। रतलाम में पारा 42 डिग्री रहा प्रदेश में सोमवार को भी मौसम के दो रंग देखने को मिले। पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, सीधी, सिवनी, रीवा आदि जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई है। दूसरी ओर, प्रदेश के बाकी के हिस्से में गर्मी का असर रहा। रतलाम में दिन का तापमान सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर-धार में पारा 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री और नर्मदापुरम में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 41 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 39.5 डिग्री, इंदौर में 39.7 डिग्री, ग्वालियर में 37.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। पहले-दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। अब हीट वेव चलेगी अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल में दूसरे पखवाड़े में अलग-अलग जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। अब जानिए, 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी के बारे में मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था।

अतीक का पूरा साम्राज्य खत्म, हत्याकांड के बाद से पत्नी शाइस्ता और अशरफ की पत्नी जैनब व गुड्डू मुस्लिम फरार

प्रयागराज प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को सरेआम उमेश पाल की गोली और बम मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में अतीक अहमद के बेटे असद के साथ कई शूटर सीसीटीवी में उमेश पाल और उसके सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ बम और गोलियां चलाते दिखे थे. हमले में उमेश पाल और सुरक्षा में लगे दो जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी. इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के साथ बेटे असद के अलावा कई साथियों को आरोपी बनाया गया था. इसी मर्डर केस के जांच के दौरान 15 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ अहमद की काल्विन हॉस्पिटल के गेट पर में तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिलहाल अतीक और अशरफ को मारने वाले तीनों शूटर इस वक्त जेल में बंद हैं और बाहर भी नहीं निकलने चाहते हैं. तीनों ने अतीक की हत्या दबादबा बनाने और चर्चित होने के लिए की थी. अहमद ब्रदर की हत्या के 2 साल पूरे हो गए हैं. हालांकि अभी भी अहमद ब्रदर की हत्या का केस जिला अदालत में ट्रायल पर है. हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद अतीक अहमद की तकरीबन 3000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की गई है. ये संपत्तियां अतीक ने जरायम की दुनिया से कमाए गए पैसे से हासिल की थी. जरायम के पैसे से अतीक अहमद ने पूरा अंपायर खड़ा किया था. जिस पर प्रदेश सरकार ने अपने कार्यवाही का डंडा चलाया. 2 साल में जानिए क्या हुआ अतीक और अशरफ की हत्या के 2 सालों में उसका पूरा परिवार अलग-अलग पड़ गया है. अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन  को भी उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया था. फिलहाल वह फरार है.  पुलिस ने शाइस्ता परवीन पर इनाम भी घोषित कर रखा है. वहीं, अतीक अहमद के पांच बेटों में एक बेटे असद को पुलिस ने झांसी में हुए एनकाउंटर में मार गिराया था. क्योंकि असद उमेश पाल मर्डर केस में वांछित था. जबकि अतीक अहमद के दो बड़े बेटे में सबसे बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है, तो वही छोटा बेटा अली अहमद प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. अतीक गैंग के आधे मेंबर जेल में, आधे फरार अतीक अहमद के चकिया वाले घर से महज 200 मीटर की दूरी पर उसके साढ़ू इमरान का घर है। अब यह पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है। करीब दो साल का वक्त बीत गया, कोई मलबा तक उठाने नहीं आया। इसी तरह से अतीक के फाइनेंसर रहे माशूक उद्दीन, अतीक के शूटर रहे असद के घर, अशरफ की पत्नी जैनब के भाई जैद मास्टर के घर को भी जमींदोज किया गया। ये सभी अतीक के गैंग IS-227 के सदस्य रहे हैं। इसी तरह से गुड्डू मुस्लिम, शूटर अरमान और साबिर, खालिद जफर के घर और जमीन को कुर्क किया गया। उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक गैंग में शामिल लोगों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। 2023 और 2024 में अतीक गैंग के सदस्यों की लिस्ट जारी हुई। 2023 में गैंग में कुल सदस्यों की संख्या 66 थी। 2024 में जब लिस्ट जारी हुई तो इसके सदस्यों की संख्या 34 हो गई। प्रशासन ने 2025 में लिस्ट को दोबारा से जारी करने की तैयारी कर रखी है। अंदाजा है कि इस बार भी करीब 30 मेंबर रहेंगे। इसमें आधे से ज्यादा जेल में हैं। कुछ फरार हैं। कुछ नए अपराधी शामिल किए जाने हैं। अतीक अहमद के दो छोटे बेटे पहले बाल सुधार गृह में बंद थे, बालिग़ होने के बाद दोनों प्रयागराज के बमरौली हटवा में अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहे हैं. वही अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा भी पिछले दो सालों से फरार है. इन पर भी उमेश पाल मर्डर में साजिश रचने का आरोप लगा है. अशरफ के एक बेटी और बेटा हैं, जो अभी छोटे हैं, फिलहाल यह दोनों बच्चे कहां हैं ये किसी को नहीं पता है. बसपा शासन काल से अतीक अहमद पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ था, क्योंकि अतीक अहमद और अशरफ अहमद पर बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप था. अतीक और अशरफ पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन ऐसा कहा जाता था कि अतीक के रसूख के चलते कोई आरोप तय नहीं हो पाता था. बदलते दौर के साथ प्रदेश में सरकार बदलने लगी वैसे वैसे अतीक का रुतबा भी कम होने लगा, पिछले कई चुनाव में अतीक अहमद को हार का सामना करना पड़ा. कई चुनाव तो उसने जेल से ही लड़ा. लेकिन जीत नहीं मिली. उत्तर प्रदेश सरकार ने माफिया और भू माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जिसमें अतीक अहमद के अपराध से अर्जित किए गए हजारों करोड़ों रुपए की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अब अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के 2 साल बीत जाने के बाद पुराने घर कसरिया गांव में भी ताला लगा है. जबकि कसारी मसारी के घर को भी बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है. इसके अलावा अतीक अहमद के चकिया कार्यालय के आगे बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया गया है. उमेश मर्डर केस के तीन आरोपी फरार उमेश पाल मर्डर केस के बाद अतीक अहमद के परिवार का रसूख को खत्म हो गया. उमेश पाल हत्याकांड में शामिल असद, गुलाम, विजय चौधरी उर्फ उस्मान, ड्राइवर अरमान, को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया, तो वहीं इसी मर्डर में शामिल गुड्डू मुस्लिम, अरबाज, साबिर अभी भी फरार हैं. इन सभी पर पुलिस ने 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था और उमेश पाल के अपहरण मामले में अतीक अहमद के वकील शोहलत हनीफ, और दिनेश पासी को आजीवन कारावास की कोर्ट ने सजा सुनाई थी. अतीक और अशरफ का केस लड़ रहे विजय मिश्रा को भी पुलिस ने उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया है. ऐसा कहा जा रहा है था कि विजय मिश्रा ने ही उमेश पाल की हत्या से पहले हत्यारों को लोकेशन दी थी. अतीक के किस बेटे को गैंग लीडर बनाया जा सकता है इस गैंग में नंबर 1 … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ का प्रकटीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य ने सुशासन, न्याय, वीरता और दानशीलता का स्थापित किया महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा को राष्ट्रपटल पर लाए हैं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया विक्रमादित्य के शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव बधाई के पात्र: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देता है: दिल्ली मुख्यमंत्री श्रीमती गुप्ता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निरंतर तीन दिन हुआ महानाट्यसम्राट विक्रमादित्य का मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की राजधानी में लाल किले की प्राचीर पर ऐतिहासिक महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन उस युग को जीवंत करने का प्रयास है। यह विश्व में भारत द्वारा सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने की दिशा में कारगर रहेगा। फिल्मों के निर्माण और डिजिटल युग के बावजूद प्राचीन नाट्य परम्परा से परिचित करवाने वाले इस महानाट्य के अंश अविस्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में तीन दिवसीय महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के मंचन के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में महानाट्य के कलाकारों का सम्मान भी किया गया। इसमें अनेक जनप्रतिनिधि, धर्म और आध्यात्म क्षेत्र की हस्तियां और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। विरासत से विकास के मंत्र पर हो रहा है कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास का मंत्र दिया है। वास्तव में वर्तमान काल अदभुत है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। आज भारत की गरिमा विश्व में निरंतर बढ़ रही है। एक समय था जब सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, वीरता और सुशासन के महत्व को स्थापित किया। सम्राट विक्रमादित्य के युग को पुन: महानाट्य के माध्यम से जीवंत किया गया है। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पक्षों को महानाट्य के माध्यम से आमजन सामने लाने का अभूतपूर्व कार्य हुआ है। नाट्य विधा प्राचीन विधा है, इसका आज भी है महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाट्य विधा एक प्राचीन विधा है। आज के डिजिटल युग में भी इस विधा का महत्व बरकरार है। फिल्मों के निर्माण के साथ अनेक माध्यमों से कला और संस्कृति के दर्शन होते हैं लेकिन महानाट्य से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और शासन काल को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह महानाट्य हमारे इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ और गौरवशाली अतीत से परिचय करवाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन के लिए आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने के लिये दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में महानाट्य के मंचन को देखने के लिए पधारे राज्य सभा के उप सभापति हरवंश सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्वामी अचलानंद जी, मध्यप्रदेश के मंत्रीगण राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नरेंद शिवाजी पटेल, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद का उपस्थिति के लिए आभार माना और संस्कृति मंत्रालय एवं विक्रमादित्य शोध पीठ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। केंदीय संचार मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत के इतिहास के महान योद्धा और कुशल शासक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति में आयोजित महानाट्य के माध्यम से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इनकी गौरवगाथा को राष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेष्ठ काम किया है। भविष्य में इसे विश्व पटल पर भी पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं भी सम्राट विक्रमादित्य के शासन की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य से भावनात्मक रूप से विगत 18 वर्षों से जुड़े हुए हैं। जब वे सम्राट विक्रमादित्य के पिताकी भूमिका निभाते आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विरासत और विकास को जोड़ने का प्रशंसनीय काम किया है। राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि अतीत के प्रेरक प्रसंगों से भविष्य गढ़ने की ताकत और ऊर्जा मिलती है। वर्तमान युग भारत के पुनर्जागरण का युग है, ऐसे में इतिहास के गौरवशाली प्रसंग प्रेरणा देते हैं। सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, धर्म, कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध शासनकाल को जनमानस की स्मृति में ताजा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई के पात्र हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को महानाट्य रूप में प्रस्तुत करने का सौभाग्य दिल्ली को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल्लीवासियों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकारें को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृतियों का आदान-प्रदान कर शीर्ष पर ले जाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों को माला के मोतियों की तरह पिरो कर जनता तक पहुंचाने की शुरुआत की है। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद वीडी शर्मा, आचार्य अचलानंद जी महाराज, गृह और ऊर्जा मंत्री दिल्ली शासन आशीष सूद भी उपस्थित थे।  

Stock Market: सेंसेक्स की बड़ी छलांग, मार्केट खुलते ही दौड़ा बाजार, सेंसेक्स 1600 और निफ्टी 500 के पार

मुंबई मंगलवार को शेयर मार्केट फिर से झूम उठी। तीन दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में तेजी आई। मंगलवार को सेंसेक्स 1600 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 76,852.06 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी ने भी ऊंची छलांग लगाई और यह 500 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 23,368.35 अंक पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को भी मार्केट बढ़त के साथ बंद हुई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,310 अंक की बढ़त के साथ 75,157 पर और निफ्टी 429 अंक की तेजी के साथ 22,828 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ यानी टैक्स को 90 दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है। ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका को माल निर्यात करने वाले करीब 60 देशों पर टैरिफ लगाया था। शुक्रवार को बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और फार्मा शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, एनर्जी और मीडिया के साथ सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण छुट्टी थी। क्यों आई तेजी? शेयर मार्केट में तेजी दुनिया भर के बाजारों में आई तेजी और व्यापार को लेकर तनाव कम होने की उम्मीद के कारण है। अमेरिका की सरकार ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं जिससे लग रहा है कि वे टैरिफ में कुछ राहत दे सकते हैं। खासकर सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में। वहीं निवेशकों को लग रहा है कि यह चीन के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की ओर एक कदम हो सकता है। दुनिया के मार्केट में दिखा असर ट्रंप के इन फैसलों का असर दुनियाभर के शेयर बाजार में देखने को मिला। सोमवार को एशिया, यूरोप और अमेरिका के बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखी गई। एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर में तेजी रही। ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.6 फीसदी से ज्यादा बढ़ा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.79 फीसदी ऊपर गया, जापान का निक्केई 225 0.88 फीसदी ऊपर गया और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.07 फीसदी ऊपर गया। एसआईपी से भी मिला सहारा भारतीय निवेशकों का बाजार पर भरोसा बना हुआ है। मार्च में नकदी की कमी के बावजूद, भारतीय SIP निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इससे बाजार को काफी सहारा मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 11 अप्रैल को पिछले सत्र में 2,519 करोड़ रुपये निकाले। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 3,759 करोड़ रुपये का निवेश करके नेट खरीदार बने रहे।

टूट गईंचेन्नई सुपर किंग्स की हार की बेड़ियां, धोनी और दुबे का कमाल; लखनऊ को 5 विकेट से हराया

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-30 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपरजायंट्स को 5 विकेट से हराया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में टॉस जीतकर चेन्नई ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम पहले बैटिंग करते हुए पंत की फिफ्टी के दम पर सीएसके के सामने 167 रनों का लक्ष्य दिया था. इसके जवाब में उतरी सीएसके ने 20वें ओवर में यह लक्ष्य हासिल कर लिया. धोनी ने 10 गेंदों में 26 रनों की नाबाद पारी खेली. ऐसी रही चेन्नई की बल्लेबाजी 167 रनों के जवाब में उतरी सीएसके की शुरुआत बेहद शानदार रही. शेख रसीद और रचिन रविंद्र ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. हालांकि, 5वें ओवर में शेख रसीद आउट हो गए. उनके बल्ले से 27 रन निकले. हालांकि, 8वें ओवर में रविंद्र का विकेट गिरा. उनके बल्ले से 37 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में राहुल त्रिपाठी भी आउट हो गए. जडेजा भी कमाल नहीं कर सके और 7 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 15वें ओवर में विजय शंकर भी 9 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. धोनी ने 11 गेंद में 26 रन बनाए. वहीं, शिवम दुबे ने 43 रन बनाए. जिसके दम पर चेन्नई ने 20वें ओवर में ये मैच जीत लिया. लगातार 5 मैचों में मिली हार के बाद सीएसके को ये जीत मिली है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में खलील अहमद ने मारक्रम को आउट किया. इसके बाद निकोलस पूरन भी चौथे ओवर में कंबोज का शिकार हो गए. पूरन के बल्ले से केवल 8 रन निकले. इसके बाद पंत और मार्श के बीच अच्छी साझेदारी हुई लेकिन 10वें ओवर में जडेजा ने मार्श को बोल्ड कर दिया. इसके बाद 14वें ओवर में जडेजा ने अच्छी लय में दिख रहे बदोनी को आउट कर दिया. बदोनी के बल्ले से केवल 22 रन निकले. लेकिन ऋषभ पंत एक छोर पर डटे रहे. पंत ने 63 रनों की पारी खेली. इसके दम पर लखनऊ ने चेन्नई को 167 रनों का टारगेट दिया. 167 रनों के जवाब में उतरी सीएसके की शुरुआत बेहद शानदार रही. शेख रसीद और रचिन रविंद्र ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. हालांकि, 5वें ओवर में शेख रसीद आउट हो गए. उनके बल्ले से 27 रन निकले. हालांकि, 8वें ओवर में रविंद्र का विकेट गिरा. उनके बल्ले से 37 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में राहुल त्रिपाठी भी आउट हो गए. जडेजा भी कमाल नहीं कर सके और 7 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 15वें ओवर में विजय शंकर भी 9 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. धोनी ने 11 गेंद में 26 रन बनाए. वहीं, शिवम दुबे ने 43 रन बनाए. जिसके दम पर चेन्नई ने 20वें ओवर में ये मैच जीत लिया. लगातार 5 मैचों में मिली हार के बाद सीएसके को ये जीत मिली है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में खलील अहमद ने मारक्रम को आउट किया. इसके बाद निकोलस पूरन भी चौथे ओवर में कंबोज का शिकार हो गए. पूरन के बल्ले से केवल 8 रन निकले. इसके बाद पंत और मार्श के बीच अच्छी साझेदारी हुई लेकिन 10वें ओवर में जडेजा ने मार्श को बोल्ड कर दिया. इसके बाद 14वें ओवर में जडेजा ने अच्छी लय में दिख रहे बदोनी को आउट कर दिया. बदोनी के बल्ले से केवल 22 रन निकले. लेकिन ऋषभ पंत एक छोर पर डटे रहे. पंत ने 63 रनों की पारी खेली. इसके दम पर लखनऊ ने चेन्नई को 167 रनों का टारगेट दिया.

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी 2.लाख पद कर्मचारियों के प्रमोशन से होंगे खाली, तीन सालों में लोक सेवा आयोग और ईएसबी से होगी भर्ती

भोपाल. मध्यप्रदेश के उन युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है जो सरकारी नौकरी करना चाहते हैं या तो उसकी तैयारी कर रहे हैं. एमपी की मोहन सरकार ने इसके लिए बड़ा कदम उठाया है. मध्यप्रदेश में पिछले 8 साल से सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के रुके हुए प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है. एमपी में आने वाले कुछ महीनों में शासकीय सेवाओं में कर्माचारियों का प्रमोशन होगा. जिसके बाद लगभग 2.03 लाख पद कर्मचारियों के प्रमोशन के चलते खाली होंगे. जिसपर प्रदेश सरकार अगले तीन सालों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और ईएसबी से भर्ती कराएगी. मध्यप्रदेश में एसटी, एससी, ओबीसी और जनरल के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन पिछले 8 साल से रुका था, जिसका रास्ता प्रदेश की मोहन सरकार ने हाई लेवल बैठक में साफ कर दिया है. इस प्रमोशन में लगभग 4 लाख शासकीय कर्मचारी प्रमोट होंगे. इसको लेकर सरकार का प्लान है कि, जिस वर्ग में भर्ती होगी उसी में प्रमोशन दिया जायेगा. 3 साल में एमपी में होंगी 2 लाख भर्ती एमपी में सरकारी कर्मचारियों के 8 साल से अटके प्रमोशन की घोषणा होने के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 में एक-एक लाख पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती प्रक्रिया निकालेगी. इसको लेकर राज्य सरकार का पूरा एक्शन प्लान भी तैयार है. मुख्य सचिव देखेंगे भर्ती प्रक्रिया एमपी में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन के बाद कई विभागों में नीचे के पद खाली होंगे. जिसपर प्रदेश सरकार भर्ती करेगी. एमपी में अगले तीन साल में 2 लाख पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया की तैयारी सीधे मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे के अंडर होगी. इसको लेकर सरकार का एक्शन प्लान भी रेडी है और रिक्त पदों पर डिटेल्ड रिपोर्ट भी एमपी सरकार ने तैयार करवा ली है.  

Ladli Behna Yojana 23th Installment की तारीख हुई कन्फर्म, इस दिन 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में आएंगे 1250 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहनों के लिए खुशखबरी है, क्योंकि मोहन सरकार ने 23वीं किस्त का ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार, 16 अप्रैल को सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.26 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपये ट्रांसफर करेंगे. सीएम मोहन यादव 23वीं किस्त मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से जारी करेंगे. 16 अप्रैल को CM सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे 23वीं किस्त मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, ‘खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश… नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं.’ इन महिलाओं के खाते में नहीं आएंगे 1250 रुपये इस बार मध्य प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक लाडली बहना योजना से 3 लाख 19 हजार 991 लाभार्थियों के नाम काट दिए गए हैं, क्योंकि इन लाभार्थी महिलाओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो गई है. यह जानकारी विधानसभा में महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने दी है. 1.26 करोड़ लाडली बहनाओं के खातों में आएंगे 1250 रुपये बुधवार, 16 अप्रैल को सीएम मोहन यादव मंडला जिले के टिकरवारा गांव पहुंचेंगे और सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होंगे, जहां 1100 लड़कियों की शादियां होगी. CM मोहन यादव मंडला जिले के टिकरवारा गांव से लाडली बहना योजना के तहत सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेशभर की लगभग 1.26 करोड़ लाडली बहनाओं के बैंक खातों में 1250 रुपये की राशि जारी करेंगे. बता दें कि मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि हर महीने 10 तारीख को किस्त जारी हो जाती है. हालांकि इस बार किस्त आने में थोड़ी देरी हो गई. इस योजना का लाभ मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलता है, जहां सभी के खाते में 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है. मध्य प्रदेश में कब शुरू हुई लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 जनवरी, 2023 को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की थी. हालांकि शुरुआती महीनों में लाडली बहनों के खातें में सिर्फ 1000 रुपये ही ट्रांसफर किए जाते थे, लेकिन बाद में योजना की राशि बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई.

बस्तर अब विकास और पर्यटन की नई राह पर बढ़ चला, जम्मू-कश्मीर मॉडल पर होम स्टे पॉलिसी लागू करने की तैयारी

रायपुर कभी माओवादियों के गढ़ के रूप में कुख्यात रहा बस्तर अब विकास और पर्यटन की नई राह पर बढ़ चला है। राज्य सरकार यहां जम्मू-कश्मीर मॉडल पर होम स्टे पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य बस्तर को पर्यटन का केंद्र बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि आर्थिक मदद प्राप्त हो सके। पॉलिसी के तहत आदिवासी गांवों में छोटे-छोटे पर्यटन केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ग्रामीणों को उनके घर के अतिरिक्त एक और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पर्यटक इन घरों में ठहरेंगे, स्थानीय व्यंजन खाएंगे और गांव की संस्कृति को करीब से जानेंगे। इससे ग्रामीणों की आय में इजाफा होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा। बताते चलें कि एक होम स्टे विकसित करने में औसतन एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल इसकी डिजाइन खुद तैयार करेगा। इससे ग्रामीणों के रोजगार का नया रास्ता मिलेगा और प्रदेश के पर्यटन को पंख लगेंगे। बस्तर, सरगुजा के बाद अन्य जिलों में विस्तार पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि केंद्र से प्रस्ताव स्वीकृत होते ही योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी जाएगी और इच्छुक लोगों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें होम स्टे निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। चित्रकोट और धुड़मारास जैसे गांवों होंगे विकसित बस्तर जिले के चित्रकोट और धुड़मारास गांवों को हाल ही में ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज 2024’ प्रतियोगिता में विशेष सम्मान मिला है। यह सम्मान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। धुड़मारास गांव अपनी एडवेंचर गतिविधियों के लिए लोकप्रिय है। वहीं, चित्रकोट जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सरकार अब ऐसे अन्य गांवों की पहचान कर रही है जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। छोटेबोडाल : बस्तर का पहला मिलिस्टिक विलेज होम स्टे बस्तर जिले में होम स्टे की शुरुआत सबसे पहले छोटेबोडाल गांव से हुई। यह गांव नांगूर के पास स्थित है और बस्तर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। यहां 2007 में शकील रिजवी ने जिले का पहला होम स्टे शुरू किया, जो तीन कमरों वाला एक पारंपरिक मिट्टी का घर है। इस घर में 12 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हैं, बल्कि आदिवासी जीवनशैली, परंपराएं, और स्थानीय वनस्पतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। पर्यटन मंडल कर रहा विस्तार की तैयारी बस्तर में वर्तमान में 27 होम स्टे चल रहे हैं। चित्रकोट के आस-पास के गांवों में भी जिला प्रशासन की मदद से होम स्टे विकसित किए गए हैं। यह ग्रामीणों के लिए आय के नए स्रोत बन रहा है। माओवाद सिमटा, सुरक्षित हुए पर्यटन क्षेत्र बस्तर के कोंडागांव और बस्तर जिले माओवादी प्रभाव से लगभग पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे जिलों में अब भी कुछ हद तक नक्सली गतिविधियां हैं। मगर, राज्य सरकार की रणनीति और सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से हालात तेजी से बदल रहे हैं। अब पर्यटन विभाग का फोकस उन क्षेत्रों पर है जो अब सुरक्षित हो चुके हैं।

मध्य प्रदेश में टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क के बाद अब 3 कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने की तैयारी की जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क के बाद अब 3 कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने की तैयारी की जा रही है. इन कंजर्वेशन रिजर्व के बाद वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का रास्ता भी खुल जाएगा. कंजर्वेशन रिजर्व के लिए वन विभाग राज्य शासन को प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेज चुका है. कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. रिजर्व क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों को विस्थापित नहीं किया जाएगा, बल्कि इनकी मदद से ही कंजर्वेशन रिजर्व में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम होगा. मध्य प्रदेश में तीन कंजर्वेशन रिजर्व बनेंगे मध्य प्रदेश में 3 कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने की तैयारी चल रही है. यह कंजर्वेशन रिजर्व प्रदेश के बैतूल, राघोगढ़ और बालाघाट में बनाया जाएगा. बैतूल में कंजर्वेशन रिजर्व बनने से वाइल्डलाइफ कॉरिडोर तैयार हो जाएगा. क्योंकि बैतूल जिले के एक तरफ नर्मदापुरम जिले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व है, जबकि दूसरी तरह महाराष्ट्र के अमरावती जिले में मलेघाट टाइगर रिजर्व. इसी तरह बालाघाट में एक कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने की तैयारी है. इसके बनने से डूंगरगढ़ रिजर्व फॉरेस्ट और कान्हा नेशनल पार्क के बीच कॉरिडोर तैयार हो जाएगा. इसी तरह राघोगढ़ के पास भी कंजर्वेशन रिवर्ज बनाया जाएगा. प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभरंजन सेन के मुताबिक “कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है. इसकी मंजूरी के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी.” अभ्यारण्य से कैसे अलग होता है कंजर्वेशन रिजर्व जब किसी वनक्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित किया जाता है तो उसमें किसी भी तरह की मानव गतिविधियों की अनुमति नहीं होती. ऐसे में इन क्षेत्रों के गांवों को भी विस्थापित किया जाता है. इसमें में स्थानीय समुदायों की नाराजगी भी सामने आती है, क्योंकि ये लोग जंगल में रहकर खेती करते हैं और जंगल पर ही निर्भर रहते हैं. वहीं, कंजर्वेशन रिजर्व ऐसा किसी 2 टाइगर रिजर्व या अभ्यारण्य के बीच का हिस्सा होता है, जिसमें गांव के लोग रहते हैं. इसके आसपास के वन क्षेत्र में कंजर्वेशन रिजर्व बनाया जाता है. इसका संचालन स्थानीय लोगों की समिति और वन विभाग द्वारा किया जाता है. इसमें स्थानीय लोगों को कई तरह के छूट के प्रावधान भी होते हैं. तमिलनाडु में बना पहला कंजर्वेशन रिजर्व वन्यजीवन संरक्षण संशोधन अधिनियम 2002 में कंजर्वेशन रिजर्व बनाए जाने का प्रावधान किया गया और कंजर्वेशन रिजर्व को कानूनी मान्यता दी गई. इसके बाद देश में पहला कंजर्वेशन रिजर्व 14 फरवरी 2005 को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में स्थिति तिरुप्पदईमारथुर संरक्षण रिजर्व बनाया गया. इस 7 एकड़ क्षेत्र में कई संरक्षित पक्षियों की प्रजातियां हैं. जिसकी स्थानीय रहवासी और वन विभाग मिलकर देखरेख करते हैं. इसके बाद वर्ष 2012 में राजस्थान में जवाई बांध वनों को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet