LATEST NEWS

आज करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा, CM जारी करेंगे 23वीं किस्त, फिर खाते में आएंगे 1250 रुपए, जानें अपडेट

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर है। आज बुधवार 16 अप्रैल को सीएम मोहन यादव मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से 23वीं किस्त के 1250 रुपए बहनों के खाते में जारी करेंगे। इसके अलावा गैसे रिफिलिंग की भी राशि जारी की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश। नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। इन योजनाओं के पैसे भी मिलेंगे     खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश…     नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। लाड़ली बहना (Ladli Behna Yojana Big Update) को प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए की किस्त 16 अप्रैल को खातों में आएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव मंडला के टिकरवारा से राशि सिंगल क्लिक से जारी करेंगे। हर माह राशि 10 तारीख को आती है। इस बार विलंब को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया। अब तक योजना में 33 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। सीएम सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 56 लाख लोगों को 337 करोड़ व 25 लाख बहनों को गैस सिलेंडर के 57 करोड़ भी देंगे। कई लाड़ली बहना योजना से हुई बाहर एमपी विधानसभा में महिला बाल विकास मंत्री के मुताबिक, प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटाए हैं। 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। फिलहाल राशि बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं(Ladli Behna Yojana Big Update) को स्कीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। इस कारण जनवरी में 60 साल की उम्र से ऊपर होने पर कई महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए थे। इस वजह से इन लाड़ली बहनों के खाते में योजना के पैसे ट्रांसफर नहीं हुए। अगर आपके दस्तावेज में भी आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो गई है तो, आप भी अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं और आपको भी अप्रैल में योजना की 23वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इस बार किस्त में 6 दिन की देरी आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है।कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राशि भेज दी जाती है, लेकिन इस बार तय तारीख निकलने के बाद भी पैसे नहीं मिले।हालांकि पहले खबर आई थी कि 11 अप्रैल पीएम मोदी के अशोकनगर दौरे या 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या फिर 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के एमपी आने पर राज्य की मोहन यादव सरकार 23वीं किस्त जारी करेगी, लेकिन जारी नहीं हुई और अब 16 अप्रैल को किस्त जारी होगी। हर महीने मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। पैसे मिलेंगे या नहीं?, चेक करें लिस्ट में अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। ये … Read more

रूस में जन्म दर हर साल गिर रही, 1800 के बाद सबसे कम बच्चे पैदा हुए, चीन और जापान भी इस समस्या से जूझ रहे

मॉस्को  रूस में जन्म दर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रूस की जनसंख्या में गिरावट इतनी ज्यादा है कि पिछले करीब 200 वर्षों के रेकॉर्ड टूट गए हैं। कम बच्चे पैदा होने की वजह से रूस में जनसंख्या घट रही है और सरकार के सामने ये गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझी रूस की व्लादिमीर पुतिन सरकार की हालिया वर्षों में जन्म दर को बढ़ाने की कई कोशिशों के बावजूद इस दिशा में कोई खास फायदा नहीं हुआ है। रूस की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, इससे देश में काम करने वाले घटते जा रहे हैं। मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रोस्टेट नाम की सरकारी एजेंसी ने जनसंख्या के नए आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी और फरवरी रूस में सिर्फ 1,95,400 बच्चे पैदा हुए। यह आंकड़ा पिछले साल के इन महीनों के मुकाबले तीन फीसदी कम है। फरवरी महीने में तो और ज्यादा गिरावट आई। फरवरी में जन्म दर 7.6% तक गिर गई और सिर्फ 90,500 बच्चे पैदा हुए। जनसांख्यिकी विशेषज्ञ अलेक्सी का कहना है कि 2025 की पहली तिमाही में रूस की जन्म दर 1800 के दशक के बाद सबसे कम है। लगातार कम हो रही रूसी आबादी अलेक्सी का इस साल मार्च में 95,000 से 96,000 बच्चे पैदा होने का अनुमान है। इस तरह पहली तिमाही में कुल 293,000 से 294,000 बच्चे पैदा हुए। अलेक्सी का कहना है कि 2025 की पहली तिमाही में पिछले 200 सालों में सबसे कम बच्चे पैदा हुए। हालांकि रोस्टेट ने अभी तक मार्च महीने के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। रूस में बीते साल, 2024 में 12.22 लाख बच्चे पैदा हुए थे। यह 1999 के बाद सबसे कम आंकड़ा है। इस साल ये आंकड़ा और भी कम हो सकता है। रूस में बीते एक दशक में 2014 के मुकाबले जन्म दर में एक तिहाई की कमी आ गई है। साल 2016 से 2024 के बीच ही रूस की जनसंख्या में 30 लाख से ज्यादा की कमी आ चुकी है। अभी और बढ़ेगा रूस में संकट! रोस्टेट के अनुसार, रूस में जन्म दर में गिरावट आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी। अगले दो साल यानी 2027 तक यह आंकड़ा 11.4 लाख तक गिर सकता है। 2030 के बाद थोड़ी रिकवरी हो सकती है लेकिन 2045 तक भी जन्म दर 2014 से पहले के मुकाबले 25% कम रहेगी। साफ है कि हालिया समय में रूस इससे बाहर नहीं आ पाएगा। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मौतों की संख्या हर साल 18 लाख के आसपास स्थिर होती है तो भी रूस की जनसंख्या में हर साल 5 लाख की कमी आएगी। रोस्टेट के अनुसार, 2046 तक रूस की जनसंख्या 13.88 करोड़ तक गिर सकती है। यहं तक कि जनसंख्या 13 करोड़ तक भी गिर सकती है। यह आंकड़ा 1897 के रूसी साम्राज्य की आबादी के बराबर होगा।

रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता मांग का खुलकर समर्थन किया

नई दिल्ली/ मास्‍को  भारत और रूस की राजनयिक दोस्‍ती के 78 साल पूरे हो गए हैं। शीत युद्ध से लेकर पाकिस्‍तान युद्ध तक रूस ने भारत के साथ दोस्‍ती निभाई है। अब एक बार फिर से रूस ने भारत की वर्षों से चली आ रही मांग का खुलकर समर्थन किया है। रूस ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थायी सदस्‍यता देने की मांग को फिर से दोहराया है। साथ ही रूस ने भारत के साथ आने वाले वर्षों में भी अच्‍छे रिश्‍ते बरकरार रखने की उम्‍मीद जताई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने संदेश में दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्‍ते स्‍थापित होने के 78 साल पूरे होने की बधाई दी। इस बीच स्‍लोवाकिया ने भी भारत की संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता का समर्थन किया है। टेलिग्राम पर दिए अपने संदेश में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम भारत के साथ रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। रूसी मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद मजबूत बना रहेगा और दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। साल 2024 में पीएम मोदी और रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के बीच दो शिखर सम्‍मेलन हुए थे। इस साल भी पुतिन भारत आने वाले हैं। रूस ने विक्‍ट्री डे परेड में पीएम मोदी को न्‍योता दिया था। इसमें हिस्‍सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर जा रहे हैं। भारत और रूस बढ़ाएं दोस्‍ती रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्‍यापार लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा दोनों देश परमाणु ऊर्जा पर भी सहयोग कर रहे हैं और तमिलनाडु के कुंडनकुलम में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। रूस ने कहा कि दोनों देशों को रक्षा, स्‍पेस, तकनीक और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान को जारी रखना चाहिए ताकि एक बहुध्रुवीय दुनिया को बनाया जा सके। यह वैश्विक प्रशासन में ग्‍लोबल साऊथ की भागीदारी को बढ़ाएगा। सुरक्षा परिषद की दावेदारी में कहां फंसा पेंच? संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में स्‍थायी सदस्‍यता के लिए कई साल से भारत मांग कर रहा है। यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली निकाय है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत इसका स्‍थायी सदस्‍य नहीं है। साल 1945 में बनाए गए संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा पर‍िषद 15 सदस्‍य हैं और इसमें केवल 5 ही स्‍थायी सदस्‍य हैं। ये देश हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन। 10 गैर अस्‍थायी सदस्‍य होते हैं जिन्‍हें दो साल के लिए चुना जाता है। स्‍थायी सदस्‍यों के पास वीटो पावर होता है लेकिन अस्‍थायी सदस्‍यों के पास यह ताकत नहीं होती है। भारत को रूस, अमेरिका, फ्रांस समेत दुनिया के कई ताकतवर देशों का समर्थन हासिल है लेकिन नई दिल्‍ली की राह में सबसे बड़ी बाधा चीन बना हुआ है। चीन नहीं चाहता है कि एशिया में उसके एकाधिकार को भारत चुनौती दे। इसी वजह से चीन सुरक्षा परिषद में एशिया से अकेले प्रतिनिधित्‍व करना चाहता है।  

30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, घर से करना चाहते हैं पूजा तो ऐसे करें बुकिंग

देहरादून इस वर्ष चारधाम की यात्रा 30 अप्रैल 2025, अक्षय तृतीया के दिन से शुरू होने जा रही है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10 बकर 30 मिनट पर खोले जाएंगे.  वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए 2 मई 2025, शुक्रवार को सुबह 7 बजे तक खुलेंगे. इसके अलावा, बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई 2025, रविवार के दिन खुलेंगे. चारधाम यात्रा की तारीखों का निर्धारण महाशिवरात्रि के अवसर पर धार्मिक विद्वानों के द्वारा किया गया था. चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालुओं जाते हैं. भक्त इन पवित्र धामों में जाकर मां गंगा, मां यमुना, भगवान केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करते हैं. चारधाम यात्रा के लिए गाइडलाइंस जारी, यात्रा से पहले ऐसे करें तैयारी केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है. वहीं लोगों ने इस साल दर्शन के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन कराए हैं. चारधाम यात्रा के सभी तीर्थस्थल हिमालयी क्षेत्र में है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मीटर से भी अधिक है. इन स्थानों पर यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आर्द्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए समय-समय पर तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु दिशा निर्देश (Health Advisory) जारी किए जाते हैं. उत्तराखंड टूरिज्म (उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड) की तरफ से चारधाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के लिए कुछ दिशा निर्देश भेजे गए हैं जिन्हें सभी को फॉलो करना चाहिए. यात्रा शुरू करने से पहले सभी को योजना बनाना, तैयारी करना, पैकिंग करना काफी जरूरी होता है. इसकी आप एक लिस्ट बना सकते हैं. योजना बनाना – अपनी यात्रा की योजना कम से कम 7 दिनों के लिए बनाएं, वातावरण के अनुरूप अपना कंफर्टेबल समय चुनें. – ब्रेक ले लेकर ट्रेक करें. ट्रेक के हर एक घंटे बाद या ऑटोमोबाइल चढ़ाई के हर 2 घंटे बाद, 5-10 मिनट का ब्रेक लें. तैयारी करना – रोजाना 5-10 मिनट के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें. – रोजाना 20-30 मिनट टहलें – यदि यात्री की आयु 55 साल से अधिक है या वह हृदय रोग, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से ग्रस्त है तो यात्रा से पहले फिटनेस चैक करने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण कराएं.  पैकिंग करना – गर्म कपड़े ऊनी स्वेटर, थर्मल, पफर जैकेट, दस्ताने, मोजे रखना न भूलें. – बारिश से बचाव के रेनकोट, छाता भी रखें. – स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर. – पहले से मोजूद स्थितियों (हृदय रोग, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज) वाले यात्री सभी जरूरी दवा, टेस्टिंग इक्युपमेंट और डॉक्टर के नंबर साथ में रखें. कृपया अपनी यात्रा से पहले मौसम रिपोर्ट की जांच करें और ध्यान दें कि ठंडे तापमान के लिए आपके पास पर्याप्त गर्म कपड़े हों. अगर आपके डॉक्टर यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो कृपया यात्रा न करें. चार धाम तक कैसे पहुंचे? चारधाम यात्रा या तो हरिद्वार या देहरादून से शुरू होती है. यात्रा शुरू करने के दो तरीके हैं- सड़क और हेलीकाप्टर द्वारा. 1. सड़क मार्ग से सड़क मार्ग से चार धाम यात्रा हरिद्वार, दिल्ली, ऋषिकेश,और देहरादून से शुरू कर सकते हैं. हरिद्वार रेलवे स्टेशन इन पवित्र स्थानों से सबसे निकट रेलवे स्टेशन है. हरिद्वार सड़क और रेल नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. राज्य परिवहन और निजी बसें इन पवित्र तीर्थ स्थलों के लिए उपलब्ध हैं. 2. हेलीकॉप्टर हेलीपैड, देहरादून से चार धाम के लिए हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध है. हेलीकॉप्टर सेवा देहरादून से खरसाली तक है, जो यमुनोत्री मंदिर से लगभग 6 किमी. दूर है. हरसिल हेलीपैड गंगोत्री मंदिर के लिए निकटतम हेलिपैड है, जो मंदिर से 25 किमी. दूर स्थित है. बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के हेलिपैड भी मंदिर के पास स्थित हैं. चार धाम यात्रा की पूजा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए ऑनलाइन पूजा का रजिस्ट्रेशन 10 अप्रैल से शुरू हो चुका है. जो श्रद्धालु घर बैठे केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में पूजा करवाना चाहते हैं, वह बदरी केदार मंदिर समिति की वेबसाइट https://badrinathkedarath.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते है. ऑनलाइन पूजा करवाने वाले लोगों के नाम से न सिर्फ पूजा की जाएगी बल्कि उन श्रद्धालुओं को उनके एड्रेस पर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का प्रसाद भी भेजा जाएगा. जानिए कौन-कौन सी पूजा हो सकती है ऑनलाइन बदरीनाथ धाम में ब्रह्म मुहूर्त में होने वाला महाभिषेक और अभिषेक पूजा के साथ ही वेद पाठ, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनामावली, सायंकालीन स्वर्ण आरती, चांदी आरती, गीत गोविंद पाठ के साथ ही शयन आरती भी शामिल है. इसी तरह केदारनाथ धाम में षोडशोपचार पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और सायंकालीन आरती के लिए आनलाइन बुकिंग की जाती है. चार धाम यात्रा का महत्व चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं को चार महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों पर ले जाती है: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ. ये हिमालय स्थल धार्मिक महत्व रखते हैं और हर साल लाखों तीर्थयात्री यहां आते हैं. यमुनोत्री– तीर्थयात्रा यमुनोत्री मंदिर से शुरू होती है, जो देवी यमुना को समर्पित है. मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को जानकी चट्टी से 6 किमी. की पैदल यात्रा करनी पड़ती है. उसके बाद टिहरी गढ़वाल के महाराजा प्रताप शाह द्वारा निर्मित यह मंदिर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल है. गंगोत्री– दूसरी यात्रा है गंगोत्री, जो गंगा नदी को समर्पित है. 3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर उन लोगों के लिए भक्ति का स्थान है जो पवित्र नदी का सम्मान करना चाहते हैं. केदारनाथ– तीसरी यात्रा केदारनाथ की है. भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है केदारनाथ. 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर हिमालय से घिरा हुआ है. मान्यताओं के अनुसार, मंदिर मूल रूप से पांडवों द्वारा बनाया गया था और बाद में आदि शंकराचार्य द्वारा इसको दोबारा बनवाया गया था. बद्रीनाथ- अंतिम यात्रा बद्रीनाथ धाम की है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. इसमें बद्रीनारायण की 3.3 मीटर ऊंची काले पत्थर की मूर्ति है और यह वैदिक युग की है.  

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी Meta के खिलाफ चल रहे केस में हुई सुनवाई, मुसीबत में जुकरबर्ग

वाशिंगटन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स- फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ सकता है। वजह है कंपनी के खिलाफ अमेरिका के वाशिंगटन में एंटीट्रस्ट मामले की सुनवाई। कंपनी पर US कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने आरोप लगाया है कि उसने मार्केट के कॉम्पिटिशन खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) को खरीद लिया था। फेडरल ट्रेड कमिशन का आरोप है कि मेटा ने सालों पहले इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को खरीदकर अपने राइवल्स को खत्म कर दिया है. FTC के वकील का कहना है कि Meta ने अपने कंपटीटर से मुकाबला करने से बजाय, उन्हें खरीद लिया. ये कदम उन्होंने फेसबुक के दबदबे को बनाए रखने के लिए किया है. FTC केस जीतता है तो बेचने पड़ सकते हैं प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने के लिए फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने ही परमिशन दी थी। लेकिन नियमों के तहत FTC को डील के परिणाम को भी मॉनिटर करना होता है। इसलिए उसे मेटा के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। अगर (FTC) केस जीत जाता है तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है। जुकरबर्ग और पूर्व COO को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के मुताबिक, जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को इस मुकदमे में सुनवाई के दौरान पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एंटी ट्रस्ट केस की सुनवाई 6 हफ्तों से ज्यादा चल सकती है। जुकरबर्ग के खिलाफ तर्क…     वेंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हॉ एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक को इंस्टाग्राम से मिल रहे कॉम्पिटिशन को बेअसर करने के लिए उसे खरीद लिया था।     जुकरबर्ग के बातचीत और उनके ईमेल मुकदमे में सबसे ठोस सबूत पेश कर सकते हैं। जकरबर्ग ने कहा था मार्केट में कॉम्पिटिशन करने की जगह उस कंपनी को ही खरीद लेना ही बेहतर है। मार्क जुकरबर्ग का तर्क…     मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगा, क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का एक्सपीरियंस बढ़ा।     रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा यह तर्क दे सकता है कि किसी एंटीट्रस्ट मामले में इरादा ज्यादा प्रासंगिक नहीं है। मेटा के खिलाफ बड़ा सबूत FTC के ओर से डेनियल मैथेसन ने 2012 के एक इंटरनल मेमो का हवाला दिया, जो मेटा CEO मार्क जकरबर्ग की ओर से था. इस मेमो में इंस्टाग्राम को ‘न्यूट्रलाइज’ करने की बात कही गई है. वहीं मेटा ने इसके जवाब में कहा है कि ये केस गुमराह करने वाला है. मेटा ने बताया है कि दोनों ही अधिग्रहण के वक्त FTC ने खुद इन्हें रिव्यू किया था और अधिग्रहण को मंजूरी दी थी. कंपनी के अटॉर्नी ने कहा कि ये डील्स प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और कंज्यूमर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए की गईं थी. अगर इस मामले में फैसला FTC के पक्ष में जाता है, तो Meta को वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ेगा. FTC ने कहा है कि मेटा ने इन प्लेटफॉर्म्स को खरीदने के लिए ज्यादा पैसे दिए थे. कितने में खरीदा था? मेटा ने साल 2012 में इंस्टाग्राम को 1 अरब डॉलर में खरीदा था, जबकि वॉट्सऐप को कंपनी ने साल 2014 में 19 अरब डॉलर में खरीदा था. हालांकि, मेटा का कहना है कि उन्हें TikTok, X (पहले ट्विटर), YouTube और Apple iMessage से अभी भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इस सुनवाई के दौरान मार्क जकरबर्ग और पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Sheryl Sandberg को भी बुलाया जा सकता है. कयास है कि इस मामले में सुनवाई कई हफ्तों तक चलेगी. बता दें कि इस मामले की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हुई थी.

ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरेगा, इन जिलों और गांवों के लोगों को भी लाभ होगा

ग्वालियर म्यूजिक सिटी ग्वालियर से ताज नगरी आगरा जाने वालों का सफर जल्द ही आसान होगा। यह होगा ग्वालियर- आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से। इसके लिए तैयारी आरंभ हो गई है। इसके बनने से सड़क मार्ग से ग्वालियर से आगरा 90 मिनट में पहुंच सकेंगे, जबकि अभी तीन घंटे का समय लगता है। इससे डेढ़ घंटे का समय बचेगा। यह एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के 63 गांव की 550 हेक्टेयर भूमि आ रही है। इससे इन जिलों और गांवों के लोगों को भी लाभ होगा। 4612 करोड़ से बनेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे इस एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) पर एकसाथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे। एनएचएआई द्वारा 88.400 किलोमीटर में बनाए जा रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 4612.65 करोड़ रुपए लागत आएगी। इसके लिए उदयपुर की जीआर इंफ्रा कंपनी को कार्य दिया गया है। कंपनी अक्टूबर- 2025 में इसका निर्माण आरंभ करेगी और उसे 30 महीने में इसे पूरा करना होगा। 2028 में यह बनकर तैयार हो जाएगा। आर्थिक लाभ आगरा से ग्वालियर एक्सप्रेस(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क बढ़ने से आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर में आईटी इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक हब, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट और टूरिज्म जैसे सेक्टर को लाभ मिलेगा। चारों जिलों के बीच बस यातायात भी सुगम होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को भी रियल एस्टेट का लाभ मिलेगा। यह गांव आएंगे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में आने वाले मुख्य शहर…….. मध्यप्रदेश के ग्वालियर और मुरैना। : ग्वालियर के सिर्फ एक गांव सुसैरा की 5 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। मुरैना के दिमनी, चंबल क्रॉस व मुरैना रोड सहित 25 गांव की 250 हेक्टेयर भूमि आएगी। उत्तरप्रदेश के आगरा : आगरा के देवरी आगरा बायपास, इरादत नगर, श्मशाबाद व सोसा सहित 18 गांव की 132 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। राजस्थान- धौलपुर: धौलपुर के राधा खेड़ा, मछरिया सहित 23 गांव की 162 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। 31 पुल, छह फ्लाई ओवर व एक रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा ग्वालियर– आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की लंबाई 88.400 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट में आठ बड़े पुल, 23 छोटे पुल, छह फ्लाई ओवर, पांच एलिवेटेड वायडक्ट, एक रेल ओवर ब्रिज और 42 अंडर पास बनाए जाएंगे। यहां एक साथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे। एक्सप्रेस-वे की विशेषताएं     100 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार से चल सकेंगे वाहन।     जीपीएस आधारित सिस्टम से उतना ही टोल देना होगा जितना सफर किया होगा।     आईटीएमएस लागू होगा। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा एक्सप्रेस-वे सीसीटीवी की निगरानी में होगा।     वाहन रुकने पर या हादसा होने पर कंट्रोल रूम से तुरंत एम्बुलेंस पहुंचेगी। फायर फाइटर और क्रेन तक सूचना पहुंचेगी।     पर्यावरण और वन संचरण के लिए सुरंग और वाया डक्ट बनेंगे।     सड़क पर कहीं भी घाट नहीं पड़ेंगे और सभी पहाड़ी इलाकों को री-अलाइन कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रदेश में उद्योगों को बढावा देने और रोजगार के अवसर तलाशने के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार और झाबुआ जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे वनवासी जिलों में पढ़ाई एवं उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। सरकार द्वारा गरीब महिला, किसान, युवा सभी वर्गों के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अन्तर्गत शिल्पकार, मिस्त्री, बढ़ई सभी वर्गों को रोजगार स्थापित करने में सरकार द्वारा प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मजदूर भाई-बहनों के कल्याण के लिए संबल योजना संचालित है। संबल योजना अन्तर्गत सभी मजदूर भाई-बहन अपना पंजीयन अनिवार्य रुप से करवाएं। योजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के संबल के लिए अनुग्रह राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। संबल योजना में रतलाम जिले के 4 लाख 92 हजार मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। योजना में पुनः सर्वे कराया जाकर वंचित रहे शेष पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे। बच्चों को स्कूल में सायकल, पाठ्य सामग्री, गणवेश तथा फीस की सुविधा सरकार द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहतर करने के लिए हर किसान के खेत पर पानी पहुंचाना, बिजली के संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिये रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत कोदो, कुटकी, मक्का तथा मोटे अनाज उत्पादन करने वाले कृषको को एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर जयन्ती के अवसर से सरकार द्वारा गोपालकों से सहकारिता समितियों के माध्यम से दूध खरीदने की व्यवस्था के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारम्भ की जा रही है। पशुपालन अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए सहकारिता आधारित कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत 25 से ज्यादा गाय-भैंस पालने वाले गौपालक को अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में रतलाम महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने स्वागत् उद्बोधन दिया। अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रसिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के संस्थापक श्री अरविन्द मोघे का अंग वस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। विधायक सभागृह रतलाम में आयोजित अधिवेशन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विधायक श्री मथुरालाल डामर, विधायक श्री चिन्तामण मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, श्री भूरालाल डामर, श्री पवन पंत, श्री राघवसिंह भाभर, श्री बेगाजी, श्री संजयसिंह, श्री कुलदीप गुर्जर, श्री कैलाश निनामा, श्री प्रमोद जैन, श्री भरत पाटीदार, श्री अर्जुन राम, श्री मानसिंह मईडा, श्री भेरुलाल खदेडा, श्री कृष्णकुमार मईडा, श्री बालमुकुन्द पाटीदार, श्री राजू खराडी, पूर्व विधायक श्री दिलीप मकवाना, श्री विप्लव जैन, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री अशोक पोरवाल, श्री कन्हैयालाल मौर्य, उपस्थित थे।  

मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

अगले 5 साल में दुग्ध उत्पादन 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य लेकर बढ़ें आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 16 अप्रैल को मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा से लाड़ली बहनों के खाते में राशि का अंतरित की जायेगी। उन्होंने कहा कि राशि अंतरण की तारीख में सदैव एकरूपता लाने के लिए अब राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास यह राशि लाड़ली बहनों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल (बुधवार) को मंडला जिले से प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाडली बहनाओं के खाते में 1552.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में 13 अप्रैल को राज्य सरकार तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के मध्य सहकारिता अनुबंध हुआ। इससे प्रदेश के पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध एवं इससे जुड़े अन्य उत्पाद अब सीधे एनडीडीबी के माध्यम से खरीदे जायेंगे। इससे प्रदेश के पशुपालकों की माली हालत तेजी से सुधरेगी और वे आत्मनिर्भर हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन की तुलना में दुग्ध संकलन बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाये। साथ ही प्रदेश के शेष्ज्ञ आधे ग्रामों से दूध का संकलन करने की कार्रवाई में भी गति लायें। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा 5 रुपए प्रति लीटर बोनस के रूप में प्रोत्साहन राशि देने सहित “डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना” का प्रचार-प्रसार एवं मप्र के दूध की प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मार्केटिंग एंव ब्रांडिंग भी की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एनडीबीबी द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान म.प्र. सरकार के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल को केन्द्रीय मंत्री से मिले निर्देशों में नये लक्ष्य शामिल कर NDDD के साथ हुये अनुबंध में आवश्यक संशोधन करने के लिये भी कहा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अगले 5 साल में 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन क्षमता का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। इस दिशा में एनडीडीबी से भी मार्गदर्शन लें। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के दुग्ध संघों द्वारा मात्र 10 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध संकलन किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दूध उत्पादन और संकलन में तेजी से वृद्धि करने के निर्देश दिये। प्रदेश को मिली 10 राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा 10 अप्रैल को प्रदेश को 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमि-पूजन एवं लोकार्पण कर सौगात दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सौगात के लिए केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा 2330 करोड रुपए के कार्यों का भूमि-पूजन तथा 3502 करोड रुपए के कार्यों का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिए मंत्रि-परिषद के सदस्यों को भी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा NHAI के माध्यम से मध्यप्रदेश में अगले 2 साल में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाने की घोषणा की गई है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं के सहज और सरल आवागमन के लिये सभी आवश्यक राजमार्गों के उन्नयन की स्वीकृति देने की सहमति भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा धार के बदनावर से झाबुआ के थांदला से टिमकवाली तक 1900 करोड़ रुपए की लागत से 81 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड, उज्जैन से झालावाड़ तक 2500 करोड रुपए की लागत से 133 किलोमीटर लंबी फोर लेन रोड और 3500 करोड रुपए की लागत से 77 किलोमीटर लंबे इंदौर पूर्वी सिक्स लेन बायपास रोड की स्वीकृति देने की सहमति व्यक्त की गई है। अंबेडकर जयंती पर नई ट्रेन के लिए दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर 13 अप्रैल से डॉ. भीमराव अंबेडकर नगर (महू) से नई दिल्ली के मध्य सीधी रेल सेवा प्रारंभ होने की जानकारी देकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे महू अब दिल्ली से हमेशा के लिए सीधी रेल सेवा से जुड़ गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य बना सागर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में आरक्षित वन के 258.64 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र को अभयारण्य घोषित किया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह प्रदेश का 25 वां अभयारण्य है।

बस्तर अंचल के सिंचाई के कार्यों में आएगी तेजी : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जगदलपुर में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय का शुभारंभ किया। इस कार्यालय के प्रारंभ होने से बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के विभागीय कामकाज में काफी सुविधा होगी। जल संसाधन से संबंधित निर्माण कार्यों के सर्वेक्षण, डीपीआर निर्माण और तकनीकी स्वीकृति में तेजी आएगी। पहले इन कार्यों की स्वीकृति के लिए रायपुर जाना पड़ता था। अब ये काम संभागीय मुख्यालय बस्तर में ही हो सकेंगे। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप के विशेष पहल से शुरू हुए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता नवीन कार्यालय में विभिन्न स्तरों पर अधिकारी और कर्मचारी की नियुक्ति के लिए भी बजट में स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में यह कार्यालय जगदलपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय इंद्रावती परियोजना मंडल भवन के ऊपरी तल में संचालित हो रहा है। मुख्य अभियंता जल संसाधन कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद बस्तर  महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर  किरण सिंह देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, नगर निगम महापौर संजय पांडेय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष वेदमती कश्यप, वित्त आयोग के अध्यक्ष निवास राव मद्दी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के. एस. भंडारी और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- नर की सेवा से ही नारायण मिलते हैं, गरीबों की सेवा ही ईश्वर की आराधना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा से ही नारायण मिलते हैं। गरीबों की सेवा ही ईश्वर की आराधना है। न्यूनतम शुल्क में अधिकतम उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की मंशा से हॉस्पिटल का निर्माण मानवता की सच्ची सेवा की ओर बढ़ाया गया एक सराहनीय कदम है। हॉस्पिटल संचालक बधाई और साधुवाद के पात्र हैं कि उन्होंने यह पुनीत कार्य प्रांरभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से एक निजी अस्पताल के शुभारंभ कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांबाखेड़ा स्थित जीवन मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का वर्चुअली लोकार्पण कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल संचालक डॉ. अनिल मीणा ने अपने पिताजी स्व. श्री जीवन सिंह मीणा की स्मृति में 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य उपचार की निकटतम सुविधा प्रदान की है। यह अस्पताल लांबाखेड़ा और आसपास के 100 गावों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र होगा, जहां एक ही छत के नीचे मरीजों को सभी प्रकार की इमरजेंसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और गरीब जनता को न्यूनतम शुल्क में इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हॉस्पिटल संचालक और उनके पूरे परिवार को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. मीणा ने अपने स्व. पिता के सपने को साकार कर दिया। इस हॉस्पिटल में सभी प्रकार के बड़े आपरेशन की सुविधा, पेट से संबंधित रोग, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, सभी प्रकार के कैंसर रोगों का इलाज, पथरी, हड्डी रोग का इलाज किया जाएगा। जले हुए मरीज के इलाज के लिए विशेष सुविधा भी यहां उपलब्ध है। गरीबी रेखा में आने वाले मरीजों को यहां इलाज में विशेष छूट दी जाएगी। इस अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी एम्बुलेंस की सुविधा सहित यहां मेडिकल एवं सर्जीकल आईसीयू भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉस्पिटल, मंदिर होते हैं। यहां गंभीर मरीजों को पुन: जीवन पाने की उम्मीद प्रबल हो जाती है। इलाज करने वाले डॉक्टर्स भगवान का स्वरूप होते हैं। उन्होंने हॉस्पिटल संचालकों से कहा कि वे समर्पित होकर गरीबों का इलाज कर उनकी सेवा करें और ईश्वर का ढेर सारा आशीष पाएं। मंत्रालय में हुए वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। लांबाखेड़ा में हुए लोकार्पण समारोह में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विष्णु खत्री, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत, श्री तीरथ सिंह मीणा, श्री ओम जैन, श्री वीरेंद्र मारण गोलू, श्री लीलेंद्र मारण, श्री लालसिंह मीणा, डॉ. अकील खान, डॉ. आनंद सक्सेना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर पहुंचे जगदलपुर

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर पहुंचने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे। मुख्यमंत्री साय बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन करेंगे। बस्तर में कृषि पशुपालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बस्तर में औद्योगिकीकरण और रोजगार के अवसरों के निर्माण और पर्यटन विकास की संभावनाओं के साथ ही युवाओं के रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। अगले दिन मुख्यमंत्री साय बस्तर संभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।   मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री साय का वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर  महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।

योगी ने कहा कि दंगाइयों का उपचार ही डंडा है, बंगाल जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं

 हरदोई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में भड़की हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है. योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश है. योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल जल रहा है. वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. योगी ने कहा कि इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है. बंगाल जल रहा है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं. अरे लातों के भूत, बातों से कहां मानने वाले हैं. सेक्युलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे दी है. पूरा मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है लेकिन सरकार मौन है. उन्होंने कहा कि दंगाई डंडे से ही मानेंगे, जिसे बांग्लादेश पसंद है, वो बांग्लादेश चला जाए. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बंगाल हिंसा पर खामोश है. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. दंगाई डंडे से ही मानेंगे. इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए. मैं धन्यवाद करना चाहूंगा वहां के न्यायालय को जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की व्यवस्था करने का कदम उठाया है. बता दें कि सबसे पहले शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सूती में हिंसा की शुरुआत हुई थी. उसके बाद जंगीपुर से पुलिसबल मौके पर पहुंचा और हालात संभालने में जुट गया. इसी दौरान सूती से 10 किमी दूर शमशेरगंज में भी बवाल की खबरें आईं. हालांकि, पुलिसबल सूती में हाइवे से जाम हटवाने में जुटा रहा. पुलिस शमशेरगंज तक नहीं पहुंच पाई और वहां हिंसा का ताडंव मचा रहा. ऐसे में सेंट्रल फोर्स BSF को उतरना पड़ा, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था. दोपहर से शुरू हुई हिंसा देर रात तक चलती रही. जब मालदा और बहरामपुर से फोर्स आई और इन इलाकों में पहुंची, तब हिंसा पर काबू पाया जा सका. भीड़ ने पहले नेशनल हाइवे 34 जाम किया. जब पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया तो पत्थरबाजी होने लगी. पुलिस ने फिर आंसू गैस छोड़ी. लाठीचार्ज किया. दो दिन पहले भी मुर्शिदाबाद पुलिस पर हमला हुआ था. तब प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी थी. एनआरसी के दौर में भी मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली थी. दरअसल, मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद वक्फ विधेयक के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े और नेशनल हाइवे 34 ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने नेशनल हाइवे से अवरोध हटाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ एक तरह से जंग छिड़ गई. ठीक उसी समय मुर्शिदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर शमशेर गंज में भी नेशनल हाइवे पर हजारों की संख्या में लोग आ गए थे.  

कैबिनेट बैठक: भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति

भोपाल किसानों को सशक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार उनकी आय बढ़ाने के रास्ते खोज रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। फसल बीमा योजना का लाभ शत-प्रतिशत किसानों को दिलाने के साथ सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार ने कार्य योजना बनाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अन्नदाता मिशन को दी गई स्वीकृति। किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए गए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनाई जाएगी उच्च स्तरीय समिति। जिला स्तर पर भी बनेगी कमेटी। किसानों को खेती के शासक पशुपालन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र में भी किया जाएगा प्रोत्साहित। खाद्य प्रसंस्करण को भी दिया जाएगा बढ़ावा। भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति। सतना में अस्पताल बनेगा‌। लाडली बहन योजना बंद नहीं होगी। अब प्रतिमाह 10 से 15 तारीख के बीच होगा राशि का अंतरण। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में राशि करेंगे अंतरित। किसानों से वसूली जा रही ऋण की राशि इस बीच, हरदा से खबर है कि शासकीय खरीदी में उपज बिक्री के बाद किसानों से सहकारी समिति ऋण वसूल रही है। ऋण की राशि वसूली करने से किसान परेशान हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में उपज बिक्री के बाद शासन द्वारा राशि खातों में डाली जाती है। किसान अपना केसीसी ऋण चुकता करते हैं, लेकिन राशि समय पर न मिलने से किसानों को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ता है। किसान सुरेश पटेल ने बताया कि किसानों के खाते में पूरी राशि आना चाहिए। इस संबंध में समिति के सहायक प्रबंधक अखिलेश पाटिल ने बताया कि चने की राशि में थोड़ा समय लगता है। जल्द ही किसानों के खातों में राशि जमा कराई जाएगी।

38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए

जम्मू 38 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरे देश में उत्साह के साथ शुरू हो गया है। जम्मू में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रिहाड़ी चुंगी शाखा समेत कई नामित बैंक शाखाओं में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह तीर्थ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। हर बार की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 मार्च को राजभवन में हुई श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 48वीं बैठक के दौरान इस बार की तिथियों का ऐलान किया था। इस बार भी यात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बोर्ड ने इस वर्ष व्यवस्थाएं और सुविधाएं और बेहतर बनाने के प्रस्ताव दिए हैं। यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं ई-केवाईसी, आरएफआईडी कार्ड जारी करने और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा अब जम्मू, श्रीनगर, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर उपलब्ध होगी। बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथाचौक श्रीनगर में भी लोगों के लिए सुविधा केंद्र बढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं में उत्साह रिहाड़ी चुंगी शाखा पर पंजीकरण कराने पहुंचीं सुनंदा शर्मा (37) ने बताया, “यह मेरी दूसरी यात्रा होगी और मैं बाबा अमरनाथ के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हूं।” वहीं राजेश कुमार (41) ने कहा, “मैं पिछले सात वर्षों से लगातार बाबा के दर्शन कर रहा हूं और जब तक शरीर साथ देगा, तब तक जाता रहूंगा।” इन्हें यात्रा की परमिशन नहीं 13 से 70 वर्ष की आयु वाले श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं, जिनकी गर्भावस्था 6 सप्ताह या उससे अधिक की है, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं है। यात्रियों के उत्साह और सरकार की तैयारियों को देखते हुए, इस बार की अमरनाथ यात्रा और भी भव्य और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet