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एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत सीधी जिले की दरी और कालीन को खास पहचान मिली : मंत्री जायसवाल

सीधी जिले के कालीन मध्यप्रदेश की शान : मंत्री जायसवाल मंत्री जायसवाल ने कहा सीधी जिले के स्थानीय कारीगरों की मेहनत को नया बाजार मिलेगा एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत सीधी जिले की दरी और कालीन को खास पहचान मिली : मंत्री जायसवाल भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि “एक जिला एक उत्पाद”योजना के अंतर्गत सीधी जिले की दरी और कालीन को खास पहचान मिली है। सीधी जिले के दरी और कालीन मध्यप्रदेश की शान हैं। मंत्री जायसवाल ने कहा कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत को नया बाजार मिलेगा। साथ ही उनकी परंपरा और हुनर को नये मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनकर मुद्रा योजना के साथ प्रदेश के बुनकरों की तरक्की होगी। योजनांतर्गत, बुनकरों को अब 50 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य और केन्द्र सरकार साझा प्रयास कर बुनकरों को हक और प्रोत्साहन दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री जायसवाल ने कहा कि रेशम के धागे से दवाइयाँ और सेरीबैंडेज का निर्माण होगा। ऐसा नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सतपुड़ा एवं नर्मदा के वनों के ककून से दवाएँ बनाई जाएंगी। पाउडर, क्रीम, सेरीबैंडेज, सिजेरियन ड्रेसिंग, डायबिटिक घाव की ड्रेसिंग तथा ऑपरेशन के बाद की ड्रेसिंग निर्मित होंगी। सेरीबैंडेज की विशेषताएं रेशम घाव को गीला नहीं रखता, शरीर के साथ भी नहीं चिपकता तथा रेशम से फायब्रोयिन नामक प्रोटीन निकलता है, जो जख्मों, डायबिटीज से ऊंगलियों में होने वाले घाव और गर्भवती महिलाओं के सर्जिकल डिलीवरी के घाव को कम समय में ठीक करता है। इससे संक्रमण की संभावना भी नगण्य हो जाती है। रेशम की विशेषताएं रेशम एक मजबूत प्राकृतिक फाइबर है, जो घर्षण और तनाव का प्रतिरोधी होता है। रेशम के धागे से पाउडर, क्रीम, सेरीबैंडेज और सिजेरियन बैंडेज का निर्माण होता है। रेशम नमी को सोख लेता है, जो इसे गर्मियों के कपड़ों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है। रेशम लचीला होता है, जो इसे विभिन्न प्रकार के कपड़ों और उत्पादों के लिए उपयुक्त बनाता है।  

टू-व्हीलर गाड़ी के साथ कंपनी की ओर से दो हेलमेट का प्रावधान, जानिए गडकरी ने क्या बताया

मुंबई केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क पर लोगों की सेफ्टी और एक्सीडेंट को रोकने के लिए नया मास्टर प्लान बनाया है। उन्होंने एक टीवी प्रोग्राम के दौरान एक्सीडेंट को रोकने के लिए अपने मास्टर प्लान के बारे में खुलकर बताया। उनके इस प्लान में नए टू-व्हीलर के साथ 2 हेलमेट देना अनिवार्य होगा। वहीं, अब रोड पर सब मेंडेटरी प्रीकास्ट होगा। उन्होंने ये भी कहा कि रोड अब फैक्टरी में बनेगा। गडकरी ने बताया कि सिर्फ स्कूल के सामने हर साल 10 हजार बच्चे रोड एक्सीडेंट में मर जाते हैं। ये बड़ी चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए ही उन्होंने बड़ी तैयार की है। चलिए उनके मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से जानते हैं। टू-व्हीलर के साथ 2 हेलमेट मिलेंगे गडकरी ने कहा कि जो भी टू-व्हीलर खरीदता है कंपनी उसे किसी अच्छी कंपनी के दो ISI स्टैंडर्ड वाले हेलमेट भी देगी, ताकी गाड़ी पर चलने वाले दोनों लोग हेलमेट पहनें। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी में हम लंबे समय से काफी काम कर चुके हैं उसके बाद भी अभी सफलता नहीं मिली है। सिर्फ स्कूल के सामने ही हर साल 10 हजार बच्चों की मौत हो जाती है। जबकि, हर साल 1 लाख 80 हजार मौत रोड एक्सीडेंट में होती हैं। ऐसे में हम रोड सेफ्टी ऑडिट कर रहे हैं। ब्लैक स्पॉट का पता लगा रहे हैं। राहवीर योजना जल्द होगी लागू उन्होंने आगे बताया कि हमने एक राहवीर योजना भी तैयार की है। इस योजना में जिसका एक्सीडेंट होता है और उसे लेकर कोई अस्पताल आता है और उसकी जान बचाता है। तब हम उसे 25 हजार रुपए का अवॉर्ड देंगे। साथ ही, जो अस्पताल में एडमिट होगा उसको मैक्सिमम 7 दिन का खर्च या 1.50 लाख रुपए की सहायता देंगे और उसकी जान बचाने की कोशिश करेंगे। यदि लोग एक्सीडेंट होने वाले व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने का काम करते हैं तब हम हर साल 50 हजार लोगों की जान बचा सकते हैं। रोड पर सब मेंडेटरी प्रीकास्ट होगा गडकरी ने बताया कि अब रोड पर सब मेंडेटरी प्रीकास्ट होगा। यानी रोड अब फैक्टरी में बनेगा। अभी रोड के बीच में जो वैरियर होते हैं लोग उन्हें कूदकर आगे जाते हैं, जिससे एक्सीडेंट होते हैं। ऐसे में अब इन वैरिएट की ऊंचाई को 3 फीट तक बढ़ाया जाएगा। इसके दोनों तरफ एक मीटर की दूसरी रखी जाएगी जिसमें काली मिट्टी डालकर प्लांट लगाए जाएंगे। ऐसे में कोई इसे कूदकर पार नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि हम मलेशिया से नई टेक्नोलॉजी लाए हैं जिससे हजारों-करोड़ रुपए बच रहे हैं। जैसे तमिलनाडु के चेन्नई में मेट्रो बन रही हैं। उनका 70-75 हजार करोड़ रुपए कैबिनेट नोट आया था। ऐसे में हमने मलेशिया में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी से दो पिलर की दूरी को 120 मीटर कर दिया। जबकि पहले ये 30 मीट की होती थी। यानी 3 पिलर को कॉस्ट को बचाया गया। वहीं, ऊपर का बीम स्टील की जगह स्टील फाइबर में कास्ट होगा। साथ ही, प्रीकास्ट से पॉल्यूशन को कम करने में भी मदद मिलेगी। रोड एक्‍सीडेंट में 1.80 लाख मौतें इस दौरान उन्‍होंने कहा कि हम रोड सेफ्टी को लेकर काम कर रहे हैं, लेकिन जितनी सफलता मिलनी चाहिए थी, उतनी नहीं मिली है. उन्‍होंने बताया कि हर साल 10 हजार बच्‍चों की स्‍कूलों के सामने होने वाले एक्‍सीडेंट में मौत हो जाती है. उन्‍होंने बताया कि इसे लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ बुधवार को एक बैठक है. गडकरी ने बताया कि देश में हर साल एक लाख 80 हजार मौतें रोड एक्‍सीडेंट में होती हैं.  उन्‍होंने बताया कि हम रोड सेफ्टी ऑडिट कर रहे हैं और ब्‍लैक स्‍पॉट को बेहतर कर रहे हैं. राहवीर योजना को लेकर दी जानकारी इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार राहवीर योजना भी लेकर आ रही है, जिसमें एक्‍सीडेंट होने के बादा यदि कोई उस व्‍यक्ति को अस्‍पताल लेकर जाता है तो हम उसे 25 हजार रुपये का अवार्ड देंगे. साथ ही एडिमट होने वाले शख्‍स को सात दिन का खर्चा या डेढ लाख रुपये हम देंगे और उस शख्‍स की जान बचाने की कोशिश करेंगे. उन्‍होंने कहा कि यदि एक्‍सीडेंट के बाद घायल को तुरंत अस्‍पताल में भर्ती कराया जाए तो 50 हजार लोगों की जान बच सकती है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों का ब्याज सरकार भरेगी, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं

भोपाल एमपी में किसानों के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि किसानों की सहकारी बैंकों की कर्ज राशि का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने CM डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। संघ पदाधिकारियों ने भू अधिग्रहण संशोधन ड्राफ्ट मामले में कुछ सुझाव दिए और 31 मार्च तक सहकारी बैंकों के कर्ज जमा न कर पाने के कारण डिफाल्टर हुए किसानों का मामला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों का ब्याज सरकार भरेगी, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के भू अधिग्रहण संशोधन ड्राफ्ट के मामले में सीएम को किसानों की चिंता से अवगत कराते हुए उनका पक्ष रखा। किसान संघ ने सीएम डॉ. मोहन यादव से कहा कि किसानों की सलाह और उन्हें विश्वास में लिए बिना जमीन अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। भारतीय किसान संघ के तीन प्रांतों, प्रदेश पदाधिकारियों और अखिल भारतीय पदाधिकारियों के सामने राज्य के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2025 का प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद किसान संघ ने सीएम के समक्ष ही इसपर सुझाव दिए। 2025 के डिफाल्टर किसानों का ब्याज भरेगी सरकार किसान संघ ने 31 मार्च तक सहकारी बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के कारण डिफाल्टर हुए किसानों का मुद्दा भी उठाया। इस मामले पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने किसान संघ से कहा कि किसानों को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे किसानों का सहकारी बैंकों का ब्याज राज्य सरकार भरेगी। मध्यप्रदेश में कुल 4523 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां हैं। इन समितियों से किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्यों के लिए कृषि ऋण (Cooperative Bank Loan) दिया जाता है। खास बात यह है कि यह कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर वाला होता है अर्थात किसानों को बिना ब्याज के ही लोन मिलता है लेकिन किसान डिफाल्टर हो जाते हैं तो ब्याज लगने लगता है। ब्याज राशि ज्यादा होने से किसान और परेशान हो जाता है। जो किसान तय अवधि में ऋण नहीं चुकाते हैं, उनसे समितियां आधार दर के साथ दंड ब्याज वसूलती है।

बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़कर शुद्ध लाभ के रूप में निगम को 3.37 करोड़ रुपए की कमाई होगी

 इंदौर इंदौर नगर निगम ने बीआरटीएस कॉरिडोर के संपूर्ण सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया है। इस सर्वे में यह स्पष्ट हो गया है कि इस कॉरिडोर को तोड़ने में कितनी लागत आएगी और मलबा एवं अन्य सामग्री की बिक्री से कितनी आय होगी। सर्वे के अनुसार, कॉरिडोर को तोड़ने में लगभग 34.70 लाख रुपए का खर्च आएगा, जबकि मलबा और अन्य सामग्री की बिक्री से निगम को लगभग 3.71 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। इस प्रक्रिया से शुद्ध लाभ के रूप में निगम को 3.37 करोड़ रुपए की कमाई होगी। राज्य सरकार द्वारा कॉरिडोर को हटाने का निर्णय लिया गया था, जिसे हाईकोर्ट की स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब नगर निगम द्वारा तोड़ाई की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। कॉरिडोर तोड़ने में आएगा इतना खर्च सर्वे के मुताबिक, कॉरिडोर में आरसीसी बीम की कुल लंबाई 10475 मीटर, चौड़ाई 0.35 मीटर तथा गहराई 0.30 मीटर है, जिसका कुल घनफल 2199 घनमीटर है। इसे हटाने की लागत प्रति घनमीटर 786 रुपए के अनुसार 17.29 लाख रुपए होगी। वहीं, 18 बस शेल्टर होम की कुल लंबाई 344 घनमीटर है, जिस पर 8.20 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके अतिरिक्त अन्य छोटे आरसीसी निर्माण 32207 घनमीटर क्षेत्र में फैले हैं और स्क्रब्स 40105 घनमीटर में निर्मित हैं। इन निर्माणों को हटाने पर 3.25 लाख रुपए का खर्च आएगा। कॉरिडोर के दोनों ओर लगी स्टील की रैलिंग, जिनका कुल क्षेत्रफल 3.67 लाख वर्गमीटर है, इन्हें निकालने पर भी कुछ खर्च आएगा। कुल मिलाकर यह पूरा कार्य 34.70 लाख रुपए में संपन्न होगा। मलबा और सामग्री से होगी करोड़ों की कमाई नगर निगम द्वारा कराए गए आकलन के अनुसार, कॉरिडोर से लगभग 1.53 लाख किलो स्टील निकलेगा, जिसकी बिक्री से 46 लाख रुपए मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, 10000 मीटर लंबाई की रैलिंग और 90 प्रतिशत ए-श्रेणी का स्क्रैप मटेरियल निकलेगा, जिसकी बिक्री 45 रुपए प्रति किलो की दर से की जा सकेगी और इससे 2.31 करोड़ रुपए की कमाई होगी। वहीं, बस शेल्टर होम में प्रयुक्त अतिरिक्त आइटम की बिक्री से 90 लाख रुपए की आय होगी। इस प्रकार कुल मिलाकर निगम को 3.71 करोड़ रुपए की प्राप्ति होगी। दो महीने में होगा काम पूरा, टेंडर प्रक्रिया जल्द नगर निगम जनकार्य विभाग के प्रभारी और महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर ने जानकारी दी कि कॉरिडोर को तोड़ने में लगभग दो महीने का समय लगेगा। निगम अब जल्द ही इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। ठेकेदारों को यह प्रस्ताव देना होगा कि वे तोड़ाई के काम के बदले निगम को कितनी राशि देंगे। जो ठेकेदार अधिकतम राशि का ऑफर देगा, उसे यह ठेका दिया जाएगा। ठेकेदार को ही मलबा और मटेरियल भी मिलेगा। निगम को कम से कम 3.37 करोड़ रुपए प्राप्त होने की संभावना है। इस प्रक्रिया से निगम को आर्थिक लाभ के साथ शहर के विकास कार्यों के लिए भी नई राह मिलेगी।

देश को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश, 14 मई को CJI के रूप में लेंगे शपथ

नई दिल्ली  जस्टिस बीआर गवई देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना ने बुधवार (16 अप्रैल) को आधिकारिक तौर पर जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश कर दी। CJI ने उनके नाम को मंजूरी के लिए केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेज दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस बीआर गवई 14 मई को मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे। मौजूदा चीफ जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई को रिटायर होंगे। जस्टिस गवई भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ लेंगे। 64 वर्षीय जस्टिस खन्ना ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में छह महीने का कार्यकाल पूरा किया है। जस्टिस गवई के 14 मई को शपथ लेने की उम्मीद है। जस्टिस गवई का शीर्ष अदालत के जज के रूप में छह महीने का कार्यकाल होगा। परंपरा के अनुसार, वर्मतान मुख्य न्यायाधीश अपना उत्तराधिकारी नामित करते हुए केंद्रीय कानून मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजता है। मंत्रालय ने पहले मुख्य न्यायाधीश से उनके उत्तराधिकारी के नाम का प्रस्ताव मांगा था। जस्टिस गवई लगभग छह महीने तक भारत के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे क्योंकि वे नवंबर में रिटायर होने वाले हैं। जस्टिस केजी बालकृष्णन के बाद वे मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने वाले दूसरे दलित होंगे। उन्हें 2007 में देश के शीर्ष न्यायिक पद पर प्रमोट किया गया था। जस्टिस गवई का 6 महीने का कार्यकाल होगा और वह 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। वह मई 2019 में ही सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे और संयोग है कि इसी महीने में शीर्ष अदालत के चीफ जस्टिस हो जाएंगे। बीते साल 11 नवंबर को सीजेआई खन्ना ने पदभार संभाला था। उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्रालय के समक्ष जस्टिस बीआर गवई के नाम की सिफारिश भेजी है। सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए रिटायरमेंट की उम्र 70 साल है। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में जस्टिस बीआर गवई का जन्म 24 नवंबर, 1960 को हुआ था। वह बॉम्बे हाई कोर्ट का हिस्सा 14 नवंबर 2003 को बने थे, जब उन्हें अतिरिक्त जज की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद नवंबर 2005 में ही वह हाई कोर्ट के स्थायी जज बन गए थे। जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा कई संवैधानिक बेचों में उन्हें शामिल किया गया है। आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की जिस 5 मेंबर वाली संवैधानिक बेंच ने सुनवाई की थी, उसका एक हिस्सा जस्टिस गवई भी थे। इसके अलावा राजनीतिक फंडिंग के लिए लाई गई इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को खारिज करने वाली बेंच का भी वह हिस्सा थे। यही नहीं नोटबंदी के खिलाफ दायर अर्जियों पर सुनवाई करने वाली बेंच में भी वह शामिल थे। 24 नवंबर, 1960 को अमरावती में जन्मे गवई ने 16 मार्च, 1985 को एक वकील के रूप में नामांकन कराया। शुरुआत में उन्होंने 1987 तक दिवंगत बार राजा एस भोंसले, पूर्व महाधिवक्ता और हाई कोर्ट के जज के अधीन काम किया। फिर उन्होंने 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वतंत्र रूप से प्रेक्टिस किया। 1990 के बाद उन्होंने मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ में संवैधानिक और प्रशासनिक कानून पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रेक्टिस किया। उन्होंने नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती यूनिवर्सिटी के लिए स्थायी वकील के रूप में कार्य किया। उन्हें 14 नवंबर, 2003 को हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया गया था। फिर 12 नवंबर, 2005 को बॉम्बे हाई कोर्ट के स्थायी जज के रूप में नियुक्ति की गई थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मुंबई में मुख्य सीट और नागपुर, औरंगाबाद और पणजी में बेंचों में विभिन्न मामलों की अध्यक्षता की। उन्हें 24 मई, 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के जज के पद पर प्रमोट किया गया। उनकी रिटायरमेंट की तारीख 23 नवंबर, 2025 निर्धारित है।

दमोह में मिशनरी मिशन अस्पताल गंभीर विवादों में, CMHO का बड़ा एक्शन, अस्पताल का लाइसेंस निलंबित

दमोह  दमोह के मिशन अस्पताल पर अब एक और एक्शन हुआ है, प्रशासन ने अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है और भर्ती मरीजों को तीन दिन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें अस्पताल का कार्डियोलोजिस्ट डॉ एन जान केम फर्जी निकला,  कैथ लैब फर्जी पाई गई जिसे सील किया गया है, प्रबंधन से जुड़े कई लोगों पर एफआईआर भी हो चुकी है। बीते कई दिनों से देश की सुर्ख़ियों में रहने वाली इस ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित मिशन अस्प्ताल में फर्जी डाक्टर डॉ एन जान केम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव द्वारा की गई हार्ट सर्जरी और उनमें सात  मौतों के आरोपों के बीच लगातार अस्पताल पर एक्शन हो रहे हैं। 31 मार्च 2025 तक थी अस्पताल की लाइसेंस अवधि इस बीच आज बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुकेश जैन ने बताया कि मिशन अस्प्ताल के लाइसेंस की अवधि 31 मार्च 2025 तक थी नियमानुसार अस्पताल को लाइसेंस रिन्यूवल के लिए पोर्टल पर एप्लाय करना था, मिशन अस्पताल ने एप्लाय भी किया था लेकिन उसमे कमियां पाई गई है जिस वजह से अस्प्ताल का लाइसेंस निलंबित किया गया है। तीन दिन में मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि मिशन अस्पताल के लाइसेंस की अवधि 31 मार्च 2025 तक थी। नियमानुसार अस्पताल को लाइसेंस रिन्यूवल के लिए पोर्टल पर अप्लाई करना था, मिशन अस्प्ताल ने अप्लाई भी किया था लेकिन उसमे कमियां पाई गई है, जिस वजह से अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया गया है। डॉ. जैन के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए है कि तीन दिनों के भीतर वो यहां एडमिट मरीजों को डिस्चार्ज कर दे और यदि गंभीर मरीज हैं तो उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल कराएं। डॉ जैन के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए है कि तीन दिनों के भीतर वो यहां एडमिट मरीजों को या तो डिस्चार्ज कर दे और यदि गम्भीर मरीज हैं तो उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल कराएं। गौरतलब है कि फर्जी डाक्टर डॉ एन जान केम द्वारा हार्ट सर्जरी किए जाने के बाद सात मरीजों की मौत के बाद से इस अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी निगाह है।  

गैरकानूनी तरीके से षडयंत्र करके सोनिया, राहुल ने नेशनल हेराल्ड की प्रोपर्टीज पर कब्जा क्यों किया : वीडी शर्मा

भोपाल नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की चार्जशीट में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम आने से कांग्रेस भड़क गई है, इसे लेकर आज कांग्रेस पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है और ईडी दफ्तरों का घेराव कर रही है, उधर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा हमलावर है , मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार किया है पूरे देश में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, बड़े नेता सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक भाजपा और मोदी सरकार पर हमलावर हैं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के नताओं के निशाने पर भी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, कमाल्नात्थ, दिग्विजय सिंह,जीतू पटवारी सहित अन्य वरिष्ठ नेता इसे बदले की भावना से की जा रही कार्यवाही कह रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं उधर भाजपा ने भी इसका जवाब दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने आज इसी मुद्दे पर मीडिया से बात की उन्होंने कहा, यह देश किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है और न ही सोनिया गांधी या राहुल गांधी कानून से ऊपर हैं। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार किया, शेयर की हेराफेरी की और फिर संपत्ति बनाई। गैरकानूनी तरीके से षडयंत्र करके सोनिया, राहुल ने प्रोपर्टीज पर कब्जा क्यों किया है, ये बताया जाये? सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट से भी नहीं मिली है राहत वीडी शर्मा ने कहा सोनिया गांधी, राहुल गांधी जमानत पर हैं, इन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन इन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। नेशनल हेराल्ड 1937 में शुरू हुआ जिसमें 5000 शेयर होल्डर्स थे, ये नेहरू खानदान की तब जागीर नहीं थी, इसमें तब बड़े बड़े लोगो ने सहयोग किया। 2008 में नेशनल हेराल्ड बंद हो गया, उसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ रुपये फंड इस अखबार को दिया, जिसके बाद नेशनल हेराल्ड ने लोन देने से मना कर दिया, फिर कॉरपोरेट षड्यंत्र करके यंग इंडिया के नाम की कंपनी बनाई गई जिसमें 38-38 प्रतिशत शेयर सोनिया गांधी-राहुल गांधी के थे। हम कांग्रेस पार्टी व गांधी परिवार की भर्त्सना करते हैं भाजपा अध्यक्ष ने कहा जो अखबार आजादी के आंदोलन में लड़ने वाले लोगों की आवाज को मजबूत करने का अखबार था उसको इन लोगों ने अपने प्राइवेट व्यापार में बदल दिया, ATM बना दिया। हम कांग्रेस पार्टी व गांधी परिवार की भर्त्सना करते हैं और ED को जो धमकाने की बात की जा रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है यह देश की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है, इसे हम उचित नहीं मानते। धरना देने से ED दबाव में नहीं आएगी वीडी शर्मा बोले-  आपने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कहा था हमें फंसाया जा रहा है हाई कोर्ट ने आपकी बात मानी क्या, सुप्रीम कोर्ट ने मानी क्या? प्रदर्शन करने के अधिकार को मैं चुनौती नहीं दूंगा, लेकिन प्रदर्शन किस बात के लिए?प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की सरकार में एजेंसियों को ईमानदारी से काम करने की छूट है और काम होगा। धरना देने से ED दबाव में नहीं आएगी और आनी भी नहीं चाहिए।

सभी लाड़ली बहनो के खाते में आ गए 1250 रुपए, लाड़ली बहना योजना की 23वीं क़िस्त जारी

  मंडला  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में बुधवार को योजना की राशि भेज दी गई. मंडला जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत करोड़ों रुपए हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए.  CM यादव ने 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1552 करोड़ 38 लाख रुपए ट्रांसफर किए, जो इस योजना की 23वीं किस्त है. इसके अलावा, 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपए और 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 57 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए. दरअसल, जिले के टिकरवारा गांव में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ की. इसके साथ ही, उन्होंने विवाह बंधन में बंधने वाले 1100 से अधिक जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उनका आशीर्वाद दिया.  मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों के सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की.   इस दौरान CM यादव ने कहा, ”हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. लाड़ली बहना योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के माध्यम से हम लाखों परिवारों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं.” बता दें कि लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. हर महीने की तरह ही इस बार भी सभी लाभार्थी महिलाओं को 10 अप्रैल का इंतजार था और महिलाओं को यह ज्ञात था कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना की 23वीं किस्त 10 अप्रैल तक हर हाल में जारी कर दी जाएगी परंतु ऐसा नहीं हुआ और महिलाओं को 10 अप्रैल तक इस योजना की नवीनतम किस्त का लाभ प्राप्त नहीं हुआ जिसके कारण से लाभार्थी महिलाओं के बीच में नाराजगी साफ तौर पर देखी गई लेकिन अब ऐसा नहीं है। जैसा कि आपको बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त को लेकर घोषणा की गई थी जिसमें उनके द्वारा बताया गया है कि आज के दिन ही यानी की 16 अप्रैल को इस योजना की 23वीं किस्त को ट्रांसफर किया जा रहा है और आज के दिन ही सभी लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में 23वीं किस्त के रूप में धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई थी तो मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा ऐसा कहा गया था कि वह धीरे-धीरे इस योजना से प्रदान की जाने वाली धनराशि में इजाफा करेगी तो अभी फिलहाल सभी महिलाओं को यही इंतजार है कि क्या मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 23वीं किस्त की धन राशि में कोई परिवर्तन किया जाएगा। इस धनराशि में इजाफा किया जाएगा, तो फिलहाल ऐसा नहीं है और अभी आपको कोई भी अतिरिक्त धन राशि नहीं मिलेगी और जैसे आपको पिछली किस्त में 1250 रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है ठीक है इतनी ही धनराशि आपको इस 23वीं किस्त में भी प्राप्त होगी यानी कि आपको आज 1250 रुपए की धनराशि ही बैंक खाते में प्राप्त होगी। लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का लाभ इस योजना के माध्यम से सभी पंजीकृत महिलाओं को 23वीं किस्त की राशि लाभ प्राप्त होगा और अगर आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं है तो आपको बैंक अकाउंट में ₹1250 की धनराशि आज के ही दिन मिलने वाली है। जो महिला 60 वर्ष से अधिक आयु की पाई गई है उनको योजना से बर्खास्त कर दिया गया है। यदि आप सभी महिलाओं को भी यह 23वीं किस्त प्राप्त होती है तो निश्चित ही आप अपनी बुनियादी जरूरत को आसानी से पूरा कर सकेंगी। लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?     लाडली बहना योजना 23वीं किस्त का भुगतान चेक करने के लिए इस योजना की वेबसाइट को ओपन कर लेना है।     जब आप योजना की वेबसाइट को ओपन करेगी तो आपके सामने इसका मुख्य पृष्ठ आ जाएगा।     अब मुख्य पृष्ठ में आवेदन एवं भुगतान की स्थिति का विकल्प मिल जाएगा जिस पर आपको क्लिक कर देना है।     इसके बाद में आपके सामने नया पेज खुलेगा जिसमें एप्लीकेशन नंबर समग्र आईडी ध्यानपूर्वक दर्ज करनी पड़ेगी।     इतना करने के बाद दिए गए कैप्चा कोड को ध्यानपूर्वक दर्ज करके गेट ओटीपी के ऑप्शन पर क्लिक करें।     अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाली ओटीपी को दर्ज करना होगा एवं वेरीफाई के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा     अब आपके डिवाइस पर आगामी 23वीं किस्त के भुगतान की स्थिति का विवरण प्रदर्शित होने लगेगा।     इस तरह से आप आगामी किस्त के भुगतान की स्थिति को आसानी से चेक करसकेंगे।    

मध्य प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं लू चलने के आसार, कहीं लू तो कहीं बूंदाबूंदी, IMD ने जारी किया अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मंगलवार, 15 अप्रैल को एक बार फिर तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला. कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. हालांकि रतलाम में बारिश हुई. वहीं कई क्षेत्रों में बादल भी छाए रहे. इस बीच मौसम विभाग ने तेज गर्मी, हीट वेव और लू का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. रतलाम में हुई बारिश, ये क्षेत्र रहा सबसे गर्म मंगलवार की दोपहर रतलाम के सैलाना में बारिश हुई. हालांकि यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का सबसे गर्म रहा. दरअसल, बीते दिन रतलाम में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इस बीच बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई गई है. तीन दिन बाद फिर बदलेगा मौसम मध्य प्रदेश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में अभी तीन सिस्टम एक्टिव है। इनमें दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और तीसरा ट्रफ शामिल हैं। 16 अप्रैल से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावित कर सकता है। ऐसा होता है तो प्रदेश में दो दिन बाद असर देखने को मिलेगा। जिससे पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। मंगलवार को तेज गर्मी का असर रहा। इस कारण कई शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया।  रतलाम में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।  यहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार-नर्मदापुरम में 41.2 डिग्री, खंडवा में 41.1 डिग्री, शाजापुर-नरसिंहपुर में 40.6 डिग्री और खरगोन में तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 40.8 डिग्री रहा। इंदौर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, जबलपुर में 38.6 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा रहेगा अप्रैल माह में मौसम  तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि चौथा सप्ताह मे उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। रतलाम के सैलाना में बारिश हुई, यही पर सबसे ज्यादा गर्मी मध्यप्रदेश में मंगलवार को तेज गर्मी का असर रहा। इस कारण कई शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। दोपहर में रतलाम के सैलाना में कुछ देर तक बारिश भी हुई। यही पर सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार-नर्मदापुरम में 41.2 डिग्री, खंडवा में 41.1 डिग्री, शाजापुर-नरसिंहपुर में 40.6 डिग्री और खरगोन में तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 40.8 डिग्री रहा। इंदौर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, जबलपुर में 38.6 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। अब हीट वेव चलेगी अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल में दूसरे पखवाड़े में अलग-अलग जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। अब जानिए, 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी के बारे में मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

पुजारी से अभद्रता के मामले में विधायक पुत्र ने पुजारी के पैर छूकर मांगी माफी, संघ प्रचारक ने भी जताई थी नाराजगी

देवासइंदौर-3 विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष ने अपने चार साथियों के साथ थाने में सरेंडर कर दिया. जहां उन्हें निजी मुचलके पर जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद वह सीधे देवास माता टेकरी पहुंचा, यहां हंसते हुए मंदिर के पुजारी से माफी मांगी. पुजारी से माफी मांगते हुए रुद्राक्ष शुक्ला ने पुजारी के पैर भी छुए. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को माताजी टेकरी पर मंदिर के पट खुलवाने को लेकर पुजारी पुत्र के साथ विवाद हुआ था। मामले में मंगलवार को विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने शाम करीब 7:40 बजे सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। साथ ही मंदिर पहुंचकर पुजारी से माफी मांगी है। अपने चार साथियों के साथ रुद्राक्ष पहुंचा थाना रुद्राक्ष के साथ उसके इंदौर निवासी चार अन्य साथी भी थाने पहुंचे। सभी आरोपी वकीलों के साथ थाने आए थे। थाने से बाहर निकलने के दौरान रुद्राक्ष मीडिया से बचता नजर आया। इस दौरान उसे पुलिस प्रोटेक्शन मिला। जमकर धक्का मुक्की हुई। इंदौर से साथ आए लोग पुलिस की मदद से उसे थाने से बाहर निकालकर मीडिया से बचाते हुए गाड़ी में बैठाकर निकल गए। दोस्तों के साथ टेकरी पहुंचा इसके बाद रुद्राक्ष रोप वे से माताजी टेकरी पहुंचा। जहां उसने देवास की माताजी टेकरी पर स्थित बड़ी मां तुलजा भवानी और छोटी मां चामुण्डा देवी के दर्शन किए। इस दौरान रुद्राक्ष और उसके साथी टेकरी पर जय माताजी के जयकारे लगाते हुए नजर आए। पुजारी का सम्मान कर मांगी माफी वहीं, छोटी मां चामुण्डा देवी के सामने जहां विवाद हुआ था। उस स्थान पर खड़े होकर रुद्राक्ष ने मंदिर पुजारी और पुजारी पुत्र का शाल श्रीफल से सम्मान कर माफी मांगी, पैर छुए। गौरतलब है कि शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात (11-12 अप्रैल की दरमियानी रात) को रुद्राक्ष शुक्ला अपने समर्थकों के साथ दर्शन करने के लिए रात करीब 12:30 बजे माताजी टेकरी पहुंचा था। जहां मां चामुण्डा देवी मंदिर के पट खुलवाने को लेकर पुजारी पुत्र उपदेश नाथ से विवाद हुआ था। रुद्राक्ष की 7 गाड़ियों का काफिला शंख द्वार से हूटर बजाते हुए, चमचमाती लाल बत्ती में टेकरी पहुंचा था। जिसमें रुद्राक्ष के साथी गाड़ियों में लटकते हुए वीडियो बनाते नजर आ रहे थे। दो अलग-अलग एफआईआर इस मामले में पुलिस ने 12 और 13 अप्रैल को दो अलग- अलग FIR दर्ज की थी। 12 अप्रैल को पुजारी पुत्र की शिकायत पर रुद्राक्ष के समर्थक जीतू रघुवंशी के खिलाफ गाली गलौच, मारपीट करने और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। लाल बत्ती लगे कारों के काफिले को लेकर चालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। लेकिन रुद्राक्ष का नाम किसी FIR में शामिल नहीं था। इस मामले के तूल पकड़ता देख पुलिस ने जांच के दौरान सोमवार रात रुद्राक्ष और उसके अन्य साथियों के नाम केस में शामिल कर उन्हें भी आरोपी बनाया था। मामले में रुद्राक्ष समेत कुल 9 आरोपी बनाए गए है। पांच लोगों की हुई गिरफ्तारी रुद्राक्ष की गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि पांच लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। इनमें इंदौर निवासी अमन, लोकेश, मनीष, अनिरुद्ध और रुद्राक्ष शामिल हैं। थाने में गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गवाह के समक्ष कार्रवाई की। वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। रुद्राक्ष की कार जब्त पुलिस ने रुद्राक्ष की इंदौर पासिंग सफेद फॉर्च्यूनर MP 09 WL 0009 को भी जब्त कर लिया है। इस तरह अब टेकरी पर पहुंचे काफिले की 7 में से 5 गाड़ियां भी जब्त हो गई है। काफिले में शामिल अन्य वाहनों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, रुद्राक्ष के साथ आए वकील का कहना है कि आरोप निराधार है। पूरा मीडिया ट्रायल चला। आलाकमान की सख्ती के बाद बदली रणनीति बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, मामले को शांत करने के लिए पहले यह तय किया गया था कि विधायक गोलू शुक्ला और रमेश मेंदोला देवास जाकर पुजारी और उनके परिवार से मिलेंगे। इसकी सूचना जनसंपर्क के माध्यम से जारी भी की गई थी। लेकिन जब यह जानकारी संगठन तक पहुंची तो इसे रोक दिया गया। कहा गया कि विधायक पार्टी का चेहरा हैं, उनके जाने से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। इसके बाद तय हुआ कि रुद्राक्ष शुक्ला स्वयं देवास जाकर पहले थाने में सरेंडर करेंगे और फिर पुजारी से क्षमा मांगेंगे। संगठन मंत्री की बैठक में हुआ अंतिम निर्णय बीजेपी संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने इस पूरे मुद्दे को लेकर इंदौर के भाजपा कार्यालय में दो घंटे तक बैठक की। इसमें प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में हितानंद शर्मा ने स्पष्ट कहा कि अब इस विवाद पर किसी भी नेता को बयानबाजी नहीं करनी है। उन्होंने निर्देश दिए कि विधायक गोलू शुक्ला खुद को और पार्टी को विवादों से बचाएं। बेटे रुद्राक्ष को भी शांत रहने के लिए कहें। संगठन चाहता है कि अब मामला पूरी तरह शांत हो और मीडिया में इसे लेकर कोई नई प्रतिक्रिया न आए। चार दोस्त और चाचा के साथ पहुंचे थे थाने रुद्राक्ष शुक्ला मंगलवार शाम 7:40 बजे अपने दोनों चाचा बब्बी शुक्ला और कमल शुक्ला के साथ देवास के कोतवाली थाने पहुंचे। उनके साथ चार अन्य साथी- अनिरुद्ध पंवार, अमन शुक्ला, लोकेश चांदवानी और मनीष तेजवानी भी मौजूद थे। एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद सभी को निजी मुचलके पर जमानत दी गई। इससे पहले 12 अप्रैल को देर रात पुलिस ने रुद्राक्ष समेत 9 आरोपियों पर केस दर्ज किया था। इनमें इंदौर के अमन शुक्ला, हनी, उज्जैन के लोकेश चंदवानी, मनीष तेजवानी, अनिरुद्ध सिंह पंवार, देवास के जीतू रघुवंशी, सचिन और प्रशांत के नाम शामिल हैं।  

कोंडागांव में जवानों को मिली बड़ी सफलता.. मुठभेड़ में दो खूंखार नक्सली ढेर, AK-47 समेत अन्य हथियार बरामद

रायपुर  कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो खूंखार माओवादी मारे गए। मारे गए नक्सलियों में ईस्ट बस्तर डिवीजन का DVCM हलदर और ACM रामे शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से AK-47 राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। मुखबिर से मिली थी सूचना कोंडागांव और नारायणपुर जिले के किलम-बरगुम मरकाम पाल इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर मिली थी। इसके बाद कोंडागांव DRG/बस्तर फाइटर्स की टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। 15 अप्रैल की शाम को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। अब तक की जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान पूर्वी बस्तर के खूंखार माओवादी कमांडर DVCM हलदर कश्यप और ACM रामे शोरी उर्फ रामू के रूप में हुई है। दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था – हलदर कश्यप पर 8 लाख और रामे शोरी पर 5 लाख रुपये। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिन्हें कोंडागांव जिला मुख्यालय लाया गया है। फिलहाल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि अन्य नक्सलियों की तलाश की जा सके और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। 13 लाख के इनामी थे नक्सली सुरक्षा बलों को ईस्ट बस्तर डिवीजन के खूंखार माओवादी कमांडर DVCM हलदर और ACM रामे को मारने में सफलता मिली। मारे गए माओवादियों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हलदर पर 8 लाख और रामे पर 5 लाख का इनाम था। विस्फोटक और हथियार बरामद मुठभेड़ स्थल से 01 AK-47 राइफल, अन्य हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। सुरक्षाबल घेराबंदी कर तलाशी ले रहे हैं। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। बस्तर आईजी ने की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 2 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मारे गए दोनों नक्सली की शिनाख्त की गई है। इसमें एक बस्तर ईस्ट डिवीजन का खूंखार माओवादी कमांडर डीवीसीएम हलदर है और दूसरा एसीएम रामे है।’

कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : बस्तर संभावनाओं की धरती : सब मिलकर लिखेंगे बस्तर के विकास की नई ईबारत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी और आदिवासी समुदाय मिलकर बनाएंगे बस्तर को आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष मौजूदगी में आज जगदलपुर में आयोजित “विकसित बस्तर की ओर” परिचर्चा में बस्तर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में बस्तर की संभावनाओं को उजागर करने और विकास की नई दिशा तय करने पर गहन और सार्थक चर्चा हुई। संबंधित विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श कर मुख्यमंत्री ने बस्तर को नक्सलवाद के अंधेरे से निकालकर विकास के प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया। यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर गए हुए हैं। अपने प्रवास के पहले दिन विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ने दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला है, लेकिन अब यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, नैसर्गिक सुन्दरता, कृषि विकास, कौशल उन्नयन, उद्योग और खनिज संसाधनों के साथ विकास की नई राह पर अग्रसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़ @2047” का संकल्प “नवा अंजोर” विजन के माध्यम से साकार होगा, और इसकी शुरुआत बस्तर से हो रही है। बस्तर के किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी, और आदिवासी समुदाय छत्तीसगढ़ की प्रगति की नई इबारत लिखने को तैयार हैं। परिचर्चा के पहले सत्र में बस्तर के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, पशुपालन, और जैविक खेती पर विस्तार चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के स्वदेशी और जैविक उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, “बस्तर के उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान बनेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी जगह बनाएंगे। बस्तर संभाग में लगभग 9 लाख हेक्टेयर में खरीफ तथा पौने तीन लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती होती है। खरीफ की मुख्य फसल धान एवं मक्का है। बस्तर संभाग में 1.85 हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है, जिसे आगमी तीन वर्षों में बढ़ाकर 3 लाख हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मक्का उत्पादक कृषकों के साथ जैव ईंधन, बायोफार्मास्युटिकल, स्टार्च एवं पोल्ट्री फीड उद्योगों के साथ मार्केट लिंकेज कराने पर जोर दिया गया, ताकि कृषकों को उनकी उपज का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। इसी तरह आगामी तीन वर्ष में मिलेट्स की खेती को 52 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 75 हजार हेक्टेयर करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना और स्कूलों, आंगनबाड़ियों तथा छात्रावास के बच्चों के खाद्यान्न में मिलेट्स को शामिल करने पर जोर दिया गया है। बस्तर में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने तथा प्राइवेट कंपनियों की सहभागिता से बाजार एकीकरण, सिंचाई क्षेत्र में विस्तार के लिए तीन वर्षों में 27 हजार 600 सोलर पंप तथा नदी-नालों के किनारे सोलर लिफ्ट सिंचाई पंप की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 30 से 40 नए कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बस्तर में वर्तमान में 1010 कृषि यंत्र केन्द्र संचालित है। बस्तर में काजू, कोंडागांव में आचार, मसाला एवं कोकोनट आयल, कांकेर में सीताफल पल्प, दंतेवाड़ा में शहद एवं हल्दी पाउडर, सुकमा, नारायणपुर एवं बीजापुर में मसाला प्रसंस्करण की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। परिचर्चा के दौरान यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल योजना, और नियद नेल्ला नार योजनाओं के तहत अब तक 90 हजार युवाओं को प्रशिक्षित और 40 हजार युवाओं को नियोजित किया गया है। इसके अलावा, बस्तर में 32 नए कौशल विकास केंद्र और सातों जिलों में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को बाजार और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। नक्सल पीड़ित परिवारों, आत्मसमर्पित नक्सलियों और महिलाओं को इन योजनाओं में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कौशल प्रशिक्षण के लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी, एनएसडीसी एवं नीति आयोग से अनुबंध किया गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों में 6123 लोगों को विभिन्न ट्रेड का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए अभी से तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, शीघ्र प्रकाशित की जाएगी। मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाई जाएगी। तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण हेतु … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विक्रम संवत जिनके नाम पर प्रारंभ हुआ, ऐसे कल्याणकारी शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय करने का निर्णय भी शामिल है। इसके पूर्व वार्षिक विक्रम उत्सव की शुरुआत कर राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य को यथोचित सम्मान देने का कदम उठाया था। इस क्रम में हाल ही में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया है। वैसे तो इस डिजिटल युग में सूचना और मनोरंजन के कई फॉर्मेट लोकप्रिय हो चुके हैं, लेकिन भारतीय नाट्यशास्त्र की सुदृढ़ और समृद्ध परंपरा से जन-जन को विशेष रूप से युवा वर्ग परिचित करवाने के लिए नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य नाटक का निरंतर तीन दिन मंचन होना महत्व रखता है। बहुत दिन नहीं हुए जब हम डिजिटल तकनीक को आत्मसात कर बैठे थे। ऐसा लगता था कि पारंपरिक कलाओं को हम भूल रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश से जो संदेश पूरे राष्ट्र में पहुंचा है वह यह है कि अभिनय, प्रकाश संयोजन, संगीत, वेशभूषा और विशाल मंच के माध्यम से हमारे पौराणिक चरित्रों का जीवन सामने आना चाहिए। हमारे वे आदर्श शासक और आराध्य जो युवा पीढ़ी द्वारा भुला दिए गए हैं या युवा पीढ़ी को हमने उनसे परिचित ही नहीं करवाया तो इसमें कसूर वर्तमान पीढ़ी का भी है। युवाओं के पास समय भी है। सृजन की शक्ति भी है, जिज्ञासा का तत्व भी विद्यमान है तो फिर उन्हें इन राष्ट्र के आदर्श प्रतीकों की जानकारी से वंचित क्यों रखा जाए और बच्चे भी कलाओं के प्रति रुचि रखते हैं, वे भी इस विधा के लिए जिज्ञासु हो सकते हैं। यदि उन्हें महान व्यक्तित्वों के बारे में ज्ञानवर्धक विवरण देने वाले नाटक मंचन से जोड़ा जाए। प्रतापी शासक राजा भोज और अन्य सेनानियों की गाथा भी आएगी मंच पर भोपाल में कुछ वर्ष पूर्व लाल परेड मैदान पर जाणता राजा का मंचन हुआ था, जिसमें शिवाजी महाराज के कृतित्व को दर्शाया गया था। इस नाटक के मंचन से यह जागृति प्रारंभ हो जाती लेकिन वह लहर न बन सकी। एकाध मंचन हुआ और मामला समाप्त हो गया। देश की राजधानी में लाल किले पर तीन दिन लगातार सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नवाचार है। हमारे ऐसी दानवीर शासक जिन्होंने वीरता और न्याय के क्षेत्र में भी दृष्टांत स्थापित किए, वे पाठ्य-पुस्तकों में तो आ गए हैं लेकिन पाठ्य-पुस्तकों से बाहर मंच तक क्यों न पहुंचें। आखिर युवा पीढ़ी को उनकी विस्तार पूर्वक जानकारी क्यों नहीं दी जाना चाहिए? यह नवाचार आगे जाएगा अन्य राज्यों में भी न केवल सम्राट विक्रमादित्य के कार्यों की जानकारी, नागरिकों को मिलेगी बल्कि भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, राजा भोज, सम्राट अशोक और स्वतंत्रता सेनानियों सहितभारत के गौरव रहे अन्य महापुरुषों के कृतित्व की गाथा बताने वाली नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। दिल्ली में हुए नाट्य मंचन सफल रहे हैं। हाथी, घोड़ों के उपयोग और बीसियों की संख्या में कलाकार दल के साथ इतिहास के उस दौर को जीवंत करना साधारण कार्य नहीं है। संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य पीठ, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक संगठन इसके लिए एकजुट हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इन कार्यक्रमों के लिए जो समन्वय किया उसकी भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशंसा की है। युवाओं को मिलेगी प्रेरणा कलाओं के विकास के साथ भारतीय गौरव का स्मरण करते हुए देश की प्राचीन संस्कृति, भारतीय अस्मिता को सामने लाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ कहने के लिए विरासत से विकास की बात नहीं कही, वे चाहते हैं इसका दायरा विस्तृत हो। हमारे युवा हेरिटेज वॉक करें। वे किलों और स्मारकों को देखें। तत्कालीन शासकों के शौर्य से परिचित हों। भारतीय स्वाभिमान के प्रसंग चर्चा का विषय बनें। सिर्फ बंद कमरों में संगोष्ठी न हो बल्कि भारत के ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व बच्चों के बीच भी जाने जाएं। स्कूली पाठ्यक्रम से लेकर विद्यालयों, महाविद्यालय के पाठ्यक्रमों में सगर्व उनका उल्लेख हो और नाट्य मंचन उस थ्योरी को प्रैक्टिकल रूप में रंगमंच पर प्रस्तुत करे। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन युवाओं को रंगमंच विधा की ओर आकर्षित करने के लिए प्रेरित करेगा। रंगमंच कलाकार भी हुए उत्साहित रंगमंच से जुड़े देश के हजारों कलाकारों का मन हर्षित है और वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार का भाव रखते हैं, जो उन्होंने इस कला को महत्व दिया और राज्याश्रय भी दिया। सैकड़ों कलाकारों को प्रोत्साहित किया। थिएटर की शक्ति सही दिशा में और सही विषय को लेकर दिखाई दी है।  

पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर के गांव से किया मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का शुभारंभ आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले परिवारों के सर्वेक्षण का विशेष अभियान   पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय स्वयं हितग्राहियों के घर पहुंचकर किया सर्वे राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इस दौरान उन्होंने घाटपदमपुर के कई हितग्राहियों के घर पहुंचकर स्वयं सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम घाटपदमपुर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी और नवनिर्मित घरों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किया पात्र परिवारों का सर्वे मुख्यमंत्री साय जब हितग्राही श्रीमती शिलोमणि कश्यप एवं श्रीमती करुणा कश्यप के घर पहुंचे तब परिवारजनों ने उनका परंपरागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं पति हरिसिंह, बेटा अभिनव जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है, बेटी अनुप्रिया (8वीं कक्षा) और छोटा बेटा अभिषेक जो तीसरी कक्षा में है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने गांव की एक अन्य हितग्राही श्रीमती लूदरी कश्यप के घर का भी सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वयं ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान लूदरी कश्यप ने भावुक होकर कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना देखा था, आज वह साकार होता दिख रहा है। यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। लूदरी कश्यप ने यह भी साझा किया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर में सांप का डर और घर की मरम्मत पर होने वाले खर्च से वे परेशान रहती थीं। उन्होंने कहा कि अब इस योजना से उन्हें इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। श्रीमती लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके साथ पति मनबोध कश्यप, बहू श्रीमती करुणा कश्यप, पुत्र ईश्वर कश्यप और पोता रहते हैं। लूदरी कश्यप ने कहा कि उनका पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर है और सीमित आय के चलते पक्के मकान का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उनका एक सुरक्षित और स्थायी पक्का मकान का सपना जल्द ही पूरा होगा। ग्राम पंचायत घाटपदमपुर की कुल जनसंख्या 2,078 है, जिसमें वर्तमान में 583 परिवार निवासरत हैं। इस पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर 11 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई थी, जिनके मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। महतारी वंदन योजना बनी सहारा मुख्यमंत्री साय को ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पा रहे हैं। हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डे … Read more

चहल के ‘जाल ‘ में फंसी KKR, पंजाब ने ऐसे पलटा हारा मैच, रहाणे एंड कंपनी का डब्बा गोल

कोलकाता पंजाब किंग्स (PBKS) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मंगलवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में श्रेयस अय्यर की टीम ने कमाल कर दिया. पंजाब किंग्स ने रसेल, रिंकू और रहाणे से सजी केकेआर को 112 रन नहीं बनाने दिए और 16 रनों से मुकाबला जीत लिया. इस मैच में युजवेंद्र चहल ने कमाल की गेंदबाजी की और 4 विकेट झटककर केकेआर को गेम से बाहर कर दिया. आईपीएल में कई बार 4 से ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड आईपीएल में एक मैच में 4 विकेट लेने के मामले में अब चहल सुनील नरेन के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर आ गए हैं. चहल ने अबतक 8 बार एक मैच में 4 विकेट झटके हैं. देखें लिस्ट… 8 – युजवेंद्र चहल 8 – सुनील नरेन 7 – लसिथ मलिंगा 6 – कगिसो रबाडा 5 – अमित मिश्रा पंजाब ने बचाया सबसे छोटा स्कोर आईपीएल के इतिहास में पंजाब किंग्स पहली टीम बन गई है जिसने इतने छोटे टोटल को डिफेंड किया है. पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए थे. लेकिन केकेआर को 95 रन पर ही रोक दिया. 111 – पीबीकेएस बनाम केकेआर, मुल्लांपुर, 2025 116/9 – सीएसके बनाम पीबीकेएस, डरबन, 2009 118 – SRH बनाम MI, 2018 119/8 – पीबीकेएस बनाम MI, डरबन, 2009 119/8 – SRH बनाम PWI, पुणे, 2013 *बारिश से प्रभावित खेल शामिल नहीं हैं ऐसी रही कोलकाता की पारी 112 रनों के जवाब में उतरी केकेआर की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में सुनील नरेन बोल्ड हो गए. उनके बल्ले से केवल 5 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में क्विंटन डिकॉक भी पवेलियन लौटे. उनके बल्ले से केवल 2 रन निकले. लेकिन इसके बाद रहाणे ने कुछ अच्छे शॉट लगाए. लेकिन 8वें ओवर में वो भी आउट हो गए. रहाणे ने 17 रन बनाए. इसके बाद 10वें ओवर में रघुवंशी भी चलते बने. इसके बाद अगले ही ओवर में मैक्सवेल ने वेंकटेश अय्यर को आउट कर दिया. इसके बाद चहल ने अपने खाते के तीसरे ओवर में रिंकू सिंह और रमनदीप को चलता किया. इसके बाद कोलकाता कुछ खास नहीं कर पाई. रसेल ने कुछ आक्रामक शॉट जरूर लगाए. लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके. 16वें ओवर की पहली गेंद पर केकेआर ऑलआउट हो गई. पंजाब की टीम ने 16 रन से मुकाबला जीत लिया. ऐसे रही पंजाब की बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी पंजाब की शुरुआत तो अच्छी रही. प्रियांश आर्य ने अच्छे शॉट भी लगाए. लेकिन चौथे ओवर में प्रियांश आर्य को हर्षित राणा ने आउट किया. आर्य के बल्ले से 22 रन निकले. इसके बाद पंजाब को बैक-टू-बैक झटके लगे. चौथे ही ओवर में श्रेयस अय्यर भी बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद अगले ओवर में जोश इंगलिस भी आउट हो गए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में प्रभसिमरन सिंह भी चलते बने. उनके बल्ले से केवल 30 रन निकले. 9वें ओवर में नेहाल वढ़ेरा भी 10 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद पंजाब की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. पंजाब की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 16वें ओवर में ही 111 के स्कोर पर सिमट गई. पंजाब ने ऐसे पलटा हारा मैच, रहाणे एंड कंपनी का डब्बा गोल  युजवेंद्र चहल को IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग) इत‍िहास का चतुर गेंदबाज क्यों कहा जाता है, ये बात उन्होंने 15 अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स (IPL) के ख‍िलाफ मुकाबले में साबित कर दी. पंजाब किंग्स (PBKS) की ओर से चहल ने यादगार स्पेल किया और ऐसी जीत द‍िलाई, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. चहल ने चार विकेट (चौसर समझें) ल‍िए और कोलकाता की टीम फंस गई. पंजाब किंग्स की टीम इस मुकाबले में 111 रन पर सिमट गई. पंजाब किंग्स ने कम स्कोर वाले रोमांचक मैच में वापसी करते हुए केकेआर को 16 रन से हराया. युजवेंद्र चहल ने 4-0-28-4 और मार्को जानसेन ने 17 रन देकर 3 विकेट चटकाए. इस तरह पंजाब किंग्स ने आईपीएल हिस्ट्री में सबसे कम स्कोर का बचाव किया. इससे पहले सबसे कम स्कोर को ड‍िफेंड चेन्नई सुपर किंग्स ने 2009 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 116 रन बनाकर किया था. वापस आते हैं चहल के उस कमाल के स्पेल पर. एक समय कोलकाता की टीम 60 रन पर दो विकेट के स्कोर पर थी, फ‍िर वो 95 रन पर स‍िमट गई. मैंने गलत शॉट खेला जहां KKR की टीम जीता-ज‍िताया मैच हार गई. KKR  के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपनी टीम की चौंकाने वाली हार का दोष अपने ऊपर लिया. एक समय कोलकाता की टीम 62 रन पर दो विकेट के स्कोर पर थी, लेकिन इसके बाद वो 95 रन पर ऑल-आउट हो गई. हाणे ने कहा- कुछ भी समझाने की जरूरत नहीं है, जो कुछ मैदान पर हुआ, हम सभी ने देखा. टीम के प्रयास से काफी निराश हूं, मैं दोष लेता हूं, मैंने गलत शॉट खेला, हालांकि यह (गेंद) मिस हो गई थी. कुल म‍िलाकर केकेआर के कप्तान का यह बयान बेहद चर्चा में हैं. क्योंकि ऐसा बेहद कम होता है कि कोई कप्तान हार के ल‍िए खुद ज‍िम्मेदारी ले. रहाणे ने कहा- हमने बैट‍िंग यून‍िट के रूप में वास्तव में खराब बैट‍िंग की, हम पूरी जिम्मेदारी लेते हैं, गेंदबाजों ने इस प‍िच पर वाकई में अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप 111 रन पर सिमट गई. युजी चहल ने ऐसे पलटा मैच, एक ओवर में झटके 2 विकेट युजवेंद्र चहल ने सबसे पहले अपने स्पेल में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अंज‍िक्य रहाणे (17) को LBW आउट किया. हालांकि रहाणे ने अगर DRS (ड‍िसीजन र‍िव्यू स‍िस्टम) का सहारा लिया होता तो वो बाल-बाल बचे होते. इसके बाद चहल की फ‍िरकी का जादू एक बार और चहला और उन्होंने अपने अगले ही ओवर में जम चुके अंगकृष रघुवंशी को 37 रनों के स्कोर पर जैव‍ियर बैरेट के हाथों कैच आउट करवा दिया. अंगकृष रघुवंशी के आउट होते ही कोलकाता का स्कोर 72/4 हो गया. फ‍िर 12वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर रिंकू सिंह (2) को स्टम्प आउट करवाकर और रमनदीप (0) को कैच आउट करवाकर चहल ने पूरा मैच पंजाब की ओर मोड़ दिया. रमनदीप तो … Read more

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