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BCCI ने सपोर्ट स्टाफ से जुड़े 4 लोगों को हटाया, हेड कोच गौतम गंभीर के खास अभ‍िषेक नायर की भी छुट्टी

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2025 में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सख्त तेवर दिखाए हैं. BCCI ने कड़ा एक्शन लेते हुए टीम के सहयोगी स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है. BCCI ने 4 कर्मचारियों को भारतीय टीम से हटा दिया है, जिनमें अस‍िस्टेंट कोच, फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच और एक मसाजर शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें हेड कोच गौतम गंभीर के खास अभ‍िषेक नायर की भी छुट्टी हो गई है. अभ‍िषेक नायर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के दिनों से गौतम गंभीर के साथ जुड़े हुए थे. जब गंभीर टीम इंड‍िया के हेड कोच बने तो अभ‍िषेक नायर को भी सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया गया था.अभ‍िषेक नायर टीम में अस‍िस्टेंट कोच की ज‍िम्मेदारी को न‍िभा रहे थे. अभिषेक नायर को 24 जुलाई 2024 को टीम इंडिया का अस‍िस्टेंट कोच बनाया गया. अभ‍िषेक नायर के अलावा टीम इंड‍िया के सपोर्ट स्टाफ से फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई की भी छुट्टी कर दी गई है. वहीं एक मसाजर (फिजियो सपोर्ट स्टाफ) को भी हटाया गया है. हालांकि इस मसाजर का नाम क्या है, यह बात जाह‍िर नहीं हो पाई है. कोचिंग स्टाफ में था गंभीर का दबदबा राहुल द्रविड़ का बतौर हेड कोच टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद बाद कार्यकाल खत्म हुआ था. उसके बाद गौतम गंभीर को भारत का नया हेड कोच 9 जुलाई 2024 को नियुक्त किया गया था. पूर्व भारतीय स्टार ने अपने कोचिंग स्टाफ का एक बड़ा हिस्सा कोलकाता नाइट राइडर्स से लिया, जिसमें अभ‍िषेक नायर, रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्केल (लखनऊ सुपर जायंट्स में जब गंभीर मेंटर थे तो मोर्केल गेंदबाजी कोच) शामिल थे. टीम इंड‍िया के सपोर्ट स्टाफ में अब कौन? न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में शर्मनाक 0-3 से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में भारतीय टीम संघर्ष करती दिखी थी. इसके बाद बीसीसीआई ने इस साल की शुरुआत में एनसीए और इंडिया ए कोच सितांशु कोटक को व्हाइट बॉल के लिए बल्लेबाजी कोच के रूप में नियुक्त किया था. कोटक इंग्लैंड के ख‍िलाफ सीरीज में कोटक टीम इंड‍िया के साथ जुड़े थे. शुरुआती असफलताओं के बावजूद, गंभीर और उनकी कोचिंग टीम ने जोरदार वापसी की और भारत को चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया. नायर, टेन डोशेट, मोर्केल, दिलीप और कोटक सभी विजयी अभियान के दौरान सहयोगी स्टाफ के प्रमुख सदस्य थे. नायर का भारतीय टीम के साथ कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन बाकी खिलाड़ी अभी भी टीम में बने रहेंगे और अपने पूर्व साथियों की जगह लेंगे. 20 जून से पहले मिलेगा टीम इंड‍िया का नया स्टाफ भारतीय टीम को नए सहयोगी स्टाफ इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से शुरू होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले मिल सकते हैं. भारत की अगली चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में होगी, जहां यह देखना होगा BCCI अभ‍िषेक नायर और टी दिलीप की जगह किसको लेकर आता है.  

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर : अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे – विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक, यहां की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल – डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का किया अभिनंदन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे। संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वबृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।  

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के 86 वें स्थापना दिवस पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर परेड ग्राउंड नीमच में जवानों को संबोधित किया

नीमच  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के नीमच में हैं, जहां वे सीआरपीएफ (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के 86वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का देश से सफाया हो जाएगा। इसमें सीआरपीएफ जवानों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। यह भव्य आयोजन नीमच स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में चल रहा है। अब तक 2264 सीआरपीएफ जवानों ने दिया बलिदान अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ की स्थापना से अब तक 2264 जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया है। उन सभी शहीदों के परिवार को मैं कहना चाहता हूं कि 2047 में सर्वोच्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें आपके परिवारजन के बलिदान का बड़ा योगदान है। भारत को सीआरपीएफ पर गर्व हैं। शाह बोले- सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब भी देश में कहीं भी अशांति होती है। गृहमंत्री होने के नाते मुझे पता चलता है कि सीआरपीएफ का जवान वहां मौजूद हैं तो मैं निश्चित होकर काम करता हूं। मुझे भरोसा है कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं शाह ने शहीद स्थल पर दी श्रद्धांजलि गृहमंत्री शाह ने सबसे पहले शहीद स्थल पर पहुंचकर सीआरपीएफ के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने शहीदों के परिजनों, परेड कमांडरों और जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। खुली जीप में सवार होकर शाह ने परेड का निरीक्षण किया और फिर मंच पर पहुंचकर सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत परेड की सलामी ली। समारोह में मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ कर्मियों को सम्मानित किया। यह पदक उन जवानों को प्रदान किए गए जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है- शाह इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को नमन करते हुए कहा कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है। गृहमंत्री शाह ने अपने संबोधन में कहा, “जब भी देश में कहीं अशांति होती है और मुझे यह पता चलता है कि वहां सीआरपीएफ के जवान मौजूद हैं, तो मैं निश्चिंत हो जाता हूं। उन्होंने बल की त्वरित कार्रवाई क्षमता और अनुशासित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सीआरपीएफ हर चुनौती में डटकर खड़ी रही है। अपने संबोधन में शाह ने बताया कि सीआरपीएफ की स्थापना से लेकर अब तक 2264 जवानों ने देश की सुरक्षा में बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी वीर शहीदों को नमन करता हूं और उनके परिवारों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। भारत को सर्वोच्च राष्ट्र बनाने के इस संकल्प में उनका योगदान अमूल्य है।

IPL 2025 के पहले सुपर ओवर में दिल्ली ने राजस्थान को किया पराजित किया

नई दिल्ली  IPL का मैच नंबर 32, आमने-सामने दिल्ली कैप‍िटल्स Vs राजस्थान रॉयल्स, मैदान: द‍िल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम. IPL के इस मुकाबले में सुपर ओवर में दिल्ली कैप‍िटल्स ने जीत दर्ज की. इस मैच में द‍िल्ली कैप‍िटल्स की टीम ने सुपर ओवर के ल‍िहाज से एक  महार‍िकॉर्ड भी अपने नाम क‍िया. दरसअल, पांच सुपर ओवर मुकाबलों में दिल्ली कैपिटल्स की यह चौथी जीत थी. टूर्नामेंट में किसी भी टीम की सबसे अधिक जीत है. इससे पहले पंजाब किंग्स की टीम ने इस तरह के तीन मुकाबले जीते थे. वहीं इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग के इत‍िहास में कुल मिलाकर 1453 दिनों बाद और 293 मैचों के बाद आईपीएल में सुपर ओवर का रोमांच लौटा था.  दिल्ली के इस जीत के सबसे बड़े हीरो ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ म‍िचेल  स्टार्क रहे. उन्होंने दबाव में शानदार गेंदबाजी की. जिससे दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हराकर रोमांचक जीत दर्ज की. स्टार्क (4 ओवर में 1/36) ने अंतिम ओवर में नौ रन बचाए और वहीं मैच को सुपर ओवर में ले गए, जबकि ऐसा लग रहा था कि रॉयल्स ने मैच जीत लिया है. इसके बाद स्टार्क ने शानदार सुपर ओवर फेंका, जिसमें उन्होंने सिर्फ दो चौके दिए. वहीं उन्होंने दो बेहतरीन रन आउट भी किए, जिससे राजस्थान रॉयल्स सिर्फ 11 रन ही बना पाई. चूंकि उनके दो विकेट सुपर ओवर में गिर गए, इस कारण उनको ऑलआउट भी घोष‍ित कर दिया गया. इसके बाद केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने क्रमश: एक चौका और एक छक्का लगाकर द‍िल्ली को घरेलू मैदान पर पहली जीत दिलाई. इससे पूर्व दिल्ली ने पहले खेलते हुए अभिषेक पोरेल के 49 रन और कप्तान अक्षर पटेल (14 गेंदों पर 34 रन) और ट्रिस्टन स्टब्स (18 गेंदों पर नाबाद 34 रन) की पारियों के दम पर 188/5 का स्कोर बनाया.  वहीं189 रनों को चेज करते हुए जायसवाल (37 गेंदों पर 51 रन) और ‘स्थानीय खिलाड़ी’ नीतीश राणा (28 गेंदों पर 51 रन) ने रॉयल्स जीत के करीब तक ले गए, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों ने अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख बदल दिया और अंततः 188/4 के स्कोर पर मैच को बराबरी पर ला दिया. स्टब्स ने छक्का मारकर दिलाई जीत  सुपर ओवर का रोमांच राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी. गेंदबाजी का जिम्मा स्टार्क के पास रहा. जिन्होंने 20वें ओवर में राजस्थान को 9 रन नहीं बनाने दिए थे. बल्लेबाजी के लिए हेटमायर और रियान पराग आए. सुपरओवर की पहली गेंद डॉट रही. दूसरी गेंद पर हेटमायर ने चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर हेटमायर को एक रन मिले. चौथी गेंद पर रियान पराग ने चौका जड़ा. ये नो बॉल थी.  फ्री हिट पर पराग रन आउट हो गए. 5वीं गेंद पर हेटमायर दूसरा रन लेने के चक्कर में आउट हो गए. इस तरह से राजस्थान की टीम केवल 11 रन ही बना सकी. दिल्ली को जीत के लिए 12 रन बनाने थे. सुपर ओवर में दिल्ली की बैटिंग 12 रनों के जवाब में जब दिल्ली की टीम उतरी तो पारी का आगाज स्टब्स और केएल राहुल ने किया. गेंदबाजी का जिम्मा संदीप शर्मा के पास था. पहली गेंद पर केएल राहुल ने दो रन निकाले. दूसरी गेंद पर केएल राहुल ने शानदार चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर केएल राहुल ने सिंगल लिया. अब 3 गेंद में 5 रनों की दरकार थी. चौथी गेंद पर स्टब्स ने शानदार छक्का जड़कर मैच जिता दिया.   ऐसी रही राजस्थान की बल्लेबाजी 189 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद शानदार रही. संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने आतिशी बल्लेबाजी की.  लेकिन संजू सैमसन जब 31 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब वह इंजरी के चलते रिटायर हर्ट हो गए. इसके बाद बल्लेबाजी के  लिए रियान पराग उतरे. लेकिन 9वें ओवर में अक्षर पटेल ने उन्हें आउट कर दिया. पराग के बल्ले से केवल 8 रन निकले. लेकिन एक छोर पर यशस्वी टिके रहे. उन्होंने फिफ्टी जमाई लेकिन 14वें ओवर में कुलदीप यादव ने उन्हें आउट कर दिया. इसके बाद नीतीश राणा ने भी फिफ्टी जमाई. आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. लेकिन स्टार्क ने कमाल की गेंदबाजी की. राजस्थान इसे चेज नहीं कर सकी और मैच सुपर ओवर में चला गया. यह इस सीजन का पहला सुपर ओवर है. ऐसी रही लखनऊ की पहली पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने मैकगर्क को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उनके बल्ले से केवल 9 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर रन आउट हो गए.वो अपना खाता भी नहीं खोल सके. हालांकि, इसके बाद केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने दिल्ली को संभाला और एक अच्छी साझेदारी की. लेकिन 13वें ओवर में जोफ्रा आर्चर ने केएल राहुल का विकेट चटका दिया. केएल राहुल के बल्ले से 38 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में अभिषेक पोरेल भी आउट हो गए. इसके बाद 17वें ओवर में अक्षर पटेल भी आउट हो गए उनके बल्ले से 34 रन निकले. इसके बाद स्टब्स और आशुतोष ने आतिशी बल्लेबाजी की. इसकी बदौलत दिल्ली ने राजस्थान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा है. तीन आईपीएल सीजन में नहीं हुआ सुपर ओवर 2022, 2023 और 2024 का आईपीएल सीजन बगैर सुपर ओवर के ही निकल गया. इससे पहले आखिरी बार आईपीएल में सुपर ओवर 2021 सीजन के 20वें मुकाबले में देखने को मिला था. तब सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स ने सुपर ओवर में जीत हासिल की थी. वह मुकाबला 25 अप्रैल 2021 को खेला गया था. 2021 में हुए सुपर ओवर के बाद 293 मैच के बाद कल (DC Vs RR मैच) सुपर ओवर देखने को मिला. जो 1453 दिनों के बाद हुआ. आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 15 बार ही सुपर ओवर खेला गया है. सबसे पहला सुपर ओवर आईपीएल के दूसरे सीजन यानी 2009 में हुआ था. तब राजस्थान रॉयल्स (RR) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को पराजित किया था.   अब तक IPL के सभी सुपर ओवर के नतीजे नंबर     तारीख     सुपर ओवर का नतीजा 1     23/04/2009      राजस्थान ने कोलकाता को … Read more

समंदर में भारत के सामने नहीं टिकेगा कोई देश!, 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने मिली मंजूरी, नौसेना की बढ़ेगी ताकत

नई दिल्ली नौसेना की ताकत और बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने फ्रांस से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने के लिए 64,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ये फाइटर जेट भारत के पहले घरेलू एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत से ऑपरेट होंगे. इसे सितंबर 2022 में कमीशन किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की ओर से स्वीकृत इस सौदे में 22 सिंगल सीटर कैरियर-सक्षम राफेल-एम जेट और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर वैरिएंट शामिल हैं. इस डील पर हस्ताक्षर होने के साढ़े तीन साल बाद डिलीवरी शुरू होगी और 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है. ये सौदा क्यों है अहम? राफेल-एम 4.5 जनरेशन के राफेल लड़ाकू विमान का नेवी वैरियंट है और इसे फ्रांसीसी एयरोस्पेस फर्म डसॉल्ट एविएशन ने विकसित किया है. यह पहले ही अपनी लड़ाकू क्षमता साबित कर चुका है, यह परमाणु-सक्षम मिसाइलों सहित कई तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. भारतीय वायु सेना (IAF) पहले से ही राफेल जेट के दो स्क्वाड्रन संचालित कर रही है. 2016 में 59,000 करोड़ रुपये में 36 विमान खरीदे गए थे. भारतीय नौसेना की ओर से किए गए व्यापक परीक्षणों के बाद राफेल-एम ने अपने विरोधी बोइंग एफ/ए-18ई/एफ सुपर हॉर्नेट को पछाड़ दिया. इनमें महत्वपूर्ण स्की-जंप टेस्ट भी शामिल था, जो STOBAR (शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी) सिस्टम का उपयोग करके भारतीय विमान वाहक से छोटी उड़ान भरता है. राफेल-एम ने असाधारण प्रदर्शन किया. भारतीय वायुसेना के मौजूदा राफेल बेड़े के साथ इसकी अनुकूलता ने इसे और भी बेहतर बना दिया. यूरेशियन के लिए लिखते हुए ग्रुप कैप्टन एमजे ऑगस्टीन विनोद (सेवानिवृत्त) ने कहा, “भारतीय वायुसेना और नौसेना के राफेल विमानों के बीच साझा एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, प्रशिक्षण सिमुलेटर और युद्ध सामग्री से रसद संबंधी बोझ कम होगा और संचालन में संयुक्तता सुनिश्चित होगी, जिससे आपात स्थितियों में क्रॉस-सर्विस तैनाती संभव होगी.” ये डील सिर्फ नए जेट खरीदने के लिए नहीं बल्कि इसकी कमियों को दूर करने के साथ हुई है. नौसेना के मिग-29K विमानों के मौजूदा बेड़े को विश्वसनीयता, लगातार रखरखाव की मांग और सीमित उपलब्धता की वजह से परेशानी हुई है. ये विमान INS विक्रमादित्य पर तैनात हैं. क्या है इसकी खासियत? इसको परमाणु क्षमताओं के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे भारत को समुद्र से हवाई मार्ग से परमाणु हथियार ले जाने का विश्वसनीय विकल्प मिल जाएगा. यह एक ऐसा आयाम है जिसे कोई भी क्षेत्रीय विरोधी नजरअंदाज नहीं कर सकता. ये फाइटर जेट कई मौकों पर अपनी क्षमता साबित कर चुका है. अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और सीरिया में स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे चुका है. कैसे बनेगा अजेय कॉम्बिनेशन भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और राफेल मरीन एक साथ होंगे तो अपनी जगह से दूर हुए बिना भारत पूरे दक्षिण एशिया में किसी भी खतरे से निपट सकता है. जिस तरह तरह चीन पिछले कई सालों से हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर चुका है, उससे निपटने में भी ये शक्ति कारगर साबित होगी. भारत भी चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकेगा और पकड़ मजबूत होगी. उधर पाकिस्तान के पास कैरियर ऑपरेशनल पावर बहुत कम है. राफेल मरीन से अगर तुलना की जाए तो पड़ोसी देश बहुत पीछे है, उसके पास ऐसी कोई समुद्री ताकत नहीं है. हिंद महासागर में निगरानी करने की क्षमता भी न के बराबर है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर भारत कराची से ग्वादर तक पाकिस्तानी पोर्ट का घेराव कर सकता है. अब राफेल मरीन जेट से भारत को समुद्र में ऐसी ताकत मिलेगी जो सिर्फ चुनिंदा देशों के पास थी. उनमें फ्रांस, अमेरिका और चीन जैसे देश शामिल हैं. इन फाइटर जेट के आने के बाद भारत अपनी रक्षा करने में तो सक्षम होगा ही साथ ही संकट में अपने मित्र देशों को भी मदद दे सकता है.

किसानों और गौपालकों को कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।  

प्रदेश में इस साल जमकर होगी बारिश, मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल मौसम विभाग(Meteorological Department) ने 2025 के दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में बादल खूब बरसेंगे। इस बार औसत बारिश 106 से 110 फीसदी तक हो सकती है। ये शहर और जिले का औसत है, उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई व अगस्त में बारिश की गति तेज होगी। मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के आखिरी सप्ताह में आएगा। यदि प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो हर हिस्से में औसत से ज्यादा बारिश होगी। इस पूर्वानुमान के बाद मानसून की सही स्थिति सामने आएगी। क्योंकि केरल में 31 मई को मानसून पहुंचता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 25 से 26 जून के बीच आता है।  गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। 2024 में ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून(Monsoon Forecast 2025) खूब बरसे थे। अगस्त व सितंबर में जो सिस्टम आए थे, उनकी वजह से औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। जिला सहित अंचल में बाढ़ भी आ गई थी, जो जल संरचनाएं वर्षों से नहीं भरी थी। वह जल संरचनाएं ओवर फ्लो हो गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है। यदि अंचल के हिसाब से पिछले तीन साल की स्थिति देखी जाए तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। इस बार भविष्यवाणी साबित होती है तो अंचल में कृषि व पेयजल के लिए पानी का संकट नहीं होगा। इन कारणों से प्रभावित होता है मानसून     भारत के मानसून(Monsoon Forecast 2025) को अल नीनो व ला नीना प्रभावित करता है।     अल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून कमजोर हो जाता है, जिससे सूखे और कृषि नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।     ला नीना के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून(Monsoon 2025) मजबूत होता है, जिससे सामान्य से अधिक वर्षा होती है।     इस वर्ष प्रशांत महासागर में ईएनएसओ की स्थितियां व्याप्त हैं, जो ला नीना की स्थितियों के समान होती है। इस कारण अच्छी बारिश की संभावना है।     हिंद महासागर में आईओडी की स्थितियां मजबूत हैं। आईओडी स्थिति मजबूत होने से मानसून पर विभिन्न प्रभाव पड़ सकते हैं। सकारात्मक का मतलब है कि पूर्वी हिंद महासागर ठंडा और पश्चिमी भाग गर्म होता है, जिससे मानसून मजबूत होता है और भारत में अधिक वर्षा होती है। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

तेजस-MK2 की पहली उड़ान अगले साल फरवरी-मार्च में, 5 साल में तेजस की नई एडवांस खेप मिलने लगेगी

मुंबई हाल ही में कुछ मीडिया आउटलेट्स ने डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत के हवाले से कहा कि तेजस MkII की पहली उड़ान “6-12 महीनों” के भीतर होगी. जिससे अक्टूबर 2025 की शुरुआत में उड़ान की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं है.   कैसे होगा तेजस एमके2 का प्रोडक्शन टाइमलाइन? 1. रोलआउट: अक्टूबर-नवंबर 2025… प्रोटोटाइप असेंबली लाइन से बाहर आएगा, जिससे इंजन ग्राउंड रन और सिस्टम जांच शुरू होगी. 2. टैक्सी ट्रायल: दिसंबर 2025-फरवरी 2026… निम्न और उच्च गति टैक्सी परीक्षण विमान के सिस्टम को मान्य करेंगे. 3. पहली उड़ान: फरवरी-मार्च 2026… पहली उड़ान बुनियादी उड़ान विशेषताओं का परीक्षण करेगी. 4. उत्पादन: 2028-2029 से शुरू, सालाना 18 इकाइयां. तेजस MkII एक उन्नत 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो तेजस MkI और पांचवीं पीढ़ी के AMCA के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें शक्तिशाली F414-INS6 इंजन, उत्तम AESA रडार और उन्नत हथियार सूट है. 2035 तक 120-180 इकाइयों को शामिल करने की योजना है, जो पुराने लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे. जानिए तेजस Mk2 का खासियत तेजस मार्क 2 में नाइट विजन चश्मे से जुड़ा हुआ कॉकपिट होगा. यानी रात के समय या अंधेरे में भी इस फाइटर जेट से दुश्मन टारगेट पर हमला किया जा सके. इसमें HOTAS यानी हैंड्स ऑन थ्रॉटल-एंड-स्टिक की व्यवस्था होगी. यानी जिस लीवर से फाइटर जेट कंट्रोल किया जाएगा, उसी से हथियार भी चलेंगे. 2223 km प्रतिघंटा की रफ्तार से चीरेगा आसमान यह अधिकतम 2223 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ेगा. इसकी रेंज करीब 2500 किलोमीटर होगी. अधकितम 56,758 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर पाएगा. इस फाइटर जेट में 30 मिलिमीटर की एक GSh-30-1 गन लगी होगी. यह गन एक मिनट में 1500-1800 गोलियां दाग सकती है. जिसकी रेंज 200 से 1800 मीटर होगी. एक से एक घातक हथियारों से किया जाएगा लैस इस गन के अलावा इस फाइटर जेट पर 13 हार्डप्वाइंट्स होंगे. यानी 13 एक जैसे या अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें पांच तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. जैसे- MICA, ASRAAM, Meteor, Astra और NG-CCM. इनकी तैनाती लगभग तय मानी जा रही है. इनके अलावा हवा से सतह पर मार करने वाली चार मिसाइलें लगाई जाएंगी. जिनमें ब्रम्होस-एनजी ALCM, LRLACM, स्टॉर्म शैडो और क्रिस्टल मेज शामिल हैं. यही नहीं इनके अलावा इसमें एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम 1/2/3 लगाने की भी योजना है. इसके अलावा इसमें चार प्रेसिशन गाइडेड बम एक लेजर गाइडेड बम, क्लस्टर म्यूनिशन, लॉयटरिंग म्यूनिशन CATS ALPHA और अनगाइडेड बम लगाए जाएंगे.  

बिना रूके एक्सप्रेसवे पर भगा सकेंगे गाड़ी, ₹3000 में सालभर टोल टैक्स की छुट्टी, क्या है नया टोल प्लान

नई दिल्ली देश के टोल बूथ को लेकर सरकार एक बड़ा बदलाव करने वाली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश के राजमार्गों पर टोल पेमेंट का तरीका बदलने वाला है। केंद्र अगले 15 दिनों के अंदर एक नई टोल पॉलिसी पेश करने वाली है। यानी मई से ये पॉलिसी लागू हो सकती है। हालांकि, गडकरी ने अभी इसके बारे में ज्यादा डिटेल नहीं बताई। उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि एक बार नई पॉलिसी लागू होने के बाद टोल के बारे में किसी को शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। इस नए सिस्टम से FASTag का काम भी खत्म हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि नए सिस्टम के लिए फिजिकल टोल बूथ की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, सैटेलाइट ट्रैकिंग और व्हीकल नंबर प्लेट पहचान का उपयोग करके बैंक खातों से टोल ऑटोमैटिक ही पेमेंट कट जाएगा। उन्होंने इवेंट के दौरान कहा कि लंबे समय से लंबित मुंबई-गोवा हाईवे पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इस साल जून तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर कई कठिनाइयां थीं, लेकिन चिंता न करें हम इस जून तक सड़क का 100% काम पूरा कर लेंगे। अब नहीं रुकना पड़ेगा टोल प्लाजा पर नई पॉलिसी लागू होने के बाद जब आप कार से सफर पर निकलेंगे, तो बीच में किसी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। एक बार गाड़ी ने रफ्तार पकड़ी तो सीधा मंज़िल तक पहुंच सकेंगे। 15 दिनों में लागू होगी नई टोल पॉलिसी सरकार अगले 15 दिनों में नई टोल टैक्स पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसके तहत देशभर में टोल सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा। सालभर के लिए मिलेगा एनुअल टोल पास नई पॉलिसी के तहत अब सालभर के लिए टोल पास बनाए जाएंगे। मतलब आपको बार-बार टोल टैक्स नहीं भरना पड़ेगा।     3000 रुपये का एनुअल पास मिलेगा।     एक बार Fastag में रिचार्ज किया और पूरे साल फ्री सफर।     बार-बार रुकने और टोल भरने से छुटकारा। टोल प्लाजा हटेंगे, नया सिस्टम आएगा सरकार की योजना के अनुसार अब देशभर के टोल प्लाजा हटाए जाएंगे। उनकी जगह किलोमीटर बेस्ड चार्जिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यानी जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही टोल देना होगा। बेवजह ज्यादा टोल नहीं भरना पड़ेगा। सैटेलाइट ट्रैकिंग से ऑटोमैटिक टोल कटेगा नए सिस्टम में सैटेलाइट ट्रैकिंग का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को सैटेलाइट से स्कैन किया जाएगा। टोल अपने आप कट जाएगा। मैनुअल टोल बूथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाइफटाइम टोल पास पर भी विचार     मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार नई कारों के लिए लाइफटाइम टोल पास देने पर भी विचार कर रही है।     30,000 रुपये में 15 साल तक फ्री सफर की सुविधा।     हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। नितिन गडकरी का ऐलान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 14 अप्रैल 2025 को एक इवेंट में कहा कि जल्द ही देश से फिजिकल टोल बूथ खत्म हो जाएंगे। टोल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक होगा। इससे देशभर में बिना रुकावट यात्रा करना आसान हो जाएगा। समय और पैसे दोनों की बचत इस नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। टोल भरने का झंझट खत्म होगा। ट्रैफिक कम होगा। पैसे और समय दोनों की बचत होगी। एक बार हाईवे पूरा हो जाने पर, यात्रा का समय कम हो जाएगा और कोंकण क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने स्वीकार किया कि भूमि विवाद, कानूनी चुनौतियों और आंतरिक पारिवारिक झगड़ों के कारण परियोजना में कई सालों तक देरी हुई। उन्होंने बताया कि भाइयों के बीच झगड़े थे, अदालतों में मामले थे और भूमि के लिए मुआवजा देने में अंतहीन जटिलताएं थीं। लेकिन अब वे मुद्दे सुलझ गए हैं और मुंबई-गोवा राजमार्ग पर काम ने गति पकड़ ली है। गडकरी ने यह भी कहा कि उन्हें भारत के सड़क बुनियादी ढांचे के फ्यूचर को लेकर पूरा भरोसा है। अगले दो सालों में भारत का सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से बेहतर होगा। उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा जैसे कुछ राजमार्ग अभी भी गंभीर मुद्दों का सामना कर रहे हैं। गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा (हाईवे) हमारे विभाग के ब्लैक स्पॉट में से हैं। इनके साथ कई कठिनाइयां आती हैं। अगर वो कोंकण के बारे में सच बोलें तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। क्या है नया GPS टोलिंग सिस्टम? देश में सड़कों के निर्माण के साथ टोल बूथ की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में सरकार बूथों को समाप्त करने GPS बेस्ड टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के फास्टैग सिस्मट को रिप्लेस करने वाली है। टोल बूथ का निर्माण से इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट बढ़ जाती है। इससे टोल कलेक्शन की लागत में भी बढ़ोतरी होती है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सरकार नया टोलिंग सिस्टम लाने वाली है। इस सिस्टम में GPS की मदद से सीधे ड्राइवर या व्हीकल ओनर के बैंक अकाउंट से टोल की राशि काटी जाएगी। व्हीकल की निगरानी GPS के माध्यम से होगी। तय किए गए मार्जिन और समय के आधार पर टोल की राशि कैलकुलेट की जाएगी।

रेलवे की नई सुविधा, जल्द ही रेलगाड़ी में मिलेगी ATM की facility

नई दिल्ली आरामदायक कुर्सियों से लेकर अब ट्रेन में मोबाइल फोन चार्जिंग और लैंप जैसी कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि, रेल के विकसित होने का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है। खबर है कि रेलवे ने ट्रेनों में ATM यानी ऑटोमैटेड टैलर मशीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि व्यापक स्तर पर इसे कब लागू किया जाएगा। सेंट्रल रेलवे (CR) ने मुंबई-मनमाड पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम लगाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह एटीएम एक निजी बैंक द्वारा प्रदान किया गया है और इसे इस दैनिक एक्सप्रेस सेवा की वातानुकूलित चेयर कार कोच में स्थापित किया गया है। उनके अनुसार, इसे जल्द ही यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा, ‘पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम स्थापित किया गया है।’ रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह एटीएम कोच के पिछले हिस्से में एक क्यूबिकल में लगाया गया है, जहां पहले अस्थायी पेंट्री थी। ट्रेन के चलने के दौरान सुरक्षा और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक शटर दरवाजा भी लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस कोच में आवश्यक परिवर्तन मनमाड रेलवे कार्यशाला में किए गए। पंचवटी एक्सप्रेस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और पड़ोसी नासिक जिले के मनमाड जंक्शन के बीच प्रतिदिन चलती है। यह ट्रेन लगभग 4 घंटे 35 मिनट में एक तरफ की यात्रा पूरी करती है। इस ATM को मनमाड़ रेलवे वर्कशॉप में विशेष तकनीकी और स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ स्थापित किया गया है। कोच में अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल सपोर्ट और आवश्यक संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं, ताकि मशीन ट्रेन की गति और झटकों के बावजूद सुचारू रूप से काम कर सके। इस प्रकार की सुविधा देने की शुरुआत भुसावल मंडल द्वारा आयोजित एक अभिनव गैर-किराया राजस्व ग्राहक संवाद बैठक में की गई थी। इस दूरदर्शी प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए, प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक (बैंक ऑफ महाराष्ट्र) ने नई नवाचारी गैर-किराया राजस्व विचार योजना (NINFRIS) के अंतर्गत औपचारिक योजना प्रस्तुत की। यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी, जो अचानक कैश की जरूरत में स्टेशन पर नहीं उतर सकते या फिर रिमोट इलाकों की यात्रा कर रहे हों।

राष्ट्रपति के हिमाचल दौरे से पहले बम की धमकी से हड़कंप, अब नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था का होगा निर्धारण

मंडी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले बम की धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। ईमेल में उपायुक्त कार्यालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मुसात मई को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी ) मंडी के दौरे पर आने वाली हैं। वह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से विज्ञानिक, शोधार्थी, प्रोफेसर और छात्र भाग लेंगे। ऐसे में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पहले से ही जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों में जुटी थीं। बम की धमकी से सक्रिय हुईं केंद्रीय एजेंसियां बम की धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल को लगाया गया है, ताकि यह पता चल सके कि ईमेल किसने और कहां से भेजा। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भी मंडी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और राष्ट्रपति से सुरक्षा से जुड़े अधिकारी अब दौरे से पहले हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था का होगा नए सिरे से निर्धारण इस घटनाक्रम के बाद मंडी में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पहले से बनी सुरक्षा रणनीति की फिर से समीक्षा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी अब आइआइटी मंडी सहित आसपास के सभी क्षेत्रों की नए सिरे से सुरक्षा समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम स्थल, राष्ट्रपति के ठहरने की व्यवस्था, रास्ते और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना पर काम किया जा रहा है। राष्ट्रपति का करीब दो से तीन घंटे तक आइआइटी मंडी में रुकने का कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।  कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व किरण सिंह देव, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, प्रबोध मिंज, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।

अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित : मुख्यमंत्री

  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष ‘प्रेरणा’ में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है। इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो। बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत  लक्ष्यपूर्ति  के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे, और सभी निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिए जाएँ। आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति पंचायतों के माध्यम से एकसाथ करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में बस्तर संभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 95.89 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है। … Read more

मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा , छत्तीसगढ़ में स्थापित होंगे 4 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क

रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने आज तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। श्री राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।     वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की  स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में श्री राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्य मंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, राम विचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक धरम लाल कौशिक, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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