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किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन ऐतिहासिक होगा। आज दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा। भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र, विक्रमोत्सव के अंतर्गत विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रथम प्रस्तुति, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासनकाल आज भी भारत के सभी राज्यों में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके शौर्य, पराक्रम, वीरता, ज्ञानशीलता, दानवीरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहल ने शासन संचालन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बेताल पच्चीसी, सिंहासन बत्तीसी सहित विक्रमादित्य की वीरता की गाथाएं आज भी याद की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय, दीनदयाल शोध संस्थान और दिल्ली सरकार के सहयोग से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के काल को जीवंत करते हुए उनके सुशासन की झलक दिखाने का प्रयास किया। यह मंचन दिल्ली के लाल किले में 13 और 14 अप्रैल को भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाभारत में हनुमानजी ने ही धर्म ध्वजा की थी धारण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हनुमान जी ही बल, बुद्धि, पराक्रम और विनयशीलता का वरदान करते हैं प्रदान मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की दी बधाई भोपाल    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामदूत हनुमानजी की भक्ति, सेवा और समर्पण भाव से प्रेरित होकर हम विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प की सिद्धि में योगदान दें , यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हनुमान जयंती के पावन पर्व पर राजकीय विमान तल भोपाल स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान किया।        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हनुमान जी अजर-अमर हैं। भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। माता सीता का प्रेम, स्नेह और वात्सल्य पाकर उनकी आजीवन सेवा तथा असाधारण वीरता का हनुमानजी का संकल्प सभी के लिए प्रेरक है। महाभारत के युद्ध में अर्जुन बाण चला रहे थे, और भगवान श्रीकृष्ण सारथी थे, तब भी धर्म ध्वजा हनुमानजी ने ही धारण की थी। हर कष्ट, हर दु:ख में सबसे पहले हमें हनुमानजी ही याद आते हैं। वे ही हमें बल, बुद्धि, पराक्रम, वीरता, ज्ञान, विनयशीलता जैसे मानवीय गुणों का वरदान प्रदान करते हैं। संकटमोचक हनुमानजी की कृपा सब पर बरसती रहे, यही प्रार्थना है।  

Paytm, PhonePe और Google Pay नहीं कर रहे काम,नहीं हो पा रही UPI ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली  शनिवार सुबह भारत में यूपीआई (Unified Payments Interface) एक बार फिर से डाउन है। यूपीआई में आई इस दिक्कत की वजह से लाखों यूजर्स डिजिटल पेमेंट्स नहीं कर पा रहे हैं। इस अचानक आई खराबी ने PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे लोकप्रिय एप्स के जरिए लेन-देन करने वाले लोगों और व्यापारियों दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजरआया है. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   इससे पहले, 26 मार्च को भी यूपीआई सेवा में भारी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जब अलग-अलग यूपीआई एप्स के यूजर्स लगभग 2 से 3 घंटे तक ट्रांजेक्शन नहीं कर पाए थे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या का कारण तकनीकी दिक्कतें बताया था, जिससे पूरे देश में आम यूजर्स और व्यापारियों की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. UPI Outage : यूजर्स क्या करें अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यूपीआई में ये परेशानी आखिर आई कैसे? यूजर्स को जल्द ही समस्या ठीक होने की उम्मीद है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और ना ही किसी बड़े UPI ऐप ने अब तक इसे लेकर किसी तरह की जानकारी दी है। ऐसे में यूजर्स को पूरी तरह सर्विस चालू होने तक किसी तरह के पेमेंट से बचना चाहिए। UPI क्यों इतना जरूरी यूपीआई देश का सबसे पॉपुलर पेमेंट सिस्टम बन गया है। इसे NPCI ने तैयार किया है। यह सिस्टम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में काम करता है। इससे लोग बिना किसी फीस के तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। चायवाले से लेकर बड़े-बड़े मॉल और कंपनियों तक में आज UPI ही यूज किया जा रहा है। इसमें कई जबरदस्त फीचर्स भी हैं, जो यूजर्स को सहूलियत देते हैं।

छत्तीसगढ़ : बीजापुर में मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों की सर्च ऑपरेशन जारी

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कोलनार इलाके में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई CRPF की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाइयों, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। CRPF के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी अब भी जारी है और ऑपरेशन को सतर्कता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।  गोलीबारी जारी, और शव बरामद होने की संभावना दरअसल, सीआरपीएफ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर एक नक्सली को ढेर कर दिया है। सीआरपीएफ की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाई, छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल और जिला रिजर्व गार्ड की मौजूदगी में यह अभियान चल रहा है। किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है। रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। इंद्रावती नदी कें जंगलों में मुठभेड़ पीटीआई की खबर में छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले से लिखा गया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के इंद्रावती क्षेत्र के तहत आने वाले जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना किया गया था। नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह लगभग नौ बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई और सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। उन्होंने बताया, “क्षेत्र में सुबह से रुक रुक कर गोलीबारी जारी है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना है। क्षेत्र में खोजी अभियान जारी है।”  नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हुई है जब राज्य सरकार लगातार नक्सल विरोधी अभियान को तेज कर रही है। हाल ही में दंतेवाड़ा में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से तीन पर नकद इनाम भी घोषित था। आत्मसमर्पण की यह घटना DRG मुख्यालय में हुई थी और यह ‘लोन वर्राटू’ (घर लौटो) अभियान का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री का शांति और विकास का संदेश 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्नु देव साय ने मीडिया से बातचीत में शांति और विकास की राह पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। CM साय ने कहा, “हमने शुरुआत से ही नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता खुला रखा है। बार-बार हम यह अपील कर रहे हैं कि आप बंदूक और गोली की भाषा छोड़िए और विकास के रास्ते पर आइए। सरकार आपको न्याय देगी और रोजगार से जोड़ेगी।”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पुलवामा शहीद हेमराज की बेटी की शादी में मायरा लेकर पहुंचे

 कोटा सीआरपीएफ के जवान हेमराज की पुलवामा में शहादत के 6 साल बाद आज उनके सांगोद स्थित आंगन में पहली बार जश्न का माहौल था। वीरांगना मधुबाला सहित पूरे परिवार में खुशियों का माहौल था। पति का साया सिर से उठने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाई बनकर न सिर्फ परिवार को संबल दिया बल्कि अपना वचन निभाया। आज जब शहीद हेमराज की बेटी की शादी का वक्त आया तो लोकसभा स्पीकर बिरला अपनी बहन के घर मायरा (भात) लेकर पहुंचे और मायरे की इस अनूठी रस्म को निभाया। वीरांगना मधुबाला और भाई के इस भावनात्मक संबंध को देख यहां मौजूद हर कोई भाव-विभोर हो उठा। पुलवामा हमले के बाद एक ओर शहीद हेमराज की शहादत से लोगों में गुस्सा था, वहीं परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट। मुसीबतों में घिरे परिवार को उस वक्त स्पीकर बिरला ने संबल प्रदान किया और वीरांगना मधुबाला का भाई बनकर परिवार की हर जिम्मेदारी उठाने का वादा किया। बीते छह साल में राखी और भाई दूज पर वीरांगना मधुबाला ने उन्हें राखी बांधी और तिलक किए। अब जब शहीद हेमराज और वीरांगना मधुबाला की बेटी की शादी का मौका आया तो एक फिर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शहीद के परिवार के साथ खड़े नजर आए। सांगोद में आयोजित समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सांगोद विधायक एवं राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने वीरांगना मधुबाला को मायरा पहनाया। इस दौरान रीति-रिवाज के अनुसार स्पीकर बिरला ने वीरांगना मधुबाला को चुनरी ओढ़ाई तो वहीं बहन ने बत्तीसी भी झिलाई और स्पीकर बिरला का तिलक व आरती की। स्पीकर बिरला ने शदीह हेमराज मीणा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान वीरांगना मधुबाला, स्पीकर बिरला व मौजूद सभी परिवार जन शहीद हेमराज को याद कर भावुक हो उठे।  

प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : प्रदेश में वन आधारित पर्यटन और जल आधारित पर्यटन को दिया जाए बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित पर्यटन विभाग के साथ जल संसाधन और वन विभाग पर्यटन को बढ़ावा देने समन्वय के साथ करें कार्य- मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने तैयार किए जाएंगे टूरिज्म कॉरिडोर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन आधारित पर्यटन, महानदी, इन्द्रावती नदियों प्रदेश के प्रमुख बांधों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों में आस-पास के स्थलों को शामिल कर पर्यटन सर्किट और कारीडोर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से सहायता के लिए प्रदेश की पर्यटन परियोजनाओं के नये प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।     मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों का लिया जाए सहयोग     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कारीडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए। वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए। बस्तर, चम्पारण, मधेश्वर मयाली, भोरमदेव में पर्यटन कारीडोर होंगे विकसित     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कारीडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कारीडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।     बैठक में स्वदेश दर्शन और प्रयाद योजना के तहत प्रदेश में संचालित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कारीडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान का प्रावधान भी किया गया है, जिससे निवेशकों के सहयोग से पर्यटन अधोसंरचना का विकास हो सके। राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों से संपर्क कर इन संभावनाओं का भी दोहन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना 2 करोड़ पर्यटक पर्यटन स्थलों में आते हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य ये होम स्टे सहित छोटे-छोटे कुटीर उद्योग पर भी लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों के ग्रामीणों में होम स्टे व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए।    बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बसवराजु एस., उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल,विधायक श्रीमती गोमती साय,विधायक मोतीलाल साहू, विधायक सुशांत शुक्ला,विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण भूपेंद्र सवन्नी,रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनुराग सिंहदेव, लोकेश कांवड़िया, शशांक शर्मा, श्रीनिवास मद्दी , अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भीषण गर्मी में लखनऊ सुपर जॉइंट्स और गुजरात टाइटंस के बीच आज रोमांचक मुकाबला होने की संभावना

लखनऊ लखनऊ सुपर जॉइंट्स और गुजरात टाइटंस के बीच आज यहां होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। लखनऊ की भीषण गर्मी में इन दोनों टीम के बीच रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है। गुजरात टाइटंस ने लगातार चार मैच जीते हैं और वह नेट रन रेट बेहतर होने के कारण दिल्ली कैपिटल्स से ऊपर पहले स्थान पर है। इन दोनों टीम के समान आठ अंक हैं। लखनऊ ने अभी तक तीन मैच में जीत हासिल की है और वह अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। इस मैच में आक्रामक बल्लेबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। लखनऊ की टीम में पूरन ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अभी तक 288 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 225 है जो किसी भी विरोधी टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वेस्टइंडीज के इस बल्लेबाज ने अभी तक 25 चौके और 24 छक्के लगाए हैं। लेकिन गुजरात के खिलाफ मैच में उन्हें सिराज की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस तेज गेंदबाज ने पावर प्ले में अच्छा प्रदर्शन किया है और उनके नाम पर पांच मैच में 10 विकेट दर्ज हैं। उनका इकोनॉमी रेट भी 7.70 है। सिराज पर पावर प्ले में बड़े शॉट खेलना आसान नहीं होगा तथा सलामी बल्लेबाजों एडेन माक्ररम और मिशेल मार्श को भी उन्हें खेलते समय सावधान रहना होगा। टाइटंस को व्यक्तिगत कारण से स्वदेश लौटने वाले तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की अभी तक कोई खास कमी नहीं खली है क्योंकि प्रसिद्ध कृष्णा ने सिराज का अच्छी तरह से साथ दिया है। बाएं हाथ के स्पिनर आर साई किशोर अपने शानदार प्रदर्शन से टीम के मुख्य स्पिनर राशिद खान पर भी हावी हो गए हैं। राशिद ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पिछले मैच में अच्छी गेंदबाजी करके लय हासिल करने के संकेत दिए थे। अगर वह अपना यह प्रदर्शन जारी रखते हैं तो लखनऊ के बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल पैदा हो सकती है। दोनों टीमों के लिए अपने कप्तान की फॉर्म चिंता का विषय होगी। शुभमन गिल और ऋषभ पंत दोनों कुशल बल्लेबाज हैं लेकिन आईपीएल के वर्तमान सत्र में अपनी छाप छोड़ने में अभी तक नाकाम रहे हैं। गिल ने आईपीएल के 2023 के सत्र में 890 रन बनाए थे लेकिन इसके बाद वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। मौजूदा सत्र में वह अभी तक केवल 148 रन बना पाए हैं। बी साईं सुदर्शन (273) और जोस बटलर (203) ने अभी तक टाइटंस की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली है। लखनऊ ने ऋषभ पंत को रिकॉर्ड 27 करोड रुपए में खरीदा था लेकिन उन्होंने अभी तक चार पारियों में केवल 19 रन बनाए हैं। अगर गिल और पंत अपनी वास्तविक फॉर्म में लौट आते हैं तो फिर लखनऊ के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होना तय है। टीमें : गुजरात टाइटंस : बी साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), शाहरुख खान, शेरफेन रदरफोर्ड, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, ईशांत शर्मा, वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, महिपाल लोमरोर, अरशद खान, जयंत यादव, निशांत सिंधु, कुलवंत खेजरोलिया, गेराल्ड कोएत्ज़ी, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, गुरनूर बराड़, करीम जनत। लखनऊ सुपर जाइंट्स : ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), डेविड मिलर, एडेन मार्करम, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज़ अहमद, युवराज चौधरी, राजवर्धन हैंगरगेकर, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, शार्दुल ठाकुर, अवेश खान, आकाश दीप, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, आकाश सिंह, शमर जोसेफ। प्रिंस यादव, मयंक यादव, रवि बिश्नोई। समय : दोपहर 3:30 बजे।

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य: स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य के जीवंत किया था

उज्जैन उज्जैन की पवित्र धरती पर 2000 के दशक की शुरुआत की एक अनोखी सांस्कृतिक पहल की शुरूआत “सम्राट विक्रमादित्य महामंचन” के रूप में हुई। यह महानाट्य मंचन केवल एक ऐतिहासिक पात्र का स्मरण नहीं था, बल्कि एक ऐसे युग की पुनर्प्रतिष्ठा थी जिसे भारतीय संस्कृति, न्याय, और नीति का प्रतीक माना जाता है। इस मंचन की सबसे रोचक बात यह रही कि इसमें स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य (विक्रमादित्य के पिता) के जीवंत किया था। महानाट्य के मंचन के समय किसी ने सोचा भी नहीं था कि रंगमंच पर उतरने वाला यह युवक भविष्य में वास्तविक रूप में मध्यप्रदेश के विक्रमादित्य की तरह एक नेतृत्वकर्ता, एक सांस्कृतिक अभिभावक और जनमानस का प्रतिनिधि के रूप में प्रतिष्ठित होगा। डॉ. यादव का यह सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रेम ही उन्हें सत्ता के शीर्ष तक ले आया। सत्ता में आने के बाद भी उनका यह रुझान केवल मंचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महानाट्य के मंचन को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनाया। प्राधिकरण से प्रारंभ हुई विक्रमदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बने, उन्होंने विकास को केवल अधोसंरचनात्मक निर्माण तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की दृष्टि से उज्जैन शहर को एक ऐसे नगर के रूप में देखा जो इतिहास, आस्था और आधुनिकता का संगम बने। उनकी पहल पर शहर में चार दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार निर्मित किए गए, जो चार युगों के प्रतीक हैं। यह कार्य न केवल स्थापत्य की दृष्टि से अभिनव था, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाला भी था। उज्जैन को देश का पहला ऐसा शहर बनने का गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें दिशा-प्रेरित प्रवेश द्वारों से संस्कृति का स्वागत हुआ। विक्रम विश्वविद्यालय को नई पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अगला महत्वपूर्ण कार्य सम्राट विक्रमादित्य के नाम से स्थापित विक्रम विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय में न केवल शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के साहित्य, न्याय दर्शन, और सांस्कृतिक मूल्यों को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी विशेष प्रयास प्रारंभ किए गए। लाल किले से देशव्यापी मंचन की ओर अब जब डॉ. यादव सत्ता और संस्कृति दोनों के मध्य सेतु बन चुके हैं, उन्होंने अपने पुराने सांस्कृतिक अभियान को उत्थान के एक नए सोपान पर ले जाने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में टीम अब सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के महामंचन को देशभर में करने के लिए तत्पर हैं। इससे सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और दर्शन पर आधारित यह महानाट्य लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर किया जाकर राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्स्थापित कर सांसकृतिक उत्थान का नया आयाम स्थापित करेगा। “सम्राट विक्रमादित्य” केवल इतिहास के पात्र नहीं हैं, वे भारतीय मानस के आदर्श पुरुष हैं। डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सुशासन-प्रेरणा में बदल दिया है। उनका यह अभियान केवल उज्जैन या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत में सांस्कृतिक चेतना की लौ जलाने वाला है। जब लाल किले की प्राचीर पर विक्रमादित्य की गाथा गूंजेगी, तब यह केवल एक नाट्य मंचन नहीं होगा। यह भारतीय अस्मिता का उत्सव होगा।  

CSK की बढ़ी मुश्किल… लगातार 5 हार के बाद बिगड़ा IPL प्लेऑफ का गणित

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-25 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से हुआ. 11 अप्रैल (शुक्रवार) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 8 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. कोलकाता को जीत के लिए 104 रनों का टारगेट मिला था. जिसे उसने 59 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. सीएसके ने बनाया ये शर्मनाक रिकॉर्ड मौजूदा सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने की यह लगातार पांचवीं हार रही. सीएसके ने शानदार आगाज करते हुए मुंबई इंडियंस (MI) को 4 विकेट से पराजित किया था. हालांकि उसके बाद वो आउट ऑफ ट्रैक हो गई है. सीएसके आईपीएल इतिहास में पहली बार लगातार पांच मैच हारी है. साथ ही ऐसा पहली बार हुआ, जब सीएसके ने एक सीजन में चेपॉक में लगातार तीन मैच गंवाए. दूसरी ओर कोलकाता नाइट राइडर्स की मौजूदा सीजन में ये छह मैचों में तीसरी जीत रही. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ओपनिंग करने उतरे सुनील नरेन ने 18 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और पांच छक्के शामिल रहे. वहीं दूसरे ओपनर क्विंटन डिकॉक ने तीन छक्के की मदद से 16 बॉल 23 रनों की पारी खेली. कप्तान अजिंक्य रहाणे 20 और रिंकू सिंह 15 रन पर नाबाद लौटे. चेन्नई की ओर से तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और स्पिनर नूर अहमद को एक-एक विकेट हासिल हुआ. CSK के लिए शिवम दुबे ने बनाए सबसे ज्यादा रन मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 9 विकेट पर 104 रन बनाए. धीमी पिच पर चेन्नई के बल्लेबाज शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे. सीएसके के लिए शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 31* रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके शामिल रहे. शिवम के अलावा विजय शंकर (29), राहुल त्रिपाठी (16) और डेवोन कॉन्वे (12) ही दोहरे अंकों में पहुंच पाए. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बात करें तो उनके बल्ले से 1 रन निकले. रवींद्र जडेजा और ‘इम्पैक्ट सब’ दीपक हुड्डा तो अपना खाता नहीं खोल सके. कोलकाता की ओर से स्पिनर सुनील नरेन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट चटकाए. ‘मिस्ट्री स्पिनर’ वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा को दो-दो सफलता हासिल हुई. मोईन अली और वैभव अरोड़ा को एक-एक विकेट मिला. कोलकाता नाइट राडर्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भारी रहा है. दोनों टीमों के बीच आईपीएल में अब तक कल 31 मैच खेले गए, जिसमें से चेन्नई ने सबसे ज्यादा 19 मुकाबले जीते हैं. जबकि 11 में कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत मिली. दोनों टीमों के बीच एक मैच बेनतीजा रहा. आईपीएल 2024 में दोनों टीमों के बीच 1 मैच हुआ था, जिसे चेन्नई सुपर किंग्स ने सात विकेट से जीता था. आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को इकलौती जीत मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली थी. चेन्नई सुपर किंग्स के अब 6 मैचों में 2 अंक हैं और वो दस टीमों की अंकतालिका में नौवें स्थान पर हैं. चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अब प्लेऑफ में पहुंचने की राह भी थोड़ी मुश्किल हो गई है. आईपीएल में आमतौर पर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने के लिए 16 अंक चाहिए होते हैं. चेन्नई सुपर किंग्स को अब 8 मुकाबले और खेलने हैं. ऐसे में प्लेऑफ में पहुंचने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स को इन आठ मैचों में से 7 में जीत दर्ज करनी होगी. इस स्थिति में चेन्नई सुपर किंग्स के 16 अंक होंगे.  यह एक कठिन लेकिन असंभव काम नहीं है. यदि चेन्नई सुपर किंग्स अपने बाकी के सभी मुकाबले जीतती है तो 18 अंकों के साथ टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है. वैसे 14 अंकों के साथ भी चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर सकती है, लेकिन तब नेट-रनरेट खेल में आएगा. चेन्नई सुपर किंग्स को 14 अंकों तक पहुंचने के लिए बाकी के आठ में से 6 मैच जीतने होंगे. यदि चेन्नई की टीम तीन मुकाबले और गंवाती है तो वो प्लेऑफ की रेस से आउट हो जाएगी. चेन्नई सुपर किंग्स का नेट-रनरेट फिलहाल -1.554 है. बता दें कि पिछले आईपीएल सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 14 अंकों के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया था. पिछले सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुर शुरुआती आठ मैचों में से केवल एक ही जीत पाई थी. लेकिन, उसने अपने आखिरी छह मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बनाई. आईपीएल 2025 की अंकतालिका चेन्नई सुपर किंग्स के बाकी मैचों का शेड्यूल 14 अप्रैल बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ, शाम 7.30 बजे 20 अप्रैल बनाम मुंबई इंडियंस, मुंबई, शाम 7.30 बजे 25 अप्रैल बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 30 अप्रैल बनाम पंजाब किंग्स, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 3 मई बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, बेंगलुरु, शाम 7.30 बजे 7 मई बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता, शाम 7.30 बजे 12 मई बनाम राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई, शाम 7.30 बजे 18 मई बनाम गुजरात टाइटन्स, अहमदाबाद, दोपहर 3.30 बजे चेन्नई vs कोलकाता हेड टू हेड (IPL) कुल मैच: 31 चेन्नई जीता: 19 कोलकाता जीता: 11 बेनतीजा: 1

हाईकोर्ट ने कहा है सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती

रायपुर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती। यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की बेंच ने दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार इसे ‘प्रशासनिक निर्देशों’ के नाम पर भी नहीं ले सकती। कोर्ट ने यह फैसला राजकुमार गोनेकर नाम के एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। पेंशन कोई दान नहीं जस्टिस गुरु ने अपने फैसले में कहा कि ग्रेच्युटी और पेंशन कोई दान नहीं हैं। कर्मचारी इन्हें अपनी लंबी, लगातार, वफादार और बेदाग सेवा से कमाता है। यह एक कर्मचारी का हक है और यह उसकी संपत्ति है। वहीं, जस्टिस गुरु ने संविधान के अनुच्छेद 300-A का हवाला देते हुए कहा कि संपत्ति के इस अधिकार को कानून के उचित प्रक्रिया के बिना नहीं छीना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट का हिस्सा बिना किसी कानूनी प्रावधान के और प्रशासनिक निर्देश के तहत लेने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है। वसूली के आदेश को रद्द कर दिया इसके साथ ही कोर्ट ने यह फैसला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले राजकुमार गोनेकर के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। गोनेकर के वकील ने कोर्ट को बताया कि गोनेकर को 29 मार्च 1990 को सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में 2000 में उन्हें उप निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। हालांकि, ग्रेडेशन लिस्ट में कुछ सुधारों के कारण, उन्हें सहायक निदेशक के पद पर पदावनत कर दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद, उन्होंने उप निदेशक के रूप में काम किया और 31 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हो गए। गबन का लगा था आरोप अपनी सेवा के दौरान, गोनेकर को गबन के आरोप का नोटिस मिला। उन्होंने अपने जवाब में आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कानून के अनुसार काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद, 13 दिसंबर 2018 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 25 जनवरी 2019 को अपना जवाब दाखिल किया और फिर से आरोपों का खंडन किया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि गोनेकर की पेंशन से 9.23 लाख रुपए की वसूली का आदेश इन तथ्यों पर ठीक से विचार किए बिना और उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित किया गया था। राज्य ने इसका विरोध किया और कहा कि प्रक्रिया का पालन किया गया था। राज्य ने यह भी कहा कि गोनेकर का जवाब मिलने और सरकार द्वारा राशि वसूलने की अनुमति दिए जाने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। HC ने कहा कि मूल याचिकाकर्ता, गोनेकर की मृत्यु 20 जून 2024 को हो गई थी। इसके बाद उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को याचिका में शामिल किया गया। राज्यपाल के पास है अधिकार कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 9 का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल के पास पेंशन रोकने या वापस लेने या सरकार को हुए नुकसान की वसूली का आदेश देने का अधिकार है। यह तब हो सकता है जब पेंशनर को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में गंभीर कदाचार या लापरवाही का दोषी पाया जाए। कोर्ट ने पहले के फैसलों का उल्लेख किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन में कटौती करने से पहले सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया था। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करता है। HC ने निष्कर्ष निकाला कि नियम 9 के अनुसार, पेंशन से वसूली का आदेश तभी दिया जा सकता है जब कर्मचारी को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में दोषी पाया जाए। गोनेकर को दोषी पाए जाने का कोई सबूत नहीं था। केवल कारण बताओ नोटिस और उनके जवाब थे। इसलिए, वसूली के आदेश को सही नहीं ठहराया जा सकता। 45 दिनों के भीतर राशि लौटाने के निर्देश कोर्ट ने आदेश दिया कि गोनेकर की पेंशन से काटी गई राशि 45 दिनों के भीतर उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को वापस कर दी जाए।

जबलपुर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए JCTSL का बड़ा फैसला, इन 10 रूट्स पर चलेंगी 100 बसें

जबलपुर  शहरवासियों को जल्दी ही इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलेगी। 10 प्रमुख रूट पर बसों का संचालन होगा। जेसीटीएसएल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर को 100 इलेक्ट्रिक बस मिलने के बाद उनके संचालन की व्यवस्था इस प्रकार होगी कि निर्धारित मार्गों के प्रमुख स्टॉप पर हर पांच मिनट में बस उपलब्ध होगी। इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध कराने के लिए वेंडर तय होने के बाद आइएसबीटी में चॉर्जिग स्टेशन स्थापित करने समेत संचालन की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हैं।  सेंट्रलाइज होगा सिस्टम पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सेंट्रलाइज सिस्टम विकसित करने के लिए आइएसबीटी का एक्सटेंशन किया जाएगा। बसों के संचालन के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने के साथ ही चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया जाएगा। ताकि, बसों को यहां से संचालित करने के साथ समय पर उनकी चार्जिंग भी हो सके। वर्तमान में आइएसबीटी से साढ़े तीन सौ बसों का संचालन हो रहा है। सौ ई-बसों का संचालन शुरू होने पर यहां से संचालित बसों की संया बढ़कर साढ़े तीन सौ हो जाएगी।  36 सीटर होंगी ई-बस पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में जुड़ने वाली एयरकंडीशन इलेक्ट्रिक बस 32-36 सीटर होंगी। पीएम ई-बस योजना के तहत केंद्रीय शासन से नगर सौ इलेक्ट्रिक बस मिलनी हैं। ई-बस निर्माता कंपनी ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से बसों का संचालन करेंगी। इन ऑपरेटर पर ही संचालन से लेकर 12 साल तक मेंटेंनेंस का जिमा होगा। इन मार्गों पर होगा संचालन     तीन पत्ती से रांझी-घाना     तीन पत्ती से गोसलपुर     रेलवे स्टेशन से पनागर     रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट     दीनदयाल चौक से बरेला     दमोहनाका से भेड़ाघाट     त्रिमूर्ति नगर से ग्वारीघाट     रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट वाया सगड़ा     दमोह नाका से मेडिकल     रेलवे स्टेशन से बरगी केंद्र सरकार उपलब्ध कराएंगी बस पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत नगर में ई-बसों का संचालन सार्वजनिक, निजी भागीदारी पद्धति पर किया जाएगा। ये बस केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। निर्धारित अवधि में रखरखाव की जो लागत आएगी, वह भी केंद्र सरकार ही देगी।  प्रदूषण होगा कम विशेषज्ञों के अनुसार शहरवासियों को इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने पर शहरमें प्रदूषण मुक्त पब्लिक यातायात की सुविधा भी सुलभ होगी। शहर में सिटी बस सेवाओं के बुनियादी ढांचे के विस्तार और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है।  70 से ज्यादा बस संचालित शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर केवल मेट्रो बस ही उपलब्ध हैं। वर्तमान में 70 से ज्यादा मेट्रो बस नगर में 14 रूट पर संचालित हैं। सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी जेसीटीएसएल के अनुसार नई बसों की उपलब्धता होने पर नए रूट में बस संचालित की जाएंगी। इससे शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर बनाया जा सके।  यह है स्थिति     100 बस संचालन के लिए आइएसबीटी में बनाई जाएगी जगह     350 बस आइएसबीटी से संचालित     2015 में बनकर तैयार हुआ था     2016 में शुरू हुआ संचालन  इलेक्ट्रिक बस मिलते ही प्रमुख 10 रूट उनका संचालन शुरू किया जाएगा। हालांकि, प्रक्रिया पूरी होने से लेकर बसों का संचालन शुरू होने में छह महीने लगेंगे।     सचिन विश्वकर्मा, सीईओ, जेसीटीएसएल    

महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं, यह उनका अधिकार है :HC

प्रयागराज यदि महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं। यह उनका अधिकार है और पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग मजहबों से ताल्लुक रखने वाले महिला पुरुष के लिव इन में रहने के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत ने यह फैसला महिला और पुरुष के एक साल 4 महीने के बच्चे की अर्जी पर दिया। बच्चे के माता-पिता का धर्म अलग है और दोनों ही 2018 से साथ रह रहे हैं। याचिका में बच्चे की ओर से कहा गया कि मेरी मां संबंधित व्यक्ति के साथ रह रही है क्योंकि उनके पहले पति की मौत हो गई थी। अब वे दोनों साथ हैं और उनसे ही मेरा जन्म हुआ है। ऐसी स्थिति में उनका साथ रहना मेरे लिए जरूरी है। इस पर जस्टिस शेखर सर्राफ और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित की बेंच ने कहा, ‘हमारे विचार से संविधान में जो पैरेंट्स की परिभाषा है, उसके तहत दो वयस्क लोग साथ रह सकते हैं। भले ही उन लोगों की शादी न हुई हो।’ दरअसल याचिका में कहा गया कि महिला और युवक को परेशान किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। इस पर अदालत ने संभल के एसपी को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा बेंच ने कहा कि यदि ये दोनों पुलिस के पास पहुंचते हैं तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। उनके बच्चे को भी जरूरी सिक्योरिटी मिलनी चाहिए। बेंच ने कहा कि पुलिस को हमारे फैसले के अनुसार ही काम करना होगा। दरअसल इस मामले में महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष की ओर से धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कई बार मारने-पीटने का प्रयास भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके अलावा पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ लिव इन और बच्चे का जन्म अर्जी में कहा गया कि पति की मौत के बाद महिला नए रिश्ते में आई और अब लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। इसी रिलेशनशिप के दौरान बच्चे का जन्म हुआ। अब बच्चे के आधार पर ही महिला और पुरुष ने साथ रहने का अधिकार मांगा है। इसके अलावा धमकी देने वालों से सुरक्षा दिलाने की भी गुहार की है। इस मामले में हाई कोर्ट का यह फैसला कई अन्य मसलों के लिए भी नजीर बन सकता है।

न्यू नोएडा के लिए चिह्नित 80 गांवों का मई में ड्रोन सर्वे होगा, किसानों से सहमति पर 15 गांवों की भूमि अधिग्रहण होगी

नोएडा  नोएडा प्राधिकरण ‘न्‍यू नोएडा’ नाम से एक नया शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसाया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। चयनित कंपनी को 10 दिन के भीतर सर्वे से संबंधित प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष पेश करना होगा। डेटा का सत्यापन और अवैध निर्माण की पहचान ड्रोन सर्वे में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है, उन्हें PPT के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों की तुलना अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज से की जाएगी, जिससे अवैध निर्माण की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर निर्माण तोड़ा जाएगा। अधिसूचना और नियम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार, अक्टूबर 2024 में शासन की ओर से DNGIR को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इस संबंध में 20 अप्रैल के बाद एक बैठक होगी, जिसमें ड्रोन सर्वे कंपनी को बिंदुओं और सुझावों के आधार पर निर्देश दिए जाएंगे। मई में सर्वे शुरू होगा और 10 से 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसानों से सहमति और मुआवजा न्‍यू नोएडा के पहले चरण में 15 गांवों की जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। मुआवजे की दर पर चर्चा हुई है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली बैठक में दर तय की जाएगी। कुल 80 गांवों में लगभग 16 हजार किसान परिवारों से बातचीत होगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ड्रोन सर्वे में ये बिंदु शामिल होंगे:     बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांवों का सर्वे     खसरा नंबर के अनुसार जमीन की जांच     खाली और निर्मित भूमि की पहचान     सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की जानकारी भूमि अधिग्रहण चार चरणों में होगा     2023–2027: 3165 हेक्टेयर     2027–2032: 3798 हेक्टेयर     2032–2037: 5908 हेक्टेयर     2037–2041: 8230 हेक्टेयर

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