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इंदौर पश्चिमी रिंग रोड के लिए जमीन सर्वे का काम शुरू,किसानों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

इंदौर  प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद पश्चिमी रिंग रोड(Paschimi Ring Road Indore) में आने वाली निजी जमीन का सर्वे कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले हातोद तहसील में शुरू हुआ सर्वे का काम गुरुवार को पूरा हो गया। तीन दिनों में तहसील के 12 गांवों की 164.8870 हेक्टेयर निजी जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब देपालपुर और सांवेर तहसील के 14 गांवों की 307.1829 हेक्टेयर जमीन का सर्वे कार्य किया जाएगा। इंदौर जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा पश्चिम रिंग रोड बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनने वाली 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड में अब किसानों को नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। इस पर सहमति बनने के बाद सर्वे हो रहा है। हातोद के गांवों से गुजरेगी सड़क मंगलवार से हातोद तहसील में सर्वे शुरू किया गया था। सड़क में आने वाली 158.1178 हेक्टेयर और 6.7692 हेक्टेयर अतिरिक्त निजी जमीन का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया। हातोद तहसील के 12 गांवों की 174.3415 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजर रही है। इसमें 164.8870 हेक्टेयर निजी और 9.4545 हेक्टेयर शासकीय जमीन है। शासकीय जमीन का सर्वे पहले पूरा हो चुका है। अब एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) द्वारा निजी जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। 472 हेक्टेयर निजी जमीन का होगा सर्वे पश्चिम रिंग रोड इंदौर जिले की तीन तहसीलों की 570.5678 हेक्टेयर जमीन से गुजर रहा है। इसमें 472.0699 हेक्टेयर निजी और 98.1829 शासकीय जमीन आ रही है। एक साल से निजी जमीन के सर्वे का काम रुका हुआ था, लेकिन अब सर्वे किया जा रहा है। 998 किसानों की जमीनें पश्चिमी रिंग रोड तीन तहसील के 26 गांवों से गुजर रही है। इन गांवों के 998 किसानों की जमीनें सड़क में आ रही हैं। इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है। सबसे अधिक 512 किसान सांवेर तहसील के हैं। वहीं 333 हातोद और 153 किसान देपालपुर तहसील के हैं। सर्वे का काम पूरा किया गया     हातोद तहसील में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। तीन दिन में 12 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन के सर्वे का काम पूरा किया गया। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। – रवि वर्मा, एसडीएम हातोद  

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2024-25 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर अधिक

नई दिल्ली वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उभरते व्यापार परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल द्वारा निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में ये आंकड़े सामने आए। बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय उद्योग मंत्री गोयल ने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजरायल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की। उन्होंने निर्यातकों के प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में सीआईएम गोयल ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी। वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जो फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में बीटीए पर सहमत होने वाले पहले वैश्विक नेताओं में से एक थे। पीयूष गोयल ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है और ऐसे समाधान तलाश रहा है जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हों। केंद्रीय उद्योग मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, जहां तक ​​भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है। इसके अलावा, बैठक में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

12 अप्रैल को करणी सेना आगरा में मनाएगी राणा सांगा जयंती, 1000 नई लाठियां, 1200 हेलमेट पुलिस कर रही तगड़ी तैयारी

आगरा बीते दिनों आगरा शहर रण क्षेत्र बन गया था। राणा सांगा को लेकर विवादित बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के घर प्रदर्शन करते हुए करणी सेना के कार्यकर्ता पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस से भिड़ंत भी हुई थी। अब एक बार फिर से मामला तूल पकड़ रहा है क्योंकि करणी सेना ने 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया है। पुलिस ने कमर कस ली है और एक हजार नए डंडे मंगवाए गए हैं। पुलिस ने दंगा रिहर्सल भी किया है।राणा सांगा जयंती के मौके पर आगरा में करणी सेना ने बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया है। कल यानि 12 अप्रैल को आगरा के घड़ी रामी में होने वाले कार्यक्रम में 3 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। करणी सेना ने सबको ‘एक झंडा-एक डंडा’ लाने को कहा है।  दरअसल, 12 अप्रैल शनिवार को राणा सांगा की जयंती पर करणी सेना ने कार्यक्रम का आयोजन किया है। ऐसी खबर है कि पुलिस इस कार्यक्रम से जुड़े मुख्य लोगों को ‘हाउस अरेस्ट’ करने की तैयारी में है। आगरा पुलिस ने 1 हजार नए डंडे मंगवाए हैं और साथ में 1200 हेलमेट भी। अनुमान है कि 3 लाख लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। करणी सेना ने सबको ‘एक झंडा–एक डंडा’ लाने को कहा है। पुलिस भी पूरी तरह तैयार है। करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोगों ने आगरा के गांव रामी गढ़ी में भूमि पूजन किया। यहां टेंट लगाने का भी काम चल रहा है। यह माना जा रहा है कि करणी सेना के कार्यक्रम में करीब 3 लाख लोग पहुंच सकते हैं। यह कार्यक्रम सनातन हिंदू महासभा के बैनर तले हो रहा है। 12 अप्रैल को दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम चलेगा। यह कोई राजनीतिक मंच नहीं होगा। मंच पर केवल राणा सांगा की प्रतिमा होगी। इसमें करणी योद्धाओं का सम्मान किया जाएगा। लोहे की जालियों से लैस की गईं पुलिस की गाड़ियां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की गाड़ियों पर लोहे की जालियां भी लगाई जा रही हैं, ताकि किसी भी संभावित पथराव या हमले की स्थिति से निपटा जा सके. वहीं, जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है. भारी पुलिस बल की तैनाती करणी सेना के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की पूरी रणनीति बना ली है. एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), आठ कंपनियां पीएसी (PAC) और सैकड़ों पुलिसकर्मी व अधिकारी जनसभा स्थल से लेकर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर तक तैनात रहेंगे. पुलिस की कोशिश है कि किसी भी कीमत पर माहौल न बिगड़ने पाए. नोटिस दी जा रही आगरा पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल सीपी संजीव त्यागी ने मीडिया को बताया कि जो लोग समाज में हिंसा या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर कानून की नजर पहले से है. ऐसे लोगों को नोटिस थमा दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. पुलिस केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है. जिन लोगों द्वारा भड़काऊ, हिंसात्मक या समाज को बांटने वाली पोस्ट की जा रही हैं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है. अब तक 1300 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. पुलिस की डिजिटल टीम लगातार पोस्ट्स की मॉनिटरिंग कर रही है. क्या है पूरा विवाद दरअसल, राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा दिए गए एक विवादित बयान को लेकर क्षत्रिय करणी सेना में जबरदस्त आक्रोश है. कुछ दिन पहले करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद सुमन के आगरा स्थित घर पर प्रदर्शन भी किया था, जिसमें पुलिस से झड़प भी हुई थी. अब करणी सेना ने इस पूरे मुद्दे को लेकर राणा सांगा की जयंती पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है. जनसभा की तैयारियां जोरों पर आगरा जिले के गढ़ी रामी गांव में 12 अप्रैल को होने वाली इस जनसभा के लिए करीब 50 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल के खेत खाली कराए गए हैं. करणी सेना के पदाधिकारियों का दावा है कि इस सभा में लाखों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. गांव-गांव, कस्बा-कस्बा बैठकों के जरिए लोगों को जोड़ा जा रहा है. करणी सेना की मांगें करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने प्रशासन को साफ संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो अगला कदम वे खुद उठाएंगे. उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: – सांसद रामजीलाल सुमन की राज्यसभा सदस्यता समाप्त की जाए. – उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए. – करणी सेना कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस वापस लिए जाएं. – सांसद और उनके पुत्र की संपत्तियों की जांच कराई जाए- – सांसद को समाजवादी पार्टी से निकाला जाए. प्रशासन का दो टूक संदेश पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. जनसभा शांतिपूर्ण हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार है. साथ ही तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि कोई भी शरारती तत्व माहौल खराब न कर सके. पुलिस ने कार्यक्रम की इजाजत दे दी है। हालांकि पुलिस इस कार्यक्रम को लेकर अलर्ट मोड पर है और 3 लेयर के सिक्योरिटी प्लान को तैयार किया है। पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था और लॉ एंड आर्डर के मद्देनजर 1200 हेलमेट, 1000 डंडे और बॉडी प्रोटेक्टर भी मंगवाएं हैं। कार्यक्रम को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। आयोजकों का कहना है कि पूरे देश में करणी सेना और अन्य संगठन जनसंपर्क में जुटे हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को आमंत्रित कर पीले चावल दिए जा रहे हैं। सबको एक झंडा, एक डंडा लाने के लिए कहा गया है। हालांकि कई सोशल मीडिया अकाउंट से डंडा, भाला, तलवार और लाइसेंसी हथियार लाने की अपील तक की जा रही है। पुलिस की तरफ से भड़काऊ पोस्ट डालने वालों की पहचान की गई है। सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। कई अकाउंट ब्लॉक कराए गए हैं।

ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महान शिक्षाविद् समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने नारी शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए अलख जगाई। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार राजस्थान को कृषक-कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। शर्मा शुक्रवार को मुहाना मंडी परिसर में ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ज्योतिबा फुले जी ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी, अंधेरे में प्रकाश का दीप जलाया और उत्पीड़ित वर्गों को सम्मान व समानता का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी सोच केवल एक समय की नहीं थी, बल्कि वह विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में जगाई अलख मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से ही अज्ञानता के अंधेरे को मिटाया जा सकता है और समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्योतिबा ने शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाते हुए अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में इतिहास में दर्ज हुईं। श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में फैली जातिगत असमानता को दूर करने, सत्य की खोज और मानवता की सेवा का संदेश दिया। गरीब, युवा, महिला और किसान का उत्थान हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आधार मानकर चार जातियां- गरीब, युवा, महिला और किसानों का उत्थान सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार ने इसी बजट में 5 हजार गांवों को बीपीएल मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में पारदर्शिता तथा पेपरलीक के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई से युवाओं को राहत दी गई है। हम किसानों को पानी, ऋण वितरण तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने जो भी वादे किए हैं हम उनको पूरा करेंगे। अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने लिए कई निर्णय मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने फल-सब्जी व्यापारियों और बागवानी करने वाले किसानों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में नई कृषि मंडियों की स्थापना से किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और स्थानीय स्तर पर विपणन की सुविधा देने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही, जयपुर के जमवारामगढ़ में फूल मंडी, जहाजपुर और शाहपुरा नगर पालिका में फल एवं सब्जी मंडी सहित राज्यभर में विभिन्न मंडियों का निर्माण, प्याज भंडारण संरचना निर्माण हेतु 2,500 किसानों को 22 करोड़ रुपये की सब्सिडी, 3 हजार प्याज भंडारगृहों के निर्माण हेतु 26 करोड़ रुपये का अनुदान सहित विभिन्न कार्य राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी रूप से बना रहे सशक्त शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल मंडियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम किसानों को तकनीकी रूप से भी सशक्त बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की क्षमता वृद्धि और ज्ञानवर्धन के लिए नॉलेज प्रोग्राम के तहत प्रथम चरण में 100 प्रगतिशील युवा किसानों को इजरायल सहित अन्य देशों में और 5 हजार युवाओं को भारत के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 एग्रो क्लाइमेटिक जोन में 2-2 क्लस्टर विकसित करना, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या को बढ़ाकर 18 करने जैसे कार्याें से राज्य सरकार किसानों को कौशल प्रशिक्षण देकर तकनीकी रूप से उन्नत कर रही है।

‘झरिया’ एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर अटल नगर के पचेड़ा में ‘झरिया’ एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया। इस प्लांट का संचालन पचेड़ा, अभनपुर के शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने समूह की दीदियों से बातचीत की और एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट संबंधी जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर प्लांट के एल्कलाइन पेयजल का स्वाद भी चखा और कहा कि एल्कलाइन जल शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट के संचालन को मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को ऑनलाइन एल्कलाइन पेयजल की मांग करने की सुविधा देगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त सहयोग से इस प्लांट की स्थापना की गई है। इस प्लांट में समूह की दस महिलाएं प्लांट का संचालन कर रही हैं। बिहान टीम द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित कर उन्हें आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह प्लांट पूर्णतः आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं। संयंत्र में नवीनतम मशीनों से युक्त दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जो जल की शुद्धता और एल्कलाइन स्तर की निरंतर जांच एवं नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं। इस संयंत्र से रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता युक्त एल्कलाइन जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इस प्लांट में बिहान की लगभग 10 महिलाएं सतत स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें ‘लखपती दीदी’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।  एल्कलाइन पानी के सेवन से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है।एल्कलाइन पानी से हाइड्रेशन बेहतर होता है, वजन नियंत्रित रहता है, हड्डियाँ मजबूत होती हैं और शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। इसके साथ ही यह त्वचा की सेहत में सुधार लाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है। समूह की दीदियों ने बताया कि इस संयंत्र से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की काँच की बोतलों में आपूर्ति की जाएगी। काँच की बोतलों से ड्रिंकिंग वॉटर आपूर्ति से प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा और प्लास्टिक जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, नवा रायपुर क्षेत्र को ‘नो प्लास्टिक जोन’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल होगी। यह पैकेज्ड ड्रिंकिंग पेयजल की आपूर्ति सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में माँग अनुसार की जाएगी। समूह की अध्यक्ष पूनम बारले ने मुख्यमंत्री साय को  बताया कि आज पहले दिन ही उन्हें भारतीय प्रबंध संस्थान नवा रायपुर से 200 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की माँग प्राप्त हुई है, जिसे समूह की महिलाएं स्वयं ई-रिक्शा के माध्यम से पहुँचा रही हैं। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, आरंग विधायक खुशवंत साहेब, उद्योग सचिव रजत कुमार, एनआरडीए सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल तथा सीईओ जिला पंचायत कुमार विश्वरंजन उपस्थित थे।

पीएम मोदी मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की

अशोक नगर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम में गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर गरीब ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ से खाने की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब और बुजुर्ग ‘आयुष्मान योजना’ के कारण इलाज की चिंता से मुक्त है, आज हर गरीब ‘पीएम आवास योजना’ के कारण अपने पक्के घर की चिंता से मुक्त हो रहा है, आज ‘जल जीवन योजना’ के कारण गांव-गांव में पानी की समस्या का समाधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में रिकॉर्ड संख्या में नए एम्स, आईआईटी और आईआईएम खुल रहे हैं। गरीब से गरीब वर्ग के बच्चे के सपने साकार हो पा रहे हैं। हमारा पर्यावरण स्वच्छ हो, प्राकृतिक संरक्षित रहे, इसके लिए सरकार ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान भी शुरू किया है। आज इस अभियान के तहत देश में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। देश इतने बड़े स्तर पर इतना कुछ कर पा रहा है, इसके पीछे हमारा सेवाभाव ही है। गरीब और वंचित के उत्थान का संकल्प ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र, सेवा की यह भावना, आज सरकार की नीति भी है और निष्ठा भी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया हो, जहां परमार्थ एक परंपरा बन चुका हो, जहां सेवा के संकल्प मानवता के कल्याण का पथ प्रशस्त करते हों, वह धरती साधारण नहीं है। इसी कारण हमारे संतों ने अशोक नगर के बारे में कहा था कि यहां शोक आने से डरता है। मुझे खुशी है कि आज यहां बैसाखी और श्री गुरु महाराज जी के अवतरण दिवस के उत्सव में मुझे शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा भारत ऋषियों, मनीषियों और संतों की धरती है। जब-जब हमारा भारत, हमारा समाज, किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, कोई न कोई ऋषि, मनीषी इस धरती पर अवतरित होकर समाज को नई दिशा देता है। हम पूज्य स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज के जीवन में भी इसकी झलक देख सकते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि एक समय था, जब आदि शंकराचार्य जैसे आचार्यों ने अद्वैत दर्शन के गहरे ज्ञान की व्याख्या की थी। गुलामी के कालखंड में समाज इस ज्ञान को भूलने लगा। लेकिन, उसी कालखंड में ऐसे ऋषि-मुनि भी आए, जिन्होंने अद्वैत विचार से राष्ट्र की आत्मा को झकझोरा। इसी परंपरा में पूज्य अद्वैतानंद जी महाराज ने भारत के जन सामान्य तक इसे पहुंचाने का बीड़ा उठाया। महाराज जी ने अद्वैत के ज्ञान को हम सभी के लिए और सरल बनाया, उसे सामान्य मानव के लिए और सुलभ कर दिया।

543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने निर्देश

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय खाद्य, सुरक्षा अधिनियम के पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 543.31 लाख पात्र हितग्राहियों में से शेष 108.27 लाख हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश भारत सरकार द्वारा प्राप्त हुए हैं। समय-सीमा में समस्त पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी न होने पर हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिये समस्त पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश में ई-केवायसी कराने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में ई-केवायसी से शेष रह गये सभी पात्र हितग्राहियों की सूची पीओएस मशीन, स्थानीय निकाय, जेएसओ लॉगिन पर उपलब्ध कराई गयी है। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के स्थानीय अमले का सहयोग लिया जा रहा है। कैंप लगाकर करायी जाएगी ई-केवायसी खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि अभियान में हितग्राहियों की ई-केवायसी ग्रामवार एवं मुहल्लेवार कैंप लगाकर की जाये। ई केवायसी करने गठित दलों को ग्राम अथवा मोहल्ले की सभी हितग्राहियों की ई-केवायसी करने के बाद ही अन्य ग्राम या मोहल्ले में कैंप आयोजित किये जाये। ई-केवायसी के दौरान परिवार के किसी सदस्य की मुत्यु होने, स्थायी रूप से प्रवास पर जाने एवं डुप्लीकेट होने पर एम राशन मित्र पोर्टल पर स्थानीय निकाय के लॉगिन से विलोपन हेतु प्रविष्टि की जाएगी। सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को जारी हुये निर्देश राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शामिल पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी 9 से 30 अप्रैल तक जिलावार पूर्ण कराने के लिये खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को ई-केवायसी कार्य को गंभीरता से तिथिवार पूर्ण कराने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों की संख्या के अनुसार जिलों हेतु निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में शत्-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी पूर्ण कराये जाये। उन्होंने अफसरों को ई-केवायसी कार्य के जागरूकता के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये हैं।  

कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान :मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी और मिनी भारत के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा जिले का प्राकृतिक खनिज संसाधनों की उपलब्धता के कारण अपनी विशिष्ठ पहचान है। इसी कोरबा जिले के ग्राम कोहड़िया (चारपारा) में जन्मे प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन दोनों विभागों का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री देवांगन का सार्वजनिक जीवन उतार-चढ़ाव के संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा। वे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे। देवांगन वर्ष 1999 में प्रथम बार कोरबा नगर निगम के पार्षद पद पर निर्वाचित हुए। इसके पश्चात वे 2004 में नगर निगम कोरबा के महापौर चुने गए। वर्ष 2013 में देवांगन कटघोरा विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीगसढ़ शासन में उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कोरबा विधानसभा सीट से विधायक के रूप में विजयी हुए।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी काबिलयत को देखते हुए ऊर्जा एवं श्रम विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। जिसका वे कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा प्रदेश के नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू की गई है। इसके उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा भारत की राजधानी नई दिल्ली के अलावा मुम्बई एवं बैंगलुरू में इन्वेस्टर कनेक्ट मीटिंग का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने नई औद्योगिक नीति से प्रभावित होकर छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की मंशा जाहिर की है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बीते माह मार्च में बैंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में इंजीनिरिंग टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, आईटी/आईटीईस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल क्षेत्रों के कई बड़ी कंपनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी सोच है कि राष्ट्र के युवाओं के हाथों में अधिक से अधिक काम मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवा साल के भीतर प्रदेश सरकार द्वारा द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश मिला। सरकार के प्रति लोगों का विश्वास कायम हुआ। प्रदेश में अब ट्रिपल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। इससे छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास होगा। विष्णु देव की सरकार के एक साल के भीतर किसानों भाईयों के खाते में 52 हजार करोड़ रूपए अंतरित कर उन्हें उत्साह से भर दिया है। धान खरीदी समाप्त होने के एक सप्ताह भीतर किसानों को भुगतान कर दिया गया है। इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं। इसका शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रेक्टर आदि की बिक्री ने रिकॉर्ड आकड़ा छू लिया है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का उद्योग एवं व्यापार भी बढ़ेगा। प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल पर एक बार आवेदन से ही सभी विभागों का क्लीयरेंस मिलेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का गठन हुए 16 महीने होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार हो गई है। इसे प्रदेश का तेजी से विकास होगा। छोटे और मध्यम उद्योग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा का स्त्रोत है। प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य का निर्माण कैसे होगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है। उद्योग मंत्री देवांगन का मानना है कि उद्योग और श्रम विभाग का परस्पर संबंध है। बिना श्रमिकों के उद्योग, धंधे सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकते। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 600 बड़ी कंपनियां संचालित है, जिसमें से हाल ही में राज्य की 6 इकाईयां क्रमशः वासु लॉजिस्टिक लिमि, जैनम फेयरो एलोएस लिमि. के. एन. एग्री रिर्साेसेस लिमि., अर्हम टेक्नालॉजिस लिमि., चमन मेटालिक्स लिमि. एवं एटमास्टको लिमि. एन.एस.ई. में सूचीबद्ध हुई है, जबकि देश में लगभग 2512 कंपनियां एन.एस.ई. में रजिस्टर्ड है, जिनकी कुल बाजार पूंजी 464.38 लाख करोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई की आगामी वर्षों में देश की कुल बाजार पूंजी में छत्तीसगढ़ का भी योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। आगे भी इस तरह के सेमीनारों का आयोजन होगा। राज्य के निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा। उद्योग विभाग के समन्वय से प्रदेश में बीते जुलाई माह में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार में स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को शेयर मार्केट के माध्यम से निवेश प्राप्त करने हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। स्थानीय कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आईपीओ जारी करने और निवेश प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में यह आयोजन काफी मददगार साबित हुआ। इस सेमीनार में निवेश के इच्छुक उद्योग और कंपनियों को उनके एनएसई रजिस्ट्रेशन, हैंड हैंडलिंग, तकनीकी गाईड करना, उनका डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने संबंधी सारी प्रक्रिया की बेसिक जानकारी दी गई। श्रम का दायित्व निभा रहे लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। श्रम मंत्री देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे भी समाज के अन्य वर्गों के बच्चों की तरह उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले इस दिशा में श्रम विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु देव की सरकार में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा।

मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया

भोपाल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है कि हर विद्यार्थी और पंजीकृत फार्मासिस्ट को बिना किसी विलंब के डिजिटल, सुलभ और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हों। राज्य मंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल, भोपाल कार्यालय का दौरा कर पंजीकरण प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के लिए प्राप्त किए सुझाव राज्य मंत्री पटेल ने काउंसिल के अधिकारियों एवं स्टॉफ से संवाद कर पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम, पारदर्शी एवं छात्र हितैषी बनाने के संबंध में आवश्यक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने तकनीकी माध्यमों से प्रक्रिया को त्वरित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में फार्मेसी के किसी भी छात्र एवं अभ्यर्थी को पंजीकरण में अनावश्यक परेशानी न हो और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संचालित हों इसके लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य शिक्षा और पंजीकरण से जुड़ी संस्थाओं में निरंतर सुधार और नवाचार के माध्यम से ही छात्र हितों की रक्षा की जा सकती है। फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार श्रीमती माया अवस्थी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

कोलकाता को ठप करने 50 जगहों पर 2000 लोगों को इकट्ठा करके ट्रैफिक जाम की है हमारी योजना : मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस और मुस्लिम संगठन पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में टीएमसी नेता और मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कोलकाता के रामलीला मैदान में जमीयत-ए-उलेमा हिंद की पश्चिम बंगाल यूनिट द्वारा आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित किया. वक्फ कानून में संशोधन को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए ममता बनर्जी सरकार के मंत्री ने कोलकाता में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम करने की धमकी दी. सभा को संबोधित करते हुए सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि अगर वह चाहें तो चक्का जाम करके कोलकाता को ठप कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर हम कोलकाता को ठप करना चाहें तो आसानी से 50 जगहों पर 2000 लोगों को इकट्ठा करके ट्रैफिक जाम करवा सकते हैं. अभी तक हमने ऐसा नहीं किया है, लेकिन लेकिन हम ऐसा करने की योजना बना रहे हैं. हमारी रणनीति जिलों से शुरू करने की है और फिर कोलकाता में 50 जगहों पर 10-10 हजार लोगों को तैनात करेंगे. उन्हें कुछ नहीं करना होगा, वे आएंगे, बैठेंगे और मुरमुरे, गुड़ और मिठाई खाएंगे.’ सिद्दीकुल्ला चौधरी के इस बयान का यह वीडियो भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर शेयर किया है. पूर्वी बर्धमान के मंगलकोट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक सिद्दीकुल्ला ने आरएसएस और भाजपा पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के तहत मुसलमान खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. अपने भाषण में सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने आगे कहा कि उन्हें सीएम का फोन आया था जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि वक्फ संशोधन अधिनियम पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे तब तक आंदोलन जारी रखें जब तक केंद्र इसे वापस नहीं ले लेता. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा से दूर रहने को कहा. सिद्दीकुल्लाह चौधरी पिछले कई दिनों से राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि इस कानून के खिलाफ एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा. राज्य के लाइब्रेरी मंत्री होने के अलावा सिद्दीकुल्लाह जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं.  

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ, लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के सहयोग से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है। ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अमले को तैयारियों के लिए जारी किये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के समय में सभी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि सभी नागरिक सावधानियों का अवश्य पालन करें। प्रबंध संचालक, एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों और जागरूकता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश को जिला व स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन पर चर्चा कर संबंधित विभाग प्रमुखों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इससे अधिक तापमान से होने वाली बीमारियों व अवांक्षित घटनाओं को रोका जा सकेगा। क्या करें हाइड्रेटेड रहना है जरूरी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। इससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। यात्रा करते समय पानी अवश्य साथ रखें। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, फलों के रस (थोड़ा नमक मिलाकर) जैसे घरेलू पेय का सेवन लाभकारी होता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा जैसी मौसमी फल-सब्ज़ियों का सेवन शरीर में तरलता बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर को ढँककर रखें धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढँकना बेहद जरूरी है। हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि गर्मी से राहत मिल सके। सिर को टोपी, छतरी, गमछा या पारंपरिक उपायों से ढकना चाहिए। नंगे पांव धूप में जाना भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है। घर को ठंडा और सुरक्षित बनाएँ जहाँ तक हो सके, दोपहर के समय घर के अंदर या छांव में रहें। घर में ठंडी हवा का संचार बना रहे, इसके लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें और रात में उन्हें खोल दें। बाहर जाना जरूरी हो, तो सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जाएं। गर्मी के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें। दिन में निचली मंजिल पर रहना ज्यादा सुरक्षित होता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए पंखा, ठंडा पानी, गीले कपड़े, या 20°C के पानी में पैरों को डुबोना सहायक होता है। विशेष ध्यान देने योग्य संवेदनशील वर्ग छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मानसिक या शारीरिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और बाहर कार्य करने वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। इन लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश में आने वाले लोगों को अपने शरीर को नई जलवायु के अनुसार ढालने के लिए समय देना चाहिए। मौसम की जानकारी रखें रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों या भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) से मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें। मौसम की पूर्व चेतावनियों को गंभीरता से लें और उसी अनुसार अपने कार्यक्रम बनाएं। बचाव के लिए ये गलतियां न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें। इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है। भारी कामकाज या शारीरिक मेहनत भी टालें। नंगे पांव बाहर न निकलें। गर्मी में खाना पकाते समय रसोई में वेंटिलेशन रखें। शराब, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, या अधिक मीठे पेयों से बचें, ये शरीर से तरलता कम करते हैं। बासी और भारी प्रोटीन युक्त भोजन न करें। किसी भी परिस्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश काम की जगह पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य है और हर 20 मिनट में पानी पीने की सलाह दी जाए। काम को सुबह-शाम के समय शेड्यूल करें। छांव की व्यवस्था करें और कार्य के बीच पर्याप्त आराम दें। नए श्रमिकों के लिए कार्य का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि वे मौसम के अनुसार ढल सकें। श्रमिकों को गर्मी से संबंधित लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दें। ‘बडी सिस्टम’ अपनाएं और प्रशिक्षित फर्स्ट एड कर्मियों की व्यवस्था करें। गर्भवती या बीमार श्रमिकों के लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी खेलों या धार्मिक आयोजनों जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण हीट रिले़टेड इलनेस (एचआरआई) की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य है। उपस्थित लोगों को लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियां और लक्षण अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस, हीट रैश, हाथ-पांव सूजना, मांसपेशियों की ऐंठन, चक्कर आना, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे दिल, फेफड़े, किडनी जैसी पुरानी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। लक्षणों में चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज्यादा प्यास, गाढ़ा पेशाब, तेज़ सांस और दिल की धड़कन शामिल हैं। मांसपेशियों की ऐंठन होने पर तुरंत ठंडे स्थान पर आराम करें और ओआरएस पिएं। एक घंटे से अधिक ऐंठन रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। हीट स्ट्रोक: जानलेवा स्थिति हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो सकता है और व्यक्ति बेहोश, भ्रमित या चिड़चिड़ा हो सकता है। त्वचा लाल, गर्म और सूखी हो जाती है। बच्चों में संकेत: दूध न पीना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम होना, आंखों का धंसना, सुस्ती या झटका आना, शरीर से खून आना आदि। तुरंत क्या करें 108 या 102 पर कॉल करें। व्यक्ति को ठंडी जगह ले … Read more

मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब तकनीकी उत्कृष्टता का है श्रेष्ठ उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने डॉ. निधिपति सिंघानिया को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल से ही आर्किटेक्ट्स का विशेष महत्व रहा है। राजा भोज स्वयं बड़े वास्तुकार थे। भोपाल ताल सहित प्राचीन स्थापत्य के कई उदाहरण भोपाल और इसके आसपास विद्यमान है। भोपाल का ताल मूलतः बांध है। एक हजार साल पहले बनी है यह अद्भुत और बेमिसाल संरचना आज भी सामयिक और बड़ी आबादी के लिए उपयोगी है। मितव्ययता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ निर्मित यह संरचना, प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिस पर आज भी विचार प्रासंगिक है। इस दृष्टि से भोपाल में हो रहा आर्किटेक्ट्स सम्मेलन विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुशिल्प नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वास्तुकला उत्कृष्टता में विरासत को समाहित करने के लिए डॉ. निधिपति सिंघानिया को भारतीय वास्तुकार संस्थान (आईआईए) फैलोशिप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्किटेक्ट्स को विश्वकर्मा बंधु संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर वास्तुकला और पूजा पद्धतियों में कई रहस्य विद्यमान हैं। भस्म आरती जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा को संक्षिप्त रूप में दिखाने का प्रकल्प है। राजा भोज द्वारा बनवाया गया भोजपुर मंदिर और उनके बड़े भाई राजा मुंज द्वारा मांडव में बनाई गई संरचनाएं तत्कालीन उत्कृष्ट वास्तु शिल्प का उदाहरण है। उत्कृष्ट तकनीक के ये प्रतीक हमारी संस्कृति पर गौरव और आत्म सम्मान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज कई विधाओं के विशेषज्ञ थे, उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तक भी लिखी। उनकी राजधानी उज्जैन थी लेकिन उत्तर की ओर से हो रहे आक्रमणों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजा भोज ने अपनी राजधानी को मांडव में स्थापित किया और वहां उत्कृष्ट जल संरचनाओं का भी निर्माण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौर में मध्यप्रदेश बदल रहा है, प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, जन सामान्य का आत्मीय व्यवहार, सड़क-बिजली-पानी जैसी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य बनाती हैं। व्यवसायियों और उद्योगपतियों को कार्य में परेशानी ना आए इस उद्देश्य से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ सेक्टर विशेष पर केंद्रित नीतियां लागू की गई है। प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी भी तेजी से विकसित हो रही हैं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों से आसपास के पांच जिलों को जोड़कर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन विकसित करने की कल्पना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि है कि संस्था “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” वर्ष 1917 में स्थापित हुई, इसका मुख्यालय मुम्बई में है। देश के वास्तुविदो को संगठित कर वास्तु कला को बढ़ावा देने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। वास्तु कला और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यह संस्था निरंतर समन्वय और सम्पर्क में रहती है। संस्था के सम्मेलन को भारत के सबसे बड़ा वास्तु कला उत्सव के रूप में देखा जाता है।  

मुख्यमंत्री साय बोले- नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

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