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मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सहभागिता कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को गुना जिले की ग्राम पंचायत पुरैनी अंतर्गत ग्राम कंजा में स्थित कूनो नदी के उद्गम स्थल पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सहभागिता कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा निकाली। मंत्री श्री पटेल ने सभी बालिकाओं का तिलक कर उनके चरण स्पर्श किए। इसके बाद उन्होंने कूनो नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद करते हुए इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। उद्गम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन एवं भूमि-पूजन किया गया। आवन गुरुकुल के आचार्य एवं छात्रों ने मंत्रोच्चार किया। कार्यक्रम में गुना विधायक श्री पन्नालाल शाक्य सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे। पौधरोपण के लिए समर्पित दृष्टिकोण रखें मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नदियां सदियों से समाज की जल आवश्यकताओं को पूरा करती आ रही हैं। उन्होंने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो भू-जल स्तर बनाए रखने में सहायक हों। उन्होंने पौधरोपण के लिए तीन प्रमुख बातों पर बल दिया। उपयुक्त स्थान का चयन पौधों की तार फेंसिंग द्वारा सुरक्षा एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना। मंत्री श्री पटेल ने कलेक्टर श्री कन्याल को कहा कि, ऐसी शासकीय भूमि का चयन किया जाए जहाँ पौधे सुरक्षित रूप से पनप सकें और एक दिन विशाल वृक्ष बन सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिये आवश्यक सभी सहयोग उनकी ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी को मिला प्रोत्साहन मंत्री श्री पटेल ने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा उत्पादों की खरीदारी की गई, जिससे समूहों को आर्थिक प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत के फायर फाइटर टैंकर की कार्यक्षमता का प्रदर्शन और उपयोगिता बताई गई।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अटल जी का देश के कायाकल्प का स्वप्न हो रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 5800 करोड़ रूपए की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं संबद्ध अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। यहां तेजी से विकास हो रहा है। सबको सुखी, समृद्ध और सशक्त बनाने का विजन लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़ी तेजी से प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्ग सिर्फ एक मार्ग नहीं, यह जन-जन का जीवन बदलने वाले प्रगति पथ होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों में हम देश की अधोसंरचना में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी भी होगी। म.प्र. में विकास की ललक दिखाई देती है, इसलिए हम इसे देश के विकास का सबसे बड़ा अंशभागी राज्य बनायेंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में हम मध्यप्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अमेरिका से अच्छा और सुंदर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम देश में तीन लाख करोड़ रूपए से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्य पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश के विकास के लिए 4 प्रमुख संसाधनों जल, ऊर्जा, परिवहन और अधोसंरचनात्मक विकास की जरूरत होती है और उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश इन चारों संसाधनों के विकास पर तेजी से बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर की 6 नई परियोजनाएं मंजूर केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर मंच से ही केन्द्रीय सड़क निधि से 12 हजार करोड़ रूपए लागत से 400 कि.मी. लंबाई 6 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रूपए की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित किए जाने वाले 5 नए ग्रीनफील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर निर्माण कार्य, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरीडोर, सेतु एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी देते हुए इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा भी घोषित की। राजमार्ग होते हैं हैप्पीनेस लाने वाले हाइवे केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र का विकास होगा। युवाओं को रोजगारमिलेगा, गरीबी दूर होगी। किसानों की फसल को अच्छा दाम मिलेगा। रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग हैप्पीनेस लाने वाले हाई-वे होते हैं। हम मध्यप्रदेश के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, ताकि यहां सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य उपचार और विकास का लाभ मिले। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में मिलेगी भरपूर मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में अमृतकाल चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश का कायाकल्प करने का जो स्वप्न देखा था, प्रधानमंत्री श्री मोदी अटल जी के उसी स्वप्न को साकार करने की दिशा में अनथक गति से अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि इसी अमृतकाल में हमारा देश, विश्व का सबसे अच्छा देश बनकर उभरेगा। सड़कें विकास का सहज पैमाना होती है। इसलिए गांव-गांव तक रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर हम मध्यप्रदेश की जनता की जिन्दगी में बदलाव लाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर गांव के साथ-साथ शहरों को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल जल्द ही मेट्रोपॉलिटिन सिटी बनेंगे। ग्रामीण हो या शहरी सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा मुक्त हृदय से मध्यप्रदेश को 5800 करोड़ रूपए लागत की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि श्री गडकरी देश के राजमार्ग विकास पुरूष हैं। उनके नेतृत्व में देश में तेजी से अधोसंरचनात्मक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मालवा अंचल को सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाली इन सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सरकार को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में भरपूर मदद मिलेगी। ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर, सोमनाथ और ओंकारेश्वर को जोड़ेंगे एक सूत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अपनी विरासतों को समृद्ध कर लोगों को जोड़ रहे हैं। केन्द्र सरकार की मदद से हम श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग को केन्द्र में रखकर इसे गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योर्तिलिंग और ओंकारेश्वर से एक सूत्र में जोड़ेंगे। इसके लिए हमने केन्द्र सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी, जिससे विकासरूपी अमृत का सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश को मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क और बढ़ाने की मांग करते हुए अपना विस्तृत मांग पत्र उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने जो भी मांगा, केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने हमें समय-समय पर वो सब दिया, पर हम यही नहीं रूकेंगे। प्रदेश के हित में हम नई राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए सतत् मांग करेंगे। सिंहस्थ : 2028 के बेहतर आयोजन और श्रद्धालुओं के सहज और सुगम आवागमन के लिए मध्यप्रदेश में एक स्ट्रांग रोड नेटवर्क की स्थापना के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहेंगे। इन सड़क परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क, उज्जैन-गरोठ के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण किया। इसी प्रकार संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का भूमि-पूजन किया। भव्य आयोजन के लिये हार्दिक आभार : केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती ठाकुर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री … Read more

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव सरकार नक्सली संगठन से बातचीत के लिए तैयार

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण गतिविधि में एक ओर प्रतिबंधित नक्सली संगठन ने एक बार फिर राज्य सरकार के सामने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। नक्सलियों के उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी ‘रुपेश’ की ओर से जारी प्रेस नोट पर गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, विजय शर्मा ने कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा,“सरकार के पास नक्सलियों के पुनर्वास के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी नीति है। साथ ही उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सामने आएं और बातचीत का रास्ता अपनाएं।” बातचीत करना चाहते हो तो मुख्यधारा में आओ डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि मैं सभी नक्सलियों से कहना चाहता हूं कि वे बंदूक छोड़ें। मैं उनसे बात करने के लिए तैयार हूं। बंदूक का जवाब बंदूक से होता है। अगर आप चर्चा चाहते हैं तो मुख्यधारा में आना होगा। आप लोग अवैध गतिविधियों में शामिल हैं और भारत के संविधान को नहीं मान रहे हैं। यह भारत है, यहां लोकतंत्र है…। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। सरकार की नई पॉलिसी के तहत यदि कोई नक्सली सरेंडर करता है तब भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सरेंडर करना चाहता है तो हम तैयार हैं। हम छोटे-बड़े सभी समूहों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी रखी थी शांति वार्ता की बात बता दें कि इससे पहले नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने पर्चा जारी किया था। उन्होंने शांति वार्ता की अपील करते हुए कहा था कि पिछले 15 महीनों में उनके 400 साथी एनकाउंटर मारे गए हैं। अगर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकती है, तो हम शांतिवार्ता के लिए तैयार हैं। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि वे शांतिवार्ता को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए कोई शर्त न हो। सिर्फ सरेंडर करें और बातचीत करें। केंद्रीय कमेटी का पर्चा पहले तेलगू में आया था और अब उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश का पत्र सामने आया है, जिसमें शांति और सीजफायर की बात कही गई है।  शर्मा ने कहा, “अगर कोई एक व्यक्ति भी बातचीत के लिए तैयार है तो सरकार भी तैयार है। चाहे वह छोटा समूह हो या बड़ा, सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तत्पर है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में की जा रही है। शर्मा ने यह भी कहा कि बंदूक के जवाब में केवल चर्चा नहीं की जा सकती, जरूरत पड़ने पर सरकार कड़ी कार्रवाई भी करेगी। उन्होंने नक्सल संगठन की ओर से आया पत्र ‘सही और प्रामाणिक’ बताते हुए कहा कि इसमें सरकार से बातचीत की अपील की गई है। नक्सल संगठन ने इस नोट में स्पष्ट किया है कि वे पुलिस जवानों को अपना दुश्मन नहीं मानते और बार-बार पोस्टरों एवं पर्चों के माध्यम से इसी संदेश को दोहराया है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा है, “हमें समझना होगा कि आपसी संघर्ष की स्थिति बनाई गई है। हम जनता और अपने कैडर को ही अपना मानते हैं, उन पर गोली न चलाई जाए। शांति वार्ता के हमारे प्रयास का समर्थन करें।”श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव पर सरकार का मानना है कि शांति वार्ता के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायित्व और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। गौरतलब है कि केंद्र व छत्तीसगढ़ सरकार के 31 मार्च तक नक्सल समस्या को समाप्त किए जाने के प्रयासों से माओवादियों ने एक बार फिर से शांति का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से रूपेश ने आठ अप्रैल की तारीख में सरकार से शांति वार्ता के लिए एक सशर्त प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में नक्सली संगठन ने साफतौर पर लिखा है कि हम सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए अनुकूल वातावरण पहले बनना चाहिए। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि शांति वार्ता के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई रुकनी चाहिए। वार्ता एकपक्षीय न होकर दोनों तरफ से होनी चाहिए। नक्सलियों ने ये रखा प्रस्ताव बता दें, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से प्रस्ताव जारी किया गया था. बयान में शांति वार्ता के लिए तैयार होने की बात कहते हुए इसके लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने की जरूरत बताई है. उन्होंने इस पेशकश का मुख्य उद्देश्य बस्तर में हो रहे हिंसा (हत्याकांड) तुरंत रोकना बताया है. पहले भी रखा था प्रस्ताव वहीं, सप्ताह भर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) केंद्रीय समिति की ओर से तेलगु में जारी बयान के जरिए शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद अब भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर हिन्दी में शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया है. कहा कि वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने की मांग को गृह मंत्री विजय शर्मा ने ठुकरा दिया था. इससे जाहिर है कि सरकार अपनी वर्तमान नीति को जारी रखना चाहती है. इसके साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण की नीति को समस्या के पूर्ण समाधान बताए जाने का भी विरोध किया गया है. माओवादियों ने कहा कि शांति वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने संबंधित निर्णय लेने के लिए हमें कुछ नेतृत्वकारी साथियों से मिलना है. स्थानीय नेतृत्व का राय लेना भी जरूरी है. लगातार चल रहे अभियानों के बीच में यह सब नहीं हो पाएगा. ऐसे में अनुकूल माहौल के लिए कगार अभियान को रोकना जरूरी है, वार्ता का प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है, यह सरकार की जिम्मेदारी है. अब सरकार ने दिया जवाब इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों ने शांति … Read more

वाराणसी के 50वें दौरे पर पीएम, भाजपा कार्यकर्ताओं नें स्वागत को लेकर की खास

वाराणसी  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने जा रहे हैं. इस दिन वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचेंगे, जो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है. ये संयोग और भी खास हो जाता है क्योंकि पीएम मोदी अपने कार्यकाल के 11वें साल में11 अप्रैल को सुबह 11 बजे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. इसे बीजेपी ने एक ‘शुभ योग’ और ‘गौरव का क्षण’बताया है. काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आएंगे और अपने इस दौरे में 3884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 50वें दौरे को खास बनाने की तैयारी, 50 हजार की भीड़ का लक्ष्य बीजेपी इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी ने पीएम मोदी की जनसभा में 50,000 लोगों को लाने का लक्ष्य रखा है. काशी क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि यह दौरा बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी को काशीवासियों से कितना गहरा लगाव और आत्मीय संबंध है. शहरभर को पार्टी के झंडोंऔर बैनरों झालरों से सजाया जा रहा है. पूरे जिले में 1000 से अधिक होर्डिंग्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता जुलूस, दोपहिया व चारपहिया वाहनों के काफिलों के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम के आगमन से पहले विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. पीएम मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी इस बार शहर से बाहर मेहंदीगंज में जनसभा को संबोधित करेंगे. यहां उनके लगभग ढाई से तीन घंटे रुकने का कार्यक्रम है. पार्टी का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे. इसके लिए मंडल और बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है. आसपास के 16 गांवों में कार्यकर्ता और विधायक लोगों से संपर्क कर रहे हैं. पीएम मोदी के स्वागत के लिए वाराणसी के चौराहों को सजाया जा रहा है. झंडे, कपड़े और ढोल-नगाड़ों से पीएम मोदी का भव्य स्वागत होगा. दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी एयरपोर्ट से सीधे मेहंदीगंज जनसभा स्थल पहुंचेंगे. वहां से वापस एयरपोर्ट आकर दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. दुग्ध उत्पादकों को देंगे 106 करोड़ का बोनस मेंहदीगंज में जनसभा को संबोधित करने से पहले वह 3884.18 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी देंगे। बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान उन्होंने बताया कि बढ़ती गर्मी का असर जनसभा पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पीएम मोदी की सभा में लोग मौसम की परवाह नहीं करते. यह दौरा सिर्फ पीएम मोदी की हाजिरी नहीं है, बल्कि वाराणसी के विकास की नई सौगात भी है. 3884 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान 3884.18 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं** का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 19 परियोजनाएं (1629.13 करोड़ रुपये)का लोकार्पण. 25 परियोजनाएं (2255.05 करोड़ रुपये) का शिलान्यास. सबसे अहम है जल जीवन मिशन के अंतर्गत 345.12 करोड़ रुपये की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का उद्घाटन, जिससे हजारों गांवों को शुद्ध जल मिलेगा. इसके अलावा पीएम मोदी बनास डेयरी से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी ट्रांसफर करेंगे. ट्रैफिक की समस्या होगी कम नए फ्लाईओवर और टनल का शिलान्यास शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीएम जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. बाबतपुर एयरपोर्ट के पास NH-31 पर अंडरपास टनल. भिखारीपुर तिराहा और मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण. इन योजनाओं से वाराणसी की जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.

CM के नेतृत्व में शुरू की गई Mukhyamantri Tirtha Darshan Yojana से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल रहा : मंत्री राजवाड़े

सूरजपुर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित विशेष तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत  आज सूरजपुर रोड रेलवे स्टेशन से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के लिए सूरजपुर के 288 तीर्थ यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन रवाना की गई। समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने तीर्थ दर्शन के लिये रवाना हो रहे श्रध्दालुओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लेकर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि  मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल रहा है, जिन्हें आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थयात्रा का अवसर नहीं मिल पाता था। यह योजना प्रदेशवासियों की आस्था सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तीर्थ स्थलों की यात्रा कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में श्रद्धालु यात्रियों के साथ जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह योजना राज्य सरकार की संवेदनशीलता और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बुजुर्गों की आस्था और आध्यात्मिक आकांक्षाओं को साकार करने के लिए कटिबद्ध है। तीर्थ यात्रियों के दल में शामिल अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सुविधा न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक शांति भी देती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। इस चरण में 10 अप्रैल से 13 अप्रैल तक तीर्थयात्री उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। राज्य शासन द्वारा यात्रा के दौरान भोजन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नि:शुल्क रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।    इस अवसर पर विधायक प्रेमनगर श्री भुलन सिंह मरावी , नगर पालिका अध्यक्ष ,  पार्षद-गण, जिला पंचायत सदस्य श्री बाबूलाल सिंह मरापो, श्रीमती कुसुम, सुश्री मोनिका, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि,एस डी एम श्रीमती शिवानी जायसवाल, समाज कल्याण विभाग अधिकारी एवं कर्मचारी व अन्य उपस्थित थे।

इंदौर में 6 Km लंबे कॉरिडोर पर चलाई जाएगी मेट्रो रेल, सिक्युरिटी क्लीयरेंस मिला , स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम

 इंदौर  इंदौर वासियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ 13 साल पहले इंदौर में सबसे पहले प्रदेश की पहली मेट्रो चलाने का जो सपना था, वो अब पूरा होने जा रहा है। इंदौर में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से, मेट्रो कोच व डिपो को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) से क्लीन चिट मिल गई है। ऐसे में सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांच मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में अब शहरवासियों के मेट्रो में सफर में कोई बाधा नहीं बची है। यात्रियों के लिए मेट्रो चलाने के लिए मेट्रो प्रबंधन की पूरी तैयारी है। स्टाफ, टिकट काउंटर सहित सभी इंतजाम सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांचों मेट्रो स्टेशन पर स्टाफ, टिकट काउंटर सहित अन्य इंतजाम भी हो चुके हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार चाहेगी तो जल्द ही मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा सकेगा। पिछले दिनों मेट्रो के अधिकारियों के साथ नगरीय आवास व विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो के संबंध में ली बैठक में कहा था कि सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अभी मेट्रो चलाने की जल्दबाजी नहीं है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे के बीच मेट्रो का हिस्सा तैयार होने के बाद अगस्त तक मेट्रो का यात्रियों के लिए संचालन शुरू करने की बात कही थी। मिलेगी बस की भी कनेक्टिविटी मेट्रो प्रबंधन ने सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने के लिए एआईसीटीएसएल की ई-बसों के साथ रेडिसन, विजय नगर से एयरपोर्ट का सफर की योजना बनाई है।     रेडिसन चौराहा, विजयनगर : यात्री ई-बस में बैठकर सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर 3 तक पहुंचेगे।     एससी 3 से गांधी नगर स्टेशन : यात्री मेट्रो में बैठकर सफर करेंगे।     गांधी नगर से एयरपोर्ट व बड़ा गणपति : यात्री गांधीनगर स्टेशन से ई-बस में बैठ एयरपोर्ट व बड़ा गणपति चौराहे तक की यात्रा करेंगे।     किराया : यात्रियों को कॉमन कार्ड के माध्यम से न्यूनतम किराया देकर इलेक्ट्रिक बस व मेट्रो में सफर करने का मौका मिला। अलग-अलग टिकट खरीदने की जरूरत नहीं रहेगी। इंदौर मेट्रो का अब तक का सफर     2011 : तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को इंदौर व भोपाल में मेट्रो की डीपीआर बनाने का निर्णय लिया।     2017 : मप्र मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिली।     2018 : भारत सरकार की स्वीकृति मिली।     2019 : भारत सरकार, मप्र सरकार व एमपीएमआरसीएल के बीच समझौता हुआ।     2021 : निर्माण एजेंसी ने मेट्रो निर्माण कार्य शुरू किया।     2023 : सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पहली बार चलाई गई मेट्रो।     2025 : मेट्रो चलाने के लिए सीएमआरएस से मिली क्लीन चिट। 8.65 किमी लंबी सुरंग का होगा निर्माण कंपनी सूत्रों के मुताबिक, यह टेंडर 8.65 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड गलियारे के निर्माण के लिए दिया गया है, जिसमें एचसीसी की 55% हिस्सेदारी होगी। इस परियोजना के तहत टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए 11.32 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी। 7 भूमिगत स्टेशन होंगे तैयार इस परियोजना के तहत इन सात जगहों पर भूमिगत स्टेशन तैयार किए जाएंगे।     इंदौर रेलवे स्टेशन     राजवाड़ा     छोटा गणपति     बड़ा गणपति     रामचंद्र नगर     BSF/कलानी नगर     एयरपोर्ट टनल बोरिंग मशीन से होगी खुदाई मेट्रो के भूमिगत प्रोजेक्ट के लिए एयरपोर्ट और बड़ा गणपति क्षेत्र में वेयरहाउस की जमीन पर लगभग 800 वर्ग मीटर क्षेत्र में खुदाई की जाएगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को 20 मीटर गहराई में उतारकर सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में छह-छह मीटर चौड़ी दो सुरंगें तैयार की जाएंगी, जिनमें मेट्रो की अप और डाउन लाइनें होंगी। HCC के शेयर में उछाल इस बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के शेयर में 5 % की तेजी देखी गई, जिससे यह 23.25 रुपए पर पहुंच गया। यह बढ़त तब आई जब कंपनी ने टाटा प्रोजेक्ट्स (TPL) के साथ मिलकर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) से इस महत्वपूर्ण ठेके को हासिल करने की जानकारी दी।  

CG शासन की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ के तहत 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए

 रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ के तहत आज सरगुजा संभाग के लगभग 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए। श्रद्धालुओं को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन‘ द्वारा रवाना किया गया। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।     मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं, बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसे कल्याणकारी योजना का प्रारंभ किया गया है इस योजना से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा, परित्यक्ता महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।     मंत्री श्रीमती राजवाड़े स्वयं भी ट्रेन में सवार होकर सूरजपुर तक की यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ रहीं। सूरजपुर रेलवे स्टेशन से जिले के 288 तीर्थ यात्रियों को भी इसी ट्रेन से रवाना किया गया। आगे बैकुंठपुर स्टेशन से कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के श्रद्धालु भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं में उत्साह, शासन की पहल की सराहना     तीर्थयात्रा के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह और आभार का माहौल रहा। 75 वर्षीय राजकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तुलना श्रवण कुमार से करते हुए कहा कि यह योजना बुजुर्गों के लिए एक अमूल्य अवसर है। वहीं, उदयपुर से आई श्रीमती अनिता देवी ने महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। निःशुल्क सुविधाएं और सुलभ व्यवस्था     यात्रा के दौरान शासन द्वारा भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को न केवल आध्यात्मिक लाभ देती है, बल्कि उनके मन को भी शांति प्रदान करती है।     इस अवसर पर विधायक भुलन सिंह मरावी,नगर निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित  जनप्रतिनिधि , समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी  एवं नागरिक उपस्थित रहे।

26/11 हमला: प्रत्यर्पित तहव्वुर राणा दिल्ली लाया गया, प्रत्यर्पण पर इजरायली राजदूत ने भारत सरकार को शुक्रिया कहा

नई दिल्ली  26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा दिल्ली पहुंच चुका है। तहव्वुर राणा को अमेरिका से एनआईए की 7 सदस्यीय टीम दिल्ली लेकर पहुंची है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह यहां पहुंचा। तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जा सकता है। तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि 64 साल का तहव्वुर राणा दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि आतंकवादी को रखने के लिए जेल में सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। तहव्वुर राणा साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमेन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है। राणा को लेकर एक विशेष चार्टर्ड विमान बुधवार (9 अप्रैल) को अमेरिका से भारत के लिए रवाना हुआ था। 2008 के आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। NIA हेडक्वाटर में होगी पूछताछ तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रत्यर्पित किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में लिया जाएगा, जो रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण का कोर्डिनेशन कर रही है। संभावना है कि उसे जल्द ही दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा। किन किन धाराओं में आरोपी है राणा? राणा पर कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, हत्या, जालसाजी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम शामिल हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस को अभी तक उसके शहर में स्थानांतरण के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि उसे मुंबई ले जाने पर ऑर्थर रोड जेल के इस सेल में रखा जाएगा जहां आतंकी कसाब को रखा गया था। ट्रंप की हरी झंडी के बाद मिली कामयाबी डेविड कोलमेन हेडली का सहयोगी होने के अलावा, ऐसा माना जाता है कि राणा के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ करीबी संबंध थे। राणा के प्रत्यर्पण की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस दौरे के दौरान की थी। इसके बाद राणा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश की, लेकिन अब उसकी सभी कानूनी अपीलों को खारिज कर दिया गया है। भारत ने रचा ऐसा चक्रव्यूह कि शिकंजे में आ गया राणा  ……. 26/11 के मुंबई हमलों के वांछित और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा भारत प्रत्यर्पित हो चुका है। यह काम इतना आसान और सहज नहीं था, लेकिन भारत ने इसे सच कर दिखाया। यह केंद्रीय एजेंसियों के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यर्पणों में से एक है क्योंकि इसके लिए NIA अधिकारियों को कई बार अमेरिका के चक्कर लगाने पड़े और अमेरिकी सरकार को राणा को प्रत्यर्पित करने के लिए मनाना पड़ा। एक बार तो राणा को तब अमेरिकी जेल में रखने के लिए अमेरिकी सरकार को मनाना पड़ा , जब वह रिहा होने वाला था। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने ना केवल राणा के प्रत्यर्पण की गारंटी सुनिश्चित की बल्कि उसके खिलाफ सबूत भी जुटाए। गिरफ्तारी, दोबारा गिरफ्तारी, सजा, भारत का प्रत्यर्पण अनुरोध 64 वर्षीय तहव्वुर हुसैन राणा, पाकिस्तान में जन्मा एक कनाडाई नागरिक है। उसे अमेरिकी अधिकारियों ने 18 अक्टूबर, 2009 को गिरफ्तार किया था। इससे दो हफ्ते पहले 3 अक्टूबर, 2009 को उसके बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली की गिरफ्तारी हो चुकी थी। भारत ने हेडली के लिए भी प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उसे देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसने मुंबई हमलों और डेनमार्क में नाकाम साजिश से संबंधित कई मामलों सहित आतंकवाद से संबंधित 12 आरोपों में दोषी होने की बात स्वीकार की थी। चूंकि वह अमेरिकी जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने के लिए तैयार था, इसलिए हेडली के याचिका समझौते में गैर-प्रत्यर्पण प्रावधान शामिल था। दूसरी ओर, राणा पर अमेरिका में तीन मामलों में मुकदमा चलाया गया। इनमें भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिश, डेनमार्क में आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिश और एक विदेशी आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करना शामिल था। इस बीच, भारत ने तहव्वुर राणा को वांछित घोषित कर दिया था और 28 अगस्त, 2018 को उसके खिलाफ साजिश, युद्ध छेड़ने, हत्या करने, जालसाजी, आतंकवादी हमले के आरोपों पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया। उधर, राणा के बचपन के दोस्त हेडली ने अमेरिकी अभियोजन पक्ष के सामने गवाही दी और यूएस जूरी ने 9 जून, 2011 को राणा को डेनमार्क से संबंधित आतंकवादी साजिश और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) को भौतिक सहायता प्रदान करने का दोषी ठहरा दिया, लेकिन भारत से संबंधित आतंकवादी साजिश से उसे बरी कर दिया। 17 जनवरी, 2013 को अमेरिकी डिसेट्रिक कोर्ट ने उसे 168 महीने के कारावास की सजा सुनाई। 7 साल जेल में रहने के बाद, कोविड-19 महामारी के दौरान राणा की अनुकंपा रिहाई की याचिका भी मंजूर कर ली गई। इसी बीच, जब वह रिहा होने वाला था, तब भारत द्वारा प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया। इसके बाद राणा को 10 जून, 2020 को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय वकील दयान कृष्णन ने की ‘निःशुल्क’ सहायता 2009 में 26/11 हमलों की जांच शुरू करने के बाद से, डेविड हेडली और तहव्वुर राणा की हिरासत पाने के लिए एनआईए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई और न्याय विभाग के साथ नियमित संपर्क में था। NIA की एक टीम ने पहली बार 2010 में अमेरिका का दौरा किया और हेडली से पूछताछ की थी लेकिन उस समय राणा से पूछताछ नहीं की जा सकी थी। इसके बाद, 2018 में मामले में सबूत इकट्ठा करने के लिए एनआईए के अफसरों ने फिर यूएस का दौरा किया। इसके दो साल बाद राणा के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हुई। 2020 में राणा के प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू होने के बाद, NIA की टीमों ने मामले के दस्तावेजों, आरोपों आदि को समझाने में अमेरिकी अभियोजकों की सहायता के लिए कई बार दौरे किए। अमेरिका में राणा की पैरवी ब्रिटिश बैरिस्टर पॉल गार्लिक कर रहे थे, जबकि … Read more

MP परिवहन विभाग ई बस, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को 26 मार्च 2027 तक देगा टैक्स में छूट, हाइब्रिड वाहनों पर लागू नहीं होगी यह छूट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च 2026 तक पंजीकृत होने वाले ई वाहनों पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, 26 मार्च 2027 तक पंजीकृत होने वाले ई बस, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को भी मोटरयान कर में 100 प्रतिशत की छूट (EV registration tax exemption) दी जाएगी। किसी भी प्रकार के हाइब्रिड वाहनों पर यह छूट लागू नहीं होगी। परिवहन विभाग ने बुधवार को मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें दी गई छूट का लाभ अधिसूचना जारी होने की तिथि से मिलेगी। उल्लेखनीय है कि बुधवार को  ‘ईवी पालिसी लागू, फिर भी ईवी वाहन खरीदने पर नहीं मिल रहा वाहन पंजीयन में छूट का लाभ’  इसके बाद प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अधिकारियों से इस संबंध में बात कर अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए, जिसके बाद परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। एक साल के लिए टैक्स में दी गई छूट बता दें कि मध्य प्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 (MP EV scheme 2025) के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण पर 100 प्रतिशत मोटरयान कर में छूट देने का प्रविधान किया है। दो पहिया, तीन पहिया और कार के लिए एक वर्ष तक मोटरयान कर में शत प्रतिशत की छूट का प्राविधान किया है। दो पहिया वाहनों पर पांच हजार, तीन पहिया पर 10 हजार और ई कार पर 25 हजार रुपये की छूट वाहन कर और पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए देने का प्रविधान है। 26 मार्च 2026 तक ई वाहन में छूट     दो पहिया – पंजीकृत वाहन पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत छूट।     तीन पहिया वाहन – पंजीकृत वाहन पर मोटरयान कर में 100 प्रतिशत छूट।     ई कार – 20 लाख रुपये तक मूल्य वाली कारों पर 100 प्रतिशत छूट।     ई हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई बस ( गैर सरकारी, स्कूल बस निजी बस आपरेटर) – पंजीकृत वाहनों पर 100 छूट।     ई बस ( मिनी मिडी स्टैंडर्ड एसी बस) – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई ट्रक – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई ट्रैक्टर – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट।     ई एंबुलेंस – पंजीकृत वाहन पर 100 प्रतिशत छूट। बैटरी स्वैपिंग पर वित्तीय सहायता ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी सरकार ने आकर्षक योजनाएं बनाई हैं। चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले सेवा प्रदाताओं को भूमि और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। चार्जिंग स्टेशन के लिए सब्सिडी     छोटे चार्जिंग स्टेशन (500 तक): 30% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम 1.5 लाख रुपए।     मध्यम चार्जिंग स्टेशन (300 तक): अधिकतम 3 लाख रुपए की सहायता।     बड़े चार्जिंग स्टेशन (200 तक): अधिकतम 10 लाख रुपए की सहायता।     इसके अलावा, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए पहले 300 स्टेशनों को 5 लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी। रेट्रोफिटिंग पर भी मिलेगा लाभ पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने (रेट्रोफिटिंग) के लिए भी सरकार एक साल तक आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।     दोपहिया वाहनों के लिए: 5 हजार रुपए प्रति वाहन     तीन पहिया वाहनों के लिए: 10 हजार रुपए प्रति वाहन     कार के लिए: 25 हजार रुपए प्रति वाहन इसके अलावा, बस-ट्रकों के लिए सहायता तभी मिलेगी जब रेट्रोफिटिंग को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया या इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से मान्यता प्राप्त हो। इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर विशेष छूट नई पॉलिसी के तहत, दो पहिया, तीन पहिया और 20 लाख रुपए तक की कार और छोटे व्यवसायिक वाहनों पर 100% टैक्स छूट दी जाएगी। यह छूट 27 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा, ई-बसों को भी दो साल तक मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी, साथ ही परिवहन विभाग द्वारा परमिट में भी छूट प्रदान की जाएगी।  

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए गए

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा 28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। यह नीति, नक्सल हिंसा में पीड़ित हुए व्यक्तियों एवं परिवारों जैसे कि मृत्यु, गंभीर घायल या स्थायी अपंगता के शिकार लोगों के साथ-साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और राहत के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिला स्तर पर गठित की जाएगी पुनर्वास समिति अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक जिले में गठित होने वाली समिति में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे, जबकि पुलिस अधीक्षक को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत के सीईओ, कलेक्टर द्वारा नामांकित दो अन्य अधिकारी तथा सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया जाएगा। नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त प्रत्येक जिले एवं सब-डिविजनल स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिनका मोबाइल नंबर व ई-मेल पता राज्य शासन को प्रेषित किया जाएगा। यह अधिकारी समस्त पुनर्वास कार्यों की निगरानी करेंगे। गृह विभाग ने निर्देशित किया है कि राज्य गठन के उपरांत से अब तक के सभी पीड़ित प्रकरणों को चिन्हित किया जाए और आत्मसमर्पित नक्सलियों का चयन कर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाए। इस नीति के अंतर्गत एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक पीड़ित एवं आत्मसमर्पित व्यक्ति की जानकारी दर्ज की जाएगी और उन्हें एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। संबंधित अधिकारी इस पोर्टल के डैशबोर्ड का नियमित रूप से अवलोकन कर राहत एवं पुनर्वास के कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। गृह विभाग ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे इस नीति के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को समय सीमा में प्रभावी रूप से पूरा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बदनावर -उज्जैन फोरलेन का किया लोकार्पण, बोले-1 साल में MP के हाईवे अमेरिका से बेहतर करूंगा

बदनावर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में 69.1 किमी लंबे उज्जैन-बदनावर फोरलेन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ रहे। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उज्जैन से बदनावर तक 1352 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम धार में एक फैक्ट्री के सामने नवीन सर्कल पर किया गया।लोकार्पण कार्यक्रम से प्रदेश के एकमात्र पीएम मेगा मित्र टेक्सटाइल पार्क निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।इससे क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। बदनावर में लोकार्पण के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी उज्जैन के लिए रवाना हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पर्यटन नगरी मांडू की ऐतिहासिक इमारतो को निहारने पहुंचे। प्राचीन इतिहास को जानकर काफी प्रभावित हुए साथ ही उन्होंने प्राचीन जल संरचनाओं को देखकर उनके बारे में बारीकी से जाना। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा केंद्रीय कि यह राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा साल भर मध्यप्रदेश का नेशनल हाईवे नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा। गडकरी ने कार्यक्रम में कुल 5800 करोड़ रुपए की 328 किलोमीटर लंबी 10 सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीती रात अचानक जहाज महल में बने तवेली महल में रुकने का मन बनाया था। सुबह जल्दी 6:30 बजे उठकर वह यहां के प्राचीन महलों को देखने के लिए निकल पड़े। यहां गाइड विश्वनाथ तिवारी ने उन्हें प्राचीन इतिहास के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने यहां करीब डेढ़ घंटे तक प्राचीन इमारत को निहारा वह इतिहास को जाना। उन्होंने जहाज महल, चंपा बावड़ी, हिंडोला महल, हमाम आदि ऐतिहासिक महलों का भ्रमण किया। जहाज महल स्मारक समूह का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने दैनिक दिनचर्या अनुसार जहाज महल के ऊपर सकोरों में पानी डाला और पक्षियों को दाने भी डालें। यहां से सड़क मार्ग से वह धरमपुरी के लिए रवाना हुए वहां भगवान जागीरदार महादेव का अभिषेक कर पुनः मांडू आए और फिर हेलीकॉप्टर से इंदौर के लिए रवाना हुए। उन्होंने जहाज महल में मांडू का लाइट एंड साउंड शो भी देखा और मांडू के इतिहास से रूबरू हुए। MP में हमने सड़कों का काला इतिहास खत्म किया: CM मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार से सड़कों का काला अतीत खत्म हो गया है। बदनावर-उज्जैन फोरलेन के निर्माण से गुजरात और अन्य राज्यों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। पहले बदनावर से उज्जैन जाने में ढाई घंटे लगते थे, अब यह सफर 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह उपलब्धि बीजेपी सरकार की देन है, जो राज्य के विकास को नई दिशा दे रही है। 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण भविष्य में ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित रखने के लिए इस सड़क के हर लेन को 9 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इससे भारी वाहनों की निकासी भी आसान होगी और अन्य संपर्क मार्गों की गति भी तेज होगी। इस फोरलेन सड़क का निर्माण 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत तैयार इस हाईवे का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम धार जिले के खेड़ा (बदनावर) गांव में आयोजित किया गया है। 69.1 किमी की दूरी अब केवल 45 मिनट में 69.1 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क से उज्जैन-बदनावर की दूरी घटकर 45 से 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और समय की भी बचत होगी। सड़क पर पशुओं की आवाजाही और स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 130 बॉक्स कल्वर्ट और 31 अंडरपास बनाए गए हैं। इससे मार्ग की सुरक्षा और उपयोगिता दोनों बढ़ी हैं। हाल ही में मिली 1347 करोड़ की बायपास परियोजना ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 1347.6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, सागर और विदिशा जैसे शहरों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मंजूरी मिली है।सिंहस्थ 2028 के दौरान इस मार्ग का महत्व और बढ़ेगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर होते हुए सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। भाजपा कर रही समाज की सेवा कांग्रेस अंग्रेजों के पद चिह्नों पर इसके पहले मुख्यमंत्री ने धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर के निवास पर आयोजित सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा देश की और समाज की सेवा करती है वह सिर्फ चुनाव के दौर में मैं ही सक्रिय नहीं रहती। कांग्रेस में राष्ट्रवाद का अभाव है। कांग्रेस आज भी अंग्रेजों के पद चिह्नों पर चल रही है। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पीएम नरेंद्र मोदी के बताएं मार्ग पर बढ़कर समाज की सेवा करने का संकल्प लेने का आवाहन किया।

प्रधानमंत्री के आनंदपुर धाम दौरे से पहले सुरक्षा सख्त, 1930 से सक्रिय ट्रस्ट बना सामाजिक सरोकारों का केंद्र

भोपाल /अशोकनगर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जाएंगे।  मोदी वाराणसी में सवेरे 11 बजे 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार जिले के बदनावर से प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे  मोदी इसके बाद मध्य प्रदेश जाएंगे और लगभग 3:15 बजे, ईसागढ़ में गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा, लगभग 4:15 बजे, आनंदपुर धाम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।  मोदी इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री वाराणसी में 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी अवसंरचना के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप इस क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इसके अलावा वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल, भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच -31 पर 980 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक राजमार्ग अंडरपास सड़क सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री विद्युत अवसंरचना को प्रोत्साहन देते हुए, वाराणसी मंडल के जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर जिलों के दो 400 केवी और एक 220 केवी पारेषण उपकेंद्र और संबंधित पारेषण लाइनों का उद्घाटन करेंगे। इनकी लागत 1,045 करोड़ रुपये से अधिक है। श्री मोदी वाराणसी के चौकाघाट में 220 केवी पारेषण उपकेंद्र, गाजीपुर में 132 केवी पारेषण उपकेंद्र और वाराणसी नगर विद्युत वितरण प्रणाली की आधारशिला भी रखेंगे। इनकी लागत लगभग 775 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री सुरक्षा कर्मियों के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल और पीएसी रामनगर परिसर में बैरकों का उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी पुलिस लाइन में विभिन्न पुलिस थानों में नए प्रशासनिक भवनों और एक आवासीय छात्रावास की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, पिंडरा में एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बड़की गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालयों और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के नवीनीकरण और वाराणसी के चोलापुर में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री शहर में खेल अवसंरचना को प्रोत्साहन देने के लिए उदय प्रताप कॉलेज में फ्लडलाइट और दर्शक दीर्घा के साथ सिंथेटिक हॉकी टर्फ तथा शिवपुर में एक मिनी स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री गंगा नदी में सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, 345 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला प्रतिष्ठानों का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी में कारीगरों के लिए एमएसएमई यूनिटी मॉल, मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अवसंरचना विकास कार्यों, डब्ल्यूटीपी भेलूपुर में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक हॉल और विभिन्न पार्कों के सौंदर्यीकरण की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पहली बार आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी वितरित करेंगे। श्री मोदी तबला, पेंटिंग, ठंडाई, तिरंगा बर्फी सहित विभिन्न स्थानीय वस्तुओं और उत्पादों को भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस भी हस्तांतरित करेंगे। 1930 में की गई थी धाम की स्थापना आनंदपुर धाम की स्थापना 1930 में की गई। इसके बाद 1954 में श्री आनंदपुर ट्रस्ट की स्थापना की गई। आनंदपुर धाम पिछले कुछ वर्षों में अपने सामाजिक और सार्वजनिक कल्याण कार्यों के लिए चर्चा में रहा है। यह सामाजिक कार्यों का केंद्र बन चुका है। ट्रस्ट कृषि, अस्पताल, स्कूल, प्रिंटिंग प्रेस और गौशाला का संचालन करने में सक्रिय है। ट्रस्ट की संपत्तियां ग्वालियर, इंदौर समेत कई प्रमुख शहरों में है, जो ट्रस्ट ने खरीदी है। आनंदपुर धाम से जुड़े श्रद्धालु पंजाबी और सिंधी समुदाय के अनेक लोग हैं, जो यहां के धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर आनंदपुर धाम में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। अशोकनगर और अन्य जिलों से पुलिस बल के साथ एनएसजी और एसपीजी के जवान तैनात किए गए हैं। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया है। जिला प्रशासन ने आनंदपुर धाम को नो फ्लाइंग जोन और रेड जोन घोषित किया है। आनंदपुर धाम के 10 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ानें और संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। आश्रम प्रबंधन ने 11 अप्रैल को केवल आधार कार्डधारकों को प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, जिनके पास ऑनलाइन पास होंगे, उन्हें भी एंट्री दी जाएगी। प्रधानमंत्री के मध्य प्रदेश में कार्यक्रम प्रधानमंत्री भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में ईसागढ़ तहसील के आनंदपुर धाम जाएंगे। श्री मोदी गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिर परिसर का भ्रमण भी करेंगे। आनंदपुर धाम की स्थापना आध्यात्मिक और परोपकारी उद्देश्यों के लिए की गई है। 315 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में 500 से अधिक गायों के साथ एक आधुनिक गौशाला है और श्री आनंदपुर ट्रस्ट परिसर के अंतर्गत कृषि गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ट्रस्ट सुखपुर गांव में चैरिटेबल अस्पताल, सुखपुर और आनंदपुर में स्कूल और देश भर में विभिन्न सत्संग केंद्रों का संचालन कर रहा है। PM मोदी आनंद सरोवर में पुष्प करेंगे अर्पित, लंगर भी चखेंगे प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री  मोदी श्री आनंदपुर धाम परिसर स्थित आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित करेंगे. मोदी को इस धाम में होने वाली भक्ति और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के साथ ही संचालित सेवा कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम परिसर … Read more

राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ। राज्यपाल पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने धरमपुरी में माँ नर्मदा के दर्शन कर भगवान शिव का अभिषेक और महर्षि दधिच की प्रतिमा का किया पूजन

माण्डू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को माण्डू में रात्रि विश्राम के बाद गुरूवार सुबह माण्डू के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक वैभव को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जहाज महल और हिंडोला महल का भ्रमण किया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विगत रात्रि माण्डू में लाइट एंड साउंड शो के ज़रिए यहां के इतिहास को देखा। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक धरमपुरी कालूसिंह ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने देखा खुरासानी इमली का प्राचीन वृक्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माण्डू में खुरासानी कोठी परिसर में लगे खुरासानी इमली के प्राचीन वृक्ष को देखा। कलेक्टर धार प्रियंक मिश्र ने बताया कि माण्डू में खुरासानी के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन हैं। खुरासानी कोठी परिसर के इस वृक्ष का तना 10.85 मीटर व्यास का है। खुरासानी इमली घना छायादार पेड़ होता है। यह पेड़ अपने भीतर सवा लाख लीटर पानी जमा करके रख सकता है। उल्लेखनीय है कि 14वीं शताब्दी में ये पेड़ लगाए गए थे। कई पेड़ यहां पांच-छ: सौ साल पुराने हैं। पर्यटक माण्डू आने की स्मृति के तौर पर माण्डू की इमली खरीदकर ले जाते हैं। कई आदिवासी परिवारों को इसे बेचने से आय हो रही है। मूलतः यह वृक्ष अफ्रीका, अरब और मेडागास्कर पर पाया जाता है। ये पेड़ अति विशाल हैं, इसकी उम्र हज़ारों साल होती हैं। मराठीभाषी क्षेत्रों में इसे गोरखचिंच (चिंच याने इमली) कहकर सन्त गोरखनाथ से इसका पवित्र सम्बन्ध जोड़ा जाता है। धरमपुरी में किया माँ नर्मदा का पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ धरमपुरी में नर्मदा दर्शन कर पूजन किया। धरमपुरी नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ नगर है। यहाँ नर्मदा नदी की दो धाराओं के बीच बेंट नामक एक टापू स्थित है, जहां बिल्वामृतेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर के निकट महर्षि दधिच की प्रतिमा का पूजन किया। पौराणिक मान्यता अनुसार यहां दधिच ऋषि की समाधि एवं तपस्या स्थली भी है। इसी स्थान पर इन्द्र स्वयं आये थे और दधिचि ऋषि से उन्होंने राक्षस के वध के लिये अस्थियां माँगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर बैंट के हर तरह के संरक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये।  

मुख्यमंत्री साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित बीओसी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से 44 हजार 940 श्रमिको को 15.37 करोड़ रूपये डी.बी.टी. के जरिये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री साय ने पदभार ग्रहण करने पर डॉ. रामप्रताप सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्रमिक हित में बेहतर कार्य करेगा। श्रम मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम में श्रमिकों को राशि अंतरण के मौके पर कहा कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों का लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनो के बेहतरी के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिये लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपये श्रमिकों के बैंक खाते में अंतरित किये जा रहे है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री केदार कश्यप खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल रमेश बैस (पूर्व राज्यपाल), विधायक धरमलाल कौशिक, श्रीमती रायमुनि भगत, पुरन्दर मिश्रा अनुज शर्मा श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, सचिव सह श्रमायुक्त, श्रीमती अलरमेलमंगई डी., छ.ग.भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव, गिरीश कुमार रामटेके, अपर श्रमायुक्त एस.एल.जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा सहित निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण के साथ-साथ श्रमिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।      छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के अंतर्गत डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की गई राशि में निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना के तहत 30,585 श्रमिकों को 04 करोड़ 05 लाख 25 हजार रूपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1055 श्रमिकों को 02 करोड़ 11 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 3480 श्रमिकों को 52 लाख 19 हजार 500, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 32 श्रमिको को 32 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 102 श्रमिको के उत्तराधिकारी को 01 करोड़ 10 लाख, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 70 हितग्राहियों 12 लाख 60 हजार 595, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 2461 श्रमिकों के पुत्रियों को 4 करोड़ 92 लाख, 20 हजार, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 4237 हितग्राहियों को 87 लाख 25 हजार, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 1048 श्रमिको को 36 लाख 19 हजार 780, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 177 हितग्राहियों को 35 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 1687 श्रमिकों को 62 लाख 48 हजार 782, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियो को 39 हजार 500 रूपये  एवं  निर्माण श्रमिको के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के 01 हितग्राही को 50 हजार रूपये शामिल है।

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