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तहव्वुर राणा का पाकिस्तान कनेक्शन?एनआईए आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी

नई दिल्ली अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को स्पेशल विमान के जरिए आज भारत लाया जा रहा है. वह गुरुवार दोपहर दिल्ली पहुंचेगा, जहां उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा. इसके बाद उसे राजधानी की तिहाड़ जेल में रखा जाएगा, जहां उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. इससे पहले राणा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां एनआईए आरोपी की कस्टडी की मांग करेगी. बुलेटप्रूफ व्हीकल में NIA हेडक्वार्टर जाएगा तहव्वुर राणा 26/11 के आतंकी तहव्वुर राणा को बुलेट प्रूफ गाड़ी में पालम टेक्निकल एयरपोर्ट से एनआईए हेडक्वॉक्टर लाया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, बुलेट प्रूफ गाड़ी के साथ मार्क्समेन गाड़ी को भी स्टैंडबाय में रखा गया है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के कमांडोज इस गाड़ी के साथ भी स्टैंडबाय पर हैं. मार्कसमेन बेहद सुरक्षित गाड़ी होती है, जिसमें किसी तरह का हमला कारगर नही हो सकता. बड़े आतंकियों और गैंगस्टर्स को इसी गाड़ी से स्पेशल सेल कोर्ट और एजेंसी के दफ्तर लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल करती है. तहव्वुर राणा के खिलाफ क्या-क्या कानूनी कार्रवाई हुई? अक्टूबर 2009 में, तहव्वुर राणा और हेडली को अमेरिकी अधिकारियों ने डेनमार्क में जाइलैंड्स-पोस्टेन अखबार के आफिस पर हमला करने की कथित साजिश के लिए गिरफ्तार किया था, जिसने कार्टून पब्लिश किए थे. इस जांच से मुंबई हमलों में उसकी संलिप्तता का पता चला. जून 2011 में, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तीन सप्ताह की सुनवाई के बाद, राणा को लश्कर-ए-तैयबा को मदद करने और डेनिश अखबार के खिलाफ विफल साजिश में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था. तहव्वुर राणा को अमेरिकी अदालत में मुंबई हमलों में प्रत्यक्ष भागीदारी के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था, फिर भी उसे 17 जनवरी, 2013 को 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. सजा सुनाते समय जज ने साजिश को “कायरतापूर्ण” कहा था. इस बीच, हेडली ने 12 आतंकवाद के आरोपों में दोषी होने की दलील दी और उसे 35 साल की जेल की सजा सुनाई गई. अधिकारियों के साथ हेडली के सहयोग, जिसमें राणा के खिलाफ गवाही देना भी शामिल था – उसे मौत की सजा और प्रत्यर्पण से बचने में मदद की. राणा के खिलाफ सबूत पर्याप्त थे. मुकदमे के दौरान, रिकॉर्ड की गई बातचीत के टेप पेश किए गए, जिनमें सितंबर 2009 के टेप भी शामिल थे. अन्य बातचीत में, राणा ने हेडली से कहा था कि मुंबई हमलों में शामिल हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च मरणोपरांत सैन्य सम्मान मिलना चाहिए, जिससे आतंकवादियों की कार्रवाइयों के प्रति उसके समर्थन का पता चलता है. तहव्वुर राणा के भारत आगमन पर क्या तैयारियां की गई हैं? भारत ने तहव्वुर राणा को कानूनी सजा देने के लिए तमाम तैयारियां की हैं. भारत से एनआईए के इंसपेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी आशीष बत्रा के नेतृत्व में एक मल्टी-एजेंसी टीम तहव्वुर राणा को हिरासत में लेने के लिए अमेरिका गई थी. टीम में सब-इंसपेक्टर जनरल रैंक की अधिकारी जया रॉय और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ-साथ तीन खुफिया एजेंसी के अधिकारी शामिल हैं. वे रविवार को “आत्मसमर्पण वारंट” की पुष्टि प्राप्त करने के बाद अमेरिका के लिए रवाना हुए, जिसके तहत राणा को भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया.   भारत पहुंचने पर, तहव्वुर राणा को हिरासत के लिए नई दिल्ली में एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा. पूछताछ और जांच के शुरुआती कुछ हफ्तों तक उसके एनआईए की हिरासत में रहने की उम्मीद है. बाद में, मुंबई क्राइम ब्रांच मुंबई हमलों की आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत की मांग करेगी. नामित जेलों में हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है, जिसमें राणा की गतिविधियों पर 24/7 निगरानी रखने के लिए इन-बिल्ट बाथरूम सुविधाओं के साथ सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं. NIA, RAW, SWAT Team और स्पेशल प्लेन… वो टीम जो तहव्वुर राणा को इंडिया ला रही है   2008 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को आज अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा रहा है. उसे स्पेशल प्लेन से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) और RAW की टीम भारत ला रही है. यह विमान किसी भी वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर सकता है. एनआई और RAW की संयुक्त टीम की तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण में अहम भूमिका है. सूत्रों का कहना है कि एनआईए की DIG जया रॉय ने मंगलवार को तहव्वुर राणा के सरेंडर वॉरंट पर साइन किए थे, जिसके बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. राणा को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की टीम विशेष विमान से बुधवार सुबह लगभग 6.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान एनआईए टीम की अगुवाई सदानंद दाते कर रहे हैं. वह महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने जब मुंबई पर हमला किया था, तब सदानंद दाते मुंबई क्राइम ब्रांच में कार्यरत थे. भारत पहुंचते ही एनआईए की टीम आधिकारिक रूप से राणा को हिरासत में ले लेगी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी हाई अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही SWAT कमांडोज को भी एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है. इसके अलावा एयरपोर्ट के बाहरी क्षेत्र में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की सिक्योरिटी विंग और स्थानीय पुलिस मुस्तैद रहेगी. तहव्वुर राणा को सीधे एनआईए के दफ्तर लाया जाएगा. एनआईए दफ्तर और उसके आसपास हाई लेवल सिक्योरिटी है. राणा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जा सकता है. कहा जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से उसे वर्चुअली ही एनआईए जज के समक्ष पेश किया जाएगा. पेशी से पहले उसका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा. तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी वॉर्ड में रखा जाएगा. जेल प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हैं.  केंद्र सरकार ने इस मामले में एडवोकेट नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है. उन्हें तीन साल की अवधि के लिए या फिर केस का ट्रायल पूरा होने तक यह जिम्मेदारी दी गई है. मान पहले भी कई मामलों में सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी … Read more

स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्व-सहायता समूह से बहनों के जीवन में नए सूर्य का हुआ उदय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की है प्रमुख भूमिका स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण मुख्यमंत्री कुक्षी में स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़े कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध भी हो रही है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की प्रमुख भूमिका है। सशक्त नारी ही समृद्ध प्रदेश का आधार हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार जिले के कुक्षी में आयोजित स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों को निकाय चुनाव में 50% आरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही 2029 तक लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33% आरक्षण के प्रयास भी किये जा रहे हैं। जमीन या मकान की रजिस्ट्री महिला के नाम पर करने पर पंजीयन शुल्क में छूट दी जा रही है। लाड़ली बहना योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर अपना सामर्थ्य दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर की महिलाएं सशक्त हो रही हैं। आज जनजातीय वर्ग की महिला देश की राष्ट्रपति हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हजारों सालों से देवियों की पूजा होती रही है। नवरात्रि में 9 दिन देवी की आराधना की जाती है। दुनिया में भारत ही एकमात्र देश है, जो राष्ट्र को माता मानता है। राज्य सरकार हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए डालकर रक्षाबंधन मना रही है। सभी पात्र लाड़ली बहनों को 1250 रुपए की राशि मिलती रहेगी। अगर बहनों के हाथों में पैसे आएंगे तो परिवार में कुछ बचत होगी। सरकार बहन-बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह परिवार और समाज को सशक्त बनाने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। प्रदेश के हर घर को गोकुल बनाएंगे। राज्य सरकार द्वारा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से नई गौपालन योजना बनाई गई है। भविष्य में गौशालाओं के माध्यम से प्रदेश की बहनों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आ सकता है। राज्य सरकार उन्हें नए व्यवसाय से जोड़ने के कार्य कर रही है। अब स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौशालाओं से जोड़ेगे और समूह की महिलाएं दूध से बने उत्पाद जैसे- मिठाई, रबड़ी, कलाकंद तैयार करेंगी। बहन-बेटियों की मिठाई की दुकान खुलेगी, उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने कपड़ा कारखानों में काम करने वाली बहनों को 5000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से देगी। कंपनी मालिक भी 8000 रुपए मेहनताना देंगे। इस प्रकार उनकी मासिक आय 14 हजार 250 रुपए सुनिश्चित हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए 24 घंटे काम कर रही है। राज्य सरकार ने 1 लाख शासकीय पदों पर भर्ती का अभियान शुरू किया है। आने वाले कुछ दिनों में प्रमोशन के लिए स्वीकृति देकर राज्य सरकार 4 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सौगात देगी। सरकार अगले 5 साल में ढाई लाख नौकरी के अवसर प्रदान करेगी। गरीब हो या अमीर, सरकार का काम सभी की भलाई के लिए काम करना है। मध्यप्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाई के लिए किताब-कॉपियां दी जा रही हैं। मेधावी विद्यार्थियों के लिए साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप प्रदान करने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमारी सरकार में हर बेरोजगार के हाथ में रोजगार होगा। राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और महिला कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश को देश में नंबर-1 राज्य बनाकर छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार के बदनावर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार को देवास से जोड़ने वाली 4 लेन का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की नई सौगातें मिलेंगी। 30 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण की सौगात भी मिलेगी। शुक्रवार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम आ रहे हैं। इसके बाद रविवार 13 अप्रैल को केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह सहकारी सम्मेलन में भोपाल आएंगे। सहकारिता कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध करेंगे। मुख्यमंत्री ने किया पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा पोषण पखवाड़े में श्रीअन्न से निर्मित खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने व्यंजनों की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने साझा किये अपने अनुभव समारोह में ग्राम पिपलिया सरपंच श्रीमती अनीता लोकेश पांचाल ने मंच से जल गंगा संवर्धन अभियान में किए गए बावड़ी जीर्णोद्धार कार्य के अनुभव साझा कर बताया कि पहले बावड़ी बहुत गंदी थी। जनसहयोग एवं जन भागीदारी से बावड़ी का पानी पीने योग्य हो गया है। भविष्य में पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में भी विकसित किया जाएगा। ग्राम झड़दा निवासी सुखली बाई ने स्व-सहायता समूह के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में उनके घर की स्थिति खराब थी लेकिन सांई स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद ऋण प्राप्त किया। उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया और स्वयं का भी एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। अब वह लेखा जोखा करना भी सीख गई हैं। बच्चे भी शिक्षित होकर बड़े पदों पर कार्यरत है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने बताया कि बाल्यावस्था में बच्चों को भरपूर पोषण मिले तो वह सशक्त बनेंगे और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में समर्थ होंगे। हमारा दायित्व है कि हम भारत के भविष्य को पोषण … Read more

केन्द्रीय मंत्री गडकरी उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क का लोकार्पण करेंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिये धार जिले के खेड़ा (बदनावर) में समारोहपूर्वक सड़कों और फ्लाई ओवर की सौगातें देंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क का लोकार्पण करेंगे। साथ ही उज्जैन-गरोठ  के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में  संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का शिलान्यास किया जायेगा। बहुप्रतीक्षित उज्जैन-बदनावर फोर-लेन हाई-वे, जिसकी लंबाई 69.100 किलोमीटर है, अब पूरी तरह से तैयार हो चुका है। यह परियोजना मई 2022 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सौंपी गई थी। यह हाई-वे आधुनिक इंजीनियरिंग और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे का एक शानदार उदाहरण है। इस परियोजना में दो रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल, 7 छोटे पुल, एक इंटरचेंज, 2 फ्लाईओवर, 31 अंडरपास, 140 कलवर्ट, 42 बस शेल्टर/बस-वे और 4 वे-साइड सुविधाएं शामिल हैं। स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए 23 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई गई है। यातायात को सुगम बनाने के लिए 28 किलोमीटर के 3 बायपास और 5 स्थानों पर 18 किलोमीटर के रिअलाइन्मेंट का निर्माण किया गया है। इस हाईवे के पूरा होने से उज्जैन और बदनावर के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटे से भी कम रह गया है।  

गुजरात ने राजस्थान को हराकर प्लेऑफ की रेस बना दी रोमाेंचक, इन टीमों को लगा तगड़ा झटका, ऐसे बदला पूरा समीकरण

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में 23वां मैच आज यानी 9 अप्रैल को गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया. ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुआ. इस मुकाबले में गुजरात ने राजस्थान को 58 रनों से करारी शिकस्त दी. मैच में टॉस जीतकर राजस्थान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. गुजरात की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए साई सुदर्शन की 82 रनों की पारी के बदौलत 218 रनों का टारगेट राजस्थान के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी राजस्थान 19.2 ओवर में सिर्फ 159 रन ही बना पाई और ऑल आउट हो गई. इस जीत के साथ गुजरात की टीम प्वाइंट्स टेबल में 5 मैचों में 4 जीत और 1 हार के साथ टॉप पर है. वहीं राजस्थान की टीम अब 5 मैचों में 2 जीत और 3 हार के साथ सातवें नंबर पर है. ऐसी रही राजस्थान की पारी 218 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में यशस्वी जायसवाल अरशद खान का शिकार बन गए. यशस्वी के बल्ले से केवल 6 रन ही निकले. इसके बाद नीतीश राणा भी एक रन बनाकर तीसरे ही ओवर में आउट हो गए. हालांकि, इसके बाद संजू सैमसन और रियान पराग ने मोर्चा संभाला. ऐसी रही गुजरात की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने गुजरात के कप्तान गिल को बोल्ड कर दिया. उस वक्त गुजरात का स्कोर 14 रन ही था. लेकिन इसके बाद साई सुदर्शन और जोश बटलर के बीच शानदार साझेदारी हुई. बटलर ने भी आतिशी बल्लेबाजी की. 10वें ओवर में बटलर का विकेट गिरा जब गुजरात का स्कोर 94 रन था. एक छोर पर साई सुदर्शन टिके रहे. साई सुदर्शन ने 82 रनों की आतिशी पारी खेली. शाहरुख खान ने भी 36 रन बनाए. इसके बाद राहुल तेवतिया ने एक छोटी नॉक खेली, जिसके दम पर गुजरात ने राजस्थान के सामने 218 रनों का लक्ष्य रखा. बता दें कि गुजरात की जीत ने उन्हें प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा दिया है. वहीं, दूसरे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स की टीम है. गुजरात इस समय 8 अंक के साथ नंबर वन पर पहुंच गई है. दूसरी ओर नंबर तीन पर इस समय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम है. पंजाब किंग्स चौथे नंबर पर है. इसके अलावा लखनऊ पांचवें नंबर पर है. गुजरात की जीत ने दूसरी टीमों में अब खलबली मचा दी है. खासकर केकेआर जो इस समय छठे नंबर पर है. इसके अलावा राजस्थान को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान 4 अंक के साथ सातवें नंबर पर है. वहीं, मुंबई आठवें, चेन्नई नौंवे और हैदराबाद 10वें नंबर पर है. ऐसे में इन टीमों को अब अपने आने वाले मैचों में लगातार अच्छा परफॉर्मेंस करना होगा. आईपीएल प्लेऑफ रेस बनी रोमांचक प्वाइंट्स टेबल में इस समय 4 ऐसी टीम है जिसके अंक 6-6 हैं, जिसमें दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, पंजाब किंग्स और लखनऊ की टीम है. इन टीमों ने अपने खेल से प्रभाव डाला है. दूसरी ओर गुजरात 8 अंक के साथ पहले नंबर पर पहुंच गई है. इन टीमों ने टॉप 4 में अपना दबदबा कायम रखा है. वहीं, प्वाइंट्स टेबल में दो टीमें ऐसी है जो 4 अंक के साथ मौजूद है, वो टीमें केकेआर राजस्थान है. यानी इन टीमों के पास प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए काफी मौके हैं. इन टीमों को लग सकता है झटका लेकिन दूसरी ओर खासकर मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपरकिंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आगे के रास्ते काफी मुश्किल दिख रहे हैं. इन टीमों को अपने आने वाले मैचों में बेहतर खेल दिखाना होगा और नेट रन रेट पर भी फोकस करना होगा. यहां से अब रन रेट का भी खेल शुरू हो जाएगा. बता दें कि लीग स्टेज में सभी टीमों को 14-14 मैच खेलने हैं. ऐसे में यदि किसी भी टीम को प्लेऑफ की रेस में खुद को बनाए रखना है (IPL 2025 Playoff) तो कम से कम 9 में से 7 मैच हर हाल में जीतना होगा. जिस टीम के पास 18 से 20 अंक होंगे वह टीम सीधे प्ले ऑफ में पहुंच सकती है. वहीं, 16 अंक हासिल करने वाली टीमें भी प्लेऑफ की रेस में खुद को बनाए रख सकती है. यानी यहां से अब प्लेऑफ की रेस काफी रोमांचक हो गई है.  कप्तान संजू सैमसन को लगी लाखों की चपत संजू सैमसन पर उनकी टीम द्वारा अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ IPL 2025 के मैच नंबर 23 के दौरान स्लो ओवर रेट बनाए रखने के लिए जुर्माना लगाया गया है. यह आईपीएल के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्ट‍िकल 2.22 के तहत उनकी टीम का इस सीजन का दूसरा अपराध था. यह आर्ट‍िकल न्यूनतम ओवर-रेट अपराधों (Minimum over-rate offences) से संबंधित है, इसलिए सैमसन पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. खास बात यह रही कि इससे संजू को तो नुकसान हुआ ही, वहीं इम्पैक्ट प्लेयर सहित प्लेइंग इलेवन के बाकी सदस्यों पर या तो छह लाख रुपये या उनकी संबंधित मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) जुर्माना लगाया जाएगा. आईपीएल की न्यूनतम ओवर गति से संबंधित आचार संहिता के तहत यदि किसी टीम के कप्तान से पहला अपराध होता है तो उस पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. अगर किसी आईपीएल सीजन में दूसरी बार उस कप्तान से स्लो ओवर रेट का अपराध होता है, तो 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. अगर कोई फ‍िर भी कोई कप्तान इस तरह का अपराध र‍िपीट करता है तो उसके ड‍िमेर‍िट अंक काटे जाएंगे.  साई सुदर्शन ने रचा इतिहास फुल पैसा वसूल खिलाड़ी हैं सुदर्शन गुजरात की टीम ने 8.50 करोड़ की कीमत में साई सुदर्शन को इस सीजन के लिए रिटेन किया था. हर मुकाबले में वो शानदार दिखे हैं. आईपीएल में उन्होंने ऐसा कीर्तिमान रचा है जो क्रिस गेल और मैथ्यू हेडन भी नहीं कर सके हैं. आईपीएल की शुरुआती 30 पारियों में रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में साई दूसरे नंबर पर आते हैं. उनसे आगे केवल शॉन मार्श ही हैं. पहली 30 आईपीएल पारियों के बाद सबसे … Read more

मोहन सरकार ने की बढ़ी तैयारीआजादी से पहले के कई नियम-कानून करेगी खत्म

भोपाल मोहन यादव सरकार आजादी के पहले से लागू 9 विभागों के नियमों और अधिनियमों में बदलाव करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने तैयारी कर ली है, लेकिन इन विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं. यह स्थिति तब है जब विधि विभाग ने संबंधित विभागों को उनके डिपार्टमेंट से संबंधित बदलाव के दायरे में आने वाले नियमों की पूरी जानकारी भी दे रखी है। जिन अधिनियमों की समीक्षा होनी है, उनमें लाइसेंस प्रणाली, किसानों की कर्जमाफी, अकाल राहत, साहूकारी नियंत्रण और नशीले पदार्थों के व्यापार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विधि और विधायी कार्य विभाग का कहना है कि जिन विभागों में ऐसे अधिनियम और नियम लागू हैं जो देश की आजादी से पहले बनाए गए थे, उन्हें या तो निरस्त किए जाने की जरूरत है या फिर मौजूदा हालात के अनुसार उनमें संशोधन किया जाना चाहिए। ऐसे नियमों की जानकारी संबंधित विभागों से शीघ्र मांगी गई है ताकि एकत्रित जानकारी के आधार पर शासन स्तर पर फैसला किया जा सके। इन 9 विभागों से मांगी गई जानकारी विधि और विधायी कार्य विभाग ने 9 विभागों से उनके पुराने नियमों और अधिनियमों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त या संशोधित किए जाने को लेकर जानकारी मांगी है। इसके लिए विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र भेजे गए हैं। ये विभाग हैं शामिल     जल संसाधन विभाग     गृह विभाग     उद्योग और व्यापार विभाग     नगरीय विकास और आवास विभाग     वाणिज्यिक कर विभाग     पशुपालन विभाग     राजस्व विभाग     किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग     स्कूल शिक्षा विभाग चार महीने में नहीं बता पाए अफसर विधि विभाग ने चार महीने पहले ही इन विभागों से जानकारी मांगी थी। इस दौरान विभाग ने तीन बार पत्र भी भेजे, लेकिन संबंधित अधिकारी यह नहीं बता पाए हैं कि उनके विभाग के कौन-से नियम और अधिनियम अब प्रासंगिक नहीं हैं, जिन्हें निरस्त या संशोधित किया जाना चाहिए।

Bhopal Metro: कारिडोर में खर्च होंगे 1122 करोड़ रुपये, वर्ष 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, 2027 से शहर के 30 किलोमीटर मार्ग में दौड़ेगी मेट्रो

 भोपाल मेट्रो की ब्ल्यू लाइन यानि रत्नागिरी से भदभदा तक प्रस्तावित लाइन में 531 संपत्तियों को हटाने के लिए चिन्हित किया गया है। इन लाइन में 6725 वर्गमीटर की जमीन नॉन टाइटल होल्डर की है। टाइटल होल्डर यानि जिनके पास संपत्ति को लेकर कोई दस्तावेज है, उनके पास 4218 वर्गमीटर जमीन है। इनके अलावा 1249 वर्गमीटर की अतिरिक्त संपत्ति भी प्रभावित होगी। मेट्रो ब्ल्यू लाइन में ये क्षेत्र होंगे प्रभावित     मेट्रो की ब्ल्यू लाइन के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित मिंटोहॉल, प्रभात चौराहा व रोशनपुरा चौराहा होगा। मिंटो हॉल के पास तो रोड का आधा हिस्सा बंद कर यहां सर्वे व पीलर के लिए काम चल रहा है। इसी तरह पुल बोगदा के पास की करीब आधी संपत्तियों- निर्माण प्रभावित होंगे। लाइन के किनारे जमीन की कीमत तय भोपाल में मेट्रो लाइन(Bhopal Metro) के किनारे जमीन की दरें प्रस्तावित गाइडलाइन में 13 हजार रुपए वर्गमीटर से 40 हजार रुपए वर्गमीटर तक तय की है। आपको मेट्रो लाइन के किनारे रहना है तो अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार तय करें कि कहां जमीन आपको सस्ती मिलेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में सबसे महंगी जमीन करोद क्षेत्र में है। गौरतलब है कि मेट्रो की पहली ओरेंज लाइन एम्स से करोद तक बिछाई जा रही है। करीब 14 किमी लंबाई के ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल हो चुका है। गाइडलाइन की दरों पर 19 मार्च तक कलेक्ट्रेट कार्यालय या पंजीयन भवन या फिर ऑनलाइन आपत्ति कर सकते हैं। गाइडलाइन में क्या खास     हाउसिंग बोर्ड के सबसे महत्वाकांक्षी और वीवीआइपी प्रोजेक्ट तुलसी ग्रीन के निर्मित क्षेत्र की रजिस्ट्री के 71 हजार वर्गमीटर के दर से होगी। इसमें करीब 20 हजार रुपए वर्गमीटर की बढ़ोतरी की गई है।     जिला प्रशासन ने मेट्रो के लिए रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर छह की ओर इरानी डेरे को लगभग हटा दिया है। पूरा बाजार हटाया जा चुका है, लेकिन गाइडलाइन में इसकी दर तय है। इरानी डेरा मार्केट के पीछे वाले हिस्से में आवासीय प्लॉट के लिए 10 हजार रुपए वर्गमीटर तो बने हुए आवासीय मकान के लिए 23 हजार वर्गमीटर की कीमत तय की है। यहां एक हेक्टेयर जमीन की दर 7.60 करोड रुपए तय की।     प्रदेश की पहली सीसी सिक्सलेन कोलार मुख्यमार्ग पर अब प्लॉट 50 हजार रुपए वर्गमीटर तो आवासीय निर्मित मकान 63 हजार वर्गमीटर कीमत का है।     टीटी नगर के स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में प्लॉट की दर यथावत 72 हजार वर्गमीटर रखी है, जबकि निर्मित भवन की कीमत 1.08 लाख रुपए है। व्यवसायिक प्लॉट 85 हजार रुपए वर्गमीटर ही रखा गया।     लैंड पुलिंग विवाद में उलझे बीडीए के मिसरोद बर्रई में आवासीय प्लॉट के लिए 25 हजार रुपए जबकि निर्मित आवासीय भवन की कीमत 38 हजार रुपए प्रतिवर्गमीटर है। बता दें कि ऑरेंज लाइन के साथ भदभदा-रत्नागिरी के बीच मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी शुरू हो गया है। ये पूरा प्रोजेक्ट 1006 करोड़ रुपए का है। कुल 13 किमी लंबे इस रूट पर 14 स्टेशन भी बनेंगे। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 50 मी. की दर सिर्फ पुराने शहर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत एम्स से करोद तक 14 किमी में लाइन तय है, लेकिन लाइन से 50 मीटर दायरे में जमीन की कीमत सिर्फ शहर के पुराने हिस्से वाली लाइन पर ही तय की गई। सुभाष ब्रिज, केंद्रीय विद्यालय, एमपी नगर, रानी कमलापति से लेकर अल्कापुरी, एम्स तक अलग से कोई दर तय नहीं की। रोड किनारे वाली दर ही इसमें लागू करना तय किया है। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति ही अंतिम मंजूरी देगी। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा, चार दिशाओं के लिए अलग-अलग होगी लेन

छतरपुर शहर में आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। झांसी-खजुराहो फोरलेन और कानपुर-सागर सिक्सलेन अब चंद्रपुरा में एक-दूसरे से जुडऩे जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत चंद्रपुरा में एक विशेष चंद्राकार फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे चारों दिशाओं की लेनें अलग-अलग मार्गों पर आसानी से मुड़ सकेंगी। यह निर्माण कार्य न केवल यातायात को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि छतरपुर शहर को दुर्घटना और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगा। क्या है योजना? कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा। चंद्रपुरा में विशेष चंद्रकार जंक्शन बनेगा, जो ग्वालियर जैसे मॉडल पर आधारित होगा। इससे एक लेन से वाहन झांसी की ओर, दूसरी से सतना-रीवा की ओर (पन्ना रोड से),तीसरी से कानपुर की ओर और चौथी से छतरपुर शहर में प्रवेश कर सकेंगे। रिंगरोड का बदला गया प्रस्ताव पहले छतरपुर शहर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोडऩे के लिए रिंगरोड बनाए जाने की योजना थी, लेकिन व्यावहारिक समस्याओं और भारी लागत को देखते हुए अब बाइपास का विकल्प चुना गया है। कानपुर-सागर सिक्सलेन को झांसी-खजुराहो फोरलेन से जोडकऱ सीधा संपर्क बाइपास मार्ग विकसित किया जाएगा। 43 कलोमीटर लंबा होगा बाइपास छतरपुर से गुजरने वाला प्रस्तावित सिक्सलेन बाइपास कुल 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। यह चौका, चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक जाएगा। परियोजना पर कुल 982 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त सागर रोड से साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी लागत 1671 करोड़ रुपए तय की गई है। शहर को मिलेगी दुर्घटना और जाम से राहत छतरपुर शहर दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के चौराहे पर स्थित है। बाइपास न होने के कारण यहां आए दिन भारी जाम और सडक़ दुर्घटनाएं होती रही हैं। अब यह सिक्सलेन बाइपास दोनों राजमार्गों को शहर के बाहर जोड़ देगा, जिससे भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रुकेगा और ट्रैफिक लोड घटेगा। 6 लेन के लिए तैयार होगी सडक़ संरचना प्रस्तावित फोरलेन हाइवे को भविष्य में सिक्सलेन में परिवर्तित किया जा सके, इसके लिए डीपीआर इस प्रकार तैयार की जा रही है कि अंडरपास और फ्लाईओवर पहले से ही सिक्सलेन मानकों पर बने। छतरपुर से गुजरने वाला यह मार्ग भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर का हिस्सा भी बनेगा। छतरपुर बनेगा केंद्रीय कनेक्टिविटी हब यह हाइवे बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर और सागर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भोपाल और कानपुर से जोड़ेगा। छतरपुर, जो अब तक केवल पर्यटन के लिए जाना जाता था, अब लॉजिस्टिक्स और यातायात नेटवर्क का केंद्रीय हब बनने की ओर अग्रसर है। गठेवरा के पास जुड़ेंगे सिक्सलेन व फोरलेन बाइपास शहर में पहले दोनों नेशनल हाइवे को जोड़ते हुए रिंगरोड बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन इसके लेकर आ रही परेशानियों को देखते हुए अब कानपुर सागर सिक्सलेन को झांसी खजुराहो फोरलेन से जोडक़र बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब इसी जमीन पर बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन बाइपास होने से अलग-अलग लेन के वाहन अलग-अलग आ-जा सकेंगे। चंद्रपुरा से अलग-अलग हो जाएंगे सभी लेन सागर कानपुर सिक्सलेन सागर रोड पर चौका गांव से पन्ना रोड पर चंद्रपुरा तक सिक्सलेन बाइपास बनाया जाएगा। चंद्रपुरा में ग्वालियर जैसा चंद्रकार कनेक्शन देकर सभी लेनों को अलग-अलग जोड़ा जाएगा। सागर से आ रही सिक्सलेन की एक लेन के वाहन झांसी -खजुराहो मार्ग से झांसी की ओर निकल सकेंगे। वहीं, दूसरी लेन के वाहन पन्ना रोड पर सतना-रीवा की ओर निकल जाएंगे। जबकि तीसरी लेन के वाहन कानपुर के लिए निकल सक ेंगे। एक अन्य लेन के जरिए वाहन छतरपुर शहर में आ पाएंगे। 43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। चुनाव बाद इसके लिए टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी। छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सडक़ मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सडक़ से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके।

लाडली बहनों के खाते में आने वाले हैं 1250 रुपए, इन लाडली बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. हालांकि यह इंतजार अब खत्म होने वाला है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव 1.27 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 23वीं किस्त जारी करेंगे. वहीं सतना और मैहर जिले की 11 हजार महिलाओं के खाते में लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि नहीं आएंगे. अप्रैल का महीना जारी है. ऐसे में मध्य प्रदेश की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना का 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. दरअसल, हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है. वहीं त्योहारों के मौके पर तय तारीख से पहले किस्त जारी कर दी जाती है. ऐसे में यहां जानते हैं कि इस महीने कब जारी होगी लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि? संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम आएंगे, ऐसे में 10 की बजाय 11 अप्रैल को योजना की किस्त जारी की जा सकती है। इससे पहले जनवरी में 10 की बजाय 12 जनवरी (स्वामी विवेकानंद जयंती) को किस्त जारी की गई थी।उम्मीद है कि आज शाम तक 23वीं किस्त के डेट को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी, तब तब बहनों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। इस बार 11 हजार बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे     जानकारी के मुताबिक, इस बार 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा। 1. 27 करोड़ लाभार्थियों में से उम्र अधिक होने के चलते सतना व मैहर की 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।चुंकी नियम के तहत योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उम्र 23 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए।     वर्तमान में सतना व मैहर जिलों में तकरीबन 3 लाख 78 हजार महिलाओं को योजना का लाभ मिलता है, लेकिन 9 हजार महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, ऐसे में एमपी शासन के पोर्टल से उनका नाम ऑटोमेटिक हट गया है। इसके अलावा 2 हजार के करीब महिलाओं ने इस योजना का लाभ लेना स्वतः बंद कर दिया है। Ladli Behna Yojana: हर माह मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।    इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना: आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।     जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। ऐसे लिस्ट में चेक करें अपना नाम, पैसा मिलेगा या नहीं     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। लाडली बहनों को 23वीं किस्त की बेसब्री से इंतजार लाडली बहना योजना के अंतर्गत 22 किस्तें महिलाओं के खाते में जारी कर दिए गए हैं. बता दें कि पिछले महीने 8 मार्च, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लाडली बहना योजना की 22वीं किस्त जारी की गई थी. कब आएगी लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातें में हर महीने 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है. लाडली बहना योजना की किस्त ज्यादातर महीने की 10 तारीख को दी जाती है. हालांकि नवरात्रि जैसे त्योहारों पर तारीख में बदलाव किया जाता है और ये किस्त पहले भी आ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा कि 23वीं किस्त 10 अप्रैल, 2025 को ही खाते में आएगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है. शिवराज सिंह ने शुरू की थी लाडली बहना योजना बता दें … Read more

मुंबई-दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान, 2 घंटे में तय करेगी 2000 किमी की दूरी

नई दिल्‍ली  मुंबई और दुबई के बीच पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन का प्लान है। यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम कर देगी। संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) का नेशनल एडवाइजर ब्यूरो इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अगर सब ठीक रहा तो 2030 तक यह ट्रेन शुरू हो सकती है। इससे मुंबई और दुबई के बीच 2,000 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 2 घंटे में तय की जा सकेगी। यह बुलेट ट्रेन से भी तेज होगी और पानी के अंदर चलेगी। अब इस प्रोजेक्ट के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं। मुंबई और दुबई के बीच अभी हवाई जहाज से यात्रा करने में काफी समय लगता है। लेकिन, पानी के नीचे चलने वाली ट्रेन बन जाती है तो यह समय बहुत कम हो जाएगा। इकनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा होगी। यह ट्रेन 600 से 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। एक साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्‍ट यह प्रोजेक्ट कुछ साल पहले शुरू हुआ था। लेकिन, अभी तक इसे पूरी तरह से मंजूरी नहीं मिली है। इस ट्रेन से सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि सामान भी ले जाया जा सकेगा। इसमें कच्चा तेल (क्रूड) भी शामिल है। इस ट्रेन में सफर करने वाले लोग पानी के अंदर की दुनिया को भी देख सकेंगे। नेशनल एडवाइजर ब्यूरो का दावा है कि उन्होंने एक वीडियो भी बनाया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रेन बनने के बाद कैसी दिखेगी। वीडियो को YouTube पर अपलोड किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट में बहुत ज्यादा पैसा लगेगा। यह अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट है। क्या है अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट का आइडिया 6 साल पहले यूएई-इंडिया कॉन्क्लेव अबू-धाबी में दिया था. अब्दु्ल्ला शेही ने इस प्रोजेक्ट की जो रूपरेखा खीची है उसके अनुसार इस प्रोजेक्ट में अल्ट्रा-स्पीड फ्लोटिंग ट्रेनों के माध्यम से भारत के मुंबई को दुबई के फुजैराह से जोड़ने की योजना है. इस परियोजना का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है. फुजैराह बंदरगाह से भारत को तेल का निर्यात होगा और मुंबई के उत्तर में नर्मदा नदी से अतिरिक्त पानी को दुबई लाया जाएगा.  इसके अलावा इस रूट पर ट्रेनें चलेंगी जिससे यात्री भी मुंबई से दुबई और दुबई से मुंबई आ जा सकेंगे. अब्दुल्ला अल शेही के अनुसार अगर ये प्रोजेक्ट सफल होता है तो कई अन्य रुट पर विचार किया जा सकता है. और इसके दायरे में पाकिस्तान, बांग्लादेश के शहर भी आएंगे. अल शेही ने कहा कि हम इस क्षेत्र के लगभग 1.5 अरब लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. उनके लिए विमान के बजाय ट्रेन का उपयोग करना आसान होगा. समंदर के अंदर से होकर गुजरने वाले इस रेल रूट की लंबाई लगभग 2000 किलोमीटर होगी. और इसकी गति 600 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 1000 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी.   अल शेही के अनुसार, ट्रेन को इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग करके टनल में उठा दिया जाएगा. इसे मैग्लेव तकनीक के रूप में जाना जाता है, जो ट्रेन को 1,000 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचाएगा. इस तरह से दुबई से मुंबई तक की यात्रा मात्र 2 घंटे में पूरी हो सकेगी. अभी विमान से इस सफर को पूरा करने में 2-3 घंटे का समय लगता है. बता दें कि मैग्लैव तकनीक का इस्तेमाल कर ही जापान और चीन में बुलेट ट्रेनें चलती हैं. यह तकनीक ट्रेन को चुंबकीय बल से हवा में उठाकर घर्षण कम करती है, जिससे 1,000 किमी/घंटे तक की रफ्तार संभव होती है. उन्होंने कहा कि ट्रेन कंक्रीट सुरंगों से होकर गुजरेगी जो अरब सागर की सतह से 20-30 मीटर नीचे डूबी होंगी. इन सुरंगों को स्थिरता प्रदान करने के लिए एंकर किया जाएगा. नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अल शेही का मानना है कि इस परियोजना के साथ, UAE यात्रियों और माल दोनों के लिए अरब की खाड़ी में भारत का प्रवेश द्वार बन जाएगा, और यह यूएई की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक बदलाव होगा. क्रांतकारी विचारों के लिए जाना जाता है नेशनल एडवाइजर ब्यूरो बता दें कि नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड एक स्टार्ट अप और बड़े बिजनेस घरानों के लिए काम करने वाला एक सलाहकार फर्म है. दुबई की पानी की समस्या को खत्म करने के लिए इस कंपनी ने अंटार्कटिका से हिमखंड (आइसबर्ग) को खींचकर दुबई के समंदर तक लाने का क्रांतिकारी विचार दिया है. फिर इस आइसबर्ग से पीने योग्य पानी बनाने का विचार पेश किया गया है. क्या दुनिया में चल रही है ऐसी ट्रेंने चैनल टनल (यूके-फ्रांस) इसका सबसे मशहूर उदाहरण है. जो इंग्लैंड और फ्रांस को जोड़ता है. यह 50.45 किलोमीटर लंबी सुरंग 1994 में खुली थी. इसकी गहराई 75 मीटर तक है. इसमें यूरोस्टार ट्रेनें 160 किमी/घंटे की रफ्तार से चलती हैं. भारत ने हाल ही में शुरू किया है अंडरवाटर मेट्रो बता दें कि भारत ने भी हाल ही में अंडरवाटर मेट्रो के सफल संचालन में कामयाबी पाई है. इसे एक साल पहले देश में शुरू किया गया है. यह 520 मीटर लंबी सुरंग है, जो हावड़ा और कोलकाता को जोड़ती है. अंडरवॉटर मेट्रो सर्विस कोलकाता मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन का हिस्सा है. यह देश की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो टनल है, जो हुगली नदी के दोनों छोर पर बसे दो शहरों को जोड़ेगी. इसके लिए 3.8 किलोमीटर की दो अंडरग्राउंड टनल तैयार की गई हैं, जिसमें 520 मीटर का हिस्सा पानी के नीचे है. इसे 45 सेकेंड में क्रॉस किया जाता है. हालांकि, मुंबई-दुबई प्रोजेक्ट की विशाल दूरी (2,000 किमी) और गहरे समुद्र में निर्माण इसे दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा और जटिल प्रोजेक्ट बनाता है. दुनिया में दुबई-मुंबई अंडरवाटर रेल प्रोजेक्ट जैसे कई मिशन पर काम हो रहा है. चीन की योजना समंदर के जरिये रूस और कनाडा को जोड़ने की है. खर्च का अनुमान इस प्रोजेक्ट की लागत का सटीक अनुमान लगाना अभी मुश्किल है क्योंकि यह योजना प्रारंभिक चरण में है. लेकिन चैनल टनल (यूके-फ्रांस) के बनने में लगे खर्चे के आधार पर इसका अनुमान लगाया जा सकता है. चैनल टनल की लागत 1994 में लगभग 21 … Read more

इस बार बढ़ेंगे लू के दिन 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर पड़ेंगे : एक्सपर्ट

नई दिल्ली उत्तर और पश्चिम भारत में इस वक्त आसमानी आफत से लोग परेशान हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में जिस तरह से मई जैसी गर्मी पड़ रही है, उससे लोग हैरान हैं, लोग डरे हुए हैं कि इस बार पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी पड़ी तो क्या होगा? आखिर इससे राहत कब मिलेगी? साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया था पिछले साल देश ने 1901 के बाद सबसे ज्यादा गर्मी झेली लेकिन जिस तरह से अप्रैल में ही गर्मी जला रही है उसने बता दिया है कि इस बार गर्मी पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ देगी अब सवाल ये है कि क्या साल 2025 सबसे गरम साल के रूप में याद किया जाएगा? अप्रैल में ये हाल तो मई-जून में क्या होगा? उत्तर भारत के अधिकतर शहरों का यही हाल है. गर्मी और लू की वजह से बाहर निकलना मुश्किल है. घर से बाहर जाने से पहले इसी तरह से तैयार होना पड़ता है. गर्मी को लेकर लोगों का एक ही सवाल है कि मई-जून में क्या होगा? कुछ साल पहले तक इन्हीं दो महीनों में इस तरह की गर्मी पड़ती थी लू के थपेड़े झेलने पड़ते हैं लेकिन इस बार अप्रैल में ये सब देखकर लोग हैरान हैं. दो दिन अभी और सताएगी गर्मी वैसे तो पूरे उत्तर भारत में गर्मी डराने में लगी है, दिल्ली-एनसीआर वालों की हालत भी खराब है. इस सीजन में ये पहली बार है जब दिल्ली में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा. दिल्ली में हफ्ते के पहले चार दिन तापमान 40 डिग्री या उसके पार जाने की संभावना है गुरुवार को भी तापमान 40 के पार रहेगा. मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि दिल्ली को लू की श्रेणी में रख सकते हैं. राजस्थान में यही हाल है. दिन-रात के तापमान ज्यादा है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक चला गया है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और NCR के इलाकों में यही कंडीशन है और 2 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा. दिल्लीवालों के लिए दो दिन गर्मी के लिहाज से बहुत ही भारी रहने वाले हैं यानी कि सोमवार से शुरू हुई भीषण गर्मी गुरुवार तक जारी रहेगी.  तापमान में गिरावट होने का अनुमान मौसम विभाग ने ‘येलो’ अलर्ट के दौरान लोगों को गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए हल्के-फुल्के और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह दी है.  IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, इस तरह हफ्ते के आखिरी दिनों में दिल्लीवालों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी. दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में गिरावट होने का अनुमान है. क्या 2025 बनेगा अब तक का सबसे गर्म साल? पिछले साल भारत में 536 हीटवेव यानी लू देखी गईं, जो 14 सालों में सबसे ज़्यादा थी. पिछले साल पहली हीटवेव 5 अप्रैल को दर्ज की गई थी, वहीं इस बार सोमवार यानी 7 अप्रैल को इस मौसम में लू का पहला दिन था. चिंता की बात ये है कि देश में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ने वाली है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश के उत्तर और पश्चिम के राज्यों यानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली में लू के दिनों की संख्या दोगुनी होने की आशंका है. इस बार बढ़ेंगे लू के दिन आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों में लगातार 5-6 दिन लू चलती है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर आ सकते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर हीटवेव के दिनों की संख्या दोगुनी होती है तो 2025 अब तक का सबसे गर्म साल होगा. ऐसे में पारा सामान्य से 5 डिग्री या इससे भी ज्यादा रह सकता है. तो आगे गर्मी से बड़ी जंग लड़नी अभी बाकी है, जिसका ट्रेलर अप्रैल की शुरुआत में ही दिखने लगा है.  

मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, रेल लाइन प्रोजेक्ट, जीरकपुर बाईपास समेत तीन परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें जीरकपुर बाईपास निर्माण, तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन का दोहरीकरण और कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की यातायात सुविधाओं को सुधारना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। कैबिनेट ने पंजाब और हरियाणा में स्थित जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी। यह बाईपास छह लेन का होगा और इसकी कुल लंबाई 19.2 किलोमीटर होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। बाईपास एनएच-7 (जीरकपुर-पटियाला) के जंक्शन से शुरू होकर एनएच-5 (जिरकपुर-परवाणू) के जंक्शन तक जाएगा। इसके निर्माण से जीरकपुर और पंचकूला के अत्यधिक शहरीकृत और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचा जा सकेगा। यह परियोजना पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से आने वाले यातायात को डाइवर्ट करके हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात की भीड़-भाड़ कम होगी। इस परियोजना की कुल लागत 1,878.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और मुख्य शहरी मार्गों पर यातायात के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करना है। इसके अलावा कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर 1,332 करोड़ रुपये खर्च होगा और इसका उद्देश्य रेलवे की लाइन क्षमता को बढ़ाकर ट्रेनों की गति और सेवा को सुधारना है। यह दोहरीकरण परियोजना भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्री और माल परिवहन में सुधार होगा। इस परियोजना के पूरा होने से रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और भारतीय रेलवे की सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण है। इस योजना को 2025-2026 की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है, और इसकी प्रारंभिक कुल लागत 1,600 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा सिंचाई नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और किसानों को सूक्ष्म सिंचाई सुविधाएं प्रदान करना है। जल प्रबंधन के लिए एससीएडीए और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल उपयोग की दक्षता में सुधार होगा। इस योजना से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार की प्राथमिकता देश में बुनियादी ढांचे का विकास करना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

राष्ट्रपति मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई

ब्रातिस्लावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू और पेलेग्रिनी ने साझे वैश्विक और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष की ओर से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में राज्य मंत्री निमूबेन बंभानिया के साथ-साथ सांसद धवल पटेल, संध्या रे और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और पहल की सराहना की। दोनों नेताओं की उपस्थिति में दो एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मू का प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी ने स्वागत किया। उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। लोक परिधान पहने एक जोड़े ने पारंपरिक स्लोवाक तरीके से उनका स्वागत ब्रेड और नमक के साथ किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया की यात्रा पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक आदर्शों और वैश्विक सहयोग के साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं। दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया की दो दिवसीय यात्रा इस बात का संकेत देती है कि भारत स्लोवाक गणराज्य के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देता है। इससे रक्षा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गहन सहयोग और नई पहलों के शुरू होने की उम्मीद है।

स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस और पूर्व अधिकारियों-कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर जताया आभार

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर  भिलाई नगर निगम में वर्ष 2018 से लंबित सेवानिवृत्त व  दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया है। वर्षों से लंबित जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स का भी भुगतान अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया है। लंबे समय से इन राशियों का इंतजार कर रहे भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजनों ने इस पर खुशी जताते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ साव के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त व दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के वर्ष 2018 से भुगतान नहीं होने की बात संज्ञान में आते ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया था। उन्होंने पिछले दो वर्षों से लंबित अधिकारियों-कर्मचारियों के जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स के भी भुगतान की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए संचित निधि से 10 करोड़ 85 लाख 36 हजार रुपए तथा जीपीएफ/सीपीएफ एवं अवकाश नगदीकरण के भुगतान के लिए लीज फ्री-होल्ड की राशि से चार करोड़ 36 लाख 38 हजार रुपए के भुगतान की अनुमति भिलाई नगर निगम को दी है। विगत 3 अप्रैल को राज्य शासन द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने के दो दिनों के भीतर ही 300 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के खातों में 15 करोड़ रुपए अंतरित कर दी गई है। ग्रेच्युटी एवं अन्य राशि मिलने से खुश सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजन, भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। ये सभी लंबे समय से इन राशियों के भुगतान की बाट जोह रहे थे। किसी के यहां बेटी की शादी थी, तो किसी को इलाज या मकान बनाने के लिए राशि की जरूरत थी। उप मुख्यमंत्री साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि आपकी संवेदनशील पहल और नेतृत्व से ही आज सैकड़ों परिवारों के बीच बहुत ही सुखद क्षण आया है। अनेक मायूस परिवारों में मुस्कुराहट लौटी है। हम सभी परिवारों की ओर से आपको धन्यवाद देते हैं और आभार प्रकट कर रहे हैं। साव से मुलाकात के दौरान स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के सर्वसंजय शर्मा, शरद दुबे, विष्णु चन्द्राकर, शशिभूषण मोहंती, कृष्णा देशमुख, सुरेन्द्र सोनबेर, वामन राव, विनय मेश्राम, संतोष पाण्डेय, रामायण सिंह, थानूराम साहू, टहल राम साहू, सुरीता चतुर्वेदी और सुशालिनी गुरव मौजूद थीं।

मंत्री सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप किया श्रमदान

जल की बूंद-बूंद का संरक्षण करें : मंत्री सिलावट मंत्री तुलसी राम सिलावट ने ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया मंत्री सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप किया श्रमदान भोपाल जल संसाधन विभाग मंत्री तुलसी राम सिलावट ने बुधवार को ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया। मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प को पूरा करने और नदियों एवं तालाबों के संवर्धन के लिए प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य व्यापक पैमाने पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सभी अपनी सक्रिय भागीदारी से सफल बनाएं। केरवा डैम, भोपाल के समीप जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजित किए गए श्रमदान कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, तीरथ मीणा, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, सरपंच श्रीमती मीरा तोमर, पर्यावरण विद अभिलाष खांडेकर, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को जल स्रोतों के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के तालाबों पर हर प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के भी सख्त निर्देश दिए। सिलावट ने कहा कि जल संकट का समाधान जल गंगा संवर्धन अभियान में निहित है। उन्होंने झाबुआ जिले की प्रसिद्ध हलमा प्रथा से प्रेरणा लेते हुए सभी से अपने जीवन में कम से कम 1 घंटा श्रमदान करने का आग्रह किया। मंत्री सिलावट ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के संकल्प को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से पूरा किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सिलावट ने मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों में सिंचाई रकबे को 65 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी बात कही। मंत्री सिलावट ने वहां उपस्थित सभी लोगों को जल संसाधनों की रक्षा और संरक्षण करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हम सभी का है और इसकी सफलता की नींव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर टिकी हुई है।  

यह भारत का महानिर्माण काल है, जिसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र के रूप में वैश्विक क्षितिज पर उभर रहा है। यह भारत का महानिर्माण काल है, जिसमें प्रत्येक नागरिक, संस्था और संगठन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल सफल रिट्रीट भोपाल में एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ऑल इंडिया काउंसिल मीट-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने एसोसिएशन के सभी प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों प्रतिनिधियों को सम्मानित किया अब हम दुश्मन को घर में घुसकर जवाब देते है उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को आशा और संभावनाओं की दृष्टि से देख रही है। भारत वह राष्ट्र है जो विश्व में शांति स्थापित करने की सामर्थ्य रखता है। आज का भारत अपने निर्णय अंतर्राष्ट्रीय दबाव में नहीं, बल्कि वैश्विक हित में लेता है। हमारी सेनाएं पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं। अब वह समय नहीं जब हम ज़मीन पर विजय के बाद टेबल पर हार जायें, अब हम दुश्मन को घर में घुसकर जवाब देते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भारतीय सेना के साथ जुड़कर कार्य करना गौरव और राष्ट्रसेवा का अवसर है। एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन के सदस्य सैन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। सैन्य क्षेत्र में उत्पादों की गुणवत्ता, अनुशासन और प्रतिबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और एसोसिएशन इन सभी मानकों पर खरा उतर रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भविष्य में हथियार भी भारतीय होंगे उन्हें चलाने वाले भी स्वदेशी होंगे। एमईएस बिल्डर्स एसोसिएशन के सदस्य भारतीय सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर भारत माता की सेवा कर रहे हैं, यह अत्यंत गर्व की बात है। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के 80 जिलों से आए एसोसिएशन के पदाधिकारी, बिल्डर्स, सैन्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

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