LATEST NEWS

ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने की समय-सीमा निर्धारित

भोपाल एमपी सरकार अगले तीन साल में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें।  सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे कर कार्य-योजना बनाई जाए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में पीएम ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री प्रहलाद पटेल, सीएस अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। एआइ का करें उपयोग सीएम ने कहा, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्त, उन्नयन के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। सड़कों के रखरखाव, निरीक्षण में ऐप, जियो टैगिंग और एआइ का उपयोग कर और प्रभावी बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि 89 हजार बसाहटों में से 50,658 बसाहटें सड़क मार्ग से जुड़ चुकी हैं। ग्राम सड़क योजना-4 के तहत बनने वाली 11,544 बसाहटों के लिए सर्वे कर लिया गया है। शेष 26,798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। 89 हजार में से 50 हजार बसाहटों में सड़कें अधिकारियों ने सीएम को बताया कि जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। मेंटेनेंस और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश प्रथम रहा है। मार्गों के संधारण के लिए 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केंद्र द्वारा इसे पूरे देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। सीएम ने कहा कि सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।

संजय विनायक जोशी की मुख्यधारा की राजनीति में वापसी जल्द !क्यों चर्चा में हैं आए पुराने ‘साथी’, जानिए संयोग

मुंबई/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघ मुख्यालय के दौरे और संसद सत्र के खत्म होने के बाद बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बेंगलुरु में हाेने की संभावना है। यह बैठक अप्रैल के तीसरी हफ्ते में प्रस्तावित है। इस बैठक में बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे पहले अप्रैल बीजेपी का इस हफ्ते 6 अप्रैल को स्थापना दिवस है। बीजेपी के स्थापना दिवस के दिन ही रामनवमी का पर्व है। बीजेपी द्वारा इस मौके को बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट किए जाने की उम्मीद है, तो वहीं दूसरी तरफ कभी बीजेपी के कद्दावर संगठन मंत्री रह चुके संजय जोशी का जन्मदिन भी 6 अप्रैल को है। 6 अप्रैल से है अनूठा संयोग पीएम मोदी के नागपुर दौरे के बाद संजय जोशी के नाम की चर्चा एक बार फिर हो रही है। उनके करीबियों को भरोसा है कि ऐसे में जब इसी साल अक्तूबर को संघ की स्थापना को 100 साल पूरे हो रहे हैं। उससे पहले संजय विनायक जोशी की मुख्यधारा की राजनीति में वापसी हो सकती है। कुछ स्थानों पर संजय जोशी के जन्मदिन की बधाई देने वाले पोस्टर भी सामने आए हैं। संजय जोशी की उम्र अभी 62 साल है। ऐसे में 75 साल उम्र सीमा को देखते हुए उनके पास अभी वापसी का समय बचा हुआ है। यही वजह है कि संजय जोशी को पसंद करने वालों ने पीएम मोदी की नागपुर यात्रा के बाद नई उम्मीदें बांध ली है। जोशी के करीबियों का कहना है कि भले ही संजय जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष न बने लेकिन उनकी सक्रियता बढ़ेगी। सात सालों तक साथ किया काम 6 अप्रैल, 1962 को जन्में संजय जोशी लंबे समय से एक सीमित भूमिका में सक्रिय हैं। वह भी पीएम मोदी की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रह चुके हैं। जोशी 2001 से लेकर 2005 तक बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। नागपुर में जन्मे और वहां कुल साल तक प्रोफेसर रहे जोशी गुजरात में भी काम कर चुके हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बीजेपी में 1987 में आए थे। इसके एक साल बाद जोशी को संघ ने बीजेपी गुजरात में भेजा था। इसके बाद उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ 1988 से 1995 तक लगातार काम किया था। 1995 में पहली बार बीजेपी को गुजरात में सत्ता का स्वाद चखने को मिला था। तब देना पड़ा था इस्तीफा संजय जोशी को आखिरी बार नितिन गडकरी ने अध्यक्ष रहते हुए 2011 में जोशी को विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी सौंपीं थी लेकिन तब उनकी वापसी को बीजेपी में स्वीकार नहीं किया था। चुनावों के बाद उन्हें मई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से और एक महीने बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। ऐसे में जोशी जोशी पिछले 12 सालों से अज्ञातवास में हैं। ऐसे में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 27 सितंबर, 2025 को 100 पूरे होंगे और इसी महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल की आयु पूरी करेंगे, क्या उसके पहले संजय जोशी की वापसी हो पाएगी? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। पीएम मोदी की बेहद अच्छे माहौल में संघ मुख्यालय की यात्रा के बाद समर्थकों को उम्मीद है कि नई शुरुआत हो सकती है।

वक्फ विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है: जेपी नड्डा

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है। उन्होंने कहा कि इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक नियमों का पालन करके आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के सही रखरखाव और जवाबदेही तय करने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 70 साल तक किसने मुस्लिम समुदाय को डर में रखा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक इस नीति को अपनाया, लेकिन अब जनता ने इसका परिणाम देख लिया है। जेपी नड्डा ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत पहले ही इसे खत्म करने की बात कही थी, फिर भी कांग्रेस सरकार ने इसे जारी रखने की मजबूरी क्यों महसूस की? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकारों से वंचित रखा और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाए रखा। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम बहनों को मुख्यधारा में लाने का काम किया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने इराक, सीरिया और अन्य मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तीन तलाक पहले ही समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मुस्लिम महिलाओं को समानता से वंचित रखा और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम देशों ने इसमें सुधार किए हैं। उदाहरण के लिए, तुर्की ने 1924 में ही अपनी पूरी वक्फ संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में ले लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 70 वर्षों के शासन में किस तरह विकास अवरुद्ध रहा, यह सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य वक्फ कानून को नियमों के दायरे में लाना है। उन्होंने बताया कि 2013 के संशोधन का समर्थन करने के बावजूद उसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वक्फ से जुड़े मामलों को नागरिक सिविल कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी जा सकती। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से कहा कि आपने (विपक्ष) संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग की थी और हमने इसका गठन किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में जब वक्फ विधेयक के लिए जेपीसी का गठन किया गया था, तब इसमें केवल 13 सदस्य थे, लेकिन मोदी सरकार के तहत गठित जेपीसी में 31 सदस्य शामिल हुए। जेपीसी ने 36 बैठकें कीं और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस पर 200 घंटे से अधिक समय काम किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से हमने कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम समुदाय का वक्फ की प्रॉपर्टी का सही से उपयोग हो सके। इस विधेयक में तय किया गया है कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रॉपर्टी सही हाथों में रहे।

रोजगारपरक गतिविधियों के लिए खाद्य प्र-संस्करण पर विशेषज्ञता आधारित सेल गठित किया जाए: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की जिलेवार मैपिंग की जाए। विश्वविद्यालय सहित अन्य शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित करने तथा प्रदेश में पीपीपी मोड पर नर्सरीयां विकसित करने के लिए कार्य योजना बनायी जाए। प्रदेश के सभी जिलों में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण पर केंद्रित वर्कशॉप और मेले आयोजित कर जिलों के किसानों और उद्यमियों को अन्य जिलों में संचालित बेस्ट प्रैक्टिसेज से परिचित कराया जाए। जिलों में कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार करने तथा अपने स्तर पर इस क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित करने वाले किसानों का सम्मान किया जाए। इन्वेस्टर्स समिट के समान प्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर समिट का आयोजन हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में कृषि विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश, भौगोलिक दृष्टि से सम्पन्न है, साथ ही सिंचाई और बिजली की भी पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश कि उद्यानिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से भी आगे निकले। उद्यानिकी के साथ खाद्य प्र-संस्करण के माध्यम से रोजगार के अवसर निर्मित करने की दिशा में भी अंन्तर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाए। विभाग में विशेषज्ञों तथा तकनीकी दक्षता पर केंद्रित सेल स्थापित कर खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के तीनों क्षेत्रों चंबल-मालवा और महाकौशल में उद्यानिकी की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्षेत्र विशेष की आवश्यकता के अनुसार कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिले, उन्हें यह भरोसा दिलाना आवश्यक है। किसानों की उपज के लिए उपयुक्त सुविधाजनक स्थलों पर स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आस-पास की मंडियों में उपज के मूल्य की सही जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बागवानी विकसित करने को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। सभी विधायक और पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में आदर्श बागवानी या नर्सरी विकसित कर क्षेत्र के किसानों को अपने स्तर पर प्रेरित करें। श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए किसानों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र जैसी संस्थाओं से किसानों के संवाद को भी प्रोत्साहित करना आवश्यक है। बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी माह में नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। प्रदेश में 22 लाख 72 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हैक्टयर तक ले जाने का लक्ष्य है। प्रदेश मसालों के उत्पादन में देश में प्रथम, उद्यानिकी में द्वितीय, पुष्प और सब्जी उत्पादन में तृतीय तथा फल उत्पादन में देश में चौथे स्थान पर है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहुसन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, बरमान नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया जारी है। इससे इन उत्पदों के निर्यात में वृद्धि होने से किसानों की आय भी बढ़ेगी। बैठक में विभिन्न केंद्रीय और राजकोषीय योजनाओं की प्रगति की समिक्षा की गई।  

पीएम मोदी की थाइलैंड यात्रा : ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है

बैंकॉक प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा के दौरान एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है। यह डाक टिकट 18वीं सदी की रामायण के भित्ति चित्रों पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा, मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं कि मेरी यात्रा के उपलक्ष्य में 18वी शताब्दी की ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित एक विशेष डाक-टिकट जारी किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण ‘रामकियेन’ को देखा। ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।’ उन्होंने लिखा, “रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है।” द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने पीएम मोदी को एक बेहद खास गिफ्ट दिया। उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ ‘द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन’ भेंट किया। तिपिटका (पाली में) या त्रिपिटक (संस्कृत में) भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है, जो नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण सुनिश्चित करता है। यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार ने ‘विश्व तिपिटका परियोजना’ के हिस्से के रूप में राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकित के 70 साल के शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया था। पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया और मैंने भगवान बुद्ध की भूमि भारत की ओर से हाथ जोड़कर इसे स्वीकार किया। पिछले वर्ष भारत ने भगवान बुद्ध और उनके दो प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे थे। यह जानकर बहुत खुशी हुई कि करीब चार मिलियन लोगों ने इन अवशेषों को नमन किया।” विश्लेषकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंधों का प्रमाण है।

अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका: मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक एक लाख 25 हजार 631 किसानों से 10 लाख 25 हजार 735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक 1794 करोड़ 82 लाख रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। जिला उज्जैन में एक लाख 93 हजार 362, सीहोर में एक लाख 61 हजार 737, देवास में 90 हजार 740, शाजापुर में 92 हजार 613, इंदौर में 69 हजार 558, भोपाल में 74 हजार 75, राजगढ़ में 66 हजार 47, मंदसौर 42 हजार 909, आगर मालवा में 40 हजार 550, धार में 33 हजार 249, विदिशा में 54 हजार 474, हरदा में 24 हजार 45, खण्डवा में 16 हजार 654, रतलाम में 19 हजार 743, नीमच में 6362, नर्मदापुरम में 8140, झाबुआ में 5710, रायसेन में 14183, बैतूल में 2431, दमोह में 3557, खरगौन में 565, गुना में 1057, सागर में 1053, नरसिंहपुर में 221, छिंदवाड़ा में 185, अशोकनगर में 119, सिवनी में 1313, सतना में 926, मण्डला में 90, दतिया में 43 और अलीराजपुर में 24, मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। इस वर्ष अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 15 लाख 9 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। किसान अब 9 अप्रैल तक पंजीयन करा सकते हैं।  गेहूँ उपार्जन के लिये किसान अब 9 अप्रैल तक करा सकते हैं पंजीयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसानों के हित में रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन की अवधि 9 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में पंजीयन की अवधि 31 मार्च 2025 तक निर्धारित की गई थी। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं करवाया है, वे 9 अप्रैल तक गेहूँ उपार्जन के लिये पंजीयन जरूर करायें। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गेहूँ उपार्जन के लिये 31 मार्च तक 15 लाख 9 हजार 324 किसान पंजीयन करा चुके हैं। गेहूँ का उपार्जन भी जारी है।  

‘ये बिल पूरी तरह से फेक नैरेटिव पर आधारित है जिसके लिए पिछले कुछ महीनों से कोशिश की जा रही थी: नसीर हुसैन

नई दिल्ली अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 राज्यसभा में पेश कर दिया है. बिल पेश कर रिजिजू ने कहा कि वक्फ में किसी गैर मुस्लिम का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक 2024 कुछ संशोधनों के साथ पारित हो गया है. लोकसभा में चली मैराथन चर्चा के बाद ये बिल 232 के मुकाबले 288 वोट से पारित हो गया. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अब इस बिल को राज्यसभा में पेश कर दिया है. राज्यसभा में बिल पेश कर किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ में किसी गैर मुस्लिम का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. ‘ये महज कानूनी नहीं, पुरानी रवायत से जुड़ा मामला’, वक्फ बिल पर बोले नदीमुल हक टीएमसी सांसद नदीमुल हक ने कहा कि ये महज कानूनी मसला नहीं, पुरानी रवायत से जुड़ा मामला है. क्या हम उन रवायतों को भुला सकते हैं जिन्होंने हमें एक देश एक कौम बनाया है. ये मामला बस मुसलमानों से जुड़ा नहीं है. ये सिर्फ एक मजहबी मसला नहीं, संवैधानिक मुद्दा भी है. हमारे लिए संविधान महज एक किताब नहीं, मार्गदर्शक है. वक्फ बिल में कई खामियां हैं. ये बिल एंटी फेडरल है. इस बिल का मकसद वक्फ बोर्ड में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व कम करना है. जब ये बिल लोकसभा में पेश किया गया था, एक गलती रह गई थी जो जेपीसी में जाकर पकड़ा गया था. बहुत सारी कमेटियों की सिफारिश पर ये बिल लेकर आए हैं, मंत्री जी ने कहा. आपको रिफॉर्म करना है तो तीन सुझाव तो मान लीजिए. मुसलमानों की शिक्षा को लेकर एजुकेशन बोर्ड, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाने की सिफारिशें भी मान लीजिए. इस बिल में इन सबका कोई जिक्र नहीं किया गया. नसीर हुसैन पर राधा मोहन दास अग्रवाल के आरोप को लेकर राज्यसभा में हंगामा विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब व्यक्तिगत आरोप लगाए जाएं तब स्पष्टीकरण का मौका दिया जाना चाहिए. निर्मला सीतारमण ने कहा कि गृह मंत्री के बोलने के बाद उन्हें मौका दिया गया था. उन्होंने (नसीर हुसैन ने) जो कहा, वो दोहरा सकती हूं. इस पर हंगामा हो गया. प्रमोद तिवारी के पॉइंट ऑफ ऑर्डर पर अमित शाह बोले- कोई आरोप नहीं लगाया राधा मोहन दास अग्रवाल का संबोधन पूरा होने के बाद कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया और कहा कि कोई भी सदस्य किसी सदस्य पर मानहानिकारक, अपराध के आरोप बगैर किसी पूर्व सूचना के आरोप नहीं लगा सकता. इस पर ट्रेजरी बेंच से मंत्री ने कुछ कहा. इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये मंत्री का आचरण है. हम तो बस इतना चाहते हैं कि सदन में चर्चा शांतिपूर्वक चले. गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट पर खड़े हुए और कहा कि मान्यवर माननीय सदस्य ने नसीर हुसैन पर कोई आरोप नहीं लगाए. इन्होंने बस इतना ही कहा कि नसीर हुसैन जब जीते, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे. नारे इन्होंने नहीं लगाए, इन पर आरोप नहीं लगे. नसीर हुसैन ने कहा कि मेरा नाम लिया गया है. जब ये नारे लगे, सिवाय एक जर्नलिस्ट के कोई वहां नहीं था. वक्फ बोर्ड जिस जमीन पर हाथ रख दे, उसकी हो जाती थी- राधा मोहन दास अग्रवाल बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान वक्फ बोर्ड की तुलना पुरानी फिल्मों के गुंडों से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में गुंडे जिस औरत पर हाथ रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी. उसी तरह से ये जिस जमीन पर हाथ रख देते थे, वह जमीन इनकी हो जाती थी. वक्फ बाई यूजर इनका बड़ा हथियार था. किसी की जमीन पर कुछ दिन नमाज क्या पढ़ ली, वक्फ बाई यूजर वो जमीन वक्फ बोर्ड की हो गई. तमिलनाडु में 1500 साल पुराना मंदिर भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया. हमने मौलाना से पूछा कि ये बताओ कि कुरान में कहां लिखा है, किस हदीस में लिखा है कि जो संपत्ति किसी ने दान की ही नहीं, वह आपकी कैसे हो गई. इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं था. ओवैसी साहब उस सदन में बैठते हैं, उन्होंने मेरा नाम रख दिया मौलाना राधा मोहन दास अग्रवाल. उन्होंने कर्नाटक में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले नेताओं के नाम की लिस्ट पढ़ी और कहा कि ये रिपोर्ट जेपीसी में टेबल हुई थी. बीजेपी सांसद ने कहा कि एक नाम इस सदन की मर्यादा में लेने से इनकार करता हूं, वो सदन में हैं भी नहीं. सबको पता है कि वो नाम क्या होगा. वक्फ संशोधन बिल पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस सांसद डॉक्टर सैयद नसीर हुसैन ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि, ‘ये बिल पूरी तरह से फेक नैरेटिव पर आधारित है जिसके लिए पिछले कुछ महीनों से कोशिश की जा रही थी. ये बिल बीजेपी के लिए सिर्फ ध्रुवीकरण का टूल है. ये कह रहे हैं कि हम गरीब को ताकत देंगे, ट्रांसपैरेंसी देंगे. 10 साल से आप सत्ता में हैं, क्या किया. सेंट्रल वक्फ काउंसिल है, उसमें काउंसिल नहीं है, सिर्फ किरेन रिजिजू का नाम नजर आएगा.’ उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि, ‘वक्फ बोर्ड के खिलाफ सबसे बड़ा भ्रम फैलाया गया है कि वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को अपनी जमीन घोषित कर देता था. क्या देश में रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं है, कानून नहीं है, कोर्ट नहीं है. हम ट्रेन में नमाज पढ़ते हैं तो क्या ट्रेन हमारी हो गई.’ देश को कर रहे हैं गुमराह कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा, ‘बीजेपी शासित राज्यों में बोर्ड नहीं है. देश को गुमराह करने के लिए ये बातें यहां पर कर रहे हैं. जेपीसी में मैं भी सदस्य था. जब शुरू हुआ, एक्सपर्ट्स आने लगे तो 97 फीसदी लोगों ने बिल के खिलाफ बातें कीं. एक लाख आंकड़ा दे रहे हैं, सदन पटल पर रख दें कि कितने लोगों ने बिल का विरोध किया था. पहली बार जेपीसी में नॉन स्टेक होल्डर्स को बुलाया गया.’ उन्होंने कहा कि, कुछ तो ऐसे थे जो सांप्रदायिक बयान दे रहे थे. ये कह रहे हैं कि जेपीसी की सिफारिशों पर लाए हैं. इनसे पूछिए कि … Read more

भोपाल में संपत्ति और जलकर में वृद्धि: 3611 करोड़ से अधिक का बजट पेश, पिछली बार की तुलना में 300 करोड़ रुपए ज्यादा

भोपाल भोपाल नगर सरकार का सालाना बजट गुरुवार को महापौर मालती राय ने पेश किया गया। संभावना के मुताबिक बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत, पानी और ठोस-अपशिष्ट पर 15 प्रतिशत टैक्स की वृद्धि की गई है। इससे राजधानी के पौने 3 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ता प्रभावित होंगे।महापौर मालती राय नगर निगम का बजट पेश करने के लिए एमआईसी मेंबर और पार्षदों के साथ परिषद में पहुंचीं। महापौर सफेद-नीले रंग के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। इस दौरान मेयर के साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। अतः उक्त परिस्थितियों के आधार पर नगरीय विकास के लिये यह आवश्यक एवं उचित है कि संपत्तिकर, जलदर एवं उपभोक्ता प्रभार की दरों में वृद्वि की जावे। माननीय अध्यक्ष महोदय, इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये युक्तियुक्तकरण किया जाकर संपत्तिकर की गणना हेतु करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारण हेतु परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्वि एवं उपभोक्ता प्रभार-जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्वि प्रस्तावित की गई है।जो कि बजट पुस्तिका में संलग्न चार्ट में अवलोकन से स्पष्ट होगा कि बहुत अधिक दरों को नहीं बढ़ाया गया है। वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध बैठक में महापौर मालती राय ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन प्रस्ताव रखा। भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने इस पर चर्चा शुरू करनी चाही, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह लोकसभा का मामला है, नगर निगम में इसे क्यों उठाया जा रहा है। इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि प्रस्ताव मेरी अनुमति से रखा गया है, सभी पार्षद अपनी सीटों पर बैठें। लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने विरोध जारी रखा और अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्षदों को वापस भेजा, वहीं भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने प्रस्ताव रखना जारी रखा और भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। सरकारी आवास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के नाम भोपाल में टीटी नगर स्थित सरकारी आवास का निर्माण हुआ था। सीएम मोहन यादव ने परिसर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई परिसर करने की घोषणा की थी। मीटिंग में यह प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पास कर दिया गया। एमआईसी मेंबर रविन्द्र यति ने यह प्रस्ताव रखा। इस पर विपक्ष ने भी किसी प्रकार का विरोध नहीं दर्ज कराया।  छात्रों के लिए महापौर स्मार्ट पास फिर शुरू होंगे     शहर में 1 लाख 26 हजार पौधे रोपे गए।     जीआईएस के तहत शहर के सौदर्यीकरण के कार्यों को बनाए रखने के लिए 1 हजार लाख रुपए और मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण के लिए 1500 लाख रुपए तथा पार्को के विकास के लिए 1200 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया।     शहर में शालाओं के निर्माण और विकास कार्यों के लिए शिक्षा उपकर की मद में 3065 लाख रुपए का प्रावधान किया।     निगम कर्मचारियों के कक्षा 10वीं और 12वीं में मैरिट में आने वाली बालिकाओं और बालकों को प्रोत्साहन योजना के तहत 10 हजार रुपए प्रत्येक छात्र को दिए जाने का प्रावधान किया गया।     करयोग्य संपत्ति मूल्य अवधारा के लिए परिक्षेत्र एवं उससे संबंधित दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि एवं उपभोक्ता प्रभार- जलदर, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 4 250 लाख रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि- प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 210 लाख रुपए का प्रावधान किया गया।     परिषद अध्यक्ष निधि के रूप में 500 लाख रुपए रखने का प्रावधान।     एमआईसी सदस्यों की निधि के लिए 1 करोड़ रुपए प्रति एमआईसी के मान से 1 हजार लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया।     समग्र विकास के लिए विशेष निधि राशि 1 हजार लाख और विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य के लिए 1500 लाख रुपए का बजट में प्रावधान किया।     बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित आय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए के विरुद्ध अनुमानित व्यय 3611 करोड़ 79 लाख 75 हजार रुपए प्रस्तावित है।     राजस्व आय की राशि 5 प्रतिशत रिजर्व राशि 110 करोड़ 7लाख 4 हजार रुपए रखने के उपरांत 110 करोड़ 7 लाख 4 हजार रुपए संभावित घाटे का बजट सदन के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत है। मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर-पार्षदों के लिए यह प्रावधान     वार्ड नियोजन निधि के रूप में प्रति वार्ड 50 लाख रुपए के मान से बजट में 42 करोड़ रुपए का प्रावधान।     जोन कार्यालय स्तर पर जोन अध्यक्ष निधि प्रति जोन 10 लाख रुपए के मान से 2 करोड़ रुपए का प्रावधान।     अध्यक्ष के लिए 5 करोड़ रुपए रखे गए हैं।     एमआईसी मेंबर के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान।     महापौर के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले बैठक में निगम कमिश्नर द्वारा पार्षद को हटाने के प्रस्ताव का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। ऐसे में महापौर मालती राय ने भी कहा कि किसी पार्षद के खिलाफ शासन को प्रस्ताव भेजने से पहले एमआईसी या परिषद से चर्चा होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों के व्यवहार और फोन न उठाने की समस्या पर भी नाराजगी जाहिर की गई। बीजेपी पार्षद एक स्वास्थ्य अधिकारी पर भड़क गए। पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने कहा कि एएचओ ने पार्षद के साथ अभद्रता की है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।  

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने आज शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जारी संदेश में यह बात कही।  

रिलेशनशिप टूटने का मतलब रेप केस नहीं : सुको

 नई दिल्ली शादी का वादा करके संबंध बनाने के नाम पर रेप केस दर्ज कराए जाने के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति बन गई है कि जो रिश्ते शादी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनमें केस दर्ज हो रहे हैं। ऐसा होना गलत है। ऐसी स्थिति बन गई है कि रिलेशनशिप में रहना ही एक अपराध हो गया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि रोमांस खत्म होने या फिर ब्रेकअप होने का यह मतलब नहीं है कि मामला रेप का हो जाए। अदालत ने कहा कि अब समाज में जिस तरह से मूल्य बदल रहे हैं। हमें यह समझना होगा कि रिलेशनशिप टूटने का मतलब रेप केस ना बन जाए। अदालत ने यह टिप्पणी एक शख्स की अर्जी पर सुनवाई करते हुए की, जिसने रेप केस खारिज करने की अर्जी दी थी। उस शख्स के खिलाफ मंगेतर ने ही रेप का केस दाखिल किया था, जिससे उसकी सगाई हुई थी, लेकिन शादी नहीं हो पाई थी। महिला का दावा था कि शादी का गलत वादा करके उसके साथ संबंध बनाए गए। इस मामले में युवक का पक्ष वरिष्ठ वकील गीता लूथरा ने रखा, जबकि महिला की तरफ से माधवी दीवान ने दलीलें दीं। इस केस की सुनवाई करते हुए बेंच ने महिला से कहा, ‘आप इतनी भोली होतीं तो हमारे पास नहीं आतीं। आप बालिग थीं। यह नहीं कहा जा सकता कि किसी ने आपको शादी का वादा करने के नाम पर मूर्ख बनाया। पूरे सम्मान के साथ कहना होगा कि आज नैतिकता और मूल्य बदल गए हैं। खासतौर पर युवा पीढ़ी में। यदि हम आपसे सहमत हो जाएं तो फिर कॉलेज में किसी लड़के और लड़की के बीच का रिलेशन दंडनीय हो जाएगा।’ अदालत ने कहा, ‘मान लीजिए कि कॉलेज के दो स्टूडेंट्स के बीच प्यार है। लड़की पीछे हटती है और युवक कहता है कि मैं तुमसे अगले सप्ताह शादी कर लूंगा। फिर वह बाद में ऐसा नहीं करता है। क्या ऐसा करना अपराध माना जाएगा?’ बेंच ने यह भी कहा कि यह परंपरागत नजरिया है। जिसमें पूरी अपेक्षाएं पुरुषों पर ही डाल दी जाती हैं। इस पर महिला की वकील ने कहा कि यह मामला तो अरेंज मैरिज का है। वकील माधवी दीवान ने कहा, ‘इस मामले में संबंध बनाने की मंजूरी फ्री कंसेंट का केस नहीं है। यहां मसला है कि युवती को लगा कि यदि वह मंगेतर को खुश नहीं करेगी तो वह शादी नहीं करेगा। दोनों की सगाई हुई थी। यह युवक के लिए कैजुअल सेक्स हो सकता है, लेकिन लड़की के साथ ऐसा नहीं था।’ हालांकि बेंच इस दलील से सहमत नहीं हुई। जजों ने कहा कि आप ही बताएं कि क्या सिर्फ शादी न हो पाना रेप का अपराध मान लिया जाए। हम इस मामले को सिर्फ एक तरीके से नहीं देख सकते। हमें किसी एक जेंडर से ही अटैचमेंट नहीं है। मेरी भी एक बेटी है। यदि वह भी इस स्थिति में होती तो मैं भी इस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखता। अब खुद ही बताइए कि क्या इतनी कमजोर दलीलों के आधार पर यह केस बनता है। जस्टिस बिंदल ने कहा कि शिकायतकर्ता को पता था कि यह रिश्ता खत्म हो सकता है। फिर भी उन्होंने संबंध बनाए। अदालत ने युवक की अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है।

Indore municipal corporation: 8 हजार करोड़ का बजट पेश, तख्तियां लेकर पहुंचे कांग्रेसी पार्षद

 इंदौर इंदौर नगर निगम का बजट कार्यक्रम शुरू हो चुका है। गुरुवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह अटल सदन में बजट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साल नए टैक्स का प्रावधान नहीं किया गया है और पुराने टैक्स में भी वृद्धि नहीं की गई है। 8 हजार 174 करोड़ का बजट है जिसमें कई विकास योजनाएं हैं। बिल घोटाले पर भिड़े नेता बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच बजट पर हंगामा हुआ, खासतौर पर फर्जी बिल घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाए। इस बार नगर निगम क्षेत्र में 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन का काम भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। बजट से पहले ही शुरू हो गया हंगामा सुबह 11 बजे नगर निगम सभागृह सदन की कार्रवाई शुरू हुई। सभापति मुन्ना लाल यादव ने पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने फर्जी बिल घोटाले का मुद्दा उठाया। भाजपा के पार्षद बजट के मुद्दे पर बात करने के लिए जोर देते थे और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया और न ही कर में वृद्धि की गई है। सड़कों और पुलों के लिए बड़ी योजना   शहर में नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुराने पुलों की मरम्मत की जाएगी। ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए प्रमुख चौराहों पर नए सुधार किए जाएंगे। स्वच्छता पर विशेष जोर इंदौर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। कचरा प्रबंधन में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे शहर की स्वच्छता पहले से बेहतर होगी। पर्यावरण संरक्षण हरित इंदौर अभियान के तहत शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे और नए पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, जल संरक्षण को लेकर भी कई योजनाएं लाई जाएंगी। डिजिटल सेवाओं का विस्तार नगर निगम की सेवाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि लोग घर बैठे ही जरूरी काम कर सकें। ऑनलाइन टैक्स भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य सुविधाओं को और आसान बनाया जाएगा। कर्मचारियों के लिए राहत नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में सुधार करने को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं। स्थायीकरण की मांग पर भी विचार किया जाएगा।”इंदौर को और ज्यादा विकसित और सुविधाजनक बनाने के लिए हमने यह बजट तैयार किया है। हमारा फोकस स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं पर रहेगा, जिससे जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी।”अब देखना होगा कि इस बजट की घोषणाएं कितनी तेजी से जमीनी स्तर पर अमल में आती हैं। क्या निगम प्रशासन अपने वादों को पूरा कर पाएगा या फिर यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा? ये देखना होगा। महापौर ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का दिया जवाब बजट भाषण के पहले कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौक से ने सवाल खड़े किए थे। कि पहले सवालों के जवाब दिए जाएं इसके बाद आपके बजट भाषण को सुना जाएगा। इसी दौरान महापौर ने आश्वासन देते हुए कहा था। आप पूरा भाषण सुनाएं आपके सवालों के जवाब भाषण में मिल जाएंगे। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष ने सवाल खड़े किए थे। एक हज़ार करोड रुपए के डैनेज घोट के मामले में अब तक क्या करें कदम उठाए गए। इसको लेकर जवाब मांगा था। इसके सवाल के जवाब देते हुए । महापौर ने 1000 करोड रुपए के घोटाले को लेकर कहा मामले में सभी दोषी फिलहाल जेल के अंदर है। और जो ठेकेदार है उनके लगभग 1000 करोड़ के ही बिल नगर निगम ने रोक हैं। जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब बराबर दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का राजस्व मिला इस साल निगम ने एक हजार करोड़ का राजस्व एकत्र किया है। इस बार बजट में सड़क निर्माण पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। तीन साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले के मद्देनजर शहर में कई मार्गों को जोड़ा किया जाएगा। इंदौर में 30 से ज्यादा मास्टर प्लान सड़कों को चौड़ा किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर ही डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्मदा के चौथे चरण के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी जाएगी। जलूद में नगर निगम सोलर प्लांट भी लगा रहा है। इसके अलावा चौथे चरण के लिए पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन के काम होना हैै। राज्य सरकार ने भी इसके लिए राशि जारी की है। 300 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। सफाई के लिए संसाधनों की खरीदी के लिए भी स्वास्थ्य विभाग मद में पिछले साल की तुलना में ज्यादा बजट रहेगा। उधर बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेेस पार्षद दल ने भाजपा परिषद को घेरने की तैयारी की है। फर्जी बिल घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद हंगामा कर सकते है।

राधा मोहन दास अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला, यह एक क्रांतिकारी विधेयक है जो गरीब मुसलमानों की मदद करेगा

नई दिल्ली लोकसभा में पास होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को आज राज्यसभा में पेश किया गया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल को सदन के पटल पर रखा। बता दें कि करीब 12 घंटे लंबी बहस और तीखी नोकझोंक के बाद, वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को बुधवार देर रात लोकसभा में पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 सांसदों ने मतदान किया। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन को बेहतर करने के उद्देश्य से लाया गया था, जिसे लेकर सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच गहरा मतभेद देखने को मिला। अब सभी की नजरें राज्यसभा पर टिकी हैं।   राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 2013 में वक्फ़ संशोधन विधेयक का समर्थन करने के बाद अपना रुख इसलिए बदल लिया क्योंकि 2024 के चुनाव में उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और वह वक्फ़ कानून के बारे में देश में तमाम तरह की भ्रांतियां फैला रही है। वक्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर उच्च सदन में हो रही चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि 2013 में जब यह विधेयक संसद में आया तो लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में भाजपा के नेताओं ने उसका समर्थन किया था लेकिन आज इसे ‘दमनकारी कानून’ करार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2024 में जब सत्तारूढ़ भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला और वह 240 सीटों पर सिमट गयी तो उसे इस वक्फ़ कानून की याद आयी और वह इसे दमनकारी कानून कहने लगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित कई प्रदेशों में तो वक्फ़ बोर्ड गठित ही नहीं किये गये और आज अल्पसंख्यक मंत्री वक्फ़ में पारदर्शिता लाने की बात कर रहे हैं। हुसैन ने सरकार से जानना चाहा कि क्या सरकार ‘प्रैक्टिसिंग मुस्लिम’ की पहचान करने के लिए कोई अलग विभाग खोलेगी और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो लगा कर कोई प्रमाणपत्र देगी ? उन्होंने कहा कि इस विधेयक का असली मकसद यह है कि खुद सरकार की नज़र वक्फ़ की जमीन पर लगी हुई है। राधा मोहन दास अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने राज्यसभा में कहा, “जब सैयद नासिर हुसैन ने बेंगलुरु में राज्यसभा की शपथ ली, तब मैं कर्नाटक में था। उनके समर्थकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए और विरोध करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया।” उन्होंने कहा, “यह एक क्रांतिकारी विधेयक है जो गरीब मुसलमानों की मदद करेगा। हम हिंदू हैं और इतिहास गवाह है कि हमने सती प्रथा और बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाकर और विधवा विवाह की अनुमति देकर अपने समाज को बेहतर बनाने की कोशिश की है। लेकिन इस संसद में ऐसे सुधार करने की कोई कोशिश नहीं की गई जिससे गरीब मुसलमानों की मदद हो सके। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार ऐसा हो रहा है। उनकी सभी कल्याणकारी योजनाएं मुसलमानों तक पहुंची हैं।” हमें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की जा रही है- सैयद नसीर कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने राज्यसभा में कहा, ‘वे राजनीति कर रहे हैं और देश में दंगे कराना चाहते हैं। वे पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कागजात मांगेंगे। अगर उनके पास कागजात नहीं होंगे, तो उनके लोग हंगामा करेंगे।’ ‘क्या आप हमें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं? वे 123 संपत्तियों को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। वे या तो मस्जिद हैं, कब्रिस्तान हैं या दरगाह हैं। मैं उनकी सूची प्रस्तुत करना चाहता हूं। जब अंग्रेजों ने लुटियंस दिल्ली पर कब्जा किया, तो उन्होंने क्षेत्र के निर्माण के बाद इन संपत्तियों को वक्फ को सौंप दिया था। ये संपत्तियां वक्फ के पास हैं। ये वे संपत्तियां हैं जिनका वे 2013 के संबंध में उल्लेख कर रहे हैं।” राज्यसभा में सैयद नसीर हुसैन बनाम अमित शाह संसद में सैयद नसीर हुसैन ने कहा, “वे कहते हैं कि मौजूदा वक्फ अधिनियम के तहत, अगर लोग न्यायाधिकरण के फैसले से असंतुष्ट हैं तो वे अदालत नहीं जा सकते। यह गलत है। अगर कोई भी अदालत नहीं जा सकता तो उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में इतने सारे लंबित मामले कैसे हैं?” इस पर अमित शाह ने जवाब दिया, “उन्होंने 2013 के अधिनियम में न्यायालय में सिविल मुकदमे के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा, जिसका दायरा व्यापक है। उनके पास केवल उच्च न्यायालय में रिट क्षेत्राधिकार का प्रावधान है, जिसका दायरा बहुत सीमित है।”

छत्तीसगढ़ राज्य ने जीएसटी संग्रह में हासिल किया ऐतिहासिक मुकाम, 16,390 करोड़ का किया जीएसटी संग्रह

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह मार्च 2025 में  छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है। बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं। नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है। फर्जी पंजीकरण की जांच 28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई। डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई वर्षभर में डेटा  एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई। वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई। सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे  ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया। सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया। व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी  सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है। भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। “छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।” – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

आईपीएल 2025 में पहली जीत की राह तलाश रही KKR आज सनराइजर्स करेगी सामना

कोलकाता तीन में से दो मैच हार चुकी गत चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स और पिछले साल फाइनल खेलने वाली सनराइजर्स हैदराबाद आज आईपीएल मैच में आमने सामने होंगी तो उनका लक्ष्य जीत की राह पर लौटने का होगा। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सत्र के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से मिली हार के बाद कहा था कि अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन तीन मैचों में दो हार के बाद अब टीम का मनोबल थोड़ा गिरा होगा। पिछले सत्र में KKR ने सिर्फ तीन मैच गंवाए थे। अब फोकस एक बार फिर ईडन गार्डंस की पिच पर होगा चूंकि RCB से 7 विकेट से मिली हार के बाद इसकी काफी आलोचना हुई है। KKR के पूर्व सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट और विराट कोहली ने 175 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 51 गेंद में 95 रन की साझेदारी करके RCB को जीत दिलाई थी। बंगाल क्रिकेट संघ पर दबाव है कि स्पिनरों से भरी KKR टीम के अनुकूल पिच बनवाई जाए। KKR के पास सुनील नारायण, मोईन अली और वरूण चक्रवर्ती जैसे धुरंधर स्पिनर हैं। पिछले महीने चैम्पियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करके आए स्पिनर चक्रवर्ती ने RCB के खिलाफ 10.75 प्रति ओवर की दर से रन दिए। रिपोर्ट की मानें तो ईडन गार्डंस के पिच क्यूरेटर सुजन मुखर्जी ने पहले मैच में स्पिनरों की मददगार पिच बनाने का KKR का अनुरोध खारिज कर दिया था और यह फैसला टीम पर भारी पड़ गया। चक्रवर्ती ने उस मैच में 45 रन दिए। मुखर्जी ने अपने फैसले को सही ठहराया लेकिन अब कैब अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली खुद क्यूरेटर के साथ पिच का मुआयना कर रहे हैं जिससे आगामी मैचों में पिच में बदलाव देखा जा सकता है। पिच के अलावा KKR टीम संयोजन को लेकर भी काफी सवाल हैं। उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में तालमेल नजर नहीं आ रहा और स्टार खिलाड़ी चल नहीं रहे हैं। KKR ने जिन चार खिलाड़ियों को नीलामी से पहले रिलीज किया था, उन सभी ने आईपीएल के पहले 10 दिन में शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें पूर्व कप्तान श्रेयस अय्यर (पंजाब किंग्स), उपकप्तान नीतिश राणा (राजस्थान रॉयल्स), फिल साल्ट (RCB) और तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (दिल्ली कैपिटल्स) शामिल हैं। स्टार्क के जाने से KKR की तेज गेंदबाजी काफी कमजोर हुई है। वहीं स्टार्क ने दिल्ली के लिये सनराइजर्स के खिलाफ 35 रन देकर 5 विकेट लिए। स्टार्क की जगह आए स्पेंसर जॉनसन प्रभावित नहीं कर सके हैं जबकि एनरिच नॉर्किया चोट के कारण बाहर हैं। मोटे दाम पर खरीदे गए वेंकटेश अय्यर दो मैचों में 9 रन ही बना सके हैं। रिटेन किये गए खिलाड़ियों में रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, सुनील नारायण, हर्षित राणा और रमनदीप सिंह फॉर्म में नहीं हैं। वहीं पहले मैच में छह विकेट पर 286 रन बनाने वाली सनराइजर्स पिछले दो मैचों में 200 रन भी नहीं बना पाई। बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति नाकाम रही है और पिछले दो मैचों में लखनऊ सुपर जाइंट्स और दिल्ली कैपिटल्स ने उसे हराया। पैट कमिंस की टीम को पिछले आईपीएल फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा। ईडन गार्डंस पर कमिंस और मोहम्मद शमी खतरनाक हो सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिये खेलने वाले शमी का यह घरेलू मैदान है। संभावित प्लेइंग 11 : सनराइजर्स हैदराबाद : ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), जीशान अंसारी, हर्षल पटेल, मोहम्मद शमी, वियान मुल्डर कोलकाता नाइट राइडर्स : सुनील नरेन, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), अजिंक्य रहाणे (कप्तान), वेंकटेश अय्यर, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, स्पेंसर जॉनसन, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, मनीष पांडे समय : शाम 7:30 बजे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet