LATEST NEWS

बस्तियों का दौरा कर स्वच्छता अभियान में भाग लें पार्टी पदाधिकारी – हितानंद जी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में भोपाल जिले की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ के व्हाट्सअप और लाभार्थी प्रमुख ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों को जोड़ें। कार्यकर्ता 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस और 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की तैयारियों में जुट जाएं। मंडल समितयों में महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस मनाने के लिए विशेष तैयारियां करें और अपने निवास और पार्टी कार्यालय पर पार्टी का ध्वज लगाकर पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कार्यालय की सजावट कर रंगोली सजाएं तथा मिठाई बांटें। सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर ‘‘हैशटैग बीजेपी फॉर विकसित भारत’’ के साथ पोस्ट करें। बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी संबोधित किया। बस्तियों में स्वच्छता व सेवा कार्यों में जुटें पदाधिकारी भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि 6 एवं 7 अप्रैल को बूथ स्तर पर और 8-9 अप्रैल को मंडल व विधानसभा स्तर पर भाजपा की चुनावी सफलता, संगठनात्मक विस्तार, भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा लाया गया परिवर्तन एवं प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी के साथ विकसित भारत की ओर यात्रा जैसे विषयों पर नए प्राथमिक सदस्यों का सम्मेलन आयोजित करना सुनिश्चित करें। 7 से 12 अप्रैल के बीच जिला पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि व मंडल अध्यक्ष दिन में 8 घंटे “बस्ती चलो अभियान“ के तहत सेवा बस्ती का दौरा कर मंदिर, अस्पताल, स्कूल व गलियों में स्वच्छता अभियान में भाग लें। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों से मिलकर उनसे बातचीत करें, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व पंचायत कार्यालय का दौरा कर जल संरचनाओं की सफाई में सहभागिता करें। स्थानीय निवासियों की चौपाल का आयोजन तथा अलग-अलग समुदाय के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के घर पहुंचना है। वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता, मीसा बंदी तथा कारसेवकों का सम्मान करने के साथ बूथ समितियों की बैठक आयोजित करना है। बाबा साहब की प्रतिमाओं को सफाई कर मनाएं दीपोत्सव भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पूर्व 13 अप्रैल को उनकी प्रतिमाओं की सफाई करना तथा संध्या के समय दीपोत्सव मनाना है। 14 अप्रैल को बाबा साहब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करना है। आंगनबाड़ी केंद्रों और अनुसूचित जाति बस्तियों के स्कूल परिसरों की सफाई एवं सामुदायिक सुविधाओं का रखरखाव किया जाए। 15 से 25 अप्रैल के बीच समाज के विभिन्न वर्गों के वरिष्ठों के साथ कम से कम 2 सत्रों की जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन कर कांग्रेस द्वारा किए गए बाबा साहब के अपमान और भाजपा द्वारा दिए जा रहे सम्मान और जिस तरह से कांग्रेस ने संविधान से खिलवाड़ किया तथा भाजपा ने संविधान के प्रति जो सम्मान प्रदर्शित किया है, उस पर विस्तार से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष समारोह मना रही है, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता श्रद्वेय अटल जी के पत्र, फोटो, वीडियो आदि के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं को अवगत कराएं। बैठक में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, जिला प्रभारी महेन्द्र सिंह यादव, महापौर श्रीमती मालती राय, वरिष्ठ नेता प्रदीप त्रिपाठी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी मंचासीन रहे।  

छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित

“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई। म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे। वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग ‌द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा। “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे (1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों। (2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना। (3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना । (4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना। (5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पोट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने … Read more

आरएसएस महासचिव ने मंदिर मुद्दों पर स्वयंसेवकों का समर्थन किया, मथुरा और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद में शामिल हों RSS सदस्य

बेंगलुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बड़ा बया सामने आई है। महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि अगर आरएसएस के सदस्य मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद से जुड़े कामों में हिस्सा लेना चाहें, तो संगठन को कोई परेशानी नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सभी मस्जिदों को वापस लेने की बड़ी कोशिशें नहीं होनी चाहिए। इससे समाज में झगड़ा हो सकता है। होसबले ने कन्नड़ में आरएसएस की एक पत्रिका ‘विक्रमा’ से बात करते हुए कहा, ‘उस समय (1984), वी.एच.पी., साधु-संतों ने तीन मंदिरों की बात की थी। अगर हमारे स्वयंसेवक इन तीन मंदिरों (अयोध्या में राम जन्मभूमि सहित) के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं, तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे।’ ‘धर्म परिवर्तन और लव जिहाद चिंता’ होसबले ने माना कि गोहत्या, लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसी चिंताएं अभी भी हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि अब हमें दूसरी ज़रूरी चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे कि छुआछूत को खत्म करना, युवाओं में अपनी संस्कृति को बचाना और अपनी भाषाओं को सुरक्षित रखना। भाषा विवाद पर क्या बोले होसबले भाषा के बारे में बात करते हुए होसबले ने तीन भाषाओं को सीखने के तरीके को सही बताया। उन्होंने कहा कि इससे भाषा से जुड़े 95% झगड़े खत्म हो सकते हैं। उन्होंने भारतीय भाषाओं को बचाने और इन भाषाओं में पढ़े लोगों को नौकरी के अवसर देने की बात कही। तीन भाषा नीति का समर्थन होसबाले ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण की भी बात कही है। उन्होंने कहा, ‘हमारी सभी भाषाओं में बड़े स्तर पर साहित्यिक काम हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर भविष्य की पीढ़ियां इन भाषाओं को नहीं पढ़ेंगी और लिखेंगी, तो वे कैसे आगे बढ़ेंगी? अंग्रेजी के प्रति लगाव मुख्य रूप से व्यवहारिक कारणों से है…। एक और अहम पहलू ऐसा आर्थिक मॉडल बनाना है, जहां भारतीय भाषाओं में पढ़े लोगों को रोजगार मिल सके।’ उन्होंने कहा, ‘वरिष्ठ बुद्धिजीवियों, न्यायाधीशों, शिक्षकों, लेखकों और राजनीतिक और धार्मिक नेताओं को इस मामले में प्रगतिशील रवैया अपनाना चाहिए।’ हिंदी पर राजनीति पर क्या बोले अखबार के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘इतने बड़े देश में अच्छा होगा कि सभी संस्कृत सीख लें। डॉक्टर आंबेडकर ने भी इसकी वकालत की थी। कई लोगों की बोली जाने वाली भाषा सीखने में कोई परेशानी नहीं है। जिन लोगों को रोजगार चाहिए, उन्हें उस राज्य की भाषा सीखनी चाहिए। परेशानी तब होती है, जब राजनीति और विपक्ष के नाम पर इसे थोपे जाने का मुद्दा बना दिया जाता है। क्या भाषा विविधता के बाद भी भारत एकजुट हजारों सालों से एकजुट नहीं है? ऐसा लग रहा है कि हमने भाषा को आज परेशानी बना दिया है।’ ‘अंग्रेजी का क्रेज’ उन्होंने कहा कि हमारी सभी भाषाओं में बहुत अच्छी किताबें लिखी गई हैं। उन्होंने चिंता जताई कि अगर आने वाली पीढ़ी इन भाषाओं में पढ़ेगी-लिखेगी नहीं, तो ये भाषाएं कैसे बचेंगी? अंग्रेजी का क्रेज इसलिए है क्योंकि इससे काम मिलता है… एक और ज़रूरी बात ये है कि हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा जहां भारतीय भाषाओं में पढ़े लोगों को अच्छी नौकरियां मिलें। बड़े-बड़े विद्वानों, जजों, शिक्षाविदों, लेखकों और नेताओं को इस बारे में सोचना होगा। हिंदी पर क्या बोले संघ महासचिव होसबले न ये भी कहा कि हिंदी बहुत लोग बोलते हैं, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ये उन पर थोपी जा रही है। इतने बड़े देश में ये बहुत अच्छा होगा अगर सब लोग संस्कृत सीखें। डॉ. आंबेडकर ने भी ऐसा कहा था। अगर कोई ऐसी भाषा सीखता है जो बहुत लोग बोलते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। आज हर सैनिक हिंदी सीखता है। जिन्हें नौकरी चाहिए वो उस राज्य की भाषा सीखते हैं। दिक्कत तब हुई जब इसे राजनीति की वजह से थोपने की बात कही गई। क्या भारत हज़ारों सालों से भाषाओं की विविधता के बावजूद एक नहीं रहा? ऐसा लगता है कि हमने भाषा को आज एक समस्या बना दिया है।

वक्‍फ संशोधन बिल पर BJP को मिला पुराने दोस्‍त TDP का साथ, चंद्रबाबू की पार्टी बोली- सपोर्ट में करेंगे वोट

नईदिल्ली एनडीए में दूसरी सबसे बड़ी पार्टनर टीडीपी ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने का ऐलान किया है। चंद्राबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं। पहले यह संभावना जताई जा रही थी तेलगूदेशम पार्टी वक्फ बिल पर न्यूट्रल पोजिशन बनाकर दूरी बनाए रख सकती है। वह न तो इसका समर्थन करेगी और न ही विरोध करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने बताया कि टीडीपी ने हमेशा मुसलमानों के हितों का ख्याल किया है और सीएम नायडू पहले ही कह चुके हैं कि हम मुसलमानों की हर हित की रक्षा करेंगे। अब टीडीपी के ऐलान के बाद बिल पास होने की उम्मीद बढ़ गई है। BJP ने राज्यसभा MPs को 3 अप्रैल को सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया। कौन-कौन दे रहा समर्थन टीडीपी का कहना है कि वक्फ बोर्ड की 9 लाख एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। अगर इस संशोधन बिल के जरिये अगर उनकी जमीन से अवैध कब्जा वापस लेकर मुसलमानों के हित में इसका उपयोग किया जाता है, पार्टी इसका समर्थन भी करेगी। अभी एनडीए में शामिल जेडीयू और आरएलडी ने अपन रुख साफ नहीं किया है। संभावना जताई जा रही है कि जेडीयू इस बिल पर न्यूट्रल रहेगी। मंगलवार को जेडीयू के सांसद बिल पर चर्चा के लिए अमित शाह से मिले। बिहार की दूसरी पार्टी हिंदुस्तान आवामी मोर्चा ने बिल के समर्थन के संकेत दिए हैं। लोकसभा में बीजेपी के 240 सांसद हैं और टीडीपी के समर्थन के ऐलान से मोदी सरकार की राह आसान हो गई है। कल 12 बजे पेश होगा बिल वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि अगर सदन को लगता है कि चर्चा के लिए समय बढ़ाया जाना चाहिए, इसकी अवधि बढ़ सकती है। अगर पक्ष कोई बहाना बनाकर चर्चा में भाग नहीं लेना चाहते हैं, तो मैं इसे रोक नहीं सकता। हम चर्चा चाहते हैं। हर राजनीतिक दल को अपनी राय रखने का अधिकार है और देश सुनना चाहता है कि संशोधन विधेयक पर किस राजनीतिक दल का क्या रुख है? संसद में रखी गई बातें हजारों सालों तक दर्ज रहेगी। रिकॉर्ड में यह दर्ज होगा कि किसने संशोधन विधेयक का विरोध और किसने समर्थन किया। कल लोकसभा में विधेयक होगा पेश वक्फ संशोधन विधेयक कल बुधवार को लोकसभा में विचार और पारित कराने के लिए लाया जाएगा. विपक्षी दल इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि विधेयक पर सदन में 8 घंटे की प्रस्तावित चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू जवाब देंगे और वह इस विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की मंजूरी लेंगे. इस मामले में सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई. पिछले साल विधेयक पेश करते समय केंद्र सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने का प्रस्ताव किया था. फिर जेपीसी की ओर से रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद, उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को अपनी मंजूरी दे दी. लोकसभा में विधेयक पास किए जाने के बाद राज्यसभा को इसकी सूचना दी जाएगी. संसद का जारी बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है.

वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल

मध्यप्रदेश है उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाला प्रथम राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल राज्य में औद्योगिक इकाइयों का कोई भुगतान लंबित नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने वाला ऐसा राज्य है जहां औद्योगिक इकाइयों को राशि के भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ऐसा कोई भी भुगतान लंबित नहीं है जो औद्योगिक इकाइयों को देय था। ऐसा कार्य करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के पहले मंत्रिगण को दिए संबोधन में राज्य शासन की प्राथमिकताओं और गतिविधियों से अवगत करवाया। औद्योगिक इकाइयों को राशि का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां वृहद और लघु सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों के समस्त देयकों का भुगतान पूर्ण हो चुका है। राज्य शासन औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वृहद औद्योगिक इकाइयों को वर्ष 2024-25 में कुल 3100 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। औद्योगिक विभाग के अंतर्गत वृहद औद्योगिक इकाइयों को आज 702 करोड़ रुपये के इन्सेन्टिव का भुगतान करने का कार्य किया गया। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ रुपये के लम्बित इन्सेन्टिव का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को कुल 2162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह आज राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से एमएसएमई और वृहद इकाइयों के लिए 1777 करोड़ रुपये की देय इन्सेन्टिव राशि का भुगतान कर रही है। इससे 2500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए मंत्री परिषद सदस्यों को बधाई भी दी। विक्रम संवत-2082 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सभी मंत्रियों को भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत-2082 प्रारंभ होने की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा का अपना महत्व है। प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस आयोजन का वेबकास्ट भी किया गया। यह सौभाग्य की बात है कि सम्राट विक्रमादित्य मध्यप्रदेश से हैं। विक्रम संवत शुभारंभ पर महत्वपूर्ण प्रकल्प प्रदेश में प्रारंभ हुए हैं। स्कूल चलें हम अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस अभियान के तहत चार दिवसीय विशेष गतिविधियां हो रही हैं। मंत्रीगण अपने प्रभार के जिले में एक से चार अप्रैल तक प्रवेश उत्सव को सफल बनाने का प्रयास करें। राज्य में लगभग 85 लाख विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय लिया गया। प्रवेशोत्सव में इसी माह स्कूल की किताबें बांटी जानी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद और विशेष भोज के आयोजन करना भी नियत किया गया है। कैलेंडर तैयार कर गतिविधियों का क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवगत करवाया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन समस्त सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। इंदौर में आईटी एंक्लेव 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। सूचना प्रौद्योगिकी की दृष्टि से मध्यप्रदेश में इंदौर संभावना से भरा क्षेत्र है। यहां देश-विदेश की लगभग 200 कंपनियों की भागीदारी रहेगी। उद्योगों में कार्यरत बहनों को रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता से प्रदेश की औद्योगिक कामकाजी बहनों की रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ रुपए की राशि 5120 महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा के लिए स्वीकृत की गई है। ये हॉस्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम् में स्वीकृत किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस महती योजना के स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्यप्रदेश सरकार आभार व्यक्त करती है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मार्च से यह अभियान प्रारंभ किया है। अभियान आगामी 30 जून तक चलना है। प्रदेश में 90 दिन से अधिक चलने वाले इस अभियान के निश्चित ही अच्छे परिणाम आएंगे। ऐसा विश्वास है कि इस अभियान को सरकार और समाज द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर सफल बनाया जाएगा। गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की जा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि तोल कांटे आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इस कार्य के सुचारू संचालन में सहयोग करें। प्रदेश में 14.76 लाख किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन लगभग 1 लाख किसानों से किया जा चुका है। इस माह अर्थात अप्रैल में उपार्जन कार्य में गति आएगी।  

भारत में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हुई : अमित शाह

रायपुर गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रेल को फिर से छत्तीसगढ़ जाने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने एक्स पर एक बड़ी जानकारी दी. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा दौरे से पहले शाह ने कहा देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सरकार को बड़ी सफलता मिली. देश में नक्सली हिंसा से प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है. 31 मार्च 2026 तक भारत में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है. मोदी 3.0 के मिशन में ये सबसे महत्वपूर्ण मु्द्दा है. इसे लेकर केंद्र सरकार का प्लान कारगर होते भी दिख रहा है. अमित शाह साफ कह चुके हैं कि 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा. इसे पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ की साय सरकार का प्लान पर एक्शन तारीफ के लायक है. नक्सलवाद को इतिहास बना देंगे- शाह 2 दिन पहले अमित शाह ने 50 नक्सलियों के सरेंडर के खुशी जाहिर करते हुए कहा था ‘ये बहुत हर्ष का विषय है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया. हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूँ. मोदी जी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएँगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.  बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूँ कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएं. 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है’. अब 6 जिलों में ही बचा है नक्सलवाद, 10 सालों में 29 जिले मुक्त इन जिलों को ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ के रूप में उप-वर्गीकृत किया गया है। यह 2015 में लाई गई शब्दावली है। इसके अलावा एक उप वर्ग ‘चिंताजनक जिलों’ की श्रेणी का है। यह उप श्रेणी 2021 में बनाई गई थी। पिछली समीक्षा के अनुसार ‘सर्वाधिक प्रभावित जिले’ 12 थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में ऐसे 35 जिले, 2018 में 30 जिले और 2021 में 25 जिले थे। अब यह आंकड़ा तेजी से कम होता जा रहा है। साफ है कि बीते 10 सालों में 29 जिलों से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब सिर्फ 6 जिलों में ही यह बचा है। कमांडर्स से मुलाकात इस बीच छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने पीसी कर जानकारी दी. उन्होंने बताया  बस्तर पंडुम समापन में बस्तर की सांस्कृतिक विषयों पर कार्यक्रम होंगे.  3 अप्रैल को कवि कुमार विश्वास “बस्तर के राम“ की प्रस्तुति देंगे.  डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ आएंगे और 5 अप्रैल की सुबह दंतेवाड़ा जाएंगे. अमित शाह मां दंतेश्वरी माता के दर्शन करेंगे और बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा स्थानीय चुनाव के जनप्रतिनिधियों से भी मिलेंगे. बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर के जनप्रतिनिधियों से शाह की मुलाकात होनी है. नक्सलवाद को लेकर लगातार चल रही कार्रवाई के बीच अमित शाह बस्तर में कमांडर्स से मुलाकात करेंगे. बस्तर से लौटकर रायपुर में शाह प्रशासनिक बैठक भी करेंगे. 

जबलपुर में प्रिंसिपल की भगवान राम पर टिप्पणी को लेकर बवाल, हिंदू संगठन ने स्कूल में किया पथराव

 जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर के विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने हंगामा किया। दरअसल, हिंदू नेताओं का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने भगवान राम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वाट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट की है। इस घटना के खिलाफ हिंदू संगठनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि स्कूल संचालक माफी मांगे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन स्कूल संचालक के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं करेगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 3 घंटे बाद पुलिस की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। ईसाई धर्मगुरु की पिटाई के बाद विवाद दरअसल, सोमवार की दोपहर को धर्मांतरण की आशंका में हिंदूवादी संगठनों ने मंडला से भंवरताल पार्क से आए कुछ महिलाओं और बच्चों को रोककर उन्हें जबरन बस में बैठाया और फिर वापस भेजने लगे। इस दौरान कुछ हिंदूवादी संगठनों ने रांझी के पास बस में बैठे यात्रियों को उतारकर थाने पहुंचा दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। इसके बाद जब बातचीत करने के लिए ईसाई धर्मगुरु पहुंचे तो थाने में मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन ने थाने में हुए हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल स्टेटस पर लिखते हुए…भगवान राम को लेकर टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया के जरिए जब हिंदू संगठनों तक यह जानकारी पहुंची तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। विरोध कर रहे लोगों ने स्कूल में की तोड़फोड़ इसके अलावा हिंदू नेताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और स्कूल के दीवारों पर मैला भी फेंका। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास भी किया। वहीं, विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। हिंदू संगठन की मांग है कि वो इस मामले पर स्कूल प्रशासन से बातचीत करना चाहते हैं। हालांकि, कोई भी इस मामले में अभी खुलकर नहीं बोल रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में फेंका कीचड़ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल में कीचड़ लेकर पहुंचे। यहां पुलिस और स्कूल का स्टाफ तैनात था, तभी प्रदर्शनकारियों ने कीचड़ से भरी पॉलीथिन स्कूल के अंदर फेंकी, जिन्हें कि मौके पर तैनात पुलिस ने रोका। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की दीवार पर भी कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता संजय तिवारी का कहना है कि फेसबुक स्टेटस में स्कूल के संचालक ने स्टेटस लगाया है, जिसमें उन्होंने भगवान राम को अपशब्द कहे है। जिसके विरोध में बजरंग दल प्रदर्शन कर रहा है। इधर, ईसाई समुदाय ने एसपी ऑफिस घेरा इससे पहले रांझी थाना परिसर में फादर जार्ज डेविस को पीटने के मामले में ईसाई समुदाय के लोगों ने मंगलवार को एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। दो घंटे तक हंगामा चला। हंगामे की सूचना पर ओमती समेत सिविल लाइन, बेलबाग की थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिन लोगों ने फादर के साथ मारपीट की थी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत ही गिरफ्तार किया जाए। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, जिनके घर गिराए उन्हें 10-10 लाख का हर्जाना दो

नई दिल्ली/ प्रयागराज सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में 2021 में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर मंगलवार (1 अप्रैल) को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी को आदेश दिया कि वह 5 याचिकाकर्ताओं को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे। यह मुआवजा 6 सप्ताह के भीतर दिया जाना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए कहा कि नोटिस मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर मकान गिराना कानून के खिलाफ है। न्यायालय ने यह भी कहा कि भविष्य में सरकारों को इस प्रकार की गलत कार्रवाइयों से बचना चाहिए और उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। बच्ची का वीडियो बना मुद्दा 23 मार्च को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में हुई एक अन्य बुलडोजर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक बच्ची अपनी झोपड़ी के गिराए जाने के दौरान भागती हुई दिख रही थी, जो अपनी किताबें बचाने के लिए दौड़ रही थी। इस भावनात्मक वीडियो का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को चेताया कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट की पहले भी चेतावनी  7 मार्च को भी सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बुलडोजर कार्रवाई के लिए फटकार लगाई थी। पीड़ितों ने दावा किया कि राज्य सरकार ने गलती से उनकी ज़मीन को गैंगस्टर अतीक अहमद की संपत्ति मान लिया, जिसके कारण प्रयागराज में एक वकील, एक प्रोफेसर और तीन अन्य लोगों के घर ध्वस्त कर दिए गए। इसी मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने यूपी के अंबेडकर नगर में 24 मार्च को हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ 8 साल की एक बच्ची अपनी किताबें लेकर भाग रही थी. इस तस्वीर ने सबको हैरान कर दिया, ये दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहां अवैध रूप से तोड़फोड़ की जा रही है और इसमें शामिल लोगों के पास निर्माण कार्य करने तक की क्षमता नहीं है. नोटिस के 24 घंटे बाद चला बुलडोजर याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनको एक्शन से पहले कोई नोटिस नहीं मिला. यहां तक कि नोटिस भेजने के 24 घंटे के भीतर ही बुलडोजर चला दिया गया. याचिकाकर्ताओं के मुताबिक साल 2021 में पहले एक मार्च को उन्हें नोटिस जारी किया गया था, उन्हें 6 मार्च को नोटिस मिला. फिर अगले ही दिन 7 मार्च को मकानों पर बुलडोजर एक्शन लिया गया. अधिवक्ता जुल्फिकार हैदर, प्रोफेसर अली अहमद और अन्य लोगों की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई की जिनके मकान ध्वस्त कर दिए गए थे. याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि प्रशासन और शासन को ये लगा कि ये संपत्ति गैंगस्टर और राजनीतिक पार्टी के नेता अतीक अहमद की है. इन सभी लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में फरियाद की थी. लेकिन हाईकोर्ट ने घर गिराए जाने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन घरों को गलती से गिराया गया है, उन्हें राज्य सरकार अपने खर्च पर फिर से बनाएगी। कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस फैसले को चुनौती देना चाहती है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत हलफनामा दाखिल करना होगा। सरकार को कड़ी चेतावनी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना उचित प्रक्रिया के किसी की संपत्ति को नष्ट करना कानून का उल्लंघन है। यह फैसला भविष्य में सरकारों को मनमानी कार्रवाई करने से रोकने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल सस्ता, टोल महंगा, ई-ऑफिस सिस्टम लागू, जानें प्रदेश में 1 अप्रैल से क्या हुआ बदलाव?

रायपुर  छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में आज से पेट्रोल की कीमत में कटौती हुई है। पेट्रोल का रेट 1 रुपया लीटर सस्ता हुआ है। नए रेट 31 मार्च को आधी रात से लागू हहुआ है। राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में पेट्रोल प्रति लीटर 1 रुपए सस्ता करने की घोषणा की। जिसके बाद रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत करीब 100.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। दूसरी ओर अगर अब PAN से आधार लिंक नहीं होगा तो फाइन लगेगा. इससे टैक्सपेयर्स को परेशानी जरूर हो सकती है. तो वहीं राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 50 फीसदी बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया गया है. इसका फायदा कर्मचारियों को अप्रैल में होगा. छत्तीसगढ़ में सस्ती होगी शराब छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शराब सस्ती हो जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश के 600 से ज्यादा दुकानों में नए रेट भी लागू हो जाएंगे. अब फैसले से उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर शराब उपलब्ध हो पाएगी. एक जानकारी के मुताबिक नई रेट के बाद अब शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक की बचत हो सकेगी. ये नई दरें 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में लागू होगी. सरकार के फैसले के तहत 1000 रुपये की शराब की बोतल पर करीब 40 रुपये तक की बचत पर उपभोक्ताओं को मिलेगी. अब विस्तार से जानिए छत्तीसगढ़ में होने वाले बदलाव DA बढ़ा- राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 50% से बढ़ाकर 53% कर दिया गया है। जिसका फायदा अप्रैल महीने से मिलेगा। यानी मार्च की सैलरी में ये पैसा जुड़कर आएगा। पेट्रोल सस्ता- राज्य सरकार ने VAT की कटौती की है, इसकी वजह से आज 1 अप्रैल 2025 से लोगों को छत्तीसगढ़ में पेट्रोल 1 रुपए सस्ता मिलेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर- राज्य सरकार अपने बजट का 26 हजार 341 करोड़ पूंजीगत व्यय करेगी। यानी सड़कें, ब्रिज, स्कूल-कॉलेज,अस्पताल बनेंगे, ये खर्च आम लोगों की सुविधा पर होगा। ये काम आज (मंगलवार) से ही शुरू होगा। स्कूलों की टाइमिंग बदलेगी- 2 अप्रैल से स्कूल सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लगेंगे। दो पालियों में चलने वाले स्कूलों में बड़ी क्लासेस सुबह 8 से 3 बजे तक लगेंगी। व्यापारियों के लिए- ई-वे बिल बनवाने के नियम में सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख के सामान पर लागू किया गया है। जो आज 1 अप्रैल से लागू होगा।     40 हजार व्यापारियों की 10 साल से पुरानी VAT और CST की 25 हजार से कम की बकाया राशि माफ की गई है। ई-ऑफिस सिस्टम- आज 1 अप्रैल से जिला और संभाग कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू होगा। कम्प्यूटर पर फाइलें चलेंगी।     संबंधित अफसर के पास संबधित फाइल पहुंचने का SMS भी पहुंचेगा।     शराब सस्ती – छत्तीसगढ़ में आज से शराब सस्ती हो गई है। आबकारी विभाग के मुताबिक रिटेल वाइन शॉप में अधिक बिकने वाली बोतलों में 20, 40, 150, 200 और 300 रुपए तक कम कीमतों में शराब मिलेगी। बार में भी शराब के दाम घटे हैं। देशभर में होंगे ये बदलाव 1. इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव     1 अप्रैल से नई टैक्स व्यवस्था में नौकरी पेशा लोगों को 12 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।     75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी।     न्यू टैक्स रिजीम में 20 से 24 लाख की इनकम के लिए 25% टैक्स का नया स्लैब भी शामिल किया गया।     2.4 लाख रुपए से ज्यादा की आय पर नई टैक्स स्लैब के हिसाब से कटौती होगी।     सीनियर सिटीजन्स के लिए एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस की छूट की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। 2. बैंकों में मिनिमम बैलेंस के नियम बदलेंगे     बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाई जा सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक समेत कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस की शर्तें बदली है।     इन बैंकों के ग्राहकों को सीमा शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     न्यूनतम बैलेंस न रखने पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। जो बैंक अकाउंट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग होगी।     शहरी इलाकों में 5 हजार और ग्रामीण इलाकों में 3 हजार मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     हालांकि बैंकों ने अभी ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। 3. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड में कटौती होगी।     SBI और IDFC First Bank अपने क्रेडिट कार्ड के यूज पर मिलने वाले रिवॉर्ड में कटौती कर रही है।     एयर इंडिया SBI प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड के यूजर्स को अब एयर इंडिया की टिकट बुकिंग पर हर 100 रुपए खर्च करने पर 15 की जगह सिर्फ 5 रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे। 4. पॉजिटिव-पे सिस्टम लागू किया जा सकता है     चेक में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 50,000 रुपए से ज्यादा के चेक जारी करने पर ग्राहकों को पहले बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी। 5. TDS लिमिट की सीमा बढ़ी     6 लाख तक की रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं     रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा 2.4 लाख से बढ़कर 6 लाख हो गई है।     बैंक FD से मिलने वाले इंट्रेस्ट से इनकम लेने वाले सीनियर सिटीजन्स के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गई है। 6. PAN और आधार लिंकिंग अनिवार्य     1 अप्रैल के बाद जिनका PAN आधार से लिंक नहीं होगा, उनका PAN कार्ड ब्लॉक हो सकता है।     PAN और आधार लिंक नहीं है, तो डिविडेंड और कैपिटल गेन पर TDS ज्यादा कटेगा, और टैक्स रिफंड में भी देरी हो सकती है।     देर से लिंक कराने पर जुर्माना देना होगा। 7.निष्क्रिय UPI अकाउंट बंद होंगे     अगर आपका यूपीआई खाता लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे बंद कर सकता है। 8. ATM से पैसे निकालने का चार्ज देना होगा अब दूसरे बैंकों के एटीएम से महीने में केवल 3 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 20 से 25 रुपए तक का चार्ज देने होगा। छत्तीसगढ़ में होंगे ये बदलाव … Read more

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा नाम से राज्य में चलेंगी बसें, मोहन कैबिनेट में कई प्रस्तावों पर मुहर

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (1 अप्रैल) को राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। कैबिनेट में कई फैसलों पर मुहर लगी। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री कैलाश कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, कैबिनेट में सीएम राइज स्कूल के नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। अब ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम से इसे जाना जाएगा। एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, जो पीपी मॉडल पर बसों का संचालन करेगी और उसका नियंत्रण होगा। कंपनी गठन के लिए 101 करोड़ रुपए दिए गए हैं, इसके बाद आगे राशि का इंतजाम किया जाएगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में आने-जाने की सुविधा मिलेगी। अब टिकट के बिना बस में कोई नहीं बैठेगा। टिकट काटने वाली एजेंसी अलग होगी और यह काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। जिले में भी होगी सलाहकार समिति मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि जिले में भी सलाहकार समिति होगी, जिसमें मंत्री, कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे, जो समय-समय पर होल्डिंग कंपनी को सलाह देंगे। बस संचालकों को नुकसान न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। सवारी के साथ बस का उपयोग माल परिवहन के लिए भी कार्गो सिस्टम पर आधारित होगा। इस पर होगा फोकस     प्रदेश के सभी आदिवासी इलाकों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी।     नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी।     प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएंगी।     प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित की जाएंगी।     ये सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग एवं मार्गदर्शन करेंगी।     सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे।     नई योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा।     नई योजना में यात्रियों और बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डेशबोर्ड भी होगा। यात्री बसों की संख्या के लिए हो रहा सर्वे नई परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराए जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जाएंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें लगातार बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नई परिवहन सेवा योजना में किया गया है, जिससे ऑपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हों और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो। कैबिनेट में यह फैसले भी हुए     सीएम राइज स्कूल का नाम ‘सांदीपनि स्कूल’ होगा। इन विद्यालयों में भगवान श्री कृष्ण की छवि दिखाई दे, ऐसा इंतजाम किया जाएगा।     284 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की सहायता से महिलाओं के लिए होस्टल बनाने के लिए मिले हैं। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए यह राशि उपयोग की जाएगी।     इंदौर में आईटी सेक्टर की कॉन्फ्रेंस 27 अप्रैल को होगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए तैयारियां करने को कहा है और इसके लिए देश की बड़ी आईटी कंपनियों को बुलाने के लिए कहा गया है।     एमएसएमई की सभी छोटी इंडस्ट्री को सब्सिडी दे दी गई है।     जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रभार के जिलों में नगरीय निकायों, पंचायतों में जल संग्रहण के लिए जनभागीदारी से काम कराएंगे।     गेहूं की खरीदी शुरू हो गई है। इस बार 2600 प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। 14.76 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है और आठ लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी कर ली गई है। मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभार के जिलों में दौरा करें और व्यवस्थाएं देखें।     स्कूल में प्रवेशोत्सव के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। किताबें समय पर बच्चों को मिल जाएं। यह काम अप्रैल माह में ही पूरा किया जाना है। कुल 85 लाख बच्चों को किताबें बांटी जाएंगी। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल के निर्माण हेतु केंद्र सरकार से 224 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिली है। राशि का उपयोग उद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बनाने के लिए होगा। 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा, जिसमें तकनीकी और उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 जून तक चलाया जाएगा, जिसमें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण पर ध्यान दिया जाएगा। गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी। 14 लाख 76 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। सरकार अब बस नहीं खरीदेगी। होल्डिंग कंपनी बनाकर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल बसों का संचालन होगा। आईटी का उपयोग कर बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे संचालन में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बसों के टिकट सॉफ्टवेयर के जरिए जारी किए जाएंगे, जिससे टिकट प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा नाम से यह बसें चलेंगी, जो नागरिकों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा प्रदान करेंगी। कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के तहत भत्ता दिया जाएगा, जिससे उनकी भत्तों में वृद्धि की जाएगी और कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अब इन स्कूलों को ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम से जाना जाएगा।

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हुआ ब्लास्ट, 11 मजदूरों की मौत, विस्फोट से बिल्डिंग का स्लैव गिर, कई श्रमिकों बुरी तरह घायल

 बनासकांठा गुजरात से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। गुजरात के बनासकांठा में आज एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि विस्फोट की चपेट में आकर 11 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 3 मजदूरों को गंभीर चोटे आई हैं। घायल मजदूरों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि डीसा के धुनवा रोड स्थित जिस फटाका फैक्ट्री में विस्फोट हुआ वह अवैध रूप से संचालित थी। जानकारी के मुताबिक ये हादसा गुजरात के बनासकांठा हुआ है। घटना के बाद मौके पर पहुंची एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से ब्लास्ट हुआ है। विस्फोट से बिल्डिंग का स्लैव गिर गया, जिस कारण वहां काम कर रहे मजदूर फैक्ट्री के अंदर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन कर मजदूरों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दौरान 11 मजदूरों की विस्फोट की चपेट में आकर मौत हो गई। वहीं 3 लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। अवैध रूप से संचालित थी पटाखा फैक्ट्री डीसा विधायक प्रवीण माली ने बताया, दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह यहां विस्फोटक लाकर पटाखा बनाते थे। उनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस नहीं है। उन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। फिलहाल, स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। खेतों में बिखरे मिले मानव अंग पटाखा फैक्ट्री में बड़ी संख्या में विस्फोटक मौजूद था। आग लगते ही उसमें ब्लास्ट होने लगा। लिहाजा, फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को भागने का मौका ही नहीं मिला। विस्फोट इतना भीषण था कि न सिर्फ बिल्डिंग का स्लैब धराशायी हो गया, बल्कि मजदूरों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। कुछ मानव अंग तो फैक्ट्री के पीछे स्थित खेत में पड़े मिले हैं। बताया जा रहा है कि पटाखा फैक्ट्री में बड़ी संख्या में विस्फोटक मौजूद था। आग लगते ही उसमें ब्लास्ट होने लगा। जिससे फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को भागने का मौका भी नहीं मिल सका। विस्फोट इतना भीषण था कि न सिर्फ बिल्डिंग का स्लैब धराशायी हो गया, बल्कि विस्फोट की चपेट में आकर मजदूरों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। कुछ मानव अंग तो फैक्ट्री के पीछे स्थित खेत में पड़े मिले हैं। इस घटना को लेकर डीसा विधायक प्रवीण माली ने बताया दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह यहां विस्फोटक लाकर पटाखा बनाते थे। उनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस नहीं है। उन्हें सिर्फ पटाखा बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। बावजूद इसके उक्त स्थान पर अवैध तरीके से पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। विस्फोट कैसा हुआ इसके अभी तक स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। प्रशासन और पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे 3 लोग एसडीएम नेहा पांचाल के मुताबिक, सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, वहां 3 लोगों का इलाज चल रहा है। जो 40 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। हादसे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। प्रशासन और पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर कूलिंग कर रहे हैं।

नवरात्रि के बीच आम जनता को बड़ी राहत… कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, दिल्ली से मुंबई तक घट गए

नई दिल्ली  तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की गई है। नई कीमत आज से लागू हो जाएगी। अब दिल्ली में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 1762 रुपये में मिलेगा। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले एक जनवरी को भी वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 14.50 रुपये की कटौती की गई थी। व्यापारी वर्ग को मिलेगा लाभ तेल कंपनियां वैश्विक कच्चे तेल की दरों और अन्य कारणों से कीमतों में बदलाव करती हैं। दिसंबर में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 62 रुपये का इजाफा किया गया था। नई कीमतों का लाभ व्यापारियों वर्ग को मिलेगा। रेस्तरां, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इन सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है। बता दें कि टैक्स और परिवहन लागतों के आधार पर एलपीजी की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं। मुंबई में सिलेंडर ₹1755.50 से ₹42 घटकर ₹1713.50 रुपए हो गया है। चेन्नई में सिलेंडर ₹1,924.50 का मिल रहा है, जो पहले ₹1,965.50 थी। इससे पहले 1 फरवरी को भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹7 घटाई गई थी। हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह ₹803 और मुंबई में ₹802.50 का मिल रहा है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और अन्य बाजार कारकों को ध्यान में रखते हुए हर महीने एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। दिसंबर 2023 में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹62 बढ़ाई गई थी, जिससे रेस्तरां, होटल और छोटे कारोबारी प्रभावित हुए थे। ऐसे उतार-चढ़ाव का सीधा असर उन व्यवसायों पर पड़ता है, जो नियमित रूप से एलपीजी का उपयोग करते हैं। 1 अप्रैल से ATF की कीमतों में बदलाव, जानिए नए रेट देश के चार बड़े महानगरों में एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की नई कीमतें 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई हैं। घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ के रेट (प्रति किलोलीटर) इस प्रकार हैं:     दिल्ली: ₹89,441.18 (पहले- 95,311.72 रुपए प्रति किलोलीटर)     कोलकाता: ₹91,921.00 (पहले- 97,588.66 रुपए प्रति किलोलीटर)     मुंबई: ₹83,575.42 (पहले- 89,070.03 रुपए प्रति किलोलीटर)     चेन्नई: ₹92,503.80 (पहले- 98,567.90 रुपए प्रति किलोलीटर) वहीं, अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतें डॉलर में इस प्रकार हैं:     दिल्ली: $794.41 (पहले- 848.32 डॉलर प्रति किलोलीटर)     कोलकाता: $832.88 (पहले- 848.32 डॉलर प्रति किलोलीटर)     मुंबई: $794.40 (पहले- 847.10 डॉलर प्रति किलोलीटर)     चेन्नई: $789.76 (पहले- 843.13 डॉलर प्रति किलोलीटर) ₹12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री, आज से देश में लागू हो रहे ये 5 बड़े बदलाव   LPG के दाम घटे आज से अप्रैल महीने की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एलपीजी सिलेंडर पर बड़ी राहत मिली है. 1 अप्रैल 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Cylinder Price में संशोधन करते हुए कटौती की है. इसके बाद दिल्ली से मुंबई तक सिलेंडर के दाम घट गए हैं. IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं और दिल्ली में ये 41 रुपये, जबकि कोलकाला में 44.50 रुपये तक सस्ता हो गया है. हालांकि, इस बार भी 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.   12 लाख रुपये तक टैक्स फ्री इनकम नए टैक्स ईयर की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2025 से नए टैक्स स्लैब भी लागू कर दिए गए हैं. बजट 2025 में मिडिल क्‍लास को राहत देते सरकार ने कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिसमें टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव से लेकर टीडीस, टैक्‍स रिबेट और अन्य चीजें शामिल थीं. वहीं पुराने इनकम टैक्‍स एक्‍ट 1961 की जगह पर नए इनकम टैक्‍स बिल का प्रस्‍ताव रखा था. यह सभी बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गए हैं. नए टैक्‍स स्‍लैब के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्‍स का भुगतान करने से छूट दी जाएगी. इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारी 75,000 रुपये की स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के लिए पात्र होंगे. इसका मतलब है कि 12.75 लाख रुपये तक की वेतन आय अब टैक्‍स से मुक्त होगी. हालांकि, यह छूट केवल उन लोगों पर लागू होती है जो नया टैक्‍स विकल्‍प चुनते हैं. TDS के नियमों में बदलाव New Tax Slab के अलावा TDS विनियमों को भी अपडेट किया गया है, जिसमें अनावश्यक कटौती को कम करने और टैक्‍सपेयर्स के लिए कैश फ्लो में सुधार करने के लिए विभिन्न वर्गों में लिमिट बढ़ाई गई है. उदाहरण के लिए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा दोगुनी करके 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे बुजुर्गों के लिए वित्तीय सुरक्षा बढ़ गई है. इसी तरह, किराये की आय पर छूट की सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दी गई है, जिससे मकान मालिकों के लिए बोझ कम हो गया है और शहरी क्षेत्रों में किराये के बाजार को बढ़ावा मिल सकता है. UPS की शुरुआत नए टैक्स ईयर की शुरुआत के साथ पहली अप्रैल से केंद्रीय कर्मचारियों को गारंटीकृत पेंशन देने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS की शुरुआत होने जा रही है. पोर्टल पर आज यानी 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय सरकारी कर्मचारी अप्‍लाई कर सकेंगे. अगर कर्मचारी UPS के तहत पेंशन पाना चाहता है तो उन्‍हें यूपीएस का ऑप्‍शन सेलेक्‍ट करने के लिए क्‍लेम फॉर्म भरना होगा. अगर वे यूपीएस का चयन नहीं करना चाहते हैं तो NPS का विकल्‍प चुन सकते हैं. इसके तहत 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को UPS और NPS में से कोई एक विकल्‍प चुनना होगा. केंद्र सरकार यूपीएस विकल्प चुनने वाले सभी कर्मचारियों के (बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता) का अनुमानित 8.5% अतिरिक्त अंशदान भी प्रदान करेगी. यूपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये प्रति माह होगा, जो यूपीएस द्वारा न्यूनतम दस साल की सर्विस को पूरा करने पर दी जाएगी. बैंक अकाउंट से जुड़ा ये बड़ा चेंज अप्रैल महीने की पहली तारीख से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत अन्य कई बैंक ग्राहकों के सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियम संशोधित कर दिए हैं. बैंक द्वारा खाताधारक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि “सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया. मध्यप्रदेश के स्कूलों में आज एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान- 2025 का आगाज होने जा रहा है। ऐसे में भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” शुभारंभ समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” अंतर्गत स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोपाल से “स्कूल चले हम अभियान” का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में सीएम के अलावा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी। पहली बार राज्यभर में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांटी गई कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 1 अप्रैल से, जब छात्र अपने विद्यालय में प्रवेश करेंगे, तो शासन द्वारा दी जाने वाली किताबें उनके बैग में पहले से उपलब्ध होंगी। यह पहली बार हुआ है कि पूरे राज्य के प्रत्येक जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। जुलाई से बेटियों को मिलेगी साइकिल मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया की कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई दी कि इस बार 1 अप्रैल से ही सभी विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। इन समिट्स के माध्यम से 60% से अधिक निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत कार्यक्रम में सबसे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होंगे बच्चे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 में सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर ‘स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम’ प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। सभी जिलों में भी हुआ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम चयनित शालाओं में हुआ। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नए शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिह्नित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। स्कूल छोड़ने वालों को 4 अप्रैल से फिर से मिलेगा प्रवेश सीएम ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि वहां भी छात्र उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों के समन्वय के लिए एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है, उन्हें 4 अप्रैल को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मध्य प्रदेश में आज आधी रात से इन 19 क्षेत्रों में पूर्ण शराबबंदी, कैबिनेट में लिया गया था फैसला, धार्मिक स्थल में नहीं बिकेगी मदिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से 19 धार्मिक स्थलों में शराबबंदी हो जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने इस सबंध में फैसला लिया था। कैबिनेट का यह फैसला आज आधी रात से लागू हो जाएगा। धार्मिक स्थलों में शराबबंदी का फैसला खरगोन के महेश्वर में आयोजित 24 जनवरी की कैबिनेट बैठक में लिया गया था। राज्य में नई आबकारी नीति लागू हो जाएगी। इसी नीति के तहत 19 धार्मिक शहरों में शराब की बिक्री पर रोक लग जाएगी। किन स्थानों में होगी शराबबंदी प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में की गई शराब बंदी की घोषणा होगी। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों एवं बार को बंद कर दिया जाएगा। प्रदेश के इन 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्णतः पवित्र घोषित करते हुए एक अप्रैल 2025 से पूर्ण शराब बंदी कर दी गई है। क्या कहा सीएम ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से श्रृद्धा के 19 नगरीय क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों में प्रभावशाली होगा। जिन धार्मिक स्थान पर शराब बंदी का निर्णय लिया उसमें एक नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें हैं। क्यों फेमस हैं ये धार्मिक स्थल जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, भगवान राम की तपोभूमि कहे जाने वाले चित्रकूट, मां शारदा की नगरी मैहर, माता का प्रसिद्ध मंदिर सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं। शराबबंदी कहां लागू होगी? शराबबंदी 19 प्रमुख धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी. इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना मण्डला, मुलताई, मंदसौर, अमरकंटक, सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द, लिंगा का नाम शामिल है. इन सभी नगरों और ग्राम पंचायतों में 1 अप्रैल 2025 से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी जाएगी. इन स्थानों को पूरी तरह से पवित्र घोषित करते हुए मदिरा दुकानों और बार को बंद कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री का बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर कहा कि राज्य सरकार ने नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है. यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से 19 नगरीय और ग्राम पंचायतों में प्रभावशाली होगा. इन धार्मिक स्थानों में 1 नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें शामिल हैं. शराब पीने का समय क्या होगा? मध्य प्रदेश में शराब बिक्री का समय अब सुबह 9:30 बजे से रात 11:30 बजे तक रहेगा. इसके अतिरिक्त, रेस्तरां, होटल, रिसॉर्ट, बार और क्लब में शराब बिक्री सुबह 10 बजे से रात 11:30 बजे तक होगी. बार-रेस्तरां और क्लब में बैठकर शराब पीने की अनुमति रात 12 बजे तक होगी. लाइसेंस धारक बार, क्लब या रेस्तरां में अतिरिक्त शुल्क देकर शराब बेचने और पीने का समय बढ़वा सकते हैं. क्या है इन धार्मिक स्थानों का महत्व जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है, उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा (रामराजा मंदिर क्षेत्र), भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर का भेड़ाघाट क्षेत्र, भगवान राम की तपोभूमि कहे जाने वाला चित्रकूट, मां शारदा की नगरी मैहर, माता का प्रसिद्ध मंदिर सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं. शराब पीने का टाइम क्या होगा मध्य प्रदेश में शराब बिक्री का समय सुबह 9:30 बजे से रात 11:30 बजे तक होग। वहीं, रेस्तरां, पर्यटन, होटल, रिसॉर्ट, बार और क्लब में सुबह दस बजे से शराब की बिक्री शुरू होगी जो रात में साढ़े 11 बजे तक चलेगी। बार-रेस्तरां और क्लब बैठकर में 12 बजे तक शराब पी सकते हैं। वहीं, लाइसेंस धारक बार-क्लब या रेस्तरां अतिरिक्त शुल्क देकर शराब बेचने और पीने के समय को बढ़वाने का भी विकल्प रखा गया है।

राज्यपाल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ‘सदाकाल गुजरात’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति में समरसता का अद्भुत भाव है। गुजरातियों में मेलजोल और आपसी भाईचारे का व्यवहार होता है। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय गुजराती समाज के कार्यक्रम ‘सदाकाल गुजरात’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि “जहां बसे गुजराती, वहां बसे सदाकाल गुजरात” कहावत को गुजरातियों ने हमेशा चरितार्थ किया है। मध्यप्रदेश की संस्कृति में भी गुजराती समाज रच, बस गया है। गुजराती समाज का मध्यप्रदेश के विकास में विशेष योगदान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत को बनाने में मध्यप्रदेश की जनता के साथ गुजराती समाज लगातार सहयोग और सहभागिता कर रहा है। राज्यपाल पटेल ने केंद्र और राज्य सरकार के सामाजिक सहभागिता पर आधारित कार्यक्रमों को सफल बनाने में अखिल भारतीय गुजराती समाज संस्था के सहयोग और सक्रियता की सराहना की। गुजरात देश का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल ने गुजराती में कहा कि गुजराती संस्कृति गर्व का प्रतीक है। आजादी के आन्दोलन में देश को गुजरात ने ही महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के रूप में मजबूत नेतृत्व दिया है। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित और विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने गुजरात राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदल कर गुजरात को देश का ग्रोथ इंजन बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की कार्यकुशलता, नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति की सराहना की। मुख्यमंत्री पटेल ने मध्यप्रदेश के गुजराती समाज को प्रदेश के विकास में हमेशा योगदान देने और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” निर्माण में बढ़-चढकर भाग लेने का आव्हान किया। गुजरात पर ईश्वर की विशेष कृपा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि गुजरात राज्य पर ईश्वर की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। आजादी से लेकर देश के विकास और अर्थव्यवस्था में आज गुजरात का अहम योगदान है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात-मध्यप्रदेश की रीति-नीति-संस्कृति एक जैसी: गृह राज्य मंत्री संघवी गुजरात राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने गुजराती में कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल और संस्कृति एक समान है। दोनों राज्य के लोगों का व्यवहार, रीति-नीति और संस्कृति एक जैसी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रहने वाला प्रत्येक गुजराती, गुजरात की संस्कृति का ब्रांड एम्बेसडर है। संघवी ने कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को गुजरात दर्शन जरूर कराए। कोरोना काल में गुजराती समाज ने की मानवता की सराहनीय सेवा : सांसद शर्मा खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के गुजराती समाज ने पीड़ित मानवता की सराहनीय सेवा की है। अनेक अवसरों पर भी गुजराती समाज द्वारा मानव सेवा के उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में गुजराती समाज की सक्रिय भागीदारी कर रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर, कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उनका गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और अखिल भारतीय गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में गुजरात के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष संजय पटेल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एन.आर.जी. विभाग गुजरात के चेयरमेन हरीश शुक्ला, प्रदेश और अन्य राज्यों के गुजराती समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।        

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet