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केकेआर के बल्लेबाज मैदान पर फेल हो रहे थे, स्टैंड्स में उतरता जा रहा था सुहाना खान का चेहरा

मुंबई इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2025 में अपने डेब्यू मैच में चार विकेट लेकर बायें हाथ के तेज गेंदबाज अश्वि‍नी कुमार ने तबाही मचा दी. अश्विनी आईपीएल के पहले मैच में चार विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने, उन्होंने इत‍िहास तो रचा ही, वहीं मुंबई के ल‍िए जीत का सबसे बड़ा ट्रम्प कार्ड भी बने. अश्व‍िनी के बाद 41 गेंद में नाबाद 62 रन बनाकर रयान रिकेलटन ने मुंबई इंडियंस की जीत तय कर दी. इस तरह गत चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स को सोमवार (31 मार्च) को मुंबई से इस आईपीएल मैच में आठ विकेट से हार म‍िली. मुंबई की यह जीत टूर्नामेंट में उसकी बोहनी भी रही. पंजाब के 23 वर्ष के अश्वि‍नी ने आईपीएल में पहला मैच खेलते हुए 24 रन देकर चार विकेट हास‍िल किए. मुंबई ने इस सीजन में पहली बार वानखेड़े स्टेडियम पर खेलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को 16.2 ओवर में 116 रन पर आउट कर दिया जो इस सत्र में उसका न्यूनतम स्कोर है. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 16.2 ओवरों में 116 रनों पर ढेर हो गई. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत खराब रही और उसने पावरपप्ले के अंदर ही 4 विकेट खो दिए. मुंबई के ट्रेंट बोल्ट ने सुनील नरेन (0) को बोल्ड कर दिया. फिर दीपक चाहर ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (1) को पवेलियन भेजा. इसके बाद अश्विनी कुमार ने डेब्यू मैच की पहली गेंद पर कप्तान अजिंक्य रहाणे को तिलक वर्मा के हाथों कैच आउट करवा दिया. फ‍िर दीपक चाहर ने वेंकटेश अय्यर (3) को न‍िपटाया. वेंकटेश के आउट होने के समय केकेआर का स्कोर 4 विकेट खोकर 41 रन हुआ. इसके कुछ देर बाद ही अंगकृष रघुवंशी (26) भी हार्द‍िक पंड्या की गेंद पर आउट हो गए. इस तरह कोलकाता की टीम का स्कोर 45/5 हो गया कुल मिलाकर कोलकाता की टीम को यहां से संभलने का मौका नहीं मिला और उसके एक के बाद एक विकेट ग‍िरते गए. फिर डेब्यूटेंट अश्विनी कुमार का जादू एक बार फ‍िर चला. उन्होंने रिंकू सिंह (17), ‘इम्पैक्ट सब’ मनीष पांडे (19) और आंद्रे रसेल (5) को आउट करके कोलकाता नाइट राइडर्स की हालत पस्त कर दी. हर्षित राणा को विघ्नेश पुथुर ने पवेलियन भेजा. रमनदीप सिंह 22 रन बनाकर मिचेल सेंटनर की फ‍िरकी में फंसकर आउट हुए. कोलकाता के गेंदबाज भी रहे फेल बेहद मामूली टारगेट को चेज करते हुए ‘इम्पैक्ट सब’ रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों ने मिलकर पहले विकेट लिए 5.2 ओवरों में 46 रन जोड़े, लेकिन रोहित आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा को 13 रन पर कैच दे बैठे. फ‍िर रयान रिकेल्टन ने कोलकाता के गेंदबाजों पर टूट पड़े और तूफानी फिफ्टी जड़ी. साउथ अफ्रीकी  रिकेल्टन ने पांच चौके और चार छक्के की मदद से 41 बॉल पर नाबाद 62 रन कूटे. सूर्यकुमार यादव भी 27 रन पर नाबाद लौटे. केकेआर की ओर से दोनों विकेट आंद्रे रसेल ने लिए. कोलकाता के सुनील नरेन (3 ओवर 32 रन), हर्ष‍ित राणा (2 ओवर 28 रन) महंगे साबित हुए. वहीं वरुण चक्रवर्ती (3 ओवर 12 रन) और स्पेंसर जॉनसन (2 ओवर 14) ने रन तो नहीं दिए, लेकिन विकेट भी नहीं ले पाए. जो उनकी हार की वजह बना. आईपीएल डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 6/12- अल्जारी जोसेफ (MI) बनाम सनराइजर्स हैदराबाद, 2019 5/17- एंड्रयू टाई (गुजरात लॉयन्स) बनाम राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स, 2017 4/11- शोएब अख्तर (KKR) बनाम दिल्ली कैपिटल्स, 2008 4/24- अश्विनी कुमार (MI) बनाम केकेआर, 2025* 4/26- केवोन कूपर (RR) बनाम पंजाब किंग्स, 2012 4/33- डेविड विजे (RCB) बनाम मुंबई इंडियंस, 2015     हिटमैन ने फिर किया बल्ले से निराश मुंबई इंडियंस ने तो जीत का खाता खोल लिया है, लेकिन उसके लिए चिंता का सबब दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा का फॉर्म बन चुका है. रोहित कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 13 रन बनाकर आंद्रे रसेल की गेंद पर हर्षित राणा के हाथों लपके गए. रोहित इस मैच में ‘इम्पैक्ट सब’ के तौर पर उतरे, लेकिन वो बल्ले से इम्पैक्ट नहीं डाल सके. इससे पहले रोहित शर्मा ने गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ 8 रन बनाए थे और तब उनका विकेट मोहम्मद सिराज ने लिया था. जबकि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान का खाता भी नहीं खुला था. उस मैच में रोहित को खलील अहमद ने चलता किया था. यानी रोहित शर्मा ने आईपीएल 2025 में अब तक तीन पारियों में 7 की औसत से 21 रन बनाए हैं और वो तीनों पारियों में तेज गेंदबाज का शिकार बने. वैसे रोहित शर्मा का आईपीएल में खराब फॉर्म पिछले कुछ सीजन से चल रहा है. देखा जाए तो आईपीएल 2020 से अब तक सिर्फ 8 मौके ऐसे आए, जब रोहित शर्मा ने किसी आईपीएल मैच में 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 105 रन रहा, जो उन्होंने पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बनाया था. हालांकि उस शतकीय पारी के बावजूद मुंबई को तब हार का सामना करना पड़ा था. रोहित ने पिछले पांच आईपीएल सीजन में से सिर्फ एक में 400 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसके चलते उनके मौजूदा प्रदर्शन पर और भी सवाल उठ रहे हैं. आईपीएल में रोहित शर्मा के आंकड़े (2020 से अब तक)  साल  मैच  रन  एवरेज   शतक  अर्धशतक  2020  12  332  27.66  0  3  2021  13  381  29.30  0  1  2022  14  268  19.14  0  0  2023  16  332  20.75  0  2  2024  14  417  32.08  1  1  2025  3*   21  7.00  0  0 हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 260 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 6649 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 43 अर्धशतक शामिल रहे. रोहित का आईपीएल में सर्वाध‍िक स्कोर 109* रन रहा है. वहीं उनका एवरेज 29.42 और स्ट्राइक-रेट 131.04 रहा है. रोहित ने अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पांच बार आईपीएल चैम्पियन बनाया. लेकिन पिछले सीजन में उनकी जगह मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाने का फैसला किया. हार्दिक मौजूदा सीजन में भी मुंबई इंडियंस की कप्तानी कर रहे हैं.

संघ के बिना BJP की कामयाबी नामुमकिन नहीं, बीजेपी-RSS ने बना लिया 2029 का भी प्लान!

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय आरएसएस को हमेशा ही देते रहे हैं। हालांकि 11 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद वह रविवार को पहली बार आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे। पीएम मोदी इससे पहले 2013 में लोकसभा चुनाव की बैठक को लेकर नागपुर आए थे। पीएम मोदी ने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केबी हेडगेवार के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आरएसएस की तारीफ खरते हुए कहा कि यह एक संगठन नहीं बल्कि राजनीति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संघ एक अमर संस्कृति के वट वृक्ष की तरह है जो कि आधुनिकता से भी ओतप्रोत है। आरएसएस कार्यकर्ता के तौर पर ही शुरू हुआ राजनीतिक सफर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय चेताना का जो बीज 100 साल पहले बोया गया था वह एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता पूरे देश में तन-मन से लोगों की सेवा कर रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सफर 1972 में आरएसएस प्रचारक के तौर पर ही शुरू हुआ था। उनकी सक्रियता के चलते ही उन्हें 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया था। आरएसएस के एक सीनियर पदाधिकारी ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि बीजेपी का वैचारिक मेंटॉर आरएसएस है। इसके बावजूद बीजेपी ने आरएसएस से दूरी ही दिखाने की कोशिश की। सरकार और संघ का काम पूरी तरह अलग होता है। कई नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनका भविष्य आरएसएस की वजह से ही तय हो पाया है। फिर भी मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आरएसएस कभी सरकार के कामकाज में कोई दखल नहीं देता है और ना ही इसका कोई राजनीतिक अजेंडा है। आरएसएस से अनबन की भी थी चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह भी चर्चा थी की आरएसएस और बीजेपी की बन नहीं रही है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यहां तक कहा था कि बीजेपी अब आत्मनिर्भर है। वहीं जब बीजेपी को हिंदी बेल्ट में सीटों का नुकसान हुआ तो आरएसएस प्रमुख ने भी कई बार इशारों-इशारों में खुले मंच पर नसीहत दे डाली। हालांकि लोकसभा में झटके के बाद बीजेपी ने फिर आरएसएस को अहमियत देनी शुरू की और इसका प्रभाव हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में दिखाई दिया। हालांकि आरएसएस नेता एचवी शेषाद्री ने कहा कि यह कोई डिबेट ही नहीं थी। जो लोग बीजेपी और आरएसएस दोनों को नहीं जानते हैं वही अनबन की अफवाह उड़ा रहे थे। इसके अलावा दो अहम कार्यक्रम भी आने वाले दिनों में होने वाले हैं। एक है बेंगलुरु में होने वाली बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक और दूसरी आरएसएस का शताब्दी वर्ष समारोह। ऐसे में दोनों ही संगठन अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने में ललगे हैं। अगले महीने बेंगलुरु में होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी ऐलान कर सकती है। ऐसे में पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय जाना अहम मानाजा रहा है। दो प्रधानमंत्रियों के दौरे के बीच कितना कुछ बदल चुका है? पच्चीस साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आंगन में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की आमद हुई है. अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री संघ के दफ्तर का दौरा 27 अगस्त 2000 को किया था. ये संघ की स्थापना का 75वां साल था. अब 25 वर्ष बाद RSS की यात्रा के शताब्दी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर संघ मुख्यालय की यात्रा की है. 11 साल पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की अपनी पहली यात्रा में नरेंद्र मोदी ने संघ को भारत की अमर संस्कृति का ‘वट वृक्ष’ बताया. आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान साल 2000 में यहां का दौरा किया था. संयोग है कि पीएम मोदी जब आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं तो ये उनका तीसरा कार्यकाल है. संघ भारतीय संस्कृति का अक्षय वटवृक्ष- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए भारतीय संस्कृति की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई. स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व डॉ.हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर ने भी इस राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया. उन्होंने 100 वर्ष पहले जिस वटवृक्ष का बीजारोपण किया था, वह आज विशाल रूप में फैल चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघ का यह वटवृक्ष आदर्श और सिद्धांतों की वजह से टिक पाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की राष्ट्रीय संस्कृति का कभी न समाप्त होने वाला अक्षय वटवृक्ष है. अब एक चौथाई सदी पहले उस मुलाकात की बात करते हैं जो तब हुई जब बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संघ कार्यालय नागपुर पहुंचे थे. RSS और भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से गहरा माना जाता है, जो समय के साथ विकसित हुआ है 10 मार्च, 2000 को के एस सुदर्शन संघ के प्रमुख बने तो देश में पीएम की कुर्सी पर वो व्यक्ति था जो कभी स्वयंसेवक रहा था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी  के जमाने में स्वदेशी जागरण मंच, विहिप, भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संघ के अनुषांगिक संगठनों से कई मौकों पर टकराव होता रहा. हालांकि संघ के प्रति वाजपेयी की निष्ठा पर कोई सवाल ही नहीं था. 1995 में ऑर्गनाइजर में लिखे एक लेख में संघ को अपनी आत्मा बताया था. उन्होंने लिखा था, “आरएसएस के साथ लंबे जुड़ाव का सीधा कारण है कि मैं संघ को पसंद करता हूं. मैं उसकी विचारधारा पसंद करता हूं और सबसे बड़ी बात, लोगों के प्रति और एक दूसरे के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण मुझे भाता है और यह बस आरएसएस में मिलता है.” अटल के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके संघ से रिश्ते कुछ असहज हो चले थे. उस वक्त संघ और सहयोगी संगठनों के नेता व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूकते थे. जबकि संघ में व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत आलोचना की परंपरा रही. संघ विचारक दिलीप देवधर के अनुसार केएस सुदर्शन अपने विचारों को लेकर बहुत दृढ़ रहते थे. यह अटल बिहारी वाजपेयी जानते थे. यही वजह रहा कि भले ही रज्जू भईया ने उन्हें 1998 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, मगर उन्हें सर संघचालक का … Read more

एमपी में कॉलोनी पर नया कानून, सिर्फ ये कॉलोनियां ही नियमित होगी, इनको हो जाएगी जेल, 2016 से पहले की कॉलोनियां ही होंगी नियमित

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा अवैध कॉलोनी पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा जल्द ही नगर पालिका एक्ट में बदलाव किया जाएगा और अवैध कॉलोनीयों के लिए एक सख्त कानून बनाया जाएगा। नए कानून के अनुसार अगर कोई अवैध कॉलोनी बनता है तो उसे 10 साल की सजा होगी साथ ही 50 लख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस संबंध में जानकारी दिया और कहा कि इसी महीने से इस कानून को प्रभावित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 2016 से पहले की जितनी भी अवैध कालोनियां है सबको वैध कर दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर अपना अंतिम फैसला नहीं लिया है। मोहन सरकार ला रही नया कानून दरअसल, मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है. इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा. मध्य प्रदेश में मोहन सरकार लाएगी सख्त कानून मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है। इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा। 2016 से पहले की अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार मोहन सरकार 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार कर रही है. दरअसल, अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के मौजूदा कानून में सजा और जुर्माने के प्रावधानों में बदलाव के साथ यह भी तय किया जा रहा है कि 2016 से पहले या 2022 से पहले बनी कॉलोनियों को वैध किया जाए. इस पर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बनी है. हालांकि, पिछले साल नगरीय प्रशासन मंत्री ने अवैध कॉलोनियों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टरों से 2016 तक की अवैध कॉलोनियों का डेटा मांगा था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार 2016 से पहले बनी कॉलोनियों को ही नियमित कर सकती है. बता दें कि एमपी के पूर्व सीएम ने 2022 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था. विधानसभा चुनाव 2023 से पहले इसकी घोषणा की गई थी. पहले जानिए, शिवराज सरकार ने क्या फैसला लिया था पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 23 मई 2023 को अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में घोषणा करते हुए शिवराज ने दिसंबर 2022 तक बनी सभी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया। किसी तरह का विकास शुल्क न लेने का भी ऐलान किया था। शिवराज ने कहा था- मैं मानता हूं कि जब ये कॉलोनियां बन रही थीं, तब ध्यान देना चाहिए था कि वो वैध बन रही हैं या अवैध। लेकिन हमारे भाई-बहन का क्या दोष? जिंदगीभर की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीद लिया। पाई-पाई जोड़कर मकान बना लिया। मकान बन गया, तब सरकार आई और कहा- ये तो अवैध है। यह न्याय नहीं है। अवैध मतलब क्या हम अपराधी हो गए? अवैध ठहराने का निर्णय ही अवैध है, इस निर्णय को मैं समाप्त करता हूं। अब जानिए, कानून में संशोधन क्यों कर रही मौजूदा सरकार मध्यप्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने का कानून तो बना दिया है लेकिन इसका प्रभावी पालन नहीं हो सका है। शिवराज सरकार ने साल 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया था। उस समय नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्वे कर ऐसी 6077 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की थीं। मोहन सरकार ने पिछले साल जब अवैध कॉलोनियों का डेटा जिलों से मंगाया तो पाया गया कि अवैध कॉलोनियों की संख्या 6077 से बढ़कर 7981 हो चुकी है यानी 1908 नई अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा के पिछले सत्र में कहा था कि प्रदेश में बन रही अवैध कॉलोनियों को सरकार वैध नहीं करेगी। इनमें रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, बिल्डिंग परमिशन मिल जाए, यह काम जरूर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियां एक गंभीर मुद्दा बन गई हैं। इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा। बता दें कि मप्र नगरपालिका अधिनियम 2021 की धारा 292 और 339 की उप धाराओं में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान है। भोपाल के उदाहरण से समझिए, कैसे बढ़ रही अवैध कॉलोनियां पिछले दो साल में भोपाल में 300 नई अवैध कॉलोनियां कट चुकी हैं। साल 2022 में हुए सर्वे के मुताबिक, भोपाल जिले में कुल 576 अवैध कॉलोनियां मिलीं थीं। इनमें से 31 दिसंबर 2016 से पहले बनी 321 कॉलोनियों को नियमतिकरण की श्रेणी में रख दिया गया। बाकी 255 पर दिसंबर 2023 तक एफआईआर दर्ज कराई गई। अब नए सिरे से सर्वे शुरू किया गया तो 300 से ज्यादा नई अवैध कॉलोनियां और मिल गई हैं। यह सर्वे अभी जारी है, ऐसे में इनकी संख्या बढ़ सकती है। बता दें कि वर्ष 2000 के पहले भोपाल में 198 अवैध कॉलोनियां थीं। नगर निगम की तत्कालीन सर्वे रिपोर्ट में इसका जिक्र था यानी 25 साल में ऐसी कॉलोनियों में तीन गुना तक इजाफा हो चुका है। अवैध कॉलोनाइजर: 10 साल की सजा, 50 लाख जुर्माना     प्रस्तावित संशोधन में व्यक्ति के साथ फर्म, कंपनी, सोसाइटी, संस्था, प्रमोटर या सरकारी इकाई को भी कॉलोनाइजर की कैटेगरी में रखा गया है।     पहले किसी कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन एक जिले में होता था, लेकिन प्रस्तावित संशोधन में अब प्रदेश स्तर पर रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए सरकार रजिस्ट्रेशन प्राधिकारी की नियुक्ति करेगी। इसके बाद कॉलोनाइजर प्रदेश के किसी भी हिस्से में कॉलोनी काट सकेगा।     कॉलोनी बनाने के लिए कॉलोनाइजर पहले की ही तरह सक्षम अधिकारी के पास आवेदन करेगा। मगर, प्रस्तावित संशोधन में कॉलोनी की अनुमति देने की समय सीमा तय करने का प्रावधान किया … Read more

1 अप्रैल से बदले पैसे और टैक्स से जुड़े ये नियम, 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री, UPI, GST, क्रेडिट कार्ड रूल्स भी चेंज

नई दिल्ली 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष चालू हो रहा है। आज  यानी एक अप्रैल से पैसे और टैक्स से जुड़े कुछ नियमों में बड़ा बदलाव हो जाएगा। इनमें से अधिकतर बदलावों की जानकारी पिछले महीने यानी मार्च 2025 में ही दे दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने फरवरी में आए बजट के दौरान इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े कुछ बड़े ऐलान किए थे और अब इन नियमों को 1 अप्रैल 2025 यानी आज  से लागू किया जाएगा। प्रमुख वित्तीय और टैक्स परिवर्तनों में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर इनकम टैक्स छूट, लंबे समय तक इस्तेमाल न किए गए मोबाइल नंबरों के लिए यूपीआई को डीएक्टिवेट करना और पैन-आधार लिंक नहीं होने पर कोई डिविडेंड (लाभांश) नहीं देना शामिल है। 1 अप्रैल से लागू हो रहे पैसे और टैक्स से जुड़े ये बदलाव… नया इनकम टैक्स नियम: New income tax rule     वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में नए टैक्स रेट और स्लैब का ऐलान किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत 12 लाख रुपये तक सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए होगा। यानी इस तरह न्यू टैक्स रिजीम में 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यूपीआई नियमों में बदलाव: Changes in UPI rules नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल से लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए यूपीआई नंबर निष्क्रिय यानी डीएक्टिवेट हो जाएंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर यूपीआई से लिंक है और आप लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो 1 अप्रैल से पहले इसे अपडेट कर लें, नहीं तो आपका यूपीआई अकाउंट एक्सेस नहीं हो पाएगा। क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइन्ट में बदलाव: Changes in credit card reward points     कुछ क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए रिवॉर्ड प्वाइंट के नियम बदलने जा रहे हैं। एसबीआई सिंपलीक्लिक और एयर इंडिया एसबीआई प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड धारकों को नए रिवॉर्ड स्ट्रक्चर के तहत बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, एक्सिस बैंक एयर इंडिया और विस्तारा के विलय के कारण विस्तारा क्रेडिट कार्ड के लाभों को भी रिवाइज करेगा। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस): Unified Pension Scheme (UPS) सरकार द्वारा अगस्त 2024 में लॉन्च की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 1 अप्रैल से लागू होगी। यह पुरानी पेंशन स्कीम की जगह लेगी और लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। इसके तहत 25 साल या उससे अधिक की सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। जीएसटी नियमों में बदलाव: Changes in GST rules     1 अप्रैल से जीएसटी पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य कर दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी। इसके अलावा अब केवल उन्हीं दस्तावेजों पर ई-वे बिल जेनरेट किया जा सकेगा जो 180 दिन से ज्यादा पुराने न हों। होटल रूम टैरिफ और जीएसटी: Hotel room tariff and GST अब, किसी भी वित्तीय वर्ष में प्रतिदिन 7,500 रुपये से ज्यादा कमरे का किराया रखने वाले होटलों को ‘Specified Premises’ माना जाएगा। ऐसे होटलों में ऑफर की जाने वाली रेस्तरां सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा। बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस का नियम: Bank account minimum balance rules     एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और अन्य बड़े बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस की जरूरतों को अपडेट किया है। अगर आपके बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं है तो 1 अप्रैल से आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। पैन-आधार लिंक नहीं तो डिविडेंड भी नहीं: Dividend will not be received if PAN-Aadhaar is not linked अगर आपने 31 मार्च तक अपने पैन और आधार को लिंक नहीं किया तो 1 अप्रैल से आपको डिविडेंड इनकम नहीं मिलेगी। इसके अलावा टीडीएस भी बढ़ जाएगा और फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट नहीं मिलेगा। म्यूचुअल फंड और डीमैट केवाईसी अनिवार्य: Mutual fund and demat KYC mandatory 1 अप्रैल, 2025 से म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए केवाईसी अनिवार्य हो जाएगी। इसके तहत सभी नामांकित विवरणों (nominee details) को फिर से सत्यापित किया जाएगा। चेक क्लियरेंस के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम बैंक फ्रॉड रोकने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू किया जाएगा। अब 50,000 रुपये से अधिक के चेक भुगतान के लिए खाताधारक को चेक का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंक को देना होगा, जिसे बैंक भुगतान से पहले सत्यापित करेगा। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग में बदलाव: Changes in Priority Sector Lending 1 अप्रैल से होम लोन लेने वाले लोग प्रायोरिटी सेक्टर लोन के तहत बड़े शहरों में 50 लाख रुपये, मीडियम-साइज वाले शहरों में 45 लाख रुपये और छोटे शहरों में 35 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। टीडीएस लिमिट में बढ़ोतरी: Increase in TDS limit     वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। टीसीएस नियमों में बदलाव: Changes in TCS rules टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) की नई दरें 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगी। अब विदेश यात्रा, निवेश और अन्य बड़े लेनदेन पर टीसीएस की सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी वित्तीय कामों को 1 अप्रैल से पहले पूरा कर लें ताकि कोई परेशानी न हो।  

मध्य प्रदेश में संपत्ति की नई दरें आज एक अप्रैल से लागू , सरकार ने नई दरों को मंजूरी दी, घर खरीदना होगा महंगा

भोपाल  मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर शनिवार को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। तीन से चार गुना ज्यादा दामों पर रजिस्ट्रियां जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है।

काल भैरव मंदिर के सामने से हटेंगे शराब काउंटर, कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था

उज्जैन  एमपी के उज्जैन शहर में नगर सीमा की 17 शराब दुकानों को 1 अप्रेल से बंद कर दिया जाएगा। इन दुकानों के साथ शहर में चल रहे बार और होटल में भी शराब नहीं मिल पाएगी। अगर किसी ने इसके बाद भी शराब परोसी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि नगर सीमा में आने वाली कालभैरव मंदिर के पास स्थित दो शराब दुकानें शराब बंदी में शामिल नहीं हैं। काल भैरव महाराज को भोग लगाने के लिए यहां शराब मिलती रहेगी।  अगर यहां से शराब खरीदकर किसी ने परिवहन किया तो उसके खिलाफ आबकारी एक्ट में कार्रवाई होगी। शराब बंदी की घोषणा सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो माह पूर्व की थी। इसके तहत नगर सीमा में आने वाली 17 दुकानें बंद की जाएगी। ये रहेंगे नियम शराब पार्टी के लिए आबकारी से लेना पड़ेगी अनुमति शराब बंदी की घोषणा के साथ लोगों में असमंजस की स्थिति है। आबकारी अधिकारियों के अनुसार शराब पीने पर प्रतिबंध नहीं है। शहरवासी अपने घर में चार बोतल शराब की रखकर पी सकते हैं, परंतु वाहन नहीं चला सकते। वहीं कोई भी शराब पार्टी नहीं दे सकता। अगर जरूरी होगा तो इसके लिए उन्हें शहर से बाहर शराब पार्टी करना होगी और इसके लिए आबकारी से परमिशन लेना जरूरी किया गया है। हालांकि यह परमिशन तभी दी जाएगी जब आयोजनकर्ता शहर से बाहर पार्टी का आयोजन करेगा। शराब पीकर शहर में प्रवेश रहेगा वर्जित इसके साथ ही शराब पीकर शहर में प्रवेश करना वर्जित किया गया है। धार्मिक शहर होने के नाते शराब पीकर शहर में प्रवेश करने के लिए पुलिस ने बाहरी मार्ग पर ब्रीथ एनालाइजर से चेकिंग शुरू करवाई है। पिछले दो माह में ही पुलिस ने इन मार्ग पर 100 से ज्यादा शराबी वाहन चालकों को पकड़ा। इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 185 की कार्रवाई की गई। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए शहरभर में चेकिंग प्वाइंट लगाए हैं। शहर में शराब पीकर प्रवेश करने पर भी लोगों को रोक रहे हैँ। हालांकि जब तक शराब बंद नहीं होती तब तक लोगों को समझाइश दे रहे हैं। शराब बंदी के बाद आबकारी एक्ट में कार्रवाई करेंगे। तस्करों ने किया स्टॉक हालांकि शराब बंदी के इस निर्णय के बाद से ही शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि शहर की झुग्गी झोपड़ी और निचली बस्तियों में शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। 2 अरब की ये दुकानें होंगी बंद इंदौर गेट, मकोडिय़ा आम, कोयला फाटक, फाजलपुरा, टंकी चौक, छत्री चौक, केडी गेट, नई सड़क, जयसिंहपुरा, नीलगंगा कवेलू कारखाना, फ्रीगंज जीरो पाइंट ब्रिज, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-1, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-2, सांवेर रोड दो तालाब, पंवासा, नागझिरी -1 और नागझिरी -2 ये शराब दुकानें पुरी तरह हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।  कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था धार्मिक नगरी उज्जैन में इस निर्देश से भगवान काल भैरव को लगाने वाले भोग को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिस पर आज कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि काल भैरव मंदिर के सामने लगे शराब के काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसीलिए इन्हें हटाया जाएगा। रही काल भैरव के पूजन और भोग परंपरा की तो इसकी जिम्मेदारी मंदिर प्रबंध समिति की रहेगी। भगवान को लगाए जाने वाले मदिरा के भोग की व्यवस्था हमेशा की तरह मंदिर समिति करेगी। इसीलिए बन रही थी असमंजस की स्थिति कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कालभैरव मंदिर की परंपराओं को देखते हुए शासन को एक पत्र भेजा था, जिसमें मंदिर के सामने के दो शराब काउंटर को यथावत रखने की बात कही गई थी, लेकिन अब कलेक्टर का कहना है कि क्योंकि यह शराब काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसलिए इन्हें यहां से हटाया जाएगा। श्रद्धालु कैसे लगा पाएंगे कालभैरव को मदिरा का भोग धार्मिक नगरी उज्जैन में कल से नगर निगम की परीसीमा में लागू की जा रही शराबबंदी को लेकर जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि काल भैरव मंदिर के सामने के शराब काउंटर आज हटाए जाएंगे। मंदिर भोग पहले की तरह ही लगता रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति के पास स्टाक रहेगा। हां बाहर से आने वाले श्रद्धालु भगवान काल भैरव को किस प्रकार से मदिरा का भोग लगा पाएंगे इसको लेकर जल्द ही योजना बनाई जाएगी। कालभैरव को प्रतिदिन लगता है मदिरा का भोग उज्जैन के प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में मदिरा का भोग लगाने की परंपरा वर्षों से जारी है। मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया की ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब शराबबंदी की जा रही हो। वर्ष 2016 में सिहस्थ महाकुंभ के दौरान भी कालभैरव क्षेत्र में शराबबंदी की गई थी, लेकिन मंदिर में वर्षों से चली आ रही है परंपरा लगातार जारी रहे इसके लिए शासन ने ही उस समय भगवान काल भैरव को भोग के रूप में चढ़ाए जाने वाली शराब का इंतजाम किया था। गजट नोटिफिकेशन में नहीं था कालभैरव मंदिर का जिक्र एक अप्रैल से लागू की जाने वाली शराबबंदी को लेकर जारी हुए गजट नोटिफिकेशन की बात की जाए तो पता चलेगा कि इसमें मंदसौर, मुलताई, ओंकारेश्वर, ओरछा, मंडलेश्वर, मेहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना के साथ ही कल 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी करने की बात कही गई है। साथ ही उन दुकानों के बारे में भी बताया गया जिन्हें बंद किया जाना है लेकिन इस गजट नोटिफिकेशन में काल भैरव मंदिर के सामने की शराब दुकानों का कोई जिक्र नहीं किया गया था।

प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम होगा, मुख्यमंत्री यादव स्कूल चलें हम अभियान-2025 का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रात: 9 बजे “स्कूल चलें हम” अभियान – 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी होगा। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का होगा स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 इस वर्ष एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से समस्त शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर “स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिलों में भी होगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एक अप्रैल को शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक-सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

आ चुकी है दुनिया में मंदी…, रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने दी चेतावनी

नई दिल्‍ली. जाने-माने लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर दुनिया में आर्थिक मंदी की चेतावनी दी है। कियोसाकी ‘रिच डैड पुअर डैड’ किताब के लेखक हैं। उन्‍होंने कहा है कि दुनिया पहले से ही मंदी में है। उन्होंने यह बात सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में कही। कियोसाकी 2012 में ‘रिच डैड्स प्रोफेसी’ लिखने के बाद से ही लोगों को चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने लोगों को सीखने और बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही वित्तीय सलाहकारों से सावधान रहने को कहा। क‍ियोसाकी ने क‍िया लोगों का आगाह रॉबर्ट कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर लिखा, ‘क्या दुनिया मंदी में है? मेरा जवाब है, हां।’ उन्होंने कहा कि वह 2012 से ही लोगों को आगाह करने की कोशिश कर रहे हैं। कियोसाकी ने लोगों से पूछा, ‘क्या सीखने और बदलाव करने में बहुत देर हो चुकी है?’ उन्होंने खुद ही जवाब दिया, ‘नहीं। आपके पास समय है और समय हमेशा आपके लिए एक संपत्ति है।’ कियोसाकी ने FOMO यानी ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ (किसी चीज से छूट जाने का डर) की तुलना FOMM यानी ‘फियर ऑफ मेकिंग मिस्टेक्स’ (गलती करने का डर) से की। उन्होंने कहा कि स्कूल FOMM का डर पैदा करते हैं। उन्होंने लोगों को यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके खुद को शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने भ्रामक वित्तीय सलाहकारों से सावधान रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छी और सबसे खराब शिक्षा मुफ्त है।’ कियोसाकी ने आगे कहा, ‘तथ्य यह है कि दुनिया मंदी में है। तथ्य यह है कि महंगाई बढ़ रही है। बेरोजगारी भी बढ़ रही है।’ उन्होंने पाठकों से सोचने के लिए कहा, ‘क्या यह मंदी आपको अमीर बनाएगी या गरीब? यह चुनाव आपका है और आपकी शिक्षा का चुनाव मुफ्त हो सकता है।’ उन्होंने अंत में कहा, ‘ध्यान रखें और इस मंदी को अपने जीवन की सबसे अच्छी चीज बनाएं। यह शक्ति केवल आपके पास है।’ कियोसाकी के इन विचारों से दुनिया भर में मंदी को लेकर चिंता और बढ़ गई है। मुश्‍क‍िल दौर से गुजर रही है दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था जे.पी. मॉर्गन के मुख्य वैश्विक अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन ने अमेरिका में मंदी की आशंका को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि ‘व्यवसाय-विरोधी नीतियां’ इस खतरे को और बढ़ा सकती हैं। कासमैन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर शासन पर भरोसा कम होता रहा तो अमेरिका में निवेश पर बुरा असर पड़ सकता है। गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली दोनों ने ही 2025 के लिए अमेरिका के GDP विकास के अनुमान को कम कर दिया है। उनका अनुमान है कि यह 1.5% से 1.7% के बीच रहेगा। इसका मतलब है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ेगी। कियोसाकी की चेतावनी और अर्थशास्त्रियों के बदलते अनुमानों से पता चलता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है। लोगों को अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर सावधान रहने और सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है। कियोसाकी का कहना है कि सही शिक्षा और तैयारी से लोग इस मंदी का सामना कर सकते हैं और इससे लाभ भी उठा सकते हैं।

जेलेंस्की के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति के बयान पर भड़के ट्रंप, मॉस्को को दे डाली बड़ी धमकी

वॉशिंगटन यूक्रेन के राष्ट्र्पति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लेकर पुतिन की टिप्पणी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए हैं। ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह जेलेंस्की की आलोचना से बहुत नाराज हैं। इसके साथ ही ट्रंप ने धमकी दी कि अगर रूसी राष्ट्रपति युद्ध विराम के लिए सहमत नहीं होते हैं तो वे मॉस्को के तेल निर्यात पर टैरिफ लगा देंगे। एनबीसी न्यूज के साथ फोन पर दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाने की बात कही, जो रूसी तेल खरीदने वाले देशों को प्रभावित करेगा। उन्होंने यूक्रेन में जंग न रोकने के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘अगर रूस और मैं यूक्रेन में खून-खराबे को रोकने के लिए कोई समझौता करने में असमर्थ हैं और अगर मुझे लगता है कि यह रूस की गलती थी, जो कि शायद न हो- तो मैं रूस से आने वाले सभी तेल पर सेकेंडरी टैरिफ लगाने जा रहा हूं।’ पुतिन को लेकर ट्रंप की टिप्पणी रूसी नेता को लेकर उनके पिछले रुख से अलग है। जेलेंस्की को हटाने की मांग पर भड़के ट्रंप पुतिन को लेकर ट्रंप का गुस्सा तब आया, जब रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन में जेलेंस्की को हटाकर एक नई सरकार बनाने की मांग की। एनबीसी के साथ फोन पर ट्रंप ने कहा, ‘यह सही जगह पर नहीं जा रहा है।’ इसके पहले ट्रंप ने जेलेंस्की को लेकर निराशा जाहिर की थी और उन्हें तानाशाह तक कह दिया था। लेकिन अब वह रूस के खिलाफ सीधे बोल रहे हैं। ट्रंप ने कहा, मैं बहुत गुस्सा था, नाराज था, जब पुतिन ने जेलेंस्की की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया, क्योंकि यह सही जगह पर नहीं जा रहा था, आप समझते हैं?’ रूस की अर्थव्यवस्था को धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस की अर्थव्यवस्था को झटका देने की चेतावनी दी और कहा कि सभी रूस तेल पर टैरिफ 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि अगर आप रूस से तेल खरीदते हैं तो अमेरिका में व्यापार नहीं कर सकते। हालांकि, ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच सुलह का भी संकेत दिया और कहा, ‘पुतिन जानते हैं कि मैं गुस्से में हूं, लेकिन गुस्सा जल्दी खत्म हो जाता है, अगर वह सही काम करते हैं।’ क्या कह रहे विश्लेषक अब ऐसे में सवाल उठता है कि अगर रूस ने यूक्रेन युद्ध विराम समझौते पर अपनी सहमति नहीं दी और ट्रंप ने रूसी तेल निर्यात पर 25 से 50 फीसदी की टैरिफ लगाया तो किन-किन देशों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके जवाब में विश्लेषकों और अधिकारियों का कहना है कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प रूसी तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ 25-50% टैरिफ लगाते हैं, तो चीन और भारत इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। दरअसल, 2022 में यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध छिड़ने के बाद अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। उसके तेल खरीदने पर भी बैन लगा दिया गया था लेकिन भारत और चीन के अलावा कुछ और देशों ने रूस से तेल खरीदना चालू रखा। ऐसे में अमेरिका द्वारा सीधे खरीददारों पर सेकंडरी टैरिफ लगाने से न केवल पुतिन की तेल राजस्व तक पहुंच कम हो सकती है बल्कि जो देश इसका उल्लंघन करेंगे उन्हें भी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है। रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में शामिल न होने के बावजूद, चीन इसका उल्लंघन करने के बारे में सावधान रहा है, क्योंकि उसे सेकंडरी टैरिफ का डर सताता रहा है। उदाहरण के लिए, कुछ चीनी बैंकों ने अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली से प्रतिबंधित होने के डर से रूसी कंपनियों के साथ लेन-देन कम कर दिया है। चीन को भारत ने छोड़ा पीछे मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट बैंक और वित्तीय सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी UBS के विश्लेषक जियोवानी स्टानोवो ने द गार्डियन से कहा, “जैसा कि ट्रम्प ने वेनेजुएला के तेल के मामले में किया है, वैसा ही रूस के मामले में खरीदारों को लक्षित करने के लिए कर सकते हैं। इस कदम से चीन और भारत प्रभावित हो सकता है। हालांकि, हमें यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में क्या घोषणा होती है। बता दें कि भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए समुद्री रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। भारत-चीन के अलावा और किन देशों पर असर 2024 में भारत के कुल कच्चे तेल के आयात का लगभग 35% रूसी कच्चा तेल था। यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही भारत रूसी तेल खरीदता रहा है लेकिन अब अमेरिकी टैरिफ की चिंता होने लगी है। भारत और चीन के अलावा तुर्किए भी रूसी तेल का बड़ा खरीदार है। इसके अलावा बुल्गारिया,इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, स्लोवाकिया, हंगरी भी रूसी तेल खरीदने में आगे रहा है। पाकिस्तान ने भी रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए डील किया है।

मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कुछ लोग वक्फ बिल को लेकर गुमराह कर रहे हैं

नई दिल्ली संसद के मौजूदा बजट सत्र में वक्फ बिल संसोधन पेश होना है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार 2 अप्रैल को इसे लोकसभा में पेश कर सकती है। इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लिया है और कहा है कि इस बिल का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो वक्फ की करोड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर बैठे हुए हैं। ANI से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि इसका इसका विरोध करने वाले लोग शक्तिशाली हैं और वे भोले-भाले लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक की आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उस आलोचना का कुछ सार होना चाहिए। रिजिजू ने कहा, “वे कौन लोग हैं जो इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं? कुछ ताकतवर लोग हैं जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण कर रखा है। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि विधेयक असंवैधानिक है। आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन आलोचना में कुछ सार होना चाहिए।” केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन देने और राज्य के सांसदों से भी ऐसा करने का अनुरोध करने वाले पत्र के बारे में रिजिजू ने कहा कि धार्मिक आधार पर कई संगठन केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में है। उन्होंने कहा कि यह वक्फ बोर्ड के तहत संपत्तियों के प्रबंधन के मामले में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। केरल के बिशप कर रहे वक्फ का समर्थन रिजिजू ने कहा, “केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल द्वारा भेजा गया अनुरोध पत्र सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न समुदायों के कई संगठन वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। हमें यह समझना चाहिए कि विधेयक मूल रूप से गरीब मुसलमानों, बच्चों और महिलाओं के हित में है और यह भी सुनिश्चित करता है कि वक्फ की संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से हो।सरकार आम लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना चाहता है।” केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) सहित कई ईसाई संगठन केंद्र द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि मुनंबम उपनगर में गरीब परिवारों ने दावा किया है कि वे वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी जमीन जब्त किए जाने के खतरे में जी रहे हैं। उन्होंने राज्य के सांसदों से “तुष्टिकरण की राजनीति” में शामिल होने के बजाय लोगों की सहायता करने का आग्रह किया। सैकड़ों गरीबों को सता रहा वक्फ का खौफ चंद्रशेखर ने भी कहा, “केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल और कई अन्य ईसाई संगठन केरल के सांसदों से वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपना रुख अपनाने और इसके पक्ष में मतदान करने के लिए कह रहे हैं क्योंकि केरल में, कोचीन के पास मुनंबम नामक स्थान पर, सैकड़ों गरीब परिवारों को वक्फ द्वारा उनकी जमीन जब्त किए जाने का खतरा है।” भूमि जब्त किए जाने के खतरे के खिलाफ वर्षों से किए जा रहे आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए, भाजपा नेता ने केरल के सांसदों से “तुष्टिकरण की राजनीति” में शामिल होने के बजाय मुसीबत में फंसे लोगों की सहायता करने के अपने कर्तव्यों को पूरा करने का आग्रह किया। जनहित में फैसला लें कांग्रेस सांसद: चंद्रशेखर उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए वे महीनों और सालों से आंदोलन कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि केरल के सांसद अपना कर्तव्य निभाएं, जो कि मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करना, लोगों की मदद करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है, न कि केवल तुष्टीकरण की राजनीति करना। आज एक महत्वपूर्ण दिन है। कांग्रेस सांसदों को एक स्टैंड लेना चाहिए और फैसला लेना चाहिए। वक्फ (संशोधन) विधेयक किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह भारत के संवैधानिक मूल्यों के साथ कानून को जोड़ने के बारे में है।”

RSS नेता भैयाजी जोशी बोले- जिसकी आस्था है, वो जाएगा औरंगजेब की कब्र पर

नागपुर मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को हटाने की कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की मांग के बीच, वरिष्ठ आरएसएस नेता सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी ने सोमवार को कहा कि इस विषय को अनावश्यक रूप से उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘जिनकी श्रद्धा है वो उस कब्र पर जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘औरंगजेब की कब्र का विषय अनावश्यक उठाया गया है। उसकी मृत्यु यहां हुई तो उसकी कब्र यहां बनी हुई है। जिनकी श्रद्धा है वो जाएंगे। अनावश्यक उठाया गया विषय’ उन्होंने कहा, ‘औरंगजेब की कब्र का विषय अनावश्यक उठाया गया है. उसकी मृत्यु यहां हुई तो उसकी कब्र यहां बनी हुई है. जिनकी श्रद्धा है वो जाएंगे.’ दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों की निंदा की और कहा कि ‘इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.’ ‘जिनकी आस्था है, वो जाएंगे’ उन्होंने कहा, ‘बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पास दफनाया गया था और छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुमति के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता था.’ राज ठाकरे की टिप्पणियों और मुगल शासक की कब्र के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा, ‘औरंगजेब की कब्र का विषय अनावश्यक रूप से उठाया गया है. उसकी मृत्यु यहीं (भारत में) हुई थी, इसलिए उसकी कब्र यहीं बनाई गई है. जिनकी आस्था है, वे जाएंगे.’ ‘यह भारत की उदारता का प्रतीक’ पूर्व आरएसएस महासचिव ने कहा, ‘हमारे पास छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श (रोल मॉडल) है. उन्होंने अफजल खान की कब्र बनवाई थी. यह भारत की उदारता और समावेशिता का प्रतीक है. कब्र बनी रहेगी, जो भी जाना चाहेगा, जाएगा.’ ‘हमें पानी और पेड़ों की नहीं, कब्र की चिंता है’ मुंबई के शिवाजी पार्क में वार्षिक गुड़ी पड़वा रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने भ्रामक ऐतिहासिक नैरेटिव और व्हाट्सएप संदेशों के प्रति आगाह किया और इस बात पर जोर दिया कि इतिहास का अध्ययन सोशल मीडिया के बजाय विश्वसनीय स्रोतों से किया जाना चाहिए. राज ठाकरे ने छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र पर विवाद पैदा करने के राजनीतिक प्रयासों की आलोचना की. इस कारण नागपुर में हिंसा हुई. राज ठाकरे ने ऐसी बहसों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हमें पानी के स्रोतों और पेड़ों की चिंता नहीं है, लेकिन हमें औरंगजेब की कब्र की चिंता है?’ उन्होंने विभाजनकारी राजनीति का शिकार होने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, ‘लोगों को इतिहास के नाम पर लड़ाया जा रहा है और राजनेता संघर्ष को बढ़ावा देने के लिए इन मुद्दों का फायदा उठाते हैं.’ ‘औरंगजेब शिवाजी नामक एक विचार को मारना चाहता था’ ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि मुगल शासक औरंगजेब ने मराठों से लड़ते हुए महाराष्ट्र में 27 साल बिताए, छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को कुचलने की कोशिश की लेकिन आखिरकार असफल रहा. उन्होंने कहा, ‘औरंगजेब शिवाजी नामक एक विचार को मारना चाहता था.’ राज ठाकरे ने कहा कि शिवाजी महाराज के निधन के बावजूद, औरंगजेब उनकी विचारधारा को मिटाने के असफल प्रयास में महाराष्ट्र में रहा. उन्होंने दर्शकों को याद दिलाया कि शिवाजी के बेटे संभाजी महाराज ने आगरा से भागने पर औरंगजेब के बेटे को शरण भी दी थी.

मध्य प्रदेश में तेज बारिश और ओले के साथ हो सकती है अप्रैल की शुरुआत, जानें-कैसा रहेगा एमपी में अगले कुछ दिनों तक मौसम

भोपाल  मौसम विभाग  ने मध्य प्रदेश में तेजी से मौसम में बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है. भीषण गर्मी से कई जिलों में लोगों को राहत मिल सकती हैं. मौसम विभाग की मानें, तो अप्रैल के शुरुआती दो दिनों में मध्य प्रदेश में ओले-बारिश (Hail and Rain) और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है. इस वजह से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा. सोमवार को रतलाम, मंदसौर, अलीराजपुर और बड़वानी में हल्की बारिश और बादल छाए रहें. इसके साथ ही, कल से दो दिन बूंदाबादी देखने को मिल सकती है. एमपी के इन जिलों में दो दिन तक बारिश मौसम विभाग की मानें, तो 1 अप्रैल से एमपी के कुल 9 जिलों में एक या दो दिनों तक बादल-बूंदाबांदी और आंधी-ओले का दौर चल सकता है. नर्मदापुरम और बैतूल जिले में 1 अप्रैल को ओले गिरने का अनुमान जताया गया है. इसके अलावा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अनूपपुर और डिंडोरी में ओले गिर सकते हैं. इसलिए बदल रहा प्रदेश का मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी की बजाय ओले, बारिश, गरज-चमक और आंधी के साथ हो सकती है। कहीं-कहीं आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के बाद मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है। जिसके पठारी क्षेत्र में ट्रफ के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आनी शुरू हो जाएगी, जिससे प्रदेश में भी मौसम बदला रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 31 मार्च: मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, बड़वानी में बादल छाए रहेंगे। यहां हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर में तेज धूप खिलेगी। 1 अप्रैल: नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। हरदा, खरगोन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में तेज आंधी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, मंदसौर, नरसिंहपुर और सागर में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। 2 अप्रैल: नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अनूपपुर, डिंडोरी और बालाघाट में ओले गिरने का अलर्ट है। हरदा-शिवपुरी समेत विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, सागर और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। 3 अप्रैल: बैतूल में ओले गिर सकते हैं। खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुर्णा में 40 से 50किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी में 30 से 40 किमी की रफ्तार से आंधी चलेगी। प्रदेश में मंडल रहा सबसे गर्म रविवार को मंडला में सबसे ज्यादा 39 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 38.5 डिग्री, धार में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38.2 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 38 डिग्री, खरगोन में 37.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम, खजुराहो-सिवनी में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.8 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री, उज्जैन में 36.8 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 39 डिग्री पारा, भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी गर्मी बढ़ी दो दिन की राहत के बाद रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, मंडला में सबसे ज्यादा 39 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 38.5 डिग्री, धार में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38.2 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 38 डिग्री, खरगोन में 37.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम, खजुराहो-सिवनी में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.8 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री, उज्जैन में 36.8 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। अप्रैल में चलेगी लू अप्रैल में लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना ज्यादा है। इनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी … Read more

मंत्रि-परिषद से अनुमोदन उपरांत अमल में लाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण, शहरी और इंटरसिटी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सबके साथ विस्तृत विचार-विमर्श, सुझाव एवं सहमति के बाद शीघ्र ही इस योजना प्रस्ताव को अनुमोदन के लिये मंत्रि-परिषद की बैठक में लाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नवीन परिवहन सेवा (मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा) के संबंध में प्रारंभिक चर्चा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। समत्व में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं प्रशासन संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सिबी चक्रवर्ती एवं संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की यात्री परिवहन संबंधी भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस नवीन योजना के सभी पक्षों पर गहनता से अध्ययन करें, जिससे यात्रियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। सचिव परिवहन मनीष सिंह ने नवीन परिवहन सेवा योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी। बताया गया कि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नवीन योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। इन बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा। नवीन योजना में यात्रियों एवं बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा नवीन परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराये जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बताया गया की नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें कन्टीन्यू बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में की गई है, जिससे आपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हो और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।  

नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी, कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रेल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। MP में 4.21 लाख करोड़ के बजट को मिली हरीझंडी मध्यप्रदेश में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रैल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। अधोसंरचना पर ज्यादा नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। जबकि कृषि क्षेत्र में 39207 करोड़ रुपए, सामाजिक स्वास्थ्य एवं महिला विकास विकास के लिए 50333 करोड़ रुपए की व्यवस्था सरकार ने की है। नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए यह राशि 51074 करोड़ रुपए है। कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़ कर्ज का बोझ कम करने के लिए भी सरकार ने व्यवस्था की है। इस बजट में कर्ज चुकान और ब्याज भुगतान के लिए 58 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसमें ब्याज भुगतान के लिए 28636 करोड़ रुपए एवं कर्ज भुगतान के लिए 29980 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यही नहीं पेंशन भुगतान के लिए 28961 करोड़ रुपए की व्यवस्था इस बजट में है।

सलकनपुर में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो

 बुधनी  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रसिद्ध मां विजयासन देवी मंदिर (Famous Mother Vijayasan Devi) सलकनपुर (Salkanpur) में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो (video of ignorance) सामने आया है। जो सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो (Viral Video) में रोपवे ट्राली के ऊपर दो लोग बैठे हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग रोपवे के ऊपर बैठे नजर आ रहे हैं। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पुलिस ने मामले में पूछताछ की तो रोपवे संचालक ने बताया कि रोपवे पर बैठे उनके ही कर्मचारी हैं। जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। लेकिन सवाल तो ये हैं कि यह मेंटेनेंस कर्मचारी है तो जीवन रक्षक उपकरण क्यों नहीं पहने गए। बुधनी के एसडीओपी रवि शर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है। रोपवे संचालक ने पुलिस को बताया कि ये उनके कर्मचारी थे, जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण और हेलमेट के रोपवे पर बैठे थे। पुलिस ने रोपवे संचालक को दी चेतावनी नवरात्रि के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन मार्ग हैं – सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे। पुलिस ने रोपवे संचालक को कड़ी चेतावनी दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के रोपवे पर न बैठे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे ये तीन मार्ग के माध्यम से भक्त मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे अब ये वीडियो सामने आया है। जिसने भक्तों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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