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अमित शाह उज्जैन में करेंगे विक्रमादित्य वैदिक ऐप लॉन्च वैदिक घड़ी के बाद अब इसकी की बारी

उज्जैन उज्जैन में पिछले साल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लॉन्च के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक ऐप भी लॉन्च होने जा रहा है। यह ऐप न केवल समय देखने के लिए, बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, पंचांग की दूसरी बारीकियों जैसे मांगलिक मुहूर्त, काल गणना, और अन्य धार्मिक व ज्योतिषीय जानकारी देने का भी काम करेगा। इस ऐप का उद्घाटन भारत के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। विक्रमादित्य वैदिक ऐप के प्रमुख फीचर्स     पंचांग की जानकारी     इस ऐप में आपको हर दिन का पंचांग मिलेगा, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, चंद्रमा की स्थिति, और अन्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारियाँ शामिल होंगी।     मांगलिक कार्य और काल गणना     ऐप में आप मांगलिक कार्य और काल की गणना भी देख सकेंगे, जिससे आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।     ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी     ऐप में आने वाले समय में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। इससे लोग अपनी दैनिक गतिविधियों और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे।     सभी प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध     यह ऐप भारत और दुनिया के करीब 189 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसे हर वर्ग के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। गुजरात और यूपी की टीमों ने किया विकसित यह ऐप गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। इसे एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह से मुफ्त होगा। फिलहाल, ऐप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है, और इसे जल्द ही नए अपडेट के साथ अप्रैल में लॉन्च कर दिया जाएगा। पंचांगों में मतभेद क्यों होते हैं? विक्रमादित्य वैदिक ऐप के निदेशक श्रीराम तिवारी के अनुसार, भारतीय पंचांगों में मतभेद का मुख्य कारण अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों द्वारा अपनी-अपनी कालगणना की प्रणालियां विकसित करना है। कुछ शास्त्रों के अनुसार, समय और तिथियों की गणना का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह मतभेद केवल भौगोलिक कारणों से हुआ है, ना कि भारतीय कालगणना की परंपरा में कोई अंतर होने के कारण। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की सफलता विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। यह घड़ी दुनिया की पहली घड़ी है, जो भारतीय कालगणना के सभी घटकों को शामिल करती है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी करीब एक साल पहले 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है, जिसे वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को मिलाकर बनाया गया है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रह, नक्षत्र की गणना शामिल है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मापन डोंगला स्थित वेधशाला को आधार बनाकर किया गया है।

राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास प्रयासों के बारे में बताया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आयुर्वेद में सिकल सेल उपचार अनुसंधान प्रयासों में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट से सहयोग की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल द्वारा पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के दीक्षांत समारोह में चर्चा के दौरान इस विषय पर विचार विमर्श किया गया। राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय  सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास  प्रयासों के बारे में भी बताया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव बालकृष्ण को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।

वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ :मंत्री सारंग

भोपाल वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी। इसको लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान में आतंकवादी हमले करता हैं, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार होता है और मुंबई में आतंकवादी हमले होते हैं, तब किसी ने काली पट्टी नहीं बांधी। कश्मीर में पंडितों पर हुए अत्याचार के समय भी पट्टी नहीं बांधी गई। सारंग ने कहा कि बिना वक्फ बोर्ड बिल को पढ़े इसका विरोध करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि यह केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ है। इसके अलावा, भोपाल में ईदगाह के बाहर फलस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर पहुंचने पर मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त विचारधारा को उन्माद फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रियंका गांधी द्वारा संसद में फिलीस्तीन के बैग को लेकर दिए गए बयान पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता तुष्टिकरण की राजनीति के लिए गिरने की हद तक जा रहे हैं। सारंग ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं, लेकिन प्रियंका गांधी को उन हिंदुओं के समर्थन में कोई पहल करने का समय नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि ईद के मौके पर इस तरह के बैनर लगाकर अराजकता फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सारंग ने देशवासियों से कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में रहते हुए फिरकापरस्ती की मानसिकता रखते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि अगर वे हिंदुस्तान की धरती पर हैं, तो उन्हें हिंदुस्तान की सोच को समझना होगा।  

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 19 अप्रैल को होगा, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, घाटी के लिए स्पेशल डिजाइन की गई है ट्रेन

श्रीनगर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी जम्मू रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है। इसलिए वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत कटरा से होगी। यह व्यवस्था कुछ समय के लिए ही है। 23 जनवरी को भारतीय रेलवे ने ट्रायल वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल किया था। यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) रेलवे स्टेशन से श्रीनगर रेलवे स्टेशन तक चलाई गई थी। यह भारत के पहले केबल पुल अंजी खाद ब्रिज से होकर गुजरेगी। साथ ही यह चेनाब ब्रिज से भी गुजरेगी जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। यह ट्रेन कश्मीर घाटी की ठंडी जलवायु को ध्यान में रखकर बनाई गई है। देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू की गई थी। अभी देश में 50 से अधिक वंदे भारत चल रही हैं। जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत से 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो जाएगी। इस ट्रेन से जम्मू और श्रीनगर के बीच का सफर आसान हो जाएगा और लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इस ट्रेन सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट 1997 में शुरू हुआ था और पिछले महीने ही पूरा हुआ है। इसे पूरा करने में कई मुश्किलें आईं। इसमें भूगर्भीय और भौगोलिक दिक्कतें भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इस वजह से ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। कटरा- श्रीनगर पर ट्रेन का ट्रायल 25 जनवरी को किया गया था, जो सफल रहा था। ट्रेन सुबह 8 बजे कटरा से रवाना हुई और 11 बजे कश्मीर के अंतिम स्टेशन श्रीनगर पहुंची। यानी 160 किलोमीटर का सफर 3 घंटे में पूरा किया। जम्मू-कश्मीर में चलने वाली यह ट्रेन खास तौर पर कश्मीर के मौसम के हिसाब से डिजाइन की गई है। बर्फबारी में भी यह आसानी से चलेगी। ट्रेन में लगा हीटिंग सिस्टम पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट को जमने से रोकेगा। ड्राइवर का विंडशील्ड और एयर ब्रेक माइनस टेंपरेचर में भी काम करेगा। 11 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक प्रोजेक्ट सपना सच होने जैसा है। वंदे भारत एक्सप्रेस को कश्मीर के मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस ट्रेन में एंटी-फ्रीजिंग फीचर हैं। मतलब यह ट्रेन -20°C तक के तापमान में भी चल सकती है। इससे यह ट्रेन पूरे साल बिना किसी परेशानी के हर मौसम में चलेगी। यह ट्रेन भूकंप को मापने वाले यंत्रों से भी लैस है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील है। ये यंत्र हिमालय के इलाके में होने वाले झटकों को कम करते हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा. इसके अलावा ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है। इससे विंडशील्ड पर कोहरा या बर्फ नहीं जमेगी। ट्रेन के पाइप और बायो-टॉयलेट में हीटिंग एलिमेंट लगे हैं। इससे वे ठंड में भी ठीक से काम करेंगे। इस प्रोजेक्ट में 38 सुरंगें हैं। इनमें 12.75 किलोमीटर लंबी सुरंग T-49 भी शामिल है जो भारत की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल है। इस रूट पर 927 पुल भी हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर है। इनमें चिनाब ब्रिज सबसे खास है। यह पुल नदी के तल से 359 मीटर ऊपर है और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च रेलवे पुल है। यह एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से चलेगी और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचेगी. अधिकारियों के अनुसार, रेल लिंक परियोजना पिछले महीने पूरी हो गई थी. कटरा-बारामुल्ला मार्ग पर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जनवरी में कटरा और कश्मीर के बीच ट्रेन सेवा को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र के लिए एक आधुनिक और कुशल रेल सेवा उपलब्ध होगी.  इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। है। जम्मू से नहीं, कटरा से क्यों शुरू होगी सेवा? जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। PM मोदी का कार्यक्रम प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को सबसे पहले उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर एनकाउंटर, एक महिला नक्सली को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों -नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस एनकाउंटर में एक महिला नक्सली की मारे जाने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही जवानों ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किया है। महिला नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों की टीम निकली थी। करीब 9 बजे जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया। दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने नक्सलियों से इंसास राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद किया है। फिलहाल, क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्चिंग जारी है। दो दिन पहले सुकमा में 17 मारे सुकमा और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF के 500-600 जवानों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें 11 महिला नक्सली हैं। मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में हुई थी। घटना स्थल पर सर्चिंग जारी मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। इससे पहले एक अन्य घटना में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी मुठभेड़ में 18 नक्सलियों को मार गिराया था। मिली जानकारी के मुताबिक,  जिला दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरहदी क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर सुरक्षा बल की टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह नौ बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार फायरिंग जारी है। मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। छत्तीसगढ़ में 50 नक्सलियों का आत्मसमर्पण बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। जिनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम था। एक अधिकारी ने बताया था कि उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाले। कुल 68 लाख रुपये का इनाम उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था, जिनमें से तीन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पीएम मोदी के दौरे के कुछ घंटे पहले आत्मसमर्पण एसपी ने जानकारी देते हुए कहा था कि आंदोलन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ। वह 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखन वाले हैं। संयोग से सुरक्षा बलों ने बीते शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया था, जो 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। 2024 में 792 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सलियों को मार गिराया गया है। उनमें से 118 बस्तर संभाग में समाप्त हुए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। नक्सलियों की मौजूदगी की विशेष जानकारी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया सूचना मिली थी। जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हुए। नक्सलियों को दी जाएगी सहायता राशि वहीं अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की खोखली और अमानवीय विचारधारा से निराश होकर तथा राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।  

नवरात्रि पर MP सरकार ने लिया फैसला, मैहर, भोपाल और इंदौर में भी नहीं बिकेगा मांस

भोपाल नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश के मैहर में मांसाहार खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैहर में शक्तिपीठ मां शारदा का मंदिर है। ‘मां शारदे चैत्र नवरात्रि मेले’ के दौरान मैहर में हजारों भक्त आते हैं। अधिकारियों की मानें तो इसके अलावा सूबे के भोपाल और इंदौर शहर में मीट की दुकानें चैती चांद (30 मार्च), राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल) और बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) के मौकों पर बंद रहेंगी। नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दुकानों ने प्रशासन के आदेश का उल्लंघन किया तो उनके लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने दी चेतावनी दोनों शहरों में प्रतिबंध को लागू करने के लिए, नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर वे आदेशों का उल्लंघन करते हैं तो दुकानों का लाइसेंस रद भी किया जा सकता है। इससे पहले, लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह सहित कई भाजपा सांसदों ने मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान सूबे में मीट की दुकाने बंद रखने का आदेश जारी किया जाए। वहीं राज्य सरकार ने घोषणा की है कि एक अप्रैल से मैहर समेत राज्य के 17 शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी। वहीं एमपी के सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को यहां ‘वीर भारत संग्रहालय’ की नींव रखी। यह संग्रहालय 2028 तक विरासत इमारत कोठी महल में 20 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संग्रहालय भारत की महान विभूतियों की वीरता और प्रतिभा को प्रदर्शित करेगा और देश की परंपराओं, दर्शन और मूल्यों को दिखाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य संग्रहालय को राष्ट्र के सभी सकारात्मक पहलुओं का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाना है। भोपाल और इंदौर में भी नहीं बिकेगा मांस राजधानी भोपाल और इंदौर में मांस की दुकानों को चैती चांद (30 मार्च), राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल) और बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) के त्योहारों पर बंद रहने का आदेश दिया गया है. दोनों शहरों में प्रतिबंध को लागू करने के लिए, नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर वे आदेशों का उल्लंघन करते हैं तो दुकानों का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा. लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह समेत कई बीजेपी विधायकों ने मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान राज्य में मांस की दुकानें बंद रखने का आदेश दिया जाए. सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 1 अप्रैल से मैहर समेत राज्य भर के 17 पवित्र शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी. लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह सहित कई भाजपा विधायकों ने मांग की थी कि राज्य में मीट की दुकानों को नवरात्रि के दौरान बंद रखने का आदेश दिया जाए। सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 1 अप्रैल से मैहर समेत राज्य के 17 पवित्र शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी भोपाल में हर रोज 80 टन मांस की बिक्री होती है उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रतिदिन 80 टन मांस की बिक्री होती है। इसमें 40 टन मटन, 20 टन भैंस का मांस और 20 टन चिकन शामिल होता है। भोपाल शहर में करीब 500 दुकानों पर मांस की बिक्री की जाती है। इनमें 70 से अधिक दुकानें ऐसी हैं जिनके पास कोई लाइसेंस नहीं है। किसी प्रकार का कोई रजिस्ट्रेशन अथवा गुमास्ता भी नहीं है। नगर निगम के स्थानीय अधिकारियों के संरक्षण में इन दुकानों पर मांस का अवैध कारोबार किया जाता है। 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया

सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर लिखा गया एक और नया अध्याय : राज्यपाल पटेल सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज करेगा इतिहास जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज का हुआ लोकार्पण उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंदीय विधि और न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को उज्जैन में विक्रमादित्य द हैरिटेज का लोकार्पण किया। राज्यपाल पटेल ने सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज के शुभारंभ एवं विक्रम संवत 2080 की शुरूआत पर शुभकामना देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर नया अध्याय लिखा गया है। जहां महाकाल स्वयं विराजते है, जहां कालिदास की अमर रचना जन्मी है और जहां विक्रमादित्य ने न्याय की सम्पूर्ण आधार-शिला रखी है। इस पुण्य-भूमि पर ‘सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज’ का शुभारंभ कर आज एक और इतिहास रचा गया है। उन्होंने कहा कि महाराजवाड़ा के इस प्राचीन भवन को केवल पुनजीवित करना एवं निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को संवारने का संकल्प है। यह हेरिटेज आधुनिकता और परंपरा का अद्वितीय संगम है। यहां पर्यटकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं मिलेगी। एक–एक कक्ष को आकर्षकनाम भी दिया गया है। उज्जैन का यह हैरिटेज पर्यटन के साथ भगवान महाकाल के भक्तों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्यटकों के लिए यहां आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी अनेक सुविधाओं की भी व्यवस्थाए की गई है। उन्होनें हैरिटेज के निर्माण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विरासत से विकास की ओर अगसर है। आज से नये युग का प्रादुर्भाव हो रहा है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का काल रामराज्य की तरह रहा है। उन्होनें कहा कि सनातन संस्कृति से श्रेष्ठ परमंपराओं को पुन: जीवित किया जाना चाहिए। आज उज्जैन का गौरव दिवस है, हमें अतीत से वर्तमान तक व्यवस्थाओं पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1235 में इलतुत्मिश ने उज्जैन नगर सहित उत्तर भारत के राज्यों को भी तहस-नहस किया था। उज्जैन में शिवाजी महाराज एवं महाराज सिंधिया के काल में अनेक इमारतों का निर्माण हुआ है। उज्जैन में प्राचीन गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाई देती है। ऐतिहासिक इमारतें, जिनका पहले शासकीय कार्यालयों के तौर पर उपयोग होता रहा, उन्हें विरासत के रूप मे संजोने का काम किया जा रहा है। आज ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल’ का निर्माण महाराजवाड़ा के पुराने भवन का जीर्णोद्धार कर किया गया है। यहां पूर्व में विद्यालय संचालित होता था। इसके निर्माण से इतिहास जीवंत हो रहा है, यहां आने वाले पर्यटकों को आनंद महसूस होगा। पर्यटकों के लिए हैरिटेज होटल में एआई का इस्तेमाल कर अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। महाकाल प्रांगण में बने इस हैरिटेज होटल से श्रद्धालुओं को सुविधा जनक तरीके से महाकाल के दर्शन भी होंगे। केन्द्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि राजस्थान के बीकानेर जिले के भीकमपुर में भी एक बड़ा महल है। यह भी विक्रमादित्य कालीन प्रतीत होता है, यह शोध का विषय है। उन्होंने कहा कि वे न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की नगरी में सीखने के लिए आए हैं। विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने सम्राट विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण, परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ फीता खोल कर किया। सभी अतिथियों ने हेरिटेज के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, शिवप्रकाश, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ल सहित गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रमोत्सव-2025 विक्रमोत्सव का आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को करता है स्थापित: राज्यपाल पटेल उज्जैन में विक्रमादित्य के नाम से स्थापित हो न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश-राजस्थान में टूरिस्ट सर्किट बनाने की आवश्यकता : केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. मेघवाल राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल ने विक्रमोत्सव में प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई प्रसिद्ध गायिका सुश्रेया घोषाल ने दी में मनमोहक प्रस्तुति सिंहस्थ-गान हुआ लांच उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् 2082 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के प्रसंग में आयोजित कार्यक्रमों में प्रदेशवासियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार ज्ञापित करता हूँ। जिन्होंने दुनिया की पहली वैदिक घड़ी और भगवान महाकाल के अद्भुत महालोक की सौगतों से महाराजा विक्रमादित्य की उज्जयिनी के गौरव और वैभव की पुनर्स्थापना की है। विक्रमोत्सव का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण के लिए हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। यह दिन हमारे लिए एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों के योगदान को याद करने का अवसर है। राज्यपाल पटेल रविवार को उज्जैन में विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नववर्ष का यह पर्व विविध स्वरूपों में मनाया जाने वाला ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को स्थापित करता है। इसे कहीं ‘गुड़ी पड़वा’ तो कहीं ‘चैती चांद’, कहीं ‘युगादि’ तो कहीं ‘उगादि’ और कहीं ‘नवरोज अगदु’ के अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। इसी के साथ नौ दिन आरोग्य, साधना और कायाकल्प के नवरात्र का भी आरंभ होता है। राज्यपाल ने कहा कि विक्रम सम्वत् वर्ष का प्रवर्तन भारतीय सम्राट विक्रमादित्य के द्वारा विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर, उनके राज्यभिषेक के दिन से होता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि नव सम्वत्सर की तिथि सृष्टि निर्माण की तिथि है, जिसका निर्धारण संपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ हुआ है। वास्तव मे भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ऋतु परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को सक्षम बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि भारतीय नववर्ष प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन और निर्माण की प्रेरणा देता है, जिसमें सृष्टि, संस्कृति और समाज का संगम है। ऋतुकाल संधि के इन दिनों में नवचेतना, नवजागृति का संदेश है। इसे मनाने की परंपरा व्यक्ति, परिवार और समाज, तीनों के स्वस्थ जीवन और समृद्धि को ध्यान में रखकर शुरू की गई। यह हम सब प्रदेशवासियों के लिये गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् उज्जयिनी से शुरू हुआ है। सम्राट विक्रमादित्य का सारी दुनिया में न्यायप्रियता, ज्ञानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ, और वीरता जैसी विशेषताओं के लिए स्मरण किया जाता है।  राज्यपाल ने उत्सव में विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों के साथ सम्राट विक्रमादित्य के समूचे व्यक्तित्व, कृतित्व और विशेषताओं को परिचित कराने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई और मंगलकामनाएं दी। उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन नगरी सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की नगरी है। उज्जयिनी वह नगरी है जिसमें योगीराज श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की तो अनेक राजा महाराजाओं ने अपने न्याय प्रिय शासन से दुनिया को न्याय की ओर मोड़ा। आज का दृश्य देख कर लग रहा है मानो आज सम्राट विक्रमादित्य स्वयं इस नगरी में पधारे हैं। हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीमहाकाल महालोक का निर्माण हुआ और भगवान महाकालेश्वर की नगरी का वैभव और बड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका शासन काल रामराज्य की याद दिलाता है। हमारी सरकार भी निरंतर जनता की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। विक्रमादित्य ने अपने पुरुषार्थ से अपनी प्रजा का ध्यान रखा और सदैव प्रजा की रक्षा की। उन्होंने जनता का कर्ज माफ किया। उन्होंने विक्रम संवत का प्रवर्तन करते हुए सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना की। सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का लोहा आज भी माना जाता है। उनकी न्याय प्रियता हजारों साल से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल से अनुरोध किया कि भविष्य में उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव संवत्सर पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की और सभी को अपनी ओर से नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी निरंतर विकास के कार्य सरकार द्वारा किए जाएंगे और इस प्रकार के आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। उज्जैन में राजा महाराजा काल के जैसी होटल ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज’ होटल का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की उपस्थिति में विक्रमोत्सव के कार्यक्रम से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों  में प्रभारी मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम से जल गंगा संवर्धन अभियान आज से शुरू हो गया है। उज्जैन में 100 से अधिक कुआं, बावड़ी, तालाबों और अन्य जल स्त्रोतों में स्वच्छता, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज हम सब क्षिप्रा नदी के पावन तट पर विक्रमोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से सबका अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन का प्रभाव अफगानिस्तान तक था। वे राजस्थान के बीकानेर से आते हैं। उन्होंने राज्यपाल पटेल के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और एमपी के द्वारा भविष्य में टूरिस्ट सर्किट बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। इस टूरिस्ट सर्किट से राजा भर्तहरि और सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल से … Read more

RR vs CSK के बीच मुकाबला आखिरी ओवर तक चला, राजस्थान ने चखा जीत का स्वाद

गुवाहाटी लगातार दो हार के बाद आखिरकार राजस्थान रॉयल्स ने जीत का स्वाद चख ही लिया. चेन्नई सुपरकिंग्स को रविवार रात गुवाहाटी में हराते हुए रियान पराग की टीम ने टूर्नामेंट में अपना खाता खोला. चेन्नई को आखिरी ओवर में जीत के लिए 20 रन चाहिए थे. स्ट्राइक पर एमएस धोनी तो गेंद संदीप शर्मा के हाथ में थी. जोफ्रा आर्चर का एक ओवर बचा था, लेकिन कार्यवाहक कप्तान रियान पराग ने 20वां ओवर संदीप शर्मा से फेंकवाया, जो उनका ट्रंप कार्ड भी साबित हुआ. संदीप ने एक धीमी बाउंसर को धोनी के सिर के ऊपर से वाइड के लिए भेजकर खराब शुरुआत जरूर की थी, लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने वापसी कर ली. संदीप शर्मा ने आखिरी ओवर में किया कमाल मैच के आखिरी ओवर में चेन्नई सुपर किंग्स को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. संदीप शर्मा के उस ओवर की पहली ही गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी आउट हो गए, जिसने टीम की उम्मीदें तोड़ दीं. धोनी का कैच शिमरॉन हेटमायर ने लिया. फिर ओवर की दूसरी बॉल पर जेमी ओवर्टन ने और तीसरी बॉल पर रवींद्र जडेजा ने सिंगल लिया. यानी अब तीन गेंदों पर 18 रन बनाने थे. चौथी बॉल पर ओवर्टन ने छक्का लगाकर रोमांच पैदा किया. लेकिन अगली दो गेंद पर 2-2 रन ही बना, जिसने मैच को राजस्थान के कब्जे में कर दिया. बता दें कि राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में शुरुआती दो मैच गंवाए थे. पहले राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के हाथों 44 रनों से शिकस्त मिली. फिर उसे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 8 विकेट से पराजित किया. दूसरी तरफ सीएसके ने मुंबई इंडियंस (MI) को 4 विकेट से हराकर सीजन का शानदार आगाज किया. हालांकि उसे दूसरे मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 50 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. टारगेट का पीछा करने उतरी चेन्नई की टीम की शुरुआत खराब रही और उसने 0 के स्कोर पर रचिन रवींद्र का विकेट गंवा दिया. रचिन को जोफ्रा आर्चर ने विकेट के पीछे कैच आउट कराया. इसके बाद राहुल त्रिपाठी और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप की. राहुल त्रिपाठी टच में दिख रहे थे, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने विकेट गंवा दिया. राहुल (23) को श्रीलंकाई स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने चलता किया. हसारंगा ने इसके बाद ‘इम्पैक्ट सब’ शिवम दुबे (18) और विजय शंकर (9) को भी अपनी फिरकी में फंसाया. हसारंगा ने झटके चार विकेट विजय शंकर के आउट होने के कुछ देर बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. हालांकि ऋतुराज अहम मौके पर आउट हुए. ऋतुराज को वानिंदु हसारंगा ने यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच आउट कराया. ऋतुराज ने 7 चौके और एक छक्के की मदद से 44 गेंदों पर 63 रन बनाए. यहां से महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा पर बड़ी जिम्मेदारी थी, लेकिन दोनों मैच फिनिश नहीं कर पाए. जडेजा 22 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें दो चौके और एक सिक्स शामिल रहा. वहीं धोनी ने 1 चौके और एक सिक्स की मदद से 11 बॉल पर 16 रन बनाए. राजस्थान की ओर से वानिंदु हसारंगा ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए.  

केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद AFSPA को छह महीने के लिए बढ़ाया

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने मौजूदा हालातों को देखते हुए पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (AFSPA) को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है.गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद, सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 5 जिलों के निम्नलिखित 13 (तेरह) पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर, संपूर्ण मणिपुर राज्य को दिनांक 01.04.2025 से छः माह तक, यदि इस घोषणा को इससे पहले वापस न लिया जाए तो इलाके को ‘अशांत क्षेत्र’ के रूप में घोषित किया जाता है. अधिसूचना के मुताबिक, नागालैंड राज्य में कानून-व्यवस्था की आगे और समीक्षा की गई है और AFSPA को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. नगालैंड के जिन जिलों में AFSPA को फिर से लागू किया गया है, वे दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक और पेरेन हैं. कोहिमा जिले के खुजामा, कोहिमा उत्तर, कोहिमा दक्षिण, जुबजा और केजोचा पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नागालैंड के क्षेत्र. वहीं, मोकोकचुंग जिले के मंगकोलेम्बा, मोकोकचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगचेम और अनाकी ‘सी’ पुलिस स्टेशन को भी अशांत घोषित किया गया है.   इन क्षेत्रों में भी बढ़ा AFSPA साथ ही लोंगलेंग जिले में यांगलोक पुलिस थाना क्षेत्र, और वोखा जिले में भंडारी, चांमपांग और रालान पुलिस थाने क्षेत्र. जुनहेबोटो जिले में घटासी, पुघोबोटो, सताखा, सुरूहुतो, जुनहेबोटो और अघुनाटो पुलिस थाने, के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की धारा 3 के अंतर्गत दिनांक 01.04.2025 से छः माह तक के लिए बढ़ा दिया गया है. क्या होता है AFSPA दरअसल, किसी अशांत क्षेत्र में सशस्त्र बलों की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए AFSPA के तहत अधिसूचित किया जाता है. AFSPA अशांत क्षेत्रों में काम करने वाले सशस्त्र बलों को तलाशी लेने, गिरफ्तार करने और जरूरत पड़ने पर फायरिंग करने के अधिकार देता है.  

गर्मी में इंदौर के चिड़ियाघर का देखे हाल, शेर-चीतों के लिए स्विमिंग पूल, भालू के लिए कूलर, हाथी के लिए कीचड़ स्नान

इंदौर शहर में बढ़ते तापमान को देखते हुए इंदौर प्राणी संग्रहालय में जानवरों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जू प्रबंधन ने गर्मी से बचाव के लिए शेर के बाड़े में स्विमिंग पूल बनाया है, जबकि भालू के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, अन्य प्राणियों को भी गर्मी से राहत देने के लिए कई उपाय अपनाए जा रहे हैं।   हरी नेट लगाकर धूप से बच रहे चिड़ियाघर प्रबंधन ने जानवरों के बाड़ों के बाहर हरी नेट लगाई है, जिससे उन्हें सीधी धूप से बचाया जा सके। साथ ही, बाड़ों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि वातावरण ठंडा बना रहे। हाथियों के लिए कीचड़ स्नान की व्यवस्था की गई है, जिससे वे शरीर का तापमान नियंत्रित रख सकें। इसके अलावा, पक्षियों और अन्य छोटे जीवों के लिए भी पानी के फव्वारे और छांव की विशेष व्यवस्था की गई है। जानवरों के खान-पान में भी बदलाव जानवरों के खानपान में भी बदलाव किया गया है। उनके भोजन में अधिक पानी वाली चीजें शामिल की गई हैं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। खरगोश, हिरण और अन्य शाकाहारी जानवरों के आहार में खीरा, तरबूज, ककड़ी और अन्य जलयुक्त फल-सब्जियां शामिल की गई हैं। वहीं, मांसाहारी जानवरों के आहार में भी ऐसे खाद्य पदार्थ जो पाचन में हल्के हों और शरीर को ठंडक प्रदान करें, उन्हें जोड़ा गया है। इसके अलावा, पीने के पानी में इलेक्ट्रोल की मात्रा भी बढ़ाई गई है, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। गर्मी से राहत देने के लिए किए गए प्रबंध जू प्रभारी उत्तम यादव के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही जानवरों की देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। गर्मी के कारण जानवरों पर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

भोपाल सेंट्रल जेल में कैदियों की ईद पर नहीं होगी परिजनों से खुली मुलाकात, जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला दिया

भोपाल मध्य प्रदेश के भोपाल सेंट्रल जेल के एक आर्डर पर बवाल खड़ा हो गया है. जेल के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है जिसके मुताबिक ईद पर हर साल होने वाली खुली मुलाकात अब नहीं हो सकेगी. जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला दिया है, जिसपर सियासी हलचल मच गई है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने चिट्ठी लिखकर फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि रक्षाबंधन, होली और ईद जैसे त्योहारों पर हर साल सेंट्रल जेल में खुली मुलाकात होती है जिसमें कैदी अपने परिजनों साथ समय बिता सकते हैं. उनके साथ खाना पीना खा सकते हैं और त्योहार मना सकते हैं. फैसले के पीछे क्या है कारण जेल प्रशासन के इ‌स फैसले पर भोपाल सेंट्रल जेल के SP राकेश कुमार भांगरे ने कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल में बड़े स्तर पर तीन जगह पर निर्माण कार्य चल रहा है. पहला जहां सिमी के आतंकी के फरार होने की पूर्व में घटना हुई थी, वहां अंडा सेल के सामने 150 मीटर की दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है. दूसरा हमने HUT, PFI और ISI बंदी रखे सामने वाली बैरिक में निर्माण कार्य चल रहा है. तीसरा जहां सिमी संगठन के लोगों और गंभीर आरोपी रखे हुए हैं वहां पर नए सेल का निर्माण हो रहा है. भोपाल सेंट्रल जेल में सिमी समेत अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लोग हैं. जेल में करीब 3400 कैदी हैं, जिनको जेल के मुख्य लाल गेट के पास लाकर मुलाकात कराना सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं है. फैसले को लेकर बीजेपी कांग्रेस आमने-सामने इस पर कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज जेल डीजी से मुलाकात करने पहुंचे, हफीज़ का कहना है कि अगर रक्षाबंधन पर खुली मुलाकात होती है, तो ईद पर क्या समस्या है. ईद पर मुलाकात बंद करना संविधान के खिलाफ है. कांग्रेस नेता ने जेल डीजी को ज्ञापन सौंपते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है. वही इस फैसले पर कांग्रेस की आपत्ति को लेकर भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का कहना है कि क्या कांग्रेस जेल की सुरक्षा से समझौता करना चाहती है, भोपाल में पहले भी जेल ब्रेक जैसी घटना हो चुकी है और यहां कई खूंखार आतंकी बंद है जिसको देखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन कांग्रेस इस पूरे मामले में राजनीति कर रही है, जबकि मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. बता दें कि भोपाल सेंट्रल जेल में 800 से अधिक मुस्लिम कैदी हैं, जो इस साल जेल में चल रही निर्माण कार्य की वजह से अपने परिजनों से ईद में खुली मुलाकात नहीं कर सकेंगे. 

पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से मौसम बदल सकता है, बारिश के साथ गिरेंगे ओले

भोपाल मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से मौसम बदल सकता है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन में दिन का पारा 35-36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। रात में भी पारा कम ही रहेगा। 31 मार्च सोमवार को दिन में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिन में धूप तो खिलेगी लेकिन तेज गर्मी रहने के आसार नहीं हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश का अलर्ट है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, बड़वानी, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना हैं। खंडवा, बुरहानपुर और हरदा में ओले गिर सकते हैं। 2 अप्रैल बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, मंडला, हरदा, सिवनी में कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। भोपाल, इंदौर, सिंगरौली, सीधी, सतना, सीहोर, रीवा, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, बैतूल, राजगढ़, शाजापुर, देवास, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम में गरज-चमक आंधी की स्थिति रह सकती है।

मप्र कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया, 3 अप्रैल को दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी बैठक लेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है। गुजरात में होने वाले अधिवेशन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में बैठक होगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी बैठक लेंगे। इस मीटिंग से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देगी। जिसमें उनको ये बताया जाएगा कि प्रदेश में कितने बूथ हैं, कितने ब्लॉक अध्यक्ष हैं और इसके अलावा अगर राहुल गांधी के सामने बोलने का मौका मिला तो क्या कुछ कहना है। यानी ये कह सकते हैं एमपी कांग्रेस जिला अध्यक्षों को पहले से बताएगी की कि राहुल गांधी के सामने क्या कुछ बोलना है अपने मन का आलाकमान के सामने कुछ नहीं बोलना है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों के कामकाज को लेकर एक फॉर्मेट भी तैयार किया है। हर 2 महीने में अपने काम की रिपोर्ट जिला अध्यक्षों को देनी होगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस से जिला अध्यक्षों को टास्क दिया है। टास्क रिपोर्ट एमपी कांग्रेस को भेजनी होगी। आपको बता दें कि दिल्ली ने 16 साल बाद जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है।  

CG को PM मोदी ने दी 33 हजार करोड़ रुपये की सौगात, CM साय ने जताया आभार

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (रविवार, 30 मार्च) को छत्तीसगढ़ दौरे पर आए. इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ वासियों को कई करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगात दी. इन परियोजनाओं में बिजली, रेल, सड़क, शिक्षा आदि से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में छ्त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मां महामाया, बिलासा देवी केंवट की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन. विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, 140 करोड़ देशवासियों के सेवक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का माता कौशल्या की भूमि, भांचा राम के ननिहाल, छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन.” ‘छत्तीसगढ़ सौभाग्यशाली है’- सीएम विष्णु देव साय इतना ही नहीं, मोहभट्ठा बिलासपुर में जनता को संबोधित करते हुए सीएम विष्णु देव साय ने कहा, “प्रभु श्रीराम का ननिहाल, परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी एवं शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महान विभूतियों की यह जन्मभूमि, छत्तीसगढ़ सौभाग्यशाली है कि प्रधानमंत्री ने मां महामाया और बिलासा देवी केंवट की धरती से छत्तीसगढ़ को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है.” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपके द्वारा किसानों, जनजातीय समाज और जरूरतमंद परिवारों के लिए लागू की गई पीएम आवास योजना का लाभ छत्तीसगढ़वासियों को मिल रहा है. हमने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए आपसे जो भी मांग की आपने उसे दिया है, इसके लिए छत्तीसगढ़ सदैव आपका आभारी रहेगा. आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर विकास के काम कर रही है.” सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री साल 2047 तक इस देश को विकसिक भारत के रूप में खड़ा करना चाहते हैं. सीएम साय ने दावा किया कि विकसित भारत के लिए अपना योगदात देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे. उन्होंने कहा कि जब भी छत्तीसढ़ के विकास की जरूरतों को लेकर पीएम मोदी के पास गए, उन्होंने हमेशा जरूरत से ज्यादा ही दिया है. इसके लिए छत्तीसगढ़ हमेशा आभारी रहेगा.

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