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उप मुख्यमंत्रीशुक्ल ने कहा- हेल्थ केयर क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता से निरंतर प्रगति हो रही

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हेल्थ केयर क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता से निरंतर प्रगति हो रही है। मेडिसिन अपडेट जैसे सेमिनार नए निष्कर्ष निकालने में सहायक होते हैं, जिससे नई पीढ़ी को भी लाभ मिलता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल, एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया के जबलपुर चेप्टर द्वारा होटल विजन महल में “26वें मेडिसिन अपडेट 2025” कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रदेश में एमबीबीएस की 10 हज़ार और पीजी में 5 हज़ार सीट की वृद्धि की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रदेश में 10 हजार करोड़ का निवेश हेल्थ केयर में किया गया है और डॉक्टरों के लिए बेहतर प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि डॉक्टरों की क्वालिटी और मानक, मानवता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। समय के साथ उन्हें अपडेट रहना चाहिए और ऐसे सेमिनार से नई जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को सेवा भाव से कार्य कर समाज में उत्कृष्ट योगदान देना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से पांचवें स्थान पर आ गई है और 2047 तक अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़कर भारत शीर्ष पर पहुँचेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका होगी। उन्होंने सेमिनार में आए निष्कर्षों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। पूर्व मंत्री और विधायक श्री अजय बिश्नोई ने कहा कि मेडिसिन अपडेट समय की मांग है। एलोपैथी में नई खोजों से पीड़ित मानवता की सेवा होती है। उन्होंने आयुष के क्षेत्र में हो रहे शोध कार्यों की भी सराहना की। इस दौरान एआईपी के प्रेसिडेंट डॉ. नवीन शर्मा, सचिव डॉ. अभिषेक तिवारी, सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा और अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सक मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ।  

गाड़ियों पर गिरा पेड़, छह की मौत, कई घायल

मणिकर्ण हिमाचल प्रदेश की धार्मिक नगरी मणिकर्ण में नव संवत के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। कायल का एक पेड़ तेज हवा के चलते नीचे खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। पेड़ गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है। मृतकों में कुछ पर्यटक भी शामिल हैं। घायलों को कुल्लू अस्पताल लाया जा रहा है। फिलहाल, मरने वालों की पहचान की जा रही रही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कुल्लू के मणिकर्ण में हुए हादसे पर गहरा शोक प्रकट कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मणिकर्ण गुरुद्वारा के ठीक सामने वाली सड़क के पास एक पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से वहां पर खड़े रेहड़ी संचालक एक गाड़ी सवार और तीन पर्यटक जो मौके पर मौजूद थे उनकी मौत हो गई है। मरने वालों की पहचान की जा रही रही है। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने बताया कि हादसे में 6 लोगों की जान गई है, जबकि कई घायल हुए हैं । राहत एवं बचाव कार्य जारी है । प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। भूस्खलन बताई जा रही वजह पहाड़ी से गिरे गिरने पर उसके साथ काफी मलबा भी नीचे आया है। अब इस मलबे को हटाकर इसके नीचे भी लोगों की तलाश की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। आशंका जताई जा रही है कि भूस्खलन की वजह से पहाड़ी से पेड़ जड़ सहित गिरा और उसके साथ भारी मात्रा में मलबा भी नीचे आया है, जिसमें कई लोग दबे हो सकते हैं। प्रशासन जल्द से जल्द लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है। मणिकर्ण हादसे पर नेता प्रतिपक्ष ने प्रकट किया शोक पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कुल्लू के मणिकर्ण में हुए हादसे पर गहरा शोक प्रकट कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना बहुत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इस दुर्घटना में कई लोगों की दुःखद मृत्यु हुई है। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि सभी मृतकों को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह असह्य दुःख सहन करने का सम्बल प्रदान करें। साथ ही इस दुर्घटना में घायल हुए लोग अति शीघ्र स्वस्थ हों ऐसी कामना करता हूं। इसके साथ उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई डी-लिट की मानद उपाधि

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में रविवार को विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन का 29वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और हार्टफुलनेस संस्था के संस्थापक श्री कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी-लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। साथ ही 70 विद्यार्थियों को उपाधि, 99 को मेडल और 2 शोधार्थियों को डी-लिट उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर अत्यंत आनन्द का अनुभव हो रहा है। दीक्षान्त समारोह में अपनी उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मैं आत्मीय बधाई देता हूँ। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों के यशस्वी एवं मंगलमय भविष्य की कामना करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह वास्तव में सेवा के संकल्प का समारोह है। जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन की आवश्यकता होती है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा, धर्म, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान और व्यापार के क्षेत्रों में भारत के मानचित्र पर उज्जैन की अपनी विशिष्ट पहचान है। क्षिप्रा के पवित्र तट पर बसे उज्जैन नगर में विद्याध्ययन की अभिलाषा से आये श्रीकृष्ण की कथा पूरे संसार में प्रसिद्ध है। महर्षि सान्दीपनि के गुरुकुल का यह पुरातन क्षेत्र आज भी जन-जन की आस्था का केन्द्र है, जहाँ स्वयं जगद्गुरु ने शिक्षा पायी थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान-विज्ञान के अनेक नवीन क्षेत्र प्रकाश में आ रहे हैं। पारम्परिक विषयों के साथ अनेक नवीन विषयों में उच्च शिक्षा के नये आयाम विकसित हुए हैं। भारत के प्रतिभा सम्पन्न छात्र-छात्राओं ने विश्व फलक पर अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षित होने वाले विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का आजीवन सम्मान करें। माता-पिता कई कष्टों को झेलकर अपने बच्चों का पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था करते हैं। अत: जीवन में अपने माता-पिता का सदैव सम्मान करें और उनकी सेवा करें, तभी हम अपने समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकेगें और हमारा जीवन बेहतर होगा। एक अच्छे और जिम्मेदार नागरिक बन कर हम अपने देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में हम सब के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उज्जैन नगरी सात पवित्रतम नगरियों में से एक है। हर कल्प में इसका विशेष महत्व रहा है। आज भारतीय नव वर्ष प्रतिपदा पर हम सब हर्षोल्लास के साथ गुड़ी पड़वा और चैटी चंड पर्व मना रहे हैं। आज उज्जैन का गौरव दिवस भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्व विद्यालय अब सम्राट विक्रमादित्य के नाम से जाना जाएगा। माधव विज्ञान महाविद्यालय के परिसर में शीघ्र ही विशाल सभागार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि जिन विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई है, वे अपनी प्रतिभा का उपयोग अभीष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए करें। समाज-सेवा और राष्ट्र की सेवा करें। भविष्य कि अपार संभावनाएं आपका इंतजार कर रही हैं। हमारे शोधार्थी विश्व पटल पर अपने शहर, राज्य और देश का नाम लेकर जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जयिनी के गौरव दिवस और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्तकरने के साथ अन्य उपलब्धियां अर्जित की हैं। यह उपलब्धियां विद्यार्थियों के ज्ञान और विद्या के साथ उनका उत्तरदायित्व भी बढ़ाती हैं। विद्यार्थियों के लिए भविष्य की अनेक संभावनाएं विद्यमान हैं। यही कामना है कि विद्यार्थी न केवल देश एवं प्रदेश की सेवा करें अपितु अपने कर्म और योगदान के आधार पर विक्रम विश्वविद्यालय के साथ प्रदेश और देश का नाम भी दुनिया में रोशन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय के इतिहास में आज का दिन विशेष महत्व का है। विश्वविद्यालय की 1956 में स्थापना से आज तक हुए दीक्षांत समारोहों में यह पहला मौका है जब राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, पद्मभूषण, सांसद, विधायक सभी एक साथ शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था में विद्यमान सुशासन और जन-कल्याण के कई पहलुओं की झलक वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये जा रहे शासन संचालन और जन-कल्याण की गतिविधियों में मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे विद्यार्थी थे तब विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की कोई परिपाटी नहीं थी। लंबे समय तक विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह का कोई स्थाई क्रम नहीं रहा, परिणाम स्वरूप, विश्वविद्यालय के बहुत से बैच विद्यार्थियों ने बिना दीक्षांत समारोह के सामान्य रूप से अपनी डिग्रियां प्राप्त कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में अनिवार्यत: दीक्षांत समारोह आयोजित करने की व्यवस्था स्थापित करने के लिए उनकी प्रशंसा की।  

दिल्ली ने हैदराबाद को बुरी तरह रौंदा, डुप्लेसी और मिशेल स्टार्क रहे जीत के हीरो

विशाखापटनम. आज आईपीएल 2025 में डबल हेडर है। रविवार को दिन का पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीम विशाखापट्टनम के मैदान पर आमने-सामने हैं। एसआरएच ने डीसी के सामने 164 रनों का टारगेट रखा है। हैदराबाद टीम टॉस जीतने के बाद 18.3 ओवर में 163 पर सिमट गई। हैदराबाद के लिए सर्वाधिक रन अनिकेत वर्मा ने बनाए। उन्होंने 41 गेंदों में पांच चौकों और 6 छक्कों के दम पर 74 रनों की पारी खेली। यह अनिकेत पहली आईपीएल फिफ्टी है। दिल्ली के लिए तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पंचा खोला। उन्होंने 3.4 ओवर में 35 रन देकर पांच शिकार किए। यह स्टार्क का आईपीएल में पहला फाइफर है। स्पिनर कुलदीप यादव ने तीन जबकि मोहित शर्मा ने एक विकेट हासिल किया। हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर अभिषेक शर्मा (1) पहले ओवर में रनआउट हो गए। स्टार्क ने तीसरे ओवर में ईशान किशन (2) और नीतीश कुमार रेड्डी (0) को पवेलियन की राह दिखाई। स्टार्क ने पांचवें ओवर में ट्रैविस हेड के रूप में बड़ी मछली फंसाई। उनके बल्ले से 12 गेंदों में 22 रन निकले, जिसमें चौके शामिल हैं। एसआरएच के 37 रनों पर चार विकेट गिरने के बाद अनिकेत ने बखूबी मोर्चा संभाला। उन्होंने हेनरिक क्लासेन (19 गेंदों में 32, दो चौके, दो सिक्स) के साथ पांचवें विकेट के लिए 77 रनों की साझेदारी की। मोहित ने 11वें ओवर में क्लासेन का शिकार किया। वियान मुल्डर (9), हर्षल पटेल (5), अनिभनव मनोहर (4) और पैट कमिंस (2) दहाई अंक में नहीं पहुंचे। मोहम्मद शमी एक रन बनाकर नाबाद रहे।

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार पीएम मोदी छत्तीसगढ़ में, करोडो रूपये के कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहली बार घरों तक पाइपलाइन के जरिए कुकिंग गैस की सप्लाई शुरू होने वाली है. इस सुविधा के तहत हर घर में मीटर लगाया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को उतनी ही कीमत चुकानी होगी, जितनी गैस वे इस्तेमाल करेंगे. यह गैस एलपीजी से सस्ती होगी, जिससे लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा. 1 लाख घरों में इसी तैयारी पूरी कर ली गई है और पीएम मोदी ने अपने भाषण में इसे 2 लाख घरों तक पहुंचाने के लक्ष्य के बारे में बताया है।  गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को 2025 में शुरू किया जाएगा और पहले चरण में 1 लाख घरों को इसका लाभ मिलेगा। पाइपलाइन सीधे घरों में चूल्हों से जोड़ी जाएगी, जिससे कुकिंग गैस की सप्लाई सुनिश्चित होगी। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए गेल इंडिया लिमिटेड और हरियाणा गैस एजेंसी के अधिकारियों ने कुछ महीने पहले ही मीटिंग भी की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के रायपुर से बिलासपुर के मोहभट्‌टा ग्राउंड पहुंचे गए हैं। उन्होंने 33,700 करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में बिजली, तेल, गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास जैसी अहम योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। सभा में केंद्रीय मंत्री मोहनलाल खट्टर, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी समेत कई प्रमुख नेता भी मौजूद हैं।   3 लाख परिवारों को मिला पक्का घर- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 3 लाख गरीब परिवारों को पक्के घरों के गृहप्रवेश पर कहा कि यह उनके जीवन का एक नया अध्याय है। मोदी ने तीन लाभार्थियों से मुलाकात के दौरान उनके चेहरों पर खुशी देखी और कहा कि उनकी मां का आनंद रोक नहीं पा रही थी। मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि 3 लाख परिवारों को पक्की छत देना मोदी की गारंटी का परिणाम है, जिसे आपने पूरा किया। मोदी ने बताया कि पहले की सरकार ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना फाइलों में दफन कर दिया था, लेकिन उनकी सरकार ने गारंटी दी थी कि यह सपना पूरा होगा। विष्णुदेव साय की सरकार ने पहली कैबिनेट में 18 लाख घर बनाने का निर्णय लिया। इनमें से 3 लाख घर अब तैयार हो चुके हैं, खासतौर पर बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी इलाकों में ये घर बनाए गए हैं। सारे प्रोजेक्ट्स लोगों को सुविधा देने वाले- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि थोड़ी देर पहले 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें गरीबों के घर, स्कूल, रोड, रेल, बिजली, गैस की पाइपलाइन… ये सारे प्रोजेक्ट्स छत्तीसगढ़ के लोगों को सुविधाएं देने वाली है। आप सभी को इस विकास कार्य के लिए बहुत-बहुत बधाई।” नवरात्रि के पहले दिन छत्तीसगढ़ आना मेरा सौभाग्य- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पहला नवरात्रि है और छत्तीसगढ़ तो माता महामाया की धरती है। यह माता कौशल्या का मायका भी है। ऐसे में मातृशक्ति को समर्पित ये नौ दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत विशेष रहते हैं। मेरा सौभाग्य है कि नवरात्रि के पहले दिन ही मैं यहां पहुंचा हूं। पीएम मोदी के आह्वान पर बनी भाजपा की सरकार- सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं मिलेंगी, जिनमें ऊर्जा, रेलवे, सड़क, आवास और शिक्षा सेक्टर शामिल हैं। यह योजनाएं प्रदेश के विकास को नई गति देंगी। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सौभाग्यशाली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से उसे यह अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर कांग्रेस की भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम छत्तीसगढ़ की जनता ने किया। मोदी की गारंटी और विश्वास पर जनता ने भरोसा जताया, जिसके कारण विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता मिली और डबल इंजन की सरकार बन पाई। साय ने यह भी कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए सरकार ने पूरी मेहनत की, जिस कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पार्टी को भारी विजय मिली। छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे बड़ी सभा- खट्टर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित जनसभा में कहा कि यह राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी जनसभा है। खट्टर ने लोगों को जय जोहार कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में पहचान मिली होगी।

मप्र विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा बिजली की दर में 3.46 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी को दी मंजूरी

जबलपुर मध्य प्रदेश में बिजली की नई दर तय हो गई है। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा बिजली की दर में 3.46 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह दर अप्रैल 2025 से लागू होगी। आयोग ने नई दर को लागू करने का आदेश जारी किया है। बिजली कंपनी ने अपनी याचिका में औसत 7.52 प्रतिशत बिजली की दर बढ़ाने की मांग की थी। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता को छूट आयोग ने निम्न दाब उपभोक्ताओं व मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम प्रभार खत्म कर दिया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को मीटरिंग प्रभार भी नहीं देना होगा। जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगवाया है, उन्हें सोलर अवधि के दौरान ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 10 किलोवाट से अधिक भार वाले निम्न श्रेणी के घरेलू व सामान्य जल प्रदाय व सड़क बस्ती व एचवी-6 श्रेणी के उपभोक्ता को टाइम ऑफ डे टैरिफ में लाया गया है। प्रीपेड उपभोक्ता की छूट को आयोग ने बरकरार रखा हुआ है। बिजली कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 58,744 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसके विरुद्ध आयोग ने 57,732.6 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 100 रुपये पर 24 रुपये बढ़ेंगे दाम घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के बिल पर 24 रुपये तक बढ़ाये गये हैं, परंतु इन उपभोक्ताओं को अटल ग्रह ज्योति योजना के तहत पहले की तरह मात्र 100 रुपये का ही भुगतान करना है। बढ़ी हुई राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में भुगतान की जाएगी। गैरघरेलू उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य सभी निम्न-दाब उपभोक्ता श्रेणी की न्यूनतम दर बिलिंग (टैरिफ मिनिमम बिलिंग) पहले ही समाप्त की जा चुकी है।

120वीं कड़ी की ‘मन की बात’ सुनी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालिकाओं के साथ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 120वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री श्री साय ने चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं के साथ आत्मीय संवाद किया और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम आज देश की जनता को जागरूक बनाने का सशक्त मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से छात्रों और युवाओं को कड़ी मेहनत, नवाचार और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देते हैं। यदि हम सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें, तो समाज और जीवन में बड़ा परिवर्तन संभव है। भारतीय संस्कृति, नवाचार और सामाजिक समरसता का संवाहक मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला मंच है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसमें देश के नवाचार, जन भागीदारी, प्रेरक कहानियाँ, जल संरक्षण, योग, आयुर्वेद और वीर सैनिकों सहित खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों के योगदान को उजागर किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चियों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर अपने सपनों को आकार देने के लिए संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ें। नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं से आत्मीय भेंट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालिकाओं से संवाद करते हुए उनके मेहनत और संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि आप सभी तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी बेटियाँ जीवन में अवश्य सफल होंगी। आप सबकी उपलब्धियों में सहभागी बनना मेरे लिए गर्व का विषय है। बालिकाओं ने भी मुख्यमंत्री श्री साय से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और मुख्यमंत्री निवास में बिताए गए इन खास पलों को यादगार बताया। तकनीकी प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारी की नई उड़ान नवगुरुकुल संस्था की छात्रावास अधीक्षिका सुश्री रेणुका चंदन ने जानकारी दी कि नवगुरुकुल से निकले कई छात्र-छात्राएं आज बैंगलोर और हैदराबाद की प्रमुख आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं। इसी तरह नेतृत्व साधना केंद्र में सीजीपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है। यहाँ रहने वाले बच्चों को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा दी गई है। इस वर्ष केंद्र के 11 बच्चों ने पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है और वे अब मुख्य परीक्षा में भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित नवगुरुकुल संस्थान में बच्चों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कोडिंग एवं डिकोडिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बीजापुर में 50 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 14 पर था 68 लाख का इनाम

बीजापुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे से महज कुछ घंटे पहले बीजापुर में 50 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इनमें से 14 नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम घोषित था। नक्सलियों ने कहा कि वे खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों के कारण सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम था। नक्सलियों ने राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए। नक्सलियों ने कहा कि वे खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों के कारण आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि नक्सली सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं। ‘निया नेल्लनार’ योजना के तहत सुरक्षा बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। यादव ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 नक्सलियों में से छह पर 8-8 लाख रुपए और तीन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम है। इसके अलावा पांच नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम है। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने कहा कि आंदोलन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ है। वह 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इससे पहले सुरक्षा बलों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। इन ताजा सफलताओं के साथ इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 118 बस्तर संभाग में मारे गए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।

मध्य प्रदेश के एक अप्रैल से 55 जिलों में 60,000 स्थानों पर महंगी होगी संपत्ति, अब जमीन खरीदना होगा महंगा

भोपाल मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है।

पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा संघ-भाजपा के बीच नहीं है कोई मतभेद, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार रविवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हेडक्वार्टर पहुंचे। किसी भी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ कोई मतभेद नहीं है। पीएम मोदी के इस दौरे को बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए आरएसएस के शेषाद्रि चारी ने कहा, “लोग हमेशा आरएसएस और बीजेपी के संबंधों के बारे में बात करते हैं। पहले भी बात करते रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस के बीच कोई मतभेद नहीं है।” आरएसएस नेता ने कहा, “जो लोग संघ और बीजेपी के बारे में कुछ नहीं जानते वही लोग कहते हैं कि बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेद हैं। जो लोग इन झूठी बातों को फैलाते हैं वे अपनी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं।” आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत नागपुर स्थित स्मृति मंदिर में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। आरएसएस नेता ने कहा, “यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी पीएम बनने के बाद यहां आ रहे हैं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौरा है। यह आरएसएस के 100 वर्षों का उत्सव है। इसके लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “संघ के पास देश के मुद्दों पर बहुत सारी राय है। इन मुद्दों को पीएम मोदी आगे बढ़ाएंगे। वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। सरकार का काम भारत को एक मजबूत देश बनाना है। एक विकसित भारत बनाना है।” प्रधानमंत्री मोदी के नागपुर दौरे के दौरान स्मृति मंदिर (आरएसएस), दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय और सोलर इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स का दौरा करने के अलावा वे माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में लॉइटरिंग म्युनिशन टेस्टिंग रेंज और UAV रनवे का उद्घाटन भी करेंगे।

खत्म हुआ 20 साल का इंतजार, US की कंपनी भारत में ही बनाएगी परमाणु रिएक्टर, चीन के खिलाफ एक और चाल

नई दिल्ली करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के तहत भारत में परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और डिजाइन के लिए अमेरिकी कंपनी को एक ऐतिहासिक मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DoE) से 26 मार्च को मिली मंजूरी के बाद होल्टेक इंटरनेशनल को हरी झंडी मिल गई है। अब अमेरिकी कंपनी को भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने और डिजाइन करने की अनुमति मिल सकती है। होल्टेक को भारत की तीन कंपनियों (होल्टेक एशिया, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड) को अप्रशिक्षित छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति दी गई है। होल्टेक इंटरनेशनल भारतीय-अमेरिकी उद्योगपति क्रिस पी सिंह द्वारा प्रमोट की गई कंपनी है। इसने 2010 से पुणे में एक इंजीनियरिंग यूनिट और गुजरात में एक निर्माण यूनिट स्थापित की है। इस मंजूरी के बाद होल्टेक के लिए यह भी संभव है कि वह बाद में इसमें संशोधन की मांग कर सके और अन्य सरकारी संस्थाओं जैसे कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), NTPC और एटॉमिक एनर्जी रिव्यू बोर्ड (AERB) को भी इस सूची में जोड़ सके। हालांकि, इसके लिए भारत सरकार से जरूरी गैर-प्रसार (Non-Proliferation) आश्वासन की आवश्यकता होगी, जो कि इन सरकारी संस्थाओं से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। होल्टेक को भारतीय कंपनियों को केवल शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए यह तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों या किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। इस समझौते के बाद, भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल सकती है। इससे देश को नई, सुरक्षित और प्रभावी परमाणु रिएक्टर तकनीकों का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में भारत का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारी पानी रिएक्टरों (PHWRs) पर आधारित है, जो अब विश्व में अधिकांश परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में उपयोग होने वाली प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWRs) तकनीक से मेल नहीं खाता। होल्टेक का SMR-300 डिजाइन अमेरिका के ऊर्जा विभाग के एडवांस्ड रिएक्टर डेमॉन्स्ट्रेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित है। यह छोटे रिएक्टरों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके अतिरिक्त होल्टेक के पास गुजरात में एक गैर-परमाणु निर्माण यूनिट है। अगर प्रस्तावित निर्माण योजनाएं मंजूर होती हैं तो कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना बना सकती है। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई दिशा दिखा सकता है। भारत और अमेरिका मिलकर चीन को प्रतिस्पर्धा देने की स्थिति में आ सकते हैं। चीन भी छोटे रिएक्टरों के क्षेत्र में अग्रसर है और इसे वैश्विक दक्षिण में अपनी कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखता है।

छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का जल गंगा संवर्धन महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से शुरू होने जा रहा है

भोपाल प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जाएगा।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में लगभग 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर “शासकीय नहर” के रूप में अंकित किया जाएगा।     बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का सफाई कार्य होगा।     फ्लशबार की मरम्मत और स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी होंगे।     सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे।  

मप्र के छतरपुर में राजीनामा न करने पर फायरिंग, एक मौत और आधा दर्जन घायल

छतरपुर। जिले के एक गांव में आपसी रंजिश को लेकर दो पक्षों में फायरिंग की वारदात हो गई। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई और लगभग आधा दर्जन लोग घायल है। घायलों को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के खिरवा गांव की है। दोपहर में चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में मामूली विवाद हुआ था। विवाद सुलह होने के बाद देर रात फिर फायरिंग की बड़ी घटना हो गई जिससे भुज्जन पाल 40 वर्ष की मौत हो गई है। घायल पक्ष का आरोप है कि 307 के मामले में मृतक पक्ष पर आरोपी पक्ष आपसी राजीनामा का दबाब बना रहा था। इसी बात को लेकर की आधा दर्जन लोगों ने फायरिंग कर दी। 100 डायल के जरिए घायलों को जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लगते ही देर रात काग्रेस के पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों से चर्चा। जानकारी घायल सज्जन पटेल ने दी।

एलन मस्क के खिलाफ अमेरिका में फूंक दी टेस्ला की कई कारें

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास एलन मस्क की मुसीबतें इन दिनों जा रही है। अमेरिका की सरकार में दक्षता विभाग के प्रमुख का पद संभाल रहे मस्क के खिलाफ दुनियाभर में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शनिवार को हजारों लोगों ने सड़क कर उतरकर मस्क के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान लोगों ने टेस्ला की कारों की भी निशाना बनाया। लोगों ने टेस्ला की कई कारें को आग के हवाले कर दिया। वहीं अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में भी लोग मस्क के प्रति नाराजगी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक लोग DOGE प्रमुख के रूप में मस्क की नीतियों का विरोध करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मस्क ने इस विभाग के तहत काम कर लोगों की संवेदनशील जानकारी हासिल की है और सरकारी खर्च में कटौती करने का हवाला देते हुए एजेंसियों को बंद करने कर दिया है। इससे हजारों लोगों की नौकरी एक झटके में छीन गई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। टेस्ला के शोरूम को बनाया निशाना एलन मस्क के इन कदमों को लेकर लोग बेहद नाराज हैं और इसीलिए वे मस्क की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की अनुमानित 340 बिलियन डॉलर की संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा टेस्ला कंपनी के शेयर हैं। शनिवार को अमेरिका मेंटेस्ला के सभी 277 शोरूम और सेंटर पर लोगों की भीड़ टूट पड़ी। टेक्सास, न्यूजर्सी, मैसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यूयॉर्क, मिनेसोटा और अमेरिका के कई अन्य हिस्सों में टेस्ला डीलरशिप के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया। नारे लगाते दिखे लोग प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग ‘टेस्ला को जलाओ, लोकतंत्र बचाओ’, ‘अमेरिका को मस्क से मुक्त करो’, ‘नाजी कारें न खरीदें’ जैसे पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। शिकागो के एक शोरूम के बाहर कई दर्जन लोगों ने “एलन मस्क को जाना होगा!” जैसे नारे लगाए हैं। वहीं ब्रिटेन में भी प्रदर्शनकारियों ने मस्क के फैसले के विरोध में ‘नाजी कार न खरीदें’, ‘दिवालिया एलन’ जैसे नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर टेस्ला की कारों को आग लगा दी। मस्क को मिला है राष्ट्रपति का साथ बता दें कि अमेरिका में इससे पहले भी टेस्ला की गाड़ियों को निशाना बनाया गया है। मस्क ने कहा है कि वे हमलों से स्तब्ध हैं और यह पागलपन तुरंत रुकना चाहिए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एलन मस्क का साथ देते दिखे हैं। उन्होंने कहा है कि टेस्ला की गाड़ियों पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और उन्हें 20 साल तक के लिए जेल भेज दिया जाएगा।

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