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Ranya Rao Gold Smuggling: रान्या की जमानत याचिका की अदालत ने खारिज, जेल में ही रहेंगी

 बेंगलुरु गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में जेल में बंद कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव को बड़ा झटका लगा है. 64वें सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट (CCH) ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा. इससे पहले आर्थिक अपराधों के लिए स्पेशल कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका को ठुकरा दिया था. निचली अदालतों से राहत न मिलने के बाद अब उनके पास केवल हाईकोर्ट का विकल्प बचा है, रन्या का कानूनी दल जल्द ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है. कोर्ट ने रन्या राव की जमानत याचिका खारिज करते हुए कई गंभीर बातों की ओर इशारा किया है. इसमें ये शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: जांच में पता चला है कि रन्या का मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. कस्टम नियमों का उल्लंघन: उन पर हवाई यात्रा के दौरान कस्टम बैगेज नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका: जांच एजेंसियों ने कोर्ट में दलील दी कि रन्या को जमानत मिलने पर वह सबूत नष्ट कर सकती हैं या जांच को भटकाने की कोशिश कर सकती हैं. लगातार विदेश यात्राएं: एक साल में 27 बार विदेश यात्रा करने के कारण उनकी गतिविधियों पर शक गहरा गया है. भारी टैक्स चोरी: उन पर 28% कस्टम ड्यूटी की चोरी का आरोप है, जिससे सरकार को 4.83 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. देश छोड़कर भागने का खतरा: अदालत को आशंका है कि जमानत मिलने पर रन्या विदेश भाग सकती हैं. गवाहों को प्रभावित करने की आशंका: उनकी प्रभावशाली छवि को देखते हुए अदालत को चिंता है कि वह गवाहों पर दबाव डाल सकती हैं या जांच को बाधित कर सकती हैं. इन कारकों को देखते हुए कोर्ट ने जमानत देने का कोई आधार नहीं पाया और चल रही जांच के लिए उसकी हिरासत को आवश्यक माना.  

मध्य प्रदेश तपने लगा, सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक पहुंचा दिन का पारा, मार्च में 2 दिन चलेगी लू

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस सीजन की गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को राज्य के 7 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। नर्मदापुरम, रतलाम, बड़वानी, नौगांव, शिवपुरी, गुना और दमोह में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में भी तेज गर्मी रही। किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी? मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दर्ज किए गए अधिकतम तापमान नर्मदापुरम: 40.9°C,रतलाम: 40.2°C,तालुन (बड़वानी): 40.2°C,नौगांव (छतरपुर), शिवपुरी, गुना और दमोह: 40°C रहा। इसके अलावा, 13 अन्य शहरों में तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया जिसमें ग्वालियर: 39.9°C,उज्जैन: 39°C,खजुराहो, धार, टीकमगढ़, मंडला, सागर, सतना, शाजापुर, उमरिया, सिवनी, खरगोन और बैतूल में भी तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा। बड़े शहरों में भोपाल: 38.8°C, इंदौर: 38.2°C, जबलपुर: 38°C तापमान  रहा। पिछले 2 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। दिन में तीखी धूप खिल रही है। इस कारण लोग बचने के तरीके ढूंढते हैं। दूसरी ओर, कई शहरों में पारा सामान्य से 1 4.5 डिग्री तक अधिक है। नौगांव में बुधवार को दिन का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। यहां सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश में गर्मी के इस सीजन में पहली बार 7 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। बुधवार को नर्मदापुरम, रतलाम, बड़वानी, नौगांव, शिवपुरी, गुना-दमोह में पारे में यह बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी गर्म रहे। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के आखिरी 2 दिन में लू चलने के असर है। नर्मदा पुरम में 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को नर्मदापुरम में 40.9 डिग्री, रतलाम में 40.2 डिग्री, तालुन (बड़वानी) में 40.2 डिग्री, नौगांव (छतरपुर), शिवपुरी, गुना-दमोह में अधिकतम तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, 13 शहर- ग्वालियर, उज्जैन, खजुराहो, धार, टीकमगढ़, मंडला, सागर, सतना, शाजापुर, उमरिया, सिवनी, खरगोन और बैतूल में तापमान 39 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 39.9 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, भोपाल में 38.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी दिन का तापमान बढ़ गया है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई शहर में पारा 22 डिग्री तक चल रहा है। मार्च के आखिरी दो दिन प्रदेश में चलेगी लू मार्च के आखिरी दो दिन प्रदेश में लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। 28 मार्च: इस दिन भी पारे में गिरावट रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में पारा 38 डिग्री के आसपास रह सकता है।

UK के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला गुजरात दूसरा राज्य बनेगा

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद गुजरात समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कल राज्य विधानसभा में यह बात कही। राज्य के कानून मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय राज्य के सभी लोगों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इस दिशा में राज्य सरकार ने राज्य के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मूल्यांकन और मसौदा तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने निवासियों, सामाजिक राजनीतिक संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए हैं, कानून बनाने में अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुझाव प्रस्तुत करने की समय सीमा 15 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दी गई है। निचली अदालतों में डिजिटलीकरण ई-कोर्ट प्रोजेट के बारे में पटेल ने कहा कि हाईकोर्ट और निचली अदालतों में डिजिटलीकरण के लिए 27.84 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे अदालतों में कागजी काम कम होगा और सब कुछ कंप्यूटर पर होगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट के बारे में बताते हुए पटेल ने कहा कि पिछले साल जिला अदालतों ने 18,41,016 मामलों को सुलझाया। मतलब, अदालतों ने बहुत तेजी से काम किया। पटेल ने यह भी बताया कि अलग-अलग कानूनों के लिए राज्य में कई अदालतें बनाई गई हैं। 595 विशेष अदालतें बनाई गई उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की मंजूरी से, 595 विशेष अदालतें बनाई गई हैं। इनमें अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले मामले भी शामिल हैं। गुजरात पीड़ित मुआवजा योजना-2019 के बारे में मंत्री जी ने बताया कि अपराधों के शिकार लोगों को मुआवजा दिया गया। जैसे कि अत्याचार, एसिट अटैक (तेजाब हमला), और पॉक्सों एक्ट (Pocso Act) के तहत आने वाले मामलों में पिछले तीन सालों में 39 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों की मदद कर रही है। क्या होती है समान नागरिक संहिता(UCC), जानें समान नागरिक संहिता: समान नागरिक संहिता धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने के लिए कानूनों का एक सेट रखती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं। यूसीसी फुल फॉर्म यूसीसी का मतलब समान नागरिक संहिता है। समान नागरिक संहिता का अर्थ समान नागरिक संहिता कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है, जो भारत के सभी नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार के संबंध में लागू होती है। ये कानून भारत के नागरिकों पर धर्म और लिंग रुझान के बावजूद लागू होते हैं। क्या आप जानते हैं: गोवा में एक समान पारिवारिक कानून है, इस प्रकार यह एकमात्र भारतीय राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता है और 1954 का विशेष विवाह अधिनियम किसी भी नागरिक को किसी विशेष धार्मिक व्यक्तिगत कानून के दायरे से बाहर शादी करने की अनुमति देता है। समान कानूनों की उत्पत्ति ब्रिटिश सरकार ने 1840 में लेक्स लोकी की रिपोर्ट के आधार पर अपराधों, सबूतों और अनुबंधों के लिए एक समान कानून बनाए थे, लेकिन हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को उन्होंने जानबूझकर कहीं छोड़ दिया था। दूसरी ओर ब्रिटिश भारत न्यायपालिका ने ब्रिटिश न्यायाधीशों द्वारा हिंदू, मुस्लिम और अंग्रेजी कानून को लागू करने का प्रावधान किया। साथ ही उन दिनों सुधारक महिलाओं द्वारा मूलतः धार्मिक रीति-रिवाजों जैसे सती आदि के तहत किये जाने वाले भेदभाव के विरुद्ध कानून बनाने के लिए आवाज उठा रहे थे। संविधान सभा की स्थापना की गई थी, जिसमें दोनों प्रकार के सदस्य शामिल थे: वे जो समान नागरिक संहिता को अपनाकर समाज में सुधार चाहते थे जैसे डॉ. बी. आर अम्बेडकर और अन्य मुस्लिम प्रतिनिधि थे, जिन्होंने व्यक्तिगत कानूनों को कायम रखा। साथ ही समान नागरिक संहिता के समर्थकों का संविधान सभा में अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा विरोध किया गया था। परिणामस्वरूप, डीपीएसपी (राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत) के भाग IV में अनुच्छेद 44 के तहत संविधान में केवल एक पंक्ति जोड़ी गई है।

भारतीय रेल का बड़ा फैसला: वेटिंग टिकट वालों को नहीं मिलेगी स्टेशन में एंट्री

नई दिल्ली अगर आप भी हाल-फिलहाल के दिनों में ट्रेन (भारतीय रेल) से सफर करने वाले हैं और अगर आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो ये खबर आपके लिए ही हैं। वेटिंग टिकट को लेकर इंडियन रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को ट्रेन में सफर करने की तो छोड़िए वैसे यात्रियों को अब स्टेशन में भी एंट्री नहीं मिलेगी। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार (26 मार्च) को जानकारी दी कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। इनमें चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज, सीसीटीवी निगरानी और वॉर रूम की व्यवस्था शामिल है। रेल मंत्री ने कहा कि त्यौहारों और मेलों के दौरान भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने सीमित प्रवेश नियंत्रण प्रणाली लागू की है। इस व्यवस्था के तहत स्टेशनों के बाहर होल्डिंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जहां यात्रियों को तब तक एंट्री नहीं दिया जाता जब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं आ जाती। बेटिकट और वेटिंग टिकट वालों पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। वहीं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ से सबक लेते हुए रेलवे जोनल अधिकारियों को प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर कंट्रोल करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि वृद्ध, अशिक्षित और महिला यात्रियों की सहायता के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों में प्लेटफॉर्म टिकट जारी किया जाएगा। देश के 60 स्टेशनों पर अब सिर्फ कन्फर्म टिकट वालों को एंट्री रेल मंत्री के अनुसार 2024 के त्यौहारी सीजन के दौरान सूरत, उधना, पटना और नई दिल्ली में होल्डिंग एरिया बनाए गए थे।महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के नौ स्टेशनों पर भी ये व्यवस्था लागू की गई थी। अब 60 स्टेशनों पर पूर्ण प्रवेश नियंत्रण लागू किया जाएगा। केवल कन्फर्म रिजर्व टिकट वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक एंट्री मिलेगा, जबकि वेटिंग लिस्ट और बिना टिकट यात्रियों को बाहरी प्रतीक्षा क्षेत्र में रहना होगा। अनाधिकृत प्रवेश द्वारों को भी सील किया जाएगा। रेल मंत्री ने संसद में कहा कि बड़े रेलवे स्टेशनों पर वॉर रूम स्थापित किए जाएंगे जहां भीड़भाड़ की स्थिति में सभी विभागों के अधिकारी समन्वय से काम करेंगे। सभी भारी भीड़ वाले स्टेशनों पर वॉकी-टॉकी, अनाउंसमेंट प्रणाली और डिजिटल संचार उपकरण लगाए जाएंगे। रेलवे कर्मचारियों को नई वर्दी और आईडी कार्ड मिलेगा रेलवे कर्मचारियों के लिए नई वर्दी और आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही स्टेशनों में एंट्री कर सकें। प्रमुख स्टेशनों पर स्टेशन डायरेक्टर नियुक्त किए जाएंगे जिन्हें वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे ताकि वे तत्काल फैसले ले सकें। स्टेशन डायरेक्टर को स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध ट्रेनों के अनुसार टिकटों की बिक्री को कंट्रोल करने का अधिकार दिया जाएगा। स्टेशनों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी, स्थानीय पुलिस और सिविल प्रशासन को भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश

पक्का आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने 31 मार्च तक पूर्ण करें सर्वे कार्य जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए करें प्रयास पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण देने बनाएं कार्ययोजना जनजातीय परिवारों की माताओं-बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करें सभी उपाय जनजातीय परिवारों को उपलब्ध कराएं दुधारू गाय मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें। पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए। मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए। पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने … Read more

नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अगले पांच साल में राज्य का बजट करेंगे दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल को बनाएंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी भोपाल शहर की सभी दिशाओं में बनाएंगे नगर द्वार भोजपुर रोड में बनाएंगे भोज द्वार, इंदौर-उज्जैन रोड पर विक्रम द्वार मुख्यमंत्री का भोपाल उत्सव मेला समिति ने जीआईएस की सफलता के लिए किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के चहुंमुखी विकास में मध्यप्रदेश का योगदान अव्वल रहेगा। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल की प्राकृतिक सम्पदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भोपाल को एक सुदंर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोपाल शहर में सभी दिशाओं से आने वाली सड़कों में नगर द्वार बनाए जाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है। भोपाल शहर के समीप ही रातापानी अभयारण्य है। यहां दुर्लभ बाज मिलने की भी पुष्टि हुई है। यह हमारी राजधानी को और भी आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम भोपाल शहर का सतत सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। हम भोपाल की विरासतों को चिरस्थायी बनाए रखेंगे। भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। भोपाल के 35 से अधिक व्यापारी संघों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का होली मिलन समारोह में आत्मीय सम्मान कर उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने और अपनी कुशलता व कर्मठता से जीआईएस को सफल बनाने के लिए भोपाल मेला उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रशस्ति (सम्मान) पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हमको विकास की नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। अब तक जो नहीं हुआ वो करके दिखाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ राजनीतिज्ञ रघुनंदन शर्मा, नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी, रवीन्द्र यति, भोपाल मेला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल, डीबी ग्रुप के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल सहित भोपाल शहर के सभी व्यापारी संघों के पदाधिकारी, उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित थे। मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीआईएस ने पूरे विश्व में भोपाल की शान बढ़ाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिली है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 मार्च को 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके है।  

कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ धमाकेदार जीत की दर्ज, डिकॉक ने नाबाद 97 रनों की पारी खेली

 कोलकाता  अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में 8 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन में अपनी पहली जीत दर्ज की। मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 151 रन बना सकी। इसके बाद जीत के लिए मिले 152 रन के लक्ष्य को केकआर ने 17.3 ओवर में क्विंटन डिकॉक की 97* (61) और अंगकृष रघुवंशी की 22* (17) रन की पारियों की बदौलत हासिल कर लिया। अजिंक्य रहाणे ने 18 (15) रन की पारी खेली। डिकॉक ने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के जड़े। राजस्थान ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 151 रन बनाए। जीत के लिए केकेआर को 152 रन का लक्ष्य मिला है। केकेआर की कसी हुई गेंदबाजी के सामने राजस्थान के बल्लेबाज शुरुआत से अंत तक दबाव मे ंरहे और खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर सके। राजस्थान के लिए सबसे ज्यादा 33 रन की पारी ध्रुव जुरेल ने खेली। 29 रन यशस्वी जायसवाल ने बनाए। केकेआर के लिए चार गेंदबाजों वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती और मोईन अली ने 2-2 विकेट लिए। वहीं एक सफलता स्पेंसर जॉनसन को मिली। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में खेले जा रहे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। दोनों टीमें एक-एक बदलाव के साथ मैच में उतरी हैं। केकेआर की टीम में सुनील नरेन की जगह मोईन अली को जगह मिली है। वहीं राजस्थान रॉयल्स की एकादश में फज़लहक फारूकी की जगह वनिंदु हसरंगा को शामिल किया। राजस्थान रॉयल्स की पारी का हाल:     टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम। संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने की राजस्थान के लिए पारी की शुरुआत।     33 के स्कोर पर राजस्थान को पहला झटका संजू सैमसन के रूप में लगा। सैमसन वैभव अरोड़ा की गेंद पर बोल्ड हो गए। सैमसन ने 13 (11) रन की पारी खेली।     राजस्थान ने पॉवरप्ले में बनाए 1 विकेट पर 64 रन, जायसवाल के छक्के के साथ राजस्थान पहुंचा 50 रन के पार।     राजस्थान को दूसरा झटका आठवें ओवर की पांचवीं गेंद पर रियान पराग के रूप में लगा। पराग 25 रन बनाकर कैच विकेट के पीछे कैच दे बैठे।     पराग के आउट होने के बाद अगले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल को मोईन अली ने अपने पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर हर्षित राणा के हाथों कैच करा दिया। जायसवाल 29 (24) रन बना सके।

कर्मयोगी बनें विषय पर कार्यशाला का राज्यपाल पटेल करेंगे शुभारंभ

भोपाल राजभवन में “कर्मयोगी बनें” विषय पर कल एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सुबह 10:30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यशाला में शामिल होंगे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व-विधाओं के साथ संयोजित कर उपयोग करने का प्रशिक्षण देना है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में कर्मयोग के सिद्धांतों के समावेश, विकास और सेवा का वातावरण बना कर सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव, पी.एम. एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेज के प्राचार्य सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक शामिल होंगे। तकनीकी सत्र “शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा में कर्मयोग” विषय पर दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक होगा। इस सत्र के मुख्य वक्ता मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग और केन्द्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के सदस्य प्रो. बालासुब्रमण्यम, ग्लोबल कन्वर्टर यूनाइटेड कॉन्शसनेस के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आई.आई.टी. कानपुर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. के. राधाकृष्णन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुडी पंडित होंगे। “एक कर्मयोगी शिक्षाविद्-चुनौतियां और उसके समाधान” विषय पर चर्चा एवं संवाद सत्र का आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।  

सरकार टैक्स चोरों या ब्लैक मनी रखने वालों को पकड़ने के लिए सोशल मीडिया मैसेज को भी खंगाल रही : सीतारमण

नई दिल्ली  व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि पर आप भी मैसेज भेजते होंगे। उस पर आप अपनी निजी जानकारी भी किसी से शेयर करते होंगे। अभी तक ऐसा करते रहे हैं तो संभल जाइए। सरकार टैक्स चोरों या ब्लैक मनी रखने वालों को पकड़ने के लिए सोशल मीडिया मैसेज को भी खंगाल रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कल ही इसका खुलासा किया है। उन्होंने लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, 2025 के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार टैक्स चोरी रोकने के लिए नए तरीके अपना रही है। गूगल मैप और व्हाट्सऐप मैसेज से सुराग सीतारमण ने बताया कि Google Maps की मदद से उन जगहों का पता चला जहां लोग कैश छुपाते थे। Instagram अकाउंट्स से ‘बेनामी’ संपत्ति के मालिकों का पता लगाया गया। WhatsApp मैसेज से क्रिप्टो एसेट्स से जुड़े 200 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया। टेक्नोलॉजी से पकड़े जा रहे हैं चोर उन्होंने बताया, “Encrypted मैसेज से 250 करोड़ रुपये का काला धन मिला। क्रिप्टो एसेट्स के WhatsApp मैसेज से सबूत मिले हैं। WhatsApp से 200 करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया।” इसका मतलब है कि टैक्स अधिकारी अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके टैक्स चोरों को पकड़ रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स अधिकारियों को डिजिटल रिकॉर्ड देखने का अधिकार देना ज़रूरी है। इससे टैक्स चोरी और धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी वर्चुअल एसेट्स, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी, का इस्तेमाल करके टैक्स न बचा पाए। नए बिल में ज्यादा अधिकार नए बिल के अनुसार, अधिकारियों को ईमेल, WhatsApp और Telegram जैसे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस करने का अधिकार होगा। वे बिजनेस सॉफ्टवेयर और सर्वर भी देख सकेंगे, जिनका इस्तेमाल वित्तीय लेनदेन को छुपाने के लिए किया जाता है। सीतारमण जी ने कहा कि सरकार टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि टैक्स कानून आधुनिक हों और टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह कदम टैक्स भरने वाले ईमानदार लोगों के लिए है, ताकि कोई भी टैक्स चोरी करके बच न सके। सरकार हर तरह से टैक्स चोरी रोकने के लिए तैयार है।

सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कैंसर अस्प‍ताल की सुविधा शुरू होगी, 6 जिलों के कैंसर मरीजों को मिलेगा लाभ

सागर  बुंदेलखंड का पहला सरकारी कैंसर अस्पताल सागर में खुलेगा. 80 बिस्तरों वाले इस अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 70 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था. इस पर सहमति भी बन चुकी है. अब सिर्फ नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है. कैंसर अस्पताल को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की यूनिट के रूप में संचालित किया जाएगा. बीएमसी प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी से बिल्डिंग का प्रस्ताव तैयार कराया है. वहीं, डॉक्टर, स्टाफ और मशीनरी के लिए अलग से प्रस्ताव भेजा गया है. जिला अस्पताल के पीछे वाले हिस्से में भवन बनेगा. यह सागर का पहला सरकारी कैंसर अस्पताल होगा. यहां कैंसर के मरीजों को उचित इलाज मिलेगा. बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते 23 दिसंबर को कैंसर अस्पताल की घोषणा की थी. अभी जाते थे मुंबई, नागपुर सागर संभागीय मुख्यालय पर कैंसर अस्पताल शुरू होने से आसपास के 5-6 जिलों के कैंसर मरीजों को इलाज मिल पाएगा. अभी कैंसर के मरीजों को मुंबई, नागपुर, भोपाल और इंदौर जाना पड़ता है. कैंसर मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रखने की जरूरत होती है, जिससे परिजन आर्थिक तौर पर टूट जाते हैं. 6 जिलों के मरीजों को लाभ बुंदेलखंड अंचल में महिलाओं में ब्रेस्ट और पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा हो रहा है. युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. बीएमसी और जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सागर, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी और पन्ना जिलों से औसतन 5-6 मरीज कैंसर के पाए जा रहे हैं. प्रथम स्टेज में ही कैंसर की पहचान होने से बड़े जोखिम से बचा जा सकता है. कैंसर अस्पताल बनने से सर्जरी और कीमोथेरेपी की सुविधा मिल सकेगी. शासन को भेजा प्रस्ताव बीएमसी के डीन डॉ. प्रमेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि कैंसर अस्पताल भवन के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था. इसकी तकनीकी स्वीकृति जल्द आएगी. विशेषज्ञ, स्टाफ और मशीनरी के लिए अलग से प्रस्ताव भेजा गया है. उम्मीद है कि सागर में जल्द कैंसर अस्पताल शुरू होगा.  बुंदेलखंड क्षेत्र में कैंसर के मरीजों की निरंतर बढती संख्या, मरीज हित में स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि को देखते हुए कैंसर अस्पताल खोला जाना आवश्यक है। बीएमसी में स्वीकृत होगा न्यूरोसर्जन का पद खाद्य मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 सालों से न्यू‍रोसर्जन का पद स्वीकृत नहीं है। जिससे हेड इंजरी के मरीजों को इलाज के लिए सागर से बाहर जाना पड़ता है। कई बार रास्ते में इलाज के अभाव में मरीज दम तोड़ देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिया है कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज सागर में न्यूरोसर्जन का पद स्वीकृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर संभाग में 6 जिले सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी को मिलाकर सागर संभाग की संख्या करीब 79 लाख है। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय में सागर जिले और आसपास के जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। जिससे मरीज को उपचार के लिए अन्य महानगरों में जाना पड़ता है और उन्हें कई बार आर्थिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। सागर जिले में कैंसर अस्पताल की सुविधा होने से इन सभी समस्याओं का निदान हो सकेगा। बीएमसी में जल्द कैंसर अस्पताल शुरू कराने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है।

साइबर हमले से निपटने, साइबर जालसाजों के नेटवर्क का राजफाश करने के लिए प्रदेश में साइबर कमांडो पदस्थ होंगे

भोपाल  देश में आतंकी घटनाओं से लेकर वीवीआईपी की सुरक्षा में जिस तरह कमांडो तैनात रहते हैं, उसी तरह साइबर हमले से निपटने, साइबर जालसाजों के नेटवर्क का राजफाश करने के लिए प्रदेश में कमांडो पदस्थ होंगे। अप्रैल से छह कमांडो काम करने लगेंगे। मप्र के लिए साइबर कमांडो के पहले बैच का छह माह का प्रशिक्षण 31 मार्च को पूरा हो रहा है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर में अलग-अलग बैच में मिलाकर पांच हजार कमांडो तैनात करने का निर्णय लिया है। दूसरे बैच में 39 पुलिसकर्मियों को भेजा जाएगा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे बैच में प्रदेश के 39 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। परीक्षा के बाद इनका चयन भी हो चुका है। जल्द ही यह तय हो जाएगा कितने पुलिसकर्मियों को कहां प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण लिए जाने वालों में आरक्षक से लेकर उप पुलिस अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। यह काम करेंगे साइबर कमांडो     साइबर सुरक्षा : साइबर खतरों से नेटवर्क और डाटा को सुरक्षित रखना।     साइबर हमले से सुरक्षा : कमांडो साइबर नेटवर्क या सिस्टम में हैकिंग और वायरस के हमलों से निपटने के लिए काम करेंगे। हमले की स्थिति में त्वरित निराकरण के लिए काम करेंगे। खतरों से आगाह भी करेंगे।     नेटवर्क की निगरानी : साइबर कमांडो की जिम्मेदारी नेटवर्क की निगरानी करने की रहेगी।     डेटा सुरक्षित रखने का काम : महत्वपूर्ण संस्थानों का डेटा लीक नहीं होने पाए, इसके लिए भी सुझाव देंगे।     अपराधों की जांच : बड़े साइबर अपराधों की जांच और डाटा के विश्लेषण में सहयोग करेंगे। साथ ही साइबर सुरक्षा की नीतियां बनाने में सहयोग करेंगे। दूसरे बैच के लिए भी चयन किया गया     हमारे छह पुलिसकर्मी साइबर कमांडो का प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो शीघ्र आ जाएंगे। इसके अतिरिक्त दूसरे बैच के लिए भी चयन कर लिया गया है। – ए साई मनोहर, एडीजी साइबर  

इंदौर में ​होगा भोपाल से पहले 6 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर में मेट्रो का कमर्शियल रन, अंतिम मंजूरी का इंतजार

इंदौर मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) जनक कुमार गर्ग और अन्य अधिकारियों ने दो दिनों में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के एक हिस्से का जायजा लिया और तमाम व्यवस्थाओं की भी जांच की. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के एक अधिकारी ने बताया कि एमपीएमआरसीएल इंदौर में मेट्रो रेल का कमर्शियल संचालन शुरू करने के लिए सीएमआरएस की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा कि गर्ग के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार और मंगलवार को गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन नंबर तीन के बीच सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण, सिग्नल तंत्र, दूरसंचार प्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं का निर्धारित मानकों पर परीक्षण किया. मेट्रो रेल अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में शहर में 5.90 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर मेट्रो रेल चलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया जा चुका है. अधिकारी के अनुसार, कुल 7500.80 करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का शिलान्यास 14 सितंबर 2019 को किया गया था. करीब 31.50 किलोमीटर का गोलाकार मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा. जल्द ही 80 की रफ्तार से दौड़ लगाएगी मेट्रो ट्रेन, जानिए किराया लंबे इंताजार के बीच मार्च के अंत तक इंदौर मेट्रो के कमर्शियल रन की संभावना है. कार्मशियल रन शुरू हो जाने से इंदौरवासियों को सफर करने में आसानी होगी. कार्मशियल रन शुरू होने से पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग इंदौर पहुंचेंगे और मेट्रों का निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के दौरान 80 की स्पीड से दौड़ेगी मेट्रो जानकारी के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग 24 मार्च को इंदौर पहुंचेंगे. वे मेट्रो के निरीक्षण के लिए दो दिनों तक रहेंगे. वे सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर में बने पांचों मेट्रो स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करेंगे. इस दौरान सी-एमआरएस की टीम मेट्रो कोच में बैठकर गति निरीक्षण भी करेंगे. इस दौरान मेट्रो कोच को तय स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा. इससे पहले सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग  22 जनवरी को इंदौर में मेट्रो डिपो व कोच का निरीक्षण किया था. रेलवे से मिला अप्रूवल गौरतलब है कि भारत में मेट्रों रेलवे एक्ट के तहत संचालित होती है. ऐसे में मेट्रो को वाय-डक्ट पर चलाने से पहले रेलवे बोर्ड से अप्रूवल लेना होता है. रेलवे बोर्ड की तरफ से इंदौर मेट्रो के संचालन के लिए मेट्रो कोच और ट्रैक से संबंधित अप्रूवल मिल गया है. रेलवे बोर्ड ने मेट्रो के कोच और ट्रैक को पूरी तरह से फिट बताया है. वहीं, अब रेलवे बोर्ड की मजूंरी के बाद  सी-एमआरएस से फाइनल चेक होना है. इस फाइनल चेकिंग के बाद मेट्रों का संचालन शुरू हो जाएगा. 15-30 मिनट पर होगा संचालन जानकारी के मुताबिक, इंदौर में मेट्रो के एक सेट का संचालन 15-30 मिनट के अंतराल पर होगा. हालांकि यात्रियों के संख्या के आधार पर समय को बढ़ाया घटाया जा सकता है. अगर बात करें किराया कि तो अभी तक इंदौर मेट्रो की तरफ से इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि बताया जा रहा है कि इंदौर मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपए हो सकता है. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि यात्रियों को शुरुआत में 10 रुपए का प्रमोशनल डिस्काउंट देने की भी योजना बन रही है. मेट्रो प्रबंधन ने  मार्च के अंतिम हफ्ते में इंदौर में कॉमर्शियल रन का टारगेट रखा था. लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह रन अप्रैल माह में ही हो पाएगा. इंदौर मेट्रो का संचालन गांधीनगर मेट्रो स्टेशन से सुपर कॉरिडोर मेट्रो स्टेशन नंबर 3 के बीच 5.9 किलोमीटर के हिस्सों किया जाएगा.   

बलूचिस्तान विद्रोहियों के हमलों ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ाई, भारत के पास बड़ा मौका!

इस्लामाबाद पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान नासूर बनकर उभरा है। यह पाकिस्तान के उन दो प्रांतों में शामिल है, जिसके बड़े भूभाग पर पाकिस्तान का नियंत्रण नहीं है। इस सूबे में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और दूसरे विद्रोही समूह अपनी समानांतर सरकार चला रहे हैं। हाल में ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट कर एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। इस घटना ने पूरी दुनिया में बलूच विद्रोहियों की आवाज को पहुंचाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बलूच अवाम हथियार उठाने को क्यों मजबूर है और संसाधन संपन्न होने के बावजूद इस सूबे में इतनी गरीबी क्यों है। पाकिस्तान ने दावा किया कि कुल 31 लोग मारे गए, और उसके सैन्य अभियान ने 33 बलूच विद्रोहियों को मार डाला। हालांकि, BLA ने इन दावों को “झूठ” बताया और कहा कि उन्होंने ट्रेन में सवार 214 बंधकों को मार डाला था, जिनमें से ज़्यादातर सैन्य और पुलिस कर्मी थे। 16 मार्च को नोशकी में एक और घातक BLA हमला हुआ जिसमें आत्मघाती हमलावरों ने अर्धसैनिक बलों के काफिले पर हमला किया। कुल मिलाकर, BLA ने अकेले 2024 में 302 हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसमें क्वेटा के मुख्य रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट भी शामिल है जिसमें 14 सैनिकों सहित 26 लोग मारे गए थे। बलूच कौन हैं? बलूच एक सुन्नी मुस्लिम जातीय समूह है जो ईरान-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर और दक्षिणी अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में रहते हैं। बलूचिस्तान इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा है, इसके बाद ईरान की तरफ सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत हैं। यह क्षेत्र लगभग फ्रांस के आकार का है। इस इलाके में लगभग 9 मिलियन बलूच आबादी रहती है, जो भौगोलिक परिदृश्य के कारण काफी विरल है। इस कारण वे खुद को किसी एक राज्य या देश के बांधे हुए नहीं रख पाते हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान के प्रांतों में सबसे बड़ा और सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यह प्रांत पाकिस्तान में सबसे गरीब है, जिसकी लगभग 70% आबादी को ‘गरीब’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके बावजूद बलूचिस्तान सोने, हीरे, चांदी और तांबे जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। इसका सीधा का मतलब यह है कि प्रांत के लोगों को उनका हिस्सा नहीं मिला या जानबूझकर नहीं दिया गया। यह उन कई कारणों में से एक है जिससे इस राज्य के लोग असंतुष्ट हैं और अपनी मांग को लेकर हथियार उठाने तक को तैयार हैं। विभाजन के बाद, बलूचिस्तान मार्च 1948 तक पाकिस्तान के नए राज्य के साथ मैत्री संधि के तहत स्वतंत्र रहा। कलात के खान, मुख्य आदिवासी नेता थे, जिनका शासन इस क्षेत्र के अधिकांश भाग पर चलता था। वह स्वतंत्र रहने के इच्छुक थे, लेकिन पाकिस्तान में शामिल होने के लिए उन पर बहुत दबाव था, जिसमें उनके सामंत, मकरान, लास बेला और खारन के शासक शामिल थे। दशकों से, बलूच अपनी स्वायत्तता या स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं, जिसका सीमा के दोनों ओर हिंसक दमन किया गया है। पाकिस्तान में, ऐसे प्रयासों को राष्ट्र को खंडित करने के प्रयासों के रूप में देखा जाता है – जबकि ईरान में, बलूच मुख्य रूप से शिया देश में सुन्नी मुस्लिम अल्पसंख्यक होने के कारण स्थिति और भी जटिल हो जाती है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, पाकिस्तान में, 2011 से 10,000 से अधिक बलूच गायब हो गए हैं। बलूचिस्तान विद्रोह के बारे में हम क्या जानते हैं? पाकिस्तान का अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत, जो ईरान और अफ़गानिस्तान की सीमा पर है, 1948 में बलूचिस्तान के जन्म के बाद से ही उग्रवाद के अधीन है। हिंसक अलगाववादी विद्रोह, जो मुख्य रूप से आदिवासी नेतृत्व वाले थे, 1958, 1962 और 1973 में फिर से हुए। लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में, हिंसा ने एक नया मोड़ ले लिया। बलूच राष्ट्रवादी, जिन्होंने लंबे समय से पाकिस्तानी सरकार और सेना पर बलूचिस्तान के खनिज संसाधनों का दोहन करने, इसके लोगों पर अत्याचार करने और इसके चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया था, संगठित विद्रोही सेनाओं में जुटने लगे, जिन्होंने एक स्वतंत्र बलूच राज्य की मांग की। हालांकि इस अभियान में कई वर्षों तक छिटपुट हमले और घात लगाकर हमला किया गया। लेकिन हाल के वर्षों में उग्रवाद ने गति पकड़ी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी कैसे बनाई गई? 2000 के दशक की शुरुआत में बना BLA सबसे बड़ा बलूच उग्रवादी समूह है और दशकों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है, बलूचिस्तान की आजादी और चीन को बाहर निकालने की मांग कर रहा है। BLA के उग्रवादियों ने हमले किए हैं, खास तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बीजिंग की CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) परियोजना को निशाना बनाया है। बलूचिस्तान में बहुसंख्यक जातीय बलूच, पाकिस्तानी सरकार से नाराज़ हैं क्योंकि वे अपने क्षेत्र के संसाधनों का अनुचित दोहन कर रहे हैं। पाकिस्तान ने 2006 में BLA पर प्रतिबंध लगा दिया था और संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2019 में इसे वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया था। बलूचिस्तान आंदोलन को बढ़ावा किसने दिया 1999 में सैन्य तख्तापलट के बाद परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान की सत्ता में आए, जिससे बलूचों में अलगाव बढ़ गया। ऐसा इसलिए है क्योंकि बलूच सेना में बलूच प्रतिनिधित्व की कमी को देखते हैं क्योंकि पंजाबी लोगों के हितों का वर्चस्व है – पाकिस्तान में मुख्य जातीय समूह जो देश की आबादी का लगभग 45% हिस्सा है।” बलूचों की एक प्राथमिक शिकायत ग्वादर के मेगा बंदरगाह का निर्माण है, जो 2002 में शुरू हुआ और अभी भी जारी है। इसके महत्व के बावजूद, पाकिस्तानी सरकार ने ग्वादर विकास प्रक्रिया से बलूचों को बाहर रखा है। यह परियोजना पूरी तरह से संघीय सरकार द्वारा संचालित है और विशाल बंदरगाह के निर्माण में कुछ बलूचों को रोजगार दिया गया है, इसके बजाय चीनी इंजीनियरों और मजदूरों पर निर्भर है। इंटरनेशनल अफेयर्स रिव्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार, बलूच और पाकिस्तानी सरकार के बीच तनाव को बढ़ाने वाला एक अन्य कारक 2006 में सेना द्वारा उनके नेता नवाब अकबर बुगती की हत्या है। 2008 में मुशर्रफ की सैन्य सरकार से राष्ट्रपति आसिफ अली ज़दारी की नागरिक सरकार में परिवर्तन ने बलूच असंतोष को कम करने में बहुत कम मदद की। 2009 में, 792 हमले हुए जिनमें 386 मौतें हुईं; लगभग 92% हमले बलूच राष्ट्रवादी उग्रवादियों से जुड़े थे। … Read more

भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया

नई दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य खतरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सख्त नियमन, पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जनता को स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार मिले।भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने रिफाइंड तेल और प्रोसेस्ड फूड पर कानूनों को और सख्त करने की अपील की। भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रिफाइंड बीज तेलों के दुष्प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कई अध्ययनों से पता चला है कि बार-बार किए गए रिफाइनिंग प्रोसेस के कारण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और हानिकारक ट्रांस फैट उत्पन्न होते हैं, जिससे हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के खतरे पर भाजपा सांसद ने कहा कि इन खाद्य उत्पादों में अत्यधिक कैमिकल प्रिजर्वेटिव और हानिकारक फैट होते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देते हैं। उन्होंने स्पष्ट लेबलिंग की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उपभोक्ता अक्सर भ्रामक पैकेजिंग और लेबलिंग के कारण यह समझ ही नहीं पाते कि वे क्या खा रहे हैं। स्पष्ट खाद्य लेबलिंग अनिवार्य करने पर जोर देते हुए नवीन जिंदल ने सरकार से आग्रह किया कि खाद्य उत्पादों पर स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे रिफाइंड तेलों का उपयोग करते हैं या अल्ट्रा प्रोसेस्ड श्रेणी में आते हैं। उन्होंने सरकार से रिफाइंड तेल और अल्ट्रा प्रोसेस्ड पदार्थों के स्वास्थ्य पर प्रभावों को लेकर एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग की, ताकि इस विषय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गहन अध्ययन हो सके। उन्होंने स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए पारंपरिक और कोल्ड-प्रेस्ड तेलों, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवीन जिंदल ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से उपभोक्ताओं को छिपे हुए स्वास्थ्य खतरों से बचाने और एक प्रभावी खाद्य नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।

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