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राजस्थान रॉयल्स ने दिया कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य,

गुवाहाटी. आईपीएल 2025 का छठा मैच राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जा रहा। राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य दिया है। राजस्थान की तरफ से सर्वाधिक रन ध्रुव जूरेल ने बनाए है ध्रुव ने 33 रनों की पारी खेली इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 29 और कप्तान रियान पराग ने 25 रनों की पारी खेली। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाया था। कोलकाता की तरफ से वैभव ने 2, वरुण ने 2 और मोइन अली 2 बल्लेबाजो को वापस भेजा वहीं हर्षित राणा को 2 विकेट मिला है। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर राजस्थान को बैटिंग का न्योता दिया है। कोलकाता के ऑलराउंडर सुनील नरेन मैच नहीं खेल रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उनकी जगह मोईन अली को मौका मिला है। वहीं, राजस्थान ने फजलहक फारुकी की जगह वानिंदु हसरंगा को शामिल किया है। आरआर और केकेआर को 18वें सीजन के अपने पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 44 रन से शिकस्त मिली जबकि कोलकाता को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) ने सात विकेट से मात दी। दोनों टीमों की नजर आज के मैच से जीत का खाता खोलने पर होगी। बारसापारा में भी रियान पराग राजस्थान की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, उंगली की सर्जरी से उबर रहे नियमित कप्तान संजू सैमसन खेल रहे हैं। शुभम दूबे के रूप में गिरा 6th विकेट शुभम दूबे भी लौटे पवैलियन। राजस्थान का छठा विकेट गिरा। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरोड़ा की गेंद पर रसेल ने पकड़ा शानदार कैच। दूबे ने 12 गेंदों में 9 रन बनाए। इसमें एक चौका भी शामिल है। मोईन और वरुण की फिरकी पर नाचे बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को मोईन अली और वरुण चक्रवर्ती ने काफी परेशान किया है। दोनों अब तक 2-2 विकेट हासिल कर चुके हैं। सस्ते में लौटे संजू सैमसन आरआर का पहला विकेट संजू सैमसन के रूप में गिरा है। वह सस्ते में आउट हुए। उन्हें वैभव अरोड़ा ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। सैमसन के बल्ले से 11 गेंदों में 13 रन निकले। उन्होंने यशस्वी संग (19*) 33 रनों की साझेदारी की।

जन-जन तक सूचनाएं पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं पत्रकार: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी होते हैं। सरस्वती के साधक होने के साथ ही कड़ी मेहनत से सूचनाओं को आमजनों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुरैना जिला मुख्यालय पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के त्रिवर्षीय दो दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा पत्रकारों के हित में जो मांगें रखी गई हैं, उसके निराकरण के लिये शासन स्तर से एक कमेटी का गठन किया जायेगा। इस कमेटी में श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल कर पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संघ पत्रकारों के हित में कार्य करने वाला बहुत पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया पत्रकारों के हित में निरंतर कार्य करते रहते हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश भर में श्रमजीवी पत्रकार संघ कार्य कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर, विधायक श्री दिनेश गुर्जर, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भदौरिया, श्री आशीष अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री बलवीर डण्डौतिया, श्रमजीवी पत्रकार संघ के ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रभारी श्री सुरेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री राजकुमार दुबे, जिला अध्यक्ष श्री रामशरण शर्मा एवं प्रदेश भर से आए पत्रकार साथी उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की सबसे जागरूक कौम है। श्रमजीवी पत्रकार संघ मध्यप्रदेश का सबसे पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के नेतृत्व में प्रदेश भर में पत्रकारों के हित में यह संगठन कार्य कर रहा है। पत्रकार साथी निरंतर कार्य कर महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम जन तक पहुँचाने के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांत अध्यक्ष श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकार बीमा कराने की तिथि बढ़ाने की घोषणा की, जिसके कारण प्रदेश भर के पत्रकारों को लाभ हुआ है। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्रकारों के हित में विभिन्न माँगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों के लिये इन मांगों को प्रदेश सरकार शीघ्र पूर्ण करे। कार्यक्रम में प्रदेश भर के जिलों से आए श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्षों ने भी अपनी-अपनी बात रखी।  

मुख्यमंत्री ने मुरैना में रोटरी क्लब के राहत स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिल जाये तो डॉक्टर उसके लिये भगवान बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव काया में कोई भी कष्ट बड़ी चुनौती होती है। आमजन की शारीरिक व्याधियों के उपचार के लिये चंबल में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन और उसमें देश के बडे़ चिकित्सकों के आगमन पर प्रसन्नता के साथ ही आभार भी माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल की धरती वीरों की भूमि है। इस वीर भूमि के जवान हमेशा देश की रक्षा में आगे बढ़कर अपने प्राणों की आहुति देने के लिये तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने मुरैना के एसएएफ ग्राउण्ड में आयोजित रोटरी राहत वृहद स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ के बाद ओपीडी के सभी काउंटरों का भ्रमण कर चिकित्सकों एवं रोटेरियन के सदस्यों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिविर में उपचार के लिये बेहतर प्रबंध किये गये हैं। चम्बल क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 5 हजार से अधिक मरीजों की समुचित रूप से स्क्रीनिंग की गयी है। स्क्रीनिंग के बाद विभिन्न वर्गों में विभाजित कर मरीजों के उपचार की व्यवस्था करना बड़ी बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अस्पताल प्रबंधन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के रूप में दो भागों में विभाजित था। हमारी सरकार बनने के बाद हमने दोनों विभागों का एकीकरण कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा बनाया है। इससे अस्पताल प्रबंधन आसान हुआ है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में बेहतर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कर नागरिकों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाये। सरकार द्वारा नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्य शासन, जिले के प्रशासन एवं रोटरी क्लब की मदद से इस वृहद शिविर का आयोजन किया गया है। पहले चंबल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएँ इतनी अच्छी नहीं थी। मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड जिले को मिलाकर जहाँ 100 बिस्तरों की उपलब्धता थी, वहाँ आज 600 बिस्तर का अस्पताल मौजूद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सदैव प्रयास किये जाते रहे हैं। गंभीर स्थिति में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिये अन्यत्र ले जाने में आमजन की असमर्थता के कारण क्षेत्र में वर्ष 2017 में भी जिला प्रशासन की मदद से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नेत्र शिविर लगाया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन की मदद से ये शिविर सफल होगा। राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने कहा कि माहेश्वरी परिवार की मोहनप्यारी देवी जी की स्मृति में इस शिविर का आयोजन किया गया है। अभी तक इस मिशन के चलते सेवा भाव से हम 40 हजार से ज्यादा सर्जरी एवं लाखों ओपीडी की सेवाएँ दे चुके हैं। जहाँ भी रोटरी मिशन का आयोजन किया जाता है, वहाँ ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मिशन से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाता है। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे भी महिलाओं में सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हम निःशुल्क करवा सकें। शिविर में ख्याति प्राप्त चिकित्सक देंगे अपनी सेवाएँ शिविर में कार्डियोलॉजिस्ट एवं कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रैहान मेदान्ता हॉस्पिटल से अपनी टीम से साथ एवं नेशनल हार्ट इंस्टिट्यूट के डॉ. ओ.पी. यादव, डॉ नितिश शाह ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट साइंस, एवं मैक्स एवं मनीपाल हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट अपनी सेवाएँ देंगे। अन्य विशेषज्ञो में ऑक्नोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश भूरानी रहेगें, अस्थिरोग में एम्स दिल्ली से डॉ. विवेक शंकर एवं नितिश नायक, डॉ. प्रकाश कोतवाल रहेगें। पेन के डॉ. नीरज जैन मैक्स दिल्ली से आकर सेवाऐं देंगे। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मीनू वाजपेयी रेन्बो हॉस्पिटल दिल्ली से आ रही हैं। कामता शाह मुम्बई नानावटी हॉस्पिटल से, बच्चों मे हार्निया, हाइपोस्पेडियास एवं सभी बच्चों की आवश्यक सर्जरी करेगी। किडनी विशेषज्ञ डॉ. रावत सर गंगाराम हॉस्पिटल से, डॉ. एस.बी बंसल, मेदान्ता हॉस्पिटल से तथा लेप्रोस्कोपिक सर्जन, गॉल ब्लेडर, हार्निया, लेप्रोस्कोपिक पद्दति से डॉ. मुकुन्द खेतान एवं चंडीगढ़ से डॉ. परमार एवं उनकी टीम द्वारा किये जायेंगे। वेरियेटिक सर्जन इंदौर के डॉ. मोहक भण्डारी पेट के मोटेपन की वेरियेटिक सर्जरी करेंगे। दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ, बच्चेदानी के ऑपरेशन एवं जटिल ऑपरेशन का कार्य सभालेंगे। दिल्ली के श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम तथा एम्स भोपाल, एम्स दिल्ली, अरविन्दो हॉस्पिटल इंदौर एवं चंडीगण हॉस्पिटल के विश्व प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं सर्जरी का कार्य 26 मार्च से लेकर 2 अप्रैल तक किया जाएगा। वंचित लोग 26 मार्च से 2 अप्रैल तक करा सकेंगे पंजीयन रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन राहत 2 वृहद स्वास्थ्य शिविर मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक लगेगा। शिविर में ओपीडी, खून की जाँच, बीपी शुगर, ईसीजी, आयुष्मान का काउन्टर एवं दवा वितरण किया जायेगा। शिविर में कार्डियोलॉजी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, फिजियोथेरेपी अन्य वरिष्ठ चिकित्सक अपनी सेवाएँ देंगे। ऑनलाइन मरीजों के पंजीयन किये जा रहे हैं। जनता 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक एसएएफ परेड ग्राउड में पंजीयन कराकर डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। चिकित्सकों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में आये चिकित्सकों का सम्मान किया। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युगल मिश्रा नंदियाल, सीनियर प्रोफेसर एम्स दिल्ली डॉ. मीनू बाजपेयी, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. निशित नायर, जबलपुर के ख्याति प्राप्त डॉ. धीरावनी शामिल थे। कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति राज्यसभा सांसद ग्वालियर श्री अशोक यादव, सांसद मुरैना-श्योपुर श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री मुंशी लाल, श्री गिर्राज डण्डोतिया, पूर्व विधायक श्री रघुराज कंषाना, रोटरी के पदाधिकारी श्री भूपेन्द्र जैन, चंबल कमिश्नर श्री मनोज खत्री, डीआईजी श्री कुमार सौरभ, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, रोटरी के पदाधिकारी डॉ. संजीव बांदिल, डॉ. वीरेन्द्र गंगवाल सहित दिल्ली, हरियाणा, ग्वालियर, इंदौर से आये डॉक्टर्स और रोटरी मेडिकल … Read more

अगर मेरी 52 जुमा और होली एक बार आती है, वाली बात गलत थी तो कोर्ट जाते मुझे सजा करवाते: अनुज चौधरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में सीओ अनुज चौधरी एक और बड़ा बयान आया है. उन्होंने अपने 52 जुमे और एक होली वाले बयान को दोहराते हुए पूछा कि इसमें गलत क्या है. यदि इसमें कुछ भी गलत था तो आप कोर्ट जा सकते थे. उन्होंने इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ईद की सेवइयां खिलानी हैं तो आपको भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मन में कड़वाहट लेकर आप भाईचारे की बात नहीं कर सकते. सीओ अनुज चौधरी बुधवार को संभल में आयोजित पीस कमेटी की मीटिंग में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाईचारे की बात तो तभी हो सकती है, जब दोनों ओर से मुंह मीठा हो. ऐसा नहीं है कि मन में कड़वाहट भरा हो और ऊपर से भाईचारे की बात हो जाए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाते हुए कहा कि यदि आप हमें ईद की सेवइयां खिलाना चाहते हैं तो आप को भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. इसी से भाईचारा मजबूत होगा. इस मौके पर उन्होंने अपना होली वाला बयान फिर से दोहराया. कहा कि हिंदुओं की होली साल में एक बार आती है और आपका जुमा हर हफ्ते आता है. इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है. भाईचारा के लिए सभी दिखाएं बड़ा दिल यदि किसी को गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकता है और इसके लिए उन्हें सजा भी करा सकता है. सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि देश में और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को बड़ा दिल दिखाना होगा. एसडीएम सदर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एएसपी श्रीचंद भी मौजूद रहे. बैठक में एसडीएम ने साफ तौर पर कहा कि ईद और अलविदा जुमा की नमाज किसी हाल में सड़क पर नहीं होगी. इसके अलावा मकान की छतों पर भी नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसकी वजह भी बताई. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति नहीं पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा, सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। सीओ ने बिना किसी का नाम लिए सवाल किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से बात कही थी. ये विवाद होली से कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि होली एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज 52 बार होती है. जो कोई भी होली के रंगों से असहज महसूस करता है, उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमारा हमेशा से उद्देश्य रहा है कि हम जहां भी रहें, शांति भंग न हो.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देना था. अनुज चौधरी ने आपसी सम्मान और एक-दूसरे के उत्सवों में भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई पर लगे आरोपों के बारे में भी बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इसके साथ ही मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया. बताते चलें कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद से ही तनाव व्याप्त है. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसवाले जख्मी हुए थे. ये हिंसा कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी. लोगों ने इस सर्वे का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद इलाके में लंबे समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था. करीब सात दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.   इसके बाद 25 मार्च को संभल के शाहवाजपुर सूरा नगला गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक नेजा मेले पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को दरगाह पर तैनात किया गया था. किसी को भी वहां आने-जाने की अनुमति नहीं थी. इसे लेकर भी मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को मेला स्थल पर कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. एएसपी ने कहा था, “यह मेला ऐतिहासिक रूप से एक लुटेरे, आक्रमणकारी और हत्यारे की याद में आयोजित किया जाता था. लोगों ने इस प्रथा की अनुपयुक्तता को समझ कर छोड़ दिया है.” संभल के अधिकारियों ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी के भतीजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित होने वाले ‘नेजा मेले’ के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि देश को लूटने आए किसी व्यक्ति की स्मृति का महिमामंडन करना सही नहीं है. 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद

बेंगलुरू, देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन,  आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की। छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक – GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी। – क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी। – ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा। – कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा। – गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां 200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी। – BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। – पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।

मध्य प्रदेश का ऋण बोझ 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, अब सिर्फ 2500 करोड़ का लोन ले सकती है सरकार

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यह बोझ राज्य के सालाना बजट से भी 10,000 करोड़ रुपये ज्यादा हो गया। सरकार ने मंगलवार को 4,400 करोड़ रुपये का एक और लोन लिया। इसके बाद राज्य पर कुल कर्ज 4.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। यह आंकड़ा राज्य के 4.2 लाख करोड़ रुपये के बजट से भी ज्यादा है, जिसे दो हफ्ते पहले ही पेश किया गया था। फिजूलखर्ची करने का आरोप सरकार का कहना है कि वह विकास कार्यों के लिए लोन लेती है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार फिजूलखर्ची कर रही है। इसमें मंत्रियों के लिए नई कारें खरीदना और बंगलों का नवीनीकरण कराना शामिल है। राज्य सरकार को हर महीने लाडली बहना योजना के लिए 1,550 करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत होती है। अब सिर्फ 2500 करोड़ का लोन ले सकती है सरकार इस महीने की शुरुआत में सरकार ने अलग-अलग तारीखों पर 10,000 करोड़ रुपये का लोन लिया था। सरकार इस वित्तीय वर्ष में 64,000 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकती थी। उसने 61,400 करोड़ रुपये का लोन ले लिया है। अब सिर्फ 2,500 करोड़ रुपये का लोन लेने की गुंजाइश बची है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इसकी जरूरत नहीं होगी। इसे अगले वित्तीय वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। ‘विकास के लिए लेते हैं कर्ज’ 31 मार्च, 2024 को मध्य प्रदेश पर 3.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज था। सरकार का कहना है कि वह नियमित रूप से लोन लेती है। इन पैसों का इस्तेमाल विकास योजनाओं और परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाता है। राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार और अन्य स्रोतों से लिए गए लोन का इस्तेमाल राज्य के विकास जैसे सिंचाई के लिए बांध, बेहतर परिवहन सेवाएं, किसानों और स्थानीय निकायों को लोन देना और बिजली उत्पादन जैसे कामों के लिए किया गया है। एमपी पर देश के कुल कर्ज का 5% से ज्यादा कर्ज मध्य प्रदेश पर देश के कुल कर्ज का 5% से ज्यादा कर्ज है। देश पर कुल 93,93,317.5 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें से मध्य प्रदेश पर 4,80,976 करोड़ रुपये का कर्ज है। कर्ज के मामले में मध्य प्रदेश नौवें स्थान पर है। कर्ज बढ़ने के बाद भी खर्चे     कर्ज बढ़ने के बावजूद सरकार ने एक राज्य विमान खरीदा है। मंत्रियों के लिए नई कारें खरीदी हैं और मंत्रियों के बंगलों का नवीनीकरण कराया है।     10 जुलाई को मध्य प्रदेश सरकार ने 230 करोड़ रुपये से ज्यादा का एक जेट विमान खरीदने का प्रस्ताव पास किया था।     पिछले साल मंत्रियों के बंगलों के नवीनीकरण पर 18 करोड़ रुपये से कम खर्च नहीं किए गए थे।     मई 2024 में सरकार ने मंत्रियों के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की एसयूवी (SUV) खरीदने का ऑर्डर दिया था.     सरकार की बड़ी वित्तीय जिम्मेदारियों में लाडली बहना योजना के लिए हर महीने 1,550 करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत होती है।

RSS का सामाजिक अध्ययन: भोपाल में मजबूरी के चलते हिंदुओं ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से पलायन कर लिया

भोपाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले हिंदुओं को लेकर अपनी अध्ययन की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से हिंदुओं का पलायन हो रहा है। पुराने शहरों से हिंदुओं को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस दावे पर बड़ा बयान दिया है। RSS ने 100 साल पूरे होने पर किया सामाजिक अध्ययन दरअसल,RSS ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य भारत क्षेत्र में सामाजिक अध्ययन कर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया है कि भोपाल में मजबूरी के चलते हिंदुओं ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से पलायन कर लिया है। करीब 3 हजार से अधिक हिंदुओं ने पुराने भोपाल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से मज़बूरी में पलायन किया है। RSS ने कहा- हमने इसे रोकने की कोशिश की RSS की रिपोर्ट पर मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे ने कहा कि “शहर के कई जगहों से हिंदुओं ने पलायन किया है। पुराने भोपाल के शाहजहांनाबाद, मंगलवार, बुधवारा, कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, टीला जमालपुर, चौकसे नगर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, काजी कैंप, ईदगाह हिल्स, कांग्रेस नगर, बाग फतेह अफजा, बरखेड़ी समेत कई अन्य क्षेत्रों से हिंदुओं का पलायन हुआ। हमने इसे रोकने की कोशिश है। सुरक्षा का भाव जगाने की कोशिश है। हम तुम्हारे (हिंदुओं) साथ खड़े हुए हैं। हमारी कोशिश निरंतर जारी है। हिंदुओं में ऐसा पलायन का भाव पैदा नहीं होना चाहिए। सब जानते है कोहेफिजा समेत कई स्थान खाली (पलायन) हुए।” मुस्लिम पक्ष ने RSS की रिपोर्ट ने बताया झोलझाल RSS की सामाजिक अध्ययन रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष का बयान भी सामने आया है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड अध्यक्ष काजी अनस अली ने रिपोर्ट को गलत बताया है। उन्होंने कहा, “आरएसएस की रिपोर्ट में बहुत ज्यादा झोलझाल है। मैं मुसलमान के हर इलाके की बात कर रहा हूं। जहां पर हिंदू भाई आसानी से रहते हुए मिल जाएंगे। बहुत सारे हिंदू सहूलियत से रह भी रहे हैं।” हमारा दिल बड़ा है, हमने सब लोगों को बसाया उन्होंने आगे कहा, “भोपाल पहले बहुत छोटा था। हमारा दिल बड़ा है और हमने सब लोगों को बसाया है। एमपी नगर में बाहर के लोग बसे हैं। हमारा दिल बहुत बड़ा है। अब भोपाल में बिहारी कॉलोनी है, अंबेडकर कॉलोनी है, महाराष्ट्रीयन कॉलोनी है, यह सब भोपाल के अंदर ही है। बाहर से आकर पूरे के पूरे लोग, पूरा का पूरा कुनबा बाहर जहां जाकर बसा और बस भी रहे हैं। मैं फिर कहूंगा, हमारा दिल बड़ा है।” RSS की रिपोर्ट को हिन्दू पक्ष ने बताया सही RSS की रिपोर्ट को हिन्दू पक्ष ने सही बताया है। महामंडलेश्वर एवं पुराने भोपाल निवासी अखिलानंद ने कहा, “आरएसएस ने जो बात कही है वह बिल्कुल सही बात कही है और सच्चाई से कही है। मैं सालों से राजा भोज की नगरी भोपाल में जीवन यापन कर रहा हूं। मेरे संज्ञान में ऐसे कई क्षेत्र हैं। भोपाल से ही हिंदू पलायन को मजबूर हुआ। पुतलीघर, इंदिरा नगर, काजी कैंप कई स्थान है जिन्हें उंगली पर गिन बता सकता हूं।” 20 साल पहले बराबरी में होते थे लोग उन्होंने आगे कहा, “मैंने देखा है कि मुसलमानों की संख्या लगातार बढ़ी है। जबकि, 20 साल पहले बराबरी में लोग होते थे। लेकिन अब पलायन की स्थिति लगातार जारी है। काजी कैंप, इंदिरा नगर, गौतम नगर, नारियल खेड़ा यहां से हिंदू समाज पलायन कर रहा है। बीजेपी सरकार को ध्यान रखना चाहिए, सामाजिक संगठन को ध्यान रखना चाहिए। लोग मजबूरी और प्रताड़ना से अपने सस्ते दामों पर घर बेच अन्य क्षेत्रों में पलायन को मजबूर हैं। एक विशेष वर्ग तो लगातार बढ़ता जा रहा है।” सरकार से सर्वे कराने की अपील अखिलानंद ने आगे कहा, “यह वर्ग ही कई प्रकार से हिंदू समाज को प्रताड़ित करता है और मजबूरी में सब कुछ छोड़कर भागना पड़ता है। मैंने कई लोगों से निवेदन किया कि मत जाओ, हमारे भरोसे रहो। हम संत समाज आपके साथ हैं। उसके बाद भी लोग अनेकों कारणों और भय से भागे। सरकार से हमारी  सर्वे कराने की अपील है। क्षेत्र से हिंदुओं का पलायन होना समाज के लिए खतरे की घंटी नहीं है। समाज कहीं भी जीवन यापन कर सकता है, यह खतरे की घंटी सरकार के लिए है।” BJP MLA रामेश्वर शर्मा ने कहा- इसकी चिंता करनी चाहिए इस मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का स्टेटमेंट भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “RSS माइक्रो सर्वे करती है। हम सबको इसकी चिंता करना चाहिए। हिंदुओं डरे नहीं। कोई ऐसा करता है तो कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वर्ग को चिन्हित कर शासन, प्रशासन भी कार्रवाई करेगा।

तथ्यों से खिलवाड़, पक्षपाती एजेंडा… भारत ने खारिज की USCIRF की रिपोर्ट, अमेरिका को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली भारत ने अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की रिपोर्ट को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि इस आयोग को खुद ‘चिंता का विषय’ घोषित किया जाना चाहिए. रिपोर्ट में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) पर हत्या की साजिशों में कथित भूमिका को लेकर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़े शब्दों में बयान जारी करते हुए इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में भारत की छवि को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि USCIRF की नवीनतम रिपोर्ट ‘पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित आकलन’ जारी करने के अपने पैटर्न को जारी करने वाली है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि USCIRF द्वारा अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और भारत की वाइब्रेंट मल्टीकल्चरल सोसायटी पर संदेह व्यक्त करने के लगातार प्रयास धार्मिक स्वतंत्रता के लिए वास्तविक चिंता की बजाय एक जानबूझकर किए गए एजेंडे को दर्शाते हैं. बयान में कहा गया है कि वास्तव में तो USCIRF को ही ‘चिंता का विषय’ माना जाना चाहिए. धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में क्या कहा गया अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 2024 में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले और भेदभाव में वृद्धि जारी थी. रिपोर्ट में भाजपा पर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ ‘घृणास्पद बयानबाजी’ का प्रचार करने का भी आरोप लगाया गया है. भारतीय खुफिया एजेंसी पर लगे आरोप साल 2023 से भारत पर अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकियों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं. जो बाइडन की सरकार में अमेरिका ने एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव पर अमेरिका में हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया. भारत इन आरोपों को खारिज करता है और खालिस्तान समर्थकों को सुरक्षा के लिए खतरा बताता है. क्या की गई सिफारिशें?     रिपोर्ट में कई प्रतिबंधों की सिफारिश की गई है. इसमें कहा गया कि धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन में संलिप्त लोगों जैसे विकास यादव और संस्थाओं जैसे रॉ पर प्रतिबंध लगाया जाए. उनकी संपत्तियां जब्त करें और अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएं.     रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को सार्वजनिक बयानों और भाषणों में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें.     इसने अमेरिकी कांग्रेस से विदेशों में भारत की ओर से धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर वार्षिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है. इसके अलावा इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि क्या भारत को हथियारों की बिक्री जैसे MQ-9B ड्रोन धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में योगदान देती है या उसे बढ़ा सकती है.    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूध पर बोनस देने के साथ ही अन्य क्षेत्रों की सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को करेंगे लाभान्वित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अन्तर्गत हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने आभार माना।  

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी का संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, पत्रकारों की स्वतंत्रता को मिला संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अहम है। नई दिल्ली  पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी भी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। इस अधिकार के तहत किसी भी पत्रकार को सरकार की आलोचना करने का पूरा हक है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ सरकार के खिलाफ बोलने या नीतियों पर सवाल उठाने के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, “स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यदि सरकार की आलोचना करने पर पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाएगा तो इससे प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी। सरकार को आलोचना सहन करने की क्षमता विकसित करनी होगी।” पत्रकारों की स्वतंत्रता पर सकारात्मक संदेश सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पत्रकारों की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि सरकार की आलोचना करना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर अंकुश लगाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भारतीय प्रेस परिषद (PCI) ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। PCI ने कहा कि यह फैसला प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करेगा और पत्रकारों को बिना डर के सच को सामने लाने की प्रेरणा देगा। राजनीतिक हलकों में हलचल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है। वहीं, सरकार के प्रवक्ताओं ने कहा है कि वे इस फैसले का सम्मान करते हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की रणनीति तैयार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को नया आयाम देगा। इससे पत्रकारों को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का हौसला मिलेगा। अभिव्यक्ति की आज़ादी का यह संरक्षण न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करेगा, बल्कि सरकार को भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

SC ने HC के देश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का स्वत: संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है. जस्टिस भूषण आर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें एक जज द्वारा ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग करने के लिए खेद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के आदेश को देखा है. हाईकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ जैसे 24, 25 और 26 में जज द्वारा संवेदनशीलता की पूर्ण कमी को दर्शाता है. ऐसा भी नहीं है कि फैसला जल्द में लिया गया है. इस मामले में सुनवाई पूरी होकर निर्णय रिजर्व होने के 4 महीने बाद निर्णय सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की मां ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका को भी इसके साथ ही जोड़ा जाए. उससे दोनों पर साथ सुनवाई आगे बढ़ेगी. दरअसल,  इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल को सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम दो हफ्ते बाद मंगलवार को इस पर सुनवाई करेंगे. इलाहाबाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना, और पाजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता. फैसला देने वाले जज जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 11 साल की लड़की के साथ हुई इस घटना के तथ्यों को रिकॉर्ड करने के बाद यह कहा था कि इन आरोप के चलते यह महिला की गरिमा पर आघात का मामला तो बनता है. लेकिन इसे रेप का प्रयास नहीं कह सकते. पहले क‍िया था इनकार इससे पहले नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश से जुड़े फैसले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया था. याचिका में जजमेंट के उस विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि ‘इस केस में पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना,और पजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता’. याचिका में क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित में सुप्रीम कोर्ट से जजमेंट के विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केन्द्र सरकार/ हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दे कि वो फैसले के इस विवादित हिस्से को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई थी कि जजों की ओर से की जाने वाली ऐसी विवादित टिप्पणियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट अपनी ओर से दिशानिर्देश जारी करें। क्यों की खारिज समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय इस पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का हवाला देते हुए अपनी दलीलें शुरू कीं, तो न्यायमूर्ति त्रिवेदी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अपने मामले पेश करने वाले वकीलों को “लेक्चरबाजी” नहीं करनी चाहिए। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। क्या है मामला यह फैसला पवन और आकाश नामक दो लोगों से जुड़े एक मामले पर आया है, जिन्होंने कथित तौर पर नाबालिग के स्तनों को पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा फाड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश की। शुरुआत में, उन पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि उनका कृत्य बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के रूप में योग्य नहीं था, बल्कि यह गंभीर यौन हमले के कम गंभीर आरोप के अंतर्गत आता है, जो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (बी) और पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) के तहत दंडनीय है।  

आज गुवाहटी में होगा मुकाबला, राजस्थान रॉयल्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच के लिए पिच रिपोर्ट क्या कहती है?

नई दिल्ली IPL 2025 का छठा मुकाबला आज राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच है। गुवाहटी में ये मुकाबला खेला जाएगा, जिसे राजस्थान रॉयल्स का दूसरा होम ग्राउंड कहा जाता है। गुवाहटी में राजस्थान की टीम पिछले दो सीजन से कम से कम दो-दो मुकाबले खेल रही है। इस बार भी टीम दो होम गेम यहां खेलने वाली है। इनमें से एक मुकाबला तो आज ही होना है, जबकि दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके से 30 मार्च को शेड्यूल है। हालांकि, आप यहां जान लीजिए कि राजस्थान रॉयल्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच के लिए पिच रिपोर्ट क्या कहती है? क्या बल्लेबाजों की बल्ले-बल्ले होगी या गेंदबाज कहर बरपाएंगे? गुवाहटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम की बात करें तो यहां 4 मुकाबले अब तक आईपीएल के खेले गए, जिनमें पहले बल्लेबाजी करते हुए दो टीमें जीती हैं। वहीं, एक मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम जीती है। एक मैच बेनतीजा रहा है। पहली पारी का औसत स्कोर आईपीएल में इस मैदान में 135 रहा है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के आंकड़े भी इस मैदान के लगभग इसी तरह के हैं, जहां सात मैचों के बाद पहली पारी का औसत स्कोर 137 है। ऐसे में यहां हाई स्कोरिंग मैच शायद ही देखने को मिले। वहीं, अगर बात गेंदबाजी की नजरिए से करें तो यहां पेसर्स हावी रहते हैं, लेकिन स्पिनरों को भी अच्छी खासी मदद इस पिच से मिलने की उम्मीद है। आईपीएल का सैंपल साइज यहां छोटा है, लेकिन फिर भी 66.67 फीसदी विकेट पेसर्स को मिले हैं और स्पिनरों को 33.33 फीसदी विकेट मिले हैं। टी20आई क्रिकेट में पेसर्स को 52.63 और स्पिनर्स को 47.37 फीसदी विकेट मिले हैं। इससे कहा जा सकता है कि इस पिच पर गेंदबाजों का बोलबाला देखने को मिलने की पूरी संभावना है। बल्लेबाज रनों के तरसते हुए नजर आ सकते हैं।

मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार

रायपुर : जशपुर की छवि को राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर उकेरने मुख्यमंत्री साय की पहल: तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार रायपुर मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है। तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलक मुख्यमंत्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है। प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे। जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगी मयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।

छत्तीसगढ़ में CBI का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम बघेल समेत कई IAS-IPS अफसरों के घर पर छापा

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.     अब CBI आई है.     आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. मिली जानकारी के अनुसार, CBI की 10 से अधिक टीमें 26 मार्च की तड़के पहुंची है। महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के घर दबिश दी है। साथ ही अभिषेक पल्लव समेत चार IPS और सात पुलिस अफसरों के घर पर रेड पड़ी है। पूर्व सीएम के कार्यालय ने किया ट्वीट पूर्व सीएम के कार्यालय ने एक ट्वीट भी जारी किया है। जिसमें लिखा- अब सीबीआई आई है। अहमदाबाद में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित ड्राफ्टिंग कमेटी की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है। वहीं मामले को लेकर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा- भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर सीबीआई को भेजा है।    पूर्व डिप्टी सीएम ने कसा तंज मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का ट्वीट किया है। लिखा- बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है।प्रदेश की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को चलाने में असमर्थ साबित हो रही है। इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है।     बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है। ये केवल भूपेश जी छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है। CBI की कार्रवाई लोकतंत्र का हनन – पूर्व डिप्टी सीएम  पहले ED फिर CBI – जांच एजेंसियों को भाजपा की B team बन कर काम करने से फुर्सत ही नहीं है। अभी हाल में ED द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई को रिपोर्ट खुद सरकार को जब दिखानी पड़ी तो निश्चित हो गया कि यह केवल धमकाने और परेशान करने का हथियार बना हुआ है। भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है। क्या है महादेव बेटिंग ऐप? महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था. दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें. हाल ही में हुई थी ED की रेड पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था.

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