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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और अनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ माधवकृष्ण सिंघानिया ने कहा कि प्रदेश की रणनीतिक स्थिति, निवेश अनुकूल नीतियां और सुगम प्रक्रियाएं इसे निवेशकों के लिए आकर्षक स्थल बनाती हैं। उन्होंने बताया कि जेके सीमेंट ने वर्ष 2016 में कटनी में वॉल पुट्टी प्लांट की स्थापना के साथ प्रदेश में अपनी औद्योगिक यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उज्जैन और पन्ना में भी संयंत्र स्थापित किए गए। हाल ही में कंपनी ने पन्ना में 3 हजार करोड़ रूपये निवेश करने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश में उच्चस्तरीय अधोसंरचना, सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। विभिन्न सेक्टर-फोकस्ड नीतियों के माध्यम से सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार कर रही है, जिससे मध्य प्रदेश एक वास्तविक निवेश-फ्रेंडली राज्य के रूप में उभर रहा है। अवाडा ग्रुप चेयरमैन विनीत मित्तल ने भी अपने अनुभव साझा किये। दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल बैठकें हुईं कर्टेन रेजर कार्यक्रम में दिल्ली में दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल मीटिंग हुई। पहली इंटरैक्टिव राउंड टेबल प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के साथ हुई, जिसमें भारत में दूरसंचार के भविष्य और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश सरकार के स्वागत भाषण से हुई। डीपीआईआईपी के प्रमुख सचिव ने प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क की जानकारी दी, जो राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, रिलायंस जियो, एरिक्सन और नोकिया सहित प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चाओं में 5-जी, मेक इन इंडिया, दूरसंचार उपकरण निर्माण, और कौशल विकास जैसे विषयों पर जोर दिया गया। साथ ही ग्वालियर के पास प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क, सरकारी सब्सिडी, और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श हुआ। दूसरी इंटरैक्टिव राउंड टेबल, प्रमुख राजदूतों और राजनयिकों के साथ हुई। इसमें … Read more

Bird flu :छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में प्रशासन ने हजारों मुर्गे-मुर्गियां और लगभग 40 हजार अंडों को दफनाकर नष्ट कर दिया है. एहतियात के तौर पर छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगा दी है. इस आर्टिकल में जानें कि आखिर बर्ड फ्लू क्या होता है? इंसानों के लिए ये कितना खतरनाक है, मध्य प्रदेश में इस बीमारी ने कब कब दस्तक दी और इससे कैसे बचें? बर्ड फ्लू क्या होता है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक बर्ड फ्लू संक्रमण को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहा जाता है. ये टाइप-ए वायरस के कारण होता है और आमतौर पर, मुर्गे-मुर्गियों, अन्य पक्षी और पशु प्रजातियों को भी संक्रमित करता है. बर्ड फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इंसानों को भी हो सकता है. बर्ड फ्लू के कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिसमें H5N1, H7N9, H5N6 और H5N8 शामिल हैं. इनमें से कई स्ट्रेन पक्षियों की मौत का कारण भी बन जाते हैं. 1997 में सबसे पहले ये बीमारी सामने आई थी. मध्य प्रदेश में कब आया बर्ड फ्लू? 1997 में चीन में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद 2006 में भारत में पहली बार बर्ड फ्लू ने दस्तक दी. पहली बार एवियन इन्फ्लूएंजा (Bird flu) महाराष्ट्र के नवापुर के एक पोल्ट्री फार्म में हुआ था. इसके बाद से मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में समय-समय पर ये बीमारी फैलती रही है. गावी डॉट ऑर्ग के मुताबिक बर्ड फ्लू की वजह से 2006 से लेकर अबतक 1 करोड़ से अधिक मुर्गे-मुर्गियों और पक्षियों को मारा जा चुका है, जिससे मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. छिंदवाड़ा में एक महीने नहीं मिलेगा नॉनवेज हाल ही में एमपी के छिंदवाड़ा में फैले बर्ड फ्लू से बचाव लिए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. कलेक्टर के आदेश पर 1 महीने के लिए छिंदवाड़ा में चिकन/मीट बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं चिकन/मटन मार्केट से 1 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले कुल 11 वार्ड को संक्रमित एरिया घोषित किया गया है. पशुपालन व डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. एचजीएस पक्षवार ने कहा,” छिंदवाड़ा में संक्रमित क्षेत्र के 1 किमी के दायरे में 758 मुर्गियां, 38126 अंडे और 144 किलो मुर्गी दाने को जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया गया है.” बता दें कि महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद 7200 से अधिक मुर्गे-मुर्गियों को नष्ट किया गया है. इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है? एनएचएस डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ” बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी मुर्गे-मुर्गियों को मारने, खाने, पकाने, उन्हें छूने, उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से इंसानों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. पोल्ट्री फार्म या मीट मार्केट में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा हो सकता है.” बर्ड फ्लू से कैसे बचें?     अगर आपके क्षेत्र में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो हो सके तो कुछ दिनों के लिए नॉनवेज खाना छोड़ दें.     पक्षियों और जीवित मुर्गे-मुर्गियों के संपर्क में आने से भी बचें.     अधपका या कच्चा मांस खाने से बचें.     खाना खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं.     पोल्ट्री फार्म, पशु-पक्षियों के या मीट मार्केट में न जाएं.     कच्चे अंडे खाने से बचें. बर्ड फ्लू के इंसानों में क्या लक्षण होते हैं? WHO के मुताबिक, ” बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर इंसानों में इसके लक्षण वायरल फीवर की तरह तेजी से दिखाई देते हैं. जैसे- अत्यधिक खांसी, मसल्स में दर्द, तेज बुखार, बेवजह ठंड लगना, सिरदर्द आदि. वहीं कई लोगों को अचानक पेट दर्द, दस्त और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं. इसके कई स्ट्रेन इंसानों के लिए घातक भी हैं.” बर्ड फ्लू का क्या इलाज है? वर्तमान में बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है. हालांकि, इससे संक्रमित होने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं देकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश करते हैं. नॉन वेज खाना चाहिए या नहीं? इस सवाल पर लोगों को अक्सर डिबेट करते हुए देखा जाता है. नॉन वेज खाएं या न खाएं, इसे लेकर सभी की अपनी पसंद, मान्यताएं और विचार रहते हैं पर खुद साइंस की नजरों में नॉनवेज खाने के फायदे से ज्यादा नुकसान बताए गए हैं. WHO के मुताबिक अत्यधिक नॉन वेज खाने से कैंसर (खासतौर पर आंत और मलाशय का कैंसर) हार्ट डिसीज, डायबिटीज होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है. वहीं कच्चा या अधपका मांस खाने से बर्ड फ्लू के साथ-साथ कई तरह के गंभीर संक्रमण होते है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में नॉन वेज को एक बेहतर डाइट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है. लेकिन कितनी मात्रा में नॉनवेज डायट इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित है या नहीं? इस सवाल के जवाब के लिए कोई साइंटिफिक डाटा उपलब्ध नहीं है.

लोकसभा में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स बिल को पटल पर रखा, पेश हुआ, टैक्सपेयर्स को होगा फायदा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है। बीते सप्ताह केंद्र सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के बाद गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने नए बिल को पेश किया। लोकसभा में हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने बिल को सदन के पटल पर रखा। अब इस बिल को आगे के विचार-विमर्श के लिए संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। नया इनकम टैक्स बिल एक अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। नए बिल में 536 धाराएं नए बिल में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह सिर्फ 622 पृष्ठों पर अंकित है। इसमें कोई नया कर लगाने की बात नहीं की गई है। यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की भाषा को सरल बनाता है। बता दें कि छह दशक पुराने मौजूदा कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। जब यह अधिनियम पेश किया गया था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। क्या हुए हैं बदलाव नए बिल में फ्रिंज बेनेफिट टैक्स से संबंधित अनावश्यक धाराओं को हटा दिया गया है। विधेयक के ‘स्पष्टीकरण या प्रावधानों’ से मुक्त होने की वजह से इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाता है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द ‘बावजूद’ को नए विधेयक में हटा दिया गया है और उसकी जगह पर लगभग हर जगह ‘अपरिहार्य’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। टीडीएस से सैलरी तक की है बात इनकम टैक्स बिल में छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा तालिकाओं और सूत्रों के उपयोग से इसे पढ़ने के अनुकूल बनाया गया है। टीडीएस, अनुमानित कराधान, वेतन और फंसे कर्ज के लिए कटौती से संबंधित प्रावधानों के लिए तालिकाएं दी गई हैं। नए बिल में ‘करदाता चार्टर’ भी दिया गया है जो टैक्सपेयर्स के अधिकारों एवं दायित्वों को रेखांकित करता है। इस बिल में टैक्स ईयर का कॉन्सेप्ट है। इसमें आयकर अधिनियम, 1961 के असेसमेंट ईयर के टर्म को हटा दिया गया है।

Bhopal में भीख देने पर समाजसेवी की शिकायत पर दर्ज हुई पहली FIR, आरोपियों की तलाश

भोपाल भीख मांगने और भीख देने पर FIR दर्ज हुई है। यह पहली FIR है।  MP नगर थाने में यह मामला दर्ज किया गया। एक NGO से जुड़े व्यक्ति ने शिकायत की थी। जिला कलेक्टर ने शहर में भीख मांगने पर रोक लगाई है। इस आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई। भीख मांगने वाले और भीख देने वाले ट्रक ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शिकायतकर्ता ने वीडियो बनाया था। उसी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला यह मामला BNS की धारा 223 के तहत दर्ज किया गया है। यह धारा सरकारी आदेश की अवहेलना करने पर लागू होती है। जांच अधिकारी SI कुलदीप खरे ने बताया कि शिकायतकर्ता मोहन सिंह सोनी एक NGO से जुड़े हैं। वह जिला कलेक्टर द्वारा गठित टीमों का हिस्सा हैं। ये टीमें शहर में भीख मांगने वालों पर नजर रखती हैं। सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर वह अपनी टीम के साथ MP नगर के बोर्ड ऑफिस स्क्वायर से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने एक व्यक्ति को भीख मांगते और एक ट्रक चालक को उसे भीख देते देखा। उन्होंने घटना का वीडियो बनाया और MP नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने अज्ञात भिखारी और भीख देने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वीडियो की मदद से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जिला कलेक्टर के आदेश के बाद यह पहला मामला है। इससे पहले भीख मांगने वालों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई थी। यह आदेश शहर में भीख मांगने और भीख देने दोनों पर रोक लगाता है। इससे पहले भीख मांगने पर रोक तो थी, पर भीख देने पर कोई पाबंदी नहीं थी। इस नए आदेश के बाद, अब भीख देने वाले भी कानून के दायरे में आ गए हैं। अगर कोई व्यक्ति भीख मांगता या देता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेगर फ्री सिटी की कवायद यह कदम शहर में भीख मांगने की समस्या को कम करने के लिए उठाया गया है। कई लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे शहर की छवि सुधरेगी। साथ ही, यह भीख मांगने वालों को पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित करेगा। हालांकि, कुछ लोग इस कदम की आलोचना भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्या बढ़ेगी। फिर भी, प्रशासन का मानना है कि यह कदम लंबे समय में शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा। देखना होगा कि इस नए नियम का क्या असर होता है। क्या वाकई में शहर से भीख मांगने की समस्या कम होगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। भिक्षुकों को पकड़ने मैदान में उतरीं टीमें संस्थाएं दर्ज करवाएंगी एफआईआर भोपाल शहर में भिक्षावृत्ति को पूरी तरह से खत्म करने के लिए बुधवार को टीमें मैदान में उतरीं। टीमों के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भिक्षुकों से पूछताछ की और उनसे आश्रय स्थल जाने के लिए कहा। हालांकि अधिकांश भिक्षुकों ने आश्रय स्थल जाने से मना कर दिया। वहीं अब भीख देने और लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी संस्थाओं को सौंपी गई है। खासतौर से एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुकों की पहचान करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई इन टीमों को जिला पंचायत की सीईओ इला तिवारी ने बुधवार को आदेश जारी किए हैं। जिसमें बताया गया है कि एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुक की पहचान कर उनके खिलाफ आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई करने के लिए विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अधिकारी अपने अधीनस्थ टीम के सदस्यों की ड्यूटी लगाकर भिक्षावृत्ति करने वालों के खिलाफ कार्रवाइ करेंगे। इनमें अशासकीय समाजसेवी संस्था के सचिव मोहन सोनी, संगीता नेल्लोर को अध्यक्ष बनाया गया है। पकड़ने पर भड़की महिलाएं, वापस लौटी टीम शहर में भीख मांगने और देने वालों पर एफआईआर कराने के आदेश के बाद टीमें भिखारियों की तलाश कर रही है। बुधवार को एक टीम बोर्ड आफिस चौराहा पहुंची, जहां बच्चे, महिलाएं और पुरुष सामान बेचते नजर आए। पहले तो टीम को देखकर यह लोग भागे, लेकिन बाद में टीम के सदस्यों से बहस शुरू कर दी। उनका कहना था कि सामान बेचकर अपना गुजारा करते हैं, हम भिखारी नहीं हैं। इसको लेकर उपायुक्त सामाजिक न्याय आरके सिंह ने लोगों को भिक्षुक गृह ले जाने की बात कही, तो वह भड़क गए। आखिरकार टीम को वापस लौटना पड़ा।  

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा।

पाकिस्तान ने LoC पर किया सीजफायर उल्लंघन, Indian army ने भी दिया मुंहतोड़ जवाब

अखनूर पाकिस्तानी सैनिकों ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय पोस्टों पर बिना उकसावे के फायरिंग की। इसके बाद भारतीय सेना ने उन्हें उचित जवाब दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। भारतीय सैनिकों की फायरिंग में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। इससे पहले जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक आईईडी विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। गलती से सुरंग पर चढ़ने से एक अधिकारी भी घायल इसी बीच भारतीय अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को इंडियन आर्मी के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) को भी मामूली चोटें आईं। वे शाम को गलती से सुरंग पर चढ़ गए थे। जेसीओ आतंकवादी घुसपैठ रोकने वाले गश्ती दल का हिस्सा थे। घायल अधिकारी का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। भारतीय और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष विराम समझौते को 25 फरवरी, 2021 को फिर से लागू करने के बाद से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन बहुत दुर्लभ हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के तर्कुंडी क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट पर बिना उकसावे के फायरिंग की। भारतीय सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और परिणामस्वरूप दुश्मन बलों में भारी नुकसान हुआ। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशन अधिकारी (JCO) को इस शाम उसी क्षेत्र में एक लैंडमाइन पर कदम रखते हुए मामूली चोटें आईं। घायल अधिकारी को सेना के अस्पताल में भेजा गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि पिछले सप्ताह सीमा पार से शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बढ़ी हैं। यह इस साल का पहला संघर्ष विराम उल्लंघन था और पांच दिनों में सीमा पार चोथी घटना थी। सोमवार को, एक सैनिक को राजौरी जिले के नॉशेरा सेक्टर में कालाल क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट की निगरानी करते हुए सीमा पार से गोली लगने के कारण चोट आई। 8 फरवरी को राजौरी के केरी सेक्टर में भारतीय सेना की एक गश्ती पार्टी पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसने के अवसर का इंतजार कर रहे थे। 4 और 5 फरवरी की रात कृष्णा घाटी सेक्टर में लैंडमाइन विस्फोट से आतंकवादियों को नुकसान हुआ था। वे भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। 10 फरवरी को जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा का जायजा लिया। भारतीय सेना ने बताया, “GOC व्हाइट नाइट कोर, GOC एस ऑफ स्पेड्स और GOC क्रॉस्ड स्वोर्ड डिवीज़न के साथ राजौरी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वर्तमान सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तानी गतिविधियों का ऑपरेशनल अपडेट लिया।” भारत-पाकिस्तान के बीच 2021 में युद्धविराम का समझौता रिन्यू हुआ था भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी, 2021 को युद्धविराम समझौते को रिन्यू किया था। दोनों देशों ने घोषणा की कि वे जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा (LoC) पर युद्धविराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करेंगे। तब इस्लामाबाद और नई दिल्ली में जारी एक संयुक्त बयान में इसका ऐलान किया गया था। भारत और पाकिस्तान ने शुरुआत में 2003 में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान समझौते का उल्लंघन करता आया है। पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन की अन्य घटनाएं… 14 फरवरी 2024: 20 मिनट तक भारत-पाक के बीच गोलीबारी हुई, कोई घायल नहीं 14 फरवरी की शाम 5.50 बजे जम्मू के मकवाल में BSF चौकी पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने गोलीबारी की। BSF ने भी इस गोलीबारी का जवाब दिया। BSF के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलियां चलीं। हालांकि, गोलीबारी में BSF का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ है। 8 नवंबर 2023: सांबा के रामगढ़ सेक्टर में बॉर्डर पर गोलीबारी, BSF जवान शहीद 8 नवंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में पाकिस्तानी रेंजर्स ने नयनपुर पोस्ट पर फायरिंग की थी। BSF जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी में BSF जवान लाल फर्न किमा घायल हुए थे। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। यह गोलीबारी रात 12:20 बजे हुई थी। 26 अक्टूबर 2023: पाकिस्तान ने मोर्टार दागे, एक BSF जवान और महिला घायल जम्मू के अरनिया और सुचेतगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान ने 26 अक्टूबर को सीज फायर का उल्लंघन किया। इंटरनेशनल बॉर्डर पर रात 8 बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें BSF का एक जवान और एक महिला घायल हो गई। 17 अक्टूबर 2023: 2021 के शांति समझौते के बाद पहली बार पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 17 अक्टूबर को पाकिस्तानी रेंजर्स ने फायरिंग की थी। इसमें दो BSF जवान घायल हुए थे। घटना इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुबह 8:15 बजे हुई थी। BSF ने बताया था कि जवान बिजली के खंभे में चढ़कर लाइट ठीक कर रहे थे, तभी गोली लगी। 2020 में रिकॉर्ड सीजफायर उल्लंघन पाकिस्तान ने 2020 में रिकॉर्ड 4100 से ज्यादा बार सीजफायर तोड़ा था। इस दौरान नवम्बर में 128 बार, जबकि अक्टूबर में 394 बार सीजफायर तोड़ा। 2020 में सीजफायर उल्लंघन में जम्मू-कश्मीर के 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 2019 में 3233 बार सीजफायर तोड़ा गया। 2015 में 405 बार और उससे पहले 2014 में 583 बार सीजफायर तोड़ा गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-मध्यप्रदेश, ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस में भारत में अग्रणी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अब व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई दूरदर्शी सुधार लागू किए हैं। यह पहल राज्य को न केवल देश के भीतर, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी प्रमुख स्थान दिला रही है। राज्य सरकार ने व्यापारिक माहौल को अनुकूल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल प्लेटफॉर्म, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेवाओं को लागू किया है। इन नवाचारों ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बना दिया है। डिजिटलीकरण का प्रभाव ऑनलाइन पंजीकरण, लाइसेंसिंग और स्वीकृति प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण ने प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाया है। इससे उद्यमियों के लिए समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ पहल इस योजना के तहत उद्योगों को आवश्यक 22 स्वीकृतियाँ सरल प्रक्रिया के तहत प्रदान की जा रही हैं। साथ ही, नए व्यवसायों को तीन वर्षों तक विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं, जिससे उद्यमी सशक्त रूप से स्थापित हो सकें। निवेशकों के लिए सुविधा ‘इन्वेस्ट एमपी’ पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी करने में सहायता मिलती है। इससे प्रदेश में घरेलू और वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ा है। औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर निवेशकों को कम समय में औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन में सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश का योगदान भारत की “ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग” में सुधार में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। डिपार्टमेंट फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा सुझाए गए सुधारों को राज्य ने सक्रिय रूप से अपनाया है, जिससे मध्यप्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। कुल 2,432 G 2 B और G 2 C प्रक्रियाओं में सुधार कर प्रदेश ने व्यापारिक माहौल को और अधिक अनुकूल बनाया है। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से मध्यप्रदेश को जोड़ने के बाद निवेश प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो गई है। राज्य के प्रयासों से भारत ने विश्व बैंक की ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग में 79 अंकों की छलांग लगाई। अब भारत के इस टैंकिंग के टॉप-10 में पहुँचने की उम्मीद है। इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश की प्रभावशाली भूमिका रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 राज्य के इन प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता भाग लेंगे। समिट में मध्यप्रदेश में उपलब्ध व्यापार और निवेश के असीमित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और सकारात्मक नीतियों से मध्यप्रदेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में भी अहम योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई

मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में मौजूद है निवेश की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में उद्योपतियों का महत्वपूर्ण स्थान मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश-नीतियां निवेश के लिए फ्रेंडली अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि भारत तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में शामिल हुए 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई मुख्यमंत्री ने जीआईएस भोपाल के लिए उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के चमत्कारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था के बाद अब तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस कार्य में निवेशकों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव संसाधन में भी आगे है। हम उद्योगों को बढ़ाकर ही आगे बढ़ सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी विश्व भर का भ्रमण कर भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश नीति निवेशकों के लिए बहुत फ्रेंडली है। हम स्टार्ट-अप्स को विशेष महत्व दे रहे हैं। उद्योगों में विभिन्न प्रकार की रियासतों के साथ ही इस बात का सर्वाधिक ध्यान रखा जाता है कि उनके सारे काम समय से हो जाएं। मध्यप्रदेश में जमीन दिल्ली की तुलना में एक बटे 40 गुना और मुंबई की तुलना में एक बटे 100 गुना सस्ती है। मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में विशेष रूप से टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश की असीमित संभावना है। हम टेक्सटाइल्स पर 200 प्रतिशत इंसेंटिव देते हैं, हमारा कॉटन उच्च गुणवत्ता का है। मेरी जापान यात्रा के दौरान यूनिक्लो कंपनी के मलिक ने भी इस बात का उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और सुअनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ … Read more

कौन बनेगा दिल्ली का मुख्यमंत्री? रेस में Manoj Tiwari समेत ये नाम आगे..

नई दिल्ली दिल्ली में 26 साल बाद सत्ता में लौटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री किसे बनाएगी? यह सवाल अब भी कायम है। भाजपा की ओर से इसको लेकर किसी तरह का संकेत नहीं दिया गया है। लेकिन कई नाम मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अटकलें इस बात की भी तेज है कि इस बार भाजपा दिल्ली में एक पूर्वांचली को मुख्यमंत्री बना सकती है। खासकर किसी ऐसे नेता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है जिनकी जड़ें बिहार में हैं। ऐसा करके भाजपा एक एक साथ दो निशाने साध सकती है। पूर्वांचलियों को रिटर्न गिफ्ट दिल्ली में पूर्वांचली वोटर्स की एक बड़ी आबादी है। इस बार बड़ी संख्या में पूर्वांचली वोटर्स ने भाजपा का साथ दिया है, जो पिछले 2-3 चुनावों में आम आदमी पार्टी के साथ रुख कर चुके थे। भाजपा ने इस बार झुग्गी और कच्ची कॉलोनियों में बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां पूर्वांचली वोटर्स की संख्या ज्यादा है। झुग्गी बस्ती की बहुलता वाले 18 विधानसभा में से 10 पर भाजपा ने जीत हासिल की है। वहीं 10 सीटों पर कच्ची कॉलोनियों के वोटर्स हार जीत तय करते हैं और इनमें से 7 पर कमल खिला है। इस हिसाब से देखें तो 17 सीटें जितवाने में पूर्वांचलियों ने भाजपा की मदद की है। इसके अलावा अन्य सीटों पर भी उनकी कम या ज्यादा मौजूदगी है। ऐसे में भाजपा किसी पूर्वांचली को सीएम बनाकर रिटर्न गिफ्ट दे सकती है और आगे के चुनावों के लिए भी अपना बेस मजबूत कर सकती है। दिल्ली से बिहार को साध सकती है भाजपा कुछ जानकारों का मानना है कि भाजपा जिस तरह महीन राजनीति करती है और एक चुनाव के खत्म होते ही दूसरे चुनाव की तैयारी में जुट जाती है, उसको देखते संभव है कि दिल्ली से ही वह बिहार को साधने की कोशिश करे, जहां कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा राजधानी दिल्ली में बिहार के किसी नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाकर ना सिर्फ दिल्ली में मौजूद पूर्वांचलियों को खुश कर सकती है बल्कि इसका असर 1000 किलोमीटर दूर भी होने की उम्मीद है। भाजपा को आगामी बिहार चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है। बिहार से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली में रोजगार और बेहतर शिक्षा, इलाज की तलाश में दिल्ली आते जाते रहे हैं। बिहार में ऐसे कम ही परिवार आपको मिलेंगे जिसका कोई सदस्य दिल्ली में ना रहता हो। ऐसे में यदि दिल्ली में किसी बिहारी को सीएम बनाया जाता है तो एक सकारात्मक संदेश बिहार के हर परिवार तक पहुंचेगा। बिहारी बना सीएम तो किनका लग सकता है दांव? दिल्ली में भाजपा में पूर्वांचल खासकर बिहार से आने वाले कई बड़े नेता हैं। लेकिन संभव है कि जीते हुए किसी विधायक में से ही पार्टी मुख्यमंत्री बनाएगी। ऐसा होने पर अभय वर्मा, डॉ. पंकज कुमार सिंह और चंदन कुमार चौधरी की लॉटरी लग सकती है। इनमें सबसे मजबूत दावेदार अभय वर्मा को माना जा रहा है जो मूलरूप से दरभंगा के रहने वाले हैं। पेशे से वकील अभय वर्मा दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष भी हैं। वह आप की लहर में भी लक्ष्मी नगर विधानसभा से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। इस बार उन्होंने बीबी त्यागी को 11542 वोटों से मात दी है। वहीं, खगड़िया के रहने वाले चंदन चौधरी ने संगम विहार से जीत हिसाल की है। उन्होंने यहां आम आदमी पार्टी के दिनेश मोहनिया को मात दी है। पक्सर से आने वाले डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है। उन्होंने पहली बार यहां कमल खिलाया है। पंकज के पिता बाबू राज मोहन सिंह दिल्ली में एडिशनल कमिश्नर रह चुके हैं।

इंदौरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी इसी महीने मिल सकती है मेट्रो की सौगात

इंदौर  इंदौर वासियों का मेट्रो में सफर करने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। कमर्शियल रन से पहले सेफ्टी ऑडिट करने कमिश्नर मेट्रो रेल सिक्योरिटी की टीम ने  सिविल कार्यों का फाइनल निरीक्षण किया। हर विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी कार्यों की रिपोर्ट देखी। गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक 5.8 किलोमीटर में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े काम को बारीकी से जांच की गई। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अधिकारी का कहना है कि कि सभी दस्तावेज सीएमआरएस टीम को पहले ही सौंप दिए गए हैं। निरीक्षण के बाद दिल्ली में दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेट्रो का कमर्शियल रन इसी महीने से शुरू हो सकता है। निरीक्षण में सब कुछ सही मिलने पर ही सीएमआरएस की टीम ओके रिपोर्ट देगी। जिम्मेदारों के दावे के अनुसार मेट्रो का दिसंबर 2024 में कमर्शियल रन नहीं हो पाया था। अब MPMRCL के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमआरएस की टीम के निरीक्षण से पहले स्थानीय अधिकारियों ने भी पिछले दिनों पांच स्टेशन, जन सुविधा और ट्रैक सुरक्षा के पैरामीटर की जांच की थी।  एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के अधिकारी ने बताया कि सभी दस्तावेज सीएमआरएस टीम को पहले ही सौंप दिए गए हैं।  निरीक्षण के बाद दिल्ली में दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। ग्रीन सिग्नल मिलते ही मेट्रो का कमर्शियल रन इसी महीने से शुरू हो सकता है। निरीक्षण में सबकुछ सही मिलने पर ही सीएमआरएस की टीम ओके रिपोर्ट देगी। जिम्मेदारों के दावे के अनुसार मेट्रो का दिसंबर 2024 में कमर्शियल रन नहीं हो पाया। अब एमपीएमआरसीएल के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमआरएस की टीम के निरीक्षण से पहले स्थानीय अधिकारियों ने भी पिछले दिनों पांच स्टेशन, जन सुविधा और ट्रैक सुरक्षा के पैरामीटर्स की जांच की थी। जांच में इन पर फोकस – ट्रैक की सुरक्षा। – ट्रैक के नट-बोल्ट की जांच। – सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना। – स्टेशन निर्माण में उपयोगी उपकरणों को जांचना। – लोक सुविधा के लिए लगाए गए सिस्टम का ट्रायल करना। जांच में इन बिंदुओं पर फोकस… बता दें कि जांच में ट्रैक की सुरक्षा समेत ट्रैक के नट-बोल्ट की जांच, सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना, स्टेशन निर्माण में उपयोगी उपकरणों को जांचना और लोक सुविधा के लिए लगाए गए सिस्टम के ट्रायल करने जैसे पहलुओं पर फोकस किया जाएगा।

बागेश्वर धाम : कैंसर हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज के साथ ही मिलेगी सोलर पार्किंग-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की सुविधा

छतरपुर छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा, जिसका भूमिपूजन 23 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह 100 बिस्तर वाला आधुनिक अस्पताल होगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देंगे। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल के निर्माण का खर्च पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा संचालित कथा आयोजनों और दानदाताओं के सहयोग से जुटाया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अस्पताल के लिए 25 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसका नाम बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट रखा जाएगा। यहां जर्मनी और इंग्लैंड के डॉक्टर भी सेवाएं देंगे। गरीब मरीजों का इलाज निशुल्क किया जाएगा। फंड की व्यवस्था कथा से मिलने वाली राशि और दानदाताओं द्वारा की जाएगी। 100 बेड का होगा यह अस्पताल बागेश्वर धाम में बनने वाला यह कैंसर अस्पताल 100 बेड का होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश की कई बड़ी हस्तियां भूमिपूजन में आएंगे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि यह अस्पताल तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। अस्पताल की शुरुआत होने के बाद मेडिकल कॉलेज की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गरीबों को फ्री में होगा इलाज वहीं, कैंसर अस्पताल का मकसद सेवा है। यहां गरीबों का फ्री में इलाज होगा। इसके लिए एक कमिटी होगी जो इनकी पात्रता की जांच करेगी। साथ ही वहां उनके रहने खाने की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही अन्य मरीजों को भी बेहद कम खर्च में इलाज की सुविधा दी जाएगी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार यहां इलाज करने विदेशों से भी डॉक्टर आएंगे। अस्पताल में रहेंगी ये सुविधाएं बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट में तमाम आधुनिक सुविधाएं होंगी। फूड कोर्ट, एग्जीबिशन कॉम्प्लेक्स, फॉर्मेसी एंड शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सोलर पार्किंग होगी। इसके साथ पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, रेडियोथैरेपी एंडी कीमोथैरेपी की सुविधा होगी। यही नहीं नर्सिंग के कामों के लिए बागेश्वर धाम के युवाओं को अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में ट्रेनिंग दिलवाई जा रही है। जिला प्रशासन ने रद्द की छुट्टियां वहीं, बागेश्वर धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद वहां राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू भी आने वाली हैं। तीन साल में पहले चरण का निर्माण पूरा होगा अस्पताल का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा, जिसका पहला चरण तीन वर्षों में पूरा होगा। 200 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले इस अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए रहने और भोजन की उत्तम व्यवस्था होगी। बागेश्वर धाम के बच्चों को पैरामेडिकल ट्रेनिंग धाम के बच्चों को पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए उन्हें रेडियोलॉजी, सर्जरी, कीमोथेरेपी जैसे चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञता दिलाई जा रही है। इनकी शिक्षा और प्रशिक्षण का खर्च बागेश्वर धाम परिवार द्वारा उठाया जा रहा है। फंडिंग के लिए दान और दक्षिणा का योगदान अस्पताल के निर्माण के लिए देश-विदेश में बसे शिष्यों और श्रद्धालुओं से सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा, दानदाताओं से आर्थिक सहायता प्राप्त की जाएगी। बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति करेगी संचालन अस्पताल का संचालन बागेश्वर धाम ट्रस्ट समिति द्वारा किया जाएगा। इसके प्रबंधन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन होगा, जो अस्पताल के कार्यों का संचालन करेंगी। डॉक्टरों की नियुक्ति तीन स्तरों पर होगी अनुभवी मेडिकल ग्रुप्स (जैसे मेदांता, शंकर हॉस्पिटल, बिरला ग्रुप) से विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुबंध किया जाएगा। विदेशों में बसे धाम से जुड़े डॉक्टरों को समय-समय पर सेवा देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। स्थायी आधार पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति होगी, जैसे अन्य प्राइवेट अस्पतालों में की जाती है। गरीब मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज अस्पताल में गरीब मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाएगा। इसके लिए विशेष कमेटी का गठन होगा, जो पात्र मरीजों की पहचान कर उनकी सहायता सुनिश्चित करेगी। विदेशी डॉक्टर भी देंगे सेवाएं जर्मनी के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल पहले ही बागेश्वर धाम में बस चुके हैं। उन्होंने अपनी जर्मनी की संपत्ति बेचकर यहां आशियाना बनाया है और अस्पताल में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। यह अस्पताल आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और गरीबों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

फरवरी में VIP मूवमेंट का बड़ा दौर, पीएम मोदी, अमित शाह और राष्ट्रपति मुर्मु पहुंचेंगे प्रदेश

छतरपुर भोपाल में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे. इसके लिए पीएम 24 फरवरी को भोपाल आएंगे, लेकिन इससे पहले वह बागेश्वर धाम जाएंगे. जहां पीएम बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे. वहीं राष्ट्रपति 26 फरवरी को बागेश्वर धाम में आयोजित  251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में आ सकती हैं. 26 को आएंगी राष्ट्रपति वहीं, महाशिवरात्रि पर्व पर बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित 251 कन्याओं के विवाह के महामहोत्सव में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आ सकती हैं. जिन कन्याओं का विवाह होना है, उनमें 108 कन्याएं आदिवासी वर्ग की हैं. इसलिए माना जा रहा है कि राष्ट्रपति नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद देने के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विशेष आग्रह पर आ रही हैं. कैंसर अस्पताल की पीएम रखेंगे आधारशिला 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का पीएम नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करेंगे. बीते दिनों धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी. उन्होंने बताया था कि पहले चरण में 3 साल में 100 बेड का सुविधायुक्त अस्पताल बनकर तैयार होगा. जानकारी के अनुसार, अस्पताल के उद्घाटन के लिए धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को कैंसर हॉस्पिटल के भूम पूजन का निमंत्रण दिया था.   तैयारियां हुई तेज दो महीने के अंतराल में छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री का यह दूसरा दौरा होगा. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए छतरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. इसको लेकर कलेक्टर ने एक आदेश भी जारी किया है.   PM मोदी का दौरा: 23 फरवरी को MP पहुंचेंगे, 24 को GIS का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को ही मध्यप्रदेश पहुंच जाएंगे और छतरपुर के बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।  23 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – कैंसर अस्पताल की आधारशिला  24 फरवरी: भोपाल – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2025) का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को पहुंचेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 25 फरवरी को भोपाल में GIS 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर देश-विदेश के निवेशकों के साथ उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।  25 फरवरी: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संभावित दौरा – 26 फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 26 फरवरी को छतरपुर के बागेश्वर धाम में प्रवास प्रस्तावित है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।   26 फरवरी: बागेश्वर धाम, छतरपुर – राष्ट्रपति का दौरा संभावित छतरपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया है कि 11 से 26 फरवरी तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर नहीं रहेगा। VIP दौरों को लेकर सुरक्षा और तैयारियों का जायजा इन हाई-प्रोफाइल दौरों को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। भोपाल और छतरपुर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए गए हैं।

पत्नी की सहमति के बिना अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं, जानें हाईकोर्ट ने किस केस में

रायपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ सेक्सुअल रिलेशन के एक मामले में अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि किसी बालिग पत्नी के साथ सहमति के साथ या फिर उसके बिना यौन संबंध बनाने के लिए पति पर रेप या अप्राकृतिक संबंध का आरोप नहीं लगाया जा सकता है. सेक्सुअल रिलेशन बनाना या अप्राकृतिक संबंध में पत्नी की सहमति जरूरी नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुनाए अपने फैसले में कोर्ट ने एक शख्स पर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया. इसके साथ ही आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 377 और 304 से बरी कर दिया और जेल से उसकी फौरन उसकी रिहाई का आदेश दिया. कोर्ट ने क्या कहा अदालत ने कहा कि अगर पत्नी की उम्र 15 साल से कम नहीं है, तो पति का अपनी पत्नी के साथ किए गए किसी भी सेक्सुअल एक्ट को ऐसी परिस्थितियों में रेप नहीं कहा जा सकता है. ऐसे में अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पत्नी की सहमति होने की जरूरी नहीं है. इसलिए अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत केस नहीं बनता है.  जानें कोर्ट का फैसला? कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 15 वर्ष से कम नहीं है तो पति द्वारा किसी भी यौन कृत्य को किसी भी परिस्थिति में बलात्कार नहीं कहा जा सकता है। इस तरह से अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति के अभाव का महत्व खत्म हो जाता है। इस कारण अपीलकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 377 के तहत अपराध नहीं बनता है। कोर्ट ने कहा कि जहां तक अपीलकर्ता को धारा 304 के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और पेटेंट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ये इस अदालत के हस्तक्षेप के योग्य है। इस कारण कोर्ट ने अपीलकर्ता पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने पति को तुरंत जेल हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला? दरअसल कोर्ट में अपीलकर्ता मृतक-पीड़िता का पति है। Live Law के मुताबिक, अपीलकर्ता ने पीड़िता के साथ उसकी सहमति के विरुद्ध अप्राकृतिक यौन संबंध बनाया था। पीड़िता ने दर्द की शिकायत की थी और इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा मौत से पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया गया था। पीड़िता ने बयान दिया था कि पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाने के कारण वह बीमार हो गई थी। इसके बाद उसी दिन पीड़िता की मौत हो गई। ट्रायल कोर्ट ने माना था दोषी Bilaspur High court: ट्रायल कोर्ट ने पति को धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत अपराध करने के लिए दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ पति ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर की थी। दरअसल, मृतक पीड़िता का पति 11 दिसंबर 2017 की रात को कथित तौर पर अपनी पत्नी की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए. इसके बाद तबियत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई और अपीलकर्ता के खिलाफ धारा 377 आईपीसी के तहत जुर्म दर्ज की गई. पीड़िता का मृत्यु पूर्व बयान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया, जिसमें उसने कहा कि वह अपने पति द्वारा जबरदस्ती किए गए यौन संबंध के कारण बीमार पड़ गई. उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई. साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 304 (हत्या के लिए दोषी न होने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया. उन्हें डिफॉल्ट शर्तों के साथ 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इस फैसले के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष आपराधिक अपील दायर की. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि धारा 375, 376 और 377 आईपीसी के अवलोकन से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि धारा 375 आईपीसी की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर पति और पत्नी के बीच धारा 377 आईपीसी के तहत अपराध का कोई स्थान नहीं है. इस तरह बलात्कार नहीं किया जा सकता है. धारा 375 आईपीसी के अपवाद 2 पर जोर देते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक पुरुष और उसकी पत्नी के बीच यौन संबंध या यौन क्रियाएं यदि पत्नी 15 वर्ष से अधिक उम्र की है तो बलात्कार नहीं माना जाता है. नतीजतन भले ही एक पति अपनी वयस्क पत्नी के साथ धारा 377 आईपीसी के तहत परिभाषित अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता है, यह अपराध नहीं माना जाता है. न्यायालय ने धारा 304 आईपीसी के तहत अपीलकर्ता की दोषसिद्धि के संबंध में इसे “विकृत” माना और टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, आईपीसी की धारा 304 के तहत अपराध मामले के वर्तमान तथ्यों से कैसे जुड़ा है और अभियोजन पक्ष द्वारा कैसे साबित किया गया है, फिर भी इसने अपीलकर्ता को धारा 304 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया है, जो विकृति और स्पष्ट अवैधता के अलावा और कुछ नहीं है, जिस पर इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप किया जाना चाहिए.” कोर्ट ने अपीलकर्ता को सभी आरोपों से बरी करते हए उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया.

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में निवेशकों को भारत की समृद्ध व्यंजन विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा

 भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट(जीआईएस) में निवेशकों को जापानी तपन्याकी, थाई करी बाउल और मालवा के दाल बाफले परोसे जाएंगे। इसके लिए जापान से प्रशिक्षित शेफ बुलाए जाएंगे। इसके अलावा निवेशकों को बिहार का लिट्टी चोखा, हरी मूंग मेथी पापड़ की भाजी और राजवाडी रिकमज की सब्जी भी खिलाई जाएगी। जीआईएस में मोटे अनाज से बने तीखे, नमकीन और मीठे व्यंजनों का भी स्वाद चखने को मिलेगा।निवेशकों को भारत का पारंपरिक अनुभव कराने के लिए कुछ विशेष व्यंजन मिट्टी के बर्तनों में भी परोसे जाएंगे। 100 से अधिक शेफ आएंगे जीआईएस में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जीआईएस में भारत के विभिन्न राज्यों के व्यंजन भी विदेश मेहमानों को खिलाए जाएंगे। इसके लिए 100 से अधिक शेफ बाहर से बुलवाए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। फाइव स्टार होटलों के यह शेफ जीआईएस के चार दिन पहले बुला लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री सहित विदेश की प्रमुख हस्तियों के लिए अलग से शेफ बुलाए जा रहे हैं। यह भी परोसा जाएगा     पनीर खट्टा प्याज़ मसाला     दाल भाजी घंटो     मेथी के दाने की सब्जी     दाल बाफला भटे का भरता के साथ     गुड़ और घी के साथ गेहूं का खिचड़ा     फाक्सटेल बाजरा क्रेप्स     ग्नोची और रिसोट्टो     बफौरी ‘इन्वेस्ट एमपी’ एप पर मिलेगी निवेश के अवसरों की रियल टाइम जानकारी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) का लोगो और वेबसाइट लांच करने के बाद अब राज्य सरकार ने इन्वेस्ट एमपी नाम से एक एप लांच किया है। इसमें जीआईएस से जुड़ी पल-पल की अपडेट जानकारी मिलेगी, वहीं मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों की रियल टाइम जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी। वैश्विक निवेशकों के लिए यह एप एंड्राइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। यह नया एप निवेशकों को मध्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं, नीतियों और प्रक्रियाओं की जानकारी तत्काल प्रदान करने में सक्षम है। एप में एक उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस है, जो निवेशकों को दुनिया के किसी भी कोने से विभिन्न क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और सरकारी पहल का पता लगाने की सुविधा प्रदान करेगा। एप पर राज्य की नीतियों और प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। इससे सरकारी अधिकारियों से सीधा संवाद किया जा सकेगा। एप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि निवेशक एप पर मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेगा। निवेश की संभावनाओं को समझकर एप पर ही निवेश के प्रस्ताव भी दे सकेगा। एप पर डिजिटल दस्तावेजीकरण और आवेदन जमा करने की सुविधा भी ही मिलेगी।

मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा, दोनों देशों के बीच किए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

पेरिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक फ्रांस यात्रा नई दिल्ली और पेरिस के रिश्तों को मजबूत करने वाली साबित हुई है। इस दौरान दोनों देशों ने 10 एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत-फ्रांस ने जिन एमओयू/समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भारत-फ्रांस घोषणापत्र, भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के लिए 2026 के लिए लोगो की लॉन्चिंग, फ्रांसीसी स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर स्टेशन एफ में 10 भारतीय स्टार्ट-अप की मेजबानी के लिए समझौता, उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साझेदारी स्थापित करने के उद्देश्य की घोषणा, त्रिकोणीय विकास संबंधी सहयोग की घोषणा, मार्सिले में भारत के वाणिज्य दूतावास का संयुक्त उद्घाटन शामिल हैं। इसके अलावा भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और फ्रांस के इंस्टिट्यूट नेशनल डी रिसर्च एन इंफॉर्मेटिक एट एन ऑटोमेटिक (आईएनआरआईए) के बीच इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंसेज की स्थापना के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा की अहम उपलब्धि मार्सिले में मंगलवार को भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का खुलना रही। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान मार्सिले में महावाणिज्य दूतावास खोलने के निर्णय की घोषणा की गई थी। फ्रांस के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर में खुला यह नया महावाणिज्य दूतावास भारत-फ्रांस की बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “मार्सिले में एक ऐतिहासिक क्षण! राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मैंने इस जीवंत शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया, जो भारत-फ्रांस संबंधों में एक नया अध्याय है। यह वाणिज्य दूतावास एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम करेगा, जो हमारे सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के साथ मार्सिले के संबंध सर्वविदित हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यह भारतीय सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बेस था। इस शहर का वीर सावरकर से भी गहरा संबंध है। इस विशेष उद्घाटन पर मैं फ्रांस सरकार को धन्यवाद देता हूं और भारतीय प्रवासियों को बधाई देता हूं।”

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