LATEST NEWS

इंदौर-उज्जैन के मध्य बनेगी नई रोड, 29 गांवों से होकर गुजरेगी… सिंहस्थ से पहले होगी तैयार

इंदौर सिंहस्थ 2028 के लिए अहम एमआर 4(MR-4 Road) सड़क का ‘रास्ता’ निकाला जा रहा है। इसमें भागीरथपुरा के 100 से अधिक मकान बाधक हैं। सभी मकान मालिक हैं और सालों से रह रहे हैं। उन्होंने जमीन के बदले जमीन या मुआवजे की मांग की है। इस पर शासन अब निगम की पॉलिसी में बदलाव करने पर मंथन कर रहा है। जिसका पूरा मकान लिया जा रहा है उन्हें प्लॉट या बड़ा फ्लैट दिया जा सकता है। सरवटे बस स्टैंड से एमआर 4 शुरू होता है जो कि भागीरथपुरा(Bhagirathpura) होते हुए एमआर 10 स्थित कुमेड़ी के आइएसबीटी पर खत्म होता है। लवकुश चौराहा से उज्जैन रोड को मिल जाएगा। सिंहस्थ के लिए ये सड़क महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 साल पहले सड़क निर्माण आइडीए ने किया था, जिसके बाद बाधाओं को देखते हुए नगर निगम को सौंप दिया। वर्तमान में सड़क भागीरथपुरा में जाकर बॉटलनेक हो गई क्योंकि 100 के करीब मकान है, जिसमें 150 परिवार रहते हैं। ढाई साल पहले नगर निगम ने सभी को नोटिस दिए थे, लेकिन रहवासियों ने मोर्चा खोल दिया। उनका कहना था कि 1936 से बसे हैं और उनके पास रजिस्ट्री हैं। हम मकान देने के लिए तैयार है, लेकिन जमीन के बदले जमीन दी जाए, हमारे सिर पर छत नहीं होगी तो टीडीआर का क्या करेंगे। इसे लेकर कई मोर्चों पर बात रखी गई। निराकरण नहीं होने के चलते अहम सड़क अटक गई। तीन बेडरूम का फ्लैट या प्लॉट पिछले दिनों एमआर सड़कों को लेकर नगरीय प्रशासन व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक ली थी। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुद्दा उठाया। इस पर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है जिसमें सड़क या अन्य निर्माण में पूरा मकान बाधक होने पर अन्य जगह उपलब्ध कराई जाने की बात है। तीन बेडरूम का लैट दिया जाएगा या शासन से जमीन लेकर प्लॉट पट्टे पर दिया जाएगा। शासन स्तर से पॉलिसी बनाई जा रही है। रास्ता निकालना है बेहद जरूरी गौरतलब है कि वर्तमान में भागीरथपुरा(Bhagirathpura) में 12 फीट चौड़ी सड़क रह गई है जो रेलवे की जमीन है। पिछले सिंहस्थ के पहले रेलवे से कुछ समय के लिए ली गई थी जो अब वापस मांगी जा रही है। ऐसे में रेलवे अपनी जमीन पर कब्जा कर लेगा तो रास्ता बंद हो जाएगा। इसको लेकर रेलवे कई बार लिख चुका है। पीएम आवास के फ्लैट नहीं मंजूर क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी महापौर से संपर्क कर रहवासियों का पक्ष रखा। कहना था कि पीएम आवास के सिंगल बेडरूम के लैट रहवासियों को मंजूर नहीं है। उनकी जमीन लेकर हम टीडीआर पॉलिसी के सर्टिफिकेट देंगे, वह भी गलत है। नियम में बदलाव किया जाना चाहिए। 2 बस स्टैंड-3 रेलवे स्टेशन से कनेक्शन यह इंदौर की एक मात्र सड़क है जो दो बस स्टैंड व तीन रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। इसके पूरा होने से सरवटे व आइएसबीटी बस स्टैंड का सीधा कनेक्शन होगा तो रेलवे में मुय स्टेशन, नेहरू पार्क रेलवे स्टेशन व लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन कनेक्ट हो जाएगा। एमआर 4 के लिए भागीरथपुरा(Bhagirathpura) के बाधक मकानों को हटाया जाएगा। सड़क में बाधक बन रहे निर्माण को हटाने के एवज में दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर निगम की पॉलिसी में बदलाव को लेकर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगी नई रोड,सिंहस्थ से पहले होगी तैयार सिंहस्थ 2028 के लिए प्रदेश सरकार ने इंदौर के हातोद क्षेत्र से उज्जैन के सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाने की घोषणा की है, जो वर्तमान इंदौर-उज्जैन सड़क का वैकल्पिक मार्ग होगी। 1370 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क 48 किमी लंबी होगी और 29 गांवों से गुजरेगी। इसमें 20 गांव इंदौर जिले और नौ गांव उज्जैन जिले के लाभांवित होंगे। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पितृ पर्वत के पास से नई सड़क बनाई जाएगी इंदौर के हातोद क्षेत्र में पितृ पर्वत के पास से उज्जैन में सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाई जाएगी। चार लेन ग्रीन फील्ड सड़क बनाने के लिए 350 हेक्टेयर से अधिक जमीन की आवश्यकता होगी। डीपीआर और लेआउट तैयार होने के बाद सरकार की अधिसूचना के जारी होने पर जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाली नई सड़क की डीपीआर का काम शुरू कर दिया है। सड़क की डीपीआर का काम जारी इस सड़क में 70 प्रतिशत हिस्सा इंदौर और 30 प्रतिशत हिस्सा उज्जैन जिले में आ रहा है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क की डीपीआर का कार्य जारी है। इसके साथ ही अन्य काम भी किए जा रहे हैं। अगले माह डीपीआर तैयार हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में गुरूवार की सुबह शिवाय गुप्ता नामक बालक का अपहरण हो गया था। वह अपनी माता के साथ स्कूल जा रहा था। उन्होंने कहा‍कि अपहृत बालक सकुशल मिल गया है और उसकी माता-पिता से बात भी करा दी गई है। बच्चे को जल्द से जल्द माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्यप्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।  

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही, 15 नई नीतियां आएंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 24 और 25 फरवरी को राजधानी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है. इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही है. बीते 11 फरवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने 5 नीतियों में बदलाव किया है. अब 18 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में 15 और नीतियां आएंगी. सरकार को भरोसा है, कि इन नीतियों में बदलाव से मध्यप्रदेश में निवेश को गति मिलेगी और इसका फायदा प्रदेश की जीडीपी को भी मिलेगा. 2030 में 6 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है जीडीपी अधिकारियों ने बताया कि निवेश की नीतियों में बदलाव करने से मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. सरकार और जनता को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा मिलेगा. मध्य प्रदेश की वर्तमान जीडीपी 2.9 लाख करोड़ रूपये है. अब सरकार जीआईएस और निवेश नीति में बदलाव कर अगले 5 सालों में इसे 100 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाया जा सकता है. साल 2030 तक मध्य प्रदेश की जीडीपी लगभग 6 लाख करोड़ रूपये को पार कर सकती है. 5 साल में 20 लाख नए रोजगार जीआईएस से पहले निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करने, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने समेत अन्य मुद्दों पर विचार चल रहा है. अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 5 साल में 20 लाख नए रोजगार का सृजन होगा. इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किए गए हैं. निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जाएगी. अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी. साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी. इसी प्रकार नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी. गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50 प्रतिशत या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी. 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगे. रोजगार सृजन के लिए भी सरकार देगी प्रोत्साहन परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक नियोक्ता को दिया जाएगा. प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा. इसी प्रकार टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जाएगा. विकास शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जाएगी.

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ”विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.”

महाकुम्भ में अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू, 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ 10 किमी में सफाई करेंगे

प्रयागराज  माघी पूर्णिमा स्नान के साथ अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी यहां पहुंच चुकी है। मेला प्रशासन भी इसके लिए कमर कसकर तैयार है। विश्व की अमूर्त धरोहर महाकुंभ में अभी तक 48 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम पहले ही बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब पहले से घोषित चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। पहले दिन 14 फरवरी को संगम क्षेत्र में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ गंगा तट पर 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे। कुंभ-2019 में 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़कर मील का नया पत्थर गढ़ा जाना है। इसके अगले दिन 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान को रफ्तार देंगे। रिकॉर्ड की शृंखला में ही 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1000 ई-रिक्शा चलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. महाकुंभ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है. अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है. अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं. यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं. रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान : 14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे. गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है. कुंभ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा. रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी : 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे. यह भी नया कीर्तिमान होगा. नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे. रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा : 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा. रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप ( हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा. चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे. लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे. साल 2019 में लगे अर्ध कुंभ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे. एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था. 2019 में भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 3 सदस्यीय टीम ने संगम नगरी का दौरा किया था. 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 4 दिन तक आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिता में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे. कुंभ के दौरान 7000 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने एक हाथ की छाप लगाई थी. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड सियोल में 4675 लोगों ने बनाया था.  

फरवरी के अंत तक इंदौर में शुरू होगी मेट्रो रेल, 5 स्टेशन बनकर हुए कम्प्लीट

इंदौर  इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा बुधवार को पूरा किया गया। इस दौरान, टीम ने पहले दो दिनों में पांच स्टेशन का निरीक्षण किया और फिर बुधवार को दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण कार्य समाप्त होने के बाद, सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग का अंतिम दौरा होना बाकी है, जो निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इंदौर आएंगे। सुझावों के आधार पर सुधार की तैयारी सीएमआरएस द्वारा सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के निरीक्षण के बाद कुछ सुधार के सुझाव दिए गए हैं। मेट्रो प्रबंधन इन सुझावों के आधार पर स्ट्रक्चर में आवश्यक बदलाव करने की योजना बना रहा है, ताकि दौरे से पहले सभी आवश्यकताएं पूरी हो सकें। कमर्शियल रन पर फोकस अब मेट्रो प्रबंधन का मुख्य ध्यान इस माह के अंत तक कमर्शियल रन शुरू करने और यात्रियों के सफर की शुरुआत पर है। इस दिशा में, मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने इंदौर में अधिकारियों के साथ बैठक की और कमर्शियल रन से जुड़ी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन और ट्रायल की स्थिति सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जहां पर साइनेज, कुर्सियां, टिकट काउंटर और अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं। वहीं, मेट्रो कोच का ट्रायल भी वायडक्ट और प्लेटफार्म पर लगातार चल रहा है, और कमर्शियल रन की तैयारी के लिए स्टाफ की नियुक्ति भी पूरी कर ली गई है। अब कमर्शियल रन पर पूरा जोर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी द्वारा मेट्रो कोच, डिपो व 5.9 किलोमीटर के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर व उस पर बने पांच स्टेशन का निरीक्षण कार्य पूरा कर लिया है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन का अब पूरा जोर इस माह के अंत तक मेट्रो कमर्शियल रन शुरू कर उसमें यात्रियों का सफर शुरू करवाने पर है। बुधवार को मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य इंदौर आए और उन्होंने मेट्रो के अधिकारियों से चर्चा कर कमर्शियल रन संबंधित तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन पर दिखने लगी चमक, मेट्रो कोच का चल रहा ट्रायल सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर बने पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके है। स्टेशन पर साइनेज, यात्रियों के लिए कुर्सियां, टिकट काउंटर, अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शुरू हो चुकी है। वायडक्ट व प्लेटफार्म पर मेट्रो कोच को चलाकर निरंतर ट्रायल भी जारी है। प्लेटफार्म पर टिकट काउंटर, विद्युत कार्य व कमर्शियल रन संबंधित स्टाफ की नियुक्ति भी की जा चुकी है।  

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

मुख्यमंत्री ने किया विक्रमोत्सव कैलेंडर का विमोचन, विक्रमोत्सव में होंगे विविध कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी से विक्रमोत्सव-2025 का आरंभ होगा। सृष्टिकर्ता महादेव के महोत्सव से सृष्टि के आरंभ दिवस वर्ष प्रतिपदा 30 मार्च तक चलने वाला विक्रमोत्सव, सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर केंद्रित रहेगा। इसके अंतर्गत साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही ज्योतिर्विज्ञान, विचार गोष्ठियाँ, इतिहास और विज्ञान समागम, विक्रम व्यापार मेला, लोक एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप के प्रवर्तन, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, वस्त्रोद्योग, हथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी के साथ क्षेत्रीय, पौराणिक फिल्मों के महोत्सव और श्रीकृष्ण पर केन्द्रित विशेष फिल्मों का प्रदर्शन और प्रस्तुतियाँ भी विक्रमोत्सव का हिस्सा रहेंगे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ ही शोधपरक पुस्तकों, ग्रन्थों का लोकार्पण और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी होगा। सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को समाहित किए विरासत से विकास का यह विक्रमोत्सव अपने आप में अनूठा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विक्रमोत्सव-2025 की आयोजन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव का आयोजन, सम्राट विक्रमादित्य के बहुआयामी व्यक्तित्व की गरिमा के अनुरूप हो। कार्यक्रम का प्रारंभ अत्यंत निकट है, अतः सभी विभाग, समन्वयपूर्वक निर्धारित समय से पहले ही सभी तैयारियां पूर्ण करना सुनिश्चित करें। आयोजन के सहभागी बनने वाले सभी विद्वतजन, कलाकारों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों का स्वागत और व्यवस्था “अतिथि देवो भव:” के भाव से की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार का कष्ट न हो और पर्व की व्यवस्थाएं भी प्रभावित नहीं हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों पर जन-जन में जानकारी के प्रसार के लिए गतिविधियों संचालित की जाए। उन्होंने प्रदेश की भीली, गोंडी जैसी जनजातीय बोलियां के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो जैसे आयोजन हों। उन्होंने महाकौशल, बुंदेलखंड, बघेलखंड क्षेत्र में भी विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि संवत, प्रवर्तन की प्रक्रिया सामर्थ्य और सुशासन पर आधारित है, सम्राट विक्रमादित्य के विविध पक्षों पर जन-जन को जानकारी देने के लिए गतिविधियां संचालित की जाना चाहिए। उन्होंने जाणता राजा के समान विकसित महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुतियां प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ देश के प्रमुख नगरों में करने के भी निर्देश दिए। विक्रमोत्सव में होने वाले विविध कार्यक्रम “विक्रमोत्सव का भव्य शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व से होगा। प्रदेश भर में महाशिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। उज्जैन में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में विंटेज कार, स्पोर्टस बाइक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर 84 महादेव की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्राचीन भारतीय काल गणना पर आधारित “वैदिक घड़ी ऐप” का लोकार्पण होगा। कार्यक्रम में सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का निर्धारण किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत ताल वादक आनंदम शिवमणि एवं लोक गायक हंसराज रघुवंशी की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। विक्रम व्यापार मेला के अंतर्गत वस्त्रोद्योग, हथकरघा, उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित होगी। आदि शिल्प के तहत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। विक्रमोत्सव में 27 फरवरी से आर्ष भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, विक्रमकालीन मुद्रा एवं मुद्रांक, श्रीकृष्ण की 64 कलाएँ (मालवा की चितरावन शैली में), श्रीकृष्ण होली पर्व, चौरासी महादेव, जनजातीय प्रतिरूप, सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, प्राचीन भारतीय वाद्य यंत्र, देवी 108 स्वरूप और देवी अहित्या पर निर्मित स्थापत्य पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। साथ ही शैव परंपरा एवं वास्तु-विज्ञान, भारत में संवत परंपरा-वैशिष्ट्य एवं प्रमाण पर शोध संगोष्ठी होगी। वायलिन वादक अनुप्रिया देवेताले अपनी प्रस्तुति देंगी। एक से 3 मार्च 2025 तक वैचारिक समागम के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य का न्याय विषय पर मंथन होगा। आठ मार्च को लोक रंजन में बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: बैठक में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास को गति देने पर हुई चर्चा

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें शहर के प्रमुख उद्योगपति, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास को गति देने और इंदौर को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इंदौर कलेक्टर, एमपीआईडीसीए के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, जिला अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में उद्योगपतियों ने विभिन्न सुझाव दिए, जिसमें निवेश की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और निवेशकों को अधिक प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि सरकार निवेशकों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  इंदौर को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर ने भी प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान एमपीआईडीसीए के अधिकारियों ने निवेशकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उनसे इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। महिलाओं के  रोजगार पर दिया जोर बैठक में यह भी तय किया गया कि निवेशकों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पडेस्क बनाई जाएगी, जहां वे अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके साथ ही उद्योगपतियों ने प्रशासन का ध्यान महिलाओं की तरफ आकर्षित करवाते हुए कहा कि हम लोग इन्वेस्टमेंट पर तो फोकस कर रहे हैं, लेकिन महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना चाहिए । इंदौर में उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि इंदौर में पहले से ही मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी औद्योगिक विकास के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है। प्रमुख उद्योगपतियों ने सुझाव दिया कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-मॉडल इंडस्ट्रियल हब और महिला केंद्रित कॉरिडोर बनाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। इसके साथ ही, स्टार्टअप और आईटी कंपनियों के लिए विशेष ज़ोन विकसित करने की भी मांग उठाई गई।   उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर भी उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की। उनका कहना है कि कई कंपनियां विस्तार करना चाहती हैं, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार से इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी में सुधार की मांग की गई, जिसमें सब्सिडी और टैक्स से जुड़े प्रावधानों में राहत देने की बात कही गई। होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश में पर्यटन उत्सवों की तारीखें पहले से तय की जाएं, ताकि देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कही ये बात महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कानूनी और वित्तीय परामर्शदाताओं को इंदौर में स्थापित करने की जरूरत है, ताकि निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। इंदौर में औद्योगिक विकास को लेकर उद्योगपतियों ने कई अहम सुझाव दिए हैं, जिनमें महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत बदलाव की मांग शामिल है।

नवाचार और विकास की संभावनाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में मध्यप्रदेश ने बनाई पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश की उपजाऊ भूमि केवल भरपूर फसल ही नहीं, बल्कि नवाचार, सतत विकास और वैश्विक निवेश के नए द्वार भी खोल रही है। सरकार के इस रूपांतरणकारी प्रयास में दुनिया भर के निवेशकों को शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है। प्रदेश ने अपनी समृद्ध कृषि परंपरा और उन्नत कृषि तकनीकों के बल पर खुद को देश की “फ़ूड बास्केट” के रूप में स्थापित किया है। राज्य को अब तक सात कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुके हैं, जो इसकी कृषि क्षेत्र में मजबूती को दर्शाते हैं। मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति’ का विस्तार मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति’ तेजी से अपने पैर पसार रही है। राज्य में 2012 से 2023 के बीच दूध उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस विस्तार को डेयरी इन्वेस्टमेंट एक्सेलेरेटर जैसी योजनाओं से मजबूती मिली है, जो निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर डेयरी उद्योग के विकास को प्रोत्साहित कर रही है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन और उपलब्धता में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता (591 ग्राम प्रति दिन) में मध्यप्रदेश छठवें स्थान पर है। राष्ट्रीय सीएजीआर 6.18% की तुलना में मध्यप्रदेश की वृद्धि दर 8.60% है। देश के कुल दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान वर्ष 2023 में 8.73% था। खाद्य और डेयरी प्रोसेसिंग में MSMEs को बढ़ावा राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को खाद्य और डेयरी प्रोसेसिंग में आगे बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिनमें औद्योगिक विकास सब्सिडी, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए वित्तीय सहायता और बिजली शुल्क में छूट शामिल है । पीएमएफएमई योजना से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लाभ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे इस क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। बड़े निवेशकों के लिए आकर्षक सुविधाएं राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाले बड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। इसमें निर्यात इकाइयों को लाभ, हरित औद्योगिकीकरण (ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन) को बढ़ावा और कोल्ड चेन और वेयरहाउस जैसे खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार के इन प्रयासों से राज्य का खाद्य और डेयरी उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, बल्कि पूरे देश के डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश की बयार: ‘सीड टू शेल्फ’ में वैश्विक निवेशकों का स्वागत मध्यप्रदेश खाद्य प्र-संस्करण और कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, रणनीतिक नीतियों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के कारण ‘भारत की खाद्य टोकरी’ की उपाधि का वास्तविक हकदार बना है। अब, यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के जरिए वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तैयार है। खाद्य प्र-संस्करण में निवेश का हब बना मध्यप्रदेश राज्य सरकार की निवेश नीति को उद्योग जगत के सकारात्मक रुझान से बल मिल रहा है। पेप्सी -को, कोका कोला और अमूल जैसी शीर्ष वैश्विक कंपनियां पहले ही राज्य में निवेश कर चुकी हैं, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बन गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025: “सीड टू शेल्फ” सत्र पर फोकस 25 फरवरी 2025 को ‘इंवेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के तहत “सीड टू शेल्फ” थीम पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का उद्देश्य कृषि, खाद्य प्र-संस्करण और बागवानी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना होगा। इस सत्र में अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्गज और निवेशक एक मंच पर आएंगे, जिससे नई साझेदारियों और व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल मध्यप्रदेश को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

वित्त मंत्री सीतारमण ने पेश किया नया आयकर बिल, अब सेलेक्ट कमेटी करेगी समीक्षा, नियमों में क्या होंगे बड़े बदलाव

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने नया इनकम टैक्स बिल 2025 लोकसभा में पेश कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को इस बिल को पेश करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से निवेदन किया कि वे इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दें. विपक्षी दलों ने नया इनकम टैक्स बिल पेश किए जाने का विरोध किया, लेकिन सदन ने बिल पेश करने के सरकार के प्रस्ताव को वॉयस वोट से पास कर दिया. नया इनकम टैक्स बिल पुराने इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की जगह लेगा और इसके जरिये टैक्स से जुड़े पुराने नियमों और परिभाषाओं में कई अहम बदलाव भी किए जाएंगे. समीक्षा के लिए सेलेक्ट कमेटी में जाएगा बिल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया कि इस बिल (New Income Tax Bill 2025) को रिव्यू करने के लिए एक सेलेक्ट कमेटी बनाई जाए. यह सेलेक्ट कमेटी नए बिल के प्रावधानों को पढ़ने-समझने और उनकी समीक्षा के बाद अपनी तरफ से जरूरी सुझाव देगी. समिति का उद्देश्य नए बिल के तमाम पहलुओं पर विचार करके उसे और असरदार बनाना होगा और यह लोकसभा के अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. टैक्स टर्मिनोलॉजी में बड़े बदलाव नए इनकम टैक्स बिल को पेश करने का मुख्य मकसद टैक्स कानूनों को आसान और आधुनिक बनाना है. इसमें कई पुराने शब्दों को बदलकर नए शब्द शामिल किए गए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को समझना आसान होगा. मिसाल के तौर पर आकलन वर्ष यानी “असेसमेंट इयर” (Assessment Year) और “पिछले वर्ष” (Previous Year) की जगह अब “टैक्स इयर” (Tax Year) शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे टैक्सपेयर्स को अपने वित्त वर्ष और आकलन वर्ष के बीच के अंतर को समझने में आसानी होगी. इसी तरह नए बिल में “वर्चुअल डिजिटल एसेट” और “इलेक्ट्रॉनिक मोड” जैसी नई शब्दावली (Terminology) जोड़ी गई हैं, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े प्रावधानों को बेहतर ढंह से समझा जा सकेगा. टोटल इनकम की परिभाषा में सुधार बिल में टोटल इनकम और टैक्सेबल इनकम की परिभाषा को ज्यादा स्पष्ट किया गया है. पुराने कानून में भारतीय निवासियों की ग्लोबल इनकम पर टैक्स लगता था, जबकि गैर-निवासियों पर केवल भारत में हुई कमाई पर ही टैक्स लगाया जाता था. नए बिल में भी यह नियम बरकरार रखा गया है लेकिन “डीम्ड इनकम” यानी संभावित आय की स्पष्ट परिभाषा दी गई है. इसमें कुछ खास व्यक्तियों को किए गए भुगतान को भी टैक्सेबल इनकम में शामिल किया गया है. इससे टैक्सपेयर्स और विदेशी कंपनियों के लिए नियम ज्यादा ट्रांसपेरेंट हो जाएंगे. डिडक्शन और छूट के नियमों में बदलाव नए बिल में टैक्स छूट और कटौतियों (deductions and exemptions) को बेहतर ढंग से पेश किया गया है. पहले इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 के सेक्शन 10 और 80C से 80U के तहत अलग-अलग तरह के टैक्स डिडक्शन और एग्जम्प्शन मौजूद थे. नए इनकम टैक्स बिल में इन सभी को सेक्शन 11 से 154 के तहत रखा गया है और कुछ नई प्रावधान जोड़े गए हैं. यह नए प्रावधान स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाए जा रहे हैं. कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव कैपिटल गेन्स टैक्स के सेक्शन्स में भी कुछ बदलाव लाए गए हैं. पुराने कानून के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स को सेक्शन 45 से सेक्शन 55A के तहत रखा गया था और यह टैक्स, निवेश की अलग-अलग अवधि के आधार पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म में बंटा था. साथ ही सिक्योरिटीज या इक्विटी के लिए टैक्स की खास दरें लागू थीं. नए बिल में भी क्लॉज 67 से 91 के तहत यह कैटेगराइजेशन बरकरार रखा गया है, लेकिन वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए अलग से स्पष्ट नियम जोड़े गए हैं. माना जा रहा है कि इससे क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स पर टैक्स लगाने की प्रक्रिया ज्यादा ट्रांसपेरेंट हो जाएगी. नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स के लिए नए नियम नए बिल में नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स (non-profit organizations) के लिए भी टैक्स से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं. पुराने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 11 से 13 के तहत कुछ विशेष कामों के लिए टैक्स में छूट मिलती थी, लेकिन कंप्लायंस के नियम साफ नहीं थे. नए बिल में सेक्शन 332 से 355 के तहत इन संगठनों के लिए टैक्स छूट की परिभाषा को साफ किया गया है. साथ ही इसमें यह भी तय किया गया है कि नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स किन शर्तों के तहत बिजनेस एक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं और उन्हें टैक्स में छूट कैसे मिलेगी. सरकार का मानना है कि नए टैक्स बिल के जरिये पेश किए जा रहे इन बदलावों से टैक्स से जुड़े नियम आसान होंगे और टैक्स सिस्टम को ज्यादा असरदार बनाया जा सकेगा. नए आयकर कानून में मूल्यांकन वर्ष की अवधारणा होगी समाप्त एक बार कानून बनने के बाद आयकर विधेयक 2025 छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। पहले का कानून समय के साथ और विभिन्न संशोधनों के बाद काफी जटिल हो गया है, इसलिए इसकी जगह नया आयकर विधेयक लाया जा रहा है। सरकार की ओर से प्रस्तावित नए कानून में, आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित ‘पिछले वर्ष’ (FY) शब्द को बदलकर ‘कर वर्ष’ कर दिया गया है। इसके साथ ही, मूल्यांकन वर्ष (AY) की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है। नए कानून में कर निर्धारण वर्ष की अवधारणा होगी समाप्त वर्तमान में, पिछले वर्ष (2023-24) में अर्जित आय के लिए, कर का भुगतान निर्धारण वर्ष (2024-25) में किया जाता है। इस नये विधेयक में पिछले वर्ष और निर्धारण वर्ष की अवधारणा को हटा दिया गया है और सरलीकृत विधेयक में केवल कर वर्ष की बात कही गई है। आयकर विधेयक, 2025 में 536 धाराएं शामिल हैं, जो वर्तमान आयकर अधिनियम, 1961 के 298 धाराओं से अधिक हैं। मौजूदा कानून में 14 अनुसूचियां हैं जो नए कानून में बढ़कर 16 हो जाएंगी। पिछले छह दशकों में पुराने आयकर कानून में हुए हैं कई बदलाव हालांकि, नए आयकर विधेयक में भी वर्तमान कानून की तरह ही अध्यायों की संख्या 23 ही रखी गई है। जबकि पृष्ठों की संख्या काफी कम होकर 622 हो गई है, जो वर्तमान के भारी-भरकम अधिनियम का लगभग आधा है। वर्तमान में जो कानून अमल में है, उसमें पिछले छह … Read more

दलाई लामा को Z कैटेगरी सिक्योरिटी, IB की थ्रेट रिपोर्ट के आधार पर मिली सुरक्षा

नई दिल्ली  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है.इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा खतरे की रिपोर्ट मिलने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है. 89 वर्षीय दलाई लामा की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. इसमें उनके आवास पर सशस्त्र स्टेटिक गार्ड के अलावा 24 घंटे सुरक्षा देने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी और शिफ्ट में काम करने वाले सशस्र कमांडो शामिल हैं. इस बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के तहत 89 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु को कुल 33 सुरक्षाकर्मी मिलेंगे, जिनमें उनके आवास पर तैनात सशस्त्र स्टैटिक गार्ड, चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी और शिफ्ट में सशस्त्र अनुरक्षण करने वाले कमांडो शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित ड्राइवर और निगरानी कर्मी हर समय ड्यूटी पर रहेंगे. 33 सुरक्षाकर्मियों में 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड शामिल हैं जो उनके घर पर रहेंगे. इसके अलावा 6 राउंड द क्लॉक पीएसओ,12 तीन शिफ्ट में आर्म्ड स्कॉर्ट के कमांडो, 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे. 1959 से भारत में रह रहे दलाई लामा तिब्बत में चीनी शासन से भागने के बाद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 1959 से भारत में रह रहे हैं. उनके वैश्विक प्रभाव और तिब्बत के इर्द-गिर्द संवेदनशील भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए भारत सरकार उन्हें उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवर प्रदान करती है. पिछले कुछ वर्षों में, खुफिया रिपोर्टों ने चीन समर्थित अभिनेताओं सहित विभिन्न संस्थाओं से दलाई लामा के जीवन को संभावित खतरों का संकेत दिया है, जिससे उनकी सुरक्षा भारतीय अधिकारियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है. कई तरह की होती है सुरक्षा व्यवस्था बता दें कि भारत सरकार की ओर से देश के कुछ लोगों को खास तरह की सिक्योरिटी दी जाती है. केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बना रखी है. इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है. खतरे के हिसाब से व्यक्ति को सुरक्षा दी जाती है. कैटेगरी बढ़ने के साथ-साथ खर्चा भी बढ़ता जाता है. किस कैटेगरी की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है. हालांकि, अनुमान है कि Z+ कैटेगरी की सुरक्षा पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का खर्चा आता है. सके अलावा एक एसपीजी सिक्योरिटी होती है, जो सिर्फ देश के प्रधानमंत्री को मिली है. एसपीजी एक अलग फोर्स की तरह है, जो सिर्फ प्रधानमंत्री को कवर करती है. कैसी होगी सुरक्षा व्यवस्था? 33 सिक्योरिटी फोर्सेज में 10 सशस्त्र स्टैटिक गार्ड जो उनके घर पर रहेंगे. वहीं, 6 निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जो चौबीसों घंटे उनके साथ मौजूद रहेंगे. साथ ही 12 कमांडो जो तीन शिफ्टों में उन्हें सुरक्षा देंगे. 2 वॉचर्स जो शिफ्ट में निगरानी करेंगे. 3 ट्रेंड ड्राइवर, जो हर समय उनके काफिले में साथ रहेंगे. इसके अलावा, उनकी सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और अन्य व्यवस्थाएँ भी लागू की गई हैं. कौन हैं  बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा? दलाई लामा का जन्म सन् 1935 में ल्हामो थोंडुप के रूप में हुआ था. जब वे 2 साल के थे, तब उन्हें उनके पूर्ववर्ती तिब्बती धर्मगुरु का पुनर्जन्म माना गया. साल 1940 में उन्हें तिब्बत की राजधानी ल्हासा में 14वें दलाई लामा के रूप में मान्यता दी गई. वहीं,  1950 में चीन ने तिब्बत पर हमला किया. इसके बाद सन 1959 में चीन के खिलाफ एक विद्रोह असफल हो गया, जिसके कारण दलाई लामा भारत आ गए. तब से वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं. उनके अहिंसा और शांति के प्रयासों के लिए सन 1989 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

सीएम मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर रहेंगे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

नौरोजाबाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जो नगर के नागरिकों के लिए गौरव का विषय होगा। इसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। विकास कार्यों को मिलेगी गति मुख्यमंत्री के आगमन से नौरोजाबाद में विकास की नई धारा बहेगी। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम यादव के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाया जा सके। दौरे को लेकर तैयारियां जारी मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस दौरे से नौरोजाबाद को कई विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री यादव आएंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। सीएम यादव नौरोजाबाद में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे।  

एमपी टूरिज्म बोर्ड और वी रियल संस्था के बीच हुआ एमओयू,विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को एमपी टूरिज्म बोर्ड और फिनलैंड की संस्था वी रियल के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालयों पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वर्चुअल टूर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवंत अनुभूति देने वाले इन वर्चुअल टूर के माध्यम से अब पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रूचि रखने वाले व्यक्ति, अपने देश में रहते हुए मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों और एतिहासिक धरोहरों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी और विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविर्ता का शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को प्रदर्शित करती कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वी-रियल द्वारा इतिहास, संस्कृति, और धरोहर का उन्नत तकनीक के माध्यम से वीडियो निर्माण कर संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाता है। कंपनी इस वर्चुअल टूर को अपने प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराती है, जो वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित टूर और ट्रैवल संस्थानों सहित आम नागरिकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। आज हुए इस एमओयू से मध्यप्रदेश के इतिहास और संस्कृति की अद्यतन जानकारी वर्चुअल स्वरूप में वैश्विक स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी, वी रियल संस्था के सीईओ जोहानेस स्वॉर्डस्टॉर्म सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet