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प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में , रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सभी 62 जिला अध्यक्षों का चुनाव हो गया है। अब सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव ही बाकी है। पार्टी ने पहले ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम तेजी से आगे आया है। खंडेलवाल को संघ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के अन्य नेताओं का समर्थन मिल रहा है। हेमंत खंडेलवाल के पिता स्व. विजय खंडेलवाल भी भाजपा के नेता थे, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत और पार्टी से बहुत गहरा जुड़ाव है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हेमंत खंडेलवाल के संघ से जुडे होने और विवादों से दूर रहने के चलते पार्टी अब धीरे धीरे उनके नाम पर सहमति बना रही है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल पांच साल का हो चुका है और उन्हें फिर से मौका मिलने की संभावना कम है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए हेमंत खंडेलवाल पहली पसंद बन गए हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधना चाहेगी। ऐसे में संभावना है कि नया अध्यक्ष सामान्य, आदिवासी या महिला वर्ग से हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद डिप्टी सीएम और मंत्रियों के लिए भी जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा था। अभी अध्यक्ष पद की रेस में कई सीनियर नेता भी दावेदार हैं। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा सीनियर नेता को कमान सौंपती है या फिर किसी नए चहेरे पर दांव लगाती है।   नरोत्तम मिश्रा- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। वह सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है। फग्गन सिंह कुलस्ते- पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता फग्गन सिंह कुलस्ते आदिवासी वर्ग से आते हैं और मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग की अहमियत को देखते हुए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है। वीडी शर्मा– वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी रेस में हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार कर सकती है। अरविंद भदौरिया- पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है।    

MP में ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों प्रति वर्ष चार लाख घर बनाए जाएंगे, शुरुआत 2025-26 से हो जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में 12 लाख आवास बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार इसकी सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। प्रति वर्ष चार लाख आवास बनेंगे। इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2025-26 से हो जाएगी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 54 हजार 832 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा है। इससे निर्माण कार्य में गति आएगी। वहीं, जल जीवन मिशन को वर्ष 2028 तक संचालित किए जाने की घोषणा ने भी मध्य प्रदेश को राहत दी है। 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 77,952 करोड़ रुपये की 22 हजार 408 परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हैं। मिशन के संचालन से प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल है। लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य गरीब कल्याण मिशन में आवास को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद है कि राज्य को लक्ष्य के अनुरूप राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही नारी सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसकी पूर्ति के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। राज्य बजट से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई जल जीवन मिशन में वर्ष 2023-24 में 10,773 करोड़ रुपये व्यय किए गए थे। 2024-25 में 17 हजार करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। अभी 2,622 करोड़ रुपये की किस्त मिली है। 1,422 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मांगी गई है। राज्य बजट से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। लक्ष्य प्राप्ति में सहायता मिलेगी मिशन की अवधि बढ़ाने से मिशन के अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता मिलेगी। उधर, स्कूली बच्चों में साइंस, टेक्नोलाजी, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति रुचि जगाने के लिए अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला और माध्यमिक स्कूलों में ब्राडबैंड सुविधा के प्रविधान का लाभ भी मध्य प्रदेश को होगा। युवा, नारी और किसानों पर केंद्रीत बजट उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा ने कहा कि बजट गरीब कल्याण, युवा कल्याण, नारी शक्ति और किसानों की समृद्धि पर केंद्रित है। विशेष पूंजीगत सहायता योजना का विशेष लाभ होगा, क्योंकि पूंजीगत व्यय के मामले में मध्य प्रदेश का अच्छा प्रदर्शन रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण की सीमा बढ़ाने, सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए ऋण गारंटी कवर दस करोड़ रुपये करने से प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विस्तार होगा।

देश के पहले सफेद टाइगरों का ब्रीडिंग सेंटर को CZA की मंजूरी, रीवा में खुलेगा बाघ प्रजनन केंद्र

रीवा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गोविंदगढ़ में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र के प्रस्ताव को सीजेडए ने मुकुंदपुर, सतना में महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव सफेद बाघ सफारी और चिड़ियाघर के लिए संशोधित मास्टर (लेआउट) योजना के हिस्से के रूप में मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 9 और 17 दिसंबर, 2024 को अपनी 114वीं बैठक के दौरान विशेषज्ञ समूह द्वारा की गई सिफारिशों और 19 दिसंबर, 2024 को अपनी 112वीं बैठक में तकनीकी समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद दी गई है। डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल का कहना एमपी के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्र सरकार के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि सफेद बाघ प्रजनन केंद्र की स्थापना से सफेद बाघों की आबादी बढ़ाने और क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। शुक्ला ने कहा कि सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए समर्पित है। मील का पत्थर साबित होगा निर्णय उन्होंने गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की मंजूरी को इन प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जो वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी होने के राज्य के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। मध्य प्रदेश ने अपने अनुकरणीय वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए ‘टाइगर स्टेट’, ‘लेपर्ड स्टेट’ और ‘चीता स्टेट’ का खिताब अर्जित किया है। वन्यजीव कार्यकर्ता ने जताई चिंता हालांकि, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को एक पत्र भेजकर व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को लेकर चिंता जताई है। दुबे का मानना है कि यह वन्यजीव संरक्षण सिद्धांतों के विपरीत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा सफेद बाघों की सुरक्षा और उनकी संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश बाघों की संख्या के मामले में देश में सबसे आगे है और यह पहल राज्य की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी.  बता दें कि 3 अप्रैल 2016 को रीवा के मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू की स्थापना की गई थी. महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव के नाम से व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर में बनी है. दो सफेद बाघिनों विंध्या और राधा की मौत के बाद फिलहाल इस सफारी में 5 और व्हाइट टाइगर हैं. 

दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी :सीएम डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन का भूमिपूजन किया, उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने ठान लिया है कि अब वो केजरीवाल की सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे मुख्यमंत्री ने आज बसंत पंचमी के अवसर पर भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन के भूमिपूजन एवं कार्यारम्भ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने  पौधरोपण कर राष्ट्रीय शोधार्थी समागम पोस्टर का विमोचन कर शुभकामनाएं दीं। दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, सत्य है कि शोध से ज्ञान केवल संरक्षित नहीं होता है, अपितु मानव कल्याण के दीप को भी दीर्घ काल के लिए प्रदीप्त कर देता है। भारतीय विचार, संस्कार एवं श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के विचारों पर शोध एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में  दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी मीडिया से बात करते हुए सीएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैंने भी प्रचार किया है सच में दिल्ली के लोगों ने ठान लिया है कि अब केजरीवाल सरकार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को बर्बाद किया है यमुना जी को गंदा किया है, हर कोई दुखी है, अब तो इनके गठबंधन की साथी कांग्रेस भी इनपर हमलावर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा केजरीवाल के वादों को सुनकर जनता ने भरोसा किया था लेकिन ये झूठ की मशीन निकले। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी मुख्यमंत्री ने फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सवाल पर कहा, हमने 7 रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव  आयोजित की जिसका असर मुझे विदेशी दौरों में दिखाई दिया है, पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से भारत आर्थिक प्रगति कर रहा है उसे देखते हुए बाहर के निवेशकों में बहुत उत्साह है मुझे लगता है ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी। बोले हमें भरोसा पूरा महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न होगा डॉ मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से जुड़े सवाल पर कहा कि बसंत पंचमी पर आज लाखों श्रद्धालुओं ने आनंद के साथ स्नान किया है, सभी अखाड़ों ने निर्विघ्न स्नान किया है, श्रद्धालुओं को भी कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पिछले स्नान पर जो घटना हुई उससे मन दुखी है हमें उम्मीद है कि 24 फरवरी महा शिवरात्रि तक आयोजित ये महाकुंभ अच्छे से संपन्न होगा।

भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ महाकुंभ पहुंचकर गंगा स्नान किया

महाकुम्भनगर  बसंत पंचमी पर महाकुम्भ में भारत के हर राज्य और हर जाति लोगों ने एक साथ संगम में अमृत स्नान किया। इसके साथ दुनिया भर के कई देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे और जय श्री राम, हर हर गंगे, बम बम भोले के उद्घोष के साथ भारतीय जनमानस के साथ घुल मिल गए। अमृत स्नान पर महाकुम्भ नगर में एकता का महाकुम्भ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंचकर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगाकर लोग उत्साह से लबरेज नजर आए। आस्था का संगम महाकुम्भ के इस ऐतिहासिक मौके पर संगम का तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया। आस्था का ऐसा संगम हुआ कि संगम की रेत तक नजर नहीं आ रही थी। हर जगह सिर्फ मुंड ही मुंड नजर आ रहे थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश समेत हर राज्य, हर जाति के लोग और अन्य देशों से आए विदेशी नागरिकों ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। अमेरिकी, इजरायली, फ्रांसीसी समेत कई अन्य देशों के नागरिक गंगा स्नान करते हुए भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत हुए। वे भी बम बम भोले के नारे लगाते हुए उत्साह से झूमते नजर आए। महाकुम्भ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की ब्रांडिग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्य और भव्य महाकुम्भ का अलौकिक आयोजन किया गया है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुम्भ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा बढ़ा दी है। महाकुम्भ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। संगम के तट पर जय श्री राम और हर हर गंगे के उद्घोष से माहौल बना और श्रद्धालु श्रद्धा से गंगा में डुबकी लगाते रहे। हर वर्ग, संप्रदाय के लिए समानता का भाव प्रयागराज का महाकुम्भ विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्नक्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भण्डारों में खाना खा रहे हैं। महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देखकर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषायी, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन,पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भण्डार सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिनरात खुले हैं जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुम्भ मेले में भारत कि विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है। अनवरत जारी है सनातन संस्कृति की परंपरा महाकुम्भ में सनातन परंपरा को मनाने वाले शैव, शाक्त, वैष्णव, उदासीन, नाथ, कबीरपंथी, रैदासी से लेकर भारशिव, अघोरी, कपालिक सभी पंथ और संप्रदायों के साधु,संत एक साथ मिलकर अपने-अपने रीति-रिवाजों से पूजन-अर्चन और गंगा स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर लाखों की संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आए हैं। अलग-अलग जाति, वर्ग, भाषा को बोलने वाले साथ मिलकर महाकुम्भ की परंपराओं का पालन कर रहे हैं। महाकुम्भ में अमीर, गरीब, व्यापारी, अधिकारी सभी तरह के भेदभाव भुलाकर एक साथ एक भाव में संगम में डुबकी लगा रहे हैं। महाकुम्भ और मां गंगा, नर, नारी, किन्नर, शहरी, ग्रामीण, गुजराती, राजस्थानी, कश्मीरी, मलयाली किसी में भेद नहीं करती। अनादि काल से सनातन संस्कृति की समता,एकता कि ये परंपरा प्रयागराज में संगम तट पर महाकुम्भ में अनवरत चलती आ रही है।

कैंसर देखभाल में क्रांति लाने के लिए विशेष बजट प्रावधान : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत विज़न से प्रेरणा लेते हुए निरंतर प्रयासरत है। हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और किफायती रूप से मिल सकें। इसी दिशा में राज्य और केंद्र सरकार ने कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कैंसर देखभाल के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैंसर की दवाओं को सुलभ और सस्ती दर में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इसके अलावा, हर ज़िले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया गया है, जिससे कैंसर डायग्नोसिस और उपचार की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिल सकेगी। राज्य सरकार भी इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दे रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों में सर्वाइकल कैंसर की वीआईए जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस जांच को प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार करवाना आवश्यक है। जिला अस्पतालों में बायोप्सी सैंपलिंग और मेडिसिन कीमोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करते हुए कैंसर के इलाज को मेडिकल कॉलेजों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में सुलभ बनाया गया है। पहले जहां कैंसर का उपचार केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध था, अब राज्य के विभिन्न जिलों में, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कैंसर सहित असंचारी रोगों की पहचान के लिए सीबैक फॉर्म भरवाए गए हैं। जिसके आधार पर एनसीडी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का उपचार एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाईपरटेंशन और कैंसर जैसे असंचारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए इनकी समय पर पहचान और समुचित उपचार आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत कैंसर के उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी इस योजना के तहत महंगे इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। जिला अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोसिस सुविधाएं पात्र हितग्राहियों के लिए निःशुल्क तथा अन्य नागरिकों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सभी के लिए स्वास्थ्य” विज़न को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बजट प्रावधान महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। राज्य सरकार हर नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्पित है।  

जेसी मिल के श्रमिकों की देनदारियों को लेकर सीएम यादव ने की बैठक 6 फरवरी

ग्वालियर मुख्यमंत्री ने जेसी मिल मजदूरों की देनदारी चुकाने के लिए दीपावली तक का समय दिया है। देनदारी चुकाने के लिए सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है, लेकिन बैंकों की देनदारी करोड़ों में निकली हैं। भारतीय स्टेट बैंक का बकाया 2 हजार 930.61 करोड़ रुपए का है। मिल की संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखी है। बैंक की देनदारियों को निर्धारित करने के लिए संपत्तियाें का फिर से सर्वे किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल में देनदारी के प्रस्ताव पर बैठक भी है। इस बैठक में देनदारी के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हाईकोर्ट में मार्च में जेसी मिल की याचिका पर सुनवाई होगी। इस सुनवाई में देनदारी के प्रस्ताव के संबंध में अवगत कराया जाएगा।  दरअसल मध्य प्रदेश सरकार की पहल पर इंदौर के हुकुमचंद मिल के मजदूरों को देनदारी वापस मिल चुकी है। इस तर्ज पर जेसी मिल के मजदूरों को भी देनदारी देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव भोपाल जा चुका है, लेकिन संपत्ति बेचने का अधिकार शासन के पास नहीं है। इस कारण फंड एकत्रित नहीं हो पा रहा है। मिल के ऊपर 131 करोड़ की देनदारी बताई थी, जिसमें 8000 हजार मजदूर और 8 बैंकों का बकाया बताया था। इतना पैसा मिल की संपत्ति को नीलाम करके मिल सकता था, लेकिन एसबीआई का 2 हजार 930.61 करोड़ निकला है। यह बड़ी रकम है, जिसे चुकाना संभव नहीं है। लश्कर एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव का कहना है कि संपत्ति का फिर से आंकलन किया जा रहा है। मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बीते 25-30 साल पुराने मामले में जमीनों का निराकरण कर रहे हैं, बंद हो चुकी इंडस्ट्रीज और उनकी जमीनों के मामलों को सुलझा रहे हैं. जेसी मिल के मामले में दो बार की बैठक हो चुकी है, दो बार की और होनी है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी मिलों के मामले निपटाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इंदौर, उज्जैन के बाद ग्वालियर की जेसी मिल का निराकरण करना है. जल्दी से जल्दी जेसी मिल के मजदूरों को उनका पैसा मिल सकेगा. औद्योगिक विकास के प्रयास जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के प्रयास जारी हैं. इसके लिए फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में होने जा रही है, इससे पहले राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित करने का सिलसिला जारी है. प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना हुआ है. ऐसे प्रयासों से और ताकत मिलेगी. जीतू पटवारी के बयान पर क्या बोले मोहन यादव? वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कथित कैंसर वाले बयान पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा दूसरे बड़े-बड़े कांग्रेस नेता कैंसर बता रहे हैं, लेकिन कैंसर किसको है, यह समझ में नहीं आ रहा है. कांग्रेस को अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए. एक महत्वपूर्ण बात है कि कांग्रेस में अपनी बात कहने का एक नया रिवाज शुरू हो गया है. जमीन से जुटाया जाना है फंड, हाउसिंग बोर्ड को देने का था प्रस्ताव -जेसी मिल के पास खुद के स्वत्व की 150 बीघा जमीन है। इसमें 100 बीघा जमीन खाली है और 50 बीघा जमीन पर अतिक्रमण है। जेसी मिल की जमीन पर मजदूरों का भी कब्जा है। -जेसी मिल के पास सरकार की भी जमीन थी। यह जमीन शासन को वापस मिल गई है। शासन ने इस जमीन पर मिल मजदूरों को 500 पट्टे दे दिए हैं। -जेसी मिल की जमीन पर भी क्वार्टर बने हैं। इन क्वार्टरों में अभी मजदूर निवास कर रहे हैं। -जमीन के संबंध में फैसला लेने का अधिकार लिक्विडेटर के पास है। -हाईकोर्ट में 1997 से कंपनी पिटीशन लंबित हैं। मिल प्रबंधन व मजूदरों के खिलाफ पिटीशन लंबित है।

राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश

राजस्थान राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश किया गया है। इस बिल का उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकना है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इसे बजट सत्र में पेश किया, और जल्द ही इस बिल पर बहस के बाद इसे पारित किया जाएगा। लव जिहाद पर क्या है प्रावधान? बिल के तहत लव जिहाद को एक गंभीर अपराध माना गया है। अगर किसी व्यक्ति ने शादी के जरिए धर्म बदलवाने की योजना बनाई है, तो उसे लव जिहाद के तहत माना जाएगा। अगर यह साबित हो जाता है कि शादी का मुख्य उद्देश्य धर्म परिवर्तन है, तो फैमिली कोर्ट उस शादी को अमान्य कर सकता है। इस बिल में लव जिहाद की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे पहले 60 दिन पहले संबंधित कलेक्टर को इसकी सूचना देनी होगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि किसी व्यक्ति को बल, छल या लालच देकर धर्म परिवर्तन तो नहीं कराया जा रहा। अगर ऐसा पाया जाता है, तो दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। अवैध धर्म परिवर्तन में मदद करने वालों को भी मिलेगी सजा इस बिल के तहत, अगर कोई व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से धर्म परिवर्तन करने में मदद करती है, तो उसे भी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह सख्त कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि धर्म परिवर्तन पूरी तरह से व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा से हो। कानून बनने का रास्ता यह विधेयक अब विधानसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार करेगा। इसके बाद यह एक कानूनी रूप से लागू होगा। धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ यह बिल राज्य में एक नया कदम साबित हो सकता है।

मध्यप्रदेश में 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी मिली, 8 साल बाद एसआई की भर्ती होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार खत्म हुआ। सरकार ने 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 7500 सिपाही (Constable), 500 सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) और 500 ऑफिस स्टाफ (Office Staff) शामिल हैं। मध्यप्रदेश में 8 साल बाद एसआई पदों पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने गृह विभाग (Home Department) को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। सिपाही के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू प्रदेश में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं। इनमें से 7500 पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑफिस स्टाफ के 500 पद पिछले 8 वर्षों से रिक्त थे। इनमें स्टेनो (Steno) और एएसआई (ASI) पद शामिल हैं। 30 जनवरी को शासन ने इन पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। राज्य शासन ने 30 जनवरी को ऑफिस स्टाफ की भर्ती की अनुमति भी जारी कर दी। 7500 सिपाहियों की भर्ती को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पद संभालने के बाद समीक्षा में पाया कि मप्र पुलिस के पास वर्तमान बल सिर्फ एक लाख है, जबकि 25 हजार पद रिक्त हैं। हर साल 500-700 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे यह संख्या बढ़ती जा रही है। गृह विभाग ने एसआई पदों की भर्ती लिए नियमों में संशोधन किया है। इनमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 वर्ष की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। 7500 पद पर सिपाही भर्ती होंगे: मप्र के सभी जिलों में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं, जिनमें से 7,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में एक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लिखित परीक्षा के परिणाम लंबित हैं। एसआई-सूबेदार के 500 पद: मप्र में आठ साल पहले एसआई-सूबेदार पदों पर भर्ती हुई थी। वर्तमान में 1200 से ज्यादा पद रिक्त हैं। भर्ती नियमों में संशोधन लंबित था, लेकिन अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऑफिस स्टाफ के 500 पद: स्टेनो और एएसआई (एम) पदों पर पिछले आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस मुख्यालय ने 1 जनवरी को प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद 30 जनवरी को शासन ने मंजूरी दी। अब 100 स्टेनो और 400 एएसआई (एम) पदों पर भर्ती होगी। रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती मप्र पुलिस में रिक्त पदों की संख्या काफी ज्यादा है। शासन इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दे रहा है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कैलाश मकवाणा, डीजीपी

मध्यप्रदेश में केंद्र की विशेष सहायता से वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी, केंद्रीय सहायता मिलने से खजाने पर बोझ कम होगा

भोपल आम बजट के बाद अब राज्य में बजट की माथापच्ची तेज होगी। केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से और आर्थिक सहायता को बड़ी राहत मानते हुए वित्त विभाग के अफसर बजट को तैयार कर रहे हैं। सीएम 15 फरवरी से मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठकों का दौर शुरू करेंगे। इन्हीं बैठकों में बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा। बजट में गरीब, नारी, युवा और किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। बजट का आकार बढ़कर चार लाख करोड़ तक होने का अनुमान है।  मध्यप्रदेश में केंद्र की विशेष सहायता से वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाओं के चलते सरकार को हर माह करीब डेढ़ हजार करोड़ का खर्च करने पड़ रहे हैं। केंद्रीय सहायता मिलने से खजाने पर बोझ कम होगा। केंद्र ने 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण पर अतिरिक्त कर्ज लेने की सुविधा भी दी है। कर्ज एफआरबीएम की तीन प्रतिशत की लिमिट से 0.5 फीसदी ज्यादा होगा। केंद्रीय बजट में सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना की घोषणा की गई है। योजना आकांक्षी जिलों में शुरू होगी। इसमें एमपी के 8 जिले शामिल हैं। खासतौर पर किशोरी बालिकाओं के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। राज्य में युवा, नारी, किसान और गरीब मिशन पर काम हो रहा है। बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। इसलिए इस वर्ग के लिए बजट बढ़ाया जा रहा है। मेडिकल को विस्तार केंद्रीय बजट में मेडिकल सीटें बढ़ाने की बात कही गई है। अगले एक साल में मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 हो जाएगी। 12 नए कॉलेज खुलने से 2,000 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। अगले तीन सालों में हर जिले में कैंसर सेंटर खोलने की योजना की घोषणा की गई है, जिससे मध्य प्रदेश को भी एक कैंसर सेंटर मिलने की संभावना है। देश में 200 डे केयर सेंटर खोले जाएंगे। एमपी को भी कुछ सेंटर मिल सकते हैं। नल से जल होगा सुगम जल जीवन मिशन की मियाद 2028 तक कर दी गई है। इससे मप्र को अतिरिक्त 20 हजार करोड़ मिल सकते हैं। यह राशि जल आपूर्ति योजनाओं को तेजी से लागू करने में सहायक होगी। 36 लाख घरों में नल से जल पहुंचाने की उम्मीद अब और बढ़ गई है। बजट की कमी के चलते बाधा आ रही थी।

गाजियाबाद में एक स्कूल को बम से उड़ाने की मिली धमकी, खाली कराई गई बिल्डिंग

गाजियाबाद गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना इलाके में एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही डॉग व बॉम स्कवाड की टीम भी पहुंची। आनन-फानन बच्चों को स्कूल मैदान में भेजा गया और जांच की गई। जानकारी के अनुसार, शालीमार गार्डन थाना इलाके में स्थित सेंट मैरी स्कूल को ईमेल पर सोमवार सुबह करीब सात बजे धमकी भरा मैसेज पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसीपी शालीमार गार्डन सलोनी अग्रवाल ने बताया कि ईमेल में स्कूल को खाली करने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत सभी बच्चों को स्कूल मैदान में भेज दिया गया। साथ ही डॉग व बॉम स्कवाड की टीम ने जांच शुरू की। छानबीन व तलाश करने फर्जी धमकी होने का पता चला। स्कूल प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही जो ईमेल आया था उसकी जांच के लिए भी साइबर टीम लगाई गई है।

सौरभ शर्मा मामले में चौंकाने वाला खुलासा, 50 से अधिक बेनामी संपत्ति का राज… 30 लोगों को भेजा गया नोटिस

भोपाल परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब हाल ही में लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में आए सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन सिंह और शरद जायसवाल से पूछताछ में 50 से ज्यादा बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है. इन संपत्तियों के नाम पर 30 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी. सौरभ शर्मा केस में चौंकाने वाला खुलासा दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज़्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं. जांच में पता चला कि सौरभ ने अपने करीबियों के नाम पर कई संपत्तियां रजिस्टर्ड करवा रखी थीं. लोकायुक्त ने 30 से ज़्यादा लोगों को नोटिस भेजा है, जिनसे पूछताछ की जाएगी. सौरभ शर्मा की रिमांड 4 फरवरी को खत्म हो रही है, ऐसे में जांच में और भी पेचीदगियां सामने आने की उम्मीद है. यह मामला अब एक बड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं, हालांकि इनकी असली रजिस्ट्रियां सौरभ के पास ही मिलीं. कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थी. 4 फरवरी को खत्म हो रही सौरभ की रिमांड बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ से इन संपत्तियों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने इनमें अपना नाम होने से इनकार किया. जांच में सहयोग न करने पर 30 लोगों को नोटिस भेजा गया है. 4 फरवरी को सौरभ की रिमांड खत्म होने के बाद लोकायुक्त फिर से रिमांड की मांग कर सकता है. क्या है मामला दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शहरों की संपत्तियां शामिल हैं। जांच में पता चला है कि सौरभ ने कई संपत्तियां अपने करीबियों के नाम पर रजिस्टर्ड करवा रखी हैं। इस लिस्ट में 30 से ज्यादा करीबियों के नाम हैं। मामले में सभी को नोटिस भेजा गया है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी। बता दें कि सौरभ शर्मा की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। लेकिन सौरभ इन संपत्तियों को लेकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके बाद लोकायुक्त ने 30 लोगों को नोटिस भेजा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज बता दें कि छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं। लेकिन ऑरिजनल रजिस्ट्री सौरभ के पास ही मिली हैं। सौरभ की कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थीं। कल खत्म हो जाएगी या बढ़ेगी सौरभ की रिमांड? बता दें कि सौरभ शर्मा की 7 दिन की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। जिसके बाद तीनों सौरभ, चेतन और शरद को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में लगातार हो रहे खुलासे के बाद संभावना यही है कि लोकायुक्त पुलिस सौरभ, चेतन और शरद की रिमांड और बढ़ा सकती है। प्रॉपर्टी की बिक्री पर लग चुकी है रोक  सौरभ शर्मा के ठिकानों से जब्त हुए प्रॉपर्टी को खुर्द-बुर्द करने से बचाने के लिए लोकायुक्त ने जिला पंजीयकों को पहले ही पत्र लिख दिया है। दस्तावेजों में मिली प्रत्येक प्रापर्टी की जानकारी पंजीयकों को उपलब्ध करवा दी गई है ताकि उनकी दोबारा से रजिस्ट्री नहीं करवाई जा सके। शरद जायसवाल और चेतन सिंह ने किसी प्रकार के खुलासे नहीं किए हैं। हर महीने आता था 4 लाख किराया लोकायुक्त पुलिस सूत्रों ने बताया कि सौरभ शर्मा के पास हर महीने 4 लाख रुपये किराया आता था। यह जानकारी सौरभ ने पूछताछ के दौरान पुलिस को दी है। यह किराया उसकी प्रापर्टियों से मिल रहा था। ग्वालियर में स्थित प्रापर्टी का किराया लेने के लिए उसने कर्मचारी नियुक्त कर रखा था। यह कर्मचारी किराया वसूल कर सौरभ को भेजता था।  सौरभ की बढ़ सकती है रिमांड  सौरभ शर्मा समेत उसके तीनों सहयोगियों की रिमांड अवधि 4 फरवरी तक है। पूछताछ के दौरान सौरभ ने प्रापर्टी खरीदने के लिए फायनेंस करने वालों के नामों का खुलासा नहीं किया है। इसके साथ ही लोकायुक्त के ऐसे दर्जनों सवाल हैं, जिनके जवाब उसने नहीं दिए हैं। इसलिए अब लोकायुक्त पुलिस उसकी रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन लगा सकती है। 

किराने दुकान के रुपए को लेकर था पिता-पुत्र में विवाद, मंगल मालवीय ने अपने बेटे अरविंद मालवीय की हत्या

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक बड़ी घटना घटी है। भाजपा विधायक सतीश मालवीय के बड़े भाई ने अपने बेटे को गोली मार दी है। उन्होंने गोली दोनाली बंदूक से मारी है। बेटे की मौत मौके पर ही हो गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। साथ ही विधायक के भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक का नाम अरविंद मालवीय है। बड़े भाई ने मारी गोली दरअसल, बीजेपी के विधायक सतीश मालवीय हैं। उनके बड़े भाई मंगल मालवीय ने अपने ही बेटे को गोली मार दी है। गोली बारह बोर की बंदूक से मारी गई है। पुलिस के अनुसार यह घटना उज्जैन जिले के माकड़ौन तहसील की है। सतीश मालवीय घटिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। बताया जा रहा है कि विधायक खुद चार भाई हैं। मंगल मालवीय उनके सबसे बड़े भाई हैं। एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि पिता-पुत्र की किराने की दुकान थी। सुबह करीब सवा नौ बजे पिता और पुत्र में किराने की दुकान के पैसे को लेकर विवाद हुआ था। मृतक अरविंद को उसके पिता मंगल सिंह ने गोली मार दी है। पैसे को लेकर विवाद था। एडिशनल एसपी ने कहा कि मंगल मालवीय विधायक के भाई हैं लेकिन इनका करीब 20 सालों से कोई संबंध नहीं है। मंगल मालवीय अलग रह रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे अलग रहते थे। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी मंगल मालवीय ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारी है। बेटे के सिर में गोली लगी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, शव को पीएम के लिए अस्पताल में लाया गया है। उज्जैन के माकड़ौन थाने का मामला मामला उज्जैन जिले के माकड़ौन तहसील के सुचाई गांव का बताया जा रहा है, जहां करीब सुबह 9 बजे मंगल मालवीय ने अपने बेटे अरविंद मालवीय को जमीन और किराना दुकान से जुड़े विवाद पर गोली मार दी, दोनों के बीच सुबह के वक्त बहर हो रही थी, जहां मंगल मालवीय ने अपनी 12 बोर बंदूक से फायरिंग कर दी, एक गोली सीधे उसके सिर में लगी तो दूसरी गोली सीने में लगी, जिससे अरविंद बुरी तरह घायल हो गया. घर में मौजूद लोगों ने देखा तो सब घबरा गए और आनन फानन में अरविंद को उज्जैन रेफर किया गया, लेकिन उसे बचाया हीं जा सका. अरविंद की पत्नी और बेटा है.   जमीन से जुड़ा था मामला बीजेपी विधायक सतीश मालवीय के बड़े भाई मंगल मालवीय के दो बेटे हैं, उनकी माकड़ौन सात बीघा जमी है, जिसको लेकर मंगल सिंह के परिवार में विवाद चल रहा था, इसके अलावा पिता-बेटे के बीच देवास के सुनवानी गांव में भी जमीन को लेकर कई बार कहा सुनी हो चुकी है. लेकिन आज सुबह विवाद ज्यादा बढ़ गया था, जिससे मंगल सिंह ने फायरिंग कर दी, फिलहाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू कर दी है. बता दें कि मंगल मालवीय के पिता नागूलाल मालवीय भी क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं, जबकि उनके छोटे भाई सतीश मालवीय वर्तमान विधायक हैं, घटना की जानकारी लगते ही पुलिस और बड़ी संख्या में लोग जुट गए. वहीं मामला विधायक से जुड़ा होने की वजह से भीड़ भी जुट गई थी.   इलाके में तनाव घटना के बाद से माकड़ौन और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी मंगल मालवीय से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाएगा।

WhatsApp के 90 अकाउंट हैक, Meta ने Paragon को भेजा कानूनी नोटिस

नई दिल्ली WhatsApp ने रिपोर्ट किया है कि दुनिया भर (दो दर्जन देशों) के यूजर्स के अकाउंट्स को एक इजरायली स्पाइवेयर कंपनी, Paragon Solutions द्वारा निशाना बनाया गया है। Meta अधिकारियों ने खुलासा किया कि यह नया हमला पहले की उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें इजरायली स्पाइवेयर कंपनियों द्वारा इसी तरह के हैकिंग घटनाओं का उल्लेख किया गया था। Meta ने Paragon Solutions को एक “सीज़ एंड डेसिस्ट” (काम रोकने का कानूनी नोटिस) पत्र भी जारी किया है, जिसमें उनकी गतिविधियों को तुरंत बंद करने की मांग की गई है। अपने बयान में, Meta अधिकारियों ने यूजर्स को आश्वस्त किया कि वे उनके अकाउंट्स की गोपनीयता की रक्षा करने और प्लेटफॉर्म पर संचार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इन हमलों के बावजूद, Meta ने जोर देकर कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने के अपने प्रयास जारी रखेगा कि यूजर्स बाहरी हस्तक्षेप के बिना निजी रूप से कॉन्टैक्ट कर सकें। 90 अकाउंट्स पर पड़ा असर इस हमले से लगभग 90 यूजर्स प्रभावित हुए हैं, जो मुख्य रूप से पत्रकार और नागरिक समाज के सदस्य हैं। हालांकि, Meta ने अभी तक उन यूजर्स के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी साझा नहीं की है, जिनको निशाना बनाया गया था। WhatsApp के अनुसार, स्पाइवेयर को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों के रूप में भेजा गया था, जिनमें मैलिशियस सॉफ़्टवेयर मौजूद था। यह प्रक्रिया बिना किसी प्रत्यक्ष इंटरैक्शन के पूरी की गई, यानी हैकर्स और टारगेट्स के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ। इस हमले के अधिकांश पीड़ित यूरोप में स्थित हैं, लेकिन प्रभावित देशों की सटीक लिस्ट का खुलासा नहीं किया गया है। Meta का दावा है कि वह इस हमले को बीच में ही रोकने में सक्षम रहा, हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसने Paragon को इस हैकिंग प्रयास के स्रोत के रूप में कैसे पहचाना। पत्रकारों को बनाया गया निशाना फिलहाल, Paragon Solutions ने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कनाडा स्थित इंटरनेट निगरानी समूह Citizen Labs के अनुसार, Paragon सरकारों को उन्नत निगरानी सॉफ़्टवेयर बेचने के लिए जाना जाता है, जिसका उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए किया जाता है। हालांकि, इन उपकरणों का उपयोग पत्रकारों और नागरिक समाज के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए किया जाना गंभीर चिंताओं को जन्म देता है। यह हालिया घटना एक अन्य विवादास्पद इजरायली स्पाइवेयर कंपनी Pegasus के उपयोग के बाद सामने आई है, जिसने अतीत में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के WhatsApp अकाउंट्स की हैकिंग को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। यह मुद्दा इस बात को रेखांकित करता है कि स्पाइवेयर उपकरणों की बिक्री और उनके उपयोग को लेकर नैतिक चिंताएं बनी हुई हैं, विशेष रूप से जब इनका उपयोग मीडिया और नागरिक समाज के सदस्यों की गोपनीयता भंग करने के लिए किया जाता है।

मोहन सरकार ने शिक्षकों की छुट्टियों को 15 फरवरी 2025 से 15 मई 2025 तक रद्द कर किया, जाने क्या है वजह

भोपाल मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल से जुड़े सभी शिक्षकों की अगले तीन महीने तक की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. राज्य शासन ने आदेश जारी कर इसकी सूचना दी है. शासन ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस (एस्मा) लगाने का आदेश किया है, जो 15 फरवरी 2025  से 15 मई 2025 तक लागू किया गया है. इस बीच यानी तीन महीने शिक्षकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. अगर शिक्षक छुट्टी के लिए आवेदन करता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. बोर्ड परीक्षा के चलते तीन महीने तक छुट्टी नहीं ले पाएंगे शिक्षक यह फैसला मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2025 के मद्देनजर लिया गया है. मध्यप्रदेश में 24 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं. ऐसे में परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी शिक्षकों को मुख्य रूप से निर्देशित किया गया है. इस आदेश के बाद अब शिक्षक छुट्टी के लिए आवेदन देते भी हैं तो उन्हें अवकाश नहीं दिया जाएगा. परीक्षाओं के दौरान जिन शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य स्टाफ की ड्यूटी होगी, वे छुट्टी नहीं ले पाएंगे. कहीं फिर से लीक न हो जाए पेपर… पूरे देश में जहां पेपर लीक एक बड़ी परेशानी बनी हुई है, वहीं मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल के लिए बिना पेपर लीक बोर्ड परीक्षाएं करवाना भी एक बड़ी चुनौती है. दो साल पहले 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक हुई थे. हालाँकि 2024 की परीक्षाओं में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने काफी कड़ी सुरक्षा और निर्देशों के बीच परीक्षाएं आयोजित करवाई थीं. लगातार मीटिंग कर रहे अधिकारी एमपी की बोर्ड एग्जाम की तैयारी को लेकर 5 फरवरी को प्रदेश के सभी संभाग के कमिश्नर और कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग आयोजित की जा रही है. जिसमें प्रशासन बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर निर्देशित किया जाएगा. परीक्षा के दौरान पूरी तरह बैन रहेगा मोबाइल फोन यूज 2024 में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश जारी कर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित किसी भी स्टाफ के लिए मोबाइल परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित कर दिया था. क्योंकि दो साल पहले पेपर लीक मामले में मोबाइल के उपयोग की बात सामने आई थी. पुलिस थाना से प्रश्न पत्र परीक्षा कक्ष तक पहुंचने के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था. इस बार भी बोर्ड सख्ती करने की तैयारी में है. 2022 में पेपर लीक करने के आरोप में कई एफआईआर भी दर्ज की गई थीं. बता दें कि मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के शिक्षा और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द का यह आदेश उनके लिए बुरी खबर है जिन्होंने छुट्टियों के लिए आवेदन दिया हुआ है. भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई ज़िलों में कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने छुट्टी के लिए आवेदन दे रखे हैं. अब ये आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. बता दें की शिक्षा विभाग में फिलहाल तबादलों पर भी रोक लगी हुई है. बेहद ही गंभीर परिस्थिति में ट्रांसफर भी मंत्री के अनुमोदन से ही हो सकेंगे.  

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