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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 हजार 900 विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे नि:शुल्क स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चैतन्य है मां नर्मदा की धारा, इसके दर्शन से होते हैं सभी धन्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कुल 48 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में से 40 लाख हैक्टेयर माँ नर्मदा है सिंचित प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई राज्य जल्द ही प्राप्त करेगा एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य सिंचाई के लिये जल से सोना ऊगलेंगे सूखे खेत वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे मुख्यमंत्री ने की नई आईटीआई स्वीकृत और 316 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गोंद गाँव में खुलेगी सर्व सुविधा युक्त गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छीपानेर, हरदा में वेदगर्भा घाट का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा की धारा चैतन्य है, इसके दर्शन मात्र से ही सभी धन्य होते हैं। माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है। प्रदेश का सिंचाई रकबा 48 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मां नर्मदा के जल से सिंचाई होती है। पारस पत्थर जैसे लोहे को सोना कर देता है, वैसे ही जल के पहुंचते ही सूखे खेत भी सोना ऊगलने लगते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई के रकबे का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है, इससे प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं आरंभ होंगी। इन परियोजनाओं से एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले के छीपानेर में नर्मदा तट पर वेदगर्भा घाट के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले में एक नई आईटीआई संस्था स्वीकृत करने और गोंदागांव में सरकारी खर्चे पर सर्वसुविधा युक्त गौशाला स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम में डारा इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पप्पू राम विश्नोई ने इस अवसर पर वैदिक विद्या पीठम् चिचोट के विकास के लिये 1 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी, प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नर्मदापुरम् सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, नगर पालिका अध्यक्ष भारती राजू कमेडिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत पूर्व विधायक संजय शाह, प्रेम कुमार, स्वामी नित्य चैतन्य दास जी महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी विपदा में फंसे व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस दुर्घटना के एक माह बाद ही राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के घायल व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में जहां हवाई पट्टी है, वहां विमान से और अन्य स्थानों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। गरीबों को भी समय पर इलाज मिले इसके लिए नि:शुल्क हवाई जहाज/हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत ही प्रदेश में गरीब, महिला, किसान और युवा कल्याण मिशन प्रारंभ किए जा रहे हैं। युवा कल्याण मिशन से हम वर्ष-2028 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौपालन से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी ने इस अवसर पर कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिये जीवनदायिनी है, इसे प्रदूषित न करें। नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्त बनी रहें, यह हम सभी का दायित्व है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाये जाने चाहिए क्योंकि वृक्ष ही नर्मदा नदी को पोषित करते हैं। सोनी ने कहा कि हमारे देश में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है। 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण/भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम चिचोट कुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का अवलोकन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, पीआईयू के 6, स्वास्थ्य विभाग के 3, नगरीय प्रशासन विभाग के 3 तथा विद्युत वितरण कम्पनी के 4 कार्य सहित 21 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ। इसी तरह जिन 97 कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4, लोक निर्माण विभाग के 29, पीआईयू के 6, सेतु विकास निगम का 1, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के 52 तथा विद्युत वितरण कम्पनी व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 1-1 कार्य शामिल है।  

कुनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, चीता वीरा ने दो शावकों को दिया जन्म, सीएम यादव ने शेयर की खुशी, दी बधाई

श्योपुर मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क आज फिर नन्हे चीता शावकों की किलकारियों से गूंज उठा। मादा चीता वीरा ने मंगलवार को दो शावकों को जन्म दिया है। इस खुशी को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। मध्यप्रदेश की धरती पर फिर से चीता शावकों का स्वागत है। सीएम मोहन ने अपने एक्स हैंडल से शावकों की तस्वीरें शेयर की हैं। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा, मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आज मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। मध्यप्रदेश की धरती पर चीता शावकों का स्वागत है और प्रदेशवासियों को इन नन्हे शावकों के आगमन पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं।     नन्हें चीतों की किलकारी से फिर गूंजा कूनो.. मध्यप्रदेश की ‘जंगल बुक’ में 2 चीता शावकों की दस्तक…     मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आज मादा चीता वीरा ने 2 नन्हें शावकों को जन्म… pic.twitter.com/fCs01pIOtP — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 4, 2025 सीएम मोहन ने लिखा है कि प्रोजेक्ट से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और फील्ड स्टॉफ को ढेर सारी बधाई। प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है, जिससे रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। हम चीतों के साथ ही समस्त वन जीवन के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्स्थापना के लिए सदैव तत्पर हैं। दोनों शावक स्वस्थ कूनो प्रबंधन ने बताया कि वीरा द्वारा जन्मे गए दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। इन चीता शावकों के जन्म के बाद कूनो पार्क में कुल 14 शावक हो गए हैं। वहीं 12 वयस्कों समेत अब चीतों की संख्या 24 से बढ़कर 26 हो गई है। वहीं नेशनल पार्क में डाक्टरों की टीम नन्हे शावकों पर नजर बनाए हुए है। इनमें से दो चीता अग्नी और वायु खुले जंगल में घूम रहे हैं। अब इतनी कूनो पार्क में चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क में दो नए शावकों को आने के बाद अब चीतों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो गई है। फिलहाल, कूनो पार्क में चीतों की कुल संख्या 26 हो गई है, जिनमें 12 वयस्क चीता और 14 शावक हैं। चीतों की संख्या बढ़ने से पार्क प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली है।   चीतों की वापसी का ऐतिहासिक अभियान बता दें कि सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई थी। इसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था।भारत में करीब 70 साल पहले चीतों की प्रजाति विलुप्त हो गई थी। लेकिन इस पुनर्वास परियोजना से उनकी संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कूनो में चीतों का प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है, ताकि वे सुरक्षित और सहज रूप से जीवन व्यतीत कर सकें। इस परियोजना के तहत अब तक कई चीता शावकों का जन्म हो चुका है, जो इस संरक्षण प्रयास की सफलता को दर्शाता है। सीएम बोले चीतों का कुनबा बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को मिल रही नई उड़ान प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है जिससे रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं। हम चीतों के साथ ही समस्त वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्स्थापन हेतु सदैव तत्पर हैं। कूनो में अब 26 चीते बता दें कि इन चीता शावकों के जन्म के बाद जंगल बुक कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में अब कुल 14 शावक हो गए हैं। वहीं 12 वयस्कों समेत अब एमपी में चीतों की संख्या 24 से बढ़कर 26 हो गई है। कूनो में चीता प्रजनन प्रक्रिया एक नजर में     27 मार्च, 2023 को मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया।     कूनो में जन्मी मादा लगभग डेढ़ वर्ष का मुखी नामकरण किया गया।     तीन जनवरी 2024 को चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया, ये सभी नर हैं।     22 जनवरी 2024 को एक और मादा ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया।     10 मार्च 2024 को मादा चीता गामिनी ने छह शावकों को जन्म दिया।    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को करेंगे प्रयागराज का दौरा, महाकुंभ में पवित्र स्नान, जानिए क्या है पूरा शेड्यूल

प्रयागराज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ मेले में भाग लेते हुए संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक विशाल और पवित्र आयोजन है, जो हर बार करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा खासतौर पर महाकुंभ मेले के धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए होगा। पीएम मोदी पांच फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वह प्रयागराज एयरपोर्ट से से डीपीएस हैलीपैड पहुंचेंगे, जहां से वह 10.45 पर अरेल घाट जाएंगे. वह अरेल घाट पर नाव के जरिए महाकुंभ पहुंचेंगे. प्रयागराज में संगम पर सुबह 11 बजे वह पवित्र स्नान करेंगे. महाकुंभ मेले में 11 से 11.30 बजे का समय प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित है. पीएम मोदी पवित्र स्नान के बाद 11.45 पर बोट के जरिए अरेल घाट लौटेंगे. यहा ंसे वह डीपीएस हैलीपैड होते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम पूरी तरह से निर्धारित है और उनकी यात्रा में कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं। मोदी सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर द्वारा डीपीएस हैलीपैड तक जाएंगे। इसके बाद, वह अरेल घाट के लिए रवाना होंगे, जहां वह नाव के जरिए संगम के पवित्र स्थल तक पहुंचेंगे। संगम, जहां गंगा, यमुन और सरस्वती नदियां मिलती हैं, को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है और यह स्थल महाकुंभ मेले का प्रमुख आकर्षण है। प्रधानमंत्री मोदी का पवित्र स्नान सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक होगा। इस समय को खासतौर पर प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित किया गया है। इस दौरान वह संगम में स्नान करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। महाकुंभ में यह समय प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा। स्नान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी नाव के जरिए अरेल घाट वापस लौटेंगे, जहां से वह डीपीएस हैलीपैड के लिए रवाना होंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री प्रयागराज एयरपोर्ट जाएंगे, और वहां से वह दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और उनकी यात्रा का शेड्यूल बहुत ही सटीक तरीके से पालन किया जाएगा। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को स्पष्ट करता है। साथ ही, यह यात्रा महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के बीच सरकार के समर्थन और भागीदारी को भी प्रदर्शित करती है। PM मोदी का महाकुंभ में पूरा शेड्यूल     पीएम मोदी 5 फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे     पीएम मोदी वायुयान के विशेष विमान से बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे     एयरपोर्ट से पीएम मोदी सीधी डीपीएल हैलीपैड पहुंचेंगे     पीएम मोदी यहां से कार से वीआइपी जेटी जाएंगे     पीएम मोदी 10.45 मिनट पर अरेल घाट जाएंगे।     अरेल घाट से पीएम मोदी क्रूज से संगम में डुबकी लगाने जाएंगे।     संगम में डुबकी के बाद पीएम मोदी गंगा की पूजा व आरती करेंगे।     एक घंटे बाद पीएम मोदी महाकुंभ मेला क्षेत्र से प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए लौट जाएंगे। सीएम योगी पहुंचे प्रयागराज पीएम मोदी के अगुवाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वह अखाड़ों, आचार्यवाड़ा, दंडीवाड़ा व खाकचौक के प्रतिनिधियों से भेंट वार्ता भी कर सकते हैं। पीएम के दौरे से पहले सुरक्षा का जायजा लेने सीएम योगी मंगलवार को ही प्रयागराज पहुंच गए हैं।    

मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा जयंती पर दीं प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माँ नर्मदा जयंती की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के अविरल प्रवाह ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा का आशीर्वाद ऐसे ही अनवरत बरसता रहे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा जयंती पर प्रदेशवासियों से जल और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्पित होने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। अमरकंटक से निकलीं माँ नर्मदा ओंकारेश्वर से होती हुईं बड़वानी के बाद गुजरात तक जाती हैं। माँ नर्मदा अपने जलरूपी आशीष से निमाड़, मालवा सहित प्रदेश के सभी अंचलों की प्यास बुझाती हैं और सिंचाई के माध्यम से खेतों को तृप्त करने वाली माँ नर्मदा अन्नदाता किसानों के लिए जीवनदायिनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा का आध्यात्मिक-धार्मिक सामर्थ्य, पुण्य सलिला को अपार श्रद्धा का आधार प्रदान करता है। आदि शंकराचार्य ने ओंकोरश्वर धाम पर ही शिक्षा ग्रहण की और समूचे देश में सनातन धर्म की संस्कृति को पुन: पुष्पित-पल्लवित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीवन, आस्था और संस्कार की अविरल धारा माँ नर्मदा का वंदन करते हुए प्रदेशवासियों को नर्मदा जयंती की बधाई दी।  

UP में दो मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर, इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त…चालक घायल, जांच शुरू

फतेहपुर फतेहपुर जिले में खागा कस्बे के पास पांभीपुर इलाके में दो मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों मालगाड़ियों के चालक घायल हो गए हैं। दुर्घटना के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत व बचाव कार्य जारी है। इस हादसे के कारण रेलवे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार दोनों मालगाड़ियां एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं, जिससे उनकी सीधी टक्कर हो गई। इस टक्कर में दोनों गाड़ियों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दोनों चालकों को गंभीर चोटें आईं।  यहां एक ही ट्रैक पर दो माल गाड़ियां आ गई और आपस में भिड़ गई. ऐसे में एक मालगाड़ी का इंजन ट्रैक से उतरकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में गाड़ी के चालक और सहचालक घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. फिलहाल रेलवे के आलाधिकारी मौके पर मौजूद है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है. ये दुर्घटना जिले के खागा कोतवाली के पांभीपुर के पास हुई है. कई ट्रेनों को रोका गया है या मार्ग बदले गए हैं घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। घायल चालकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे के कारण रेलवे यातायात प्रभावित हो गया है। कई ट्रेनों को रोका गया है या उनके मार्ग बदले गए हैं। दोनों ट्रेनों के लोको पायलटों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है। ट्रैक को क्लियर करवाया जा रहा है। हादसा कानपुर-फतेहपुर के बीच खागा में पांभीपुर के पास हुआ। रेड सिग्नल पर खड़ी थी गाड़ी रेलवे सूत्रों ने बताया कि ट्रैक पर रेड सिग्नल था। ऐसे में एक मालगाड़ी खड़ी थी। तभी अचानक पीछे से मालगाड़ी तेज रफ्तार में आई और उसने टक्कर मार दी। हादसे के चलते फ्रेट कॉरिडोर पर रेल यातायात प्रभावित है। कई मालगाड़ियों को रोक दिया गया है। कुछ के रूट बदले गए। रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।  

नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में, 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा

नर्मदापुरम उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर नर्मदापुरम में जल्द ही नर्मदा लोक आकार लेना शुरू कर देगा। नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में किया जाएगा। इसके पहले चरण में 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नर्मदापुरम के खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किलोमीटर लंबा नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। इसकी टेक्निकल स्वीकृति के लिए नगर पालिका ने डीपीआर बनाकर भोपाल भेजी है। स्वीकृति आते ही फरवरी के आखिरी सप्ताह तक टेंडर हो जाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। नर्मदा लोक की डीपीआर इंदौर की कला आकार एसोसिएट्स ने तैयार की है। नर्मदा लोक कॉरिडोर में खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किमी में घाटों की सूरत बदलेगी। पार्किंग, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होंगे। नर्मदा लोक बनाने का काम कामाख्या देवी मंदिर बनाने वाली कंपनी को मिला है। इस प्रोजेक्ट में राजघाट, विवेकानंद घाट और पोस्ट ऑफिस घाट की ड्रॉइंग एक समान रखी गई है। इसमें पूजन-पाठ के लिए गुर्जे बनेंगे। राजघाट पर तर्पण, पिंडदान हो सकेंगे। इसके अलावा घाट का चौड़ीकरण होगा। पोस्ट ऑफिस घाट पर ट्रैक भी बनेगा। नर्मदा लोक कॉरिडोर में ये काम होंगे     प्रवेश द्वारः सेठानी घाट प्रवेश द्वार और कॉरिडोर जयपुरी लाल पत्थरों से बनेगा। द्वार के गेट पर नक्काशी होगी। सलकनपुर की तर्ज पर बाघ का चेहरा और गुंबद रहेगा। कॉरिडोर के बीच में इतिहास की जानकारी मिलेगी।     सेठानी घाटः सेठानी घाट से पर्यटन घाट तक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गुर्जों पर खुले पंडाल बनेंगे। बैठकर नर्मदा दर्शन होंगे। निर्धारित क्षेत्र में जबलपुर के ग्वारी घाट, ओंकारेश्वर की तरह बोटिंग होगी।     210 मीटर का कॉरिडोर: सेठानी घाट से मंगलवारा घाट तक 210 मीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इसमें पेड़-पौधे, लाइटिंग कर लाल पत्थर से पाथवे का डेवलप होगा।     कोरी घाटः ऊपर पार्किंग बनेगी। ऊपरी हिस्से में ही किड्स प्लाजा बनेगा। घाट पर वाटर एक्टिविटी होगी। पार्क में झूले और पौधे लगेंगे। कोरी घाट से व्यू पॉइंट बनेगा, जिससे नर्मदा का सौंदर्य निहार सकेंगे।     हर्बल पार्क घाटः गोंदरी घाट तक करीब दो किमी के दो वॉकिंग ट्रैक डेवलप होंगे। एक नर्मदा नदी के सामान्य लेवल से सटकर, दूसरा ऊपर हिस्से में बनेगा ताकि बारिश में बाढ़ जैसी स्थिति होने पर भी दूसरा ट्रैक डूबे नहीं। हर्बल पार्क में योग का स्थान भी निर्धारित रहेगा। 12 आसनों की मुद्रा नजर आएगी। पाथ वे और ओपन जिम का उपयोग लोग कर सकेंगे। ट्रैक के दोनों तरफ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।     पर्यटन घाटः पर्यटन घाट को चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दुकानें बनेंगी। यहां म्यूजिक पॉइंट, सेल्फी पॉइंट, पार्क और लाइट फाउंटेन लगेंगे। बड़ा पार्किंग स्थल बनेगा। श्रद्धालुओं के वाहन सेठानी घाट के बजाय इसी पार्किंग में खड़े होंगे। 2023 में शिवराज ने की थी नर्मदा कॉरिडोर की घोषणा वर्ष 2023 में नर्मदा जयंती पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। चौहान नर्मदा जयंती पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि जैसा महाकाल लोक, सलकनपुर में देवी लोक बन रहा है, वैसा ही नर्मदापुरम में मां नर्मदा कॉरिडोर बनाया जाएगा। घोषणा के बाद कॉरिडोर का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। दो साल तक धीमी गति से चलने के बाद अब जाकर कॉरिडोर बनाने की रूपरेखा तेज हुई है। प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपए के काम को टीएस (टेक्निकल स्वीकृति) के लिए भोपाल भेजा गया है। बाढ़ मैनेजमेंट के अनुसार बनाया प्लान लोगों के सुझाव के बाद नर्मदा रिवर फ्रंट के अनुसार डिटेल सर्वे कर डीपीआर बनाई गई है। नगर पालिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने बताया कि करीब 150 करोड़ रुपए में नर्मदा लोक कॉरिडोर का काम होगा। प्रथम चरण में 20 करोड़ के काम होंगे। टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू होगा। बारिश में आने वाली बाढ़ के लेवल को देखते हुए प्लान बनाया गया है। प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने बताया कि महाकाल लोक जैसा ही नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। प्रथम चरण में मंगलवारा घाट से कोरी घाट तक काम होगा। जिसमें सेठानीघाट, नर्मदा लोक द्वार, पर्यटन घाट बनाए जाएंगे। पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। दूसरी नदियों की तरह नर्मदापुरम में भी लोग नौका विहार कर सकेंगे। सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने कहा कि प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की बनाई है। टेक्निकल स्वीकृति आते ही टेंडर होगा। प्रथम चरण में सेठानी घाट, कोरी घाट, पर्यटन घाट का काम होगा। बाद में जैसे-जैसे फंड मिलेगा, वैसे-वैसे अगले चरण में मंगलवारा घाट, हर्बल पार्क से गोंदरी घाट तक वॉकिंग खर्रा घाट के काम होंगे। जानिए, नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मां नर्मदा का अवतरण हुआ था, इसलिए हर साल नर्मदा जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन नर्मदा नदी में डुबकी लगाने से व्यक्ति के समस्त पापों से छुटकारा मिलता है। ऐसी मान्यता है कि मां नर्मदा की उपासना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि मिलती है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक में नर्मदा जयंती का मुख्य कार्यक्रम होता है। नदी के तट पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा घाटों को सजाया जाता है। आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाती है। शाम से देर रात तक सेठानी घाट पर आयोजन नर्मदापुरम में सुबह 9:30 बजे मां नर्मदा जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दोपहर 3 बजे मोरछली चौक से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक सेठानी घाट पर जल मंच से मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जो देर रात तक जारी रहेंगी।

सौरभ, चेतन, शरद पहुंचे जेल, 17 फरवरी तक रिमांड पर, लोकायुक्त अदालत ने मंजूर की न्यायिक हिरासत

भोपाल  भोपाल की लोकायुक्त अदालत ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  7 दिन की रिमांड के बाद भी लोकायुक्त के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी। मंगलवार (4 फरवरी) को सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश किया। लोकायुक्त ने अदालत में तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। इससे पहले लोकायुक्त टीम तीनों आरोपियों को पीछे के रास्ते से ही अदालत पहुंची थी। इससे पहले इनका हमीदिया हॉस्पिटल में मेडिकल चेकअप कराया गया। फिर दो गाड़ियों से कोर्ट पहुंचाया गया। लोकायुक्त ने नहीं मांगी सौरभ शर्मा की रिमांड बता दें कि लोकायुक्त ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग कोर्ट से की थी. लोकायुक्त ने कोर्ट में कहा कि पूछताछ पूरी हो गई. जरूरत पड़ने पर तीनों से जेल में जाकर पूछताछ करेंगे. बता दें कि ED और आईटी के अधिकारी भी कोर्ट परिसर में मौजूद हैं. इससे पहले मंगलवार सुबह लोकायुक्त की टीम सौरभ, चेतन और शरद को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची। यहां से तीनों को दो गाड़ियों में कोर्ट ले जाया गया। पीछे के रास्ते से कोर्ट में दाखिल कराया। पेशी के बाद लोकायुक्त के अधिकारी इसी रास्ते से कोर्ट से बाहर निकले। सौरभ के कर्मचारी, रिश्तेदारों को आरोपी बनाया जा सकता है सौरभ और चेतन को 28 जनवरी को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश कर छह दिन की रिमांड पर लिया था जबकि 29 जनवरी को शरद की 5 दिन की रिमांड दी गई थी। आगे लोकायुक्त मेमोरेंडम में सौरभ के अन्य कर्मचारी, रिश्तेदार और करीबी परिचितों को भी आरोपी बनाया जा सकता है। सौरभ-शरद के भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में ‘धनकुबेर’ सौरभ शर्मा ने अब तक 55 किलो सोना और 10 करोड़ कैश कांड का राज नहीं खोला है। उसके दोनों राजदार साथी चेतन गौर और शरद जायसवाल से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इस बीच लोकायुक्त पुलिस को कुछ इनपुट मिले हैं। जिसके बाद इनकी कंपनी के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में! दरअसल, लोकायुक्त को जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल ने अपनी कंपनी के भरोसेमंद कर्मचारियों के नाम से भी प्रॉपर्टी खरीदी है। अविरल इंटरप्राइजेज, अविरल कंस्ट्रक्शन, फिशरीज के साथ कई कंपनियां बनाई गई हैं। जिसकी प्रॉपर्टी उनके कर्मचारियों के नाम पर है। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस इसके दस्तावेज तलाशने में जुट गई। आशंका है कि इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए जांच एजेंसी कभी भी कार्यालय बुला सकती है। पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी बता दें कि हाल ही में लोकायुक्त ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी थी। सौरभ के घर से 50 प्रॉपर्टी के दस्तावेज और कई पावर ऑफ अटॉर्नी भी मिली थी, जो अन्य लोगों के नाम पर हैं। इस मामले में हवाला के एंगल पर भी तेजी से जांच की जा रही है, जिसमें दुबई और अन्य देशों में हवाला की गतिविधियों की आशंका व्यक्त की गई है। 18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। 6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

शेयर बाजार में बहार, सेंसेक्स 720 अंक चढ़ा, निवेशकों ने 2 मिनट में कमाए 300000 करोड़

मुंबई बीते कारोबारी दिन गिरावट के बाद शेयर बाजार में मंगलवार को शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही शुरुआती कारोबार में उछाल पर खुले और अब तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. सेंसेक्स 721 अंक चढ़कर 77905 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 200 अंक चढ़कर 23,561 पर था. भारतीय बाजार में रौनक के पीछे अमेरिका में ट्रंप का फैसला है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको और कनाडा पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है. उनके इस फैसले के चलते एशियाई बाजारों में रौनक लौट आई और भारतीय शेयर खुलने के दो ही मिनट में निवेशकों ने 3 लाख करोड़ रुपए कमा डाले हैं. सेंसेक्स निफ़्टी का हाल घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही अच्छी तेजी देखने को मिल रही है. निफ्टी के सभी सेक्टोरियल इंडेक्स ग्रीन जोन में हैं, सबसे अच्छा सपोर्ट ऑटो सेक्टर से मिल रहा है. खबर लिखे जाने तक 10 बजकर 13 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स 653 अंक चढ़कर 77,842.97 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 146.65 अंकों के उछाल के साथ 23507.70 पर है. निवेशकों ने कमाए 3 लाख करोड़ एक कारोबारी दिन पहले यानी 3 फरवरी 2025 को अमेरिका के फैसले की वजह से ही बाजार में गिरावट थी और क्लोजिंग के समय बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,19,54,829.60 करोड़ रुपये था. आज 4 फरवरी को मार्केट खुलते ही ये 4,22,57,970.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी इस दौरान 2 मिनट में बाजार खुलते ही निवेशकों की झोली में 3,03,140.68 करोड़ रुपये आए हैं. क्‍यों चढ़ आज शेयर बाजार?     कल ऑल टाइम लो पर रुपया पहुंचने के बाद आज रिकवरी मोड पर है. रुपया आज 13 पैसा रिकवर कर चुका है और तेजी दिखा रहा है.     वहीं अमेरिकी बाजार से भी भारतीय मार्केट को अच्‍छे संकेत मिल रहे हैं. जिस कारण शेयर बाजार में तेजी आई है.     कल के भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे मार्केट में तेजी आई है. वहीं कुछ कंपनियों के अच्‍छे रिजल्‍ट आने के संकेत भी हैं. इन शेयरों में शानदार तेजी लार्ज कैप- संवर्धन मदरसन के शेयर आज 7 फीसदी चढ़े, डिवि लैब्‍स के शेयर 5 फीसदी और एचएएल के शेयर 4 फीसदी उछले. मिड कैप- NLC इंडिया के शेयर 10 फीसदी, सुंदरम फाइनेंस के शेयर 5.30 फीसदी और इंडियन बैंक के शेयर 4.31 फीसदी चढ़े. स्‍मॉल कैप- कैस्ट्रोल इंडिया के शेयर 8.44 फीसदी, हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयर 4.14 फीसदी और NCC के शेयर 4.17 फीसदी चढ़े. इन सेक्‍टर्स में उछाल शेयर बाजार में आज तेजी के कारण कुछ सेक्‍टर्स में शानदार रिकवरी देखी गई. बैंक निफ्टी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी, मीडिया, फार्मा, पीएसयू बैंक और मेटल जैसे सेक्‍टर्स में तेजी है. सिर्फ एफएमसीजी शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा तेजी पीएययू बैंक के शेयरों में आई है. 23 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर एनएसई के 2,281 ट्रेडेड स्‍टॉक्‍स में से 1,868 शेयर तेजी पर है. जबकि 348 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. बाकी के 65 शेयर अनचेंज हैं. वहीं 23 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर हैं, जबकि 14 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 34 शेयरों ने अपर सर्किट और 25 शेयरों ने लोअर सर्किट लगाया है. शेयर बाजार में तेजी के कारण     टैरिफ पर ट्रंप का यू-टर्न: ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ लगाने के फैसले को एक महीने के लिए टाल दिया है, इससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है और शेयर बाजार पर इसका असर दिखा.     अमेरिकी बाजारों में रिकवरी: भारी बिकवाली के बाद अमेरिकी शेयर बाजार डाओ जोंस में 550 अंकों की रिकवरी देखने को मिली.     चीन के बाजारों की वापसी: एक हफ्ते की छुट्टी के बाद आज चीन के बाजार खुलेंगे, जिससे एशियाई बाजारों में निवेशकों की धारणा मजबूत हो सकती है.     FIIs और DIIs: विदेशी निवेशकों ने सोमवार को कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में मिलाकर 7,100 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू फंड्स ने 2,700 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.  

इंदौर : एनडीपीएस और आईपीएस प्रबंधन को आया धमकी भरा ई-मेल, स्कूल खाली करवा दिया, आला अधिकारी मौके पर

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्कूल में बम की धमकी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस और आईपीएस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। प्रिंसिपल को तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई है। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वाड दस्ता भी मौके पर पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्कूल खाली करवाया। बच्चों को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार इंदौर के खंडवा रोड़ स्थित एनडीपीएस और राऊ स्थित आईपीएस कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। राउ स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल परिसर में मंगलवार सुबह स्टूडेंट्स को अचानक घर जाने के लिए कहा गया। कोई कुछ समझ पाता उसके पहले ही बसों में बच्चों को बैठाकर घर रवाना कर दिया। कहा जा रहा है कि स्कूल और परिसर में लगने वाले कॉलेज के बच्चों ने अपने पेरेंट्स को फोन करके बताया कि संभवतः स्कूल को किसी तरह की धमकी मिली है। हजारों स्टूडेंट्स को ताबड़तोड़ बाहर निकाल दिया गया। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स स्कूल के सामने की लाइन में स्थित मंदिर परिसर में जमा हो गए थे। अभी तक इस मामले को लेकर अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है। एनडीपीएस में दूसरी शिफ्ट में आए बच्चों को स्कूल मैदान के बाद क्लास में नहीं जाने दिया और वापस बस में बैठाकर घर भेजा गया।

वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत का हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश, प्राकृतिक सौंदर्य, बहुरंगी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासशील चिंतन के मार्गदर्शन में प्रदेश डॉ. मोहन यादव के कुशल और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश मात्र विमर्श नहीं है, अपितु वर्तमान और भावी पीढ़ियों की महती आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश बनाए रखने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और जनभागीदारी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रोडमैप तैयार कर निरन्तर आगे बढ़ रही है। नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना मध्यप्रदेश ने सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल-मॉडल बनाने के लक्ष्य का प्रतीक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सरकारी के साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बना रही है। प्रदेश के आम नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के अंतर्गत घरों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अर्थात किसानों को भी सिंचाई के लिए सोलर-पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से नागरिक तो ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेंगे ही, उनका अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड से जुड़ कर प्रदेश को विद्युत सर-प्लस राज्यों के शीर्ष पर बनाए रखने में सहयोगी होगा। इस तरह मध्यप्रदेश देश को क्लीन-एंड-ग्रीन एनर्जी सेक्टर में विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है राज्य बीते कई वर्षों से लगातार देश के स्वच्छतम प्रदेशों में सम्मिलित बना हुआ है। इंदौर देश का स्वच्छतम शहर और भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानी बनी हुई है। प्रदेश की इस क्लीन-एंड-ग्रीन लिगेसी को बनाए रखने के लिए पहले से सक्रिय कचरा-प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है। स्थानीय निकायों में सूखा-गीला कचरा पृथक्करण के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चिकित्सालयों एवं लेबोरेटरीज का कचरा और सीवेज-वेस्ट के पृथक्करण एवं निष्पादन के लिये हाईटेक प्रणालियां विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की स्मार्ट-सिटी परियोजना में सम्मिलित शहरों के साथ ही दूसरे शहरों में भी आधुनिक री-साइक्लिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। गांवों और कस्बों में जैविक कचरे की कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए भी आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से बढ़ाई जायेगी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीनरी सबसे अधिक वनावरण और वृक्षावरण के साथ प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इस तरह हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में सबसे आगे हैं। इससे हमारी जैव-विविधता में भी सुधार हो रहा है। हम इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठे है प्रदेश की इस परंपरा को आने वाले वर्षों में भी बनाये रखने के लिए सरकार सामुदायिक भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाती रहेगी। इसके साथ ही शहरों में ग्रीन-बेल्ट और पार्कों का विकास किया जा रहा है। विकास कार्यों के कारण वन भूमि को संभावित क्षति के दृष्टिगत उसकी सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए भी योजनाबद्ध रूप से सरकार काम कर रही है। किसानों के बीच भी कृषि वानिकी की परंपरा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में मिले उपहार प्रदेश को बनाएं जल-समृद्ध कृषि, उद्योग और घरेलू आवश्यकताओं के लिए सतत जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसके लिए मध्यप्रदेश को वर्ष के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजनाओं का उपहार मिला है। ये परियोजनाएं प्रदेश की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल और उद्योगों को उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार भूगर्भ में संचित जल स्तर को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों का विस्तार कर रही है, पारंपरिक जल-निकायों (कुएं, बावड़ी एवं तालाब) और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की योजनाओं पर भी काम कर रही है। खेती में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए स्प्रिंकलर-सिस्टम और ड्रिप-इरिगेशन जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत कृषि के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत पर्यावरण भी रहेगा संरक्षित देश के साथ ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली कृषि के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। इसके अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के रूप में रसायनों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खेतों की मिट्टी भी उर्वर एवं शस्य-श्यामला बनी रहेगी। इसके लिए किसानों को गांवों में पर्यावरण संरक्षण और प्रिसिजन फार्मिंग संबंधी प्रशिक्षण दिये जाएंगे। किसानों को समृद्ध बनाने की रणनीति के अंतर्गत बाजारों की जरूरतों के अनुरूप फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वाहन-जनित प्रदूषण कम करने की रणनीतियों पर फोकस वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार यातायात के साधनों की पर्याप्तता बनाए रखते हुए पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष नीतियों पर काम कर रही है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन के लिए मध्यप्रदेश परिवहन निगम को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रदेश में इंटर-सिटी कनेक्टिविटी और शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें प्रारंभ की … Read more

स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को रेल सुविधाओं के लिए पहली बार हुआ बड़ी राशि का आवंटन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार मध्यप्रदेश को रेलवे से संबंधित विकास कार्यों के लिए इतनी अधिक राशि का अवंटन हुआ है। केन्द्रीय रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत रेल विद्युतिकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मध्यप्रदेश से रेल मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश को इंदौर- मनमाड रेल लाइन और इंदौर से दाहोद गुजरात तक धार होकर जाने वाली रेल परियोजना की स्वीकृति के कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश के नागरिकों को सभी दिशाओं में रेल नेटवर्क, यात्रियों के लिए माल भाड़े से जुड़ी सुविधा, रेल्वे ब्रिज और स्टेशनों के विकास की सौगात निरंतर मिल रही है। यह उत्साहवर्धक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है रेल बजट 2025-26 प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष मध्य प्रदेश को रेलवे बजट में अभूतपूर्व सौगातें मिली हैं। इस बजट से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव का मैं हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित रेल बजट 2025-26 में राज्य को रेल अवसंरचना विकास के लिए अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में 14,745 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजटीय आवंटन किया गया है, जो राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल बजट 2025-26 में 31 नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और इन पर 1,04,987 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। 80 रेलवे स्टेशन विकसित होंगे अमृत स्टेशन के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर 2,708 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों में अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनपुर जंक्शन, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,950 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ‘कवच’ तकनीक के अंतर्गत 3,572 किलोमीटर रेल मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। मध्यप्रदेश में विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 2,808 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे मध्यप्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य बन चुका है। इसके अलावा, राज्य में 2,456 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए मध्यप्रदेश में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के 14 जिलों को जोड़ती हैं और इन जिलों में 18 स्टॉपेज हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है।  

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने की तैयारी के पहले ही भोपाल के राजा भोपाल एयरपोर्ट पर लगातार यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी

भोपाल  अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिलने की तैयारी के पहले ही भोपाल के राजा भोपाल एयरपोर्ट पर लगातार यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है. जनवरी माह में राजा भोज एयरपोर्ट पर यात्रियों की ट्रेवलिंग का नया रिकॉर्ड बना है. जनवरी माह में भोपाल एयरपोर्ट से 1 लाख 51 हजार 139 यात्रियों ने हवाई यात्रा की है, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. इसके पहले पिछले साल दिसंबर माह में 1 लाख 50 हजार 946 यात्रियों ने इस एयरपोर्ट पर मूवमेंट किया था. एयरपोर्ट अथॉरिटी यात्रियों की बढ़ती संख्या से खुश हैं. उनके मुताबिक आने वाले समर सीजन में यात्रियों की यह संख्या और बढ़ेगी. वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस की चार उड़ानें शुरू होने जा रही है. जनवरी 2025 में 1152 हवाई फेरे राजा भोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी बताते हैं, ” एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बढ़ी है. अभी भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, रायपुर, उदयपुर, पुणे, रीवा और गोवा के लिए उड़ानें हैं. जनवरी 2025 में भोपाल एयरपोर्ट से कुल 1152 फ्लाइट्स आईं-गईं, जिसमें 1 लाख 51 हजार 139 यात्रियों ने यात्रा की. यानी हर रोज करीबन 4875 पैसेंजर्स का मूवमेंट हो रहा है. पिछले छह माह का रिकॉर्ड देखें तो 8 लाख 6 हजार 620 यात्रियों का भोपाल एयरपोर्ट पर मूवमेंट रहा है. जनवरी में भोपाल पहुंचीं 576 फ्लाइटें एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, ” जनवरी माह में देश के दूसरे शहरों से राजा भोज भोपाल एयरपोर्ट पर 576 फ्लाइट पहुंचीं और इन्हीं फ्लाइट्स से भोपाल एयरपोर्ट के यात्रियों ने दूसरे शहरों के लिए उड़ान भरी है. ऐसे यात्रियों की संख्या 78 हजार 170 थी. वहीं बाकी पैसेंजर्स इन्हीं फ्लाइटों से भोपाल पहुंचे. उड़ानों के फेरे बढ़ने के साथ भोपाल एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है.” गर्मियों की छुट्टियों में बढ़ेंगे यात्री और नई उड़ानें उधर मार्च के महीने में भोपाल एयरपोर्ट से यात्रियों की ट्रेवलिंग का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है. मार्च में स्कूलों की छुट्टियां शुरू होने के बाद से भोपाल एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना बताई जा रही है. इसके साथ ही नई फ्लाइट्स शुरू होने की भी उम्मीद है. अभी भोपाल एयरपोट से 12 शहरों का कनेक्शन हो चुका है. अभी यहां फ्लाइट्स की कुल संख्या 36 है, जो समर सीजन में 50 तक पहुंच सकती है. इंटरनेशनल फ्लाइट्स की तैयारियां जोरों पर जल्द ही इकोनॉमिक एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस भी भोपाल से जुड़ने जा रही है. राजाभोज एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य मनोज सिंह कहते हैं, ” जल्द ही भोपाल से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने जा रही है. इसकी तैयारी की जा रही है. भोपाल एयरपोर्ट के इंफ्रस्ट्रक्चर को लेकर काम किया जा रहा है.”

8वां वेतन आयोग- वेतन विसंगति दूर होगी, स्थाई, संविदा, दैनिक वेतन भोगी, आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीद

भोपाल  केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर चुकी है। उम्मीद है कि इसे 2026 में लागू कर दिया जाएगा। इससे पहले आयोग गठित होगा। वेतन वृद्धि की अनुशंसा करेगा। इसके बाद सरकार निर्णय लेगी। सबसे पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों पर लागू करेगी। इसके बाद राज्य सरकार विचार करेगी। हालांकि हलचल प्रदेश में भी शुरू हो गई है। वह यह कि आठवें आयोग की सिफारिश लागू होने से पहले कर्मचारी वेतन विसंगति दूर करवाने की कोशिश में है। यहां आठ वर्ष पहले लागू सातवें वेतनमान की विसंगति बरकरार हैं। अदालत तक पहुंचे मामले प्रदेश में कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो पांचवें और छठे वेतनमान पर ही अटके हैं। सातवां वेतनमान पाने को संघर्ष कर रहे हैं। ज्यादातर कर्मचारी निगम-मंडल, प्राधिकारण आदि के हैं। इनमें आवास संघ, उपभोक्ता संघ, हस्तशिल्प विकास निगम, औद्योगिक केंद्र विकास निगम, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड इत्यादि शामिल हैं। तिलहन संघ, परिवहन निगम के कर्मचारियों को तो पांचवां वेतनमान ही मिल रहा। हालांकि इन दोनों निगमों को सरकार बंद कर चुकी है, लेकिन यहां कुछ कर्मचारी पदस्थ हैं। कुछ मामले अदालत तक भी पहुंचे हैं। छठा वेतनमान केंद्र ने एक जनवरी 2006 से लाभ दिया। एमपी में 2008 से लागू हुआ। हालांकि लाभ 2006 से ही दिया गया। सातवां वेतनमान केंद्र ने अपने कर्मचारियों को लाभ एक जनवरी 2016 से दिया। एमपी में जुलाई 2017 से लागू हुआ। कर्मचारियों को 18 माह के एरियर का भुगतान किया गया। 8वां वेतनमान लागू हुआ तो एक लाख करोड़ तक पहुंचेगा खर्च एमपी में वर्तमान में रुपए 88581 करोड़ के लगभग वेतन-भत्तों पर खर्च होते हैं। यह राज्य के बजट का 16.65 प्रतिशत है। 8वां वेतनमान लागू होने पर खर्च एक लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। 8वें वेतनमान को लेकर राज्य कर्मचारियों को उम्मीद मध्यप्रदेश में 8वां वेतनमान चुनावी साल 2028 में लागू होगा। वहीं 31 दिसंबर 2025 सातवें वेतन आयोग की अवधि है। इसी से राज्य के कर्मियों को उम्मीद जगी है। सबकी अपनी-अपनी मांगें पहले सातवें वेतनमान की विसंगति दूर की जाए। संविदा कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ तो दिया गया, लेकिन भारी विसंगति है। वरिष्ठता में भेदभाव किया गया। वर्षो पूर्व सेवा में आए और मौजूदा कर्मचारियों को एक समान वेतनमान मिल रहा है। समयमान वेतनमान, पदोन्नति, क्रमोन्नति का लाभ भी नहीं मिल रहा। -रमेश राठौर, अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी महासंघ राज्य के कर्मचारियों का बुरा हाल है। सातवें वेतनमान की विसंगतियां सात साल भी दूर नहीं हो पाई हैं। यह भारी विडंबना है। आठवां वेतनमान लागू होने के पहले वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। इसके अलावा कर्मियों की अन्य लंबित मांगों पर भी सरकार विचार कर जल्द से जल्द दूर करे। -जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष, एमपी अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बात ऐसी है कि कर्मचारियों को अभी सातवां वेतनमान मिल रहा है। अब आठवें की तैयारी की जाएगी, लेकिन कुछ निगम मंडल ऐसे हैं जहां के कर्मचारी आज भी छठा वेतनमान पा रहे हैं। सरकार को इन कर्मचारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ मिले और वेतन विसंगति भी दूर हो। -अनिल बाजपेयी, अध्यक्ष, अर्धशासकीय कर्मचारी फेडरेशन 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले राज्य के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है, लेकिन विधानसभा सचिवालय के कर्मचारी इससे वंचित हैं। इसके अलावा सातवें वेतनमान की विसंगति भी दूर नहीं हुई है। -रामनारायण आचार्य, संरक्षक मप्र विधानसभा कर्मचारी संघ ये भी चाहते हैं कर्मचारी -पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। -पदोन्नति शुरू की जाएं। -प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए एरियर दिया जाए। -लिपिक संवर्ग को मंत्रालय कर्मियों की तरह समयमान वेतनमान दिया जाए। -सभी विभागों के कर्मियों को समयमान वेतनमान का लाभ, पदोन्नत वेतनमान के अनुसार दिया जाए। -पंचायत सचिवों, स्थाई कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिले। -पटवारियों का ग्रेड पे 2800 रुपए किया जाए। -स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए। अतिथि शिक्षकों एवं अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाए। -दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी, स्थाई कर्मियों को विभाग में खाली पदों पर नियमितीकरण किया जाए। शेष पर सीधी भर्ती की जाए। -विभागाध्यक्ष को नियमितीकरण के अधिकार दिए जाएं। -प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स से की जाने वाली भर्ती पर रोक लगाई जाए। -इसके अलावा कार्यभारित कर्मियों को अवकाश नकदीकरण का लाभ भी प्रदान किया जाना चाहिए। अनुकंपा प्रकरणों का करें निराकरण 1.प्रदेश के कर्मचारियों सहित पेंशनर्स, निगम-मंडलों इत्यादि में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ कैबिनेट के अप्रेल 2020 के निर्णय के तहत दिया जाए। 2. वाहन चालकों की नियमित भर्ती हो। पदनाम परिवर्तित कर टैक्सी प्रथा पर पूर्णत: प्रतिबंधित लगाया जाना चाहिए। 3. निर्माण विभागों में तृतीय समयमान वेतनमान प्राप्त करने के लिए विभागीय परीक्षा की बाध्यता समाप्त कर अन्य विभागों की भांति तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए। 4. आंगनबाड़ी सहायिकाओं, कार्यकर्ताओं को उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाए। 5. प्रदेश के सभी विभागों में अनुक्पा नियुक्ति के प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।

केंद्रीय योजनाओं में सहायता अनुदान मध्य प्रदेश को 45 हजार करोड़ मिलेगा

भोपाल  केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार का असर अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है। वर्ष 2025-26 में केंद्रीय करों के हिस्से में 1,11,661 करोड़ रुपये मिलेंगे यानी वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में 15,908 करोड़ रुपये राज्य को अधिक मिलेंगे। इतना ही नहीं विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में सहायता अनुदान 45 हजार करोड़ रुपये के आसपास मिलेगा। दोनों राशि को मिला दिया जाए तो प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। 5,247 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे वहीं, 2024-25 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार केंद्रीय करों के हिस्से में अब 5,247 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि नईदुनिया ने ‘डबल इंजन के भरोसे मोहन सरकार, जागी डेढ़ लाख करोड़ मिलने की उम्मीद’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में पहले ही बता दिया कि आगामी वर्ष में प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। जीएसटी के बाद प्रदेश के बजट का मुख्य आधार केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता होता है। वर्ष 2024-25 के बजट में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये के आसपास केंद्रीय करों में हिस्सा और केंद्रीय सहायता अनुदान मिलने का अनुमान लगाया गया था। 7.82 प्रतिशत के हिसाब से राशि मिलती है अब इससे अधिक राशि राज्य को प्राप्त हो रही है। दरअसल, राज्यों को केंद्र सरकार कुल राजस्व का 41 प्रतिशत केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में देती है। इसमें मध्य प्रदेश को 7.82 प्रतिशत के हिसाब से राशि मिलती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए यह 95 हजार 753 करोड़ रुपये अनुमानित थी। केंद्रीय करों से प्राप्त राशि के अनुपात में अब राज्य को 5,247 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त होंगे। इसका उपयोग सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने में करेगी। यह राशि अगले वित्तीय वर्ष में 15,908 रुपये बढ़कर मिलेगी। केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सहायता अनुदान 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक मिलेगा। यह लगभग 600 करोड़ रुपये अधिक रहेगा। निश्चित ही इसका असर योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ेगा। 12 हजार करोड़ रुपये मिलेगी विशेष पूंजीगत सहायता बजट में सरकार ने अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश में पूंजीगत व्यय लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 15 हजार करोड़ रुपये प्राप्त करने के लक्ष्य रखा गया था। 6,187 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और सात हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि आगामी वित्तीय वर्ष में भी 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक इस योजना में प्रदेश को मिल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 64,738 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश का लक्ष्य रहा है। जीएसडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राज्य सरकार ने बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुपात में चार प्रतिशत तक ऋण लेने की अनुमति देने की मांग रखी थी, लेकिन इसे नहीं माना गया। प्रदेश जीएसडीपी के अनुपात में तीन प्रतिशत तक ही भारतीय रिर्जव बैंक के माध्यम से बाजार से ऋण ले सकता है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार के लिए निर्धारित कदम उठाने के लिए लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में जब 16वां वित्त आयोग आएगा तो एक बार फिर इस मुद्दे को बेहतर वित्तीय प्रबंधन का हवाला देकर उठाया जाएगा। अब बजट को अंतिम रूप देने को जुटेगी राज्य सरकार सूत्रों का कहना है कि आम बजट से प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष में मिलने वाली राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इसके आधार पर अब प्रदेश सरकार अपने बजट को अंतिम रूप देने में जुटेगी। यह इस बार चार लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 फरवरी के पहले बजट को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

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