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मच्छर रोकने जल निकायों में क्यों छोड़ी जा रहीं आक्रामक मछलियां, एनजीटी ने केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली। मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए जैविक एजेंट के रूप में आक्रामक और विदेशी प्रजाति की मछलियां भारत के तालाबों और नदियों में छोड़ी जा रही हैं। इसके खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की गई है, जिस पर एनजीटी ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। याचिका में कहा गया है कि दो मछली प्रजातियां गंबूसिया एफिनिस (Mosquitofish) और पोसिलिया रेटिकुलाटा (Guppy)को विभिन्न राज्यों के जल निकायों में छोड़ा जा रहा है। जलीय पारिस्थितिकी के लिए खतरनाक — यह याचिका आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ ग्रुप ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इन दोनों मछली प्रजातियों को आक्रामक और विदेशी घोषित किया गया है और ये स्थानीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर विपरीत असर डालती हैं। इससे स्थानीय मछली प्रजातियों के भोजन की कमी हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड देशों में तो मच्छर मछली पर बाकायदा प्रतिबंध भी है। याचिका के अनुसार, मच्छर मछली दुनिया की 100 सबसे खतरनाक मछली प्रजातियों में शामिल है। याचिका में कहा गया है कि मच्छर मछली को असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश के जल निकायों में छोड़ा गया है। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में मछली की गप्पी प्रजाति को छोड़ा गया था। 6 मई को सुनवाई करेगा एनजीटी — याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 24 जनवरी को दिए अपने आदेश में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र जवाब दाखिल करेंगे। एनजीटी इस मामले पर अगली सुनवाई 6 मई को करेगा।

रायबरेली में 52 हजार जन्म प्रमाण पत्र होंगे निरस्त, पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत अन्य देशों से जुड़े तार

रायबरेली जिले एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. यहां 52 हजार से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त किया जाना है. डीपीआरओ ने इन प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने के लिए शासन को सूची उपलब्ध कराई है. ताकि इनके दुरुपयोग को रोका जा सके. आरोपी, वीडीओ विजय यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके ये फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. इस फर्जीवाड़े के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सहित कई अन्य देशों से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, और पंजाब जैसे प्रांतों के लोगों के लिए भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. 18 जुलाई 2024 को सलोन में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. जिसके बाद यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने जांच की. इस मामले में मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार किया गया था. एक दिन में 1000 फर्जी प्रमाण पत्र खुलासा हुआ कि एक दिन में 1000 के करीब फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. सलोन ब्लॉक के गांवों की जांच में मिले इन 52 हजार से ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शासन स्तर से होगी. जिसके लिए डीपीआरओ ने एक्ट में दिए गए प्रावधानों का हवाला दिया है.

अंडर 19 टी20 विश्व कप फाइनल में भारत ने 9 विकेट से साउथ अफ्रीका को रौंदा

नई दिल्ली टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप पर कब्जा किया है। इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच अंडर 19 टी20 विश्व कप 2025 का फाइनल खेला गया। इस मैच को एकतरफा अंदाज में टीम इंडिया ने जीता। 9 विकेट से साउथ अफ्रीका के अंडर 19 विश्व कप चैंपियन बनने के सपने को भारत ने चकनाचूर कर दिया। इस खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम की कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, ये फैसला सही साबित नहीं हुआ, क्योंकि टीम महज 82 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने 83 रनों के लक्ष्य को 12वें ओवर में ही हासिल कर लिया। टीम इंडिया इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। फाइनल समेत लगातार सात टीम ने जीते हैं। गोंगडी त्रिषा ने फाइनल में 44 रनों की पारी खेली और 3 विकेट भी अपने नाम किए। इसके लिए उनको प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड भी त्रिषा को ही मिला। आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 फाइनल टीम इंडिया ने जीत लिया है। 9 विकेट से साउथ अफ्रीका को रौंदकर लगातार दूसरी बार भारत ने इस खिताब को अपने नाम किया है। गोंगडी त्रिषा 44 रन और सानिका चालके 26 रन बनाकर नाबाद रहीं। सिर्फ एक विकेट भारत का जी कमलिनी के रूप में गिरा। टीम इंडिया आईसीसी वुमेंस अंडर 19 टी20 वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बेहद करीब है। 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 70 के पार हो चुका है और सामने सिर्फ 83 रनों का लक्ष्य है। एक विकेट भारत का गिरा है। पावरप्ले भारत के नाम फाइनल मैच में टीम इंडिया ने अपनी पारी का पावरप्ले अपने नाम किया। कुल 44 रन 83 रनों के जवाब में बनाए और सिर्फ एक ही विकेट गंवाया। गोंगडी त्रिषा दमदार लय में नजर आईं।  

प्रिया गोल्ड बिस्कुट फैक्ट्री में आग, भारी नुकसान की आशंका, कई मशीनें जलकर राख

भिंड औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में स्थित विक्रम फूड प्राइवेट लिमिटेड की प्रिया गोल्ड बिस्कुट फैक्ट्री में रविवार सात सुबह आग लग गई। आग लगने से फैक्ट्री के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। फायर बिग्रेड की चार गाड़ियों ने करीब तीन घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से फैक्ट्री में कितना नुकसान हुआ है, फिल्हाल प्रबंधन की ओर से इसकी जानकारी नहीं आई है। मालनपुर थाना टीआई प्रदीप सोनी के मुताबिक फैक्ट्री में आग कैसे लगी, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। आग लगने के कारण की जांच में जुटे प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन कारणों की जांच में जुटे हैं। घटना की सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड टीम मौके पर पहुंच गई। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। आग के कारणों का पता लगाने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारी जांच कर रहे हैं। भारी नुकसान की आशंका फैक्ट्री में आग लगने के चलते भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग तेजी से फैलने के कारण बिस्कुट निर्माण की कई मशीनें और स्टाक जलकर राख हो सकता था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए नईदुनिया के साथ।  

वसंत पंचमी अमृत स्नान कल, एक बार फिर आस्था का जन सैलाब उमड़ने को तैयार

प्रयागराज दो दिनों की राहत के बाद रविवार से फिर आस्था का रेला उमड़ने की उम्मीद है। वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व सोमवार को तो चार करोड़ से अधिक लोगों के स्नान की उम्मीद की जा रही है। शनिवार शाम से इसकी झलक भी दिखने लगी है और संगम आने वाले मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला दिख रहा है। इसका अनुमान प्रशासन को भी है और इसे ध्यान में रखते हुए तैयारियां भी की जा रही हैं। 26 जनवरी से ही मेला में आने वालों का तांता लग गया था। मौनी अमावस्या के दिन तो सभी रिकॉर्ड टूट गए और करीब आठ करोड़ लोगों ने स्नान किया। इसके अगले दिन भी मेला क्षेत्र तथा आसपास के मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला आता रहा। हालांकि शुक्रवार और शनिवार को अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। शहर में आवागमन सुचारू रहा तो मेला क्षेत्र में भी पूर्व की तरह भीड़ नहीं दिखी। इसके विपरीत रविवार से फिर स्नानार्थियों का रेला आने की उम्मीद है। वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व सोमवार को है। हालांकि, रविवार को ही पंचमी लग जाने की बात कही जा रही है। यानि, रविवार से ही वसंत पंचमी का स्नान शुरू हो जाएगा। इसके अलावा अवकाश भी है। ऐसे में रविवार और सोमवार को एक बार फिर आस्था का जन सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। काली मार्ग, बांध समेत मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों तथा संगम की तरफ आने वाली सड़कों पर दोपहर से ही स्नानार्थियों की कतार लंबी होने लगी और देर रात तक लोगों के आने का क्रम जारी रहा। शनिवार को करीब दो करोड़ ने किया स्नान शनिवार को भी करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार दिन में चार बजे तक ही 1.80 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान कर लिया था।   मेला में तैनात किए गए पांच और एसडीएम मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर हुए हादसे के बाद सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए हर स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शासन की ओर से मेला क्षेत्र में कुंभ 2019 में प्रयागराज के मंडलायुक्त रहे आशीष गोयल तथा पीडीए के उपाध्यक्ष तथा डीएम रहे भानु चंद्र गोस्वामी के साथ पांच विशेष सचिवों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। शनिवार को पीसीएस स्तर के पांच और अफसरों की मेले में तैनाती की गई। नोएडा विकास प्राधिकरण में तैनात देवेंद्र कुमार सिंह, बुंदेलखंड औद्योगिक प्राधिकरण के ओएसडी राम कुमार शुक्ला, फिरोजाबाद से शिव ध्यान पांडेय, उन्नाव के प्रशांत कुमार नायक तथा सीतापुर के पराग माहेश्वरी को मेला प्राधिकरण से 15 फरवरी तक के लिए संबद्ध किया गया है। ये अफसर महाकुंभ आयोजन को बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे। वसंत पंचमी के लिए संगम घाट पर 28 नए स्ट्रैटेजिक प्वाइंट वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई गई है। उसके तहत संगम घाट पर 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट बनाए गए हैं। इन प्वाइंटों पर पुलिस के साथ ही आरएएफ और पैरामिलिट्री के जवानों की संयुक्त टीम इन प्वाइंटों पर तैनात की जाएगी। मौनी अमावस्या पर हुए हादसे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट उन स्थानों पर बनाए गए हैं जो भीड़ के लिहाज से संवेदनशील हैं।  मौनी अमावस्या और मकर संक्रांति स्नान पर्वों पर भीड़ के प्रवाह के आधार पर इन स्थलों को चिह्नित किया गया है। पिछले अनुभवों से यह माना गया कि भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर इन प्वाइंट पर विशेष रूप से सतर्कता बरते जानी की जरूरत है। इसी को देखते हुए इन 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट पर वसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से गठित टीमें तैनात करने का निर्णय लिया गया है। संगम घाट पर यह टीमें तैनात की जाएंगी। हादसे से सबक लेते हुए कुछ अन्य व्यवस्थाएं भी की इसके अलावा मौनी अमावस्या पर हुए हादसे से सबक लेते हुए कुछ अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं। संगम घाट पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सभी जवानों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी हाल में वसंत पंचमी के दिन संगम घाट पर भीड़ इकट्ठी न होने पाए। कहा गया है कि स्नान के बाद तुरंत श्रद्धालुओं को घाट छोड़ने को कहा जाए। इस बात का विशेष ख्याल रखा जाए कि अखाड़ा मार्ग पर किसी भी श्रद्धालु का आवागमन न हो। श्रद्धालु अपनी निर्धारित लेन से ही स्नान करने जाएं और फिर पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही वापसी करें। इसके लिए एक बार फिर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए जा रहे जवानों को रूट मैप दिखाकर एक-एक बिंदु के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। शुक्रवार को मेला पुलिस के आला अधिकारियों ने पुलिस लाइन में हुई ब्रीफिंग में सभी जवानों को ड्यूटी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं।  बैरिकेड तोड़ने वालों पर रहेगी विशेष नजर वसंत पंचमी के मौके पर यह भी व्यवस्था की गई है कि इस बार बैरिकेड तोड़ने वालों की निगरानी के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी स्ट्रैटेजिक पॉइंट पर मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की जाएगी। कमांड सेंटर से इस बात पर विशेष नजर रखी जाएगी की कोई बैरिकेडिंग ना तोड़ पाए। आला पुलिस अफसरों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह किसी भी हालत में बैरिकेडिंग को पार न करें।

बसंत पंचमी पर अयोध्या में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का रेला

अयोध्या बसंत पंचमी को लेकर अभी से रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं और सरयू में डुबकी लगाकर मठ मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के जय घोष से रामनगरी गूंजने लगी थी। श्रद्धालुओं ने सरयू के घाटों पर डुबकी लगाई और दान पुण्य किया। इसके बाद श्रद्धालुओं का रेला राम की पैड़ी परिसर स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ा। यहां से श्रद्धालु राम मंदिर व हनुमानगढ़ी के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। करीब डेढ़ किलोमीटर तक कतार लगी हुई है। वहीं रामलला के दरबार में भी जयकारे गूंज रहे हैं। राम मंदिर सुबह 5:00 बजे से ही खोल दिया गया था ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या धाम में चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं का पलट प्रवाह रामनगरी में निरंतर जारी है। शुक्रवार को भी आठ लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और सरयू स्नान कर मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। वसंत पंचमी के दिन अयोध्या में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। सुरक्षा कड़ी करते हुए अयोध्याधाम में यातायात डायवर्जन लागू है। देश के हर राज्य से आ रहे हैं श्रद्धालु अयोध्या में पूरा देश उमड़ रहा है। प्रयागराज से अयोध्या आ रहे श्रद्धालुओं में तकरीबन देश के हर राज्य के श्रद्धालु शामिल होते हैं। कुछ विदेशी व एनआरआई श्रद्धालु भी आ रहे हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए की गई व्यवस्था के चलते सरयू घाट, राम मंदिर व हनुमानगढ़ी में स्नान, दर्शन-पूजन करने के लिए पांच से आठ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोग प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है। प्रसाद पाकर भक्त तृप्त नजर आते हैं।

मध्य प्रदेश के पांच तीर्थयात्रियों की मौत, गुजरात में बस खाई में गिरी

अहमदाबाद/डांग। गुजरात में एक बड़ा हादसा हुआ है। दरअसल श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक बस खाई में गिर गई, जिसमें पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। घटना गुजरात के डांग की है। पुलिस ने बताया कि मरने वाले लोग मध्य प्रदेश के निवासी थे। बचाव और राहत कार्य पूरा हो चुका है। पुलिस ने बताया कि गुजरात के डांग जिले में रविवार सुबह तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रभारी पुलिस अधीक्षक एसजी पाटिल ने बताया कि दुर्घटना सुबह करीब 4.15 बजे हुई, जब सापुतारा हिल स्टेशन के पास बस के चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि बस में 48 तीर्थयात्री सवार थे और हादसे में बस क्रैश बैरियर को तोड़ते हुए करीब 35 फीट गहरी खाई में गिर गई। पुलिस ने बताया कि बस महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से श्रद्धालुओं को लेकर गुजरात के द्वारका जा रही थी। पुलिस ने बताया कि बस में श्रद्धालु मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी और अशोक नगर जिलों के थे। अधिकारी ने बताया कि हादसे में मरने वाले पांच लोगों में से दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। इन पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को आहवा के एक सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

माध्‍यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए दिशा-निर्देश, शिक्षक नहीं जा पाएंगे महाकुम्भ, 15 मई तक नहीं मिलेगी छुट्टी

भोपाल अब मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में 20 दिन का समय शेष है।ऐसे में अब शिक्षक प्रयागराज में लगे महाकुंभ हो या संतान पालन अवकाश (सीसीएलई) के लिए अवकाश नहीं ले पाएंगे। इसका कारण यह है कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शासन ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस (एस्मा) लगाने का आदेश जारी कर दिया है। शासन ने 15 फरवरी से 15 मई तक के लिए एस्मा लागू कर दिया है।   इस अवधि में परीक्षाओं में नियुक्त कर्मचारी, अधिकारी और अन्य स्टाफ अवकाश नहीं ले पाएंगे और हड़ताल भी नहीं कर सकेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए है। मप्र बोर्ड की परीक्षा अति आवश्यक सेवा घोषित की गई है। इस वजह से परीक्षा की पूरी अवधि में एस्मा एक्ट लागू रहेगा। इस कारण अब शिक्षक छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे। हालांकि महाकुंभ में जाने के लिए और संतान पालन अवकाश के लिए जिला स्तर पर शिक्षकों के काफी आवेदन आ रहे हैं। अब तक करीब 150 आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) के पास आए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने भी शिक्षकों के अवकाश को स्वीकृत नहीं करने का आदेश जारी किए हैं।  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 24 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा अति आवश्यक सेवा घोषित की गई है। इस वजह से परीक्षा की पूरी अवधि में एस्मा एक्ट लागू रहेगा। सीसीएल के कई आवेदन आए परीक्षा के पहले कई शिक्षक व शिक्षिकाओं ने सीसीएल व अन्य तरह की छुट्टी के लिए आवेदन लगा रहे हैं। डीईओ कार्यालयों में कई शिक्षकों के आवेदन पेंडिंग हैं। कमिश्नर व कलेक्टर की पांच फरवरी को होगी बैठक मप्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर प्रदेश के सभी संभाग कमिश्नर व कलेक्टरों की वीडियाे कांफ्रेसिंग पांच फरवरी को आयोजित की जा रही है। इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं कि माशिमं द्वारा आयोजित परीक्षाएं वर्ष 2024-25 की व्यवस्थाओं के संबंध में पांच फरवरी को दोपहर 12 से दो बजे तक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई है।  

आज अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल, भारत की नजरें लगातार दूसरे खिताब पर होगी, कहां और कैसे देखें लाइव

नई दिल्ली अंडर-19 वर्ल्ड कप 2025 में जीत की डबल हैट्रिक लगाकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया की नजरें खिताब को डिफेंड करने पर होगी। भारत ने पिछला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप शेफाली वर्मा की अगुवाई में जीता था। इस बार भी भारत की नजरें लगातार दूसरे खिताब पर होगी। वहीं साउथ अफ्रीका की टीम भी खिताब को अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी। प्रोटियाज टीम का भी इस वर्ल्ड कप में विजय रथ जारी है, उन्होंने भी अभी तक टूर्नामेंट में एक भी हार का स्वाद नहीं चखा है। भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को तो साउथ अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया को हराकर यहां पहुंचा है। आइए इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर एक नजर डालते हैं- फाइनल में रविवार, 2 फरवरी को खेला जाएगा। कहां खेला जाएगा? इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका आईसीसी अंडर-19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल कुआलालंपुर के बयूमास ओवल में खेला जाएगा। कितने बजे शुरू होगा? भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कैप्टन आधा घंटे पहले मैदान पर उतरेंगी। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका आईसीसी अंडर-19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग आप डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देख सकते हैं।

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार Time Scale Pay Grade का फार्मूला लागू कर सकती

भोपाल हाई कोई कोर्ट के पदोन्नति में आरक्षण नियम को निरस्त करने के आदेश के बाद से मध्य प्रदेश में नौ वर्ष से पदोन्नतियां बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने की व्यवस्था दी है। कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सरकार ने नए नियम का प्रारूप भी बनवाया और मंत्री समूह का गठन भी किया पर अब तक कोई रास्ता नहीं निकला है। अब सरकार नए विकल्प पर विचार कर रही है। इसमें समयमान वेतनमान को आधार बनाया जा सकता है। समयमान वेतनमान की यह योजना 2008 में इसलिए बनाई गई थी ताकि जिन पात्र अधिकारियों को पदोन्नति नहीं मिल पाती है, उन्हें कम से कम उच्च पद का वेतनमान मिल जाए। 60 हजार कर्मचारी बिना पदोन्नत हुए रिटायर हो गए इसमें आरक्षण व्यवस्था नहीं रहती है। इसे ही पदोन्नति के लिए भी लागू किया जा सकता है। इससे किसी को कोई नुकसान भी नहीं होगा। पदोन्नति नियम नहीं होने के कारण बीते आठ वर्ष में 60 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए बिना ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हाईकोर्ट में नियम को चुनौती दी थी निर्माण विभागों के सामान्य श्रेणी के इंजीनियरों ने पदोन्नति नहीं मिलने के कारण हाई कोर्ट में दिग्विजय सरकार के समय बने मध्य प्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। लंबी सुनवाई के बाद मई 2016 में ये नियम निरस्त करते हुए पदोन्नति में आरक्षण के प्रविधान समाप्त कर दिए गए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी, जहां याचिका अभी भी विचाराधीन है। इस बीच कर्मचारी आंदोलन हुए तो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला को नए नियम का प्रारूप बनाने का दायित्व दिया। उन्होंने सभी पहलुओं पर विचार कर प्रारूप भी दे दिया लेकिन सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। अनुशंसा पर कोई निर्णय नहीं हुआ पदोन्नति के विकल्प के रूप में उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था बना दी पर यह अभी तक सभी विभागों में लागू ही नहीं हो पाई। विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में मंत्री समूह का गठन किया था, उसने भी सभी पक्षों से चर्चा के बाद अपनी अनुशंसा भी दे दी पर कोई निर्णय नहीं हुआ। पात्रता में आने पर दिया जाता है अब सरकार ने इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए विकल्प पर काम प्रारंभ कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि अभी समयमान वेतनमान योजना को पदोन्नति का आधार बनाने पर विचार किया जा रहा है। सेवा की एक निश्चित अवधि पूरी होने और पदोन्नति की पात्रता में आने पर समयमान वेतनमान दे दिया जाता है। सभी पक्षों से चर्चा होगी विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सेवा में आने के समय और गोपनीय चरित्रावली के आधार पर समयमान मिलता जाता है। इस व्यवस्था को पदोन्नति के विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है पर इसके लिए पहले सभी पक्षों से चर्चा होगी। कानूनी पहलुओं का अध्ययन करके सरकार के स्तर से नीतिगत निर्णय होगा। चार बार मिलता है समयमान वेतनमान प्रदेश में जो समयमान वेतनमान योजना लागू है, उसमें चार बार वेतनमान दिए जाते हैं। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को आठ, 16, 24 और 34 वर्ष की सेवा पूरी होने पर समयमान वेतनमान मिल जाता है। इसी तरह तृतीय और चर्तुथ श्रेणी के कर्मचारियों को 10, 20, 30 और 35 वर्ष की सेवा पूरी होने पर समयमान वेतनमान दिया जाता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पुलिस ने गश्त बढ़ाई, जल्द ही ड्रोन से निगरानी होगी शुरू, पुलिस कानवाय से वाहनों को छोड़ रही

रतलाम  दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रतलाम जिले की सीमा में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में आए दिन वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें होती रहती है। दो दिन पहले भी लुटेरों ने एक वाहन में सवार लोगों को लूटने का प्रयास किया था। वाहन एक्सप्रेस-वे के गश्ती दल का होने से लुटेरे वारदात नहीं कर पाए। इसके पहले कई बार वाहनों पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है। वहीं पथराव व लूट की वारदातों पर अंकुश लगाने तथा बदमाशों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। नाइट विजन के हाई क्वालिटी ड्रोन से होगी निगरानी नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दो ड्रोन खरीदने की स्वीकृत दी है। पुलिस एक-दो सप्ताह में नाइट विजन के हाई क्वालिटी के ड्रोन खरीदकर उनसे निगरानी शुरू करेगी। मंदसौर के बाद रतलाम होकर झाबुआ होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे मुंबई की तरफ जाता है। 15 किमी क्षेत्र में होती हैं पथराव और लूट की वारदातें रतलाम जिले का करीब 90 किलोमीटर का एरिया आता है। मंदसौर व रतलाम एरिया का काम लगभग पूरा होने के साथ ही करीब डेढ़ वर्ष पहले इस पर आवागमन भी शुरू कर दिया गया है। जिले में रावटी व शिवगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर के एरिया में बदमाश पथराव व लूट की वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस की गश्त का नहीं दिखता असर हाईवे पर कई बार वाहनों पर पथराव व लूट की वारदातें हो चुकी है। यात्रियों के सुरक्षा देने के लिए एनएचएआई के दल गश्त करते हैं। वहीं पुलिस भी गश्त करती हैं। गश्ती दल के आने के पहले या गश्त कर जाने के बाद बदमाश वाहनों पर पथराव कर वारदातें करते हैं। सात लाख रुपये से खरीदे जाएंगे ड्रोन रात के अंधेरे में वारदात कर बदमाश भाग जाते हैं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से कई बार बदमाशों की पहचान भी नहीं हो पाती है। इसलिए अब बदमाशों की पहचान करने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी। जानकारी के अनुसार पुलिस करीब सात लाख रुपये की लागत से हाई क्वालिटी के दो ड्रोन खरीदेगी। मोबाइल फोन पर भी देखे जा सकेंगे ड्रोन उच्च क्वालिटी के होंगे तथा उनमें वीडियो-फोटो एचडी में ही बनेंगे। फोटो की क्वालिटी ऐसी होगी कि उनमें जमीन पर दिखने वाले व्यक्ति को नाइट विजन कैमरा झूम करके रात में भी स्पष्ट रूप से देखकर पहचाना जा सकेगा। कैमरों की उच्च गुणवत्ता होने से उन्हें वाईफाई से जोड़कर अधिकारियों के मोबाइल फोन से कनेक्ट किया जाएगा तथा वे गतिविधियों को दो किलोमीटर तक की रेंज में देख सकेंगे। ड्रोन पुलिस कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा। नाइट विजन कैमरों से निगरानी के लिए एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। वे स्थानीय पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे तथा कुछ समय उनके साथ रहेंगे। नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे ड्रोन नाइट विजन कैमरे से लैस होंगे। वे ऊपर उड़ने के बावजूद जमीन पर होने वाली पत्थरबाजी के बदमाशों की गतिविधियों को थर्मल इमेज के जरिये कैप्चर कर लेंगे। वैसे ज्यादातर घटनाएं रावटी व शिवगढ थाना क्षेत्र के करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में होती हैं। वहीं नामली व सैलाना थाना क्षेत्र के भी कुछ स्थानों पर लूट व मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने नामली के पास से लेकर झाबुआ जिले की सीमा तक सात स्थानों को चिह्नित किया है, जहां विशेष निगरानी की जाएगी। पुलिस ने कानवाय शुरू किया     कानवाय शुरू की, शीघ्र ड्रोन शुरू करेंगे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक छोड़ने के लिए कानवाय शुरू कर दी गई है। गश्त बढ़ाई गई है। जल्द ही ड्रोन से निगरानी भी शुरू की जाएगी। – राकेश खाखा, एएसपी  

फाइटर विमान उड़ाने में मास्टर… शुभांशु शुक्ला जो स्पेस में रचने जा रहे इतिहास, मिशन कमांडर के रूप में काम करेंगे

 नई दिल्ली Indian Air Force के अनुभवी टेस्ट पायलट और ISRO के गगनयान मिशन के चुने हुए एस्ट्रोनॉट्स ग्रुप कैप्टन शुंभाशु शुक्ला Axiom Mission-4 प्रमुख मिशन पायलट होंगे. यह मिशन SpaceX के फॉल्कन-9 रॉकेट और ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए पूरा होगा. इनकी लॉन्चिंग फ्लोरिडा से होगी. शुभांशु शुक्ला को हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान मिशन के लिए ‘प्राइम’ अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था. वह 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे. उनकी यात्रा जून 2006 में लड़ाकू विंग में कमीशन के साथ शुरू हुई. एक अनुभवी परीक्षण पायलट के रूप में उन्होंने विभिन्न विमानों में 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव प्राप्त किया है. ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में तीन लोग और जा रहे हैं. ये हैं- अमेरिका से कमांडर पेगी व्हिटसन, पोलैंड से ESA की तरफ से मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोश उजानस्की और हंगरी से मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू. शुक्ला इनके साथ प्राइम मिशन पायलट होंगे. कई विमान उड़ाने का अनुभव 10 अक्टूबर 1085 में लखनऊ में जन्मे शुभांशु की मिलिट्री ट्रेनिंग एनडीए में हुई है. वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में उन्हें 17 जून 2006 में शामिल किया गया. वो एक फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं. साथ ही टेस्ट पायलट भी. उनके पास 2000 घंटे के उड़ान का अनुभव है. उन्होंने सुखोई-30एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डॉर्नियर, एन-32 जैसे विमान और फाइटर जेट्स उड़ाए हैं. शुभांशु शुक्ला कौन हैं? 10 अक्टूबर 1985 को शुभांशु का जन्म लखनऊ में हुआ. जून 2006 में लड़ाकू पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना (IAF) में कमीशन प्राप्त किया. इसके बाद मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन का बने. शुभांशु Su-30 MKI, MIG-21, MiG-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और An-32 सहित विभिन्न विमानों पर 2,000 से अधिक उड़ान की है. 2019 में रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण लिया. भारत के गगनयान मिशन के लिए इसरो द्वारा चुने गए. ये देश का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है. नासा-एक्सिओम स्पेस सहयोग के तहत आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले इसरो अंतरिक्ष यात्री. घर वापस लोगों के लिए फ़ोटो और वीडियो के माध्यम से अपने अंतरिक्ष अनुभव को कैद करने की योजना बना रहे हैं. जब शुक्ला को इसरो से फोन आया एक्स-4 मिशन का नेतृत्व पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन करेंगी, जो Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक हैं. 2019 में शुक्ला को इसरो से एक ऐतिहासिक फोन आया. उन्होंने मॉस्को, रूस में यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठोर प्रशिक्षण पर काम करना शुरू किया. 27 फरवरी 2024 को पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्ला को गगनयान के लिए अंतरिक्षयात्री घोषित किया.  अगस्त 2024 में, शुक्ला को आगामी इंडो-यूएस मिशन के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए ‘प्राइम’ अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था. मिशन में भारत के अलावा पोलैंड-हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स भी कमांडर पैगी व्हिटसन- पैगी ने Ax-2 मिशन की कमांडर के रूप में काम किया है। पैगी ने नासा के एक मिशन में 675 दिन काम किया हैं। वे अमेरिका की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं। पायलट शुभांशु शुक्ला- शुभांशु भारतीय वायुसेना में पायलट हैं। उन्हें इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुना गया है। यह भारत का अंतरिक्ष में पहला मैन्ड मिशन है। मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्सकी-विज्निएव्स्की- पोलैंड के स्लावोज CERN के इंजीनियर रह चुके हैं। स्लावोज यूरोपियन स्पेस एजेंसी के एस्ट्रोनॉट रिजर्व क्लास ऑफ 2022 के सदस्य हैं। मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू- कापू हंगरी के एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जो स्पेस रेडिएशन प्रोटेक्शन में महारत रखते हैं। 2023 में वे HUNOR (हंगेरियन-टु-ऑर्बिट) के लिए चुने गए थे। शुभांशु बोले- अंतरिक्ष में योग करूंगा, तस्वीरें लाऊंगा नाम के ऐलान के साथ ही एग्जियम मिशन 4 पर नासा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें पायलट शुभांशु ने कहा कि जो मिशन आ रहा है उसमें मैं अपने साथ कुछ इंडियन फूड लेकर जाऊंगा, जो अपने साथियों को भी खिलाऊंगा। अंतरिक्ष में योग भी करूंगा। वहां की तस्वीरें लाऊंगा, ताकि भारतवासियों को गर्व का मौका मिले। 14 दिन ISS पर रिसर्च करेगा AXM-4 ISS का पहला प्राइवेट अंतरिक्ष यात्री मिशन, एग्जियम मिशन 1 अप्रैल 2022 में लॉन्च किया गया था, जो ऑर्बिटिंग लैब में 17 दिनों तक रहा। दूसरा एग्जियम मिशन 2, मई 2023 में भेजा गया था। इस मिशन ने ISS पर आठ दिन बिताए। एग्जियम मिशन 3, जनवरी 2024 में लॉन्च किया गया था। इसने स्टेशन पर 18 दिन बिताए। एग्जियम मिशन 4 के लिए 14 दिन का समय तय किया गया है। अब जानिए पायलट शुभांशु के बारे में… शुभांशु का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। उनकी उम्र 38 साल है। वे एक फाइटर पायलट और कॉम्बेट लीडर हैं।

मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति के तहत अब शराब की बोतल पर लगे बार कोड से पता चल जाएगा कि शराब नकली है या असली

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने शराब की कालाबाजारी रोकने के लिए नई व्यवस्था की है। नई आबकारी नीति के तहत अब शराब की बोतल पर लगे बार कोड से पता चल जाएगा कि शराब नकली है या असली। कागज की सील यानी एक्साइज लेबल (ईएल) पर बार कोड होगा, जिसे स्केन करते ही शराब की शुद्धता भी पता चलेगी। इतना ही नहीं शराब की बोतल किस गोदाम की है और किस दुकान से बेची गई है, यह जानकारी भी मिल जाएगी। नकली शराब की मिलावट को रोका जा सकेगा इससे मप्र के बाहर से आने वाली शराब की खपत और खाली बोतल में नकली शराब की मिलावट को रोका जा सकेगा। इसके अलावा शराब की दुकानों को कैशलेस भी किया जाएगा। केवल पीओएस मशीन से ही बिलिंग की जाएगी। वेयरहाउस भी स्मार्ट बनाए जाएंगे। वन क्षेत्रों के रिजार्ट में भी बार का मिल सकेगा लाइसेंस पहले व्यवस्था थी कि वन क्षेत्र के रिजार्ट में बार का लाइसेंस नगर से 30 किलोमीटर दूर और वन क्षेत्र से 20 किलोमीटर के अंदर सीमा में निर्धारित किया गया था, लेकिन इससे व्यावहारिक कठिनाई आ रही थी। कई क्षेत्रों में बार के लाइसेंस नहीं दिए जा सकते थे। ऐसे में यह दूरी भी घटाई जा रही है। अब शहर से सटे जंगलों में भी रिजार्ट में बार के लाइसेंस दिए जा सकेंगे। दरअसल, जंगल के रिजार्ट की लाइसेंस फीस कम होती है और इसके दुरुपयोग की संभावना बनी हुई थी, नई व्यवस्था इसका भी ध्यान रखा गया है। 16 हजार करोड़ का लक्ष्य, 13941 हजार करोड़ का मिला राजस्व प्रदेश में शराब की खपत लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही सरकार की राजस्व अय भी बढ़ रही है। साल 2024-25 में 16 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध शराब दुकानों के नवीनीकरण और नीलामी से अब तक 13941 हजार करोड़ रुपये राजस्व मिलना सुनिश्चित हुआ है। इसके अलावा अन्य शुल्कों से भी राजस्व आय होनी है। वित्तीय वर्ष खत्म होने में अभी कुछ महीने बाकी हैं। इससे साफ है कि शराब बिक्री से सरकार को अच्छा खासा मुनाफा होगा।

पम्प पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और फास्टैग, अगर नहीं करवाया Insurance, आने वाला है नया नियम

भोपाल देश में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए पंप संचालक आपसे कोई दस्तावेज नहीं मांगता है. आप जितनी मात्रा में ईंधन खरीदते हैं, उसका मूल्य लेकर पंप के कर्मचारी आपको पेट्रोल-डीजल दे देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मोटर वाहन बीमा से संबंधित नियमों में बदलाव करने की सिफारिश की है. जिससे थर्ड पार्टी बीमा को प्रोत्साहित किया जा सके. ईंधन खरीदने के लिए जरूरी होगा थर्ड पार्टी बीमा वित्त मंत्रालय की सिफारिशें यदि लागू होती हैं, तो बिना थर्ड पार्टी के कोई भी वाहन सड़क पर दौड़ता हुआ दिखाई नहीं देगा. इसके तहत उन्हीं वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल या सीएनजी दी जाएगी, जिसके पास उसके वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होगा. यानि यदि आपके वाहन का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है, तो आपको उस वाहन के लिए ईंधन भी नहीं मिलेगा. इसके लिए वाहन संबंधी सेवाओं को इंश्योरेंस कवर भी जोड़ा जा रहा है. वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सेवाओं को इस प्रकार जोड़ा जाएगा, जिससे केवल वैध बीमा वाले वाहनों को ही सुविधाएं दी जाएंगी. फास्टैग के लिए भी जरुरी होगा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल-डीजल की तरह ही बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों को फास्टैग की सुविधा भी नहीं मिलेगी. केवल उन्हीं वाहनों को फास्टैग की सुविधा मिलेगी, जिनका थर्ड पार्टी बीमा होगा. बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के वाहन चलाना अपराध है. पहली बार पकड़े जाने पर 2 हजार रुपये जुर्माना या जेल की सजा है. विशेष परिस्थियों में जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान रहेगा. इसी प्रकार दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि 4 हजार रुपये तक बढ़ाई जा सकती है. बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस दौड़ रहे 7 करोड़ वाहन बता दें कि देश में आधे से अधिक वाहन बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के दौड़ रहे हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार साल 2022-23 में देश में करीब 34 करोड़ वाहन पंजीकृत थे. जिनमें से 50 से 55 प्रतिशत वाहनों का थर्ड बीमा नहीं था. वहीं साल 2020 में जारी किए गए आंकड़े के अनुसार देश में करीब 6 करोड़ वाहन बिना थर्ड बीमा के पाए गए थे. जिनकी संख्या साल 2025 में 7 करोड़ के करीब पहुंच गई है. इसीलिए संसद की एक कमेटी ने इसे लागू करने की सिफारिश की है. थर्ड पार्टी बीमा के ये हैं फायदे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे की बात करें तो, मोटर वाहन एक्ट के मुताबिक अगर किसी वाहन का एक्सीडेंट हो जाता है और उसमें किसी की शारीरिक या संपत्ति का नुकसान होता है, तो वाहन मालिक को उसके नुकसान की भरपाई करने होती है. जिसके भुगतान की जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी की हो जाती है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में विभिन्न प्रकार के मुआवजे शामिल हैं. जैसे-किसी अन्य की मृत्यु या शारीरिक क्षति पर मुआवजा, किसी अन्य व्यक्ति के वाहन व संपत्ति की क्षति पर मुआवजा, कानूनी और अस्पताल संबंधी खर्चों का भुगतान आदि शामिल है.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विजन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना न केवल बाघों की संख्या को बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगी। यह पहल बाघ संरक्षण और प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार जैव विविधता के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यटन के विकास के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श राज्य बने। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण न केवल “टाइगर स्टेट” बल्कि “लेपर्ड स्टेट” और “चीता स्टेट” के रूप में भी प्रतिष्ठित है। राज्य में देश की सबसे अधिक तेंदुआ आबादी दर्ज की गई है, जो यहां के समृद्ध वन्य आवासों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का सफल पुनर्स्थापन करके “चीता स्टेट” का गौरव भी प्राप्त किया है। कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में वन्य-जीव संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव विशेषज्ञों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। बाघ संरक्षण में ऐतिहासिक पहल उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। केन्द्र राज्य में वन्य-जीव पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में भी अग्रणी है और इस पहल से राज्य की इस प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर रीवा और सतना क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की होगी स्थापना महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर, मुकुंदपुर, सतना के संशोधित मास्टर (ले-आउट) प्लान के तहत गोविंदगढ़, रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति द्वारा तकनीकी समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 9 एवं 17 दिसंबर, 2024 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की 114वीं बैठक और 19 दिसंबर, 2024 को तकनीकी समिति की 112वीं बैठक के निर्णय के अनुक्रम में प्रदान की गई है।  

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