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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कल्याणकारी, सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने समृद्धि के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उनमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशवासियों के कल्याण और भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार माना।

MP के 66 लाख से अधिक किसानों को बजट में मिली सौगात, तीन की जगह पांच लाख रुपये का लोन मिल सकेगा

भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत बजट किसानों के सशक्तीकरण का माध्यम बनेगा। एक ओर जहां खेती में लागत लगाने के लिए किसानों को राशि की व्यवस्था करने किसी का मुंह नहीं देखना पड़ेगा तो दलहन और कपास उत्पादक किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए मदद मिलेगी। किसानों को ऐसे होगा फायदा उच्च पैदावार वाले बीज तैयार करने के साथ उसका प्रसार किया जाएगा। नई किस्में आएंगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और खेती लाभकारी बनेगी मध्य प्रदेश में 65 लाख 83 हजार 726 किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाए गए हैं। अभी इन्हें तीन लाख रुपये तक ऋण मिलता है। सहकारी बैंकों के माध्यम से सरकार बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराती है। इसका उपयोग खाद-बीज खेत तैयार करने से लेकर अन्य कार्यों में किया जाता है। अब ऋण की यह सीमा पांच लाख रुपये होगी यानी दो लाख रुपये अधिक मिलेंगे। निश्चित तौर पर इससे अधिक किसान सहकारिता की व्यवस्था से जुड़ेंगे। इससे खेती का लागत भी कम होगी। दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार ने मिशन घोषित किया है। दरअसल, प्रमुख दलहन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में लगातार तुअर और उड़द का क्षेत्र घट रहा है। लागत अधिक होने और अन्य उपज कही तुलना में उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान दलहन फसलों से दूर हो रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, तुअर की बात करें तो वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 में 6.63 प्रतिशत की कमी देखने को मिली थी। यही स्थिति उड़द की भी रही। इसका क्षेत्र 34 प्रतिशत घटा, जबकि, मसूर के क्षेत्र 5.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, संतोष की बात यह है कि उत्पादन अधिक प्रभावित नहीं हुआ। इस योजना में वर्तमान योजनाओं का अभिसरण के माध्यम से कम उत्पादकता, कम उपज और औसत से कम ऋण मानदंड वाले जिले शामिल किया जाएगा। ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण नामक कार्यक्रम में कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति आएगी। इस योजना के पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश की प्रमुख वाणिज्यिक फसल में शामिल कपास का क्षेत्र मालवांचल है। इसका क्षेत्र लगभग साढ़े छह लाख हजार हेक्टेयर और उत्पादन 9.17 लाख टन हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित मिशन का लाभ मालवा और निमाड़ के किसानों को मिलेगा। किसानों की आय बढ़ाने कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर फोकस किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कृषि से संबद्ध क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। सब्जियों और फलों की खेती को बढ़ावा देने के साथ प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कार्यक्रम चलाया जाएगा। प्रदेश में भी किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सब्जियों का क्षेत्र 11.88 लाख से बढ़कर 12.19 लाख हेक्टेयर हो चुका है। उत्पादन भी 242.62 लाख टन पहुंच गया है। आलू, टमाटर और प्याज का उत्पादन बढ़ा है। इसी तरह फलों की खेती को देखा जाए तो यह साढ़े चार लाख हेक्टेयर है और उत्पादन लगभग सौ लाख टन हो गया है। प्रमुख फसलों में केला, आम और नारंगी है। क्रियान्वयन पर ध्यान दे सरकार बजट में कृषि क्षेत्र को लेकर किए गए प्रविधानों पर पूर्व कृषि संचालक जीएस कौशल का कहना है कि योजनाएं तो पहले से भी हैं लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। दलहल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्यक्रम पहले भी लागू किए जा चुके हैं पर इसका वैसा लाभ किसानों को नहीं मिली, जिस मंशा के साथ ये प्रारंभ किए गए थे।यही स्थिति कपास को लेकर भी है। उद्यानिकी फसलें निश्चित तौर पर लाभदायक होती हैं लेकिन यह तब जब उचित मूल्य मिले। अभी समस्या बाजार की है। इसके अभाव में बिचौलिए लाभ उठाते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में भले ही ऋण लेने की सीमा तीन से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है पर इससे किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। इसके स्थान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की गारंटी, प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए ताकि किसान जब उसे उचित मूल्य तब उपज बेच सके।  

सीएम मोहन यादव ने कहा वित्त मंत्री सीतारमण का बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला

भोपाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2025 पेश कर दिया। इस बजट में मिडिल क्लास को सबसे बड़ी खुशी दी गई है। टैक्स छूट की सीमा 12 लाख तक करने के साथ मोबाइल फोन, चार्जर समेत कईव चीजें भी सस्ती होने वाली हैं। बजट के बाद राजनीतिक गलियारे से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बजट की दिल खोलकर तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला बताया। मोहन यादव ने इसके साथ वित्त मंत्री और पीएम मोदी का भी आभार जताया। सीएम मोहन यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। यह कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाले इस बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन! मिडिल क्लास को टैक्स छूट में बड़ी सौगात का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। मोहन यादव ने आगे कहा कि बीते एक दशक में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने जो समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं,उसमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। निश्चित ही प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले इस क्रांतिकारी कदम के लिए मध्यप्रदेश वासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार-अभिनंदन।

Union Budget 2025: इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे, यूनियन बजट में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली आज संसद में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी पारी का पहल संपूर्ण बजट (Union Budget 2025) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा पेश किया गया. इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में मिलने वाली छूट भी शामिल है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के सस्ते होने की उम्मीद है. बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, “कोबाल्ट पाउडर और अपशिष्ट, लिथियम आयन बैटरी (Lithium-Ion Battery) के स्क्रैप, सीसा, जस्ता और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को छूट दी जाएगी. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी निर्माण हेतु 35 अतिरिक्त वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी.” नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को मजबूती: इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार की मेक इन इंडिया योजना को और बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि, नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन (National Manufacturing Mission) को और भी मजबूत किया जाएगा, जिसका लाभ ऑटो सेक्टर को भी मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्होनें अपने स्पीच में कहा कि, “हमारी सरकार एक नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन का सेटअप करेगी. जो बड़े, मध्यम और छोटे इंडस्ट्री को कवर करेगा. यह मिशन केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों दोनों के लिए पॉलिसी सपोर्ट, एक्जीक्यूशन रोडमैप के साथ गर्वनेंस और मॉनिटरिंग का फ्रेमवर्क प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि, “ये मिशन पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट साथ-साथ क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी बेहतर बनाएगा. इस स्कीम का लक्ष्य डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन को बेहतर बनाना है. जिसके तहत सोलर पीवी सेल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी, मोटर, कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइसर्स, विंड टर्बाइन, हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन और ग्रिड स्केल बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग को सहयोग देना है.” स्टार्ट-अप के लिए 20 करोड़ का लोन: इस बार के बजट में स्टार्ट-अप को भी एक बड़ा तोहफा मिला है. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि, “स्टार्ट-अप के लिए लोन अमाउंट सीमा को बढ़ाकर अब 20 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जो अब तक 10 करोड़ रुपये तक की सीमित था. ये सपोर्ट स्टार्ट-अप सेक्टर के 27 अलग-अलग एरिया में दिया जाएगा.” जाहिर है कि, इसका बड़ा लाभ देश के ऑटो सेक्टर में भी देखने को मिलेगा. बीते कुछ सालों में देश में कई नए स्टार्ट-अप ने एंट्री की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री से जुड़े हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा ईवी बैटरी, कंपोनेंट मैक्न्युफैक्चरिंग और मोटर सेक्टर को दिया जाने वाला सहयोग भी ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा बल देगा. बजट 2025 पेश होने के साथ ही टेक दुनिया में हलचल तेज हो गई है और मैन्युफैक्चरर्स से लेकर ग्राहकों तक के लिए यह बजट अच्छी खबरें लेकर आया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि ढेरों डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाले पार्ट्स से इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा रही हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि स्मार्टफोन्स, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते होने वाले हैं। बजट में मोबाइल फोन पर कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा की गई है। इससे भारत में मैन्युफैक्चर होने वाले मोबाइल फोन्स की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उन्हें नए स्मार्टफोन खरीदने के लिए कम खर्च करना पड़ेगा। मोबाइल कंपनियों ने सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी, ताकि ग्राहकों को फायदा हो सके और सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग का मिलेगा फायदा भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है। लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश में मोबाइल बैटरी बनाने की लागत कम होगी। मोबाइल फोन के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स जैसे LED-LCD टीवी के दाम भी कम किए जाएंगे। इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी भी कम कर दी गई है। बता दें, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और स्मार्टफोन्स की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने EV बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 एडिशनल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन में यूज होने वाले 28 एडिशनल गुड्स को छूट पाने वाले कैपिटल गुड्स की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया है। इस तरह बैटरी मैन्युफैक्चरिंग भी सस्ते में होगी। आसान भाषा में समझें तो इलेक्ट्रॉनिक्स या स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाला खर्च कम हो गया है। ठीक इसी तरह बैटरी की लागत भी कम कर दी गई है। यही वजह है कि अब इन चीजों की कीमतें ग्राहकों के लिए भी घट सकती हैं और ये घोषणाएं सकारात्मक बदलाव दर्शाती हैं।

बीजापुर में जवानों को मिली बड़ी सफलता, 8 माओवादी ढेर, फायरिंग अभी भी जारी

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में सुबह से जारी मुठभेड़ में जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 8 नक्सलियों को मार गिराया है. मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरमाद कर लिए गए हैं. तोड़का के जंगल में यह मुठभेड़ हुई है. दरअसल, माओवादियों के सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 और सीआरपीएफ 222 बटालियन की टीम गंगालूर के तोड़का व कोरचोली के जंगल रवाना हुई थी. सुरक्षाबलों की ओर से यह ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा था, जिसमें जवानों ने नक्सलियों को मुठभेड़ में कड़ा जवाब दिया. फिलहाल, इलाके में गोलीबारी जारी है. इस सफलता को सुरक्षाबलों ने अपनी महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा है, जो नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है.

Budget 2025: वित्त मंत्री ने किया बड़ा एलान, 12 लाख तक की आमदनी तक कोई आयकर नहीं

नईदिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष कर पर बजट में कहा कि नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा। नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है। वित्त मंत्री के बजट 2024 के अनुसार पहले किसी करदाता की सालाना आय 7 लाख 75 हजार रुपये तो स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये घटाने के बाद उसकी आमदनी 7 लाख रुपये सालाना हो जाती थी। ऐसे में उसे कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। इसका मतलब है अगर किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 64000 या 64500 रुपये के आसपास थी तो नई कर प्रणाली के तहत उसकी आमदनी टैक्स फ्री थी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के मध्यमवर्गीय नागरिकों को आर्थिक मजबूती देना और उनके खर्च को संतुलित करना है। इस छूट से नौकरीपेशा और छोटे व्यवसायियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि टीडीएस की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा. सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स छूट दोगुनी की जाती है. उनके लिए ब्याज पर छूट 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख की जा रही है. उन्होंने कहा कि TDS-TCS में कमी की जाएगी. मोदी सरकार के बजट में गरीबी, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस किया गया. वहीं मिडिल क्लास का जिक्र अपने बजट से शुरुआत में करने के साथ ही वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास से लिए सस्ते-महंगे की लिस्ट तो जारी कर दी, इसके साथ ही उन्होंने सबसे बड़ा ऐलान कर गया, जिसका इतंजार मिडिल क्लास को था . उन्होंने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया. यानी 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.  न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है.   बजट में अब तक के सबसे बड़े ऐलान 12 लाख तक की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. वित्त मंत्री ने कहा- न्यू इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते लाया जाएगा. इन डायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म को बाद में बताएंगे. कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी, पिछले 4 साल का IT रिटर्न एकसाथ फाइल कर सकेंगे. वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है. इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा को 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दिया है. अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए फोकस रहेगा. किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख होगी. बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा, इससे छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा. छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी होंगे. MSME के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़, 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज मिलेगा. स्टार्टअप के लिए लोन 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए किया जाएगा। गारंटी फीस में भी कमी होगी.

खाद्य तेलों और दलहन में भारत बनेगा आत्मनिर्भर ! बजट भाषण में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश को दलहन और खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए तुअर, उड़द, मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि धन धान्य कृषि योजना 100 कम उत्पादकता वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही कृषि कार्यक्रम 1.7 करोड़ किसानों की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कृषि योजना कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करेगी, जहां फसल की पैदावार कम होती है और जहां क्रेडिट पैरामीटर औसत से नीचे हैं। योजना के तहत किसानों को आधुनिक फसल टेक्नोलॉजी मुहैया करवाई जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 8वां बजट है और मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट भी है। संसद में बजट सत्र जारी है।केंद्र सरकार खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का एक मिशन शुरू करेगी. निर्मला सीतारमण ने बजट में इसका ऐलान किया है. इस बार बजट में ‘बढ़ते मध्यम वर्ग’ की खर्च करने की शक्ति को बढ़ाने पर फोकस किया गया है. ये हैं बजट के बड़े ऐलान     खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है     दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू किया जाएगा     केंद्रीय एजेंसियां अगले 4 सालों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी     प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम     कृषि जिलों के विकास का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, 1.7 करोड़ किसानों की मदद के लिए ऋण की उपलब्धता     योजना में फसल विविधीकरण को अपनाया जाएगा, कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाया जाएगा। इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी     एमएसएमई विकास का दूसरा इंजन है     एमएसएमई हमारे निर्यात का 45% हिस्सा है। एमएसएमई की वर्गीकरण सीमा बढ़ाई गई है ताकि उनकी वृद्धि को बढ़ावा मिले     सूक्ष्म उद्यमों के लिए, कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे   छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता वित्त मंत्री ने कहा कि बजट 2025 टैक्स, पावर, अर्बन डेवलेपमेंट, माइनिंग, फाइनेंशियल सेक्टर और रेगुलेटरी पॉलिसी जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को प्राथमिकता देता है. निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू किया. पिछले चार बजट और एक अंतरिम बजट की तरह, ये बजट भी पेपरलेस होगा. बजट की प्रमुख बातें – भारतीय खिलौनों के लिए सपोर्ट स्कीम – किसान क्रेडिट की लिमिट पांच लाख रुपये. सस्ते ब्याज पर किसानों को पांच लाख का कर्ज. कपास किसानों को पांच साल का पैकेज. – असम में यूरिया प्लांट का गठन होगा. 12.7 लाख मीट्रिन टन की सालाना क्षमता वाला यूरिया प्लांट खुलेगा. – कृषि योजनाओं से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ. – कॉटन प्रोडक्टिविटी के लिए पांच साल का मिशन – बिहार के किसानों के लिए खास ऐलान. दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता का टारगेट. – मखाना किसानों के लिए बजट में ऐलान.  मखाना बोर्ड बनेगा. – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना चलाएंगे. 10 जिलों में योजना चलाई जाएगी. कम उपज वाले इलाकों में शुरू होगी योजना. – खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल के मिशन का ऐलान. – फल सब्जियों के लिए व्यापक प्रोग्राम का ऐलान. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपये हुई बजट 2025 में मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढा दी है. अब यह सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. बजट में सरकार ने किसानों को लेकर कई और बड़ी घोषणाएं भी की है. इनमें धन धान्य कृषि योजना,  कृषि कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों की मदद, कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को कवर करने के लिए कृषि योजना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि खाद्य तेल और बीज के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाना है. इसके तहत दालों में आत्मनिर्भर बनने के लिए 6 साल का मिशन शुरू करेंगे. – केंद्रीय एजेंसियां ​​अगले 4 वर्षों में तुअर, उड़द, मसूर की खरीद करेंगी. प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. बजट में सरकार ने बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तर्ज पर कृषि जिला कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे. फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं, लोन की उपलब्धता से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी. यह योजना फसल विविधीकरण को अपनाएगी, फसल कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाएगी. इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी.

भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे

भोपाल/ दिल्ली मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 4 दिवसीय जापान यात्रा से आज वापस लौटेंगे। सीएम टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं, शाम तक मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश लौटते ही सीएम बिना आराम किए दिल्ली विधानसभा चुनाव की बागडोर संभालेंगे। दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव जनसभा को करेंगे संबोधित भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे। रात 8 बजे दिल्ली के दादा देवता मंदिर, शकूर गांव के विधानसभा टीआरआई नगर, केशवपुरम में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। जापान दौरे से प्रदेश में आएगा बड़ा निवेश मुख्यमंत्री का जापान दौरे से प्रदेश में बड़ा निवेश आएगा। यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने की पहल हुई है। प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश की सहमति दी है। निवेशकों के साथ One-to-One बैठक हुई, कृषि, डेयरी एवं फूड प्रोसेसिंग, फिनटेक, आईटी/आईटीईएस और रोबोटिक्स, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, शहरी एवं औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर बैठकें केंद्रित रहीं। प्रदेश के बजट का आधार बनेगा आम बजट आज देश का आम बजट पेश होने जा रहा है। लेकिन इससे प्रदेश को भी काफी आशाएं हैं क्योंकि यह एमपी के बजट का आधार बनेगा। राज्य को विभिन्न योजनाओं में 50 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से बजट भाषण सुनने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ नए अवसरों पर विभाग रिपोर्ट तैयार करेंगे। 15 फरवरी से पहले सीएम डॉ मोहन यादव मप्र के बजट को लेकर बैठक करेंगे। गरीब, नारी, युवा और किसानों के लिए होंगे विशेष प्राविधान।   MP जीसीसी नीति लागू करने वाला पहला राज्य मध्यप्रदेश सरकार ने देश की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2025 लागू कर दी है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। सरकार इन शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सायबर सुरक्षा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसके साथ इनोवेशन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। ये क्लस्टर आधुनिक तकनीकों में नवाचार के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए मंच प्रदान करेंगे। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक मध्यप्रदेश के खजुराहो में बाल नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नृत्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए 10 से 16 वर्ष के मध्यप्रदेश के मूल निवासी बाल नृत्य कलाकार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने वाले कलाकारों को 20 से 26 फरवरी तक ऐतिहासिक नगरी खजुराहो में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान एक पृथक मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त होगा। इस महोत्सव में आवेदन करने के लिए 3 फरवरी को रात 12 बजे तक संस्कृति संचालनालय की वेबसाइट culturemp.in अथवा talent.khajurahodancefestival.com पर आवेदन किया जा सकता है।

1 फरवरी को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की

 नई दिल्ली आज देश का आम बजट (Union Budget 2025) आने वाला है और इससे ऐन पहले एलपीजी सिलेंडर सस्ता हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 फरवरी 2025 को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती (LPG Cylinder Price Cut) की है. इस सिलेंडर का दाम 7 रुपये तक घटाया गया है और इसके बाद राजधानी दिल्ली में एक कॉमर्शियल गैस सिलेंडर बजट वाले दिन से 1804 रुपये से घटकर 1797 रुपये रह गया है. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली से मुंबई तक LPG सस्ती इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर देखें, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें (LPG Cylinder New Price) जारी कर दिए हैं और इन्हें आज 1 फरवरी 2025 से ही लागू कर दिया गया है. देश के चार महानगरों की बात करें, तो जहां दिल्ली में ये कम होकर (Delhi LPG Price) 1797 रुपये रह गया है. तो वहीं कोलकाता में इसका दाम (Kolkata LPG Cylinder Price) 1911 रुपये से कम होकर 1907 रुपये का रह गया है. मुंबई में ये अब 1756 रुपये की जगह 1749.50 रुपये में मिलेगा और चेन्न्ई में इस कीमत 1966 रुपये से घटकर 1959.50 रुपये रह गई है. साल 2025 की ये दूसरी कटौती इससे पहले साल 2025 की शुरुआत यानी 1 जनवरी को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतें घटी थीं. नए साल के मौके पर ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक की कटौती की थी. जबकि बीते साल के आखिरी दिसंबर महीने में 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा किया गया था. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई चेंज नहीं दिखा है. 1 फरवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये 1 अगस्त 2024 वाले रेट पर ही मिल रहा है. दिल्ली में इसकी कीमत 803 रुपये, कोलकाता में 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.  

अन्न योजना: समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है, एक से 28 फरवरी तक होगी: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर वास्तविक हितग्राहियों को ही निःशुल्क खाद्यान्न वितरण करने और दोहरे/अपात्र/साईलेन्ट हितग्राहियों को पोर्टल से हटाने के लिये ईकेवायसी किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया है कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा याचिका क्रमांक एमए No. 94/2022 इन एसएमडब्ल्यू (सी) No. 6/2020 में पारित आदेशानुसार समस्त हितग्राहियों के ईकेवायसी करने की अनिवार्यता है। ईकेवायसी 1 से 28 फरवरी तक अभियान चलाकर की जायेगी। अभी तक 3 करोड़ 77 लाख से अधिक हितग्राहियों के हुये ईकेवायसी वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत 5 करोड़ 53 लाख 08 हजार में से 3 करोड़ 77 लाख 32 हजार पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जा चुके हैं। इस प्रकार 1 करोड़ 75 लाख 76 हजार हितग्राहियों के ईकेवायसी किए जाना शेष है। शेष पात्र हितग्राहियों के निर्धारित समय सीमा में ईकेवायसी करने की कार्यवाही अभियान चलाकर करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। ईकेवायसी करने की व्यवस्था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित समस्त पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार नंबर की प्रविष्टि की जा चुकी है। उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों के निःशुल्क ईकेवायसी करने की सुविधा उपलब्ध है। उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पात्र हितग्राही के ईकेवायसी उचित मूल्य दुकान स्तर पर किए जा रहे हैं। पात्र हितग्राही के डाटाबेस में त्रुटिपूर्ण आधार नंबर/अन्य व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज होने पर सही व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा पीओएस मशीन में उपलब्ध है। साथ ही त्रुटिपूर्ण आधार नंबर के स्थान पर सही आधार नंबर दर्ज करने की सुविधा एक समय के लिए दी गई है।विशेष अभियान में उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को हितग्राही के घर जाकर भी ईकेवायसी कराने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मुझे खुशी है जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे खुशी है कि जापान की बड़ी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय और व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिये तैयार हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से उत्पादों को न केवल भारत में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक भी आसानी से पहुँचाया जा सकता है। इसका लाभ जापानी कंपनियों को तो मिलेगा ही साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैनासोनिक और ब्रिजस्टोन जैसी कम्पनियों सहित जापानी निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये सहमति जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी 4 दिवसीय जापान यात्रा के दौरान व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के उद्योग, संस्कृति और तकनीक को करीब से समझने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का वातावरण बदल रहा है। बौद्ध धर्म और संस्कृति से जुड़ाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में कई बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि “हमारे यहां धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की परंपरा है। जापान की बौद्ध संस्कृति भगवान सूर्य और गौतम बुद्ध से भी जुड़ी हुई है, जिससे हमें अपनी साझा विरासत को समझने का अवसर मिला।” जापान की औद्योगिक नीति और मध्यप्रदेश में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियां निवेश के फैसले लेने में बेहद सतर्क रहती हैं और गहन अध्ययन एवं शोध के बाद ही आगे बढ़ती हैं। जापान यात्रा के दौरान हमने जिन प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कि सभी ने सकरात्मक रूख अपनाते हुए मध्यप्रदेश में निवेश करने की बात कही। उन्होंने बताया कि रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े उद्यमियों से भी चर्चा हुई, जिन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर रुचि दिखाई है। बुलेट ट्रेन और भविष्य की संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की बुलेट ट्रेन में सफर किया और इसकी उन्नत तकनीक की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की बात कही है। ऐसी ही अन्य परियोजनाओं पर काम हो रहा है। जापान की सहायता से भारत में भी भविष्य में इसी तरह की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं को साकार किया जा सकता है।” जापानी लोगों का भारत के प्रति प्रेम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापानी लोगों की मेहमाननवाजी की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि जापान के लोग न केवल अपने देश से प्रेम करते हैं, बल्कि भारत के प्रति भी उनके मन में विशेष सम्मान और आत्मीयता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान में भारतीय दूतावास और वहां के अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश और जापान के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने में सहायक होगी। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक है किंकाकूजी स्वर्ण मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के चौथे दिन क्योटो स्थित विश्व प्रसिद्ध किंकाकूजी (स्वर्ण मंदिर) का भ्रमण किया। पारंपरिक जापानी स्थापत्य और बौद्ध संस्कृति का प्रतीक यह मंदिर अपनी सोने की परतों से ढंकी भव्य संरचना और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और जापानी संस्कृति में इसकी ऐतिहासिक महत्ता को करीब से समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर के सामने स्थित क्योकाची तालाब के किनारे कुछ समय बिताया, जहां मंदिर का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। उन्होंने कहा कि “ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें सिर्फ स्थापत्य कला का उदाहरण नहीं होतीं, बल्कि वे एक सभ्यता की आत्मा को दर्शाती हैं। जापान ने अपनी संस्कृति को सहेजने का जो प्रयास किया है, वह प्रशंसनीय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा सिर्फ सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जापानी धरोहर संरक्षण, पर्यटन विकास और वास्तुकला के नवाचारों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जापान से इस दिशा में बहुत कुछ सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जापान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश के साथ सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंधों को भी और अधिक सशक्त बनाना है। भ्रमण के दौरान उन्होंने जापान की परंपरागत और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति को भी सराहा। जापान में ऐतिहासिक टेम्पल्स में दर्शन के साथ किया कैसल का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान दौरे के चौथे दिन क्योटो में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को समझने और मध्यप्रदेश के साथ संभावित सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से प्रसिद्ध निजो-जो कैसल, शेंजुशेंगेन्डो और टोजी टेम्पल का भ्रमण कर दर्शन किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्योटो स्थित निजो-जो कैसल का अवलोकन किया, जो जापान की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर और स्थापत्य कला का प्रतीक है। उन्होंने इस दौरान जापान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी जाना। इसके साथ ही, उन्होंने शेंजुशेंगेन्डो मंदिर में दर्शन किए, जो अपनी अनूठी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान और मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक और औद्योगिक संबंध पहले से ही सुदृढ़ हैं इन्हेंऔर अधिक प्रगाढ़ करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए आयामतलाशे जा रहे हैं, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापान की ऐतिहासिक संरचनाओं और उनके संरक्षण के अनुभव से सीखकर मध्यप्रदेश के पर्यटन और धरोहर स्थलों के विकास में नवाचार लाया जा सकता है। उन्होंने इस दौरे को प्रदेश के विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

MP News: लाड़ली बहनों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी, बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान!

 भोपाल मध्यप्रदेश की चर्चित योजनाओं में शुमार लाड़ली बहना योजना को मार्च 2025 में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोहन सरकार फरवरी अंतिम या मार्च की शुरुआत में अपना पूर्ण बजट लेकर आ रही है। जिसमें लाड़ली बहना योजना को ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया था।  दरअसल, सीएम बनने के बाद डॉ सीएम मोहन यादव ने अपना पहला पूर्ण बजट जुलाई 2024 में प्रस्तुत किया था। साल 2024-25 का बजट 3,65,067 करोड़ रुपये था। जो कि 2023-24 से 16 प्रतिशत ज्यादा था। साल 2024-25 बजट में सबसे ज्यादा ध्यान प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया था। जिसमें लाड़ली बहना योजना के लिए 18984 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया था। साल 2024 के बजट को देखते हुए 2025 में भी उम्मीद राज्य सरकार ने साल 2024 के बजट में लाड़ली बहना योजना को ज्यादा तव्वजो दी गई थी। अब साल 2025 के बजट में भी माना जा रहा है कि बहनों के बजट को बढ़ाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक किस्त की राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर घोषणा की गई थी कि 1250 की राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपए किया जाएगा। ऐसे में अब पूरी निगाहें बजट पर टिकी हैं। आपको बता दें कि, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 के मार्च में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। जिसमें बहनों को 1 हजार रुपए की सहायता दी जाती थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर राशि को बढ़ाकर राशि को 1250 रुपए कर दिया गया। उसके बाद से ही राशि को नहीं बढ़ाया गया है। हालांकि, लाड़ली बहना योजना की किस्त न बढ़ाए जाने का एक कारण कर्ज का बोझ भी है। सरकार पर देश के कुल बकाया कर्ज का पांच प्रतिशत से अधिक बोझ है। लाड़ली बहना योजना चलाने के लिए सरकार को हर महीने 1600 करोड़ रुपए जरूरत रहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2025 के बजट में सरकार लाड़ली बहना योजना के लिए कितने रुपए का प्रावधान करती है।

भोपाल में अंबानी-अडाणी समेत देश-विदेश के उद्योगपतियों का लगेगा जमावड़ा, चकाचक होंगी राजधानी की सड़कें

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी 2025 को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS) का आयोजन होगा. राजधानी भोपाल में आयोजित होने वाली दो दिवसीय ग्लोबल समित के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसके लिए शहर को संवारने और सड़कों के रिपेयरिंग काम शुरू हो गया है. ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में देश विदेश से करीब 20 हजार मेहमान आएंगे. इसके लिए अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा समेत देश के तमाम बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा. इन प्रमुख उद्योगपतियों को किया जाएगा आमंत्रित राजधानी भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आठवां संस्करण आयोजित होगा. इस समिट का मुख्य उद्देश्य  माहौल और औद्योगिक ढांचे को दिखाना जो साझेदारी के लिए असीमित अवसर प्रदान करना है. इस ग्लोबल समित के लिए जिन प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा,  उनमें मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंदजी महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्‌डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक शामिल हैं इन सड़कों की होगी रिपेयरिंग देश विदेश से आने वाले प्रमुख उद्योगपति जिन रास्तों से गुजरेंगे, उन्हें 45 करोड़ रुपए में संवारा जा रहा है. राजधानी भोपाल को संवारने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंप दी गई है. जिला कलेक्टर की निगरानी में भोपाल नगर निगम सौंदर्यीकरण, सड़कों की रिपेयरिंग कराएगा. वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी 26 सड़कों की लिस्ट बना ली है. जिन पर  15 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. राजधानी की जिन 26 सड़कों को संवारा जाएगा, उसमें  एयरपोर्ट रोड, लिंक रोड नंबर-1, 2 और 3, वीआईपी रोड, एमपी नगर, वन विहार, रोशनपुरा, रंगमहल, श्यामला हिल्स जैसे प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं. ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की लगेगी प्रदर्शनी इस समिट में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हर जिले की खासियत को उजागर किया जाएगा। खासकर, मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए इसे जनजातीय थीम पर सजाया जाएगा। जापान होगा कंट्री पार्टनर इस बार की समिट में जापान कंट्री पार्टनर होगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी। जापानी निवेशकों के अलावा अन्य देशों के भी निवेशक इस समिट में भाग लेंगे। मध्य प्रदेश सरकार इस मौके को भुनाने के लिए 21 नई नीतियों पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे शामिल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में 24 फरवरी को शामिल होंगे। यह पहली बार है जब भोपाल में इतनी भव्य इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही है। सीएम यादव ने कहा कि इस आयोजन से मध्य प्रदेश को नई पहचान मिलेगी और यह निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा। समिट में शामिल होंगे ये उद्योगपति इस समिट के कई उद्योगपतियों जैसे मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंदजी महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्‌डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक को इस समिट में आने और मध्य प्रदेश में निवेश करने के लिए निमंत्रण दिया गया है। भोपाल में विशेष इंतजाम भोपाल को इस समिट के लिए एक आदर्श स्थल बनाने के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। शहर के प्रमुख होटलों, गेस्ट हाउसों, और एयरपोर्ट पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। चार्टर्ड प्लेन के लिए अलग व्यवस्था की गई है ताकि निवेशकों और वीआईपी मेहमानों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। इस आयोजन की तैयारियों पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस थीम पर होगी समिट समिट को जनजातीय थीम पर सजाया जाएगा। सभी मेहमानों को प्रदेश की जनजातियों के व्यंजन खिलाए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें भीमभेटका, भोजपुर जैसे पर्यटन स्थल की भी सैर कराई जाएगी। निवेश और विकास को मिलेगा बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी। इस आयोजन से नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और राज्य की औद्योगिक छवि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद है। यह समिट मध्य प्रदेश को निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

सेंट्रल इंडिया में 1100 करोड़ की लागत से बन रहे पार्क को वर्ष 2026 अंत तक पूरा कर लिया जायेगा

इंदौर  धार और पीथमपुर(Pithampur) में करीब 255 एकड़ में सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े व प्रदेश के पहले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की राह में सभी बाधाएं हट गई हैं। अब तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। करीब 1100 करोड़ की लागत से बन रहे पार्क को वर्ष 2026 अंत तक पूरा कर ऑपरेशन शुरू करने का दावा है। लॉजिस्टिक पार्क शुरू होनेे से पीथमपुर व आसपास के उद्योगों को अपने उत्पाद भेजने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टेशन कास्ट में करीब 30 प्रतिशत कमी करने का दावा भी किया जा रहा है। इसके बाद रतलाम व उज्जैन में लॉजिस्टिक पार्क बनेगा, जिसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। देश के पांच स्थानों पर मल्टी मॉड लॉजिस्टिक पार्क(Multi Modal Logistics Park ) बनाने की घोषणा सालों पहले हुई थी, लेकिन जमीन के अधिग्रहण में आ रहे पेंच से पीथमपुर का पार्क अन्य शहरों से काफी पिछड़ गया था। बेंगलूरु, चेन्नई, गुवाहाटी और नागपुर में पार्क बनाने का काम चल रहा है। यह पार्क एमपीआइडीसी और एनएचएआइ मिलकर बना रहे हैं, वहीं निर्माण एजेंसी भी तय हो गई है। पीथमपुर के ग्राम सागौर, खेड़ा, जामोदी और अकोलिया की करीब 255 एकड़ जमीन पर यह पार्क बन रहा है। इसमें करीब 1100 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। 2 हजार से ज्यादा उद्योगों को मिल सकेगा फायदा सांसद शंकर लालवानी के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण के बाद पार्क निर्माण शुरू कर दिया है। पीथमपुर व आसपास के इलाके में करीब 2 हजार उद्योग हैं। कई एक्सपोर्ट करते हैं। पोर्ट तक ले जाने में परिवहन में परेशानी होती थी। केंद्र सरकार की भारत माला योजना के तहत यहां पार्क बनाया जा रहा है। यहां से सड़क, रेल व हवाई मार्ग से उत्पादनों को गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। पास ही टीही स्टेशन है, जहां से पार्क तक रेल लाइन डाली जाएगी, एयर कार्गो से भी सामान भेजने में आसानी होगी। 8-10 रुपए किमी तक लाने की तैयारी विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी उद्योगों को सबसे ज्यादा खर्च ट्रांसपोर्टेशन पर करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 7 रुपए प्रति किलोमीटर का औसतन खर्च परिवहन पर आता है, लेकिन यहां पर यह करीब 14 रुपए प्रति किलोमीटर पड़ रहा है, जिससे उद्योग परेशान हैं। अफसरों का दावा है कि मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क(Multi Modal Logistics Park ) बनने से यह खर्च 8 से 10 रुपए प्रति किलोमीटर अथवा उससे कम हो जाएगा और उद्योगों को अच्छा फायदा होगा। टीही के करीब, एयर कार्गो का मिलेगा लाभ एमपीआइडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर के मुताबिक, कंपनी बैसिक डेवलपमेंट का काम कर रही है। यहां आधुनिक मशीनों से लोडिंग, अनलोडिंग की व्यवस्था रहेगी। कस्टम, कंटेनर डिपो आदि सुविधा रहेगी, जिससे उत्पादों का एक्सपोर्ट आसानी से हो पाएगा। वर्ष 2026 के अंत तक पहला चरण पूरा कर ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। अभी उद्योगों को अपना माल मुंबई आदि पोर्ट से एक्सपोर्ट के लिए भेजना पड़ता है, लेकिन अब वह सीधे पीथमपुर से हो जाएगा और उन्हें बड़ी सुविधा मिलेगी। रतलाम में मिली मंजूरी, उज्जैन में सर्वे अफसरों ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे बन रहा है। यह एक्सप्रेस-वे रतलाम से गुजर रहा है। रतलाम एक्सप्रेस-वे के पास लॉजिस्टिक पार्क बनाने को मंजूरी हो गई है। साथ ही एक लॉजिस्टिक पार्क(Multi Modal Logistics Park ) उज्जैन में बनेगा। एमपीआइडीसी के राजेश राठौर के मुताबिक, उज्जैन के लॉजिस्टिक पार्क के लिए सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही परिणाम दिखेंगे।

मोदी सरकार की योजना 3 करोड़ महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’, जानिए क्या है; कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

नईदिल्ली लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए सरकार महिलाओं को फाइनेंशियली सपोर्ट करती है. सरकार की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की योजना में बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है. ये योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है. इस ग्रुप में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं. सेल्फ हेल्प ग्रुपों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं. लखपति दीदी योजना एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इसके जरिए देश की सभी दीदियों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है. ताकी वो खुद पैसे कमा सकें. लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। योजना के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है। यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है। जिसमें बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी जैसी महिलाएं शामिल हैं। लखपति दीदी योजना क्या है? यह एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जिसमें महिलाओं को तरह-तरह की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे खुद कमाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की शुरुआत लखपति दीदी योजना 15 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसका मकसद देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। योजना के लिए जरूरी शर्तें 1. योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। यदि वेरिफिकेशन के दौरान परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता पाया गया, तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। 2. यह योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम है। यदि परिवार की आय 3 लाख से ज्यादा है, तो वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन कैसे करें? 1. योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को पहले सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से एक बिजनेस प्लान बनाना होगा। 2. यह प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जहां अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। 3. अगर आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इन दो शर्तों को करना होगा पूरा लखपति दीदी योजना के लिए अप्लाई करने के लिए महिलाओं के लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन भी दी गई हैं. इस योजना में जो सबसे जरूरी शर्त है कि कोई भी महिला अगर इस योजना के लिए अप्लाई करती है तो उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए. अगर उस महिला के घर में वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी सदस्य सरकरी नौकरी वाला मिलता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. इसके अलावा इस योजना के लिए केवल वही महिला अप्लाई कर सकती है जिसकी फैमिली ईयरली इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है. 3 लाख रुपये से ज्यादा ईयरली इनकम वाली महिलाएं योजना का हिस्सा नहीं बन सकती हैं. ऐसे करें अप्लाई लखपति दीदी योजना में अप्लाई करने के लिए महिलाओं को एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. जब उनका बिजनेस प्लान बन जाएगा तो उस प्लान को सरकार को भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार के अधिकारी एप्लीकेशन को अच्छी तरह से रिव्यू करेंगे. अगर एप्लीकेशन एक्सेप्ट हो जाता है तो योजना का बेनिफिट दिया जाएगा. इसके साथ 5 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. क्या है पात्रता? अगर आप भी लखपति दीदी बनना चाहता हैं और योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो पहले जान लें कि इसके लिए एलिजिबिलीटी क्या होगी। योजना का फायदा वहीं महिलाएं उठा सकती हैं, जो प्रदेश की स्थाई नागरिक हो। इसके अलावा महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, महिला की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उस महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ पाने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके लिए आधार कार्ड राशन कार्ड बैंक खाता पासबुक, स्वयं सहायता समूह का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। योजना के तहत स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को चुना जाता है, जिनकी सालाना आमदनी कम होती है। इसके बाद उन्‍हें 1-5 लाख रुपये तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज दिया जाता है। ऐसे करें आवेदन इसके लिए आपको स्वयं सहायता के कार्यालय जाना होगा। यहां आपकी एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान तैयार होगा। दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान स्वयं सहायता कार्यालय में जमा कर दें। यहां आपकी एप्लीकेशन रिव्यू होगी और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार रिव्यू करेगी। अप्रूव होने के बाद लोन के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।    

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