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प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने खारिज की चुनौती देने वाली याचिका

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर सहित प्रदेश के पुलिस थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने साफ किया कि पूर्व की एक जनहित याचिका के आदेश का पालन न होने के विरुद्ध विचाराधीन अवमानना याचिका के साथ इस बिंदु को सम्मिलित कर विरोध किया जा सकता है। पृथक से सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, जबलपुर के अधिवक्ता ओपी यादव की जनहित याचिका निरस्त होने के साथ ही थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।   एसएएफ डीजीपी व एडीजीपी आदेश का पालन कर दें रिपोर्ट हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के डीजीपी कैलाश मकवाना व एडीजीपी इरशाद वली को निर्देश दिए हैं कि पूर्व आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट पेश करें। न्यायमूर्ति अचल कुमार पालीवाल की एकलपीठ ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न संवर्गों के स्थानांतरण के संबंध में सक्षम अधिकारी को उचित दिशा निर्देश दें। कोर्ट ने 30 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को इस आदेश की प्रति डीजीपी को प्रेषित करने कहा ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। याचिकाकर्ता छठवीं वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, संजय कुमार शर्मा, रोहिणी शर्मा व विनीत टेहेनगुरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता का विगत वर्ष दसवीं वाहिनी, विसबल सागर से छठवीं वाहिनी जबलपुर स्थानांतरण हुआ था। जिसके विरुद्ध याचिका दायर की गई थी।  

नितिन गडकरी ने कहा- दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज के लिए कैशलेस योजना सरकार लाने वाली है, पीड़ितों को मिलेगी रहत

नई दिल्ली सड़क हादसे के पीड़ितों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज के लिए कैशलेस योजना सरकार लाने वाली है। इसके तहत एक लाख रुपये से ज्यादा का इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया है कि मार्च तक एक संशोधित योजना लाए जाने की तैयारी है। गडकरी ने कहा कि यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहनों के कारण होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पायलट कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा के अनुसार पीड़ित दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन की अवधि के लिए प्रति व्यक्ति अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक ‘कैशलेस’ उपचार के हकदार हैं।’ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करने के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया था। चंडीगढ़ में शुरू किए गए पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए एक परिवेश तैयार करना था। पायलट परियोजना को बाद में छह राज्यों तक बढ़ाया गया। कैसे और कितने का मिलेगा इलाज सरकार ने अगस्त 2024 में जानकारी दी थी कि योजना के अंतर्गत आने वाले पीड़ितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों की अवधि के लिए ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा देखभाल से संबंधित अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य लाभ पैकेज दिए जाते हैं। पीआईबी पर जारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एनएचए, स्थानीय पुलिस, सूचीबद्ध अस्पतालों, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और सामान्य बीमा परिषद के साथ समन्वय कर कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गडकरी ने कहा है कि अगर पुलिस को हादसे के 24 घंटे के अंदर सूचित कर दिया जाता है, तो सरकार इलाज का खर्च उठाएगी। उन्होंने कहा है कि सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी है कि 2024 में करीब 1.80 लाख लोगों ने सड़क हादसे में जान गंवा दी है। इनमें से 30 हजार मौतें हेलमेट नहीं पहनने से हुई हैं। अगर हिट एंड रन की स्थिति में मौत हो जाती है, तो पीड़ित के परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। कार्यक्रम को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) एप्लिकेशन और एनएचए की लेनदेन प्रबंधन प्रणाली की कार्यक्षमता को मिलाकर एक आईटी मंच के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।

अब दिल्ली से होगा फैसला, कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों का समीकरण

भोपाल। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है। दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया। बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी। इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से  अब तक जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपा दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

साक्ष्य जुटा रही पुलिस, मध्य प्रदेश-सिंगरौली में केजीएफ ढाबे के ऊपर बने कमरे में से मिली दो लाशें

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर दो लाशें मिलने का मामला सामने आया है। जिले के बरगवां थाना इलाके के गोंदवाली में केजीएफ ढाबे के ऊपर बने कमरे में दो नाबालिग आदिवासी लड़कों के शव मिले हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों ही लड़के ढाबे पर ही काम करते थे। बरगवां पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। हाल ही में बरगवां के बड़ोखर में चार लोगों की निर्मम हत्या और शवों को सेप्टिक टैंक में दफनाने की वारदात सामने आई थी। पुलिस इलाके में अवैध नशे के कारोबार, गांजा और शराब पर लगाम नहीं लगा पा रही है। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने राजस्व विभाग की पहल, अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के साथ ही हो जायेगा नामांतरण

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब राजस्व विभाग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रजिस्ट्री के बाद त्वरिज नामांतरण करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए सुगम एप में ऐसी व्यवस्था की जा रही है। बता दें कि प्रदेश भर में रोज तकरीबन 8 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। इससे क्रेता द्वारा अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए एक माह से 90 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इसके लिए तहसील और पटवारी कार्यालय में सुविधा शुल्क भी देना पड़ जाता है। इसे देखते हुए राजस्व विभाग अब तत्काल नामांतरण की सुविधा शुरू करने जा रहा है। ऐसे काम करेगा सिस्टम इस पहल से राजस्व विभाग में होने वाले भ्रष्टाचार से निजात मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि सुगम ऐप से रजिस्ट्री शुरू होने के बाद पूरी पादर्शिता के साथ रजिस्ट्री होगी। भुइंया रिकॉर्ड को सुगम ऐप से जोड़ा जा चुका है। जो रिकॉर्ड इसमें होगा, उसके आधार पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया होगी। रजिस्ट्री में ही गड़बड़ी की सभी आशंकाओं को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसे में जब राजस्व रिकॉर्ड सही होने पर ही रजिस्ट्री होगी और 24 घंटे मेंं नामांतरण भी हो जाएगा। अभी रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय जाना पड़ता है और वहां आवेदन देना होता है। अब आवेदन रजिस्ट्री कराने के साथ ही पटवारी और तहसीलदार के लॉगिन आईडी में फारवर्ड हो जाता है। संबंधित तहसीलदार के पास रजिस्ट्रीकर्ता का आवेदन डिस्प्ले होने लगता है। क्रेता-विक्रेता की पेशी और विज्ञापन के बाद नामांतरण की भी प्रक्रिया होती है। नामांतरण के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं लगाना होंगे।  

CG में रात 1 बजे बाद नहीं मिलेगा ऑनलाइन खाना, चाकूबाजों से परेशान पुलिस ने लगाई पाबंदी

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रात एक बजे के बाद ऑनलाइन खाना नहीं मिलेगा। एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में ऑनलाइन फूड सप्लाई के संचालक, मैनेजर, आउटलेट प्रभारी और डिस्ट्रीब्यूटर्स की बैठक में यह व्यवस्था बनाई। साथ ही कुछ अन्य गतिविधियों को भी बंद करने कहा गया है। पुलिस जांच में सहयोग करने और अपने कर्मचारियों एवं डिलीवरी ब्वॉय का वेरिफिकेशन के लिए उनकी संपूर्ण जानकारी आईडी सहित संबंधित थानों में जमा करने और आउटलेट की जानकारी देने कहा गया है। संस्थानों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कार्य पर नहीं रखने और कार्य में रखने से पूर्व कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन कराने और डिलीवरी ब्वॉय द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों के संबंध में भी जानकारी पुलिस को देने निर्देशित किया गया। चाकू आते ही पुलिस को करें सूचित रायपुर में आए दिन चाकूबाजों को पुलिस पकड़ रही है। पूछताछ में जानकारी आई है कि बदमाशों द्वारा ऑनलाइन चाकू मंगवाया जा रहा है। इसे देखते हुए एसएसपी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के संचालक और मैनेजर की बैठक ली गई। इस दौरान कहा गया कि ग्राहकों को किसी भी प्रकार का चाकू डिलीवर नहीं करना है। चाकू, नशे से संबंधित सामग्री व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को कोड के अनुसार अपने पास एकत्र कर रखने और पुलिस की उपस्थिति में खोलने कहा गया। पूर्व में जिन ग्राहकों को चाकू डिलीवर किया जा चुका है, उसकी जानकारी देने निर्देशित किया गया। पुलिस का मानना है कि शातिर अपराधी इसका फायदा उठा रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स के प्रमुख कार्यालयों को ई-मेल के माध्यम से चाकू, धारदार हथियार, पिस्टल जैसे दिखने वालों हथियारों और नशे से संबंधित सामग्रियों को प्रतिबंधित करने और डिलीवरी नहीं करने के निर्देश दिए गए है।      

ED को सट्टेबाजी आरोपी के मध्य प्रदेश बैंक लॉकर से मिला 3.5 किलो से ज्यादा सोना

इंदौर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इंदौर की टीम ने क्रिकेट की ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल आरोपितों के बैंक लाकर से विदेशी सोना जब्त किया है। ईडी ने सट्टेबाजी में आरोपित संजय अग्रवाल के बैंक लॉकर को मंगलवार को खुलवाकर जांच की। इस दौरान विदेशी सोने के बिस्किट जिनका वजन 3.50 किलो है, बरामद हुए। साथ में 750 ग्राम गहने भी मिले हैं। इन सबकी कुल कीमत 3.36 करोड़ आंकी गई है। सोने और गहनों को ईडी ने जब्त कर लिया है। इंदौर और लुधियाना पहुंची थी टीम 12 दिसंबर को ईडी ने उज्जैन के सट्टेबाज पीयूष चौपड़ा और उसके सहयोगियों के ठिकाने पर छापे मारकर जांच की थी। सट्टेबाजी के उसके कारोबार में शामिल सहयोगियों के ठिकानों पर इंदौर और लुधियाना में भी टीमें पहुंची थीं। बैंक अकाउंट और लॉकर फ्रीज कर दिए चौपड़ा के सहयोगी इंदौर के संजय अग्रवाल के ठिकानों पर भी ईडी की टीम पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में बैंक खाते और लॉकर फ्रीज कर दिए गए थे। मंगलवार को अग्रवाल के लॉकरों को खुलवाना शुरू कर जांच को आगे बढ़ाया गया। टेनिस के मैंचों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी ईडी के अनुसार इंदौर-उज्जैन के ये सट्टेबाज अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े थे। क्रिकेट के साथ टेनिस के मैचों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाते थे। फर्जी दस्तावेजों से मोबाइल सिम हासिल कर ये रैकेट चलाते थे। साथ में हवाला व मनी लांड्रिंग के सबूत भी मिलने के बाद ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। दिसंबर के छापों में 31 लाख रुपये की नकदी और आठ करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज 2024-25 का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम “अनुगूंज 2024-25” का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम 10 जनवरी को सांय 05:30 बजे से शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल में होगा। अनुगूँज के प्रथम भाग ‘धनक’ के अंतर्गत गायन-वादन के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य मोहनीअट्टम, भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियॉं होगी। वहीं कार्यक्रम के द्वितीय भाग ‘रंगकार’ में प्रसिद्ध नाटक “चरन दास चोर” का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जायेगा। इन सभी प्रस्तुतियों में सहभागी विद्यार्थियों ने मात्र 1 माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ विभिन्‍न शासकीय विद्यालयों के लगभग 600 विद्याथियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया जायेगा। विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटोर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटोर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी इन विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। अनुगूंज समारोह, स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। राज्‍य स्‍तरीय आयोजन में राजधानी भोपाल की शासकीय शालाओं के लगभग 600 विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहें है, जिनमें पद्मविभूषण पंडित जसराज जी की शिष्‍या और वरिष्‍ठ ख्‍याल गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्‍ठ, मोहनीअट्टम नृत्‍य की शीर्षस्‍थ कलाकार और गुरू सुश्री कविता शाजी, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सुश्री भारती होम्‍बल, ओडिसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त नृत्‍य गुरू सुश्री बिंदु जुनेजा और शिखर सम्‍मान से विभूषित रायगढ घराने की नृत्‍य गुरू डॉ. विजया शर्मा के साथ ही प्रयोगधर्मी नाट्य निदेशक श्री सौरभ अनंत जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। “एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत” की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए विशाल मंच का निर्माण भी दक्षिण भारत के 900 वर्ष प्राचीन चंकेश्‍वर महादेव मंदिर के प्रादर्श पर तैयार किया गया है।  

मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महाकुंभ के मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जाएंगे. उनके साथ मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी महाकुंभ में जा सकते हैं. अभी जाने की तारीख तय नहीं हुई है. महाकुंभ को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बातचीत में कहा, ”प्रयागराज में आयोजित किए जाने वाले महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं को जायजा लेंगे. इसके अलावा साधु संतोष से आशीर्वाद भी लेंगे.” उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के कुछ लोग प्रतिनिधि के रूप में महाकुंभ के मेले में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे. सरकार सिंहस्थ 2028 की तैयारी को लेकर व्यापक पैमाने पर विकास कार्य कर रही है. ऐसी स्थिति में महाकुंभ का मेला सिंहस्थ 2028 के पहले हिंदुओं का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है. उज्जैन में स्थाई निर्माण के लिए साधु संतों को आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में भी साधु संतों के स्थाई आश्रम बनाने के लिए सरकार ने कई सुविधाएं देने का ऐलान किया है. साधु संतों को महाकुंभ के मेले में यह भी संदेश पहुंचाया जाएगा कि वे उज्जैन में अपना स्थाई निर्माण करें ताकि हर बार सिंहस्थ में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े. सिंहस्थ 2028 के लिए सीएम मोहन यादव का दावा मुख्यमंत्री के मुताबिक इस बार सिंहस्थ 2028 महाकुंभ मेला में साल 2016 की तुलना में दोगुना श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.  महाकुंभ 13 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा. इसके लिए यूपी सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है. साथ ही मुख्य जगहों से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी नहीं हो.

पीएम मोदी 13 जनवरी को कश्मीर आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे

श्रीनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे और श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। सुरंग के माध्यम से सोनमर्ग तक हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी 13 जनवरी को यहां आएंगे और जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे। यह सुरंग गगनगीर से सोनमर्ग तक रोड को बाईपास करेगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पूरे साल हिल स्टेशन पर आने की सुविधा मिलेगी। गगनगीर-सोनमर्ग खंड भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण बंद हो जाता है, जो हर साल इस क्षेत्र में होता है। जेड-मोड़ सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर और सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी 2-लेन वाली सड़क सुरंग है। पहले जो रोड उपयोग में थी, वह हिमस्खलन से प्रभावित थी और अक्सर कई महीनों तक बंद हो जाती थी। लेकिन जेड-मोड़ सुरंग सोनमर्ग पर्यटक शहर को सभी मौसमों में जोड़ने वाली सुविधा प्रदान करती है। इस 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग को पार करने में केवल 15 मिनट लगते हैं, जबकि पहाड़ियों पर ऊपर-नीचे टेढ़े-मेढ़े रास्ते से यात्रा करने में घंटों लगते थे। साथ ही यह, पास की जोजी-ला सुरंग के साथ, श्रीनगर-लेह हाईवे पर यह भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों को साल भर मौसम-रहित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे सैन्य रसद में भी वृद्धि होगी और पर्यटन तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सोनमर्ग को सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा, यह सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में मदद करेगी और क्षेत्र में पर्यटन तथा संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगी। यह 31 सड़क सुरंगों में से एक है, जिनमें से 20 जम्मू-कश्मीर में और 11 लद्दाख में हैं। सुरंग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। 20 अक्टूबर 2024 को सुरंग के कर्मचारियों पर आतंकवादी हमला हुआ था। दो आतंकवादी गगनगीर में श्रमिकों के शिविर में घुसे और अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित सात नागरिक मारे गए थे। इस हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है।

मप्र सरकार ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि 2028 में उज्जैन में होने वाले ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में आगामी कुंभ के समापन के बाद, भीड़ प्रबंधन, ड्रोन सर्वेक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों एवं स्टार्टअप्स का एक सम्मेलन उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने ‘सिंहस्थ मेले’ के लिए बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों सहित तैयारियों की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, 2021 में उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में कुंभ मेला आयोजित किया गया था। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ की व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम रूप देने के लिए प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सिंहस्थ-2028 में दोनों कुंभों की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।’’ यादव ने अधिकारियों को सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे के साथ समन्वय के उद्देश्य से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के घाटों तक सुगम आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और देवास में किए जा रहे निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ के मद्देनजर विभागों में प्रशासनिक ढांचे का आवश्यकतानुसार तत्काल विस्तार किया जाए।  

महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा, जो कि भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति और इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी

भोपाल यात्रियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इस कड़ी में लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन और मौला अलि – वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह रहेगा ट्रेन का टाइम टेबल 05074 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) विशेष ट्रेन यह ट्रेन 11 जनवरी से प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी। ट्रेन लालकुआ स्टेशन से शाम 5:55 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन सुबह 06 बजे बीना, 7:50 बजे रानी कमलापति, 9:30 बजे इटारसी और अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन दोपहर 3:25 बजे क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन पहुंचेगी। 05073 क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु)- लालकुआ विशेष ट्रेन यह ट्रेन 14 जनवरी से प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी। ट्रेन क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन से सुबह 7:15 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन दोपहर 12:05 बजे इटारसी, 1:40 बजे रानी कमलापति, 15:45 बजे बीना और अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 9:05 बजे लालकुआ स्टेशन पहुंचेगी। 07087 मौला अलि – वाराणसी महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन ट्रेन 07087 मौला अलि – वाराणसी महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 17 फरवरी को रात 11.55 बजे मौला अलि स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन शाम 5:40 बजे इटारसी स्टेशन एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 11:10 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंचेगी। 07088 वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन ट्रेन 07088 वाराणसी – मौला अलि महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 19 फरवरी को शाम 7.15 बजे वाराणसी स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपर 2:40 बजे इटारसी स्टेशन एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 07 बजे मौला अलि स्टेशन पहुंचेगी। इंदौर-लखनऊ बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन यात्रियों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते इंदौर से लखनऊ के लिए एक फेरा स्पेशल ट्रेन का परिचालन स्पेशल किराया के साथ किया जाएगा। इंदौर-लखनऊ स्पेशल ट्रेन(09335) 9 जनवरी को रात 10 बजे इंदौर रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। 10 जनवरी को दोपहर 5 बजे लखनऊ पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन का ठहराव देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदारामनगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल और उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रहेगा। ट्रेन 20 स्लीपर कोच के साथ चलेगी।  

महाकुंभ: प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए

प्रयागराज प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां आने वाले भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। महाकुंभ 2025 में लाखों लोगों के आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सेहत को ध्यान में रखकर रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि महाकुंभ 2025 में आने वाले भक्तों के लिए रेलवे अधिकारी तीर्थयात्रियों के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। इसके तहत प्रयागराज जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। ये कमरे डॉक्टरों, चिकित्सा सुविधाओं और मिनी आईसीयू समेत उन्नत उपकरणों से सुसज्जित होंगे। तीर्थयात्रियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उनमें कार्डियक मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, डिफाइब्रिलेटर और डीसी बिजली की आपूर्ति होगी। सभी मेडिकल सुविधाएं होंगी। 24 घंटे इसे ऑपरेट किया जाएगा। 2019 में एक लाख लोगों को चिकित्सा सुविधा दी गई थी, इस बार उससे ज्यादा की उम्मीद है। प्रयागराज जंक्शन पर 10 बेड व्यवस्था रहेगी। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी। रेलवे चेकिंग स्टाफ, मेडिकल की टीम के अलावा अन्य वॉलिंटियर्स को श्रद्धालुओं की मदद के लिए ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में कई हजार लोगों को स्वास्थ्य सेवा देकर उनकी जान बचाई गई थी। रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम होने से डायबिटीज के पेशेंट, अधिक पैदल चलने से थकान से बेहोशी सहित अन्य मेडिकल समस्या से जूझ रहे लोगों का इलाज किया जाएगा। मेडिकल अस्पताल में मरीज को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने शहर के सभी प्रमुख और रेलवे के अस्पताल से समन्वय स्थापित किया है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ 2025 में आने श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य की जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के सभी जरूरी प्रयास किए गए हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है। इसकी तुलना किसी मत मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। हजारों वर्षों की विरासत मेरे पास है। इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतनी ही प्रचीन है। आकाश के भी ऊंचा है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित ‘महाकुम्भ महासम्मलेन’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि देवासुर संग्राम के बाद अमृत की बूंदें चार पवित्र स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरीं। इन स्थानों पर महाकुम्भ के आयोजन भारत के ज्ञान, चिंतन और सामाजिक दिशा तय करने का अवसर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ के आयोजन के दौरान भारत के ऋषि-मुनि एकत्र होकर उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंतन करते थे। यह आयोजन न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी आवश्यक है। विरासत और विकास का संगम है महाकुम्भ 2025 : योगी सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन भारत में विरासत और विकास के अद्भुत संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुम्भ में यह देखा गया कि कैसे आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और संस्कृति का सामंजस्य किया गया। यही प्रयास आने वाले महाकुम्भ में भी होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर महाकुम्भ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस आयोजन से न केवल देश के नागरिक, बल्कि दुनियाभर के लोग भी आकर्षित हो रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। यह आयोजन जाति, पंथ और लिंग भेदभाव को समाप्त करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 10 वर्षों में जो प्रगति की है, महाकुम्भ इसका सशक्त माध्यम बनेगा। यह भारत की समृद्धि, विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रमाण है। सीएम योगी ने कहा कि विदेशी जूठन खाने वाले लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं। देश में जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है। हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था कि बंटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो नेक रहोगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जाति और मजहब के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। ये वही शक्तियां हैं जो भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती हैं। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। आज यूपी का नागरिक पलायन नहीं कर रहा, माफिया और अपराधी कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाने वालों से वापस लेंगे एक-एक इंच जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुम्भ की परंपरा वक्फ से कहीं पुरानी है। सनातन धर्म की ऊंचाई आकाश से भी ऊंची और गहराई समुद्र से भी गहरी है। इसकी तुलना किसी मत या मजहब से नहीं की जा सकती। सीएम योगी ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को समझना है, तो राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को पढ़ो। जो नेता लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने इनकी बातों को कभी नहीं समझा। उन्होंने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि हमने अयोध्या को विकास और विरासत का केंद्र बनाया। जो लोग अयोध्या के विकास का विरोध कर रहे थे, उन्हें वहां जाने का नैतिक अधिकार नहीं है। संभल में धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया। धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।  

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