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विशाखापत्तनम में पीएम मोदी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ रोड शो में लिया हिस्सा

विशाखापत्तनम पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्‍य नेताओं ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण के साथ विशाखापत्तनम में रोड शो में हिस्सा लिया। इस दौरान सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा। स्थानीय जनता पीएम मोदी का एक झलक पाने को बेताब नजर आई। बीच-बीच में मोदी-मोदी के नारे भी लगे। पीएम मोदी ने भी लोगों को निराश नहीं किया। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय दौरे पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा दौरे पर हैं। इस दौरान वो आंध्र प्रदेश को करोड़ों की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने कहा, वो विशाखापत्तनम में ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने को लेकर उत्सुक हैं। सतत विकास, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री मोदी 8 जनवरी (बुधवार) को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख कार्यों का उद्घाटन करने के लिए मैं विशाखापत्तनम के लोगों के बीच आने को उत्सुक हूं। यह बहुत खुशी की बात है कि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ग्रीन हाइड्रोजन हब प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जाएगी। इससे यह राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस तरह का पहला हब बन जाएगा। आंध्र प्रदेश के बाद पीएम मोदी ओडिशा जाएंगे। 9 जनवरी की सुबह 10 बजे भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए। लक्ष्य और प्राप्ति के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों को पर्याप्त स्वायत्ता दी गई है। जरूरी है कि कुलगुरू अपनी क्षमताओं, विश्वविद्यालय के संसाधनों और आस-पास के परिवेश के अनुसार विकास की संभावनाओं की पहचान करें। ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में अपने सीमित दायरे से बाहर निकलें। वर्तमान की मांग और भविष्य की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टॉस्क फोर्स बना कर समय-सीमा में सभी विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना तैयार कराई जाए। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राजभवन में आयोजित शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद थे। विद्यार्थी कल्याण के लिए संवेदनशील रहें : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कुलगुरूओं से कहा है कि विद्यार्थी कल्याण के विषयों के प्रति संवेदनशील रहें। अभिभावक अपने बच्चें सरकार के भरोसे पर शासकीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं। उनकी देख-भाल पालक के दृष्टिकोण के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि कुलगुरू नियमित आधार पर छात्रावास, मेस, खेल सुविधाओं और कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी करें। रोजगार की क्षेत्रीय संभावनाओं के लिए पाठ्यक्रम बनाए राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार की सम्भावनाओं को बढ़ाने वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस करें। डिग्री, डिप्लोमा के साथ ही मांग आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ किये जाएं। स्थानीय उद्योगों, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता के रोजगार लिए संबद्ध विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता और उनके उन्नयन के लिए भी विशेष प्रयास करने की जरूरत बताई। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि  रेडक्रास की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता की जाए। रोज़गार आधारित कोर्स प्रारंभ करने बनाएं प्लॉन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय बहु विषयक आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय बनें। परम्परागत विषयों के साथ ही मांग आधारित और रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले कोर्स प्रारंभ करने विशेष प्रयास करें। ऑनलाईन वैल्यूएशन कार्य को बढ़ावा दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रदान स्वायत्ता के आधार पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाएं। विद्यार्थियों को प्रवेश की सुविधा, उत्कृष्ट शिक्षा, समय पर परीक्षा और तत्काल परिणाम घोषणा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। इसी तरह प्रवेश के समय ही अंकसूची और डिग्री वितरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के डीजी लॉकर में उनकी त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो। शासकीय विश्वविद्यालयों को मिलेगा पूरा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग सरकार दे रही है। विश्वविद्यालयों को वित्तीय, भौतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सरकार ने नवीन पहल कर संसाधन सम्पन्न बनाया है। विश्वविद्यालयों का स्टॉफ सरकार के लिए शासकीय सेवकों के समान ही महत्वपूर्ण है। स्व-वित्तीय व्यवस्था पर मंथन करें विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर होना होगा। विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के लिए संसाधन और संभावनाओं के दोहन के लिए नई दूरदृष्टि के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए निज संसाधनों, स्व-वित्त पोषित और पीपीपी मॉडल की उपयुक्तता के संबंध में कुलगुरूओं को अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का प्रदर्शन करना होगा। विश्वविद्यालय की भौतिक एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को बेहतर करना, कुलगुरूओं का दायित्व है। जिसके आधार पर उनके कार्य का मूल्यांकन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम आधारित विश्वविद्यालयों को उनके कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करना चाहिए। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी के हित में : उच्च शिक्षा मंत्री श्री सिंह बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षाओं का प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन जरूरी है। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी हितों के अनुकूल है। विश्वविद्यालय परीक्षा मूल्यांकन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें। समय पर परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए डिजिटल वैल्यूएशन प्रणाली की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राशियों के जमा करने की व्यवस्था का भी परीक्षण करें। विश्वविद्यालय के विकास में राशि के उपयोग और निवेश के संबंध में भी कार्यवाही की जाना चाहिए।  

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

‘यमुना जल समझौते की जल्द बनेगी क्रियान्वयन ज्वाइन्ट टास्क फोर्स’, राजस्थान- मुख्यमंत्री भजनलाल ने हरियाणा के सीएम सैनी से की चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम श्री नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए  बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जिस तरह जल जीवन मिशन और नदियों से जोड़ने का काम किया है उससे राजस्थान सहित पूरे देश में पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा में जो अतिरिक्त पानी है, वह राजस्थान को मिले, यह एक सकारात्मक पहल है।

लोक निर्माण विभाग ने सभी काम किए निरस्त, छत्तीसगढ़-बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल निलंबित

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे दिए गए सभी कार्य निरस्त कर दिए हैं। बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर के विभागीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित किया गया है। मुख्य अभियंता द्वारा लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत सुरेश चंद्राकर “अ” वर्ग ठेकेदार, बीजापुर के पत्रकार श्री मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाने तथा गिरफ्तार किए जाने के कारण उसके पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। मुख्य अभियंता की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने सुरेश चंद्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सुरेश चंद्राकर को दिए गए सड़क निर्माण के कार्यों को लंबे समय तक बंद पाए जाने तथा कार्यों की धीमी गति के कारण उसे दिए गए सभी कार्यों को निरस्त कर दिया गया है।

‘हमारी कोशिश आम सहमति बनाने की है’, एक देश एक चुनाव पर बोले जेपीसी अध्यक्ष पीपी चौधरी

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने एक देश एक चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसद के उन सदस्यों के बीच आम सहमति बनेगी जो जेपीसी का हिस्सा होंगे। भाजपा नेता ने कहा कि जेपीसी का प्रयास विधेयकों की “निष्पक्ष” तरीके से जांच करना होगा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि संसदीय पैनल इस मामले में प्रत्येक हितधारक की बात सुनेगा। भाजपा नेता पीपी चौधरी ने कहा, “हमारा प्रयास हर क्षेत्र के लोगों चाहे वह राजनीतिक दलों से हो या नागरिक समाज से हो या न्यायपालिका से सभी की बात सुनना होगा। हम सभी का इनपुट लेना चाहते हैं। हम सरकार की तरफ से पेश किए गए विधेयकों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण करेंगे। हमारा प्रयास आम सहमति तक पहुंचना होगा। मुझे विश्वास है कि हम देशहित के लिए काम करेंगे।” पीपी चौधरी ने बताया कि संबंधित मंत्रालय आज बैठक के पहले दिन सदस्यों को जानकारी देगा। उन्होंने कहा कि सबकी राय ली जाएगी कि आगे कैसे बढ़ा जाए। जेपीसी अध्यक्ष ने कहा, “आज पहले दिन सदस्यों को संबंधित मंत्रालय द्वारा जानकारी दी जाएगी। आगे कैसे बढ़ना है इस पर हम सबकी राय लेंगे।” बता दें कि जेपीसी को एक देश एक चुनाव की जांच करनी है, जिसमें लोकसभा के सदस्य कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और मनीष तिवारी, राकांपा-एसपी नेता सुप्रिया सुले, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और भाजपा के पीपी चौधरी बांसुरी स्वराज और अनुराग सिंह ठाकुर शामिल हैं। राज्यसभा के सदस्य भी इस पैनल का हिस्सा हैं। एक देश एक चुनाव को लागू करने के लिए दो विधेयक  संविधान 129वां संशोधन विधेयक 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2024 संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए गए थे। इसका उद्देश्य देशभर में लोकसभा और विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराना है। विधेयक की जांच और इस पर चर्चा के लिए इसे जेपीसी के पास भेजा गया है। विपक्षी नेताओं ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा दांव चला, ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का किया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का ऐलान किया है। इसे भाजपा के ‘मंदिर प्रकोष्ठ’ का जवाब माना जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ के कई सदस्यों को इस विंग में शामिल भी किया गया। पुजारियों और ग्रंथियों को मासिक 18 हजार रुपए का ऐलान कर चुकी पार्टी ने कई संतों की मौजूदगी में नई विंग की घोषणा की। आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संतों का स्वागत किया गया जिनमें जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी योगेश्वर महाराज, स्वामी अवधेश महाराज, कथावाचक आचार्य श्री मधुर दास जी महाराज, बालाजी महंत महेश चंद्र जी महाराज समेत अनेक संत और पुजारी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल ने संतों को भगवा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। संतों ने 18 हजार रुपए वाली घोषणा को लेकर केजरीवाल की तारीफ की। केजरीवाल ने कहा कि ऊपर वाला तय करता है कि किस काम के लिए उसे किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य क्रांति और बिजली सुधार के लिए उन्हें चुना। केजरीवाल ने कहा, ‘अब सनातन धर्म के लिए जो इतना बड़ा काम किया जा रहा है, सनातन धर्म के लिए जो पुजारी वर्ग, संत वर्ग 24 घंटे काम करता है, जो लोगों और भगवान के बीच सेतु का काम करता है, उन लोगों के लिए सेवा करने का मौका हमें दिया, इसके लिए मैं अपने आप को और आम आदमी पार्टी को सौभाग्यशाली मानता हूं।’ जो कहा है वह पूरा करेंगे: केजरीवाल केजरीवाल ने कहा, ‘भाजपा का एक मंदिर प्रकोष्ठ है वे लोग समय-समय पर वादे करते रहे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। आम आदमी पार्टी जो कहती है वह करती है। चाहे हम ऐलान करने में थोड़ी देरी कर दें, लेकिन ऐलान कर देते हैं तो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाए। जो हम कह रहे है वह करेंगे। चुनाव बाद इसे लागू करेंगे। आप लोगों का इसमें गाइडेंस रहेगा सभी संतों और सनातन धर्म के लोगों का।’ इमामों को पहले से मिल रहा पैसा, घेर रही थी भाजपा गौरतलब है कि अब तक इमामों को मासिक सहायता राशि देती आ रही आप सरकार ने कहा है कि एक बार फिर सत्ता मिली तो पुजारियों और ग्रंथियों को भी 18 हजार मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। सिर्फ इमामों को वेतन देने की वजह से भाजपा लंबे समय से हमलावर थी और पुजारियों को भी वेतन देने की मांग उठा रही थी। चुनाव के ऐलान से ठीक पहले ‘आप’ ने वादा कर दिया कि चौथी बार सरकार मिलने पर पुजारियों और ग्रंथियों को भी सम्मान राशि दी जाएगी।

MP-UP के बीच व्यापार को बढ़ावा देने होगा चंबल नदी पर हैंगिंग ब्रिज का निर्माण

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड को उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाले चंबल नदी पर मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक की तर्ज पर तार समर्थित पुल बनाने का काम जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हो जाएगा। यह पुल 24 महीने में बनकर तैयार होगा। पुल बनने से मप्र-उप्र के बीच आवागमन सुलभ होने से इससे जुड़ने वाले जिलों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि पुराना पुल बार-बार क्षतिग्रस्त होने से यहां आवागमन को बंद कर दिया जाता है। मप्र की तरफ से स्वीकृत अटल प्रोग्रेस-वे इस पुल के जरिए सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा। 1975 में बना था यहां पर पुल इससे भिंड-इटावा के मध्य राजमार्गीय संपर्क होने से आवागमन बढ़ेगा। बरही-उदी के बीच चंबल नदी पर बना पुल वर्ष 1975 में बना था। 50 साल पुराना पुल 15 साल में 22 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। तीन साल पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुल और यमुना नदी पुल से चंबल नदी तक फोरलेन सड़क और नया पुल बनाने के लिए 296 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। पुल बनाने का काम दिल्ली की एएससी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी कर रही है। कंपनी ने तेज की पुल बनाने की तैयारी टेंडर प्रक्रिया होने के बाद 2022 में कंपनी ने पुल निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण शुरू किया तो घड़ियाल अभयारण्य ने रोक लगा दी। 31 जुलाई को वन विभाग और चंबल अभयारण्य से अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अधिशासी अभियंता मुकेश ठाकुर के अनुसार तार समर्थित पुल मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी-लिंक की तर्ज पर बनाया जाना है। पुल पर फोरलेन आने-जाने के लिए होगी। इसकी चौड़ाई 14 मीटर है, जबकि लंबाई 594 मीटर अधिक होगी। पुल की ऊंचाई पुरानी पुल से 122 मीटर अधिक यानी 130 मीटर से अधिक होगी। इस पुल का मुख्य स्पैन केबल से बनाया जाएगा। इसमें कंक्रीट, स्टील, प्रीकास्ट सेगमेंट का उपयोग होता है। यमुना नदी से पुल तक बनेगी फोरलेन सड़क चंबल पुल और यमुना नदी के पुल से चंबल पुल तक सड़क की लंबाई 8.1 किमी है। इस सड़क को फोरलेन किया जाएगा। बीच में डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी। चंबल पुल और फोरलेन सड़क बनाने के लिए 296 करोड़ मंजूर हुए हैं। पुल 130 करोड़ और हाइवे 166 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।

मंत्री संपतिया उइके ने दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया

मंडला प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार दिव्यांगजनों के लिए सेवाभाव से काम कर रही है। सरकार ने दिव्यांगजनों के विकास और उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांग के स्थान पर दिव्यांगजन नाम देकर उन्हें गौरवान्वित किया है। दिव्यांगजनों की सेवा करना ही सच्ची मानवता की सेवा करना है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके सोमवार को निषादराज भवन में आयोजित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के आगमन पर उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जनपद पंचायत मंडला अध्यक्ष श्री सोनू भलावी, भाजपा नगर अध्यक्ष श्री शिवा रानू राजपूत, सांसद प्रतिनिधि श्री जयदत्त झा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रेयांश कूमट, डिप्टी कलेक्टर श्री आशुतोष ठाकुर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री गजानंद नाफड़े, श्री प्रफुल्ल मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन दिया जाता है। जिससे दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार से आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। दिव्यांगजनों को स्कूल और कॉलेजों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। शिविर लगाकर उन्हें निःशुल्क ट्राईसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाते हैं। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और सचिवों के माध्यम से दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। जिससे समस्त दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित और कृत्रिम उपकरणों का वितरण किया जा सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सुरक्षा की दिशा में लगातार काम कर रही है। शासकीय सेवाओं में दिव्यांगजनों के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों को भी शासकीय सेवाओं में जाने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिव्यांगजनों के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिससे दिव्यांगजनों को भी अपने पसंद के वर-वधु का चयन करने का अवसर मिल सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए ई-साईकिल रिक्शा चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें।

मुख्यमंत्री साय ने सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज से सौजन्य मुलाकात कर उनका शाल-श्रीफल भेंटकर किया आशीर्वाद प्राप्त

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में परमपूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शाल-श्रीफल भेंटकर सद्गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु जी से सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। सद्गुरु ऋतेश्वर जी के मार्गदर्शन में यह परंपरा और सुदृढ़ होगी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सद्गुरु जी के सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयासों में हरसंभव सहयोग की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साधु-संतों, मनीषियों की कृपा और मार्गदर्शन से हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा गया है। इनमें एक राय नहीं बनने से जिलाध्यक्षों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को दिल्ली बुलाकर समन्वय का प्रयास किया। जिन जिलाध्यक्षों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनको लेकर दिल्ली में नए सिरे से विचार विमर्श किया गया। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना सहित करीब 15 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर दिग्गज नेताओं की आपस में सहमत नहीं है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। बेटे के विवाह का आमंत्रण देने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री शिवराज इस बीच, बीते 24 घंटों में केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई है। शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से भी उनके घर पहुंचकर भेंट की। शिवराज सोमवार को अपने पुत्र के विवाह का आमंत्रण देने भोपाल आए थे। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और सारंग के पिता व भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इन नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक चर्चा भी हुई है। इन नेताओं की मुलाकात को भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में फंसा पेंच सागर में पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक शैलेंद्र जैन अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लाबिंग कर रहे हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का दबाव है। भोपाल में मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जयभान सिंह पवैया अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। विदिशा और जबलपुर में भी यही स्थिति है। ऐसे अन्य जिलों भी जहां राजनीतिक दबाव अधिक है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुने गए दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी। जेपीसी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे विष्णुदत्त शर्मा एक देश-एक चुनाव के क्रियान्वयन की दिशा में गठित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश से केवल विष्णुदत्त को इस समिति में जगह मिली है। इस समिति का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में ठोस सिफारिशें देना है। यह समिति 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्यों से मिलकर बनी है।

सात विदेशी कारों के साथ 14 किलो सोना मिला, सागर में पूर्व विधायक के यहां 150 करोड़ की टैक्स चोरी का संदेह

सागर/भोपाल सागर में बीड़ी व कंस्ट्रक्शन कारोबारी राजेश केसरवानी, पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता हरवंश सिंह राठौर व राकेश छाबड़ा के यहां आयकर विभाग की छापेमारी में लगभग 150 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का संदेह है। उधर छापे में 14 किलो सोना मिलने की बात भी सामने आ रही है। विभाग तीनों जगह से लिए गए दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी। बता दें, तीनों जगह आयकर की टीम ने रविवार सुबह छापा मारा था। दो दिन तक टीम तलाशी में लगी रही। सात विदेशी कारें भी मिलीं आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया के राजेश केसरवानी के यहां लगभग 140 करोड़ रुपये टैक्स चोरी के दस्तावेज मिले हैं। इसके अतिरिक्त सात विदेशी कारें मिली हैं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों का उपयोग केसरवानी परिवार कर रहा था, पर किसी और के नाम से। संपत्ति का असली मालिक कौन छापे में बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग कर रहा है। इसके बाद जिनके नाम संपत्ति मिलेगी, उनसे पूछताछ कर पता किया जाएगा कि संपत्ति का असली मालिक कौन है? बता दें, हरवंश सिंह राठौर सागर जिले की बंडा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह सागर से भाजपा जिला अध्यक्ष की दौड़ में भी हैं। रविवार को पड़ा था छापा गौरतलब है कि बंडा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर, पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, एक प्रापर्टी डीलर राकेश छावड़ा के घर पर रविवार की सुबह अचानक से आयकर विभाग की टीमों ने दबिश दी थी। सौ से अधिक अधिकारियों की टीम ने तीनों स्थानों पर एक साथ छापा मारा था। सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई मंगलवार को सुबह 11.30 बजे दो स्थानों पर सर्वे पूरा हुआ। वहीं शाम तक पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के यहां भी सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई। गौरतलब है कि सदर क्षेत्र में पूर्व विधायक राठौर का बंगला है। वहीं पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी व एक अन्य कारोबारी राकेश छावड़ा का निवास परकोटा पर वन वे पर है। तीन से से खड़ी थी आयकर विभाग की गाड़‍ियां पूर्व पार्षद के घर के सामने ही तीन दिन से आयकर विभाग के अधिकारियों की आधा दर्जन से गाड़ियां खड़ी थीं। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही थी। केशरवानी के निवास के बाहर सुरक्षाबल तैनात था। वहीं घर के बार आधी सड़क तक वाहन रखे होने से बार-बार जाम की स्थिति बन रही थी। केशरवानी बीड़ी कारोबार के साथ साहूकारी का भी धंधा भी करते हैं।

Bijapur Attack: 4 साल पहले की प्लानिंग, बिछाया था 70 किलो IED, ले ली जवानो की जान

जगदलपुर बीजापुर जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुटरू-बेदरे मार्ग पर अंबेली गांव के पास चार वर्ष पहले बिछाए गए 70 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के डेटोनेटर को ट्रिगर कर नक्सलियों ने सोमवार की दोपहर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) जवानों के स्कॉर्पियो एसयूवी वाहन को उड़ाया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहां विस्फोट हुआ वहां सीमेंट की एक फीट मोटाई की सड़क फट गई और वहां दस फीट गहरा और 25 फीट व्यास का गड्ढा बन गया। विस्फोट के बाद जवानों के शरीर के अंग व स्कार्पियो एसयूवी वाहन के कलपुर्जे 500 मीटर के दायरे में बिखर गए। क्या होता है ट्रिगर आईईडी, कैसे बिछाया था कुटरु से बेदरे तक की सड़क लगभग दस वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था। कुछ वर्ष बाद पुल और सड़क का हिस्सा बारिश में बह गया। 2020 में मरम्मत की गई तो नक्सलियों ने सड़क के मध्य जोड़ वाले हिस्से में ट्रिगर आईईडी बिछा दिया। नक्सिलयों ने फॉक्स होल तकनीक से सुरंग खोदकर 70 किलो से अधिक वजनी ट्रिगर आईईडी बिछाया, ताकि जवानों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। सालों बाद अब उनके मंसूबे कामयाब भी रहे। ट्रिगर आईईडी वह होता है, जिसमें आईईडी को किसी बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड, मैग्नेटिक या ट्रिप वायर की सहायता से ट्रिगर किया जा सके। अब मौका देखकर इस आईईडी काे ट्रिप वायर तकनीक से ट्रिगर कर विस्फोट कर दिया। पेड़ के नीचे दबाया स्वीच, 300 मीटर दूर से विस्फोट नक्सलियों ने सड़क के नीचे बिछे आईईडी को ट्रिगर करने पास ही एक पेड़ की जड़ के पास डेटोनेटर को जोड़ता हुआ स्वीच जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दिया था, ताकि बम निरोधक दस्ता इसका पता ना लगा सके। निशानी के लिए पेड़ की छाल को छील दिया गया था, ताकि वक्त आने पर इसमें विस्फोट किया जा सके। सोमवार को जब सुरक्षा बल के जवान बेदरे से निकले, तो नक्सलियों ने विस्फोट की तैयारी कर ली। पेड़ के नीचे दबे स्वीच को तार से जोड़कर वहां से लगभग 300 मीटर दूर जंगल तक एक पेड़ के नीचे तक ले जाया गया। वहीं से निशाना साधकर जवानों के कारकेड के 11 वें नबंर की गाड़ी को विस्फोट से उड़ाया गया। इस विस्फोट से 200 मीटर पीछे चल रही वाहन का कांच भी टूट गया। 1990 के दशक में पहला विस्फोट नक्सलियों के आईईडी के प्रयोग की योजना बनाने का पहला साक्ष्य 1986 के दशक में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले के नचिनापल्ली गांव में गोलीबारी के दौरान पुलिस को मिले एक नोटबुक में था। इसमें बताया गया था कि नक्सली बारूदी सुरंग बिछाने और आइईडी का प्रयोग की तकनीक सीख रहे हैं। इसके बाद 1990 के दशक में अविभाजित बस्तर जिले के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस के वाहन को निशाना बनाया था। इसके दो वर्ष बाद 1992 में उत्तर बस्तर के बड़े डोंगर में चुनाव वाहन को उड़ाने के बाद से नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट को अपना प्रमुख हथियार बना लिया, क्योंकि इससे बिना किसी खतरे के अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से पिछले 24 वर्ष में अब तक 1197 बारुदी सुरंग विस्फोट की ऐसी घटनाओं में 1313 सुरक्षा बल के जवान व आम नागरिक मारे जा चुके हैं।

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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