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भारतीय चीन में बढ़ते श्वसन रोगों को देखते हुए निगरानी बढ़ाई, WHO को ताजा जानकारी देने के लिए कहा

नई दिल्ली भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बढ़ते सांस की बीमारियों के मामलों पर नजर रखे हुए है। चीन में क्या हो रहा है,इसकी जानकारी के लिए WHO से भी संपर्क किया गया है।  को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस बैठक में WHO,आपदा प्रबंधन, रोग निगरानी कार्यक्रम,राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र,भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और AIIMS दिल्ली सहित कई अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बताया कि फ्लू के मौसम में सांस की बीमारियों का बढ़ना सामान्य है। रिपोर्ट्स के अनुसार,इस बार इन्फ्लुएंजा वायरस,RSV और HMPV के कारण मामले बढ़ रहे हैं। ये वायरस भारत समेत दुनिया भर में फैले हुए हैं। घबराने की जरूत नहीं हाल ही में,सोशल मीडिया पर चीन के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के वीडियो वायरल हुए थे। कुछ लोगों का दावा था कि यह संकट ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के कारण हुआ है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ.अतुल गोयल ने शुक्रवार को कहा कि चीन में HMPV वायरस की खबरें चल रही हैं, जो गंभीर है। HMPV एक सामान्य सांस संबंधी वायरस है जो सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। कुछ लोगों को,खासकर बुजुर्गों और शिशुओं को,फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन यह कुछ गंभीर या चिंताजनक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में सांस के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। डॉ. गोयल ने कहा कि हमारे अस्पताल इस तरह की वृद्धि से निपटने के लिए तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त बिस्तर और ऑक्सीजन की आपूर्ति है।” उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक देश में सांस के संक्रमण के मामलों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। कोविड से कितना अलग है एचएमपीवी वायरस कोविड-19 और अन्य श्वसन वायरस की तरह HMPV भी खांसने, छींकने और संक्रमित लोगों के निकट संपर्क से उत्पन्न बूंदों या एरोसोल के माध्यम से फैलता है। बुखार,सांस फूलना,नाक बंद होना,खांसी,गले में खराश और सिरदर्द इसके सामान्य लक्षण हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों को इस संक्रमण के कारण ब्रोंकाइटिस और निमोनिया हो सकता है। HMPV के खिलाफ कोई टीका या प्रभावी दवा नहीं है, और इलाज ज्यादातर लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए होता है। भारत सरकार की पूरी नजर चीन में सांस की बीमारियों के बढ़ते मामलों की खबरों के बाद, भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने WHO से स्थिति पर लगातार अपडेट देने का अनुरोध किया है।  को विशेषज्ञों की एक बैठक में चीन की स्थिति और भारत में तैयारी की जरूरत पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि फ्लू के मौसम में सांस की बीमारियों में वृद्धि असामान्य नहीं है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मौजूदा उछाल इन्फ्लुएंजा वायरस, RSV और HMPV के कारण है, जो इस मौसम में पाए जाने वाले सामान्य रोगजनक हैं। ये वायरस पहले से ही भारत समेत दुनिया भर में फैले हुए हैं। सरकार सभी उपलब्ध माध्यमों से स्थिति पर नजर रख रही है और WHO से चीन की स्थिति के बारे में समय पर अपडेट साझा करने का अनुरोध किया गया है।  

आउट होकर पवेलियन लौटते समय घटना, राजस्थान-जोधपुर में क्रिकेटर की हार्ट अटैक से मौत

जोधपुर। इन दिनों हार्ट अटैक की घटना तेजी देखी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले एक पुलिस अधिकारी को मॉर्निंग वॉक करते हुए हार्ट अटैक आया तो जोधपुर में गोशाल मैदान में क्रिकेट खेलते हुए एक क्रिकेट खिलाड़ी को भी हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। युवक आउट होकर जब पवेलियन की ओर जा रहा था, अचानक उसके सीने में दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठा। इसी दौरान उसे हार्ट अटैक आया। दोस्तों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही क्रिकेटर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के गोशाला क्रिकेट संगम मैदान में अरोड़ा खत्री सुपर लीग मैच चल रहे हैं। इसी मैच के दौरान इस क्रिकेटर को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। मौत के बाद इस लीग मैच को रद्द कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस क्रिकेटर का नाम नीरज अरोड़ा है और मकराना मोहले जोधपुर में रहता था। एमपीसी क्लब की ओर से यह खेलता था। मैच के दौरान घटना के बाद क्रिकेटर की मौत हुई थी। वहीं, दूरभाष पर हुई बात पर उनके दोस्तों ने बताया कि नीरज को एक साल पहले भी हार्ट अटैक आया था। इसलिए दोस्त तुरंत कार में बैठाकर मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर गए। लेकिन दो मिनट बाद ही रास्ते में नीरज को उल्टी हुई और दोस्तों ने यहां तक की सीपीआर भी दी, लेकिन नीरज को बचा नहीं पाए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि दो जनवरी को मॉर्निंग वॉक करते हुए सब इंस्पेक्टर को भी हार्ट अटैक आया था। वह भी अचेत होकर नीचे गिरे थे और उन्हें भी अस्पताल ले जाते-जाते उन्होंने भी दम तोड़ दिया था। वहीं, डॉक्टर से हुई दूरभाष की बातचीत में उन्होंने बताया कि अचानक सीने मे दर्द होना और रुक-रुक कर चक्कर आना पुरुषों के सीने में तेज दर्द होना तेज पसीना आना, इस तरह की घटना हो तो तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचना चाहिए, जिससे की हार्ट अटैक से बचाया जा सके।

मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय से और समय देने का अनुरोध करने का निर्णय लिया

भोपाल  यूनियन कार्बाइड (यूका) के रासायनिक कचरे का निष्पादन धार जिले के पीथमपुर में करने को लेकर उठे विवाद के बीच सरकार ने तय किया है कि हाईकोर्ट से इसके लिए समय मांगा जाएगा। सोमवार को मुख्य सचिव की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें जनभावनाओं का हवाला दिया जाएगा। कहा जाएगा कि पहले लोगों को समझाया जाएगा और सहमति बनाकर ही कचरा जलाने का काम किया जाएगा। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा को लोगों से संवाद करने का दायित्व दिया गया है। प्रशासन भी भ्रांतियों को दूर करने का काम कर रहा है। भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर पूरी कार्रवाई हो रही है। इसको लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें पहले दूर किया जाएगा और इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। जब त्वचा रोग, पानी की गुणवत्ता और फसल खराब होने की जानकारी आई तो केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड और एम्स का दल भेजकर 12 गांवों में जांच कराई गई। यहां कहीं भी मापदंड से अधिक मात्रा में कोई चीज नहीं पाई गई। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट भी ऐसी ही हैं। हर राज्य में रासायनिक कचरे के निष्पादन के लिए एक स्थान नियत है। कचरा मानकों के अनुसार पीथमपुर भेजा गया पीथमपुर में यह काम हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट में जब यूनियन कार्बाइड के कचरे का मामला गया तो चार मार्च 2013 को निर्देश दिए गए कि 10 टन हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि से रासायनिक कचरे के निष्पादन का काम प्रायोगिक तौर पर पीथमपुर में किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 2013 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया। हाईकोर्ट जबलपुर ने तीन दिसंबर 2024 को राज्य शासन एवं राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को रासायनिक कचरा यूनियन कार्बाइड स्थल से पीथमपुर चार सप्ताह के भीतर सुरक्षित परिवहन करने के निर्देश दिए थे। इसके पालन में कचरा मानकों के अनुरूप भेजा गया। जलाया जा चुका है 10 टन कचरा मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल कोच्चि के कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल 2014 को निर्देश दिए कि यूनियन कार्बाइड का 10 टन कचरा का पीथमपुर में ट्रायल रन किया जाए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2015 में सफलतापूर्वक ट्रायल रन किया। बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की सभी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। इसमें यह सामने आया कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण कोई नुकसान होना स्पष्ट नहीं हुआ है। उसके बाद ही न्यायालय ने आगे बढ़ने और कचरे को नष्ट करने के निर्देश दिए। इसके परिपालन में कचरे का परिवहन किया जा चुका है। अब इसे जलाने के लिए परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जाएगा। कचरे में 60 प्रतिशत मिट्टी है यूनियन कार्बाइड का 358 टन कचरा निकला है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक तो स्थानीय मिट्टी है। 40 प्रतिशत सेवन नेपथाल, रिएक्टररेसीड्यूस और प्रोसेस पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। सेवन नेपथाल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। इसका जहरीलापन 25 साल में लगभग पूरी तरह समाप्त हो जाता है। कचरे की निपटान की प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया गया होगा। पीथमपुर में कचरे के निष्पादन की पूरी वीडियोग्राफी कराया जाएगी। निष्कर्ष को शपथ-पत्र के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। कोई भ्रमित न हो, वैज्ञानिकों की देखरेख में होगी प्रक्रिया मुख्य सचिव ने बताया कि किसी को भ्रमित नहीं होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर वैज्ञानिकों की देखरेख में सारा काम हो रहा है। यूनियन कार्बाइड का कचरा पहले निष्पादित किया जा चुका है, यह जानकारी कम ही लोगों को थी। जब तथ्य सामने आए तो जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया। अधिकारियों के साथ भी वर्चुअली संवाद कर उन्हें भी तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी ताकि वे भी आमजन को वास्तविकता से अवगत करा सकें। सामाजिक संगठनों को भी विश्वास में लिया जाएगा ताकि कहीं कोई भ्रम की स्थिति न रहे। कचरा निष्पादन में लगेंगे छह महीने मुख्य सचिव के अनुसार, कचरा निष्पादन में छह माह का समय लगेगा। इसकी प्रक्रिया निर्धारित है। 800 से 1000 डिग्री पर कचरा जलाया जाता है। जो भी गैस निकलेगी, वो विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार मानकों के अनुरूप होगी। कचरा जलने के बाद जो राख बनेगी, उसे कैप्सूल में रखा जाएगा। इसकी भी प्रक्रिया निर्धारित है। इतना विरोध होगा अंदाजा नहीं था सूत्रों के अनुसार, सरकार को यह अंदाजा नहीं था कि कचरा जलाने को लेकर इतना विरोध होगा। यह बताया गया था कि लोगों को इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है पर जनभावनाओं का आकलन करने में चूक हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, स्थानीय विधायक नीना वर्मा, महाधिवक्ता, प्रमुख सचिव विधि, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। यूका की भूमि के उपयोग पर फिलहाल विचार नहीं मुख्य सचिव ने बताया कि फिलहाल यूका की भूमि के उपयोग को लेकर कोई विचार नहीं किया गया है। वहां स्मारक बनाया जाए या फिर ग्रीन एरिया विकसित करें या फिर अन्य उपयोग, सभी से विचार-विमर्श करके उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। दो बार कचरे का हो चुका निष्तारण, पैरामीटर मानक सीमा में  मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि 2014 में रामकी प्लांट में कचरे के निष्तारण का ट्रायल रन हो चुका है। इस पर  नीरी, आईसीटी और सीपीसीबी ने अध्ययन भी किया था। इस ट्रायल रन के लिए कोच्चि के हिन्दुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड से 10 मीट्रिक टन कचरा मंगाया गया था। वो कचरा भी  यूनियन कार्बाइड के कचरे की तरह था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। इसके बाद 2015 में भोपाल यूनियन कार्बाइड का 10 मीट्रिक टन कचरा जलाकर उसका निष्तारण किया गया था। इस पर सीपीसीबी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया कि कचरे के निपटान का वातावरण पर कोई नुकसान नहीं हुआ।  आसपास के 12 गांवों के लोगों का स्वास्थ्य … Read more

पीएम नरेंद्र मोदी ने न्यू अशोक नगर से ‘नमो भारत कॉरिडोर’ का किया उद्घाटन, रैपिड रेल में किया सफर

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने न्यू अशोक नगर से ‘नमो भारत कॉरिडोर’ का उद्घाटन किया. इससे पहले पीएम मोदी ने ‘नमो भारत’ ट्रेन से सफर कर साहिबाबाद RRTS स्टेशन से न्यू अशोक नगर पहुंचे. पीएम मोदी 13 किमी लंबे दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक के सेक्शन का उद्घाटन किया. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली मेट्रो फेज-IV का पहले ओपनिंग सेक्शन 2.8 किमी लंबे जनकपुरी से कृष्णा पार्क खंड का भी उद्घाटन किया है. इस परियोजना को 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इससे पश्चिमी दिल्ली के इलाके जैसे कृष्णा पार्क, विकासपुरी और जनकपुरी के लोगों को फायदा होगा. रैपिड रेल में स्कूली बच्चों ने पीएम को सुनाई कविता रैपिड रेल में सफर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्कूली बच्चों ने कविता सुनाई. एक स्कूली छात्रा का कविता सुन कर पीएम मोदी मंत्रमुग्ध हो गए साथ ही स्कूली बच्चों ने मेट्रो ट्रेन की पेंटिग प्रधानमंत्री मोदी को भेंट की. 4,600 करोड़ रुपये की लागत से 13 किमी लंबे दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ ‘नमो भारत’ कॉरिडोर के साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक का निर्माण किया गया है. इस अब दिल्ली से मेरठ तक का सफर सिर्फ 40 मिनट में तय किया जा सकेगा. साथ ही यह दिल्ली की पहली नमो भारत कनेक्टिविटी है. नमो भारत ट्रेनों को लेकर अन्य फेजों पर भी काम जारी है. न्यू अशोक नगर से सराय काले खां और मेरठ साउथ से मोदीपुरम में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-गाजियाबाद और मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के काम पूरा होने के बाद ये कॉरिडोर कुल 82 किलोमीटर का हो जाएगा.

पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के घर पर इनकम टैक्स का छापा, पिता रह चुके शिवराज सरकार में मंत्री

सागर मध्य प्रदेश के सागर में आयकर विभाग ने पूर्व बीजेपी विधायक हरवंश सिंह राठौर के भाई कुलदीप राठौर, पूर्व बीजेपी पार्षद व बीड़ी व्यवसायी राजेश केशरवानी के घर छापा मारा है. वहीं आयकर विभाग की दबिश के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा है. फिलहाल अधिकारी गेट बंद कर दस्तावेज खंगाल रहे हैं. रविवार की अलसुबह भोपाल से करीब 10 गाड़ियों से आयकर विभाग की टीम सागर पहुंचीं. बीड़ी उद्योगपति कुलदीप सिंह के घर IT का छापा दरअसल, रविवार की सुबह आयकर विभाग की टीम पूर्व बीजेपी विधायक हरवंश सिंह राठौर के भाई और बीड़ी उद्योगपति कुलदीप सिंह और पूर्व बीजेपी पार्षद और बीड़ी व्यवसायी राजेश केशरवानी के घर और दफ्तर पर दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. फिलहाल आयकर विभाग की टीम घरों और दफ्तरों में जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है. 10 गाड़ियों से सागर पहुंचे अधिकारी सागर जिले के नामी बीड़ी कारोबारी कुलदीप सिंह राठौर के घर पर विभाग की टीमे पहुंची है. इसके साथ ही बीजेपी के पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर पर भी छापेमारी की कार्रवाई जारी है. बंडा से पूर्व विधायक और भाजपा जिला अध्यक्ष की रेस में शामिल हरवंश सिंह राठौर के भाई कुलदीप राठौर के मकान पर सुबह आयकर विभाग पहुंची है. सुबह करीब 6 बजे भोपाल से करीब 10 गाड़ियों से आयकर की टीमें सागर पहुंचीं. खंगाले जा रहे दस्तावेज आयकर विभाग ने सदर क्षेत्र में स्थित राठौर बंगले और सागर के परकोटा स्थित राजेश केशरवानी और राकेश छाबड़ा के घर पर कार्रवाई चल रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग के अफसर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, प्रदेश सहित के कई हिस्सों में राठौर परिवार की संपत्तियां है. वहीं आयकर विभाग को बीड़ी कारोबार और घोषित संपत्तियों से जुड़े लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद IT ने जांच शुरू की. खुद विधायक और पिता रह चुके शिवराज के कार्यकाल में मंत्री हरवंश सिंह राठौर 2013 में सागर जिले की बंडा विधानसभा से विधायक थे. इसके अलावा उनके पिता हरनाम सिंह राठौर शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं. हरनाम सिंह राठौर के दोनों बेटे हरवंश और कुलदीप राठौर राजनीति में खासे एक्टिव हैं, और इस समय दोनों ही भाजपा जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं. ऐसे में इनकम टैक्स की रेड दोनों की दावेदारी को कमजोर कर सकती है. छापे में हो सकता है बड़ा खुलासा माना जा रहा है कि इस छापेमार कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अघोषित संपत्ति और नकदी का खुलासा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि राठौर परिवार के सागर जिले में कई बिजनेस हैं, इसके अलावा प्रॉपर्टी का काम भी बड़े लेवल पर किया जाता है. फिलहाल आयकर विभाग के अफसर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर रहे हैं.  

ढेर हुए 4 नक्सली, AK 47, SLR जैसे हथियार बरामद… छत्तीसगढ़ में 1000 जवानों का बड़ा ऑपरेशन

अबूझमाड़ नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले अबूझमाड़ पर फोर्स का वार जारी है। शनिवार देर रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस नक्सल मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 4 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। वहीं, मुठभेड़ में दंतेवाड़ा डीआरजी के एक जवान भी शहीद हो गए। इस मुठभेड़ की पुष्टि दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने की है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षण सुंदरराज पी बताया कि जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 4 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं. उनके पास से AK 47 और SLR जैसे ऑटोमेटिक हथियार बरामद हुए हैं. नक्सलियों के साथ इस मुठभेड़ में दंतेवाड़ा DRG के जवान हेड कांस्टेबल सन्नू कारम शहीद हो गए. सुरक्षा बलों का सर्च अभियान जारी है. दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव और बस्तर जिले की DRG और STF के 1 हजार जवानों ने शनिवार को नक्सलियों के कोर इलाके को घेर लिया था. दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हुई. जवान अब भी मौके पर ही मौजूद हैं. बता दें कि पिछले एक-डेढ़ वर्ष के दौरान छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. इस दौरान 300 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, लगभग 1000 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं और 837 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. पिछले साल 15 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि 2026 तक राज्य नक्सल मुक्त हो जाएगा. छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों को राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण ओर बहादुरी की प्रशंसा की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ‘मैं छत्तीसगढ़ के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विश्वास जताया है और हम सभी 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि छत्तीसगढ़ पुलिस देश सबसे बहादुर पुलिस बलों में से एक है. छत्तीसगढ़ के गठन के 25वें वर्ष में प्रवेश करते ही राज्य पुलिस को प्रेसिडेंट कलर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह जवानों की कड़ी मेहनत, समर्पण, बहादुरी और लोगों के प्रति उनके स्नेह का प्रमाण है.’ 4 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद बस्तर आईजी ने जानकारी देते हुए बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यहां बड़ी सफलता की संभावना है, उन्होंने रविवार सुबह 8 बजे जारी मुठभेड़ की अपडेट जानकारी देते हुए बताया कि जिला नारायणपुर और दंतेवाड़ा के दक्षिणी अबूझमाड़ के जंगलों में पुलिस टीम और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान शहीद है। जवाबी कार्रवाई में चार नक्सलियों को मार गिराया है। फिलहाल सुरक्षाबलों के जवान घटनास्थल के आसपास सर्च अभियान चला रहे हैं। एके-47 राइफल समेत कई हथियार बरामद अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक हेड कांस्टेबल बलिदान हो गया। मुठभेड़ शनिवार शाम नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के जंगल में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात गोलीबारी बंद होने के बाद, चार नक्सलियों के शव और एके-47 राइफल और सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) सहित स्वचालित हथियार मौके से बरामद किए गए। इलाके में तलाशी अभियान जारी एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के हेड कांस्टेबल सन्नू करम बलिदान हो गए। उन्होंने बताया कि इलाके में अभी भी तलाशी अभियान जारी है। साल 2025 का दूसरी नक्सली मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में यह साल 2025 की दूसरी मुठभेड़ है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 3 जनवरी को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 3 नक्सलियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली थी। कुछ अन्य नक्सलियों के मारे जाने या घायल होने की भी सूचना है। ऑपरेशन पर निकले थे 1 हजार जवान बताया जा रहा है कि, शनिवार देर रात 4 जिले के 1 हजार जवानों ने नक्सलियों के कोर इलाके को घेर लिया था। दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हुई। इस ऑपरेशन में दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव और बस्तर जिले की DRG और STF की टीम को भेजा गया था। जवान अब भी मौके पर ही मौजूद हैं।  

WTC Final में ऑस्ट्रेलिया ने फिर से बनाई जगह, नए साल पर इंडिया का सफर समाप्त

 सिडनी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का पांचवां एवं आखिरी आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम को 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी. ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत के लिए 162 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने खेल के तीसरे दिन (5 जनवरी) के दूसरे सेशन में हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज पर 3-1 से कब्जा कर लिया. भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद टेस्ट सीरीज जीत हासिल की है. इस सीरीज जीत के साथ ही कंगारू टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल में भी एंट्री ले ली. अब WTC फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना साउथ अफ्रीका से होगा. WTC के मौजूदा चक्र का फाइनल इस साल 11-15 जून तक क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाना है. भारतीय टीम लगातार दो फाइनल खेली थी, जहां उसे पहले न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी. अब भारतीय टीम का तीसरी बार WTC फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम की दूसरी पारी 157 रनों पर सिमट गई. बता दें कि इस मैच में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 185 रन बनाए थे. जवाब में ऑस्ट्रेल‍िया की पहली पारी भी 181 रनों पर स‍िमट गई. यानी पहली पारी के आधार पर भारत को चार रनों की लीड मिली है. पर्थ में भारत ने पहला टेस्ट 295 रनों से मैच जीता. फ‍िर एड‍िलेड टेस्ट ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 विकेट से जीता. इसके बाद ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ रहा. जबकि मेलबर्न टेस्ट को ऑस्ट्रेलिया ने 184 रनों से अपने नाम किया था. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की हाइलाइट्स, बुमराह के बिना बिखरी दिखी गेंदबाजी टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही और उसने 3.4 ओवरों में ही 39 रन बना लिए थे. यहां से प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय टीम की वापसी कराई. प्रसिद्ध ने पहले सैम कोंस्टास (22) को वॉशिंगटन सुंदर के हाथों कैच आउट कराया. फिर मार्नस लाबुशेन (6) और स्टीव स्मिथ (4) का भी उन्होंने शिकार किया. लाबुशेन और स्मिथ दोनों का ही कैच यशस्वी जायसवाल ने लपका. यहां से उस्मान ख्वाज और ट्रेविस हेड के बीच 5वें विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप हुई. सिराज ने उस्मान ख्वाजा को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराकर इस पार्टनरशिप का अंत किया. यहां से ट्रेविस हेड और ब्यू वेबस्टर ने भारतीय टीम को कोई चांस नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया को जीत की मंजिल तक पहुंचाया. जसप्रीत बुमराह दूसरी पारी में गेंदबाजी के लिए नहीं उतरे. ऐसे में भारतीय टीम की गेंदबाजी बिखरी नजर आई. वैसे भी 162 रनों का टारगेट ऑस्ट्रेलिया के लिए उतना बड़ा नहीं था. नए साल 2025 की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए मैच का नतीजा तीसरे ही दिन निकल आया। रोहित शर्मा ने खराब फॉर्म के कारण खुद को कप्तानी और प्लेइंग इलेवन से दूर रखा। जसप्रीत बुमराह ने इस मैच में कप्तानी की, लेकिन वे पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए चोटिल हो गए। ऐसे में विराट कोहली ने बाकी मैच में कप्तानी की। इंडिया ने पहली पारी में 185 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 181 रन पर सभी विकेट खोए थे। भारत दूसरी पारी में 157 रन ही बना सका। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 162 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने रो-धोकर हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल के अपने सभी मुकाबले खेल लिए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के अभी दो मैच बाकी हैं। अगर इंडिया की टीम इस मैच को जीत जाती तो निश्चित तौर पर फाइनल की रेस में होती, लेकिन अब कोई भी समीकरण किसी भी टीम के लिए बाकी नहीं है। इंडिया की जीत से ना सिर्फ इंडिया के, बल्कि श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के लिए भी फाइनल में पहुंचने के दरवाजे खुले रहते, जो अब श्रीलंका और भारत के लिए बंद हो चुके हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। WTC कब और कहां खेला जाएगा? WTC 2025 Final अब साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ने 66.67 प्रतिशत जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 63.73 प्रतिशत जीत के साथ खिताबी मुकाबले के लिए जगह बनाई। लगातार तीसरी बार इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। आईसीसी ने इसके लिए इस बार लंदन के लॉर्ड्स को चुना है, जहां 11 जून से फाइनल खेला जाना है। ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले इस खिताब को जीत चुकी है। साउथ अफ्रीका की टीम अपना पहला खिताब जीतने के लिए उतरेगी।

EPFO नया सिस्‍टम बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी, वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा

नईदिल्ली ईपीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऐलान किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस साल जून तक अपना नया सॉफ्टवेयर सिस्टम, EPFO 3.0 शुरू करने के लिए तैयार है.  पत्रकारों से बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि नया सिस्‍टम देश में बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी. साथ ही वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि EPFO 3.0 के लॉन्च के बाद ईपीएफओ अपने सदस्यों को ATM कार्ड जारी करेगा. उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट और सिस्टम में सुधार के शुरुआती चरण को जनवरी 2025 के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा. EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सदस्यों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार है. इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर अधिक कंट्रोल देने के लिए नई सुविधाएं पेश करना है. कबसे निकाल सकेंगे एटीएम से पैसा? नए EPF विड्रॉल दिशा-निर्देशों के साथ कर्मचारियों को जल्द ही ATM कार्ड का उपयोग करके अपनी EPF सेविंग तक तेजी से पहुंचने की क्षमता मिल सकती है. इससे वे फाइनेंशियल इमरजेंसी या अप्रत्याशित खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकेंगे. पिछले महीने श्रम सचिव सुमिता डावरा ने घोषणा की थी कि EPFO के कस्‍टमर्स साल 2025 तक ATM के माध्यम से अपने PF की निकासी कर सकेंगे. डावरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय वर्तमान में ईपीएफओ से संबद्ध भारत के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईटी सेवाओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है. कितना निकाल सकते हैं पैसा? डावरा के अनुसार, सभी सदस्‍य और बीमित व्यक्ति एटीएम के माध्यम से अपने भविष्य निधि (PF) को निकाल सकेंगे. हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाभार्थी के खाते में कुल शेष राशि के 50% तक निकासी सीमित होगी. इसी तरह, ईपीएफओ पेंशन कंट्रीब्‍यूशन में अधिक लचीलापन पेश करने के लिए एक नई योजना लागू करने पर विचार कर रहा है. इस प्रस्ताव के तहत, कर्मचारियों के पास कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में मौजूदा 12 प्रतिशत सीमा से अधिक या कम अंशदान करने का विकल्प होगा. मोबाइल ऐप की भी होगी सुविधा मोबाइल बैंकिंग की तरह ईपीएफ खातों के लिए एक विशेष ऐप भी तैयार हो रहा है जिसके जरिए सदस्य अपने खाते में आने वाले मासिक योगदान, पेंशन फंड से लेकर पूर्व की नौकरियों के कंट्रीब्‍यूशन आदि चीजें देख सकते हैं. इतना ही नहीं वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने पीएफ अकाउंट को मॉनिटर भी कर सकते हैं. अभी कितना है कंट्रीब्‍यूशन? वर्तमान में, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ही कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ते और किसी भी रिटेनिंग भत्ते का 12 प्रतिशत EPF में योगदान करते हैं. कर्मचारी का पूरा योगदान EPF में आवंटित किया जाता है, जबकि नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान EPF में 3.67 प्रतिशत और EPS में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है. इसके अतिरिक्त भारत सरकार 15,000 रुपये से कम कमाने वालों के लिए कर्मचारी पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान देती है.  

मप्र उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी तक के‍ लिए खोला पोर्टल, कॉलेज छात्राओं को 10 महीने तक 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना में पंजीयन करने के लिए पोर्टल खोल दिया है। अब छात्राएं दोनों में से एक योजना में 500-500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीयन करा सकेंगी। पोर्टल फरवरी तक खुला रहेगा, इसमें पूर्व छात्राओं का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वालीं छात्राओं के नवीन पंजीयन होंगे। 12वीं में 60 फीसदी अंक और बीपीएल बता दें, गांव की बेटी योजना के लिए ग्रामीण छात्रा को ग्रामीण निवासी होना अनिवार्य है। वहीं 12वीं में 60 फीसद अंक होने के साथ उसका गरीबी रेखा के नीचे होना जरूरी है। इसके बाद विभाग उसे साल के 10 महीने 500-500 रुपये देगा। वहीं प्रतिभा किरण योजना के लिए शहरी क्षेत्र की छात्राओं को 12वीं में 60 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। उसे भी 10 महीने तक 500-500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दोनों ही योजनाओं की लाभार्थी छात्राएं प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं। इसके बाद में विभाग के द्वारा उसको साल के 10 महीने पांच ₹500 की रकम दी जाती है और यहां प्रतिभा किरण योजना जो कि शहरी क्षेत्र की छात्राओं के लिए है । बताया जा रहा है कि यह स्कीम में 12वीं में 60 फिसदी तक के अंक आना जरूरी होते हैं जिसमें यह ₹500 की रकम हर महीने दी जाती है दोनों ही योजना का फायदा लाभार्थी छात्राओं को निजी तथा सरकारी कॉलेज में प्रवेश के बाद में मिलता है।  

मप्र उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी तक के‍ लिए खोला पोर्टल, कॉलेज छात्राओं को 10 महीने तक 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना में पंजीयन करने के लिए पोर्टल खोल दिया है। अब छात्राएं दोनों में से एक योजना में 500-500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीयन करा सकेंगी। पोर्टल फरवरी तक खुला रहेगा, इसमें पूर्व छात्राओं का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वालीं छात्राओं के नवीन पंजीयन होंगे। 12वीं में 60 फीसदी अंक और बीपीएल बता दें, गांव की बेटी योजना के लिए ग्रामीण छात्रा को ग्रामीण निवासी होना अनिवार्य है। वहीं 12वीं में 60 फीसद अंक होने के साथ उसका गरीबी रेखा के नीचे होना जरूरी है। इसके बाद विभाग उसे साल के 10 महीने 500-500 रुपये देगा। वहीं प्रतिभा किरण योजना के लिए शहरी क्षेत्र की छात्राओं को 12वीं में 60 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। उसे भी 10 महीने तक 500-500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दोनों ही योजनाओं की लाभार्थी छात्राएं प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं। इसके बाद में विभाग के द्वारा उसको साल के 10 महीने पांच ₹500 की रकम दी जाती है और यहां प्रतिभा किरण योजना जो कि शहरी क्षेत्र की छात्राओं के लिए है । बताया जा रहा है कि यह स्कीम में 12वीं में 60 फिसदी तक के अंक आना जरूरी होते हैं जिसमें यह ₹500 की रकम हर महीने दी जाती है दोनों ही योजना का फायदा लाभार्थी छात्राओं को निजी तथा सरकारी कॉलेज में प्रवेश के बाद में मिलता है।

प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की

नई दिल्ली अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की है। ईरानी अधिकारियों ने भारत से फिर से कच्चे तेल की खरीद शुरू करने और ईरानी नागरिकों को वीजा देने में राहत देने की मांग की है। ईरान का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच दोस्ती और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। मगर इसके पीछे क्या ईरान की कोई मंशा है? आइए जानते हैं। ईरान की इस गुहार के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी प्रतिबंध हैं, जिनकी वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है। 2019 में भारत ने अमेरिकी दबाव में ईरान से कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी थी। हालांकि, अब ईरान चाहता है कि भारत एक बार फिर तेल खरीदने के लिए रास्ता निकाले। ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि भारत और ईरान को मिलकर इस मुद्दे का हल ढूंढना होगा। चाबहार बंदरगाह पर भी ईरान की खास नजर है। यह बंदरगाह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है और भारत ने इसके विकास में काफी निवेश किया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि चाबहार के आसपास पेट्रो-रसायन उद्योगों में सहयोग के लिए भारत ने रुचि दिखाई है। यह बंदरगाह दोनों देशों के लिए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक अहम जरिया हो सकता है। ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि रूस और ईरान पर लगे प्रतिबंध अलग हैं, और भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। ऐसे में ईरान उम्मीद कर रहा है कि भारत उसके लिए भी ऐसा ही कोई रास्ता निकालेगा। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक राजनीति में बदलाव के चलते अमेरिका का रुख ईरान के प्रति नरम हो सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह मौका हो सकता है कि वह ईरान के साथ अपने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाए। भारत के लिए ईरान की अहमियत सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। चाबहार बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ने का सीधा रास्ता देता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह भारत के लिए किसी तरह की मुश्किल खड़ी नहीं करना चाहता, बल्कि आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। ऐसे में देखना है कि क्या भारत अपने चाबहार वाले दोस्त के साथ कच्चे तेल का सौदा करता है या नहीं।

यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव

भोपाल यूनियन कार्बाइड का कचरा जलने से कई तरह की गंभीर बीमारियों की आशंका है।  विशेषज्ञ डॉक्टरों से रासायनिक कचरे(Union Carbide Waste) के जलने से उत्पन्न स्थिति के बारे में जाना। विशेषज्ञों ने कहा, अगर रासायनिक पदार्थ जलता है तो धुआं निकलता है। वैसे अलग-अलग तरह के धुएं होते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। धुएं बनते हैं कैंसर की वजह कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल धारकर के मुताबिक, ‘कुछ धुएं कैंसर का कारण बन सकते हैं। इन्हें कार्सिनोजेनिक धुआं कहा जाता है, जिनमें ऐसे पदार्थ होते हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। तंबाकू के धुएं से फेफड़ों, गले और अन्य प्रकार के कैंसर तो डीजल के धुएं से फेफड़े और मूत्राशय के कैंसर का खतरा होता है। रासायनिक धुएं में वाष्पशील कार्बनिक यौगिक होते हैं, जो कैंसरकारी हो सकते हैं। कई मामलों में तो सालों बाद भी कैंसर का खतरा रहता है। लोगों को सुझाव दिया जाता हैै कि अगर वे कार्सिनोजेनिक धुएं के संपर्क में आते हैं तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।’ कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव डॉ. पीयूष जोशी(एमडी )के मुताबिक, ‘रासायनिक कचरे की राख को जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। राख को जमीन में डंप करने से भूमिगत जल के दूषित होने की पूरी आशंका रहती है। पीथमपुर से यशवंत सागर जुड़ा है, बेटमा इलाका भी लगा है, जहां तक प्रभाव हो सकता है। इस तरह का दूषित जल पीने से कैंसर का खतरा रहता है। साथ ही गर्भवती महिला संपर्क में आती है तो गर्भस्थ बच्चा प्रभावित हो सकता है और पैदा होने पर उसमें विकृति की आशंका रहती है। त्वचा रोग का भी खतरा रहता है।’ एक्सपर्ट व्यू डॉ. योगेंद्र व्यास, शिशु रोग विशेषज्ञ व फिटनेस कोच के मुताबिक, ‘पीथमपुर पहुंचा यूनियन कार्बाइड का कचरा(Union Carbide waste) 40 साल पुराना है। इसमें कोई केमिकल बचा नहीं है। विशेषज्ञ एनालिसिस भी कर रहे हैं। भोपाल से पीथमपुर इसलिए आया है, क्योंकि यहां मौजूद रामकी कंपनी इंटरनेशनल होने के साथ वेस्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी रखती है। कई लोग बोल रहे हैं कि कचरे से नुकसान होगा व पर्यावरण प्रदूषित होगा। इसके बारे में कहूंगा कि भोपाल में यूनियन कार्बाइड की 70 एकड़ जमीन है। इसमें से 30 एकड़ पर कई सालों से अतिक्रमण है। वहां लोग रह रहे हैं। उन्हें असर हुआ या नहीं, इसकी स्टडी पहले कर ली जाए। रामकी कंपनी नौ माह में पूरे मापदंड के साथ इसका निष्पादन करेगी। सभी उत्सर्जित गैसों की निगरानी होगी। फिल्टर भी लगा है। इसलिए चिंतित नहीं होना चाहिए।’

MP में महंगी होगी बिजली, कंपनियों ने 7% से ज्यादा दर बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

जबलपुर  मध्यप्रदेश की विद्युत (बिजली) कंपनियों ने अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 की कुल राजस्व आवश्यकता और उनकी आय में हो रहे भारी भरकम अंतर को पूरा करने के लिए एक बार फिर से जनता के ऊपर बोझ डालने का निर्णय लिया है। जी हां मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों ने आय और व्यव के भारी अंतर का उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। फिर से जनता पर बोझ डाला जाएगा मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों की वित्त वर्ष 2025-26 की कुल राजस्व आवश्यकता की बात की जाए तो 58744 करोड रुपए है, जबकि प्रदेश की विद्युत कंपनियों आय 54637 करोड़ रुपए है। ऐसे में 4 हजार करोड़ से ज्यादा के अंतर को पूरा करने या यू कहे कि खर्च और आए में संतुलन बनाने के लिए फिर से जनता पर बोझ डाला जाएगा। रिटायर्ड अभियंता और विद्युत मामलों की जानकार राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस तरह से बिजली कंपनियां सीधे तौर पर जनता पर बोझ डालने की तैयारी कर रही है। कंपनियों को होगी अतिरिक्त आय कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव में घरेलू, कृषि, चार्जिंग स्टेशन, रेलवे, कोयला खदान, औद्योगिक, शॉपिंग मॉल से लेकर मेट्रो, सार्वजनिक जलप्रदाय संयंत्र, सिंचाई व अन्य तमाम कार्यों के लिए ली जाने वाली बिजली की कीमत बढ़ जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं से ही दर वृद्धि के बाद 988 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय बिजली कम्पनियों को होगी, तो गैर घरेलू से 218 करोड़ रुपए और सार्वजनिक जल प्रदाय संयंत्रों और स्ट्रीट लाइट से 104 करोड़, निम्न दाब उद्योगों से 62, कृषि संबंधित गतिविधियों से डेढ़ हजार करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होना है। इसी तरह कोयला खदानें, शॉपिंग मॉल और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई दरें वसूलकर 4107 करोड़ रुपए अतिरिक्त हासिल किए जाएंगे।  घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को अभी 151-300 यूनिट के मौजूदा टेरिफ स्लैब का लाभ मिलता है। उसे अब संशोधित कर 150 यूनिट तक ही सीमित किया जाएगा। यानी इससे अधिक बिजली जलाने वाले छोटे उपभोक्ताओं को  भी बिजली की कीमत अधिक चुकानी पड़ेगी। झुग्गी-झोपड़ी में डीटीआर मीटर फिलहाल झुग्गी झोपड़ी समूह के लिए डीटीआर मीटर के माध्यम से जो टैरिफ अभी है उसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक कि घोषित और अघोषित अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण के साथ सभी उपभोक्ताओं का मीटरीकरण नहीं हो जाता। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए सुबह 9 से 5 बजे ऑफ पीक अवधि के दौरान खपत की गई ऊर्जा के लिए सामान्य दर पर 20 फीसदी की टीओडी छूट प्रस्तावित की गई है। इसी तरह रात 10 से सुबह 6 बजे के दौरान टैरिफ की सामान्य दरों पर ही भुगतान करना पड़ेगा। हरित ऊर्जा शुल्क भी वर्ष 2025-26 के लिए दो तरह से प्रस्तावित किया गया है। पहला कार्बन चिन्ह को कम करने और दूसरा ऊर्जा के नवीकरणीय स्त्रोतों से बिजली हासिल करने वाले उपभोक्ताओं की श्रेणी में लिया जाएगा। वहीं एचवी-3 टैरिफ के तहत उच्च दाब उपभोक्ताओं को वर्तमान में लागू सभी छूट आगामी वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी। इन याचिकाओं के खिलाफ 24 जनवरी तक आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। टैरिफ में बढ़ोतरी न कर घाटे को रोका रहा राजेंद्र अग्रवाल का मानना है कि विघुत कंपनियो ने बीते वित्त वर्ष 2023-24 का घाटा 4344 करोड बताकर उसे अगले वर्ष यानि 2025-26 में वसूलने का प्रस्ताव किया है, जो कि पूणतः गलत है। उनका यह तक दावा है कि विद्युत कंपनियां जो 4000 करोड़ से ज्यादा का घाटा बता रही है वह घाटा हुआ ही नहीं। उनका मानना है कि विद्युत कंपनियों की आई और व्यय में कहीं भी कोई अंतर नहीं है लेकिन वह पिछले साल के बीते वर्ष के घाटे को पूरा करने के लिए इस तरह से चीज कर रही है। उनका कहना है कि विद्युत वितरण कंपनियों ने चुनाव के समय जनता को लुभाने के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी न करके उस घाटे को रोके रहा और अब जाकर 2 साल बाद जनता से उसे वसूल किया जा रहा है। बिजली की दरों में 7.52 फीसदी का इजाफा जानकारों का मानना है कि, आयोग को पहले वर्ष 2023-24 की सत्यापन याचिका का निराकरण करना चाहिए उसके बाद अगला कदम उठाना चाहिए। नए साल पर प्रदेश के करोडों बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगने वाला है। विद्युत कंपनियां प्रदेश में बिजली की दरों में 7.52 फीसदी का इजाफा करना चाहती है। जिसके लिए नियामक आयोग के समक्ष सभी विद्युत कंपनियों ने टैरिफ याचिका दायर कर दी है, जिसमें मध्य प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तकरीबन 7.52 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। औसतन प्रति यूनिट बड़ा झटका बिजली उपभोक्ताओं को देने की तैयारी है। स्लैब के हिसाब से इस तरह बढ़ोतरी का प्रस्ताव -50 यूनिट तक -वर्तमान दर 4.27/- प्रस्तावित दर 4.59/-(32 पैसे बढ़ोतरी ) 51- 150 यूनिट तक– वर्तमान दर 5.23/- प्रस्तावित दर 5.62/-(39 पैसे बढ़ोतरी ) 150-300 यूनिट तक– वर्तमान दर 6.61/- प्रस्तावित दर 7.11/-(50 पैसे बढ़ोतरी ) 300 यूनिट से ज़्यादा– वर्तमान दर 6.80/- प्रस्तावित दर 7.11/-(31 पैसे बढ़ोतरी ) सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय परिवार को बिजली का झटका देने की तैयारी है।

अमित शाह ने कहा- केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला तब उन्होंने अपना शीश महल बनबाया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में कामकाजी महिला छात्रावास सुषमा भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे घर पर कुछ बच्चे मिलने आए थे तो मैंने उनसे पूछा कि केजरीवाल जी ने क्या किया? तो एक बच्चे ने कहा कि उन्होंने एक 45 करोड़ रुपये का शीशमहल खुद के लिए बनाया। राजनीति में आए तब कहते थे हम सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे, सरकारी बंगला नहीं लेंगे। आज 50 हजार गज में दिल्लीवासियों के 45 करोड़ रुपये से अपने लिए शीश महल बनाया। केजरीवाल को दिल्ली की जनता को हिसाब देना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “अरविंद केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं की। उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया और दवाओं के नाम पर घोटाला किया। इतना ही नहीं, सीसीटीवी के नाम पर घोटाला किया, बस खरीद में घोटाला किया और सबसे बड़ी घोटाला निजी सुविधाओं के लिए, अपना शीशमहल बनाने के लिए किया। दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल को जवाब देना पड़ेगा।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुषमा स्वराज को भी याद किया। उन्होंने कहा, “मुझसे बांसुरी स्वराज मिलने आई थी और उन्होंने मुझे बताया कि कामकाजी महिला छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसका नाम सुषमा भवन रखा जाएगा। तब मैंने खुद कहा था मुझे हॉस्टल का साइज नहीं पूछना है, मगर सुषमा जी के नाम से हॉस्टल बना है तो मैं यहां जरूर आऊंगा। यहां आने का निमंत्रण मैंने मांग कर लिया है, क्योंकि इस हॉस्टल का उद्घाटन करना मेरे लिए आनंद का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “इस भवन में करीब 80 बहनें काम करेंगी, उनके सुरक्षित रहने की सुविधा एक ऐसी नेता के नाम से जुड़ रहा है जो भारत की महिला शक्ति को जागरूक और संगठित करने की प्रेरणास्रोत रही हैं। सुषमा स्वराज हम सब भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा पार्टी की महान नेता के रूप में चिर स्मरणीय रहेंगी। उन्होंने भारत के संसदीय राजनीति के इतिहास में सुषमा स्वराज ने एनडीए-1 और एनडीए-2 दोनों सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री की जिम्मेदारी बखूबी संभाली।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं जानेगा, बल्कि उन्हें एक संघर्ष करने वाली विपक्ष की नेत्री के रूप में याद रखेगा। सुषमा ही थीं, जिन्होंने यूपीए-2 सरकार के 12 लाख करोड़ के घोटाले को संसद भवन में उजागर किया था। विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण होता है, इसका जब उदाहरण दिया जाएगा, तब सुषमा जी को जरूर याद किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्थिबाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की, दिव्यांगजन की सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन की सेवा और कल्याण आंतरिक सुख का विषय है। उनकी सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक है। दिव्यांगजन के साथ समरसता के व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए समाज में उनके प्रति विद्यमान दृष्टिदोष को दूर करना आवश्यक है। प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है, उसे चिन्हित कर निखारने और प्रोत्साहित करने से दिव्यांगजन की ऊर्जा का उपयोग समाज हित में किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप ही विकलांग जैसे कटु अनुभूति देने वाले शब्द को बदलकर दिव्यांग का सम्मानजनक संबोधन प्रदान किया गया। दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्ति वास्तव में चुनौतियों को स्वीकार करने वाले सच्चे वीर हैं। उनकी सामर्थ्य को स्वीकारना और सम्मान देना समाज का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल “सक्षम” की पहल पर भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सहयोग से संचालनालय सामाजिक न्याय विभाग के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ई-साइकिल वितरित की। विश्व ब्रेल दिवस पर किया लुइस ब्रेल का स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्व ब्रेल दिवस (4 जनवरी) के अवसर पर ब्रेल लिपि विकसित करने वाले लुइस ब्रेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित बालिका कुमारी तान्या शर्मा ने सक्षम गान की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी तान्या का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज-कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तक का विमोचन किया और समाजसेवियों का शॉल, श्रीफल तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर की कुमारी अनामिका सोलंकी, खंडवा की श्रीमती रजनी दशोरे, झाबुआ की सुश्री उषा गढ़वा सहित श्री ओम तिवारी, श्री सुखदेव आदि को प्रतीक स्वरूप ई-साइकिल वितरित की। प्रदेश के कुल 47 अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की। घर में व्हील चेयर और बाहर ट्राई साइकिल के रूप में उपयोग में आएगी ई-साइकिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टि बाधित दिव्यांगजन के लिए यह बड़ी सौगात है। साथ ही कई देशों की सेनाओं द्वारा ब्रेल लिपि का उपयोग रात्रि में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए भी किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वितरित की जा रही ई-साइकिल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन साइकिलों का उपयोग घर में व्हीलचेयर के रूप में करने के साथ ही घर के बाहर आने-जाने के लिए ट्राई साइकिल के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित होने के बाद भी व्यक्तियों ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। पौराणिक संदर्भ में अष्टावक्र, महान संगीतज्ञ स्व. रविंद्र जैन तथा धर्म आध्यात्म के क्षेत्र में स्वामी रामभद्राचार्य जी का उदाहरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करने को समर्पित है संस्था सक्षम कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि “सक्षम”- समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल, दिव्यांगजन के सशक्तिकरण को समर्पित संस्था है, जिसकी स्थापना 2008 में नागपुर में हुई। दिव्यांग युवाओं-महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों की रक्षा, खेल गतिविधियों में प्रोत्साहन, शोध तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार एवं परिचर्चा के माध्यम से दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करना सक्षम संस्था का उद्देश्य है।  

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