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लखनऊ में 4 बहनों और मां की हत्‍या, पुलिस ने बेटे को किया अरेस्‍ट, पिता भी शक के घेरे में

लखनऊ  नए साल के पहले दिन लखनऊ के होटल में 5 लोगों का मर्डर कर दिया गया। मरने वालों में 4 लड़कियां और उनकी मां शामिल है। पुलिस ने इस मामले में बेटे को अरेस्‍ट किया है। आरोपी का नाम अरशद बताया जा रहा है। उसकी उम्र लगभग 24 साल है। पारिवारिक विवाद में मर्डर की बात सामने आई। लखनऊ सामूहिक हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों के गले और कलाई पर चोट के निशान हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी पांच लोगों को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया, फिर उनके हाथ की नसों को काट कर मौत के घाट उतार दिया गया. पारिवारिक कलह में बेटे द्वारा वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस ज्यादा कुछ कहने से बच रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी चीजें साफ होंगी. फिलहाल, हत्यारोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, परिवार आगरा से आया था और लखनऊ के होटल शरणजीत के रूम नंबर- 109 में 30 दिसंबर से ठहरा हुआ था. कुल सात लोग रुके हुए थे, जिनमें मां और 4 बेटियों की हत्या हुई है. आरोप बेटे पर है, जिसका नाम अरशद है. पुलिस पूछताछ में अरशद सिर्फ इतना ही कह रहा है कि ये हमारा पारिवारिक मसला है. वह बार-बार बस एक लाइन दोहरा रहा है कि ‘मुझे पता है यह लोग क्या करती हैं…’ लखनऊ पुलिस का कहना है कि होटल से एक महिला और 4 लड़कियों की डेड बॉडी बरामद हुई है. उनके गले और कलाई पर निशान मिले हैं. हत्या कैसे हुई ये पोस्टमार्टम से क्लियर होगा. हालांकि, ये साफ है कई गोली मारकर मर्डर नहीं हुआ है. वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कलाई और गर्दन पर पतले धारदार हथियार के निशान मिले हैं. आपको बता दें कि मृतक 4 बेटियों में से दो नाबालिग हैं. जबकि, दो की उम्र भी 18 और 19 साल ही है. लखनऊ के होटल के अंदर हुई इन 5 हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. आरोप है कि बेटे अरशद ने अपनी मां और 4 बहनों को मौत के घाट उतार दिया है. शक पिता बदर पर भी है. वह अभी फरार है. अरशद से पूछताछ की जा रही है. वारदात लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में बीती रात हुई है, जहां आगरा का रहने वाला परिवार होटल शरणजीत में रुका हुआ था. शुरुआती पड़ताल में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है. फिलहाल, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों के नाम 1. आलिया (उम्र 9 वर्ष, बहन) 2. अल्शिया (उम्र 19 वर्ष, बहन) 3. अक्सा (उम्र 16 वर्ष, बहन) 4. रहमीन (उम्र 18 वर्ष, बहन) 5. अस्मा (मां) 5. आरोपी का नाम- अरशद (24)   पुलिस के अनुसार अरशद ने धारदार ब्‍लेड से पांचों की हत्‍या की है। पुलिस ने जब पूछताछ की तो अरशद बार-बार अपने बयान बदलने लगा। जब सख्‍ती दिखाई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। यह भी पता चला कि परिवार 30 दिसंबर को लखनऊ घूमने आया था। अरशद का कहना है कि ये हत्‍याएं पिता ने की हैं, वह (अरशद) किसी तरह बच गया। इसके बाद पिता मौके से भाग गए। अरशद ने आशंका जताई कि उसके पिता भी खुदकुशी कर सकते हैं। ये लोग नाका इलाके के होटल शरणजीत में ठहरे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मरने वालों के नाम आलिया (9), अल्शिया (19), अक्‍सा (16), रहमीन (18) और अस्‍मा बताए जा रहे हैं। अस्‍मा इन बच्‍चों की मां थी। पुलिस ने इस मामले में बताया कि पारिवारिक कलह की वजह से आरोपी अरशद ने यह हत्‍याएं की हैं। मामले की जांच जारी है। शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी का नाम अरशद है। पिता का नाम बदर है। वह इस्लाम नगर, टेढ़ी बगिया, कुबेरपुर, आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। यह जानकारी डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने दी।

ICC टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग-बुमराह ने 907 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए, टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर

 मुंबई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार (1 जनवरी) को ताजा रैंकिंग जारी की है. इसमें भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने धमाल मचाते हुए नए साल के पहले ही दिन इतिहास रच दिया है. बुमराह आईसीसी टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज हैं. इसके अलावा उनके रेटिंग पॉइंट्स भी 907 हो गए हैं. यह अपने आप में ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. बुमराह इतने रेटिंग पॉइंट्स हासिल करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले अश्विन ने दिसंबर 2016 में सबसे ज्यादा 904 रेटिंग अंक हासिल किए थे. बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में धमाल मचा रखा है, जिसका फायदा उन्हें आईसीसी रैंकिंग में हासिल हुआ है. साथ ही बुमराह 907 रेटिंग अंकों के साथ सर्वकालिक सूची में इंग्लैंड के स्पिनर डेरेक अंडरवुड के साथ संयुक्त 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज सिडनी बार्न्स (932) और जॉर्ज लोहमैन (931) शीर्ष पर हैं, जबकि इमरान खान (922) और मुथैया मुरलीधरन (920) तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टॉप विकेट टेकर हैं बुमराह बता दें कि भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है. यहां दोनों टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है, जिसका चौथा मुकाबला मेलबर्न में हुआ. इस चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया 184 रनों से जीता. इस तरह मेजबान टीम सीरीज में 2-1 से आगे हो गई है. अब आखिरी टेस्ट 3 जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा. सीरीज में अब तक बुमराह ही टॉप विकेट टेकर हैं. उन्होंने 4 टेस्ट की 8 पारियों में सबसे ज्यादा 30 विकेट झटके हैं. उनका औसत भी 12.83 का रहा है. उनके बाद दूसरे नंबर पर पैट कमिंस हैं, जिन्होंने 20 विकेट लिए. बुमराह को इसी प्रदर्शन का दमदार फायदा मिला है. सीरीज के तीसरे यानी गाबा टेस्ट में भी बुमराह ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने पहली पारी में 76 रन देकर 6 विकेट झटके थे. जबकि बुमराह ने गाबा टेस्ट की दूसरी पारी में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए थे. सीरीज के पहले टेस्ट में बुमराह ने 8 विकेट और दूसरे टेस्ट में 4 विकेट लिए थे.

नए साल की शुरुआत राहतभरी खबर से, 6 महीने बाद सस्ता हुआ LPG सिलेंडर! जानिए नए दाम

मुंबई नए साल (New Year 2025) की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एक राहत भरी खबर आई है. दरअसल, 1 जनवरी 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दाम में कटौती की है. गैस सिलेंडर के दाम दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक कम किए गए हैं. हालांकि, ये कटौती कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में की है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14 किलोग्राम वाले) की कीमतें नए साल की शुरुआत में भी स्थिर बनी हुई हैं, यानी इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इतना सस्ता हुआ LPG सिलेंडर 1 January 2025 यानी साल के पहले दिन 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी की गई हैं. IOCL की वेबसाइट पर अपडेट किए गए दाम के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 1 जनवरी से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर अब 1804 रुपये का हो गया है, जो कि बीते 1 दिसंबर को 1818.50 रुपये का था. यानी एक सिलेंडर का दाम 14.50 रुपये घट गया है. दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अन्य महानगरों में भी इसकी कीमतें बदली हैं. जानें इन शहरों में LPG सिलेंडर की नई कीमत बिहार की राजधानी पटना में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 2095.5 रुपये देने होंगे. जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1925 रुपये और नोएडा यानी गौतम बुद्ध नगर में 1802.50 रुपने देने होंगे. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 1 जनवरी 2025 से 2073 रुपये और झारखंड की राजधानी रांची में 1962.50 रुपये चुकाने होंगे. क्या होगा असर अब आपके लिए होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने का बिल जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. साथ ही ऑनलाइन फूड आर्डर करने पर भी आपको राहत मिल सकती है. 19 किलो वाला सिलेंडर होटल और ढाबा वाले ही इस्तेमाल करते हैं. इन्हें 14 किलो वाले सिलेंडर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. पिछले कई महीनों में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो रहा था जिसपर नए साल के पहले महीने में फिलहाल ब्रेक लग गया है. मुंबई-कोलकाता में ये है नया रेट राजधानी दिल्ली के अलावा कोलकाता में पहली जनवरी से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1927 रुपये से घटकर 1911 रुपये हो गई है. यहां एक सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price In Kolkata) में 16 रुपये की कटौती की गई है. इसके साथ ही मुंबई में सिलेंडर के दाम (Mumbai LPG Price) भी 15 रुपये कम हुए हैं और दिसंबर में 1771 रुपये में मिलने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम घटकर 1756 रुपये का रह गया है. चेन्नई की अगर बात करें, तो यहां 1980.50 रुपये वाला 19Kg Cylinder अब 1 जनवरी 2025 से 1966 रुपये का मिलेगा. दिसंबर के पहले दिन हुआ था महंगा इससे पहले बीते महीने दिसंबर की पहली तारीख को महंगाई का तगड़ा झटका लगा था और 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये 1 अगस्त के दाम पर ही मिल रहा है. 1 जनवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये दिल्ली में 803 रुपये का मिल रहा है. इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.

पांचजन्य ने लिखा मस्जिद-मंदिर विवाद के फिर से उठने पर मोहन भागवत की टिप्पणी समाज से इस मामले में एक ‘समझदारी भरा रुख’

नई दिल्ली आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने पिछले दिनों एक भाषण में कहा था कि हमें हर मस्जिद में मंदिर खोजने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग हर राम मंदिर जैसा विषय खड़ा करके हिंदू नेता बनना चाहते हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान का एक वर्ग ने समर्थन किया तो वहीं हिंदूवादी संगठनों और कुछ संतों ने राय को खारिज कर दिया। यही नहीं पिछले सप्ताह आरएसएस से जुड़ी पत्रिका ऑर्गनाइजर ने सोमनाथ से संभल तक की एक कवर स्टोरी लगाई थी और इसे सभ्यतागत न्याय का सवाल बताया था। लेकिन अब आरएसएस से ही जुड़ी मैगजीन पांचजन्य में मोहन भागवत की राय को सही बताया गया है। पांचजन्य के संपादकीय में कहा है कि मस्जिद-मंदिर विवाद के फिर से उठने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी समाज से इस मामले में एक ‘समझदारी भरा रुख’ अपनाने का स्पष्ट आह्वान है। इसने इस मुद्दे पर ‘अनावश्यक बहस और भ्रामक प्रचार’ के प्रति भी आगाह किया। आरएसएस प्रमुख ने हाल में देश भर में मंदिर-मस्जिद विवादों के फिर से उठने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ व्यक्तियों को ऐसा लगने लगा है कि वे ऐसे मुद्दों को उठाकर ‘हिंदुओं के नेता’ बन सकते हैं। 19 दिसंबर को पुणे में सहजीवन व्याख्यानमाला में ‘भारत: विश्वगुरु’ विषय पर व्याख्यान देते हुए भागवत ने समावेशी समाज की वकालत की और कहा कि दुनिया को यह दिखाने की जरूरत है कि भारत सद्भाव के साथ रह सकता है। आरएसएस के मुखपत्र ‘पांचजन्य’ के संपादक हितेश शंकर के 28 दिसंबर के संपादकीय में कहा गया है, ‘आरएसएस प्रमुख मोहनराव भागवत के मंदिरों पर दिए गए हालिया बयान के बाद मीडिया जगत में घमासान (वाकयुद्ध) छिड़ गया है। या यूं कहें कि यह जानबूझकर किया जा रहा है। एक स्पष्ट बयान के अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं। हर दिन नई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।’ उन्होंने कहा कि इन प्रतिक्रियाओं में स्वतःस्फूर्त सामाजिक राय के बजाय “सोशल मीडिया विशेषज्ञों द्वारा उत्पन्न किया गया कोहराम और उन्माद” अधिक दिखाई देता है। संपादकीय में कहा गया कि भागवत का बयान समाज से इस मुद्दे के प्रति समझदारी भरा रुख अपनाने का स्पष्ट आह्वान है। ‘मंदिरों का राजनीतिक लाभ लेने का चलत गलत है’ इसमें कहा गया है, ‘यह सही भी है। मंदिर हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उनका इस्तेमाल कतई स्वीकार्य नहीं है। आज के दौर में मंदिरों से जुड़े मुद्दों पर अनावश्यक बहस और भ्रामक दुष्प्रचार को बढ़ावा देना चिंताजनक प्रवृत्ति है। सोशल मीडिया ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।’ संपादकीय के अनुसार, ‘खुद को सामाजिक कहने वाले कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया मंचों पर स्वयंभू रक्षक और विचारक बन बैठे हैं। ऐसे अविवेकी विचारकों से दूर रहने की जरूरत है जो समाज के भावनात्मक मुद्दों पर जनभावनाओं का इस्तेमाल करते हैं।’ संपादकीय में कहा गया है कि भारत एक ऐसी सभ्यता और संस्कृति का नाम है, जिसने हजारों वर्षों से न केवल अनेकता में एकता के दर्शन का प्रचार किया, बल्कि उसे जीया और आत्मसात भी किया। संपादकीय में मीडिया पर लगाया सनसनी फैलाने का आरोप इसमें कहा गया है, ‘यह भूमि केवल भौगोलिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों का जीवंत स्पंदन है। ऐसे में मंदिरों का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और ऐतिहासिक भी है।’ संपादकीय में कहा गया है कि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मूल्यों से रहित, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ से भरे ‘कुछ तत्वों’ ने अपनी राजनीति को बढ़ावा देना, समुदायों को भड़काना और हर गली और इलाके में ‘हिंदू मंदिरों’ को बचाने की आड़ में खुद को सर्वश्रेष्ठ हिंदू विचारक के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है। इसमें कहा गया है, ‘मंदिरों की खोज को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करना शायद मीडिया के लिए भी एक चलन बन गया है और यह एक प्रकार का मसाला है, जो 24 घंटे चलने वाले (समाचार) चैनलों और समाचार बाजार की भूख को पूरा रखता है।’

अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश:अरुण साव

रायपुर : साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाएं छत्तीसगढ़ के शहरों को: अरुण साव साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाएं छत्तीसगढ़ के शहरों को उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के दिए निर्देश आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने कहा अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश रायपुर   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में 353 नए पद मंजूर किए गए हैं।     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में बन रहे अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और इनके उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करते हुए राज्य के शहरों को साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., विशेष सचिव आर. एक्का और संचालक कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।       उप मुख्यमंत्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए अच्छी गुणवत्ता की उत्कृष्ट मूर्ति स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल परिसर का इस तरह निर्माण करें कि शहर में इसकी विशेष पहचान और दर्शनीय स्थल बनें। उन्होंने प्रदेश के 12 शहरों में बनाए जा रहे नालंदा परिसर के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र काम प्रारंभ करने को कहा। साव ने अधिकारियों से कहा कि नालंदा परिसर का शानदार और आइकॉनिक निर्माण होना चाहिए। नालंदा परिसर और अटल परिसर का निर्माण सरकार के महत्वाकांक्षी कार्य हैं। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को खुद इनकी मॉनिटरिंग करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।     उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन 2.0, एसटीपी निर्माण और आकांक्षी शौचालयों के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को रोजाना प्रातः भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने 01 जनवरी से ही इसकी शुरूआत कर शहरों में प्रकाश और सफाई की व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा। साव ने इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए गंभीरता और सक्रियता से प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा। इसमें किसी तरह का हीला-हवाला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।        साव ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के निर्माणाधीन आवासों को आगामी मार्च महीने तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गरीबों का आशियाना तैयार करने का काम संवेदनशीलता से करते हुए इनका निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा।  उन्होंने किफायती आवास परियोजनाओं के तहत निर्मित आवासों का आबंटन हितग्राहियों को तत्काल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान अनिराकृत प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर इन्हें जल्द से जल्द निराकृत करने को कहा।     साव ने नगरीय निकायों में नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ऊर्जा की अनावश्यक खपत पर रोक लगाते हुए विद्युत देयकों का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। लंबित भुगतान के कारण विद्युत देयकों पर सरचार्ज लगने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। साव ने नगरीय निकायों में सेट-अप के पुनरीक्षण के लिए आवश्यक जानकारी संचालनालय को भेजने को कहा। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सभी कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक एवं नगरीय निकायों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के इन चार विजन मिशन से संवारेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश विकास के लिए ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सशक्तिकरण को आधार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आने वाले वर्ष-2025 में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास को आकार देने के संकल्प के साथ चारों मुख्य स्तंभों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने गरीब कल्याण मिशन, युवा शक्ति मिशन, किसान कल्याण मिशन और महिला सशक्तिकरण मिशन को पूरा करने के लिए अलग-अलग ब्ल्यू-प्रिंट तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन सशक्तिकरण मिशनों का जनवरी माह से शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि इन चारों स्तंभों को सशक्त बनाकर मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय लिखा जा सकेगा। युवा शक्ति मिशन युवा पीढ़ी को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में कौशल प्रदान करेगा। इससे उन्हें बदलते हुए नौकरी बाजार के लिए तैयार किया जा सकेगा, साथ ही उनमें सक्षम नेतृत्व के गुण विकसित होंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता, शैक्षिक अवसर और उद्यमिता के अवसर और प्रोत्साहन देगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगीं और प्रदेश में जेंडर इक्वलिटी को बढ़ावा मिलेगा। किसान कल्याण मिशन उद्देश्य विविधीकरण के साथ ही पशुपालन एवं मछली पालन जैसे सहायक व्यवसायों को एकीकृत करने और कृषि-आधारित उद्यमिता जैसे प्रगतिशील उपायों को वित्तीय सहायता और तकनीकी परामर्श देकर प्रोत्साहित कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाने पर फोकस्ड है। गरीब कल्याण मिशन में सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को वित्तीय सहायता, भूमि संबंधी अधिकार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर गरीबी के कुचक्र को तोड़ने में मदद करेगी। युवा शक्ति मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि ‘युवा शक्ति मिशन’ युवाओं के सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद सिद्ध होगा। मिशन से युवा में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी। साथ ही वह आधुनिक तकनीक के कुशल प्रयोग में सक्षम बनेगा। परिणामस्वरूप युवाओं में सफल एवं सक्षम नेतृत्व के गुण भी विकसित होंगे। ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई गई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। महिला सशक्तिकरण मिशन महिला सशक्तिकरण मिशन राज्य में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है। मिशन का मकसद महिलाओं को पुरुषों के ही समान अवसर उपलब्ध करा प्रदेश जेंडर इक्वलिटी लाना है ताकि प्रदेश में समावेशी समाज की स्थापना हो सके। मिशन के अंतर्गत उनमें शिक्षा और कौशल विकास के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे उनकी रोजगार प्राप्त कर पाने की क्षमता और संभावनाएं बढ़ेंगीं और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त होगी। मिशन महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा, उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने और उसके सुचारु संचालन के संसाधन, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी लैंगिक मुद्दों से निपटने के कार्यक्रम भी शामिल होंगे। यह मिशन महिलाओं में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा और एक सहायक वातावरण तैयार करेगा। साथ ही महिलाओं के लिए कानूनी सहायता, काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण मिशन यह सुनिश्चित करेगा महिलाओं में नेतृत्व कौशल विकसित हो जिससे वे स्थानीय स्तर पर कुशल नेतृत्व करते हुए मध्यप्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। किसान कल्याण मिशन किसान कल्याण मिशन का उद्देश्य कृषि को उन्नत कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुधरे और वे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। खेती और किसान अर्थव्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण अंग हैं, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन सुनिश्चित करेगा कि किसान समृद्ध हों और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता आए। मिशन का मुख्य उद्देश्य खेती को लाभप्रद बनाना है। इसके लिए मिशन के अंतर्गत कृषि विविधीकरण, जैविक खेती, खेती में पशुपालन, मछली-पालन जैसे व्यवासायों का एकीकरण और उन्हें बाजारोन्मुखी बनाकर उपज की बाजारों में पहुंच सुनिश्चित करने के साथ किसानों में कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया जाएगा। मिशन, किसानों को सीधे बाजारों से जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और स्थानीय मेलों का भी आयोजन करेगा, जिससे वे अपनी उपज के लिए उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। किसानों का वित्तीय बोझ को कम करने के लिए मिशन के तहत उन्हें बीज, उर्वरक और उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उनके खर्चे कम होंगे और आय में वृद्धि होगी। मिशन, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की स्थापना को बढ़ावा देकर किसानों में सहकारिता को प्रोत्साहित करेगा ताकि कृषि क्षेत्र संगठित स्वरूप लेकर आगे बढ़ सके। साथ ही मिशन में किसानों को कृषि तकनीकों और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा। गरीब कल्याण मिशन गरीब कल्याण मिशन, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक सेवाएं उन तक पहुंच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को सशक्त बनाने की महत्वपूर्णँ रणनीति का हिस्सा है। मिशन का मुख्य उद्देश्य गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है, ताकि वंचित वर्ग को कठिन समय में आवश्यक सहायता प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, मिशन इस वर्ग को रोजगार से संबंधित चुनौतियों से निपटने में सक्षम योजनाओं का लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से पिछड़े, जरूरतमंदों को मिशन में वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करेगा। बुनियादी सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास तक पहुंच में सुधार किया जाएगा, जिससे गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सकें। गरीब कल्याण मिशन का उद्देश्य वंचित वर्ग को आर्थिक रूप से समुन्नत बना कर मध्यप्रदेश में आर्थिक विषमता दूर करना है, जिससे गरीब वर्ग भी प्रदेश के विकास … Read more

नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू, गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति

बस्तर  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू हुई है। यहां के अबूझमाड़ के दूर-दराज इलाके में जहाँ कभी गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती थी, अब सीमेंट मिक्सर की आवाज़ सुनाई दे रही है। रेकावया गांव में आज़ादी के बाद पहला स्कूल बन रहा है। यह बदलाव सुरक्षा बलों के आक्रामक अभियान का नतीजा है, जिसमें इस साल 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। यहां विकास परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। जिससे बस्तर में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए पुनर्वास नीति में भी बदलाव कर रही है। हालांकि, इस सैन्य अभियान के कारण आम नागरिक भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। माओवादी भी आम लोगों पर हमले कर रहे हैं। शांति वार्ता की संभावना अभी धुंधली है। बस्तर के इस नए अध्याय का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि वे इस क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर समझेंगे। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति यह गांव रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के घने जंगलों में स्थित है। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव आसान नहीं था। इस साल की शुरुआत में रेकावया में आठ माओवादियों को मार गिराया गया था। इसके बाद ही यहां सुरक्षा शिविर स्थापित किए जा सके और स्कूल के निर्माण के लिए इंद्रावती नदी के रास्ते ईंट और सीमेंट पहुंचाना संभव हो पाया। यह वही स्कूल है, जिसे कभी माओवादी चलाते थे। बस्तर में खुले विकास के रास्ते बस्तर में माओवादियों के खिलाफ यह अभियान केवल रेकावया तक सीमित नहीं है। पूरे बस्तर में सुरक्षा बलों ने 222 माओवादियों को मार गिराया है। यह संख्या पिछले पांच सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। विष्णु देव साई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के इस आक्रामक अभियान ने माओवादियों को उनके गढ़ अबूझमाड़ से भी खदेड़ दिया है। इससे बस्तर में विकास के रास्ते खुल गए हैं। बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ अब उन इलाकों तक पहुँच रही हैं, जो कभी माओवादियों के कब्जे में थे। दो दशक पहले बंद हुए 50 स्कूल फिर खुले माओवादी हिंसा के कारण दो दशक पहले बंद हुए लगभग 50 स्कूलों को फिर से खोला गया है। इनमें से कुछ स्कूलों का पुनर्निर्माण उन्हीं माओवादियों ने किया है, जिन्होंने कभी इन्हें तोड़ा था। ये माओवादी अब हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही नई ज़िंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। 222 माओवादियों का सफाया इस साल सुरक्षा बलों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2023 में जहां 20 माओवादी मारे गए थे, वहीं इस साल अब तक 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। नारायणपुर में एक ही अभियान में 31 माओवादी मारे गए थे। खूंखार नक्सली का गांव पर पुनरुत्थान का प्रतीक छत्तीसगढ़ सरकार सुरक्षा बलों की सफलता के बाद विकास परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। खूंखार माओवादी कमांडर हिड़मा के पैतृक गांव पुवर्ती, बस्तर के पुनरुत्थान का प्रतीक बन गया है। इस साल नवंबर में पुवर्ती के आस-पास के कई गांवों में आज़ादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। यहां सड़क का निर्माण भी चल रहा है। इस साल की शुरुआत में स्थापित एक सुरक्षा शिविर ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। इस शिविर की बदौलत इस गणतंत्र दिवस पर दशकों बाद पुवर्ती में तिरंगा फहराया गया। माओवादियों का भी दिल जीत रही सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादियों का सफाया करने का वादा किया है। सरकार न केवल बस्तर के लोगों का बल्कि माओवादी कार्यकर्ताओं का भी दिल जीतने में कामयाब होती दिख रही है। इस साल सात साल में सबसे ज़्यादा 802 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 8.2 करोड़ रुपये से ज़्यादा का इनाम था। इससे पहले 2016 में 1,210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। सरकार ने हाल ही में अपनी पुनर्वास नीति में बदलाव किया है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों और नक्सली हिंसा के पीड़ितों के लिए 15,000 घरों को मंजूरी दी गई है। साथ ही, कौशल विकास के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का वजीफा भी दिया जाएगा। बस्तर रेंज आईजी का कहना बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने हमारे सहयोगी टीओआई को बताया कि 2024 बस्तर रेंज के जवानों के लिए सभी मोर्चों पर महत्वपूर्ण रहा। हमने उन इलाकों में भी सेंध लगाई, जिन्हें माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था। अबूझमाड़ और दक्षिण बस्तर में अभूतपूर्व सफलताओं ने न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी उम्मीद दी है कि नक्सली खतरा जल्द ही खत्म हो जाएगा। यह न केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या है, बल्कि राज्य समिति स्तर के कैडर जैसे उच्च पदस्थ कैडर का नक्सली पारिस्थितिकी तंत्र से हटना है, जिसने हमें इस सीज़न में बढ़त दिलाई है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर और माड़ क्षेत्र के वंचित इलाकों में हमारी परिचालन और विकास पहुंच बढ़ाने से स्थिति बदल गई है। गांवों में पीडीएस दुकानें, आंगनवाड़ी केंद्र और घरेलू विद्युतीकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने से विकास की कमी दूर हुई है और स्थानीय आबादी और सरकार के बीच विश्वास बढ़ा है। हमें आगामी सीज़न में बेहतर परिणामों की उमीद है।

प्रदेश में रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था अब वर्चुअल रहेगी, स्लाट बुकिंग से लेकर सब कुछ ऑनलाइन रहेगा

 भोपाल मध्य प्रदेश में जल्द ही प्रापर्टी की रजिस्ट्री कराना बहुत आसान हो जाएगा। दरअसल, भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय बनाया जा रहा है। इसमें साइबर सब रजिस्ट्रार बैठेंगे और प्रदेश के किसी भी जिले में खरीदी गई जमीन, मकान, प्लाट सहित अन्य प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। जानकारी के अनुसार यह पूरी व्यवस्था वर्चुअल रहेगी, जिसमें स्लाट बुकिंग से लेकर सब कुछ ऑनलाइन रहेगा। अब चाहे खरीदार मध्य प्रदेश का हो या फिर अन्य प्रदेश व विदेश का ही क्यों न हो, इस सुविधा का लाभ तय पंजीयन शुल्क जमा कर ले सकेगा। ट्रायल के तौर पर दो खरीदारों की रजिस्ट्री हुई बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था संभवत: नए वर्ष में शुरू हो जाएगी। संपदा-टू सॉफ्टवेयर की शुरुआत के बाद यह सुविधा शुरू की जा रही है। ट्रायल के तौर पर विदेश के दो खरीदारों की प्रापर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री हुई है। सात से 10 साइबर सब रजिस्ट्रार अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय बनाया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मशीनों के साथ कंप्यूटर और कैमरे लगाए जा रहे हैं। यहां करीब सात से 10 साइबर सब रजिस्ट्रारों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यहां रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया वर्चुअल होगी। इसके लिए इन सभी सब रजिस्ट्रारों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वर्चुअल श्रेणी में बुक होंगे स्लाट साइबर पंजीयन कार्यालय से रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदार को वर्चुअल श्रेणी में स्लाट बुक कराने होंगे। जिससे ऑनलाइन माध्यम से वीडियो कांफ्रेंस की मदद से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी। इसमें खरीदार को एक से दूसरे जिले में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। विदेश से कराई गई हैं दो रजिस्ट्री पंजीयन विभाग के सूत्रों ने बताया कि साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू करने से पहले दो रजिस्ट्री विदेश में बैठे खरीदारों ने कराई हैं। इनमें एक हांगकांग से भोपाल में और दूसरी हालैंड की खरीदार ने इंदौर में जमीन का सौदा किया है। उनको रजिस्ट्री कराने के लिए यहां आने की जरूरत नहीं पड़ी।

दुनियाभर की ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर, बढ़ती ऑयल की मांग

नई दिल्ली  दुनियाभर की कई ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर है। कारण है भारत में बढ़ती ऑयल की मांग। इस मामले में साल 2024 में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, अगले साल 2025 में भी चीन तेल की मांग के मामले में भारत के आसपास भी नहीं रहेगा। यह बात एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स ने कही है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के अनुसार ईंधन खपत मामले में भारत दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण भारत में रिफाइनरी में विस्तार हो रहा है। साथ ही क्रूड ऑयल की सोर्सिंग को भी बढ़ा रही है। भारत चूंकि तेल खपत में चीन को पीछे छोड़ चुका है। इसके चलते दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपनी संभावनाएं तलाश रही हैं। भारत होगा दुनिया में आगे एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स में मैक्रो और ऑयल डिमांड रिसर्च के ग्लोबल हेड कांग वू ने कहा कि भारत में आगे वाले समय में ऑयल की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऑयल मांग के मामले में भारत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के कई देशों को पीछे छोड़ सकता है। भारत चीन से कितना आगे?  वू ने कहा कि साल 2025 में भारत में तेल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी रहने का अनुमान है। वहीं चीन में यह तेजी 1.7 फीसदी रह सकती है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के पहले 10 महीनों में चीन की तेल मांग में 1,48,000 बैरल प्रतिदिन या 0.9 फीसदी की तेजी आई है। वहीं भारत में यह मांग 1,80,000 बैरल प्रतिदिन रही। ऐसे में भारत में ऑयल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी आई तो चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस वजह से माना जा रहा है कि भारत में साल 2025 में रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि होगी। भारत कहां से करता है आयात? भारत मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और साउथ-ईस्ट एशिया के देशों सहित कई देशों से तेल और गैस आयात करता है। भारत अपनी कच्चे तेल की 80 फीसदी से अधिक जरूरत के लिए आयात पर निर्भर करता है। घरेलू कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने और आयात में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। रूस के साथ कम हुई निर्भरता भारत अपने तेल की जरूरत रूस से भी पूरी करता है। हालांकि रूस से आने वाले तेल की हिस्सेदारी काफी कम है। डेटा के मुताबिक नवंबर में भारत ने रूस से अक्टूबर के मुताबिक 13 फीसदी कम तेल खरीदा। वहीं भारत ने मिडिल ईस्ट के साथ तेल खरीदने की क्षमता बढ़ा दी है। चीन में क्यों आई कमी? चीन में तेल की मांग में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि चीन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि चीन में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट की मांग में कमी बेहद कम रहेगी। ऐसे में चीन में तेल की मांग आंशिक रूप से कम रहेगी।

साल 2025 में देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल…

नई दिल्ली वर्ष 2024 आईपीओ का वर्ष था। इस दौरान हुंडई मोटर्स इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, स्विगी, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों ने बाजार से पैसा जुटाया। इस सप्ताह 8 आईपीओ खुलने के साथ ही भारतीय कंपनियों ने इस साल आईपीओ, योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और राइट्स इश्यू से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 2021 में 1.88 लाख करोड़ रुपये के पिछले रेकॉर्ड से 64% अधिक है। बैंकरों का कहना है कि यह ट्रेंड 2025 में भी जारी रहने की संभावना है। अगले साल देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल… आईआईएफएल कैपिटल में कॉरपोरेट फाइनेंस के प्रमुख पिनाक भट्टाचार्य ने कहा, ‘2024 में भारतीय कंपनियों द्वारा जुटाई गई महत्वपूर्ण राशि का श्रेय अनुकूल व्यापक आर्थिक माहौल, मजबूत इक्विटी बाजार और स्थिर नीतियों और विकास से प्रेरित निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिया जा सकता है। www.primedatabase.com के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 90 कंपनियों ने 1.62 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं या इसकी घोषणा की है। यह पिछले साल के 49,436 करोड़ रुपये से 2.2 गुना अधिक है। जारी रहेगा आईपीओ बूम? भारत का आईपीओ बूम 2025 तक जारी रहने की संभावना है। अगले साल एलजी इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक एलजी अपनी भारतीय यूनिट की वैल्यूएशन बढ़ाकर $15 अरब करने पर विचार कर रही है। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म फ्लिपकार्ट भी अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी में है। कंपनी की वैल्यूएशन 36 अरब डॉलर है। यह देश के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फर्म ने सिंगापुर से भारत में अपना एड्रेस स्थानांतरित करने के लिए आंतरिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। इसे IPO की ओर पहला कदम माना जाता है। साथ ही कई दिग्गज कंपनियां भी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग की योजना बना रही हैं। इसमें HDFC बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, केनरा बैंक और ग्रीव्स कॉटन शामिल हैं। दो सप्ताह पहले, ग्रीव्स कॉटन के बोर्ड ने अपनी सहायक कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए IPO को मंजूरी दी। इससे पहले, HDFC बैंक की NBFC आर्म HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने 12,500 करोड़ रुपये के IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। यह भारत की सबसे बड़ी NBFC पेशकश है। सबसे बड़ा आईपीओ 31 अक्टूबर को, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्रिगेड होटल वेंचर्स ने 900 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया। अगस्त में, हीरो मोटोकॉर्प की वित्तीय सेवा शाखा, हीरो फिनकॉर्प ने 2,100 करोड़ रुपये के शेयरों के नए निर्गम और 1,568 करोड़ रुपये के OFS वाले IPO के लिए अपना DRHP दाखिल किया। केनरा बैंक के बोर्ड ने पब्लिक ऑफर के जरिए अपनी म्यूचुअल फंड शाखा, केनरा रोबेको में 13% हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दी है। बैंकिंग स्रोतों के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स भी अपनी सहायक कंपनियों, रिलायंस जियो और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए आईपीओ की योजना बना रहे हैं। साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ भारत के प्राथमिक बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन था। वर्ष 2025 में ऐसा आईपीओ आ सकता है जो हुंडई मोटर इंडिया के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी इस साल अपने टेलीकॉम बिजनस जियो की लिस्टिंग कर सकते हैं। इसकी वैल्यू $100 अरब से अधिक है। रिलायंस की रिटेल कंपनी का आईपीओ भी बाद में लॉन्च किया जा सकता है। अंबानी ने 2019 में घोषणा की थी कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल को 5 साल में भीतर लिस्ट किया जाएगा लेकिन उसके बाद उन्होंने इस पर कोई अपडेट नहीं दिया है। कितनी है वैल्यूएशन हाल के वर्षों में अंबानी ने केकेआर, जनरल अटलांटिक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी कंपनियों से डिजिटल, टेलीकॉम और रिटेल व्यवसायों के लिए करीब $25 अरब जुटाए हैं। इससे जियो और रिलायंस रिटेल की वैल्यूएशन $100 अरब से अधिक हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस ने अब 2025 में रिलायंस जियो का आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाई है। उसे लगता है कि यह अब एक स्थिर व्यवसाय बन गया है और इसने रेवेन्यू फ्लो हासिल कर लिया है। हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया कि समयसीमा बदल सकती है। रिलायंस का लक्ष्य 2025 का जियो आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाना है।

उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी।

दिल्ली से सीधे श्रीनगर पहुंचेगी ट्रेन, PM नरेंद्र मोदी करेंगे पहला सफर

 श्रीनगर कश्मीर घाटी को हर मौसम में शेष भारत से जोड़े रखने के लिए सरकार ने लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम किया है. नए साल पर भारतीय रेलवे के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी क्योंकि जनवरी में दिल्ली से श्रीनगर(Shri nagar) को सीधे जोड़ने वाली एक रेल लाइन शुरू होने वाली है. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल ट्रायल चल रहा है कि PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत(Vande Bhaat) एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि PM नरेंद्र मोदी उद्घाटन वाले दिन ट्रेन में यात्रा करेंगे. उत्तरी सर्किल के सेफ्टी कमिश्नर की ओर से 15 जनवरी से पहले अंतिम परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘कटरा रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम चल रहा है. रोड़ी से लदी मालगाड़ी, इंजन को टेस्टिंग के तहत इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है. अंजी नदी पर भी इसे चलाकर देखा जा रहा है.’ इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत की यात्रा कर सकते हैं. उपाध्याय ने कहा कि कटरा से रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम पूरा हो चुका है, जो एक तेजी से चलने वाली प्रक्रिया थी, जिसे पूरा किया गया है.इसके अलावा, यहां सबसे मुश्किल काम था टी-33 टनल का निर्माण, जो अब पूरा हो चुका है. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि अगर सेफ्टी ऑडिट में कोई कमी पाई जाती है तो उसे भी दूर करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहला मौका होगा कि कश्मीर हर मौसम में शेष भारत से किसी योजना के माध्यम से जुड़ा रहेगा, 17 किलोमीटर के रियासी कटरा खंड के चलते. भारतीय रेलवे ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए भी यह गेमचेंजर होगा, उन्होंने कहा कि दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना बड़ा कदम है, यह किसी सपने को सच करने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बड़ा कदम है, इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी. रेलवे अधिकारी ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रेलवे का किराया एयर टिकट से काफी कम है. काजीगुंड बारामूला सेक्शन 2009 में शुरू हुआ था और जून 2013 में बनिहाल काजीगुंड सेक्शन शुरू हुआ था और जुलाई 2014 में उधमपुर से कटरा के बीच 25 किलोमीटर का सफर शुरू हुआ था. इसी साल फरवरी में बनिहाल से सांगलदन रेलवे स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल भी हुआ था. 2005-06 में शुरू हुई इस रेल लाइन पर उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला के बीच 38 सुरंगें बनाई गईं, जिनमें से टी-49 12.75 किलोमीटर लंबी है, जो देश के रेलवे नेटवर्क की सबसे लंबी सुरंग है, और कुल 927 पुल बनाए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मविश्वास से भरे भारत के मूड को दर्शाते हुए देश के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आत्मविश्वास से भरे भारत के मूड को दर्शाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में देश के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। साथ ही 2024 में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति और परिवर्तन को याद किया। पीएम मोदी ने इसे एक “काव्यात्मक उत्सव” (पोएट्री सेलिब्रेशन) बताते हुए एक्स पर साझा अपनी पोस्ट में कहा, “मेरा भारत बढ़ रहा।” पीएम मोदी ने एक भावपूर्ण संदेश में लिखा, “स्पेस से लेकर धरती तक, रेलवे से लेकर रनवे तक, संस्कृति से लेकर नवाचार तक, भारत के लिए 2024 अभूतपूर्व प्रगति और परिवर्तन के वर्ष के रूप में दर्ज किया गया!” पीएम मोदी ने कहा, “यह एक काव्यात्मक उत्सव है क्योंकि हम 2025 में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” पीएम मोदी ने नए साल के पोस्ट में 2.41 मिनट का एक वीडियो-एनिमेशन शेयर किया, जिसमें साल 2024 में हासिल की गई उपलब्धियों को दर्शाया गया। वीडियो में देश के अंतरिक्ष प्रक्षेपण, सुपर-कंप्यूटिंग, रक्षा विनिर्माण में वृद्धि, विमानन उद्योग में वृद्धि, पानी के नीचे हावड़ा मैदान मेट्रो, रामेश्वरम रेल पुल और वंदे भारत रेल जैसे बुनियादी ढांचे के चमत्कार शामिल हैं। वीडियो में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास, अबू धाबी में पहले मंदिर और तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू करने को भी उजागर किया गया। 2024 में सरकार के प्रदर्शन के वर्चुअल रिपोर्ट कार्ड, एनीमेशन क्लिप में अर्थव्यवस्था के बारे में विशेष जानकारी दी गई। 700 बिलियन डॉलर के विदेशी भंडार को उजागर करने के अलावा, इसने एशिया में तीसरी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देश के उभरने और 24.82 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने को भी दर्शाया। रोजगार सृजन के मोर्चे पर, वीडियो में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को भी उजागर किया गया। खेल के क्षेत्र में, 2024 के लिए पीएम मोदी के द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में पैरा-ओलंपिक में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 29 पदकों पर भी प्रकाश डाला गया। पर्यावरण के लिए, पीएम मोदी के वीडियो में “एक पेड़ मां के नाम” का संदेश दिया गया, जिसके कारण 102 करोड़ पौधे लगाए गए और भारत की हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता में हुई वृद्धि को उजागर किया गया। 17 सितंबर को अपना जन्मदिन सैन्य जवानों के साथ मनाने के लिए जाने जाने वाले पीएम मोदी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और लिखा कि आशा करते हैं कि यह साल सभी के लिए समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य लेकर आएगा।  

छत्तीसगढ़ सरकार 2026 तक नक्सलियों के सफाये के लक्ष्य पर खरी उतरती नजर आ रही, अब तक 237 नक्सलियों को ढेर किया

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 2024 में अब तक 237 नक्सली ढेर किए जा चुके है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद जवानों का हौंसला बढ़ा हुआ है। बस्तर में नक्सलियों के लिए कोई रास्ता नहीं बच गया है। नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें क्योंकि आने वाले दिनों में अभियान और भी तेज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बस्तर में अब तक 237 नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है जिनमें से 217 के शव पुलिस को मिले हैं। अन्य 20 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि नक्सली स्वयं कर चुके हैं। इस अवधि में 925 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है तो 792 नक्सली अपने हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं। इन मुठभेड़ में पुलिस को नक्सलियों के 284 हथियार पुलिस को मिले हैं जिसमें इंसास, एके-47 राइफल समेत कई बड़े हथियार हैं। इनमें से कई हथियार नक्सलियों ने पुलिस से लूटे थे। जानिए कितने नक्सली एक साल में ढेर इन मुठभेड़ में पुलिस को नक्सलियों के 284 हथियार पुलिस को मिले हैं, जिसमें इंसास, एके-47 राइफल समेत कई बड़े हथियार हैं। इनमें से कई हथियार नक्सलियों ने पुलिस से लूटे थे। इस वर्ष सुरक्षा बल ने सीधे नक्सलियों को निशाना बनाकर अभियान चलाया। बीते चार दशक में एक वर्ष के भीतर सर्वाधिक 124 बार पुलिस व नक्सलियों के बीच आमना-सामना हुआ। इन मुठभेड़ों में नौ करोड़ 24 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सलियों को ढेर किया गया है। इनमें 25 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली रणधीर, नीति, रुपेश उर्फ कोलू जोगन्ना शामिल थे। 28 नए कैंप सीधे नक्सलियों के गढ़ में प्रदेश में इस वर्ष 28 नवीन सुरक्षा कैंप सीधे नक्सलियों के गढ़ में खोले गए हैं। विगत माहभर में ही लगभग दस नए कैंप नक्सलियों के आधार क्षेत्र तेलंगाना राज्य सीमा से सटे दक्षिण व पश्चिम बस्तर क्षेत्र में खोले गए हैं। इसी तरह अबूझमाड़ में भी सुरक्षा कैंपों की दीवार खड़ी कर दी गई है। आईजीपी सुंदरराज पी. ने कहा कि इस वर्ष मिली सफलता के बाद जवानों का हौसला बढ़ा हुआ है। बस्तर में नक्सलियों के लिए कोई रास्ता नहीं बच गया है। नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। अबूझमाड़ में 130 नक्सली हुए ढेर अबूझमाड़ में पिछले एक साल यानि 2024 में सुरक्षाबलों और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 130 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली है, वहीं पूवर्ती गांव जो नक्सली कमांडर हिडमा का गांव था वहां भी पुलिस ने कैंप खोला है, अबूझमाड़ इलाके में कुल सात नए पुलिस कैंप खोले गए हैं, जहां पहले पगडंडियों के सहारे जाना मुश्किल होता था वहां पर अब चार पहिया गाड़ियां दौड़ती नजर आ रही है, नियद नेल्लानार योजना के तहत गांवों में विकास के कार्य कर दशकों से मूलभूत सुविधाओं से नक्सली दहशत के चलते महरूम रहने वाले ग्रामीणों के लिए सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से होने लगा है. वहीं सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर पिछले पांच साल में जितने नक्सलियों ने सरेंडर किया था, उतने नक्सली एक साल में सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में वापस लौट आए है. जो अबूझमाड़ में सफलता की कहानी कहता नजर आता है. अबूझमाड़ में बनी पक्की सड़कें 2024 की शुरुआत में अबूझमाड़ से नारायणपुर जिला मुख्यालय तक जाने के लिए सड़क मार्ग सोनपुर, कोहकामेटा और आंकाबेड़ा तक ही सीमित था, लेकिन 2024 में नक्सलियों के खिलाफ शुरु हुए अभियान के बाद यहां की स्थिति बदली है. नक्सलियों के खिलाफ प्रहार की रणनीति में बदलाव आने के साथ ही नक्सलियों के आधार इलाके में पुलिस बेस कैंप स्थापित करने के साथ ही सड़को का निर्माण कार्य भी तेजी से होने लगा. एक साल के अंदर अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित घने जंगलों से घिरे कस्तूरमेटा, मोहंदी, इरकभट्टी, कच्चापाल, मसपूर, होरादी और गारपा तक पुलिस ने पहुंच कर पुलिस कैंप खोलने के साथ ही इन इलाकों तक सड़को का निर्माण कार्य नियद नेल्लानार योजना के तहत तेजी से कराया जहां चार दशकों से लोग नक्सलियों के दहशत के साए में जीवन जीने को मजबूर हुआ करते थे, वहां पुलिस ने उन्हें अपनी अभिव्यक्ति की आजादी दिलाई है. 2025 में 6 नए थाने बनाने की योजना 2025 के साल में नारायणपुर पुलिस अबूझमाड़ में 6 नए थाने का विस्तार करने वाली हैं, जिसमे गारपा और कस्तूरमेटा में पुलिस ने अपने कैंप स्थापित कर दिए है, जिन्हें थाने का दर्जा मिलेगा वहीं फारसबेडा, तोके, कुतुल और गोमागल में थाना खोलना है जो बताता है कि अब नारायणपुर पुलिस नक्सलियों के कोर इलाके में घुसने की 2025 में योजना बना चुकी है. आने वाला साल अबूझमाड़ में एक नया इतिहास फिर लिखता नजर आएगा. क्योंकि 2024 में अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़े आपरेशन करने की रणनीति में बदलाव करते हुए नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ से लगे कोंडागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिले की पुलिस के साथ मिलकर नक्सलियों के आधार इलाके में आपरेशन लांच किया है. पुलिस की रणनीति में आए बदलाव का एक बड़ा असर नक्सलियों के कोर इलाके अबूझमाड़ में देखने को मिला. 2024  में नारायणपुर पुलिस अन्य जिलों के साथ मिलकर 130 नक्सलियों को अबूझमाड़ में मार गिराने में सफलता हासिल किया. 130 नक्सलियों को उन इलाको में जाकर पुलिस के जवानों ने मारा जहां कभी फोर्स नहीं पहुंच पाई थी और उन इलाकों को नक्सलियों ने अपना ठिकाना बना दिया लिया था, लेकिन अब यहां से नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदला है. नक्सलियों के गढ़ से नाम से जाने जाने वाले अबूझमाड़ और वहां रहने वाले ग्रामीणों के लिए 2024 का साल बड़े बदलाव लेकर आया जहा लोगों को नक्सलियों के दहशत और भय के साए में जीवन जीने से आजादी मिली, वही इन इलाकों में नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास के रास्ते के निर्माण की नई बयार लिखी गई, अब इन रास्तों से विकास से महरूम रहने वाले ग्रामीणों को दशकों बाद 2025 के नए साल में विकास की किरण की सौगात मिलेगी. यह जानकारी नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की तरफ से मिली है.   

मुख्यमंत्री ने की विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सम्राट विक्रमादित्य न्याय, दानशीलता, सुशासन, वीरता की अद्वितीय मिसाल है। वे एक महान शासक थे। उन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से बाहर किया बल्कि सुशासन के सभी क्षेत्रों में उनका विशेष स्थान रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के साहस, पराक्रम और पुरूषार्थ, उनकी कथाएं, उनके द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत्, उनके महान इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उज्जैन को मूर्तिशील्प का केन्द्र बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के विभिन्न आयामों को देश और विदेश के सामने लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया है। सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत् के प्रवर्तन के अवसर पर उज्जैन में आने वाले दिनों में भव्य आयोजन किया जाएगा। विक्रमादित्य की न्याय परंपरा पर विश्वविद्यालय में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। विक्रम व्यापार मेले में सरकार द्वारा निवेशकों को मंच प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इन्हें और अधिक विकसित किया जाएगा। उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में अत्यंत वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विक्रम व्यापार मेले के आयोजन और विक्रमोत्सव के आयोजन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से गत वर्ष आयोजित विक्रम व्यापार मेले के बारे में मूलभूत जानकारी दी। बताया गया कि इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले के आयोजन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का चयन किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में विक्रम व्यापार मेले-2025 के लियिे स्थल के प्रस्तावित ले-आउट, प्रस्तावित दुकानों की जानकारी और आयोजन के संबंध में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस बार के व्यापार मेले में ऑटो एक्स-पो और धार्मिक पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के आयेाजन का उद्देश्य यह है कि सब लोग आपस में मिलें, एक नए जीवन का संकल्प लें और सभी के जीवन में खुशियाँ आएं।  बैठक में सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, एडीजी श्री उमेश जोगा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह, विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ.श्रीराम तिवारी, डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुँवर, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक, श्री बहादुर सिंह बोरमुण्डला, एमपीआईडीसी के श्री राजेश राठौर, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

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