LATEST NEWS

केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान, दलित छात्रों की मुफ्त विदेशी शिक्षा के लिए अंबेडकर छात्रवृत्ति की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनावों से पहले आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को शहर के दलित छात्रों की मुफ्त विदेशी शिक्षा के लिए अंबेडकर छात्रवृत्ति की घोषणा की। केजरीवाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर सम्मान छात्रवृत्ति भाजपा द्वारा अंबेडकर के “अपमान” का जवाब है। स्कॉलरशिप बाबासाहेब अंबेडकर के अपमान का जवाब- केजरीवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आप मुख्यालय में कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर का अपमान किया और उनका मजाक उड़ाया। अंबेडकर को चाहने वाले करोड़ों लोगों को इससे गहरा दुख हुआ है। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा ही आगे बढ़ने का रास्ता है और उन्होंने तमाम बाधाओं के बावजूद अमेरिका से पीएचडी हासिल की। आप प्रमुख ने कहा कि यह छात्रवृत्ति भाजपा द्वारा भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता के अपमान का जवाब है। केजरीवाल ने कहा, “इस योजना के तहत दिल्ली का कोई भी दलित छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। अगर उन्हें ऐसे किसी विश्वविद्यालय में दाखिला मिलता है तो दिल्ली सरकार उनकी शिक्षा, यात्रा और आवास का पूरा खर्च वहन करेगी।” सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी योजना के पात्र होंगे सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी इस योजना के लिए पात्र होंगे, उन्होंने कहा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि छात्रवृत्ति कैसे और कब दी जाएगी। फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले, आप सुप्रीमो ने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो सभी वयस्क महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह और वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज दिया जाएगा।

राजा भैया ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन किया, शंकराचार्यों को दी नसीहत…

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में से एक जनसत्ता पार्टी लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का एक पॉडकास्ट चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पॉडकास्ट में राजा भैया हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरु शंकराचार्य के बयानों पर सवाल उठाते दिखे हैं। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हिंदुओं का नेता बनने वाले बयान पर आयोजित क्युमिटी पॉडकास्ट स्पेस में कई मुद्दों को गंभीरता से उठाया। स्पेस में उन्होंने हिंदू जन जागरण के लिए बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा की सराहना की। साथ ही, उन्होंने शंकराचार्यों के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को भला-बुरा कहने के मसले पर नाराजगी जताई। कुंडा विधायक राजा भैया ने शंकराचार्यों के बयान पर ऐतराज जताते हुए कहा कि यह सनातन एकता के लिए ठीक नहीं है। पॉडकास्ट में राजा भैया ने चारों शंकराचार्यों को नसीहत दे दी कि उन्हें केरल और पश्चिम बंगाल में जाकर धरना देना चाहिए। दरअसल, पश्चिम बंगाल और केरल से हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सामने आती रही हैं। इस मामले में किसी भी हिंदू धर्म के सर्वोच्च नेता की ओर से सवाल न उठाए जाने की बात कही जाती रही है। कई राजनीतिक दल भी इन मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं। पॉडकास्ट में राजा भैया ने क्या कहा? राजा भैया ने पॉडकास्ट में साफ तौर पर कहा कि हमें अपनी बात आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। हमें एकजुट होने के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति बुद्धिजीवी या परास्नातक नहीं है। इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि जो हमारा है, उसका हम दावा करेंगे। हम भी स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह इतिहास के सत्य पुनर्लेखन का दौर है। जिन मुद्दों को दबाया गया है, उसे उजागर किया जा रहा है। संभल मुद्दे पर जताया आश्चर्य कुंडा विधायक ने संभल का मुद्दा उठाते हुए वहां की ताजा स्थिति पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि आज संभल में अगर बिजली का मीटर बदला जाना है तो अर्द्धसैनिक बलों को लेकर जाना पड़ रहा है। ऐसे लग रहा है कि सीमा पर हमला करने जाना पड़ रहा है। आपलोगों ने भी टीवी पर स्थिति को देखा होगा। राजा भैया ने कहा कि विद्युत मीटर तो बिजली विभाग का कर्मचारी बदलता है। हमने यह बात विधानसभा में भी कही। जनसत्ता पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में योगी जी के रहने के बाद भी बिजली का मीटर बदलने और कटिया चेक करने की सामान्य प्रक्रिया में भी प्रशासनिक अधिकारी पर है। यह आप सबने देखा है। इससे स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है। हिंदू लीडर की बताई जरूरत राजा भैया ने पॉडकास्ट में एक वक्ता के हिंदू लीडर की जरूरत को सही करार देते हुए कहा कि हां, हमें हिंदू नेता की जरूरत है। साथ ही, उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा, एक युवा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी सनातन एकता यात्रा निकालते हैं और उनके समर्थन में जितने लोग आए, उससे अधिक विरोध में उतर गए। यहां तक कि पूज्य शंकराचार्य भी उन्हें ढोंगी और पाखंडी बताने लगे। राजा भैया ने कहा कि हमें परायों से दिक्कत नहीं है। हमारे अपने ही हम पर प्रहार करने लगते हैं, यह दिक्कत वाली बात है। इससे हम कमजोर होते हैं। इससे हम हतोत्साहित होते हैं। हमें केवल इतना करना होगा कि अगर कोई सनातनी धर्म के लिए अपने स्तर पर कुछ काम कर रहा है तो उसे हतोत्साहित न करें। उस पर सवाल न उठाएं। राजा भैया ने आगे कहा कि मुस्लिमों में आप देखिए। चाहे दाउद हो, चाहे मुख्तार हो या अतीक हो, कभी भी मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से उनकी बुराई नहीं सुनी होगी। इन लोगों के कृत्यों के बारे में हर किसी ने सुन रखा है। लेकिन, कभी कोई आवाज उनकी तरफ से उठती सुनी है आपने? शंकराचार्यों से किया अनुरोध राजा भैया ने कहा कि हिंदू धर्म के सर्वोच्च धार्मिक नेता चारों शंकराचार्य अगर केरल और बंगाल की सड़कों पर बैठकर धरना देते हैं तो सोचिए कितना बड़ा समाचार बनेगा। हिंदुओं का कितना उत्साह बढ़ेगा? आखिर वे हैं क्यों? दरअसल, राजा भैया ने इन राज्यों में हिंदुओं पर अत्याचार के मसले पर यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी लोग आमंत्रित हैं। कुंडा विधायक ने कहा कि महाकुंभ में हिंदुओं के मुद्दों पर काम करने वालों को अपने विचार रखने का मंच तैयार किया गया है। पूरे भारत के सनातनी हिंदू वहां रहेंगे। हर जाति, बिरादरी के लोग वहां मौजूद रहेंगे। महाकुंभ से हिंदुत्व की आवाज, महाध्वनि गुंजायमान हो, इस प्रकार का हमारा प्रयास होना चाहिए।

बाल रंग में विभिन्न राज्यों के 10 हजार बच्चें अनेक रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता कर रहे

भोपाल राष्ट्रीय बाल रंग के दूसरे दिन 21 दिसम्बर को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय श्यामला हिल्स में 22 राज्यों की लोक संस्कृति पर केन्द्रित नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां देशभर के बच्चों ने दी। इन प्रस्तुतियों में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की झलक देखने को मिली। बाल रंग में विभिन्न राज्यों के 10 हजार बच्चें अनेक रचनात्मक गतिविधियों में सहभागिता कर रहे हैं। लोक नृत्य बच्चों को एक-दूसरे से जुड़ने का बेहतर माध्यम बाल रंग के दूसरे दिन सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल बच्चों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग कार्यक्रम मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों को पढ़ाई के साथ विभिन्न गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ने की अनुशंसा की गई है। बाल रंग में शामिल बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दूसरे बच्चों के लिये प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। बच्चों को संग्रहालय का भ्रमण भी करवाया जाये। सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने इस मौके पर प्रकाशित बाल पत्रिका का विमोचन भी किया। लोक नृत्य की प्रस्तुतियां कार्यक्रम की शुरूआत में पंजाब के बच्चों ने लोक संस्कृति पर केन्द्रित नृत्य की प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में पंजाब की विरासत का बखान था। मध्यप्रदेश के बच्चों ने महाकौशल अंचल के लांगुरिया लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। इसमें ईश्वर की आराधना आस्था के साथ किस तरह से होती है। उसको आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। कार्यक्रम में मानव संग्रहालय के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे और विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। विकसित भारत प्रदर्शनी बाल रंग में लगाई गई प्रदर्शनी में राजस्थान के स्टॉल में हवा महल, जन्तर-मन्तर, राज्य के परंपरागत वेश-भूषा और वर्ष 2047 में विकसित राजस्थान की कल्पना को मॉडल के जरिये दर्शाया गया। गोवा राज्य के स्टॉल में वहां की संस्कृति, त्यौहार, मछली पालन व्यवसाय और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास को दर्शाया गया था। इन स्टॉलों में भोपाल के स्कूलों के बच्चों ने मेहनत से मॉडल तैयार किये है। बाल रंग में बच्चों को देश और दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में हो रही प्रगति से प्रदर्शनी के माध्यम से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में बच्चों ने अपने राज्यों की पट्टिका को लेकर मार्च पास्ट भी किया। बाल रंग के अंतिम दिन 22 दिसम्बर रविवार को प्रात: 10 बजे से गतिविधियों शुरू होंगी और बच्चों को पुरस्कार वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम स्थल में बच्चों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है। बच्चों को अपनी शाला के गणवेश के साथ आना होगा।  

सरकार ने स्कूलों में प्रकाश की व्यवस्था के लिए हर विद्यालय को 20 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई

भोपाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड के मद्देनजर स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कहा है ताकि सर्द हवाएं चलने पर कक्षाओं में खिड़की बंद रखकर पढ़ाई कराई जा सके। इसके चलते अंधेरा न हो और पठन पाठन का काम प्रभावित न हो। शासकीय विद्यालयों की कक्षाओं में विद्युत व्यवस्था के संबंध में मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा है कि सर्दी में ठंडी हवा से बचाव के लिए खिड़कियों को बंद करने पर कक्षाओं में पर्याप्त प्रकाश की आवश्यकता बढ़ जाती है। प्रकाश के अभाव में विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सुधार के लिए कक्षाओं में आवश्यक प्रकाश की व्यवस्था की जाएं। हर कक्षा में कम से कम 4 एलईडी ट्यूबलाईट की व्यवस्था की जाए। प्रकाश व्यवस्था के लिए 7 हजार 125 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर विद्यालय के हिसाब से 20 हजार रुपए की राशि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। शाला प्रभारियों को प्रकाश व्यवस्था के साथ बिजली के स्विच बोर्ड और आंतरिक विद्युतीकरण व्यवस्था अन्तर्गत तार की मरम्मत के लिये भी कहा है। ऐसे शासकीय विद्यालयों में जहां विद्युतीकरण नहीं है, एमपीईबी से एस्टीमेंट लेकर कर स्वीकृति के लिये वरिष्ठ कार्यालय को भेजे जाएं। इस कार्य को प्राथमिकता दिए जाने के लिए भी कहा है।  

स्कूली छात्र ने कड़ी मेहनत के बल पर अनूठा ड्रोन बनाने में सफलता हासिल की, जाने क्या है विशेषता

ग्वालियर  ग्वालियर में सिंधिया स्कूल के एक छात्र ने कमाल कर दिखाया है. उसने कड़ी मेहनत के बल पर अनूठा ड्रोन बनाने में सफलता हासिल की. ड्रोन को एक व्यक्ति बैठकर उड़ सकता है. फोर्ट में स्थित सिंधिया स्कूल के मेघावी छात्र का नाम मेधांश त्रिवेदी है. मेधांश त्रिवेदी ड्रोन का सफल परीक्षण भी कर चुका है. होनहार छात्र को सफलता तीन महीने की मशक्कत के बाद मिली. ड्रोन को तैयार करने में करीब साढे़ तीन लाख रुपये का खर्च आया. एमएलडीटी 1 की जानें विशेषता     फिलहाल 4 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम     60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से मंजिल तक पहुंच सकता है     अनूठे ड्रोन की चौड़ाई 1.8 मीटर और लंबाई 1.8 मीटर है     ड्रोन में करीब 45 हॉर्स पावर से ज्यादा की क्षमता     80 किलो वजन को लेकर 6 मिनट तक हवा में भर सकता उड़ान इंटर के छात्र ने किया कमाल मेधांश ने अनूठे ड्रोन को एमएलडीटी 1 नाम दिया है. होनहार छात्र ने बताया कि चीन के ड्रोन देखकर मन मे भी कुछ अलग करने का विचार आया. टीचर मनोज मिश्रा ने विचार को मूर्त रूप देने में छात्र को प्रोत्साहित किया. मेधांश का कहना है कि तकनीकी रूप से भी टीचर ने मदद की. छात्र का सपना अब एयर टैक्सी कंपनी शुरू करने का है. उसने लोगों के लिए सस्ता हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराने की मंशा जताई है. ड्रोन बनाने के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आखिरकार शिक्षक और परिवार की मदद से छात्र सपने को साकार करने में सफल हुआ. एमएलडीटी 1 सामान्य ड्रॉन से एकदम अलग है. सिंधिया स्कूल के स्थापना दिवस समारोह पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और इसरो चीफ एस सोमनाथ ने मेधांश के इनोवेशन की जी खोलकर प्रशंसा की थी. मेधांश ने बताया कि ड्रोन बिना व्यक्ति के चार किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. हालांकि सुरक्षा के चलते 10 मीटर तक ही उड़ा रहे हैं. छात्र ने बताया कि फंडिंग की व्यवस्था होने पर ड्रोन को हाइब्रिड मोड पर लॉन्च करने का काम होगा. अभी एमएलडीटी 1 में एग्रीकल्चर ड्रोन की चार मोटर लगा है. ऐसे मिली ड्रोन बनाने की प्रेरणा मेधांश वर्तमान में सिंधिया स्कूल के इंटर का छात्र है. छात्र का कहना है कि आने वाले समय में आम लोगों के काम आने वाले ड्रोन का निर्माण भी होगा. ड्रोन का इस्तेमाल सामान दूसरी जगह पहुंचाने और एग्रीकल्चर में किया जा सकेगा. टीचर मनोज मिश्रा मेधांश की तारीफ करते हैं. उन्होंने बताया कि मेधांश कक्षा 7 से नए-नए आविष्कार के बारे में जानकारी लेता रहता था. मकसद कुछ अलग करने की थी. उन्होंने बताया कि खुद भी मॉडल तैयार करते हैं. मॉडल और चीन के मानव ड्रोन को देखने के बाद मेधांश को ड्रोन बनाने की प्रेरणा मिली. मेधांश की प्रतिभा को देखकर स्कूल के स्टाफ भी मदद को आगे आए हैं. बता दें कि सिंधिया स्कूल का संचालन सिंधिया राज परिवार करता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया स्कूल के संरक्षक हैं.

रणजीत हनुमान :भक्ति में डूबा शहर, सोने के रथ पर सवार होंगे पवन पुत्र, 51 हजार दीप लगाए जाएंगे

 इंदौर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में रणजीत अष्टमी महोत्सव के दिन शनिवार को दीपोत्सव मनाया जाएगा। शाम को 51 हजार दीप लगाए जाएंगे, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन होगा।मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि मंदिर में परंपरागत रणजीत अष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा हैं। महोत्सव के दूसरे दिन 51 हजार दीपक से मंदिर परिसर रोशन होगा। 21 हजार दीपक मंदिर प्रबंधन द्वारा लगाए जाएंगे।  देश भर में हनुमान जी अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं, लेकिन इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है. जहां रणजीत रूप में हनुमान जी की पूजा होती है. खास बात यह है कि अहिल्याबाई होल्कर द्वारा स्थापित यह भव्य मंदिर सबसे बड़ी प्रभात फेरी का भी हर साल साक्षी बनता है. शुक्रवार को इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में भव्य कार्यक्रम के आयोजन की शुरुआत की गई. इस दौरान शहर की सुंदरता और पूरा माहौल देखते ही बन रहा था. रणजीत अष्टमी 4 दिन के महोत्सव की शुरूआत दरअसल, हर साल रणजीत अष्टमी के अवसर पर यहां चार दिन के महोत्सव की शुरुआत होती है. पहले दिन मंदिर पर जिला प्रशासन द्वारा ध्वज अर्पित किया जाता है. इसके बाद भजन संध्या और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. फिर यहां भगवान रणजीत हनुमान स्वर्ण रथ पर सवार होकर अपने भक्तों को दर्शन के लिए निकलते हैं. इस दौरान निकलने वाली प्रभात फेरी में हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं. इस अवसर पर पूरे यात्रा मार्ग में सैकड़ों की तादाद में मंच लगाए जाते हैं. जहां रणजीत हनुमान के भक्ति प्रभात फेरी का स्वागत करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं. सीता जी की लंका में खोज के बाद वापस लौटे थे पवन पुत्र मंदिर के पुजारी पंडित दीपेश व्यास बताते हैं कि “इस अवसर पर रणजीत हनुमान के करीब एक रक्षा सूत्रों का वितरण भी होता है. जो सिद्ध किए हुए रक्षा सूत्र होते हैं.” शुक्रवार को इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने मंदिर के लिए ध्वज अर्पित करने के अवसर पर बताया कि “रणजीत अष्टमी के अवसर पर आज यहां भजन पूजन के साथ ही ध्वजारोहण का आयोजन किया गया है. चूकी यह पर्व हनुमान जी द्वारा सीता जी की लंका में खोज कर वापस लौटने पर भगवान राम द्वारा उन्हें रंजीत की उपाधि दी गई थी. इस उपाधि के बाद जिस दिन वह वहां लौटकर आए थे. उस दिन अष्टमी थी, इसलिए रंजीत अष्टमी का आयोजन प्रतिवर्ष रणजीत हनुमान मंदिर में किया जाता है. इंदौर रणजीत हनुमान मंदिर     इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर से स्वर्ण रथ पर निकले बजरंग बली, प्रभात फेरी में भक्तों का सैलाब     रणजीत हनुमान मंदिर में प्रभात फेरी और बड़े आयोजन, करोड़ों की लागत से संवरेगा दरबार ऐसा रहेगा चार दिवसीय कार्यक्रम इस आयोजन के साथ ही चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है. शनिवार को 51000 दीपक प्रज्वलित किए जाएंगे. रविवार को भगवान रणजीत हनुमान की भजन संध्या होगी. 23 तारीख को सुबह 5:00 बजे सबसे बड़ी प्रभात फेरी, जिसमें लाखों की तादाद में लोग इकट्ठा होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेगें. उसके बाद भोजन प्रसादी का आयोजन भी रणजीत हनुमान मंदिर ट्रस्ट के द्वारा आयोजित किया जाएगा. जिसमें लाखों की तादाद में भक्त जाकर भोजन प्रसादी का आनंद भी लेंगे.  

बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता का आधार है आहार- डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीयकृत रसोई का भोपाल में अवलोकन करते हुए संस्था के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पौष्टिक भोजन विद्यार्थियों तक पहुँचाने का फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल अनुकरणीय है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उप मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन के स्वचालित और योजनाबद्ध कार्य प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। संस्था में कार्यरत कर्मचारियों के समर्पण को सराहते हुए श्री शुक्ल ने कहा, “अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह कार्य बच्चों के भविष्य को संवारने और समाज को प्रेरित करने वाला है।” भोपाल स्थित रसोई से मध्य प्रदेश के 645 विद्यालयों के 35,000 बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है। फाउंडेशन पूरे भारत में 23,000 से अधिक विद्यालयों में 22 लाख 50 हजार बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन की स्वचालित प्रक्रिया, साफ-सफाई, समय प्रबंधन और पोषण गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। इस अवसर पर फाउंडेशन के भोपाल क्लस्टर के अध्यक्ष आचार्य रत्न दासा भी उपस्थित थे।  

GST: लाइफ और हेल्थ इंश्योंरेस नहीं होगा सस्ता, GST Council ने टैक्स घटाने का फैसला टाला, इन शेयरों पर होगा असर!

 नई दिल्‍ली जीएसटी काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) में एक बड़ा फैसला लिया गया है. मंत्रियों के समूह ने हेल्‍थ और लाइफ इंश्‍योरेंस प्रीमियम पर GST घटाने का प्रस्‍ताव रखा था, जिसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में नेक्‍स्‍ट मीटिंग के लिए टाल दिया गया है. इसका मतलब है कि अभी भी लोगों को अपने इंश्‍योरेंस पर पुराने टैक्‍स रेट के हिसाब से प्रीमियम जमा करना होगा. GST परिषद की 55वीं बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर प्रीमियम कम करने का फैसला टालने के पीछे वजह बताया गया कि इस पर और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है. काउंसिल ने मंत्रियों के समूह (GOM) को अपनी रिपोर्ट को और अधिक व्यापक बनाने के लिए अतिरिक्त जानकारी पेश करने के लिए कहा है. इससे पता चलता है कि GST रेट्स को संशोधित करने या हेल्‍थ्‍स और लाइफ इंश्‍योरेंस से संबंधित प्रीमियम को कम करने पर कोई भी फैसला लेने से पहले मामले को और अधिक जांच की आवश्‍यकता है. अभी कितना लगता है जीएसटी रेट्स? वर्तमान में, स्वास्थ्य बीमा, टर्म लाइफ इंश्योरेंस और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान 18 प्रतिशत जीएसटी दर के तहत आते हैं. एंडोमेंट प्लान में जीएसटी आवेदन अलग है, पहले वर्ष में 4.5 प्रतिशत और दूसरे वर्ष से 2.25 प्रतिशत की दर से. जीवन बीमा के लिए सिंगल प्रीमियम एन्युटी पॉलिसियों पर 1.8 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होती है. ये रेट्स सभी आयु वर्ग पर समान रूप से लागू होती हैं. स्वास्थ्य बीमा पर मंत्रिसमूह (GOM) ने 16 दिसंबर को राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपनी सिफारिशें रखी थीं. बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि समूह, व्यक्तिगत, वरिष्ठ नागरिकों की पॉलिसियों पर टैक्सेशन के बारे में फैसला करने के लिए बीमा पर जीओएम की एक और बैठक होगी। चौधरी ने मीडिया से कहा कि कुछ सदस्यों ने कहा कि और चर्चा की जरुरत है। हम (GoM) जनवरी में फिर मिलेंगे। जीएसटी काउंसिल ने चौधरी की अध्यक्षता में इंश्योरेंस पर मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन किया है, जिसने नवंबर में अपनी बैठक में सावधि जीवन बीमा पॉलिसियों के इंश्योरेंस प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति जताई थी। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए वरिष्ठ नागरिकों द्वारा दिए गए प्रीमियम को भी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के 5 लाख रुपये तक के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने का भी प्रस्ताव है। हालांकि 5 लाख रुपये से अधिक के हेल्थ इंश्योरेंस कवर वाली पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी जारी रहेगा। क्‍या की गई थीं सिफारिश?     जीवन बीमा के लिए छूट:  GOM ने परिवार के सदस्यों को कवर करने वाली शुद्ध अवधि जीवन बीमा पॉलिसियों के लिए जीएसटी छूट का प्रस्ताव दिया था. इसका मतलब यह होगा कि ये पॉलिसियां जीएसटी के अधीन नहीं होंगी, जिससे पॉलिसीधारकों पर वित्तीय बोझ कम होगा.     सीनियर सिटीजन के लिए हेल्‍थ बीमा पर छूट:  एक अन्य प्रमुख सिफारिश खासतौर से सीनियर सिटीजन के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी से छूट है, जिससे बुजुर्ग आबादी के लिए हेल्‍थ सर्विस को अधिक किफायती बनाने में मदद मिलेगी.     पर्सनल हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पर जीएसटी दर कम करना:  GOM ने सभी पर्सनल हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसियों पर जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव रखा है, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के विकल्प के बिना. इसका उद्देश्य प्रक्रिया को सरल रखते हुए व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम की लागत को कम करना है. इन शेयरों पर भी असर होगा! सोमवार को जब शेयर बाजार खुलेगा तो जीएसटी रेट में कोई बदलाव नहीं करने से हेल्‍थ इंश्‍योरेंस और लाइफ इंश्‍योरेंस देने वाली लिस्‍टेड कंपनियों के शेयरों जैसे- पॉलिसीबाजार, गो डिजिट और निवा बूपा (Policy Bazaar, Go Digit, Niva Bupa Stocks) पर इसका असर हो सकता है.

सरकार की लाड़ली बहना योजना का विस्तार की योजना नहीं, 21 से 60 वर्ष तक की महिलाएं पात्र, 1.28 करोड़ को मिल चुका है लाभ

भोपाल  लाड़ली बहना योजना का सरकार विस्तार नहीं करेगी। 60 वर्ष से अधिक की महिलाओं को इसमें शामिल करने का कोई विचार नहीं है। योजना 21 से 60 वर्ष तक की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें एक करोड़ 28 लाख हितग्राही हैं और इन्हें जून 2023 से दिसंबर 2024 तक 29 हजार 218 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। यह जानकारी भाजपा विधायक डा.चिंतामणि मालवीय के ध्यानाकर्षण के लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने दी। 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को शामिल करने का तर्क डा. मालवीय ने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योजना में शामिल करने की बात उठाई। उन्होंने ध्यानाकर्षण में कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की माताओं तथा वरिष्ठ नागरिकों को राहत राशि की अधिक आवश्यकता होती है, इसलिए योजना का विस्तार किया जाना चाहिए। 21 वर्ष से 60 वर्ष की महिलाएं शामिल इसके उत्तर में विभागीय मंत्री ने बताया कि योजना में 21 वर्ष से 60 वर्ष की आयु पूरी होने तक महिलाएं शामिल हैं। पहले आयु 23 वर्ष थी, जिसे घटकार 21 वर्ष किया गया। ट्रैक्टर रखने वाले परिवार की विवाहित महिलाओं को भी पात्रता दी गई। जुलाई से अगस्त 2023 में छह लाख 339 नए हितग्राही जोड़े गए। जनवरी से दिसंबर 2024 तक 19,221 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। व्यापक विचार-विमर्श के बाद पात्रता आयु 21 से 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक की महिलाओं को ही लक्षित हितग्राही बनाया है। 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए कई योजनाएं राज्य और केंद्र सरकार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। इसलिए लाड़ली बहना योजना का 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए विस्तार करने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।

देवास में दर्दनाक हादसा, मकान में भीषण आग लगी, पति-पत्नी और दो बच्चे जिंदा जले

देवास मध्य प्रदेश के देवास में शनिवार तड़के एक घर में भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत गई। घटना देवास शहर के नयापुरा क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि नीचे डेयरी में गैस सिलेंडर के ब्लास्ट होने के कारण आग लगी। जिसकी वजह से दूसरी मंजिल पर सो रहे पति-पत्नी और दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। मृतकों की हुई पहचान हादसे में दिनेश कारपेंटर (35), उनकी पत्नी गायत्री कारपेंटर (30), बेटी इशिका (10) और बेटे चिराग (7) की मौत हो गई। दिनेश घर के ग्राउंड फ्लोर पर आर्यन मिल्क कॉर्नर (डेयरी) चलाते थे। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम जांच करेगी। काफी दूर तक पड़े मेिले शटर के हिस्से आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक, नयापुरा में एक डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर की दुकान नीचे थी और उनका परिवार ऊपर रहता था। उनके घर से सुबह करीब 4 बजकर 30 मिनट पर तेज धमाके की आवाज आई थी। जिससे गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की वजह से आग लगने की आशंका है। धमाका इतना तेज था कि दुकान के शटर के हिस्से काफी दूर तक पड़े हुए मिले हैं। डेयरी के अंदर से चार से पांच गैस सिलेंडर मिले हैं इनमें से एक फटा हुआ है। फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही फर्स्ट फ्लोर पर कुछ इंफ्लेमेबल मटेरियल स्टोर करके रखे होने की भी जांच की जा रही है। सिंगल रास्ता होने से रेस्क्यू में आई समस्या नगर निगम दमकल विभाग के अभिनव चंदेल ने बताया कि सुबह 4:48 बजे नयापुरा क्षेत्र में स्थित आर्यन मिल्क कॉर्नर में एलपीजी सिलेंडर फटने की सूचना मिली। हमारी तीन फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन में एक पुरुष, एक महिला और दो बच्चों के शव बाहर निकाले गए। सिंगल रास्ता होने के कारण रेस्क्यू और आग बुझाने में काफी समस्याएं आईं। रास्ते पर मलबा पड़ा होने के कारण आग बुझाने और रेस्क्यू कार्य में बाधाएं आईं। ब्लास्ट हुआ एलपीजी सिलेंडर मिल्क कॉर्नर में ही पाया गया, जहां अन्य एलपीजी सिलेंडर भी रखे हुए थे। पहली मंजिल पर डेरी उत्पाद भी रखे हुए थे। 7 साल से चला रहे थे दूध डेयरी दिनेश कारपेंटर का जन्म देवास जिले के बजेपुर गांव, विजयागंज मंडी रोड में हुआ था। वह पिछले डेढ़ साल से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ नयापुरा में किराए पर रह रहे थे। वे करीब 7 साल से दूध डेयरी चला रहे थे। उनकी बेटी इशिका चौथी कक्षा और बेटा चिराग पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। हादसे में चार लोगों की मौत एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि यह डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर का घर हैं, नीचे वे दुकान चलाते थे और ऊपर की मंजिल पर परिवार के साथ रहते थे. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है. घर को सील कर दिया गया है. संभावना है ज्वलनशील सामग्री से आग ज्यादा फैली इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हम सभी प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों. एसपी ने आगे कहा कि प्राथमिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि पहले तल पर कुछ ज्वलनशील सामग्री रखी गई होगी, जिससे आग ज्यादा फैल गई. दूसरी मंजिल पर मौजूद लोगों को समय पर बचाया नहीं जा सका. अभी पूरी घटना की जांच की जा रही है.

इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रदेश में विकास की लिखेगी नयी इबारत:मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर को हर क्षेत्र में बनाया जायेगा नम्बर-वन इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण नगर निगम का बनेगा नया भव्य भवन मुख्यमंत्री ने इंदौर को दी 1249 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, माँ देवी अहिल्या की नगरी है, जो विकास का पर्याय रहीं है। उनके कार्यकाल में देव स्थानों का पूरे देश में अद्भुत विकास हुआ है। इंदौर वर्तमान में देश का सबसे स्वच्छ शहर है। यह आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट सिटी के कार्यों आदि में देश में भी अव्वल है। अब इंदौर को हर क्षेत्र में अव्वल बनाने के कार्य तेजी से होंगे। इंदौर का संर्वागीण विकास कर इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों के समकक्ष खड़ा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर के नेहरू स्टेडियम का पुनर्निर्माण किया जायेगा। यहाँ आईटी के विकास की अपार संभावनाएं है, इसको देखते हुए इंदौर में जल्द ही आईटी समिट आयोजित की जायेगी। इंदौर नगर निगम का नया भव्य भवन भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में जनकल्याण पर्व के तहत आयोजित लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के लिये 1249 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नदी जोड़ो परियोजना प्रदेश में विकास की नयी इबारत लिखेंगी। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर एक साथ कार्य हो रहा है। यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप ले रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नदियों को आपस में जोड़कर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हो रहे विकास की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर को अब हर क्षेत्र में नम्बर-वन बनाया जायेगा। इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों की तरह विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वे हमेशा से सम्मानीय है। उनका सम्मान हमेशा कायम रहेगा। बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये पंच तीर्थ विकसित किये गये है। उनके जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को तीर्थ-स्थल का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में की जा रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए नागरिकों से उनका लाभ लेने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जनकल्याण अभियान के माध्यम से शासन की 76 योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन तक घर-घर जाकर पहुंचाया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे इंदौर जिले के प्रभारी भी है। उनके नेतृत्व में इंदौर शहर हर क्षेत्र में नंबर वन होगा। सफाई में नंबर वन है, जल-संरक्षण में हम नंबर वन है। अब पर्यावरण में भी इंदौर को नंबर वन बनाने के प्रयास शुरू किये गये है। इंदौर में 51 लाख पौधे लगाये गये है। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया है कि आगामी 5 साल तक हर साल 51 लाख पौधें लगाये जायेंगे। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि शहर के तापमान को 5 डिग्री तक कम करें। उन्होंने कहा कि इंदौर को ट्रैफिक समस्या से भी निजात दिलाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। इंदौर के ट्रैफिक में सुधार कर नंबर वन बनायेंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इंदौर जो भी करता है अद्भुत करता है। इंदौर में यह पहली बार हो रहा जब एक ही दिन में एक साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 1249 करोड़ रूपये के विकास की सौगात दी गई है। इंदौर, विकास का मॉडल बन गया है। यहां विकास एवं प्रगति की नयी बुनियाद रखी जा रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब सिचाई और पेयजल की सुविधा में आशातित वृद्धि होगी। इन परियेाजनाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप देकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई के संकल्पों को पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वागत भाषण देते हुए इंदौर शहर के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, गौरव रणदिवे, चिंटू वर्मा, नगर निगम के सभापति मुन्नालाल यादव सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण व बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इंदौर को मिली 1249 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को 1249 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इंदौर शहर में 511.12 करोड़ रूपये लागत के एसटीपी निर्माण एवं सीवर लाइन डालने के कार्य का भूमि-पूजन किया। साथ ही इंदौर शहर में 442 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली मास्टर प्लान की 22 नवीन सड़कों, 43 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली एमआर-10 से एमआर-12 लिंक रोड़ विकास कार्य, लगभग 8 करोड़ रूपये लागत से बनने वाले कस्तूरबा गार्डन के पीछे स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, प्रतीक सेतु के नीचे 1.20 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले शहीद स्मारक, वार्ड क्रमांक-34 में 1.15 करोड़ रूपये लागत के चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने 21 करोड़ रूपये लागत के नवीन जल वितरण पाइप लाइन, 5.50 करोड़ रूपये लागत के स्मार्ट सिटी एबीडी एरिये में नवीन सीवर लाइन और 100 टन क्षमता के ग्रीन वेस्ट प्लांट सहित शहर के विकास से जुड़े अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर के डॉक्युमेंट डिजिटाइजेशन का लोकार्पण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं में चयनित हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये।  

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में युवाओं ने जाने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व के पहलू

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम इंदौर के गाँधी हाल में आयोजित लिट चौक कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में एंकर जयदीप कर्णिक द्वारा पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हाजिर जवाबी और विषयों में विशेषज्ञता के कायल हुए। मुख्यमंत्री ने अपनी शिक्षा, राजनीति और मालवा से भोपाल तक के सफर पर पूछे गये सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन को समझने के लिये विक्रमादित्य और राजा भोज के बारे में युवाओं को जानकारी होना चाहिये। हमारी विरासत और इनके काल के दौरान हुए विकास और धार्मिक स्थल किस तरह साइंस से जुड़े थे। यह आज की युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उज्जैन के काल भैरव मंदिर जहां शराब का प्रसाद चढ़ता है और उसकी गंध नहीं आती। निकट के गुगरेश्वर महादेव शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद जल का बाहर न आना, ग्रीनविच स्टैंण्डर्ड टाइम के काफी समय पहले से उज्जैन में की जाने वाली काल गणना इसका उदाहरण है। सरकार ने तय किया है कि इस तरह के स्थानों पर महाकाल लोक जैसे 13 लोक बनाये जाएंगे। कॉलेज के छात्र संघ चुनाव करवाने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं है, पर आपको समझना होगा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पहले छात्र संघ चुनाव ही युवाओं के लिये लोकतंत्र को समझने का जरिया हुआ करता था। संविधान के 74वें संशोधन के पश्चात जब से नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं तब से देखने में आ रहा है कि 22-25 साल का युवा सरपंच, पार्षद आदि का चुनाव लड़ विकास में अपना योगदान दे रहा है। आज लोकतंत्र को समझने के लिये युवाओं के पास अधिक मौके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से यह धारणा भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद नौकरी मिलना मुश्किल है। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नई शिक्षा नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है। उन्होंने कहा कि इंदौर रोल मॉडल है। मैं संपूर्ण प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना चाहता हूं और इंदौर को मुंबई-दिल्ली से भी आगे ले जाना चाहता हूं। उन्होंने स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होने की बात कह युवाओं से आग्रह किया कि जीवन काल में सबको समय दें, परिवार, व्यापार के साथ शरीर को स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नदी जोड़ने की योजना पर उन्होंने कहा कि इससे सभी नदियों को प्रवहयान बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ करेंगे।  

राज्य शिक्षा केंद्र ने इसकी समय-सारिणी घोषित की, 6 मार्च से शुरू होंगी छोटी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं

भोपाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तीसरी, चौथी, छठी और सातवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा छह मार्च से आयोजित की जाएंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसकी समय-सारिणी घोषित कर दिया है। तीसरी व चौथी कक्षा की परीक्षाएं छह से 11 मार्च तक और छठी व सातवीं की परीक्षाएं छह से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इस समय सारिणी के अनुसार परीक्षाओं की समय अवधि ढाई घंटे की रहेगी। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4.30 बजे तक चलेगी। छह से 12 मार्च के बीच स्थानीय अवकाश होने पर भी ये परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।   पहली व दूसरी कक्षा की नहीं होगी परीक्षा सभी सरकारी स्कूलों में पहली व दूसरी कक्षा में परीक्षा नहीं ली जाएगी। इनका आकलन अभ्यास पुस्तिका के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही गतिविधि आधारित व मौखिक मूल्यांकन होगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय में सीखने की क्षमता के स्तर का परीक्षण होगा। तीन भाषाएं जरूरी, सावधानी रखने को कहा प्राचार्यों से कहा गया है कि परीक्षा का आवेदन पत्र भरते समय भाषा चयन को लेकर विद्यार्थियों से चर्चा कर लें। तीसरी व चौथी कक्षा में अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। प्रथम भाषा के रूप में हिंदी, उर्दू या मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी लेनी होगी। वहीं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। वहीं छठी व सातवीं कक्षा में अगर कोई विद्यार्थी प्रथम भाषा के रूप में उर्दू या मराठी का चयन करता है तो उसे द्वितीय भाषा के तौर पर अंग्रेजी और तृतीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। वहीं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा हिंदी और तृतीय भाषा के रूप में संस्कृत, उर्दू या मराठी भाषा का चयन करना अनिवार्य होगा।

ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन कार्य के दौरान भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित

भोपाल उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन के कार्य के संदर्भ में संदलपुर-आंतरी स्टेशनों के बीच अप लाइन पर कट और कनेक्शन कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है| 1.    गाड़ी संख्या 12644 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 2.    गाड़ी संख्या 12780 हजरत निज़ामुद्दीन-वास्को डी गामा एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 3.    गाड़ी संख्या 12626 नई दिल्ली – त्रिवेंद्रम केरला एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 4.    गाड़ी संख्या 12708 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 5.    गाड़ी संख्या 12628 नई दिल्ली – बेंगलुरू कर्नाटक एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 6.    गाडी संख्या 12808 निज़ामुद्दीन-विशाखापटनम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 7.    संख्या 12618 हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-रुठियाई-मक्सी-भोपाल होते हुए गंतव्य को जाएगी। 8.    गाड़ी संख्या 12191 हज़रत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।  

देश की 2032 तक रिन्यूएबल एनर्जी भंडारण की क्षमता 60 गीगावाट तक हो जाएगी: रिपोर्ट

नई दिल्ली सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस फ्लो को लेकर 2022 की तुलना में 2023 में 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 30,255 करोड़ रुपये (3.66 बिलियन डॉलर) के स्तर को छू गई है। प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि ‘2024 में कोयला बनाम नवीकरणीय ऊर्जा निवेश’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि हुई है, लेकिन लगातार तीसरे वर्ष नए कोयला बिजली प्रोजेक्ट को कोई फाइनेंस लेंडिंग नहीं दी गई। हालांकि, कोयला बिजली और खनन कंपनियों की कॉर्पोरेट फाइनेंस लेंडिंग कुल 3 बिलियन डॉलर थी। रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का रहा दबदबा 2023 में रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का दबदबा रहा, जो कुल सौदों का 49 प्रतिशत था, इसके बाद हाइब्रिड प्रोजेक्ट का 46 प्रतिशत और विंड एनर्जी का हिस्सा 6 प्रतिशत था। सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के कार्यकारी निदेशक जो अथियाली ने कहा, “हमने सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंस में लगातार वृद्धि देखी है। यह दर्शाता है कि रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट में निवेशकों का विश्वास है।” 2023 में भारत में कोयला-लिंक्ड कंपनी के फाइनेंस का 96 प्रतिशत से अधिक अंडरराइटिंग के जरिए कमर्शियल बैंक से था, जबकि बचे 4 प्रतिशत का योगदान लोन से था। अमेरिका स्थित बैंकों ने कोयला-लिंक्ड कंपनियों को कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई, जो कुल का 65 प्रतिशत योगदान देता है। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2023 में 188 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन कैपेसिटी हासिल कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइमरी फाइनेंसिंग ने प्रोजेक्ट सौदों का 77 प्रतिशत हिस्सा लिया जबकि रिफाइनेंसिंग ने बचे 23 प्रतिशत का योगदान दिया। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया, जो कुल 20,625 करोड़ रुपये (2,497 मिलियन डॉलर) था। राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि गुजरात को फाइनेंस कैपेसिटी का 25 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जो 9,857 करोड़ रुपये (1,193 मिलियन डॉलर) है, उसके बाद कर्नाटक को 4,593 करोड़ रुपये (556 मिलियन डॉलर) मिले।केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि भारत ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान लगभग 15 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी जोड़ी है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जोड़े गए 7.54 गीगावाट से लगभग दोगुना है। पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि यहां सीआईआई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन और प्रदर्शनी (आईईसीई) को संबोधित करते हुए, अक्षय ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की कुल स्थापित क्षमता 214 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि अकेले नवंबर 2024 में 2.3 गीगावाट की नई कैपेसिटी जोड़ी गई, जो नवंबर 2023 में जोड़ी गई 566 मेगावाट की तुलना में चार गुना वृद्धि को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 2032 से 5 प्रतिशत की बढ़ातरी देश का ऊर्जा भंडारण परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है. भंडारण समाधानों को शामिल करने वाली अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का अनुपात काफी बढ़ रहा है, जो वित्त वर्ष 20 में 5 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 23 प्रतिशत हो गया है. वित्त वर्ष 32 तक, बिजली उत्पादन में परिवर्तनीय अक्षय ऊर्जा (VRE) की हिस्सेदारी तीन गुना होने की उम्मीद है, जिससे ग्रिड की स्थिरता के बारे में चिंता बढ़ रही है. VRE की वृद्धि ग्रिड को अस्थिर कर सकती है जब तक कि बिजली प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन न हो. खास कर ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (ESS) के एकीकरण के साथ, जो इस प्रबंधन में महत्वपूर्ण हैं. असल चुनौती VRE के उत्पादन और बिजली की अधिकतम मांग के बीच चली आ रही मिसमैच की वजह से है. यह मिसमैच अक्सर ग्रिड अस्थिरता, पीक प्रोड्क्शन घंटों के दौरान सरप्लस एनर्जी और गैर-सौर अवधि के दौरान फॉसिल फ्युल पर निरंतर निर्भरता की ओर ले जाता है. ESS उच्च उत्पादन समय के दौरान एक्सट्रा रिन्यूएबल एनर्जी को जमा करके और मांग के चरम पर इसे जारी करके समाधान प्रदान करता है, जिससे ग्रिड स्थिर होता है और दिन के दौरान आपूर्ति और मांग में अंतर (Diurnal Duck Curve) जैसी समस्याओं को कम करता है. BESS क्षमता 375 गुना बढ़ जाएगी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) के ऊर्जा भंडारण बाजार पर हावी होने की उम्मीद है, विशेष रूप से BESS अपने स्थानिक लचीलेपन, त्वरित प्रतिक्रिया समय और टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण प्रमुख टेक्नोलॉजी के रूप में उभर रहा है, जो लागत को और कम कर रहा है. वित्त वर्ष 32 तक, BESS क्षमता 375 गुना बढ़कर 42 GW हो जाने की उम्मीद है, जबकि PSP क्षमता चार गुना बढ़कर 19 GW हो जाएगी. BESS में 3.5 लाख करोड़ निवेश का अवसर वर्तमान में, BESS की लगभग 80 प्रतिशत लागत बैटरी सेल और संबंधित घटकों पर आती है, जिनमें से अधिकांश चीन से आते हैं. इससे भारत को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और अपने बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी. प्रमुख खिलाड़ी पहले से ही बैटरी निर्माण और घटक उत्पादन में भारी निवेश कर रहे हैं, लगभग 120 GWh सेल क्षमता की घोषणा की गई है, हालांकि अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए अधिक निवेश की आवश्यकता होगी. BESS पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वित्त पोषण क्षमता महत्वपूर्ण है, जिसमें वित्त वर्ष 32 तक 3.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित अवसर है, जो परियोजना-स्तरीय निवेश और अपस्ट्रीम विनिर्माण वृद्धि के संयोजन से प्रेरित है. PSP अपनी लंबी गर्भावधि अवधि के कारण धीमी वृद्धि का सामना कर रहे हैं, फिर भी वित्त वर्ष 32 तक 1.2 ट्रिलियन रुपये के निवेश का योगदान करने की उम्मीद है.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet