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लंबे समय से परमानेंट किए जाने की मांग कर रहे थे शिक्षकों के लिए गुड न्यूज़, नियमित करने की कवायद की शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग की विशेष कमेटी ने काउंसलिंग शुरू कर दी है। काउंसलिंग की प्रक्रिया अक्टूबर के पहले हफ्ते से जारी है। इस दौरान 5 हजार अतिशेष शिक्षकों का निराकरण भी किया जा रहा है। नियमितीकरण के बारे में बारे में ताजा जानकारी यह है कि भर्ती होने के 3 साल तक टीचर्स का प्रोबेशन पीरियड रहता है। प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है। सरकार एक ओर जहां शासकीय स्कूलों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए शैक्षणिक व्यवस्था में लगातार सुधार सहित कई तरह के नवाचारों से शिक्षा देने के लिए तमाम तरह के प्रयासों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सरकार के प्रयासों को नेताओं के लेटर पैड से होने वाले अटैचमेंट, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों द्वारा बताया गया कि यह नेता बिना शैक्षणिक व्यवस्था जाने बगैर अपने चहेतों को पास के स्कूल में नौकरी करने के लिए अपने लेटर पैड पर अटैचमेंट की अनुशंसा कर देते हैं, जिसका मजबूरी में संकुल प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी को पालन करना ही पड़ता है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चों के हालात यह हो जाते हैं कि बच्चे कई विषयों की शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।   ताजा मामला आदिवासी बाहुल्य शासकीय माध्यमिक शाला गादिया का है। जहां माध्यमिक शाला में कुल 51 बच्चे पंजीकृत हैं और जिन्हें पढ़ने के लिए यहां दो नियमित शिक्षकों की नियुक्ति है। लेकिन इनमें से एक शिक्षिका ने अपना अटैचमेंट नयापुरा कर रखा है, जिस वजह से अभी माध्यमिक शाला के मौजूदा हालात में यहां सिर्फ एक ही शिक्षक कक्षा 6, 7, 8 के सभी विषयों की जिम्मेदारी है। ऐसे हालात में बच्चों को कितनी गुणवत्ता की और कैसी शिक्षा मिल रही होगी आप खुद समझ सकते है।गौरतलब है कि जिम्मेदारों के बार-बार निरीक्षण करने पर भी माध्यमिक शाला में ऐसी स्थिति बनी हुई है जो जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े करती है।

अथोस सैलोम ने बड़ी भविष्यवाणी की उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू होगा

ब्रासीलिया  ब्राजील के अथोस सैलोम ने तीसरे विश्व युद्ध के बारे में बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू सकता है। ‘जीवित नास्त्रेदमस’ कहे जाने वाले अथोस सैलोम ने ये दावा भी किया है कि तीसरा विश्व युद्ध पारंपरिक जंग की शक्ल में नहीं होगा। यह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के उलट तकनीक के दम पर लड़ा जाएगा। तीसरा विश्व युद्ध एक तरह का साइबर युद्ध होगा, जिसमें पूरी दुनिया शामिल होगी। ये बड़े नुकसान की वजह बनेगा और इससे वैश्विक व्‍यवस्‍था तबाह हो जाएगी। ब्राजील के 36 साल के सैलोम एक पैरासाइकॉलोजिस्ट हैं। दावा किया जाता है कि उन्होंने कोविड महामारी के आने, एलोन मस्क के ट्विटर खरीदने और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के बारे में पहले ही बता दिया था और उनकी भविष्यवाणी स ही साबित हुई थी। डेली स्टार के अनुसार, अब अपने नए दावे में सैलोम ने कहा है, ‘तीसरा विश्व युद्ध मैदान पर ना होकर तकनीकी होगा। ऐसा लगता है कि यह ऑनलाइन लड़ा जाएगा।’ ‘ये मशीनों का युद्ध होगा’ सैलोम का मानना है कि आने वाले विश्व युद्ध सिर्फ इंसानों का युद्ध नहीं बल्कि मशीनों का युद्ध होगा। अथोस सैलोम ने एक विशाल उल्कापिंड के खतरे, पश्चिम एशिया और रूस में चल रहे संघर्षों में पश्चिमी देशों की भागीदारी पर को लेकर भी चिंता जताई है। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता के नए स्तर छू लिए हैं। ये लड़ाई के बढ़ने का एक संकेत है। इससे आने वाले समय में दुनिया को एक नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एथोस सैलोम ने आगे कहा, ‘रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव कह रहे हैं कि रूस किसी भी उपाय से अपनी रक्षा के लिए तैयार है। इस तरह के बयान और युद्ध में उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल संघर्ष के बढ़ने का संकेत देते हैं। संघर्ष में उच्च तकनीकी उपकरणों का आना भी युद्ध को भीषण होने के संकेत देते हैं।’ युद्ध या किसी भी संबंध में किसी भविष्यवाणी का सच होना एक इत्तेफाक ही माना जाता है लेकिन ऐसे दावे सावधान करने के लिए काफी हैं। खासतौर से आज के वक्त में ये अहम हैं क्योंकि दुनियाभर में तनाव बढ़ रहा है। सैलोम के बारे में तो ये भी दावा है कि पूर्व में कुछ मौकों पर उनकी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं, जिससे उनको लोकप्रियता मिली।

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो project की आधारशिला रखेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मौके पर मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।  यादव ने कहा, “देश की नदियों के जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए नदियों को जोड़ने का सपना देखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र के छतरपुर जिले में महत्वाकांक्षी केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।” इन जिलों को मिलेगा लाभ उन्होंने कहा कि केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना से राज्य के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर जिलों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मध्यप्रदेश (8.11 लाख हेक्टेयर) और उत्तर प्रदेश (2.51 लाख हेक्टेयर) में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र में 10.62 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, साथ ही मध्यप्रदेश में 41 लाख और उत्तर प्रदेश में 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना को भी लागू करने का फैसला किया है, जिससे राज्य के गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना जिलों को लाभ मिलेगा। यादव ने कहा कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश में 6.13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में इसकी आधारशिला रखेंगे। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाएगा और मोदी 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सम्मेलन से पहले राज्य सरकार मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन आयोजित कर रही है और राज्य तथा विदेश में रोड शो तथा सम्मेलन आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयुक्त प्रयासों के कारण राज्य को चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उनके प्रशासन के विकास कार्यों को उजागर करने तथा अधिक पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए दो कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिसंबर और जनवरी में ‘जनकल्याण पर्व’ तथा ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ चलाया जाएगा। दिसंबर में कई परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की लोकप्रिय ‘लाडली बहना’ योजना के तहत 1.29 करोड़ महिलाओं को 19,212 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने 1,450 किलोमीटर लंबे ‘राम वन गमन पथ’ के अलावा भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को जोड़कर ‘श्रीकृष्ण पथ’ विकसित करने का भी फैसला किया है, जिसमें संदीपनी आश्रम, नारायण गांव, उज्जैन, जानापाव (इंदौर) और अमझेरा (धार) शामिल हैं। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने भी संबोधित किया।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा- बांधों की सुरक्षा संबंधी कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में साकार हो रहा है। प्रदेश की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य का शुभारंभ शीघ्र ही प्रधानमंत्री श्री मोदी करने वाले हैं। यह मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए सौभाग्य का विषय है। हम सिंचाई के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले हैं। हमारे प्रदेश की वर्तमान सिंचाई क्षमता 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। हमने इसे वर्ष 2025-26 तक 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2028 तक एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम इस दिशा में तेज गति से काम भी कर रहे हैं। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने होटल मैरियट में बांधों की सुरक्षा संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला “रीजनल वर्कशॉप ऑन रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग ऑफ डैम्स” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बांधों की सुरक्षा के लिए वेब आधारित “रैपिड रिस्क एसेसमेंट टूल” भी लॉन्च किया। जल कलश से जल प्रवाहित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री आनंद मोहन, मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विषय विशेषज्ञ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि राष्ट्र का विकास किसानों के विकास में निहित है और किसानों के लिए सिंचाई सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। हमारे राज्य में 6314 छोटे और बड़े बांध हैं। ये बांध हमारे किसानों, नागरिकों और उद्योगों की रीढ़ हैं। पुराने हो चुके इन बांधों का नियमित “चेकअप” करना आवश्यक है, इसीलिये 30 दिसंबर 2021 को देश में “बांध सुरक्षा अधिनियम” लागू किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के 1361 बांधों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 50 बांध 100 साल से अधिक पुराने हैं, जबकि 90% बांध ढाई दशक पुराने हो चुके हैं। इन सभी का नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। चिन्हित बांधों में से 500 से अधिक की प्रथम स्तरीय रैपिड स्क्रीनिंग हो चुकी है। जून 2025 तक सभी बांधों का मूल्यांकन पूरा कर लिया जाएगा। यह अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है। मध्यप्रदेश में 27 बांधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रिप परियोजना-2 के तहत 551 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान की गई है। भारत सरकार जल मंत्रालय की सचिव सुश्री देवाश्री मुखर्जी ने कहा कि मौसम परिवर्तन के साथ बांधों की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वैज्ञानिक तरीके से सभी बांधों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए हर वर्ष बारिश के पहले और बाद में बांधों का निरीक्षण और रिस्क असेसमेंट आवश्यक है। इसके लिए शुक्रवार को ऑनलाइन टूल भी लॉन्च किया गया है। डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश में बांधों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए निरंतर निरीक्षण और रखरखाव किया जा रहा है। यह निरंतर सतर्कता का ही परिणाम है कि प्रदेश के एक बड़े बांध “कारम बांध” को समय से खाली करा लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने कहा कि बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में “राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण” का गठन किया गया। भारत में कुल 6.5 हजार बांध हैं, जिनकी निरंतर चौकसी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं। इसके लिए रैपिड रिस्क स्क्रीनिंग प्रणाली विकसित की गई है।  

हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

अजमेर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारा अन्नदाता किसान धरती माता का सच्चा सपूत है। जब किसान खुशहाल समृद्ध होगा तभी विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा। हमारी सरकार किसान-पशुपालक के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश के किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने आज किसान सम्मेलन आयोजित किया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब भी किसानों के हित की बात आएगी, राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी मिलेगी। मुख्यमंत्री शर्मा राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर ‘निभाई जिम्मेदारी-हर घर खुशहाली’ की थीम पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में शुक्रवार को अजमेर में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक किसान परिवार में जन्मा हूं। मैंने हल चलाया है और खेती का सारा काम किया है। मैं किसानों के दर्द को भली भांति समझता हूं। इसीलिए हमारी सरकार ने 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसानों का हित सबसे पहली प्राथमिकता है। उनके मन में किसानों का भला करने की अद्भुत इच्छाशक्ति और संकल्प है। प्रधानमंत्री ने महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया है, जो ये दर्शाता है कि वे किसानों के प्रति कितना सम्मान रखते हैं। श्री शर्मा ने किसानों को किसान दिवस (23 दिसम्बर) की बधाई देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही किसान दिवस मनाने की शुरुआत की थी।   ईआरसीपी-ताजेवाला से किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की पीड़ा और आकांक्षाओं को समझते हुए पिछले एक साल में राज्य सरकार ने किसान हित में अनेक फैसले लिए हैं। हमने ईआरसीपी परियोजना का एमओयू कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। शेखावाटी क्षेत्र में भी पानी की कमी को पूरा करने के लिए ताजेवाला से यमुना का पानी लाने के लिए लंबे समय से लंबित एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए हैं। हमारी सरकार अनेक अन्य महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। जिससे राज्य के किसानों की पैदावार बढ़ सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही धौलपुर लिफ्ट परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही, भूजल के रीचार्ज के लिए प्रवासी राजस्थानी के सहयोग से भी एक नए कार्यक्रम ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ की शुरुआत की जा रही है। किसान के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ले रही लगातार निर्णय शर्मा ने कहा कि राइजिंग समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में 58 हजार करोड़ रुपये निवेश के ढाई हजार से अधिक एमओयू किए हैं। हमारी सरकार द्वारा 30 लाख किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का अल्पकालीन फसली ऋण का वितरण, 8 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 26 हजार सोलर संयंत्रों की स्थापना, 31 स्थानों पर फूड पार्क के लिए भूमि आवंटन, 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन, गेहूं, मूंग, मूंगफली तथा सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद, पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना जैसे निर्णय किए गए हैं। जिससे खुशहाल किसान, समृद्ध किसान के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार जातियां बताई हैं, जो कि गरीब, किसान, युवा और महिला है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बदलते समय के साथ खेती-किसानी में नवीन तकनीक को अपनाएं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में श्रीअन्न को बढ़ावा देने की अभिनव पहल की गई है, श्रीअन्न के तहत आने वाली मोटे अनाज की फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने में राजस्थान आगे है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान का सफल आयोजन हुआ है, जिसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। अजमेर जिले में भी विकास को गति प्रदान करने के लिए 14000 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक-एक कर सभी संकल्पों को पूरा कर रही है। बजट घोषणाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन और प्रदेश के आमजन एवं किसानों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों से ईआरसीपी योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण जल योजनाएं साकार होने जा रही है। किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के किसानों का सम्मान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। किसानों की पानी और बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूत फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याणकारी योजनाओं में किसानों को दिया आर्थिक संबल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किश्त के रूप में 700 करोड़ से अधिक की राशि का सीधा हस्तान्तरण किया। वहीं, 15 हजार 983 किसानों को ड्रिप/फव्वारा संयंत्रों के लिए 29 करोड़ रूपये से अधिक, 14 हजार 200 से अधिक किसानों को फार्म पौण्ड, पाइपलाइन, तारबन्दी, डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, जैविक खाद सहित विभिन्न कार्यों के लिए 96 करोड़ से अधिक की राशि व 8 हजार सोलर पंप स्थापना संवेदन के 80 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। इसमें विकास के साथ-साथ उन पात्र व्यक्तियों को योजना के लाभ से जोड़ा जा रहा है जो अभी तक योजनाओं के लाभ से वंचित रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल संभाग के जनकल्याण पर्व कार्यक्रम में 758.92 करोड़ रूपये के 70 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भोपाल संभाग के जनकल्याण पर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं बल्कि हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने राजा भोज और राजा विक्रमादित्य के योगदान को याद करते हुए सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की बात कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के प्रत्येक प्रवेश मार्ग को गौरवशाली स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजा भोज और सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर प्रवेश द्वार बनाएं जाएंगे। भोपाल के तालाब और यहां की वास्तुकला आज भी जल संरक्षण और स्थापत्य कला के लिये मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में जल संरक्षण की परम्परागत तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की अद्भुत तकनीकी संरचना एवं उसकी उपयोगिता के को वर्तमान समय के लिये भी प्रासांगिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ा है। मध्यप्रदेश भी विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के सरंक्षण में कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर मध्यप्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश टाईगर स्टेट ऐसे ही नहीं बना है। यहां राजधानी की जिन सड़कों पर दिन में लोगों का आवागमन रहता है, उन सड़कों पर रात्रि में बाघ को विचरण करते देखा जा सकता हैं। यह दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। यह सब‍राजा भोज की नगरी भोपाल में ही होता है। राजा भोज की गौरवशाली संस्कृति और विरासत के लिए भोपालवासियों को बधाई देना चाहूंगा कि यहां भोजपुर मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपुर मंदिर की पृथक से योजना बनाकर यहां की संस्कृति को देश और दुनिया के सामने लाया जाएगा। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, सूक्ष्म एवं लघु और मध्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।  

मुगल बादशाह की पौत्र वधू ने लाल किले का मांगा मालिकाना हक, HC ने याचिका की खारिज

 नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर-द्वितीय के पड़पोते की विधवा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कानूनी उत्तराधिकारी होने के कारण लाल किले पर कब्जा मांगा था। इस याचिका में सुल्ताना बेगम ने हाईकोर्ट के सिंगल जज के दिसंबर 2021 के फैसले को चुनौती दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने देरी की वजह से इस याचिका को खारिज कर दिया। फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि यह अपील ढाई साल से अधिक समय की देरी से दायर की गई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि सुल्ताना बेगम ने बताया कि वह अपनी खराब सेहत और बेटी के निधन के कारण अपील दायर नहीं कर सकी थीं। लेकिन कोर्ट ने उनकी इस दलील को नहीं माना। देरी की माफी को कर दिया अस्वीकार हाई कोर्ट की डबल बेंच ने कहा, ‘हमें यह स्पष्टीकरण अपर्याप्त लगता है, क्योंकि देरी ढाई साल से ज्यादा की है। याचिका को पहले ही कई दशकों की अत्यधिक देरी के कारण (सिंगल जज द्वारा) खारिज कर दिया गया था। ऐसे में देरी के लिए माफी के आवेदन को अस्वीकार करते हुए खारिज किया जाता है। नतीजतन यह अपील भी खारिज की जाती है। समय-सीमा के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकती।’ कोर्ट ने कहा था- 150 साल गुजर चुके हैं इससे पहले 20 दिसंबर, 2021 को उच्च न्यायालय के एकल जज ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अवैध रूप से लिए गए लाल किले पर कब्जा देने की मांग करने वाली बेगम की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 150 साल से ज्यादा गुजर चुके हैं और इतनी देरी के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाने का कोई औचित्य नहीं है। याचिकाकर्ता बोले- अंग्रेजों ने हमसे छीना था लाल किला इस याचिका को अधिवक्ता विवेक मोरे के माध्यम से दायर किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने उनके परिवार की सम्पत्ति छीन ली थी, और मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को देश से निर्वासित करते हुए लाल किले का कब्जा मुगलों से जबरन ले लिया गया था। सरकार पर लगाया था अवैध कब्जे का आरोप याचिका में सुल्ताना बेगम को बहादुर शाह जफर-द्वितीय का वंशज बताते हुए उन्हें लाल किले की असली मालकिन बताया गया था। इसमें कहा गया था, बेगम लाल किले की असली मालिक हैं, क्योंकि उन्हें यह किला उनके पूर्वज बहादुर शाह जफर-द्वितीय से विरासत में मिला है, जिनकी मृत्यु 11 नवंबर 1862 को 82 वर्ष की उम्र में हुई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि भारत सरकार ने इस संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। HC से कहा- या तो कब्जा, या मुआवजा दिलवाइए याचिका में केंद्र को लाल किले को याचिकाकर्ता को सौंपने या सरकार द्वारा कथित अवैध कब्जे के लिए 1857 से लेकर आज तक के मुआवजे के अलावा पर्याप्त मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। हालांकि कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।

केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा बोले – डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा

छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’ जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य : मुख्यमंत्री श्री साय   रायपुर, देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।   केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। श्री साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट श्री सुदर्शन पटनायक द्वारा राज्य शासन की योजनाओं पर रेत से तैयार की गई कृति का प्रदर्शन किया गया। विधायक श्री किरण सिंह देव ने … Read more

उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को ग्वालियर के एक दिवसीय प्रवास पर आएंगे

ग्वालियर  ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को ग्वालियर के एक दिवसीय प्रवास पर आएंगे, वे यहाँ जियो साइंस म्यूजियम का उदघाटन करेंगे। जीवाजी विश्वविद्यालय पहुँचकर जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास जयविलास पैलेस जायेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जारी किये गए कार्यक्रम के अनुसार उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को सुबह लगभग 10:55 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा एयरबेस विमानतल पर आएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप राष्ट्रपति विमानतल से सड़क मार्ग द्वारा रवाना होकर 11:25 बजे महाराज बाड़ा पहुँचेंगे और जियो साइंस म्यूजियम का उदघाटन करेंगे। इसके बाद प्रात: लगभग 11:45 बजे जीवाजी विश्वविद्यालय पहुँचकर जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया के आवास जयविलास पैलेस जायेंगे प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उप राष्ट्रपति धनखड़ दोपहर एक बजे जयविलास पैलेस पहुँचेंगे। जयविलास पैलेस से दोपहर 2 बजे रवाना होकर वायुसेना के विमानतल पर पहुँचेंगे और अपरान्ह लगभग 2:30 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। मंत्री राकेश शुक्ला होंगे “मिनिस्टर इन वेटिंग” उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अगवानी व विदाई के लिये राज्य शासन की ओर से नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला को “मिनिस्टर इन वेटिंग” नामित किया गया है। मंत्री राकेश शुक्ला उप राष्ट्रपति का ग्वालियर विमानतल पर स्वागत करेंगे और उनके वापस लौटते समय विमानतल पर उन्हें विदा भी करेंगे। दो गैलरी बनी हैं म्यूजियम के अंदर     विक्टोरिया मार्केट में 4 जून 2010 की रात्रि में भयानक आग लग गई थी। इससे इमारत का हिस्सा ढह गया था। नगर निगम ने उक्त ​इमारत को संवारने का काम सुदर्शन इंजीनियरिंग को दिया था। डायरेक्टर संजय मित्तल का कहना है कि दो फेज में इमारत में काम हुआ। पहले फेज में हूबहू इमारत को खड़ा करना और फिर दूसरे फेज में बिल्डिंग के अंदर एयर कंडीशनिंग और इलेक्ट्रिक आदि का काम करना किया गया।     जीएसआई ने उक्त इमारत को म्यूजियम के लिए अधिकृत लिया। इसमें 25 करोड़ की लागत से दो गैलरी को पर्यटकों के लिए तैयार किया गया। यहां पर्यटकों को भूकंप का अनुभव होगा। धरती के अंदर ज्वालामुखी कैसे फटता है। ये भी दिखाया जाएगा। यहां पर डायनासोर का अंडा सहित कई कीम​ती वस्तुएं देखने को मिलेंगी। डिप्टी डायरेक्टर जनरल एसएस सरकार का कहना है कि ये एशिया का पहला इस तरह का म्यूजियम होगा। सुबह 10:55 पर आएंगे दोपहर 2 बजे होंगे रवाना उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 दिसंबर को सुबह लगभग 10.55 बजे वायुसेना के विशेष विमान द्वारा एयरबेस विमानतल पर आएंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से 11.25 बजे बाड़े पहुंचकर म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे जेयू में जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण करेंगे। दोपहर 1 बजे जयविलास पैलेस जाएंगे और दोपहर 2 बजे वायुसेना विमान से रवाना होंगे।” नामित किया गया है।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का पिटारा खोला, जिसमें 75,125 पदों पर भर्ती की घोषणाएं की गई

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। पिछले साल 15 दिसंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। एक साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को राज्य स्तरीय रोजगार उत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सीएम भजनलाल शर्मा ने 15 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे। शुक्रवार को अजमेर में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जहां 70 लाख किसानों को 700 करोड़ रुपए की किसान सम्मान निधि वितरित की जाएगी। मंगलवार 17 दिसंबर को जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे। युवाओं के लिए खोला नौकरियों का पिटारा डबल इंजन सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सीएम भजनलाल ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का पिटारा खोल दिया। राज्य सरकार की ओर से न केवल सरकारी नौकरियों की घोषणा की गई, बल्कि वित्तीय स्वीकृति के बाद भर्ती विज्ञप्तियां भी जारी कर दी गई है। आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 75,125 पदों पर भर्ती की अलग अलग विज्ञप्तियां जारी की है जबकि बिजली विभाग और राजस्थान रिक्रूटमेंट बोर्ड ने भी अलग अलग पदों पर भर्तियां निकाली है। कुछ भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया इसी महीने शुरू होने जा रही है जबकि कई भर्ती प्रक्रियाएं ऐसी है जिनके लिए मार्च 2025 से आवेदन शुरू होंगे। टीचर, लाइब्रेरी समेत सभी भर्तियों की आवेदन तिथि   भर्ती आवेदन तिथि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती (पद 2129) 26 दिसंबर से 24 जनवरी वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी ( पद 14) 19 दिसंबर से 17 जनवरी सहायक आचार्य चिकित्सा (पद 329) 31 दिसंबर से 29 जनवरी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पद 52,453) 21 मार्च 2025 से 19 अप्रैल 2025 प्रहरी भर्ती (पद 803) 24 दिसंबर से 22 जनवरी संविदा चिकित्सा (पद 10882) 18 फरवरी 2025 से 19 मार्च 2025 लाइब्रेरियन (पद 548) 5 मार्च 2025 से 3 अप्रैल 2025 सर्वेयर (पद 30 18 दिसंबर से 16 जनवरी खनि कार्यदेशक (पद 42) 18 दिसंबर से 16 जनवरी कनिष्ठ तकनीकी सहायक संविदा (पद 2200) 8 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 लेखा सहायक संविदा (पद 400) 8 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 पशुधन सहायक (पद 2041) 31 जनवरी 2025 से 1 मार्च 2025 वाहन चालक (पद 2756) 27 फरवरी 2025 से 28 मार्च 2025 परिचालक (पद 500) 27 मार्च 2025 से 25 अप्रैल 2025 पहली बार निकली है इतनी बड़ी संख्या में भर्तियां अलग अलग विभागों में बड़ी संख्या में होने वाली भर्तियों से बेरोजगार युवाओं के चेहरे पर मुस्कान आई है। युवा वर्ग लंबे समय से भर्तियों का इंतजार कर रहे थे। राष्ट्रीय रोजगार संघ के अध्यक्ष भरत बेनीवाल का कहना है कि यह पहला मौका है जब किसी सरकार इतनी बड़ी संख्या में एक साथ भर्तियां करने का ऐलान किया और कई भर्तियों की विज्ञप्तियां भी जारी की। राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन मेजर आलोक राज का कहना है कि बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों की भर्तियां होने जा रही है और सबसे ज्यादा भर्तियों के आयोजन की जिम्मेदारी बोर्ड को मिली है। बोर्ड ने त्वरित गति से कार्य शुरू कर दिया है।

एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में उछाल

मुंबई  भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2,000 अंकों की शानदार रिकवरी के बाद उछाल के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी के इंफ्रा, एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में यह उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 843.16 अंक या 1.04 प्रतिशत चढ़ने के बाद 82,133.12 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 219.60 अंक या 0.89 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,768.30 पर बंद हुआ। सुबह करीब 10.47 बजे सेंसेक्स 118.85 अंक या 1.38 प्रतिशत की गिरावट के बाद 80,171.11 पर था। वहीं, निफ्टी इसी समय 334.75 अंक या 1.36 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,213.95 स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार में इस गिरावट की वजह दूसरे एशियाई बाजारों में कमजोरी, मजबूत डॉलर, बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और सुस्त चीनी अर्थव्यवस्था की चिंता जैसे कारक थे। जानकारों ने बताया, “घरेलू बाजार ने दिन के निचले स्तर से तेजी से वापसी की और सूचकांक हैवीवेट शेयरों के नेतृत्व में कंसोलिडेशन से बाहर निकल गया। खाद्य मुद्रास्फीति में धीरे-धीरे कमी और एफएमसीजी कंपनियों द्वारा मूल्य वृद्धि, साथ ही मूल्यांकन में हाल ही में सुधार ने इस क्षेत्र को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।” बाजार के जानकारों ने आगे कहा कि वर्तमान में, बाजार त्योहारी सीजन और साल के अंत की छुट्टियों के कारण उपभोक्ता खर्च में सुधार की उम्मीद कर रहा है, जिससे सेंटीमेंट्स में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी खर्च में वृद्धि की उम्मीद आईटी क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है। निफ्टी बैंक 367.35 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 30.15 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,991.55 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 59.25 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,407.30 पर था। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे ने कहा, “भारत में इक्विटी बाजार में सेंसेक्स की साप्ताहिक समाप्ति के दिन उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। निचले सिरे पर, निफ्टी को इनवर्स हेड-एंड-शोल्डर्स पैटर्न की नेकलाइन के आसपास सपोर्ट मिला।” उन्होंने आगे कहा कि आज का निचला स्तर भी पिछली रैली के 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर के साथ मेल खाता है। आगे चलकर, यह प्रवृत्ति मजबूत रहने की संभावना है, जिसमें अल्पावधि में 25,000 और उससे अधिक तक पहुंचने की क्षमता है। निचले सिरे पर, सपोर्ट 24,550 पर है। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, एफएमसीजी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, कमोडिटीज, कंजप्शन, पीएसई, सर्विस में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, रियलिटी, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर में बिकवाली रही। सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स थे। वहीं, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और बजाज फिनसर्व टॉप लूजर्स थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,835 शेयर हरे और 2,155 लाल निशान में बंद हुए, जबकि 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।  

नामपल्ली कोर्ट से अल्लू अर्जुन को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

‘पुष्पा 2’ स्टार अल्लू अर्जुन को जेल हो गई है। उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह एक्शन उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग में मची भगदड़ में एक महिला की मौत के मामले में लिया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद एक्टर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक्टर के लिए बड़ा झटका है। इससे उनके फैंस को भी शॉक लगा है। इससे पहले शुक्रवार, 13 दिसंबर को अल्लू अर्जुन को चिक्कड़पल्ली पुलिस ने उनके घर से हिरासत में लिया था। अल्लू अर्जुन के खिलाफ BNS की धाराओं- 105 और 118 (1) के तहत चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। उन्हें वहां से पूछताछ के लिए चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन लाया गया, और फिर कोर्ट में पेश किया गया। अल्लू अर्जुन से पूछताछ के बाद मेडिकल जांच और कोर्ट में पेशी पूछताछ के बाद अल्लू अर्जुन का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया। यहां एक्टर को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। अल्लू अर्जुन पर क्या है आरोप? अल्लू अर्जुन पर आरोप है कि 4 दिसंबर को वह संध्या थिएटर में अपनी फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर पर बिना बताए पहुंच गए। इस कारण वहां भगदड़ मच गई। भारी भीड़ थिएटर में घुसने की कोशिश करने लगी। इसमें 39 वर्षीय महिला रेवती और उसका बेटा दब गए। सांस घुटने से दोनों बेहोश हो गए। पुलिस जब रेवती और उसके बेटे को अस्पताल ले गई, तो डॉक्टरों ने रेवती को मृत घोषित कर दिया। वहीं बेटे की हालत नाजुक बताई। मृतक महिला के परिवार ने दर्ज करवाया केस, लगीं ये धाराएं रेवती के पति और परिवार के लोगों ने अल्लू अर्जुन को इसका जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ चिक्कड़पल्ली स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अल्लू अर्जुन और उनकी सिक्योरिटी टीम के अलावा थिएटर मैनेजमेंट के खिलाफ BNS की धाराओं 105 और 118 (1) के तहत केस दर्ज किया। इस मामले में थिएटर के मालिक, मैनेजर और बालकनी के सुपरवाइजर की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और तीनों न्यायिक हिरासत में हैं।

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर नहीं बनेंगे डीन, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इंदौर राजधानी भोपाल और प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर चल रहे विवाद में हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने साफ तौर पर कहा कि किसी सीनियर प्रोफेसर को जूनियर के तहत काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट का सरकार से सवाल     दरअसल, हाई कोर्ट ने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, डॉ. पांडे की डीन पद पर सीधी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई थी। इस मामले में जस्टिस शुक्ला ने सरकार से पूछा कि डॉ. पांडे से जूनियर प्रोफेसर डॉ. अशोक यादव को डीन का प्रभार क्यों सौंपा गया, जबकि सरकार कोई ठोस जवाब या दस्तावेज पेश नहीं कर पाई। हाई कोर्ट ने वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर का डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, प्रो. डॉ. वेद प्रकाश पांडे की इंदौर में डीन के पद पर सीधी भर्ती से नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई। इसमें जस्टिस शुक्ला ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि डॉ. पांडेय से जूनियर डॉ. अशोक यादव को किस आधार पर डीन का प्रभार सौंपा गया। कोर्ट ने यह पाया कि सरकार ने कोई तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों की सुनवाई 7 जनवरी को सरकार के वकील ने तर्क दिया कि प्रोफेसरों की गोपनीय रिपोर्ट डीन नहीं, बल्कि कमिश्नर व संचालक लिखते हैंं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं दे सके। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक मांगे हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती के मामलों की सुनवाई भी इसी दिन निर्धारित की गई है। 7 जनवरी को फिर सुनवाई वहीं इस पर सरकार के वकील ने तर्क दिया कि डीन की गोपनीय रिपोर्ट कमिश्नर और संचालक लिखते हैं, न की प्रोफेसर। हालांकि, इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक देने को कहा है, और अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई भी उसी दिन होगी।

बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की उठ रही मांग

बेंगलुरु पत्नी और उसके परिवार वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जान देने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष को न्याय देने की मांग उठ रही है। देश भर में हलचल तेज है और मांग उठ रही है कि अब दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा को लेकर बने कानूनों में बदलाव की जरूरत है। ऐसा इसलिए ताकि किसी के भी साथ पक्षपात न हो। इस बीच गुरुवार को बेंगलुरु में एक कैंडल मार्च भी लोगों ने निकाला, जिसमें अतुल सुभाष को श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग हुई। एक एनजीओ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग ईको स्पेस सोसायटी के बाहर जुटे। इसके अलावा कई शहरों में अतुल सुभाष के लिए मार्च निकाले गए हैं। इन लोगों के हाथों में कैंडल, अतुल सुभाष की तस्वीर वाले पोस्टर थे। इसके अलावा सोसायटी के बाहर जुटे लोगों ने हम न्याय चाहते हैं के नारे भी लगाए। टेक प्रोफेशनल सुभाष ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही चर्चा तेज है कि क्या देश में कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन नाम के एनजीओ से जुड़े शख्स सजीत ने कहा, ‘हम अतुल सुभाष की मौत से बेहद दुखी हैं। वह फर्जी केसों और कानून के बेजा इस्तेमाल से परेशान थे। हम उनकी यादों का सम्मान करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं।’ इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को कंपनी को नौकरी से हटा देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला ने अपने पति पर आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली होती तो उसे तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। इसी प्रदर्शन में आए एक शख्स नरसिंह ने तो दावा किया कि वह भी ऐसे ही एक मामले का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पत्नी के साथ 2020 से मुकदमा चल रहा है और तब से मैं अपने बच्चे को देख भी नहीं पाया हूं। नरसिंह ने कहा, ‘अतुल की तरह ही मैं भी कानूनी लड़ाई में उलझा हूं। मैंने अपने बेटे को तब से दो बार ही देखा है और एक बार तो थाने में देखने को मौका मिला था। मुझसे कहा जा रहा है कि यदि फर्जी केसों से बचना है तो फिर 5 करोड़ रुपये दो। समस्या यह है कि हम लोगों को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। पुलिस और अदालत हमेशा महिला का ही पक्ष लेती है। हमें संघर्ष में अकेला छोड़ दिया जाता है।’ बता दें कि अतुल सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले करीब डेढ़ घंटे का एक वीडियो शेयर किया था और वह 24 पन्नों का एक लेटर भी लिखकर गए थे।

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक’ चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है।

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