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हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा है कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है। हमारा यह पहला साल आप सभी की सहभागिता और विश्वास के साथ विकास के लिए समर्पित रहा। बीते 12 महीनों में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के नये आयाम स्थापित किए हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में हम सफलता के साथ लगातार आगे बढ़े हैं। इस दौरान हमने प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया और उपलब्धियां हासिल की, हमारी प्राथमिकता में वे लोग रहे जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का संदेश दिया है। इसी के अनुरूप हमने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की। प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर तेजी से अमल करते हुए आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नक्सलवाद के पूरी तरह खात्में के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ें हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि हम राज्य में सुशासन स्थापित करेंगे। इसके लिए तकनीक का प्रयोग करते हुए शासन-प्रशासन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में हमें अच्छी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास की नीति पर चलते हुए हम आने वाले दिनों में भी विकास के नये सोपान तय करेंगे। आप सभी को इन उपलब्धियों की बहुत-बहुत बधाई।

शीतलहर : अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए

भोपाल आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी ने शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिसम्बर और जनवरी माह में शीतलहर के दौरान सर्द हवाओं से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत सावधानियों और तैयारियों के वृहद निर्देश आदेश में शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट” जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में शीतलहर से बचाव हेतु व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जिला और विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त स्वास्थ्य ने दिये हैं। साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिये कहा गया है। सुरक्षात्मक उपाय एवं सावधानियाँ स्थानीय स्तर पर संचार माध्यमों से मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के प्रति जागरूक रहने की नागरिकों को सलाह दी गयी है। मौसम के पूर्वानुमानों का पालन करें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के अंदर ही रहें। ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें। ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बंद कमरों में अंगीठी/कोयले का उपयोग न करें कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से होता है, जिससे जान का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बंद कमरों में अंगीठी फायर पॉट का प्रयोग न करें। फ्रॉस्टबाइट के दौरान त्वचा सफेद या फीकी पड़ सकती है। कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं और उसे गर्म स्थान पर रखें। कंबल, तौलिया या चादर से शरीर को ढकें। गर्म पेय पदार्थ देकर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। लक्षणों के बढ़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को घटाता है और रक्त धमनियों में संकुचन करता है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, इससे और अधिक नुकसान हो सकता है। बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।  

बीजापुर मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया

बीजापुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के पहले शुक्रवार की सुबह बासागुड़ा थाना क्षेत्र के लेंड्रा के जंगल में नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। पुलिस के अनुसार लेंड्रा क्षेत्र में भारी संख्या में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के बाद केंद्रीय रिजर्व बल (सीआरपीएफ), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया था। लेंड्रा के जंगल में पहुंचते ही नक्सलियों ने जवानों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। घटनास्थल की सर्चिंग पर दो वर्दीधारी नक्सली के शव और स्वचालित हथियार पुलिस को मिले हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद मौके की सर्चिंग करने पर घटनास्थल से 2 नग 12 बोर सिंगल शॉट गन, 1 नग कंट्री मेड गन, वायर, 5 किलो का टिफिन बम, प्रिंटर, नक्सली वर्दी, साहित्य एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। घटना में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्तगी एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही थाना बासागुड़ा द्वारा की जा रही है। दो दिन पहले मुनगा में मारा गया था प्लाटून कमांडर बीजापुर जिले में ही दो दिन पहले सुरक्षा बल ने मुनगा के जंगल में हुए मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया था। मारे गए नक्सली की पहचान गंगालूर एरिया कमेटी प्लाटून कमांडर पांडू माड़वी के रूप में की गई है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी का लोकार्पण किया

 रायसेन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को रायसेन जिले में स्थित ‘रातापानी टाइगर रिजर्व’ का लोकार्पण किया। इस दौरान सीएम ने टाइगर रिजर्व का भ्रमण भी किया। जिले में सीएम के कार्यक्रम को लेकर बाइक रैली का भी आयोजन किया गया। भोपाल, सीहोर और रायसेन जिले के युवाओं की ‘एक विरासत से विकास की अनूठी दौड़’ बाइक रैली में सीएम और एक्टर रणदीप हुड्‌डा ने खुद बुलेट चलाई। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, मुझे आज तक नहीं समझ आया कि टाइगर और लायन में जंगल का राजा लायन कैसे हो सकता है। जंगल का राजा तो टाइगर ही होता है। दोनों में मूल अंतर यह है कि टाइगर अपने भोजन के लिए खुद शिकार करता है। टाइगर रोज शाम को 4 बजे अपने एरिया की निगरानी करता है कि कहीं कोई घुसपैठिया तो नहीं आया। उसके उलटा लायन की जिंदगी में वह अपने परिवार में विश्वास करते हैं। वे परिवार में अपनी मादाओं के साथ रहता है। वह अपना शिकार खुद नहीं करता। बाकी लोग शिकार करते हैं, वह खाता है। इस दौरान सीएम ने फिल्म वीर सावरकर में रणदीप हुड्डा की एक्टिंग की तारीफ की। उन्होंने कहा- दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस से कई लोग आज भी उनके बारे में नादानी की बात करते हैं।   राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व है रातापानी जंगल मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ दिनों पहले ही रायसेन जिले के रातापानी जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया है। कान्हा, सतपुड़ा, बांधवगढ़, पेंच, संजय दुबरी, पन्ना और वीरांगना दुर्गावती के बाद यह राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व है। राज्य सरकार ने रातापानी टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी की थी। सीएम मोहन यादव ने आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया इसमे कहा गया कि टाइगर रिजर्व बनने से, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से बजट मिल सकेगा जिससे वन्यजीवों का बेहतर तरीके से प्रबंधन संभव होगा। इसमें कहा गया कि रातापानी टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1,271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद रातापानी वन को राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। रणदीप हुड्डा ने भी चलाई बाइक कार्यक्रम के दौरान फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने कहा कि मैं कुरुक्षेत्र की धरती से आता हूं। जहां भगवान कृष्ण ने दुनिया को अन्याय के खिलाफ लड़ने की सीख दी थी। आज उस धरती पर आया हूं जहां भगवान ने शिक्षा ग्रहण की। कार्यक्रम में CM मोहन यादव और रणदीप हुड्डा के साथ कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर और भाजपा प्रभारी मंत्री डॉ महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। रातापानी में 96 बाघ रातापानी टाइगर रिजर्व एकमात्र लैंडस्केप बन गया है, जहां 96 बाघों ने उपस्थिति दर्ज कराई है। रातापानी टाइगर रिजर्व लैंडस्केप में वर्ष 2026 में होने वाली गणना में 150 से अधिक बाघ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। 2026 तक प्रदेश में बाघों की संख्या 1100 के आसपास हो सकती है। इसका सर्वे रातापानी टाइगर रिजर्व से शुरू होगा। रातापानी में इस समय 12 से अधिक बाघिन शावकों के साथ मूवमेंट कर रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन 30 है। ये शावक गणना तक वयस्क हो जाएंगे। बाघिनों के मूवमेंट वाले इलाके में 60 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। लैंडस्केप क्या है… हर टाइगर रिजर्व का एरिया होता है। बाघों की गणना के दौरान एक जोन चिह्नित किया जाता है, इसे लैंडस्केप कहते हैं। रातापानी का लैंडस्केप भोपाल से देवास तक है। इसे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तय करता है। टाइगर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र 763.812 वर्ग किलोमीटर रातापानी टाइगर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र 763.812 वर्ग किलोमीटर और बफर क्षेत्र 507.653 वर्ग किलोमीटर है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित नौ गांवों को वन की अधिसूचना में मुख्य क्षेत्र से बाहर रखा गया है जिससे ग्रामीणों के मौजूदा अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा। भोपाल से सटा है ये रायसेन जिल बता दें कि रातापानी वन प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिले में स्थित है। एनटीसीए की तकनीकी समिति ने एक दिसंबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को भी टाइगर रिजर्व का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी, सीएम योगी ने किया अभिनंदन

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ से पहले पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यहां पहुंचे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। सीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरा पर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन है। सीएम ने लिखा कि महाकुंभ भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है। महाकुंभ-2025 के लिए मिल रही आपकी सौगातों से प्रदेश की विकास एवं समृद्धि की यात्रा को और गति मिलेगी। लिखा कि आपके नेतृत्व में स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और डिजिटल महाकुंभ 2025 के भव्य-दिव्य आयोजन हेतु हम संकल्पित हैं। दरअसल प्रयागराज पहुंचने पर पीएम मोगी ने एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि  आस्था के महाकुंभ को दिव्य-भव्य बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं को हर सुविधा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। प्रयागराज में दर्शन-पूजन के बाद महाकुंभ से जुड़े विकास कार्यों का जायजा लूंगा। इस दौरान कई प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण का भी सौभाग्य मिलेगा। इसे सीएम योगी ने रीपोस्ट करते हुए पीएम का आभारर जताया।     महाकुम्भ भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है। नि:संदेह, महाकुम्भ-2025, प्रयागराज के पावन अवसर पर मिल रही इन सौगातों से आपके मार्गदर्शन में जारी प्रदेश की विकास एवं समृद्धि की यात्रा को और गति प्राप्त होगी।

पुष्पा-2 प्रीमियर के दौरान भगदड़ मामले में अल्लू अर्जुन को पूछताछ के लिए लेकर गई हैदराबाद पुलिस

हैदराबाद एक्टर अल्लू अर्जुन को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. खबर है कि उनको गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें संध्या थिएटर भगदड़ मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार करके चिक्कडपल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है. बता दें कि 4 दिसंबर को फिल्म पुष्पा 2 के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में मची भगदड़ में जिसमें रेवती नाम की महिला की मौत हो गई थी. उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था. पुलिस ने उनको बंजारा हिल स्थित घर से हैदराबाद से अरेस्ट किया है. अल्लू अर्जुन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस अल्लू अर्जुन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। चार दिसंबर को हैदराबाद में ‘पुष्पा 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान मची भगदड़ में एक महिला की मौत की मौत के मामले में यह केस दर्ज किया गया है। अल्लू अर्जुन के अलावा उनकी सिक्योरिटी एजेंसी और संध्या थिएटर के खिलाफ गैर-इरादतन का केस किया गया है। बताया जा रहा है कि अल्लू अर्जुन बताए बिना ही बुधवार, 4 दिसंबर की रात हैदराबाद के संध्या थिएटर पहुंच गए थे। वह वहां अपनी फिल्म ‘पुष्पा 2’ की स्क्रीनिंग के लिए गए थे। अल्लू अर्जुन को देख थिएटर के बाहर खड़े फैंस अपने फेवरेट एक्टर को देखने के लिए उमड़ गए और भगदड़ मच गई। बिना बताए गए थे अल्लू अर्जुन, सांस घुटने से लोग बेहोश रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैंस का पूरा हुजूम थिएटर के अंदर घुसने की कोशिश करने लगा, जिससे अंदर भारी भीड़ हो गई और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। पर स्थिति बिगड़ गई। सांस घुटने से कुछ लोग बेहोश भी हो गए, जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन इस दौरान एक महिला की मौत हो गई। इस पूरे मामले में अल्लू अर्जुन को जिम्मेदार ठहराया गया है। एक्टर के साथ-साथ उनकी सिक्योरिटी एजेंसी और संध्या थिएटर के खिलाफ IPC की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 118(1) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया गया है। यह केस चिक्काडपल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। मृत महिला का नाम रेवती, बेटे की हालत नाजुक मृत महिला का नाम रेवती (39 साल उम्र) बताया जा रहा है। वह पति और दोनों बच्चों के साथ ‘पुष्पा 2’ देखने गई थी। लेकिन जैसे ही अल्लू अर्जुन थिएटर में पहुंचे, वहां फैंस के बीच हो-हल्ला मच गया और एक्टर को देखने के लिए भगदड़ मच गई। इसी में महिला की जान चली गई। वहीं बेटा अभी अस्पताल में है, और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि व एनयूएलएम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को किया सम्मानित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्ट्रीट वेंडर्स और महिला समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम – स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है और डे – एनयूएलएम योजना ने महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को समारोह में सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायक मोतीलाल साहू भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे स्ट्रीट वेंडर्स बहुत सस्ते में और गुणवत्ता के साथ हमारे स्ट्रीट वेंडर्स ग्राहकों को सामान उपलब्ध कराते हैं। पहले इन लोगों की सहायता के लिए किसी तरह की योजना नहीं थी। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संवेदनशीलता के साथ स्ट्रीट वेंडर्स की दिक्कतों को न केवल समझा बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना प्रारंभ की। इस योजना की शर्तें बेहद आसान रखी। कोई जमानतदार नहीं, मासिक किश्तों में ऋण चुकाने की सुविधा और ब्याज सब्सिडी के लाभ के चलते लाखों स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अब अपने सपनों को पूरा करने की राह खुल गई। हमारी सरकार आपको हर संभव मदद प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही महिला स्वसहायता समूहों को विभिन्न छोटे – छोटे व्यवसायों के लिए कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करके उन्हें सशक्त करने का सराहनीय कार्य एनयूएलएम योजना में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मामूली ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा कर लाखों महिलाओं को उद्यमशीलता की राह में आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शहरी बेघरों के लिए चलाए जा रहे आश्रयस्थल की लगातार मानिटरिंग की आवश्यकता  बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और चार नगरीय निकायों को स्पार्क अवार्ड 2023-24 से सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की मदद के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों तथा इन्हें बैंक लिंकेज प्रदान करने वाले बैंक अधिकारियों का भी हम सम्मान कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने इस अवसर पर कहा कि ये योजनाएं रोज कमाने खाने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी लाभदायक साबित हो रही है। इसके जरिए लाभार्थी शहर की फुटपाथों पर व्यवसाय संचालित कर भरण पोषण कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार के एक वर्ष की अवधि में किए गए कार्यों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गरीबों और महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जब यह तबका मजबूत होगा तो छत्तीसगढ़ भी मजबूत होगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसव राजू एस. ने शहरी गरीब परिवारों के उत्थान के लिए संचालित पीएम – स्वनिधि योजना, पंडित दीनदयाल अंत्योदय योजना के कुशल क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 88,498 स्ट्रीट वेंडर्स को 184.98 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता पीएम स्व निधि योजना अंतर्गत बैंको से प्रदान कराई गई है। इसी तरह राज्य शहरी आजीविका मिशन के तहत 30 हजार 347 महिला स्व सहायता समूहों को रिवाॅल्विंग फंड के रूप में 30 करोड़ 34 लाख रूपये का वितरण किया गया है! मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “विकास, उपलब्धि और सुशासन के एक साल”, “डे – एनयूएलएम, पीएम – स्वनिधि योजना” और “मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना” पर लघु फिल्म लांच की। इस अवसर पर लाभार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री सहित अतिथियों अवलोकन किए। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ.गौरव सिंह, आयुक्त नगर पालिक निगम अबिनाश मिश्रा, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, बैंकर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, डे – एनयूएलएम के लाभार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अलीराजपुर के हर गाँव तक पहुंचेगा नर्मदा मैया का जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी करती है आकर्षित अगले वर्ष विश्व प्रसिद्ध भगोरिया मेले में सम्मिलित होने का करेंगे प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र में सिंचाई के लिये महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त जल मिलेगा। छकतला में हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग का कार्य होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिये होने वाला पलायन भी रूकेगा। उन्होंने कहा कि सोंडवा क्षेत्र के 169 गाँवों के लिये शीघ्र ही नर्मदा जल भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर जिले के छकतला में 1732.45 करोड़ की लागत की सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथवाड़ हाई स्कूल से हॉयर सेकेंडरी उन्नयन एवं कट्ठीवाड़ा से सोंडवा से लेकर कुल 13 सड़कों के निर्माण को मंच से ही स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा सिंचाई परियोजना से क्षेत्र को एक से अधिक उपज देने में मदद मिलेगी। जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खुलेंगे। रोजगार की तलाश में अन्य क्षेत्रों में होने वाले पलायन को रोकने में भी इस परियोजना से मदद मिलेगी। सोंडवा परियोजना से पानी की कमी की समस्या भी दूर होगी। आज का दिन अलीराजपुर जिले के लिये एतिहासिक दिन है। आज छकतला में 15.14 करोड़ रूपये छकतला हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग कार्य की परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है। इससे भी युवाओं के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अलीराजपुर के युवा भी हीरा तराशने का कार्य कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मिली सौगात से उत्साहित लोगों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे भगोरिया का पर्व मन रहा है। उन्होंने कहा कि भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां का भगोरिया पर्व विश्व प्रसिद्ध है। वे अगले वर्ष इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा माइक्रो उदवहन सिंचाई परियोजना से जिले के 169 गाँव की 55013 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे आर्थिक समृद्धि भी आएगी, आमजन का जीवन सुधरेगा, लोगों जीने का अंदाज बदलेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर कलेक्टर को बिजली की आवश्यकता का सर्वे का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार बिजली उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गीता जयंती का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में जन कल्याण पर्व एवं 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक जन कल्याण अभियान आयोजित किया जाएगा। इसमें 76 प्रकार की योजनाएं एवं 63 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को ग्राम ग्राम जाकर उनके घर पर उपलब्ध करवाई जाएगी। जिले में 81000 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हुआ है। जिले के 87000 कृषकों को 12000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद जिन्होंने नारा दिया किया था कि आजाद हूं, आजाद रहूंगा, ऐसी पावन धरा पर आकर स्वयं को भाग्यशाली अनुभूत कर रहा हूँ। उन्होंने क्रांतिसूर्य टंट्या मामा का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजों से धन लेकर गरीब लोगों में वितरित कर दिया करते थे। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही को उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएई योजना में ऑयल मिल के लिये 24 लाख का ऋण स्वीकृत कर चेक दीपांशु पिता अशोक थेपड़िया को सौंपा। उन्होंने गमरिया चौहान को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई ’जनहित के प्रयास’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस बुक में जिले में पिछले वर्ष में किए गए नवाचारों की चित्रावली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरीबाई खरत, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक मौजूद थे।  

विरासत के साथ विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के संकल्प का एक वर्ष

डॉ. मोहन यादव भोपाल देश का ह्दय प्रांत मध्यप्रदेश गौरवशाली इतिहास और विश्वविख्यात सांस्कृतिक परंपराओं के लिये प्रसिद्ध है। सृष्टि के आरंभ से लेकर अब तक मानव सभ्यता के कई चिन्ह मध्यप्रदेश की धरती पर हैं। यहां पर्याप्त भू-संपदा, वन-संपदा, जल-संपदा, और खनिज-संपदा है। हम विगत एक वर्ष में विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के साथ प्रदेश की विरासत को सहेजने के संकल्प को लेकर आगे बढ़े हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि डबल इंजन की सरकार का लाभ मध्यप्रदेश और प्रदेशवासियों को मिल रहा है। इस विशेष संयोग में प्रदेश ने नवाचारों के साथ विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इन दिनों प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। यह प्रदेश की समृद्धि का उत्सव है। इसमें भविष्य की कई संभावनाएं आकार लेंगी। शासन-प्रशासन और प्रदेशवासी सभी मिलकर विकास की गंगा बहाएंगे। आपकी सरकार, आपके द्वार होगी और जनता के हित जनता तक पहुंचेंगे। इसमें नई सौगातें भी शामिल होंगी। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के स्वप्न को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारा जा रहा है। 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना तथा 25 दिसंबर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। यह आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश देश में पहला ऐसा राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जलस्रोत परस्पर जुड़ेंगे तो धरती का जल स्तर सुधरेगा, हमारे गांव और क्षेत्रों को पानी सुलभ होगा तथा अन्नदाता को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिलेगा। प्रदेश में जिस तरह कृषि, उद्योग, पर्यटन और आध्यात्मिक पर्यटन के लिये संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इसमें औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति की त्रिवेणी से गरीबी पूर्णतः समाप्त हो जायेगी। पिछले दिनों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करके मध्यप्रदेश के गांव-गांव को औद्योगीकरण और आधुनिक उत्पाद से जोड़ने का प्रयत्न किया गया है। भविष्य में जिला स्तर पर भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होंगी। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो और यूके-जर्मनी के उद्योगपतियों को निवेश के लिये प्रदेश में आमंत्रित करना उद्योग विस्तार का उपक्रम है। क्षेत्रीयता से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिये ज्ञान (GYAN) गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सम्मान की बात कही है। हमने इन्हीं 4 आधार स्तंभों पर केंद्रित समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश सरकार गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान-कल्याण और नारी शक्ति मिशन लागू करने जा रही है। हमारा लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण हो, उन्हें बेहतर भविष्य निर्माण का अवसर मिले। प्रदेश में हर गरीब की पढ़ाई, लिखाई, दवाई, नौकरी और रहने-खाने से लेकर जीवन की हर जरूरत को सरकार पूरा कर रही है। अब गरीब-कल्याण मिशन में होने वाली गतिविधियों और कार्यों से हर गरीब के जीवन-स्तर में सुधार आयेगा, उनकी समृद्धि से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। यह गरीबों के प्रति हमारी संवेदनशीलता ही है कि हुकुमचंद मिल के 30 साल पुराने विवाद से लेकर श्रमिकों की मिल से जुड़ी हर समस्या का हल निकाला और उन्हें उनका अधिकार दिलाया है, वहीं गंभीर बीमारी के गरीब मरीजों के लिये एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। राष्ट्र को समृद्ध बनाने की शक्ति युवाओं में है। आवश्यक है कि युवा कर्मशील हो, विचारशील हो और अपनी परंपराओं से जुड़ा हुआ हो। इसी अनुरूप युवाओं को शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू हुई। यहां स्किल्ड युवा तैयार हो रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, भारतीय ज्ञान परंपरा और युगानुकूल शिक्षा के समावेश से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत का ज्ञान होगा और बेहतर भविष्य निर्माण के द्वार खुलेंगे। हर विकासखंड में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं उभरकर आएंगी। युवा शक्ति मिशन में प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, आधुनिक तकनीकी में योग्यता और कौशल निर्माण के साथ सर्वांगीण विकास की लक्ष्य प्राप्ति शामिल है। प्रदेश में स्किल्ड युवा अपना स्व-रोज़गार स्थापित कर रहे हैं। वहीं शासकीय सेवाओं में लगभग ढाई लाख युवाओं की भर्ती का अभियान भी शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रांत है। किसान कल्याण मिशन में कृषि की उपज बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किये जायेंगे। अगले 5 वर्ष में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा। अन्नदाता को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के साथ खाद, बीज से लेकर उपज की बिक्री तक की व्यवस्था की गई है। किसानों के खेत में सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे वे अपने उपयोग के लिये अपनी बिजली स्वयं बनायेंगे। हम प्रयासरत हैं कि जल की एक-एक बूंद का लाभ किसानों को मिले। हम चाहते हैं कि किसान चिंता मुक्त होकर खेती करें और खुशहाल जीवन जियें। हर किसान को गौ-पालक और हर घर को गौ-रक्षक बनाने का प्रयास है। मध्यप्रदेश न केवल कृषि उत्पादन में देश में शीर्ष पर हो, बल्कि दुग्ध उत्पादन और दुग्ध निर्यातक प्रदेश बने इसीलिये मध्यप्रदेश में गौ-वंश पालन के लिये अनुदान दिया जा रहा है। परिवार, समाज, राष्ट्र और सृष्टि निर्माण के केन्द्र में है नारी भारतीय दर्शन में नारी के महत्व का उल्लेख है। महिला कल्याण के लिये नारी शक्ति मिशन में महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण किया जायेगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां शासकीय सेवाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की लाखों बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से सांस्कृतिक पुनरुत्थान का कार्य हो रहा है। प्रदेश में समृद्ध और गौरवशाली विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीराम के कर्तव्य पालन और राष्ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। श्रीकृष्ण पाथेय में उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां श्रीकृष्ण के स्मृति चिन्ह हैं। उन … Read more

15 वर्षों में प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि का अनुपात प्रॉफिट की तुलना में बहुत कम

नई दिल्ली हाल ही में यूएस बिलेनियर अंबिशन्स की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में अरबपतियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। वहीं कैंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल क्लास देश का मध्यम वर्ग सिकुड़ता जा रहा है। उसकी चीजों की खरीदने की क्षमता कम हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण मिडिल क्लास की सैलरी में वृद्धि दर धीमा होना है। अब ऐसा ही कुछ सरकार ने भी कह दिया है। सरकार ने कुछ ऐसे आंकड़े दिए हैं जो बताते हैं कि 15 वर्षों में चीजें कितनी बदल गई हैं। इन 15 वर्षों में प्राइवेट कंपनियों का मुनाफा जहां अब तक के उच्चतम स्तर पर है तो वहीं कर्मचारियों की सैलरी उस अनुपात में नहीं बढ़ी है। इस बारे में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन ने प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को चेतावनी भी दी है।   गिरती जीडीपी ने चिंता की पैदा प्राइवेट कंपनियों के बढ़ते प्रॉफिट और कर्मचारियों के सैलरी में धीमी वृद्धि को लेकर इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जुलाई-सितंबर में जीडीपी में 5.4 फीसदी की तेज गिरावट ने नीति निर्माताओं के बीच चिंता पैदा कर दी है। यह तब है कि पिछले चार वर्षों में प्राइवेट कंपनियों का मुनाफा चार गुना बढ़ गया है। वहीं सैलरी में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है। इस सेक्टर में तैयार हुई रिपोर्ट उद्योग चैंबर फिक्की और क्वेस कॉर्प लिमिटेड ने सरकार के लिए रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में छह सेक्टर में कर्मचारियों की 4 साल की सैलरी के बारे में बताया गया है। ये 6 सेक्टर में SFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर), EMPI (इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेस और इंफ्रास्ट्रक्चर), FMCD/FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर ड्यूरेबल्स/फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स), IT (इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी), लॉजिस्टिक्स और रिटेल शामिल हैं। कितनी बढ़ी सैलरी? आंकड़ों के मुताबिक इन 6 सेक्टर में कर्मचारियों की 4 साल में सालाना औसतन सैलरी अधिकतम 5.4% बढ़ी है। इतनी बढ़ोतरी FMCD/FMCG सेक्टर में हुई है। जानें, कितनी बढ़ी 4 साल में औसत सैलरी: SFSI: साल 2019 में औसत सैलरी 15,184 रुपये थी। साल 2023 में यह 17,475 रुपये हो गई। इन 4 वर्षों में इसमें 2.8% की तेजी आई। EMPI: इस सेक्टर में साल 2019 में औसत सैलरी 19,659 रुपये थी। साल 2023 में यह 20,509 रुपये हो गई। इन 4 वर्षों में इसमें 0.8% की तेजी आई। FMCD/FMCG: साल 2019 में इस सेक्टर में औसत सैलरी 14,608 रुपये थी। साल 2023 में यह 5.8% बढ़कर 19,023 रुपये हो गई। IT: इस सेक्टर में 4 साल में सैलरी में 4 फीसदी की तेजी आई है। साल 2019 में इस सेक्टर में औसत सैलरी 40,333 रुपये थी। साल 2023 में यह 49,076 रुपये हो गई। Logistics: इस सेक्टर में भी 4 साल में सैलरी में बहुत ज्यादा तेजी नहीं आई है। साल 2019 में औसत सैलरी 15,844 रुपये थी। साल 2023 में यह 4.2% बढ़कर 19,534 रुपये हो गई। कितनी बढ़ी कंपनियों की कमाई? नागेश्वरन ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में निजी कंपनियों की कमाई में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 में कॉर्पोरेट कंपनियों का प्रॉफिट पिछले 15 साल में अपने उच्चतम स्तर पर था। नागेश्वरन के मुताबिक पिछले 4 वर्षों में प्राइवेट कंपनियों का प्रॉफिट चार गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता अनौपचारिक क्षेत्र में है जहां कर्मचारियों के सैलरी में मामूली वृद्धि हुई है।  

देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं, जहां 29,315 महिलाओं को पुनर्वास और सहायता मिली:मंत्री सावित्री ठाकुर

नईदिल्ली भारत में संचालित 802 वन स्टॉप सेंटर से 10 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिली है। देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं, जहां 29,315 महिलाओं को पुनर्वास और सहायता मिली है। राज्यसभा में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। वन स्टॉप सेंटर क्या है ? वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाए जा रही संबल पहल का घटक है। यह घरेलू और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को हिंसा और संकट से निपटने के लिए एक ही छत के नीचे एकीकृत सहयोग और सहायता प्रदान करता है। यह जरूरतमंद महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता और सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता और मनो-सामाजिक परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान करता है। देश भर में 802 ओएससी चालू हैं वर्तमान में स्वीकृत 878 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) में से, देश भर में 802 ओएससी चालू हैं और इनमें 31 अक्टूबर, 2024 तक 10.12 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, शक्ति सदन मिशन शक्ति के तहत सामर्थ्य पहल का एक घटक है। यह तस्करी करके लाई गई महिलाओं सहित संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एकीकृत राहत और पुनर्वास गृह है। इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से बाहर आ सकें। आज की तारीख में, देश भर में 404 शक्ति सदन काम कर रहे हैं और वर्तमान में 29,315 महिलाओं को सहायता दी गई और पुनर्वास दिया गया है। किन जगहों पर अतिरिक्त ओएससी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ? दरअसल ओएससी योजना आश्‍वयकता के आधार पर काम करती है इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले में कम से कम एक ओएससी स्थापित करने और उन जिलों में अतिरिक्त ओएससी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर अधिक है या जिनका भौगोलिक क्षेत्र बड़ा है और जो आकांक्षी जिलों में गिने जाते हैं। सरकार ओएससी में नियुक्ति एवं भर्ती के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है गौरतलब हो, केंद्र सरकार राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को प्रति ओएससी 13 जनशक्ति संसाधनों की नियुक्ति एवं भर्ती के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है। ओएससी योजना का समग्र कार्यान्वयन राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के पास है।  

प्रदेश के शासकीय विभागों के लिए तकनीकी प्रगति का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है

 सोनिया परिहार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, प्रदेश ने अपने शासकीय विभागों और नागरिकों के लिए तकनीकी प्रगति और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (एमपीएसईडीसी) और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। म.प्र. में विकसित सॉफ्टवेयर ने देश में बनाई पहचान मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) की अगुवाई में प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म नागरिक सेवाओं को सरल बना रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। संपदा 2.0 ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर ई-पंजीकरण, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और दस्तावेज़ खोज जैसे कार्यों को घर बैठे संभव बनाया गया है। साइबर तहसील ने राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने और जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान करने का सफल प्रयास किया गया है। निवेश और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और डेटा केंद्रों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, राज्य में दूरदर्शी “आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023” बनाई गई है। राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह नीति डिज़ाइन की गई है। जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी के दिशा निर्देश लॉन्च किए थे। नीति में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान किए गए है। सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू है। राज्य में एवीजीसी नीति-2024 भी लागू की जा रही है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 भी तैयार की गई है। विकसित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में प्रदेश में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। राज्य में 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। राज्य सरकार द्वारा 15 आईटी पार्क बनाए गए हैं, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 1200 से अधिक तकनीकी स्टार्ट-अप स्थापित हैं, जिनमें से दो “नीव क्लाउड और शॉप किराना” यूनिकॉर्न कंपनी हैं। आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव और इंटरैक्टिव सेशन में आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस क्षेत्र में निवेश से रोजगार से नए अवसर सृजित होंगे। सागर में 1700 करोड़ से अधिक निवेश से डेटा स्थापित किया जा रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जबलपुर, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों से करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जीआईएस तकनीक का बढ़ता उपयोग राज्य में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। 5G के लिए योजना, अनुमोदन और जीआईएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए “गति-शक्ति संचार पोर्टल” विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सर्वेक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन के लिए “जल रेखा” जैसे पोर्टल कार्य कर रहे है। जीआईएस द्वारा तैयार किये गये लोकपथ मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन से पूरे राज्य में सड़कों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने एवं उनके निराकरण को मॉनिटर करने की सुविधा दी जा रही है। शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के अंतर्गत राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्जैन तारामंडल में 3डी-4K प्रोजेक्शन सिस्टम का अपग्रेडेशन और वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला का ऑटोमेशन इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। प्रशासनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सरकार ने ई-एचआरएमएस पोर्टल और अन्य डिजिटल मंचों के जरिए मानव संसाधन और सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज्ड किया है। मुख्यमंत्री प्रगति पोर्टल ने विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुगम बनाया है। आईटी क्षेत्र में विगत एक वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है और नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बनाया है। इन नवाचारों ने राज्य को आईटी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया है। प्रदेश डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये वैश्विक आईटी मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।  

MP में जल्द ही एक और नई रेल लाइन पर भी काम शुरू होगा, नई रेल लाइन बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच बिछाई जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश में जल्द ही एक और नई रेल लाइन पर भी काम शुरू हो सकता है. माना जा रहा है कि रेलवे मध्य प्रदेश को एक और नई रेल लाइन की सौगात दे सकता है. यह रेल लाइन मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच बिछाई जाएगी, फिलहाल प्रदेश में इंदौर-मनमाड और बुधनी इंदौर रेलवे लाइन पर काम किया जा रहा है. वहीं केंद्रीय रेल मंत्री ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही मध्य प्रदेश को एक और रेल लाइन पर काम शुरू हो सकता है. सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच बिछेगी रेल लाइन दरअसल, सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच बिछाई जाने वाली बहुप्रतिक्षित रेल लाइन को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री ने घोषणा की है इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही डीपीआर के सर्वे को स्वीकृति दी जाने वाली है. जिससे अब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से हो रही इस रेल लाइन की मांग अब पूरी हो सकती है. क्योंकि डीपीआर सर्वे जल्द पूरा होने के बाद रेल मंत्रालय इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकता है. यह रेल लाइन तीन जिलों में बिछाई जाएगी, जिसमें सागर, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिला शामिल रहेगा. बता दें कि इसकी मांग कई बार उठ चुकी है, स्थानीय सांसद भी संसद में इस मांग को उठा चुके हैं. 120 किलोमीटर का सफर होगा कम सागर-करेली-छिंदवाड़ा के बीच रेल लाइन बिछाए जाने के बाद करीब 120 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा. जबकि तीन घंटे से भी ज्यादा समय की बचत होगी. बता दें कि हाल ही में संसद सत्र कै दौरान सागर की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने इस रेल लाइन को बिछाने का प्रस्ताव रखा था. खास बात यह है कि इस रेल लाइन को भविष्य में सागर से ललितपुर तक ले जाने की तैयारी है. सांसद ने कहा यह रेल लाइन कृषि, व्यापार और पर्यटन के नजरिए से भी मध्य प्रदेश के लिए अहम साबित होगी. क्योंकि अब तक सागर और नरसिंहपुर जिले सीधे तौर पर सड़क मार्ग से जुड़े हैं, लेकिन रेल लाइन से जुड़ने के बाद महाकौशल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में आर्थिक विकास और तेजी से होगा, जबकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच परिवहन भी आसान होगा. इसके अलावा होशंगाबाद से सांसद दर्शन चौधरी और दमोह से सांसद राहुल सिंह लोधी और छिंदवाड़ा से सांसद विवेक बंटी साहू ने भी इसकी मांग की थी. ऐसे में माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू हो सकता है. 

मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को आज  13 दिसंबर को एक साल पूरा हो रहा है. सरकार का फोकस समर्पण, सेवा, सुशासन, संस्कृति, त्योहार पर रहेगा. सीएम यादव घोषणापत्र में किए वादे भी बताएं. जानें सीएम मोहन यादव के 12 बड़े फैसले     निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव     स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम- एमपी में 30 मेडिकल कॉलेज, जल्द संख्या 50 होगी     संस्कृति और धर्म से जोड़ा- जन्माष्टमी, गीता जयंती , गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार सरकार ने धूमधाम से मनाए     पर्यावरण के लिए- तेज लाउड स्पीकर, खुले में मांस की बिक्री पर रोक     हरे भरे होंगे खेत खलिहान- बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना मंजूर     महिला सशक्तिकरण- मध्य प्रदेश में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 35 प्रतिशत पदों पर आरक्षण मिलेगा     युवाओं को रोजगार- प्रदेश में जल्द अलग-अलग विभागों में करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तैयारी पूरी हो चुकी है     दिग्गजों से तालमेल- सीएम बनने के बाद प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे केंद्र की राजनीति करने वाले दिग्गज सरकार में मंत्री बने, मोहन यादव ने तालमेल बैठाया     सियासत में भी 100% रिजल्ट- 2023 में सरकार बनने के बाद सीएम मोहन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 का लोकसभा चुनाव था, सभी 29 सीट जीती     उपचुनाव में परचम लहराया- डॉ मोहन यादव के सीएम बनने के बाद 3 उपचुनाव हुए बुधनी और अमरवाड़ा बीजेपी तो विजयपुर कांग्रेस जीती     महाराष्ट्र-हरियाणा में भी जलवा- मोहन यादव ने जिन 5 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की     अफसरशाही पर सख्ती- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिला तत्काल एक्शन- गुना हादसे के बाद कलेक्टर, एसपी बदले, शाजापुर कलेक्टर को विवादित बयान के बाद हटाया

सांसद लालवानी ने इंदौर एयरपोर्ट को आगामी 25 सालों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना भी केंद्रीय मंत्री नायडू से साझा की

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट को नई सुविधाएं मिलने वाली है, जिसके बाद हवाई सफर बेहतर और ज्यादा सुरक्षित होगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू इंदौर में कई सुविधाओं का लोकार्पण करेंगे। इसमें नया फायर स्टेशन एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रमुख है। केंद्रीय मंत्री नायडू के इंदौर आगमन की संभावित तारीख 22 दिसंबर है। नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से मुलाकात कर उन्हें इंदौर आने का न्योता दिया दरअसल, इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से मुलाकात कर उन्हें इंदौर आने का न्योता दिया है, जिसे केंद्रीय मंत्री नायडू ने स्वीकार किया। साथ ही सांसद लालवानी ने इंदौर एयरपोर्ट को आगामी 25 सालों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना भी केंद्रीय मंत्री नायडू से साझा की। केंद्रीय मंत्री ने इंदौर में हवाई सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से इंदौर आने का अनुरोध किया था जिस मंत्री नायडू ने सहर्ष स्वीकार किया है। लगातार विकसित होते इंदौर एवं आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखकर एयरपोर्ट के विकास के लिए एक प्लान भी साझा किया है, जिस पर मंत्री नायडू ने विस्तार से बात को सुना है और इंदौर में हवाई सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा दिलाया। इंदौर को नई सौगातें मिलने का रास्ता खुल सकता है इससे पहले सांसद लालवानी ने केंद्रीय मंत्री नायडू से मुलाकात कर नए टर्मिनल भवन, टैक्सी बे बनाने तथा इंदौर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने की भी मांग की थी। नागरिक उड्डयन मंत्री मंत्री नायडू के इंदौर प्रवास के दौरान इन विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी और इंदौर को नई सौगातें मिलने का रास्ता खुल सकता है।  

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