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पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए

इंदौर रात्रि गश्त और क्षेत्र में भ्रमण का बोलकर होटल या अपने ठिकानों पर जाने वाले पुलिसकर्मियों की निगरानी शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के निर्देश दिए है। जोन-2 के छह वाहनों पर इसका ट्रायल चल रहा है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक जीपीएस का उद्देश्य गश्त को ज्यादा प्रभावी बनाना है। कईं बार पुलिसकर्मी क्षेत्र में भ्रमण करने में लापरवाही करते है। एक स्थान पर घंटों खड़ी रहती है गाड़ी कईं बार एक ही स्थान पर घंटों तक गाड़ी खड़ी रहती है। जीपीएस से डेशबोर्ड पर गाड़ी की लोकेशन देखी जाएगी। गश्त करने वाला पुलिस अधिकारी कहां-कहां गया इसकी पूरी रिपोर्ट अफसरों को मिलेगी। गाड़ी कितने किलोमीटर और कितने समय चली इसका ब्योरा भी मिलेगा। गश्त करने का दावा किया जाता है इससे गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने में सुविधा होगी। डीसीपी के मुताबिक कईं बार वारदात होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा विधिवत गश्त करने का दावा किया जाता है। जीपीएस के माध्यम से फ्लैश बैक में जाकर गश्त करने वाले वाहन की लोकेशन निकाल सकते हैं। 6 वाहनों पर प्रयोग शुरू ट्रायल के तौर पर छह वाहनों पर प्रयोग शुरू किया है। इस दौरान कुछ वाहन दूसरे थाना क्षेत्र में जाना पाए गए है। पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि वो गश्त के दौरान मुलजिमों को ढूंढने गए थे। पुलिसकर्मियों पर एआई से निगरानी कर रहे डीसीपी डीसीपी के मुताबिक इसके पूर्व जोन-2 में एआई के माध्यम से पुलिसकर्मियों की निगरानी की जा रही है। रात्रि गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों से फोटो सहित लोकेशन ली जाती है। इससे पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित होती है। गश्त में गलत लोकेशन देने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया जाता है।

दुर्गाडी किला मंदिर या मस्जिद आया फैसला सब कुछ हुआ साफ, 48 साल पुराने विवाद पर कोर्ट का निर्णय

मुंबई  48 साल बाद कल्याण के ऐतिहासिक दुर्गाडी किले को लेकर बड़ा फैसला आया है। कल्याण सिविल कोर्ट ने दुर्गाडी के अंदर ईदगाह (प्रार्थना स्थल) के स्वामित्व का दावा करने वाले एक मुस्लिम ट्रस्ट के दायर मुकदमे को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन एएस लांजेवार ने कहा कि यह निर्धारित किया गया है कि ट्रस्ट का दावा अमान्य है क्योंकि वह कथित बेदखली के बाद तीन साल की अवधि के भीतर मुकदमा दायर करने में विफल रहा, जो कि सीमा अधिनियम के तहत आवश्यक है। दुर्गाडी किले में स्थित दुर्गाडी मंदिर और ईदगाह के स्वामित्व को लेकर कानूनी लड़ाई 1976 से चल रही है। मजलिश-ए-मुशावरीन मजीद ट्रस्ट ने मुकदमा दायर किया था। दुर्गाडी नमाज स्थल पर मुस्लिम समुदाय की दायर याचिका को मंगलवार को एक सिविल कोर्ट ने खारिज कर दिया और इसे ठाणे कलेक्टर (महाराष्ट्र सरकार) की भूमि घोषित कर दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट जाएगा मुस्लिम ट्रस्ट ट्रस्ट अधिकारियों ने कहा कि वे इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील करेंगे। महाराष्ट्र में यह विवाद सबसे पहले दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने उठाया था। बाद में शिवसेना के पदाधिकारी आनंद दिघे ने यह मुद्दा उठाया। आनंद दिखे से उनके शिष्य एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे को लेकर मुखर थे। महाराष्ट्र सरकार को दिया स्वामित्व मुस्लिम ट्रस्ट के दावों को खारिज किए जाने के बाद, केस लड़ रहे हिंदू संगठनों के नेताओं के साथ-साथ शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना यूबीटी के नेताओं ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई। चूंकि दुर्गाडी किला ऐतिहासिक और प्राचीन है, इसलिए महाराष्ट्र सरकार ने 1971 में इसे विरासत संपत्ति घोषित किया था। इसके साथ ही, दुर्गाडी किले का कब्जा और स्वामित्व राज्य सरकार के पास रहेगा। पट्टे पर लिया था परिसर, बन गए मालिक ट्रस्ट चाहता था कि सरकार दुर्गाडी ईदगाह और मंदिर को अपनी संपत्ति घोषित करे, क्योंकि 1968 तक स्थानीय मुस्लिम समुदाय इसका सक्रिय रूप से नमाज के लिए उपयोग करते थे। मुकदमे के अनुसार, उस समय सरकार ने कल्याण नगर परिषद को परिसर पट्टे पर दिया था। श्री दुर्गाडी देवी उत्सव समिति कल्याण और कल्याण शहर के कुछ हिंदू नागरिकों ने सिविल कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। इस बीच, 2018 में मुस्लिम ट्रस्ट ने कल्याण सिविल कोर्ट में इस दावे को वक्फ बोर्ड, औरंगाबाद (संभाजीनगर) को हस्तांतरित करने के लिए एक आवेदन दायर किया। इस वाद में उन्होंने दावा किया गया कि उनके दावों पर निर्णय लेने का अधिकार वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आता है। ‘मंदिर को मुसलमानों ने बनाया मस्जिद’ मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उक्त आवेदन पर एक आदेश पारित किया और मामले को वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित करने के उनके दावे को खारिज कर दिया। हिंदू मंच के अध्यक्ष दिनेश देशमुख का दावा है कि उपलब्ध अभिलेखों से पता चलता है कि दुर्गाडी किले पर एक दुर्गा मंदिर है। मुसलमान इसे ईदगाह कहते हैं, वह वास्तव में किले की दीवार है। बालासाहेब ठाकरे को दिया श्रेय भाजपा विधायक रवींद्र चव्हाण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार इस मामले पर अदालत के आदेश को लागू करेगी। शिवसेना और सेना यूबीटी के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि कानूनी लड़ाई के अनुकूल परिणाम का श्रेय दिवंगत बालासाहेब ठाकरे को जाता है। क्‍या है पूरा मामला इस जगह पर 1968 तक मंदिर और मस्जिद दोनों का इस्तेमाल दोनों समुदाय करते थे, लेकिन इसके बाद विवाद हो गया. इसके बाद साल 1967 में यहां पूजा करने पर भी रोक लगा दी गई. महाराष्ट्र सरकार ने 1968 में दुर्गाडी किले को लेकर आदेश जारी क‍िया. राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक, मुस्लिम पक्ष को केवल दो दिन रमजान ईद और बकरीद पर नमाज अदा करने का आदेश दिया. फिर 1976 में मजलिस नामक एक मुस्लिम संगठन ने दावा दायर किया कि सदर किला एक मंदिर नहीं बल्कि एक मस्जिद है. दावा कई वर्षों से लंबित था. बाद में मजलिस ने जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया. मजलिस के दावे के खिलाफ अदालत करीब 48 साल से सुनवाई कर रही थी. इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया.

ईरान के नए हिजाब कानून से हिली दुनिया, सजा सुनकर उड़े महिलाओं के होश!

तेहरान ईरान सरकार हिजाब को लेकर सख्त होती जा रही है. ईरान के नए शुद्धता और हिजाब कानून की पत्रकारों और एक्टिविस्टों की ओर से अलोचना की जा रही है. जिसके अंदर उल्लंघन करने वालों को मृत्युदंड और कोड़े मारने जैसी कठोर सजाएं दी जा सकती हैं. नए हिजाब कानून को सितंबर 2023 में संसद में पारित किया गया था और एक साल बाद गार्जियन काउंसिल द्वारा इसे अंतिम रूप दिया गया है. इस कानून में हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें भारी जुर्माना, लंबी जेल की सजा और रोजगार और शिक्षा पर प्रतिबंध शामिल हैं. शुक्रवार को मानवाधिकार एडवोकेट शदी सद्र ने नए कानून के चरम प्रावधानों के बारे में बताया, इनमें से एक प्रावधान न्यायपालिका को विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर नग्नता, पर्दा डालने या अनुचित पोशाक पहनने के आरोपी व्यक्तियों को मौत की सजा देने का अधिकार देता है. इसके अलावा ऐसे कृत्यों को ‘धरती पर भ्रष्टाचार” के तौर पर देखता है. हिजाब न पहनने पर हो सकती है मौत की सजा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक नए हिजाब और शुद्धता कानून के एक खंड में लिखा है, “कोई भी व्यक्ति जो विदेशी सरकारों, नेटवर्क, मीडिया आउटलेट, समूहों या राज्य के प्रति शत्रुतापूर्ण संगठनों, या उनसे जुड़े व्यक्तियों के साथ मिलकर, या संगठित तरीके से नग्नता, अनैतिकता, पर्दा हटाने या अनुचित पोशाक को बढ़ावा देने या विज्ञापन देने में संलग्न है, उसे चौथी डिग्री कारावास और तीसरी डिग्री जुर्माने की सजा दी जाएगी, जब तक कि उनका अपराध इस्लामी दंड संहिता के अनुच्छेद 286 के अंतर्गत न आता हो.” इस्लामी दंड संहिता का आर्टिकल 286 ‘पृथ्वी पर भ्रष्टाचार फैलाने’ को परिभाषित करता है, जिसके लिए मृत्यु दंड दिया जा सकता है. यदि अधिकारी हिजाब उल्लंघन को इस अनुच्छेद के अंतर्गत मानते हैं, तो इसके लिए मृत्यु दंड दिया जा सकता है. कोड़े मारने की सजा दूसरा प्रावधान में हिजाब नियमों का पालन न करने पर कोड़े मारना एक दंड शामिल है जो नए कानून में भी बना रहेगा, जिसमें महिलाओं, ट्रांस व्यक्तियों और गैर-बाइनरी लोगों को लक्षित किया जाता है. पत्रकारों और एक्टिविस्टों का विरोध इस कठोर कानून के खिलाफ 140 से ज्यादा पत्रकारों ने आवाज़ उठाई है, इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है. दूसरी और महिला अधिकारों पर बात करने वाले संगठन पहले से ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. पत्रकार और महिला अधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने इस कानून को महिलाओं को कुचलने, उनकी आवाज़ दबाने और समानता की लड़ाई को खत्म करने का सोचा-समझा हथियार” बताया है. उन्होंने कहा, “यह कोई कानून नहीं है; यह आतंक का एक हथियार है.” रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी मीडिया या संगठनों में हिजाब विरोधी विचारों को बढ़ावा देने के आरोपी लोगों को 10 साल तक की जेल की सजा मिलेगी। साथ ही 12,500 पाउंड तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। इसके अलावा कानून का उल्लंघन करने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी को रोकने या हस्तक्षेप करने की कोशिश करने वाले लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा। ईरान की सरकार ऐसे लोगों को सीधे जेल में डाल सकती है। ईरान के मुताबिक नए कानूनों का उद्देश्य हिजाब की संस्कृति की पवित्रता को बनाए रखना है। ईरान ने कहा है कि ढंग से कपड़े ना पहनने, नग्नता को बढ़ावा देने या चेहरे को ढकने का विरोध करने पर कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। गौरतलब है कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान ने महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर बाल ढकने का कानून लागू किया है। 2022 में इन कानूनों के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हुए थे। ईरान में 16 सितंबर, 2022 को 22 वर्षीय कुर्द महिला महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। महसा को तेहरान में तैनात मोरल पुलिस ने देश के ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों में कई सुरक्षाकर्मियों सहित सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। तब ईरानी सरकार ने इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए हजारों प्रदर्शकारियों को गिरफ्तार किया था। अब इसके दो साल बाद पहले से भी ज्यादा सख्त कानून लागू किए गए हैं।  

रायपुर में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पुलिस चेकिंग के दौरान 9 करोड़ की 928 किलो चांदी का जखीरा किया बरामद

रायपुर त्योहारी सीजन से पहले राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। दरअसल, आज मौदहापारा थाना क्षेत्र में पुलिस रुटीन चेकिंग में लगी हुई थी। इस दौरान कार्टून से लोड एक अशोक ले-लैण्ड वाहन को पुलिस जवानों ने तलाशी के लिए रोका और जब उन्होने कार्टून को खोलकर देखा तो दंग रह गए, क्योंकि कार्टून के भीतर चांदी की सिल्लियां रखी हुई थी। इसके बाद जब दूसरे कार्टूनों को खोला गया तो उनमे भी चांदी की सिल्लियां मिली। वाहन में सवार युवक सन्नी कुमार सिंह चांदी के स्वामित्व से सम्बंधित कोई वैलिड डॉक्यूमेंट पुलिस को नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने चांदी की सिल्लियों से भरे 51 कार्टूनों को बरामद किया है। बता दें कि चेकिंग के दौरान चांदी का जखीरा मिलने की सूचना पुलिस ने जीएसटी विभाग को दी, जिसके बाद जी.एस.टी टीम ने मौके पर पहुंचकर चांदी को जब्त किया। जीएसटी द्वारा जब्त चांदी का कुल वजन 928 किलोग्राम है, जिसकी कीमत 9 करोड़ रुपए आकी गई है। मामले में जीएसटी की टीम अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।

जनता में विश्वास कायम करना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री साय

  एक वर्ष में मोदी की गारंटी के सभी बड़े वादे पूरे प्रदेश की जीडीपी को वर्ष 2028 तक दस लाख करोड़  तक पहुंचाने का लक्ष्य सबकी सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को करेंगे साकार रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में विश्वास को कायम करने की थी। अब अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने जनता के विश्वास को कायम रखा है। श्री साय आज सरकार के एक वर्ष पूर्ण होनेे के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है।  विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के अनेक नये आयाम स्थापित किए हैं। हमने बीते एक साल को विश्वास का वर्ष घोषित किया है। वास्तव में प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष का समय विश्वास के संकट का समय था। पूर्ववर्ती सरकार ने ‘जन घोषणा पत्र’ में किए गए लगभग सभी वादों से मुकरते हुए न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए ही भरोसे का संकट पैदा कर दिया था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में इस विश्वास को कायम करने की थी। अब एक वर्ष पूरे होने पर जब आपके माध्यम से जनता के समक्ष हमारी पूरी सरकार रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रस्तुत हुई है, तो मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने इस विश्वास की बहाली की है। हमें प्रदेश की महतारी-बहनों को, किसानों को, युवाओं को, आवास से वंचित कर दिए गए कमजोर वर्ग के लोगों से किए वादे को पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से वादा किया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम प्रदेश में सुशासन की स्थापना करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करेंगे। सरकार बनते ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्परता के साथ कार्यवाही की। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारा सारा ध्यान जनता के विश्वास को बहाल करने पर था। अब इसी विश्वास की नींव पर छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि रूपी शिखर का निर्माण करना है। हम छत्तीसगढ़ को विकसित बना कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में योगदान देने परिश्रम की पराकाष्ठा कर दिन-रात जुटे रहेंगे। आगामी 1 नवंबर 2025 को हम प्रदेश स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे। हमने वर्ष 2028 तक प्रदेश की जीडीपी को दस लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। किसानों, गरीबों और महिलाओं से वादा पूरा मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। हमने अपने वादे के मुताबिक किसान बंधुओं को दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए तीन माह के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है। पीएससी पर लौटा युवाओं का विश्वास मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करके शिक्षा को रोजगार परक बनाया है। राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश की 13 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। हमने प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की।इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है। सुशासन की स्थापना मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया है। हमारा प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए हम तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिक में अथवा एक फोन कॉल में उनके काम हो जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में नई सुविधाएं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अम्बिकापुर के हवाई अड्डे से भी अब हवाई सेवा की शुरूआत हो गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है। बैगा, गुनिया, सिरहा के लिए सम्मान निधि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा को सालाना पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की … Read more

जनादेश परब-एक वर्ष विश्वास का : शासन के एक वर्ष की उपलब्धियों का मुख्यमंत्री साय ने प्रस्तुत किया रिपोर्ट कार्ड

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन में राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रेस कान्फ्रेंस को सम्बोधित किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों को संबोधित पत्र ”विष्णु की पाती” ,  मुख्यमंत्री श्री साय के चुनिंदा भाषणों के चुनिंदा अंश पर आधारित ‘उद्गार : विजन और विचार’, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के अनुभव को दर्शाती पुस्तिका ‘खुशियों का आशियाना’, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के अनुभवों को दर्शाती पुस्तिका ‘ खुशियों का नोटिफिकेशन’ , राज्य शासन के विजन को दर्शाती  ‘सेवा ही सर्वोपरि’, छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित ‘सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों के रिपोर्ट कार्ड ‘जनादेश परब रिपोर्ट कार्ड’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा सहित कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वनमंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जनसंपर्क आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल, संचालक अजय कुमार अग्रवाल उपस्थित थे।

चहुँमुखी विकास के साथ उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘देश का हृदय प्रदेश’ अपने वन, जल, अन्न, खनिज, कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है अपना मध्यप्रदेश। पुण्य सलिला माँ नर्मदा और भगवान श्रीमहाकालेश्वर की पावन छाया अनगिनत बलिदानियों और महापुरुषों की कर्मभूमि एवं तपोभूमि रहा हमारा प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है। आज, मध्यप्रदेश अपने सांस्कृतिक वैभव को संरक्षित करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प के तहत, प्रदेश GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण) पर आधारित चार मुख्य स्तंभों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नवाचारी पहल करते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो के माध्यम से हर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि नए निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य सुदृढ़ होने और नए रोज़गार के अवसर सृजित होने की राहें खुल रही हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्रम में श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रम संवत की पुनर्स्थापना जैसे अनेक प्रयास हमारी ऐतिहासिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। यह समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के सहयोग और संकल्प से हम आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरूवार को भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 25 दिसम्बर को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं। साथ ही फरवरी-2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एक वर्ष में हुए विकास और उपलब्धियों को साझा किया। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व प्रदेश में 11 दिसम्बर से मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने और जन समस्याओं का मौके पर शिविर लगाकर निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित-34 हितग्राही मूलक योजनाओं में और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे होंगे। इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। 1. गरीब कल्याण के लिए:-             इंदौर के हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों की लंबित राशि 224 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।             संबल 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। 40 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि का अंतरण।             सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 55 लाख हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण।             प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 36 लाख से अधिक परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख से अधिक परिवारों का साकार हुआ घर का सपना।             स्वामित्व योजना में 24 लाख लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम बना।             वोकल फॉर लोकल के तहत धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक शिल्पकार और छोटे व्यवसायियों को कर से मुक्त रखा।             पीएम स्वनिधि योजना में 11 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10 से 50 हजार रूपये तक के ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। 2. किसान कल्याण के लिए:-             प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना होगी।             रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।             किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस का भुगतान।             सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया।             मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि में 6 हजार रूपये प्रति वर्ष का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।             फसल की बोनी के सही आंकलन के लिये डिजिटल क्राप योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।             राजस्व महाअभियान के दो चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। राजस्व महाअभियान 3.0 शुरू हुआ। 3. युवाओं के लिए:–             प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे।             राज्य स्तरीय रोज़गार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रुपये का स्व-रोज़गार ऋण वितरित हुआ।             सभी शासकीय विभागों में लगभग 1 लाख पदों पर भर्तियां की जा रही। आगामी 5 वर्ष में 2.50 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।             गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ।             विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।           4. महिला सशक्तिकरण के लिए:-             शासकीय सेवाओं में महिलाओं को अब 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।             लाड़ली बहना योजना में 1.29 करोड़ बहनों को जनवरी 2024 से अब तक 19 हजार 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। रक्षाबंधन पर बहनों को 250-250 रूपये अतिरिक्त राशि नेग के रूप में दी गई।             प्रदेश की लगभग 26 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए वर्ष 2024 में 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।             एक लाख से अधिक दीदीयां बनी लखपति बनी हैं।             महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपये का अंतरण।             सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख से अधिक बालिकाओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित।             आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातीय बहनों के खाते में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन

फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में “आपकी सरकार, आपके द्वार” से 76 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने उज्जैन में जनकल्याण शिविर का शुभारंभ किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए दिन रात कार्यरत है। उज्जैन के लिए होने वाले कार्य, संपूर्ण प्रदेश व देश का मान बढ़ाने वाले काम है। बारह ज्योर्तिलिंग में से सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर में देश विदेश से आने वाले भक्तों की आने-जाने, रूकने की सुविधा, सिंहस्थ एवं जनता जनार्दन के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष-2024 के सावन माह में देश विदेश से एक करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए। उज्जैन में विकास के कार्य इतनी अधिक संख्या में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सार्वजनिक कार्यक्रम 11 से 26 दिसम्बर तक होंगे। इसके साथ हर दिन नागरिकों को सौगात व हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में गीता जयंती से 26 जनवरी 2025 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अब नागरिकों को आयुष्मान कार्ड, संपत्ति कर, बिल्डिंग परमिशन, आधार कार्ड एवं इसके साथ 76 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ ‘आपकी सरकार आपके द्वार’ आकर देगी। पहले ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ से कार्य हमने किया अब ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ आकर एवं शिविरों के माध्यम से आपकी समस्याओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ गीता जयंती से शुरू हुआ है। गीता भक्ति,ज्ञान एवं योग का मार्ग प्रशस्त करती है। आज भगवान श्रीराम अयोध्या में विराज कर संपूर्ण विश्व के भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार अब रामराज्य की परिकल्पना साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने फ्रीगंज के नए रेलवे ओवरब्रिज के भूमि-पूजन के प्रस्तावित नए रेलवे ओवरब्रिज के ले-आउट का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह ब्रिज चामुंडा चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ेगा। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज उज्जैन की आबादी एवं सिंहस्थ -2028 को दृष्टिगत रखते हुए बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 91.76 करोड़ रुपए होगी। ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा एवं 633 मीटर लंबा होगा। यातायात के लिए 9-9 मीटर चौड़े कैरेज वे होंगे। इसी के साथ 1.5-1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ एवं डिवाइडर 0.4 मीटर का होगा। ब्रिज निर्माण के साथ-साथ फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गीता भवन के लिए 128 करोड़ की सौगात देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया। समारोह में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

आज सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, महीने में दर गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है

नई दिल्ली महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर आई है. गुरुवार को सरकार ने नवंबर में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए, जो देश की जनता के लिए राहत भरे हैं. दरअसल, अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) तेजी से बढ़ते हुए 6 फीसदी के पार निकल गई थी, लेकिन नवंबर महीने में ये गिरकर 5.48 फीसदी रह गई है. सरकार ने बताया कि खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों की कीमतों में आई नरमी के चलते महंगाई घटी है. बुधवार को ही RBI के गवर्नर का पद संभालने वाले संजय मल्होत्रा के लिए ये पहली गुड न्यूज है. गौरतलब है कि आरबीआई ने महंगाई दर को 4-6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया है और नवंबर में ये फिर 6 फीसदी से नीचे आ गई है. अक्टूबर में 14 महीने के हाई पर थी महंगाई भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) इससे पिछले अक्टूबर में बढ़कर 6.21% पर पहुंच गई थी. जो कि सितंबर में 5.49% थी. ऐसा माना जा रहा था कि त्‍यौहारी सीजन में हाई फूड प्राइस के कारण महंगाई दर में इजाफा हुआ है. अगस्त 2023 के बाद यह पहली बार था जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 6% की सहनीय सीमा को पार कर गई. सितंबर में मुद्रास्फीति जुलाई के बाद पहली बार RBI के मध्यम अवधि के लक्ष्य 4% को पार कर गई, जो 5.49% तक पहुंच गई थी. यानी कि महंगाई में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो आम लोगों की जेब पर असर डाल रहा है. सब्जियों-दाल के दाम घटे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी CPI Data को देखें, तो  नवंबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर घटकर 9.04 फीसदी पर आ गई, जो कि अक्टूबर महीने में 10.87 फीसदी पर पहुंच गई थी. वहीं बीते साल नवंबर 2023 में ये 8.70 फीसदी थी. एनएसओ के मुताबिक, नवंबर 2024 के दौरान सब्जियों, दालों और फूड प्रोडक्ट्स, चीनी और मिठाई, फलों, अंडों, दूध  मसालों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. नवंबर महीने में अनाज की महंगाई दर 6.88 फीसदी दर्ज की गी, जो कि अक्टूबर में 6.94 फीसदी थी. दालों की अगर बात करें, तो इन पर महंगाई दर 7.43 फीसदी से घटकर 5.41 फीसदी पर आ गई. जुलाई-अगस्त में नरमी, फिर आया था उछाल बता दें कि सीपीआई आधारिक रिटेल महंगाई दर जुलाई-अगस्त महीने में औसतन 3.6 फीसदी के स्तर पर था, लेकिन फिर सितंबर महीने में ये उछलकर 5.5 फीसदी पर पहुंची और अक्टूबर महीने में ये आरबीआई का तय दायका तोड़ते हुए 6.21 फीसदी पर पहुंच गई थी.  

बीते साल में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई, पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी

भोपाल डॉ. मोहन यादव को ‘मुख्यमंत्री’ मोहन यादव बने एक साल हो गया है। एक दिन बाद उनके मुख्यमंत्री-काल की फर्स्ट एनिवर्सरी है और आज वो बीते एक साल का लेखा जोखा पेश करेंगे। वहीं, मोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और जिलों में आयोजित शिविरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी इन आयोजनों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीछे मुड़कर देखने का दिन ये एक साल पुरानी बात है जब मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सस्पेंस था ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’। केबीसी के अंतिम सवाल से ज्यादा ये सवाल पूछा जा रहा था और सबसे अपने अपने कयास थे। यकीन मानिए..ज़्यादातर मीडिया हाउस ने तो चर्चित छह-आठ नामों के ‘सीएम’ बनने के टेम्पलेट भी बना रखे थे..ताकि जिस भी नाम की घोषणा हो, तुरंत उसे ब्रेक किया जा सके। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो सारे ‘व्योमकेश बक्षी’ फेल साबित हुए। सारी पड़ताल, सारे अंदाज़े, सारे अनुमान, सारे तुक्के धम्म से जा गिरे और मुख्यमंत्री बना एक ऐसा व्यक्ति..जो विधायकों की पंक्ति में तीसरी कतार में बैठा हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक साल इस वाकये को एक साल हो चुका है। 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल हो जाएगा और बीते साल में उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। ‘सबसे पढ़े लिखे राजनेता’ ने अपने पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी। उस दौर में जब विपक्ष बार बार ये बात कह रहा था कि सरकार की लाड़ली बहना योजना को खत्म करने की मंशा है..उस समय डॉ मोहन यादव ने दृढ़ता से कहा कि ये योजना न सिर्फ जारी रहेगी बल्कि लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोत्तरी और आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना उनके बड़े फैसलों में से एक रहा है और ऐसे ही अनगिनत फैसले हैं जो एक साल में लिए गए। अब लंबे समय से मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश लाने पर है। इसके लिए लगातार अलग अलग स्तर पर इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और आगामी फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के आने की भी संभावना है। जारी है उम्मीदों का सफर संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. मोहन यादव को जिस समय मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया..ये वो समय था जब प्रदेश के लोकप्रिय ‘मामा’ को सीएम न बनाए जाने पर लाड़ली बहनें फूट-फूटकर रोई थीं। कई बार ये सवाल भी कहे सुने गए कि आखिर किस आधार पर बड़े और अनुभवी नामों को छोड़कर डॉ मोहन यादव को सीएम बनाया गया। चुनौतियां कई थीं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को मैच करना और उनके लंबे कार्यकाल के बाद प्रदेश की बागडोर संभालना आसान नहीं था। अगर किसी विरोधी पार्टी के नेता के बाद कुर्सी मिले तो दीगर तुलना होती है। लेकिन अपनी ही पार्टी के बेहद लोकप्रिय दिग्गज नेता की विरासत मिलने पर जिस तरह की तुलना और उम्मीदें होती है..उनका दबाव भी कम नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद को पूरी तरह साबित किया है। अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है और अपने फैसलों से दिल्ली के फैसले को सही साबित किया है। मोहन सरकार का ये एक साल निश्चित तौर पर कई उपलब्धियों से भरा रहा है और मध्य प्रदेश को उम्मीद है कि बीजेपी के संकल्प पत्र के आधार पर वे आगे भी प्रदेश हित के लिए नई रोशनी जुटाते रहेंगे।

विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्राम पंचायतों को क्रियाशील बनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम पंचायतों में किसी भी तरह की कोई समस्या शेष न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 26 जनवरी तक ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से उज्जैन दक्षिण विधान सभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहां है कि जिन ग्राम पंचायत में कोई विवाद नहीं होगा , जिन ग्राम पंचायत में कोई झगड़ा नहीं होगा , एक ग्राम पंचायतों को पांच – पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों को वृंदावन ग्राम योजना से भी लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन के एनआईसी कक्ष से वीसी द्वारा उज्जैन दक्षिण विधानसभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वीसी में कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान आगामी 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इसमें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण जनों को अवगत कराया जाएगा तथा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सभी पंचायतों को क्रियाशील बनाना है वीसी में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले की 589 ग्राम पंचायतों में निरंतर कैंप लगाए जा रहे हैं। दक्षिण विधान सभा की सभी पंचायतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा लैकोड़ा ग्राम पंचायत, तालोद ग्राम पंचायत के सरपंच से चर्चा की गई। बताया गया कि तालोद में फतेहाबाद तक की सड़क का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा कि सरपंच , ग्राम पंचायतों में निरंतर भ्रमण करें। हितग्राहियों से चर्चा करें और उनकी समस्याओं को सुनकर , समय सीमा में उनका समाधान करें। वीसी में जानकारी दी गई की ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारियापंथ के सरपंच और पटवारी से चर्चा की। ग्राम पंचायत उमरिया खालसा में जैन मुनियों के लिए अतिथि कक्ष भी बनवा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में अतिथि कक्ष बनवाया जाए। वर्तमान में जो वेब सीरीज बनाई जा रही है उनमें उज्जैन की ग्राम पंचायतों में भी शूटिंग के लिए की जाए। ग्राम पंचायत करोहन के सरपंच से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकोशी यात्रा मार्ग में आने वाली सभी ग्राम पंचायतों को पंचकोशी राशि दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा की सभी पटवारियों को याद रहना चाहिए कि उनके पटवारी हल्के की ग्राम पंचायतों में बंजर भूमि, रकबे की जमीन, आबादी की जमीन कितनी है? उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में स्थित शासकीय जमीन का रिकॉर्ड निकाला जाए तथा वहां भविष्य को ध्यान में रखते हुए क्या विकास के कार्य किया जा सकते हैं इस पर परियोजनाएं बनाई जाएं। सभी ग्राम पंचायतों में बेरोजगार पुरुष और महिलाओं की सूची बनाई जाए। कितने लोग पढ़े लिखे हैं, कितने अनपढ़ हैं, वहां पर थानों की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी अप-टू-डेट रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत किसानो की जानकारी, महिला पुरुष की शिक्षा, रोजगार संब्ंधि, मेरिट मे आये बच्चो की जानकारी, अस्पताल, स्कूल, जमीन का रकबा, फसलों के सम्बन्धी भी जानकारी भी अपडेट रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने वीसी में निर्देश दिए की ग्राम पंचायतों में सामूहिक विवाह के आयोजन कराए जाएं। आगामी वसंत पंचमी पर भव्य स्तर पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाए। लोगों को जागरूक किया जाए कि वे शादी और मृत्यु भोज पर अनावश्यक रुपया बर्बाद ना करें, बल्कि इनका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में करें ।मुख्यमंत्री के द्वारा ग्राम पंचायत पंथपिपलाई, खेमासा के सरपंचों से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की कोई समस्या स्थानीय नागरिकों को नहीं आनी चाहिए। वीसी में जानकारी दी गई की असलाना ग्राम पंचायत में बिजली के तार टूट रहे हैं ,इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत इनकी मरम्मत करवाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक संकुल भवन में 1 वर्ष की उपलब्धि पर आधारित जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की।  

CM मोहन यादव के एक साल कहा- अटल जी का नदी जोड़ो का सपना साकार होगा

भोपाल सीएम डॉ मोहन यादव ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नगरीय निकाय उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सात में से छह सीटों पर जीत दर्ज की है जिससे पार्टी की नीतियों और जनता के भरोसे की एक बार फिर पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल को प्रदेश की प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्ष में न सिर्फ मौजूदा चुनौतियों का समाधान किया, बल्कि जनकल्याण और विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की नींव भी रखी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी उपस्थित रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव के एक साल पूर्ण, सरकार की उपलब्धियों पर बात की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अगले पाँच साल में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक साल पूरे होने पर अपनी बात की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देशभर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ जैसी समस्याओं के समाधान का स्वप्न देखा था। उनके इस विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 11 जिलों को जोड़ने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। इस योजना के तहत चंबल बेल्ट में पानी की उपलब्धता से औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को नदी जोड़ो अभियान का उद्घाटन छतरपुर में करेंगे। इसी के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल प्रस्ताव (पीकेसी) की 70 हज़ार करोड़ की परियोजना भी शुरु होने जा रही है। ‘हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध’ किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिनके पास भी बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन हैं..ऐसे एक लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिससे उन्हें पूरे साल बिजली मिलेगी। सोलर पंप और सस्टेनेबल ऊर्जा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को 35% आरक्षण देने और 26 लाख लाड़ली बहनों को गैस रिफलिंग की राशि प्रदान करने की योजना को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. मोहन यादव ने बताया कि युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी तो दी ही जाएगी, इसी के साथ ढाई लाख नौकरियों के अवसर सृजित किए गए हैं। इसी के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है और इस दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए अंकसूची और टीसी को अब डीजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा, रोजगारपरक कोर्स और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आने जाने के लिए बस की सुविधा दी है। ‘उज्जैन में साधु संतों को दिए जाएंगे स्थायी भूखंड’ मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उज्जैन को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और आगामी कुंभ मेले को लेकर सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में साधु संतों को स्थायी रूप से बसाने के लिए भूखंड दिए जाएंगे। महेश्वर और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए भी तमाम प्रयास हो रहे हैं। सीएम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 17 सरकारी और 13 निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। मेडिसिटी की अवधारणा को लागू किया जा रहा है और आयुर्वेदिक कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैंमोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है।। इसके अलावा, अधोसंरचना विकास के तहत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन और वंदे मेट्रो प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया और सरकार के एक साल पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक मनाए जाने वाले जनकल्याण पर्व के बारे में भी जानकारी दी। वीडी बोले- ये तुरंत एक्शन लेने वाली सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि, एक साल पहले आज के ही दिन 13 दिसंबर को मोहन यादव जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार के साथ भाजपा के संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी जी की नीति और डबल इंजन की सरकार ने दोगुना काम किया है। मध्य प्रदेश की सरकार तुरंत एक्शन करने वाली सरकार है। महिला, किसान, गरीब, युवा इन चार वर्गों पर सरकार ने फोकस किया है। पीएम श्री एम्बुलेंस के माध्यम से सरकार ने संवेदनशीलता प्रदर्शित की है। महिलाओं को 35% आरक्षण देने का काम डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व की संवेदनशील सरकार ने किया। मध्य प्रदेश के समग्र विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल समिट के माध्यम से लोकल उद्योगपतियों को अवसर देने के लिए शुरुआत की गई है। शहरों के समग्र विकास के लिए देश में मध्य प्रदेश कैसे आगे जाएगा उसके लिए मेट्रोपोलिटन सिटी डेवलप करने का प्रयास सरकार ने किया है। आने वाले समय में केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जो अटल जी का सपना है भी जल्द पूरी होने वाली है। तीन नदियों के जुड़ने से प्रदेश के 11 जिलों को फायदा सीएम यादव ने आगे कहा कि तीन नदियों पार्वती, काली सिंध, चंबल को जोड़ने का मामला राजस्थान में विरोधी विचारधारा की सरकार होने के चलते अटका हुआ था। राजस्थान की कांग्रेस सरकार को यह मंजूर नहीं था। लेकिन अब … Read more

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि बिल्डिंग परमिशन पालिसी में सुधर हो रहा है, सरकार महाराष्ट्र से भी बेहतर पालिसी पर काम कर रही है

भोपाल सीआईआई मप्र ने सीएक्सओ कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन राजधानी में किया। आयोजन में सरकार के आला अफसरों, उद्योग प्रतिनिधियों और अर्बन प्लानर्स ने चर्चा कर मप्र को विकसित बनाने पर का खाका बनाया। आयोजन के बाद चर्चा के बिंदु सरकार को भी भेजे जाएंगे। नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नई दिल्ली में होने की वजह से आयोजन में शामिल नहीं हो सके पर उन्होंने वर्चुअल संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि मप्र के विकास में उद्योगों, सरकार और सभी वर्गों का मिलाजुला योगदान है। मंत्री ने कहा कि सरकार खुले दिमाग से काम कर रही है, उद्योग किसी नीति में बदलाव चाहेंगे तो सरकार उसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग परमिशन पालिसी में सुधर हो रहा है, सरकार महाराष्ट्र से भी बेहतर पालिसी पर काम कर रही है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बड़ी कंपनियों द्वारा मोनोपॉली जमाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के लिए सभी को विकास का सामान मौका मिलना चाहिए। सीआईआई प्रतिनिधियों ने नवाचार -लीडरशिप पर बात की सीआईआई पदाधिकारी सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए परिवर्तनकारी नेतृत्व और मार्गदर्शन पर जोर दिया, वहीं अश्विनी सिंघला ने पारिवारिक व्यवसायों की चुनौतियों से निपटने और मप्र को निवेश हब के रूप में ब्रांडिंग करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। दीपक गोयल ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास और प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब के रूप संभावनाओं पर बात की।  

मोदी सरकार के वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को कैबिनेट से मिली मंजूरी

 नई दिल्ली एक देश, एक चुनाव के विधेयक को गुरुवार को मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है. सूत्रों का कहना है कि अब सरकार इस बिल को सदन के पटल पर रख सकती है. ये विधेयक अगले सप्ताह इसी शीतकालीन सत्र में लाए जाने की संभावना है. सबसे पहले जेपीसी की कमेटी का गठन किया जाएगा और सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे. अंत में यह विधेयक संसद में बिल लाया जाएगा और इसे पास करवाया जाएगा. इससे पहले रामनाथ कोविंद की कमेटी ने सरकार को एक देश, एक चुनाव से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. राजनीतिक दलों से चर्चा करेगी जेपीसी सूत्रों का कहना है कि लंबी चर्चा और आम सहमति बनाने के लिए सरकार इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की योजना बना रही है. जेपीसी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा करेगी और इस प्रस्ताव पर सामूहिक सहमति की जरूरत पर जोर देगी. देश में अभी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं. यह विधेयक कानून बनने के बाद देश में एक साथ चुनाव कराए जाने की तैयारी है. हालांकि, इस सरकार के इस कदम का कांग्रेस और AAP जैसी कई इंडिया ब्लॉक की पार्टियों ने विरोध किया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इससे केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होगा. नीतीश कुमार की जेडी(यू) और चिराग पासवान जैसे प्रमुख NDA सहयोगियों ने एक साथ चुनाव कराए जाने का समर्थन किया है. क्या है सरकार की तैयारी? सूत्रों ने बताया कि सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों को बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और सिविल सोसायटी के सदस्यों के साथ अपने विचार साझा करने के लिए कहा जाएगा. इसके अतिरिक्त, आम जनता से भी सुझाव मांगे जाएंगे, जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में समावेशिता और पारदर्शिता को बढ़ाएंगे. विधेयक के प्रमुख पहलुओं में इसके लाभ और देशभर में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया जाएगा. संभावित चुनौतियों का समाधान किया जाएगा और विविध दृष्टिकोणों को एकत्रित किया जाएगा. ‘एक देश, एक चुनाव’ को बार-बार होने वाले चुनावों से जुड़ी लागत और व्यवधानों को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि सरकार चाहती है कि इस विधेयक को लेकर व्यापक समर्थन हासिल किया जाए. हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस भी बढ़ सकती है. विपक्षी दल इसकी व्यवहार्यता के बारे में सवाल उठा सकते हैं.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले

योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग मार्ग पर सब चले, योग हमारे जीवन की बदलता है दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनेगा मुख्यमंत्री ने योग शिविर में भाग लेकर किया योग उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रात: उज्जैन में योग ऋषि स्वामी रामदेव बाबा के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में शामिल होकर योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग मार्ग पर सब चले। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग करने के बाद संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्रीमहाकाल, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में निवास करते हैं। उन्होने कहा कि परमात्मा ने हमें जो मनुष्य देह दी है उसे सम्भालना अवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही योग का बड़ा महत्व रहा है। रामदेव बाबा ने योग को हमारे देश में ही नहीं विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसम्बर को ध्यान दिवस मनाया जायेगा, दोनों तिथियां उत्तरायण एवं दक्षिणायान के लिए महत्व रखती है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सम्हालते हुए देश का निरंतर विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास जारी है। योग, कुविचार एवं कुरीतियों को खत्म करता है। विधाता ने जन्म दिया है तो सबकी मृत्यु का समय भी नियत किया है, इसलिए हमें अच्छे कार्य करना चाहिए। प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन को एक के बाद एक नई नई सौगाते मिल रहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए होमगार्ड के लिए नवीन जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों के सेवा कार्यों की सराहाना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधन के बाद भी बेहतर काम किया जा रहा है। सबकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के प्रांतीय प्रभारी राजेन्द्र आर्य, होमगार्ड के जवान, एसडीइआरएफ के जवान, उनके परिजन, सिविल डिफेन्स वालेंटियर, आपदा मित्र, अनेक समाजिक संगठन तथा वरिष्ठ जन उपस्थित थे।  

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