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महाकाल मंदिर के पुजारी को देवेंद्र फड़नवीस ने खुद भेजा महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण

उज्जैन महाराष्ट्र में कल शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आज हो सकती है। इन सबके बीच भाजपा के देवेंद्र फड़नवीस का नाम मुख्यमंत्री के लिए तय माना जा रहा है। देवेंद्र फड़नवीस ने महाकाल मंदिर के पुजारी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने खुद उन्हें महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। मुंबई आने-जाने और ठहरने का प्रबंध भी किया है। आशीष पुजारी ने बताया कि वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आज शाम को मुंबई के लिए रवाना होंगे। वे अपने साथ महाकाल का प्रसाद, दुपट्टा और रुद्राक्ष की माला ले जाएंगे और भावी मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे। महाकाल के परम भक्त हैं फडणवीस आशीष पुजारी ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस महाकाल के परम भक्त हैं। पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री बने थे, तब महाकाल मंदिर के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने आए थे। उसके बाद में भी वे लगातार भगवान महाकाल के दर्शन करने आते रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित किया जाएगा। मंत्रिमंडल का गठन बाद में होगा महाराष्ट्र में गुरुवार शाम को 5 बजे नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। अभी देवेंद्र फडणीस के साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ही शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल का गठन बाद में दिया जाएगा। पहले कहा गया था कि कुछ विधायक भी शपथ ले सके हैं।

इंदौर में मरीजों को कम रेट पर मिलेगी चेकअप की सुविधा, मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद वह इन डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे

 इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और नवाचार करने जा रहा है। चार लाख लोगों का प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप करने के बाद अब हेल्थ ऑफ इंदौर अभियान के तहत प्रिवेंटिव हेल्थ केयर सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए एक संस्था ने साउथ तुकोगंज क्षेत्र में करोड़ों रुपये की 30 हजार वर्ग फीट जमीन दान की है। इस केंद्र की विशेषता यह है कि यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से मरीजों की जांच हो सकेगी, वहीं जांच के बाद ही रियल टाइम रिपोर्ट भी मिल सकेगी। आईआईटी सहायता लेंगे आधुनिक मशीनों से सिर्फ दो घंटे में ही मरीज का बॉडी चेकअप हो सकेगा और उसे रिपोर्ट भी मिल जाएगी। इसके लिए आईआईटी की सहायता ली जाएगी। दावा किया जा रहा है कि यह देश का पहला ऐसा केंद्र होगा, जो संस्था के माध्यम से संचालित होगा। न्यूनतम दर पर मिल सकेगी सुविधा यहां जांच की सुविधा लोगों को न्यूनतम दर में मिल सकेगी। इसके लिए हस्तीमल सुंदरबाई पारमार्थिक ट्रस्ट के सदस्यों ने सांसद शंकर लालवानी के माध्यम से पिछले दिनों शहर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उनसे भूमिपूजन में शामिल होने का आग्रह भी किया। चार लाख लोगों की जांच में आए चौंकाने वाले आंकड़े बता दें, हेल्थ ऑफ इंदौर के तहत शहर में सांसद सेवा संकल्प, रेड क्रास सोसायटी और सेंट्रल लैब द्वारा की गई चार लाख लोगों की जांच में चौंकाने वाले आकड़े सामने आए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लोगों में कई तरह की बीमारियां पाई गई थीं। इस अत्याधुनिक सेंटर में खून की सामान्य जांच से लेकर इको कार्डियोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई, कैंसर स्क्रीनिंग और जीनोमिक टेस्टिंग तक हो सकेगी। जांच के साथ फालोअप पर भी देंगे ध्यान निजी लैब की संचालक डॉ. विनीता कोठारी ने बताया कि इस सेंटर में जांच में किसी भी व्यक्ति में कोई बीमारी सामने आती है तो उसके फालोअप का भी ध्यान रखा जाएगा। हर माह मरीजों से संपर्क कर यह देखा जाएगा कि बीमारी में कितना सुधार हुआ है, क्योंकि बोहरा समाज ने पिछले 10 वर्षो में अपने स्वास्थ्य में काफी सुधार किया है।

दक्षिण कोरिया की आबादी जिस दर से घट रही, एक समय ऐसा आएगा जब देश के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा

सियोल  दुनिया में अपने तेज आर्थिक विकास और आधुनिकीकरण के लिए पहचान बनाने वाला दक्षिण कोरिया इस समय एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। यह संकट इतना गंभीर है और ऐसे ही जारी रहा तो इस सदी के अंत तक इस देश की आबादी वर्तमान से घटकर एक तिहाई रह जाएगी। पहले से ही दुनिया में सबसे कम चल रह देश की प्रजनन दर में और गिरावट आई है। दक्षिण कोरिया में देश के ‘विलुप्त होने’ को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रजनन दर में 8 फीसदी की गिरावट दक्षिण कोरिया के सांख्यिकी विभाग ने पिछले सप्ताह जो आंकड़े जारी किए हैं, वो बताते हैं कि साल 2023 में देश की प्रजनन दर 2022 की तुलना में 8 प्रतिशत गिर गई है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो साल 2100 तक दक्षिण कोरिया की 5.1 करोड़ की जनसंख्या तिहाई हो सकती है। साल 2023 में दक्षिण कोरिया में राष्ट्रीय जन्म दर प्रति महिला 0.72 बच्चों के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई और इस साल इसके और गिरकर 0.6 होने की उम्मीद है। इस स्थिति ने दक्षिण कोरिया में बड़ी चिंता पैदा कर दी है। द इंडेपेंडेंड की रिपोर्ट के अनुसार, जन्म दर में गिरावट को रोकने के लिए दक्षिण कोरिया की सरकार जन्म दर में गिरावट को रोकने के लिए माता-पिता को प्रत्येक बच्चे के जन्म पर 10 करोड़ वॉन (करीब 59 लाख रुपये) नकद देने पर विचार कर रही है। जन्मदर बढ़ाने के लिए 22 ट्रिलियन वॉन होंगे खर्च इस योजना पर सालाना 22 ट्रिलियन वॉन (लगभग 1317 अरब भारतीय रुपये) खर्च होने की उम्मीद है। योजना को लागू करने के पहले सरकार राष्ट्रीय सर्वेक्षण कर रही है। 17 अप्रैल को शुरू हुए इस सर्वेक्षण में चार मुख्य प्रश्न पूछे गए हैं, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या लोग इस पहल पर सालाना 22 ट्रिलियन वॉन खर्च करने का समर्थन करते हैं। यह प्रस्तावित निधि कम जन्म दर को संबोधित करने के लिए समर्पित राष्ट्रीय बजट का लगभग आधा हिस्सा होगी, जो लगभग 48 ट्रिलियन वॉन है। दक्षिण कोरिया ने जन्म दर को बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे कि बच्चों की देखभाल के लिए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करना, कर लाभ देना और यहां तक कि यह सुझाव देना कि 30 वर्ष की आयु तक तीन या अधिक बच्चे वाले पुरुषों को सैन्य सेवा से छूट दी सकती है। हालांकि, इन प्रयासों का अब तक सीमित प्रभाव पड़ा है।

भारतीय रेलवे का बड़ा प्‍लान, ट्रेनों में बढ़ेंगे 1000 कोच, यात्र‍ियों की होगी बल्‍ले-बल्‍ले

नईदिल्ली सरकार ने कहा है कि रेल सुविधा को सबके लिए उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके लिए जनरल बोगियों को बढ़ाया जा रहा है और इसके तहत इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि कि देश के हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिले, इसलिए सरकार जनरल डिब्बों को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और इसका मकसद ऐसा कर हर नागरिक तक बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। वैष्णव ने कहा कि केरल में रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए निधि आवंटित की गई है। उन्होंने स्थानीय सांसदों से राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के लिए बड़ी सब्सिडी दे रही है और इस क्रम में 56993 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी पैसेंजर ट्रेन में दी गयी है। सरकार का फोकस जनरल कोच बढ़ाने पर है और दिसंबर के आखिर तक 1000 अतिरिक्त जनरल कोच बढ़ाने की योजना है। 100 रुपये के टिकट पर खुद कितने वसूलता है रेलवे, सरकार ने दिया पूरा हिसाब पत्रकारों को पहले मिलने वाली सब्सिडी की बहाली की संभावना के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा, ‘भारत सरकार की ओर से यात्रियों को कुल सब्सिडी 56,993 करोड़ रुपये की दी जाती है। हर 100 रुपये की यात्रा सेवा की कीमत 54 रुपये ली जाती है। सभी श्रेणियों के यात्रियों को 46 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।’ वैष्णव ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह भी कहा कि जिस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में सड़कों से पूरे देश को जोड़ा गया था, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। जोन के अंदर और बाहर आने-जाने में सुव‍िधा होगी रेलवे की तरफ से उठाए गए कदम से जनरल कोच में सफर करने वाले करीब एक लाख यात्र‍ियों को राहत म‍िलेगी. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) की तरफ से इसमें अहम भूमिका निभाई जा रही है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के CPRO कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया क‍ि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने पहले ही 36 ट्रेनों / 69 रैक को 276 जनरल कोच के साथ बढ़ा दिया है. इससे यात्री अपने जोन के अंदर और बाहर ज्‍यादा सुव‍िधाजनक तरीके से जा सकेंगे. करीब 370 ट्रेनों में 600 जनरल कोच जोड़े गए उन्होंने यह भी बताया क‍ि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे दिसंबर 2024 के अंत तक 16 जनरल कोच के साथ तीन अतिरिक्त ट्रेनों को बढ़ाने का प्‍लान कर रही है. ये प्रयास NFR की यात्री सेवाओं में सुधार और सभी वर्गों के लिए ट्रेन सफर को ज्‍यादा आरामदायक बनाने के मकसद से क‍िया जा रहा है. उन्‍होंने बताया क‍ि रेल यात्रा में लोगों की बढ़ती रुच‍ि को देखते हुए रेलवे अपने बेड़े का विस्तार करने के साथ ही मौजूदा ट्रेनों में भी जनरल कोच को जोड़ने पर काम कर रहा है. कपिनजल किशोर शर्मा ने बताया क‍ि जुलाई से अक्टूबर के बीच करीब 370 ट्रेनों में 600 जनरल कोच जोड़े गए. 10,000 से ज्‍यादा नॉन-एसी कोच शाम‍िल करने का प्‍लान इसके अलावा अगले दो साल में 10,000 से ज्‍यादा नॉन-एसी कोच शाम‍िल क‍िये जाने का प्‍लान है. इसमें 6,000 से ज्‍यादा जनरल कोच और स्लीपर-क्लास कोच शामिल हैं. रेलवे की तरफ से उठाए जाने वाले कदम से रोजाना करीब 8 लाख यात्रियों को सहूल‍ियत म‍िलेगी. रेलवे की तरफ से तैयार क‍िये जा रहे एलएचबी कोच (LHB) काफी आरामदायक और सुरक्ष‍ित हैं. उन्होंने बताया क‍ि LHB कोच हल्के और मजबूत होते हैं. दुर्घटना होने पर भी इनमें कम नुकसान होता है.

साल 2024 में अबतक मप्र के अन्य पर्यटन स्थलों में 10 करोड़ 66 लाख पर्यटक पहुंचे

उज्जैन मप्र के प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक और पौराणिक महत्व की दुनियाभर में पहचान है। इसीलिए पर्यटक बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश पहुंच रहे हैं। जनवरी से नवंबर तक रिकॉर्ड 6.57 करोड़ पर्यटक उज्जैन आए। मप्र के अन्य पर्यटन स्थलों में 10 करोड़ 66 लाख पर्यटक पहुंचे। सबसे खास बात यह है कि देसी पर्यटकों के टॉप-5 डेस्टिनेशन में उज्जैन, ओंकारेश्वर, इंदौर, भोपाल और मैहर शामिल हैं। इस वर्ष 10 लाख 85 हजार विदेशी पर्यटक भी मप्र पहुंचे। विदेशियों सैलानियों में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल खास आकर्षण का केंद्र रहे। टॉप-5 डेस्टिनेशन में खजुराहो, बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना और ओरछा हैं। ​देसी पर्यटकों की रुचि धार्मिक क्षेत्रों में अधिक है। ओंकारेश्वर में 21 लाख 29 हजार लोगों ने दर्शन किए। इसी तरह 97 लाख लोग मैहर पहुंचे। हालांकि, इस साल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या पिछले साल के मुकाबले घटी है। साल 2023 में प्रदेश में 11.21 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे। वहीं, साल 2022 में यह आंकड़ा 3.41 करोड़ का था। पिछले दो साल की ही बात करें तो प्रदेश में 21.87 करोड़ पर्यटक पहुंचे। यह दो साल में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड है। धार्मिक स्थलों की ओर रुझान ज्यादा, महाकाल लोक बनने के बाद बदली तस्वीर महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अभी फेज-2 के काम चल रहे हैं। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया कि मंदिर में कम समय में दर्शन होते। भस्मआरती में आरएफ बैंड सिस्टम शुरू किया है। ​इससे अवैध रूप से भस्मआरती में शामिल होने वालों पर अंकुश लगा है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो भक्त निवास बन चुके हैं। तीसरा अभी बन रहा है। महाकाल लोक बनने के बाद सेलीब्रिटी भी बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन पहुँचने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले पाँच सालों में दोगुनी हो गई है। कोरोना काल में पर्यटन में तेजी से गिरावट हुई थी, लेकिन वर्ष 2023 में एक बार फिर जबर्दस्त तेजी आई है और 5 करोड़ से भी ज्यादा पर्यटकों के पहुँचने का रिकार्ड उज्जैन ने बनाया है। मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक उज्जैन में 5 करोड़ 28 लाख 41 हजार 802 पर्यटक पहुँचे। इसी के साथ मध्य प्रदेश के टॉप-10 पर्यटन केंद्रों में उज्जैन सबसे आगे रहा हैं। प्रदेश के टॉप 10 शहरों की सूची में पहले नंबर पर उज्जैन और दूसरे नंबर पर मैहर रहा, जबकि भोपाल सबसे आखिरी पायदान पर है। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा महाकाल के दर्शन और महाकाल लोक के वैभव को देखने पहुँच रहे हैं। यहाँ महाराष्ट्र के शिरडी से तीन गुना, राजस्थान के खाटू श्याम से चार गुना ज्यादा श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। मंदिर समिति के मुताबिक ऐसा पहली बार हो रहा है कि गर्मी की शुरुआत के एक माह में 22 अप्रैल से 22 मई में अभी तक करीब 45 लाख से अधिक लोग उज्जैन पहुँच चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा श्रद्धालु दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए हैं।

5 बार ट्रैफिक रूल तोड़ने पर जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों की मोटर साइकिलें भी जब्त की जा रही, पुलिस ने भेजे समन

सागर अगर आप ने शहर में यातायात नियम तोड़ा है और उसका जुर्माना नहीं भरा तो आप की गाड़ी को पुलिस जब्त करेगी, क्योंकि पांच से अधिक बार यातायात नियम को तोड़ने वाले वाहनों चालकों की कुंडली बनकर तैयार हो गई है। पुलिस इनके पते में समन भिजवा रही है। जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों की मोटर साइकिलें भी जब्त की जा रही हैं। सागर में ऐसे 1 हजार से अधिक वाहन चालक ऐसे हैं जिन्होंने पांच से अधिक बार ट्रैफिक नियम को तोड़ा है और बगैर जुर्माना भरे घूम रहे हैं। एक बाइक चालक महाशय के तो 23 चालान तक बन चुके हैं।   नियम तोड़ने वालों के ई-चालान दरअसल शहर के जगह-जगह लगे स्मार्ट सिटी के कैमरों में यातयात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ई-चालान बनाए जाते हैं। शहर के कुल डेढ़ दर्जन स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से रेड लाइट जंप, तीन सवारी और हेलमेट न पहलकर वाहन चलाने वालों के चालान काटे जाते हैं। हर साल कैमरों की मदद से बनने वाले ई-चालान की बात करें तो इनकी संख्या करीब 50 हजार है, यानी हर साल सागर शहर में 50 हजार से अधिक लोग यातायात नियम तोड़ते हैं। पिछले साल से सागर में लागू हुए एनआईसी के ई-चालान सिस्टम के माध्यम से न केवल कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों का चालान बनाया जाता है, कई विभागों से भी जुड़ा ऑनलाइन सिस्टम आल इंडिया स्तर पर बनाए गए नए साफ्टवेयर पर उक्त वाहन चालक का चालान अपलोड भी हो जाता है। इस साफ्टवेयर में आरटीओ, ट्रैफिक पुलिस ही बल्कि न्यायालय तक जुड़ा हुआ है। हालांकि चालान बनने की सूचना चालक के वाहन रजिस्ट्रेशन पर दर्ज उसके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जाती है। लेकिन वाहन चालक चालान नहीं भरते।   शहर में करीब 50 हजार चालान लंबित यही करते करते शहर में करीब 50 हजार ई-चालान की राशि वाहन चालकों ने जमा नहीं की है। इसी को देखते हुए पिछले दिनों न्यायालय और जिला दंडाधिकारी द्वारा यातायात पुलिस को ई-चालान की जुर्माना राशि वसूली और न भरने वाले चालकों के वाहनों को जब्त करने के निर्देश दिए गए। लंबित चालान पर कार्रवाई यातायात पुलिस द्वारा सबसे पहले पांच या उससे अधिक लंबित चालान वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसाने की योजना बनाई है। करीब एक हजार ऐसे वाहन चालक हैं, जिन्होंने पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों को तोड़ा और जुर्माना नहीं भरा। इसके लिए यातायात पुलिस द्वारा समस्त पुलिस कर्मियों को उनके बीट के अनुसार ऐसे वाहन चालकों के नाम समन जारी करवाकर उसे हाथों-हाथ तामील कराया जा रहा है। साथ ही उनके वाहनों की जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। साफ्टवेयर में सारी जानकारी अपलोड एनआईसी के नए साफ्टवेयर में चालानी कार्रवाई के दौरान जैसे ही यातायात पुलिस वाहन को पकड़कर उसका आनलाइन चालान करती है, वैसै ही मशीन में गाड़ी नंबर डालते ही इसके पहले हुए उसके सारे चालान और जुर्माना की जानकारी सामने आ जाएगी। रेड लाइन जंप के लिए 500 रुपये, तीन सवारी बैठाकर मोटर साइकिल चलाने वाले पर 500 रुपये और हेलमेट न पहन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर 300 रुपये जुर्माना की कार्रवाई की जाती है। वाहन जब्त होंगे पांच से अधिक बार यातायात नियमों को तोड़कर उसका जुर्माना न भरने वाले वाहन चालकों के वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे वाहन चालकों के घर पर भी जाकर पुलिस उन्हें समन तामील करवा रही है।मयंक चौहान, डीएसपी, ट्रैफिक फोटो कैप्शन: सिविल लाइन चौराहे पर रेड सिग्नल के बाद खड़े वाहन।

हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं: देवेंद्र फडणवीस

मुंबई शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। देवेंद्र फडणवीस कल, 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमने राज्यपाल से मुलाकात की है और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए समर्थन पत्र सौंपा है। राज्यपाल ने हमें कल शाम 5.30 बजे शपथ समारोह के लिए आमंत्रित किया है। महाराष्ट्र के मनोनीत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आज हमने राज्यपाल से भेंट की है…और शिवसेना के अध्यक्ष और शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए मेरे नाम की सिफारिश करते हुए एक पत्र दिया है…राज्यपाल ने हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर(कल) शाम 5.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होगा…हमने महाराष्ट्र की जनता से जो वादे किए हैं उनको पूरा करने के लिए यह सरकार काम करेगी। . हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं. एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा, “…हम राज्य में सरकार चलाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। पार्टी से संबंधित गतिविधियों को (भाजपा प्रमुख) चंद्रशेखर बावनकुले और एनसीपी के सुनील तटकरे संभालेंगे। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि हमारी सरकार, महायुति सरकार, हमारी टीम ने ढाई साल में जो काम किया है वह उल्लेखनीय है और इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

रेल सुविधा के चलते इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे: रेल मंत्री

नई दिल्ली सरकार ने कहा है कि रेल सुविधा को सबके लिए उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके लिए जनरल बोगियों को बढ़ाया जा रहा है और इसके तहत इस साल के अंत तक 1000 अतिरिक्त कोच रेलों में लगाये जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि कि देश के हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिले, इसलिए सरकार जनरल डिब्बों को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और इसका मकसद ऐसा कर हर नागरिक तक बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराना है। श्री वैष्णव ने कहा कि केरल में रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए निधि आवंटित की गई है। उन्होंने स्थानीय सांसदों से राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के लिए बड़ी सब्सिडी दे रही है और इस क्रम में 56993 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी पैसेंजर ट्रेन में दी गयी है। सरकार का फोकस जनरल कोच बढ़ाने पर है और दिसंबर के आखिर तक 1000 अतिरिक्त जनरल कोच बढ़ाने की योजना है।  

मुख्यमंत्री साय ने किया साइबर भवन का उद्घाटन

  मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप किया लांचिंग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय साइबर भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर अपराध की चुनौतियों और उससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें साइबर भवन का उद्घाटन एक अहम पहल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अक्टूबर माह में प्रदेश में आयोजित 410 जनजागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान साइबर अपराध रोकने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा हमारे पुलिस अधिकारियों ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई और आईआईएम रायपुर के साथ हुए अनुबंध साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूनिसेफ द्वारा बनाए गए ऑनलाइन मॉड्यूल की प्रशंसा की।   कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान मोबाइल ऐप और सशक्त मोबाइल ऐप को लांच किया। उन्होंने साइबर अपराधों की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम नई तकनीक को अपनाकर साइबर अपराधों को रोकने की दिशा में  और अधिक दक्षता के साथ काम करेंगे। उन्होंने इस दिशा में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।      उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और सुदर्शन की नीति को आधार बनाकर किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज देश में सबसे उत्कृष्ट कार्य करने वाली सरकार के रूप में उभर रही है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना ने 70 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और समाज के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस तंत्र को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक प्रभावी प्रणाली में तब्दील कर दिया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस ने नक्सलवाद को सीमित करने में अद्भुत कार्य किया है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। साइबर अपराधों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष पहल की है। हाल ही में चलाए गए साइबर जागरूकता पखवाड़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज उद्घाटन किए गए साइबर भवन से बड़े अभियानों को संचालित किया जाएगा, जो इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी बड़े निर्णय लेकर जनता के हित में कार्य करेगी। इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, श्री एस आर पी कल्लूरी, श्री विवेकानन्द सिन्हा, श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत, श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना गुजरात में होगी शुरू, सरकारी स्कूलों के 41 लाख छात्रों को रोज़ाना पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा

अहमदाबाद गुजरात सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और पोषण के बीच संतुलन बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना (मुख्यमंत्री पौष्टिक नाश्ता योजना) शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के 41 लाख छात्रों को रोज़ाना पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।   मुख्यमंत्री ने योजना का किया ऐलान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यह घोषणा करते हुए कहा, “यह योजना ‘सुपोषित गुजरात मिशन’ के तहत लॉन्च की जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ता उपलब्ध कराना है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सके।” उन्होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पढ़ाई भी, पोषण भी’ कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस योजना के अंतर्गत, गुजरात राज्य के 32,277 सरकारी और अनुदान प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को स्कूल में पहुंचने से पहले पौष्टिक नाश्ता परोसा जाएगा। योजना के तहत छात्रों को चना चाट, मिक्स बीन्स, सुखड़ी और बाजरा (श्री अन्न) से बने खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे, जो उनकी सेहत के लिए फायदेमंद होंगे।   32,277 स्कूलों में होगा लागू गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का फायदा राज्य के कुल 32,277 सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के छात्रों को मिलेगा। इन स्कूलों में बालवाटिका से लेकर कक्षा 8 तक के छात्र शामिल हैं। यह योजना बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत हर छात्र को स्कूल के काम शुरू होने से पहले प्रार्थना के समय नाश्ता मिलेगा, जिससे उन्हें पूरे दिन की पढ़ाई के लिए ऊर्जा मिलेगी। इस नाश्ते में पोषक तत्वों का खास ध्यान रखा गया है, जिससे बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से हो सके।   खाद्य पदार्थों का चयन मुख्यमंत्री ने बताया कि नाश्ते के लिए जो खाद्य पदार्थ चुने गए हैं, वे न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि उनके पोषक गुण भी बहुत उच्च हैं। सप्ताह के दौरान छात्रों को सुखड़ी, चना चाट, मिक्स बीन्स और बाजरा (श्री अन्न) से बने खाद्य पदार्थ मिलेंगे। इन खाद्य पदार्थों में कैलोरी और प्रोटीन की अच्छी खासी मात्रा होती है, जो बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।   सरकारी खर्च और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि गुजरात सरकार ने इस योजना के लिए सालाना 617 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह राशि योजना के संचालन और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने ‘पीएम पोषण योजना’ के तहत काम करने वाले मानद वेतन धारक कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का भी फैसला लिया है। अब तक प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइये सह सहायकों को 2500 रुपये का मानद वेतन मिलता था, जिसे बढ़ाकर 3750 रुपये किया गया है। वहीं, छोटे स्कूलों के लिए अतिरिक्त स्टाफ (हेल्पर) को अब 1500 रुपये का मासिक मानद वेतन मिलेगा। इस कदम से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनके कार्य में भी उत्साह बढ़ेगा।   रोज़ाना नाश्ता देने वाला गुजरात देश का पहला राज्य गुजरात सरकार ने जो कदम उठाया है, वह देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है। राज्य सरकार ने शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह योजना न केवल बच्चों के पोषण को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि उनकी पढ़ाई में भी सहायक साबित होगी। शिक्षा और पोषण दोनों के संयोजन से राज्य में बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई यह पौष्टिक नाश्ता योजना राज्य के छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने वाली है। बच्चों को सुबह का पौष्टिक नाश्ता मिलने से उनकी शारीरिक ताकत में वृद्धि होगी और मानसिक विकास में भी मदद मिलेगी। इस योजना से न केवल बच्चों का पोषण सुधरेगा, बल्कि गुजरात शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया उदाहरण पेश करेगा।

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास ‘दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित’ करने का है : मंत्री कुशवाह

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि समावेशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए दिव्यांगों के नेतृत्व को बढ़ावा देना के लिए मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास ‘दिव्यांगता को दिव्यता के रूप में परिवर्तित’ करने का है। इसके लिए राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है और दिव्यांगों के कल्याण के लिए उनको साधन के साथ अवसर भी मुहैया कराया जा रहा है। मंत्री कुशवाह ने यह बात सामाजिक न्याय संचालनालय के ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही l कार्यक्रम की अध्यक्षता परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया ने कीl  मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में  दिव्यांगजनों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसके लिए मध्यप्रदेश में बाधा रहित वातावरण निर्माण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा वैश्विक समाज में वर्ग की भागीदारी उसमें होना चाहिए। उन्होंने दिवयांगजन के लिए सेवा और परमार्थ कार्य में लगी  संस्थाओं  को बधाई दी।  उन्होंने दिव्यांगजनों से आहवान किया कि दिव्यांगता सफलता में बाधक नहीं है। आवश्यकता है दिव्यांगता को भी अवसर मानते हुए कड़े  परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने की। मंत्री कुशवाह ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की और मूकबधिर  बच्चों के बैंड में भाग लेने वाले सभी बच्चों को अपनी स्वेच्छानुदान निधि से प्रत्येक बच्चे को 2500 रूपये देने की घोषणा भी की।    

MP हाई कोर्ट ने एमडी एमएस के परिणाम पर रोक रखी बरकरार, खारिज हुई याचिका

जबलपुर एमडी-एमएस कोर्स में दाखिले के लिए नीट पीजी काउंसलिंग में प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट सूची तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी। रिजल्ट जारी करने पर लगी इस रोक को हटाने के लिए आवेदन दायर किया गया था, जिसे जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विवेक सराफ की युगलपीठ ने खारिज कर दिया और रोक को बरकरार रखा। रीवा के डॉ. अभिषेक शुक्ला व अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि नीट की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाते हुए पीजी कोर्स में दाखिले के लिए मेरिट लिस्ट तैयार की गई थी। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके कारण नीट की मेरिट लिस्ट में अच्छी रैंकिंग होने के बावजूद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में उनका स्थान नीचे हो गया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पहले राउंड के लिए चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर की रात 12 बजे तक चलेगी। इसका रिजल्ट 26 नवंबर को घोषित किया जाना है। उन्होंने कहा कि एडमिशन की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हो रहा है और पहले राउंड का रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगाई जाए। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अनावेदक को नोटिस जारी करते हुए रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। संचालक, मेडिकल एजुकेशन की तरफ से पेश किए गए जवाब में कहा गया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस, नई दिल्ली द्वारा मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश में पूरी प्रक्रिया का विधिवत पालन किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन को अनावेदक बनाए जाने का आवेदन स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।  याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से रिजल्ट पर लगाई गई रोक को हटाने के लिए आवेदन पेश किया गया। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने इस आवेदन को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।

टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है।

युवा, विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और संस्कारों के साथ राष्ट्र सेवा के संकल्प का प्रसंग है। अपनी बौद्धिक, सांस्कृतिक परम्पराओं और संस्कारों को पोषित और पल्लवित करने की प्रतिबद्धता का अवसर है। राज्यपाल पटेल आई.ई.एस. विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दीक्षित विद्यार्थियों और विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय दोनों के लिए अत्यंत भावनात्मक और अविस्मरणीय पल होता है। नये भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि आप सभी विकसित भारत के अमृत प्रसंग की प्रतिनिधि पीढ़ी है। आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान का ऐतिहासिक अवसर मिला है।     विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद में जरूर हिस्सा लें युवा राज्यपाल पटेल ने कहा कि युवा, कैसा विकसित भारत देखना चाहते है, उसके लिए सरकार को क्या और कैसे करना चाहिए, इन पर अपने विचार सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचा सकते है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि 12 जनवरी 2025 के ऐतिहासिक प्रसंग के अवसर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद का हिस्सा जरूर बने। विकसित भारत से संबंधित रोचक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, ब्लॉक और निबंध लेखन की राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग ले। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी कहा कि संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें। उन्हें आवश्यक सुविधाएं, सहूलियत और सहयोग प्रदान करे। विश्वविद्यालय स्तर पर विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद के प्रारूप अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित करे। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की ज्ञान परम्परा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। विद्यार्थी भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से जुड़े, सतत अध्ययन करे, अपने स्तर पर आगे बढ़ाने सहभागिता करे और इस पर हमेशा गर्व करें। उन्होंने विश्वविद्यालय और दीक्षित विद्यार्थियों को प्रथम दीक्षांत समारोह की बधाई भी दी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति ने भी दीक्षित विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने, चुनौतियों से जुझने और आत्म मंथन प्रक्रिया पर ज्ञानवर्धक और प्रेरक उद्बोधन दिया। राज्यपाल पटेल ने समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका कुलाधिपति बी.एस. यादव ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुधा मूर्ति, समाजसेवी पद्मअशोक भगत और कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव को मानद उपाधि प्रदान की। स्वागत उद्बोधन कुलाधिपति यादव ने दिया। कुलपति जी.के. पाण्डेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आभार देवांश यादव ने माना। कार्यक्रम में सुदेश शांड़िल्य जी महाराज, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय अध्यक्ष और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।  

बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर हो रहा अग्रसर : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उसी दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आत्मसमर्पण के लिए जनजागरूकता अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। बस्तर क्षेत्र के लोग अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिसकी झलक हाल ही में संपन्न बस्तर ओलंपिक में भी दिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की प्राथमिकता स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने की है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सिविल सोसाइटी को अभियान से जोड़ने और नक्सलियों के आत्मसमर्पण हेतु किए जा रहे प्रयासों को तेज करने पर बल दिया। श्री शर्मा ने नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। बैठक में  सुरक्षा ग्रिड का विस्तार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित करना, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आवास संबंधी योजनाएं और ज्वाइंट एक्शन प्लान सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, श्री एस आर पी कल्लूरी, श्री विवेकानन्द सिन्हा, श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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