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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।  

डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान, ₹21772 करोड़ के अधिग्रहण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 21,772 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंजूर की गई धनराशि से आधुनिक वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट व हेलीकॉप्टर समेत सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके साथ ही टी-72 और टी-90 टैंकों, बीएमपी और सुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहाल के लिए भी मंजूरी दी गई है। इससे इनकी सेवा अवधि में वृद्धि होगी। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग मंगलवार को दी गई इस स्वीकृति के अंतर्गत कुल पांच रक्षा सौदों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल नेवी के लिए 31 नई वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट की खरीद को मंजूरी मिली है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रस्तावों की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने की संभावना है। इस वजह से इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का जोर देखा गया। DAC ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, उनमें वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट्स (WJFACs), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट्स, रडार वॉर्निंग सिस्टम्स और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर्स जैसे इक्विपमेंट्स शामिल हैं। इसमें भारतीय नौसेना के लिए 31 नए WJFACs का अधिग्रहण किया जाएगा, जो कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, गश्त, निगरानी और खोज एवं बचाव (SAR) मिशनों के लिए उपयोगी होंगे। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने पहले भी WJFACs की सप्लाई नौसेना को की थी, जिससे कंपनी को एक बार फिर ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा, 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (FIC-1) के अधिग्रहण के लिए मंजूरी भी दी गई है। इन FIC को एयरक्राफ्ट कैरियर्स, डेस्ट्रॉयर्स और सबमरीन जैसे हाई-वैल्यू यूनिट्स की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। DAC ने T-72 और T-90 टैंकों औरसुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी है। यह ओवरहॉलिंग उनकी सर्विस लाइफ और कारोबारी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (EWS) का अधिग्रहण भी शुरू किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारतीय वायुसेना के लिए पहले भी EWS विकसित किया है, जिससे इस कंपनी को भी लाभ होने की संभावना है। एक्सपर्ट्स की राय ICICI सिक्योरिटीज के अमित दीक्षित का कहना है कि यह मंजूरी घरेलू ऑर्डरिंग में आई सुस्ती के बाद एक पॉजिटिव बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को इन प्रस्तावों से सबसे अधिक लाभ होगा, खासतौर पर SU-30 MKI के लिए EWS से। इसके अलावा, एस्ट्रा माइक्रोवेव को भी इस कदम से लाभ होने की संभावना है। शिपबिल्डिंग से जुड़े प्रस्ताव छोटे जहाजों के लिए हैं, जिन पर प्राइवेट कंपनियों और डिफेंस पीएसयू (DPSUs) की ओर से बोली लगाई जाएगी। ICICI सिक्योरिटीज ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एस्ट्रा माइक्रोवेव दोनों पर ‘खरीदारी’ की सलाह दी है और इनके लिए क्रमश: 350 रुपये और 935 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) की खरीद के लिए एओएन प्रदान की गई है। 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए भी मंजूरी प्रदान की गई है। डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (एनडब्ल्यूजेएफएसी) की खरीद की आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है। इन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट को तट के करीब कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, निगरानी, गश्ती और खोज व बचाव (एसएआर) कार्यों करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इसके अलावा ये जहाज विशेष रूप से हमारे द्वीप क्षेत्रों में और उसके आसपास समुद्री डकैती रोधी अभियानों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। डीएसी ने जिन 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया वे जहाज तटीय रक्षा के लिए विमान वाहक, विध्वंसक और फ्रिगेट्स युद्धपोतों व पनडुब्बियों को एस्कॉर्ट करेंगे। इसके साथ ही ये कई अन्य भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) में बाहरी एयरबोर्न सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड्स, अगली पीढ़ी के रडार चेतावनी रिसीवर और सुखोई -30 एमकेआई विमान के लिए संबंधित उपकरण शामिल हैं। यह प्रणाली सुखोई एसयू-30 एमकेआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी। 6 एडवांस हल्के हेलीकॉप्टर वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित, दुश्मन के लक्ष्यों के खिलाफ एक मिशन को अंजाम देते समय यह विमान को दुश्मन के रडार और संबंधित हथियार प्रणाली से बचाएगी। डीएसी ने तटीय क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक के लिए 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया है।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी

प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।

जब भारत में चीतों की संख्या 500 तक पहुंचेगी, तब सफल माना जाएगा प्रोजेक्ट चीता

भोपाल  देश में चीतों के इकलौते रहवास मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बीते दो वर्ष में बढ़ गई है। वर्तमान में शावकों सहित 24 चीते यहां हैं। हालांकि इसे विशेषज्ञ प्रोजेक्ट की आंशिक सफलता ही मान रहे हैं। जानकारों के अनुसार, जब तक चीतों की संख्या 500 तक नहीं पहुंचती, तब तक प्रोजेक्ट को पूर्ण सफल नहीं माना जाएगा। इसमें भी 15 वर्ष का समय लग सकता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अब चीतों का कुनबा तेजी से बढ़ेगा। 20 चीते कूनो लाए गए, आठ की मौत     17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12, इस तरह 20 चीते कूनो लाए गए थे। अब तक आठ वयस्क चीतों की मौत हो गई है।     इस बीच भारत की धरती पर 19 शावकों ने जन्म भी लिया। इनमें से सात शावकों की मौत हो गई। अब यहां 12 चीता शावक और 12 वयस्क को मिलाकर कुल 24 चीता हैं।     प्रदेश में तीसरी बार चीतों को केन्या से लाने की भी तैयारी है। इन्हें मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में रखा जाएगा। कूनो के चीतों की निगरानी और संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं। एक साल में नर और डेढ़ साल में माता चीता हो जाती है वयस्क चीता का नर शावक करीब एक साल में और मादा शावक डेढ़ साल में वयस्क हो जाते हैं। इन चीता शावकों को प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की आशा के तौर पर देखा जा रहा है। यहां जन्म लेने वाली एक मादा चीता वयस्क भी हो चुकी है। दरअसल, इन सभी शावकों के सामने नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तरह जलवायु अनुकूलता न होने जैसी चुनौती नहीं है। ये सभी यहां की जलवायु में पूरी तरह से रचे-बसे होने के साथ बड़े हो रहे हैं। इसी के साथ कूनो वन्यप्राणी वनमंडल श्योपुर के क्षेत्रफल को नए इलाके शामिल कर बढ़ा दिया गया है। अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761 हेक्टेयर हो गया है। दो नर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा दो चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ने से पूर्व चीता स्टीयरिंग कमेटी की बैठक होगी। नर चीता अग्नि और वायु को छोड़ा जाएगा। अगले चरण में प्रभाष और पावक को छोड़े जाने की तैयारी है। अब खुले जंगल में पर्यटक चीतों की झलक देख सकेंगे। इनके नाम हुए हैं तय कुनो के सूत्रों से मिली जानकारी  के अनुसार चीता कमेटी लंबे समय से बाड़े में कैद करके रखे गए चीतों मे से दो नर और एक मादा चीता को खुले जंगल मे छोड़े जाने को लेकर सहमति दे सकती है. फिलहाल जिन चीतों को खुले जंगल मे आजादी की रफ्तार भरने के लिए छोड़ा जा सकता है, उनमें अग्नि वायु या फिर प्रभास और प्रभात के नाम शामिल हैं. कुछ समय पहले भी कुछ चीतों को पर्यटको के दीदार के लिए खुले जंगल मे आजाद किया गया था, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वज़ह से चीतों को वापस बाड़े मे लाकर कैद कर लिया था. अभी कुनो मे 12 छोटे ओर 12 वयस्क चीते हैं.

देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष प्रसाद ले जा रहे महाकाल मंदिर के आशीष पुजारी

उज्जैन  देवेंद्र फडणवीस पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी को फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया है। महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी अब शपथ ग्रहण समारोह में जाने की तैयारी में जुटे हैं। साथ ही वह शपथ ग्रहण के लिए विशेष प्रसाद लेकर जाएंगे। पुजारी को आया निमंत्रण उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आशीष गुरु के पास शपथ विधि में शामिल होने का आमंत्रण आया है। खास बात तो यह है कि यह आमंत्रण खुद देवेंद्र फडणवीस की ओर से दिया गया है। पुजारी द्वारा आमंत्रण स्वीकार करते ही देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस से पुजारी की फ्लाइट की टिकट करवा दी गई है। वह आज मुंबई पहुंचेंगे और कल शपथ विधि समारोह में शामिल होंगे। रुद्राक्ष की माला और भस्मी लेकर जाएंगे वहीं, देवेंद्र फडणवीस के लिए पुजारी आशीष गुरु ने खास तैयारी की है। वह यहां से बाबा महाकाल का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और भस्म आरती में चढ़ने वाली भस्मी के साथ ही बाबा महाकाल को अर्पित किया गया दुपट्टा लेकर जाएंगे। महाकाल के दरबार में 15 सालों से आ रहे देवेंद्र फडणवीस आशीष पुजारी ने बताया कि पिछले 15 सालों से देवेंद्र फडणवीस बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं। उनका पूजन आशीष पुजारी ही करवाते हैं। फडणवीस की बाबा महाकाल में गहरी आस्था है । यही कारण है कि वे वर्ष में दो से तीन बार बाबा महाकाल के दर पर मत्था टेकने जरूर आते हैं। इसके साथ ही कोई भी शुभ कार्य हो वह उसे करने से पहले बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते हैं।

11 से 26 दिसंबर तक सभी जिलों जन कल्याण दिवस के रूप में बनाया जाएगा, सीएम वीडियो कॉन्फेसिंग लेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 बजे मंत्रालय में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई । इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए ।इसके अलावा मंत्रालय में हुई बैठक में सीएम मोहन यादव के जर्मनी और लंदन दौरे के दौरान मध्य प्रदेश में निवेश के लिए मिले 78 हजार करोड़ को लेकर चर्चा की गई। कैबिनेट बैठक के बाद ब्रीफिंग करते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि आने वाले समय में भोपाल के इन्वेंस्टर मीट में यूनाइडेट किंगडम और जर्मनी के निवेशक इसमें शामिल होंगे।सीएम के विदेश दौरे से इस मंदी के दौर में मध्य प्रदेश में निवेश के लिए 78 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले है। उद्योग विभाग से संबंधित रियायतों और आगामी विधानसभा शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर भी मंत्रियों से विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार 25 करोड़ के निवेश वाला थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी. इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके लिए केंद्र ने भी मंजूरी दे दी है. 11 से 26 दिसंबर तक प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जाएगा. सरकार की कमेटी शराब नीति को लेकर काम करेगी. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ बाईपास को फोरलेन किया जा रहा है. यह सड़क पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ेगी. उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश विकास की नई गाथा लिखेगा. नर्मदापुरम के बाबई में मेगा औद्योगिक पार्क बनेगा. सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए उज्जैन-इंदौर की टू लेन सड़क को फोरलेन किया जाएगा. इसके लिए कैबिनेट ने प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है. हिंगोरिया-देपालपुर की सड़क को भी फोरलेन किया जाएगा. इस पर 239.8 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. नवीनीकरण ऊर्जा में लगने वाले उपकरण के पार्क के लिए मध्य प्रदेश का चयन हुआ है. इसके लिए केंद्र सरकार 300 करोड़ की राशि देगी. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभागों में जाकर निवेश को लेकर बैठक की थी. इसके अलावा उन्होंने पिछले दिनों यूके और जर्मनी में भी निवेशकों से बातचीत की थी. इस तरह आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश विकास का बहुत बड़ा डेस्टिनेशन बनने वाला है. विदेशी निवेश राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि- विजयवर्गीय विदेश के उद्योगपति मध्य प्रदेश में होने वाले निवेश में पार्टनर भी होंगे. सीएम यादव की इस विदेश यात्रा के बाद प्रदेश को 71000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. यह राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. मंदी के वातावरण में अगर मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश आता है तो औद्योगिक क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान होगा. आने वाले दिनों में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा Mohan Cabinet Meeting के अहम फैसले     11 से 26 दिसंबर तक सभी जिलों जन कल्याण दिवस के रूप में बनाया जाएगा।इसमें सीएम वीडियो कॉन्फेसिंग भी लेंगे।     साल 2025 को प्रदेश में रोजगार और उद्योग वर्ष के रुप में बनाया जाएगा। जिसमें एमएसएमई और उद्योग विभाग के साथ विज्ञान टेक्नोलॉजी, कुटीर और ग्राम उद्योग, माइनिंग, नवीनीकरण ऊर्जा , उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग आदि विभाग की साल भर गतिविधियां संचालित की जाएगी। किस क्षेत्र में कैसे निवेश आए, इसके लिए विभागों को जवाबदारी दी गई है चुनौती के रुप में।     7 दिसंबर को नर्मदापुर में रीजनल इन्वेस्टर सम्मिट का आयोजन किया जाएगा।     धान और सोयाबीन खरीदी जारी है, सीएम ने  सभी मंत्रियों को अपने अपने प्रभार के जिले में समीक्षा करने को कहा है।     पूरे प्रदेश में गीता जंयती धूमधाम से बनाई जाएगी ।8 से 11 दिसंबर तक उज्जैन में और 11 दिसंबर को भोपाल और अन्य जिलों में गीता जंयती के उपलक्ष्य में भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे।     हर वर्ष की तरह 15 से 19 दिसंबर तक ग्वालियर में तानसेन समारोह आय़ोजित किया जाएगा।     रातापानी में बहुत जल्द माधव टाइगर रिजर्व के लिए स्वीकृति देने जा रहे हैं।एनटीसीए से अनुमति प्राप्त हो चुकी है।आसपास के ग्रामीण क्षेत्र को बफर जोन के रुप में विकसित किया जाएगा।     भारत सरकार ने 41 हजार मेगावाट थर्मल पॉवर प्लांट के लिए कोयले की स्वीकृति दी है।इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।     पार्वती कालीसिंध और चंबल नदी जोड़ो अभियान को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच 75 हजार करोड़ का एमओयू साइन हो चुकी है। इससे प्रदेश के 11 जिले गुना शिवपुरी सीहोर देवास राजगढ़ उज्जैन, आगर मालवा शाजापुर इदौर मंदसौर और मुरैना के 2094 गांवों में 6 लाख हेक्टेयर सिंचाई होगी।पेयजल की भी व्यवस्था होगी इसके लिए बजट शासन द्वारा जल्द स्वीकृत किया जाएगा।     उज्‍जैन सिंहस्‍थ से पहले इंदौर से उज्‍जैन के बीच के करोड़ों रुपयों के फोरलेन और टूलेन बनाएं जाएंगे। इससे उद्योगों के साथ-साथ रोजगार को भी लाभ मिलेगा।ईंदौर के देपालपुर से उज्जैन के हिंगोरिया तक 2 लेन 32 किमी की सड़क बनेगी।फोरलेन से पीथमपुर का औद्योगिक विकास भी होगा।     मध्य प्रदेश में बाबा साहब के पंच तीर्थ का किया जाएगा निर्माण,     नवीनीकरण ऊर्जा में लगने वाले उपकरण के पार्क के लिए मप्र का चयन हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार 300 करोड़ की राशि देगी।     नर्मदापुरम के बाबई में मेगा औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा।     शराब नीति को लेकर कमेटी काम करेगी।

बीजेपी को सीएम पोस्ट के बदले देनी पड़ेगी बड़ी कुर्बानी! अजित-शिंदे को देने होंगे ये बड़े मंत्रालय

मुंबई महाराष्ट्र में चुनाव नतीजे सामने आने के के बाद से चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो चुका है। इससे राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंगलवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस बैठक में नई सरकार के गठन के लिए एक अस्थायी व्यवस्था तय की गई। आपको बता दें कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को होगा। इससे पहले आज भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। फडणवीस और शिंदे ने अस्थायी रूप से विभागों और कैबिनेट में हिस्सेदारी के मुद्दों को टालने का फैसला किया है ताकि गुरुवार को नई सरकार कार्यभार संभाल सके। इन मुद्दों को सरकार बनने के बाद सुलझाया जाएगा। महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा इसपर से सस्पेंस खत्म हो गया है, सर्व सम्मति से देवेंद्र फडणवीस के नाम पर सहमति बन गई है,  कोर कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया,  देवेंद्र फडणवीस आज दोपहर 3:30 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक मुंबई के आजाद मैदान में कल 5 दिसंबर को शपथ समारोह होगा जिसमें देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कल ही एकनाथ शिंदे और अजीत पवार उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, कल केवल ये तीन ही शपथ होंगी। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक केंद्रीय पर्यवेक्षकों केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार देवेंद्र फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और सभी विधायक नाम पर मुहर लगाएंगे। सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाले नारायण सिंह चौरा का है लंबा आपराधिक रिकॉर्ड, खालिस्तानी आतंकी और चंडीगढ़ जेल ब्रेक का आरोपी कल 5 दिसंबर को आजाद मैदान में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पांच दिसंबर यानि कल शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में हिस्सा लेंगे। तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे देवेंद्र फडणवीस आपको बता दें कि देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पहली बार 2014 में मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया था लेकिन 2019 में वे केवल 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। अब वे 5 दिसंबर को एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। 30 से अधिक विधायक लेंगे शपथ महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी) के 30 से अधिक विधायकों को मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। हालांकि, चुनाव परिणाम घोषित होने के 10 दिन बाद भी महायुति के तीनों सहयोगी दल कैबिनेट में हिस्सेदारी और विभागों के आवंटन को लेकर सहमति नहीं बना सके हैं। एकनाथ शिंदे की मांगें एकनाथ शिंदे शिवसेना के शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुख्यमंत्री पद बीजेपी को सौंप चुके हैं। उन्होंने डिप्टी सीएम और गृह मंत्रालय की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने कुछ अन्य प्रमुख विभागों और विधानसभा अध्यक्ष का पद भी मांगा है। हालांकि बीजेपी गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद देने को तैयार नहीं है, लेकिन अन्य विभागों पर बातचीत करने को तैयार है। बातचीत से टूटा गतिरोध सोमवार को बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने ठाणे स्थित एकनाथ शिंदे के आवास पर उनसे मुलाकात की। इसके बाद मंगलवार को मुंबई के ‘वर्षा’ निवास पर शिंदे और फडणवीस के बीच करीब 30 मिनट की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने शपथ ग्रहण में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों की संख्या तय कर ली है। शिवसेना और एनसीपी की मांगें एनसीपी प्रमुख अजीत पवार ने सात कैबिनेट और चार राज्य मंत्री पद, केंद्र में एक कैबिनेट मंत्री और राज्यपाल का पद मांगा है। वहीं, शिवसेना ने गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद मांगा है। वहीं, बीजेपी ने संकेत दिया है कि शिवसेना को 11-12 मंत्री पद और एनसीपी को 9-10 मंत्री पद दिए जा सकते हैं, जबकि बीजेपी 22-23 मंत्री पद अपने पास रखेगी। बीजेपी के सामने चुनौती बीजेपी शिंदे को इस तरह नाराज नहीं करना चाहती जिससे यह लगे कि पार्टी ने शिवसेना को तोड़ने के बाद उन्हें किनारे कर दिया। साथ ही मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में आगामी नगर निगम चुनावों में शिंदे की अहम भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शिंदे अपने समर्थकों और पार्टी में अपनी साख बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग की मांग पर अड़े हैं। अजित पवार गुट ने किया बीजेपी का समर्थन  मुंबई में बीजेपी की बैठक से पहले नई सरकार में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी कोटे से कितने-कितने मंत्री होंगे, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. 23 नवंबर 2024 को आए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद महायुति के भीतर नई सरकार में हिस्सेदारी को लेकर काफी बवाल हो रहा है. इसे लेकर देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, अजित पवार कई बार दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि अजित पवार के गुट ने सीएम पद को लेकर बीजेपी का समर्थन किया, जिसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) कमजोर पड़ गई. ऐसे में अब शिवसेना का पूरा फोकस बड़े मंत्रालयों पर है. इस बार महाराष्ट्र चुनाव में महायुति को प्रचंड बहुमत मिली है. बीजेपी महायुति से किसी भी तरह मनमुटाव नहीं चाहने के साथ-साथ यह भी संदेश देना चाहती है कि सीएम पद और मंत्रालयों का बंटवारा अपनी सहमति से हुआ है. हालांकि एकनाथ शिंदे और अजित पवार यह कह चुके हैं कि वे बीजेपी हाईकमान के फैसले के साथ हैं. बीजेपी को देनी होगी कुर्बानियां बताया जा रहा है कि नई सरकार में बीजेपी करीब 22 मंत्रालय का दावा कर रही है. बीजेपी गृह मंत्रालय भी अपने पास रखना चाहती है. वहीं शिवसेना 12 मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है. पिछली सरकार में जब … Read more

मध्य प्रदेश में हिंदू संगठन हुए लामबंद, बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन, जन आक्रोश रैली निकाली

भोपाल/ इंदौर  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और तोड़े जा रहे मंदिरों के विरोध में आज प्रदेश के शहरों में प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शन में हिंदूवादी संगठन, धार्मिक व सामाजिक संगठनों की सहभागिता के साथ आमजन, व्यापारी समेत सभी वर्ग के लोग सम्मिलित होकर जुलूस भी निकाल रहे हैं। इसके साथ ही बुद्धिजीवी वर्ग से कई साहित्यकार, शिक्षक, सेना के पूर्व कमांडर, सेवानिवृत्त अफसर, डॉक्टर, प्रोफेशनल, भी शामिल होकर अपना विरोध जता रहे हैं। भोपाल के कार्यक्रम में भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय मुख्य वक्ता रहेंगे। इंदौर में लाल बाग तक जुलूस निकाला जा रहा है। आरएसएस और हिंदू संगठन ने झोंक दी ताकत  इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए आरएसएस, बीजेपी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और सभी हिंदू संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी। लगभग एक हफ्ते तक इंदौर में 5000 से अधिक बैठक गली मोहल्ले और कॉलोनी में की गई और उसका परिणाम यह रहा कि यह इंदौर का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बन गया। लाखों की संख्या में लोग एक दिन पहले ही इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तैयार हो चुके थे।   इंदौर में रैली का रूट पड़ा छोटा इंदौर में अब तक कि सबसे बड़ी जनआक्रोश रैली निकाली। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक पर हो रहे अत्याचार के विरोध में निकली रैली में रूट छोटा पड़ गया। रैली कलेक्टर चोराहे पर पहुंच गई थी, जबकि लोग दशहरा मैदान तक खड़े रहे, ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग लालबाग भी नहीं पहुंच सके। रैली का रूट पड़ा छोटा। मानव अधिकार की बात करने वाले लोग कहां हैं कलेक्टर चौराहे पर जनसभा में मुख्य वक्ता खगेन्द्र भार्गव ने कहा कि कुछ, लोग कहते हैं कि यहां रैली करने से क्या होगा। यहां रैली करने से बांग्लादेश में सांत्वना उठेगी, अब इंग्लैंड की संसद में भी हिन्दू अत्याचार की मांग उठने लगी है। जहां- जहां हिन्दू है वहां अब आवाज उठेगी, हिन्दू अत्याचार नहीं सहेगा। जैसा तिरंगा और भगवा यहां लहरा रहा है, वैसा भगवा बांग्लादेश की संसद में लहराया जाएगा। भार्गव ने कहा- कोई अखलाख मरता है, कश्मीर में आतंकवादी मरता है, तो मानव अधिकार आयोग आ जाता है। कसाब और अन्य आतंकवादी पर आंसू बहाने वाले मानव अधिकार के लोग कहा हैं। इधर… भोपाल रैली में जवाहर चौक पर बदले रहेंगे मार्ग सकल हिंदू समाज द्वारा बुधवार को दोपहर एक से शाम सात बजे तक भारत माता चौराहा से जवाहर चौक के मध्य सभा एवं विशाल रैली प्रस्तावित है। लिहाजा, यातायात का दबाव रहने के लिए कुछ मार्ग परिवर्तित रहेंगे। साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक थाना पुलिस के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान भारत माता चौराहा (डिपो) से जवाहर चौक आने-जाने वाले मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव होने से उक्त मार्ग प्रभावित रहेगा। इसके तहत रैली के दौरान जवाहर चौक, रंगमहल, न्यू मार्केट क्षेत्र में सामान्य यातायात कुछ समय के लिए परिवर्तित मार्गों पर चलाया जाएगा। आगंतुकों के लिए मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था – मिसरोद, कोलार, एमपी नगर क्षेत्र से आने वाले लोग प्लेटिनम प्लाजा से अटलपथ पर वाहनों को पार्क कर पैदल कार्यक्रम स्थल पहुच सकेंगे। – रातीबड़, नीलबड़, नेहरू नगर की ओर से आने वाले लोग अपने वाहन प्रेमपुरा एवं वन विहार रोड पर वाहन पार्क कर कार्यक्रम स्थल पहुच सकेंगे। – पुराने शहर से आने वाले लोग अपने वाहन अटल पथ के बायीं ओर पार्क कर पैदल कार्यक्रम स्थल पहुंच सकेंगे। बांग्लादेश में फंसे हिंदुओं की रक्षा के लिए समर्पित रहा सुंदरकांड भोपाल में बाबा नीब करौरी का 125वां प्रकटोत्सव मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर सुंदरकांड, रासलीला सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विश्वास सारंग, बाबा नीब करौरी के पोते डा. धनंजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। यह कार्यक्रम बाबा नीब करौरी भक्त मंडल, बाबा नीब करौरी रामबेटी एजुकेशनल एवं चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया गया। इस बार भक्त मंडल ने सुंदरकांड का पाठ बांग्लादेश में फंसे हिंदुओं की रक्षा और कल्याण के लिए समर्पित किया। इस मौके पर दिल्ली से आए विजेंद्र चौहान ने सुंदरकांड की प्रस्तुति दी। इस दौरान भजन गायक सुधीर व्यास भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। गौरतलब है कि ब्रज से आए आचार्य भारती शर्मा ने अपने साथी कलाकार के साथ रासलीला की प्रस्तुति दी।

हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे:विष्णु देव साय

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक और शानदार जीत के एक साल पूरे होने पर ‘जनादेश दिवस’ का आतिशी आयोजन रखा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,  उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए पार्टी की जीत की सालगिरह मनाई और अपने उत्साह व उल्लास को व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 3 दिसम्बर, 2023 को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित हुए थे, जिसमें भाजपा ने ऐतिहासिक जनादेश के साथ शानदार जीत अर्जित की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज 3 दिसंबर को हम सभी लोग जनादेश दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ,मा.राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व  सभी केंद्रीय नेताओं के मार्गदर्शन में जनता ने मोदी जी की गारंटी पर मुहर लगाई।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के तौर पर  मौजूदा उप मुख्यमंत्री अरुण साव की संघर्षपूर्ण महती भूमिका का उल्लेख कर साय ने कहा कि तब साव ने नेतृत्व महिला मोर्चा, युवा मोर्चा सहित सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को साथ लेकर कांग्रेस के कुशासन को उखाड़ फेंकने के लिए, कांग्रेस की भूपेश सरकार के गलत कार्यों के विरुद्ध जनमत तैयार करने के लिए संघर्ष और आंदोलन किए। पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर हमारे कार्यकर्ताओं ने उत्साह का संचार किया और इसका परिणाम हुआ कि 2023 में विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता का भरपूर आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को मिला। 3 दिसंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम आए और भाजपा को शानदार व ऐतिहासिक विजय मिली। छत्तीसगढ़ की जनता ने दिल खोलकर भाजपा को सत्ता सौंपी।  54 सीटों में भाजपा को जिताकर सरकार चलाने का जनादेश दिया। साय ने आज जनादेश दिवस की सभी लोगों को, छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता को, यहां के देव दुर्लभ मतदाताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तब कोई यह मानने को तैयार ही नहीं था कि भाजपा की सरकार बनेगी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार तो इतना ओवर कॉन्फिडेंस में थी कि सरकार तो कांग्रेस की बनेगी, सबने मिलकर तत्कालीन सरकार और कांग्रेस पार्टी की मुखालफत की और चुनाव जीतने में सफल हुए। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर विश्वास किया। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता से जो वादा किया था, उस पर यहाँ की जनता ने विश्वास किया। सभी कार्यकर्ताओं ने खूब मेहनत की, पसीना बहाया जिसका परिणाम हुआ कि हम लोग बड़ा जनादेश लेकर सरकार में बैठे हैं। साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी ईमानदारी के साथ मोदी की गारंटी को पूरा किया है और अधिकांश वादे हमारी सरकार ने पूरे कर दिए हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास देने की बात हो या किसानों के साथ न्याय करने की बात हो, 3100 रु. प्रति एकड़ धान खरीद और अंतर की राशि एकमुश्त देने की बात हो। 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रहे हैं और आज भी रायगढ़ से महतारी वंदन योजना की लाभार्थी के हाथों से बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की किश्त जारी की गई है। रामलला दर्शन योजना की शुरुआत हो गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 से बढ़ाकर 5500 रु. कर दिया गया है। मोदी की गारंटी का अधिकांश वादा हम लोगों ने पूरा किया है। पीएससी घोटाले की भी जाँच सीबीआई कर रही है। उसमें जो दोषी है, उनके लगातार जेल जाने का सिलसिला जारी है। पूरे प्रदेश में सुशासन देने का हमारा संकल्प है। साय ने कहा कि आज कई क्षेत्रों में जो भ्रष्टाचार का रास्ता था, हम उसे बंद कर रहे हैं। कोयला में 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अगर पैसा नहीं मिलता था तो टोकन नहीं कटता था, उसको भी हमने बंद करके ऑनलाइन कर दिया है। कांग्रेस की सरकार ने 2000 करोड़ रु. का शराब घोटाला भी किया। आज हम सुशासन स्थापित कर रहे हैं और भ्रष्ट व आपराधिक मामलों में संलिप्त लोगों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। बस्तर क्षेत्र में भी शांति प्रदान करने का काम हमारी सरकार कर रही है। नक्सलवाद के साथ जो हमने मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी है और डबल इंजन की सरकार का लाभ हमें मिल रहा है इसकी तारीफ पूरे देश में हो रही है। यह सब आप लोगों के आशीर्वाद का परिणाम है। हम सभी लोग मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में खड़ा करें, प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने में सहभागी होना है। भूपेश सरकार के डंडों और दमन से भाजपा कार्यकर्ता डरा नहीं,जनता ने जिस भावना से जनादेश दिया ,सरकार ने उसी अनुरूप काम किया:अरुण साव प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि एक साल पहले छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन ने कांग्रेस की अत्याचारी और भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंका था। आज राज्य में ‘विष्णु का सुशासन’ है और प्रदेश विकास की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। मोदी की हर-एक गारंटी पूरी हो रही है। आज छत्तीसगढ़ के गांव और शहरों में तेज गति से विकास हो रहा है।  छत्तीसगढ़ की जनता ने जो जनादेश दिया, उसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता को हम प्रणाम करते हैं। आज का ऐतिहासिक दिन हमेशा छत्तीसगढ़ के इतिहास में 3 दिसंबर 2023 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा जब एक बार फिर छत्तीसगढ़ में नई सुबह हुई थी। आज छत्तीसगढ़ नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। सभी कार्यकर्ताओं ने अथक संघर्ष व प्रयास किया है, मुकदमे झेले, लाठी-डंडा खाए, लेकिन डिगे नहीं। साव ने तब कही गई अपनी बात को भी याद किया कि भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता न डरेगा, न झुकेगा और राज्य की अन्यायी, अत्याचारी और भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंके बिना चैन की नींद नहीं सोएगा। साव ने कहा कि हर-एक कार्यकर्ता ने पूरी ताकत लगाई और जनता का आशीर्वाद मिला। छत्तीसगढ़ के हर वर्ग का आज कल्याण हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से छत्तीसगढ़ नये  इतिहास की … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है। आने-जाने के इस क्रम में महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा के लिए किया जाए। यह मनुष्य का सौभाग्य है कि इस धरती पर आदिकाल से परमात्मा की लीला देखने को मिलती रही है। हमारे 33 करोड़ देवी-देवताओं ने सदियों तक अपनी आभा बिखेरी है। इतनी कि इसके लिए हमारा अम्बर भी कम पड़ जाए। हमारे बीच देवता विभिन्न रूप में आते हैं। हम उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे हमारे बीच रहते हैं। ऐसे ही देवता नीब करौरी वाले बाबा हैं। इनको मानने वालों में देश- विदेश के करोड़ों लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाम रविन्द्र भवन बहिरंग में अनंत विभूषित बाबा नीब करौरी महाराज के 125वें प्राकट्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-महंत की अपनी महत्ता है। उनके जीवन के रहस्यों को जानना मुश्किल भी है। इनका जब मनुष्यों से साक्षात्कार होता है तो लोग अपने जीवन में परिवर्तन होते देखते हैं। निश्चित ही इससे आस्था की जड़ें गहरी हो जाती हैं। वास्तव में सारी सत्ताओं के ऊपर एक सत्ता है जो परम सत्ता है। जीवन के आरोह-अवरोह में हमें उमड़ते-घुमड़ते प्रश्नों का उत्तर भी मिल जाता है। ऐसी व्यवस्थाओं को जोड़कर सनातन धर्म की परम्परा राष्ट्र के गौरव में वृद्धि करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी जी के जीवन का वह पक्ष भी जानने योग्यव है जब वे बी.एससी. के विद्यार्थी थे और कभी इन व्यवस्थाओं पर विश्वास नहीं करते थे। उन्हें गुरू के रूप में रामकृष्ण परमहंस मिले, जिन्होंने उनका काली मां से सीधा परिचय करवा दिया। स्वामी विवेकानंद को सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी हुआ। इसी तरह जीवन में परिवर्तन का अनुभव नीब करौरी वाले बाबा और अन्य संतों के दर्शन के पश्चात लोगों में दिखाई देता है। सच्चे अर्थों में देवी देवताओं से मिलकर भक्ति की शक्ति मिल जाया करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कलाकारों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुंदर काण्ड की प्रस्तुति के लिए आए विजयेंद्र चौहान, शिव ताण्डव स्रोत प्रस्तुत करने वाले काली चरण जी, लोक प्रिय भजन गायक पंडित सुधीर व्यास, रासलीला प्रस्तुति के लिए भारतीय शर्मा और बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार राकेश अग्निहोत्री का इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों को बाबा नीब करौरी महाराज की लघु प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित सुधीर व्यास के स्वर में उनके अति लोकप्रिय भजन “तू है मोरा सजन….. ये चमक ये दमक ….. फूलवन मा महक …की” प्रस्तुति भी सुनी। खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम में बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र सहित उनकी पांच पीढ़ियां उपस्थित हैं। बाबा नीब करौरी महाराज ने पूरी दुनिया में ख्याति अर्जित की है। उनका आशीर्वाद भोपाल के नागरिकों को विशेष रूप से प्राप्त हुआ है। वर्तमान में बाबा के पौत्र भोपाल में ही अरेरा कालोनी में निवास करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज भोपाल आगमन पर नेवरी स्थित मंदिर में विश्राम किया करते थे। इस मंदिर में बाबा द्वारा सनातन धर्म परम्परा के निर्वाह की स्मृति को बनाए रखने के लिए नेवरी धाम पर बाबा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। आगामी 22 दिसम्बर को यह प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम है। इस अवसर पर रामलीला का प्रस्तुतिकरण भी होगा। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तरप्रदेश में जन्मे बाबा नीब करौरी महाराज ने जीवन में अनेक सेवा कार्यों का नेतृत्व किया। वे जीवन के अनेक वर्ष उत्तराखंड में रहे। उनके अनुयायियों में अनेक विश्व विख्यात लोग शामिल हैं। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के अलावा राहुल कोठारी एवं आशीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने देर रात्रि तक भजनों का आनंद लिया।  

अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने भारतीय नौसेना दो महीने में फ्रांस से 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा

नई दिल्ली अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना दो महीने के अंदर फ्रांस के साथ 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा. इसकी पुष्टि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने खुद की है. 60 हजार करोड़ रुपए की इस डील से पूरे इंडो-पैसिफिक रीजन में शांति बहाल होगी. नेवी की ताकत बढ़ेगी. राफेल मरीन फाइटर जेट (Rafale Marine Fighter Jet/ Rafale M) को भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikrant और INS Vikramaditya पर तैनात किया जाएगा. ये जेट्स शॉर्ट टेकऑफ करने में सक्षम हैं. लेकिन लैंडिंग के लिए अरेस्टेड रिकवरी स्टोबार तकनीक का इस्तेमाल करेंगे. भारत इस डील में फ्रांस से 22 सिंगल सीटर फाइटर जेट और चार डबल सीटर फाइटर जेट खरीदेगा. डबल सीटर फाइटर जेट ट्रेनिंग के लिए काम आएंगे. Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. स्पीड 2205 km/hr, रेंज 3700 किलोमीटर राफेल-एम 50.1 फीट लंबा है. इसे 1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. राफेल का वजन सिर्फ 15 हजार kg है. यानी हल्का है. राफेल-एम की फ्यूल कैपेसिटी करीब 11,202 kg है. यानी ज्यादा देर तक फ्लाई कर सकता है. गति 2205 km/hrहै. राफेल-एम की रेंज 3700 km है. 52 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है.   14 हार्डप्वाइंट्स, हथियारों का जखीरा लग जाए राफेल-एम में 30 mm की ऑटोकैनन गन लगी है. इसके अलावा 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें तीन तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, हवा से सतह पर मार करने वाली सात तरह की मिसाइलें, एक परमाणु मिसाइल या फिर इनका मिश्रण लगा सकते हैं. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. राडार ऐसा कि दुश्मन बच न पाए, खुद रहे सुरक्षित इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. डील में मेंटेनेंस, ट्रेनिंग और कई चीजें शामिल इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. ये डील 60 हजार करोड़ रुपए की है. लेकिन इसमें सिर्फ खरीद की कीमत नहीं है. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. यह डील पूरी होते ही भारतीय नौसेना के पास एयरक्राफ्ट कैरियर पर नए और आधुनिक फाइटर जेट्स हो जाएंगे.  

Parvati-Kali Sindh-Chambal Link Project में पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना में बदलाव

भोपाल   पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से मालवा रीजन में अगले विधानसभा चुनाव के पहले सिंचाई और पेयजल के लिए पानी दिलाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके चलते दूसरे फेज में शामिल मालवा रीजन के कामों को अब पहले फेज में पूरा कराने का फैसला लिया है। इसके लिए पूर्व में बनाई गई कार्ययोजना में बदलाव मंत्री स्तरीय बैठकों में किया है। इसके बाद अब संशोधित पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र के किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों को न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पानी मिलेगा बल्कि संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के संबंधित जानकारी     पार्वती काली सिंध चंबल लिंक परियोजना में एमपी की 17 परियोजनाएं एवं राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल हैं। इस परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है।     परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल मिलेगा।     उद्योगों के लिए लगभग 172 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध होगा। परियोजना से लगभग 40 लाख परिवारों को फायदा होगा। एमपी में 35 हजार करोड़ होंगे खर्च संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना में मध्यप्रदेश से पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा एवं सहायक नदियों के जल का अधिकतम उपयोग किया जायेगा। प्रदेश में इन परियोजनाओं की कुल लागत 35 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित है। एमपी में यहां बनेंगे बांध     परियोजना के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्प्लेक्स में 4 बांध (कटीला, सोनपुर, पावा एवं धनवाड़ी) बनाए जाएंगे।     यहां 2 बैराज (श्यामपुर, नैनागढ) में बनेंगे।     कुम्भराज कॉम्प्लेक्स में 2 बांध (कुंभराज-1 एवं कुंभराज-2) बनेंगे। रणजीत सागर, लखुंदर बैराज एवं ऊपरी चम्बल कछार में 7 बांध (सोनचिरी, रामवासा, बचेरा, पदुनिया, सेवरखेड़ी, चितावद तथा सीकरी सुल्तानपुरा) बनाए जाएंगे।     गांधी सागर बांध की अप स्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे बांधों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन 13 जिलों को मिलेगा पानी इस परियोजना से राज्य के 13 जिलों मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड, श्योपुर, इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास एवं राजगढ़ को सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए पानी मिलेगा। केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का कार्य आगामी 5 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। 21 बांध बैराज, रिजर वायर बनाए जाएंगे परियोजना अंतर्गत कुल 21 बांध, बैराज एवं बैलेंसिंग रिजरवायर आदि का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) एवं मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण का प्रावधान रखा गया है, इससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए आवंटित जल मिलेगा। ऐसे चली परियोजना डीपीआर बनाने की प्रक्रिया     केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, मध्य प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की मौजूदगी में 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।     संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्प्लेक्स की 6 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है।     शेष परियोजनाओं की डीपीआर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है।     संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट समझौता अनुबंध को मध्य प्रदेश शासन द्वारा संशोधन के बाद भारत सरकार को 25 अक्टूबर 2024 को भेजा है।  

केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों के डीए में 3 फीसदी की वृद्धि होना तय, अंतिम फैसला मोदी सरकार को लेना

नई दिल्ली एक करोड़ केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी है।नए साल में एक बार फिर महंगाई भत्ता बढ़ने वाला है। हालांकि डीए में कितनी वृद्धि होगी यह AICPI इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा।इसका लाभ केंद्र सरकार ने 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 65 लाख से ज्यादा पेंशनरों को मिलेगा।यह बढ़ोतरी 7th Pay Commission के तहत की जाएगी। श्रम विभाग द्वारा जारी जुलाई से सितंबर के आंकड़ों की बात करें तो AICPI Index अंक 141.5 पर पहुंच गया है और DA स्कोर 54.49% पहुंचा है, हालांकि अभी अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के आंकड़े आना बाकी हैं। इसके बाद तय होगा डीए में कितनी वृद्धि होगी। अगर दिसंबर 2024 तक इंडेक्स में 144-145 अंक तक पहुंचता है और डीए स्कोर 55% से ज्यादा होता है तो डीए में 3 फीसदी की वृद्धि होना तय है। हालांकि अंतिम फैसला मोदी सरकार को लेना है। जनवरी 2025 से बढ़ेगा Dearness Allowance     दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों पेंशनरों के डीए/डीआर की दरों में संशोधन किया जाता है, जो AICPI इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि जनवरी/जुलाई से होती है। जनवरी 2024 से 4% तो जुलाई में 3 फीसदी डीए बढ़ाया गया था, जिसके बाद डीए 53% हो गया है।     अब अगला डीए जनवरी 2025 से बढ़ाया जाना है, जो कि AICPI इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा। अबतक के आंकड़ों पर गौर करें तो नए साल में फिर 3 फीसदी डीए बढ़ सकता है, चुंकी नई दरें जनवरी 2025 से लागू होंगी ऐसे में एरियर का भी लाभ मिलने की उम्मीद है।सुत्रों की मानें तो बजट के पहले या बाद में कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका ऐलान कर सकते है। ऐसे होगी महंगाई भत्ते की गणना     डीए और डीआर में बढ़ोतरी का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत में हुई प्रतिशत वृद्धि के आधार पर की जाती है। सरकार अमूमन हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इन भत्तों में संशोधन करती है।     केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए DA ऐसा होता है कैलकुलेट- DA% = [(Average of AICPI (Base Year 2001 = 100) पिछले 12 महीने के लिए – 115.76)/115.76] x 100     पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों के लिए DA ऐसा होता है कैलकुलेट- DA% = [(Average of AICPI (Base Year 2001 = 100) पिछले 3 महीने के लिए – 126.33)/126.33] x 100

प्रयागराज महाकुंभ को इस वर्ष दिव्य और भव्य बनाने की योजना तैयार, 92 लाख में कचौड़ी की दुकान

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 14 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत हो रही है। इससे पहले प्रशासनिक और सरकार की तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। देश-दुनिया से करीब 40 करोड़ लोगों के महाकुंभ मेला में पहुंचने की उम्मीद है। मेले में आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए तमाम व्यवसायी अपनी दुकान वहां लगाने की जुगत में हैं। ऐसे में मेला प्रशासन की ओर से भी दुकानों के आवंटन को लेकर स्थिति साफ होती दिख रही है। 30 X 30 फीट के दुकान के किराए को जानकर आप हैरान हो जाएंगे। एक प्लेट कचौड़ी की कीमत भले ही 30 रुपये हो, लेकिन करीब 900 स्क्वायर फीट की दुकान का किराया 92 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। 13 जनवरी से शुरू होगा महाकुंभ प्रयागराज महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से शुरू होगा। इसको लेकर जमीनों का आवंटन शुरू हुआ है। यहां पर दुकान लगाने के लिए आवंटित होने वाली जमीन की कीमत कई-कई लाख में मिल रही है। प्राइम लोकेशन पर जमीन के किराए की दर काफी महंगी है। कचौड़ी की दुकान में बगल में लड्‌डू की दुकान के लिए जमीन का आवंटन किया गया है। इसका किराया 75 लाख रुपये रखा गया था। महाकुंभ में लगनी वाली दुकानों पर महाकुंभ के डेढ़ महीने ही भीड़ रहेगी। भव्य महाकुंभ की है तैयारी प्रयागराज महाकुंभ को इस वर्ष दिव्य और भव्य बनाने की योजना तैयार की गई है। 4000 हेक्टेयर यानी 15,840 बीघा क्षेत्र में मेला क्षेत्र को बनाया जाएगा। यहां पर पहली बार 13 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट बन रहा है। इसमें 40 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। भव्य आयोजन के कमाई की अपार संभावनाओं को देखते हुए हर व्यापारी यहां दुकान लगाना चाहता है। मेला क्षेत्र में निर्माण के लिए जगह-जगह जेसीबी से जमीन समतल की जा रही है। गंगा पर पांटून पुल (पीपा पुल) बन रहे हैं। सजने लगी हैं दुकानें मेला क्षेत्र में दुकान भी सजने लगे हैं। दुकानों में अब लोगों की भीड़ भी आने लगी है। संगम किनारे निर्धारित दुकानों के किराए सबसे अधिक हैं। कचौरी और लड्‌डू की दुकानें सबसे महंगी हैं। परेड ग्राउंड में महाराज कचौड़ी एवं प्रसाद भोग के नाम से एक दुकान है। 30 X 30 वर्गफीट की इस दुकान का टेंडर 92 लाख रुपए में फाइनल हुआ है। इस दुकान को पवन कुमार मिश्रा ने लिया है। वे कहते हैं कि कचौड़ी और लड्डू बनाने का काम पहले से करते रहे हैं, लेकिन कुंभ में पहली बार दुकान लगाने के बारे में सोचा। पवन मिश्रा ने कहा कि मेला प्रशासन हमें अपनी दुकान से करीब 200 मीटर दूर जगह देगा। वह भी रोड पर स्थित है। 2 महीने हम वहीं दुकान लगाएंगे। उसके बाद वापस इस जगह पर आ जाएंगे। अभी बताया जा रहा है कि जिस जगह हमारी दुकान है, वहां विश्व हिंदू परिषद को जगह दी गई है। पवन कहते हैं कि भले किराया अधिक लगा हो, लेकिन सामग्रियों के दाम नहीं बढ़ाएंगे। 76 लाख में लड्‌डू की दुकान लेटे हुए हनुमान मंदिर पर इस बार लड्डू की दुकानों में इजाफा हुआ है। जय बजरंग भोग नाम की एक दुकान अब यहां पर खुली है। इस लड्डू की दुकान के लिए टेंडर 76 लाख रुपये में खुला। वहीं, परेड ग्राउंड में ही महाकाल प्रसाद भोग एवं कचौड़ी भंडार दुकान 75 लाख रुपये में बकही है। झूंसी साइड और मेला क्षेत्र के अंदर भी दुकानों की बिक्री हो रही है। वहां भी रेट हाई है। गंगा की तराई में कुंभ के दौरान लगने वाली दुकानों का रेट अन्य जगहों के मुकाबले कम है। 10 हजार दुकानों का टारगेट महाकुंभ के आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने 10 हजार दुकानें बेचने का टारगेट रखा गया है। 2019 के कुंभ में कुल 5721 स्टॉल के आवेदन आए थे। 2012 के महाकुंभ में यह संख्या करीब 2000 हजार थी। उस समय ऑफलाइन टेंडर के जरिए आवंटन होता था। 2019 से टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई। 13 नवंबर से दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अब तक 2000 से अधिक दुकानों का टेंडर हो चुका है। गंगा तराई में लगने वाली दुकानों का किराया भी तीन से 5 लाख रुपये तक पहुंच रहा है।

प्रदेश में आईजीएसटी के रूप में प्री सेटलमेंट और पोस्ट सेटलमेंट के रूप में राजस्व में वृद्धि हुई

भोपाल दीपावली की रौनक थमने के बाद नवम्बर महीने में जीएसटी से राज्य सरकार को होने वाली ग्रोथ घटी है। दीपावली के कारण अक्टूबर में जहां राज्य सरकार को बाजार में खरीददारी बढ़ने से 554 करोड़ रुपए का अधिक राजस्व सितम्बर के मुकाबले मिला था। वहीं नवम्बर में यह घट गया और अक्टूबर के मुकाबले सिर्फ 166 करोड़ रुपए ही अधिक रेवेन्य राज्य शासन के खाते में जमा हो सकी है। हालांकि यह ओवरआल पांच प्रतिशत बढ़ी है। इसके अलावा प्रदेश में इंटर स्टेट जीएसटी (आईजीएसटी) के रूप में प्री सेटलमेंट और पोस्ट सेटलमेंट के रूप में राजस्व में वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने एक दिसम्बर को सभी राज्यों के हिस्से में आए और केंद्र को मिले जीएसटी का राज्यवार ब्यौरा जारी किया है। इसकी पड़ताल करने पर यह बात सामने आई है कि एमपी में अक्टूबर महीने में दीपावली और नवरात्र पर्व के कारण बढ़ी खरीददारी के चलते सरकार को जीएसटी से खासा मुनाफा हुआ था जो नवम्बर में कम हो गया है। एमपी सरकार को नवम्बर 2023 में जीएसटी से होने वाली आमदनी 3646 करोड़ रुपए थी जो नवम्बर 2024 में बढ़कर 3812 करोड़ हो गई है। इस तरह एक साल में ग्रोथ 5 प्रतिशत बढ़ी है। आईजीएसटी से ऐसे जुटता है राजस्व जीएसटी की आईजीएसटी कैटेगरी में सरकार को जो राजस्व मिला है, उसके अनुसार प्री-सेटलमेंट एसजीएसटी के रूप में साल 2023-24 में एमपी को 8496 करोड़ मिले थे। जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 9043 करोड़ रुपए हो गए हैं। इसमें ग्रोथ 6 प्रतिशत रही है। इसी तरह पोस्ट सेटलमेंट एसजीएसटी से मिलने वाला राजस्व वर्ष 2023-24 में 20673 करोड़ था। जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23674 करोड़ हो गया है। इसमें ग्रोथ 15 प्रतिशत रही है। ऐसे लगती है आईजीएसटी इंटरस्टेट सप्लाई होने पर आईजीएसटी लगती है। आईजीएसटी बच जाती है उसे पोस्ट सेटलमेंट कहते हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर पंजाब से एमपी के लिए कोई माल सप्लाई होता है तो वहां का व्यापारी 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली करता है। इसे आईजीएसटी कैटेगरी में शामिल किया जाता है। ऐसी स्थिति में माल सप्लाई करने वाले पंजाब को जीएसटी की राशि अलग से नहीं दी जाती है। इसके बाद जब माल का कंजप्शन एमपी में हो जाता है तो एमपी की सरकार को एसजीएसटी मिलता है। इसमें केंद्र के हिस्से की राशि केंद्र सरकार को चली जाती है।

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