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प्रयागराज महाकुंभ के लिए रेलवे ने कसी कमर, 40 करोड़ तीर्थयात्री आने का अनुमान, रेलवे ने बनाया फुलप्रूफ प्लान

 प्रयागराज भारतीय रेलवे ने अगले साल प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रेलवे का अनुमान है कि इस मेगा इवेंट में करीब 40 करोड़ तीर्थयात्री हिस्सा लेंगे। यह आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। रेलवे इस दौरान 140 नियमित ट्रेनों के साथ 1,225 विशेष ट्रेनें भी चलाएगा। जिनमें से अधिकतर स्नान के मुख्य दिनों के लिए होंगी। तीर्थयात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था रेलवे ने अयोध्या और वाराणसी जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज, प्रयाग, अयोध्या, वाराणसी, और रामबाग जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने के लिए फास्ट रिंग मेमू सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। चित्रकूट जाने वालों के लिए एक अलग रिंग रेल सेवा चलाई जाएगी, जो झांसी, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी और उरई को कवर करेगी। ट्रेनों की संख्या 1,225 विशेष ट्रेनों में से 825 ट्रेनें छोटी दूरी की यात्रा के लिए और 400 लंबी दूरी के लिए होंगी। यह 2019 के अर्धकुंभ के मुकाबले 177% ज्यादा है, जब 533 छोटी दूरी की और 161 लंबी दूरी की ट्रेनें चलाई गई थीं। तीर्थयात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने 1800-4199-139 टोल-फ्री नंबर जारी किया है। इसके अलावा, “कुंभ 2025” नाम का मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है, जो 24×7 कॉल सेंटर से जुड़ा होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश रेलवे इस आयोजन के लिए 933.62 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसमें 494.90 करोड़ रुपये यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और 438.72 करोड़ रुपये सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए रखे गए हैं। प्रयागराज जंक्शन पर 4,000 लोगों की क्षमता वाला एक अतिरिक्त यात्री शेड तैयार किया जा रहा है। टिकटिंग और सुरक्षा रेलवे मेला क्षेत्र सहित सभी स्टेशनों पर 542 टिकट काउंटर लगाएगा, जो रोजाना करीब 9.76 लाख टिकट जारी कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 100 कैमरे एआई-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस होंगे। 900 करोड़ से ज्यादा खर्च कर रहा रेलवे प्रवक्ता ने कहा कि रेलवे 933.62 करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है, जिसमें यात्री सुविधाओं में वृद्धि के लिए 494.90 करोड़ रुपए और सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के लिए 438.72 करोड़ शामिल हैं. नए स्टेशन भवन और सीसीटीवी व्यवस्था सहित 79 यात्री सुविधाओं पर काम चल रहा है. एक अतिरिक्त यात्री घेरा, जो 4,000 यात्रियों को समायोजित कर सकता है, प्रयागराज जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा. ऐसे चार बाड़े पहले से ही स्टेशन पर उपलब्ध हैं. 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध सभी स्टेशनों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में कुल 542 टिकटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराए गए हैं. प्रवक्ता ने कहा कि ये काउंटर प्रतिदिन 9.76 लाख टिकट वितरित कर सकते हैं. रेलवे सुरक्षा बल 651 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है. इनमें से लगभग 100 कैमरों में उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए एआई-बेस्ड फेस रिक्ग्निशन सिस्टम होगा.  

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द दौड़ेगी पटरी पर, 110 किमी की स्पीड… 8 कोच… बैठ सकेंगे 2638 पैसेंजर…

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन लॉन्च करने की तैयारी के साथ एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशनों के बीच जल्द ही ट्रायल रन के लिए दौड़ेगी। इस हाइड्रोजन ट्रेन का डिजाइन रेलवे की शोध, डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित किया गया है। डिजाइन को दिसंबर 2021 में अंतिम रूप दिया गया था। इसके निर्माण पर काम तब से लगातार चल रहा है। इस ट्रेन का अंतिम ट्रायल अगले साल की पहली तिमाही में होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरडीएसओ के महानिदेशक उदय बोरवंकर ने कहा, ”आरडीएसओ लगातार नए और अभिनव प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करता है। हाइड्रोजन ईंधन का उपयोग सड़क परिवहन में सफल रहा है। रेलवे में अभी तक इसका व्यापक उपयोग नहीं हो सका है। भारत का यह प्रयास टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।” 8 डिब्बे और 2,638 यात्रियों की क्षमता इस ट्रेन में 8 यात्री डिब्बे होंगे, जिनमें एक बार में 2,638 यात्री यात्रा कर सकेंगे। ट्रेन की अधिकतम गति 110 किमी/घंटा होगी। इसमें तीन डिब्बे हाइड्रोजन सिलेंडरों, ईंधन सेल कन्वर्टर्स, बैटरियों और एयर रिज़र्व के लिए होंगे। यह ट्रेन विशेष रूप से कम दूरी के सफर के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। वर्तमान में चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में ट्रेन का इंटीग्रेशन कार्य प्रगति पर है। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के ईंधन सेल से उत्पन्न बिजली का उपयोग मोटर चलाने के लिए करती हैं। जर्मनी और चीन जैसे देशों ने रेल परिवहन में हाइड्रोजन ईंधन पर काम किया है, लेकिन अब तक केवल जर्मनी में एक सफल हाइड्रोजन ट्रेन परिचालित हो रही है। वहां ट्रेन में सिर्फ दो कोच हैं। पर्यावरण के लिए फिट है यह ट्रेन भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसका लक्ष्य ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देना है। क्या होगा ट्रेन का नाम ट्रेन का नाम अभी तय नहीं हुआ है। हाल ही में आयोजित इंटरनेशनल इनोवेटिव रेल एक्सपो में इस ट्रेन के मॉडल को “नमो ग्रीन रेल” नाम के साथ प्रदर्शित किया गया था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक नाम लॉन्च के समय तय किया जाएगा। ट्रेन की खूबियों को बताया लखनऊ में आरडीएसओ के अंतरराष्ट्रीय इनोवेटिव रेल एक्सपो में इस हाइड्रोजन ट्रेन के डिजाइन को प्रदर्शित किया गया है. इसके साथ ही इसकी खूबियों को भी बताया गया.पहली हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में आरडीएसओ के डायरेक्टर जेनरल उदय बोरवनकर ने बताया कि आरडीएसओ हमेशा नए और अभिनव काम पर ध्यान देती है. अब तक दुनिया भर में रोड ट्रांसपोर्ट में तो हाइड्रोजन फ्यूल प्रयोग हो रहा है पर रेलवे ट्रांसपोर्ट में कहीं बहुत सफल प्रयोग नहीं हो सका है.अब भारत इसको करेगा जो निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि होगी. यह सस्टेनेबल एनर्जी पर आधारित है. इंटीग्रेशन का चल रहा काम नमो ग्रीन रेल नाम इस मॉडल पर लिखा है लेकिन अधिकारियों के अनुसार लॉन्च होते समय इस ट्रेन का नाम रखा जाएगा. अभी हाइड्रोजन ट्रेन का कोई नाम नहीं रखा गया है. आरडीएसओ की ओर से तैयार इस हाइड्रोजन ट्रेन में 8 पैसेंजर कोच होंगे. 2638 यात्री एक बार में उसमें यात्रा कर पाएंगे. इसकी स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसके अलावा तीन कोच हाइड्रोजन सिलिंडर के लिए भी होंगे. इसी में इंटीग्रेटेड फ्यूल सेल कनवर्टर, बैट्री, एयर रिजरवॉयर्स (Air Reservoirs) भी होगा. इसे कम दूरी तक की यात्रा के लिए उपयुक्त माना जा सकता है. फिलहाल चेन्नई के इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (ICF Chennai) में इसके इंटीग्रेशन का काम चल रहा है. सिर्फ जर्मनी में ही चल रही हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन पॉवर्ड ट्रेन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन सेल्स से मिलने से बिजली बनती है, जिससे ट्रेन का मोटर चलता है. अब तक हाइड्रोजन फ्यूल पर जर्मनी, चीन जैसे देश काम कर चुके हैं लेकिन बड़े पैमाने पर कहीं भी ये प्रयोग सफल नहीं रहा है. सिर्फ जर्मनी में ही हाइड्रोजन ट्रेन दो बोगियों के साथ चल रही है. आरडीएसओ के डायरेक्टर जनरल उदय बोरवनकर कहते हैं कि ग्रीन एनर्जी पर अब बहुत ज़्यादा हमारा ध्यान है. ऐसे में इसपर काम होगा. आपको मालूम हो कि हाइड्रोजन ट्रेन, डीजल और अन्य जीवाश्म ईंधन से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में प्रदूषण को कम करने में सक्षम है.

RSS बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर नाराज, 4 दिसंबर को सर्व हिंदू समाज निकालेगा आक्रोश रैली, बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में सौंपेंगे ज्ञापन

इंदौर इंदौर में 4 दिसंबर को हिंदू समाज का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ यह रैली आयोजित होगी। RSS कार्यालय सुदर्शन में हुई बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। संघ और इससे जुड़े दूसरे संगठनों के साथ व्यापारी संगठनों ने भी इस आंदोलन में भाग लेने का निर्णय लिया। रैली सुबह 9:30 बजे लालबाग से शुरू होकर कलेक्टर ऑफिस पर समाप्त होगी।अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।   व्यापारी संगठनों ने भी दिखाई एकजुटता इंदौर में होने वाली इस रैली में 4 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। बीजेपी इंदौर महानगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही वीभत्स घटनाओं के कारण व्यापारी संगठनों में भी गुस्सा है। 4 दिसंबर को शहर के आधे व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने की उम्मीद है। आयोजन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाना है।   सर्व हिंदू समाज की एकजुटता बैठक में बीजेपी जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा ने बताया कि संघ परिवार के सभी वैचारिक संगठन इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही घटनाओं के विरोध में इंदौर से एक सशक्त संदेश देना है। आयोजक पंकज पवार ने बताया कि यह रैली हिंदू समाज की पीड़ा और आक्रोश का प्रतीक होगी।   दुर्गा वाहिनी ने उठाई अंतरराष्ट्रीय दबाव की मांग दुर्गा वाहिनी की माला सिंह ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश में हो रही घटनाओं ने हिंदू समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेशी प्रशासन पर दबाव बनाया जाए। ठाकुर ने यह भी कहा कि 4 दिसंबर को व्यापारी संगठनों ने आधे दिन का बंद रखने का निर्णय लिया है।  हिंदू एकता महासंघ फिरोजाबाद के तत्वावधान में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विद्यालय के वीनेश कुमार, धर्म रक्षा संघर्ष समिति के प्रभाष्कर राय, धर्म रक्षा संघर्ष समिति के संजय सिंह एडवोकेट एवं गुरुद्वारा समिति टूंडला के अध्यक्ष काके सरदार सहित 50 से 60 हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर गोशाला प्रांगण में बैठक आयोजित की गई। सभी संगठनों ने एक स्वर में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध किया। उन्होंने कहा संपूर्ण देश का हिंदू समाज यह सब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हिंदू समाज के समस्त संगठन इसका पुरजोर विरोध प्रदर्शन करेगा। हिंदू संगठनों के द्वारा 4 दिसंबर को जिले में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देंगे। इस दौरान सिख समाज से सरदार दलवीर सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव भारतीय, सद्भावना सीमा समिति के अध्यक्ष अनुभव महेश्वरी, अरुण जैन, प्रताप जैन, सौरभ, योगेंद्र उपाध्याय सहित काफी पदाधिकारी मौजूद थे।

इस्कॉन ने की पुष्टि, बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर जारी हमलों के बीच एक और हिंदू पुजारी की गिरफ्तारी

ढाका बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर जारी हमलों और दमन के बीच एक और हिंदू पुजारी की गिरफ्तारी हुई है। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) ने इस बारे में पुष्टि की है। गिरफ्तार पुजारी की पहचान श्याम दास प्रभु के रूप में हुई है, जो कथित रूप से जेल में बंद आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास से मिलने गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, श्याम दास प्रभु को चटगांव पुलिस ने बिना किसी आधिकारिक वारंट के गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय और धार्मिक संगठनों में गहरी नाराजगी है। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने इस गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “आज चटगांव पुलिस ने एक और ब्रह्मचारी श्याम दास प्रभु को गिरफ्तार कर लिया है।” पहले से ही तनावपूर्ण माहौल इससे पहले सोमवार को पूर्व इस्कॉन सदस्य और आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मंगलवार को जमानत देने से इनकार कर दिया गया, जिससे हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल और बढ़ गया है। इस्कॉन ने किया गिरफ्तारी का विरोध इस्कॉन और अन्य हिंदू संगठनों ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की है। राधारमण दास ने कहा कि यह कार्रवाई अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को डराने और धार्मिक स्वतंत्रता का दमन करने का प्रयास है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मध्यप्रदेश में डीजीपी के पद पर अब कैलाश मकवाना जिम्मेदारी संभालेंगे, यह तीसरे इंजीनियर है जो MP DGP बने

भोपाल प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना लगातार तीसरे ऐसे डीजीपी होंगे जो इंजीनियर हैं। इसके पहले सुधीर कुमार सक्सेना और विवेक जौहरी भी इंजीनियर थे। सुधीर सक्सेना शनिवार 30 नवंबर को सेवानिवृत हो गए। उनकी जगह कैलाश मकवाना इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। मकवाना के डीजीपी बनने पर स्पेशल डीजी का एक पद रिक्त होगा। उसकी जगह एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स पंकज श्रीवास्तव स्पेशल डीजी बनेंगे। आईपीएस अधिकारियों की वर्तमान ग्रेडिंग लिस्ट देखें तो सुधीर सक्सेना के बाद शीर्ष 10 अधिकारियों में छह इंजीनियर हैं। मकवाना ने मैनिट (पूर्व में एमएसीटी) से बीई किया है। इसके साथ ही आईआईटी से एमटेक हैं। अगले माह स्पेशल डीजी और एडीजी के स्तर पर कई अधिकारी इधर से उधर भी हो सकते हैं। मकवाना के पुलिस महानिदेशक बनने के बाद पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का अध्यक्ष पद रिक्त हो जाएगा। डीजी अजय शर्मा यहां पर किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पदस्थापना की जा सकती है। इसके लिए ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा के नाम की भी चर्चा है। यहां पहले से ही एक स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन एमडी के पद पर हैं। एडीजी अजाक रहे राजेश गुप्ता के सेवानिवृत होने के बाद इस शाखा का प्रभार स्पेशल डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव को दिया गया है। इसी तरह से पुलिस प्रशिक्षण अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआइ) का अतिरिक्त प्रभार एडीजी चयन संजीव शमी के पास है। दोनों जगह किसी एडीजी को पदस्थ किया जाएगा। ईओडब्ल्यू का डीजी बनने के लिए एक स्पेशल डीजी लंबे समय से प्रयास में हैं। इसी तरह से योगेश देशमुख के एडीजी गुप्तवार्ता बनने के बाद साइबर का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, इस दृष्टि से यहां भी किसी को पदस्थ किया जाएगा। प्रमुख सचिव अनुपम राजन पदोन्नत होकर बने एसीएस शासन के प्रमुख सचिव अनुपम राजन अब अपर मुख्य सचिव (एससएसी) के पद पर पदोन्नत किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से रिक्त हुए पद पर अनुपम राजन को पदोन्नति मिली है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को पदोन्नति आदेश जारी कर दिया। उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव अनुपम राजन के पास उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार है।

जिला कोर्ट ने मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी ऑफ हिमाचल की अपील खारिज की, गिराई जाएंगी संजौली मस्जिद की 3 मंजिल

चंडीगढ़ शिमला की संजौली मस्जिद को लेकर जिला कोर्ट से मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी को बड़ा झटका लगा है. जिला कोर्ट ने मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी ऑफ हिमाचल की अपील खारिज दी, जिसमें मस्जिद गिराने के फैसले को चुनौती दी गई थी. याचिका में नगर निगम आयुक्त के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें मस्जिद की तीन मंजिलों को अवैध अतिक्रमण बताते हुए गिराने को कहा गया था. कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब मस्जिद की मंजिलों को गिराने का काम शुरू किया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर तक मामले को निपटाने का आदेश दिया था. क्या है पूरा मामला? शिमला के संजौली में जो 5 मंजिला मस्जिद बनाई गई है वहां पुरानी छोटी मस्जिद की जगह एक अवैध इमारत खड़ी कर दी गई है. आरोप है कि इस मस्जिद को बिना किसी मंजूरी के 5 मंजिल तक बनाया गया है. इस मस्जिद का निर्माण 2009 में शुरू हो गया था और इसे लेकर 2010 में विवाद शुरू हो गया. विवाद होने के 2 साल बाद 2012 में वक्फ बोर्ड ने मस्जिद बनाने की मंजूरी दी थी. नगर निगम की आपत्ति पर 2013 में एक अन्य व्यक्ति ने मस्जिद की ओर से एक मंजिल का प्रस्तावित नक्शा निगम में दिया और 2018 तक बिना वैध मंजूरी के 5 मंजिला मस्जिद बना डाली. स्थानीय लोगों ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी. लोगों का कहना है कि जब शिमला में साढ़े तीन मंजिल से ज्यादा किसी भी इमारत के निर्माण पर सख्त प्रतिबंध है तो फिर शिमला के संजौली इलाके में सरकारी जमीन पर पांच मंजिला अवैध मस्जिद का निर्माण कैसे हुआ और अब जब सरकार को ये पता चल गया कि ये मस्जिद गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई है तो सरकार इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? जानें कब क्या हुआ – इसी साल मतियाणा में युवकों की पिटाई के बाद संजौली मस्जिद विवाद उठा और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया. – 11 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी ने अवैध बताए जा रहे हिस्से को हटाने की पेशकश की थी. – 5अक्टूबर को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद की तीन मंजिलें तोड़ने को स्वीकृति दी. – 21 अक्टूबर को हिमाचल हाई कोर्ट ने भी संजौली मस्जिद के पूरे ढांचे की वैधता पर अंतिम फैसला आठ हफ्ते के भीतर करने के आदेश जारी किए. – 6 नवंबर को जिला अदालत में सुनवाई शुरू हुई और 11 स्थानीय लोगों की याचिकाकर्ता बनने पर सुनवाई की गई. – 14 नवंबर को स्थानीय याचिकाकर्ताओं को इस मामले में पार्टी बनाने की अनुमति नहीं मिली. – 18 नवंबर को वक्फ बोर्ड को इस मामले में मस्जिद कमेटी के अधिकृत होने या न होने पर शपथ पत्र दायर करने के निर्देश दिए.

बच्चो के लिए अच्‍छी खबर: प्रदेश के सभी स्कूलो में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अवकाश रहेगा , परिवार के साथ बनाएं प्‍लान; देखें छुट्टियों की

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, जिसमें 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में स्थानीय अवकाश शामिल है। इसके अलावा, क्रिसमस डे (25 दिसंबर) पर भी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। इस महीने को लेकर कुछ अन्य ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। 3 दिसंबर, 2024 को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के अवसर पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में कई ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिनमें 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांग दिवस’, 4 दिसंबर को ‘क्रांतिसूर्य टंट्या भील बलिदान दिवस’, 18 दिसंबर को ‘गुरु घासीदास जयंती’, 14 दिसंबर को ‘दत्तात्रय जयंती’, 27 दिसंबर को ‘महाराजा खेतसिंह खंगार जी की जयंती’, और 31 दिसंबर को ‘बालीनाथ जी बैरवा जयंती’ शामिल हैं। शीतकालीन अवकाश की भी घोषणा इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा भी कर दी है। इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेगा, जो अगले दिन 5 जनवरी को रविवार की छुट्टी से जुड़कर 6 जनवरी तक मिलेगा। इन पांच दिनों के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों में शीतलाकीन अवकाश का ऐलान कर दिया है। इस बार मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी स्कूलों शीतकालीन अवकाश किया जाता है, हालांकि अभी तक किसी भी राज्य ने इनकी घोषणा नहीं की है। अभी तक मध्य प्रदेश के स्कूलों में पांच दिन की विंटर वेकेशन घोषित की गई है। 6 जनवरी को रविवार होने की वजह से इस दिन भी विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश के स्कूलों में 6 दिनों की छुट्टी रहेगी। न्यू ईयर के अवसर पर छुट्टी मिलने से स्कूली छात्रों में खुशी की लहर है।  दिल्ली में विंटर वेकेशन दिल्ली के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां जनवरी 2024 के आरंभ में होगी। ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली में स्कूलों को 1 जनवरी से 6 जनवरी (Delhi Winter Vacation 2024 Dates) तक बंद रखा जाएगा। हालांकि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा विंटर वेकेशन की डेट्स अलग से घोषित की जाएंगी। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में शीतकालीन अवकाश रहेगा। चार दिन की लंबी छुट्टी का मौका भोपाल में 3 दिसंबर को गैस त्रासदी के मौके पर स्थानीय अवकाश होने के कारण, अगर कोई कर्मचारी या छात्र सोमवार को भी छुट्टी लेता है, तो उसे लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। वहीं, कुछ स्कूलों में परीक्षा का दौर भी होने की वजह से छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव हो सकता है। घूमने का बेस्ट मौका मध्य प्रदेश के लोग इन छुट्टियों का लाभ उठाकर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, सांची और माण्डी जैसी जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श हैं। इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के लोगों को विभिन्न छुट्टियों का लुत्फ उठाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा, और वे इन अवकाशों का उपयोग अपने परिवार के साथ सैर-सपाटे, आराम और नए साल की खुशियों का स्वागत करने के लिए कर सकते हैं।  

CM यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने PM मोदी का आभार माना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।  

जीजी फ्लाईओवर का मैनिट के एक्सपर्ट और ट्रैफिक के अधिकारियों ने किया मुआयना, 100 मीटर की दूरी से लेना पड़ रहा यू-टर्न

भोपाल  शहर की जनता जिस जीजी फ्लाईओवर के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उस ब्रिज की गलत डिजाइन अब ट्रैफिक पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। दरअसल ब्रिज का भोपाल हाट की तरफ का बना हुआ हिस्सा सुरक्षित यातायात के मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इसलिए ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़कर दोबारा नए सिरे से बनाया जाएगा। ताकि भोपाल हाट की तरफ से चौराहे की तरफ जाने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे की तरफ आने वाले वाहन चालक सुरक्षित आवाजाही कर सकें। चूंकि ब्रिज के बनने के बाद उक्त चौराहे पर पांच रास्ते निकल रहे हैं। ऐसे में पांच रास्तों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक सिग्नल लगा पाना ट्रैफिक पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। इसको ध्यान में रखकर फिलहाल चौराहे पर बड़ी रोटरी बनाई जाएगी। साथ ही भोपाल हाट की तरफ से आने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सिग्नल लगने की प्लानिंग चल रही है। हालांकि यह प्लानिंग कितनी कारगर साबित होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल ब्रिज की गलत डिजाइन की वजह से ट्रैफिक पुलिस यातायात क्लियरेंस नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शुरुआत में ही ब्रिज का डिजाइन विवादों में रहा, लेकिन विभाग के इंजीनियर इससे नकारते रहे और आज स्थिति बिगड़ चुकी है। अब एक्सपर्ट ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़ने की बात कह रहे हैं। ताकि कुछ हद तक ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सकता है। इस पर विचार मंथन चल रहा है। डिवाइडर बना अड़ंगा गणेश मंदिर की तरफ की साइट अब क्लियर हो चुकी है। यहां भी ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षित यातायात मानकों के तहत बीच में डिवाइडर बनाने के लिए कहा था। पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर बनाकर गणेश मंदिर की तरफ से जो वाहन चालक अरेरा कालोनी की तरफ मुड़ जाते थे। वह अब 100 मीटर दूरी से यानी वीर सावरकर सेतू का पूरा चक्कर लगाने के बाद हबीबगंज अंडरब्रिज से होकर अरेरा कलोनी, 1100 क्वार्टर पहुंच पाते हैं। पूर्व में गणेश मंदिर की तरफ से ही वाहन चालक अरेरा कालोनी वाले क्षेत्र से होकर अपने ज्ञातव्य तक आसानी से पहुंच जाते थे। 80 मीटर बचा आरईवाल का काम गायत्री मंदिर की तरफ ब्रिज के किनारों पर बनाई जा रही आरईवाल का काम 80 मीटर का बचा हुआ है। इस काम के पूरा होने के बाद ब्रिज पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल ब्रिज का यही हिस्सा है, जहां निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है। ज्ञात हो कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पहले कोलार पाइप लाइन का हवाला देकर इस काम में देरी की बात कह रहे थे, लेकिन पाइप लाइन को हटे हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अभी तक यहां आरईवाल का काम पूरा नहीं हुआ। नियंत्रित रफ्तार से चलेंगे वाहन गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और मैनिट के एक्सपर्ट सिद्धार्थ रोकड़े ने ब्रिज पर यातायात मानकों का जायजा लिया था। इस दौरान ब्रिज पर जगह-जगह लगाए गए ट्रैफिक पुलिस के संकेत उन्होंने देखे। सिद्धार्थ रोकड़े ने बताया कि ब्रिज पर टू व्हीलर की स्पीड अधिकतम 60 और जंक्शन पर न्यूनतम गति 30 की रहेगी। ब्रिज का निरीक्षण किया है, भोपाल हाट की तरफ से ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए वहां बड़ी रोटरी की अनुशंसा की है। सुरक्षित यातायात के लिए ब्रिज का शुरुआती हिस्से को तोड़ने की भी अनुशंसा की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। – सिद्धार्थ रोकड़े, प्रोफेसर, मैनिट ट्रैफिक पुलिस ने मैनिट के एक्सपर्ट के साथ ब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने कुछ बातें बताई हैं उस आधार पर काम होगा। यह फिलहाल नहीं बता सकते कि ब्रिज का शुभारंभ कब होगा। – जावेद शकील, सहायक यंत्री, पीडब्ल्यूडी, भोपाल

सीएम ने कहा- जर्मन कंपनी मप्र में निवेश को तैयार, खुलेंगे रोजगार के द्वार, अचारपुरा, भोपाल में लगेगा औद्योगिक संयंत्र, 6.72 एकड़ जमीन आवंटित

भोपाल  जर्मनी से मध्य प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव विवभन्न औद्योगिक सेक्टरों के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआइ, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मन की कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड मप्र में 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए भोपाल के अचारपुरा में कंपनी को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों से चर्चा के तुरंत बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटन पत्र जारी किया। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पावर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जर्मनी के म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रयोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जर्मनी और इग्लैंड की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूं कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। जर्मन कंपनियों ने मप्र में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इससे रोजगार और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए जर्मन आगे बढ़ रहे हैं। जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। जर्मनी और इंग्लैंड को मानव संसाधन उपलब्ध कराएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी और इंग्लैंड आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं। उन्हें आवश्यकता है तो दक्ष मानव संसाधन की। हमारे पास दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा हैं। दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्यबल बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गई इन्वेस्ट मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने म्यूनिख के समीप ब्रुंथल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा किया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिक को मध्य प्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की।

Bhopal में मिंटो हॉल के बाहर लगे ‘वक्फ बोर्ड हटाओ भारत बचाओ’ के पोस्टर

भोपाल  देशभर में इन दिनों वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हंगामा जारी है। सदन से लेकर सड़क पर इसे लेकर राजनीति हो रही है। इस बीच राजधानी भोपाल में मिंटो हॉल के बाहर वक्फ बोर्ड को हटाने के पोस्टर लगने से हड़कंप मच गया। पोस्टर में ‘वक्फ बोर्ड हटाओ-भारत बचाओ’ का नारा लिखा गया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इसे फौरन हटाया गया। मामला अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र का है। ‘वक्फ बोर्ड हटाओ, भारत बचाओ’ के लगे पोस्टर दरअसल, किसी ने मिंटों हॉल के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘वक्फ बोर्ड हटाओ-भारत बचाओ’ लिखा हुआ एक पोस्टर लगा दिया। जिसके बाद पूरे शहर में यह चर्चा की विषय बन गया। लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसकी जानकारी मिलते ही एक टीम पहुंची और इसे हटाया गया। हालांकि, इस पोस्टर में किसी संगठन का नाम नहीं लिखा हुआ है, जिससे इसकी पुष्टि हो सके कि किसने इसे लगाया है।   CCTV की जांच कर रही पुलिस थाना प्रभारी मनोज पटवा ने इस मामले में बताया कि पोस्टर लगाने वाले की जानकारी नहीं मिली है। आस-पास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। भोपाल-इंदौर में लगे थे ‘भगवा ए हिंद’ और ‘हिंदुओं से सामान खरीदें’ जैसे पोस्टर बता दें कि इन दिनों मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सनातन को लेकर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले बजरंग दल और हिंदू संगठन ने दिवाली के समय राजधानी में हिंदुओं से सामान खरीदने की अपील करते हुए एक पोस्टर लगाया गया था। वहीं, इंदौर में ‘गजवा ए हिंद नहीं, चलेगा भगवा ए हिंद’ जैसे पोस्टर लग चुके हैं। लेकिन अब वक्फ बोर्ड को लेकर भी पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। जिसके बाद अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने दो-टूक कहा अब जवाबदेही तय की जाएगी तथा कठोर निर्णय लिए जाएंगे

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब बीते दिन ही नई दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं को फटकार लगाई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर समझौता हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में खड़गे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया है, और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है। बैठक में नेताओं ने महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर चर्चा की। कई नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। ‘हमें कठोर निर्णय लेने होंगे’ पार्टी प्रमुख खड़गे ने कहा कि चुनावी हार के मद्देनजर “कठोर निर्णय” लेने होंगे और जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने कहा कि नेताओं को चुनाव परिणामों से सबक लेना होगा. हालांकि, उन्होंने माना कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को “संदिग्ध” बना दिया है. कांग्रेस प्रमुख ने यह भी पूछा कि पार्टी के राज्य नेता विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों और राष्ट्रीय नेताओं पर कब तक निर्भर रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रतिरोध का संगठन है और पार्टी नेताओं को इस पर भरोसा रखना चाहिए. करीब साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में 81 नेताओं ने हिस्सा लिया. राहुल बोले- एक्शन लीजिए वहीं राहुल गांधी ने खड़गे से पार्टी के खराब परिणामों के मद्देनजर “सख्ती से काम लेने” का आग्रह किया. पीटीआई के मुताबिक, जब चुनावों को लेकर जवाबदेही तय करने की बात हो रही थी तो राहुल गांधी ने कहा, ‘‘खरगे जी, एक्शन लीजिए.’’ आपसी बयानबाजी से हुआ नुकसान- खड़गे खड़गे ने कांग्रेस के भीतर कलह पर निशाना साधते हुए कहा, “सबसे अहम बात जो मैं बार-बार कहता हूं कि आपसी एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है. जब तक हम एक होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे?” उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने प्रतिद्वंद्वियों के “प्रचार और गलत सूचना” का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए एक रणनीति विकसित करनी होगी.  खड़गे ने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हम अनुशासन का सख्ती से पालन करें… पार्टी के पास अनुशासन का हथियार भी है. लेकिन हम अपने कार्यकर्ताओं को किसी बंधन में नहीं डालना चाहते.” महाराष्ट्र चुनाव के बारे में उन्होंने कहा, “छह महीने पहले लोकसभा चुनावों में माहौल हमारे पक्ष में था. लेकिन केवल माहौल पक्ष में होने भर से जीत की गारंटी नहीं मिल जाती/ हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा. क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पाते?” उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘हमें पर्याप्त मेहनत करने के साथ समयबद्ध तरीके से रणनीति बनानी होगी. हमें अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। हमें मतदाता सूची बनाने से लेकर वोट की गिनती तक रात-दिन सजग, सचेत और सावधान रहना होगा। हमारी तैयारी आरंभ से मतगणना तक ऐसी होनी चाहिए कि हमारे कार्यकर्ता और ‘सिस्टम’ मुस्तैदी से काम करें.’ EVM के पक्ष में चिदंबरम विचार-विमर्श के दौरान, कुछ नेताओं ने ईवीएम के खिलाफ पार्टी प्रमुख के रुख के खिलाफ जाने वालों की आलोचना की और कहा कि इससे नेतृत्व और उठाए गए मुद्दों की छवि खराब होती है. खड़गे द्वारा ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर संदेह जताए जाने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के पक्ष में बात की. पार्टी महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर चिंताओं को लेकर आंदोलन और रैलियां होंगी और इंडिया ब्लॉक के दल इसमें शामिल होंगे.पार्टी महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव, संगठन के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मामलों पर विचार करने के लिए आंतरिक समितियों का गठन करने का फैसला किया है. चुनावी परिणामों पर जताई हैरानी  उन्होंने कहा कि हरियाणा के बाद, पैनल के सदस्य महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे और वहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और नुकसान का आकलन करेंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में, वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में चुनावी नतीजे “सामान्य समझ से परे हैं और यह लक्षित हेरफेर का एक स्पष्ट मामला प्रतीत होता है.” सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कहा गया है कि हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन सभी अपेक्षाओं के विपरीत रहा है. प्रस्ताव में कहा गया कि “चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं, जिन्होंने राज्य में परिणाम को प्रभावित किया है, जिन्हें अनदेखा किया गया है.” सीडब्ल्यूसी ने “स्वीकार किया” कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का प्रदर्शन हैरान करने वाला रहा है. कांग्रेस कार्यसमिति ने कहा, “पार्टी को अपने नैरेटिव को मजबूत करते रहना चाहिए. इसमें पूर्ण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाना, राजनीतिक संरक्षण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में बढ़ते एकाधिकार पर नियंत्रण और निरंतर मूल्य वृद्धि और बढ़ती बेरोजगारी शामिल है.” राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी कार्यसमिति ने फैसला किया कि चुनावी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को राष्ट्रीय आंदोलन का मुद्दा बनाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दलों को भी साथ लेगी। जवाबदेही और सख्त फैसले खड़गे ने कहा कि हार से सबक लेते हुए कठोर निर्णय लेने होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों और नेताओं पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अनुशासन और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आपसी कलह और बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी का आग्रह राहुल गांधी ने खड़गे से खराब प्रदर्शन के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की अपील करते हुए कहा, “खड़गे जी, अब एक्शन लीजिए।” चिदंबरम का ईवीएम समर्थन बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ईवीएम के खिलाफ खड़गे के बयान से असहमति जताई और इसका … Read more

180 अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में मिला कैडर, छत्तीसगढ़ को मिले 3 आईएएस ऑफिसर

रायपुर केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों को उनके कैडर आवंटित कर दिए हैं. इस बैच में कुल 180 अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में कैडर मिला है. छत्तीसगढ़ को इस बार 3 आईएएस अधिकारी मिले हैं, जिनमें सभी अन्य राज्यों से हैं. आवंटन सूची जारी होने के बाद अब संबंधित राज्य सरकारें इन अधिकारियों की पोस्टिंग करेंगी. इन अधिकारियों को मिला छत्तीसगढ़ कैडर:     पश्चिम बंगाल के निवासी अक्षय दोशी ने यूपीएससी में 75वीं रैंक प्राप्त किया है. उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला है और वे जनरल कैटेगरी से आते हैं.     उत्तर प्रदेश के निवासी विपिन दुबे ने को भी छत्तीसगढ़ कैडर मिला है. उन्होंने यूपीएससी में 238वीं रैंक हासिल किया है और वे भी जनरल कैटेगरी से हैं.     महाराष्ट्र निवासी क्षितिज गुरभेले ने यूपीएससी में 441वीं रैंक प्राप्त किया है. वे अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से आते हैं और उन्हें भी छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है. बता दें, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट 16 अप्रैल 2024 को घोषित किया गया था. परीक्षा कुल 1139 पदों के लिए आयोजित हुई थी, जिसमें पहली सूची में 1016 अभ्यर्थियों का चयन हुआ. बाद में 25 अक्टूबर 2024 को रिजर्व लिस्ट जारी की गई, जिसमें 120 अतिरिक्त अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे. UPSC परीक्षा टॉपर्स और उनके कैडर:     आदित्य श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश): टॉपर रहे आदित्य को उनका होम कैडर (उत्तर प्रदेश) आवंटित हुआ.     अनिमेष प्रधान (ओडिशा): दूसरे स्थान पर रहे अनिमेष को ओडिशा कैडर मिला.     अनन्या रेड्डी (तेलंगाना): तीसरे स्थान पर रहीं अनन्या को महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ. यूपीएससी 2023 परीक्षा का रिजल्ट इस साल 16 अप्रैल 2024 को जारी हुआ. यूपीएससी 2023 परीक्षा माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों को 2024 बैच का हिस्सा बनाया गया है.

बांग्लादेश : इस्कॉन पर बैन के लिए सड़कों पर कट्टरपंथी, चिन्मय की रिहाई के लिए दुनियाभर में इस्कॉन की प्रार्थना सभाएं

ढाका पश्चिम बंगाल की राजधानी ढाका में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल इस्लाम ने आश्वासन दिया है कि देश में हिंदू समुदाय सुरक्षित है और वहां अल्पसंख्यकों को कोई खतरा नहीं है। सीएनएन न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू में इस्लाम ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश सरकार का इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं मामले की सुनवाई के बारे में नहीं जानता, लेकिन ISKCON पर बांग्लादेश में प्रतिबंध नहीं लगेगा।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व ISKCON पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के बाद इस हिंदू संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई है। बांग्लादेश हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को ISKCON की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। हिंदू समुदाय सुरक्षित हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच हिंसा की घटनाओं पर बोलते हुए इस्लाम ने कहा, “हिंदू समुदाय बांग्लादेश में सुरक्षित है। एक व्यवस्थित स्तर पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आकर जमीनी स्थिति देखें। शुरुआती कुछ दिनों में हिंसा हुई थी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।” इस्लाम ने कहा कि चिन्मय कृष्ण दास को निष्पक्ष न्याय मिलेगा और सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत के बयान पर प्रतिक्रिया भारत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्लाम ने इसे आंतरिक मामला बताया और कहा कि नई दिल्ली को इस मामले पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “भारत सरकार को बयान नहीं देना चाहिए था। यह हमारा आंतरिक मामला है। हम कभी भारत में होने वाली घटनाओं पर टिप्पणी नहीं करते।” भारत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की निंदा की थी और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, “हमें चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत से इनकार किए जाने पर गहरी चिंता है।” इस घटनाक्रम ने बांग्लादेश में धार्मिक और राजनैतिक तनाव को बढ़ा दिया है, लेकिन सरकार ने स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बांग्लादेश में ढाका हाईकोर्ट के इस्कॉन पर बैन लगाने से इनकार करने के बाद कट्टरपंथी समूहों ने शुक्रवार को भारी हंगामा किया। जुम्मे की नमाज के बाद देशभर की मस्जिदों में लाखों मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। सबसे बड़े प्रदर्शन राजधानी ढाका और चटगांव में हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस्कॉन को ‘हिंदू उग्रवादी संगठन’ और ‘कट्टरपंथी व राष्ट्र-विरोधी समूह’ बताते हुए इस संगठन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। इन रैलियों में कट्टरपंथी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम, खिलाफत मजलिस और इस्लामिक आंदोलन सहित कई धार्मिक-आधारित संगठनों और राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। हिफाजत ने कहा कि देश की पराजित ताकतें हिंदुओं का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रही हैं। पिछले मंगलवार को चटगांव कोर्ट परिसर में जिस तरह से वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या की गई, वह गृहयुद्ध भड़काने की कोशिश थी। वहीं, चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई के लिए इस्कॉन ने कोलकाता में विरोध कीर्तन आयोजित किया। इस्कॉन ने घोषणा की है कि रविवार को दुनिया भर के सभी इस्कॉन मंदिरों में वैश्विक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें बांग्लादेश में हिंदू भक्तों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रार्थना की जाएगी। चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा पर भी बोले मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव   बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भड़की हालिया हिंसा को लेकर इस्लाम ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। यहां  हिंदू सुरक्षित हैं। मीडिया संस्थानों से अपील करते हुए शफीकुल इस्लाम ने कहा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप आएं और यहां हकीकत कवर करें। बांग्लादेश में शुरुआती कुछ दिनों में हिंसा देखी गई और स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने चिन्मय दास के मामले में भी निष्पक्ष सुनवाई की बात कही।         इस्कॉन से जुड़े 17 लोगों के बैंक खातों पर लगी रोक   इससे पहले, बांग्लादेश के वित्तीय अधिकारियों ने एक आदेश के बाद इस्कॉन से जुड़े सत्रह लोगों के बैंक खातों पर एक महीने तक की रोक लगाई। इन लोगों से तीन कामकाजी दिनों के भीतर अपने लेन-देन की जानकारी संबंधित बैंकों को सौंपने को कहा गया है।        भारत लगातार जता रहा विरोध   भारत बांग्लादेश सरकार के सामने लगातार मजबूती से यह मुद्दा उठा रहा है कि वहां के हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों को धमकियों और लक्षित हमलों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अपने सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा, हम बांग्लादेश में कट्टरपंथी भाषा के बढ़ते इस्तेमाल, हिंसा की बढ़ती घटनाओं और उकसावे के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हैं। इन घटनाओं को सिर्फ यह नहीं माना जा सकता कि मीडिया बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है। मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से फिर अपील की कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।      चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर मंत्रालय ने क्या कहा   बांग्लादेश में प्रमुख हिंदू चेहरे चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर मंत्रालय ने कहा, जहां तक व्यक्तियों के खिलाफ मामलों का सवाल है, हम जानते हैं कि कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह प्रक्रियाएं मामले को न्यायसंगत, निष्पक्ष और  पारदर्शी तरीके निपटाएंगी और सभी आरोपियों के कानूनी अधिकारों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करेंगी। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। मंगलवार को चटगांव की एक अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया और जेल भेज दिया। दास समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में एक वकील की मौत हुई। चिन्मय बांग्लादेश में पहले अंतरराष्ट्रीय कृष्ण चेतना सोसायटी (इस्कॉन) के प्रवक्ता रह चुके हैं। 

MP में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, पचमढ़ी से भी ठंडा रहा भोपाल पारा 8.2 डिग्री लुढ़का, मंडला सबसे ठंडा

भोपाल  मध्य प्रदेश में आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ा दिया है। राजधानी भोपाल में 8.2 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। भोपाल की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी हो गई है। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पर 9.6 डिग्री रहा। सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का मंडला शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री, नौगांव में 8 डिग्री, रीवा में 9.5 डिग्री, उमरिया में 7.4 डिग्री और मलाजखंड में 9.5 डिग्री तापमान रहा। जबकि इंदौर में 12.2 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री और उज्जैन में 12 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसलिए तेजी से बढ़ रही ठंड मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 278 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। एक दिन में ही 18 किमी रफ्तार बढ़ी है। इस वजह से प्रदेश में भी सर्द हवाएं आ रही हैं। अभी हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में दिसंबर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 30 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे सर्द हवाएं तेज होंगी और ठंड और कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनेगी. इस दौरान खासकर मालवा और निमाड़ क्षेत्र में तापमान में गिरावट आने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार इस विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में बर्फबारी भी हो सकती है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. इस बदलाव से ठंड बढ़ेगी और ठिठुरन महसूस होगी, जिससे लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ सकता है. प्रदेश कई शहर पचमढ़ी से ठंडे मध्य प्रदेश एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी हरियाली से घिरा होने से यहां अब तक दिन और रात का तापमान सबसे कम रहा, लेकिन फिलहाल प्रदेश के शहडोल, मंडला राजगढ़, उमरिया, जबलपुर, भोपाल पचमढ़ी से ज्यादा ठंडे हैं। बुधवार-गुरुवार की रात में शहडोल में टेम्प्रेचर 6.5 डिग्री और मंडला में 6.1 डिग्री भोपास का 8.2 डिग्री उमरिया में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, जबलपुर 8.5 डिग्री दर्ज किया गया जबकि पचमढ़ी में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रीवा में पारा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल गुरुवार को मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान मंडला में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं टीकमगढ़ में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.9 डिग्री, उज्जैन में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. हवा नीचे बहेगी तो ठंड और बढ़ेगी मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार ने बताया, अभी जेट स्ट्रीम हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पहली बार भोपाल में पचमढ़ी से भी कम टेम्प्रेचर नवंबर में पहली बार भोपाल में रात का तापमान पचमढ़ी से भी कम हो गया। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में 9.6 डिग्री रहा। इससे पहले भोपाल में 1988 में पारा 7.5 डिग्री दर्ज किया गया था। इधर, सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का कल्याणपुर रहा। यहां तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 6.8 डिग्री रहा। बैतूल में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 8 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री, नौगांव में 8 डिग्री, रीवा में 9.5 डिग्री, उमरिया में 7.4 डिग्री और मलाजखंड में 9.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 12.2 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री और उज्जैन में 12 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिन में पचमढ़ी में पारा 22.1 डिग्री पहुंचा प्रदेश में रात के साथ दिन भी ठंडे हैं। शुक्रवार को हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा सबसे कम 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन में 23 डिग्री, नरसिंहपुर में 24.4 डिग्री, सीधी में 24.8 डिग्री और मलाजखंड में 24.1 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में पारा 25 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 24.9 डिग्री, इंदौर में 24.6 डिग्री, उज्जैन में 25.7 डिग्री, ग्वालियर में 25.5 डिग्री और जबलपुर में 25.9 डिग्री दर्ज किया गया।

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