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नकल माफियाओं पर लगाम लगाने मध्य प्रदेश सरकार तैयारियों में जुटी, नए कानून में नकल माफिया से परीक्षा का खर्च वसूला जाएगा

भोपाल  एमपी में नकल माफिया के बुरे दिन आने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार नकल, सामूहिक नकल और पेपर लीक जैसे मामलों में सजा बढ़ाने जा रही है। ऐसे मामलों में अब 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके लिए मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम में संशोधन होने जा रहा है। अभी तक नकल करने पर तीन साल की जेल और पांच हजार रुपए तक का जुर्माना लगता था। अब सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। पेपर लीक, सामूहिक नकल और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने जैसे अपराधों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सजा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कौन कौन दायरे में? इस कानून के दायरे में एमपी बोर्ड, एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की सभी परीक्षाएं आएंगी। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में एमपी बोर्ड, व्यापमं और एमपीपीएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक और सामूहिक नकल की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी को देखते हुए कानून में बदलाव किया जा रहा है। पेपर लीक करने पर हो सकती ये सजा पेपर लीक करने के मामले में दी जाने वाली सजा में बदलाव करने की बात चल रही है। यानी अगर किसी ने पेपर लीक किया तो उसे आजीवन कैद तक की सजा दी जा सकती है। साथ ही जुर्माने के तौर पर एक करोड़ रुपए तक का भुगतान करना पड़ सकता है। कहां तक पहुंचा काम 1937 में बने परीक्षा कानून, मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम में जरूरी संसोधन पर बात चल रही है। संशोधित कानून का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसे विधि विभाग और कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद विधानसभा से पारित कराके लागू कर दिया जाएगा। लीक होने और घोटाले रोकने में मदद की आशंका ऐसा होने से इसके दायरे में एमपी बोर्ड, एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल की सभी परीक्षाएं आ जाएंगी। बीते सालों में एमपी में परीक्षाओं से जुड़े कई तरह के घोटाले और लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके सख्ती से लागू होने से इनमें लगाम लगने में सहायता मिलेगी। नकल माफिया से वसूला जाएगा खर्च नए कानून में नकल माफिया से परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा। अगर कोई फर्जी प्रश्नपत्र बांटता है या फर्जी वेबसाइट बनाता है और इससे परीक्षा टलती है तो उस पर होने वाला सारा खर्च वही उठाएगा। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर पहले से ही पाबंदी है, लेकिन अब केंद्र अध्यक्ष भी मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। ऐसा करने पर उन्हें भी 10 साल की जेल और एक करोड़ रुपये जुर्माना देना होगा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हो सकता है पेश यह कानून केंद्र सरकार के नए कानून ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ पर आधारित होगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।

Cyber धोखाधड़ी का सबसे अधिक झांसा निवेश पर मोटे मुनाफे के नाम पर, नौकरी प्रस्ताव और आसान लोन के नाम पर भी फंस रहे

भोपाल साइबर ठगों ने इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग कर जालसाजी का ऐसा ताना-बाना बुना है कि बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट कंपनियां और पुलिस एजेंसियां उलझ कर रह गई हैं। साइबर क्राइम सेल में दर्ज अपराधों के विश्लेषण से सामने आया है कि ठगी का हर पांचवा मामला यूपीआई से जुड़ा है। यानी ऑनलाइन पेमेंट एप से ठगों के खातों में रकम पहुंची है। इस धोखाधड़ी का सबसे अधिक झांसा निवेश पर मोटे मुनाफे के नाम पर दिया गया है। बढ़ रहा यूपीआई का चलन कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रही दुनिया में डिजिटल पेमेंट अथवा यूपीआई बड़ा जरिया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़े बताते हैं कि एक नवंबर से 21 नवंबर तक 15 लाख 32 हजार 344 करोड़ रुपये का भुगतान यूपीआई के जरिये हुआ है। लेन-देन के इस बेहद लोकप्रिय तरीके को साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसमें हर रोज कोई नया तरीका निकालकर लोगों को लूटा जा रहा है। ऐसे करते हैं ठगी नामी संस्थाओं की ओर से यूपीआई पेमेंट की रिक्वेस्ट डालकर रकम निकलवाने से लेकर यूपीआई ऑटो-पे रिक्वेस्ट जैसे तरीकों से लोगों के खातों में सेंध लगाई जा रही है। इसमें ऑटो पे रिक्वेस्ट सबसे खतरनाक है। इसमें फोन, बिजली, बीमा अथवा फाइनेंस कंपनी के नाम पर ऑटो पे रिक्वेस्ट भेजी जाती है। ठग उस संस्थान का प्रतिनिधि बनकर फोन करके वह रिक्वेस्ट स्वीकार करने को कहता है। वह बताता है कि ऐसा करने से आपको बार-बार भुगतान की तिथि याद करने की जरूरत नही पड़ेगी। आपके खाते से प्रीमियम की रकम अपने आप कट जाएगी और आप विलंब शुल्क से बच जाएंगे। लेकिन इसको स्वीकार करते ही आपके खाते की रकम ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। ये ठग इसी तरह शेयर बाजार में निवेश, आसान लोन और सस्ती दरों पर खरीद-फरोख्त जैसे लुभावने प्रस्ताव देते हुए लिंक भेजकर खाते खाली कर रहे हैं। भोपाल साइबर क्राइम सेल में इस वर्ष 42 प्रकार की कुल पांच हजार 463 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 80 प्रतिशत मामले सिर्फ साइबर ठगी से जुड़े हैं। इसमें भी हर पांचवां मामला यूपीआई से संबंधित है। यानि ठगी के लिए डिजिटल भुगतान के किसी न किसी एप का उपयोग किया गया है। इन दस तरीकों से ठगी के सर्वाधिक मामले   इंटरनेट मीडिया उत्पीड़न 1186 21 प्रतिशत यूपीआई 1067 19.5 प्रतिशत डेबिट/क्रेडिट कार्ड 572 10.47 प्रतिशत ऑनलाइन खरीदफरोख्त 361 6.6 प्रतिशत टास्क 287 5.5 प्रतिशत लोन एप 242 4.43 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव 238 4.37 प्रतिशत नौकरी प्रस्ताव 175 3.20 प्रतिशत ऑनलाइन लिंक 138 2.53 प्रतिशत मिरर एप 104 1.90 प्रतिशत   बचाव के लिए यह करें साइबर एक्सपर्ट प्रथमेश कापड़े के मुताबिक यूपीआई से ठगी केवल उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी के चलते होती है। इससे बचने के लिए यूपीआई पर भेजी गई ऐसी किसी भी रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। बिल पेमेंट के लिए ऑटो-पे की सुविधा शुरू करना है तो उसके लिए यूपीआई एप्स में अलग से व्यवस्था दी गई है। कंपनियों के प्रतिनिधि कभी भी फोन कर इस सुविधा को शुरू करने का दबाव नहीं बनाते हैं।

वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली-NCR में खुलेंगे स्कूल! SC ने कहा, AQI लेबल देखें, फिर

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई की और स्कूल खोलने से पहले दो दिन और इंतजार करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, “हमारा सुझाव है कि अगले दो दिनों के लिए AQI लेबल देखें.. परसों डेटा लाएं, फिर हम देखेंगे कि पिछले दो दिनों में क्या रुझान रहा है और फिर शिक्षण संस्थान खोलने से जुड़े मामले पर फैसला लेंगे।” दिल्ली एनसीआर में स्कूल फिर से खुल सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम (Commission for Air Quality Managemen) को ऑफलाइन स्कूलों या हाइब्रिड कक्षाओं की अनुमति देने पर विचार करने की अनुमति दी है. एससी ने मध्याह्न भोजन और ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच की कमी को इस अपवाद के पीछ के मुख्य कारणों के तौर पर बताया है. फिलहाल सीएक्यूएम के फैसले तक कक्षाएं ऑनलाइन ही रहेंगी.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान IV (जीआरएपी IV) के तहत वर्तमान में लागू कुछ उपायों में छूट देने पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की है. इन उपायों में स्कूलों को बंद करना भी शामिल है.  इसे लेकर कुछ माता-पिता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि हर घर में स्वच्छ हवा नहीं है और सभी के पास बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के “गंभीर से अधिक” श्रेणी में पहुंचने के बाद सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था. कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया गया था.  बता दें कि जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है कि ग्रेप 4 के तहत लगी पाबंदियों को जारी रखा जाए या उनमें कुछ छूट दी जाए. इस पर SC ने पूछा कि कितनी चेकपोस्ट की जांच की गई? वकील ने बताया कि कोर्ट कमिश्नर ने कुल 83 चेकपोस्ट की जांच की है. एमाइकस अपराजिता सिंह ने कहा कि कई चेक पोस्ट्स पर तो कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों की तैनाती की गई. उनके बीच दिशा-निर्देशों को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है.  सर्वे करने गए वकील ने बताया कि चेक पोस्ट्स पर चेकिंग तो हो रही थी लेकिन प्रभावी तरीके से नहीं. कुछ चेक पोस्ट पर हरियाणा और दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों को रोका जा रहा था. वहां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं थे. कोई बैरिकेड नहीं थे. पुलिस ट्रकों को रोकने के लिए सड़क के बीच जाकर चेकिंग कर रही थी. दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि तीन से चार अलग-अलग स्तर के कर्मचारी चेकिंग मे लगाए गए थे. दिल्ली पुलिस,नगर निगम के कर्मचारी और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक थे.  इस पर एमाइकस ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों को यह नहीं पता था कि उन्हें दिल्ली में प्रवेश करना है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि 18 नवंबर के बाद क्या कोई लिखित आदेश आया था जिसमें पुलिस को चेकपॉइंट पर स्थायी रूप से तैनात करने का निर्देश दिया गया था? ट्रकों के प्रवेश को रोकने के लिए 13 एंट्री प्वाइंट पर तैनात लोगों को सूचित करने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए? ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि आदेश दिए गए थे लेकिन अभी हमारे पास कॉपी नहीं है.  पीठ ने कहा कि हम बयान दर्ज करना चाहते हैं. हमें बताएं कि क्या आदेश को लागू करने के लिए इन चेकपोस्ट पर 24/7 पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए कोई आदेश जारी किया गया था? ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि हमें 23 प्रमुख चेकपॉइंट पर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए जाने चाहिए. अभी आदेश नहीं आया है, लेकिन हमारे पास की गई कार्रवाई का विवरण है.  उधर, कोर्ट कमिश्नर ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन नहीं हो रहा है. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कुछ जगहों पर चेक पोस्ट बने हैं चेकिंग हो रही है लेकिन वह प्रभावी नहीं है.  बेरिकेड्स नहीं होने की वजह से अवैध रूप से दिल्ली में घुस रहे ट्रकों को रोकने के लिए बीच सड़क पर हाईवे के चलते ट्रैफिक में पुलिस के जवान कूदकर ट्रकों को रोकते हुए पाए गए.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 तारीख को 13 वकीलों को कोर्ट कमिश्नर्स नियुक्त किया था जिन्हें रिपोर्ट देना था कि दिल्ली में इंटर करने वाले ट्रकों को रोकने के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रेप 4 के दिशानिर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया है. ट्रकों को दिल्ली आने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि सिर्फ़ 13 पोस्ट पर ही क्यों चेकपोस्ट लगे? यह लापरवाही सिर्फ़ 23 प्वाइंट पर की गई. हम CAQM आयोग को धारा 14 के तहत दिल्ली के पुलिस आयुक्त पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम CAQM को सभी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जवाब लेने और उन पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे.  सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत प्रतिबंधों को ठीक से लागू न करने के लिए दिल्ली सरकार की भी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रुप 4 के दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। यूपी के इन शहरों में खुल गए स्कूल दिल्ली से सटे नोएडा में स्कूल बंद हैं. इसका आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया था. गाजियाबाद के स्कूलों को खोलने का भी कोई नोटिस नहीं आया है. वहीं, मेरठ के डीएम दीपक मीणा ने सोमवार, 25 नवंबर 2024 से सभी स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया है. यहां अब ऑनलाइन क्लास के बजाय बच्चों को स्कूल जाकर ही पढ़ाई करनी होगी. मेरठ और हापुड़ में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग समेत सभी … Read more

छत्तीसगढ़ की जेलों में हिस्ट्रीशीटरों पर होगी सख्ती, शुरू होगा आपरेशन क्लीन’

रायपुर रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की जेलों के बिगड़े हालात को सुधारने की कवायद तेज हो गई है। जेल विभाग डीजी हिमांशु गुप्ता ने राज्य की जेलों में सुधार के लिए अब आपरेशन क्लीन चलाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इस आपरेशन की शुरूआत रायपुर सेंट्रल जेल से की जाएगी। बाद में इसे प्रदेशभर की जेलों में लागू किया जाएगा। जेल के अधिकारियों ने बताया कि जेल में बंद हिस्ट्रीशीटरों, आदतन बदमाशों पर सख्ती बरती जाएगी, ताकि जेल की चार दिवारी के भीतर किसी तरह की घटना न हो सके। साथ ही हिस्ट्रीशीटरों से मिलने आने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी निगाह रखी जाएगी। अब तक जेल परिसर में बंदियों से मिलने के लिए स्वजनों के साथ रिश्तेदार, दोस्त आदि आकर भीड़ लगाए रहते हैं। इस पर भी सख्ती बरती जाएगी। बिना टोकन के परिसर में घूमने वालों को पकड़कर पुलिस थाने को सौंपा जाएगा। पिछले दिनों ही जेल के बाहर गोली कांड की घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपरेशन क्लीन चलाने का फैसला लिया है। सेल और बैरकों की होगी साफ-सफाई जेल की व्यवस्था सुधारने के लिए अब हर हफ्ते सेल और बैरकों की साफ-सफाई भी किया जाएगा। इससे यह होगा कि संदिग्ध वस्तुओं को आसानी से निकाला जा सकेगा। जेल अधिकारियों के मुताबिक हर हफ्ते रविवार को आपरेशन क्लीन अधिकारियों की मौजूदगी में चलाकर बंदियों की बैरकों खाली कराकर उसकी साफ-सफाई की जाएगी। इसके पीछे मकसद यह है कि बंदियों की बैरक साफ होने के साथ-साथ प्रतिबंधित सामानों को भी आसानी से बाहर निकाला जा सकेगा। आपरेशन क्लीन जेलों में शुरू कराने को लेकर जेल डीजी हिमांशु गुप्ता लगातार दौरा भी कर रहे है। मिल चुके है संदिग्ध वस्तुएं जेल के बैरकों की आकस्मिक जांच के दौरान कई चम्मच भी मिल चुके है,जिन्हें चाकू की तरह धारदार बनाकर हिस्ट्रीशीटर बंदियों ने छिपाकर रखा था। यहीं नहीं तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट समेत अन्य संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हो चुके है। मुलाकाती कक्ष में अब यह व्यवस्था जेल बंदियों से मिलने आने वाले उनके स्वजनों के लिए जेल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत हर हफ्ते केवल एक बार ही बंदियों से उनके स्वजन मिल सकेंगे। मुलाकात कक्ष में आने वाले को टोकन दिया जाएगा। इसी के आधार पर बारी-बारी से मुलाकात कराया जाएगा। अब तक कोई भी बंदियों से मिलने पहुंच जाता था,इसे रोकने जेल प्रशासन ने स्वजनों और रिश्तेदारों का आइडी प्रूफ लेकर इसकी तस्दीक करने के बाद ही मिलने की अनुमति देगा। इसके आलावा बिना टोकन के परिसर में किसी को घुसने की अनुमति नहीं होगी।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है- मंत्री सुश्रीनिर्मला भूरिया

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि आज का ज़माना सोशल मीडिया का है ,इसलिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। सभी युवाओं को सोशल मीडिया साक्षरता, डिजिटल एक्सटॉर्शन और ऑनलाइन लैंगिक हिंसा के बारे में शिक्षित किया जाना समय की आवश्यकता है।मंत्री सुश्री भूरिया सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में “हम होंगे क़ामयाब” पखवाड़े के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का भी प्रसारण किया गया। उन्होंने अपने संदेश में प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि हमारी बेटियों और बहनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा व सम्मान केवल सरकार या पुलिस की ज़िम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है। आज से 10 दिसंबर तक “हम होंगे क़ामयाब” पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें पुरुष वर्ग की भूमिका ज़्यादा अहम है। डॉ. यादव ने कहा कि यह आवश्यक है कि माता-पिता अपने बच्चों को जागरूक करें। महिलाओं पर होने वाली हिंसा का विरोध करें ।साथ ही समाज और परिवार में सभी समानता का माहौल बनाए।  मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि लैंगिक हिंसा आज भी हमारी सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियों में से एक है। यह न केवल महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती है बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के रास्ते में भी बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि “हम होंगे क़ामयाब” पखवाड़ा 25 नवम्बर से लेकर 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया और पूरे प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए है। हम होंगे क़ामयाब अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की रोकथाम है। 25 नवंबर को हम महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाते हैं। इस 16 दिवसीय सक्रियता अभियान से निश्चित ही हमें महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे इन गंभीर मुद्दों को गहराई से समझने और ठोस समाधान तलाशने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि एक सभ्य समाज का निर्माण तभी हो सकता है जब महिला पुरुषों में समानता हो।महिलाओं के साथ किसी भी तरह की हिंसा ,मारपीट ,भेदभाव किसी भी आयु के पुरुष के द्वारा न किया जाए एवं प्रत्येक पुरुष सुनिश्चित करें कि वह अपने घर परिवार पड़ौस एवं गाँव में किसी महिला के प्रति हिंसात्मक दुर्व्यवहार नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के विरुद्ध की गई हिंसा आपके परिवार के विरुद्ध की गई हिंसा ही है, क्योंकि पीड़ित महिला हम आप में से किसी की बहन, बेटी, माँ ही है और दूसरी तरफ़ हिंसा करने वाला पुरुष भी किसी का भाई, बेटा, पति अथवा पिता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि हमें ख़ासकर घर के बड़ों को नौजवानों को समझाना होगा कि किसी भी तरह की अनैतिक हिंसात्मक गतिविधियां सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा गंभीर सामाजिक और क़ानूनी चुनौती है महिला सुरक्षा का मतलब केवल शारीरिक सुरक्षा से नहीं है बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी शामिल करता है।  महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हें लागू करने के लिए कानूनों और नीतियों का निर्माण किया गया है जिससे महिलाएँ अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें ।कई राज्यों में महिलाओं के लिए विशेष पुलिस स्टेशन खोले गए हैं जहाँ महिलाएँ बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 महिलाओं के लिए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती है। महिला हेल्पलाइन की जानकारी प्रदेश की प्रत्येक महिला तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने इस अभियान में महिला हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। महिलाओं को परामर्श देने वाली एक बड़ी टीम ज़िले में भी हो जो कठिन परिस्थिति में महिलाओं को सही परामर्श दे सके। महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर अंधेरे से उजाले की तरह है क्योंकि जब महिलाएँ घरेलू हिंसा से पीड़ित होती है तो उसे उस स्थिति से बाहर निकालने में वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर की मॉनिटरिंग करने के लिए भी एक सेल का गठन किया जाना चाहिए जो पूरे प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर पर आने वाले प्रकरणों की संख्या की मॉनिटरिंग कर सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सरकारी नहीं बल्कि ग़ैर सरकारी संगठन भी महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ये संगठन महिलाओं की शिक्षा को शिक्षा स्वास्थ्य क़ानून सहायता और रोज़गार के अवसर प्रदान करने के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करते हैं। घरेलू हिंसा के लिए पुलिस व न्यायिक व्यवस्था में समन्वय होना चाहिए ।महिला थानों में भी आने वाले प्रकरणों में उन्हें क़ानूनी सलाह प्रदान करने की व्यवस्था होनी चाहिए।  विशेष पुलिस महानिदेशक महिला अपराध शाखा श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि हम होंगे क़ामयाब का बीज आज रखा गया है। हम लोगों को “मैं” से “हम” का प्रयास करना चाहिए ।इस पखवाड़े के माध्यम से “मैं नारी हूँ और कभी न हारी हूँ” को सभी महिलाओं को अपनाना चाहिए।  प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि ये पखवाड़ा बच्चों और महिलाओं पर केंद्रित नहीं बल्कि पुरुषों की मानसिकता बदलने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनके व्यवहार में परिवर्तन ही नए समाज की नींव रखेगा पूरे पखवाड़े के दौरान ज़िलों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से समन्वय गतिविधियां निर्धारित की गई है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने “हम होंगे क़ामयाब” अभियान का अधिकारिक लोगो भी लॉन्च किया। इस अवसर पर उपयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफ़िया फ़ारूक़ी वली सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।    

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहापीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है। फिजियोथैरेपी से जुड़े विद्यार्थी और सेवार्थी आरोग्य भारती के सेवा भावी कार्यों से प्रेरणा ले। गरीब, वंचित और पीड़ितों की सेवा के लिए हमेशा सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने फिजियोथैरेपी से जुड़े विशेषज्ञ और चिकित्सकों से कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उपचार और शोध में फिजियोथैरेपी के उपयोग और संभावना पर मंथन करे। उन्होंने कहा कि शरीर और मन की तंदुरूस्ती के लिए युवा स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। पौष्टिक खान-पान, नियमित योग, व्यायाम, भरपूर पानी और नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सभी खराब खान-पान और अनियमित जीवनशैली से स्वास्थ्य में गिरावट, परेशानी और कष्ट का अनुभव करते हैं। ऐसे समय में फिजियोथैरेपी के माध्यम से बिना किसी दवा, मरहम और सर्जरी के संपूर्ण स्वास्थ्य को समग्र रूप से ठीक किया जाना सम्भव है। उन्होंने कहा कि फिजिकल थैरेपी, व्यक्ति की जीवन चर्या, खान-पान और शरीर की प्रभावी देखभाल से चमत्कारी परिणाम दे सकती है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य को प्राप्त करने में फिजियोथैरेपी का प्रसार महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि फिजियोथैरेपी पद्धति का प्रभावी अभिलेखन हो। शोध और अनुसंधान के प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी चिकित्सा प्रणाली तक वंचित और गरीब जन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में आरोग्य भारती जैसी संस्थाऐं समाज का नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रचार और सहयोग प्रयासों के लिए संस्था की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धनवन्तरी और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पटेल का आरोग्य भारती संस्था भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष ने श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अभिजीत देशमुख ने दिया। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने संस्था के कार्यों और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह और चिरायु मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका ने अपने विचार रखे। आभार डॉ. पी.आर. सुरेश ने माना। कार्यक्रम में फिजियोथैरेपी से जुड़े चिकित्सक, विशेषज्ञ, विद्यार्थी उपस्थित थे।  

“हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- अनुराग जैन

राज्यपाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा राज्य-स्तरीय “संविधान दिवस” कार्यक्रम समस्त शासकीय, सार्वजनिक, स्वशासी उपक्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में भी होंगे “संविधान दिवस” कार्यक्रम- राज्यपाल पटेल “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- राज्यपाल पटेल मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई “संविधान दिवस” आयोजन सम्बंधी बैठक भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में “संविधान दिवस” आयोजन सम्बंधी बैठक हुई। बैठक में अवगत कराया गया कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में 26 नवम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागृह में प्रात: 11 बजे राज्य-स्तरीय “संविधान दिवस” कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध विभूतियों का स्मरण किया जाएगा। इसमें संविधान निर्माण सम्बंधी प्रदर्शनी लगाई जाएगी और संविधान संबंधी लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। मुख्य सचिव जैन ने संबंधित विभागों के साथ कार्यक्रम तैयारियों को लेकर समीक्षा की। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, संविधान को अंगीकृत करने के 75 वर्ष पूर्ण होने के महत्व को देखते हुए वर्ष भर चलने वाले उत्सव को “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत चलाया जाएगा। “संविधान दिवस” को सम्पूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थाओं, स्वशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों में 26 नवम्बर को “संविधान दिवस” के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी होगा, इसमें अधिकाधिक संख्या में शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहभागी, सामूहिक वाचन की तस्वीर (सेल्फी अथवा अन्य फोटो) पोर्टल www.constitution75.com पर अपलोड कर सकते हैं। तस्वीर अपलोड करने के उपरांत वेबसाइट पर एक प्रमाण-पत्र तैयार हो जाएगा, इसे डाउनलोड कर सोशल मीडिया में साझा किया जा सकता है। ज्ञातव्य है कि भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था और संविधान को अपनाने के इस दिन को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव संसदीय कार्य के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

पर्थ में मिली जीत के बाद टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की फाइनल पॉइंट्स टेबल में तगड़ा फायदा

मुंबई भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच पर्थ में खेला गया। इस मैच को टीम इंडिया ने 295 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। पर्थ में मिली इस जीत के बाद टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की फाइनल पॉइंट्स टेबल में तगड़ा फायदा पहुंचा है। वहीं इस मैच में मिली हार के बाद मेजबान ऑस्ट्रेलिया को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पहले नंबर पर आया भारत ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद टीम इंडिया एक बार फिर से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल पॉइंट्स टेबल में पहले नंबर पर आ गई है। इससे पहले टीम इंडिया को घर पर न्यूजीलैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। जिसके चलते टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी फाइनल पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर खिसक गई थी। इसके अलावा भारत की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पहले नंबर पर आई गई थी, लेकिन अब फिर से कंगारू टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। टीम इंडिया का जीत प्रतिशत पर्थ टेस्ट के बाद 61.11 फीसदी हो गया है। जिसके चलते टीम इंडिया नंबर-1 के पायदान पर पहुंची है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 57.59 रह गया है। इसके बाकी टीमें अभी भी अपनी-अपनी जगह बनी हुई है। तीसरे नंबर पर श्रीलंका 55.56 फीसदी, नंबर-4 पर न्यूजीलैंड 54.55 फीसदी जीत प्रतिशत के साथ बनी हुई है। इसके अलावा नंबर-5 पर साउथ अफ्रीका की टीम है। भारत ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त पर्थ टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया ने 150 रन बनाए थे। जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज 104 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इसके बाद दूसरी पारी में टीम इंडिया ने 487 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भारत की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल ने 161, विराट कोहली ने 100 और केएल राहुल ने 77 रनों की पारी खेली थी। जिसके बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम 238 रन पर ढेर हो गई थी। अब टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। पॉजिशन टीम मैच अधिकतम पॉइंट्स पॉइंट्स पर्सेंटाइल खेले गए मैच जीत हार 1 भारत 15 9 5 1 180 110 61.11 2 ऑस्ट्रेलिया 13 8 4 1 156 90 57.69 3 श्रीलंका 9 5 4 0 108 60 55.56 4 न्यूजीलैंड 11 6 5 0 132 72 54.54 5 साउथ अफ्रीका 8 4 3 1 96 52 54.16 6 इंग्लैंड 19 9 9 1 228 93 40.79 7 पाकिस्तान 10 4 6 0 120 40 33.33 8 बांग्लादेश 10 3 7 0 120 33 27.5 9 वेस्टइंडीज 9 1 6 0 108 20 18.52 भारत ने तीन बार खेला है फाइनल भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 और 2023 का फाइनल खेला था। उन्हें 2021 में साउथैंप्टन के रोज बाउल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 8 विकेट से हार मिली। वही बीते साल द ओवल में खेले गए टेस्ट मैच में पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत को 209 रन से हराया था। भारत की कोशिश है कि अब वह तीसरी बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेले और इस बार जीत हासिल करे। अगले साल का फाइनल 2025 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेला जाएगा। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और साउथ अफ्रीका फाइनल खेलने के प्रबल दावेदार हैं।  

उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी, रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ रही है। फिलहाल नंवबर अंत तक मौसम का मिजाज यूही रहने वाला है।आने वाले दिनों में रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है।कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी के कारण उत्तरी हवाएं प्रदेश में आ रही हैं, जिससे दिसंबर में शीतलहर और कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिम विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर और बर्फबारी होने के बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने के आसार हैं। वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में स्थित है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है।वही हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पिछले 24 घंटे में मौसम का मिजाज     भोपाल, जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 9 शहरों में रात का टेम्परेचर 10 डिग्री से नीचे आ गया है।     पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     मंडला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.8 डिसे, अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज हुआ।     इंदौर में न्यूनतम 13.6 डिग्री जबकि अधिकतम 27.9 डिग्री सेल्सियस ।     ग्वालियर में न्यूनतम 11.2 अधिकतम 29.8 डिग्री सेल्सियस ।     जबलपुर में न्यूनतम 9.9 अधिकतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

बांग्लादेश में यूनुस सरकार का असली चेहरा आया सामने, ISKCON के चिन्मय प्रभु को पुलिस ने किया गिरफ्तार

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का नेतृत्व कर रहे चिन्मय प्रभु को गिरफ्तार कर लिया गया है. बांग्लादेश के इस्कॉन मंदिर की तरफ के बताया गया कि चिन्मय प्रभु को कथित तौर पर ढाका पुलिस की जासूसी शाखा के अधिकारियों ने ढाका हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया. चिन्मय प्रभु ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को रंगपुर में एक विशाल विरोध रैली को संबोधित किया था. बीएनपी की अगुवाई और सहयोग में कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी खुलेआम इस्कॉन भक्तों की हत्या करने की धमकी दे रहा है। इसी क्रम में बांग्लादेश इस्कॉन के आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण प्रभु ने हिन्दुओं को बांग्लादेशी सरजमी की असली संतान करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार हिन्दुओं को आपस में बांटने की साजिश रच रही हैं। चिन्मय प्रभु शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं. शुक्रवार को ही उन्होंने रंगपुर में एक विशाल विरोध रैली को संबोधित किया था.  शेख हसीना के जाने के बाद से निशाने पर हैं बांग्लादेशी हिंदू बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के कारण शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से वहां रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू निशाने पर हैं. छात्र आंदोलन के दौरान हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था. बांग्लादेश के खुलना, मेहरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया था.   इस हमले को लेकर चिन्मय प्रभु ने हिंदू मंदिरों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी. उन्होंने तब आजतक से बातचीत में कहा था, ‘चटगांव में तीन मंदिर खतरे में हैं, लेकिन हिंदू समुदाय ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के साथ मिलकर अब तक उन्हें बचाया है.’ उन्होंने दावा किया था कि हिंदू समुदाय चटगांव में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन से मदद के लिए अनुरोध कर रहा है लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा. चिन्मय प्रभु ने कहा था, ‘कई हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते भारत भाग रहे हैं.’ सोशल मीडिया साइट एक्स पर ‘वॉयस ऑफ बांग्लादेशी हिन्दू’ ने एक पोस्ट किया। जिसके जरिए हैंडल ने चिन्मय कृष्ण प्रभु के बयान को कोट किया, “हम आर्य हैं, हम इस मिट्टी की सच्ची संतान हैं। इस देश को छोड़कर कहीं मत जाओ। वे हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं। एकजुट रहो, बंटे मत रहो।” उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को शेख हसीना वाजेद की सरकार के गिरने के साथ ही वहां पर बीएनपी की अगुवाई में इस्लामिक कट्टरपंथी सरकार बांग्लादेश की सत्ता में आती है। इसके साथ ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ अचानक से कट्टरपंथियों के हमले बढ़ गए। हर दिन हिन्दुओं पर किसी न किसी तरह से हमले किए गए। जब इस्कॉन की अगुवाई में चिटगांव में हिन्दुओं ने रैली निकाली तो उसके अगले ही दिन बांग्लादेशी झंडे का अपमान करने का आरोप लगाते हुए इस्कॉन के अध्यक्ष चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ देश द्रोह का केस दर्ज कर लिया गया। हाल ही में इस्कॉन को बांग्लादेश में आतंकी करार दे दिया गया।  

शेयर मार्केट में जोरदार तेजी, निवेशकों के लिए खुशखबरी

मुंबई सोमवार को भारतीय शेयर मार्केट ने शानदार तेजी का प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई. सेंसेक्स में 992 अंक (1.25%) की वृद्धि देखी गई, और यह 80,109 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 314 अंक (1.32%) बढ़कर 24,221 पर पहुंच गया. यह तेजी पूरी मार्केट में हरियाली का संकेत देती है, जिससे लगभग सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए. बैंकिंग शेयरों ने किया मार्केट का नेतृत्व मार्केट में इस तेजी की अगुवाई मुख्य रूप से बैंकिंग सेक्टर ने की. निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2.10% की बढ़त देखी गई, जो 1,072 अंक बढ़कर 52,207 पर बंद हुआ. बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में तेजी का कारण मार्केट में भरोसा और मजबूत प्रदर्शन था. इस क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और एसबीआई जैसे बड़े नाम प्रमुख गेनर्स में शामिल थे. बाजार में तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों की ओर से किया गया। निफ्टी बैंक 1,072 अंक या 2.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,207 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में लगातार दो कारोबारी सत्रों से तेजी देखी जा रही है। इस दौरान सेंसेक्स करीब 3,000 अंक बढ़ा है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 360 अंक या 2.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,115 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 883 अंक या 1.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,900 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर करीब सभी सेक्टरोल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए हैं। ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी, एनर्जी, इन्फ्रा और पीएसई सबसे अधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, रिलायंस, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, एचयूएल, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, एनटीपीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स थे। जेएसडब्ल्यू स्टील, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। बाजार के जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों का शेयर बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि सरकार वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही के अपने पूंजीगत खर्च के लक्ष्य को पूरा कर पाएंगी। यह एक व्यापाक तेजी है। इसमें कैपिटल गुड्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनियों ने आउटपरफॉर्म किया है। अच्छे मानसून और फेस्टिव सीजन के बाद शादियों के सीजन से बाजार का रुझान आने वाले समय में तेजी का रह सकता है। मुख्य गेनर्स और लूजर्स सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में एलएंडटी, एसबीआई, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, रिलायंस, कोटक महिंद्रा बैंक, और टीसीएस जैसे बड़े नाम थे. वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स और इन्फोसिस जैसे स्टॉक्स को नुकसान उठाना पड़ा. इन शेयरों में गिरावट का कारण मार्केट के कुछ कमजोर क्षेत्रों का प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन अधिकांश शेयरों ने सकारात्मक रुझान बनाए रखा. चुनावी परिणामों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के परिणाम ने मार्केट में सकारात्मक असर डाला है. इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार वित्त वर्ष 2025 के दूसरे हाफ में अपने पूंजीगत खर्च के लक्ष्य को पूरा करने में सफल रहेगी. यह एक व्यापक तेजी का संकेत है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. आगे का मार्केट कैसा रहेगा? मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और अच्छे मानसून के बाद, विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी शादी सीजन और फेस्टिव सीजन में मार्केट में और तेजी देखने को मिल सकती है. इस समय निवेशकों को स्मार्ट निवेश की ओर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है, ताकि वे इस तेजी का पूरा फायदा उठा सकें.

भोपाल गैस त्रासदी को 40 साल हो गए, लेकिन इसका असर अब भी लोगों और उनकी अगली पीढ़ियों पर महसूस किया जा रहा

 भोपाल  भोपाल गैस त्रासदी को 40 साल हो गए, लेकिन इसका असर अब भी लोगों और उनकी अगली पीढ़ियों पर महसूस किया जा रहा है। दो और तीन दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस लीक होने से 3787 लोगों की जान गई और पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के फारेंसिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीके सत्पथी का दावा है कि त्रासदी की रात से अगले पांच सालों में 18 हजार प्रभावितों की जान गई है। भोपाल में गैस त्रासदी की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. डीके सत्पथी ने कहा कि आपदा के पहले दिन उन्होंने 875 पोस्टमार्टम किए थे। गैस हादसे वाले दिन से लगातार बीमार थे लोग अगले पांच सालों में उन्होंने गैस प्रभावितों के 18 हजार शव परीक्षण देखे। इन शव परीक्षणों में जहर की पुष्टि तो नहीं हो पाई, लेकिन जिन लोगों की मौत हुई थी वे गैस हादसे वाले दिन से लगातार बीमार ही रहे थे। यह उस जहर का ही असर था, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए था। गर्भवती महिलाओं के बच्चों पर पड़ा असर डॉ सत्पथी ने कहा कि यूनियन कार्बाइड ने गर्भस्थ शिशुओं में जहर के असर को हमेशा खारिज किया, लेकिन इस त्रासदी में मरने वाली गर्भवती महिलाओं के रक्त परीक्षण में यह देखा गया कि उसमें पाए गए जहरीले पदार्थों में से 50 प्रतिशत गर्भस्थ बच्चे में भी पहुंचे हुए थे, जो गर्भवती महिलाएं बच गईं उनके गर्भस्थ शिशुओं में इसका प्रभाव निश्चित रूप से पड़ा है। केवल एंडरसन ही अपराधी नहीं, सिस्टम भी है डॉ. सत्पथी ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के लिए केवल यूनियन कार्बाइड का संचालक एंडरसन ही अपराधी नहीं था। वे लोग भी अपराधी थे, जिन्होंने जानबूझकर या अंजाने में ऐसे खतरनाक उद्योग को बड़ी आबादी के इलाके में संचालन की अनुमति दी, उसे चलने दिया। उद्योग सुरक्षा विभाग के वे अफसर भी अपराधी हैं जो हर महीने कंपनी में सब कुछ ठीक की रिपोर्ट भेजते रहे। लोगों ने त्रासदी से जुड़े अनुभव साझा किए कार्यक्रम में हमीदिया अस्पताल के डॉ. एचएच त्रिवेदी ने कहा कि कंपनियों को ऐसे रसायन बनाने से बचना चाहिए, जिनके दूरगामी प्रभाव और उसके एंटी डोज की कोई जानकारी न हो। पूर्व पार्षद नाथूराम सोनी ने मोहल्लों से लोगों को निकालने की घटनाएं याद कीं। वहीं बबलू कुरैशी व मुईन ने मृतकों के अंतिम संस्कार का मंजर बताया। भोपाल ग्रुप फार इंफार्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा और रशीदा बी ने बताया कि गैस त्रासदी की बरसी पर पोस्टर प्रदर्शनी भी लगी है। इसे चार दिसंबर तक देखा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने बागबहार और कोतबा के लिये की बड़ी घोषणा,लगाई सौगातों की बौछार

जशपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ग्राम पंचायत बागबहार, तहसील पत्थलगांव के मिनी स्टेडियम में आयोजित 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एफ. सी. माकरचुंवा, तहसील पत्थलगांव और गोंड ब्रदर्स किंजिरकेला उड़ीसा के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले का आनंद भी लिया। मुख्यमंत्री ने मिनी स्टेडियम में फुटबॉल को किक मारकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहार के 10 बेड के अस्पताल को 30 बेड में उन्नयन करने की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने बागबहार के शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण, विश्रामगृह निर्माण, बागबहार चौक- चौराहों में हाय मास्क लगाने, मिनी स्टेडियम के सौंदर्यीकरण कार्य के तहत प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं से सुसज्जित करने और कोतबा में एपेक्स बैंक खोलने की घोषणा की। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आयोजकों एवं खिलाडियों को इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिता का सफल आयोजन पिछले 33 सालों से होता आ रहा है। यह लोगों के खेल के प्रति लगाव और खेल समिति की मेहनत को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस प्रतियोगिता में शामिल होते रहे हैं। उनके लिए खुशी की बात है कि आज के मुख्यमंत्री के नाते उन्हें आज समापन समारोह में शामिल होने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में खेलों के विकास और प्रतिभावान खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इससे भारत में कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे है। हाल ही में हमने बस्तर की युवा प्रतिभाओं को खेलकूद और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से वहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया है। इस खेल प्रतियोगता में एक लाख 65 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीयन कराया है। जिसमें पुरुष और महिलाएं उत्साह के साथ बढ़ चढ़ हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दिए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही मैंने बिलासपुर की पर्वतारोही निशा यादव से फोन पर बात की। उसने मुझे बताया कि वह अफ्रीका सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों पर्वत पर तिरंगा फहराना चाहती है। मैंने उन्हें 3 लाख 45 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, ताकि वह अपने सपने को पूरा कर सके। इसी तरह मैंने धमतरी की गरीब परिवार की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी बिटिया रितिका ध्रुव से भी फोन पर बात कर सरकार की तरफ से पूरी मदद करने की जिम्मेदारी ली गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की 1. बागबहार में शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की 2. बागबहार में विश्राम गृह बनाने की घोषणा की 3. बागबहार के चौक चौराहों पर हाई मास्क लाइट लगाने की घोषणा की . 4. मिनी स्टेडियम में फूटबाल खिलने के लिए लाइट और सौन्दर्य करण की घोषणा की 5. बागबहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेंड करने की घोषणा की 6. कोतबा में अपेक्स बैंक बनाने की घोषणा की इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि पत्थलगांव को सवारने के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों को गति दी जा रही है साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गयी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जन जन को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से शासन द्वारा प्रदेश की हर महिला को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उड़ीसा की गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला ने टूर्नामेंट किया अपने नाम प्रतियोगिता की शुरुआत 23 अक्टूबर को हुई थी। एक माह तक चली इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड के 36 टीमों के 600 खिलाड़ी और कोच हुए शामिल हुए। आज उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला एवं छत्तीसगढ़ जशपुर के माकरचुआं टीमों के मध्य हुआ फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा। दोनों टीमों के मध्य 3-3 गोल के साथ मैच बराबरी पर समाप्त हुआ। जहां पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से मैच का फैसला हुआ। जिसमें उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला द्वारा 4-2 से पेनाल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की गई। मैन ऑफ द सीरीज उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला के खिलाड़ी सक्ती को बेस्ट गोलकीपर आकाश उरांव को तथा बेस्ट डिफेंडर माकरचुआं के अनिकेत को प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष राधेश्याम राम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, रामप्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर रोहित व्यास पुलिस अधीक्षक शशी मोहन सिंह,शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, ममता कश्यप, अनूप गुप्ता, , 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल कमेटी के अध्यक्ष रवि परहा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सहित भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।  

विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करने मुख्यमंत्री यूके और जर्मनी की विदेश यात्रा पर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लंदन पहुंचने पर यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव फरवरी में होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में विदेशी निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए आमंत्रित करने के लिए इंग्लैंड और जर्मनी प्रवास पर हैं। अपने 6 दिवसीय विदेशी प्रवास के दौरान वे उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें मध्यप्रदेश आने का न्यौता देंगे। मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों का उच्च स्तरीय दल भी विदेश प्रवास पर है। वैश्विक निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के साथ ही हर प्रकार के उद्योग को आमंत्रण के साथ मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करना है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय निवेश के अवसरों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने का अभूतपूर्व प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी फरवरी माह में भोपाल में आयोजित हो जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर लंदन और बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद और किंग्स क्रॉस तथा पुनर्विकास स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में ‘फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। लगभग 400 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। विश्व पटल पर होगा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह निवेश यात्रा राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह यात्रा निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है, जो प्रदेश में निवेशकों का विश्वास को मजबूती और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के महानगरों से औद्योगिक निवेश को आमंत्रित करने के लिए उन्होंने कलकत्ता, बेंगलोर, मुम्बई और कोयम्बटूर में रोड शो आयोजित कर उद्योगपतियों से मुलाकात की थी। विदेश यात्रा का उद्देश्य भारतीय निवेशकों के साथ ही विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करना भी है। हर युवा के लिए होगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को उनकी शिक्षा और काबिलियत के अनुसार काम देने के उद्देश्य से हर प्रकार के उद्योगों को स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों यथा आई.टी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा और उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ब्रेक-फास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश”, “इंटरैक्टिव सेशन” में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे।  

अब MP के स्कूलों में पढ़ाया जायेगा यातायात का पाठ, बांटी जाएंगी 87 लाख पुस्तकें

भोपाल भोपाल। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब स्कूली विद्यार्थियों को यातायात का पाठ पढ़ाएगी। इसकी शुरुआत आगामी शिक्षा सत्र (2025-26) से कक्षा पांच के विद्यार्थियों से होगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय 87 लाख पुस्तकें छपवा रहा है। पांचवीं से 12वीं तक क्रमश: हर वर्ष नई कक्षा में नई पुस्तक पढ़ाई जाएंगी। कैसा रहेगा पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम भी इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि इसमें दोहराव न हो। साथ ही उनकी सामग्री विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर के अनुकूल हो। पांचवीं की पुस्तक में आठ अध्याय हैं। इसमें वाहन सड़क में कैसे, किस दिशा में चलाएं, रोटरी क्या है। प्रदूषण के मापदंड के अनुसार वाहन कितने प्रकार के होते हैं। लाइसेंस कितने तरह के होते हैं, जैसी जानकारियों को शामिल किया गया है। सख्ती के साथ सोच बदलना भी जरूरी पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि सख्ती के साथ ही लोगों का सोच बदलना भी जरूरी है और इसकी शुरुआत के लिए विद्यार्थियों से अच्छा कोई समूह नहीं हो सकता। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) संजीव शमी ने बताया कि पाठ्यक्रम समिति ने इसे स्वीकृति दे दी है। पाठ्यक्रम में इन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से शामिल किया जाएगा कि नहीं यह अभी तय होना है। पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाने के बाद भी विद्यार्थियों को यह पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। इसलिए पड़ी आवश्यकता कोरोना संक्रमण काल का समय छोड़ दें तो प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इसमें जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यातायात के नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्ती के बाद भी घटनाएं बढ़ रही हैं। चिंता की दूसरी बात यह भी है कि दुर्घटनाएं जिस अनुपात में बढ़ी हैं उससे कहीं ज्यादा मृतकों की संख्या बढ़ी है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति वर्ष दुर्घटनाएं घायल मौत 2017 53,399 57,532 10,117 2018 51,397 54,662 10,706 2019 50,669 52,816 11,249 2020 45,266 46,456 11,141 2021 48,877 48,956 12,057 2022 54,432 55,168 13,427 2023 55,327 55,769 13,798 2024 – – –

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